Sunday, July 12, 2026
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इंदौर: दूषित पानी मामले पर CM मोहन यादव का सख्त एक्शन, एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर सस्पेंड

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सीएम मोहन यादव ने नगर निगम आयुक्त और अपर आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही अपर आयुक्त को हटाने का निर्देश दिया गया है। प्रभारी अधीक्षण यंत्री से जल वितरण कार्य विभाग का प्रभार वापस लेने के निर्देश दिए गए हैं।मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी की सप्लाई के मामले में सीएम मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लिया है। उन्होंने एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर और पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग अधिकारी को सस्पेंड करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही नगर निगम आयुक्त और अपर आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अपर आयुक्त को हटाने और प्रभारी अधीक्षण यंत्री से जल वितरण कार्य विभाग का प्रभार वापस लेने के निर्देश दिए गए हैं। मोहन यादव ने इस मामले में सोशल मीडिया पर पोस्ट कर जानकारी दी है।
मोहन यादव ने एक्स पर लिखा, “आज सुबह मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों के साथ इंदौर के दूषित पेयजल प्रकरण में राज्य शासन द्वारा की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अपर मुख्य सचिव (नगरीय प्रशासन एवं विकास) द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर भी चर्चा की। इंदौर नगर निगम आयुक्त और अपर आयुक्त को इस सम्बन्ध में कारण बताओ नोटिस जारी करने, अपर आयुक्त को तत्काल इंदौर से हटाने और प्रभारी अधीक्षण यंत्री से जल वितरण कार्य विभाग का प्रभार वापस लेने के निर्देश दिए। इंदौर नगर निगम में आवश्यक पदों पर तत्काल प्रभाव से पूर्ति करने के निर्देश भी दिए।”

हम सुधारात्मक कदम उठा रहे- सीएम मोहन यादव
एक्स पर एक और पोस्ट कर सीएम मोहन यादव ने लिखा, “इंदौर में दूषित पेयजल प्रदाय से हुई दुखद घटना के संबंध में जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने के उपरांत प्रदेश के अन्य स्थानों के लिए भी हम सुधारात्मक कदम उठा रहे हैं। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्यक्रम बनाने के निर्देश दिए हैं। इस दृष्टि से सभी 16 नगर निगमों के महापौर, अध्यक्ष तथा आयुक्त एवं जिला कलेक्टर, स्वास्थ्य विभाग, नगरीय विकास विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग व अन्य संबंधित मुख्यालय स्तर के अधिकारियों की आज सायं वर्चुअल बैठक बुलाई है, जिसमें पूरे प्रदेश की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।”

इंदौर में मौतों का आंकड़ा 15 पहुंचाइंदौर में दूषित पानी के कारण फैली बीमारी से अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। यहां लोगों के घरों में दूषित पानी सप्लाई किया गया। इसके सेवन से बड़ी संख्या में लोग बीमार हुए और अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि, प्रशासन ने सिर्फ चार मौतों की पुष्टि की है। मामला कोर्ट तक पहुंच चुका है। कुल तीन जनहित याचिकाएं दायर की गई हैं। इन पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने प्रशासनिक अधिकारियों को फटकार लगाई है। अगली सुनवाई छह जनवरी को होनी है।

अजित पवार ने अपनी ही सहयोगी पार्टी पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- “BJP ने PCMC को लूट का अड्डा बनाया”

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अजित पवार ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पुणे में एक सभा के दौरान बीजेपी पर लूट और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए।पुणे: महाराष्ट्र विधानसभा में महायुति के साथ रहने वाली अजित पवार की एनसीपी, पिंपरी-चिंचवड़ के निकाय चुनाव में महायुति से अलग होकर चुनाव लड़ रही है। इस बीच अजित पवार ने शुक्रवार को राज्य की राजनीति में ‘परमाणु बम’ फोड़ दिया है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने अपनी ही सहयोगी पार्टी भाजपा के खिलाफ सीधा युद्ध छेड़ दिया है। दरअसलष पिंपरी-चिंचवड़ की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अजित पवार जिस अंदाज में बरसे, उसने महायुति (BJP-NCP-Sena) के भविष्य पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
. “BJP ने PCMC को लूट का अड्डा बनाया”
अजित पवार ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि पिंपरी-चिंचवड़ महानगर पालिका (PCMC) में भाजपा ने टेंडरों की ‘रिंग’ बनाकर भ्रष्टाचार के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा, “विकास के नाम पर जनता के पैसों की जमकर बंदरबांट की गई है और शहर के संसाधनों को लूटा गया है।”

