Sunday, July 12, 2026
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SIP Calculator: 5000 रुपये की SIP से 1 करोड़ बनने में कितना वक्त लगेगा? देखें कैलकुलेशन

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अगर आप महीने-महीने थोड़ी बचत करके करोड़पति बनने का लक्ष्य रखते हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद काम की है। अगर हर महीने 5000 रुपये लगाए जाएं, तो 1 करोड़ रुपये बनने में कितना समय लगेगा? आइए जानते हैं।अगर आप भी हर महीने थोड़ी-थोड़ी बचत करके करोड़पति बनने का सपना देखते हैं, तो यह खबर आपके लिए है। अक्सर लोग सोचते हैं कि करोड़ रुपये की संपत्ति सिर्फ बड़ी सैलरी या एकमुश्त निवेश से ही बन सकती है, लेकिन SIP (Systematic Investment Plan) इस सोच को पूरी तरह बदल देती है। SIP की सबसे बड़ी ताकत है अनुशासन, समय और कंपाउंडिंग का जादू। ऐसे में अगर आप हर महीने 5000 रुपये निवेश करें, तो 1 करोड़ रुपये बनने में कितना वक्त लगेगा? SIP कैलकुलेटर के आंकड़े इस सवाल का सीधा जवाब देते हैं।

SIP कैलकुलेटर क्या बता रहा है?
SIP कैलकुलेटर के मुताबिक, अगर कोई निवेशक हर महीने 5000 रुपये की SIP करते हैं और उसे सालाना औसतन 12% का रिटर्न मिलता है, तो करोड़पति बनने के लिए आपको लगभग 27 साल का समय लगेगा। इस दौरान निवेशक की कुल रकम होगी करीब 16.20 लाख रुपये होगी। यानी आपने जेब से सिर्फ 16.20 लाख रुपये लगाए होंगे, लेकिन कंपाउंडिंग के दम पर आपका पैसा बढ़कर 1.08 करोड़ रुपये से ज्यादा हो जाता है।

कहां से आता है इतना बड़ा फंड?
यहां असली रोल निभाता है कंपाउंडिंग। शुरुआत में भले ही रिटर्न छोटा लगे, लेकिन जैसे-जैसे समय बढ़ता है, आपके रिटर्न पर भी रिटर्न मिलने लगता है। शुरुआती 10-12 सालों में ग्रोथ धीमी नजर आती है, लेकिन आखिरी 8-10 सालों में निवेश की वैल्यू तेजी से उछलती है। यही वजह है कि SIP में लंबी अवधि तक टिके रहना बेहद जरूरी माना जाता है।

12% रिटर्न कितना रियलिस्टिक है?
लंबे समय में अच्छे इक्विटी म्यूचुअल फंड्स ने औसतन 11-13% तक का रिटर्न दिया है। हालांकि, यह रिटर्न बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है और गारंटीड नहीं होता। लेकिन जो निवेशक बाजार की गिरावट में भी SIP जारी रखते हैं, उन्हें लंबी अवधि में बेहतर फायदा मिलता है।

क्या कम समय में 1 करोड़ बन सकता है?
अगर आप SIP की रकम बढ़ा दें या रिटर्न ज्यादा मिले, तो समय कम हो सकता है। उदाहरण के लिए, 7000 या 10000 रुपये की SIP करने पर करोड़पति बनने का सफर काफी छोटा हो जाता है। इसी तरह, अगर निवेश की शुरुआत जल्दी कर दी जाए, तो कंपाउंडिंग का असर और मजबूत हो जाता है।

निवेशकों के लिए क्या सीख?
इस कैलकुलेशन से साफ है कि करोड़पति बनने के लिए बहुत बड़ी रकम से शुरुआत जरूरी नहीं। जरूरी है सही प्लानिंग, धैर्य और लंबी अवधि का नजरिया। अगर आप आज 5000 रुपये की SIP शुरू करते हैं और बीच में उसे नहीं तोड़ते, तो 27 साल बाद एक करोड़ रुपये का टारगेट बिल्कुल हकीकत बन सकता है।

