Sunday, July 12, 2026
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टाटानगर-एर्नाकुलम एक्सप्रेस में लगी आग, एक शख्स की मौत की खबर, विशाखापत्तनम के पास हादसा-

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विशाखापत्तनम से करीब 66 किलोमीटर दूर यालामंचिली में टाटानगर-एर्नाकुलम एक्सप्रेस में देर रात आग लग गई। ट्रेन में आग लगने से यात्रियों में हड़कंप मच गया।विशाखापत्तनम: आंध्र प्रदेश में टाटानगर-एर्नाकुलम एक्सप्रेस में आग लगने से एक शख्स की मौत हो गई। एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया कि विशाखापत्तनम से करीब 66 किलोमीटर दूर यालामंचिली में टाटानगर-एर्नाकुलम एक्सप्रेस के दो डिब्बों में आग लगने की घटना हुई है। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई है।
बी-1 कोच से एक शव बरामद
बताया जाता है कि यालामंचिली में यह हादसा देर रात हुआ। पुलिस अधिकारी ने बताया कि उन्हें आग लगने की जानकारी रात 12:45 बजे मिली। टाटानगर-एर्नाकुलम एक्सप्रेस के जिन दो कोच में आग लगी उनमें से एक कोच में 82 और दूसरे में 76 यात्री थे। ट्रेन के बी-1 कोच से एक शव बरामद किया गया हैB-1 AC कोच से उठने लगा धुआं
जानकारी के मुताबिक ट्रेन की पेंट्री कार के पास B-1 AC कोच में सबसे पहले आग देखी गई जो कि कुछ क्षणों में M-2 कोच में भी फैल गयी, चलती ट्रेन में इस भयावह आग लगने के समय प्रभावित डिब्बों में से एक में 82 यात्री थे और दूसरे कोच में 76 यात्री सवार थे। यात्रियों में से किसी ने B-1 कोच से धुंआ उठता हुआ देखा और चेन खींचकर ट्रेन को रुकवा दिया जिसके बाद आनन फानन में यात्री प्रभावित कोच से बाहर आने में सफल रहे।
गहरी नींद में थे यात्र
बता दें कि जिस वक्त हादसा हुआ उस वक्त ट्रेन के यात्री गहरी नींद में थे। जैसे ही ट्रेन के कोच में आग फैलने लगी यात्रियों में हड़कंप मच गया। यात्री जल्दी-जल्दी ट्रेन से नीचे उतरने लगे। गनीमत रही कि समय पर अधिकांश यात्रियों ने कोच को खाली कर दिया। देखते ही देखते पूरी बोगी धू-धू कर जल उठी। आग बुझाने के बाद दोनों जले हुए डिब्बों को ट्रेन से अलग कर दिया गया और करीब आधे घंटे की देरी के बाद ट्रेन अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गई। आग बुझाने के बाद ट्रेन के बी-1 कोच से एक शव बरामद किया गया। मृतक की पहचान चंद्रशेखर (75 साल के -विजयवाड़ा स्थानीय) के रूप में हुई है। हादसे के वक्त वे कोच बी-1 में थे और आग में बुरी तरह झुलस गए।
भारतराष्ट्रीयटाटानगर-एर्नाकुलम एक्सप्रेस में लगी आग, एक शख्स की मौत की खबर, विशाखापत्तनम के पास हादसा- VIDEO
टाटानगर-एर्नाकुलम एक्सप्रेस में लगी आग, एक शख्स की मौत की खबर, विशाखापत्तनम के पास हादसा- VIDEO
विशाखापत्तनम से करीब 66 किलोमीटर दूर यालामंचिली में टाटानगर-एर्नाकुलम एक्सप्रेस में देर रात आग लग गई। ट्रेन में आग लगने से यात्रियों में हड़कंप मच गया।
टाटानगर-एर्नाकुलम एक्सप्रेस में आग
विशाखापत्तनम: आंध्र प्रदेश में टाटानगर-एर्नाकुलम एक्सप्रेस में आग लगने से एक शख्स की मौत हो गई। एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया कि विशाखापत्तनम से करीब 66 किलोमीटर दूर यालामंचिली में टाटानगर-एर्नाकुलम एक्सप्रेस के दो डिब्बों में आग लगने की घटना हुई है। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई है।
बी-1 कोच से एक शव बरामद
बताया जाता है कि यालामंचिली में यह हादसा देर रात हुआ। पुलिस अधिकारी ने बताया कि उन्हें आग लगने की जानकारी रात 12:45 बजे मिली। टाटानगर-एर्नाकुलम एक्सप्रेस के जिन दो कोच में आग लगी उनमें से एक कोच में 82 और दूसरे में 76 यात्री थे। ट्रेन के बी-1 कोच से एक शव बरामद किया गया है।
B-1 AC कोच से उठने लगा धुआं
जानकारी के मुताबिक ट्रेन की पेंट्री कार के पास B-1 AC कोच में सबसे पहले आग देखी गई जो कि कुछ क्षणों में M-2 कोच में भी फैल गयी, चलती ट्रेन में इस भयावह आग लगने के समय प्रभावित डिब्बों में से एक में 82 यात्री थे और दूसरे कोच में 76 यात्री सवार थे। यात्रियों में से किसी ने B-1 कोच से धुंआ उठता हुआ देखा और चेन खींचकर ट्रेन को रुकवा दिया जिसके बाद आनन फानन में यात्री प्रभावित कोच से बाहर आने में सफल रहे।
गहरी नींद में थे यात्री
बता दें कि जिस वक्त हादसा हुआ उस वक्त ट्रेन के यात्री गहरी नींद में थे। जैसे ही ट्रेन के कोच में आग फैलने लगी यात्रियों में हड़कंप मच गया। यात्री जल्दी-जल्दी ट्रेन से नीचे उतरने लगे। गनीमत रही कि समय पर अधिकांश यात्रियों ने कोच को खाली कर दिया। देखते ही देखते पूरी बोगी धू-धू कर जल उठी। आग बुझाने के बाद दोनों जले हुए डिब्बों को ट्रेन से अलग कर दिया गया और करीब आधे घंटे की देरी के बाद ट्रेन अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गई। आग बुझाने के बाद ट्रेन के बी-1 कोच से एक शव बरामद किया गया। मृतक की पहचान चंद्रशेखर (75 साल के -विजयवाड़ा स्थानीय) के रूप में हुई है। हादसे के वक्त वे कोच बी-1 में थे और आग में बुरी तरह झुलस गए।

