Saturday, March 28, 2026
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पानीपत से 78 वर्षीय बुजुर्ग लापता, बेटे की गुहार: “पिता की दिमागी हालत ठीक नहीं, एक सूचना से मिल सकता है सहारा”

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पानीपत। हरियाणा के पानीपत शहर से 78 वर्षीय बुजुर्ग के लापता होने का मामला सामने आया है। परिवार के अनुसार बुजुर्ग पिछले कई दिनों से घर से गायब हैं और अब तक उनका कोई सुराग नहीं लग पाया है। पिता के अचानक लापता हो जाने से बेटा बेहद परेशान है और उनकी तलाश में दर-दर भटक रहा है। परिवार ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को भी बुजुर्ग के बारे में कोई जानकारी मिले तो तुरंत संपर्क करें।

मिली जानकारी के अनुसार, लापता बुजुर्ग का नाम बसंत लाल निषाद (उम्र करीब 78 वर्ष) है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के जिगना थाना क्षेत्र के बसेवरा कलां, खैरा गांव के रहने वाले हैं। वर्तमान में वह अपने बेटे ब्लास्टर निषाद के साथ पानीपत शहर के गंगापुरी रोड स्थित सूरज बॉशिंग सेंटर के पास, वाल्मीकि मंदिर के सामने किराए के मकान में रहते थे।

परिजनों के अनुसार 21 मार्च 2026 को दोपहर करीब 3 बजे जब घर के अन्य सदस्य आराम कर रहे थे, तभी बसंत लाल निषाद बिना किसी को बताए घर से निकल गए। इसके बाद से वह वापस घर नहीं लौटे। परिवार ने अपने स्तर पर काफी तलाश की, लेकिन उनका कहीं कोई पता नहीं चल पाया। बताया जा रहा है कि बसंत लाल निषाद की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है, जिससे परिवार की चिंता और बढ़ गई है।

बेटे ब्लास्टर निषाद ने बताया कि जब उनके पिता घर से निकले थे, उस समय उन्होंने कुर्ता और लूंगी पहन रखी थी, सिर पर गमछा था और पैरों में कपड़े वाले जूते थे। उनका कद करीब 5 फुट 4 इंच है और रंग गोरा बताया जा रहा है। उनके पास कोई मोबाइल फोन भी नहीं है और वह फोन चलाना भी नहीं जानते। घर से निकलते समय उनकी जेब में केवल करीब 320 रुपये थे।

परिवार ने इस मामले में थाना चांदनी बाग, पानीपत में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने भी मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन अब तक बुजुर्ग का कोई सुराग नहीं लग पाया है। पिता के लापता होने से बेटा ब्लास्टर निषाद बेहद परेशान है और लगातार उनकी तलाश कर रहा है।

ब्लास्टर निषाद ने लोगों से भावुक अपील करते हुए कहा है कि यदि किसी को भी बसंत लाल निषाद के बारे में कोई जानकारी मिलती है या वह कहीं दिखाई देते हैं, तो तुरंत नीचे दिए गए नंबरों पर संपर्क करें या नजदीकी पुलिस थाने को सूचित करें। उन्होंने यह भी घोषणा की है कि जो भी व्यक्ति उनके पिता के बारे में सही सूचना देगा या उन्हें खोजने में मदद करेगा, उसे तत्काल 10 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा। उनका कहना है कि किसी की एक छोटी सी सूचना भी एक बेटे को उसके पिता से मिला सकती है।

संपर्क नंबर: 9991895589, 9034395589, 8053437928, 7015629541

सेना में स्थायी कमीशन को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, महिलाओं अधिकारियों को दिया हक; जानें पूरा मामला

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सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय सेना में स्थायी कमीशन को लेकर अहम फैसला सुनाया है। इस निर्णय में महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन का हक दिया गया है। इस आर्टिकल में जानें कि स्थायी कमीशन का ये पूरा मामला क्या है।नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 142 के तहत मिले अधिकार का इस्तेमाल करते हुए, महिलाओं अधिकारियों को मिले स्थायी कमीशन को बरकरार रखने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा उसमें कोई हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा। सर्वोच्च अदालत ने अपने फैसले में कहा कि वे महिला अधिकारी SSCOs और हस्तक्षेपकर्ता, जिन्हें कार्यवाही के दौरान किसी भी स्तर पर सेवा से हटा दिया गया था, उन्हें यह माना जाएगा कि उन्होंने 20 साल की अपनी सेवा पूरी कर ली है और वे पेंशन के हकदार होंगी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उन्हें वेतन का बकाया नही मिलेगा।

