Friday, March 27, 2026
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इजरायल के खुफिया एजेंटों का बड़ा खुलासा, साझा की गोपनीय अभियान की जानकारी

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इजरायल ने कुछ महीनों पहले पेजर विस्फोट कर हिजबुल्लाह के आतंकियों को निशाना बनाया था। अब पहली बार इजरायली सेवानिवृत्त खुफिया एजेंटों ने बताया है कि उन्होंने कैसे इसकी प्लानिंग की थी।
वाशिंगटन: हाल में सेवानिवृत्त हुए इजरायल के दो वरिष्ठ खुफिया एजेंटों ने एक बेहद गोपनीय अभियान के बारे में नई जानकारी साझा की की है। खुफिया एजेंटों ने बताया कि कैसे लेबनान और सीरिया में करीब तीन महीने पहले हिजबुल्लाह के आतंकियों को ‘पेजर’ और ‘वॉकी टॉकी’ में विस्फोट कर निशाना बनाया गया था। रविवार रात को प्रसारित सीबीएस ‘60 मिनट्स’ कार्यक्रम के एक हिस्से में एजेंटों ने बात की। उन्होंने अपनी पहचान छिपाने के लिए मास्क पहने थे और उनकी आवाज बदली हुई थी।

हिजबुल्लाह को भनक तक नहीं थी
एक एजेंट ने बताया कि यह अभियान 10 साल पहले गोपनीय तरीके से छिपाकर लगाए गए विस्फोटकों से युक्त ‘वॉकी-टॉकी’ के इस्तेमाल के जरिए शुरू किया गया था, जिसके बारे में हिजबुल्लाह को पता नहीं था कि वह अपने दुश्मन इजरायल से खरीद रहा है। ‘वॉकी-टॉकी’ में सितंबर तक विस्फोट नहीं किया गया था, लेकिन बम से भरे पेजर में विस्फोट की घटना के बाद ‘वॉकी-टॉकी’ में भी विस्फोट कर दिया गया।

की गई थी पूरी प्लानिंग
एक अधिकारी ने कहा, ‘‘हमने एक काल्पनिक दुनिया रची, जिसका नाम ‘‘माइकल’’ रखा गया।’’ दूसरे अधिकारी ने बताया कि योजना के दूसरे चरण में पेजर का इस्तेमाल किया गया था और इस योजना पर 2022 में काम शुरू हुआ था, जब इजरायल की मोसाद खुफिया एजेंसी को पता चला कि हिजबुल्लाह ताइवान की एक कंपनी से पेजर खरीद रहा है। उन्होंने बताया कि पेजर को थोड़ा बड़ा बनाना पड़ा ताकि अंदर छिपे विस्फोटकों को रखा जा सके। विस्फोटक की सही मात्रा का पता लगाने के लिए कई बार डमी पर उनका परीक्षण किया गया, ताकि सिर्फ हिजबुल्लाह के लड़ाकों को ही नुकसान पहुंचे, ना कि उसके आसपास मौजूद किसी और को।
एजेंट ने क्या कहा?
मोसाद ने कई ‘रिंग टोन’ का परीक्षण किया ताकि ऐसी ‘रिंग टोन’ ढूंढी जा सके जो इतनी जरूरी लगे कि कोई व्यक्ति अपनी जेब से पेजर निकाल ले। ‘गैब्रियल’ नाम के दूसरे एजेंट ने कहा कि हिजबुल्लाह को भारी पेजर को लेने के लिए राजी करने में दो सप्ताह लग गए। कुछ हद तक इसके लिए यूट्यूब पर गलत विज्ञापनों का उपयोग करके उपकरणों को धूलरोधी, जलरोधी, लंबी बैटरी जीवन प्रदान करने वाले और अन्य के रूप में प्रचारित किया गया। गैब्रियल ने इस खुफिया योजना की तुलना 1998 की एक मनोवैज्ञानिक फिल्म से की, जो एक ऐसे व्यक्ति के बारे में है जिसे इस बात का कोई अंदाजा नहीं है कि वह एक झूठी दुनिया में जी रहा है और उसके परिवार एवं दोस्त बस अभिनेता मात्र हैं जिन्हें उसकी झूठी दुनिया के भ्रम को बनाए रखने के लिए भुगतान किया जाता है।

