Friday, March 27, 2026
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जसप्रीत बुमराह अकेले ढो रहे टीम का जिम्मा, कप्तान ने दिग्गज गेंदबाज के वर्कलोड पर ये क्या कह दिया?

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IND vs AUS: मेलबर्न टेस्ट में जसप्रीत बुमराह 50 से ज्यादा ओवर गेंदबाजी की और ऑस्ट्रेलिया के 9 बल्लेबाजों को अपना शिकार बनाया। इस दौरान उन्होंने एक पारी में 5 विकेट लेने का भी बड़ा कारनामा किया।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी का चौथा मैच मेलबर्न में खेला गया। इस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने 184 रनों से धमाकेदार जीत दर्ज करते हुए 5 मैचों की सीरीज में 2-1 की बढ़त हासिल कर ली। मेलबर्न टेस्ट में भारतीय बल्लेबाजों ने काफी निराश किया जिससे जसप्रीत की पूरी मेहनत पर पानी फिर गया। बुमराह ने दोनों पारियों में मिलकर जमकर गेंदबाजी की और एक 5 विकेट हॉल सहित सबसे ज्यादा 9 विकेट अपने नाम किए। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारतीय टीम को मिली एकमात्र जीत में बुमराह का अहम योगदान था। इस सीरीज में बुमराह ने चार टेस्ट मैचों में अब तक कुल 141.2 ओवर गेंदबाजी की है और उन्होंने इस दौरान 30 विकेट झटके हैं। बुमराह के कंधो पर टीम इंडिया का कितना ज्यादा भार है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वह इस सीरीज में सबसे ज्यादा ओवर फेंकने वाले गेंदबाज हैं और सबसे ज्यादा विकेट भी उन्हीं की झोली में हैं। पैट कमिंस 136.4 ओवर के साथ दूसरे नंबर पर रहे और मिचेल स्टार्क 131.2 ओवर के साथ तीसरे स्थान पर।
वीडियो हुआ था वायरल
मेलबर्न टेस्ट के आखिरी दिन बुमराह जरूरत से ज्यादा गेंदबाजी करते नजर आए। एक वक्त ऐसा भी आया जब उन्होंने कहा कि बस अब और गेंदबाजी नहीं कर सकते क्योंकि अब एनर्जी नहीं बची है। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर भी काफी वायरल हुआ।मेलबर्न टेस्ट खत्म होने के बाद भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने भी माना कि जसप्रीत बुमराह ने काफी गेंदबाजी की। इसमें कोई संदेह नहीं है। लेकिन हर टेस्ट मैच में आपको गेंदबाजों के वर्कलोड मैनेजमेंट के बारे में पता होता है। उन्होंने कहा कि अगर कोई इतनी शानदार लय में है, तो आप जितना संभव हो सके उसका फायदा उठाने की कोशिश करना चाहते हैं और हम बुमराह के साथ यही करने की कोशिश कर रहे हैं।

बुमराह को इंजरी का खतरा ज्यादा
रोहित इस बात से भी सहमत नजर आए कि किसी को भी बुमराह को लेकर सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि उनके चोटिल होने का खतरा ज्यादा रहता है। उन्होंने कहा कि एक समय आता है जब आपको थोड़ा पीछे हटने की जरूरत होती है और गेंदबाज को थोड़ी अतिरिक्त राहत भी देनी होती है। इसलिए हम इस मामले में बहुत सावधान रहे हैं। बुमराह से इस बारे में बात करते रहते हैं कि कि वह कैसा महसूस करते हैं।

साल के आखिरी दिन शेयर बाजार में कोहराम, निफ्टी 23,600 के नीचे लुढ़का, बड़ी गिरावट के ये हैं 5 कारण

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बीएसई सेंसेक्स 404.34 अंक टूटकर 77,843.80 अंक पर खुला है। वहीं, एनएसई 89.60 अंकों की गिरावट के साथ 23,554.80 अंकों पर कारोबार कर रहा है।
2024 के आखिरी कारोबारी दिन मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार बड़ी गिरावट के साथ खुला है। बीएसई सेंसेक्स 404.34 अंक टूटकर 77,843.80 अंक पर खुला है। वहीं, एनएसई 89.60 अंकों की गिरावट के साथ 23,554.80 अंकों पर कारोबार कर रहा है। बाजार में आज दूसरे दिन बड़ी गिरावट है। सोमवार को मजबूत खुलने के बाद आखिरी कारोबारी घंटे में बाजार में बिकवाली हावी हो गया था। आज बाजार खुलते ही धड़ाम हो गया है। अगर इंडेक्स पर नजर डालें तो आईटी, फार्मा, ऑटो समेत सभी प्रमुख सेक्टर में गिरावट है।
सेंसेक्स में लिस्ट 30 कंपनियों में से टेक महिंद्रा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, जोमैटो, इंडसइंड बैंक, बजाज फाइनेंस और आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट रही। कोटक महिंद्रा बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, टाटा मोटर्स और टाटा स्टील के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और चीन का शंघाई कम्पोजिट नुकसान में रहे जबकि हांगकांग का हैंगसेंग फायदे में रहा। अमेरिकी बाजार सोमवार को नकारात्मक रुख के साथ बंद हुए थे। आखिर बाजार में बड़ी गिरावट की क्या है वजह? आइए जानते हैं।

