Sunday, July 12, 2026
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हरदोई में जमीन और मकान बैनामे को लेकर धोखाधड़ी का आरोप, पीड़ित ने रजिस्ट्रार व पुलिस से लगाई गुहार

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हरदोई।
जनपद हरदोई में जमीन और मकान के बैनामे को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्राम सिहौना, थाना टड़ियावां निवासी अनुज कुमार पुत्र महेश चन्द्र ने अपने सगे भाई सहित तीन लोगों पर धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेजों के जरिए संपत्ति हड़पने का आरोप लगाया है।
अनुज कुमार का कहना है कि उनके माता-पिता के निधन के बाद रेलवेगंज, ज्योति नगर स्थित निजी मकान पर उनके भाई मनुज कुमार ने कथित रूप से फर्जी लिखापढ़ी कर कब्जा कर लिया। जब अनुज इसकी जानकारी लेने हरदोई आ रहे थे, तभी सड़क दुर्घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। पहले हरदोई मेडिकल कॉलेज और फिर लखनऊ में उनका इलाज चला, जिससे उनकी हालत और आर्थिक स्थिति दोनों कमजोर हो गई।
पीड़ित का आरोप है कि इसी दौरान उनकी कृषि योग्य भूमि, जिस पर बैंक लोन था, विपक्षी सुशीला गौड के नाम कथित रूप से बैनामा कर दी गई, जबकि वह पूरी तरह होश में नहीं थे। बाद में पता चला कि बैंक लोन चुकता कर दिया गया। जब अनुज ने लोन भुगतान की बात उठाई तो विपक्षियों ने कथित तौर पर मारपीट और आपराधिक धमकी दी।
अनुज ने यह भी आरोप लगाया कि उनके भाई के पास उनके हस्ताक्षरयुक्त दो सादे स्टांप पेपर हैं, जिनका दुरुपयोग कर और बड़े घपले किए जा सकते हैं। इतना ही नहीं, उनका राशन कार्ड भी जानबूझकर नहीं बनने दिया गया।
पीड़ित ने रजिस्ट्रार कार्यालय, उपजिलाधिकारी सदर, थाना कोतवाली देहात और समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली (जनसुनवाई) के माध्यम से मांग की है कि जब तक बैंक लोन चुकता कर दिया परन्तु उनका पैसा वापस नहीं किया जाता, तब तक संबंधित जमीन का दाखिल-खारिज रोका जाए और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
मामले ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। अब देखना होगा कि राजस्व व पुलिस विभाग इस गंभीर आरोपों पर क्या कदम उठाते हैं।

हरदोई में फर्जी तरीके से बैंक खाते पर चेक दर्शाने का आरोप, पीड़ित ने बताई नई साजिश
हरदोई
जमीन और मकान बैनामे के विवाद के बीच पीड़ित अनुज कुमार ने मामले में एक और गंभीर खुलासा किया है। अनुज का कहना है कि उनके बैंक खाते पर वास्तव में कोई भी चेक जारी नहीं किया गया था, इसके बावजूद विपक्षियों ने कागज़ों में खाते पर चेक लगा हुआ दिखाकर फर्जीवाड़ा किया।
पीड़ित के अनुसार, इस कथित फर्जी चेक का इस्तेमाल यह दिखाने के लिए किया गया कि लेन-देन वैध तरीके से हुआ है, जबकि हकीकत में न तो उनकी सहमति थी और न ही उन्होंने किसी को चेक दिया था। अनुज का आरोप है कि यह सारा खेल जमीन के बैनामे और बैंक लोन से जुड़े रिकॉर्ड को प्रभावित करने के लिए किया गया।
अनुज कुमार ने प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि बैंक रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच कराई जाए, फर्जी चेक एंट्री की सत्यता सामने लाई जाए और दोषियों के खिलाफ धोखाधड़ी व जालसाजी की धाराओं में कार्रवाई की जाए।
पीड़ित ने यह भी स्पष्ट किया कि वह अभी इलाजरत हैं और कमजोर हालत का फायदा उठाकर उनके साथ लगातार आर्थिक और कानूनी साजिश रची जा रही है। अब इस नए आरोप के बाद मामला और गंभीर हो गया है, और निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