रेलवे ने दी ये जानकारी
रेलवे के मुताबिक दोनों प्रभावित कोच को अलग करके उनके यात्रियों को बस सर्विस का इंतज़ाम करके समालकोट रेलवे स्टेशन ले जाया जा रहा है। फोरेंसिक टीम और मेडिकल टीम आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए सुराग इकट्ठा करने और यह भी पता लगाने के लिए मौके पर जा रही है। लोकल एडमिनिस्ट्रेशन के साथ मिलकर सभी ज़रूरी सावधानियां बरती जा रही हैं।

इस बीच, कमीशन ऑफ़ रेलवे सेफ्टी/SCR, DRM विजयवाड़ा और सीनियर अधिकारी मौके पर पहुंच गए । GM साउथ सेंट्रल रेलवे भी मौके पर जा रहे हैं। फोरेंसिक टीम और मेडिकल टीम आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए सुराग इकट्ठा करने और यह भी पता लगाने के लिए मौके पर जा रही है कि कोई हताहत तो नहीं हुआ है। लोकल एडमिनिस्ट्रेशन के साथ मिलकर सभी ज़रूरी सावधानियां बरती जा रही हैं।

हेल्पलाइन नंबर
एलामंचिली – 7815909386
अनकापल्ले – 7569305669 टूनी – 7815909479
समलकोट – 7382629990
राजमुंदरी – 088 – 32420541, 088 – 32420543
एलुरु – 7569305268
विजयवाड़ा – 0866 – 2575167 Hindi Newsभारतराष्ट्रीयटाटानगर-एर्नाकुलम एक्सप्रेस में लगी आग, एक शख्स की मौत की खबर, विशाखापत्तनम के पास हादसा- VIDEO
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टाटानगर-एर्नाकुलम एक्सप्रेस में आग
विशाखापत्तनम: आंध्र प्रदेश में टाटानगर-एर्नाकुलम एक्सप्रेस में आग लगने से एक शख्स की मौत हो गई। एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया कि विशाखापत्तनम से करीब 66 किलोमीटर दूर यालामंचिली में टाटानगर-एर्नाकुलम एक्सप्रेस के दो डिब्बों में आग लगने की घटना हुई है। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई है।
बी-1 कोच से एक शव बरामद
बताया जाता है कि यालामंचिली में यह हादसा देर रात हुआ। पुलिस अधिकारी ने बताया कि उन्हें आग लगने की जानकारी रात 12:45 बजे मिली। टाटानगर-एर्नाकुलम एक्सप्रेस के जिन दो कोच में आग लगी उनमें से एक कोच में 82 और दूसरे में 76 यात्री थे। ट्रेन के बी-1 कोच से एक शव बरामद किया गया है।
B-1 AC कोच से उठने लगा धुआं
जानकारी के मुताबिक ट्रेन की पेंट्री कार के पास B-1 AC कोच में सबसे पहले आग देखी गई जो कि कुछ क्षणों में M-2 कोच में भी फैल गयी, चलती ट्रेन में इस भयावह आग लगने के समय प्रभावित डिब्बों में से एक में 82 यात्री थे और दूसरे कोच में 76 यात्री सवार थे। यात्रियों में से किसी ने B-1 कोच से धुंआ उठता हुआ देखा और चेन खींचकर ट्रेन को रुकवा दिया जिसके बाद आनन फानन में यात्री प्रभावित कोच से बाहर आने में सफल रहे।
गहरी नींद में थे यात्री
बता दें कि जिस वक्त हादसा हुआ उस वक्त ट्रेन के यात्री गहरी नींद में थे। जैसे ही ट्रेन के कोच में आग फैलने लगी यात्रियों में हड़कंप मच गया। यात्री जल्दी-जल्दी ट्रेन से नीचे उतरने लगे। गनीमत रही कि समय पर अधिकांश यात्रियों ने कोच को खाली कर दिया। देखते ही देखते पूरी बोगी धू-धू कर जल उठी। आग बुझाने के बाद दोनों जले हुए डिब्बों को ट्रेन से अलग कर दिया गया और करीब आधे घंटे की देरी के बाद ट्रेन अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गई। आग बुझाने के बाद ट्रेन के बी-1 कोच से एक शव बरामद किया गया। मृतक की पहचान चंद्रशेखर (75 साल के -विजयवाड़ा स्थानीय) के रूप में हुई है। हादसे के वक्त वे कोच बी-1 में थे और आग में बुरी तरह झुलस गए।
रेलवे ने दी ये जानकारी
रेलवे के मुताबिक दोनों प्रभावित कोच को अलग करके उनके यात्रियों को बस सर्विस का इंतज़ाम करके समालकोट रेलवे स्टेशन ले जाया जा रहा है। फोरेंसिक टीम और मेडिकल टीम आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए सुराग इकट्ठा करने और यह भी पता लगाने के लिए मौके पर जा रही है। लोकल एडमिनिस्ट्रेशन के साथ मिलकर सभी ज़रूरी सावधानियां बरती जा रही हैं।

इस बीच, कमीशन ऑफ़ रेलवे सेफ्टी/SCR, DRM विजयवाड़ा और सीनियर अधिकारी मौके पर पहुंच गए । GM साउथ सेंट्रल रेलवे भी मौके पर जा रहे हैं। फोरेंसिक टीम और मेडिकल टीम आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए सुराग इकट्ठा करने और यह भी पता लगाने के लिए मौके पर जा रही है कि कोई हताहत तो नहीं हुआ है। लोकल एडमिनिस्ट्रेशन के साथ मिलकर सभी ज़रूरी सावधानियां बरती जा रही हैं।

हेल्पलाइन नंबर
एलामंचिली – 7815909386
अनकापल्ले – 7569305669
टूनी – 7815909479
समलकोट – 7382629990
राजमुंदरी – 088 – 32420541, 088 – 32420543
एलुरु – 7569305268
विजयवाड़ा – 0866 – 2575167
ट्रेनों में आग लगने की घटनाएं
1985-23 फरवरी को राजनंदगांव में ट्रेन में आग लगने से करीब 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी।
1990-16 अप्रैल को पटना के पास मोकामा शटल ट्रेन में आग लगने से 70 ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।
2002-27 फरवरी को गोधरा में साबरमती ट्रेन में आगजनी की घटना में 59 लोगों की जान गई थी, जिसके बाद गुजरात में दंगे फैल गए थे
2003-15 मई को लुधियाना में गोल्डन टेम्पल मेल में आग लगने से 38 यात्रियों की मौत हो गई थी।
2008-1 अगस्त को वारंगल में गौतमी एक्सप्रेस में आग, 31 लोगों की मौत 2012-30 जुलाई नेल्लोर में तमिलनाडु एक्सप्रेस में आग, 47 यात्रियों की मौत
2013-28 दिसंबर को अनंतपुर,आंध्र प्रदेश में नांदेड़-बेंगलुरु एक्सप्रेस के AC कोच में आग, 26 लोगों की मौत
2023-26 अगस्त को मदुरै में पुनलूर-मदुरै एक्सप्रेस में अवैध गैस सिलेंडर के कारण लगी आग में 10 लोग मारे गए।

