Monday, July 13, 2026
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चार महीने बीत गए, लेकिन सुराग शून्य बेंगलुरु में मदरसे से लापता 14 साल का रशीद अब भी गायब, पुलिस की जांच पर उठे सवाल बेंगलुरु | 19 जनवरी 2026

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बेंगलुरु | 25 दिसंबर 2025

बेंगलुरु के सिटी मार्केट इलाके में स्थित अल जामियातुस सऊदिया मदरसे से लापता हुआ 14 वर्षीय छात्र रशीद चार महीने बाद भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। 19 सितंबर 2025 को नमाज के बाद चाय पीने के लिए बाहर निकला रशीद आज तक वापस नहीं लौटा। लंबा वक्त गुजर जाने के बावजूद न तो पुलिस को कोई ठोस सुराग मिला है और न ही बच्चे की कोई विश्वसनीय जानकारी सामने आ सकी है।

इस मामले ने अब गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजन, मदरसा प्रबंधन और सामाजिक संगठनों में गहरी चिंता है। मदरसे के शिक्षक सिद्दीक हुसैन बिन मोहम्मद अली ने बताया कि घटना के बाद तुरंत खोजबीन शुरू की गई थी, बिहार में रहने वाले रशीद के पिता से भी संपर्क किया गया, लेकिन वहां भी बच्चा नहीं पहुंचा। इसके बाद 4 अक्टूबर को सिटी मार्केट थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई।

चार महीने की जांच, नतीजा सिफर
पुलिस ने शुरुआती दौर में आसपास के इलाकों में तलाश, सीसीटीवी फुटेज की जांच और पूछताछ का दावा किया था। लेकिन चार महीने बीत जाने के बाद भी रशीद के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है। न कोई कॉल डिटेल, न कोई प्रत्यक्षदर्शी और न ही कोई ऐसा संकेत जिससे बच्चे की दिशा या स्थिति का अंदाजा लगाया जा सके।

परिवार और मदरसा सदमे में
रशीद बिहार का रहने वाला है और पढ़ाई के लिए बेंगलुरु के मदरसे में रह रहा था। परिवार का कहना है कि हर दिन उम्मीद के साथ बीतता है, लेकिन हर शाम मायूसी छोड़ जाती है। मदरसे के अन्य बच्चे भी डरे हुए हैं और अभिभावकों में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है।

लापता बच्चे का हुलिया
नाम: रशीद
उम्र: 14 वर्ष
कद: लगभग 4 फीट
हुलिया: पतला चेहरा, सामान्य कद-काठी, काले बाल
पहनावा: सफेद पायजामा-जुब्बा, सिर पर मदरसे की टोपी
भाषा: हिंदी और उर्दू

अब तेज कार्रवाई की मांग
चार महीने तक नतीजा न निकलने के बाद परिजन और स्थानीय लोग पुलिस से जांच तेज करने, विशेष टीम गठित करने और राज्य स्तर पर अलर्ट जारी करने की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर अब भी ठोस कदम नहीं उठाए गए तो यह मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा।

 

कुशीनगर के रामकोला थाना क्षेत्र से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है

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कुशीनगर के रामकोला थाना क्षेत्र से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक ही परिवार ने गांव के दबंग व्यक्ति पर पेट्रोल डालकर घर जलाने और जान से मारने की कोशिश का आरोप लगाया है। वहीं दूसरी ओर पीड़ित परिवार की महिलाओं ने थाना पुलिस पर रात के अंधेरे में बिना महिला पुलिस के घर में घुसकर मारपीट, अभद्रता और अवैध हिरासत जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पूरा मामला अब कानून व्यवस्था और मानवाधिकारों पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार रामकोला थाना क्षेत्र के ग्राम चंदरपुर निवासी अरविंद कुशवाहा पुत्र स्वर्गीय रामप्रीत कुशवाहा ने पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि गांव के ही निवासी सुनील सिंह पुत्र राम नारायण सिंह से उनका लंबे समय से भूमि विवाद चल रहा है। इसी रंजिश में सुनील सिंह पूर्व में भी कई बार मारपीट, तोड़फोड़ और जान से मारने की धमकी दे चुका है, जिसकी शिकायतें थाने और उच्च अधिकारियों को पहले भी दी जा चुकी हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

अरविंद कुशवाहा का आरोप है कि 13 और 14 दिसंबर 2025 की मध्य रात्रि करीब साढ़े बारह बजे सुनील सिंह अपने कुछ अज्ञात साथियों के साथ उनके घर पहुँचा। उस समय घर में उनकी बुजुर्ग माता, छोटा भाई, मामा और मामी सो रहे थे। आरोप है कि अभियुक्तों ने घर में रखे फूस के टाट में पेट्रोल डालकर आग लगा दी और गाली गलौज करते हुए मौके से फरार हो गए।

