Friday, July 3, 2026
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आर्थिक तंगी भी नहीं रोक सकी आस्था का जुनून! युवक ने अपनी मेहनत की कमाई से संवारा जंगल में स्थित शिव मंदिर, बना मिसाल

उन्नाव। आज के दौर में जहां अधिकांश लोग अपनी निजी जरूरतों और सुविधाओं तक सीमित हो चुके हैं, वहीं उन्नाव जिले के एक युवक ने अपनी आस्था, मेहनत और सामाजिक सोच से ऐसा उदाहरण पेश किया है, जिसकी क्षेत्रभर में चर्चा हो रही है। सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद युवक ने जंगल के बीच स्थित वर्षों पुराने और उपेक्षा का शिकार हो चुके शिव मंदिर का कायाकल्प कर दिया। अब यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है।

उन्नाव जिले के हिलोली क्षेत्र अंतर्गत चंडी बक्स खेड़ा, लौवासिंगन खेड़ा निवासी अरुण कुमार ने अपने गांव और आसपास के लोगों की धार्मिक आस्था से जुड़े एक पुराने शिव मंदिर को नया जीवन देने का संकल्प लिया। स्थानीय लोगों के अनुसार यह मंदिर जंगल के बीच स्थित होने के कारण वर्षों से उपेक्षित था। मंदिर परिसर में न तो नियमित साफ-सफाई होती थी और न ही रंगाई-पुताई या मरम्मत का कोई कार्य कराया गया था। समय के साथ मंदिर के कई हिस्से जर्जर हो चुके थे और आसपास का वातावरण भी उपेक्षा की कहानी बयां कर रहा था।

ग्रामीणों का कहना है कि अरुण कुमार ने जब मंदिर की बदहाल स्थिति देखी तो उन्होंने इसे सुधारने का निर्णय लिया। आर्थिक रूप से मजबूत न होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी मेहनत की कमाई तथा बचत के पैसों से मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य शुरू कराया।

बताया जा रहा है कि कड़कड़ाती धूप में स्वयं मौके पर मौजूद रहकर उन्होंने मंदिर के कार्यों में योगदान दिया। मंदिर की दीवारों की पुताई करवाई गई, जर्जर हिस्सों की मरम्मत कर प्लास्टर कराया गया और पूरे परिसर को साफ-सुथरा बनाया गया। मंदिर की ऊंचाई अधिक होने के कारण पुताई का कार्य आसान नहीं था, लेकिन इसके बावजूद इसे पूरा कराया गया।

मंदिर परिसर में स्थापित भगवान शंकर और नंदी बाबा की प्रतिमाओं के आसपास भी विशेष रूप से सौंदर्यीकरण कराया गया। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर के सामने एक चबूतरा भी तैयार करवाया गया, जहां आने वाले लोग बैठकर पूजा-पाठ और विश्राम कर सकें। मंदिर का नया स्वरूप अब दूर-दूर से आने वाले लोगों को आकर्षित कर रहा है।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल एक मंदिर की मरम्मत नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था और सामाजिक जिम्मेदारी का जीवंत उदाहरण है। जिस स्थान पर पहले बहुत कम लोग पहुंचते थे, अब वहां श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने लगी है और लोग मंदिर की बदली हुई तस्वीर की सराहना कर रहे हैं।

अरुण कुमार का कहना है कि उनके पास संसाधन सीमित थे, लेकिन भगवान के प्रति श्रद्धा असीम थी। इसी भावना के साथ उन्होंने मंदिर को संवारने का प्रयास किया। उनका मानना है कि यदि समाज का हर व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार धार्मिक और सामाजिक स्थलों के संरक्षण में योगदान दे, तो कई उपेक्षित धरोहरों को नया जीवन मिल सकता है।

ग्रामीणों ने बताया कि अरुण कुमार सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहते हैं और अपने कार्यों की जानकारी साझा करते रहते हैं। उनकी फेसबुक आईडी “अरुण कुमार” नाम से संचालित है, जहां वह अपने सामाजिक, धार्मिक और जनहित से जुड़े कार्यों के फोटो और वीडियो साझा करते हैं। मंदिर के जीर्णोद्धार से जुड़े वीडियो और तस्वीरें भी लोगों के बीच तेजी से चर्चा का विषय बनी हुई हैं।