पूरी मानी जाएगी न्यूनतम 20 साल की अर्हता सेवा
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत, जस्टिस उज्ज्वल भुयान और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की बेंच ने फैसला सुनाया कि अधिकारियों को पेंशन के लिए जरूरी न्यूनतम 20 साल की अर्हता सेवा पूरी कर ली गई मानी जाएगी, भले ही उन्हें सर्विस से पहले मुक्त कर दिया गया हो। बता दें कि यह निर्णय विंग कमांडर Sucheta Edan और अन्य की तरफ से दायर याचिकाओं समेत कई याचिकाओं पर आया है, जिनमें 2019 में पॉलिसी चेंज और पिछले सशस्त्र बल न्यायाधिकरण (AFT) के निर्णयों के आधार पर स्थायी कमीशन (PC) से इनकार को चैलेंज दिया गया था।

वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट में लापरवाही का जिक्र
निर्णय के अहम अंशों को पढ़ते हुए, CJI सूर्यकांत ने कहा कि महिला अफसरों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (Annual Confidential Reports) अक्सर इस धारणा के अंतर्गत लापरवाही से ग्रेड की जाती थी कि वे करियर में प्रगति या स्थायी कमीशन के लिए पात्र नहीं होंगी।

ओवरऑल मेरिट पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने कहा कि वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट को इस धारणा के साथ लिखा गया था कि उनको करियर में प्रगति नहीं मिलेगी। इससे उनकी ओवरऑल मेरिट पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। बेंच ने थल सेना, वायु सेना और नौसेना की एसएससी महिला अधिकारियों को पीसी से वंचित किए जाने के केस पर अलग से विचार किया।

 

तेल-अवीव के आसमान में जब इजरायल और ईरान की मिसाइलों के बीच हुआ भीषण युद्ध…आ गई रामायण और महाभारत सीरियल की याद, देखें

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इजरायल और ईरान के बीच जंग के दौरान तेल-अवीव के आसमान में रोचक युद्ध देखने को मिला है। इसमें कुछ ईरानी मिसाइलों को इजरायल के दर्जनों इंटरसेप्टर पीछा करते हैं। इसके बावजूद ईरानी मिसाइलें उन्हें चकमा देकर हमला कर देती हैं। तेल-अवीव के आसमान में इजरायली इंटरसेप्टर और ईरानी मिसाइलों के बीच महाभीषण युद्ध देखा गया। यह रोचक युद्ध लोगों और मीडिया के कैमरों में भी कैद हो गया, जो सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से दुनिया भर में वायरल हो रहा है। इस जंग ने रामायण और महाभारतकालीन युद्धों को दर्शाने वाले सीरियलों की याद दिला दी है। कई वीडियो में दिखाया गया है कि ईरानी मिसाइलों हर हाल में तेल-अवीव पर धमाका करने निकल पड़ी हैं, वहीं इजरायली इंटरसेप्टर उन्हें किसी भी कीमत पर रोकने में पूरी ताकत लगा रहे हैं। इस दौरान कई ईरानी मिसाइलों तेल-अवीव के आसमान में इजरायली इंटरसेप्टर को चकमा देकर अपने लक्ष्य तक पहुंचने में कामयाब होती दिख रही हैं। ईरान अपनी इन मिसाइलों पर गर्व कर रहा है और कह रहा है कि दुनिया ईरानी मिसाइलों की ताकत देख रही है।