फोन कर घर बुलाया, कमरे में बंद कर काट डाला: रिश्तों को शर्मसार करने वाली हत्या से बदायूं दहला

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फूफा, उनके दो बेटे और एक अन्य पर युवक की निर्मम हत्या का आरोप, तीन गिरफ्तार, एक फरार

बदायूं।
जनपद बदायूं में रिश्तों की मर्यादा को तार-तार कर देने वाली दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। थाना उसहैत्त क्षेत्र में 18 वर्षीय युवक को फोन कर घर बुलाया गया और फिर कमरे में बंद कर धारदार हथियारों व लाठी-डंडों से बेरहमी से हत्या कर दी गई। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई, वहीं पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

मृतक की पहचान कमल किशोर (18) पुत्र मुन्नालाल, निवासी ग्राम रहमुद्दीन नगर, थाना सिविल लाइन, जनपद बदायूं के रूप में हुई है। मृतक के बड़े भाई राजेश (19) ने बताया कि 03 जनवरी 2026 को दिन में करीब 11 बजे कमल किशोर के मोबाइल फोन पर नरेन्द्र पुत्र राधेश्याम निवासी ग्राम घस नगला, थाना उसहैत्त का फोन आया था। फोन करने वाले ने उसे अपने गांव आने के लिए कहा।

फोन आने के बाद कमल किशोर अपने गांव के ही युवक धारा विजय पुत्र ओमशंकर के साथ मोटरसाइकिल से घस नगला के लिए निकल गया। परिजनों को क्या पता था कि यह बुलावा मौत का न्योता साबित होगा।

शाम करीब 03:30 बजे, ग्राम घस नगला में गोदाम के पास राग भरोसे पुत्र सुक्खी के खेत के निकट, पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने कमल किशोर को पकड़ लिया। आरोप है कि
राधेश्याम,
उनके बेटे नरेन्द्र (35) व विपिन (30),
नरेन्द्र का बेटा रजनीश,
तथा दो अन्य अज्ञात व्यक्तियों ने
एक राय होकर कमल किशोर को कमरे में बंद किया और फिर धारदार हथियारों व लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।

मारपीट के दौरान कमल किशोर के साथ गया युवक धारा विजय किसी तरह जान बचाकर मौके से भाग निकला। वह गांव जाकर घटना की जानकारी देता, उससे पहले ही पुलिस का फोन परिवार को आया कि उनके बेटे की हत्या हो चुकी है।

घटना के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से कमल किशोर को गंभीर हालत में सीएचसी उसहैत्त ले जाया गया, जहां से उसे जिला अस्पताल बदायूं रेफर किया गया। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार युवक की मौत शाम करीब 07:15 बजे हो चुकी थी। फिलहाल शव को मोर्चरी में रखवाया गया है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी अब भी फरार है। परिजनों का आरोप है कि फरार आरोपी खुलेआम धमकी दे रहा है कि “एक और को मारूंगा, तभी जेल जाऊंगा”, जिससे परिवार भय और दहशत में जी रहा है।

मृतक के भाई राजेश और पिता मुन्नालाल ने मीडिया के माध्यम से पुलिस और प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। परिजनों का कहना है कि यह हत्या पूरी तरह पूर्व नियोजित थी और आरोपियों ने धोखे से बुलाकर उनके बेटे की जान ले ली। उन्होंने मांग की है कि सभी आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कठोरतम सजा दिलाई जाए।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला बेहद गंभीर है। आरोपियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। फरार आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस का दावा है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

इस जघन्य हत्याकांड ने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि समाज में रिश्तों की सच्चाई और कानून-व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