हर चीज पर थी नजर
गैब्रियल ने कहा, ‘‘जब वो हमसे खरीद रहे होते थे, तो उन्हें इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं होता था कि वो मोसाद से खरीद रहे हैं। हम ‘ट्रूमैन शो’ की तरह काम करते हैं, पर्दे के पीछे से सबकुछ हम ही नियंत्रित करते हैं। वहीं, उन्हें सबकुछ सामान्य अनुभव होता है। व्यवसायी, मार्केटिंग, इंजीनियर, शोरूम सहित सब कुछ 100 प्रतिशत सही था। नतीजतन, सितंबर तक हिजबुल्लाह के आतंकवादियों की जेबों में 5,000 पेजर थे।’’

किसान दिवस: देश के किसानों की आय में कितनी हुई बढ़ोतरी, अन्नदाताओं के लिए कितने बदले हालात

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एसएएस के नतीजों, 2018-19 के दौरान खेती-किसानी से जुड़े भारतीय परिवारों की औसत मासिक आय 10,218 रुपये थी। जबकि, 2012-13 के दौरान खेती-किसानी से जुड़े भारतीय परिवारों की औसत मासिक आय 6426 रुपये थी।
भारत के पांचवें प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की आज जयंती है। देश के तमाम छोटे किसानों की आवाज उठाने वाले दिग्गज किसान नेता चौधरी चरण सिंह का जन्म आज ही के दिन यानी 23 दिसंबर को 1902 में उत्तर प्रदेश के हापुड़ में हुआ था। किसान नेता चौधरी चरण सिंह को श्रद्धांजलि देने के लिए भारत में हर साल 23 दिसंबर को राष्ट्रीय किसान दिवस के रूप में मनाया जाता है। आज किसान दिवस के मौके पर हम जानेंगे कि पिछले 10 साल में भारतीय किसानों की आमदनी में कितनी बढ़ोतरी हुई है?
NSSO ने किया था सर्वे
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्री अर्जुन मुंडा ने इस साल फरवरी में किसानों की आय से जुड़े अहम आंकड़े जारी किए थे। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस (NSSO) ने देश के ग्रामीण इलाकों में कृषि वर्ष जुलाई 2018- जून 2019 के संदर्भ में NSS के 77वें राउंड (जनवरी 2019- दिसंबर 2019) के दौरान कृषि से जुड़े परिवारों की स्थिति का एसेसमेंट सर्वे (SAS) किया। NSSO द्वारा कृषि वर्ष जुलाई 2012-जून 2013 के संदर्भ में एनएसएस के 70वें राउंड (जनवरी 2013-दिसंबर 2013) के दौरान भी इसी तरह का एक सर्वे किया गया था।

किसानों की औसत आय में कितनी बढ़ोतरी दर्ज की गई
एसएएस के नतीजों, 2018-19 के दौरान खेती-किसानी से जुड़े भारतीय परिवारों की औसत मासिक आय 10,218 रुपये थी। जबकि, 2012-13 के दौरान खेती-किसानी से जुड़े भारतीय परिवारों की औसत मासिक आय 6426 रुपये थी। केंद्र सरकार ने किसानों की आय में बढ़ोतरी करने और उनके जीवन को खुशहाल बनाने के लिए कई नीतियों में जरूरत के हिसाब से बदलाव और सुधार किए हैं। इसके साथ ही, सरकार ने किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए कई नई योजनाओं की भी शुरुआत की है।

