महाराष्ट्र BJP अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण के दिवंगत मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख पर दिए गए बयान से विवाद छिड़ गया। रितेश देशमुख ने भावुक जवाब देते हुए कहा कि लोगों के दिलों में अंकित नाम कभी नहीं मिटते।लातूर/मुंबई: महाराष्ट्र बीजेपी के अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण के एक बयान ने सूबे के सियासी हलकों में हंगामा मचा दिया है। उन्होंने दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख की यादों को उनके गृह नगर लातूर से ‘मिटा देने’ की बात कही। चव्हाण के इस बयान की कांग्रेस ने कड़ी निंदा की है, जबकि विलासराव के दोनों बेटों, अमित और रितेश देशमुख ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। खासकर बॉलीवुड स्टार रितेश देशमुख ने अपने पिता की विरासत को लोगों के दिलों में अटूट बताते हुए चव्हाण की टिप्पणी को करारा जवाब दिया।
चव्हाण ने आखिर कहा क्या था?
मध्य महाराष्ट्र के लातूर में सोमवार को बीजेपी कार्यकर्ताओं की सभा को संबोधित करते हुए चव्हाण ने उनसे हाथ उठाकर ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारे लगाने को कहा। जोरदार नारों के बाद उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा, ‘आपका उत्साह देखकर मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि विलासराव देशमुख की यादें इस शहर से मिटा दी जाएंगी।’ इस पर सभा में मौजूद दर्शकों ने जोरदार तालियां बजाईं। इस बयान पर कांग्रेस ने तुरंत हमला बोल दिया। पार्टी ने कहा कि भाजपा राज्य के विकास के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले नेता के योगदान को महत्वहीन करने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस ने बयान पर दिया जवाब
मुंबई में जारी बयान में कांग्रेस ने कहा कि ऐसे बयान सत्ता के अहंकार और देशमुख की विरासत के प्रति अज्ञानता को दर्शाते हैं। पार्टी ने आगे कहा, ‘ऐसा कोई नहीं है जो लातूर से देशमुख की यादों को मिटा दे। कई लोग ऐसे इरादों के साथ आए, लेकिन लातूर के स्वाभिमानी लोगों ने उन्हें उनकी औकात दिखा दी।’ कांग्रेस ने जोर देकर कहा कि देशमुख ने लातूर को राष्ट्रीय पहचान दिलाई और अपना पूरा जीवन जिले के विकास के लिए समर्पित किया। पार्टी ने बीजेपी नेताओं पर आरोप लगाया कि लातूर दौरे में उन्होंने ‘सत्ता के नशे में चूर’ होकर गैर-जिम्मेदाराना और अपमानजनक टिप्पणियां कीं। पार्टी ने कहा, ‘ऐसे नेताओं को विलासराव देशमुख और लातूर के बीच के गहरे संबंध का क्या ज्ञान है?’
अमित देशमुख ने साधा निशाना
बीजेपी को चेतावनी देते हुए कांग्रेस ने कहा कि लातूर के लोग अपने ‘काबिल और प्रतिभाशाली सपूत’ का अपमान कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे और ऐसी टिप्पणियों का करारा जवाब देंगे। महाराष्ट्र के 2 बार मुख्यमंत्री रहे देशमुख लातूर के निवासी थे और क्षेत्र के विकास में उनके योगदान को लोग आज भी याद करते हैं। विलासराव के बेटे और कांग्रेस नेता अमित देशमुख ने भी चव्हाण पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘चव्हाण की टिप्पणी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद है। इससे लातूरवासियों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। दिवंगत मुख्यमंत्री देशमुख लातूर के हर व्यक्ति के दिल में जिंदा हैं। ऐसी यादों को किसी बाहरी व्यक्ति की टिप्पणी से मिटाया नहीं जा सकता। BJP नेता इसे ध्यान में रखें।’
लिखा हुआ मिटाया जा सकता है लेकिन…’