उज्जैन के जगोटी गांव में नाली नहीं, बारिश बनी आफत: घरों में घुस रहा गंदा पानी, जनजीवन बेहाल

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उज्जैन जिले के रघुवीर थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव जगोटी तहसील महिदपुर जिला उज्जैन थाना राघवी की हाई स्कूल मार्ग बरखेड़ी रोड पर वर्षों से नाली का निर्माण नहीं होने के कारण बारिश और पानी भराव के समय हालात बद से बदतर हो जाते हैं। सड़क पर पानी भरते ही आसपास के घरों में गंदा पानी घुस जाता है, जिससे ग्रामीणों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो जाता है।

स्थानीय निवासी  ने इस गंभीर समस्या की जानकारी देते हुए बताया कि यह समस्या नई नहीं है, बल्कि कई वर्षों से लगातार बनी हुई है। हर बार बारिश होने पर गांव के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सड़क पर जलभराव के कारण आवागमन बाधित हो जाता है, वहीं घरों में पानी घुसने से घरेलू सामान खराब हो जाता है और बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार पंचायत और प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। नाली निर्माण के नाम पर केवल आश्वासन दिए गए, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। सड़क की हालत भी बेहद खराब है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और स्कूल जाने वाले छात्रों को रोजाना जोखिम उठाकर निकलना पड़ता है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित विभागों की उदासीनता के कारण गांव की यह मुख्य सड़क बदहाली का शिकार हो गई है। हाई स्कूल मार्ग होने के बावजूद यहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है। बारिश के मौसम में हालात इतने खराब हो जाते हैं कि लोगों को रात भर जागकर घरों से पानी निकालना पड़ता है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नाली निर्माण और सड़क सुधार का कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। गांववासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि समस्या का तत्काल संज्ञान लेते हुए मौके पर निरीक्षण कराया जाए और स्थायी समाधान किया जाए, ताकि हर साल दोहराई जाने वाली इस परेशानी से निजात मिल सके।

भागलपुर में पिता की जमीन के विवाद में बहन पर जानलेवा हमला, भाई और परिवार पर गंभीर आरोप

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भागलपुर/अंतिचक।
अंतिचक थाना क्षेत्र में पिता की जमीन और मकान को लेकर एक गंभीर विवाद सामने आया है। संगीता देवी (29), निवासी भागलपुर, ने आरोप लगाया है कि उनके भाई मंटू शर्मा (45) ने अपने पुत्र और पत्नी के साथ मिलकर उन पर और उनके परिवार पर हमला किया।

हमले का विवरण
पीड़िता के अनुसार, 3 जनवरी 2026 दोपहर 12:00 बजे, उनके भाई मंटू शर्मा ने उनके घर पहुंचकर मकान खाली कराने की कोशिश की। इस दौरान उनके भाई मंटू शर्मा, भतीजा सुजीत कुमार (18) और भाभी मनको देवी ने मिलकर संगीता देवी और उनके परिवार को पीटा। पीड़िता ने बताया कि उनके पति अर्जुन शर्मा को मानसिक रूप से पागल करार दिया गया है और उनका बेटा विकलांग है।

कानूनी और सुरक्षा मुद्दे
पीड़िता का कहना है कि FIR दर्ज और मेडिकल जांच के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। आरोपियों के खुलेआम घूमने से परिवार भय में जी रहा है।

पीड़िता की मांग
संगीता देवी ने अनुमंडलीय पुलिस पदाधिकारी और वरिष्ठ अधिकारियों से हस्तक्षेप कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

सामाजिक संदेश
यह घटना दिखाती है कि पारिवारिक संपत्ति विवाद कभी-कभी हिंसा में बदल सकते हैं और महिला एवं बच्चों की सुरक्षा के लिए तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता होती है।

 

“बच्चों के इलाज के लिए 13 लाख का कर्ज, करियर का नशा नहीं बल्कि जिंदा रहने की लड़ाई”