बाजार में गिरावट की क्या है वजह?
अमेरिकी बाजार में कोहराम: आज भारतीय बाजार में बड़ी गिरावट की अहम बजट अमेरिकी बाजार में बड़ी गिरावट है। सोमवार को डाउ जोन्स और नैस्डैक में बड़ी गिरावट रही। इसका असर आज भारतीय बाजार में दिखाई दे रहा है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली थम नही रही: भारतीय बाजार में गिरावट की दूसरी अहम वजह विदेशी निवेशकों की बिकवाली है। विदेशी निवेशक लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। इसके चलते भारतीय बाजार रिकॉर्ड हाई से लगातार नीचे जा रहा है।
मजबूत होता डॉलर: भारतीय बाजार में गिरावट की तीसरी मुख्य वजह डॉलर में लगातार मजबूती आना है। भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर हो रहा है। रुपया टूटकर 85प्रति डॉलर के ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गया है। आपको बता दें कि कमजोर रुपया विदेशी निवेशकों को भारतीय बाजार में निवेश करने से हतोत्साहित करता है। यह उनके लाभ को कम करता है, जब वे इसे अपनी घरेलू मुद्राओं में वापस बदलते हैं, जिससे विदेशी पूंजी बाहर निकलती है और बाजारों पर और दबाव पड़ता है। इसका भी असर भारतीय बाजार पर हो रहा है।
कंपनियों के हालत सुधरने के संकेत नहीं: भारतीय कंपनियों की पहली और दूसरी तिमाही के रिजल्ट अच्छे नहीं रहे। तीसरी यानी दिसंबर तिमाही के वित्तीय नतीजे भी ज्यादा बेहतर रहने की उम्मीद नहीं है। इसका असर भी भारतीय शेयर बाजार पर दिखाई दे रहा है।
मैक्रोइकॉनोमिक बाधाएं: भारत की बिगड़ती मैक्रोइकॉनोमिक तस्वीर को लेकर नई चिंताएं उभरी हैं, जिससे बाजार की धारणा प्रभावित हुई है। नवंबर में देश का व्यापार घाटा अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। इसके अलावा आर्थिक विकास दर भी धीमी हुई है। भारत की दूसरी तिमाही की जीडीपी वृद्धि दर लगभग दो वर्षों में सबसे कम रही और लगातार तीसरी तिमाही में विकास दर में कमी देखी गई। इसका असर भी भारतीय स्टॉक मार्केट पर दिखाई दे रहा है।

दिल्ली एम्स में ‘गंभीर मरीजों’ के लिए अब अलग से होगा इलाज, बनाया जा रहा एक नया सेक्शन, जानिए कब होगा तैयार?

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दिल्ली एम्स में बड़ी संख्या में मरीज इलाज कराने के लिए पहुंचते हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ये निर्णय लिया गया है। अलग बनाए जा रहे इस सेक्शन में 200 बेड एक्सट्रा लगाए जाएंगे।
दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में देश के कोने-कोने से मरीज इलाज कराने आते हैं। वहीं, अब दिल्ली एम्स में गंभीर रूप से बीमार मरीजों को अलग से इलाज किए जाएगा। गंभीर रूप से बीमार मरीजों के उपचार में सुधार लाने के उद्देश्य से जय प्रकाश नारायण एपेक्स ट्रॉमा सेंटर के परिसर में एक नया ‘क्रिटिकल केयर’ सेक्शन बनाएगा। संस्थान के निदेशक डॉक्टर एम श्रीनिवास ने सोमवार को यह जानकारी दी।

अगले दो सालों में हो जाएगा तैयार
डॉक्टर श्रीनिवास ने बताया कि नए सेक्शन में 200 अतिरिक्त बिस्तर होंगे, जिससे अस्पताल की क्षमता बढ़ेगी और इमरजेंसी वार्ड में आने वाले मरीजों को तत्काल उपचार मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि इसे अगले दो सालों में तैयार होने की उम्मीद है।

दिल्ली एम्स में लगाए गए AI संचालित सीसीटीवी कैमरा
श्रीनिवास ने यह भी बताया कि संस्थान में सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ‘पायलट प्रोजेक्ट’ के तौर पर कुछ प्रमुख बिंदुओं पर कृत्रिम मेधा (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-एआई) संचालित सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