पाकिस्तानी बल्लेबाज ने विदेश में भी कटाई नाक, टी20 में खेली टेस्ट जैसी पारी

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पाकिस्तानी क्रिकेट खिलाड़ी इस वक्त बिग बैश लीग खेल रहे हैं, लेकिन वहां भी उनके बल्ले से रन नहीं निकल रहे हैं और टीम को निराशा ही हाथ लग रही है।पाकिस्तानी ​क्रिकेट टीम के खिलाड़ी अभी इंटरनेशनल मैच नहीं खेल रहे हैं। इस दौरान वक्त निकालकर वे बीबीएल में खेलने पहुंच गए हैं। शाहीन शाह अफरीदी तो चोटिल होकर इस टूर्नामेंट से पहले ही बाहर हो गए हैं, लेकिन बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान अभी वहीं जमे हुए हैं। खास बात ये है कि ये दोनों वही खिलाड़ी हैं, जो पाकिस्तानी टीम से खराब स्ट्राइक रेट के कारण बाहर हो गए थे। यहां भी खास तौर पर मोहम्मद रिजवान ने नाक कटाने का ही काम किया। उन्होंने टी20 में भी टेस्ट सरीखी धीमी पारी खेली। उसके बाद आउट भी हो गए।
मोहम्मद रिजवान ने खेली बहुत धीमी पारी
बीबीएल यानी बिग बैश लीग में मोहम्मद रिजवान मेलबर्न रेनेगेड्स के लिए खेलते हैं। जब साल पहले दिन यानी 1 जनवरी को रिजवान की टीम बल्लेबाजी के लिए उतरी तो पहला विकेट जल्दी गिर गया। इसके बाद तीसरे नंबर पर मोहम्मद रिजवान बल्लेबाजी के लिए आए। उन्होंने ऐसी पारी खेली कि लगा वे टी20 नहीं, बल्कि टेस्ट खेल रहे हैं। तीसरे नंबर पर आकर भी उन्होंने 10 बॉल पर केवल छह ही रन बनाए। ये सभी रन दौड़कर बनाए गए थे, यानी उनके बल्ले से एक भी चौका तक नहीं आया।

अब तक चार मैच में केवल बने हैं 58 ही रन
मेलबर्न रेनेगेड्स की शुरुआत खराब हो चुकी थी। इसके बाद टीम ने लाख कोशिश के बाद 20 ओवर में 9 विकेट नुकसान पर केवल 164 ही रन बनाए। अगर रिजवान ने ठीक पारी खेली होती तो टीम के पास मौका था कि बड़ा स्कोर खड़ा कर देती। बीबीएल में इस साल ​रिजवान अभी तक चार मैच खेलकर केवल 58 रन ही बनाए हैं। इससे टीम को फायदा कम और नुकसान ज्यादा हो रहा है।

मोहम्मद रिजवान और बाबर आजम आमने सामने
मेलबर्न रेनेगेड्स बनाम सिडनी सिक्सर्स बीबीएल मैच इसलिए अहम हो गया, क्योंकि इसमें बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान आमने सामने थे। जहां रिजवान बुरी तरह से फ्लॉप रहे, वहीं बाबर ने कुछ रन जरूर बनाए। लेकिन उनका भी स्ट्राइक रेट काफी नीचा रहा। वे पारी का आगाज करने के लिए मैदान पर उतरे थे, लेकिन एक एक रन के लिए वे जूझते हुए दिखाई दिए। अब देखना होगा​ कि आगे के मैचों में पाकिस्तान के इन दो खिलाड़ियों का प्रदर्शन कैसा रहता है, इस पर नजर रहेगी।

चलती ट्रेन में यात्री से पुलिसवालों ने छीना 1.44 करोड़ का सोना, थानाध्यक्ष ही निकला मास्टरमाइंड, भेजा गया जेल

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ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा करने वाली जीआरपी के जवान ही लुटेरे बन गए। यह मामला है बिहार के गया का जहां यात्री से 1 किलो सोना लूटने के मामले में गया जंक्शन रेल थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया।बिहार के गया में चलती ट्रेन में सोना लूटने वाले GRP के थानाध्यक्ष सहित 4 जवानों पर पटना रेल एसपी ने बड़ी कार्रवाई की है। अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए पहचाने जाने वाले गया जीआरपी थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह आखिरकार खुद सलाखों के पीछे पहुंच गए।क्या है पूरा मामला?
22307 हावड़ा-बीकानेर एक्सप्रेस ट्रेन से सफर कर रहे कारोबारी के स्टाफ से 1 किलो सोना लूट की घटना पिछले 21 नवंबर को हुई थी। इस मामले में गया रेल थाना 29 नवंबर को एफआईआर दर्ज कराई थी। पटना रेल एसपी के नेतृत्व में गठित जांच टीम ने सीडीआर से यह खुलासा हुआ कि सभी जीआरपी जवान और थानाध्यक्ष की संलिप्तता है।