क्षेत्र के लोगों का मानना है कि आज जब अधिकांश लोग अपने व्यक्तिगत जीवन में व्यस्त हैं, ऐसे समय में एक युवक द्वारा अपनी मेहनत की कमाई और समय लगाकर धार्मिक धरोहर को नया स्वरूप देना समाज के लिए प्रेरणादायक संदेश है। लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे युवा पीढ़ी के लिए एक सकारात्मक उदाहरण बताया है।

अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि भविष्य में भी मंदिर के विकास कार्य जारी रहेंगे और यह स्थान क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान के रूप में स्थापित होगा।#UnnaoNews #ArunKumar #ShivMandir #TempleRenovation #MahadevTemple #SanatanDharma #VillageHero #InspiringStory #ReligiousFaith #MandirVikas #UPNews #GroundReport #HeritageRevival #SocialWorkIndia #NandiBaba #BhaktiNews #PositiveNewsIndia #YouthInspiration #CommunityDevelopment #ViralHindiNews

उधारी के पैसे मांगना पड़ा भारी! किराना दुकानदार पर दो बार हमला, हाथ टूटने का आरोप; शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं, न्याय की गुहार

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आगरा। आगरा के थाना एकता क्षेत्र के खेरा पंचगाई गांव में उधारी के पैसे मांगने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब गंभीर कानून-व्यवस्था के मुद्दे का रूप लेता दिखाई दे रहा है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि न केवल उनके साथ घर में घुसकर मारपीट की गई, बल्कि शिकायत देने के बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है। परिवार का कहना है कि आरोपियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे लगातार धमकियां दे रहे हैं, जिससे किसी बड़ी घटना की आशंका बनी हुई है।

खेरा पंचगाई निवासी नरेन्द्र पुत्र बुद्धाराम, जो एक छोटी किराना दुकान चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं, ने आरोप लगाया है कि गांव निवासी प्रमोद पुत्र होरीलाल लंबे समय से उनकी दुकान से उधार सामान लेता था। करीब एक वर्ष से बकाया रकम मांगने पर टालमटोल की जा रही थी। जब 30 मई 2026 को वह अपने रुपये मांगने गया तो विवाद बढ़ गया।

पीड़ित के अनुसार रुपये मांगने पर गाली-गलौज शुरू हो गई और देखते ही देखते प्रमोद, उसकी पत्नी चन्दा तथा अन्य परिजन लाठी-डंडे लेकर बाहर निकल आए। आरोप है कि पहले उनके साथ आरोपियों के घर के बाहर मारपीट की गई और बाद में उनका पीछा करते हुए घर तक पहुंचकर दोबारा हमला किया गया।

नरेन्द्र का कहना है कि हमले में उन्हें गंभीर चोटें आईं और उनका दाहिना हाथ टूट गया। उन्हें बचाने आई पत्नी विमलेश और भाभी मुन्नी देवी को भी नहीं बख्शा गया। परिवार का आरोप है कि मारपीट के दौरान मुन्नी देवी के हाथ पर काटकर घायल कर दिया गया। घटना के बाद पूरे परिवार में भय और दहशत का माहौल है।

पीड़ित परिवार का यह भी आरोप है कि उसी दिन शाम को 8 से 10 बाहरी लोगों को बुलाकर दोबारा उनके घर पर हमला किया गया। इस दौरान मारपीट, लूटपाट और जान से मारने की धमकियां दी गईं। परिवार का कहना है कि उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने की भी धमकी दी जा रही है।

सबसे गंभीर आरोप यह है कि शिकायत और प्रार्थना पत्र दिए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने पुलिस और प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखी, लेकिन अभी तक उन्हें न्याय की उम्मीद के अनुरूप सहायता नहीं मिली है। लगातार मिल रही धमकियों के कारण परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।

पीड़ित पक्ष ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में कोई बड़ी और अप्रिय घटना घट सकती है। परिवार ने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।

गांव में इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई से ही पीड़ित परिवार का भरोसा बहाल हो सकेगा। अब सभी की निगाहें प्रशासन और पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं

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पुत्र की संदिग्ध मौत के बाद न्याय के लिए दर-दर भटक रहा BSF जवान, पिता का आरोप

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सोनीपत। हरियाणा के सोनीपत जिले में एक BSF जवान अपने बेटे की संदिग्ध मौत के मामले में न्याय की गुहार लगाते-लगाते थक चुका है। मृतक के पिता ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि हत्या के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाने की कोशिश की गई और बाद में बिना किसी स्पष्ट जानकारी के केस बंद कर दिया गया। पीड़ित परिवार का कहना है कि डेढ़ वर्ष बीतने के बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिला है, जबकि वे लगातार अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं।