2. “मेरे पास हफ्ताखोरी के सबूत हैं”
अजित पवार ने सबसे सनसनीखेज आरोप ‘हफ्ताखोरी’ को लेकर लगाया। उन्होंने खुलेआम कहा, “भाजपा शहर में हफ्ता वसूली करती है और इसके पुख्ता सबूत मेरे पास हैं। सत्ता की मस्ती और नशा इनके सिर चढ़कर बोल रहा है। शहर में दिनदहाड़े लुटेरों की टोली घूम रही है।”

3. बिना नाम लिए विधायक महेश लांडगे पर प्रहार
अजित पवार ने भाजपा विधायक महेश लांडगे की तरफ इशारा करते हुए उनकी संपत्ति पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा, “शहर के कुछ खास लोगों की प्रॉपर्टी अचानक कैसे बढ़ गई? यह बेहिसाब पैसा कहां से आया? इसकी जांच होनी चाहिए।”

4. केंद्रीय मंत्री मोहोल और ‘पासपोर्ट कांड’ पर घेराअजित पवार ने केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल पर भी गंभीर सवाल दागे। उन्होंने एक भगोड़े का जिक्र करते हुए पूछा-

उसे पासपोर्ट किसने और किसके दबाव में दिलाया?
उसे विदेश भागने में किसने मदद की?
वह सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देकर फरार कैसे हुआ?
5. “70 हजार करोड़ के आरोप लगाने वालों के साथ बैठा हूं”
अजित पवार ने खुद पर लगे पुराने आरोपों का दर्द और तंज भी बयां किया। उन्होंने कहा, “मुझ पर 70 हजार करोड़ के घोटाले के आरोप लगाए गए थे, लेकिन आज विडंबना देखिए कि मैं उन्हीं आरोप लगाने वालों के साथ सत्ता में बैठा हूं।”

बिहार: पीएम मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के AI जनरेटेड फर्जी वीडियो बनाना पड़ा महंगा, पुलिस ने किया गिरफ्तार

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बिहार के मुजफ्फरपुर में एक शख्स को पीएम मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के AI जनरेटेड फर्जी वीडियो बनाना महंगा पड़ गया। पुलिस ने आरोपी शख्स को गिरफ्तार कर लिया है।मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर में पीएम मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के AI जनरेटेड फर्जी वीडियो बनाना एक शख्स को महंगा पड़ गया। पुलिस ने आरोपी शख्स को गिरफ्तार कर लिया। ये गिरफ्तारी शुक्रवार को हुई है। आरोपी व्यक्ति पर आरोप है कि उसने पीएम मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के AI जनरेटेड फर्जी वीडियो और ऑडियो बनाए और उन्हें प्रसारित किया। AI जनरेटेड फर्जी वीडियो की भरमार
गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर AI जनरेटेड फर्जी वीडियो की भरमार है और इस तरह का कंटेंट काफी वायरल किया जाता है। कंटेंट क्रिएटर्स ऐसा कंटेंट बनाने में मर्यादा की सारी हदें पार कर देते हैं और उनके खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया जाता।

मुजफ्फरपुर का मामला पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू के AI जनरेटेड फर्जी वीडियो बनाने से था, इसलिए आरोपी पकड़े गए। इसके उलट अगर कोई और नेता या हस्ती होता तो गिरफ्तारी या तो लेट होती या फिर होती ही नहीं। इसके पीछे सबसे बड़ी समस्या है कि ऐसे कंटेंट क्रिएटर्स की पहचान करना और उनका पता लगाना। वाकई ये पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण काम है।

AI क्या है?
AI का पूरा नाम Artificial Intelligence है। अगर सरल शब्दों में समझें तो AI एक ऐसी तकनीक है जिसमें कंप्यूटर सिस्टम मशीनों के पास जानकारियों का भंडार आ जाता है और वे आपकी ज्यादातर समस्याओं का हल कर सकती है। जिस तरह ये तकनीक मानव जीवन के लिए बहुत उपयोगी साबित हुई है, उसी तरह इसका दुरुपयोग भी बढ़ रहा है।