परिवार के लोगों के अनुसार जब तक वे लोग नींद से जागते, तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी। घर में बंधे मवेशी भी आग की चपेट में आने वाले थे और परिवार के सभी सदस्यों की जान को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया था। समय रहते ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया गया, अन्यथा एक बड़ी जनहानि हो सकती थी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि उन्होंने सुनील सिंह और उसके साथियों को गाली देते हुए भागते हुए देखा।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि इस गंभीर घटना के बावजूद पुलिस द्वारा कोई कठोर कार्रवाई नहीं की गई। उल्टा इसके बाद 16 दिसंबर 2025 की रात को थाना रामकोला पुलिस ने कथित रूप से बदले की कार्रवाई की।

इसी मामले को लेकर अरविंद कुशवाहा की पत्नी मनीषा देवी ने पुलिस अधीक्षक कुशीनगर को दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि 16 दिसंबर की रात लगभग 11 बजे वह अपनी झोपड़ी में अपनी भाभी सीमा देवी और मामी मीरा देवी के साथ सो रही थीं। तभी थाना रामकोला की पुलिस बिना किसी महिला पुलिसकर्मी के और कथित रूप से शराब के नशे में धुत होकर जबरन घर में घुस आई।

मनीषा देवी का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने तीनों महिलाओं को जबरन घर से बाहर खींचना शुरू कर दिया। जब उन्होंने यह पूछा कि उन्हें कहाँ ले जाया जा रहा है, तो मौके पर मौजूद कांस्टेबल सतेंद्र चौबे ने उनका मोबाइल छीन लिया और बाल पकड़कर लात घूंसों से बेरहमी से मारपीट की, जिससे वह जमीन पर गिर पड़ीं और पेट समेत शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं।

महिलाओं का कहना है कि इस दौरान उपनिरीक्षक उपेंद्र यादव भी मौके पर मौजूद थे, जिन्होंने न केवल इस अवैध कृत्य को रोकने का प्रयास नहीं किया, बल्कि कथित रूप से कांस्टेबल को उकसाया और मारपीट में सहयोग किया। इसके बाद तीनों महिलाओं को बिना महिला पुलिसकर्मी के पुलिस जीप में बैठाकर ले जाया गया, जो कानून और सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों का खुला उल्लंघन है।

पीड़िता का यह भी आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने मारपीट कर उनका मोबाइल फोन का पासवर्ड पूछा और उसमें मौजूद आगजनी की घटना से जुड़े वीडियो साक्ष्य को डिलीट कर दिया। मोबाइल में मौजूद निजी फोटो और वीडियो पर अशोभनीय टिप्पणियाँ की गईं और मानसिक रूप से अपमानित किया गया। आज तक मोबाइल वापस नहीं किया गया है।

पीड़ित परिवार का कहना है कि आगजनी के मुख्य अभियुक्त सुनील सिंह पर कार्रवाई करने के बजाय पुलिस ने उल्टा पीड़ित परिवार पर ही 151 की कार्रवाई कर दी, जिससे पूरा परिवार दहशत में है।

यह मामला अब केवल आपराधिक घटना तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली, महिलाओं की सुरक्षा और मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मुद्दा बन गया है। पीड़ित परिवार ने उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच, दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध एफआईआर, छीने गए मोबाइल की बरामदगी और परिवार को सुरक्षा देने की मांग की है।

अब देखने वाली बात यह होगी कि जिला प्रशासन और पुलिस के उच्च अधिकारी इस गंभीर मामले में क्या कार्रवाई करते हैं, या फिर पीड़ित परिवार को न्याय के लिए और लंबी लड़ाई लड़नी पड़ेगी।

देश में जल्द शुरू होने वाली नई योजना—‘जन सेवा फार्म’ से हर परिवार को मिलेगा काम व आर्थिक सहारा, योग्यता के आधार पर अवसर का दावा

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राजस्थान/दादू | विशेष रिपोर्ट

देश में बेरोजगारी, आर्थिक संकट और परिवारों की बढ़ती परेशानियों के बीच अब एक नई पहल की चर्चा पूरे प्रदेश में तेजी से फैल रही है। जानकारी के अनुसार “जन सेवा फार्म” नाम से एक नई योजना नए सत्र में लागू होने की तैयारी में है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि हर जरूरतमंद व्यक्ति को उसकी योग्यता और आवश्यकता के अनुसार काम और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

शिकायतकर्ता मोहन (उम्र 23), पिता सुखवीर सिंह, निवासी जिला राजस्थान, थाना दादू ने मीडिया के माध्यम से बताया कि यह योजना आम जनता के हित में बनाई जा रही है, जिसका उद्देश्य देश के प्रत्येक नागरिक को स्वावलंबी बनाना है, चाहे वह बेरोजगार हो, आर्थिक संकट में हो या किसी सामाजिक समस्या से जूझ रहा हो।

योजना में क्या होगा खास?