कोलकाता कांड के बाद से बढ़ाई गई सिक्योरिटी
उन्होंने कहा कि यह कदम कोलकाता के एक अस्पताल में दुष्कर्म और हत्या की घटना के परिप्रेक्ष्य में उठाया गया है। ऐसे कैमरे चेहरे की पहचान तकनीक के साथ सभी आगंतुकों को पहचानने में सक्षम होंगे।साथ ही सुरक्षा कर्मचारियों को यह पहचानने में मदद करेंगे कि कौन सा व्यक्ति बार-बार प्रवेश कर रहा है और बाहर निकल रहा है, जिससे उन्हें अनधिकृत व्यक्तियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

MP के किसानों को राहत, मौसम में बदलाव को देखते हुए CM मोहन यादव ने की ये घोषणाएं

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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से फसल क्षति के प्रावधानों के अनुसार किसानों को राहत राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों के किसी भी संकट में सरकार संवेदनशील होकर उनके साथ खड़ी है।
भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बदलते मौसम के मद्देनजर किसानों सहित सभी नागरिकों से पर्याप्त सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मौसम में बदलाव आ चुका है और इसके परिणामस्वरूप किसानों की फसलों को नुकसान होने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि किसानों को धान उपार्जन के लिए अतिरिक्त समय देंगे और ऐसे छोटे किसान जिनकी फसलों का उपार्जन नहीं हो पाता और वे अपने स्तर से फसल बेच देते हैं उन्हें प्रति हैक्टेयर राशि प्रदान करने अथवा बोनस के संबंध में आवश्यक सहायता के लिए शीघ्र निर्णय लिया जाएगा।
किसी भी संकट में किसानों के साथ सरकार”

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश और प्रदेश में मौसम में बदलाव के कारण किसानों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इस समय प्राकृतिक आपदा से फसल क्षति के प्रावधानों के अनुसार किसानों को राहत राशि दी जाएगी। सीएम ने कहा कि किसानों के किसी भी संकट में सरकार संवेदनशील होकर उनके साथ खड़ी है। उन्होंवने कहा कि सरकार यह भी विचार कर रही है कि छोटे किसान जिन्हें अपनी फसल उपार्जन केंद्रों तक नहीं ले जाने का मौका मिलता, उन्हें प्रति हैक्टेयर सहायता राशि या बोनस प्रदान किया जाए। उन्होंने बताया कि खास तौर से आर्थिक रूप से कमजोर किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए शीघ्र निर्णल लिया जाएगा।

फसलों के नुकसान पर जिला स्तर पर निर्देश

मुख्यमंत्री ने ओला, पाला आदि के कारण फसलों के नुकसान पर जिला स्तर पर आवश्यक निर्देश भी दिए हैं। इसके तहत अधिकारियों को फसल क्षति का आकलन करने और किसानों को तत्काल राहत प्रदान करने के लिए कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं।

किसानों और नागरिकों से एहतियात बरतने की अपील

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से आह्वान किया कि विपरीत मौसम में फसलों के साथ ही स्वयं की सुरक्षा के लिए समस्त एहतियात बरतें। इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्रामीण या शहरी क्षेत्र में ट्यूबवेल खुले नहीं रहना चाहिए। ट्यूबवेल खुले रखना प्रतिबंधित है। ऐसे मामलों में जानकारी मिलते ही क्षेत्र के थाने में जानकारी दी जाए। ऐसी लापरवाही पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के नागरिकों को भी असमय वर्षा, शीत आदि से बचाव के लिए सावधानियां बरतने का आग्रह किया है।

भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर में ईडी की रेड, परिवहन विभाग के कांस्टेबल के घर मिली करोड़ों की संपत्ति

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प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने मध्य प्रदेश में कई ठिकानों पर रेड की। इस छापेमारी के दौरान 9 दिन की कार्रवाई में अबतक 93 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति बरामद की गई है।
प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार 27 दिसंबर को भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में परिवहन विभाग के भ्रष्ट कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा और उसके सहयोगियों के ठिकानों पर छापेमारी की। यह छापेमारी पीएमएलए 2002 के प्रावधानों के तहत की गई है। इस दौरान प्रवर्तन निदेशालय को सौरभ शर्मा व उसके सहयोगियों और परिवार के सदस्य और कंपनियों के नाम पर 7 सालों में अवैध रूप से कमाई गई करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, फिक्स्ड डिपॉजिट और अन्य संपत्तियों के दस्तावेज भी मिले हैं। बता दें कि लोकायुक्त, एनफोर्समेंट डिपार्मेंट और आयकर विभाग की 9 दिन की कार्रवाई में अब तक 93 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति बरामद की गई है।
मध्य प्रदेश में ईडी की छापेमारी
एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट ने यह छापेमारी सौरभ शर्मा, चेतन सिंह गौर, शरद जायसवाल और रोहित तिवारी के घरों पर छापेमारी की। प्रवर्तन निदेशालय के मुताबिक, सौरभ शर्मा, समीर व उसके सहयोगी लाभ पाने वालों में या सौरभ के कारोबार में सहयोगी हैं। इसी कड़ी में प्रवर्तन निदेशालय ने भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर के 8 ठिकानों में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान चेतन गौर जो कि सौरभ शर्मा का सहयोगी है, के नाम पर 6 करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट थी। सौरभ शर्मा के परिवार के सदस्य और कंपनियों के नाम पर 4 करोड़ रुपये के साथ-साथ, 23 करोड़ रुपये से अधिक की अचल संपत्ति और अन्य संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज मिले हैं।