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सितामढ़ी , बिहार:
बिहार के सितामढ़ी जिले के खैरवा विश्नाथपुर गांव में रहने वाले सफरुल संसूरी ने अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी चुनौती का सामना कर रहे हैं। 01 जनवरी 1976 को जन्मे इस 47 वर्षीय पिता ने अपने बच्चों के इलाज के लिए करीब 13 लाख रुपए का कर्ज लिया था। अब आर्थिक तंगी के कारण वे यह कर्ज चुका पाने में असमर्थ हैं और मदद के लिए पूरी तरह से गुहार लगा रहे हैं।

सफरुल संसूरी का कहना है, “हमारे बच्चों का इलाज जीवन और मौत का सवाल है। मेरे पास इतनी रकम नहीं है कि मैं यह कर्ज चुका सकूं। सरकार और लोगों से मदद की उम्मीद है।”

सफरुल ने अपना आधार संख्या 7313 5261 3964 भी साझा किया है और बताया कि यह उनके लिए आधार – आम आदमी का अधिकार जैसा है। उन्होंने उल्लेख किया कि इलाज के लिए लिए गए कर्ज ने उनके परिवार की पूरी आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर दिया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सफरुल जैसे कई आम लोग जो बच्चों और परिवार के लिए अपनी जान हथेली पर रखकर आगे बढ़ते हैं, उन्हें मदद के बजाय अक्सर आर्थिक दबाव झेलना पड़ता है।

सितामढ़ी जिले में ऐसे मामले बढ़ते जा रहे हैं, जहां गरीब परिवारों को स्वास्थ्य और शिक्षा के खर्चों के कारण भारी कर्ज लेना पड़ता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार को ऐसे परिवारों के लिए विशेष राहत योजनाओं पर ध्यान देना चाहिए।

सफरुल के अनुसार, उन्होंने आधार कार्ड और सरकारी हेल्पलाइन (1800 300 1947) के माध्यम से मदद की गुहार लगाई है। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन और समाज इस पिता की पुकार को सुन पाएंगे?

> “मेरे बच्चों की जिंदगी खतरे में है, हम केवल इंसानियत की उम्मीद पर जी रहे हैं।” – सफरुल संसूरी

 

हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र की मौत पर पहली बार तोड़ी चुप्पी, बताया क्यों रखी गई थी दो प्रार्थना सभाएं

