Saturday, March 28, 2026
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पुराना केस वापस लेने का दबाव, विरोध करने पर मारपीट और घर निर्माण रोकने का आरोप; पीड़ित परिवार ने प्रशासन से लगाई गुहार

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बिहार के वैशाली जिले से एक गंभीर पारिवारिक विवाद और दबंगई का मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने कुछ स्थानीय लोगों पर वर्षों से प्रताड़ित करने, मारपीट करने और पुराने मुकदमे को वापस लेने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है। पीड़िता मंजू देवी ने महिला थाना हाजीपुर में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि आरोपी लगातार धमकी देकर उनके परिवार को डराने की कोशिश कर रहे हैं और अब उनके घर के निर्माण कार्य को भी रुकवा दिया गया है।

जानकारी के अनुसार मंजू देवी, पत्नी अर्जुन महतो, वैशाली जिले के शाहपुर खूर्द क्षेत्र की रहने वाली हैं। पीड़िता का आरोप है कि पिछले करीब आठ से नौ वर्षों से कुछ लोगों के साथ उनका पारिवारिक विवाद चल रहा है और वे लोग उनकी संपत्ति पर कब्जा करने की नीयत से लगातार उन्हें और उनके परिवार को परेशान कर रहे हैं।

मंजू देवी के अनुसार वर्ष 2018 में आरोपियों ने उनके परिवार के साथ बुरी तरह मारपीट की थी। उस दौरान उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया और मारपीट के दौरान उनके हाथ को दांत से काट लिया गया, जिससे उनकी एक उंगली गंभीर रूप से घायल हो गई। जब उनके पति अर्जुन महतो बीच-बचाव करने पहुंचे तो आरोपियों ने उनकी आंखों में मसाला झोंक दिया, जिससे उन्हें भी काफी चोट आई। इस घटना के बाद पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था, जो अभी भी न्यायालय में विचाराधीन बताया जा रहा है।

पीड़िता का कहना है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद से आरोपी लगातार उन पर केस वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। उनका आरोप है कि आरोपी बार-बार धमकी देते हैं कि यदि मुकदमा वापस नहीं लिया गया तो पूरे परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इस कारण उनका परिवार लंबे समय से भय और मानसिक तनाव में जी रहा है।

मंजू देवी ने बताया कि 26 फरवरी 2026 को जब वे अपने घर के निर्माण के लिए भूमि पूजन कर नींव डालने का काम शुरू कर रहे थे, तभी आरोपी पक्ष के लोग वहां पहुंच गए और निर्माण कार्य रुकवा दिया। आरोप है कि उन्होंने गाली-गलौज करते हुए कहा कि पहले पुराना केस वापस लो, तभी घर बनाने दिया जाएगा। जब परिवार ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने मारपीट शुरू कर दी।

इस मामले में मंजू देवी की बेटी पूजा कुमारी ने भी मीडिया से बातचीत में अपनी पीड़ा साझा की। करीब 20 वर्षीय पूजा कुमारी ने बताया कि उनके पिता अर्जुन महतो अलग स्थान पर रहते हैं और आरोपी लोग वहां जाकर भी उन्हें मारपीट कर परेशान करते हैं। उन्होंने कहा कि जब वे और उनका भाई अपनी मां के साथ बचाव के लिए जाते हैं तो आरोपियों द्वारा उनके साथ भी मारपीट की जाती है और लगातार धमकियां दी जाती हैं। पूजा कुमारी का कहना है कि पूरा परिवार लंबे समय से भय और तनाव में जी रहा है।

पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि जब वे स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराने गए तो उनकी बात नहीं सुनी गई। इसके बाद उन्होंने महिला थाना हाजीपुर में आवेदन देकर आरोपी जोगिंदर महतो, राजेश महतो, उपेंद्र महतो और अन्य लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

