दिल्ली में SIR से पहले ही पुलिस का बड़ा एक्शन देखने को मिला है। पुलिस द्वारा इस मामले में 20 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा गया है।भारत के विभिन्न राज्यों में अवैध बांग्लादेशियों की तलाश जारी है। पुलिस द्वारा बड़ा संख्या में अवैध रूप से भारत में रहने वाले बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया जा रहा है और उन्हें वापस बांग्लादेश भेजा जा रहा है। इसी क्रम में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दिल्ली के भीतर 20 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा है। आइए जानते हैं इस बारे में।
अवैध रूप से भारत में रह रहे थे बांग्लादेशी
दिल्ली में SIR की प्रक्रिया से पहले ही पुलिस का बड़ा एक्शन देखने को मिला है। पुलिस द्वारा 20 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा गया है। सामने आई जानकारी के मुताबिक, यह सभी बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से भारत में रह रहे थे। पकड़े गए अवैध लोगों के पास से कुछ भारतीय पहचान पत्र भी बरामद हुए हैं।
दिल्ली में SIR से पहले ही पुलिस का बड़ा एक्शन, 20 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा गया
भरोसे का कत्ल और धोखे का खेल: पुष्पा की खुली चेतावनी—न्याय नहीं तो सड़क से सोशल मीडिया तक जंग
सावधान! एक भरोसे की कहानी जो धोखे में बदल गई
सोनभद्र की पुष्पा का खुला ऐलान—अब चुप नहीं बैठूंगी
सोनभद्र/प्रयागराज।
यह खबर केवल एक महिला की पीड़ा नहीं, बल्कि समाज के लिए कड़ा अलर्ट है। रिश्तों की आड़ में भरोसा तोड़ने वालों के खिलाफ सोनभद्र की पुष्पा ने खुला ऐलान कर दिया है—अब या तो न्याय मिलेगा, या फिर यह लड़ाई सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक जाएगी।
पुष्पा का आरोप है कि उसका पति राहुल, शादी के बाद दूसरी महिला के संपर्क में आ गया और फिर घर से नकद पैसे व मोबाइल लेकर फरार हो गया। यह सिर्फ घर छोड़ने की घटना नहीं, बल्कि विश्वास, सम्मान और महिला की सुरक्षा पर सीधा वार है।
दूसरी महिला का नाम सामने, साजिश का आरोप
पीड़िता के अनुसार राहुल का संपर्क प्रतापगढ़ निवासी किरण कुमारी से था, जो अरविंद की पत्नी बताई जा रही है। आरोप है कि किरण ने पुष्पा की फोटो और वीडियो राहुल को भेजे और यह कहकर ब्लैकमेल करना शुरू किया कि पुष्पा का व्यवहार ठीक नहीं है।
पुष्पा का कहना है कि किरण लगातार राहुल से फोन पर बात करती रही और दोनों ने मिलकर पति को उससे अलग करने की साजिश रची। इसी झांसे में आकर राहुल उसे लेकर इलाहाबाद (प्रयागराज) चला गया और जाते-जाते घर में रखा सारा पैसा भी समेट ले गया।
“तीन-चार दिन में नहीं लौटा तो बड़ा कदम”
पुष्पा ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि यदि तीन से चार दिन के भीतर राहुल वापस नहीं आया, तो वह इलाहाबाद जाकर बड़ी कार्रवाई करेगी। साथ ही इस पूरे मामले को वीडियो के जरिए सोशल मीडिया पर सार्वजनिक किया जाएगा।
मदद करने वाले भी जिम्मेदार
पीड़िता ने साफ कहा—
“जिस किसी ने भी मेरे पति राहुल को अपने घर में शरण दी है या छुपाया है, वह भी दोषी है। ऐसे सभी लोगों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करूंगी।”
पहले भी दोहराया गया धोखा