पीएम किसान के जरिए किसानों को इनकम सपोर्ट
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY)
कृषि क्षेत्र के लिए इंस्टीट्यूशनल क्रेडिट
उत्पादन पर आने वाली लागत का डेढ़ गुना एमएसपी के रूप में तय करना
देश में जैविक खेती को बढ़ावा देना
प्रति बूंद अधिक फसल
माइक्रो इरिगेशन फंड
किसान उत्पादक संगठनों को बढ़ावा देना
राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन एवं शहद मिशन (NBHM)
कृषि यंत्रीकरण
किसानों को सॉइल हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराना
राष्ट्रीय कृषि बाजार (e-NAM) एक्सटेंशन प्लेटफॉर्म की स्थापना
राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन- ऑयल पाम
एग्री इंफ्रा फंड
कृषि उपज लॉजिस्टिक्‍स में सुधार, किसान रेल की शुरुआत
इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टीकल्चर के लिए मिशन (MIDH)
कृषि और इससे जुड़े सेक्टर में स्टार्ट-अप इकोसिस्टम स्थापित करना
कृषि और कृषि वस्तुओं के निर्यात में सफलता
नमो ड्रोन दीदी योजना
योजनाओं से मिल रहे हैं शानदार नतीजे
अर्जुन मुंडा ने फरवरी, 2024 में लोकसभा में एक लिखित उत्तर में ये सभी जानकारियां साझा की थीं। सरकार की इन कोशिशों से कृषि और इससे जुड़े सेक्टर के सकल मूल्‍य वर्धन (GVA ) में बढ़ोतरी हुई है, जिससे पिछले 5 सालों में 4 प्रतिशत की औसत वार्षिक वृद्धि दर दर्ज की गई है। सरकार की इन योजनाओं के शुरू होने से किसानों की इनकम बढ़ाने के उद्देश्य में शानदार नतीजे मिले हैं।

सबसे प्रदूषित शहर, 100 करोड़ का शराब घोटाला, दिल्ली बेहाल’, BJP ने AAP और केजरीवाल के खिलाफ जारी किया आरोपपत्र

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भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने आम आदमी पार्टी (AAP), दिल्ली सरकार और पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल पर आरोपों की झड़ी लगाई है। इसको लेकर बीजेपी ने एक आरोपपत्र जारी किया है।
दिल्ली में अगले साल फरवरी के महीने में विधानसभा के चुनाव हैं। इसको लेकर दिल्ली की राजनीति काफी गर्म हो गई है। दिल्ली सरकार, आम आमदी पार्टी (AAP) और पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल के खिलाफ बीजेपी ने आरोपों की एक लिस्ट जारी की है।
बीजेपी ने आरोपों की लगाई झड़ी
सोमवार को बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर, दिल्ली भाजपा प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा और अन्य पार्टी नेताओं ने अरविंद केजरीवाल सरकार के खिलाफ ये आरोप पत्र जारी किया है। इन आरोपों कि लिस्ट में दिल्ली सरकार और अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा गया है।
सड़क, पीने के पानी और बिजली की व्यवस्था बहुत ज्यादा खराब
बीजेपी नेताओं ने आरोपपत्र की एक बुकलेट जारी की है। इसमें बताया गया कि आम आदमी पार्टी के सरकार में 1200 से ज्यादा AQI रहने के कारण दिल्ली सबसे प्रदूषित शहर बन गया। दिल्ली सरकार ने 100 करोड़ का शराब घोटाला किया। इसके साथ ही बीजेपी ने आरोपपत्र में बताया गया कि दिल्ली में सड़क, पीने के पानी और बिजली की व्यवस्था बहुत ज्यादा खराब है। इन सब चीजों को लेकर दिल्ली में एक आम आदमी पार्टी की सरकार से दुखी हैं।

केजरीवाल के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुद्दा प्रमुख
बता दें कि दिल्ली में अगले साल फरवरी के महीने में विधानसभा के चुनाव हैं। इसलिए आम आदमी पार्टी और बीजेपी के नेताओं के बीच बयानबाजी और आरोपों का दौर शुरू हो गया है। बीजेपी ने इस बार अरविंद केजरीवाल और उनके मंत्रियों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुद्दा प्रमुखता से उठाया हुआ है।

AAP सरकार ने महिला सम्मान योजना का शुरू किया रजिस्ट्रेशन
वहीं, आम आदमी पार्टी की सरकार ने चुनाव को देखते हुए दिल्ली में महिलाओं को लेकर महिला सम्मान और संजीवनी योजना का रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है। आप सरकार ने मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना के तहत हर महीने 2100 रुपये देने का वादा किया है।

GST काउंसिल की बैठक शुरू हुई, इंश्योरेंस प्रीमियम पर टैक्स घटाने समेत ये फैसले होने की उम्मीद

