Monday, July 13, 2026
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PM मोदी ने राष्ट्रपति मुर्मू से की मुलाकात, सामने आईं तस्वीरें

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राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पीएम मोदी की मुलाकात हुई है। तस्वीरों में पीएम मोदी, राष्ट्रपति मुर्मू को Bouquet देते हुए नजर आए। नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज (शुक्रवार को) राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इसकी जानकारी राष्ट्रपति भवन ने दी है। राष्ट्रपति भवन के आधिकारिक एक्स हैंडल ने दोनों की तस्वीरें भी शेयर की हैं, जिसमें पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू एक साथ बैठे दिख रहे हैं। हालांकि, ये जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है कि राष्ट्रपति मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी की इस मुलाकात का उद्देश्य क्या था।
राष्ट्रपति मुर्मू से पीएम मोदी की शिष्टाचार भेंट
राष्ट्रपति भवन की तरफ से साझा की गई तस्वीरों में से एक में पीएम मोदी, राष्ट्रपति मुर्मू को Bouquet देते दिख रहे हैं। दूसरी तस्वीर में दोनों आपस में बात करते वक्त मुस्कुराते हुए नजर आ रहे हैं, जिससे साफ पता लगता है कि मुलाकात गर्मजोशी भी रही।
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PM मोदी ने राष्ट्रपति मुर्मू से की मुलाकात, सामने आईं तस्वीरें
राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पीएम मोदी की मुलाकात हुई है। तस्वीरों में पीएम मोदी, राष्ट्रपति मुर्मू को Bouquet देते हुए नजर आए।
राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात हुई।
नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज (शुक्रवार को) राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इसकी जानकारी राष्ट्रपति भवन ने दी है। राष्ट्रपति भवन के आधिकारिक एक्स हैंडल ने दोनों की तस्वीरें भी शेयर की हैं, जिसमें पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू एक साथ बैठे दिख रहे हैं। हालांकि, ये जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है कि राष्ट्रपति मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी की इस मुलाकात का उद्देश्य क्या था।

राष्ट्रपति मुर्मू से पीएम मोदी की शिष्टाचार भेंट
राष्ट्रपति भवन की तरफ से साझा की गई तस्वीरों में से एक में पीएम मोदी, राष्ट्रपति मुर्मू को Bouquet देते दिख रहे हैं। दूसरी तस्वीर में दोनों आपस में बात करते वक्त मुस्कुराते हुए नजर आ रहे हैं, जिससे साफ पता लगता है कि मुलाकात गर्मजोशी भी रही।

राष्ट्रपति ने आज ही दिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार
जान लें कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज ही नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में वीरता, सामाजिक सेवा, खेल, पर्यावरण, कला एवं संस्कृति और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के सेक्टर्स में असाधारण उपलब्धियां हासिल करने वाले 20 बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार पाने वाले बच्चों को बधाई दी।
पुरस्कार से देशभर के बच्चों को मिलेगी प्रेरणा
राष्ट्रपति ने कहा कि पुरस्कार विजेता बच्चों ने अपनी फैमिली, समुदायों और पूरे देश को गौरवान्वित किया है। उम्मीद है कि प्रोत्साहित किए जाने के उद्देश्य से दिए जाने वाले यह पुरस्कार देशभर के सभी बच्चों को प्रेरण देंगे।
राष्ट्रपति ने समझाया वीर बाल दिवस का महत्व
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, ‘किसी देश की महानता तभी तय होती है जब उसके बच्चे देशभक्ति और उच्च आदर्शों से भरे हों। वीर बाल दिवस के महत्व के बारे में उन्होंने कहा कि करीब 320 साल पहले, सिखों के 10वें गुरु, गुरु गोविंद सिंह जी और उनके चार पुत्रों ने सच और इंसाफ के समर्थन में लड़ते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया था।

नवाबगंज थाने में उलझी रॉयल एनफील्ड की गुत्थी, मालिक FIR के लिए भटकता रहा, थाने में खड़ी बाइक को बताया गया लावारिस

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प्रयागराज | नवाबगंज

प्रयागराज के थाना नवाबगंज से जुड़ा एक गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक रॉयल एनफील्ड बुलेट की चोरी, बरामदगी और स्वामित्व को लेकर पुलिस की भूमिका पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। मामला यह है कि एक ओर वाहन का पंजीकृत मालिक पुलिस आयुक्त से चोरी की FIR दर्ज कराने की गुहार लगा रहा है, तो दूसरी ओर उसी नंबर की बाइक थाना परिसर में संदिग्ध हालत में खड़ी बताई जा रही है, जिसे पुलिस लावारिस और चोरी की बताकर लौटाने से इंकार कर रही है।

