Sunday, July 12, 2026
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बलिया की चंदा की जिद और जुनून: मोबाइल कैमरे से बना रही हैं पहचान, सोशल मीडिया पर खुद की राह

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बलिया (उत्तर प्रदेश)।

जिले के मनियर थाना क्षेत्र की रहने वाली 27 वर्षीय चंदा आज ग्रामीण प्रतिभा और आत्मनिर्भरता की मिसाल बनती जा रही हैं। शादी के सात–आठ साल बाद, एक बच्चे की मां होने के बावजूद चंदा ने अपनी अलग पहचान बनाने का सपना नहीं छोड़ा। सीमित संसाधनों और घरेलू जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने सोशल मीडिया को अपना मंच बनाया और मोबाइल फोन के सहारे अपनी कला लोगों तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

चंदा पिछले दो–तीन वर्षों से लगातार वीडियो बना रही हैं। उनके वीडियो हिंदी के लेटेस्ट गानों पर आधारित होते हैं, जिनमें शालीनता के साथ कॉमेडी का तड़का भी होता है। खास बात यह है कि उनके कंटेंट में न तो अश्लीलता है और न ही दिखावा, बल्कि सादगी, मेहनत और गांव की मिट्टी की खुशबू दिखाई देती है। यही वजह है कि उनके वीडियो धीरे-धीरे लोगों का ध्यान खींच रहे हैं।

चंदा के इस सफर में उनके पति रंजीत का भी पूरा सहयोग है। रंजीत बाहर काम करते हैं और पत्नी के सपने को आगे बढ़ाने में उनका हौसला बनते हैं। चंदा बताती हैं कि उनका उद्देश्य सिर्फ नाम कमाना नहीं, बल्कि अपने हुनर के दम पर कुछ आय अर्जित करना भी है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और अपने बच्चे के भविष्य को बेहतर बना सकें।

बिना किसी टीम, बिना किसी तकनीकी मदद के चंदा खुद ही वीडियो शूट करती हैं, एडिट करती हैं और अपलोड करती हैं। उनकी इंस्टाग्राम आईडी “रियांश 145” पर वे नियमित रूप से कंटेंट साझा कर रही हैं। उनका सपना है कि उन्हें लाइव सब्सक्राइबर, फॉलोअर्स और दर्शकों का प्यार मिले, ताकि उनकी आवाज और कला ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे।
चंदा की कहानी उन हजारों ग्रामीण महिलाओं की कहानी है, जो सीमाओं के बावजूद सपने देखती हैं और उन्हें पूरा करने के लिए लगातार मेहनत करती हैं। आज सोशल मीडिया उनके लिए सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि पहचान, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की राह बनता जा रहा है।

 