पुष्पा ने यह भी खुलासा किया कि डेढ़ साल पहले सूरत (डमरी झापा, बलसार ) में भी राहुल उसे छोड़ चुका था। यानी यह मामला पहली बार नहीं, बल्कि बार-बार दोहराया गया विश्वासघात है।
पाली थाना में राहुल के खिलाफ एफ आई आर दर्ज पुलिस ने पुष्पा को मिलने के लिए बुलाया हुआ है।
अब चुप्पी खत्म, आवाज बुलंद
न्याय न मिलने से आहत पुष्पा ने हिंदी भाषा में वीडियो के माध्यम से सामने रखी है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। लोग मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
यह खबर एक सख्त चेतावनी है।
महिलाओं के भरोसे से खिलवाड़, रिश्तों में धोखा और अपराध को हल्के में लेने वालों के लिए अब जवाबदेही तय होगी।
समस्तीपुर की गीता कुमारी सोशल मीडिया के जरिए छूना चाहती हैं नई ऊंचाइयां
समस्तीपुर।
बिहार के समस्तीपुर जिले के गोहदा रूपोली बुजुर्ग गांव में रहने वाली 23 वर्षीय गीता कुमारी अपनी मेहनत, लगन और हौसले के दम पर सोशल मीडिया की दुनिया में अलग पहचान बनाने की कोशिश कर रही हैं। साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली गीता कुमारी ने संघर्षों के बीच डिजिटल प्लेटफॉर्म को अपनी आवाज बनाया है। आज लोग उन्हें प्यार से “सोशल मीडिया क्वीन” कहने लगे हैं।
हौसले से शुरू हुआ सफर
गीता कुमारी के सपने बड़े थे, लेकिन हालात हमेशा उनके पक्ष में नहीं रहे। वर्ष 2025 में उन्होंने सोशल मीडिया पर सक्रिय होना शुरू किया। शुरुआत शौक से हुई, जो धीरे-धीरे जुनून बन गया। निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास के साथ वह लगातार आगे बढ़ रही हैं।
सोशल मीडिया पर बढ़ती पहचान
Instagram ID: कुमारी ग्रेता
Facebook ID: कुमारी ग्रेता
इन प्लेटफॉर्म्स पर गीता कुमारी अपने वीडियो और रील्स के माध्यम से लोगों से जुड़ रही हैं। उनके अकाउंट पर फिलहाल 194 पोस्ट, 349 फॉलोअर्स और 158 फॉलोइंग हैं, जो उनकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।
आत्मनिर्भरता का संदेश
गीता कुमारी का कहना है कि सोशल मीडिया उनके लिए सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का सशक्त माध्यम है। वह चाहती हैं कि लोग उनके कंटेंट को देखें, साझा करें और उनका हौसला बढ़ाएं, ताकि वह अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकें।
परिवार का साथ, संघर्ष की कहानी
गीता कुमारी बताती हैं कि उनके पिता राजेश पासवान हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने हमेशा उनका मनोबल बढ़ाया। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने अपने सपनों से समझौता नहीं किया और आगे बढ़ती रहीं।

प्रेरणा बनने का सपना
गीता कुमारी का सपना है कि वह अपनी सफलता से उन युवाओं को प्रेरित करें, जो गरीबी या हालातों के कारण अपने सपनों को दबा देते हैं। उनका कहना है—
“अगर सपने देखने की हिम्मत हो और मेहनत करने का जज्बा, तो कोई भी मुश्किल बड़ी नहीं होती।”
समाज के लिए संदेश
गीता कुमारी की कहानी साबित करती है कि मजबूत इरादों और निरंतर प्रयास से हर बाधा पार की जा सकती है। आज वह न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि समाज के लिए भी प्रेरणा बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
दोस्तों, अगर आपको यह खबर पसंद आई हो तो इसे जरूर शेयर करें और गीता कुमारी के इंस्टाग्राम व फेसबुक अकाउंट को फॉलो कर उनका हौसला बढ़ाएं।