घटना के बाद बुधवार को गया रेल थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह को गिरफ्तार कर रेल कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। सोना लूट मामले की जांच के लिए तीन डीएसपी की एसआईटी टीम बनाई गई।किसी को ना बताने की दी थी धमकी
ट्रेन में सफर कर रहे पीड़ित धनंजय शाश्वत से जीआरपी के जवानों ने 1 करोड़ 44 लाख रुपये का 1 किलो सोना मारपीट कर लूट लिया था। गया जंक्शन पहुंचने के पहले ही जीआरपी जवानों ने घटना को अंजाम दिया और फिर उसे टिकट कराकर भेज दिया गया। साथ ही किसी को कुछ नहीं बताने की धमकी भी दी थी।

रेल थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह की गिरफ्तारी के बाद संलिप्त 4 जवान करन कुमार, अभिषेक चतुर्वेदी, रणंजय कुमार और आनंद मोहन सहित परवेज आलम और रेल थाना का पूर्व चालक सीताराम फरार है। इनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

एक ही स्कूल में पढ़ते थे दोनों नाबालिग, 16 साल का छात्र फिर लापता; पुराने रांची कनेक्शन से बढ़ी पुलिस की चिंता

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दिल्ली से नाबालिग छात्र के लापता होने का मामला लगातार पेचीदा होता जा रहा है। अब सामने आया है कि लापता किशोर दिपांशु गर्ग और सासाराम गांव की रहने वाली 16 वर्षीय किशोरी खुशी एक ही स्कूल में पढ़ते थे। इस नए खुलासे के बाद पुलिस जांच की दिशा और तेज कर दी गई है।

दिपांशु गर्ग के पिता श्याम भजन शर्मा के अनुसार, उनका बेटा 30 दिसंबर 2025 की रात करीब 9 बजे से लापता है। मोबाइल फोन बंद है और रिश्तेदारी सहित सभी संभावित ठिकानों पर तलाश के बावजूद अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। परिवार का कहना है कि बेटे के अचानक गायब होने के पीछे पुराना मामला फिर से दोहराए जाने की आशंका है।

परिजनों ने बताया कि इससे पहले 31 जनवरी 2025 को भी दिपांशु और खुशी दोनों अचानक घर से चले गए थे। उस समय पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 18 फरवरी 2025 को दोनों को रांची से बरामद किया था। अब एक बार फिर दिपांशु के लापता होने पर परिजन आशंका जता रहे हैं कि वह उसी किशोरी के साथ गया हो सकता है।

बताया जा रहा है कि खुशी मूल रूप से सासाराम गांव की रहने वाली है और दिल्ली में रहकर पढ़ाई कर रही है। उसके माता-पिता भी दिल्ली में ही रहते हैं। दोनों के एक ही स्कूल में पढ़ने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस स्कूल रिकॉर्ड, मित्रों के संपर्क और पुराने डिजिटल ट्रेल खंगाल रही है।

भीमान थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि मामले में नाबालिगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल्स और पहले के रांची प्रकरण से जुड़े बिंदुओं की गहन जांच की जा रही है। पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि किसी भी तरह की जानकारी मिलने पर तुरंत थाने को सूचित करें।

इलाके में मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। बार-बार नाबालिगों के लापता होने की घटनाओं ने अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, परिवार बेटे की सकुशल बरामदगी की उम्मीद में पुलिस कार्रवाई का इंतजार कर रहा है।

 

इंदौर में दूषित पानी से मचा हुआ है हाहाकार, अब तक 13 की मौत, 100 से ज्यादा की हालत गंभीर

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इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से डायरिया फैलने से 13 लोगों की मौत और 1300 से ज्यादा लोग बीमार हो गए हैं। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए सरकार से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है।इंदौर: देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी से मौतों का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक दूषित पानी की वजह से 4 मौतें हो चुकी हैं, लेकिन स्थानीय आंकड़े कुछ और ही हकीकत बयां कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में उल्टी, दस्त और डायरिया की वजह से 6 महीने के बच्चे समेत कुल 13 लोगों की जान जा चुकी है। दूषित पानी को पीने की वजह से 1300 से ज्यादा लोग अभी भी बीमार हैं, जबकि 100
से ज्यादा लोग अलग-अलग अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं।मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने अपनाया सख्त रुख
मामले की गंभीरता और इस घटना में होने वाली मौतों को देखते हुए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर पीठ ने सख्त रुख अपनाया है। 2 जनहित याचिकाओं की सुनवाई के बाद कोर्ट ने सरकार से स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। कोर्ट ने नगर निगम और राज्य सरकार को 2 जनवरी तक विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने इस मामले पर कार्रवाई करते हुए अब तक नगर निगम के 2 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है जबकि एक अधिकारी को बर्खास्त कर दिया गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मामले की जांच के लिए एक कमिटी का गठन किया है और कहा है कि रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