वहीं, विलासराव के दूसरे बेटे और बॉलीवुड स्टार रितेश ने चव्हाण के बयान पर सीधा और भावुक जवाब दिया। उन्होंने कहा, ‘दोनों हाथ ऊपर करके कह रहा हूं लोगों के लिए काम करने वाले व्यक्ति का नाम मन के भीतर अंकित होता है। लिखा हुआ मिटाया जा सकता है लेकिन मन के भीतर गुदा हुआ नहीं।’ रितेश का यह बयान सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है, जहां उन्होंने अपने पिता की यादों को लोगों के दिलों में हमेशा जिंदा रहने की बात कही। यह विवाद महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस छेड़ सकता है, जहां विलासराव देशमुख की विरासत अभी भी कांग्रेस के लिए एक मजबूत आधार है।
BJP नेता ने रितेश देशमुख के पिता विलासराव पर दिया विवादित बयान, एक्टर ने दिया करारा जवाब
वेनेजुएला में राष्ट्रपति की गिरफ्तारी के बाद एक और बड़ी घटना, राष्ट्रपति भवन के पास भीषण गोलीबारी जारी, कई इलाकों में बिजली गुल
वेनेजुएला की राजधानी काराकस से एक और बड़ी घटना सामने आई है। राष्ट्रपति की गिरफ्तारी के बाद अब राष्ट्रपति भवन और उसके आस-पास के इलाके में भारी गोलीबारी की आवाजें सुनी गईं।वेनेजुएला की राजधानी काराकस से एक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। राष्ट्रपति की गिरफ्तारी के बाद अब राष्ट्रपति भवन और उसके आस-पास के इलाके में भारी गोलीबारी की आवाजें सुनी गई हैं। ड्रोन या हवाई जहाज की आवाजें भी सुनाई देने की खबर है। कुछ इलाकों में बिजली नहीं है। घटनास्थल के बारे में जानकारी सामने आई है कि वेनेजुएला में राष्ट्रपति भवन के ऊपर अज्ञात ड्रोन उड़ने के बाद सुरक्षा बलों ने गोलीबारी की। स्थिति अब नियंत्रण में है।
घटना में अमेरिका शामिल नहीं: व्हाइट हाउस
इस अचानक हुई गोलीबारी और हवाई गतिविधि के बाद दुनिया की नजरें अमेरिका पर टिक गईं। हालांकि, व्हाइट हाउस ने तुरंत बयान जारी कर इस घटना को लेकर कहा कि इमसें अमेरिका शामिल नहीं है।
बता दें कि यह घटना 3 जनवरी को अमेरिकी ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ के तहत राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के ठीक बाद हुई है। मादुरो इस समय न्यूयॉर्क की जेल में हैं, जबकि वेनेजुएला में डेल्सी रोड्रिग्ज ने अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में शपथ ले ली है।
अमेरिकी हमले में 80 लोगों की मौत
वहीं, वेनेजुएला में निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के लिए चलाए गए अमेरिकी सैन्य अभियान और उसके बाद भड़की हिंसा में भारी जान-माल का नुकसान हुआ है। ताजा अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम में अब तक कम से कम 80 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। मृतकों में मुख्य रूप से राष्ट्रपति मादुरो की सुरक्षा में तैनात ‘प्रेसिडेंशियल गार्ड’ के जवान और वेनेजुएला सेना के वे सैनिक शामिल हैं, जिन्होंने अमेरिकी विशेष बलों की कार्रवाई का विरोध किया था। इसके अलावा, काराकस में हुई भीषण बमबारी और रिहायशी इलाकों के पास चली गोलियों की चपेट में आने से कई आम नागरिकों और कुछ बच्चों की भी जान गई है।
JNU में ‘मोदी-शाह तेरी कब्र खुदेगी’ के नारे लगे, उमर खालिद और शरजील इमाम के समर्थन में प्रोटेस्ट