कानपुर की मशीन कंपनी पर ठगी का आरोप: गरीब युवक के डेढ़ लाख डूबे, दो महीने बाद भी अधूरी डबल डाई हाइड्रोलिक मशीन, अलग-अलग पार्ट्स के नाम पर वसूली
संत कबीर नगर।
रोज़गार की उम्मीद लेकर मशीन खरीदने वाला एक गरीब युवक अब न्याय की गुहार लगा रहा है। संत कबीर नगर जिले के थाना घनघटा क्षेत्र निवासी रामप्रवेश पांडे (उम्र 25 वर्ष), पिता रंगनाथ पांडे ने कानपुर की एक मशीन निर्माता कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का कहना है कि करीब दो महीने पहले उसने दोना-पत्तल बनाने वाली ऑटोमेटिक डबल डाई हाइड्रोलिक मशीन और उससे जुड़ा मटेरियल खरीदा था, जिस पर उसे करीब डेढ़ लाख रुपये खर्च करने पड़े, लेकिन आज तक न तो मशीन पूरी तरह मिली और न ही वह चलने लायक है।
रामप्रवेश के अनुसार, यह मशीनें उसने कानपुर के गोविंद नगर, नंदलाल चौराहा स्थित महादेव कॉरपोरेशन एजेंसी से खरीदी थीं। कंपनी की ओर से दावा किया गया था कि सभी पार्ट्स के साथ डबल डाई हाइड्रोलिक मशीन जल्द चालू करा दी जाएगी, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल उलट निकली। पीड़ित का आरोप है कि कभी हीटर नहीं भेजा गया, कभी डीआई (डाई) नहीं दी गई और कभी कोई अन्य जरूरी पार्ट अधूरा या गायब रहा।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कंपनी हर बार नया बहाना बनाकर हर पार्ट के लिए अलग-अलग चार्ज, अलग समय और गाड़ी भाड़ा व मजदूरी के नाम पर भी पैसे मांगती रही। रामप्रवेश का कहना है कि जो मटेरियल दिया गया, वह भी पूरी तरह घटिया और खराब निकला, जिससे डबल डाई हाइड्रोलिक मशीन चलाना तो दूर, उसका नुकसान और बढ़ गया।
पीड़ित युवक ने बताया कि उसने यह मशीन इसलिए खरीदी थी ताकि वह स्वरोज़गार शुरू कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर सके और आत्मनिर्भर बन सके, लेकिन अब वह कर्ज और मानसिक तनाव में डूब गया है। दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कंपनी की ओर से केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं, कोई ठोस समाधान नहीं।
रामप्रवेश पांडे ने साफ शब्दों में कहा कि,
“मेरे साथ जो हुआ, वैसा किसी और गरीब के साथ न हो,”
इसी उद्देश्य से वह अपनी बात सार्वजनिक कर रहा है। उसने जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और संबंधित विभागों से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी कंपनी व एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि ऐसे कथित फर्जी कारोबार पर रोक लग सके।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस मामले में संज्ञान लेकर पीड़ित युवक को न्याय दिलाएगा, या फिर एक और गरीब की मेहनत की कमाई यूं ही डूब जाएगी।
जमीन पर जबरन कब्जे का आरोप, पीड़ित ने जान का खतरा बताते हुए प्रशासन से लगाई गुहार
गोपालगंज (बिहार)।
बिहार राज्य के गोपालगंज जिले के माजागढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत कनपुर पंचायत के गांव फुलवरिया निवासी लक्ष्मण शाह ने अपनी जमीन पर जबरन कब्जे और लगातार धमकियों का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित ने मीडिया को बताया कि उनकी पुश्तैनी जमीन पर दबंगों ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है और जब वह जमीन छुड़वाने जाते हैं तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी जाती है।
