JNU में पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विवादित नारों को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि JNU में शरजील इमाम की औलादों के इरादों को कुचल दिया जाएगा।दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू युनिवर्सिटी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विवादित नारे लगाए जाने के मामले को लेकर लगातार बवाल जारी है। पीएम और गृह मंत्री के खिलाफ नारेबाजी को लेकर JNU प्रशासन सख़्त है और उसकी शिकायत पर इस मामले में FIR दर्ज हो गई है। संस्थान ने इस घटना को लोकतंत्र पर हमला बताया है और कहा है कि यूनिवर्सिटी राष्ट्र विरोधी गतिविधियों की प्रयोगशाला नहीं है। वहीं, अब इस मामले में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि ये शरजील इमाम की जो औलादे हैं, जो जेएनयू में पैदा हुए हैं ,इनके इरादों को कुचलना का काम हम करेंगे।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी 2020 में हुए दिल्ली दंगों के मामले में सुनवाई करते हुए जेल में बंद दो आरोपियों शरजील इमाम और उमर खालिद को जमानत देने से इनकार कर दिया था। कोर्ट के इस फैसले के बाद दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू युनिवर्सिटी में प्रदर्शन हुआ जहां कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को निशाना बनाते हुए आपत्तिजनक नारे लगाए गए। इस घटना से पूरे देश में राजनीतिक विवाद पैदा हो गया।
क्या बोले CM फडणवीस?
जेएनयू में प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय गृह मंत्री के संबंध में जो आपत्तिजनक नारे लगाए गए हैं, उस पर बोलते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर में कहा- “देखिए ये शरजील इमाम की जो औलादे हैं, जो जेएनयू में पैदा हुए हैं, इनके इरादों को कुचलना का काम हम करेंगे> ऐसे नापाक इरादे जो देशद्रोहियों के साथ खड़े होते हैं, जो देश को तोड़ने की भाषा वाले के साथ खड़े होते हैं, उनके इरादों को कुचल दिया जाएगा, ऐसे इरादे नहीं चलेंगे।”
छत्रपति शिवाजी महाराज पर भी बोले फडणवीस
केंद्रीय मंत्री सीआर पाटील ने छत्रपति शिवाजी महाराज को पाटीदार समाज का बताया है, यह पूछने पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा- केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल ने क्या कहा, मुझे पता नहीं है, लेकिन छत्रपति शिवाजी महाराज किसी एक समाज के नहीं थे। महापुरुषों का कोई समाज नहीं होता, जाति नहीं होती, महापुरुष जो होते हैं वह पूरे देश के होते हैं। इसलिए उन्हे ऐसा लगता है कि उनको इस जाति का, उस जाति का कहना सही नहीं होगा। वह तो पूरे देश के थे और छत्रपति शिवाजी महाराज थे इसलिए हम हैं। आज मैं अपना नाम बता पा रहा हूं, वह इसलिए कि शिवाजी महाराज थे। महापुरुषों को इस प्रकार से विभाजित करना ठीक नहीं है।
‘JNU में शरजील इमाम की औलादों के इरादों को कुचल देंगे’, PM मोदी, अमित शाह के खिलाफ विवादित नारों पर बोले CM फडणवीस
उत्तर भारत में ‘कोल्ड टॉर्चर’, दिल्ली-NCR से बिहार तक ठिठुरन; तीन राज्यों में बारिश की चेतावनी