दावे के अनुसार इस योजना के तहत—

✔ जिसे जिस प्रकार का काम चाहिए, उसे उसी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा

✔ पैसों और समस्याओं का समाधान योग्यता और स्थिति अनुसार किया जाएगा

✔ परिवार की जिम्मेदारी और सहारा इस योजना के माध्यम से दिया जाएगा

✔ हर परिवार को सम्मान और खुद की पहचान (स्व-माल) प्राप्त होगी

✔ पूरा सिस्टम ‘जन सेवा फार्म’ के ऑनलाइन-ऑफलाइन नेटवर्क के जरिए संचालित होगा

मोहन का कहना है कि इस योजना को संपूर्ण देश के नागरिकों के लिए लागू करने की तैयारी चल रही है। दावा है कि जैसे ही नया सत्र शुरू होगा, योजना का औपचारिक रूप से शुभारंभ किया जाएगा।

क्यों जरूरी है ‘जन सेवा फार्म’ योजना?

देश में लाखों लोग बेरोजगारी, बीमारी, पारिवारिक तनाव, आर्थिक तंगी और सहारे की कमी से जूझ रहे हैं। कई परिवार ऐसे हैं जिन्हें सरकारी सहायता न मिलने और निजी संसाधनों की कमी के कारण जीवन कठिन हो गया है।
मोहन और उनकी टीम के अनुसार यह योजना ऐसे लोगों की रीढ़ बनेगी।

नेतृत्व स्तर तक पहुंचाने का प्रयास

मोहन ने बताया कि वह और उनकी टीम चाहते हैं कि यह सूचना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचे, ताकि इसे राष्ट्रीय स्तर पर शामिल किया जा सके और लोगों के हित में लागू किया जा सके।

जनता की उम्मीदें

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह योजना सच में शुरू होती है तो—

बेरोजगार युवाओं को रोजगार

गरीब परिवारों को आर्थिक सहारा

समाज में आत्मनिर्भरता

और परिवारों में बेहतर भविष्य की संभावनाएं बढ़ेंगी।

अंतिम रूप से

योजना पूरी तरह जनता और समाज के हित की दिशा में एक नया कदम बताई जा रही है। लोग इसे देश की सबसे बड़ी सामाजिक और रोजगार आधारित पहल मान रहे हैं।

नीचे दिए गए लिंक को ओपन करके अपनी जानकारी भरे
https://forms.gle/mtm1oSyUFiy972u89

जमीन के लालच में खून के रिश्ते तार-तार, रात के अंधेरे में हमला, घर तोड़ा, लूट का आरोप, अब भी मिल रही जान से मारने की धमकियां

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बौसी (बांका)।
जिले में जमीन विवाद ने सनसनीखेज रूप ले लिया है। बौसी थाना क्षेत्र में पुश्तैनी और खरीदी गई जमीन को लेकर खून के रिश्तों के बीच ऐसा टकराव हुआ कि मामला मारपीट, घर तोड़फोड़, लूट और जान से मारने की धमकी तक पहुंच गया। पीड़ित पक्ष ने थाने से लेकर न्यायालय तक गुहार लगाई है।

पीड़ित राजकुमार साह, पिता बाबू लाल साह, निवासी दलिया, थाना बौसी ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि उन्होंने खाता संख्या 79, खेसरा संख्या 43/17 में स्थित लगभग दो डिसमिल जमीन विधिवत खरीदी थी, जिस पर उनका मकान बना हुआ है और वे वर्षों से परिवार के साथ रह रहे हैं। आरोप है कि पारस साह के परिवार के कुछ सदस्यों ने जबरन उक्त मकान पर कब्जा कर लिया।

राजकुमार साह के अनुसार, जब उन्होंने मकान खाली करने को कहा तो पहले 10–20 दिनों में समझौते का आश्वासन दिया गया, लेकिन दो महीने बीत जाने के बाद भी कब्जा नहीं छोड़ा गया। 12 नवंबर की रात करीब 9:30 बजे जब वे घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में शीतला स्थान के पास आरोपियों ने उन्हें घेर लिया। गाली-गलौज करते हुए कहा गया कि मकान खाली नहीं किया जाएगा और अतिरिक्त पैसे की मांग की गई।

पीड़ित का आरोप है कि इसी दौरान लोहे की रॉड से जान मारने की नीयत से हमला किया गया। किसी तरह बचाव करने पर रॉड उनकी मोटरसाइकिल पर जा लगी, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। हंगामे के बीच जेब में रखे पांच हजार रुपये भी छीने जाने का आरोप लगाया गया। शोर सुनकर आसपास के लोग पहुंचे तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए।

मामले की जड़ केवल यहीं तक सीमित नहीं है। इसी परिवार से जुड़े एक अन्य पीड़ित कुंदन कुमार ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि 23 दिसंबर को दोपहर करीब 12 बजे उनके ही भाई छोटू कुमार, चंदन कुमार साह और उनके कई साथियों ने घर पर धावा बोल दिया। परिवार के सभी लोगों को एक कमरे में बंद कर दिया गया और घर का सारा सामान तोड़फोड़ कर उठा ले गए। खिड़की और दरवाजे तक उखाड़ दिए गए।