दर्जनों इजरायली इंटरसेप्टर को क्रॉस कर गई ईरान की दो मिसाइलें
जिम्बाब्बे में ईरानी दूतावास ने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें देखा जा रहा है कि दर्जनों इजरायली इंटरसेप्टर ईरान की मिसाइलों का पीछा करते हैं और उन्हें मार गिराने के लिए हरसंभव प्रयास करते हैं, इसके बावजूद 2 ईरानी मिसाइलें इंटरसेप्टर को चकमा देकर आगे निकल जाती हैं। इसके बाद तेल-अवीव में वह बड़ा धमाका करने में कामयाब हो जाती हैं। ईरानी दूतावास ने एक्स पर वीडियो शेयर करते लिखा,” एक ईरानी मिसाइल, बनाम दस इजरायली इंटरसेप्टर…लगभग 10 लाख डॉलर बनाम 100 करोड़ डॉलर…अंदाजा लगाइए कौन जीता?”

तेल-अवीव के आसमान में मिसाइलों और इंटरसेप्टरों के बीच एरियल बैटल देखिये
रूस की न्यूज एजेंसी आरटी डॉट कॉम ने भी तेल-अवीव में ईरानी मिसाइलों और इजरायली इंटरसेप्टर के बीच रोचक जंग का एक वीडियो शेयर किया है। इसमें कई इंटरसेप्टर एक या दो ईरानी मिसाइलों का पीछा कर रहे हैं। इस दौरान भी ईरानी मिसाइल इजरायली इंटरसेप्टरों को चकमा देते हुए आगे बढ़ जाती है। आरटी डॉट कॉम ने वीडियो शेयर करते लिखा, “तेल अवीव के आसमान में मिसाइलों और इंटरसेप्टरों के बीच हवाई युद्ध देखें।”

तेल-अवीव के आसमानी जंग में आई रामायण और महाभारत सीरियल की याद
तेल-अवीव के आसमान में ईरानी मिसाइलों और इजरायली इंटरसेप्टरों के बीच हुई जंग ने रामायण और महाभारतकालीन युद्धों को दर्शाने वाले भारतीय सीरियलों श्रीकृष्णा और रामायण की याद दिला दी है, जिसमें देवताओं और राक्षसों के बीच होने वाली जंग का भी कुछ ऐसा ही नजारा दिखाया गया है। रामायण और महाभारत की सीरियल में देवता और राक्षण एक दूसरे के अस्त्र-शस्त्र को हवा में इजरायल और ईरान के अंदाज में एक दूसरे को काटते और मात देते दिखाए गए हैं।

मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच राजनाथ सिंह ने की हाई लेवल मीटिंग, तीनों सेनाओं के प्रमुख भी रहे मौजूद

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अभी मिडिल ईस्ट में जो हालात बने हुए हैं, वो आप भी जानते ही होंगे। इसी बीच दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक हाई लेवल की बैठक की जिसमें तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद रहें। आइए आपको विस्तार से इस बैठक के बारे में बताते हैं।पिछले महीने यानी फरवरी की 28 तारीख को इजरायल और अमेरिका की तरफ से संयुक्त रूप से ईरान पर हमला किया गया और उसके बाद ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच में जो युद्ध छिड़ा, वो अब तक शांत नहीं हुआ। इसी युद्ध के टेंशन को देखते हुए दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक अहम और उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में तीनों सेनाओं के प्रमुख, रक्षा मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी और सुरक्षा से जुड़े प्रमुख विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहें। आइए आपको इस बैठक के बारे में बताते हैं।

सुरक्षा परिस्थितियों पर हुई चर्चा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जो उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई, उसमें मौजूदा सुरक्षा परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की गई है और इसके साथ ही भारत की सैन्य तैयारियों का भी व्यापक आकलन किया गया। आपको बता दें कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य युद्ध की वजह से बदलते अंतरराष्ट्रीय हालात के बीच भारत की रक्षा तैयारियों को परखना और किसी भी संभावित चुनौती के लिए रणनीति तय करना था।

किन-किन अन्य मुद्दों पर हुई चर्चा?
आपको बता दें कि इस हाई लेवल बैठक में सीमा सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा, एयर डिफेंस और ऑपरेशनल रेडीनेस जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। इस बैठक में रक्षा मंत्री ने साफ कहा कि भारत अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार है और किसी भी स्थिति से निपटने की क्षमता रखता है। बता दें कि बैठक में सेनाओं को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। यह बैठक ऐसे समय पर हुई है जब वैश्विक स्तर पर सुरक्षा हालात तेजी से बदल रहे हैं और भारत हर स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है।