सबौली निवासी शमशेर सिंह, जो सीमा सुरक्षा बल (BSF) में कार्यरत हैं, ने आरोप लगाया है कि उनके पुत्र पीयूष की 29 दिसंबर 2024 को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। उस समय उन्हें फोन के माध्यम से घटना की जानकारी मिली थी। सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे, जहां उनका बेटा मृत अवस्था में मिला।

पिता का कहना है कि घटना के दिन वह मानसिक रूप से बेहद आहत थे और उसी स्थिति में पुलिस ने उनका बयान दर्ज कर लिया। बाद में जब उन्होंने स्वयं स्तर पर जानकारी जुटाई तो उन्हें संदेह हुआ कि उनके पुत्र की मौत कोई दुर्घटना नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या थी। उन्होंने आरोप लगाया कि गोविंद, मनप्रीत और राकेश ने मिलकर उनके बेटे को 13वीं मंजिल फ्लैट नंबर 1303 की खिड़की से से नीचे फेंका, जिससे उसकी मौत हो गई।

शमशेर सिंह का दावा है कि उन्होंने पुलिस अधिकारियों को हत्या की आशंका से अवगत कराया था। उनका आरोप है कि उन्हें भरोसा दिलाया गया कि बेटे का अंतिम संस्कार करने के बाद वे थाने आएं, जहां मुकदमा दर्ज कर उचित कार्रवाई की जाएगी। लेकिन जब वे दोबारा थाना पहुंचे तो कथित तौर पर उन्हें यह कहकर टाल दिया गया कि पहले हत्या के सबूत प्रस्तुत करें।

पीड़ित पिता का कहना है कि वह लगातार पुलिस अधिकारियों और थाने के चक्कर लगाते रहे, लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिला। बाद में उनकी शिकायत के आधार पर मामला दर्ज तो किया गया, लेकिन जांच की गति को लेकर परिवार लगातार सवाल उठाता रहा।

अब इस मामले में नया मोड़ तब आया जब पीड़ित परिवार को मोबाइल पर ऐसे संदेश मिलने लगे, जिनसे उन्हें पता चला कि उनका मामला बंद कर दिया गया है। परिवार का आरोप है कि उन्हें केस बंद किए जाने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई। दूसरी ओर जांच अधिकारियों की ओर से यह कहा जा रहा है कि मामले में जांच और पूछताछ की प्रक्रिया जारी है।

इसी विरोधाभास ने पीड़ित परिवार की चिंता और बढ़ा दी है। पिता का कहना है कि यदि जांच जारी है तो फिर केस बंद होने के संदेश क्यों भेजे जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही और उन्हें लगातार अंधेरे में रखा जा रहा है।

परिवार का आरोप है कि नामजद आरोपी मनप्रीत, गोविंद, राकेश तथा अन्य संबंधित लोग प्रभावशाली हैं, जिसके कारण मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने मांग की है कि पूरे प्रकरण की जांच स्थानीय स्तर से हटाकर क्राइम ब्रांच या किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

पीड़ित पिता ने कहा कि उनका बेटा अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि न्याय व्यवस्था पर भरोसा कायम रहेगा और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी। उन्होंने हरियाणा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों और राज्य सरकार से मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की है।

फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। परिवार का कहना है कि जब तक उन्हें अपने बेटे की मौत की सच्चाई और न्याय नहीं मिल जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।#SonipatNews #HaryanaPolice #JusticeForPiyush #BSFJawan #MurderCase #CrimeInvestigation #JusticeDelayed #BreakingNews #SonipatCrime #FamilySeeksJustice #CrimeBranchInquiry #HaryanaUpdate #PoliceInvestigation #TruthMustPrevail #PiyushCase #LegalActionNow #VictimFamily #CrimeNewsIndia #JusticeSystem #HindiNewsUpdate

प्रेमिका संग बाइक यात्रा पर निकला पति, दो मासूम बच्चों के साथ हुआ हादसा; पत्नी बोली- बच्चों को मारने और मुझे खत्म करने की दे रहा धमकी