माधवपुर चंदन उर्फ घाटमपुर, थाना नवाबगंज निवासी दिनेश पाल पुत्र शिवप्रसाद ने पुलिस आयुक्त प्रयागराज को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह रॉयल एनफील्ड बाइक संख्या UP 70 HN 9688 का पंजीकृत मालिक है। बाइक का इंजन नंबर J3A5FDS2045474 और चेसिस नंबर ME3J3C5FDS2018054 है। दिनेश पाल के अनुसार उनके भाई मुकेश पाल 28 जुलाई 2025 को कुरेसर रोड कौडियार बाजार सब्जी लेने गए थे। बाजार में सड़क किनारे बाइक खड़ी कर सब्जी लेने गए और लौटने पर बाइक वहां से गायब मिली। काफी खोजबीन के बाद भी बाइक नहीं मिली, जिसकी सूचना थाने को दी गई, लेकिन तीन महीने बीत जाने के बावजूद पुलिस ने चोरी का मुकदमा तक दर्ज नहीं किया

इसी बीच थाना नवाबगंज द्वारा माननीय ACJM कोर्ट नंबर–7, प्रयागराज को भेजी गई रिपोर्ट ने पूरे मामले को और उलझा दिया। रिपोर्ट में कहा गया है कि वाहन संख्या UP 70 HN 9688 का मिलान करने पर उक्त नंबर की कोई बाइक थाना परिसर में मौजूद नहीं पाई गई। हालांकि थाना परिसर में रॉयल एनफील्ड बाइक खड़ी है, लेकिन उस पर नंबर प्लेट नहीं है और इंजन व चेसिस नंबर खुरचे हुए हैं, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि यह वही बाइक है या नहीं। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि थाना परिसर में दो रॉयल एनफील्ड बुलेट खड़ी हैं, जिनमें से एक पर UP 70 FW 4621 नंबर अंकित है, जबकि दूसरी पूरी तरह बिना नंबर की है।

इस पूरे घटनाक्रम में दिनेश पाल ने बताया कि है कि जिस बाइक को लावारिस बताया है, उसके सभी वैध कागजात उनके पास मौजूद हैं, जिन्हें पुलिस को दिखाया भी गया। इसके बावजूद पुलिस यह कहकर बाइक नहीं दे रही कि “गाड़ी तुम्हारी नहीं है” और “यह चोरी की बाइक है।” दिनेश पाल का सवाल है कि अगर बाइक चोरी की है, तो उससे संबंधित FIR या शिकायत क्यों नहीं दिखाई जा रही।
11 अगस्त 2025 को बाइक को लावारिस घोषित कर दिया गया, जबकि पहले उस पर नंबर प्लेट मौजूद थी। अब न नंबर प्लेट है और न ही इंजन–चेसिस नंबर स्पष्ट हैं। पीड़ित पक्ष का कहना है कि लगातार थाने के चक्कर लगाने के बावजूद न तो बाइक मिल रही है और न ही कोई ठोस जवाब।

पूरा मामला अब पुलिस की कार्यप्रणाली, रिकॉर्ड मिलान और थाने में रखी गई संदिग्ध गाड़ियों की निगरानी पर सवाल खड़े कर रहा है। एक तरफ पंजीकृत मालिक FIR के लिए दर-दर भटक रहा है, तो दूसरी तरफ थाना परिसर में खड़ी बाइक को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। पीड़ितों ने मीडिया के माध्यम से उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आए और उन्हें न्याय मिल सके।

 

सलमान खान के वे डायलॉग जिसने लोगों के दिलों पर किया राज, आज भी सोशल मीडिया पर रहते हैं वायरल

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सलमान खान 60 साल के हो गए हैं और सोशल मीडिया पर उन्हें बधाई मिल रही है। आज हम जानते हैं सलमान खान के वो 5 डायलॉग जो आज भी लोगों के दिलों पर राज करते हैं।सलमान खान बॉलीवुड के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में से एक हैं और आज अपना 60वां जन्मदिन मना रहे हैं। बीती रात से ही सलमान के पनवेल फॉर्महाउस पर धमाकेदार पार्टी चल रही है और फिल्मी दुनिया के सितारों ने भी इसमें शिरकत की है। इसी बीच सलमान के फैन्स ने भी सोशल मीडिया पर उनकी फिल्मों को याद कर जन्मदिन की बधाई दी है। ऐसे में सलमान के ऐसे 10 डायलॉग्स जानते हैं जिन्होंने लोगों के दिलों पर राज किया है और आज भी वायरल रहते हैं।

मैं रिक्वेस्ट नहीं करता…
साल 2003 में सलमान खान की फिल्म ‘तेरे नाम’ रिलीज हुई थी और सुपरहिट हो गई थी। इस फिल्म में सलमान खान ने राधे मोहन नाम के लड़के का किरदार निभाया था जो कॉलेज में पढ़ता है और दबंग है। इसी दौरान राधे को निरझरा नाम की लड़की से प्यार हो जाता है। इसके बाद राधे मोहन की जिंदगी बिल्कुल बदल जाती है और प्यार में टूटने के बाद पागलखाने तक पहुंच जाता है। इस फिल्म का एक डायलॉग है जो 23 साल बाद भी लोगों के दिलों में बसा हुआ है। वो है- ‘मैं रिक्वेस्ट नहीं करता… बस एक ही बार बोलता हूं और वो फाइनल होता है।’