मंजू देवी और उनके परिवार ने प्रशासन से अपील की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि वे भयमुक्त होकर अपने घर का निर्माण कर सकें और सामान्य जीवन जी सकें।

अलीगढ़ में एक ही परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़,बेटे की मौत के बाद तहरीर की प्रति के लिए भटक रहा पिता

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अलीगढ़ से एक बेहद दर्दनाक और संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां एक ही परिवार ने कुछ ही महीनों में कई अपनों को खो दिया। लगातार हुए इन हादसों के बाद मानसिक रूप से टूट चुके पिता अब अपने इकलौते बेटे की मौत से जुड़ी तहरीर की प्रति के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। मामला थाना जवां क्षेत्र के ग्राम चंदौखा का है। यहां के निवासी वीरेन्द्र कुमार ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर अपनी पीड़ा जाहिर की है। उन्होंने बताया कि उनके परिवार पर एक के बाद एक दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा कि वे पूरी तरह से टूट गए। प्रार्थी के अनुसार, सबसे पहले 10 जुलाई 2025 को उनके बहनोई का निधन हुआ। इसके बाद 21 जुलाई 2025 को उनके छोटे भाई की मृत्यु हो गई। परिवार इस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि 20 अगस्त 2025 को उनकी पत्नी ने भी दम तोड़ दिया। इन घटनाओं से परिवार पूरी तरह बिखर चुका था, लेकिन सबसे बड़ा झटका 19 अक्टूबर 2025 को लगा, जब उनके इकलौते बेटे की भी मृत्यु हो गई। वीरेन्द्र कुमार का कहना है कि बेटे की मौत के समय वे मानसिक रूप से इतने परेशान थे कि उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा था। इसी दौरान थाने से आए एक व्यक्ति ने उनसे तहरीर

लिखवाई और उसे थाने में जमा करा दिया। लेकिन उस तहरीर की कोई प्रति उन्हें नहीं दी गई। जब कुछ समय बाद उन्होंने तहरीर की छाया प्रति लेने की कोशिश की, तो उन्हें बताया गया कि मामला कोर्ट में भेज दिया गया है। प्रार्थी ने 26 नवंबर 2025 को थाना जाकर जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। इसके बाद उन्होंने 28 नवंबर 2025 को रजिस्ट्री के माध्यम से थाना अध्यक्ष को पत्र भी भेजा, लेकिन उसका भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इतना ही नहीं, 4 दिसंबर 2025 को दोबारा थाना जाने पर भी उन्हें तहरीर की प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई। अब वे यह भी नहीं जान पा रहे हैं कि उनकी शिकायत किस न्यायालय में भेजी गई है, जिससे वे वहां जाकर उसकी प्रति प्राप्त कर सकें। पीड़ित पिता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई है कि उन्हें यह जानकारी उपलब्ध कराई जाए कि उनकी तहरीर किस कोर्ट में भेजी गई है, ताकि वे उसकी छाया प्रति प्राप्त कर सकें और आगे की कार्रवाई कर सकें। इस पूरे मामले ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर जहां एक व्यक्ति अपने परिवार के चार सदस्यों को खोकर पहले ही गहरे सदमे में है, वहीं दूसरी ओर उसे न्यायिक प्रक्रिया की बुनियादी जानकारी और दस्तावेज पाने के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और पीड़ित को कब तक राहत मिलती है।

बिजनौर में सनसनी: पत्नी विवाद के बीच युवक पर हमला, जान से मारने की धमकी से दहशत

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बिजनौर जिले के चांदपुर क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पारिवारिक विवाद अब हिंसक रूप लेता नजर आ रहा है। पीड़ित सहबीर उर्फ सत्यवीर, निवासी ग्राम शाहपुर मोड़ी, ने आरोप लगाया है कि पत्नी और बच्चों को वापस लाने की कोशिश के बीच उस पर हमला किया गया और उसे जान से मारने की धमकी दी गई।