अयोध्या में तहसील स्तर पर लापरवाही और कूटरचना के गंभीर आरोप, प्रशासन पर उठे सवाल

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अयोध्या जनपद की रुदौली तहसील से सरकारी तंत्र की लापरवाही और कथित मनमानी का गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम पूरे मल्लाह मजरा द्वारिकापुर, पोस्ट शेरपुर, ब्लॉक मवई निवासी रामदेव पुत्र श्री सुखदेव ने वर्तमान लेखपाल क्षितिज श्रीवास्तव और कर्मचारी जनार्दन पर आवश्यक पत्रावली उपलब्ध कराने में बाधा डालने तथा कार्य में घोर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं।
पीड़ित रामदेव के अनुसार उन्होंने अपने प्रकरण से संबंधित दो आख्या विधिवत प्रस्तुत कीं, इसके बावजूद संबंधित कर्मचारी जानबूझकर फाइलें रोके बैठे हैं। बार-बार तहसील और कार्यालय के चक्कर लगाने के बाद भी न तो दस्तावेज दिए जा रहे हैं और न ही कोई स्पष्ट जवाब मिल रहा है, जिससे उन्हें मानसिक, आर्थिक और सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि कर्मचारियों की टालमटोल के कारण उनका कार्य लंबे समय से लंबित है। इससे यह संदेह गहराता है कि या तो उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी की जा रही है या फिर आम नागरिक को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है। मामले में शिकायत संदर्भ संख्या 40017725070784 दर्ज कराई जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इसी प्रकरण से जुड़ा एक और मामला ग्राम पंचायत द्वारिकापुर से सामने आया है, जहां अनिल रागदेश पुत्र बुलेदेन ने वृक्षारोपण से संबंधित अभिलेख उपलब्ध कराने की मांग की थी। आरोप है कि इस मामले में भी पत्रावली को जानबूझकर लंबित रखा गया और समय पर कार्रवाई नहीं की गई।
मामले में पूर्व स्वर्गवासी लेखपाल राज बहादुर का नाम भी सामने आया है। आरोप है कि उनके द्वारा झूठी आख्या प्रस्तुत की गई, जिसमें यह दर्शाया गया कि कब्जा दिला दिया गया है, जबकि हकीकत में मौके पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। आख्या में कथित रूप से नकली हस्ताक्षर पाए गए हैं और उस पर तहसील की मोहर भी लगी हुई है, जिससे पूरे प्रकरण की गंभीरता और बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि न तो किसी प्रकार की सूचना दी गई और न ही मौके पर कोई अधिकारी या कर्मचारी पहुंचा।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि ऐसे मामलों में समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो आम जनता का प्रशासन से भरोसा उठ जाएगा। पीड़ित पक्ष ने उच्चाधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह है कि तहसील प्रशासन और जिला स्तर के अधिकारी इस गंभीर शिकायत पर कब तक संज्ञान लेते हैं और क्या कदम उठाते हैं।

भोपाल में साहित्य का उत्सव: ऊर्जा मंत्री के हाथों काव्य संग्रह का विमोचन, भावनाओं की डोर से बंधा शहर

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भोपाल।
राजधानी भोपाल में शनिवार को साहित्य और संवेदनाओं का ऐसा संगम देखने को मिला, जिसने पूरे सांस्कृतिक परिदृश्य को जीवंत कर दिया। एजी पब्लिशिंग हाउस द्वारा प्रकाशित चर्चित लेखिका रीना यादुवेन्दु की काव्य कृति “एहसासों की डोर” का भव्य विमोचन एक गरिमामयी समारोह में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में साहित्य, सिनेमा और प्रशासन जगत की नामचीन हस्तियों की मौजूदगी ने आयोजन को खास बना दिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश शासन के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि कविता केवल शब्दों का मेल नहीं, बल्कि समाज की आत्मा होती है। कविता मनुष्य के भीतर छिपी संवेदनाओं को आवाज देती है और ऐसे समय में, जब संवेदनशीलता कम होती जा रही है, इस तरह की कृतियाँ समाज को मानवीय मूल्यों से जोड़ने का काम करती हैं।

इस मौके पर विशिष्ट अतिथियों के रूप में सुप्रसिद्ध लेखक इंद्रा डांगी, वरिष्ठ अभिनेता राजीव वर्मा, प्रसिद्ध लेखिका एवं कवयित्री रहात बद्र, आईएएस दिव्यांक सिंह सहित कई प्रतिष्ठित साहित्यकार और बुद्धिजीवी उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने एक स्वर में “एहसासों की डोर” को भावनात्मक गहराई से भरपूर रचना बताया और इसे समकालीन कविता का सशक्त दस्तावेज कहा।

काव्य संग्रह “एहसासों की डोर” मानवीय रिश्तों, प्रेम, पीड़ा, उम्मीद और जीवन के सूक्ष्म भावों को बेहद सरल लेकिन प्रभावशाली भाषा में प्रस्तुत करता है। पुस्तक की एक खास पहचान इसकी रंगीन और कलात्मक चित्रण शैली है, जो कविताओं के भावों को दृश्य रूप देकर पाठकों को एक अलग ही अनुभूति से जोड़ती है।

प्रकाशक एजी पब्लिशिंग हाउस के संस्थापक योगेश शर्मा और सह-संस्थापक रक्षा बाजपेई ने लेखिका को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह पुस्तक भावनात्मक साहित्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एजी पब्लिशिंग हाउस का लक्ष्य केवल पुस्तक प्रकाशित करना नहीं, बल्कि ऐसे साहित्य को मंच देना है जो समाज से संवाद करे।