उत्तर भारत के 21 शहरों में भीषण शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, पहाड़ी राज्यों में आज ठंड कहर बरपाने वाला है। पहाड़ों से उतरकर आ रही बर्फीली हवाओं ने मैदानी इलाकों में ठिठुरन पैदा कर दी है।
उत्तर भारत में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है। घने कोहरे की एक मोटी चादर ने दिल्ली-NCR से लेकर बिहार तक को अपनी आगोश में ले लिया है। इसकी वजह से सड़कों पर विजिबिलिटी शून्य के करीब पहुंच गई है। सुबह-सुबह ऐसा महसूस हो रहा है मानो पूरा शहर बादलों के बीच बसा हो। पहाड़ों से उतरकर आ रही बर्फीली हवाओं ने मैदानी इलाकों में ठिठुरन पैदा कर दी है।
मौसम विभाग ने उत्तर भारत के 21 शहरों में भीषण शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। आज जिन शहरों में शीतलहर का कहर होगा, उनमें उत्तर प्रदेश का प्रयागराज, अयोध्या, कानपुर, लखनऊ, रायबरेली, बिजनौर, आगरा, टुंडला और मुजफ्फरनगर शामिल है। इसके अलावा पहाड़ी राज्यों में आज ठंड कहर बरपाने वाला है। वहीं, कोलकाता में मंगलवार का दिन जनवरी का अब तक का सबसे ठंडा दिन रहा। इस दौरान न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
कैसा है दिल्ली का मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार, 7 जनवरी की सुबह से लेकर दोपहर के 11 बजे तक खतरनाक शीतलहर चलने की चेतावनी दी गई है। दिल्ली में आज न्यूनतम तापमान गिरकर 5 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है।वहीं, पंजाब के गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, फरीदकोट, मोगा, बठिंडा में सुबह के समय 10 से 15 की रफ्तार से शीतलहर चलेगी। हरियाणा के गुरुग्राम, सोनीपत और पानीपत में भी घने कोहरे और शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है।
आज तीन राज्यों में बारिश के आसार
इस बीच, मौसम विभाग ने तीन राज्यों में बारिश की भी चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार, अगले 48 घंटे में देश के दक्षिणी राज्य- केरल, तमिलनाडु और अंडमान निकोबार में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। मछुआरों को इस दौरान सावधान रहने के लिए कहा गया है। बारिश के चलते इन राज्यों में तापमान 2 से 3 डिग्री तक कम होगी। वहीं, बीते दिनों उत्तर भारत के जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में भी ऊंचाई वाले भाग में बारिश हुई थी। फिलहाल बारिश की संभावना कम है।
शिवसेना को रोकने के लिए भाजपा और कांग्रेस ने मिला लिया हाथ, महाराष्ट्र के इस नगर परिषद में गजब ‘खेला’
महाराष्ट्र की अंबरनाथ नगर परिषद में एकनाथ शिंदे की शिवसेना को रोकने के लिए भाजपा और कांग्रेस ने हाथ मिला लिया है। इस कारण महाराष्ट्र का राजनीतिक माहौल गरमा गया है।कांग्रेस-मुक्त भारत का नारा लगाने वाली भाजपा ने ठाणे में अंबरनाथ नगर परिषद में सीधे कांग्रेस से हाथ मिला लिया है। मुंबई से महज 70 किलोमीटर दूर स्थित अंबरनाथ नगर परिषद में शिंदे सेना को सत्ता से दूर रखने के लिए बीजेपी ने कांग्रेस से हाथ मिलाया है। भाजपा-कांग्रेस के इस गठबंधन से राजनीति गरमा गई है और राज्य की राजनीति में हलचल मच गई है।
शिवसेना ने क्या कहा?