जानकारी के अनुसार, सहबीर की शादी वर्ष 2017 में अमरोहा जनपद के ग्राम आदमपुर निवासी कुसुम के साथ हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। इस दंपति के दो छोटे बच्चे भी हैं। सहबीर का आरोप है कि शादी के बाद से ही उसकी पत्नी अपने मायके पक्ष के प्रभाव में आ गई और लगातार उस पर अलग रहने तथा अपनी जमीन बेचकर पैसा पत्नी के नाम करने का दबाव बनाया जाने लगा।

पीड़ित के अनुसार, 26 दिसंबर 2025 को जब वह घर पर नहीं था, तब उसके ससुर पूरन सिंह और साला कामेंद्र उसकी पत्नी और बच्चों को बिना बताए अपने साथ ले गए। इसके बाद जब उसने 28 दिसंबर को फोन पर बात की, तो उसे गाली-गलौज करते हुए पांच लाख रुपये की मांग की गई और साफ कहा गया कि अगर पैसा नहीं दिया तो उसकी पत्नी को कहीं और शादी करा दी जाएगी।

सहबीर ने बताया कि उसने 1 जनवरी 2026 को थाना चांदपुर में शिकायत दी, लेकिन वहां से उसे जलीलपुर चौकी भेज दिया गया। चौकी में प्रार्थना पत्र जमा होने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

मामला तब और गंभीर हो गया जब 21 मार्च को सहबीर पर हमला करने की कोशिश की गई। पीड़ित के अनुसार, कवींदर नाम का व्यक्ति तीन अन्य लोगों के साथ उसके पीछे पड़ा और उसे डराने-धमकाने लगा। उसने बताया कि आरोपियों ने कहा कि जो करना है कर ले, वे अपना काम करके रहेंगे। इसी दौरान करीब शाम 3 बजकर 43 मिनट पर उसके साथ यह घटना हुई, जिससे वह बुरी तरह भयभीत हो गया है।

पीड़ित का कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा है और हमलावर कभी भी उसे नुकसान पहुंचा सकते हैं। उसने प्रशासन से मांग की है कि उसकी पत्नी और बच्चों को सुरक्षित उसके पास वापस भेजा जाए और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

फिलहाल पुलिस की ओर से इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है, जिससे पीड़ित परिवार में दहशत का माहौल बना हुआ है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस संवेदनशील मामले में कब तक कार्रवाई करता है और पीड़ित को न्याय मिल पाता है या नहीं।

मरीज को ले जा रही एम्बुलेंस में ट्रक ने मारी टक्कर, 7 लोगों की दर्दनाक मौत

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असम के सोनितपुर में एक ट्रक और एम्बुलेंस की टक्कर में सात लोगों की मौत हो गई। ये हादसा नेशनल हाइवे 15 पर हुआ।सोनितपुर: इस वक्त की बड़ी खबर असम से सामने आ रही है। यहां सोनितपुर जिले में रविवार देर रात एक एम्बुलेंस और ट्रक के बीच जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में सात लोगों की मौत हो गई है। जानकारी के मुताबिक रविवार देर रात जिले में नेशनल हाइवे 15 पर ट्यूलिप टी गार्डन से एक मरीज को ले जा रही एम्बुलेंस की ट्रक से टक्कर हो गई। एम्बुलेंस में मरीज के साथ उसके परिजन भी मौजूद थे। अभी तक इस हादसे में सात लोगों की मौत हो गई है। फिलहाल मौके पर रेस्क्यू टीम ने यातायात को बहाल भी कर दिया है।