इस तकनीक के माध्यम से किसी की फोटो को किसी के साथ भी जोड़ा जा सकता है, जिस आदमी को जैसी अवस्था में अपने वीडियो में लाना हो, उसे लाया जा सकता है, फोटो-वीडियो को रियलिस्टिक बनाकर पेश किया जा सकता है, जबकि उसमें दिख रहे लोग भले ही कभी उस स्थिति में नहीं आए हों।

AI इतनी सफाई से अपना काम करता है कि आप AI जेनरेटेड फर्जी वीडियो को भी असली समझने लगेंगे। ऐसा कई बार हो भी चुका है।

अब और बढ़ेगी कड़ाके की ठंड, चलने वाली है शीत लहर, IMD ने जारी किया घने कोहरे का येलो अलर्ट

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दिल्ली-एनसीआर में धूप नहीं निकल रही है। इस वजह से तापमान और नीचे जा रहा है।दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में ठंड का प्रकोप है। ठंड के चलते उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों और जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली के लिए ‘येलो’ अलर्ट जारी किया है, क्योंकि शनिवार सुबह राजधानी में घने कोहरे के कारण दृश्यता प्रभावित होने की संभावना है। मौसम विभाग ने कहा कि 3 से 6 जनवरी के बीच दिल्ली-एनसीआर के कुछ इलाकों में शीत लहर (Cold Wave) चलने की संभावना है।9.1 डिग्री सेल्सियस पहुंचा दिल्ली का न्यूनतम तापमान
आईएमडी के अनुसार, शुक्रवार को राजधानी में अधिकतम तापमान 17.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.9 डिग्री कम है। दिल्ली का न्यूनतम तापमान 9.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मौसमी औसत से 2.2 डिग्री अधिक है।

सबसे कम आयानगर में रहा न्यूनतम तापमान
लोधी रोड में अधिकतम तापमान 17.4 डिग्री सेल्सियस, आयानगर में 17.2 डिग्री सेल्सियस, रिज में 14 डिग्री सेल्सियस और पालम में 16.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पालम और लोधी रोड पर न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रहा, इसके बाद रिज पर 8.7 डिग्री सेल्सियस और आयानगर में 8.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

शनिवार को घना कोहरा रहने की संभावना
मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, शनिवार को न्यूनतम तापमान लगभग 7 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान लगभग 18 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। साथ ही सुबह के समय घना कोहरा छाने की भी संभावना जताई गई है। आईएमडी ने 3 से 6 जनवरी के बीच दिल्ली और हरियाणा के कुछ इलाकों में शीत लहर (Cold Wave) चलने का अनुमान लगाया है।

चलेगी शीत लहर
बता दें कि शीत लहर तब घोषित की जाती है, जब न्यूनतम तापमान औसत तापमान से 4.5 डिग्री सेल्सियस से 6.5 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है। शुक्रवार को सफदरजंग में सुबह 1:30 बजे से 2 बजे के बीच सबसे कम दृश्यता 800 मीटर दर्ज की गई , जो बाद में 2:30 बजे तक बढ़कर 1,200 मीटर हो गई।

वायु गुणवत्ता में हुआ सुधार
मौसम विभाग ने कहा कि शुक्रवार को दिल्ली का 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 236 रहा, जो पिछले दिन के 380 से अधिक है। वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार का संकेत मिला है।

घर के पुरुष बाहर कमाने गए, पीछे रह गईं महिलाएं दबंग पड़ोसियों पर जमीन कब्जाने और उत्पीड़न का आरोप

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जिला चंदौली, मङहर, चौकी नवई।
जिले के मङहर क्षेत्र अंतर्गत चौकी नवई से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि गांव के ही कुछ दबंग लोग घर के पुरुषों की गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं और घर में रह रही महिलाओं को लगातार परेशान कर रहे हैं।

पीड़ित परिवार के अनुसार राजू यादव (उम्र 25 वर्ष), पिता शिव शंकर यादव उर्फ जमन यादव, पिछले करीब 10 वर्षों से अपने पिता, पत्नी और छोटे भाई अनिल यादव उर्फ जय सिंह के साथ महाराष्ट्र के कोल्हापुर में रहकर काम करते हैं। गांव में उनके घर पर उनकी मां कंचन देवी, बहन अंकिता कुमारी (20 वर्ष) और 90 वर्षीय दादी धाम देवी रहती हैं।