कुंदन कुमार का आरोप है कि पुश्तैनी जमीन में से दो डिसमिल जमीन बिना बंटवारे के बेच दी गई, जिसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई थी। जब उन्होंने घर और जमीन खाली करने से इनकार किया तो विवाद बढ़ गया। अपनी जमीन और घर बचाने के लिए उन्होंने न्यायालय की शरण ली, लेकिन इसके बाद दबाव और धमकियां और तेज हो गईं। आरोप है कि उनका घर तक तोड़ दिया गया, जिससे उन्हें बच्चों समेत दूसरी जगह रहने को मजबूर होना पड़ा।

सबसे गंभीर बात यह है कि अब भी कुंदन कुमार और उनके परिवार को लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि धमकियों के कारण वे भय के साए में जीने को मजबूर हैं और किसी बड़ी अनहोनी की आशंका बनी हुई है।

इधर, पीड़ित पक्ष ने न्यायालय में भी दावा किया है कि जिस जमीन की बिक्री दिखाई जा रही है, वह विक्रेता की नहीं थी। कथित बिक्री विलेख को अवैध, शून्य और अधिकारविहीन बताते हुए स्वामित्व की घोषणा और अस्थायी निषेधाज्ञा की मांग की गई है। मामला न्यायालय में लंबित बताया जा रहा है।

पूरे घटनाक्रम से इलाके में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन के लालच में रिश्तों की सारी मर्यादाएं टूट रही हैं। फिलहाल पुलिस आवेदन के आधार पर मामले की जांच में जुटी है और पीड़ित परिवार सुरक्षा की मांग कर रहा है।

आंखों में चश्मा, बालों में तेल, 6 साल में कितना बदल गईं दया भाभी, सामने आया वीडियो तो सादगी निहारने लगे लोग

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‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ आज भी लोगों का फेवरेट शो है। इस शो की सबसे चहेती एक्ट्रेस दिशा वकानी रही हैं, जो दया भाभी का रोल निभाया करती थीं। दिशा सालों पहले ही शो से दूर हो गईं, अब वो क्या करती हैं और कैसी दिखती हैं, चलिए आपको दिखाते हैं।मनोरंजनटीवीआंखों में चश्मा, बालों में तेल, 6 साल में कितना बदल गईं दया भाभी, सामने आया वीडियो तो सादगी निहारने लगे लोग
आंखों में चश्मा, बालों में तेल, 6 साल में कितना बदल गईं दया भाभी, सामने आया वीडियो तो सादगी निहारने लगे लोग
‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ आज भी लोगों का फेवरेट शो है। इस शो की सबसे चहेती एक्ट्रेस दिशा वकानी रही हैं, जो दया भाभी का रोल निभाया करती थीं। दिशा सालों पहले ही शो से दूर हो गईं, अब वो क्या करती हैं और कैसी दिखती हैं, चलिए आपको दिखाते हैं।

बच्ची के साथ दिशा वकानी।
‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ सालों से लोगों का मनोरंजन करता आ रहा है। इस शो के हर किरदार ने घर-घर में अपनी जगह बना ली है। दर्शकों को ये किरदार अब परिवार के सदस्यों जैसे ही लगते हैं। इन किरदारों में सबसे ज्यादा पसंदीदा किरदार सालों से दया भाभी का रहा है। सालों पहले ही शो से खत्म हुआ ये किरदार आज भी लोगों की यादों में ताजा है और लोग इस किरदार की वापसी की उम्मीद कर रहे हैं। इस किरदार को पर्दे पर जीवित करने वाली अदाकार कोई और नहीं बल्कि दिशा वकानी हैं। दिशा ने इस किरदार को पूरी तरह जिया और बेहद शिद्दत से इस किरदार में ढल गईं। उनकी एक्टिंग के लोग कायल हो गए और शो से उनका एग्जिट बर्दाश्त नहीं कर पाए।

दिशा वकानी का सादगी भरा अंदाज
टीवी के पर्दे से वो सालों से गायब है। 6 साल में एक बार भी वो शो में नजर नहीं आईं। सालों से गायब एक्ट्रेस कभी-कभार ही स्पॉट की जाती हैं और हाल ही में उनके एक फैन ने उन्हें स्पॉट किया। फैन से मुलाकात के इस वीडियो को सोशल मीडिया पर जैसे ही पोस्ट किया गया, ये वायरल हो गया। वीडियो में दिशा वकानी एक बच्ची संग तस्वीर क्लिक कराती नजर आ रही हैं। उन्होंने गुलाबी फ्लोरल सूट कैरी किया है। आंखों में चश्मा, हालों में तेल, बेहद सादगी भरे अंदाज में दिशा नजर आ रह हैं। वो छोटी बच्ची से बातें करती हैं और फिर उसके साथ तस्वीर लेकर प्रणाम करती है। इस दौरान उनके चेहरे पर बड़ी मुस्कान देखने को मिल रही है।
लोगों का रिएक्शन
सामने आए इस वीडियो को देखने के बाद लोग उत्साहित हो गए हैं और वीडियो पर अपनी फीलिंग्स साझा कर रहे हैं। एक शख्स ने लिखा, ‘दया भाभी रियल लाइफ में कितनी सिंपल और प्यारी हैं।’ एक अन्य शख्स ने लिखा, ‘कितने दिनों बाद वो दिखी हैं, उनके चेहरे पर कितनी शांति और खुशी दिख रही है।’ कई लोग फिर पूछते नजर आए कि आप वापसी कब कर रहे हो। कई लोग गुजारिश भी करते दिखे। एक शख्स ने लिखा, ‘आप वापस आ जाओ न प्लीज’