बिहार के सहरसा जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है,

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जहां आपसी विवाद ने एक गरीब परिवार की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। यह घटना 21 मार्च की रात करीब 10 बजे की बताई जा रही है, जब सोमिन पासवान अपने परिवार के साथ घर पर मौजूद थे। अचानक हुए इस हमले ने पूरे परिवार को दहशत में डाल दिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बबलू पासवान और राजबली पासवान के बीच पहले से चल रहे किसी पुराने विवाद को लेकर झगड़ा शुरू हुआ। देखते ही देखते यह विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों ने आपा खो दिया और पास में रहने वाले सोमिन पासवान के घर को निशाना बना लिया। बताया जा रहा है कि गुस्से में आकर आरोपियों ने घर में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की।

हमले के दौरान घर की छत को क्षतिग्रस्त कर दिया गया और अंदर रखे घरेलू सामान को भी तोड़ दिया गया। पूरे घर का सामान बिखेर दिया गया, जिससे घर पूरी तरह अस्त व्यस्त हो गया। इस घटना में सोमिन पासवान को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।

सोमिन पासवान पेशे से एक दिहाड़ी मजदूर हैं, जो रोज कमाकर अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। उनके परिवार में पांच सदस्य हैं, जिनमें तीन छोटे छोटे बच्चे भी शामिल हैं। पहले से ही आर्थिक तंगी झेल रहे इस परिवार के सामने अब रहने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। टूटे हुए घर में रहने को मजबूर यह परिवार बेहद भयभीत और परेशान है।

घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। स्थानीय लोगों में भी इस घटना को लेकर काफी आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि दो व्यक्तियों के आपसी विवाद में एक निर्दोष और गरीब परिवार को निशाना बनाना बेहद शर्मनाक और निंदनीय है।

पीड़ित परिवार ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है और मुआवजे की मांग की है, ताकि वे अपने घर को फिर से बना सकें और सामान्य जीवन जी सकें। वहीं इस घटना ने क्षेत्र में कानून व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हो सकें।

बेटी के इलाज के लिए गिरवी रखे चांदी के जेवर नहीं लौटाए, ज्वेलर पर धोखाधड़ी का आरोप; मजदूर पिता लगा रहा न्याय की गुहार

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नोएडा। उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले के नोएडा से एक दर्दनाक और हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां बेटी के इलाज के लिए गिरवी रखे गए चांदी के जेवर वापस नहीं मिलने से एक गरीब मजदूर पिता दर-दर भटकने को मजबूर है। पीड़ित का आरोप है कि ज्वेलर ने पूरा पैसा और ब्याज लेने के बाद भी जेवर वापस नहीं किए और अब दुकान बंद कर फरार हो गया है। कई बार शिकायत करने के बावजूद पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने का भी आरोप लगाया गया है।

पीड़ित बृजेश कुमार पुत्र सियाराम, निवासी ग्राम परथला खानजरपुर, सेक्टर-122, थाना सेक्टर-113, नोएडा ने बताया कि आर्थिक तंगी और अपनी बेटी के इलाज के लिए मजबूर होकर उन्होंने 13 अक्टूबर 2024 को गांव में स्थित श्याम ज्वेलर्स नामक दुकान पर लगभग आधा किलो चांदी के आभूषण गिरवी रखे थे। दुकान के मालिक मोहित वर्मा ने 12 हजार रुपये देकर 5 प्रतिशत ब्याज पर जेवर गिरवी रख लिए थे। गिरवी रखे गए आभूषणों में हाथफूल, पायल, कमर की तगड़ी और छह बिछुए शामिल थे।