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हेमा मालिनी ने अपने दिवंगत पति धर्मेंद्र के बारे में बात की और उनकी मौत को न भुला पाने वाला सदमा बताया। साथ ही यह भी बताया कि धर्मेंद्र की मौत के बाद दो प्रार्थना सभाएं क्यों रखी गईं।हेमा मालिनी ने 24 नवंबर, 2025 को 89 साल की उम्र में अपने पति और अभिनेता धर्मेंद्र के अचानक निधन के बाद पहली बार उनके बारे में बात की है। उन्होंने उनकी मौत को कभी भुला न पाने वाला सदमा बताया और खुलासा किया कि जब वह अस्पताल में थे तो उस दौरान जो कुछ हुआ। उसे समझने की कोशिश कर रही थीं। इतना ही नहीं दिग्गज अभिनेत्री ने आगे कहा कि पिछला महीना उनके और परिवार के लिए बहुत दुखद था क्योंकि जब एक्टर बीमार थे तो उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र की मौत पर पहली बार की बात
ईटाइम्स से बात करते हुए हेमा ने कहा, ‘हम सब वहीं थे, मैं, ईशा, अहाना, सनी, बॉबी सब साथ थे। पहले भी ऐसा हुआ था, जब वह अस्पताल गए थे और ठीक होकर घर वापस आ गए थे। हमें लगा कि इस बार भी आ जाएंगे। वह हमसे अच्छे से बात कर रहे थे। मेरे जन्मदिन (16 अक्टूबर) पर उन्होंने मुझे विश भी किया था। उनका जन्मदिन 8 दिसंबर को आने वाला था, जब वह 90 साल के होने वाले थे और हम इसे बहुत ही शनादार तरीके से मनाने की सोच रहे थे। तैयारियां चल रही थीं और फिर अचानक उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। उन्हें अपनी आंखों के सामने कमजोर होते देखना बहुत मुश्किल था। किसी को भी इस तरह की स्थिति से नहीं गुजरना चाहिए।’Hindi Newsमनोरंजनबॉलीवुडहेमा मालिनी ने धर्मेंद्र की मौत पर पहली बार तोड़ी चुप्पी, बताया क्यों रखी गई थी दो प्रार्थना सभाएं
हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र की मौत पर पहली बार तोड़ी चुप्पी, बताया क्यों रखी गई थी दो प्रार्थना सभाएं
हेमा मालिनी ने अपने दिवंगत पति धर्मेंद्र के बारे में बात की और उनकी मौत को न भुला पाने वाला सदमा बताया। साथ ही यह भी बताया कि धर्मेंद्र की मौत के बाद दो प्रार्थना सभाएं क्यों रखी गईं।
हेमा मालिनी-धर्मेंद्र
हेमा मालिनी ने 24 नवंबर, 2025 को 89 साल की उम्र में अपने पति और अभिनेता धर्मेंद्र के अचानक निधन के बाद पहली बार उनके बारे में बात की है। उन्होंने उनकी मौत को कभी भुला न पाने वाला सदमा बताया और खुलासा किया कि जब वह अस्पताल में थे तो उस दौरान जो कुछ हुआ। उसे समझने की कोशिश कर रही थीं। इतना ही नहीं दिग्गज अभिनेत्री ने आगे कहा कि पिछला महीना उनके और परिवार के लिए बहुत दुखद था क्योंकि जब एक्टर बीमार थे तो उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र की मौत पर पहली बार की बात
ईटाइम्स से बात करते हुए हेमा ने कहा, ‘हम सब वहीं थे, मैं, ईशा, अहाना, सनी, बॉबी सब साथ थे। पहले भी ऐसा हुआ था, जब वह अस्पताल गए थे और ठीक होकर घर वापस आ गए थे। हमें लगा कि इस बार भी आ जाएंगे। वह हमसे अच्छे से बात कर रहे थे। मेरे जन्मदिन (16 अक्टूबर) पर उन्होंने मुझे विश भी किया था। उनका जन्मदिन 8 दिसंबर को आने वाला था, जब वह 90 साल के होने वाले थे और हम इसे बहुत ही शनादार तरीके से मनाने की सोच रहे थे। तैयारियां चल रही थीं और फिर अचानक उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। उन्हें अपनी आंखों के सामने कमजोर होते देखना बहुत मुश्किल था। किसी को भी इस तरह की स्थिति से नहीं गुजरना चाहिए।’

हेमा मालिनी ने बताया कि दो प्रार्थना सभाएं क्यों हुई
धर्मेंद्र की मौत के बाद दो अलग-अलग प्रार्थना सभाएं हुई थी। एक मुंबई में 27 नवंबर को, जिसे उनकी पहली पत्नी प्रकाश कौर और बेटों सनी-बॉबी देओल ने आयोजित किया था और दूसरी दिल्ली में 11 दिसंबर को, जिसकी मेजबानी उनकी दूसरी पत्नी हेमा मालिनी और बेटियों ईशा-अहाना देओल ने की थी। अलग-अलग प्रार्थना सभाओं के पीछे का कारण बताते हुए हेमा ने कहा, ‘यह हमारे घर का पर्सनल मामला है।’ उन्होंने बताया कि परिवार के सदस्यों ने पहले आपस में बात की थी। हेमा ने आगे कहा कि उन्होंने अपने घर पर एक प्रार्थना सभा इसलिए रखी क्योंकि उनके करीबी लोगों का ग्रुप अलग है। उन्होंने दिल्ली में होस्ट की गई प्रेयर मीटिंग के बारे में बात करते हुए, कहा कि क्योंकि वह पॉलिटिक्स में हैं, इसलिए उस फील्ड के अपने दोस्तों के लिए वहां एक प्रेयर मीटिंग करना जरूरी था।