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अलीगढ़/नोएडा। पारिवारिक विवाद, कथित प्रेम प्रसंग और दो मासूम बच्चों की सुरक्षा को लेकर सामने आया एक मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। पीड़ित महिला ने अपने पति पर न सिर्फ दूसरी महिला के साथ संबंध रखने का आरोप लगाया है, बल्कि बच्चों को जबरन अपने पास रखने, उन्हें जान से मारने की धमकी देने और स्वयं उसकी हत्या की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं। मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और पीड़िता ने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा एवं न्याय की गुहार लगाई है।

जानकारी के अनुसार, अलीगढ़ जनपद के तेजपुर क्षेत्र निवासी संदीप कुमार पुत्र शिशुपाल सिंह पर उसकी पत्नी शिवानी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। शिवानी का कहना है कि उसके पति का पिछले लगभग दो वर्षों से एक अन्य महिला के साथ प्रेम संबंध चल रहा है। आरोप है कि उक्त महिला मूल रूप से बनारस की रहने वाली है। इसी संबंध को लेकर पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद की स्थिति बनी हुई थी।

पीड़िता के अनुसार, हाल ही में संदीप कुमार अपने दोनों मासूम बच्चों को साथ लेकर करीब ढाई सौ किलोमीटर दूर चला गया। आरोप है कि इस दौरान उसकी कथित प्रेमिका भी उसके साथ मोटरसाइकिल पर मौजूद थी। यात्रा के दौरान अचानक बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिससे दोनों बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में अफरा-तफरी मच गई और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई।

शिवानी का आरोप है कि दुर्घटना के बाद भी संदीप का व्यवहार नहीं बदला। उसका कहना है कि पति ने फोन पर धमकी देते हुए साफ कहा कि वह बच्चों को कभी मां के पास नहीं जाने देगा। महिला का आरोप है कि संदीप ने कहा कि वह बच्चों को अपने पास ही रखेगा और जरूरत पड़ी तो उन्हें जान से भी मार सकता है, लेकिन पत्नी को नहीं सौंपेगा।

पीड़िता ने यह भी दावा किया है कि संदीप का यह व्यवहार नया नहीं है। उसके अनुसार, संदीप की पहले भी एक शादी हो चुकी थी और पहली पत्नी के साथ भी उसने कथित रूप से मारपीट, प्रताड़ना और दुर्व्यवहार किया था। महिला का आरोप है कि पहली पत्नी को भी प्रताड़ित कर घर से निकाल दिया गया था। इसके बाद संदीप ने शिवानी से विवाह किया, लेकिन अब उसके साथ भी वही व्यवहार दोहराया जा रहा है।

शिवानी का कहना है कि उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। वह अपने और अपने बच्चों के जीवन को लेकर भयभीत है। महिला ने प्रशासन से मांग की है कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाएं तो आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, पीड़िता द्वारा पुलिस और संबंधित अधिकारियों को शिकायत भी दी गई है। हालांकि समाचार लिखे जाने तक पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था। यदि महिला द्वारा लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाते हैं, तो मामला केवल पारिवारिक विवाद तक सीमित न रहकर बच्चों की सुरक्षा, घरेलू हिंसा, आपराधिक धमकी और महिला उत्पीड़न से जुड़े गंभीर कानूनी पहलुओं का रूप ले सकता है।

फिलहाल सभी की निगाहें पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं, ताकि सच सामने आ सके और बच्चों तथा पीड़ित महिला की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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मुंगेर में गरीब परिवार के घर लाखों के जेवर और नकदी पर चोरों का हाथ साफ, रातोंरात उजड़ गई वर्षों की जमा पूंजी

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हवेली खड़गपुर थाना क्षेत्र में चोरी की बड़ी वारदात, नदी किनारे मिला टूटा बक्सा, जेवर और नकदी गायब

मुंगेर। हवेली खड़गपुर थाना क्षेत्र के बुरूई गांव में एक गरीब परिवार के घर हुई चोरी की घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है। चोरों ने देर रात घर का ताला तोड़कर नकदी, सोने-चांदी के जेवरात और महत्वपूर्ण दस्तावेजों पर हाथ साफ कर दिया। पीड़ित परिवार का कहना है कि वर्षों की मेहनत और बचत से जुटाई गई उनकी पूरी पूंजी एक ही रात में चोरी हो गई।