घर में घुसकर गाली-गलौज और धमकी का आरोप

परिजनों का आरोप है कि पड़ोसी शिवराज, विजय और सोनू परिवार की जमीन पर कब्जा करने की नीयत से बार-बार घर में घुसकर महिलाओं के साथ गाली-गलौज करते हैं और डराने-धमकाने की कोशिश करते हैं। बीते चार दिनों से परिवार को लगातार मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है, जिससे घर की महिलाएं दहशत में हैं।

पुलिस से शिकायत, फिर भी नहीं थमी दबंगई

पीड़ित पक्ष ने चौकी नवई और संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस मौके पर पहुंची और बीच-बचाव कर आरोपितों को हटाया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि परिवार का आरोप है कि पुलिस के हस्तक्षेप के बाद भी दबंग अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं और दोबारा दबाव बना रहे हैं।

दूर रहकर बेबस परिवार

कोल्हापुर में रह रहे राजू यादव का कहना है कि रोजगार के कारण वे गांव से दूर हैं, जबकि घर पर महिलाएं और बुजुर्ग अकेले रह रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जमीन कब्जाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए।

 

बिहार राजनीति में बगावती सुर: BJP कार्यकर्ता ने नेतृत्व पर लगाए गंभीर आरोप, मंत्री पद और टिकट वितरण पर उठे सवाल

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पटना।
बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के पुराने और सक्रिय कार्यकर्ता श्यामदन चौधरी ने पार्टी नेतृत्व और गठबंधन की राजनीति पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए खुला पत्र जारी किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि पार्टी में परिवारवाद, टिकट वितरण में मनमानी और कर्मठ कार्यकर्ताओं की अनदेखी हो रही है।

श्यामदन चौधरी, जो स्वयं को झोपड़ी में रहने वाला जमीनी कार्यकर्ता बताते हैं, ने कहा कि उन्होंने वर्षों तक बिहार में पार्टी का झंडा उठाया, जेल गए, लाठियां खाईं, तिहाड़ जेल तक का सफर किया, लेकिन आज मंत्री पद और बड़े राजनीतिक अवसर परिवारवाद के आधार पर बांटे जा रहे हैं।

मंत्री पद पर सवाल

चौधरी ने आरोप लगाया कि एक प्रभावशाली सांसद के पुत्र दीपक कुशवाहा को न केवल विशेष राजनीतिक संरक्षण दिया गया, बल्कि मंत्री पद देकर संविधान और कानून की मर्यादा का उल्लंघन किया गया। उनका कहना है कि यह फैसला पार्टी के सिद्धांतों के खिलाफ है।

नीतीश कुमार के शासनकाल पर टिप्पणी

उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 15 वर्षों के शासनकाल का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार ने जंगलराज, बम-गोली और अराजकता का दौर देखा है। इसके बावजूद पुराने और ईमानदार नेताओं को दरकिनार कर नए चेहरों को आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे पार्टी को चुनावों में नुकसान उठाना पड़ा।

जहानाबाद सीट का उदाहरण

श्यामदन चौधरी ने जहानाबाद संसदीय क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि सही उम्मीदवार को टिकट न दिए जाने के कारण गठबंधन को हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने इसे गलत रणनीति और जमीनी फीडबैक की अनदेखी बताया।

“कांग्रेस परिवारवादी पार्टी” का आरोप

उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वह पूरी तरह परिवारवाद पर आधारित पार्टी है और राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने का सपना देशहित में नहीं है। चौधरी ने साफ कहा कि वे नरेंद्र मोदी को ही प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं।

शपथ और संकल्प

श्यामदन चौधरी ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्रियों के नाम शपथ-पत्र का हवाला देते हुए कहा कि यदि उन्हें अवसर दिया गया, तो वे ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और गरीब-गुरबों के हक़ के लिए विधान मंडल में आवाज़ उठाएंगे।

उन्होंने दावा किया कि वे आज़ादी की लड़ाई के शहीदों और संविधान के मूल्यों को मानने वाले कार्यकर्ता हैं और बिहार में रामराज्य जैसी सुशासन व्यवस्था के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।