समंदर में बढ़ी भारत की धमक, राजनाथ सिंह ने ‘समुद्र प्रताप’ को तटरक्षक बल को सौंपा

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दक्षिण गोवा के वास्को स्थित गोवा शिपयार्ड लिमिटेड में देश के पहले स्वदेशी प्रदूषण नियंत्रण पोत ‘समुद्र प्रताप’ को भारतीय तटरक्षक बल की सेवा में औपचारिक रूप से शामिल किया।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दक्षिण गोवा के वास्को स्थित गोवा शिपयार्ड लिमिटेड में देश के पहले स्वदेशी प्रदूषण नियंत्रण पोत ‘समुद्र प्रताप’ को भारतीय तटरक्षक बल की सेवा में औपचारिक रूप से शामिल किया।भारत की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सोमवार को एक नया अध्याय जुड़ गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को दक्षिण गोवा के वास्को स्थित गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) में देश के पहले स्वदेशी प्रदूषण नियंत्रण पोत ‘समुद्र प्रताप’ को भारतीय तटरक्षक बल (ICG) की सेवा में औपचारिक रूप से शामिल किया।
अधिकारियों ने बताया कि यह पोता ‘गोवा शिपयार्ड लिमिटेड’ द्वारा निर्मित है। कुल 114.5 मीटर लंबे इस पोत में 60 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री है। पोत का वजन 4,200 टन है और इसकी गति 22 नॉट से अधिक की है। यह पोत समुद्री प्रदूषण नियंत्रण नियमों को लागू करने, समुद्री कानून प्रवर्तन, खोज और बचाव अभियानों और भारत के विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस पोत को औपचारिक रूप से दिसंबर में जीएसएल में तटरक्षक बल को सौंप दिया गया था।
“जब विरासत साझा होती है, तो उसकी जिम्मेदारी भी साझा होती है”
रक्षा मंत्री सिंह ने सोमवार को दक्षिण गोवा के वास्को स्थित जीएसएल में इस पोत को सेवा में शामिल किया। इस अवसर पर गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, केंद्रीय रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और आईसीजी के महानिदेशक परमेश शिवमणि उपस्थित थे। सिंह ने कहा, “भारत का मानना ​​है कि समुद्री संसाधन किसी एक देश की संपत्ति नहीं हैं, बल्कि मानवता की साझा विरासत हैं।” उन्होंने कहा, “जब विरासत साझा होती है, तो उसकी जिम्मेदारी भी साझा होती है। यही कारण है कि भारत आज एक जिम्मेदार समुद्री शक्ति बन गया है।” सिंह ने यह भी कहा कि महिलाओं की पर्याप्त भागीदारी सुनिश्चित करना उनकी सरकार का लक्ष्य है।

उन्होंने कहा, “मुझे खुशी है कि इस दिशा में आगे बढ़ते हुए तटरक्षक बल ने महिला सशक्तीकरण पर पूरा ध्यान दिया है और यह हमारे लिए गर्व की बात है।” उन्होंने कहा कि महिला अधिकारियों को पायलट, ऑब्जर्वर, एयर ट्रैफिक कंट्रोलर और लॉजिस्टिक्स ऑफिसर जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों पर नियुक्त किया गया है। उन्होंने कहा, “इतना ही नहीं, उन्हें ‘होवरक्राफ्ट’ संचालन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्हें अग्रिम मोर्चे के अभियानों में सक्रिय रूप से तैनात किया जा रहा है। आज महिलाएं न केवल सहायक भूमिकाओं में हैं, बल्कि अग्रिम पंक्ति की योद्धाओं के रूप में भी सेवा में हैं।’’ आईसीजी ने एक बयान में कहा कि ‘समुद्र प्रताप’ का सेवा में शामिल होना पोत एवं समुद्री क्षमता विकास में भारत की ‘आत्मनिर्भरता’ की दिशा में एक बड़ा कदम है।