कौन हैं मणिपुर की मार्गरेट रामथार्सिएम, जिनकी PM मोदी ने की तारीफ, क्या करती हैं

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पीएम मोदी ने मन की बात कार्यक्रम के दौरान मणिपुर के चुराचांदपुर की मार्गरेट रामथार्सिएम का परिचय कराया। पारंपरिक उत्पादों, हैंडीक्राफ्ट को लोकप्रिय बनाने और कई स्थानीय लोगों को रोजगार देने के लिए पीएम मोदी ने उनकी तारीफ भी की।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 129वें एपिसोड के जरिए देश को संबोधित किया। यह इस साल का आखिरी एपिसोड था, जिसमें उन्होंने देश की वर्ष 2025 की उपलब्धियों की चर्चा करने के साथ ही नए वर्ष 2026 की चुनौतियों, संभावनाओं, डेवलपमेंट पर भी चर्चा की। पीएम मोदी ने इस दौरान मणिपुर के चुराचांदपुर की मार्गरेट रामथार्सिएम का भी जिक्र किया।
‘मन की बात’ में मार्गरेट के काम को किया हाईलाइट
पीएम मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में कहा, ”मन की बात ऐसे लोगों को सामने लाने का भी मंच है जो अपने परिश्रम से ना सिर्फ पारंपरिक कलाओं को आगे बढ़ा रहे हैं, बल्कि इससे स्थानीय लोगों को सशक्त भी कर रहे हैं। मणिपुर के चुराचांदपुर में मार्गरेट रामथार्सिएम, उनके प्रयास ऐसे ही हैं, उन्होंने मणिपुर के पारंपरिक उत्पादों को, वहां के हैंडीक्राफ्ट को, बांस और लकड़ी से बनी चीजों को एक बड़े विजन के साथ देखा और इसी विजन के कारण वो एक हैंडीक्राफ्ट आर्टिस्ट से लोगों के जीवन को बदलने का माध्यम बन गईं।”

पीएम मोदी ने पारंपरिक उत्पादों, हैंडीक्राफ्ट को लोकप्रिय बनाने और कई स्थानीय लोगों को रोज़गार देने के लिए उनकी तारीफ भी की। पीएम मोदी ने कहा, ”आज मार्गरेट जी की यूनिट में 50 से ज्यादा आर्टिस्ट काम कर रहे हैं और उन्होंने अपनी मेहनत से दिल्ली समेत कई राज्यों में अपने प्रोडक्ट्स का एक मार्केट भी डेवलप किया है।”

‘PM मोदी की पहल ने मेरे जुनून को मजबूत किया’
पीएम मोदी द्वारा मन की बात में अपना जिक्र होने पर मार्गरेट बहुत खुश हैं। उन्होंने कहा, ”पीएम मोदी की पहल ने आदिवासी पारंपरिक पहनावे और हैंडीक्राफ्ट को बढ़ावा देने के मेरे जुनून को मजबूत किया है। सिर्फ मैं ही नहीं, बल्कि कई स्थानीय कारीगर भी हमारे आदिवासी शिल्प और विरासत को बढ़ावा देने के लिए उत्साहित और प्रेरित हैं।​”मार्गरेट ने कहा, ”पीएम मोदी पहल ने मेरे आत्मविश्वास और ऊर्जा को बढ़ाया है ताकि मैं अपने काम को बड़े पैमाने पर कर सकूं व आने वाले दिनों में और ज्‍यादा हासिल कर सकूं। पहले कई लोकल कारीगरों को कोई नहीं जानता था। लेकिन आज सरकारी प्लेटफॉर्म के जरिए उन्हें जिला, राज्य, राष्ट्रीय और यहां तक कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिल रही है।”

दिल्ली में सरकारी नौकरी का झांसा देकर डेढ़ लाख की ठगी, रिश्तेदारी का फायदा उठाकर कई युवकों से फर्जीवाड़ा

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भागलपुर/दिल्ली | विशेष रिपोर्ट

दिल्ली में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बड़े पैमाने पर ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस मामले में बिहार के भागलपुर जिले से ताल्लुक रखने वाले युवक रणबीर कुमार सहित कई युवकों से ठगी किए जाने का आरोप है। आरोपी ने खुद को दिल्ली जल बोर्ड से जुड़ा बताकर न केवल पैसे ऐंठे, बल्कि पीड़ितों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर उनके नाम पर फाइनेंस और लोन तक करवा लिया।

पीड़ित रणबीर कुमार, पिता महेश चौधरी, ग्राम महाश्य, सोनवर्षा भाना, बिहपुर, जिला भागलपुर के निवासी हैं। रणबीर का आरोप है कि अविनाश कुमार, पिता स्वर्गीय तारकेसर चौधरी, निवासी यमन पो. मौजमाबाद, थाना भवानीपुर, जिला भागलपुर, लंबे समय से दिल्ली में रहकर खुद को दिल्ली जल बोर्ड में कार्यरत हैं । अविनाश रिश्ते में रणबीर की मौसी का दामाद है, इसी नजदीकी का फायदा उठाकर उसने भरोसा जीता।

आरोप के अनुसार मार्च 2023 में अविनाश ने रणबीर से फोन पर संपर्क किया और दिल्ली जल बोर्ड में मीटर रीडर की नौकरी लगवाने का दावा किया। 8 मार्च 2023 को रणबीर को दिल्ली बुलाकर कथित तौर पर अपने कार्यालय ले जाया गया। शुरुआत में पैसों की चर्चा नहीं की गई, लेकिन बाद में साफ कहा गया कि बिना पैसे के नौकरी संभव नहीं है। इसके बाद अलग-अलग तरीकों से फोन के माध्यम से अविनाश और उसकी पत्नी सोनम कुमारी के नंबर पर करीब 1.50 लाख रुपये ले लिए गए।