दोस्ती का उसूल… नो सॉरी नो थैंक्यू…
सलमान खान ने 90 के दशक में आई अपनी एक फिल्म में एक ऐसा डायलॉग बोला था जो आज भी अमर है। इस डायलॉग में सलमान खान ने कहा था कि ‘दोस्ती का एक उसूल है भाई… दोस्ती में नो सॉरी नो थैंक्यू’। दरअसल ये फिल्म सलमान खान को स्टार बनाने वाली फिल्म मैंने प्यार किया का है। ये सलमान खान के करियर की दूसरी फिल्म थी और इसी ने ही उन्हें रोमांटिक स्टार बनाया था।

एक बार जो मैंने कमिटमेंट कर दी…
सलमान खान की एक फिल्म है जो लोगों के दिलों में बसी है। इसी फिल्म ने उन्हें बॉलीवुड का दबंग खान बनने का रास्ता दिखाया। नाम है वॉन्टेड और इस फिल्म में सलमान खान ने एक अंडरकवर पुलिस ऑफिसर का किरदार निभाया था जो गुंडों के बीच रहकर उनका सफाया करता है। साल 2009 में रिलीज हुई इसी फिल्म में सलमान खान ने एक डायलॉग बोला था जो आज भी लोगों के दिलों में बसा हुआ है और उनकी पहचान बन गया है। ये डायलॉग है- ‘एक बार मैंने जो कमिटमेंट कर दी फिर मैं खुद की भी नहीं सुनता।’
मुझ पर एक एहसान करना…
साल 2011 में रिलीज हुई सलमान खान की सुपरहिट फिल्म बॉडीगार्ड का भी एक डायलॉग खूब फेमस रहा है। इस फिल्म में सलमान खान ने बोला था कि ‘मुझपर एक एहसान करना कि मुझपर कोई एहसान मत करना’। इस फिल्म में सलमान खान के साथ करीना कपूर और हेजल कीच अहम किरदारों में नजर आई थीं। ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही थी और इस फिल्म में सलमान के किरदार लवली सिंह को भी खूब प्यार मिला था।

मैं दिल में आता हूं समझ में नहीं…
सलमान खान की फिल्म किक साल 2014 में रिलीज हुई थी और सुपरहिट रही थी। इस फिल्म में सलमान ने देवीलाल सिंह यानी डेविल का किरदार निभाया था जो लोगों को खूब पसंद आया था। इसी फिल्म का डायलॉग है -‘मैं दिल में आता हूं समझ में नहीं’, जो लोगों के दिलों में बस गया था। आज भी ये डायलॉग सोशल मीडिया पर राज करता है।

पीएम मोदी ने ‘Gen Z’ को लेकर दिया बड़ा बयान, वीर बाल दिवस पर 4 साहिबजादों को किया याद

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि दसवें सिख गुरु, गुरु गोबिंद सिंह के साहिबजादों का सर्वोच्च बलिदान क्रूर मुगल शासन के खिलाफ भारत के अदम्य साहस, शौर्य और वीरता की सर्वोच्च अभिव्यक्ति है। वीर बाल दिवस के मौके पर साहिबजादे बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह की शहादत की याद में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश उन वीर सपूतों को याद कर रहा है जो भारत के अदम्य साहस, वीरता और शौर्य के शिखर का प्रतिनिधित्व करते हैं। पीएम मोदी ने इस मौके पर ‘Gen Z’ और ‘जेन अल्फा’ को लेकर भी बड़ा बयान दिया।
‘वीर साहिबजादों ने उम्र और अवस्था की सीमाओं को तोड़ दिया’
पीएम मोदी ने कहा, ‘आज हम अपने राष्ट्र के गौरव, वीर साहिबजादों को याद करते हैं। वे भारत के अदम्य साहस और शौर्य के सर्वोच्च आदर्शों के प्रतीक हैं। उन वीर साहिबजादों ने उम्र और अवस्था की सीमाओं को तोड़ दिया। वे क्रूर मुगल शासन के खिलाफ चट्टान की तरह ऐसे खड़े रहे कि मजहबी कट्टरता और आतंक का वजूद ही हिल गया। जिस राष्ट्र के पास ऐसा गौरवशाली अतीत हो, जिसकी युवा पीढ़ी को ऐसी प्रेरणाएं विरासत में मिली हों, वह राष्ट्र क्या कुछ नहीं कर सकता है।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि साहिबजादों की उम्र उस समय काफी कम थी, लेकिन मुगल सम्राट औरंगजेब की क्रूरता पर इसका कोई असर नहीं पड़ा।