लक्ष्मण शाह के अनुसार आरोपियों में सुरेंद्र यादव, सुभाष यादव, जीतन, रकटु सहित 10–15 लोग शामिल हैं, जो लगातार दबाव बना रहे हैं। पीड़ित का यह भी आरोप है कि संबंधित अंचलाधिकारी (सीओ) को घूस देकर उनकी जमीन पर जबरन कब्जा कराया गया है।
पीड़ित ने बताया कि इस संबंध में थाने में शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वह न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। लक्ष्मण शाह ने आशंका जताई कि आरोपी कभी भी उन पर या उनके परिवार पर हमला कर सकते हैं और उन्हें गंभीर जान का खतरा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि भविष्य में उनके परिवार के साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसके जिम्मेदार वही नामजद आरोपी होंगे।
पीड़ित ने मीडिया के माध्यम से प्रशासन से मांग की है कि उनकी जमीन को अविलंब कब्जा मुक्त कराया जाए, मामले में संलिप्त अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो और उन्हें न्याय दिलाया जाए। साथ ही उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी इंसाफ की गुहार लगाते हुए सुरक्षा और मदद की अपील की है।
जमीन मापी के विवाद ने लिया खूनी रूप, घर पर बोला हमला
लाठी-डंडा, भाला व फरसा से हमला; महिला से मारपीट, मंगलसूत्र छीना
सिर पर फरसा से वार, कई घायल; एसकेएमसीएच रेफर, पुलिस पर लापरवाही के आरोप
मुजफ्फरपुर।
सरैया थाना क्षेत्र के हरपुर गौस गांव में जमीन मापी को लेकर चल रहा पुराना विवाद शनिवार शाम हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि पट्टीदारों ने लाठी-डंडा, भाला और फरसा लेकर एक परिवार के घर पर धावा बोला। हमले में पुरुषों के साथ महिलाओं को भी बेरहमी से पीटा गया। सिर पर फरसा से वार किए गए, जिससे कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
पीड़ित ललन राम के अनुसार, 12 नवंबर 2022 की शाम करीब 7 बजकर 30 मिनिट जमीन की मापी को लेकर बातचीत चल रही थी। इसी बात से नाराज होकर विपक्षी पक्ष हथियारों के साथ उनके दरवाजे पर पहुंचा और गाली-गलौज करते हुए जानलेवा हमला कर दिया। आरोप है कि महिला सीता देवी को पकड़कर जमीन पर पटक दिया गया और उनका मंगलसूत्र छीन लिया गया। इसी दौरान परिवार के एक युवक के सिर पर फरसा से वार किया गया, जिससे वह लहूलुहान हो गया।
घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। घायलों को पहले रेफरल अस्पताल सरैया ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर देखते हुए सभी को एसकेएमसीएच रेफर कर दिया गया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि घटना के बाद थाना स्तर पर शुरुआत में गंभीरता नहीं दिखाई गई, जिससे आरोपियों के हौसले बढ़े।
पीड़ित के लिखित आवेदन पर सरैया थाना में कांड संख्या 047/2022 दर्ज की गई है। इसमें आईपीसी की धाराएं 447, 341, 323, 329, 354, 379 और 34 लगाई गई हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। वहीं पीड़ितों का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद उन्हें डराने और दबाव बनाने के लिए उनके खिलाफ झूठा केस दर्ज कराने की कोशिश की जा रही है।