JNU में उमर खालिद और शरजील इमाम के समर्थन में हुए प्रोटेस्ट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री शाह के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगे। यह प्रदर्शन सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के विरोध में हुआ, जिससे एक बार फिर JNU विवादों में आ गया।नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय यानी कि JNU में एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ प्रदर्शन और आपत्तिजनक नारेबाजी हुई है। यह प्रदर्शन और नारेबाजी की घटना दिल्ली दंगे के आरोपी उमर खालिद और देशद्रोह के आरोपी शरजील इमाम के समर्थन में हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, छात्रों ने ‘मोदी-शाह तेरी कब्र खुदेगी’, ‘अंबानी राज की कब्र खुदेगी, JNU की धरती पर’ और ‘अडानी की कब्र खुदेगी, JNU की धरती पर’ जैसे नारे लगाए, जिसके बाद विवाद गहरा गया है। बता दें कि देश के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में शुमार JNU पिछले कुछ सालों से लगातार विवादों में घिरा रहा है।
शरजील और खालिद पर चल रहा है केस
रिपोर्ट्स के मुताबिक, विवादित नारेबाजी और प्रदर्शन रात के समय साबरमती हॉस्टल के बाहर हुआ। प्रदर्शन के दौरान वामपंथी छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ भी नारेबाजी की। सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके विरोध में यह प्रोटेस्ट हुआ। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री शाह के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए। ये नारेबाजी उमर खालिद और शरजील इमाम के समर्थन में किया गया। शरजील इमाम पर देशद्रोह का मुकदमा चल रहा है, क्योंकि उसने ‘चिकेन नेक’ को काटकर नॉर्थ ईस्ट को भारत से अलग करने की बात कही थी। वहीं, उमर खालिद पर दिल्ली दंगों में भूमिका को लेकर मामला चल रहा है।पहले भी JNU में हुई है विवादित नारेबाजी
बता दें कि उमर खालिद और शरजील इमाम दोनों फिलहाल जेल में बंद हैं। बता दें कि JNU इससे पहले भी कई बार विवादों में रहा है। कई मौकों पर विश्वविद्यालय में आपत्तिजनक नारेबाजी की घटनाएं सामने आई हैं। JNU के साबरमती हॉस्टल के बाहर नारेबाजी की इस घटना ने एक बार फिर JNU को सुर्खियों में ला दिया है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा था कि अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों से पता चलता है कि उमर खालिद और शरजील इमाम वर्ष 2020 के दिल्ली दंगों की ‘साजिश रचने, लामबंदी करने और रणनीतिक दिशा-निर्देश देने’ में शामिल थे। इसके साथ ही अदालत ने साजिश के मामले में दोनों की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
नारेबाजी पर आई बीजेपी नेताओं की प्रतिक्रिया
JNU में हुई नारेबाजी पर BJP नेता और मंत्री कपिल मिश्रा ने ‘X’ पर कहा, ‘सांपों के फन कुचले जा रहे हैं तो सपोले बिलबिला रहे हैं। JNU में नक्सलियों, आतंकियों, दंगाइयों के समर्थन में भद्दे नारे लगाने वाले हताश हैं क्योंकि नक्सली खत्म किए जा रहे हैं, आतंकी निपटाए जा रहे हैं और दंगाइयों को कोर्ट पहचान चुका है।’ वहीं मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, ‘ये बिलकुल गलत है। पहले तो देशद्रोह का काम करेंगे और फिर उनके समर्थन में इस तरह के नारे लगाएंगे।ये लोग कांग्रेस और AAP की सह पर इस तरह के नारे लगाते हैं। संजय सिंह का बयान देख लीजिए, एक तरफ कहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट के फासले का सम्मान करते हैं। दूसरी तरफ कहते हैं ये गलत हुआ है। ये NDA की सरकार है। देशद्रोहियों को भी सजा मिलेगी और ऐसे नारे लगाने वालों को भी सजा मिलनी चाहिए।’JNU में लगे नारों पर दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?