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वरिष्ठ नागरिकों के अलावा अन्य व्यक्तियों द्वारा पांच लाख रुपये तक के कवरेज वाले स्वास्थ्य बीमा के लिए भुगतान किए गए प्रीमियम पर जीएसटी से छूट देने का प्रस्ताव किया गया है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में राजस्थान के जैसलमेर में जीएसटी काउंसिल की 55वीं बैठक शनिवार को शुरू हो गई है। बैठक में स्वास्थ्य और जीवन बीमा प्रीमियम पर टैक्स की दर कम करने के अलावा 148 वस्तुओं पर कर की दर में फेरबदल पर विचार किया जा सकता है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता वाली जीएसटी परिषद में राज्य सरकारों के मंत्री भी शामिल हुए हैं। बैठक में विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) को भी वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में लाने पर विचार-विमर्श किया जाएगा। परिषद के एजेंडे में प्रमुख मुद्दा स्वास्थ्य और जीवन बीमा पर जीएसटी दर तय करना है। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में परिषद द्वारा गठित मंत्रिसमूह (जीओएम) ने नवंबर में अपनी बैठक में सावधि जीवन बीमा पॉलिसियों के लिए भुगतान किए जाने वाले बीमा प्रीमियम को जीएसटी से छूट देने पर सहमति व्यक्त की थी।
5 लाख तक बीमा कवर पर बड़ी राहत संभव
इसके अलावा, वरिष्ठ नागरिकों द्वारा स्वास्थ्य बीमा कवर के लिए भुगतान किए गए प्रीमियम को भी कर से छूट देने का प्रस्ताव किया गया है। इसके अलावा, वरिष्ठ नागरिकों के अलावा अन्य व्यक्तियों द्वारा पांच लाख रुपये तक के कवरेज वाले स्वास्थ्य बीमा के लिए भुगतान किए गए प्रीमियम पर जीएसटी से छूट देने का प्रस्ताव किया गया है। हालांकि, पांच लाख रुपये से अधिक के स्वास्थ्य बीमा कवर वाली पॉलिसियों के लिए भुगतान किए गए प्रीमियम पर 18 प्रतिशत जीएसटी जारी रहेगा। जीएसटी के तहत बीमा कराधान पर अंतिम फैसला शनिवार को होने की संभावना है क्योंकि ज्यादातर राज्य आम आदमी को राहत देने के लिए प्रीमियम पर कर कम करने के पक्ष में हैं।

रेडीमेड कपड़ों पर बढ़ सकता है टैक्स
मंत्रियों के समूह ने रेडीमेड कपड़ों पर टैक्स रेट को तर्कसंगत बनाने का प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने 1,500 रुपये तक की लागत वाले रेडीमेड कपड़ों पर 5% जीएसटी जबकि 1500 रुपये से 10000 रुपये तक की लागत वाले कपड़ों पर 18% GST का प्रस्ताव रखा है। वहीं 10,000 रुपये से अधिक कीमत वाले परिधानों पर 28% कर लगेगा। मंत्री समूह ने 15,000 रुपये प्रति जोड़ी से अधिक कीमत वाले जूतों पर GST की दर 18% से बढ़ाकर 28% करने का भी प्रस्ताव रखा है। 19 अक्टूबर को हुई पिछली बैठक में 25,000 रुपये से अधिक मूल्य की कलाई घड़ियों पर जीएसटी दर 18% से बढ़ाकर 28% करने का भी प्रस्ताव किया गया था।

IND vs AUS: रविचंद्रन अश्विन के रिटायरमेंट का फैसला सुन चौंक गए थे जडेजा, बताया मुझे नहीं था इसका अंदाजा