अब ऐसी लाइफ जीती हैं दिशा वकानी
बता दें, दिशा वकानी ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ से कई सालों से दूर हैं। उन्होंने बेटी के जन्म के बाद शो से दूरी बना ली थी। कहा जा रहा था कि वो जल्द वापसी करेंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कोविड से पहले उनकी वापसी की चर्चा थी, लेकिन फिर वो दोबारा प्रेग्नेंट हो गई और शो से दूरी बरकरार रही। आखिर में उन्होंने साफ कर दिया कि वो शो में वापसी नहीं कर रही हैं। इसके बावजूद फैंस उनका इंतजार करते हैं। दिशा सोशल मीडिया से भी दूर हैं और पूरी तरह सिंपल लाइफ जीती हैं। वो अपना पूरा वक्त अपने बच्चों और पति को दे रही हैं।

गरीबी के बावजूद आस्था अडिग रामसागर गांव में राम मंदिर निर्माण का संकल्प, नवीन यादव ने उठाई जिम्मेदारी

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बांका (बिहार):
बांका जिले के बनवापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत रामसागर गांव में रहने वाले नवीन यादव (पिता गणेश यादव) ने अपने गांव में राम मंदिर निर्माण का संकल्प लेकर पूरे इलाके में चर्चा शुरू कर दी है। आर्थिक तंगी के बावजूद उनकी आस्था और संकल्प अडिग है।
नवीन यादव ने मीडिया के माध्यम से बताया कि उन्होंने मंदिर निर्माण के लिए स्कैनर (QR कोड) भी उपलब्ध कराया है, ताकि श्रद्धालु अपनी क्षमता अनुसार सहयोग कर सकें और राम मंदिर का निर्माण जल्द से जल्द पूरा हो सके।
उन्होंने कहा कि उनके गांव का नाम ही रामसागर है, ऐसे में यहां राम मंदिर का होना स्वाभाविक और आवश्यक है। हर व्यक्ति के लिए राम मंदिर जाकर दर्शन करना संभव नहीं होता, क्योंकि सभी के पास पर्याप्त साधन नहीं होते। ऐसे में यदि गांव में ही राम मंदिर बने, तो दूर-दराज के लोग भी यहीं आकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर सकेंगे।
नवीन यादव ने यह भी बताया कि उन्होंने बिहार के प्रसिद्ध लोक कलाकार खेसारी लाल यादव छापर के रहने वाले है उनके ऊपर आरोप लगाया था कि तुम अधमुल्ला हो दिनेश लाल यादव ने ऐसा बोला इसी वजह से नवीन यादव के मन में बहुत दुख हो गया और उन्होंने थाना है कि वह बिहार में राम मंदिर बनकर रहेंगे रामसागर गांव में उन्होंने कहा कि मैं कुछ भी करके राम मंदिर बनकर रहूंगा। कोई मेरी मदद करें या ना करें. उन्होंने बताया कि मेरे पास 16 बीघा जमीन है वह कह रहे हैं कि इस जमीन पर बनाना पड़ा तो मैं उसे पर भी राम मंदिर बनवाऊंगा।

से भी सहयोग की अपील की है। वे उनके बड़े प्रशंसक हैं और उम्मीद करते हैं कि उनका मार्गदर्शन और सहयोग इस पुण्य कार्य को गति देगा।
नवीन यादव का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी भी प्रकार का प्रचार नहीं, बल्कि एक जनकल्याणकारी और धार्मिक कार्य को पूरा करना है। वे चाहते हैं कि जीते-जी ऐसा कार्य कर जाएं जिससे पूरे गांव को पहचान मिले और आने वाली पीढ़ियों को धार्मिक संस्कार प्राप्त हों।
उनका पूरा परिवार भी धार्मिक प्रवृत्ति का है। पत्नी सरिता देवी काली मां की भक्त हैं। परिवार में बड़े बेटे ऋषि कुमार यादव (22 वर्ष), छोटे बेटे अमित कुमार (18 वर्ष) और बेटी कल्याणी कुमारी हैं। इसके अलावा परिवार के अन्य सदस्य भी इस पहल में नैतिक समर्थन दे रहे हैं।
गांव रामसागर में नवीन यादव की इस पहल को लेकर सकारात्मक माहौल है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि समाज, जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु आगे आएं, तो यह सपना जरूर साकार होगा। अब देखना यह है कि मीडिया के माध्यम से उठी यह आवाज कितनी दूर तक पहुंचती है और कितने लोग इस पुण्य कार्य में सहयोग के लिए आगे आते हैं।