जेएनयू में लगे नारों को लेकर दिल्ली पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उन्हें इस मामले की जानकारी है, फिलहाल इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस ने मामले से जुड़ी जानकारी मांगी है और जांच की जा रही है। वहीं, JNU यूनिट के ABVP उपाध्यक्ष मनीष चौधरी ने कहा, ‘शरजील इमाम और उमर खालिद को बेल न मिलने पर जो प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी हुई है, वह सही नहीं है। वे दिल्ली दंगों में शामिल लोगों की रिहाई की मांग कर रहे हैं। JNUSU ने साबरमती हॉस्टल के पास कार्यक्रम आयोजित किया था।’ सूत्रों के मुताबिक, जब JNU में विवादित नारे लगाए जा रहे थे, उस समय JNU छात्रसंघ के संयुक्त सचिव दानिश अली और सचिव सुनील मौके पर मौजूद थे। इसके अलावा वामपंथी संगठनों से जुड़े कई छात्र भी वहां एकत्र हुए थे।
25 साल में कितना बदल गया ‘कभी खुशी कभी गम’ का लड्डू, किया कमाल का ट्रांसफॉर्मेशन, जया बच्चन भी नहीं पहचान पाएंगी
‘कभी खुशी कभी गम’ की रिलीज को 25 साल पूरे हो चुके हैं। ये फिल्म सिनेमाघरों में आते ही छा गई थी। अब इसकी कास्ट काफी बदल गई है। फिल्म में नजर आया क्यूट लड्डू हर किसी का चहेता बन गया था। अब ये कैसा दिखता है, क्या करता है, जानने के लिए स्क्रोल करें।अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, काजोल और ऋतिक रोशन जैसे बड़े सितारे नजर आए थे, वहीं कुछ चाइल्ड एक्टर्स ने भी दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई थी। फिल्म में कुल चार बच्चों ने बतौर चाइल्ड एक्टर काम किया था। शाहरुख खान के बचपन का किरदार उनके बेटे आर्यन खान ने निभाया था, शाहरुख के ऑन-स्क्रीन बेटे का रोल जिब्रान खान ने किया था, जॉनी लीवर के बेटे के किरदार में उनके असली बेटे जैसी लीवर नजर आए थे, जबकि ऋतिक रोशन के बचपन का रोल काविश मजूमदार ने निभाया था। आज की बात करें तो आर्यन खान और जैसी लीवर अक्सर किसी न किसी वजह से चर्चा में बने रहते हैं। जिब्रान खान ने भी साल 2023 में फिल्म ‘इश्क विश्क रिबाउंड’ से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की है। लेकिन ऋतिक रोशन के बचपन का किरदार निभाने वाले काविश मजूमदार लंबे समय से लाइमलाइट से दूर दिखाई देते हैं। ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठता है कि 25 साल बाद आखिर काविश मजूमदार कहां हैं और अब कैसे दिखते हैं?
पूरी तरह बदल गए लड्डू
फिल्म ‘कभी खुशी कभी गम’ को रिलीज हुए अब 25 साल हो चुके हैं। इस लंबे अंतराल में काविश मजूमदार का लुक पूरी तरह बदल चुका है। फिल्म में वह ‘रोहन’ उर्फ ‘लड्डू’ के नाम से मशहूर हुए थे। उनकी मासूम शक्ल, गोल-मटोल चेहरा और क्यूट अंदाज को दर्शकों ने खूब पसंद किया था। लेकिन अब समय के साथ उनकी शक्ल-सूरत में इतना बदलाव आ चुका है कि कई लोग उन्हें पहचान भी नहीं पाते। हालांकि काविश ने एक्टिंग की दुनिया को पूरी तरह अलविदा नहीं कहा। ‘कभी खुशी कभी गम’ के बाद वह वरुण धवन और इलियाना डिक्रूज स्टारर फिल्म ‘मैं तेरा हीरो’ में नजर आए थे। इसके अलावा, उन्होंने फिल्म ‘गौरी तेरे प्यार में’ में बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर भी काम किया, जिससे यह साफ होता है कि वह सिर्फ कैमरे के सामने ही नहीं, बल्कि पर्दे के पीछे भी सक्रिय रहे हैं।अब क्या करते हैं काविश?