रणबीर का कहना है कि उससे करीब आठ महीने तक काम भी करवाया गया और हर बार यही भरोसा दिया गया कि नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने वाली है। बाद में जब वह गांव लौट आया तो फोन पर सिर्फ आश्वासन मिलता रहा, लेकिन आज तक न तो नौकरी मिली और न ही पैसे वापस हुए।

मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब रणबीर को पता चला कि उसके सभी मूल दस्तावेज अविनाश के पास हैं और उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर उसके नाम पर स्कूटी लोन ले लिया गया। जब वह दिल्ली में मौजूद नहीं था और किस्त समय पर नहीं भर सका, तो बैंक से लगातार फोन आने लगे। विरोध करने पर आरोपी द्वारा गलत व्यवहार और धमकी देने का भी आरोप है।

14 सितंबर 2025 को जब रणबीर दोबारा दिल्ली पहुंचा तो पता चला कि अविनाश अब नरेला जोन में रहकर जल बोर्ड से जुड़ा होने का दावा कर रहा है। वहां कुछ अन्य युवकों से मुलाकात हुई, जिन्होंने बताया कि उनसे भी नौकरी के नाम पर पैसे लिए गए हैं, लेकिन उनके पास भी ठोस सबूत नहीं बचे हैं।

पीड़ितों का कहना है कि आरोपी अपने नाम से कोई सामान या दस्तावेज नहीं रखता, बल्कि गांव और रिश्तेदारी के लोगों के नाम का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा करता है।

रणबीर ने आरोप लगाया कि उसका मोबाइल फोन भी तोड़ दिया गया, जिसमें ठगी से जुड़े कई अहम सबूत और कॉल डिटेल मौजूद थे।
इस मामले में यह भी सामने आया है कि रणबीर कुमार के अलावा विपिन, योगेश, सुनील, महेश, हेमंत और राहुल, जो दिल्ली में रहने वाले हैं, उनके साथ भी इसी तरह की ठगी की गई। सभी युवक 7 मार्च को होली से एक दिन पहले दिल्ली गए थे, जहां आरोपी ने नौकरी के नाम पर पैसे लेकर उन्हें ठग लिया।

पीड़ितों ने प्रशासन और पुलिस से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी और उसकी पत्नी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही ठगे गए पैसे की वापसी और फर्जी लोन से मुक्ति दिलाने की गुहार लगाई है। यह मामला सरकारी नौकरी की चाह में भटक रहे युवाओं के लिए एक गंभीर चेतावनी भी माना जा रहा है।

 

रायबरेली में जमीन विवाद बना खूनी संघर्ष, महिला से बेरहमी से मारपीट, बेहोशी की हालत में अस्पताल भर्ती

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उत्तरप्रदेश | रायबरेली
जमीन विवाद में महिला से मारपीट का आरोप, बेहोशी की हालत में अस्पताल पहुंची पीड़िता, कब्जा हटाने की गुहार
रायबरेली जिले के थाना क्षेत्र टुयुघर अंतर्गत ग्राम राजापुरवा से जमीन विवाद का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता सुखरानी पत्नी रामफल ने मीडिया को बताया कि उनकी जमीन को लेकर पड़ोसी राजरानी पत्नी रामस्नेह से लंबे समय से विवाद चल रहा है, जो वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। पीड़िता के अनुसार घर के सामने स्थित पेड़ को लेकर भी विवाद चल रहा है।
सुखरानी का आरोप है कि राजरानी और उसके परिजनों ने उनकी जमीन पर जबरन कब्जा कर वहां घर बना लिया है। जब वह अपनी जमीन पर जाती हैं तो उनके साथ मारपीट की जाती है और जान से मारने की धमकी दी जाती है। इस मामले में अदालत द्वारा आरोपियों को नोटिस जारी किया गया था और गवाह पेश करने के निर्देश भी दिए गए थे, लेकिन आरोपियों ने गवाह पेश नहीं किए।
पीड़िता ने बताया कि 23 तारीख को पुलिस नोटिस लेकर राजरानी के घर पहुंची थी। उसी दिन बाद में आरोपियों ने उन्हें गाली-गलौज की। आरोप है कि राजरानी के बेटे ओम प्रकाश ने उनका हाथ पकड़कर घसीटा, कपड़े फाड़ दिए और गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की। इसी दौरान स्कूल से छुट्टी के बाद घर लौट रही एक महिला ने बीच-बचाव कर उनकी जान बचाई।
पीड़िता के अनुसार, घटना के समय ओम प्रकाश की मां और बहन सलोनी भी मौके पर आ गईं, जबकि मोनू ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। मारपीट के बाद सुखरानी बेहोशी की हालत में चली गईं, जिसके बाद ग्रामीणों ने तत्काल डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस की मदद से डायल 108 एंबुलेंस द्वारा पीड़िता को अस्पताल पहुंचाया गया।
सुखरानी ने प्रशासन से मांग की है कि उनकी जमीन से अवैध कब्जा तत्काल हटवाया जाए
और सुरक्षा प्रदान की जाए। उन्होंने आशंका जताई है कि भविष्य में यदि उन्हें या उनके परिवार को कोई नुकसान होता है तो इसके लिए आरोपी ही जिम्मेदार होंगे।

क्या है पूरा मामला

रायबरेली में महिला से मारपीट का आरोप, थाना प्रभारी से सख्त कार्रवाई की मांग

रायबरेली। थाना शिवगढ़ क्षेत्र के ग्राम राजापुरवा, पोस्ट दहिगवा की निवासी सुखरानी पत्नी रामफल ने पड़ोसियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए थाना प्रभारी को शिकायती प्रार्थना पत्र दिया है। पीड़िता के अनुसार विपक्षी ओमप्रकाश व मोनू पुत्र रामसनेही, उनकी मां राजरानी और बहन सलोनी ने उनके दरवाजे पर आकर गाली-गलौज की। विरोध करने पर लाठी-डंडों व लात-घूंसों से बेरहमी से मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई।
घटना दिनांक 13 नवम्बर 2025 को लगभग दोपहर 3 बजे की बताई जा रही है। उस समय पीड़िता के घर पर कोई अन्य सदस्य मौजूद नहीं था। मारपीट के बाद पीड़िता ने डायल 1076 पर सूचना दी, जिस पर 112 पुलिस और 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची और उन्हें सीएचसी शिवगढ़ में भर्ती कराया गया।
पीड़िता ने पुलिस से मामले को संज्ञान में लेकर आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने और न्याय दिलाने की मांग की है। मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