बृजेश कुमार ने बताया कि उनकी बेटी की उम्र करीब 20 वर्ष थी और वह उनकी सबसे बड़ी संतान थी। उनकी कुल छह बेटियां हैं। बेटी को सीने में गंभीर संक्रमण हो गया था, जिसके इलाज के लिए उन्होंने फरीदाबाद, एटा, नोएडा और दिल्ली तक कई अस्पतालों में इलाज करवाया। लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद 13 जून 2025 को उनकी बेटी की मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद भी उन्होंने मजदूरी करके जैसे-तैसे पैसे जुटाए और 1 नवंबर 2025 को ज्वेलर मोहित वर्मा को मूलधन के साथ पूरा ब्याज भी चुका दिया।

पीड़ित का आरोप है कि पैसे लेने के बाद ज्वेलर ने कहा कि जेवर किसी अन्य स्थान पर रखे हैं और एक-दो दिन में वापस दे देगा। लेकिन इसके बाद वह लगातार टालमटोल करता रहा। कभी होली के बाद देने की बात कही गई तो कभी दुकान बंद होने का बहाना बनाया गया। धीरे-धीरे ज्वेलर का फोन भी बंद आने लगा और अब दुकान भी बंद पड़ी है।

बृजेश कुमार का कहना है कि जब उन्होंने इस बारे में कई बार फोन किया तो एक बार फोन उठाकर ज्वेलर ने उन्हें गाली-गलौज की और जेवर मांगने पर जान से मारने की धमकी भी दी। इसके बाद पीड़ित ने थाना सेक्टर-113 और संबंधित पुलिस चौकी में कई बार लिखित शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया और न ही आरोपी के खिलाफ कार्रवाई हुई।

पीड़ित का यह भी आरोप है कि 18 मार्च 2026 को चौकी में उन्हें बुलाकर कुछ कागजों पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया, लेकिन अब तक मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि वह लगातार अधिकारियों और पुलिस के पास गुहार लगा रहे हैं, लेकिन कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है। बृजेश कुमार ने आरोप लगाया कि आरोपी के पुलिस से अच्छे संबंध होने के कारण मामले को दबाया जा रहा है।

मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करने वाले बृजेश कुमार का कहना है कि उन्होंने अपनी बेटी के लिए बड़ी मुश्किल से चांदी के आभूषण बनवाए थे, लेकिन अब वे भी धोखे से हड़प लिए गए। उन्होंने पुलिस प्रशासन और उच्च अधिकारियों से गुहार लगाई है कि मामले में निष्पक्ष जांच कर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उन्हें उनके जेवर वापस दिलाए जाएं।

 

राशन लेने के बहाने निकला पति हुआ फरार, पत्नी के नाम पर फाइनेंस कराई गाड़ी छोड़ गया कर्ज; दो बीमार बच्चों के साथ दर-दर भटक रही महिला

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मुंबई/प्रतापपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के प्रतापपुर क्षेत्र से एक हैरान कर देने वाला पारिवारिक मामला सामने आया है, जहां एक पति राशन लेने के बहाने घर से निकला और फिर वापस ही नहीं लौटा। पीड़ित महिला का आरोप है कि पति ने उसके नाम पर फाइनेंस कराकर गाड़ी ली और फिर अचानक गायब हो गया। अब महिला दो छोटे बीमार बच्चों के साथ परेशान होकर न्याय की गुहार लगा रही है।

पीड़िता मीरा ने बताया कि वह अधिक पढ़ी-लिखी नहीं है और अपने पति सोनू निषाद के साथ छत्तीसगढ़ के प्रतापपुर इलाके में किराए के कमरे में रहती थी। उनके दो छोटे बच्चे हैं, जिनमें चार साल का बेटा और दो साल की बेटी शामिल हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर है और दोनों बच्चों की तबीयत भी अक्सर खराब रहती है, जिससे परेशानियां और बढ़ गई हैं।

मीरा के अनुसार, उसके पति सोनू निषाद प्रतापपुर के रामफ्लो इलाके में ठेकेदारी का काम करते थे और पूरा परिवार वहीं किराए के कमरे में रह रहा था। महिला का आरोप है कि इस दौरान उसके पति का किसी अन्य महिला से बातचीत और संपर्क बढ़ गया था, जिससे घर में अक्सर विवाद होता था। इसी बीच 15 मार्च को सोनू निषाद ने पत्नी से कहा कि वह किराना और राशन लेने जा रहा है और बच्चों का ध्यान रखने को कहकर घर से निकल गया। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा।