इस गठबंधन को “अम्बरनाथ विकास अघाड़ी” नाम दिया गया है। हालांकि, इन घटनाक्रमों से शिवसेना शिंदे समूह में भारी असंतोष है। बीजेपी-कांग्रेस में हुए गठबंधन के बाद शिंदे सेना आगबबूला हो गई है। शिवसेना शिंदे समूह ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए इस गठबंधन को “अभद्र युति (गठबंधन)” बताया है। शिंदे समूह के विधायक डॉ. बालाजी किनिकर ने कांग्रेस-मुक्त भारत की बात करने वाली भाजपा पर कांग्रेस के साथ गठबंधन करके शिवसेना पर हमला करने का आरोप लगाया है।
समझें पूरा अंबरनाथ शिंदे सेना का गढ़ माना जाता है, एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे यहां से सांसद है। हाल ही में अंबरनाथ नगरपरिषद का चुनाव हुए थे। इस नगर परिषद चुनाव में बीजेपी ने शिंदे सेना को मात दी। यहां बीजेपी का नगराध्यक्ष चुनकर आया। इस चुनाव में शिंदे सेना सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी लेकिन बहुमत से थोडा दूर रह गई। शिंदे सेना सोच रही थी की बीजेपी उनके साथ मिलकर नगर परिषद में सरकार बनाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बीजेपी ने शिंदे सेना के बजाय कांग्रेस से हाथ मिला लिया और नगर परिषद में सत्ता स्थापित कर ली। स्थानीय स्तर पर कांग्रेस के साथ मिलकर सत्ता स्थापित करना का फैसला लिया गया।
श्रीकांत शिंदे का आया बयान
अंबरनाथ में हुए राजनीतिक घटनाक्रम पर सांसद श्रीकांत शिंदे का बयान सामने आया है। अंबरनाथ में BJP और कांग्रेस के गठबंधन पर श्रीकांत शिंदे ने कहा- “यह सवाल पूरी तरह से हमारी सहयोगी भारतीय जनता पार्टी के लिए है। BJP नेता इसका जवाब अच्छे से दे पाएंगे। कई सालों से, BJP और शिवसेना केंद्र, राज्य और नगर निगम में गठबंधन में हैं। यह गठबंधन अटूट रहना चाहिए। अंबरनाथ में शिवसेना सत्ता में थी और शिवसेना ने अंबरनाथ में अच्छा विकास कार्य किया। अब, वे जो भी फैसला लेना चाहते हैं, शिवसेना विकास की राजनीति करने वाले के साथ होगी।”अंबरनाथ नगर परिषद चुनाव नतीजे
कुल सीट – 60
बीजेपी – 14
शिवसेना – 27
कांग्रेस – 12
एनसीपी – 4
निर्दलीय – 2
भाजपा ने क्या सफाई दी?
भाजपा और कांग्रेस के इस गठबंधन को शिवसेना ने पीठ में छुरा घोंपने जैसा बताया है। वहीं, भाजपा ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। भाजपा उपाध्यक्ष गुलाबराव करंजुले पाटिल ने शिंदे समूह पर पलटवार करते हुए कहा है कि अगर वे पिछले पच्चीस वर्षों से भ्रष्टाचार में लिप्त शिंदे समूह के साथ सत्ता में होते तो यह एक बेहद ही अनुचित गठबंधन न होता। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने अंबरनाथ नगर परिषद के लिए शिंदे समूह के साथ महागठबंधन पर कई बार चर्चा करने की कोशिश की, लेकिन उनके नेताओं से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।एक ओर जहां भाजपा-कांग्रेस गठबंधन अंबरनाथ नगर परिषद में सत्ता के बंटवारे को स्पष्ट कर रहा है। वहीं, दूसरी ओर इस गठबंधन ने महागठबंधन में तनाव पैदा कर दिया है। अंबरनाथ में यह गठबंधन अनुचित है या अपरिहार्य, इस पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप आने वाले समय में और भी तेज होने की संभावना है।
निजी संपत्ति पर दबंगई का आरोप: पंचगनी में आईशा कुरेशी के गेट-दीवार तोड़े गए, सरपंच और ग्रामीणों पर धमकी देने का गंभीर मामला
पंचगनी/महाबलेश्वर (सतारा)।
महाराष्ट्र के सतारा जिले के महाबलेश्वर अंतर्गत थाना पंचगनी क्षेत्र से निजी संपत्ति में जबरन हस्तक्षेप और तोड़फोड़ का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। बिहार जननी माता मंदिर के पास रहने वाली शिकायतकर्ता आईशा कुरेशी ने आरोप लगाया है कि 6 जनवरी 2025 को दोपहर करीब 3 से 4 बजे के बीच ग्राम पंचायत से जुड़े लोगों और ग्रामीणों के एक समूह ने उनकी निजी संपत्ति में घुसकर गेट और दीवार को नुकसान पहुंचाया तथा गंभीर धमकियां देकर मौके से चले गए।