सुखरानी ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस आरोपियों के ऊपर हल्की धाराएं लगाई हुई है ताकि वह जल्दी छूट जाए और मेरी जान को खतरा है मुझे कभी भी कुछ हो सकता है जिसके जिम्मेवारी यही ऊपर दिए गए लोग होंगे।

सऊदी वर्क वीज़ा के नाम पर बड़ा फ्रॉड, कुशीनगर के युवक समेत चार लोगों से 5.60 लाख की ठगी

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कुशीनगर (उत्तर प्रदेश)।
सऊदी अरब में रोजगार दिलाने के नाम पर कुशीनगर के एक युवक के साथ बड़ा फ्रॉड सामने आया है। पीड़ित युवक नासिर का आरोप है कि उसके साथ अन्य तीन लोगों को भी इसी गिरोह ने शिकार बनाया और चारों से कुल मिलाकर ₹5,60,000 की ठगी की गई। मामला सऊदी वर्क वीज़ा आवेदन से जुड़ा है, जहां दस्तावेज़ों में गंभीर गड़बड़ियों और गलत विवरण दर्ज किए जाने का आरोप लगाया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नासिर का जन्म 01 जनवरी 1994 को कुशीनगर, उत्तर प्रदेश में हुआ है। वह भारतीय नागरिक है और पुरुष है। नासिर का कहना है कि उसके नाम पर सऊदी वर्क वीज़ा से संबंधित प्रक्रिया कराई गई, लेकिन इसमें उसके व्यक्तिगत दस्तावेज़ों से छेड़छाड़ की गई और वास्तविक तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया।
दस्तावेज़ों में भारी गड़बड़ी
पीड़ित के अनुसार, रिकॉर्ड में NASIR / RAJJAK नाम का इस्तेमाल किया गया है। दस्तावेज़ों में जारी करने का स्थान लखनऊ दर्शाया गया है। फाइल नंबर LK1060844283417 बताया जा रहा है। पुराने पासपोर्ट/दस्तावेज़ों के विवरण, जारी होने की तिथि और स्थान को लेकर भी कई विरोधाभास सामने आए हैं।
दस्तावेज़ों में माता का नाम AINULIYA KHATOON और पत्नी का नाम TAIBUN NESHA दर्ज है। पता H. No-14, नारायणपुर, शंकर पटखौली, कुशीनगर, पिन-274401, उत्तर प्रदेश बताया गया है। नासिर का आरोप है कि इन्हीं जानकारियों के आधार पर वीज़ा प्रक्रिया दिखाई गई, लेकिन न तो सही जानकारी दी गई और न ही वैध तरीके से प्रक्रिया पूरी की गई।
चार लोगों से 5.60 लाख की सामूहिक ठगी
नासिर ने बताया कि वह अकेला पीड़ित नहीं है। उसके साथ तीन अन्य युवकों से भी विदेश में नौकरी और वर्क वीज़ा दिलाने का झांसा देकर पैसे लिए गए। चारों से मिलकर ₹5,60,000 वसूले गए, लेकिन न तो वैध वीज़ा मिला और न ही विदेश जाने की प्रक्रिया पूरी हुई। बाद में पैसे मांगने पर टालमटोल की गई और संपर्क भी टूट गया।
कार्रवाई की मांग
पीड़ितों ने प्रशासन और संबंधित एजेंसियों से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, यह पता लगाया जाए कि किस एजेंट या गिरोह ने दस्तावेज़ों का दुरुपयोग किया और वीज़ा प्रक्रिया में हेराफेरी की। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई कर ठगी की रकम वापस दिलाई जाए।
यह मामला एक बार फिर विदेश भेजने के नाम पर चल रहे कथित फर्जीवाड़े और एजेंटों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

क्या है पूरा मामला

सऊदी वर्क वीज़ा के नाम पर 5.60 लाख की ठगी, कुशीनगर के चार युवक बने शिकार

कुशीनगर जिले से सऊदी अरब में रोजगार दिलाने के नाम पर बड़े फ्रॉड का मामला सामने आया है। पीड़ित युवक नासिर ने बताया कि उसके साथ ही तीन अन्य युवकों को भी विदेश भेजने का झांसा देकर ठगा गया। चारों से मिलकर कुल ₹5,60,000 की रकम ली गई, लेकिन न तो वैध वर्क वीज़ा मिला और न ही नौकरी।
पीड़ित के अनुसार, एजेंटों ने सऊदी अरब में पैकेजिंग वर्कर समेत अन्य पदों पर काम दिलाने का भरोसा दिलाया। शुरुआत में पासपोर्ट, आधार, फोटो और अन्य जरूरी दस्तावेज़ ले लिए गए। इसके बाद वीज़ा प्रक्रिया के नाम पर बार-बार पैसे मांगे गए। विश्वास में आकर नासिर और अन्य तीन युवकों ने तय रकम एजेंटों को सौंप दी।
कुछ समय बाद जब वीज़ा से जुड़े कागजात दिखाए गए, तो उनमें गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं। दस्तावेज़ों में नाम NASIR/RAJJAK, जारी करने का स्थान लखनऊ, फाइल नंबर LK1060844283417 जैसे विवरण दर्शाए गए, लेकिन कई जानकारियां आपस में मेल नहीं खा रही थीं। पुराने पासपोर्ट से संबंधित तिथियों और विवरणों में भी विरोधाभास पाया गया। नासिर का आरोप है कि उसके दस्तावेज़ों के साथ छेड़छाड़ कर गलत जानकारी दर्ज की गई।
नासिर ने बताया कि जब उन्होंने एजेंटों से सही वीज़ा, स्पॉन्सर और नौकरी की पुष्टि मांगी, तो उन्हें टालमटोल जवाब मिलने लगे। बाद में एजेंटों ने फोन उठाना भी बंद कर दिया। इसके बाद पीड़ितों को एहसास हुआ कि उनके साथ ठगी हो चुकी है।
अब नासिर और अन्य पीड़ितों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषियों की पहचान हो और ठगी की रकम वापस दिलाई जाए। यह मामला विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े और बेरोजगार युवाओं के शोषण पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

आगरा में विवाहिता का आरोप: ससुरालियों की प्रताड़ना से दहशत में महिला, मारपीट और जान से जलाने की धमकी; मुख्यमंत्री से लगाई न्याय की गुहार