समुद्र प्रताप के बारे मेंयह भारत का पहला स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित ‘प्रदूषण नियंत्रण पोत’ है। इसका मुख्य कार्य समुद्र में तेल रिसाव जैसी घटनाओं का पता लगाना और उन्हें नियंत्रित करना है। यह समुद्री पर्यावरण की रक्षा करने के लिए अत्याधुनिक प्रणालियों से लैस है। यह पोत चिपचिपे तेल से प्रदूषकों को निकालने, प्रदूषकों का विश्लेषण करने और दूषित पानी से तेल को अलग करने में सक्षम है। इसमें हेलीकॉप्टर लैंडिंग की सुविधा भी मौजूद है।

प्रधानमंत्री आवास पर PM मोदी से मिले यूपी के CM योगी आदित्यनाथ, इन मुद्दों पर हुआ मंथन

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यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने पीएम मोदी से मुलाकात की है। दोनों नेताओं के बीच मंत्रिमंडल विस्तार और 2027 चुनाव को लेकर मंथन किया गया गया।नई दिल्ली: यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री आवास पर पीएम मोदी से मुलाकात की है। इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच मंत्रिमंडल विस्तार और 2027 चुनाव को लेकर मंथन किया गया।
नितिन नबीन और जेपी नड्डा से भी मिलेंगे सीएम योगी
सीएम योगी दिल्ली में बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन और जेपी नड्डा से भी मुलाकात करेंगे।

अंधेरे में जिंदगी काट रहा भीलवाड़ा का गोपाल: अनाथ बीपीएल कार्डधारी से छीना मीटर, पांच साल से बंद राशन, सिस्टम बना तमाशबीन

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भीलवाड़ा (राजस्थान)। शाहपुरा तहसील के प्रतापपुर गांव में रहने वाले गोपाल की जिंदगी आज प्रशासनिक लापरवाही और सामाजिक संवेदनहीनता की जीती-जागती तस्वीर बन चुकी है। अकेले रहने वाले गोपाल न सिर्फ गरीब और अनाथ हैं, बल्कि बीपीएल सूची में नाम होने के बावजूद बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। हालात इतने बदतर हैं कि अब उन्हें अंधेरे में जीवन गुजारने को मजबूर होना पड़ रहा है।

गोपाल के घर में पहले सिर्फ एक ही लाइट जलती थी, लेकिन उसका भी हर महीने करीब 1300 रुपये का बिजली बिल आ रहा था। गरीब आदमी के लिए यह रकम किसी सजा से कम नहीं थी। इसी बीच 26 मार्च 2024 को किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनका बिजली मीटर ही उखाड़ कर ले गया। इसके बाद से उनके घर में बिजली पूरी तरह बंद है। शिकायत के बावजूद आज तक न मीटर वापस लगा और न ही बिजली बहाल हुई।

गोपाल ने इस मामले की शिकायत 181 हेल्पलाइन पर भी की, लेकिन वहां से भी सिर्फ आश्वासन मिला, कोई कार्रवाई नहीं हुई। बिजली विभाग, पंचायत और अन्य दफ्तरों के चक्कर काटते-काटते गोपाल थक चुके हैं, लेकिन उनकी सुनवाई कहीं नहीं हो रही है।

रहने के हालात भी किसी आपदा से कम नहीं हैं। गोपाल का घर कच्चा है। बारिश के दिनों में गांव वालों द्वारा छोड़ा गया गंदा पानी उनके घर के सामने भर जाता है, जिससे चारों तरफ कीचड़ और बदबू फैल जाती है। घर के बाहर बनी नालियां पूरी तरह भरी हुई हैं। मच्छरों का प्रकोप लगातार बना रहता है, जिससे बीमारी का खतरा बढ़ गया है। बावजूद इसके सफाई के लिए आज तक कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि गोपाल को पिछले पांच वर्षों से सरकारी गेहूं नहीं मिल रहा है, जबकि पहले उन्हें नियमित राशन मिलता था। बीपीएल कार्डधारी होने के बावजूद उनका नाम राशन वितरण से बाहर कर दिया गया है। कई बार आवेदन देने के बाद भी कोई समाधान नहीं निकला।