जानकारी के अनुसार बुरूई गांव निवासी ममता देवी पत्नी रामअवतार बिंद ने थाना प्रभारी को दिए आवेदन में बताया है कि 27 मई 2026 की रात करीब 11 बजे परिवार के सभी सदस्य घर बंद कर सो गए थे। सुबह लगभग 4 बजे जब उनकी नींद खुली तो घर का सामान बिखरा हुआ मिला और बक्सा गायब था। घर की तलाशी लेने पर पता चला कि बक्से में रखे करीब 7 हजार रुपये नकद, सोने और चांदी के जेवरात तथा कई महत्वपूर्ण दस्तावेज चोरी हो चुके हैं।

पीड़िता के अनुसार चोरी गए सामान में चांदी की पायल, कंगन, अंगूठी, मंगलसूत्र सहित अन्य आभूषण शामिल हैं। परिवार का दावा है कि चोरी गए जेवरों की कीमत काफी अधिक है और यह उनकी वर्षों की मेहनत की कमाई थी। घटना के बाद परिवार के लोग और ग्रामीण आसपास के क्षेत्रों में तलाश करने निकले। खोजबीन के दौरान गांव के पास नदी किनारे बक्सा पड़ा मिला, जिसे चोर जेवर और नकदी निकालने के बाद फेंक गए थे। बक्से में केवल कागजात मिले, जो पानी में भीगकर खराब हो चुके थे।

घटना के बाद से परिवार गहरे सदमे में है। पीड़ित परिवार आर्थिक रूप से कमजोर बताया जा रहा है और मेहनत-मजदूरी कर अपना जीवन यापन करता है। चोरी की इस घटना से परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल है।

पीड़िता ने पुलिस से मामले की जांच कर चोरी गए सामान की बरामदगी और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है। वहीं स्थानीय लोगों ने भी पुलिस प्रशासन से गांव में रात्रि गश्त बढ़ाने तथा चोरी की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने की मांग उठाई है।

भरतपुर में जमीन विवाद ने लिया उग्र रूप, स्टे के बावजूद नींव खोदकर निर्माण का आरोप; विरोध करने पर मारपीट, महिला से अभद्रता और जान से मारने की धमकी

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भरतपुर। राजस्थान के भरतपुर जिले के उच्चैन थाना क्षेत्र अंतर्गत जयचौली गांव में जमीन विवाद को लेकर तनाव गहराता जा रहा है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि न्यायालय और प्रशासन की ओर से स्थगन आदेश जारी होने के बावजूद दबंग पक्ष विवादित भूमि पर जबरन कब्जा करने और पक्का निर्माण कराने में जुटा हुआ है। विरोध करने पर मारपीट, महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार, घर में घुसकर नकदी ले जाने तथा जान से मारने की धमकियां देने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है।

पीड़ित लालसिंह और उनके पुत्र लवकुश के अनुसार ग्राम जयचौली स्थित खसरा संख्या 802/0.40 में उनका वैधानिक हिस्सा है। परिवार का आरोप है कि गांव के ही कुछ लोगों ने विवादित भूमि पर जबरन कब्जा करने की नीयत से नींव खोदकर पक्का निर्माण कार्य शुरू कर दिया। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो कथित रूप से गाली-गलौज की गई और मारपीट करने की धमकी दी गई। भय के कारण उन्हें मौके से भागकर अपनी जान बचानी पड़ी।

परिवार का कहना है कि इस भूमि को लेकर पहले से विवाद चल रहा है और प्रशासनिक स्तर पर स्थगन आदेश भी जारी किया जा चुका है। इसके बावजूद आरोपी पक्ष कथित रूप से आदेशों की अनदेखी कर लगातार निर्माण कार्य कर रहा है। पीड़ितों का आरोप है कि प्रभाव और दबंगई के बल पर जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है।

मामला उस समय और गंभीर हो गया जब 18 दिसंबर 2024 को घर की मरम्मत के दौरान विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। शिकायत के अनुसार, रंजीत, लोकेन्द्र, अनूप, लोकेश, पुष्पेन्द्र, मोरध्वज समेत कई लोग लाठी, डंडे और सरिया लेकर पहुंचे और हमला कर दिया। आरोप है कि अनूप ने सरिया से सिर पर वार करने का प्रयास किया, जिसे रोकने के दौरान लवकुश के हाथ में चोट आई। वहीं अन्य लोगों ने डंडों से मारपीट कर घायल कर दिया।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि शोर सुनकर बचाव के लिए पहुंची महिलाओं के साथ भी अभद्रता की गई। शिकायत में कहा गया है कि लवकुश की पत्नी नीरज को बाल पकड़कर जमीन पर पटक दिया गया तथा उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया। वहीं परिवार की बुजुर्ग महिला के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है। इस घटना के बाद परिवार में भय और आक्रोश का माहौल है।