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आगरा | जगदीशपुरा

उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक विवाहिता ने अपने ही ससुराल पक्ष पर लगातार मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न, गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि हालात इतने भयावह हो चुके हैं कि उसे किसी बड़ी अनहोनी की आशंका सता रही है, लेकिन स्थानीय स्तर पर अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाई है।

मामला थाना जगदीशपुरा क्षेत्र के किशोरपुरा आगरा का है। पीड़िता नेहा राठौर, पत्नी भारत, ने बताया कि उसकी शादी वर्ष 2022 में हुई थी। पति भारत ऑटो चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं और अधिकतर समय काम पर बाहर रहते हैं। नेहा का आरोप है कि जब पति घर पर नहीं होते, तब उसके ससुराल पक्ष के लोग उसे निशाना बनाते हैं।

नेहा के अनुसार, उसके ताऊ केशव देव और ताऊ का बेटा प्रशांत उसके ससुर खूबचंद को आए दिन शराब पिलाकर ओर सास मंजू को शिखा कर घर में हंगामा करवाते हैं। शराब के नशे में गाली-गलौज, मारपीट और अपमान आम बात हो गई है। नेहा का कहना है कि उसके ससुर खूबचंद खुलेआम कहते हैं कि “तुझे जान से मरवा देंगे, तेरा कहीं पता भी नहीं चलेगा, हमारी पहुंच बड़े-बड़े नेताओं और अधिकारियों तक है।”

पीड़िता का आरोप है कि पति भारत के ताऊ केशव देव और अन्य परिजन, भारत के पिता खूबचंद को शराब पिलाकर उकसाते हैं और कहते हैं कि “तू अपनी बहु को फ्री में लेकर आया है, उसके मायके से पैसे मंगवा।” यही नहीं, नेहा का कहना है कि जब वह अकेली होती है तो आरोपित उसके कमरे में घुसकर धमकाते हैं और कहते हैं कि “अगर इस घर से नहीं गई तो रोज ऐसा ही व्यवहार करेंगे।” उसे कई बार यह भी कहा गया कि “तुझे जिंदा जला देंगे और घर में रहने नहीं देंगे।”
नेहा ने यह भी आरोप लगाया है कि 25 दिसंबर 2025 को ताऊ ससुर ने उसकी पत्नी को जहर पिला कर जान से मारने की कोशिश भी की थी, जिससे मामला और भी गंभीर हो जाता है। लगातार प्रताड़ना, बदनामी और सामाजिक अपमान के कारण नेहा मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुकी है।

पीड़िता ने बताया कि उसने थाना जगदीशपुरा में शिकायत कराने की कोशिश की, लेकिन कोई ठोस सुनवाई नहीं हुई। अंततः मजबूर होकर उसने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को लिखित प्रार्थना पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है। पत्र में उसने आशंका जताई है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो उसके साथ कोई अप्रिय घटना घट सकती है।

नेहा ने मांग की है कि थाना प्रभारी जगदीशपुरा को तत्काल रिपोर्ट दर्ज करने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं, ताकि उसकी जान और सम्मान की रक्षा हो सके।

यह मामला एक बार फिर घरेलू हिंसा और महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। सवाल यह है कि जब एक पीड़िता बार-बार गुहार लगाने के बावजूद न्याय नहीं पा रही, तो उसे सुरक्षा कैसे मिलेगी। अब सबकी नजरें प्रशासन और शासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।

 

दवा के रिएक्शन ने छीनी चलने की ताकत, अब सिस्टम की अनदेखी से टूटी उम्मीदें: जौनपुर के विकलांग मोहम्मद शरीफ को साइकिल भी नहीं मिली

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जौनपुर।
जिले के केराकत विकास खंड अंतर्गत लोभी क्षेत्र के ग्राम हिसामपुर में रहने वाले 60 वर्षीय मोहम्मद शरीफ उमर की कहानी सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत को उजागर करती है। कुछ वर्ष पहले तक पूरी तरह स्वस्थ जीवन जी रहे मोहम्मद शरीफ आज कमर से नीचे पूरी तरह विकलांग हैं। बताया जाता है कि इलाज के दौरान ली गई दवाइयों के गंभीर रिएक्शन के कारण उनकी यह स्थिति हो गई, जिससे उनकी पूरी जिंदगी बदल गई।

विकलांगता के बाद मोहम्मद शरीफ की सबसे बड़ी समस्या आवागमन बन गई। इलाज, दवा, सरकारी दफ्तर या रोजमर्रा की जरूरतों के लिए उन्हें दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता है। इसी परेशानी को देखते हुए उन्होंने शासन द्वारा संचालित विकलांग सहायता योजना के तहत साइकिल प्राप्त करने के लिए निर्धारित कैंप में ऑनलाइन आवेदन किया। आवेदन के बाद उन्हें रसीद भी दी गई और यह भरोसा दिलाया गया कि साइकिल उपलब्ध होते ही उन्हें प्रदान कर दी जाएगी।

लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी मोहम्मद शरीफ को साइकिल नहीं मिली। इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि बाद में उन्हें जानकारी मिली कि जिस साइकिल के लिए उन्होंने आवेदन किया था, वह उनके स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को दे दी गई। एक जरूरतमंद विकलांग बुजुर्ग के साथ हुई इस कथित अनदेखी ने स्थानीय लोगों में भी नाराजगी पैदा कर दी है।

मोहम्मद शरीफ ने इस संबंध में जिलाधिकारी जौनपुर को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। अपने पत्र में उन्होंने साफ लिखा है कि वह एक गरीब और विकलांग व्यक्ति हैं, उन्हें साइकिल की अत्यधिक आवश्यकता है, लेकिन बार-बार आवेदन और प्रयास के बावजूद उन्हें योजना का लाभ नहीं दिया गया। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि उनके मामले की निष्पक्ष जांच कराकर उन्हें नियमानुसार साइकिल उपलब्ध कराई जाए।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सरकार विकलांगों के लिए कई योजनाओं का प्रचार करती है, लेकिन जब वास्तविक जरूरतमंद सामने आता है तो उसे दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। मोहम्मद शरीफ की उम्र बढ़ रही है, बीमारी बढ़ रही है, लेकिन सरकारी फाइलें आगे नहीं बढ़ रहीं।

यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति की परेशानी नहीं, बल्कि उन तमाम विकलांग और गरीब लोगों की आवाज है, जो योजनाओं के कागजी दावों और जमीनी हकीकत के बीच पिस रहे हैं। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस मामले में कितनी गंभीरता दिखाता है और क्या मोहम्मद शरीफ को उनका हक मिल पाता है या नहीं।