इमरान मसूद ने कहा- “प्रियंका गांधी को PM बनाइए, फिर देखिए बांग्लादेश को कैसा मिलता है जवाब”, बवाल बढ़ा तो दी सफाई

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इमरान मसूद ने प्रियंका गांधी को प्रधानमंत्री बनाने वाला बयान दिया। इस पर सवाल ये उठा कि क्या कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी से आगे प्रियंका को प्रोजेक्ट करने की कोशिश कर रही है?बांग्लादेश में जारी उथल-पुथल और वहां हिंदुओं की स्थिति को लेकर भारत में राजनीति चरम पर है। इसी बीच, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रियंका गांधी को प्रधानमंत्री बनाने की वकालत कर एक नई बहस छेड़ दी है। मसूद का यह बयान उस वक्त आया जब बीजेपी ने प्रियंका गांधी पर निशाना साधते हुए कहा था कि वे केवल गाजा के मुद्दों पर बोलती हैं और बांग्लादेशी हिंदुओं की अनदेखी करती हैं।

बीजेपी के आरोपों पर पलटवार करते हुए इमरान मसूद ने कहा, “प्रियंका गांधी में प्रधानमंत्री बनने की पूरी काबिलियत है। उन्हें एक बार देश की कमान सौंपकर देखिए, वह इंदिरा गांधी की पोती हैं। वह बांग्लादेश को ऐसा जवाब देंगी कि दुनिया देखती रह जाएगी।”

राहुल बनाम प्रियंका? बयान पर सफाई
जैसे ही यह बयान वायरल हुआ, राजनीतिक हलकों में यह सवाल उठने लगा कि क्या कांग्रेस अब राहुल गांधी के बजाय प्रियंका गांधी को आगे कर रही है? विवाद बढ़ता देख इमरान मसूद को तुरंत सफाई देने सामने आना पड़ा। इमरान मसूद ने कहा, “मेरी बात का गलत मतलब निकाला जा रहा है। मैंने सिर्फ प्रियंका जी की काबिलियत की तारीफ की थी। राहुल गांधी हमारे सर्वमान्य नेता हैं और प्रियंका गांधी के नेता भी वही हैं। इसे राहुल बनाम प्रियंका के रूप में देखना गलत है।”
रॉबर्ट वाड्रा ने भी दिया बयान
इस पूरे घटनाक्रम के बीच प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा का भी एक दिलचस्प बयान सामने आया है। वाड्रा ने कहा कि कांग्रेस के भीतर बड़ी संख्या में लोग चाहते हैं कि प्रियंका आगे आएं और नेतृत्व संभालें। साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ दिया कि लोग उन्हें भी राजनीति में आने के लिए कह रहे हैं। हालांकि, उन्होंने वर्तमान में असली मुद्दों पर ध्यान देने की बात कही

वैभव सूर्यवंशी ने ध्वस्त कर दिया एबी डिविलियर्स का बड़ा कीर्तिमान, 10 साल बाद टूटा ये रिकॉर्ड

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वैभव सूर्यवंशी ने ऐसी धमाकेदार बल्लेबाजी की कि दस साल पहले बनाया गया एबी डिविलियर्स का रिकॉर्ड चकनाचूर हो गया। हालांकि वे अपने दोहरे शतक से केवल 10 रन से चूक गए।
भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी जब अपनी लय में होते हैं तो कोई भी गेंदबाज उनके सामने टिक नहीं पाता। उनकी कोशिश होती है कि वे हर बॉल को बाउंड्री के बाहर भेजें। कई बार वे इसमें कामयाब होते हैं और कई बार असफल भी हो जाते हैं। अब विजय हजारे ट्रॉफी में वैभव सूर्यवंशी ने बड़ा कीर्तिमान बना दिया है। विजय हजारे ट्रॉफी वनडे फॉर्मेट पर होता है, इसलिए इसे लिस्ट ए क्रिकेट में गिना जाता है। इस बीच वैभव ने साउथ अफ्रीका के दिग्गज बल्लेबाज एबी डिवि​लियर्स का करीब 10 साल पुराना कीर्तिमान चकनाचूर कर दिया है।

वैभव ने केवल 36 बॉल पर ठोक दिया शतक विजय हजारे ट्रॉफी का आगाज हो चुका है। इसमें पहले दिन कई मुकाबले हैं, लेकिन यहां हम बात कर रहे हैं वैभव सूर्यवंशी की, जो इस टूर्नामेंट में बिहार के लिए खेल रहे हैं। बिहार और अरुणाचल प्रदेश की टीमें आमने सामने हैं। इस मैच में बिहार ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। मैच शुरू होते ही वैभव सूर्यवंशी मैदान पर उतरे और धमाकेदार बल्लेबाजी शुरू कर दी। पहले उन्होंने अपना अर्धशतक पूरा किया और इसके बाद शतक भी बनाने में कामयाब हो गए। वैभव सूर्यवंशी ने केवल 36 बॉल पर शतक लगाकर तहलका सा मचा दिया। इसके बाद वे रुके नहीं और अपने दोहरे शतक की ओर बढ़ गए।