सोनितपुर के एसएसपी बरुन पुरकायस्थ ने बताया कि एंबुलेंस एक मरीज और उसके परिवार के सदस्यों को लेकर तेजपुर चिकित्सा महाविद्यालय और अस्पताल जा रही थी। इसी दौरान ढेकियाजुली पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग 15 पर यह हादसा हो गया। एसएसपी ने बताया, ”छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल थे। घायलो को तेजपुर चिकित्सा महाविद्यालय और अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां एक अन्य व्यक्ति की मौत हो गई है।’ एसएसपी ने बताया कि पुलिस और आपातकालीन सेवा कर्मी दुर्घटनास्थल पर तत्काल पहुंचे और बचाव अभियान शुरू किया। उन्होंने बताया कि हादसे की वजह से बाधित राजमार्ग पर यातायात को बहाल कर दिया गया है।

इसी तरह के एक अन्य मामले में बाइक के पुल से नीचे गिर जाने से चार युवकों की मौत हो गई। ये हादसा मध्यप्रदेश के मंडला जिले का है। यहां शनिवार रात करीब 8 बजे बीजाडांडी थाना क्षेत्र के भैंसवाही गांव के पास ये हादसा हुआ। जानकारी के मुताबिक बाइक पर सवार होकर चार युवक पौड़ी गांव से भैसवाही गांव की ओर जा रहे थे। पुल से गुजरने के दौरान सड़क के गड्ढे के कारण मोटरसाइकिल नीचे गिर गई। इस हादसे में चारों युवक गंभीर रुप से घायल हो गए और बाद में उनकी मौत हो गई।

दहेज प्रताड़ना और दूसरी शादी की कोशिश का आरोप: सात साल से न्याय के लिए भटक रही महिला, ससुराल में रहने की लगाई गुहार

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उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले से एक विवाहिता की पीड़ा सामने आई है, जहां सात साल पहले हुई शादी अब कानूनी विवाद और पारिवारिक तनाव में उलझ गई है। पीड़िता पलविंदर कौर ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने, मारपीट करने और दूसरी शादी की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि वह सिर्फ अपने वैवाहिक घर में पति के साथ सम्मानपूर्वक रहना चाहती है, लेकिन उसे लगातार ससुराल से दूर रखा जा रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार पलविंदर कौर मूल रूप से नानकमत्ता थाना क्षेत्र के ग्राम विधुईया की रहने वाली हैं, जबकि उनका ससुराल सितारगंज थाना क्षेत्र के शक्ति फार्म पिपलिया गांव में है। उनका विवाह 24 फरवरी 2017 को गुरनाम सिंह पुत्र स्वर्गीय दलीप सिंह के साथ सिख रीति-रिवाज से हुआ था। शादी के बाद शुरुआती समय में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन कुछ ही समय बाद दहेज को लेकर विवाद शुरू हो गया।

पीड़िता का आरोप है कि पति गुरनाम सिंह, सास हरबंस कौर, ससुर दलीप सिंह और ननद गीता कौर व संगीता कौर लगातार उसे दहेज के लिए ताना देते थे। ससुराल पक्ष का कहना था कि यदि कहीं और शादी होती तो अधिक दहेज मिलता। जब वह अपने गरीब माता-पिता से दहेज की मांग पूरी नहीं करा सकी तो उसके साथ गाली-गलौज, मारपीट और मानसिक प्रताड़ना शुरू कर दी गई।

महिला के अनुसार एक दिन मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया गया और तब से वह अपने मायके में रहने को मजबूर है। इसके बाद उसने सुरक्षा और न्याय के लिए सितारगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज प्रताड़ना सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। यह मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है और पीड़िता लगातार कोर्ट की तारीखों पर उपस्थित हो रही है।

पलविंदर कौर ने यह भी आरोप लगाया है कि अब उसके पति गुरनाम सिंह अपने रिश्तेदारों की मदद से दूसरी शादी करने की कोशिश कर रहे हैं। जानकारी मिलने पर उसने पुलिस प्रशासन को इसकी सूचना दी है। महिला का कहना है कि कानूनन उसकी मौजूदगी में पति दूसरी शादी नहीं कर सकता, लेकिन इसके बावजूद ऐसी कोशिशें की जा रही हैं।