सिर्फ 7 गेंदों की पड़ गई कमी, वरना अंग्रेज बल्लेबाज टेस्ट में चकनाचूर कर देता वर्ल्ड रिकॉर्ड

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इंग्लैंड की टीम ने एशेज टेस्ट सीरीज के चौथे मुकाबले में शानदार अंदाज में जीत कर ली। इस मैच में टीम के लिए गेंदबाजों और बल्लेबाजों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया।इंग्लैंड क्रिकेट टीम ने चौथे टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलियाई टीम को चार विकेट से हरा दिया और साल 2011 के बाद ऑस्ट्रेलियाई धरती पर अपनी पहली टेस्ट जीत हासिल कर ली। इंग्लैंड के लिए जोस टंग, हैरी ब्रूक, जैकब बेथल और बेन डकेट ने अहम योगदान दिया। इस मैच में पूरी टीम ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया और ऑस्ट्रेलियाई टीम को संभलने का बिल्कुल मौका नहीं दिया। इसी वजह से टीम को जीत मिल गई। मैच में डकेट ने एक खास उपलब्धि भी हासिल कर ली।
बेन डकेट ने टेस्ट में पूरे किए 3000 रन
स्टार बल्लेबाज बेन डकेट इंग्लैंड के लिए पहली पारी में तो खास कमाल नहीं दिखा पाए और सिर्फ दो रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद दूसरी पारी में उन्होंने सधी हुई बल्लेबाजी की। लेकिन अच्छी शुरुआत को वह बड़ी पारी में नहीं बदल पाए। उन्होंने 26 गेंदों में कुल 34 रन बनाए, जिसमें चार चौके और एक छक्का शामिल रहा। इसी के साथ उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में अपने 3000 रन पूरे कर लिए।

हैरी ब्रूक का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ने से चूके डकेट
बेन डकेट ने टेस्ट क्रिकेट में अपने 3000 रन 3474 गेंदों में पूरे किए हैं। वह टेस्ट में सबसे कम गेंदों में 3000 रन पूरे करने वाले दूसरे सबसे तेज बल्लेबाज बने हैं। टेस्ट में सबसे कम गेंदों में 3000 रन पूरे करने का वर्ल्ड रिकॉर्ड इंग्लैंड के ही हैरी ब्रूक के नाम है अगर डकेट 7 गेंद पहले अपने 3000 टेस्ट रन पूरे कर लेते, तो वह आसानी से ब्रूक का रिकॉर्ड तोड़ सकते थे। लेकिन ऐसा हो नहीं सका और वह बड़े कीर्तिमान से चूक गए।

टेस्ट क्रिकेट में सबसे कम गेंदों में 3000 रन पूरे करने वाले बल्लेबाज:

बल्लेबाज गेंद
हैरी ब्रूक 3468
बेन डकेट 3474
एडम गिलक्रिस्ट 3610
डेविड वॉर्नर 4047
ऋषभ पंत 4095इंग्लैंड के लिए साल 2016 में किया था डेब्यू
बेन डकेट ने इंग्लैंड की टीम के लिए साल 2016 में टेस्ट में डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने टीम के लिए कुल 42 मुकाबले खेले, जिसमें उनके बल्ले से 3005 रन निकले। इस दौरान उन्होंने 6 शतक और 16 अर्धशतक लगाए हैं। इसके अलावा वनडे क्रिकेट में भी उनके नाम पर 1237 रन दर्ज हैं।

ट्रंप और जेलेंस्की की मुलाकात से पहले रूस ने किया यूक्रेन पर बहुत बड़ा हमला, मिसाइल और ड्रोन अटैक से दहला कीव

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रूस-यूक्रेन युद्ध शांति योजना पर अमेरिकी राष्ट्र्पति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के प्रेसिडेंट व्लादिमिर जेलेंस्की के बीच रविवार को होने वाली मुलाकात से पहले रूस ने कीव पर बड़ा हमला कर दिया है।कीव: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमिर जेलेंस्की की रविवार को होने वाली मुलाकात से पहले रूस ने यूक्रेन पर बहुत बड़ा हमाल किया है। रूस ने यह हमला ट्रंप की शांति योजना पर जनमत संग्रह कराने की तैयारी के घंटों बाद किया है। शनिवार को रूस ने कीव पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमला शुरू किया। इससे यूक्रेन की राजधानी बड़े हमलों से दहल उठी। हालांकि अभी तक मौतों और घायलों की सूचना नहीं मिल सकी है।
विदेशयूरोपट्रंप और जेलेंस्की की मुलाकात से पहले रूस ने किया यूक्रेन पर बहुत बड़ा हमला, मिसाइल और ड्रोन अटैक से दहला कीव
ट्रंप और जेलेंस्की की मुलाकात से पहले रूस ने किया यूक्रेन पर बहुत बड़ा हमला, मिसाइल और ड्रोन अटैक से दहला कीव
रूस-यूक्रेन युद्ध शांति योजना पर अमेरिकी राष्ट्र्पति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के प्रेसिडेंट व्लादिमिर जेलेंस्की के बीच रविवार को होने वाली मुलाकात से पहले रूस ने कीव पर बड़ा हमला कर दिया है।
यूक्रेन पर रूसी सेना का हमला
यूक्रेन पर रूसी सेना का हमल
कीव: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमिर जेलेंस्की की रविवार को होने वाली मुलाकात से पहले रूस ने यूक्रेन पर बहुत बड़ा हमाल किया है। रूस ने यह हमला ट्रंप की शांति योजना पर जनमत संग्रह कराने की तैयारी के घंटों बाद किया है। शनिवार को रूस ने कीव पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमला शुरू किया। इससे यूक्रेन की राजधानी बड़े हमलों से दहल उठी। हालांकि अभी तक मौतों और घायलों की सूचना नहीं मिल सकी है।