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रविचंद्रन अश्विन के इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास के अचानक फैसले को सुनकर सभी फैंस जहां हैरान रह गए थे तो वहीं उनके साथ लंबे समय तक खेलने वाले रवींद्र जडेजा ने भी अब इस बात का खुलासा किया है कि उन्हें भी सिर्फ 5 मिनट पहले अश्विन के इस फैसले के बारे में जानकारी हुई थी।
रविचंद्रन अश्विन ने जब गाबा टेस्ट मैच के खत्म होने के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट से अपने संन्यास का ऐलान किया था तो फैंस सहित काफी सारे पूर्व खिलाड़ियों ने इसपर अपनी हैरानी व्यक्त की थी। वहीं अब उनके साथ लंबे समय तक खेलने वाले स्टार ऑलराउंडर खिलाड़ी रवींद्र जडेजा का भी पहला रिएक्शन सामने आया है जिसमें उन्होंने इस बात का खुलासा किया है कि उन्हें भी अश्विन के रिटायरमेंट लेने के फैसले के बारे में बिल्कुल भी नहीं पता था और सिर्फ 5 मिनट पहले उन्हें ये जानकारी मिली।
मैं पूरे दिन उनके साथ था लेकिन इसका बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था
रवींद्र जडेजा ने मेलबर्न में खेले जाने वाले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज के चौथे मुकाबले से पहले वहां पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान 21 दिसंबर को दिए अपने बयान में बताया कि मैं अश्विन के साथ पूरे दिन था लेकिन उन्हें उनके रिटायरमेंट की खबर बिल्कुल आखिरी समय पर मिली वह भी प्रेस कॉन्फ्रेंस से ठीक 5 मिनट पहले, ये मेरे लिए काफी चौंकाने वाला जरूर था। हम सभी जानते हैं अश्विन का दिमाग किस तरह से काम करता है। वह मेरे लिए मैदान पर एक मेंटर के तौर पर काम करते थे। हमने कई सालों तक साथ खेला है। हम मैदान पर लगातार एक-दूसरे को जरूरी सलाह देते रहते थे कि किस तरह हालात को देखते हुए गेंदबाजी करनी होगी और बल्लेबाज क्या करने की सोच रहा है।

मैं उन्हें काफी मिस करूंगा
जडेजा ने अपने बयान में आगे कहा कि मैं मैदान पर अश्विन को काफी मिस करूंगा। हम उम्मीद कर सकते हैं कि हमें उनसे बेहतर ऑलराउंडर बल्लेबाज और गेंदबाज मिलेगा। ऐसा नहीं है उन्हें कोई खिलाड़ी रिप्लेस नहीं कर सकता है, लेकिन उसके लिए हमें प्रयास करना होगा। भारत में आपको एक से एक बेहतरीन टैलेंट जरूर मिलेंगे और ऐसा नहीं है कि कोई किसी को रिप्लेस नहीं कर सकता है। अब हमें इससे आगे बढ़ना होगा और किसी युवा खिलाड़ी को मौका देना होगा जो इसे पूरी तरह से भुना सके।

उज्जैन में ‘गायब’ हो रही कुंभ की जमीन! BJP विधायक बोले- अब कहां लगेगा सिंहस्थ, टेंशन में आया प्रशासन

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उज्जैनः मध्य प्रदेश के उज्जैन से बड़ी खबर सामने आई है. यहां हर 12 साल में लगने वाले कुंभ यानी सिंहस्थ मेले की जमीन को लेकर गड़बड़ियां सामने आई हैं. कुंभ मेले वाली जमीन कर अवैध कब्जा बढ़ता जा रहा है. खुद बीजेपी विधायक ने बढ़ते अतिक्रमण को लेकर चिंता जाहिर की है. उन्होंने कहा कि सिंहस्थ कहां लगेगा. साथ ही कांग्रेस नेता ने भी अतिक्रमण होने की बात कही है. आइए विस्तार से जानते हैं पूरा मामला…