आईशा कुरेशी के अनुसार, उन्होंने वर्ष 2018 में यह जमीन खरीदी थी। जमीन की खरीद के समय पहले मालिक द्वारा रास्ते के लिए पहले से ही 4 फीट जगह छोड़ी जा चुकी थी। इस संबंध में उनके पास मौजनी (राजस्व नक्शा/रिकॉर्ड) भी मौजूद है, जिसमें स्पष्ट रूप से दर्ज है कि रास्ते के लिए आवश्यक 4 फीट जमीन पहले ही ली जा चुकी है। इसके बावजूद अब दोबारा उनकी निजी संपत्ति से रास्ता निकालने का दबाव बनाया जा रहा है।
शिकायत में कहा गया है कि 6 जनवरी को शिवाजीराव (सरपंच), प्रवीण बिलाटे (सरपंच प्रतिनिधि) सहित करीब 15 से 20 ग्रामीण अचानक आईशा कुरेशी की संपत्ति पर पहुंचे। आरोप है कि इन लोगों ने गेट को नुकसान पहुंचाया, दीवार तोड़ी और धमकी दी कि यदि गेट नहीं हटाया गया और रास्ता नहीं छोड़ा गया, तो भविष्य में यदि वहां कोई दुर्घटना होती है, उसकी पूरी जिम्मेदारी आईशा कुरेशी पर डाली जाएगी।
आईशा कुरेशी का कहना है कि उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर ग्राम पंचायत में लिखित शिकायत भी दी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। अपने पत्र में उन्होंने साफ तौर पर लिखा है कि यदि गेट हटवाना है तो उन्हें उचित समय दिया जाए, या फिर यह माना जाए कि गेट पूरी तरह उनकी निजी संपत्ति के भीतर स्थित है। उन्होंने यह भी मांग की है कि यदि निजी जमीन का उपयोग किया जाना है, तो उसका उचित मुआवजा दिया जाए, क्योंकि यह भूमि किसी भी तरह से सरकारी संपत्ति नहीं है।
पीड़िता का आरोप है कि यह पहली बार नहीं है जब इस तरह का दबाव बनाया गया हो। वर्तमान में आईशा कुरेशी पुणे में रहती हैं और उनकी गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर यह पूरी कार्रवाई की जा रही है। उनके अनुसार, मौके पर केवल केयरटेकर मौजूद है, लेकिन न तो उसकी बात सुनी जा रही है और न ही संपत्ति के वास्तविक मालिक की।
आईशा कुरेशी ने यह भी आरोप लगाया कि तोड़फोड़ के दौरान घर में शॉर्ट सर्किट की स्थिति बन गई थी। केयरटेकर ने मौके पर मौजूद लोगों से काम रोकने का अनुरोध किया और बताया कि इससे आग लगने या किसी की जान को खतरा हो सकता है, लेकिन जवाब मिला कि “शॉर्ट सर्किट हो या आग लगे, हमें उससे कोई मतलब नहीं है।” इस बयान ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
आईशा कुरेशी ने मीडिया को वीडियो के माध्यम से पूरी घटना दिखाई है, जिसमें कथित तौर पर गांव के लोग और सरपंच से जुड़े व्यक्ति उनकी निजी संपत्ति के गेट को नुकसान पहुंचाते नजर आ रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से संज्ञान में लिया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि उनकी निजी संपत्ति और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
यह मामला अब ग्राम पंचायत की भूमिका, निजी संपत्ति के अधिकार और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। पीड़िता को अब प्रशासन और न्याय व्यवस्था से इंसाफ की उम्मीद है।
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प्रधान की दबंगई से ग्रामीण परेशान: कुशीनगर के रघुनाथपुर में नाली विवाद ने लिया हिंसक रूप, पीड़ित परिवार को जान का खतरा
कुशीनगर।
जिले के अहिरौली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रघुनाथपुर में बीते दो वर्षों से चला आ रहा नाली विवाद अब गंभीर और हिंसक रूप ले चुका है। पीड़ित वीरेंद्र, निवासी रघुनाथपुर, का आरोप है कि गांव के ही जोगिंदर प्रधान ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए जबरन पुरानी नाली को बंद करा दिया और उनकी निजी जमीन से करीब 100 फुट लंबी नई नाली खुदवा दी। इस मनमानी का विरोध करने पर 3 जनवरी को मामला मारपीट तक पहुंच गया, जिसमें वीरेंद्र और उनके परिवार के साथ गंभीर रूप से मारपीट की गई।