छापेमारी में मिली करोड़ों की संपत्ति
प्रवर्तन निदेशालय ने यह छापेमारी इन्वेस्टिगेशन लोकायुक्त पुलिस की एफआईआर के आधार पर की है, जो सौरभ शर्मा व उसके परिवार व कंपनियों द्वारा परिवहन विभाग में कॉन्स्टेबल के पद पर रहते हुए आय से अधिक करोड़ों रुपये की अनुपातहीन संपत्ति कमाई है। बता दें कि आरोपी सौरभ शर्मा के आवास से 1 करोड़ 15 लाख रुपये की विदेशी व भारतीय मुद्रा मिली। वहीं 50 लाख के सोने व हीरे के आभूषण, 2 करोड़ 21 लाख रुपये की वाहन और घरों में उपलब्ध सामग्री मिली। वहीं आरोपी सौरभ के दूसरे आवास से 1.72 करोड़ रुपये की नकदी, 2.10 करोड़ रुपये की 234 किलो चांदी, 30 लाख रुपये की दैनिक उपयोग संबंधित सामग्री मिली हैं। 19 और 20 दिसंबर के छापों के दौरान आरोपी सौरभ शर्मा के दोनों घरों से मिली चल अचल संपत्ति कुल 7 करोड़ 98 लाख रुपए है।

इनकम टैक्स की कार्रवाई में भी मिली करोड़ों की संपत्ति
इसके अलावा इनकम टैक्स की कार्रवाई में 54 किलो सोना, जिसकी कीमत 41.60 करोड़ रुपये, 11 करोड़ रुपये कैश बरामद हुए हैं। जो कि कुल मिलाकर 52.60 करोड़ रुपये है। इसके अलावा 27 दिसंबर को प्रवर्तन निदेशालय द्वारा की गई कार्रवाई में 23 करोड़ रुपये की संपत्ति सौरभ व उसके परिजन व कंपनी के नाम पर मिली है। इसके अलावा 6 करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट चेतन गौर के नाम और 4 करोड़ रुपये सौरभ शर्मा उसके सहयोगी और कंपनी के नाम पर मिली है। इस तरह कुल 33 करोड़ रुपये की संपत्ति बरामद की गई है।

दुनिया को खूब पसंद आ रहे हैं मेड इन इंडिया मोबाइल, डेस्‍कटॉप और सोलर मॉड्यूल, इलेक्‍ट्रोनिक्‍स इंपोर्ट 28% उछला

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भारत इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स निर्माण का हब बनता जा रहा है. देश में बने इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स प्रोडक्‍ट्स से न केवल घरेलू मांग की पूर्ति हो रही है बल्कि इनका निर्यात भी खूब हो रहा है. चालू वित्‍त वर्ष की अप्रैल-नवंबर अवधि में भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात सालाना आधार पर 28 फीसदी बढकर 22.5 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया. वित्त वर्ष 24 की समान अवधि में यह 17.66 बिलियन डॉलर रहा था. यह वृद्धि इलेक्ट्रॉनिक्स को भारत के शीर्ष दस निर्यात क्षेत्रों में सबसे तेजी से बढ़ने वाला क्षेत्र बनाती है. निर्यात के मामले में अब इलेक्‍ट्रॉनिकस इंजीनियरिंग उत्पादों और पेट्रोलियम के बाद तीसरे स्थान पर पहुंच गया है. पहले यह छठे स्‍थान पर था. स्‍मार्टफोन निर्यात में आए भारी उछाल की वजह से भारत का इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स एक्‍सपोर्ट तेजी से बढा है.