बीजेपी विधायक चिंतामणि मालवीय ने कहा सरकारी आती जाती रहती हैं, लेकिन सिंहस्थ कई हजारों साल से लगातार आयोजित किया जा रहा है. ऐसे में हिंदुओं की आस्था के केंद्र सिंहस्थ को लेकर भी लगातार गड़बड़ियां सामने आ रही हैं. सिंहस्थ क्षिप्रा नदी के किनारे आयोजित किया जाता है. उसके आसपास की जमीनों पर लगातार अतिक्रमण किया जा रहा है. उन्हें खुर्द बुर्द किया जा रहा है. ऐसे में सरकार को उसे तरफ ध्यान देना चाहिए, सरकार को जांच करानी चाहिए कि आखिर कौन वह लोग हैं जो सिंहस्थ की जमीन पर लगातार अतिक्रमण कर रहे हैं.
कांग्रेस की विधायक राम सिया भारती का कहना है कि यदि हम सवाल उठाते हैं तो सत्ता पक्ष कहता है कि कांग्रेस आरोप लगा रही है. लेकिन जब उनके ही विधायक अगर सिंहस्थ की जमीन में हेरा फेरी का आरोप लगा रहे हैं तो मामला बेहद गंभीर है. सिंहस्थ लाखों करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है और यदि उसकी जमीन में गड़बड़ी की जाएगी तो आने वाले समय में सिंहस्थ कहां लगेगा? इसको लेकर सवाल खड़ा होता है, ऐसे में सरकार को इस मामले में गंभीरता से ध्यान देना चाहिए ताकि हिंदुओं की आस्था आहत न हो.
गौरतलब है कि अक्टूबर महीने में भी सिंहस्थ की भूमि पर किए जा रहे अवैध कब्जे के खिलाफ कार्रवाई की गई थी. जिसमें मदीना कॉलोनी में सिंहस्थ भूमि पर अवैध कब्जे को हटाया गया था. शहर के जूना सोमवारिया स्थित मदीना कॉलोनी में प्रशासन ने करीब 80 मकान और 10 गोदामों को हटाया था. इस कार्रवाई में सिंहस्थ मेले के लिए आरक्षित करीब 3 हेक्टेयर भूमि पर अवैध रूप से किए गए अतिक्रमण को हटाया गया था. बता दें कि, साल 2028 में उज्जैन की क्षिप्रा नदी के किनारे सिंहस्थ आयोजित होना है. करोड़ों हिंदू भक्त और संत सिंहस्थ स्नान के लिए उज्जैन पहुंचते हैं.

दिल्ली में AAP को लगा झटका, पूर्व विधायक सुखबीर सिंह दलाल बीजेपी में शामिल

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डीएसजीएमसी सदस्य सरदार बलबीर सिंह दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा की उपस्थिति में भाजपा में शामिल हुए।आम आदमी पार्टी के पूर्व विधायक सुखबीर सिंह दलाल ने बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर ली है। वहीं, दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य सरदार बलबीर सिंह भी बीजेपी में शामिल हो गए हैं। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने बलबीर को सदस्यता ग्रहण कराई। जानकारी के अनुसार, सरदार बलबीर सिंह लंबे समय से डीएसजीएमसी से जुड़े रहे हैं।
सुखबीर सिंह दलाल साल 2015 से 2020 तक दिल्ली देहात के विधायक रहे। पिछले चुनाव में दलाल का टिकट कट गया था। इस बार भी पार्टी ने उन्हें वहां से अपना उम्मीदवार नहीं बनाया। बीजेपी में शामिल होने के बाद सुखबीर सिंह दलाल ने आम आदमी पार्टी और केजरीवाल पर जमकर निशाना साधा।

आम आदमी पार्टी ने महरौली से उम्मीदवार बदला, नरेश यादव की जगह इस नेता को मिला टिकट

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नरेश यादव पर कुरान बेअदबी के आरोप लगे है और मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में उनका विरोध हो रहा था। इसके बाद उन्होंने खुद चुनाव न लड़ने का फैसला किया। उनकी जगह महेंद्र चौधरी को उम्मीदवार बनाया गया है।
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के लिए आम आदमी पार्टी ने महरौली से अपना उम्मीदवार बदल दिया है। नरेश यादव की जगह महेंद्र चौधरी को इस सीट से नया उम्मीदवार बनाया गया है। नरेश यादव पर कुरान बेअदबी के आरोप लगे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके जानकारी दी थी कि वो इस बार चुनाव नहीं लड़ेंगे। इसके बाद महेंद्र चौधरी को इस सीट से टिकट दिया गया है। आम आदमी पार्टी सभी 70 सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर चुकी है।
नरेश यादव महरौली से मौजूदा विधायक भी हैं। पार्टी ने एक बार फिर उनके ऊपर भरोसा जताया था, लेकिन विवादों में फंसने के बाद उन्होंने खुद चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है।