संजय राम ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी का नाम गैना राम पुत्र बंसी राम हमारे साथ हमेशा लड़ाई झगड़ा करते हैं और जान से मारने की धमकियां देते हैं अगर हमें भविष्य में कुछ होता है तो इसके जिम्मेवारी यही लोग होंगे इन पर सख्त-शत कार्रवाई की जाए और हमारी जमीन हमें वापस दिलवाई जाए। संजय राम ने जानकारी देते हुए बताया कि 2 साल पहले भी इन्होंने हमारे ऊपर जानलेवा हमला किया था और सर फट गया था और दो लोगों का हाथ टूट गया था जिसमें दो महिलाएं भी शामिल थी जिनके ऊपर हमला हुआ और अब भविष्य में हमें कुछ होता है तो इसके जिम्मेदार यही आरोपी लोग हैं
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने जमीन विवाद का समाधान कराया होता, तो यह हिंसक घटना टल सकती थी। फिलहाल गांव में तनाव का माहौल है और पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। पीड़ित परिवार ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित परिवार ने मीडिया के माध्यम से जानकारी देते हुए बताएं की हम तीन भाई हैं और दो भाइयों ने जबरदस्ती हमारी जमीन पर कब्जा और अब हम सरकार से गुहार लगा रहे हैं कि हमारी जमीन हमें वापस दिलाई जाए।
लखनऊ के राजीव कुमार ने रच दिया कमाल, चार दिन में बनाई ऐसी साइकिल जो कम मेहनत में दौड़े ज्यादा तेज
लखनऊ।
जुनून, जज्बा और जुगाड़ अगर साथ हो तो साधारण सोच भी असाधारण आविष्कार में बदल जाती है। लखनऊ के चिनहट थाना क्षेत्र निवासी 45 वर्षीय राजीव कुमार सिंह ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। महज चार दिनों में उन्होंने एक ऐसी साइकिल तैयार कर दी है, जो पारंपरिक साइकिलों की तुलना में कम मेहनत में ज्यादा रफ्तार देती है। यह अनोखी साइकिल इन दिनों इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
राजीव कुमार सिंह, पिता रमापति सिंह, मूल रूप से लखनऊ जिले के रहने वाले हैं। तकनीकी डिग्री या किसी बड़ी फैक्ट्री का सहारा लिए बिना, उन्होंने अपने अनुभव और प्रयोगशील सोच के दम पर यह साइकिल बनाई है। उनका दावा है कि इस साइकिल को चलाने में पैरों पर कम दबाव पड़ता है, जिससे लंबी दूरी तय करना आसान हो जाता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, राजीव कुमार ने इस साइकिल के डिजाइन में ऐसा बदलाव किया है जिससे पैडलिंग ज्यादा प्रभावी हो गई है। नतीजा यह है कि साइकिल कम ऊर्जा में ज्यादा गति पकड़ लेती है। यही वजह है कि पहली नजर में देखने वाले भी इसकी स्पीड देखकर हैरान रह जाते हैं।
राजीव कुमार का कहना है कि उनका उद्देश्य आम लोगों के लिए ऐसी साइकिल बनाना है, जो न सिर्फ सस्ती हो बल्कि मेहनत भी कम कराए। उनका मानना है कि अगर इस मॉडल को सही सहयोग और संसाधन मिले, तो यह भविष्य में पर्यावरण के अनुकूल और किफायती परिवहन का बेहतर विकल्प बन सकता है।
फिलहाल यह अनोखी साइकिल क्षेत्र में कौतूहल का विषय बनी हुई है। लोग इसे देखने पहुंच रहे हैं और सोशल चर्चा के जरिए यह प्रयोग तेजी से पहचान बना रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन या किसी बड़ी संस्था की नजर इस देसी इनोवेशन पर कब पड़ती है।
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8 लाख के जेवर और दो बच्चों को लेकर पत्नी लापता, दूसरी शादी का आरोप, कन्नौज का पति न्याय के लिए दर-दर भटक रहा
कन्नौज (उत्तर प्रदेश)।
जिले के टपकापुर, गडाना पुर चौधरी क्षेत्र निवासी अरविंद पाल ने अपनी पत्नी मधु पाल और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। अरविंद पाल पुत्र आत्मजः धर्म पाल के अनुसार उनकी शादी को करीब 9 वर्ष हो चुके हैं। इस दांपत्य जीवन से उनके दो बच्चे हैं—सुरभि पाल (9 वर्ष) और आंसू पाल (5 वर्ष)। बीते लगभग 8 महीनों से उनकी पत्नी मधु पाल बच्चों को लेकर मायके किशनपुर गांव चली गई थी, जहां से अब तक वापस नहीं लौटी।