ध्वस्त कर दिया एबी डिविलियर्स का लिस्ट ए का दस साल पुराना कीर्तिमान
​वैभव सूर्यवंशी अपना दोहरा शतक तो पूरा नहीं कर पाए, वे इससे केवल 10 रन से चूक गए। वैभव ने केवल 84 बॉल पर 190 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा कर दिया। इस दौरान उन्होंने 15 छक्के और 16 चौके लगाने का काम किया। भले ही वैभव डबल सेंचुरी पूरी ना कर पाए हों, लेकिन उन्होंने 150 रन बनाकर कमाल कर दिया। वैभव अब लिस्ट ए ​क्रिकेट में सबसे तेज डेढ़ सौ रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने एबी डि​विलियर्स का करीब 10 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया। डिविलियर्स ने ये रिकॉर्ड वनडे इंटरनेशनल मैच में बनाया था, वहीं वैभव का विजय हजारे में ये काम किया है, लेकिन दोनों की गिनती लिस्ट ए क्रिकेट में होती है।

एबी डिविलियर्स और जॉस बटलर एक साथ छूटे पीछेए​बी डिविलियर्स ने साल 2015 में वेस्टइंडीज के खिलाफ केवल 64 बॉल पर 150 रन ठोक दिए थे। वहीं इसके बाद साल 2022 में इंग्लैंड के जॉस बटलर ने नीदरलैंड्स के खिलाफ 65 बॉल पर डेढ़ सौ रन बनाए थे, लेकिन अब दोनों बल्लेबाज वैभव से पीछे हो गए हैं। वैभव सूर्यवंशी ने केवल 59 बॉल पर ही अपने 150 रन पूरे करने में कामयाबी हासिल कर ली। वैभव ने अपनी पारी के दौरान जो 190 रन बनाए हैं, उसमें से 154 रन तो केवल चौके और छक्कों से ही बना लिए। बाकी के लिए उन्होंने सिंगल और डबल में दौड़ लगाई।

लिस्ट ए क्रिकेट में सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी बने
इतना ही नहीं वैभव सूर्यवंशी लिस्ट ए क्रिकेट में सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाले बल्लेबाज भी बन गए हैं। आज यानी 24 दिसंबर 2025 को जब वैभव ने ये शतक लगाया तो उनकी उम्र 14 साल और 272 दिन की है। इससे पहले साल 1986 में रेलवे के खिलाफ जहूर इलाही ने 15 साल और 209 दिन की उम्र में लिस्ट ए क्रिकेट में शतक लगाया था। लेकिन अब सबसे कम उम्र में लिस्ट ए शतक लगाने वाले बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी बन गए हैं।

औरंगाबाद से मजदूरी कर लौट रहे युवक रहस्यमय ढंग से लापता, तीन बच्चों की मां मीडिया से लगा रही गुहार

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औरंगाबाद (बिहार) | विशेष रिपोर्ट

बिहार के औरंगाबाद जिले के उपहारा थाना क्षेत्र अंतर्गत डहरुबिघा गांव से एक युवक के लापता होने का मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में चिंता और बेचैनी बढ़ा दी है। 33 वर्षीय सिद्धनाथ कुमार बीते 18 दिसंबर 2025 की रात रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए। परिजन लगातार खोजबीन कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा है।

लापता युवक की पहचान सिद्धनाथ कुमार के रूप में हुई है। उनकी लंबाई करीब 5 फीट 5 इंच, रंग सांवला है। वे स्वर्गीय गोवर्धन यादव के पुत्र हैं और ग्राम डहरुबिघा, पोस्ट तुर्क तेलपा, थाना उपहारा, जिला औरंगाबाद (बिहार), पिन कोड 824203 के निवासी हैं।

पत्नी लीला देवी ने बताया कि सिद्धनाथ कुमार रोजाना मजदूरी करने के बाद शाम 8 से 9 बजे के बीच घर लौट आते थे। लेकिन 18 दिसंबर की रात वे देर तक घर नहीं आए। पहले तो परिवार ने सोचा कि काम में देरी हो गई होगी, लेकिन जब रात गहराने लगी और उनका कोई पता नहीं चला, तो चिंता बढ़ गई।

लीला देवी ने बताया कि उन्होंने आसपास के गांवों, रिश्तेदारों और उन सभी जगहों पर जाकर पूछताछ की, जहां सिद्धनाथ काम करने जाते थे, लेकिन कहीं से भी कोई जानकारी नहीं मिल सकी। मोबाइल फोन भी बंद आ रहा है। परिजनों का कहना है कि सिद्धनाथ की मानसिक स्थिति पूरी तरह सामान्य है और उनके अचानक गायब होने की कोई ठोस वजह समझ में नहीं आ रही।