पीड़ित परिवार का कहना है कि यह विवाद कोई नया नहीं है। पिछले दो वर्षों से वे लगातार प्रशासनिक दफ्तरों और थाने के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कहीं भी उनकी सुनवाई नहीं हो रही। आरोप है कि प्रधान होने के कारण जोगिंदर का स्थानीय स्तर पर प्रभाव इतना ज्यादा है कि हर जगह से पीड़ित को निराशा ही हाथ लगी है। आवेदन देने के बावजूद न तो नाली विवाद का समाधान हुआ और न ही मारपीट की घटना पर कोई ठोस कार्रवाई की गई।
वीरेंद्र का आरोप है कि पुरानी नाली गांव की निकासी का मुख्य साधन थी, जिसे जानबूझकर बंद कराया गया, जिससे उनके घर और आसपास जलभराव की स्थिति बनी रहती है। इसके बाद दबाव बनाकर उनकी निजी भूमि से नई नाली निकलवाई गई, जो न केवल गैरकानूनी है बल्कि भविष्य में बड़े विवाद और नुकसान का कारण बन सकती है। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो प्रधान और उनके समर्थकों ने खुलेआम धमकी दी और मारपीट की।
पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें लगातार डराया-धमकाया जा रहा है और जान से मारने की धमकी भी दी गई है। परिवार का दावा है कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो किसी बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता। वीरेंद्र ने बताया कि उन्होंने ब्लॉक, तहसील, थाना और अन्य अधिकारियों को लिखित शिकायत दी, लेकिन हर जगह से सिर्फ आश्वासन मिला, कार्रवाई शून्य रही।
अब हताश होकर पीड़ित परिवार ने मीडिया के माध्यम से अपनी आवाज उठाई है। उनका कहना है कि वे चाहते हैं कि यह मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचे, ताकि निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। परिवार की मांग है कि अवैध रूप से निकाली गई नाली को बंद कराया जाए, पुरानी नाली को बहाल किया जाए और मारपीट व धमकी के मामले में प्रधान सहित सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
ग्रामीणों का भी कहना है कि यदि प्रशासन समय रहते हस्तक्षेप नहीं करता, तो गांव में तनाव और बढ़ सकता है। फिलहाल रघुनाथपुर में दहशत का माहौल है और पीड़ित परिवार न्याय की आस में दर-दर भटकने को मजबूर है।
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2 मिनट बचाने के लिए रॉन्ग साइड चलने वाले सावधान! इस मामले में दर्ज हुई पहली FIR, जानें कितनी मिल सकती है सजा
अगर आप भी कुछ मिनट का समय बचाने के लिए रॉन्ग साइड गाड़ी चलाते हैं को सावधान हो जाइए। राजधानी दिल्ली में ऐसे मामले में FIR दर्ज हुई है। रॉन्ग साइड गाड़ी चलाने के मामले में ये देश में पहली FIR है।दिल्ली में रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर पहली एफआईआर दर्ज की गई है। इसके साथ ही दिल्ली रॉन्ग साइड में गाड़ी चलाने पर एफआईआर दर्ज करने वाला देश का पहला प्रदेश बन गया है। ये पहली FIR दिल्ली कैंट थाना इलाके में दर्ज की गई है। अब पहले मामले के दर्ज होने के बाद रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर कार्रवाई के कई और मामले भी सामने आ सकते हैं। आइए जानते हैं कि रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर अगर किसी के खिलाफ FIR दर्ज की जाती है तो उसे कितनी सजा हो सकती है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, ये मामला चार पहिया वाहन को गलत दिशा में तेज रफ्तार से चलाने का है। आरोपी की पहचान अमन, निवासी शाहजहांपुर (यूपी), वर्तमान पता कुसुमपुर पहाड़ी, दिल्ली के रूप में की गई है। घटना शाम 4:45 बजे, हनुमान मंदिर रेड लाइट के पास घटी। रॉन्ग साइड ड्राइविंग के कारण सामने से आ रहे वाहनों को खतरा हुआ। इसके बाद ASI सुनील कुमार की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज हुई।
क्या है सजा का प्रावधान?