पीड़िता का कहना है कि हाल ही में उसके पति ने उसके नाम पर एक गाड़ी फाइनेंस करवाई थी। अब गाड़ी और कर्ज दोनों उसके नाम पर हैं, जबकि पति फरार हो गया है। मीरा का आरोप है कि पति का फोन भी लगातार बंद आ रहा है। महिला का कहना है कि उसे बाद में पता चला कि उसका पति किसी अन्य महिला से लगातार संपर्क में है और उससे यह भी पूछता रहता है कि उसकी पत्नी वहां से चली गई या नहीं।

मीरा ने पूरी घटना अपनी मां मुन्नी देवी को बताई, जिसके बाद मुन्नी देवी तुरंत छत्तीसगढ़ के प्रतापपुर पहुंचीं और अपनी बेटी व दोनों बच्चों को वहां से लेकर मुंबई आ गईं। फिलहाल मीरा अपने बच्चों के साथ मुंबई में रह रही है, लेकिन आर्थिक और मानसिक रूप से बेहद परेशान है।

पीड़िता का कहना है कि उसने इस मामले में छत्तीसगढ़ के प्रतापपुर थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। महिला ने प्रशासन और पुलिस से न्याय दिलाने की गुहार लगाई है, ताकि उसके पति को ढूंढकर उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके और उसे इस संकट से राहत मिल सके।

जबरन कराई गई शादी बनी अभिशाप, पति की धमकियों से दहशत में महिला; दो साल से न्याय के लिए भटक रही पीड़िता

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लखनऊ। राजधानी लखनऊ के बिजनौर थाना क्षेत्र के औरंगाबाद जागीर की रहने वाली एक महिला ने अपने ही पति पर मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि वह पिछले करीब दो वर्षों से न्याय के लिए दर-दर भटक रही है, लेकिन अब तक उसकी कहीं सुनवाई नहीं हो सकी है। आरोप है कि थाने में दिए गए आवेदन तक फाड़ दिए जाते हैं, जिसके कारण वह बेहद भय और तनाव में जीवन गुजारने को मजबूर है।

पीड़िता श्रीमती रुचि पत्नी सूरज राजपूत का आरोप है कि 12 फरवरी 2026 को सुबह करीब 10 बजकर 14 मिनट पर उनके पति के मोबाइल नंबर से फोन आया, जिसमें उन्हें भद्दी-भद्दी गालियां दी गईं और जान से मारने की धमकी दी गई। रुचि का कहना है कि फोन पर उनके पति ने अपने दोस्तों से भी गाली-गलौज करवाई और कहा कि वह घर आकर उन्हें जान से मार देंगे। इस घटना के बाद से वह और उनकी छोटी बच्ची बेहद डर और दहशत में हैं।

रुचि ने यह भी बताया कि उनकी शादी उनकी मर्जी के खिलाफ जबरदस्ती कराई गई थी। उनका कहना है कि शादी के बाद से ही उन्हें लगातार प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि पति आए दिन मारपीट करते हैं और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हैं।

रुचि का कहना है कि उनकी शादी को करीब सात साल हो चुके हैं, लेकिन लंबे समय से उनके पति सूरज राजपूत उन्हें मारते-पीटते हैं और लगातार अपशब्द कहते हैं। इतना ही नहीं, वह अपनी छह साल की बेटी जयतिका के पालन-पोषण का खर्च भी नहीं उठाते। मजबूरी में रुचि घर-घर जाकर झाड़ू-पोछा का काम करती हैं और उसी से अपनी बच्ची का खर्च चलाती हैं।

पीड़िता के अनुसार उनके पिता जियालाल और माता माधुरी हैं, लेकिन दो महीने पहले ही उनकी मां का निधन हो गया। रुचि की तीन बहनें हैं और परिवार में कोई भाई नहीं है। आरोप है कि इसी बात का फायदा उठाकर उनके पति जमीन-जायदाद के लालच में उन्हें प्रताड़ित करते हैं और बार-बार धमकी देते हैं कि पेट्रोल डालकर उन्हें, उनकी बच्ची और उनके पिता को जिंदा जला देंगे।