स्मार्टफोन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना हिट रही है. अब भारत में बड़े पैमाने पर स्‍मार्टफोन का उत्‍पादन हो रहा है. ऐपल भी अब अपने कई फोन भारत में बना रहा है. चालू वित्‍त वर्ष में स्मार्टफोन निर्यात वित्त वर्ष 2024 की तुलना में 45% की वृद्धि के साथ 13.11 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है. पिछले वित्‍त वर्ष में यह आंकड़ा 9.07 बिलियन डॉलर था. कुल इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में स्मार्टफोन की हिस्सेदारी अब 58% है और वित्त वर्ष 2025 के अंत तक यह हिस्सेदारी 60-65% तक पहुंचने की उम्मीद है.
इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात ने हासिल की बड़ी उपलब्धि
इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात अब पेट्रोलियम निर्यात के आधे तक पहुंच रहा है, जो पिछले वर्षों की तुलना में एक बड़ी उपलब्धि है. अमेरिकी बाजार में स्मार्टफोन निर्यात अब हीरे के निर्यात से आगे निकल गया है. सरकार घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने और निर्यात आधारित विकास मॉडल को मजबूत करने के लिए टैरिफ संरचना की समीक्षा कर रही है.
ऐपल का बड़ा प्रभाव
भारत में ऐपल के प्रवेश और फॉक्सकॉन, पेगाट्रॉन और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे उसके निर्माताओं ने स्मार्टफोन निर्यात को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है. इस वर्ष कुल इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में Apple का योगदान लगभग 40% रहा है. स्‍मार्टफोन के अलावा सौर मॉड्यूल, डेस्कटॉप और राउटर का भी खूब निर्यात भारत ने किया है. इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए) का कहना है कि भारत को चीन और वियतनाम जैसे देशों के खिलाफ प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए टैरिफ और लॉजिस्टिक्स में सुधार करने की जरूरत है.

पहाड़ों से मैदानों तक सर्दी का सितम, दिल्ली में हाड़ कंपा देने वाली ठंड; जानें देश के बाकी हिस्सों का हाल

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देश की राजधानी दिल्ली समेत इस वक्त पूरे उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड पड़ रही है. शुक्रवार को दिल्ली में हुई जोरदार बारिश ने अचानक से सर्दी का सितम बढ़ा दिया है. ठंडी हवाओं की वजह से दिल्ली में ऐसी ठिठुरन बढ़ी कि लोगों को कंपकपी महसूस होने लगी. अब पहाड़ों के साथ दिल्ली में कैसी ठंड महसूस हो रही है, इसका अंदाजा इससे लगा लीजिए कि लोग मोटे ऊनी कपड़े और जैकेट पहनकर घरों से बाहर निकल रहे हैं. दिल्ली में बढ़े ठंड के प्रकोप ने भले ही लोगों की मुसीबतें बढ़ा दी हो, लेकिन एक राहत की बात ये कि पिछले दिनों हुई बारिश की वजह से राजधानी की आबोहवा में घुला जहर कम हुआ है.

उत्तर भारत में कहां कैसा रहेगा मौसम?

उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में सोमवार से शीत लहर और कोहरा छाने की संभावना है, आईएमडी ने अगले तीन दिनों में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में रात के तापमान में 3 से 4 डिग्री की गिरावट की उम्मीद जताई है. आईएमडी ने कहा, “31 दिसंबर से 2 जनवरी के दौरान पंजाब और हरियाणा के अलग-अलग इलाकों में और 30 दिसंबर से 2 जनवरी के दौरान राजस्थान में शीत लहर चलने की संभावना है.” नए साल के दिन घने कोहरे और शीत लहर की चेतावनी भी जारी की गई है.
दिल्ली में आज कैसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग ने राजधानी में सोमवार को घना कोहरा छाए रहने की संभावना जताई है. दिल्ली में सोमवार को अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. वहीं न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. दिल्ली में रविवार के दिन न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस महीने के औसत तापमान से छह डिग्री अधिक था. जबकि अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम के सामान्य तापमान से दो डिग्री कम है.
शीतलहर की चपेट में दिल्ली
दिल्ली इस वक्त भीषण शीतलहर की चपेट में है. जम्‍मू-कश्‍मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्‍यों में जमकर बर्फबारी के बाद मैदानी इलाकों में भी इसका असर देखा जा रहा है. साथ ही उत्तर भारत के कई राज्‍यों में बारिश ने भी परेशानी को और बढ़ा दिया है. दिल्‍ली सहित देश के मैदानी इलाकों के लोगों को जबरदस्‍त ठंड झेलनी पड़ रही है. उत्तर भारत के कई राज्‍यों में घने कोहरे का अनुमान जताया है. इसके कारण वाहन चालकों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी
हिमाचल प्रदेश के तमाम इलाकों में शुक्रवार से बारिश और बर्फबारी की शुरुआत हुई. बड़ी संख्‍या में आए पर्यटक इस मौसम का आनंद उठा रहे हैं, वहीं कई जगहों पर लोगों को भारी जाम की समस्या से भी जूझना पड़ रहा है. बर्फबारी की शुरुआत होते ही हिमाचल के मनाली आने वाली पर्यटकों की संख्या में इजाफा हो गया. इस मौसम का लुत्फ उठाने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं. भारी जाम के चलते पर्यटक और उनकी गाड़ियां रात भर फंसी रहीं. पिछले दिनों हालात इतने खराब हुए कि मजबूरन सैकड़ों लोगों को गाड़ियों में ही रात बितानी पड़ी.
जाम के कारण सैलानियों को परेशानी उठानी पड़ रही है. सोशल मीडिया पर पर्यटकों के फंसे होने के वीडियो लगातार वायरल हो रहे हैं. इसमें गाड़ियों में पर्यटक और ड्राइवर कल से फंसे होने की बात कह रहे हैं. लोगों को सुरक्षित उनकी मंजिल तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन की तरफ से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए गए. लेकिन अधिक बर्फबारी होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में भी प्रशासन को दिक्कतों का सामना करना पड़ा. जाम में फंसे कई पर्यटक शनिवार सुबह मनाली पहुंचे, वहीं अभी भी लोगों को निकाला जा रहा है.