‘औरंगजेब भूल गया था कि हमारे गुरु साधारण मनुष्य नहीं थे’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘औरंगजेब जानता था कि यदि वह भारत की जनता में भय उत्पन्न करना चाहता है और उन्हें धर्मांतरण के लिए मजबूर करना चाहता है, तो उसे सबसे पहले भारतीयों का मनोबल तोड़ना होगा। इसीलिए उसने साहिबजादों को अपना निशाना बनाया। लेकिन औरंगजेब और उसके सिपहसालार यह भूल गए थे कि हमारे गुरु साधारण मनुष्य नहीं थे। वे तपस्या और त्याग के साक्षात अवतार थे।’ मोदी ने कहा कि माता गुजरी जी, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी और चारों साहिबजादों का साहस और आदर्श प्रत्येक भारतीय को शक्ति प्रदान करते रहते हैं।
‘कम उम्र में ही सबसे बड़ी सत्ता से टकरा गए थे चारों साहिबजादे’
पीएम मोदी ने कहा, ‘साहिबजादा अजीत सिंह जी, साहिबजादा जुझार सिंह जी, साहिबजादा जोरावर सिंह जी और साहिबजादा फतेह सिंह जी को बहुत कम उम्र में ही उस समय की सबसे बड़ी सत्ता से टकराना पड़ा था। यह संघर्ष महज सत्ता के लिए नहीं था, बल्कि भारत के मूल विचारों और मजहबी कट्टरता के बीच टकराव था। यह सत्य और असत्य की लड़ाई थी।’ प्रधानमंत्री ने श्री गुरु गोबिंद सिंह की जयंती के अवसर पर 9 जनवरी 2022 को घोषणा की थी कि उनके पुत्रों साहिबजादे बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह की शहादत की याद में 26 दिसंबर को ‘वीर बाल दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा, जिनका अद्वितीय बलिदान आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करता है।

‘गुलामी की मानसिकता से मुक्ति हासिल करनी ही होगी’
बता दें कि वीर बाल दिवस के मौके पर भारत सरकार देशभर में सहभागितापूर्ण कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है, जिनका उद्देश्य नागरिकों को साहिबजादों के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान से रूबरू कराना तथा भारत के इतिहास के इन युवा नायकों के अदम्य साहस, त्याग और वीरता का सम्मान करना तथा उन्हें स्मरण करना है। पीएम मोदी ने कहा कि देश ने यह संकल्प लिया है कि गुलामी की मानसिकता से मुक्ति हासिल करनी ही होगी और भारतीयों के बलिदानों, जन-वीरता की स्मृतियों को दबाया नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, ‘अब देश के नायकों और नायिकाओं को हाशिये पर नहीं धकेला जाएगा, इसलिए हम ‘वीर बाल दिवस’ पूरे उत्साह के साथ मना रहे हैं।’
बलिदानों और वीरता की स्मृतियों को अब दबाया नहीं जाएगा’
पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि साहिबजादों के बलिदान की गाथा हर नागरिक की जुबान पर होनी चाहिए थी लेकिन दुर्भाग्य से, आजादी के बाद भी औपनिवेशिक मानसिकता हावी रही। उन्होंने कहा कि इस मानसिकता का बीज 1835 में ब्रिटिश राजनेता मैकाले ने बोया था और आजादी के बाद भी इसे मिटाया नहीं जा सका। उन्होंने कहा कि इसके कारण दशकों तक ऐसे सत्यों को दबाने के प्रयास किए गए। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने अब गुलामी की मानसिकता से खुद को मुक्त करने का संकल्प ले लिया है और घोषणा की है कि भारतीय बलिदानों और वीरता की स्मृतियों को अब दबाया नहीं जाएगा और देश के नायकों और नायिकाओं को अब हाशिये पर नहीं रखा जाएगा।

‘2035 में मैकाले की साजिश के 200 वर्ष पूरे हो जाएंगे’
पीएम मोदी ने कहा कि 2035 में ‘मैकाले की साजिश’ के 200 वर्ष पूरे हो जाएंगे और शेष 10 वर्षों में भारत गुलामी की मानसिकता से पूर्ण मुक्ति प्राप्‍त कर लेगा। प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि एक बार जब देश इस मानसिकता से मुक्त हो जाएगा, तो वह स्वदेशी परंपराओं पर अधिक गर्व करेगा और आत्मनिर्भरता के पथ पर और आगे बढ़ेगा। बता दें कि ब्रिटिश राजनीतिज्ञ एवं इतिहासकार थॉमस बैबिंगटन मैकाले ने 19वीं शताब्दी में भारत में अंग्रेजी शिक्षा प्रणाली की शुरुआत की थी। मैकाले के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं कि उन्होंने भारत की संस्कृति को ‘नष्ट’ करने और ब्रिटिश साम्राज्य की सेवा करने के ‘दुर्भावनापूर्ण’ उद्देश्य से अंग्रेजी शिक्षा प्रणाली को तैयार किया था।’आपकी पीढ़ी भारत को विकसित भारत के लक्ष्य तक ले जाएगी’
प्रधानमंत्री ने ‘जेनरेशन जेड’ (1997 और 2012 के बीच जन्मे लोग) और ‘जेनरेशन अल्फा’ (2010 और 2025 के बीच जन्मे लोग) की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे देश को विकसित भारत बनाने के लक्ष्य तक ले जाएंगे। उन्होंने कहा, ‘Gen Z, जेन अल्फा, आपकी पीढ़ी भारत को विकसित भारत के लक्ष्य तक ले जाएगी। मैं ‘Gen Z’ की क्षमता देखता हूं, मैं आपका आत्मविश्वास देखता हूं, मैं इसे समझता हूं, और इसलिए मुझे आप पर पूरा भरोसा है।’ पीएम मोदी ने कहा कि हर साल, देश के लिए विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (PMRBP) से सम्मानित किया जाता है और इस वर्ष भी देशभर से 20 बच्चों को यह पुरस्कार मिला है।