रुचि का कहना है कि उन्होंने इस पूरे मामले की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी पुलिस को सुनाई है, जिसमें धमकी और गाली-गलौज साफ सुनाई देती है। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। वह कई बार थाना बिजनौर और पुलिस चौकी पर शिकायत लेकर गईं, लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लगी।

पीड़िता का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो कभी भी कोई बड़ी घटना हो सकती है। उन्होंने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि उनकी शिकायत पर तुरंत प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी पति और संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि उन्हें और उनकी मासूम बेटी को सुरक्षा मिल सके।

 

चार साल का प्यार संकट में: परिवार के दबाव में अलग हुई प्रेमिका, युवक ने साथ रहने की लगाई गुहार

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उत्तर प्रदेश के बरेली और दादरी क्षेत्र से एक प्रेम संबंध से जुड़ा भावुक मामला सामने आया है। बरेली जिले के नवादा बिसिंदे गांव निवासी अमित कुमार सिंह ने आरोप लगाया है कि उनकी चार साल पुरानी प्रेमिका कशिश के परिवार वालों ने उस पर दबाव बनाकर दोनों के बीच बातचीत बंद करवा दी है। पिछले दो से तीन दिनों से दोनों की कोई बातचीत नहीं हो पा रही है, जिससे युवक बेहद परेशान और मानसिक तनाव में है। अमित कुमार का कहना है कि वह कशिश से ही शादी करना चाहते हैं और उसके साथ जीवन बिताना चाहते हैं।

मिली जानकारी के अनुसार अमित कुमार सिंह, पुत्र धनपाल सिंह, मूल रूप से बरेली जिले के नवादा बिसिंदे गांव के रहने वाले हैं। उनकी मुलाकात करीब चार साल पहले नोएडा के सेक्टर 135 इलाके में कशिश से हुई थी। उस समय कशिश एक सोसाइटी में काम करती थी, जबकि अमित वहां मशीन चलाने का काम करते थे। इसी दौरान दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे दोस्ती गहरी होती चली गई। समय के साथ यह रिश्ता दोस्ती से आगे बढ़कर प्यार में बदल गया।

बताया जा रहा है कि दोनों अक्सर एक-दूसरे से मिलने के लिए दादरी इलाके में मिलते थे और भविष्य में शादी कर साथ रहने के सपने देखते थे। करीब एक साल पहले जब अमित कुमार के परिवार वाले उनकी शादी कहीं और कराने की तैयारी कर रहे थे, तब कशिश ने इसका कड़ा विरोध किया। अमित के अनुसार कशिश ने कहा था कि यदि वह किसी और से शादी करेंगे तो वह खुद को नुकसान पहुंचा सकती है। इस स्थिति के बाद अमित ने अपने परिवार के दबाव के बावजूद वह शादी नहीं की।

अब अमित कुमार का कहना है कि वह कशिश से शादी कर उसके साथ रहना चाहते हैं, लेकिन आरोप है कि कशिश के पिता राजू और परिवार के अन्य सदस्यों ने उस पर काफी दबाव बना दिया है। इसी दबाव के कारण कशिश अब शादी से इनकार कर रही है और दोनों के बीच बातचीत भी बंद हो गई है। अमित का दावा है कि कशिश का फोन भी परिवार वालों ने अपने पास रख लिया है, जिसके कारण उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है।

अमित कुमार के अनुसार वह कशिश को हमेशा सम्मान और प्यार से रखते थे और उसके साथ एक खुशहाल जीवन बिताने की इच्छा रखते हैं। और अमित कुमार सिंह का दावा है कि जितना प्यार वह कशिश से करते हैं उतना ही प्यार कशिश उनसे भी करती है लेकिन अचानक संपर्क टूट जाने से वह बेहद परेशान हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि स्थिति ऐसी ही बनी रही तो वह मानसिक रूप से टूट सकते हैं।

युवक ने प्रशासन और समाज से अपील की है कि मामले को समझते हुए कशिश पर परिवार द्वारा बनाए गए दबाव को हटाया जाए और दोनों को अपनी इच्छा से साथ रहने का अवसर दिया जाए। अमित कुमार का कहना है कि उनका और कशिश का रिश्ता सच्चे प्रेम पर आधारित है और वह चाहते हैं कि दोनों को एक साथ जीवन बिताने दिया जाए।