कश्मीर में भारी बर्फबारी से भीषण ठंड

कश्मीर में पिछले कुछ दिनों से जारी भारी बर्फबारी के बाद अब हालात पहले से बेहतर हो रहे हैं. जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा सेवाओं को बहाल करने के लिए कर्मियों और मशीनरी को तैनात किए जाने से विमानों की आवाजाही रविवार को फिर से शुरू हो गई और कई सड़कों पर यातायात भी बहाल हो गया. हाल के दिनों में सबसे ज्यादा बर्फबारी शुक्रवार शाम से शुरु हुआ और शनिवार तक जारी रहा, जिससे लोगों का जनजीवन भी काफी प्रभावित हुआ. श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विमानों की आवाजाही रविवार सुबह फिर से शुरू हो गई. घाटी को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग को भी एक दिन बंद रखने के बाद यातायात के लिए खोल दिया गया है.
पंजाब, हरियाणा, राजस्थान में मौसम के हाल
दिल्ली के पड़ोसी राज्य पंजाब और हरियाणा में, कई स्थानों पर सुबह के समय कोहरे के कारण दृश्यता कम हो गई. हरियाणा में ज्यादातर जगहों पर दिन में कड़ाके की ठंड रही. बीते दिन अंबाला में अधिकतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस, हिसार में 13.6 डिग्री, करनाल में 13 डिग्री, रोहतक में 12.2 डिग्री, सिरसा में 13.4 डिग्री और गुरुग्राम में 13.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं पंजाब में अमृतसर में दिन का तापमान 16.7 डिग्री और लुधियाना में 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. राजस्थान में, कोटा में रविवार सुबह हल्की बारिश दर्ज की गई, जबकि राज्य के पश्चिमी हिस्सों में मौसम शुष्क रहा. राज्य में सबसे अधिक तापमान 24.5 डिग्री सेल्सियस बाड़मेर में दर्ज किया गया.
उत्तर प्रदेश में भी बारिश के बाद से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है. यूपी में आने वाले दिनों में मौसम साफ रहने की संभावना है. हालांकि, इस बीच कोहरा छाए रहने की वजह से लोगों की परेशानियां बढ़ सकती है. यूपी में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है. आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है. बिहार में अगले तीन-चार दिन राज्य के अधिकतर क्षेत्रों में सामान्य से मध्यम स्तर का कोहरा छाने के आसार हैं. छह जनवरी को एक बार फिर नया पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना है. रविवार को दिन का सर्वाधिक उच्चतम तापमान 29.2 डिग्री सेल्सियस मधुबनी में रहा. सबसे कम न्यूनतम तापमान 8.3 डिग्री सेल्सियस अगवानपुर में रहा

CM मोहन यादव आज लेंगे चार संभागों की समीक्षा बैठक, नए साल के लिए बनाई जाएगी रणनीति

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मुख्यमंत्री मोहन यादव  सोमवार को चार संभागों की समीक्षा बैठक लेंगे. सीएम रीवा, शहडोल, ग्वालियर, चंबल संभाग की समीक्षा बैठक लेंगे. बैठक आज दोपहर 2 बजे से शुरू होगी.
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री मोहन यादव (CM Mohan Yadav) नए साल से पहले एक्टिव मोड में नजर आ रहे हैं. इस बीच मुख्यमंत्री मोहन यादव सोमवार, 30 दिसंबर को चार संभागों की समीक्षा बैठक लेंगे. सीएम रीवा, शहडोल, ग्वालियर, चंबल संभाग की समीक्षा बैठक लेंगे. बैठक आज दोपहर 2 बजे से शुरू होगी.

विकास कार्यों को लेकर समीक्षा बैठक
सीएम मोहन सबसे पहले रीवा और शहडोल संभाग की बैठक लेंगे. यह बैठक दोपहर 2 बजे होगी. इसके बाद दोपहर 3 बजे ग्वालियर और चंबल संभाग की समीक्षा बैठक लेंगे.