भागीरथपुरा के 7992 घरों का हुआ सर्वे
बता दें कि दूषित पानी से प्रभावित इलाके में राहत कार्य तेजी से चल रहे हैं। भागीरथपुरा के 7992 घरों के सर्वे में तकरीबन 40,000 लोगों की जांच की गई है। स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्र में 21 टीमों को तैनात किया है। इंदौर नगर निगम क्षेत्र के सभी चैंबरों की सफाई की जा रही है और मेन लाइन की जांच की जा चुकी है। इंदौर के अलग-अलग अस्पतालों में दर्जनों मरीज गंभीर हालत में भर्ती हैं, जिनमें से 26 से ज्यादा मरीज ICU में हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्थानीय लोग दूषित पानी की समस्या से लंबे समय से परेशान थे लेकिन बार-बार शिकायतों के बावजूद समस्या के निवारण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।

हरियाणा के करनाल से लापता हुआ चित्रकूट का युवक, परिवार ने लगाई मदद की गुहार

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हरियाणा के करनाल जिले से एक युवक के लापता होने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले की राजापुर तहसील अंतर्गत बर्दवारा गांव निवासी एक युवक 20 जून 2025 को दोपहर करीब 11 बजे से लापता है। युवक हरियाणा के करनाल जिले के सेठपुर गांव में मौजूद था, जहां वह गुरुद्वारे में काम के सिलसिले में आया हुआ था।

लापता युवक के पिता का नाम संतोष कुमार उर्फ फकीर बताया जा रहा है। परिजनों के अनुसार युवक पूरी तरह अनपढ़ है, जिस कारण वह रास्ता भटक जाने या किसी के बहकावे में आने की आशंका जताई जा रही है। युवक के अचानक लापता हो जाने से परिवार में कोहराम मचा हुआ है और परिजन बेहद परेशान हैं।

परिजनों ने बताया कि युवक के पास न तो किसी प्रकार की पहचान संबंधी जानकारी है और न ही वह सही तरीके से किसी से संवाद कर पाता है। ऐसे में उसके सुरक्षित लौटने को लेकर चिंता और बढ़ गई है। परिजनों ने हरियाणा और उत्तर प्रदेश के लोगों से अपील की है कि यदि किसी को भी यह युवक कहीं दिखाई दे तो तुरंत नीचे दिए गए संपर्क नंबरों पर सूचना दें।

परिवार ने आम लोगों, सामाजिक संगठनों और प्रशासन से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि युवक की तलाश में मदद करना मानवता का कार्य होगा। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

संपर्क नंबर
8127280325
7015078307
830781446
8427612586
9621945479
7087526074
8284852811

बिहार में खुलेआम अपराध और भ्रष्टाचार का आरोप, ग्रामीण ने पुलिस-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर लगाए गंभीर आरोप

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पररी चैनपुर, बिहार।
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के पररी चैनपुर थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक ग्रामीण ने स्थानीय पुलिस, पंचायत प्रतिनिधियों और राजनीतिक लोगों पर खुलेआम अपराधियों को संरक्षण देने, अवैध शराब-गांजा बिक्री, धमकी, मारपीट और रिश्वतखोरी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

पीड़ित मुकेश कुमार ओकारेता, निवासी ग्राम पररी चैनपुर, थाना कराना, जिला मुजफ्फरपुर ने दावा किया है कि उन्हें बिहार से बाहर भगाने की धमकी दी गई। आरोप है कि हरिंदर महतो सहित कई प्रभावशाली लोग इस पूरे नेटवर्क में शामिल हैं। पीड़ित का कहना है कि स्थानीय स्तर पर जनसुराज से जुड़े विधायक उम्मीदवार, पंचायत के कुछ सदस्य और अन्य प्रभावशाली लोग अपराधियों को संरक्षण दे रहे हैं।