“झोपड़ी से विधानसभा तक” का दावा

पटना जिले के फुलवारीशरीफ प्रखंड, परसा बाजार, वार्ड संख्या 12 के निवासी श्यामदन चौधरी ने कहा कि वे बिना किसी सिंबल, बिना संसाधन के भी जनता के बीच रहकर संघर्ष करेंगे और बिहार में बदलाव लाएंगे।

मुंगेर में गंभीर आरोपों की बौछार, पीड़ित पक्ष ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की

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मुंगेर (बिहार)। मुंगेर जिले के जमालपुर क्षेत्र अंतर्गत एक गांव से बेहद गंभीर और चौंकाने वाले आरोप सामने आए हैं। खुद को पीड़ित बताते हुए रविश कुमार ने सोशल मीडिया और पत्रों के माध्यम से दावा किया है कि वर्षों से एक संगठित गिरोह द्वारा नाबालिग बच्चियों के साथ यौन शोषण, मानसिक-शारीरिक उत्पीड़न और कथित “हैकिंग/कंट्रोल सिस्टम” के जरिए डराने-धमकाने की घटनाएं की जा रही हैं।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि इस मामले में कई बार प्रशासन को पत्र भेजे गए, लोक शिकायत के जरिए भी शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आरोपों में यह भी दावा किया गया है कि तीन साल की बच्ची के साथ अत्याचार की घटना हुई और स्थानीय स्तर पर दबाव, धमकी व डर का माहौल बनाया गया। पीड़ित ने कुछ स्थानीय लोगों पर संरक्षण देने और साक्ष्यों से छेड़छाड़ का आरोप लगाया है।
पुलिस-प्रशासन से अपील
रविश कुमार ने राज्य व केंद्र सरकार से निष्पक्ष, स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि मामले की वैज्ञानिक तरीके से जांच (मेडिकल, डिजिटल/तकनीकी, कॉल-डाटा, सोशल मीडिया व पत्राचार) कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।

क्या है पूरा मामला

सोशल मीडिया पर “आतंकवादी रक्षा तंत्र” के दावे, मुंगेर में गंभीर आरोप; उच्चस्तरीय जांच की मांग

मुंगेर जिले के जमालपुर क्षेत्र अंतर्गत एक गांव से सामने आए गंभीर आरोपों ने प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। खुद को पीड़ित बताते हुए रविश कुमार ने सोशल मीडिया और पत्राचार के माध्यम से दावा किया है कि वर्षों से एक संगठित नेटवर्क सक्रिय है, जिसे वह “आतंकवादी रक्षा/कंट्रोल सिस्टम” के रूप में वर्णित करते हैं। उनके अनुसार, यह तंत्र कथित तौर पर डराने-धमकाने, डिजिटल निगरानी/हैकिंग और मानसिक दबाव के जरिए लोगों को नियंत्रित करता है।
गंभीर आरोप और संवेदनशील दावे
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इस नेटवर्क के चलते नाबालिगों के साथ यौन शोषण, मानसिक-शारीरिक उत्पीड़न और सबूतों से छेड़छाड़ जैसी घटनाएं हुईं। दावा किया गया कि एक तीन वर्षीय बच्ची के साथ अत्याचार की घटना भी सामने आई, जबकि स्थानीय स्तर पर दबाव और भय का माहौल बनाकर शिकायतों को दबाने का प्रयास किया गया।
प्रशासन तक पहुंची शिकायतें, कार्रवाई पर सवाल
रविश कुमार का कहना है कि उन्होंने प्रशासन को कई बार पत्र भेजे, लोक शिकायत माध्यम से भी मामला दर्ज कराया, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कुछ स्थानीय लोगों पर कथित संरक्षण देने और जांच को प्रभावित करने के आरोप लगाए हैं।
निष्पक्ष व वैज्ञानिक जांच की मांग
पीड़ित पक्ष ने राज्य व केंद्र सरकार से स्वतंत्र, निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। मांग में मेडिकल परीक्षण, डिजिटल/तकनीकी फॉरेंसिक, कॉल-डाटा रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों और पत्राचार की वैज्ञानिक जांच शामिल है, ताकि तथ्यों की पुष्टि हो सके और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जा सके।
प्रशासनिक पक्ष
समाचार लिखे जाने तक पुलिस/प्रशासन की ओर से इन आरोपों की पुष्टि या खंडन में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि लिखित शिकायत और साक्ष्य उपलब्ध कराए जाने पर जांच प्रक्रिया के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।