बिना वारंट घर में घुसी पुलिस, DVR जब्त, मां से बदसलूकी; दो भाइयों को झूठे केस में फंसाने और 3 लाख छीनने का आरोप

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मालपुरा थाना क्षेत्र के धनौली-नगला मस्जिद का मामला, पीड़ित परिवार ने एसएसपी व जनप्रतिनिधियों को भेजा संदेश

मालपुरा (आगरा)। मालपुरा थाना क्षेत्र के जगनेर रोड धनौली, नगला मस्जिद, ब्लॉक अकोला से पुलिस कार्रवाई को लेकर सनसनीखेज आरोप सामने आए हैं। पीड़ित परिवार ने पुलिस पर बिना वारंट घर में घुसने, सीसीटीवी का DVR जब्त करने, महिला से बदसलूकी, झूठे केस में फंसाने और लाखों रुपये छीनने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

पीड़ितों के अनुसार 22 दिसंबर 2025 को पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे। उस समय घर पर केवल छोटा बेटा मौजूद था। आरोप है कि पुलिस ने बिना किसी कानूनी आदेश के घर की तलाशी ली और वहां लगे सीसीटीवी कैमरों का DVR उठा ले गई। परिवार का कहना है कि पुलिस को डर था कि उनकी कार्रवाई कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है।

जब मां सावित्री देवी घर पहुंचीं तो पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की। परिवार ने एक पुलिसकर्मी का नाम कपिल बताया है। इस घटना की शिकायत 23 दिसंबर को 112 नंबर, पुलिस कमिश्नर कार्यालय और अन्य उच्चाधिकारियों को देने का दावा किया गया है।

26 दिसंबर को फिर हंगामा, दोनों भाइयों को उठाने का आरोप
परिवार का आरोप है कि 26 दिसंबर 2025 की सुबह बड़े बेटे निशांत को पुलिस ने उस समय रोका, जब वह बैंक से लौट रहा था। बाद में जब छोटा भाई निक्की भैंस बेचकर आ रहा था, तो पुलिस ने उसे भी पकड़ लिया। आरोप है कि उस समय उनके पास करीब 3 लाख रुपये थे, जो पुलिस ने छीन लिए।

परिवार का कहना है कि मां जब थाने पहुंचीं तो वहां भी उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। पुलिस यह बताने से इनकार कर रही है कि दोनों भाइयों को कहां रखा गया है। केवल इतना कहा जा रहा है कि “बाहर की पुलिस लेकर गई है।” एक बाइक जब्त किए जाने की भी जानकारी दी गई है।

‘रिश्वत दो तो छोड़ते हैं, नहीं तो अंदर डाल देते हैं’
पीड़ित पिता राजेश का कहना है कि उनके परिवार के साथ यह कोई पहली घटना नहीं है। पहले भी कई बार घर से उठाकर झूठे मामलों में फंसाने और रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया है। परिवार का दावा है कि वे लंबे समय से पुलिस उत्पीड़न से परेशान हैं और अब चुप नहीं बैठेंगे।

परिवार ने बताया कि उन्होंने इस पूरे मामले की जानकारी राजकुमार चार (जनप्रतिनिधि) और अन्य अधिकारियों को संदेश के जरिए दी है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

निष्पक्ष जांच की मांग
पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि DVR जब्ती, महिला से बदसलूकी, कथित रूप से छीने गए 3 लाख रुपये, दोनों भाइयों को उठाने और झूठे मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। वहीं, इस पूरे मामले पर पुलिस पक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।

 

वैशाली से केरल जाने निकले युवक का रहस्यमय गायब होना, पुलिस की कॉल के बाद टूटा संपर्क

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वैशाली। जिले के महुआ थाना क्षेत्र से काम करने के लिए केरल जा रहे 32 वर्षीय युवक अजय कुमार राय पिता राजेंद्र राय के रहस्यमय ढंग से लापता हो जाने से इलाके में सनसनी फैल गई है। घटना के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजन पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं और युवक की सलामती को लेकर आशंकित हैं।

परिजनों के अनुसार अजय कुमार राय, निवासी मंतोषराम गांव, जिला वैशाली, 23 दिसंबर को दोपहर करीब तीन बजे घर से निकले थे। वे पवन एक्सप्रेस से केरल जाने के लिए रवाना हुए थे। यात्रा के दौरान उन्होंने कल्याण जंक्शन पर उतरने के बाद अपनी बहन बहना देवी और अन्य परिजनों से बातचीत की थी। परिवार का कहना है कि यही अजय कुमार राय से आखिरी बार बातचीत हुई।