पीड़िता ने यह भी बताया कि पति फिलहाल अपने मामा शेर सिंह के घर रह रहा है और उससे कोई संपर्क नहीं रखता। उसका फोन नंबर भी ब्लॉक कर दिया गया है, जिससे दोनों के बीच बातचीत पूरी तरह बंद हो गई है। इससे वह मानसिक और आर्थिक रूप से काफी परेशान है।

महिला का कहना है कि वह किसी तरह का विवाद नहीं चाहती, बल्कि सिर्फ अपने ससुराल में पति के साथ रहकर सामान्य जीवन जीना चाहती है। उसने प्रशासन से अपील की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए उचित कानूनी कार्रवाई की जाए, दूसरी शादी की कोशिश को रोका जाए और उसकी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए ताकि उसे न्याय मिल सके।

 

 शादी से पहले घर में घुसे 20-25 हमलावर, युवती के परिवार पर हमला, सामान तोड़ा और लूट का आरोप

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मिर्जापुर/फ़ैजानपुर। जिले के मिर्जापुर थाना क्षेत्र के फ़ैजानपुर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां 18 वर्षीय जैनब के घर पर देर रात 20 से 25 लोगों ने धावा बोल दिया। पीड़िता के अनुसार, घटना 21 मार्च की रात करीब 11 बजे की है, जब पूरा परिवार घर में सो रहा था। तभी अचानक मोहल्ले के कुछ लोग जबरन घर में घुस आए और गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी।

पीड़िता जैनब ने बताया कि हमलावरों ने घर में रखे सामान को तोड़फोड़ कर तहस-नहस कर दिया। इतना ही नहीं, परिवार के सदस्यों को बेरहमी से पीटा गया, जिससे कई लोग घायल हो गए। जैनब का कहना है कि उसकी शादी जल्द होने वाली थी और घर में शादी का सामान रखा हुआ था, जिसे हमलावरों ने या तो नष्ट कर दिया या अपने साथ ले गए।

घटना के पीछे पुरानी रंजिश को कारण बताया जा रहा है। जैनब के मुताबिक, करीब तीन महीने पहले उनके घर में चोरी हुई थी, जिसकी शिकायत उन्होंने पुलिस में दर्ज कराई थी। इसी बात से नाराज होकर आरोपियों ने इस वारदात को अंजाम दिया।

पीड़िता ने जिन लोगों पर आरोप लगाए हैं, उनमें सेतु बाबा, फरीद अली, सलाम, फिदा हुसैन, ननकू, लाखन, जावेद, अदा हुसैन, चांद बाबू, अलकर, जाकिर हुसैन, असद हुसैन, फराज, मनीष, शरद, अजमत और दिवान सहित अन्य शामिल हैं।

घटना के दौरान जब परिवार के अन्य सदस्य बीच-बचाव करने पहुंचे, तो हमलावरों ने उन्हें भी नहीं बख्शा और मारपीट की। पूरे इलाके में इस घटना के बाद दहशत का माहौल है।

पीड़ित परिवार ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ जल्द ही कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

 

 

लखनऊ में प्रेम जाल, मंदिर शादी और गर्भवती युवती को छोड़कर फरार हुआ युवक, दहेज मांगने और जान से मारने की धमकी का आरोप

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लखनऊ के चिनहट थाना क्षेत्र से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक पर शादी का झांसा देकर युवती का शारीरिक शोषण करने, मंदिर में शादी करने के बाद उसे गर्भवती हालत में छोड़कर फरार होने और बाद में दहेज की मांग करने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़िता ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाते हुए पूरे मामले में एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पीड़िता साजिया, उम्र लगभग 28 वर्ष, ने अपनी शिकायत में बताया कि उसका पिछले करीब दो वर्षों से लालू राजपूत नामक युवक के साथ प्रेम संबंध था। इस दौरान युवक ने शादी का वादा कर उसे अपने विश्वास में लिया और कई बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता का आरोप है कि 11 नवंबर 2025 को युवक उसे बहाने से अलग-अलग स्थानों पर ले गया और उसके साथ संबंध बनाए।