काविश को खासतौर पर कॉमिक रोल करना पसंद है और वह आज भी थिएटर से जुड़े हुए हैं। इसके साथ ही वह लगातार ऑडिशन देते रहते हैं और इंडस्ट्री में खुद को फिर से स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने रितेश देशमुख की फिल्म ‘बैंकचोर’ में भी काम किया था, हालांकि वह किरदार ज्यादा चर्चा में नहीं आ पाया। अगर काविश के मौजूदा लुक की बात करें, तो वह पहले से बिल्कुल अलग नजर आते हैं। कभी बेहद क्यूट दिखने वाले ‘लड्डू’ अब काफी बदले हुए और परिपक्व लगते हैं। उनके चेहरे से बचपन की मासूमियत गायब हो चुकी है, जिसे देखकर कई फैंस हैरान रह जाते हैं।
सोशल मीडिया पर भी खासा एक्टिव नहीं काविश
सोशल मीडिया पर भी काविश मजूमदार एक्टिव हैं। इंस्टाग्राम पर उन्हें करीब 6847 लोग फॉलो करते हैं। उनके फॉलोअर्स में वरुण धवन और महेंद्र सिंह धोनी की पत्नी साक्षी धोनी जैसे नाम भी शामिल हैं। काविश ने अब तक इंस्टाग्राम पर कुल 17 पोस्ट शेयर की हैं, जिनमें उनके अलग-अलग लुक और पर्सनल मोमेंट्स देखने को मिलते हैं। भले ही वह आज बड़े पर्दे पर कम नजर आते हों, लेकिन काविश मजूमदार अब भी अभिनय की दुनिया से जुड़े हुए हैं और अपने सपनों को जिंदा रखे हुए हैं।
ONGC गैस रिसाव से लगी आग का VIDEO आया सामने, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने जिला कलेक्टर और विधायक को दिए कड़े निर्देश
ओएनजीसी साइट पर हुए गैस रिसाव से लगी आग के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने घटना की जानकारी लेते हुए जिला कलेक्टर और स्थानीय विधायक को निर्देश जारी किए हैं।आंध्र प्रदेश के डॉ. बी. आर. कोनासीमा जिले के इरूसुमंडा गांव में स्थित तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ONGC) के मोरी #5 साइट पर हुए गैस रिसाव और ब्लोआउट के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने इस घटना की जानकारी लेते हुए जिला कलेक्टर और स्थानीय विधायक को कड़े निर्देश जारी किए हैं।
स्कूलों को कराया गया खाली
उपमुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टर से बात की और डॉ. बी.आर. अंबेडकर कोनासीमा जिले के इरुसुमांडा गांव में मोरी #5 ओएनजीसी साइट पर गैस रिसाव के कारण हुए विस्फोट के प्रभाव के बारे में जानकारी ली। जिला कलेक्टर महेश कुमार ने इरुसुमांडा क्षेत्र में उठाए जा रहे उपायों के बारे में बताया और कहा कि रिसाव स्थल के एक किलोमीटर के दायरे में आने वाले स्कूलों को खाली करा लिया गया है। उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैयार हैं। राहत शिविर स्थापित किए गए हैं और मोरी #5 ओएनजीसी साइट के आस-पास के क्षेत्रों से लोगों को वहां पहुंचाया जा रहा है।सोशल मीडिया पर अफवाहें न फैले
जिला कलेक्टर और राजोले विधायक देवा वराप्रसाद से बात करते हुए उपमुख्यमंत्री ने उन्हें निर्देश दिया कि आस-पास के क्षेत्रों के लोगों को रिसाव के बारे में लगातार सूचित करते रहें। उन्होंने कहा कि सुनिश्चित करें कि सोशल मीडिया पर अफवाहें और चिंताजनक जानकारी न फैले। उन्होंने आग को आस-पास के नारियल के बागों में फैलने से रोकने के लिए भी उपाय करने का निर्देश दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि चूंकि यह सर्दियों का मौसम है, इसलिए राहत शिविरों में रहने वालों को आवश्यक दवाएं और कंबल उपलब्ध कराए जाने चाहिए।
शिक्षक ने ही किया भरोसे का सौदा, क्रिप्टो निवेश के नाम पर महिला से 1.26 लाख की धोखाधड़ी
क्रिप्टो करेंसी के नाम पर महिला से 1.26 लाख की ठगी, प्रशासन से न्याय की गुहार