पुराना केस वापस लेने का दबाव, विरोध करने पर मारपीट और घर निर्माण रोकने का आरोप; पीड़ित परिवार ने प्रशासन से लगाई गुहार

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बिहार के वैशाली जिले से एक गंभीर पारिवारिक विवाद और दबंगई का मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने कुछ स्थानीय लोगों पर वर्षों से प्रताड़ित करने, मारपीट करने और पुराने मुकदमे को वापस लेने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है। पीड़िता मंजू देवी ने महिला थाना हाजीपुर में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि आरोपी लगातार धमकी देकर उनके परिवार को डराने की कोशिश कर रहे हैं और अब उनके घर के निर्माण कार्य को भी रुकवा दिया गया है।

जानकारी के अनुसार मंजू देवी, पत्नी अर्जुन महतो, वैशाली जिले के शाहपुर खूर्द क्षेत्र की रहने वाली हैं। पीड़िता का आरोप है कि पिछले करीब आठ से नौ वर्षों से कुछ लोगों के साथ उनका पारिवारिक विवाद चल रहा है और वे लोग उनकी संपत्ति पर कब्जा करने की नीयत से लगातार उन्हें और उनके परिवार को परेशान कर रहे हैं।

मंजू देवी के अनुसार वर्ष 2018 में आरोपियों ने उनके परिवार के साथ बुरी तरह मारपीट की थी। उस दौरान उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया और मारपीट के दौरान उनके हाथ को दांत से काट लिया गया, जिससे उनकी एक उंगली गंभीर रूप से घायल हो गई। जब उनके पति अर्जुन महतो बीच-बचाव करने पहुंचे तो आरोपियों ने उनकी आंखों में मसाला झोंक दिया, जिससे उन्हें भी काफी चोट आई। इस घटना के बाद पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था, जो अभी भी न्यायालय में विचाराधीन बताया जा रहा है।

पीड़िता का कहना है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद से आरोपी लगातार उन पर केस वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। उनका आरोप है कि आरोपी बार-बार धमकी देते हैं कि यदि मुकदमा वापस नहीं लिया गया तो पूरे परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इस कारण उनका परिवार लंबे समय से भय और मानसिक तनाव में जी रहा है।

मंजू देवी ने बताया कि 26 फरवरी 2026 को जब वे अपने घर के निर्माण के लिए भूमि पूजन कर नींव डालने का काम शुरू कर रहे थे, तभी आरोपी पक्ष के लोग वहां पहुंच गए और निर्माण कार्य रुकवा दिया। आरोप है कि उन्होंने गाली-गलौज करते हुए कहा कि पहले पुराना केस वापस लो, तभी घर बनाने दिया जाएगा। जब परिवार ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने मारपीट शुरू कर दी।

इस मामले में मंजू देवी की बेटी पूजा कुमारी ने भी मीडिया से बातचीत में अपनी पीड़ा साझा की। करीब 20 वर्षीय पूजा कुमारी ने बताया कि उनके पिता अर्जुन महतो अलग स्थान पर रहते हैं और आरोपी लोग वहां जाकर भी उन्हें मारपीट कर परेशान करते हैं। उन्होंने कहा कि जब वे और उनका भाई अपनी मां के साथ बचाव के लिए जाते हैं तो आरोपियों द्वारा उनके साथ भी मारपीट की जाती है और लगातार धमकियां दी जाती हैं। पूजा कुमारी का कहना है कि पूरा परिवार लंबे समय से भय और तनाव में जी रहा है।

पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि जब वे स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराने गए तो उनकी बात नहीं सुनी गई। इसके बाद उन्होंने महिला थाना हाजीपुर में आवेदन देकर आरोपी जोगिंदर महतो, राजेश महतो, उपेंद्र महतो और अन्य लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

मंजू देवी और उनके परिवार ने प्रशासन से अपील की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि वे भयमुक्त होकर अपने घर का निर्माण कर सकें और सामान्य जीवन जी सकें।