जिया शंकर संग सगाई की अफवाहों पर भड़के अभिषेक मल्हन, बिग बॉस में हुई थी मुलाकात, बोले- वह चैप्टर खत्म…

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अभिषेक मल्हन और जिया शंकर की सगाई की खबरें सोशल मीडिया पर पिछले दिनों से खूब चर्चा में है, लेकिन बिग बॉस कंटेस्टेंट फुकरा इंसान ने इसे अफवाह कहा है।यूट्यूबर अभिषेक मल्हान, जिन्हें फुकरा इंसान के नाम से जाना जाता है। उन्होंने एक्ट्रेस और बिग बॉस ओटीटी 2 की एक्स को-कंटेस्टेंट जिया शंकर के साथ अपनी सगाई की खबरों पर रिएक्ट किया है। उन्होंने इन दावों को बेबुनियाद बताया और लोगों से अपील की कि वे उनका नाम बिना किसी आधार के इस मामले में घसीटना बंद कर दें। उनका पिछले दिनों जिया शंकर के साथ नाम जोड़ा गया था, जब एक्ट्रेस ने अपनी एक मिस्ट्री मैन के साथ एक तस्वीर इंस्टाग्राम पर शेयर की थी। इस तस्वीर ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी थी।
जिया शंकर और अभिषेक मल्हन की सगाई हो गई?
फुकरा इंसान ने इस मामले में सफाई कुछ दिनों बाद दी, जब यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसमें दावा किया गया था कि अभिषेक और जिया की सगाई होने वाली है। पोस्ट में कहा गया था कि दोनों ने अपने रिश्ते को ऑफिशियल कर दिया है और लाइफ पार्टनर बनने की तैयारी कर रहे हैं। इसके तुरंत बाद, X ​​पर भी इसी तरह के दावे फैलने लगे, कुछ यूजर्स ने तो यह भी कह दिया कि बिग बॉस से निकालने के बाद ही दोनों ने सगाई कर ली थी।जिया शंकर संग सगाई पर भड़के अभिषेक मल्हन
जिया शंकर संग अपनी सगाई की अटकलों पर बात रिएक्ट करते हुए, अभिषेक ने 1 जनवरी को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर सच बताया। उन्होंने लिखा, ‘मैं एक बात साफ करना चाहता हूं- कृपया मेरा नाम किसी से भी जोड़ना बंद कर दें। मैं तीन साल पहले एक शो का हिस्सा था और वह चैप्टर वहीं खत्म हो गया था। मेरे फैसले और मेरा रुख तब बहुत साफ थे और तब से कुछ भी नहीं बदला है।’ अपना गुस्सा जाहिर करते हुए, अभिषेक ने कहा कि ऐसी अफवाहें बिना किसी आधार के बार-बार सामने आती रहती हैं। उन्होंने कहा, ‘हैरान करने वाली बात यह है कि यह एक पैटर्न बन गया है। लगभग हर साल अचानक से वही बातें बिना किसी वजह के चर्चा में आ जाती है। यह मैं भी देख सकता हूं और मुझे लगता है कि दर्शक भी इस पैटर्न को समझने के लिए काफी स्मार्ट हैं।’जिया शंकर की इस तस्वीर ने मचाई थी हलचल
एक्ट्रेस जिया ने कुछ दिन पहले एक रोमांटिक फोटो शेयर की थी, जिसमें उन्होंने हिंट दी थी कि वह अभिषेक संग रिश्ते में नहीं है। इस फोटो में जिया एक मिस्ट्री मैन के साथ पोज देती दिख रही थीं, जो उन्हें माथे पर किस कर रहा था। हालांकि, उन्होंने उस आदमी का चेहरा नहीं दिखाया था, लेकिन पोस्ट से यह साफ हो गया था कि अभिषेक मल्हन उनके साथ रिलेशनशिप में नहीं हैं। फोटो पर जिया ने कैप्शन लिखा, ‘चलो झूठी अफवाहों को 2025 में ही छोड़ देते हैं’

अभिषेक मल्हन संग जिया शंकर की बॉन्ड
जिया और अभिषेक के बीच डेटिंग की अटकलें सबसे पहले बिग बॉस ओटीटी 2 के दौरान शुरू हुई थीं और फिर शो से बाहर आने के बाद एक म्यूजिक वीडियो में साथ दिखाई दिए, जिसके बाद उनकी डेटिंग की अफवाहों को हवा मिली। हालांकि, जिया पहले ही बता चुकी है कि वह सिर्फ दोस्त है