लेखिका रीना यादुवेन्दु ने मंच से सभी अतिथियों, प्रकाशक टीम और पाठकों का आभार जताते हुए कहा कि “एहसासों की डोर” उनके दिल की अनुभूतियों का प्रतिबिंब है। उन्होंने विश्वास जताया कि पाठक इन कविताओं में अपने जीवन के भावों की झलक जरूर पाएंगे।

कुल मिलाकर, “एहसासों की डोर” का यह विमोचन भोपाल के साहित्यिक इतिहास में एक यादगार और प्रेरणादायक क्षण बनकर उभरा, जहां शब्दों ने संवेदनाओं से हाथ मिलाया और साहित्य ने एक बार फिर अपनी ताकत का एहसास कराया।

 

18 साल का भानू लापता, परिजन बेहाल—रिपोर्ट के बाद भी तलाश में देरी

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आजमगढ़ जनपद के जहानागंज थाना क्षेत्र से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां 18 वर्षीय युवक भानू रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया है। लापता युवक भानू, अजय जी का छोटा भाई है और मूल रूप से जिला आजमगढ़ का निवासी है।

परिजनों के अनुसार भानू 27 दिसंबर की सुबह करीब 7 बजकर 23 मिनट पर बरेली रेलवे स्टेशन से लापता है इसके बाद से उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। सुबह 7:30 बजे तक परिजन उससे संपर्क में थे,

परिजनों ने बरेली स्टेशन थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है, लेकिन कई दिन बीत जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई या प्रगति सामने नहीं आई है। परिवार का आरोप है कि थाने के चक्कर लगाने के बाद भी सिर्फ आश्वासन मिल रहा है, जबकि भानू की तलाश को लेकर कोई गंभीर प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।

लापता युवक की उम्र महज 18 साल है, जिससे परिजनों की चिंता और बढ़ गई है। परिवार को आशंका है कि भानू के साथ कोई अनहोनी हो सकती है। इसी को लेकर परिजन और स्थानीय लोग प्रशासन से जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

परिजनों ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को भानू के बारे में कोई भी जानकारी मिले, तो वह तुरंत दिए गए नंबर पर संपर्क करे। सूचना देने वाले व्यक्ति को 50,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई है।

संपर्क नंबर
9250426332

यह मामला अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। सवाल यह है कि जब रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है, तो फिर लापता युवक की तलाश में देरी क्यों हो रही है। क्या पुलिस की सुस्ती किसी बड़ी अनहोनी को न्योता दे रही है। परिजन प्रशासन से जल्द कार्रवाई और भानू को सुरक्षित खोज निकालने की गुहार लगा रहे है

जोहरान ममदानी ने उमर खालिद को लिखी चिट्ठी तो भड़की भाजपा, राहुल गांधी पर लगा दिया बड़ा आरोप, जानें

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न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने तिहाड़ जेल में बंद दिल्ली दंगे के आरोपी उमर खालिद को चिट्ठी लिखी है जिसपर विवाद खड़ा हो गया है। अब भाजपा ने इस मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर भी बड़ा आरोप लगा दिया है।अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी द्वारा दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद को लिखी गई चिट्ठी पर विवाद बढ़ता चला जा रहा है। बता दें कि अमेरिकी सांसदों के एक ग्रुप ने भी भारतीय राजदूत विनय क्वात्रा को पत्र लिखकर उमर खालिद के लिए निष्पक्ष और समयबद्ध सुनवाई का आग्रह किया है। अब इस पूरे मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। भाजपा ने मेयर जोहरान ममदानी पर भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया है। भाजपा ने इस मामले में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर भी निशाना साधा है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने हाल ही में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद उमर खालिद को चिट्ठी लिखी है। ममदानी ने इस चिट्ठी में लिखा- “प्रिय उमर, मैं अक्सर आपके उन शब्दों को याद करता हूं, जिनमें कड़वाहट को खुद पर हावी नहीं होने देने की बात कही गयी थी। आपके माता-पिता से मिलकर खुशी हुई। हम सब आपको लेकर चिंतित हैं।” आपको बता दें कि उमर खालिद के पिता कासिम रसूल इलियास ने कुछ ही दिनों पहले अमेरिका की यात्रा की थी और ममदानी से मुलाकात की थी।
भाजपा ने राहुल पर क्या आरोप लगाया?
इस पूरे मामले को लेकर भाजपा ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर भी निशाना साधा है। भाजपा नेता प्रदीप भंडारी ने X पर किए गए एक पोस्ट में कहा- “न्यूयॉर्क के मेयर के रूप में शपथ लेने के तुरंत बाद, ज़ोहरान ममदानी ने रामज़ी कासिम को न्यूयॉर्क शहर का मुख्य वकील नियुक्त किया। इन्होंने अल-कायदा से जुड़े एक आतंकी मामले में अहमद अल-दारबी का बचाव किया था और साथ ही जेल में बंद उमर खालिद के समर्थन में एक पत्र भी लिखा था। यह महज संयोग नहीं है। यह वैचारिक स्पष्टता है। जरा इन कड़ियों को जोड़िए। राहुल गांधी-भारत विरोधी लॉबी कैसे काम करती है-:

2024: जैन शाकोव्स्की ने भारत विरोधी इल्हान उमर के साथ संयुक्त राज्य अमेरिका में राहुल गांधी से मुलाकात की।

जनवरी 2025: उन्होंने’Combating International Islamophobia Act
‘ को फिर से पेश किया, जिसमें स्पष्ट रूप से भारत का नाम लिया गया और मुस्लिम समुदाय पर दमन का आरोप लगाया गया।
2026: वही जेन शाकोव्स्की भारत सरकार को पत्र लिखकर उमर खालिद को लेकर चिंताएं जताती हैं, जिन पर दंगों और हिंसा से जुड़े गंभीर मामलों में UAPA के तहत आरोप लगे हैं।

जब भी विदेशों में भारत विरोधी बातें फैलाई जाती हैं, एक नाम बार-बार सामने आता है- राहुल गांधी। जो लोग भारत को कमजोर करना चाहते हैं, उसकी चुनी हुई सरकार को बदनाम करना चाहते हैं और उसके आतंकवाद विरोधी कानूनों को कमजोर करना चाहते हैं, वे सब लगभग उन्हीं के इर्द-गिर्द इकट्ठा हो जाते हैं।”
भारत इसे बर्दाश्त नहीं करेगा- भाजपा
ममदानी द्वारा उमर खालिद को लिखी गई चिट्ठी पर भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा- “अगर भारत की संप्रभुता को चुनौती दी गई, तो 140 करोड़ भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एकजुट होकर खड़े होंगे। भारत की जनता को देश की न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। यदि कोई भी किसी आरोपी के समर्थन में सामने आता है और भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करता है, तो देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। यह बाहरी व्यक्ति कौन होता है, जो हमारे लोकतंत्र और न्यायपालिका पर सवाल उठाए और वह भी ऐसे व्यक्ति के समर्थन में जो भारत को तोड़ना चाहता है? यह उचित नहीं है

भारत के इस पड़ोसी देश में कांप गई धरती, जानें रिक्टर स्केल पर कितनी रही भूकंप की तीव्रता