जनपद अम्बेडकरनगर में क्रिप्टो करेंसी निवेश के नाम पर ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़िता पूनम पत्नी राकेश, निवासी सुलतानपुर, ने आरोप लगाया है कि थाना देवाना क्षेत्र गाँव नसीरपुर महरुआ के राधेश्याम पुत्र रामबली ने क्रिप्टो निवेश का झांसा देकर उनसे अलग-अलग किश्तों में कुल 1,26,500 रुपये हड़प लिए।
पीड़िता के अनुसार यह लेन-देन काफी समय तक चलता रहा। आरोपी ने भरोसा दिलाया था कि सितंबर माह तक पूरी रकम ब्याज सहित लौटा दी जाएगी, लेकिन तय समय बीतने के बाद भी न तो मूलधन मिला और न ही ब्याज। लगातार संपर्क करने पर आरोपी टालमटोल करता रहा और अब फोन उठाना भी बंद कर दिया है।
पूनम का कहना है कि यह सुनियोजित धोखाधड़ी है और क्रिप्टो करेंसी जैसे डिजिटल निवेश का डर दिखाकर उन्हें फंसाया गया। मामले से आहत पीड़िता ने प्रशासन और पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि उनकी मेहनत की कमाई वापस मिल सके और आरोपी कानून के शिकंजे में आए।
यह मामला एक बार फिर चेतावनी देता है कि क्रिप्टो और ऑनलाइन निवेश के नाम पर आम लोगों को किस तरह निशाना बनाया जा रहा है। अब देखना यह है कि प्रशासन कितनी तत्परता से कार्रवाई करता है और पीड़िता को न्याय मिल पाता है या नहीं।
क्या है पूरा मामला
क्रिप्टो करेंसी के नाम पर महिला से 1.26 लाख की ठगी, किस तारीख को कितनी रकम ली पूरा विवरण सामने आया
जनपद अम्बेडकरनगर में क्रिप्टो करेंसी निवेश के नाम पर एक महिला से की गई ठगी का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। पीड़िता पूनम पत्नी राकेश, निवासी सुलतानपुर, ने बताया की राधेश्याम पुत्र रामबली ने अलग-अलग तिथियों में उनसे रकम लेकर कुल 1,26,000 रुपये की धोखाधड़ी की।
पीड़िता के अनुसार आरोपी ने विश्वास में लेकर समय-समय पर पैसे लिए और हर बार जल्द लाभ व ब्याज सहित रकम लौटाने का आश्वासन देता रहा। लेकिन जब तय समय आया तो न तो पैसा वापस किया गया और न ही कोई संतोषजनक जवाब मिला।
किस तारीख को कितनी रकम ली गई — पूरा ब्यौरा
राधेश्याम स्कूल का मास्टर है होते हुए भी यहां गलत काम किया इसने फ्रॉड गिरी करें पैसे के लेन-देन में इसने गवन किया है और अब मना कर रहा है कि उसने यहां नहीं किया है पर यह सत्य है पूनम जी के साथ इसने डेढ़ लाख की ठगी की है और इस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए
10 अगस्त 2023 को ₹5,000
28 नवंबर 2023 को ₹10,000
02 जनवरी 2024 को ₹70,000
13 मई 2024 को ₹10,000
17 जून 2024 को ₹3,000
03 जुलाई 2024 को ₹3,000
10 दिसंबर 2024 को ₹25,000
कुल ठगी की राशि: ₹1,26,000
पीड़िता का कहना है कि सितंबर 2025 तक रकम लौटाने का वादा किया गया था, लेकिन बार-बार संपर्क करने पर आरोपी टालमटोल करता रहा और अब फोन भी बंद कर लिया है। इससे स्पष्ट है कि क्रिप्टो करेंसी के नाम पर सुनियोजित तरीके से ठगी की गई।
पूनम ने जिला प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई कर उनकी मेहनत की कमाई वापस दिलाई जाए। यह मामला डिजिटल निवेश के नाम पर हो रही ठगी के बढ़ते खतरे की ओर इशारा करता है और आम लोगों के लिए सतर्क रहने की चेतावनी भी है।
विराट कोहली क्यों नहीं खेल रहे हैं आज का मैच, दिल्ली की प्लेइंग XI में नहीं है दिग्गज का नाम