शाम करीब साढ़े छह बजे अचानक सैदुर दुर्ग जंक्शन से पुलिस का फोन आया। पुलिस ने परिजनों को बताया कि अजय कुमार राय उनके पास हैं। इस पर परिजनों ने पुलिस से आग्रह किया कि युवक को वहीं बैठाकर रखें, वे दो घंटे के भीतर पहुंच रहे हैं। इसी दौरान यह भी जानकारी मिली कि अजय कुमार राय का मोबाइल फोन गुम हो चुका है।

परिवार का कहना है कि जब अजय कुमार राय कल्याण जंक्शन पर उतरे थे, तो वे सैदुर दुर्ग जंक्शन गांव तक कैसे पहुंचे, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। यह बात पूरे मामले को और अधिक संदिग्ध बना रही है।

करीब रात आठ बजे पुलिस से दोबारा बातचीत हुई तो परिजनों को हैरान करने वाली जानकारी दी गई। पुलिस ने बताया कि अजय कुमार राय ने खुद को ठीक बताया और कहा कि उन्हें कुछ नहीं हुआ है तथा वे घर चले जाएंगे। इसी आधार पर पुलिस द्वारा उन्हें छोड़ दिए जाने की बात कही गई।

इसके बाद से अजय कुमार राय का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। न तो वे केरल पहुंचे हैं और न ही घर लौटे हैं। उनका मोबाइल बंद है और किसी भी माध्यम से संपर्क नहीं हो पा रहा है। परिजन रिश्तेदारों, संभावित ठिकानों और आसपास के इलाकों में लगातार तलाश कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिली है।

परिजनों ने आशंका जताई है कि अजय कुमार राय के साथ कोई अनहोनी हो सकती है। मामले को लेकर शिकायतकर्ता मंतोष कुमार द्वारा गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई है। परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष और गंभीर जांच की जाए तथा युवक को जल्द से जल्द बरामद किया जाए।

परिजनों का कहना है कि अजय कुमार राय को सैदुर दुर्ग गांव के आसपास भटकते हुए देखे जाने की भी सूचना मिली है। यदि किसी व्यक्ति को उनके बारे में कोई जानकारी मिले तो नीचे दिए गए नंबरों पर संपर्क करने की अपील की गई है।

संपर्क नंबर:
7319989827
9525901824

गांव और आसपास के इलाकों में इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल है। लोग युवक की सुरक्षित वापसी की कामना कर रहे हैं और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

 

चपरासी की नौकरी के नाम पर एक लाख की कथित ठगी, शिक्षक के बेटे समेत तीन लोगों पर गंभीर आरोप, शिकायतों के बाद भी चुप्पी

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छतरपुर जिले के ईसानगर क्षेत्र से सरकारी नौकरी के नाम पर कथित ठगी का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़ित युवक भानु प्रताप सिंह (21 वर्ष), पिता बालादीन अहिरवार, निवासी पठावा, ईशा नगर, ईसानगर, जिला छतरपुर (मध्य प्रदेश) ने आरोप लगाया है कि उनसे चपरासी की नौकरी लगवाने के नाम पर एक लाख रुपये लिए गए, लेकिन न तो नौकरी दिलवाई गई और न ही अब तक पैसे लौटाए गए।

इन लोगों पर लगे आरोप
पीड़ित के अनुसार इस पूरे मामले में लकी अहिरवार (पिता पर्वत अहिरवार), वीरेंद्र पटेल और अन्य लोग शामिल हैं। आरोप है कि मुख्य भूमिका पर्वत अहिरवार की रही, जो एक सरकारी स्कूल में अध्यापक हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया था कि स्कूल में चपरासी की सरकारी नौकरी लगवा दी जाएगी।

सरकारी नौकरी की चाह बनी कमजोरी
भानु प्रताप सिंह का कहना है कि वह किसी भी तरह की सरकारी नौकरी पाना चाहते थे, चाहे वह चपरासी की ही क्यों न हो। इसी उम्मीद का फायदा उठाकर उनसे एक लाख रुपये की मांग की गई। यह भी कहा गया कि यदि नौकरी नहीं लगी तो पूरी रकम वापस कर दी जाएगी।

14 सितंबर 2024 को हुआ लेन-देन
पीड़ित और उनके पिता बालादीन अहिरवार ने बताया कि 14/09/2024 को परिवार के सामने एक लाख रुपये दिए गए थे। इस लेन-देन की रिकॉर्डिंग भी उनके पास मौजूद बताई जा रही है। इसके बावजूद कई महीने बीत जाने के बाद भी न तो नौकरी लगी और न ही पैसे वापस किए गए।

शिकायतें कीं, पर सुनवाई नहीं
भानु प्रताप का आरोप है कि उन्होंने कई बार शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन कहीं से भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब स्थिति यह है कि आरोपी पक्ष न तो बातचीत कर रहा है और न ही पैसे लौटाने को तैयार है। जब भी पैसे की मांग की जाती है, तो बात करने के बजाय लड़ाई-झगड़ा किया जाता है।