परिवार की हालत बेहद दयनीय हो चुकी है। सिद्धनाथ कुमार के तीन छोटे बच्चे हैं, जो लगातार अपनी मां से पिता के बारे में पूछ रहे हैं। पति के लापता होने के बाद से लीला देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। गरीब परिवार होने के कारण हर जगह जाकर खोजबीन करना उनके लिए संभव नहीं हो पा रहा है। ऊपर से बच्चों की जिम्मेदारी भी पूरी तरह उनके कंधों पर आ गई है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है।

परिवार ने स्थानीय स्तर पर खोजबीन के साथ-साथ प्रशासन को भी जानकारी दी है, लेकिन अब तक कोई ठोस सफलता नहीं मिली है। मजबूर होकर अब पत्नी लीला देवी और परिजनों ने मीडिया के माध्यम से आम लोगों से मदद की अपील की है।

परिजनों ने घोषणा की है कि यदि किसी व्यक्ति को सिद्धनाथ कुमार कहीं भी दिखाई दें या उनके बारे में कोई भी जानकारी मिले, तो तुरंत नीचे दिए गए नंबरों पर संपर्क करें। सही जानकारी देने वाले व्यक्ति को 10 हजार रुपये का नकद इनाम दिया जाएगा।

संपर्क नंबर:
8579001374
9204596651
9905899238

यह मामला न सिर्फ एक व्यक्ति के लापता होने का है, बल्कि एक गरीब परिवार के टूटते सहारे की कहानी भी है। परिजन उम्मीद लगाए बैठे हैं कि किसी की एक छोटी-सी सूचना उनके घर की उजड़ी खुशियों को वापस ला सकती है

महोबा से सनसनीखेज मामला | विकलांग दंपती के आवास पर कब्जे का आरोप, दीवार विवाद में मारपीट—थाने से भी मिली फटकार

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महोबा | विशेष रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के बरायन थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम ऐन्चना से एक गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां सरकारी आवास योजना के तहत घर बना रहे एक विकलांग व्यक्ति और उसकी पत्नी को पड़ोसी द्वारा प्रताड़ित किए जाने का आरोप है। पीड़ित परिवार का कहना है कि उनकी पुश्तैनी जमीन पर अवैध रूप से दीवार खड़ी कर दी गई और विरोध करने पर मारपीट की गई, जबकि पुलिस से शिकायत करने पर उल्टा उन्हें ही डांट-फटकार कर भगा दिया गया।

पीड़िता चिन्जी ने बताया कि उनके पति रामा शारीरिक रूप से विकलांग हैं। परिवार का नाम प्रधानमंत्री/राज्य आवास योजना में स्वीकृत हुआ था, जिसके बाद वे अपने पुश्तैनी घर की जमीन पर निर्माण कार्य शुरू कर रहे थे। यह वही जमीन है, जहां उनका परिवार पिछले 25 से 30 वर्षों से निवास करता आ रहा है।

शिकायत के अनुसार, पड़ोसी राकेश शर्मा, पिता तुलसीदास, ने पहले ही अपने घर की दीवार पीड़ितों की जमीन में एक से दो फुट अंदर तक बना ली थी। जब काशी कुमार और उनकी पत्नी ने घर का निर्माण शुरू किया और दीवार को सीधा करने की बात कही, तो आरोपी ने साफ इनकार कर दिया। पीड़ितों का कहना है कि विपक्षी ने कहा कि “अब दीवार डाल दी गई है, अब कुछ नहीं हो सकता, हम दीवार सीधी नहीं करेंगे।”

पीड़िता का आरोप है कि जब इस अवैध निर्माण का विरोध किया गया तो आरोपी राकेश शर्मा ने झगड़ा किया और मारपीट पर उतर आया। इससे पीड़ित परिवार भय और तनाव में आ गया, खासकर तब जब घर का मुखिया विकलांग हो और परिवार पूरी तरह उसी सरकारी योजना के सहारे अपने सिर पर छत बनाने की उम्मीद लगाए बैठा हो।

न्याय की आस में काशी कुमार जब थाने पहुंचे और लिखित शिकायत देकर एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश की, तो उन्हें वहां से न्याय मिलने के बजाय अपमान झेलना पड़ा। पीड़ितों का आरोप है कि पुलिस ने उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें ही डांट-फटकार कर भगा दिया और कोई कार्रवाई नहीं की गई।

पीड़ित परिवार का कहना है कि वे गरीब और असहाय हैं। विकलांग होने के कारण काशी कुमार पहले ही जीवन की कई चुनौतियों से जूझ रहे हैं और अब पड़ोसी के कब्जे और प्रशासनिक अनदेखी ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। दंपती ने प्रशासन से मांग की है कि जमीन की निष्पक्ष पैमाइश कराई जाए, अवैध दीवार हटाई जाए और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि उन्हें अपने ही घर में सम्मान और सुरक्षा के साथ रहने का अधिकार मिल सके।