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नेपाल में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.6 मापी गई है। भूकंप का केंद्र काठमांडू से 420 किमी पूर्व में था।भारत के पड़ोसी देश नेपाल में एक बार फिर भूकंप आया है। इस बार पूर्वी नेपाल के ताप्लेजुंग जिले में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.6 मापी गई है। भूकंप के झटके पड़ोसी शंखुवासभा और पांचथर जिलों में भी महसूस किए गए हैं।
काठमांडू से दूर था भूकंप का केंद्र
नेशनल अर्थक्वेक मॉनिटरिंग एंड रिसर्च सेंटर के अनुसार, भूकंप सुबह 6.13 बजे आया और इसका केंद्र ताप्लेजुंग से दूर फलाइचा में था, जो काठमांडू से 420 किमी पूर्व में है। भूकंप से किसी तरह के नुकसान की तत्काल कोई खबर नहीं है। इससे पहले 9 दिसंबर को चीन सीमा से सटे नेपाल के कालापानी क्षेत्र में 4.3 तीव्रता का भूकंप आया था।
भूकंप के लिहाज से कितना संवेदनशील है नेपाल?
भूकंप के लिहाज से नेपाल दुनिया के सबसे संवेदनशील देशों में से एक है। यह हिमालय पर्वत श्रृंखला के ठीक नीचे स्थित है, जहां भारतीय टेक्टोनिक प्लेट और यूरेशियन (तिब्बती) प्लेट आपस में टकरा रही हैं। इस टकराव के कारण नेपाल में हर साल सैकड़ों छोटे-बड़े भूकंप आते हैं और बड़े विनाशकारी भूकंपों की संभावना हमेशा बनी रहती है। वैज्ञानिकों और सरकार के राष्ट्रीय भूकंप मापन तथा अनुसन्धान केंद्र के अनुसार नेपाल का पूरा क्षेत्र उच्च भूकंपीय जोखिम क्षेत्र में आता है। देश में 92 से अधिक सक्रिय फॉल्ट लाइनें मौजूद हैं।
भूकंप क्यों आते हैं?
देखने में ऐसा लगता है धरती तरह स्थिर और मजबूत है। लेकिन, सच यह है कि हमारी धरती के अंदर बहुत बड़ी हलचल चल रही होती है। इसी हलचल के कारण भूकंप आते हैं। पृथ्वी कई परतों से बनी है। सबसे ऊपरी परत जिस पर हम रहते हैं, उसे क्रस्ट कहते हैं। इस क्रस्ट को कई बड़े-बड़े टुकड़ों में बांटा गया है, जिन्हें टेक्टोनिक प्लेट्स कहते हैं। पूरी पृथ्वी में मुख्य रूप से 7 बड़ी प्लेट्स हैं। ये प्लेट्स धीरे-धीरे एक-दूसरे के साथ, एक-दूसरे के नीचे या एक-दूसरे से दूर सरकती रहती हैं। जब प्लेटें अटक जाती हैं, तो उनमें बहुत ज्यादा दबाव बनता जाता है। दबाव बढ़ने पर बहुत सारी ऊर्जा एकदम बाहर निकलती है। यही ऊर्जा भूकंपीय तरंगों के रूप में चारों ओर फैलती है और धरती को हिलाती है। इसी को हम भूकंप कहते हैं।

तिरुपति: नशे में मंदिर के शिखर पर चढ़कर शराब मांगने लगा शख्स, पुलिस को 3 घंटे तक करनी पड़ी मशक्कत; सामने आया VIDEO

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तिरुपति में एक शख्स शराब के नशे में चूर होकर श्री गोविंदराजस्वामी मंदिर के शिखर पर चढ़ गया। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद युवक को नीचे उतारा गया। शख्स मंदिर के शिखर पर चढ़कर शराब की मांग कर रहा था।आंध्र प्रदेश के तिरुपति शहर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां शहर में स्थित प्रसिद्ध श्री गोविंदराजस्वामी मंदिर में एक युवक गोपुरम के शिखर पर चढ़ गया, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि मंदिर बंद होने के कुछ ही देर में युवक मंदिर के अंदर घुस गया और वो शराब के नशे में था। TTD के विजिलेंस विभाग के लोगों को इसकी भनक लगती तब तक यह व्यक्ति मुख्य गोपुरम के शिखर पर चढ़ गया। यहां चढ़कर वह शिखर पर लगे कलश को निकालने की कोशिश करने लगा।
दीवार फांदकर अंदर घुसा शख्स
विजिलेंस वालों को पता चलने से पहले ही वह मंदिर की दीवार फांदकर अंदर घुस गया, आरोपी की पहचान कुट्टाडी तिरुपति के तौर पर हुई, जो कुर्मा वाडा, पेद्दामल्ला रेड्डी कॉलोनी, निजामाबाद (तेलंगाना) का रहने वाला है। तिरुपति ईस्ट पुलिस और फायर डिपार्टमेंट के लोगों को युवक को मंदिर के गोपुरम से नीचे उतारने के लिए तीन घंटे तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। जब पुलिसकर्मी लोहे की सीढ़ियों की मदद से शिखर तक पहुंचे तो समझाईश के दौरान युवक ने शर्त रख दी कि शराब की क्वाटर बोतल मिलेगी तभी वो नीचे उतरेगा। पुलिसकर्मी ने नीचे उतरने पर शराब पिलाने का झांसा देकर उसे नीचे उतारा और फिर गिरफ्तार कर लिया।