रिश्तों में दरार, मानसिक तनाव
इस कथित ठगी के चलते परिवार में लगातार विवाद और तनाव का माहौल बना हुआ है। पीड़ित युवक का कहना है कि रिश्तों पर भरोसा करके उन्होंने यह रकम दी थी, लेकिन अब वही रिश्ते उनके लिए परेशानी का कारण बन गए हैं।

पूरा पता (पीड़ित): भानु प्रताप
आत्मज: बालादीन अहिरवार
निवासी: पठावा, ईशा नगर
थाना/पोस्ट: ईसानगर
जिला: छतरपुर, मध्य प्रदेश – 471315

न्याय की मांग
पीड़ित परिवार ने प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और या तो उनकी रकम वापस कराई जाए या दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। सरकारी नौकरी के नाम पर इस तरह के आरोप अब पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

 

चित्तौड़गढ़ में राष्ट्रीय स्वदेशी महोत्सव बना आकर्षण का केंद्र, उमड़ी हजारों की भीड़

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इ खबर रिपोर्टर – मोइनुद्दीन कुरैशी
चित्तौड़गढ़, 26 दिसंबर।
चित्तौड़गढ़ में आयोजित राष्ट्रीय स्वदेशी महोत्सव को लेकर आमजन में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। गुरुवार को मेले में शहरवासियों के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी हजारों की संख्या में लोग पहुंचे और स्वदेशी उत्पादों की जमकर खरीदारी की।
मेले में विभिन्न राज्यों से आए कारीगरों एवं स्वदेशी उत्पाद विक्रेताओं की दुकानों पर दिनभर भारी भीड़ बनी रही। हस्तशिल्प, घरेलू उपयोग की वस्तुएं, आयुर्वेदिक उत्पाद, खान-पान सामग्री सहित अन्य स्वदेशी वस्तुओं की खरीदारी को लेकर लोगों में विशेष उत्साह देखा गया। दुकानदारों में भी अच्छी बिक्री को लेकर खासा उत्साह नजर आया।
मेले का अवलोकन करने जिला पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरिता सिंह, जिला परिषद सीईओ, एडीएम रामचंद्र खटीक, उपखंड अधिकारी बिनु देवल सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी एवं कर्मचारी भी खरीदारी की
राष्ट्रीय स्वदेशी महोत्सव में शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग भाग ले रहे हैं, जिससे आयोजन स्थल पर उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है। स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की दिशा में यह मेला आमजन के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

अंतरजातीय प्रेम विवाह की सजा! 14 महीने बाद भी गांव में एंट्री बैन, नवदंपती को मिल रही धमकियां

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ग्राम देवता महुआ टोला, पोस्ट-देकहा बाजार, मोतिहारी पूर्वी चम्पारण, मोतीहती, बिहार । जिले से जातिगत भेदभाव का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां अंतरजातीय प्रेम विवाह करने के कारण एक दंपती को अपने ही गांव में रहने नहीं दिया जा रहा है। पीड़ित सुनील कुमार पिता अनूप शाह और उनकी पत्नी पिंकू कुमारी पिता मुकेश महतो की शादी को 14 महीने हो चुके हैं, लेकिन आज भी उन्हें समाज और गांव के कुछ लोगों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, सुनील कुमार और पिंकू कुमारी की पहले करीब एक साल तक दोस्ती रही। इसके बाद दोनों ने आपसी सहमति से मुंबई में शादी की। पिंकू कुमारी की उम्र 23 वर्ष है और वह महतो समाज से आती हैं, जबकि सुनील कुमार शहाजी समाज से हैं, जो तेली समाज में गिने जाते हैं। यही जातिगत अंतर अब उनके सुखी दांपत्य जीवन के आड़े आ रहा है।

पीड़ित सुनील कुमार वर्तमान में मुंबई में रह रहे हैं। पिंकू कुमारी के साथ रह रहे है

उनका कहना है कि जब भी वे अपनी पत्नी के साथ गांव अपने माता पिता के पास लौटने की बात करते हैं, तो गांव के कुछ लोग खुलेआम धमकी देते हैं। उन्हें कहा जाता है कि तुम ऊंची जाति के होकर दूसरी जाति में शादी कर लाए हो, इसलिए तुम्हें गांव में रहने नहीं दिया जाएगा। यहां तक कि गांव में बने घर में भी प्रवेश करने से रोका जा रहा है।

सुनील कुमार ने बताया कि जब मैं अपनी पत्नी पिंकू कुमारी को भगा कर ले आया था तब मेरी एक बुलेट गाड़ी थी जिसकी सिर्फ मैं एक या दो किस्त नहीं दी थी जिस वजह से इन लोगों ने दबाव बनाकर फाइनेंस वालों को बात कर मेरी गाड़ी पकड़वा दी है