‘भारत न देता तो हमें वैक्सीन सूंघने को भी न मिलती’, जयशंकर ने बताया ऐसा क्यों कहते हैं कई देश

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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने IIT मद्रास में कहा कि कोविड काल में भारत ने वैक्सीन देकर वैश्विक एकजुटता दिखाई। कई देशों ने माना कि भारत के बिना उन्हें वैक्सीन भी नहीं मिलती। उन्होंने पड़ोसी नीति, लोकतंत्र और भारत की वैश्विक भूमिका पर जोर दिया।चेन्नई: विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने शुक्रवार को IIT मद्रास में छात्रों को कई मुद्दों पर संबोधित किया। उन्होंने भारत की प्राचीन सभ्यता, लोकतंत्र, विदेश नीति, वैक्सीन पॉलिसी और पड़ोसी देशों के साथ रिश्तों पर खुलकर चर्चा की। कोविड महामारी और वैक्सीन पर बात करते हुए जयशंकर ने बताया, ‘मेरे पूरे करियर में मैंने कभी वैक्सीन देने से ज्यादा भावुक प्रभाव दुनिया पर नहीं देखा। लोग वैक्सीन की पहली खेप याद करके रो पड़ते हैं। कोविड एक बुरा दौर था, लेकिन हमने उसे पीछे छोड़ दिया। उस समय विकसित पश्चिमी देशों ने अपनी आबादी से 8 गुना ज्यादा वैक्सीन स्टॉक कर ली थीं, लेकिन छोटे देशों को 10 हजार डोज भी नहीं दे रहे थे।’
अगर भारत न देता तो हमें वैक्सीन सूंघने को भी न मिलती’
जयशंकर ने कहा, ‘हम 1.4 अरब लोगों की जिम्मेदारी उठाते हुए भी छोटे देशों को 1-2 लाख डोज देकर एकजुटता दिखाई। आज लैटिन अमेरिका, कैरेबियन, पैसिफिक के छोटे द्वीप देशों के लोग कहते हैं कि अगर भारत न देता तो हमें वैक्सीन सूंघने को भी न मिलती। हम दुनिया के सबसे कुशल वैक्सीन उत्पादक थे। लोगों को पता नहीं कि वैश्विक जुड़ाव और जिम्मेदारी कितनी जरूरी थी, क्योंकि दुनिया ने भी हमारी मदद की। हमें यह स्वीकार करना चाहिए कि सप्लाई चेन भारत के बाहर से आई। मुख्य बात यह है कि घर और विदेश को अलग न सोचें। घर में समस्या होने पर भी दुनिया की मदद इसलिए करनी चाहिए क्योंकि ये दोनों साथ चलते हैं।”ज्यादातर पड़ोसियों को पहली वैक्सीन खेप भारत से मिली’
बांग्लादेश की अशांति और भारत की पड़ोसी नीति पर सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, ‘मैं 2 दिन पहले बांग्लादेश गया था। भारत की ओर से पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में शामिल हुआ। हमारे पास तरह-तरह के पड़ोसी हैं। अगर कोई पड़ोसी अच्छा है या कम से कम हानि नहीं पहुंचाता, तो हमारा स्वभाव उसे मदद करना है। हमारे पड़ोस में जहां भी बढ़िया पड़ोसी होने की भावना है, भारत निवेश करता है, मदद करता है, साझा करता है। कोविड में ज्यादातर पड़ोसियों को पहली वैक्सीन खेप भारत से मिली।’पड़ोसी जानते हैं कि भारत की तरक्की एक उठती लहर है’
जयशंकर ने आगे कहा, ‘कुछ पड़ोसी बहुत मुश्किल दौर से गुजरे, जैसे श्रीलंका, जहां हमने 4 अरब डॉलर का पैकेज दिया, जबकि उनका IMF से समझौता बहुत धीमा चल रहा था। ज्यादातर पड़ोसी जानते हैं कि भारत की तरक्की एक उठती लहर है। अगर भारत बढ़ेगा, तो सब बढ़ेंगे। यही संदेश मैं बांग्लादेश ले गया।’ जयशंकर ने कहा कि भारत दुनिया की उन गिनी-चुनी प्राचीन सभ्यताओं में से एक है जो आज बड़े आधुनिक राष्ट्र के रूप में बनी हुई हैं।उन्होंने कहा, ‘दुनिया में बहुत कम प्राचीन सभ्यताएं हैं जो आज बड़े आधुनिक देश बनकर बची हैं, और हम उनमें से एक हैं। हमें अपने इतिहास पर गर्व है, और ऐसा इतिहास बहुत कम देशों का रहा है।’