इतना ही नहीं, पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि हमले के दौरान कुछ लोग जबरन घर में घुस गए और संदूक में रखी करीब 50 हजार रुपये की नकदी निकाल ले गए। जाते-जाते कथित रूप से पूरे परिवार को गांव छोड़ने और जान से मारने की धमकी भी दी गई। पीड़ितों का कहना है कि आरोपी पक्ष के लोग लगातार दबाव बना रहे हैं और समझौते के लिए मजबूर कर रहे हैं।

परिवार ने यह भी दावा किया है कि वर्षों पहले उनके ताऊ विशन द्वारा केवल स्टांप पेपर के माध्यम से जमीन का लेन-देन किया गया था, लेकिन विधिवत रजिस्ट्री नहीं कराई गई। अब ताऊ के निधन के बाद इसी स्थिति का फायदा उठाकर कुछ लोग जमीन पर स्थायी कब्जा करने और मकान निर्माण कराने की कोशिश कर रहे हैं। पीड़ितों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो बड़ा विवाद खड़ा हो सकता है।

फिलहाल पीड़ित परिवार ने प्रशासन, पुलिस और राजस्व विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, विवादित भूमि पर निर्माण कार्य रुकवाने, सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। गांव में इस मामले को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है और सभी की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

देवघर में वैवाहिक विवाद बना चिंता का विषय, पति ने पत्नी और ससुराल पक्ष से प्रताड़ना का लगाया आरोप

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देवघर। झारखंड के देवघर जिले के मधुपुर थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव निवासी राजेश्वर यादव ने अपनी पत्नी और ससुराल पक्ष के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। राजेश्वर यादव, स्वर्गीय नागो यादव के पुत्र हैं और उनका कहना है कि लंबे समय से चल रहे पारिवारिक विवाद के कारण उनका जीवन प्रभावित हो रहा है।

पीड़ित के अनुसार उनकी शादी वर्ष 2008 में ललिता देवी के साथ हुई थी। विवाह के बाद उनके दो बच्चों का जन्म हुआ, जिनमें एक पुत्र वर्ष 2012 और दूसरा वर्ष 2014 में पैदा हुआ। राजेश्वर यादव का कहना है कि वैवाहिक जीवन के दौरान अक्सर विवाद की स्थिति बनी रहती थी और पत्नी द्वारा मारपीट तथा गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी जाती थीं।

राजेश्वर यादव का दावा है कि वर्ष 2016 से उनकी पत्नी अपने मायके में रह रही हैं और तब से वापस ससुराल नहीं लौटी हैं। उन्होंने बताया कि दोनों बच्चे भी अपनी मां के साथ रह रहे हैं। पीड़ित के अनुसार, कई बार समझौते और बातचीत के प्रयास किए गए, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनकी पत्नी के पिता भिखारी महतो कई लोगों के साथ उनके घर पहुंचकर विवाद करते रहे हैं, जिससे परिवार में भय और तनाव का माहौल बना रहता है। उनका कहना है कि लगातार होने वाले झगड़ों और धमकियों के कारण पूरा परिवार मानसिक रूप से परेशान है।

राजेश्वर यादव का कहना है कि उनकी पत्नी न तो वैवाहिक संबंध समाप्त करने के लिए स्पष्ट सहमति दे रही हैं और न ही ससुराल लौटकर साथ रहने को तैयार हैं। इस स्थिति के कारण मामला न्यायालय तक पहुंच गया है, जहां वर्तमान में मुकदमा विचाराधीन है।

पीड़ित ने बताया कि उनके पिता का लगभग एक वर्ष पूर्व निधन हो चुका है और पारिवारिक परिस्थितियां पहले से ही कठिन हैं। ऐसे में लंबे समय से चल रहे विवाद ने उनकी परेशानियों को और बढ़ा दिया है। उनका कहना है कि न्यायालय में मामला चलने के बावजूद अब तक उन्हें अपेक्षित राहत नहीं मिल सकी है।

राजेश्वर यादव ने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करने तथा उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है।

फिलहाल मामले में ललिता देवी लगातार पीड़ित राजेश्वर यादव से यही कह रही है कि हम घर बनाकर अपने बच्चों के साथ भी अपने मायके में रहेंगे जमीन ससुराल वापस आने को तैयार नहीं है