पीड़ित पति का आरोप है कि पत्नी घर से जाते समय करीब 8 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवर भी अपने साथ ले गई। अरविंद पाल का कहना है कि इस पूरे मामले में उनके ससुर सूबेदार पाल की अहम भूमिका है और उन्हीं के सहयोग से उनकी पत्नी की किसी अन्य व्यक्ति से शादी भी करवा दी गई है, जिसे लगभग 5 दिन बीत चुके हैं। इसके बावजूद न तो जेवर वापस किए जा रहे हैं और न ही बच्चों को पिता से मिलने दिया जा रहा है।
अरविंद पाल ने बताया कि बच्चों की पढ़ाई-लिखाई पूरी तरह से ठप हो चुकी है। पिता होने के बावजूद वह अपने ही बच्चों के भविष्य को लेकर बेहद चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने थाना, प्रशासन और अन्य संबंधित जगहों पर कई बार आवेदन दिए, लेकिन अब तक कहीं से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। न जेवर की बरामदगी हुई और न ही बच्चों को लेकर कोई निर्णय सामने आया।
पीड़ित का कहना है कि वह लगातार भय और तनाव में जी रहे हैं और न्याय की तलाश में दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। अरविंद पाल ने कहा कि उन्होंने पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपने वैवाहिक रिश्ते को निभाया, लेकिन उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि उनकी पत्नी इस तरह धोखा देकर चली जाएगी। इस घटना ने उन्हें पूरी तरह मानसिक रूप से तोड़ दिया है।
अरविंद पाल ने प्रशासन से मांग की है कि उनके मामले को गंभीरता से लिया जाए, जेवर की शीघ्र बरामदगी कराई जाए और बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उचित व सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके और उनका परिवार बिखरने से बच सके।
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भारत की पहले बल्लेबाजी, वैभव सूर्यवंशी पर नजरें, यहां देखें मुकाबला
भारत और साउथ अफ्रीका की अंडर 19 टीमों के बीच जारी वनडे सीरीज का तीसरा मुकाबला शुरू हो गया है। साउथ अफ्रीका के कप्तान ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी के लिए बुलाया है। भारतीय टीम के कप्तान वैभव सूर्यवंशी पर सभी की नजर होगी, उन्हीं पर टीम की जीत का दारोमदार है।भारत की अंडर 19 क्रिकेट टीम इस वक्त साउथ अफ्रीका के दौरे पर है। दोनों टीमों के बीच तीन वनडे मुकाबले खेले जा रहे हैं। पहले दोनों मैच जीतकर भारत ने सीरीज पर कब्जा जमा लिया है, अब तीसरा मैच खेला जा रहा है। वैभव सूर्यवंशी की कप्तानी में टीम इंडिया की कोशिश विरोधी टीम का सूपड़ा साफ करने पर होगी। वहीं साउथ अफ्रीका की टीम चाहेगी कि वो कम से कम आखिरी मैच तो जीत ही जाए। भारतीय टीम की पहले बल्लेबाजी आई है। टीम इंडिया की कोशिश होगी कि बड़ा स्कोर बनाया जाए।सीरीज में भारतीय टीम की कप्तानी वैभव सूर्यवंशी कर रहे हैं। सीरीज इस लिहाज से अहम है, क्योंकि इसी महीने अंडर 19 का विश्व कप भी होना है। सीरीज जीतकर टीम इंडिया बुलंद हौसलों के साथ मैदान में उतरेगी। वैभव के अलावा कई और खिलाड़ी भी हैं, जिन पर नजर रखी जानी चाहिए, क्योंकि ये युवा खिलाड़ी काफी अच्छा खेल दिखा रहे हैं।