पीड़ित के अनुसार, इलाके में अवैध शराब और गांजा की खुलेआम बिक्री हो रही है, जिसे थाना स्तर के कुछ कर्मियों की मिलीभगत से चलाया जा रहा है। आरोप है कि जब इस संबंध में शिकायत की गई तो पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय कथित तौर पर पांच हजार रुपये की रिश्वत ली, इसके बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई।
मुकेश कुमार का कहना है भोला पासवान और भोलाराम डॉक्टर संतोष कुमार हरिंदर महतो राजेश महतो अरुण महतो बिट्टू कुमार अजीत कुमार यहां के सरपंच और मुखिया यह सब शामिल है इसमें और यहां कोई रिपोर्ट नहीं दर्ज कर रहे गली गलौज कर रहे हैं और मुकेश को मारने की धमकी दे रहे हैं

मामले में यह भी आरोप लगाया गया है कि 23 वर्षीय मुकेश कुमार के साथ मारपीट की घटना हुई, लेकिन राजनीतिक दबाव के कारण कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। पीड़ित का कहना है कि सत्ता और पैसे के दम पर कानून को खुलेआम चुनौती दी जा रही है।

मुकेश कुमार ने यह भी दावा किया है कि बिजली विभाग से जुड़े कुछ लोग भी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं और शिकायत करने पर महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और मानसिक प्रताड़ना तक की गई। पंचायत स्तर पर बीते करीब 20 वर्षों से एक ही परिवार और उनके सहयोगियों का दबदबा होने का आरोप भी लगाया गया है।

पीड़ित ने कहा कि जब उसने इन मामलों को उठाने की कोशिश की तो उसे गाली-गलौज, धमकी और सामाजिक बहिष्कार तक का सामना करना पड़ा। उसका आरोप है कि अपराध, राजनीति और प्रशासन की मिलीभगत के कारण आम आदमी की सुनवाई नहीं हो रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो हालात और बिगड़ सकते हैं। पीड़ित ने बिहार सरकार और उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है।

अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इन गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच करेगा या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

“बांका के कटोरिया में सरकारी जंगल जमीन पर बड़ा फर्जीवाड़ा, 79 एकड़ भूमि निजी नाम दर्ज कराने का आरोप”

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जिला बांका थाना कटोरिया ग्राम बाराकोला अंतर्गत मौजा मोरवार होतात में बड़े पैमाने पर सरकारी जमीन में हेराफेरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कार्तिक यादव का पुत्र उमेश यादव ब्रह्मदेव यादव कांग्रेस यादव विनर देव यादव जोगिंदर यादव पांचो भाई के नाम से रसीद कट रहा है खाता संख्या 1 , पाना खेसरा 3/82/92/38 में दर्ज लगभग 79 एकड़ 57 डिसमल भूमि, जो पुराने खतियान में स्पष्ट रूप से गैर मजरूआ मालिक एवं जंगल जमीन के रूप में दर्ज है, उसे कथित रूप से फर्जी तरीके से निजी स्वामित्व में दर्शाने का प्रयास किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस जमीन में से लगभग 40 एकड़ 15 डिसमल भूमि को गलत ढंग से अपने नाम कराने की साजिश रची जा रही है।

इस संबंध में ग्राम बाराकोला, थाना कोरिया, जिला बोमा के स्थायी निवासियों शुकर यादव, विनोद यादव, शंकर यादव, कमलू यादव, जीतू यादव, वरयू यादव, वावर यादव सहित अन्य ग्रामीणों ने जिला दण्डाधिकारी बोमा को संयुक्त आवेदन देकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यह जमीन वर्षों से सरकारी जंगल भूमि रही है, जिस पर न तो किसी व्यक्ति को विधिवत बंदोबस्ती दी गई है और न ही किसी प्रकार का पर्चा निर्गत किया गया है।

ग्रामीणों के अनुसार यह भूमि लंबे समय से परती अवस्था में है और जंगल से आच्छादित है। आसपास के गांवों के लोग इस जमीन का उपयोग अपने मवेशियों के चराने, गोहाल, खेतों की पटवन तथा सीमित स्तर पर पेड़-पौधे लगाने के लिए करते आ रहे हैं। यह जमीन सार्वजनिक उपयोग में रही है और इसे कभी भी निजी संपत्ति के रूप में मान्यता नहीं दी गई।

आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि गांव के ही कार्तिक यादव, पिता स्वर्गीय योगेंद्र यादव, ने अपने पांच पुत्रों के नाम पर इस सरकारी जमीन को हड़पने की कोशिश की है। ग्रामीणों का कहना है कि बिना किसी वैध दस्तावेज, बिना बंदोबस्ती और बिना सरकारी अनुमति के जमीन को निजी स्वामित्व में दिखाने की प्रक्रिया चल रही है, जो न केवल राजस्व नियमों का उल्लंघन है बल्कि सरकारी संपत्ति की खुली लूट भी है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की तत्काल जांच कर फर्जीवाड़े में संलिप्त लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, गलत तरीके से किए गए नामांतरण या प्रविष्टियों को रद्द किया जाए और सरकारी भूमि को सुरक्षित किया जाए। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का यह मामला भविष्य में और भी गंभीर रूप ले सकता है।

समझौते के बाद भी विवाद: विवाहिता 15 वर्षीय लड़के के साथ फरार, पति ने अपहरण व चोरी का लगाया आरोप

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बरपेटा (असम)।
असम के बरपेटा जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पति अबजान अली (30) ने आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी मोनरा बेगम सामी (33) उससे करीब 10 साल छोटे 15 वर्षीय लड़के सोनू खान के साथ घर से फरार हो गई है। पति के अनुसार सोनू खान मूल रूप से मोतिहारी जिले का रहने वाला है और दोनों फिलहाल कानपुर में रह रहे हैं।
अबजान अली का आरोप है कि पत्नी घर से डेढ़ लाख रुपये नकद और सोने-चांदी के गहने भी साथ ले गई। दंपती के तीन बच्चे हैं, जिनमें से तीनों बच्चे अबजान अली के साथ रह रहे हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले अबजान अली और मोनरा बेगम सामी के बीच आपसी सहमति से एक लिखित समझौता हुआ था, जिसमें दोनों ने पति-पत्नी के रूप में साथ रहने, बिना कारण घर न छोड़ने, एक-दूसरे के खिलाफ अनावश्यक शिकायत न करने और बच्चों की समान देखभाल करने पर सहमति जताई थी। समझौते पर दोनों के हस्ताक्षर भी थे।
अबजान अली ने बताया कि उन्होंने इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित पति ने प्रशासन से पत्नी की तलाश और कथित चोरी की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के विरोध में कपसेठी चौराहे पर फूटा जनाक्रोश, प्रधानमंत्री मुहम्मद यूनुस का फूंका पुतला

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पड़ोसी देश बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर कट्टरपंथी तत्वों द्वारा किए जा रहे कथित अत्याचारों को लेकर देशभर में आक्रोश का माहौल है। इसी क्रम में रविवार को वाराणसी जिले के कपसेठी चौराहे पर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने जनाक्रोश रैली निकालकर बांग्लादेश सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और बांग्लादेश के प्रधानमंत्री मुहम्मद यूनुस का पुतला दहन कर विरोध जताया।

वही प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बांग्लादेश में कट्टरपंथी तत्वों द्वारा लगातार हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है। वही हाल ही में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास को केवल हिंदू होने के कारण इस्लामिक कट्टरपंथियों द्वारा जिंदा जलाए जाने की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस घटना को लेकर भारत के विभिन्न राज्यों में विरोध प्रदर्शन,रैलियां और ज्ञापन देने का सिलसिला जारी है।

कपसेठी चौराहे पर आयोजित इस जनाक्रोश रैली में विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर बांग्लादेश सरकार और वहां सक्रिय कट्टरपंथी संगठनों के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद चौराहे पर बांग्लादेश के प्रधानमंत्री मुहम्मद यूनुस का पुतला दहन कर आक्रोश प्रकट किया गया।

कार्यक्रम के आयोजक एवं ग्राम प्रधान प्रतिनिधि गगन सिंह ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्मनाक हैं। उन्होंने भारत सरकार से मांग की कि वह इस मामले को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मजबूती से उठाए और बांग्लादेश सरकार पर दबाव बनाए,ताकि वहां के हिंदू समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि यदि अत्याचार नहीं रुके तो आगे भी आंदोलन जारी रहेगा।

इस विरोध प्रदर्शन में विधायक प्रतिनिधि अदिति सिंह,प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह,ग्राम प्रधान सुजीत कुमार,ग्राम प्रधान रबिंद्र कुमार,शंतोष सिंह शशिकांत शुक्ला,प्रधान प्रतिनिधि गुंजन सिंह, संधर्ष विश्वकर्मा,राम विलास पटेल,भाजपा मंडल अध्यक्ष अभिसेक दुबे,सर्वेश पाठक सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और विहिप कार्यकर्ता शामिल रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनी रही और पुतला दहन के बाद प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में मांग की कि बांग्लादेश में हिंदुओं की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो,ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।