हेरानी की बात यह है कि दोनों परिवारों के बीच अब कोई विवाद नहीं है। पिंकू कुमारी के मायके वाले और सुनील कुमार के परिजन इस शादी को स्वीकार कर चुके हैं और आपस में बातचीत भी होती है। बावजूद इसके, गांव के कुछ लोग आज भी जाति को लेकर विरोध कर रहे हैं और सामाजिक बहिष्कार जैसी स्थिति बना दी गई है।
पीड़ित दंपती का कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों के कारण वे मानसिक तनाव में जी रहे हैं। सुनील कुमार ने भावुक होते हुए कहा, “प्यार जाति देखकर नहीं किया जाता। प्यार किसी जाति या धर्म का मोहताज नहीं होता। जब हम दोनों एक-दूसरे के साथ खुश हैं और हमारे परिवार भी साथ हैं, तो हमें अपने ही गांव और घर में रहने से क्यों रोका जा रहा है?”
यह मामला समाज में आज भी मौजूद जातिगत सोच और भेदभाव को उजागर करता है। कानून जहां अंतरजातीय विवाह को पूरी तरह वैध और संरक्षित मानता है, वहीं जमीनी हकीकत में ऐसे जोड़े आज भी डर और असुरक्षा के साये में जीने को मजबूर हैं। पीड़ित दंपती ने प्रशासन से सुरक्षा और गांव में सम्मानपूर्वक रहने का अधिकार दिलाने की मांग की है।

 

बेंगलुरु: एक तरफ खाली लेन तो दूसरी तरफ गाड़ियों की लंबी कतारें, क्रिसमस पर ट्रैफिक का दिखा हैरान करने वाला नजारा

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क्रिसमस की छुट्टी पर लोग फैमिली के साथ अपने घरों से बाहर निकले। इस दौरान सड़क पर भारी जाम लग गया। बेंगलुरु को आने वाली सड़क एक दम खाली दिखी। इस दौरान का वीडियो वायरल हुआ है।क्रिसमस को लेकर लोगों में अलग ही उत्साह दिखा। हर कोई इस दिन को एंजवॉय करने में लगा हुआ था। क्रिसमस की सुबह बेंगलुरु में एक अलग ही नजारा देखने को मिला। बेंगलुरु की एक सड़क पर भारी ट्रैफिक जाम तो दूसरी सड़क एक दम खाली दिखाई दी।
छुट्टी मनाने के लिए शहर से बाहर निकले लोग
बेंगलुरु में दो विपरीत दृश्यों को दर्शाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। 25 दिसंबर को इंस्टाग्राम पर wanderjoy नाम के यूजर ने वीडियो में शेयर किया है। इस वीडियो में दिख रहा है कि क्रिसमस के दिन लोग छुट्टी मनाने के लिए शहर से बाहर जा रहे हैं। इसको लेकर बेंगलुरु की एक सड़क पर जाम लग गया। दूसरी सड़क जो मैसूर से बेंगलुरु के लिए आती है, वह पूरी तरह खाली पड़ी हुई है।

वीडियो के साथ लिखा कैप्शन
’25 दिसंबर को नाइस रोड पर ट्रैफिक की स्थिति अच्छी रही।

नोट:
1. हम मैसूर एक्सप्रेसवे से नाइस रोड पर प्रवेश कर कर रहे थे।
2. हम 25 दिसंबर को बाहर नहीं निकले।’

वाहनों की लंबी कतारें
इस कैप्शन के साथ साझा किए गए वीडियो में पहले लगभग खाली सड़क दिखाई देती है। वीडियो के स्क्रीन पर लिखा आता है, ’25 दिसंबर को सुबह 7 बजे बेंगलुरु में प्रवेश।’ कुछ ही क्षणों बाद कैमरा दूसरी सड़क पर चला जाता है। जहां वाहनों की एक लंबी कतार दूर तक फैली हुई दिखती है। फिर स्क्रीन पर लिखा आता है, ’25 दिसंबर को सुबह 7:15 बजे बड़ी संख्या में बेंगलुरु से बाहर निकल रहे हैं।’
बेंगलुरु की आधी आबादी शहर से बाहर
इस वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया में तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। एक इंस्टा यूजर ने लिखा, ‘छुट्टियों का मतलब है कि बेंगलुरु की आधी आबादी शहर से बाहर निकल जाती है।’

90 के दशक जैसा नजारा
एक अन्य यूजर ने टिप्पणी की, ‘यह वह दौर है, जब बेंगलुरु के अंदर यात्रा करना 90 के दशक जैसा लगता है।’ तीसरे इंस्टाग्राम यूजर ने मजाक में कहा, ‘नया साल बीत जाएगा, वे फिर भी वहीं फंसे रहेंगे।’

लंबे वीकेंड और त्योहारों के दौरान आम हो गया है जाम
कुछ इंस्टा यूजर्स ने यह भी कहा कि बेंगलुरु में यह पैटर्न लंबे वीकेंड और त्योहारों के दौरान आम हो गया है। यहां के लोग लंबी छुट्टी में लोकप्रिय पर्यटन स्थलों की ओर गाड़ी चलाकर शहर से बाहर निकल जाते हैं।