उतरने के लिए की शराब की मांग
तिरुपति ईस्ट के डीएसपी एम. भक्तवत्सलम नायडू ने बताया कि तिरुपति के श्री गोविन्दराजस्वामी मंदिर में शराब के नशे में धुत एक व्यक्ति ने हंगामा खड़ा कर दिया। वह व्यक्ति सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर मंदिर परिसर में घुस गया। जैसे ही उसने मंदिर की दीवार पर चढ़ने की कोशिश की, सतर्कता दल ने उसे तुरंत देख लिया। मंदिर के अंदर उसने गोपुरम (मंदिर का शिखर) पर चढ़कर कलशों तक पहुंचने की कोशिश भी की। उस व्यक्ति की पहचान कुट्टाडी तिरुपति (45) के रूप में हुई, जो तेलंगाना के निजामाबाद जिले के कुर्मावाड़ा स्थित पेद्दामल्ला रेड्डी कॉलोनी का निवासी है। उस व्यक्ति ने एक क्वार्टर शराब की मांग की और कहा कि वह उसे मिलने के बाद ही नीचे उतरेगा। उसकी मांग मान लेने के बाद उसे नीचे उतारा गया और तिरुपति पूर्व पुलिस स्टेशन ले जाया गया। आगे की जांच जारी है।

मुंबई में मजदूरी, बिहार के मजदूर का उजड़ा संसार दो मासूम बेटियों संग पत्नी रहस्यमय ढंग से लापता, यूपी के युवक पर शक

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सूरत (गुजरात) में होने की सूचना, शिकायत दर्ज न होने से पीड़ित परेशान
सुपौल/मुंबई/सूरत। बिहार के सुपौल जिले के निवासी राधेश्याम सुतिहार की जिंदगी उस वक्त पूरी तरह बिखर गई, जब उनकी पत्नी चंदन कुमारी दो मासूम बेटियों के साथ रहस्यमय ढंग से लापता हो गई। राधेश्याम मुंबई में रहकर कारपेंटर का काम करते हैं और मेहनत-मजदूरी से परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे।
पीड़ित पति के अनुसार, 2 जनवरी 2026 की शाम करीब 4 बजे चंदन कुमारी यह कहकर घर से निकली थीं कि पड़ोस में जा रही हैं, लेकिन इसके बाद न तो वह लौटीं और न ही बच्चों का कोई सुराग मिला। दोनों बेटियों के नाम संजना कुमारी (6 वर्ष) और सुमन कुमारी (3 वर्ष) हैं।
राधेश्याम सुतिहार का आरोप है कि उनकी पत्नी का संपर्क शिवा सिंह (उम्र लगभग 35 वर्ष, उत्तर प्रदेश निवासी) से था, जो लगातार फोन कर बात कराने का दबाव बनाता था और इंकार करने पर धमकियां भी देता था। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने इस विषय पर पत्नी से कई बार बात की, लेकिन हर बार परिवार के साथ रहने का भरोसा दिया गया।
पीड़ित के मुताबिक, चंदन कुमारी घर से ₹2,65,000 नकद, करीब ₹1,63,000 के सोने-चांदी के गहने और गांव में जमीन खरीदने के लिए रखी रकम भी साथ ले गई हैं। राधेश्याम ने यह भी बताया कि 16 जनवरी की उनकी कन्फर्म टिकट बनी हुई थी, जिससे पूरे मामले पर संदेह और गहराता है।
नया सुराग: सूरत (गुजरात) में होने की सूचना
मामले में अब एक नया मोड़ सामने आया है। राधेश्याम सुतिहार के अनुसार, उन्हें जानकारी मिली है कि पत्नी चंदन कुमारी और दोनों बच्चियां सूरत में देखी गई हैं और कथित तौर पर शिवा सिंह भी उनके साथ है। हालांकि, इस सूचना की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।
शिकायत दर्ज न होने से पीड़ित की बढ़ी परेशानी
पीड़ित पति का कहना है कि वह कई जगह शिकायत दर्ज कराने की कोशिश कर चुके हैं, लेकिन फिलहाल कहीं भी एफआईआर दर्ज नहीं हो पा रही है।
“मैं बहुत परेशान हूं, प्रशासन से हाथ जोड़कर गुहार लगा रहा हूं कि मेरी पत्नी और बच्चों को जल्द से जल्द ढूंढकर सुरक्षित घर पहुंचाया जाए,”—राधेश्याम सुतिहार ने भावुक होकर कहा।
दो मासूम बच्चियों की सुरक्षा को लेकर पिता की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। प्रवासी मजदूरों के बीच भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज है और हर कोई प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहा है।
सूचना देने की अपील
यदि किसी व्यक्ति को इस संबंध में कोई भी जानकारी मिले, तो तुरंत नीचे दिए गए नंबरों पर