पीड़ित राजेश्वर यादव बहुत परेशान हैं कोर्ट से भी उनको किसी प्रकार की कोई राहत नहीं मिली है अब चाह रहे हैं कि समय रहते जल्दी से जल्द उन्हें सुनवाई हो

दो प्लेयर्स ने लगाई खिताबी हैट्रिक, RCB के साथ बैक-टू-बैक ट्रॉफी जीतकर मचाया तहलका

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RCB ने आईपीएल 2026 का खिताब जीत लिया है। इसी के साथ आरसीबी लगातार दो सीजन में दो ट्रॉफी जीतने वाली आईपीएल इतिहास की तीसरी टीम बन गई है। इससे पहले लगाता यह अनोखा रिकॉर्ड केवल मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स के नाम था।रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने लगातार दूसरी बार आईपीएल का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है। साल 2025 में अपना पहला आईपीएल खिताब जीतने के बाद, टीम ने 2026 में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी ट्रॉफी को सफलतापूर्वक डिफेंड किया। इस जीत के साथ ही टीम के दो खिलाड़ियों, फिल साल्ट और सुयश शर्मा ने अनोखी खिताबी हैट्रिक पूरी कर ली है। ये दोनों खिलाड़ी साल 2024 में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) की चैंपियन टीम का हिस्सा थे और फिर लगातार अगले दो सालों (2025 और 2026) में RCB के साथ जुड़कर ट्रॉफी जीतने में कामयाब रहे।

सुयश शर्मा और फिल साल्ट जीत चुके हैं लगातार तीन आईपीएल ट्रॉफी
सुयश शर्मा और फिल साल्ट ने आईपीएल (IPL) में एक अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम किया है। ये दोनों खिलाड़ी पिछले तीन सालों से लगातार आईपीएल ट्रॉफी जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे हैं। साल 2024 में जब कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) चैंपियन बनी, तब ये दोनों उसी टीम में थे। इसके बाद साल 2025 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने इन्हें अपनी टीम में शामिल किया और उसी साल RCB ने अपना पहला खिताब जीता। साल 2026 में भी ये दोनों RCB का हिस्सा रहे और टीम ने लगातार दूसरी बार ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। इस तरह इन दोनों खिलाड़ियों ने लगातार तीन आईपीएल सीजन में खिताबी हैट्रिक पूरी की है।

फिल साल्ट का प्रदर्शन पिछले दो सीजन में कैसा रहा है?
आईपीएल 2026 में फिल साल्ट के प्रदर्शन को लेकर बात करें तो इस सीजन वह सिर्फ 6 मैच खेल पाए और चोट की वजह से बाकी मैचों से बाहर रहे। उन 6 पारियों में साल्ट के बल्ले से 33.66 के औसत से 202 रन आए, जिसमें दो अर्धशतकीय पारियां शामिल रही। पिछले सीजन यानी कि 2025 में उन्होंने 13 मैच खेले थे और वहां उनके बल्ले से 13 पारियों में 403 रन आए थे। इस दौरान वह 4 अर्धशतक लगाने में कामयाब रहे थे।

सुयश शर्मा ने अब तक RCB के लिए कैसा प्रदर्शन किया?
भारतीय स्पिनर सुयश शर्मा को लेकर बात की जाए तो आईपीएल 2026 में उन्हें 12 मैचों में खेलने का मौका मिला और इस दौरान वह सिर्फ 9 विकेट लेने में कामयाब हो सके। वहीं पिछले सीजन में उन्हें 14 मैच में खेलने का मौका मिला था और वहां वो सिर्फ 8 विकेट लेने में कामयाब रहे। पिछले दो सीजन में 26 मैच खेलने के बाद उन्होंने सिर्फ 17 विकेट हासिल किए हैं। अब अगले सीजन के लिए RCB उन्हें रिटेन करती है या नहीं ये देखने वाली बात होगी।

फरीदाबाद से 15 वर्षीय किशोरी रहस्यमय ढंग से लापता, राशन लेने निकली थी घर से; परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

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फरीदाबाद। हरियाणा के फरीदाबाद जिले से एक 15 वर्षीय किशोरी के रहस्यमय ढंग से लापता होने का मामला सामने आया है। किशोरी घर से राशन लेने जाने की बात कहकर निकली थी, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटी। घटना के बाद पूरे परिवार में हड़कंप मच गया है। परिजन लगातार उसकी तलाश में जुटे हैं, लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