विजय हजारे ट्रॉफी में दिल्ली के लिए खेलने वाले विराट कोहली रेलवे के खिलाफ खेले जा रहे मैच में नहीं खेल रहे हैं। इससे पहले ये खबर आई थी कि वह इस मैच में खेल सकते हैं।विजय ट्रॉफी टूर्नामेंट 2025-26 के छठे चरण में 6 जनवरी को दिल्ली का सामना रेलवे से हो रहा है। इस मैच में रेलवे की टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया है। इस मैच के लिए जब दिल्ली की प्लेइंग XI का ऐलान हुआ, उसमें विराट कोहली का नाम नहीं था, जिसे देखकर कुछ फैंस हैरान रह गए। दरअसल पहले एक रिपोर्ट सामने आई थी, जिसमें ये कहा गया था कि विराट कोहली 6 जनवरी को रेलवे के खिलाफ होने वाले मैच में खेल सकते हैं।
दिल्ली के कोच ने विराट कोहली को लेकर दिया था बड़ा अपडेट
मैच शुरू होने से कुछ घंटे पहले दिल्ली के कोच सरनदीप सिंह ने ये साफ कर दिया था कि विराट कोहली रेलवे के खिलाफ मैच में नहीं खेलेंगे। लेकिन उन्होंने इसके पीछे का कारण नहीं बताया था। ऐसे में सभी फैंस ये जानने के लिए बेताब हैं कि विराट कोहली क्यों इस मुकाबले में नहीं खेल रहे हैं। आपको बता दें कि विराट इस मैच में क्यों नहीं खेल रहे हैं इसके लिए आधिकारिक तौर पर कुछ भी नहीं कहा गया है।न्यूजीलैंड सीरीज के लिए टीम इंडिया का हिस्सा हैं विराट
विराट कोहली 11 जनवरी से न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले जाने वाले वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम का हिस्सा हैं। वह इस सीरीज की तैयारी के लिए अब जल्द ही टीम इंडिया के साथ जुड़ सकते हैं और इसी वजह से शायद उन्होंने आखिरी समय पर इस मैच को छोड़ने का फैसला किया है। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले बीसीसीआई ने सभी प्लेयर्स को विजय हजारे ट्रॉफी में कम से कम दो-दो मैच खेलने के लिए कहा था और विराट इस सीजन दो मैच खेल चुके हैं।
विजय हजारे ट्रॉफी के दो मैचों में विराट कोहली ने की थी शानदार बैटिंग
विराट ने VHT 2025-26 में अपना पहला मैच आंध्रा के खिलाफ खेला था। वहां उन्होंने 131 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली थी। वहीं उन्होंने दूसरा मैच गुजरात के खिलाफ खेला था, वहां भी विराट ने 77 रन बनाए थे। उन्होंने दोनों मैचों में बेहतरीन बल्लेबाजी की थी। दिल्ली की टीम को उन दोनों मुकाबलों में जीत मिली थी। इस सीजन दिल्ली ने विजय हजारे ट्रॉफी में अब तक पांच मैच खेले हैं जिसमें से उन्हें 4 में जीत मिली है। विराट कोहली अब 11 जनवरी को न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे मैच में खेलते हुए नजर आ सकते हैं।
कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश कलमाड़ी का निधन, लंबी बीमारी के बाद ली अंतिम सांस
पुणे से पूर्व सांसद, रेल राज्य मंत्री तथा भारतीय ओलंपिक संघ के पूर्व अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी (उम्र 81 वर्ष) का मंगलवार, 6 जनवरी को तड़के सुबह 3:30 बजे पुणे में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया।कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश कलमाड़ी का सोमवार को निधन हो गया है। सोमवार को कलमाड़ी के पारिवारिक सूत्रों ने इस बात की जानकारी दी है। जानकारी के मुताबिक, सुरेश कलमाड़ी 81 साल के थे और बीते लंबे समय से बीमार चल रहे थे। मंगलवार को तड़के सुबह 3:30 बजे पुणे में लंबी बीमारी के बाद उनका निधन हो गया।
कब होगा अंतिम संस्कार?
सामने आई जानकारी के मुताबिक, सुरेश कलमाड़ी का पार्थिव शरीर आज दोपहर 2 बजे तक एरंडवणे स्थित कलमाड़ी हाउस में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। वहीं, उनका अंतिम संस्कार आज दोपहर 3:30 बजे वैकुंठ स्मशानभूमि, नवी पेठ, पुणे में किया जाएगा। सुरेश कलमाड़ी के परिवार में उनकी पत्नी, एक विवाहित पुत्र, पुत्रवधू, दो विवाहित पुत्रियां, दामाद और पोते-पोतियां हैं।
कलमाड़ी ने कौन से पद संभाले?