संपर्क करें 9867186424, 9987639195।

इंदौर में कैसे हुई 14 लोगों की दर्दनाक मौत? लैब रिपोर्ट आने के बाद साफ हुआ पूरा मामला

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मध्य प्रदेश के इंदौर में उल्टी-दस्त की महामारी से 13 लोगों की मौत गंदा पानी पीने के कारण हुई। लैब रिपोर्ट में भागीरथपुरा इलाके की पानी की पाइपलाइन में रिसाव की पुष्टि हुई है। सप्लाई में गंदा पानी होने की वजह से 1400 से ज्यादा लोग बीमार पड़े।इंदौर: देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में दस्त और उल्टी की महामारी फैलने की वजह पीने का पानी गंदा होना निकला है। एक लैबोरेटरी जांच ने इसकी पुष्टि कर दी है। इस महामारी से कम से कम 14 मरीजों की मौत हो चुकी है और 1400 से ज्यादा लोग बीमार पड़ चुके हैं। बता दें कि इंदौर पिछले 8 सालों से लगातार भारत का सबसे स्वच्छ शहर चुना जाता रहा है, ऐसे में पीने के दूषित पानी से हुई मौतों ने लोगों को हैरान कर दिया है। चिंता की बात यह है कि अभी भी दर्जनों लोगों को हालत गंभीर होने की वजह से आईसीयू में रखा गया है।
भागीरथपुरा इलाके से महामारी की शुरुआत हुई’
इंदौर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी यानी कि CMHO डॉक्टर माधव प्रसाद हसानी ने गुरुवार को बताया कि शहर के एक मेडिकल कॉलेज की लैब रिपोर्ट में साफ हुआ है कि भागीरथपुरा इलाके में पीने का पानी पाइपलाइन में रिसाव की वजह से गंदा हो गया था। इसी इलाके से महामारी की शुरुआत हुई है। डॉक्टर हसानी ने रिपोर्ट के नतीजे विस्तार से नहीं बताए। अधिकारियों का कहना है कि भागीरथपुरा में एक पुलिस चौकी के पास मुख्य पानी की पाइपलाइन में रिसाव पाया गया था। उस जगह के ठीक ऊपर एक शौचालय बनाया गया है। उन्होंने दावा किया कि इसी रिसाव से इलाके के पानी की सप्लाई गंदी हो गई।