जानकारी के अनुसार, भारत कॉलोनी, खेड़ी कलां, फरीदाबाद निवासी प्रदीप कुमार यादव और गुड़िया देवी की पुत्री भारती कुमारी 31 मई 2026 को शाम करीब 4 बजे घर से राशन लेने के लिए निकली थी। परिजनों के मुताबिक, भारती अपने साथ राशन कार्ड भी लेकर गई थी। काफी समय बीत जाने के बाद जब वह घर नहीं लौटी तो परिवार के लोगों ने उसकी खोजबीन शुरू की।

परिवार का कहना है कि भारती कुमारी की मानसिक स्थिति पूरी तरह सामान्य है। घर में किसी प्रकार का विवाद, झगड़ा या ऐसी कोई परिस्थिति भी नहीं थी, जिससे उसके अचानक घर छोड़कर जाने की आशंका हो। यही कारण है कि उसके लापता होने की घटना ने परिवार को गहरी चिंता में डाल दिया है।

परिजनों के अनुसार, उन्होंने आसपास के इलाकों, रिश्तेदारों और संभावित स्थानों पर काफी खोजबीन की, लेकिन किशोरी का कहीं कोई पता नहीं चल पाया। परिवार के सदस्य लगातार उसकी तलाश में लगे हुए हैं और हर संभव प्रयास कर रहे हैं। भारती परिवार की तीन संतानों में बीच की बेटी है। उसकी गुमशुदगी से माता-पिता समेत पूरा परिवार बेहद परेशान और व्यथित है।

परिजनों ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को भारती कुमारी के बारे में कोई जानकारी मिले या वह कहीं दिखाई दे, तो तुरंत नजदीकी पुलिस थाना अथवा परिवार के मोबाइल नंबर 8447541575 पर संपर्क करें। परिवार को उम्मीद है कि लोगों के सहयोग और प्रशासन की मदद से उनकी बेटी जल्द सुरक्षित घर लौट आएगी।

फिलहाल किशोरी की गुमशुदगी को लेकर क्षेत्र में चिंता का माहौल है और परिवार उसकी सकुशल वापसी की राह देख रहा है।

म्यांमार के राष्ट्रपति ने PM मोदी से की मुलाकात, साझा विकास लक्ष्यों पर हुई चर्चा

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म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने सोमवार को पीएम मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में मुलाकात की।नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने सोमवार को मुलाकात की। बता दें कि म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर 30 मई से 2 जून तक भारत दौरे पर हैं। इस दौरान दोनों नेताओं ने राष्ट्रीय राजधानी स्थित हैदराबाद हाउस में मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत-म्यांमार संबंधों और साझा विकास लक्ष्यों को और मजबूत करने के लिए सार्थक द्विपक्षीय वार्ता की। राष्ट्रपति के रूप में यू मिन आंग ह्लाइंग की यह पहली भारत यात्रा है। उनके साथ कैबिनेट मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और प्रमुख व्यापारिक नेताओं का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत दौरे पर आया है।
अजित डोवाल से मुलाकात
इससे पहले, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल ने रविवार को म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग से मुलाकात की। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक पोस्ट में बताया, “राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल ने आज म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग से मुलाकात की।” इससे पहले, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को म्यांमार के राष्ट्रपति से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के प्रति उनके सकारात्मक दृष्टिकोण की सराहना की।

एस जयशंकर से मुलाकात
X पर एक पोस्ट में एस जयशंकर ने कहा, “आज नई दिल्ली में म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग से मुलाकात करके मुझे खुशी हुई। हमारे दीर्घकालिक द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा करने के प्रति उनके सकारात्मक दृष्टिकोण की मैं सराहना करता हूं। शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए हमारी साझेदारी को आगे बढ़ाने हेतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी मुलाकात का मुझे बेसब्री से इंतजार है।”

बोधगया में की पूजा-अर्चना
इससे पहले मिन आंग ह्लाइंग बोधगया में अपने कार्यक्रम पूरे करने के बाद नई दिल्ली पहुंचे। ह्लाइंग शनिवार को बिहार के बोधगया पहुंचे थे, जहां विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने उनका स्वागत किया और म्यांमार के साथ भारत के सभ्यतागत और आध्यात्मिक संबंधों पर प्रकाश डाला। यहां पहुंचने के तुरंत बाद, राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग ने पवित्र महाबोधि मंदिर का दौरा किया, जो एक प्रमुख बौद्ध तीर्थ स्थल और यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है।