जानकारी के मुताबिक, सीएम मोहन यादव विकास कार्यों और पिछले दिए गए टारगेट को लेकर बैठक में समीक्षा लेंगे. इस दौरान आने वाले नए साल यानी 2025 को लेकर रणनीति भी बनाई जाएगी. बता दें कि सीएम मोहन यादव लगातार अधिकारियों के साथ बैठक ले रहे हैं.

जबलपुर के किसान ने खेती में लगाया ऐसा दिमाग! इस बीज से सलाना हो रही इतने लाख की कमाई

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मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक किसान ने 5 एकड़ की खेती में ऐसा दिमाग लगाया कि तीन महीने में ही लाखों की कमाई होने लगी. किसान ने पारंपरिक खेती को छोड़कर आधुनिक खेती की शुरुआत की. साथ ही उन्होंने सैकड़ों किसानों की भी किस्मत चमका दी.
आज के दौर में युवा किसान पारंपरिक खेती को छोड़कर आधुनिक खेती की ओर रुख कर रहे हैं. वो धान, गेहूं की बजाय अलग-अलग तकनीक से सब्जी, फल, फुल आदि की खेती कर रहे हैं, ताकि उन्हें कम बजट में अधिक मुनाफा मिल सके. ऐसे ही एमपी के जबलपुर के एक किसान ने जिले में क्रांति ला दी है. साथ ही वो 5 एकड़ में सलाना 10 लाख रुपये तक इनकम कर रहे हैं.

3 महीने में 2.5 लाख का मुनाफा
जबलपुर के पाटन तहसील के मादा गांव में के किसान कैलाश यादव ने मेक्सिको के चिया सीड्स की खेती कर रहे हैं. 5 एकड़ में चिया सीड्स खेती कर वो 10,00000 लाख रुपये मुनाफा कमा कर रहे हैं. दरअसल, चिया सीड्स की प्रति क्विंटल 19,000 रुपये तक दाम मिल रहा है. कैलाश यादव को तीन महीने में यह फसल मिल जाती है. वहीं एक बार फसल लगाने पर इन्हें 2.5 लाख रुपये का मुनाफा होता है. बता दें कि कैलाश यादव चिया सीड्स की खेती जैविक रूप से कर रहे हैं.

5 एकड़ में चिया सीड्स की खेती
जैविक खेती को अपनाते हुए अपने 5 एकड़ खेत को पूरी तरह जैविक बनाया और पिछले चार साल पहले उन्होंने चिया सीड्स की खेती शुरू की. कैलाश यादव की इस पहल से न सिर्फ उनकी जिंदगी बदली, बल्कि जिले के 100 से अधिक किसानों को भी इस दिशा में प्रेरित किया. बता दें कि जिले के करीब 100 किसान 150 एकड़ जमीन पर चिया सीड्स की खेती कर रहे हैं.
पोषक तत्वों से भरपूर होता है चिया सीड्स
दरअसल, चिया सीड्स को ‘सुपरफूड’ के रूप में जाना जाता है. जिसमें प्रोटीन, ओमेगा-3 फैटी एसिड और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं. इसके नियमित सेवन से वजन नियंत्रण, हृदय स्वास्थ्य और पाचन सुधार जैसे अनेक लाभ मिलते हैं.

उपसंचालक एसके निगम बताते हैं कि जैविक खेती न केवल किसानों की आमदनी बढ़ा रही है, बल्कि पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के लिए भी बेहतर साबित हो रही है.

कड़ी मेहनत के बाद आज कमा रहे लाखों का मुनाफा
इधर, कैलाश यादव बताते हैं कि जैविक खेती की राह आसान नहीं थी, लेकिन मेहनत और सरकारी मार्गदर्शन ने हमें इस मुकाम तक पहुंचाया. अब हम न केवल अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे रहे हैं.

कृषि अधिकारी इंद्रा त्रिपाठी कहते हैं कि जैविक खेती से मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और फसल की गुणवत्ता भी बेहतर होती है. किसानों का यह प्रयास अन्य जिलों के लिए प्रेरणा है.

किसानों के लिए बने प्रेरणा
उपसंचालक कृषि एस के निगम का कहना है कि चिया सीड्स के उत्पादन से एक नई राह खुली है. आत्मा परियोजना के अंतर्गत चिया के सीट्स दिए गए थे, जो पहले एक एकड़ में लगाए गए और उत्पादन को देखते हुए अब 5 एकड़ में अच्छी फसल उगाई जा रही है. आगामी वर्षों में कई अन्य किस भी चिया सीड्स का उत्पादन करेंगे. जिला प्रशासन भी पूरी मदद करेगा.