नरेश यादव ने क्या लिखा था?
नरेश यादव ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ”आज से बारह साल पहले आदरणीय अरविंद केजरीवाल जी की ईमानदारी की राजनीति से प्रेरित होकर मैं आम आदमी पार्टी में आया था। इस पार्टी ने मुझे बहुत कुछ दिया है। आज अरविंद जी से मिलकर मैंने उनको बताया की जब तक कोर्ट से मैं बा-इज्जत बरी नहीं हो जाता, तब तक मैं चुनाव नहीं लड़ूंगा। मैं पूरी तरह से निर्दोष हूं और मुझ पर लगाए गए इल्जाम राजनीति से प्रेरित और झूठे हैं। इसलिए मैंने उनसे गुजारिश की है कि मुझे चुनाव लड़ने से मुक्त कर दें। महरौली के लोगों की सेवा करता रहूंगा और एक आम कार्यकर्ता की तरह जी जान लगाकर केजरीवाल जी को फिर से सीएम बनाऊंगा। जय हिन्द। भारत माता की जय।
आम आदमी पार्टी की चार लिस्ट जारी
आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों की पहली लिस्ट में 11 नाम थे। वहीं, दूसरी लिस्ट में 20 नाम थे। तीसरी लिस्ट में सिर्फ एक नाम था और चौथी लिस्ट में 38 नाम थे। पार्टी ने दूसरी लिस्ट में जिन 20 नामों का ऐलान किया था, उनमें से 17 नए चेहरे थे। वहीं, चौथी लिस्ट में दो नए चेहरे थे। इससे साफ है कि आम आदमी पार्टी एंटी इनकंबेंसी से निपटने की भी तैयारी कर चुकी है। आम आदमी पार्टी ने मनीष सिसोदिया की सीट बदल दी है। अब तक वह पटपड़गंज विधानसभा से चुनाव लड़ते थे और जीत भी हासिल कर रहे थे, लेकिन इस बार वह जंगपुरा से चुनाव लड़ रहे हैं। पटपड़गंज सीट से सिसोदिया की जगह यूट्यूबर और शिक्षक अवध ओझा को टिकट दिया गया है। दिल्ली विधानसभा चुनाव अगले साल फरवरी के महीने में हो सकते हैं। चुनाव आयोग ने अब तक चुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं किया है।

मध्य प्रदेश में सरकार का ऐतिहासिक कदम, जनविश्वास विधेयक-2024 से पारदर्शिता और सुशासन की नई शुरुआत

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जन विश्वास विधेयक-2024 पेश किया, जिसका उद्देश्य जनता और उद्यमियों के लिए जीवन और व्यवसाय को आसान बनाना है।
भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक-2024 पेश किया है। इस विधेयक का उद्देश्य आम जनता और उद्यमियों के लिए जीवन और व्यवसाय को आसान बनाना है। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि न्याय की प्रक्रिया इतनी सरल हों कि आम नागरिक और व्यापारी बिना किसी परेशानी के अपने काम कर सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस विधेयक को एक नई सोच के साथ आगे बढ़ाया है। उनका मानना है कि इससे न केवल शासन में पारदर्शिता आएगी, बल्कि मध्यप्रदेश में निवेश और रोजगार के अवसरों में भी तेजी से बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि इस विधेयक के जरिए राज्य में विकास और सुशासन के नए अध्याय की शुरुआत होगी।
शासन और विकास का नया अध्याय लिखेगा विधेयक’
केंद्र सरकार के जन विश्वास अधिनियम 2023 से यह विधेयक प्रेरित है जिसने राष्ट्रीय स्तर पर 42 केंद्रीय अधिनियमों में 183 प्रावधानों को अपराध-मुक्त किया। इसने छोटे अपराधों को गैर-अपराधीकरण करते हुए, दंड प्रणाली को तर्कसंगत बनाया और नागरिकों व उद्यमियों के लिए नियामकीय बाधाओं को दूर किया। मुख्यमंत्री ने इस विधेयक को राज्य की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग रैंकिंग को और मजबूत करने की दिशा में एक ठोस कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह विधेयक मध्य प्रदेश में शासन और विकास का नया अध्याय लिखेगा, जिससे निवेश बढ़ेगा और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।