पीड़िता के अनुसार, आरोपी उसे सेमरा इलाके में किराये के कमरे में भी अपने साथ रखता रहा। 9 जनवरी 2026 को दोनों ने लिव-इन रिलेशन में रहना शुरू किया। इसी दौरान आरोपी उसे मंदिर लेकर गया और शादी करने का विश्वास दिलाया, साथ ही कहा कि बाद में परिवार की मौजूदगी में और कोर्ट में शादी करेगा।

मामले ने तब गंभीर मोड़ लिया जब पीड़िता ने बताया कि वह वर्तमान में लगभग तीन माह की गर्भवती है। इसी बीच 21 जनवरी 2026 को आरोपी यह कहकर चला गया कि वह अपने घर जा रहा है और जल्द वापस आकर उसे अपने साथ ले जाएगा, लेकिन इसके बाद से वह फरार हो गया और फोन उठाना भी बंद कर दिया।

पीड़िता ने जब आरोपी के पिता से संपर्क किया तो आरोप है कि उन्होंने उल्टा धमकी दी कि अगर वह उनके घर आई तो उसे जान से मरवा दिया जाएगा और कहा कि उनकी पहुंच बहुत ऊपर तक है। साथ ही कुछ रुपये लाने की बात कहकर दहेज की मांग भी की गई।

पीड़िता का कहना है कि उसके गर्भ में आरोपी की संतान पल रही है और आरोपी के परिवार के अन्य सदस्य भी इस पूरे मामले में उसका साथ दे रहे हैं। इस घटना के बाद पीड़िता मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक रूप से पूरी तरह टूट चुकी है और दर-दर भटककर न्याय की मांग कर रही है।

पीड़िता ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपी और उसके परिजनों के खिलाफ धोखाधड़ी, दुष्कर्म, दहेज उत्पीड़न और धमकी देने जैसी धाराओं में एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि उसे न्याय मिल सके और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

पत्नी ने पति को खाना-पानी तक देने से किया इनकार, जान से मारने की धमकी का आरोप — उधार के पैसे भी हड़पे

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बलरामपुर। जनपद के ललिया थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पति ने अपनी पत्नी पर मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित इरफान (51 वर्ष) निवासी जमुनी मथुरा बाजार ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह रोजी-रोटी के सिलसिले में मुंबई गया हुआ था, लेकिन अचानक तबीयत बिगड़ने के कारण उसे एम्बुलेंस से वापस अपने घर लौटना पड़ा।

घर पहुंचने के बाद हालात और भी खराब हो गए। इरफान का आरोप है कि उसकी पत्नी महरूननिशा उसे लगातार गाली-गलौज करती है, तंग करती है और यहां तक कि खाना-पानी तक नहीं देती। पीड़ित ने यह भी दावा किया कि पत्नी उसे जान से मारने की धमकी देती है, जिससे वह भयभीत और मानसिक रूप से परेशान है।

मामले में एक और गंभीर पहलू सामने आया है। इरफान के अनुसार, उसने अपने साले को उधार के रूप में 33 हजार रुपये दिए थे, लेकिन अब पैसे मांगने पर वह साफ इनकार कर रहा है। पीड़ित का कहना है कि इस पूरे मामले में उसकी पत्नी भी अपने मायके पक्ष का समर्थन कर रही है, जिससे उसकी स्थिति और भी दयनीय हो गई है।

इरफान ने पुलिस से गुहार लगाई है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जाए, ताकि उसे न्याय मिल सके। वहीं, स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल गर्म है और लोग इस तरह के पारिवारिक विवाद को गंभीर चिंता का विषय मान रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि शिकायत प्राप्त हो गई है और मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