‘पीने से पहले पानी को अच्छी तरह उबाल लें’
अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय दुबे ने बताया, ‘हम भागीरथपुरा की पीने के पानी की पाइपलाइन की बारीकी से जांच कर रहे हैं ताकि पता चले कि कहीं और भी रिसाव तो नहीं है।’ उन्होंने कहा कि जांच के बाद गुरुवार को पाइपलाइन से घरों में साफ पानी की सप्लाई शुरू कर दी गई है, लेकिन सावधानी के तौर पर लोगों को सलाह दी गई है कि पीने से पहले पानी को अच्छी तरह उबाल लें। दुबे ने कहा, ‘हमने इस पानी के सैंपल भी लिए हैं और जांच के लिए भेज दिए हैं।’ भागीरथपुरा में पानी की इस त्रासदी से सबक लेते हुए उन्होंने बताया कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पूरे राज्य में एक मानक संचालन प्रक्रिया या SOP जारी की जाएगी।’गुरुवार को भागीरथपुरा के 1714 घरों का सर्वे’
दुबे ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर भागीरथपुरा का दौरा किया और हालात का जायजा लिया। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि गुरुवार को भागीरथपुरा के 1714 घरों का सर्वे किया गया जिसमें 8571 लोगों की जांच की गई। इनमें से 338 लोगों को उल्टी-दस्त के हल्के लक्षण थे, जिन्हें घर पर ही प्राथमिक इलाज दिया गया। उन्होंने कहा कि महामारी शुरू होने के 8 दिनों में कुल 272 मरीजों को स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया जिनमें से अब तक 71 को छुट्टी दे दी गई है। फिलहाल 201 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनमें 32 की हालत गंभीर होने से ICU में रखा गया है।

इंदौर: दूषित पानी मामले पर CM मोहन यादव का सख्त एक्शन, एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर सस्पेंड

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सीएम मोहन यादव ने नगर निगम आयुक्त और अपर आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही अपर आयुक्त को हटाने का निर्देश दिया गया है। प्रभारी अधीक्षण यंत्री से जल वितरण कार्य विभाग का प्रभार वापस लेने के निर्देश दिए गए हैं।मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी की सप्लाई के मामले में सीएम मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लिया है। उन्होंने एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर और पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग अधिकारी को सस्पेंड करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही नगर निगम आयुक्त और अपर आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अपर आयुक्त को हटाने और प्रभारी अधीक्षण यंत्री से जल वितरण कार्य विभाग का प्रभार वापस लेने के निर्देश दिए गए हैं। मोहन यादव ने इस मामले में सोशल मीडिया पर पोस्ट कर जानकारी दी है।
मोहन यादव ने एक्स पर लिखा, “आज सुबह मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों के साथ इंदौर के दूषित पेयजल प्रकरण में राज्य शासन द्वारा की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अपर मुख्य सचिव (नगरीय प्रशासन एवं विकास) द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर भी चर्चा की। इंदौर नगर निगम आयुक्त और अपर आयुक्त को इस सम्बन्ध में कारण बताओ नोटिस जारी करने, अपर आयुक्त को तत्काल इंदौर से हटाने और प्रभारी अधीक्षण यंत्री से जल वितरण कार्य विभाग का प्रभार वापस लेने के निर्देश दिए। इंदौर नगर निगम में आवश्यक पदों पर तत्काल प्रभाव से पूर्ति करने के निर्देश भी दिए।”

हम सुधारात्मक कदम उठा रहे- सीएम मोहन यादव
एक्स पर एक और पोस्ट कर सीएम मोहन यादव ने लिखा, “इंदौर में दूषित पेयजल प्रदाय से हुई दुखद घटना के संबंध में जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने के उपरांत प्रदेश के अन्य स्थानों के लिए भी हम सुधारात्मक कदम उठा रहे हैं। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्यक्रम बनाने के निर्देश दिए हैं। इस दृष्टि से सभी 16 नगर निगमों के महापौर, अध्यक्ष तथा आयुक्त एवं जिला कलेक्टर, स्वास्थ्य विभाग, नगरीय विकास विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग व अन्य संबंधित मुख्यालय स्तर के अधिकारियों की आज सायं वर्चुअल बैठक बुलाई है, जिसमें पूरे प्रदेश की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।”

इंदौर में मौतों का आंकड़ा 15 पहुंचाइंदौर में दूषित पानी के कारण फैली बीमारी से अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। यहां लोगों के घरों में दूषित पानी सप्लाई किया गया। इसके सेवन से बड़ी संख्या में लोग बीमार हुए और अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि, प्रशासन ने सिर्फ चार मौतों की पुष्टि की है। मामला कोर्ट तक पहुंच चुका है। कुल तीन जनहित याचिकाएं दायर की गई हैं। इन पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने प्रशासनिक अधिकारियों को फटकार लगाई है। अगली सुनवाई छह जनवरी को होनी है।