युवाओं और महिलाओं के स्टार्ट-अप में रिकॉर्ड वृद्धि
सरकार ने विधेयक में कई महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। अब छोटे अपराधों के लिए जेल भेजने की अपेक्षा जुर्माने से दण्डित किया जाएगा। पुराने और जटिल कानूनों को हटाकर, कानूनी ढांचे को समय के अनुसार अपडेट किया गया है। इससे आम जनता और उद्यमियों को यह विश्वास होगा कि सरकार उनके साथ खड़ी है और उनके काम को आसान बनाना चाहती है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य में कई सुधार पहले ही लागू किए जा चुके हैं। सरकार ने 920 पुराने और अतार्किक हो चुके कानूनों को खत्म किया है, जिससे कानूनी प्रक्रिया सरल और तेज हुई है। स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाएं लागू की गई हैं, जिनसे युवाओं और महिलाओं के स्टार्ट-अप में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है।
जनता और सरकार के बीच भरोसे का एक मजबूत पुल’
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का मानना है कि यह विधेयक न केवल एक कानूनी बदलाव है, बल्कि जनता और सरकार के बीच भरोसे का एक मजबूत पुल है। जब कानून सरल होंगे और अनुपालन में कठिनाई नहीं होगी, तो निवेश भी बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। यह पहल मध्यप्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए तैयार है। सरकार का यह प्रयास राज्य में शासन और विकास का एक नया मॉडल पेश करेगा, जिससे हर वर्ग को लाभ होगा।

पहले पंखा आएगा, फिर बिजली आएगी’, Adani Group का यह ऐड वीडियो हो रहा वायरल, जानिए क्या है मैसेज

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अडानी ग्रुप की रिन्यूएबल कंपनी अडानी ग्रीन ने साल 2030 तक 50 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी कैपेसिटी डेवलप करने का टार्गेट रखा है।
पहले पंखा आएगा, फिर बिजली आएगी.. अडानी ग्रुप का यह विज्ञापन काफी वायरल हो रहा है। भारत के दूसरे सबसे अमीर शख्स गौतम अडानी की अगुआई वाले इस ग्रुप ने ‘हम करके दिखाते हैं’ कैंपेन लॉन्च किया है। इसमें रिन्यूएबल एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए ऐड कैंपेन शुरू किया गया है। इसकी टैगलाइन ‘पहले पंखा आएगा, फिर बिजली आएगी’ है। गौतम अडानी ने खुद इस ऐड वीडियो को शेयर किया है। अडानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस वीडियो के साथ लिखा, ‘हम जो वादे करते हैं, उन्हें पूरा करके दिखाते हैं। ये वादे सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर के बारे में नहीं हैं, बल्कि आशा, प्रगति और एक उज्जवल भविष्य के बार में हैं। हम करके दिखाते हैं।’
खूब पसंद किया जा रहा ऐड वीडियो
अडानी ग्रुप के इस ऐड वीडियो को काफी पसंद किया जा रहा है। इस वीडियो में एक दूर-दराज के एक गांव को दिखाया गया है, जहां बिजली नहीं है। एक बच्चा अपने पापा से पूछता है कि बिजली कब आएगी। इस पर उसके पापा कहते हैं कि पहले पंखा आएगा फिर बिजली आएगी। जब बच्चा अपने स्कूल और दोस्तों में यह बात बताता है तो सब मजाक उड़ाते हैं। फिर एक दिन गांव में पवन चक्की आती है, एक बड़ा सा पखा.. और इससे गांव में बिजली की सप्लाई होती है। अडानी ग्रुप ने इस वीडियो के अंत में कहा कि वे पर्यावरण से बिजली बनाने के साथ लोगों के जीवन में खुशियां भी बांटते हैं।
50 गीगावाट की रिन्यूएबल एनर्जी कैपेसिटी का टार्गेट
अडानी ग्रुप की रिन्यूएबल कंपनी अडानी ग्रीन ने साल 2030 तक 50 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी कैपेसिटी डेवलप करने का टार्गेट रखा है। कंपनी गुजरात के खावड़ा में ग्रीन एनर्जी पार्क भी डेवलप कर रही है। 538 वर्ग किलोमीटर में फैला यह प्रोजेक्ट पेरिस शहर से 5 गुना ज्यादा बड़ा है। इस प्लांट की कैपेसिटी 30 गीगावाट की है। इसे 2029 तक विकसित किया जाना है। हाल ही में यहां 250 मेगावाट कैपेसिटी की पहली पवन ऊर्जा का ऑपरेशन शुरू किया गया है।