इस मामले में आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 281 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। बीएनएस 281 (तेज/लापरवाह ड्राइविंग से जान को खतरा) के तहत 6 महीने तक की जेल या 1,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों सजा दी जा सकती है। पहले इसे IPC की धारा 279 के रूप में जाना जाता था। इस मामले में आरोपी के पास ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन बीमा नहीं था। इसलिए उसपर मोटर व्हीकल एक्ट की धाराएं- 3/181, 146, 196 भी लगीं है।
अब गंभीर मामलों में सीधी FIR होगी
चूंकि रॉन्ग साइड से गाड़ी चलाने के इस मामले में ये धाराएं जमानती थी, इसके कारण आरोपी को थाने से ही जमानत दे दी गई है। पहले ऐसे मामलों में सिर्फ चालान होता था। हालांकि, अब गंभीर मामलों में सीधी एफआईआर दर्ज की जाएगी। हालांकि, आपको बता दें कि केवल गंभीर खतरे की स्थिति में ही एफआईआर दर्ज की जाएगी। खासकर सुबह-शाम पीक ऑवर में रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर सख्ती की गई है। छोटी सड़क पर धीमी रफ्तार दुपहिया वाहन पर आमतौर पर एफआईआर नहीं लेकिन भारी जुर्माना लगेगा।पहले रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर चालान कितना था?
पहली बार: ₹5,000
दोबारा: ₹10,000 तक + लाइसेंस निलंबन
इस खिलाड़ी ने रच दिया इतिहास, लेकिन नहीं आ रहा टीम इंडिया से बुलावा, ऐसा कारनामा करने वाला अकेला बल्लेबाज
विजय हजारे ट्रॉफी में देवदत्त पडिक्कल ने ऐसा कारनामा किया है, जो इससे पहले कोई बल्लेबाज नहीं कर पाया था। हालांकि वे मंगलवार को अपना शतक पूरा करने से केवल 9 रन से चूक गए हैं।इस वक्त भारत में विजय हजारे ट्रॉफी के मुकाबले खेले जा रहे हैं। इसमें खिलाड़ी अपना बेहतरीन प्रदर्शन कर टीम इंडिया में अपनी जगह पक्की करने की दावेदारी पेश कर रहे हैं। इस बीच एक खिलाड़ी ने तो ऐसा काम कर दिया है, जो इससे पहले कभी नहीं हुआ था। अब इंतजार इस बात किया जाना चाहिए कि क्या बीसीसीआई की सेलेक्शन कमेटी उस खिलाड़ी को भारतीय टीम में लाती है या फिर इंतजार करना पड़ता है।
देवदत्त पडिक्कल ने रचा इतिहास
भारत के देवदत्त पडिक्कल लगातार चर्चा में रहते हैं, ये बात और है कि उन्हें भारतीय टीम के लिए खेलने का मौका ज्यादा नहीं मिल पाता। अब विजय हजारे ट्रॉफी में देवदत्त ने अपना जौहर दिखाया है। वे ऐसे पहले और अकेले बल्लेबाज बन गए हैं, जिन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी के तीन सीजन में 600 से अधिक रन बनाए हैं। इससे पहले कभी ऐसा नहीं हुआ था। देवदत्त ने साल 2019-20 में पहली बार ये काम किया था। तब उनके बल्ले से 609 रन आए थे। इसके बाद 2020-21 में देवदत्त पडिक्कल ने 737 रन बनाए थे। अब इस साल यानी 2025-26 में वे 605 से अधिक रन बनाने में कामयाब रहे हैं।