अंधेरे में डूबा कीव
रूस के भयानक हमले के बाद यूक्रेनी शहर में बड़े पैमाने पर बिजली कटौती हुई। इससे राजधानी कीव अंधेरे में डुब गई। रूस ने यह हमला तब किया, जब कुछ घंटे पहले ही ज़ेलेंस्की ने एक्सिओस को बताया था कि अगर रूस 60 दिनों के युद्धविराम पर सहमत होता है, तो वे ट्रंप की शांति योजना पर जनमत संग्रह कराने को “तैयार” हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका-यूक्रेन समझौते के अधिकांश हिस्से तय हैं और पांच दस्तावेज़ों में लिखित रूप दिए जा चुके हैं। सुरक्षा गारंटी को लगभग अंतिम रूप दिया जा चुका है। वे रविवार को मार-ए-लागो में ट्रंप से मिलने वाले हैं।
कीव पर दबाव बढ़ाने की प्रयास
ऐसा माना जा रहा है कि ट्रंप से जेलेंस्की की मुलाकात से ठीक एक दिन पहले हुआ ये हमला यूक्रेन पर दबाव बढ़ाने की रणनीति हो सकती है। ताकि यूक्रेन ज्यादातर रूसी शर्तों को मानने के लिए तैयार हो जाए। ज़ेलेंस्की ने अपने बयान में कहा है कि वैध मतदान के लिए कम से कम 60 दिनों का युद्धविराम “न्यूनतम” है। रिपोर्ट्स के अनुसार रूस छोटी समय सीमा चाहता है। मगर इससे पहले ही शनिवार की सुबह रूस ने यूक्रेन पर हमला कर दिया। हालांकि यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली एक्टिव रही। रूस ने कीव और अन्य क्षेत्रों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। यह हमला तब हुआ, जब ज़ेलेंस्की रविवार को फ्लोरिडा के मार-ए-लागो में ट्रंप से मिलने वाले हैं, जहां क्षेत्रीय मुद्दों और सुरक्षा गारंटी पर चर्चा होगी। ट्रंप की 20-सूत्री शांति योजना का ड्राफ्ट लगभग 90% तैयार है, लेकिन डोनबास क्षेत्र पर मतभेद बाकी हैं।

आजमगढ़ से बड़ी खबर | पति और 14 महीने का बच्चा रहस्यमय परिस्थितियों में लापता — पत्नी रिचा श्रीवास्तव ने लगाया अपहरण का गंभीर आरोप, बोलीं: “मेरे मासूम बच्चे को मुझसे छीन लिया… पुलिस सुन नहीं रही”

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आजमगढ़ | बिलरियागंज थाना क्षेत्र | विशेष रिपोर्ट

ग्राम मधनापार, थाना बिलरियागंज (आजमगढ़) से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां एक मां अपने 14 महीने के मासूम बेटे और पति दोनों की तलाश में दर–दर भटक रही है। पीड़िता रिचा श्रीवास्तव, पत्नी दिवेश श्रीवास्तव, ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया है कि 15 नवंबर 2025 की शाम करीब 4.30 बजे उनके पति 14 महीने के बच्चे को लेकर बाजार गए थे, लेकिन उसके बाद आज तक वापस नहीं लौटे।

पति को खोजने की कोशिशें नाकाम

रिचा के अनुसार, उन्होंने अपने पति और बच्चे की खोज में गांव–रिश्तेदार–दोस्त—हर जगह तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। पति के मोबाइल नंबर 78805XXXXX पर लगातार कॉल किया गया, परंतु फोन बंद मिला।

रिचा ने अपने आवेदन में लिखा है कि वह बंधन बैंक, महराजगंज रोड, बिलरियागंज के पास किराये के मकान में रहती हैं और उनके पति पास के ही विजय मेमोरियल स्कूल, मधनापार में मैनेजमेंट का काम करते थे।

“मेरे पति और बच्चे को किडनैप किया गया है” — रिचा का बड़ा आरोप

रिचा श्रीवास्तव ने अपने प्रार्थना पत्र और बयान में गंभीर आरोप लगाया है कि—

> “मेरे ननद वंदना श्रीवास्तव, नंदोई राजमणि यादव और चचेरे ससुर सुनील श्रीवास्तव सहित कुछ लोगों ने मेरे पति और मेरे मासूम बच्चे को किडनैप कर लिया है। पहले मुझे घर से बेदखल किया गया और अब मेरे पति–बच्चे को छीन लिया गया है।”

पीड़िता का कहना है कि उन्होंने पहले गांव में किराए के मकान में रहने की कोशिश की, लेकिन वहां भी उन्हें परेशान किया गया।

“मेरे चचेरे ससुर की गंदी नजर थी, उसी वजह से मेरे घर में विवाद हुआ”

रिचा ने बताया कि उनके चचेरे ससुर सुनील श्रीवास्तव की उन पर गलत नजर थी, जिसकी वजह से उनके पति ने उन्हें गांव में ही किराये के दूसरे मकान पर रहने के लिए भेज दिया।

लेकिन रिचा का आरोप है कि—

> “वहां भी मुझे रहने नहीं दिया गया। बाद में मेरे पति और बच्चे को किडनैप करवा दिया गया। अब मैं पूरी तरह बेघर हूं। न मेरा पति मिल रहा है, न मेरा बच्चा।”

“मेरा 14 महीने का बच्चा दूध पीता है… वह मेरे बिना नहीं रह सकता”

रिचा श्रीवास्तव ने कहा—

> “मेरा बच्चा सिर्फ 14 महीने का है, वह दूध पीता है… इतना छोटा बच्चा मां के बिना कैसे रह सकता है? पुलिस कहती है बच्चा बाप के पास है, तुम क्यों परेशान हो? पर मुझे पूरा यकीन है कि बच्चा और पति मेरे चचेरे ससुर सुनील श्रीवास्तव के पास ही हैं। मैं कई दिनों से रो–रोकर परेशान हूं।”

पुलिस से लगाई गुहार — “मेरे पति–बच्चे को ढूंढा जाए”

रिचा ने बिलरियागंज थाना में लिखित आवेदन देकर पति और बच्चे की गुमशुदगी दर्ज करने और संदेहियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
उन्होंने कहा कि अभी तक कोई ठोस कार्रवाई देखने को नहीं मिली।

मीडिया और प्रशासन से रिचा की अपील

> “मैं मीडिया और प्रशासन दोनों से हाथ जोड़कर अपील करती हूं कि मेरे पति दिवेश और मेरे 14 महीने के मासूम बच्चे को जल्द से जल्द खोजकर मुझे वापस दिलाया जाए। मेरे दुश्मन मुझे बेघर कर चुके हैं… अब मेरा परिवार भी मुझसे छीना जा रहा है।”

किसी के पास कोई जानकारी हो तो तुरंत संपर्क करें

यदि किसी भी व्यक्ति को दिवेश श्रीवास्तव (उम्र 36 वर्ष) और उनके 14 महीने के बच्चे के बारे में कोई भी सूचना हो, तो कृपया तुरंत इस नंबर पर संपर्क करें—

6306273251
या नजदीकी थाने में सूचना दें।