गोपाल बताते हैं कि गांव में लोग उनकी मदद करने की बजाय उनका मजाक उड़ाते हैं। अकेलेपन, गरीबी और उपेक्षा के बीच वे खुद को पूरी तरह असहाय महसूस कर रहे हैं। यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति की पीड़ा नहीं, बल्कि उस व्यवस्था की पोल खोलता है, जहां कागजों में योजनाएं चल रही हैं और जमीनी हकीकत में गरीब अंधेरे, भूख और गंदगी में जीने को मजबूर है।

अब सवाल यह है कि प्रशासन कब गोपाल की सुध लेगा और कब उसे उसका हक मिलेगा।

 

दिल्ली दंगा केस: शरजील इमाम और उमर खालिद को झटका, लेकिन इन 5 आरोपियों को मिल गई जमानत, जानें नाम

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दिल्ली दंगा केस में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बड़ी फैसला देते हुए आरोपी शरजील इमाम और उमर खालिद की जमानत याचिका खारिज कर दी है। हालांकि, कोर्ट ने 5 आरोपियों को जमानत दे दी है।दिल्ली दंगे के मामले में याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बड़ा फैसला दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने जेल में बंद शरजील इमाम और उमर खालिद को झटका देते हुए उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगे के मामले में 5 अन्य आरोपियों को जमानत दे दी है। कोर्ट ने इसका कारण भी बताया है।
इन आरोपियों को मिली जमानत
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगों के मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। इसके साथ ही दंगों के मामले में कार्यकर्ताओं गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को जमानत दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि उमर खालिद और शरजील इमाम की स्थिति दिल्ली दंगों के मामले में अन्य आरोपियों की तुलना में अलग है।

जमानत को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट इस मामले की सुनवाई करते हुए जमानत के पहलूओं पर बात की। कोर्ट ने कहा- “देश की सुरक्षा से जुड़े अपराधों के मामलों में कानून के तहत जमानत का अलग और सख्त मानदंड लागू होता है। अदालत ने कहा कि यदि उपलब्ध सामग्री से पुलिस के आरोप प्रथमदृष्टया सही प्रतीत होते हैं, तो हिरासत (कारावास) को प्राथमिकता दी जाएगी लेकिन यदि ऐसा नहीं है, तो जमानत दी जानी चाहिए।”

उमर ख़ालिद और शरजील इमाम पर टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि “उमर ख़ालिद और शरजील इमाम UAPA की धारा 43D(5) की कसौटी पर खरे नहीं उतरते। नतीजतन, उमर ख़ालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी गईं। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में स्पष्ट किया कि देश की सुरक्षा से जुड़े अपराधों में जमानत का मानदंड अलग और सख्त होता है। अगर आरोप prima facie सही लगते हैं, हिरासत जारी रहेगी। अगर prima facie सही नहीं लगते, जमानत दी जाएगी।”सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि “न्यायालय ने जानबूझकर सामूहिक या एकीकृत दृष्टिकोण अपनाने से परहेज किया है। न्यायालय इस बात से संतुष्ट है कि अभियोजन पक्ष की सामग्री से अपीलकर्ताओं उमर खालिद और शरजील इमाम के विरुद्ध प्रथम दृष्टया आरोप सिद्ध होते हैं। इन अपीलकर्ताओं के संबंध में वैधानिक सीमा लागू होती है। कार्यवाही के इस चरण में उन्हें जमानत पर रिहा करना उचित नहीं है।”