सुरेश कलमाड़ी महाराष्ट्र के पुणे से पूर्व सांसद थे। वह केंद्र सरकार में रेल राज्य मंत्री तथा भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष का पद भी संभाल चुके थे। सुरेश कलमाड़ी एक ऐसा नाम था जिसने भारतीय खेल जगत से लेकर दिल्ली की सत्ता तक अपनी एक अलग पहचान बनाई, आज उस सफर का अंत हो गया हैपायलट से राजनेता तक का सफर
सुरेश कलमाड़ी केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि उन्हें ‘पुणे का किंगमेकर’ माना जाता था। भारतीय वायु सेना में पायलट के तौर पर अपना करियर शुरू करने वाले कलमाडी बाद में राजनीति में आए। वे कई बार सांसद रहे और केंद्र सरकार में मंत्री के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं। पुणे के इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास में उनके योगदान को आज भी याद किया जाता है
लंबे समय तक भारतीय खेलों की कमान संभाली
खेलों के प्रति सुरेश कलमाड़ी का जुनून जगजाहिर था। भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने लंबे समय तक भारतीय खेलों की कमान संभाली। 2010 के दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स उनके करियर का सबसे बड़ा मील का पत्थर साबित हुए। हालांकि, इन खेलों से जुड़े विवादों ने उनके राजनीतिक करियर पर साया भी डाला, लेकिन खेलों को बड़े स्तर पर लाने का श्रेय भी उन्हीं को दिया जाता है। उनके निधन की खबर मिलते ही राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। कांग्रेस पार्टी के नेताओं समेत विभिन्न दलों के दिग्गजों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है। पुणे ने अपना एक कद्दावर नेता खो दिया है।”
उत्तर भारत के 15 जिलों में शीतलहर का अलर्ट, दिल्ली-NCR का तापमान और कम होने की संभावना, जानें अन्य राज्यों का हाल
दिल्ली-NCR का तापमान और कम होने की संभावना है। यूपी,हरियाणा और पंजाब में भीषण कोहरा होने की संभावना है। आज उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर और हिमाचल में बारिश होगी, जिसका सीधा असर उत्तर भारत पर पड़ेगा।नई दिल्ली: देश के तमाम राज्यों में ठंड का असर दिखाई दे रहा है। यहां कड़ाके की ठंड पड़ रही है और लोगों का घरों से निकलना भी मुश्किल हो रहा है। हालात ये हैं कि उत्तर भारत के 15 जिलों में शीतलहर का अलर्ट है। दिल्ली-NCR का तापमान और कम होने की संभावना है। जम्मू, उत्तराखंड और हिमाचल में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा यूपी,हरियाणा और पंजाब में भीषण कोहरा होने की संभावना है।
उत्तर भारत में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है। पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी और बारिश की वजह से मैदानी इलाकों में लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए उत्तर भारत के कई राज्यों में शीतलहर और कोल्ड डे की चेतावनी जारी की है।
इन राज्यों में होगी बारिश
IMD के मुताबिक आज उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर और हिमाचल में बारिश होगी, जिसका सीधा असर उत्तर भारत पर पड़ेगा। अगले कुछ दिन शीतलहर का प्रकोप बढ़ेगा। ऐसे में लोगों से बहुत सतर्क रहने को कहा गया है। वहीं पहाड़ के बाद मैदानी इलाकों में भी बारिश हो सकती है। विभाग की मानें तो पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार और ओडिशा में अगले 4-5 दिनों तक भीषण कोहरा छाने की संभावना है।
जम्मू-कश्मीर में सबसे ज्यादा बर्फबारी
सबसे ज्यादा बर्फबारी जम्मू-कश्मीर में हो रही है। हाल ऐसा है कि सड़कों और मैदानों में अंतर कर पाना मुश्किल हो गया है। बर्फ हटाने के लिए सड़कों पर स्नो कटर मशीनें चल रही हैं और घाटी भारी बर्फबारी से सफेद हो गई है।जम्मू-कश्मीर से लेकर हिमाचल प्रदेश तक सड़क, पेड़, टहनियां समेत सब कुछ जम गया है। वादियां बर्फ से ढक गईं हैं। जहां तक नजरें जाएंगी सिर्फ और सिर्फ बर्फ दिखाई देगी। चंबा, मनाली, भद्रवाह और गुलमर्ग तक इलाके सफेद चादर से नजर आ रहे हैं और सैलानी इस अद्भुत नजारे का मजा ले रहे हैं।
हिमाचल के साथ-साथ उत्तराखंड में भी बर्फबारी का दौर जारी है। केदारनाथ में मंदिर परिसर और आसपास के इलाके बर्फ की मोटी चादर से पूरी तरह ढक गए हैं। केदारनाथ धाम में इस सर्दी की दूसरी बर्फबारी हुई है। वहीं देहरादून में शीतलहर और कोहरे का प्रकोप जारी है, जिसे लेकर मौसम विभाग का अलर्ट जारी है। IMD की मानें तो पहाड़ी राज्यों में अभी बर्फबारी का दौर जारी रहेगा।