‘…तो लोकतंत्र सिर्फ कुछ इलाकों तक सीमित रह जाता’विदेश मंत्री ने कहा, ‘हमने लोकतंत्र चुनकर दुनिया में लोकतंत्र को सार्वभौमिक विचार बना दिया। अगर हम लोकतंत्र न अपनाते, तो यह विचार सिर्फ कुछ इलाकों तक सीमित रह जाता। हमें अपनी सोच, मूल्य, संस्कृति और इतिहास को दुनिया के सामने रखने का कर्तव्य है। लेकिन यह सब दोस्ताना साझेदारी के साथ किया जा सकता है, क्योंकि पश्चिमी देशों के साथ साझेदारी महत्वपूर्ण है। यही तरीका है कि हम दुनिया को कैसे बेहतर बनाएं। हम ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ शब्द का अक्सर इस्तेमाल करते हैं लेकिन इसका मतलब क्या है? इसका संदेश यह है कि हमने कभी दुनिया को दुश्मन या खतरे के रूप में नहीं देखा, जहां से खुद को बचाना पड़े।’

सबसे पहले इस राज्य में गठित होगा 8th स्टेट Pay कमीशन, मुख्यमंत्री ने खुद किया ऐलान

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पूर्वोत्तर के एक राज्य के मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि उनकी सरकार में सबसे पहले 8th स्टेट पे कमीशन गठित गया है। उनका प्रदेश ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बनेगा।दिसपुर: सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने असम के सरकारी कर्मचारियों के पक्ष में एक बड़ा और ऐतिहासिक ऐलान किया है। मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि देश का पहला ऐसा राज्य असम बनेगा, जो 8वें राज्य वेतन आयोग का गठन करेगा। उन्होंने इसे कर्मचारी कल्याण की खातिर एक अहम कदम बताते हुए असम की संवेदनशील और प्रगतिशील शासन प्रणाली का प्रतीक बताया।
CM सरमा ने की कर्मचारियों के हित की बात
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि असम सरकार अपने कर्मचारियों की इकोनॉमिक सिक्योरिटी, सम्मान और जीवन स्तर को अच्छा बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। 8वें राज्य वेतन आयोग के गठन की बात करना इसी सोच का नतीजा है। उन्होंने साफ किया कि आयोग का मकसद महज वेतन बढ़ोतरी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सरकारी कर्मचारियों के भत्तों, पेंशन और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सिफारिशें देना भी होगा।
मुख्यमंत्री सरमा का बड़ा ऐलान
असम CM ने अपने आधिकारिक हैंडल से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, ‘असम देश का पहला राज्य होगा जो 8वें राज्य वेतन आयोग का गठन करेगा, जो कर्मचारी कल्याण और प्रगतिशील शासन की दिशा में एक अहम कदम है।’
समय से लागू होंगी राज्य वेतन आयोग की सिफारिशें
हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि असम सरकार मानती है कि किसी भी राज्य की प्रोग्रेस उसके कर्मचारियों के समर्पण से जुड़ी होती है। जब कर्मचारी प्रेरित और सुरक्षित होते हैं, तो शासन व्यवस्था और ज्यादा प्रभावी और जवाबदेह बन जाती है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि राज्य वेतन आयोग की सिफारिशों को समय से लागू किया जाएगा, ताकि इसका वास्तविक लाभ कर्मचारियों को मिल पाए।
स्टेट पे कमीशन में कौन से कर्मचारी आते हैं?
बता दें कि राज्य सरकार स्टेट पे कमीशन गठित करती है। यह राज्य के सरकारी कर्मचारियों पर लागू होता है। इसमें सरकारी विभाग, राज्य की पुलिस, राज्य सरकारों द्वारा संचालित स्टाफ और राज्य सरकार के पेंशनधारी शामिल होते हैं। कमीशन, राज्य के सरकारी कर्मचारियों का पे स्केल, भत्ते और पेंशन तय करता है।