पंचतत्व में विलीन हुए पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, बेटी ने दी मुखाग्नि, देश ने नम आंखों से दी अंतिम विदाई

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पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पार्थिव शरीर को निगम बोध घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। मनमोहन सिंह की बड़ी बेटी ने मुखाग्नि दी। इसी के साथ पूर्व पीएम मनमोहन सिंह का पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया।
पूर्व पीएम डॉक्टर मनमोहन सिंह का शनिवार को दिल्ली के निगम बोध घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के अंतिम संस्कार में कांग्रेस के कई दिग्गज नेता शामिल हुए। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राजनाथ समेत कई नेताओं ने निगम बोध घाट पर पहुंच कर पूर्व पीएम के पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि दी। पूर्व पीएम मनमोहन सिंह की बड़ी बेटी ने पिता को मुखाग्नि दी। इसी के साथ पूर्व पीएम मनमोहन सिंह सदा के लिए पंचतत्व में विलीन हो गए।
बड़ी बेटी ने दी मुखाग्नि
पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह को दिल्ली के निगम बोध घाट पर नेताओं और परिवार द्वारा अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पूर्व पीएम मनमोहन सिंह की बड़ी बेटी ने मुखाग्नि दी। इसी के साथ वह हमेशा के लिए पंचतत्व में विलीन हो गए।
पीएम मोदी और राष्ट्रपति ने दी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निगम बोध घाट पर पूर्व पीएम डॉक्टर मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि दी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी निगम बोध घाट पर पहुंच कर पूर्व पीएम को श्रद्धांजलि दी।
निगम बोध घाट पहुंचे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्व पीएम डॉक्टर मनमोहन सिंह के अंतिम संस्कार में शामिल होने निगम बोध घाट पहुंचे हुए हैं। पीएम मोदी के साथ ही केंद्रीय मंत्री अमित शाह और राजनाथ सिंह भी पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के अंतिम संस्कार में पहुंचे हैं।
निगम बोध घाट पर पहुंचे कई वैश्विक नेता
पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह का पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए निगम बोध घाट लाया गया। यहां पर कई वैश्विक नेता पहुंचे हुए हैं।
अमित शाह पहुंच निगम बोध घाट
पूर्व पीएम मनमोहन सिंह का पार्थिव शरीर निगम बोध घाट लाया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी पूर्व प्रधानमंत्री के अंतिम संस्कार में शामिल होने निगम बोध घाट पहुंच चुके हैं।
भारत ने खोया महान व्यक्ति- मुमताज पटेल
पूर्व प्रधानमंत्री के निधन पर कांग्रेस नेता मुमताज पटेल ने कहा, ‘भारत ने एक महान व्यक्ति खो दिया है। वह न केवल एक अच्छे नेता थे बल्कि एक बहुत अच्छे इंसान भी थे। लोग उन्हें एक कमजोर प्रधानमंत्री कहते थे लेकिन यह बिल्कुल गलत था। उन्होंने हमेशा देश के लिए काम किया, वह एक मजबूत और दयालु व्यक्ति थे।’
निगम बोध घाट ले जा रहा रहा पार्थिव शरीर
पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह के पार्थिव शरीर को निगम बोध घाट ले जाया जा रहा है। यहीं पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह का 26 दिसंबर को दिल्ली के एम्स में निधन हो गया था।
राहुल और प्रियंका गांधी ने दी श्रद्धांजलि
लोकसभा नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने कांग्रेस मुख्यालय में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अंतिम श्रद्धांजलि दी
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने दी श्रद्धांजलि
पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह का पार्थिव शरीर एआईसीसी मुख्यालय में रखा गया है। जहां पार्टी कार्यकर्ता उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दे रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी है।
कांग्रेस मुख्यालय लाया गया पार्थिव शरीर
पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह के पार्थिव शरीर को कांग्रेस मुख्यालय के अंदर ले जाया गया। जहां पार्टी कार्यकर्ताओं के अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव शरीर को यहां पर रखा जाएगा।
फिलिस्तीन दूतावास के प्रभारी ने दी श्रद्धांजलि
पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह के निधन पर नई दिल्ली स्थित फिलिस्तीन दूतावास के प्रभारी अबेद एलराज़ेग अबू जाज़र ने कहा, ‘हम आज कांग्रेस पार्टी और भारत के लोगों, सभी मित्रों और परिवार के प्रति एक बुद्धिमान व्यक्ति, पूर्व प्रधानमंत्री और एक अर्थशास्त्री के निधन पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।’
कांग्रेस मुख्यालय ले जाया जा रहा मनमोहन सिंह का पार्थिव शरीर
पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह का पार्थिव शरीर कांग्रेस मुख्यालय ले जाया जा रहा है। पार्टी कार्यकर्ताओं के अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव शरीर को वहां रखा जाएगा।