चार साल का प्यार संकट में: परिवार के दबाव में अलग हुई प्रेमिका, युवक ने साथ रहने की लगाई गुहार

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उत्तर प्रदेश के बरेली और दादरी क्षेत्र से एक प्रेम संबंध से जुड़ा भावुक मामला सामने आया है। बरेली जिले के नवादा बिसिंदे गांव निवासी अमित कुमार सिंह ने आरोप लगाया है कि उनकी चार साल पुरानी प्रेमिका कशिश के परिवार वालों ने उस पर दबाव बनाकर दोनों के बीच बातचीत बंद करवा दी है। पिछले दो से तीन दिनों से दोनों की कोई बातचीत नहीं हो पा रही है, जिससे युवक बेहद परेशान और मानसिक तनाव में है। अमित कुमार का कहना है कि वह कशिश से ही शादी करना चाहते हैं और उसके साथ जीवन बिताना चाहते हैं।

मिली जानकारी के अनुसार अमित कुमार सिंह, पुत्र धनपाल सिंह, मूल रूप से बरेली जिले के नवादा बिसिंदे गांव के रहने वाले हैं। उनकी मुलाकात करीब चार साल पहले नोएडा के सेक्टर 135 इलाके में कशिश से हुई थी। उस समय कशिश एक सोसाइटी में काम करती थी, जबकि अमित वहां मशीन चलाने का काम करते थे। इसी दौरान दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे दोस्ती गहरी होती चली गई। समय के साथ यह रिश्ता दोस्ती से आगे बढ़कर प्यार में बदल गया।

बताया जा रहा है कि दोनों अक्सर एक-दूसरे से मिलने के लिए दादरी इलाके में मिलते थे और भविष्य में शादी कर साथ रहने के सपने देखते थे। करीब एक साल पहले जब अमित कुमार के परिवार वाले उनकी शादी कहीं और कराने की तैयारी कर रहे थे, तब कशिश ने इसका कड़ा विरोध किया। अमित के अनुसार कशिश ने कहा था कि यदि वह किसी और से शादी करेंगे तो वह खुद को नुकसान पहुंचा सकती है। इस स्थिति के बाद अमित ने अपने परिवार के दबाव के बावजूद वह शादी नहीं की।

अब अमित कुमार का कहना है कि वह कशिश से शादी कर उसके साथ रहना चाहते हैं, लेकिन आरोप है कि कशिश के पिता राजू और परिवार के अन्य सदस्यों ने उस पर काफी दबाव बना दिया है। इसी दबाव के कारण कशिश अब शादी से इनकार कर रही है और दोनों के बीच बातचीत भी बंद हो गई है। अमित का दावा है कि कशिश का फोन भी परिवार वालों ने अपने पास रख लिया है, जिसके कारण उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है।

अमित कुमार के अनुसार वह कशिश को हमेशा सम्मान और प्यार से रखते थे और उसके साथ एक खुशहाल जीवन बिताने की इच्छा रखते हैं। और अमित कुमार सिंह का दावा है कि जितना प्यार वह कशिश से करते हैं उतना ही प्यार कशिश उनसे भी करती है लेकिन अचानक संपर्क टूट जाने से वह बेहद परेशान हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि स्थिति ऐसी ही बनी रही तो वह मानसिक रूप से टूट सकते हैं।

युवक ने प्रशासन और समाज से अपील की है कि मामले को समझते हुए कशिश पर परिवार द्वारा बनाए गए दबाव को हटाया जाए और दोनों को अपनी इच्छा से साथ रहने का अवसर दिया जाए। अमित कुमार का कहना है कि उनका और कशिश का रिश्ता सच्चे प्रेम पर आधारित है और वह चाहते हैं कि दोनों को एक साथ जीवन बिताने दिया जाए।

 

प्यार की शादी के बाद बिछड़े प्रेमी: जेल से लौटे युवक ने लगाई गुहार, बोला—हम साथ रहना चाहते हैं, जबरन कराई जा रही है लड़की की शादी