राजस्थान के खिलाफ शतक से बाल बाल चूक गए देवदत्त
मंगलवार को देवदत्त पडिक्कल राजस्थान के खिलाफ विजय हजारे ट्रॉफी का मैच खेलने के लिए उतरे। इस दौरान उन्होंने पारी का आगाज करते हुए केवल 82 बॉल पर 91 रन बना दिए। हालांकि वे अपना शतक पूरा करने से चूक गए। अपनी इस पारी के दौरान पडिक्कल ने 12 चौके और दो आसामनी छक्के लगाए। इस पारी में भले ही उनका शतक ना आया हो, लेकिन इसी टूर्नामेंट में देवदत्त पडिक्कल पिछली छह पारियों में चार शतक लगाने में कामयाब रहे हैं। केवल एक ही बार वे 50 रन से पहले आउट हुए हैं। इससे समझा जा सकता है कि देवदत्त इस वक्त कितने जबरदस्त फार्म में हैं। देवदत्त अब तक भारत के लिए वनडे डेब्यू नहीं कर पाए हैं
देवदत्त पडिक्कल ने अब तक भारत के लिए केवल दो टेस्ट और दो ही टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले हैं। इन दो टेस्ट में उन्होंने 90 रन बन और दो टी20 इंटरनेशनल मैचों में 38 रन बनाए हैं। वे अब तक वनडे इंटरनेशनल डेब्यू नहीं कर पाए हैं। उम्मीद की जा रही थी कि जिस तरह की बल्लेबाजी वे कर रहे हैं, उसके बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए वे टीम में चुने जा सकते हैं, लेकिन वहां उन्हें जगह नहीं मिली। अब देखना होगा कि बीसीसीआई की सेलेक्शन कमेटी की नजर देवदत्त पडिक्कल पर कब तक जाती है, वे तो रन बनाकर अपना काम कर ही रहे हैं।
महाराष्ट्र में प्रेम संबंध का छल: युवती ने प्रेमी पर धोखे का आरोप लगाया
चार साल तक प्रेम संबंध के बाद पता चला, युवक अब किसी अन्य से शादी कर रहा है; युवती ने कहा, “धोखा और धमकी से हुआ मानसिक आघात”
महाराष्ट्र की 20 वर्षीय युवती ने अपने प्रेमी पर चार साल तक प्रेम संबंध बनाए रखने और बाद में धोखा देने का आरोप लगाया है। युवती के अनुसार, हाल ही में उसे जानकारी मिली कि युवक किसी अन्य युवती से विवाह करने जा रहा है, जबकि वह अब भी उसके साथ संबंध बनाए रखने का दावा कर रहा था।
युवती ने कहा कि उसने सच सामने लाने और संबंध खत्म करने की कोशिश की, लेकिन युवक ने धमकी दी कि यदि मामला सामने आया तो उसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचेगा। सामाजिक और पारिवारिक दबाव के कारण, युवती ने हाल ही में दर्ज कराई गई शिकायत वापस ले ली।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में भावनात्मक और मानसिक समर्थन बेहद महत्वपूर्ण है। परिवार और दोस्तों का सहारा, दूरी बनाए रखना और भरोसेमंद वयस्क से मदद लेना ऐसे समय में सुरक्षित कदम होते हैं।
क्षेत्र के लोग इस घटना को लेकर चर्चा कर रहे हैं और युवती के लिए सहानुभूति व्यक्त कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