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गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से प्रेम प्रसंग और पारिवारिक विवाद से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। चौरी चौरा थाना क्षेत्र के जातूरधन गांव निवासी युवक निखिल राबर ने आरोप लगाया है कि उसने अपनी प्रेमिका अंशु खेरवार के साथ मंदिर में शादी की थी, लेकिन लड़की के परिवार ने उसे नाबालिग बताकर जेल भिजवा दिया। अब जेल से बाहर आने के बाद युवक ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।

जानकारी के अनुसार निखिल राबर, पिता नंदू, गोरखपुर जिले के चौरी चौरा थाना क्षेत्र के जातूरधन गांव का रहने वाला है। उसका कहना है कि उसका प्रेम संबंध लक्ष्मणपुर निवासी अंशु खेरवार, पिता मिथिलेश खेरवार से था। दोनों एक-दूसरे से शादी करना चाहते थे। निखिल के मुताबिक अंशु ने पहले अपने पिता से शादी की बात की थी, लेकिन अंशु के पिता ने इस रिश्ते से साफ इनकार कर दिया।

निखिल का आरोप है कि उसने भी अंशु के पिता मिथिलेश खेरवार से बात करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने यह कहते हुए रिश्ता ठुकरा दिया कि निखिल एक मिडिल क्लास परिवार से है। इसके बाद अंशु ने निखिल पर दबाव बनाया कि अगर परिवार नहीं मान रहा है तो दोनों भागकर शादी कर लें।

युवक का कहना है कि 9 अगस्त 2025 को दोनों घर से निकल गए और लखनऊ के कृष्ण मंदिर में शादी कर ली। शादी के बाद दोनों करीब एक महीने तक पति-पत्नी की तरह साथ भी रहे। इसी दौरान परिवार वालों को इसकी जानकारी मिली और दोनों को थाने बुलाया गया। निखिल का कहना है कि उस समय अंशु ने भी पुलिस के सामने उसके पक्ष में बयान दिया था कि वह अपनी मर्जी से उसके साथ आई है।

हालांकि, बाद में अंशु के पिता मिथिलेश खेरवार ने उसे नाबालिग बताते हुए मामला दर्ज करा दिया, जिसके बाद 3 सितंबर को निखिल को जेल भेज दिया गया। निखिल का कहना है कि लड़की को तीन महीने नाबालिग बताकर उसके खिलाफ मामला बना दिया गया, जिससे उसका पहले दिया गया बयान भी कमजोर पड़ गया। वह करीब पांच महीने तक जेल में रहा और 10 फरवरी को जमानत पर बाहर आया।

युवक का आरोप है कि जेल से बाहर आने के बाद 27 फरवरी 2026 को जब वह घर लौटा तो अंशु ने खुद इंस्टाग्राम के जरिए उससे संपर्क किया। निखिल के मुताबिक अंशु ने कॉल कर बताया कि उसके परिवार वाले उसकी शादी किसी दूसरे लड़के से जबरन कराने की तैयारी कर रहे हैं, जबकि वह ऐसा नहीं चाहती और निखिल के साथ ही रहना चाहती है।

निखिल का कहना है कि वह एक साधारण मिडिल क्लास परिवार से है और अब बेहद परेशान है। उसने प्रशासन से गुहार लगाई है कि यदि अंशु बालिग है और अपनी मर्जी से उसके साथ रहना चाहती है तो दोनों को पति-पत्नी की तरह साथ रहने की अनुमति दी जाए और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

युवक का कहना है कि वह और अंशु दोनों एक-दूसरे के साथ जीवन बिताना चाहते हैं, लेकिन पारिवारिक दबाव और कानूनी विवाद के कारण उनका जीवन संकट में पड़ गया है। अब दोनों को उम्मीद है कि प्रशासन उनके मामले में हस्तक्षेप कर न्याय दिलाएगा।