Friday, March 27, 2026
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MP कैबिनेट ने 2028 तक राज्य को ‘गरीबी मुक्त’ बनाने के कार्यक्रम को दी मंजूरी

मध्य प्रदेश को साल 2028 तक गरीबी से मुक्त करने के लिए एक महत्वाकांक्षी और निर्णायक कदम उठाते हुए, मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में ‘गरीब कल्याण मिशन-2028’ को लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
भोपाल: मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल ने 2028 तक राज्य में “गरीबी उन्मूलन” के लिए ‘गरीब कल्याण मिशन’ शुरू करने के प्रस्ताव को बुधवार को मंजूरी दे दी। एक सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि मिशन का उद्देश्य राज्य के गरीब और वंचित वर्गों का आर्थिक उत्थान करना और उनकी आय को न्यूनतम आय स्तर पर लाना है।

इसमें कहा गया है कि मिशन का क्रियान्वयन पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा अन्य विभागों के सहयोग से संयुक्त रूप से किया जाएगा। विज्ञप्ति में कहा गया है कि बहुआयामी गरीबी सूचकांक में सुधार, आजीविका को सुदृढ़ बनाना और मौजूदा संगठनों का सशक्तिकरण मिशन के प्रमुख फोकस क्षेत्र हैं।

इसमें कहा गया है कि राज्य को वर्ष 2028 तक गरीबी से मुक्त करने के लिए एक महत्वाकांक्षी और निर्णायक कदम उठाते हुए, मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में ‘गरीब कल्याण मिशन-2028’ को लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। विज्ञप्ति में कहा गया है कि यादव ने 2024 के स्वतंत्रता दिवस पर ‘गरीब कल्याण मिशन-2028’ की घोषणा की थी।

शहडोल में आयोजित रीजनल इंडस्ट्री कांक्लेव में भाग लेंगे सीएम मोहन यादव, सैकड़ों करोड़ रुपये का होगा निवेश

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शहडोल में रीजनल इंडस्ट्री कांक्लेव में भाग लेंगे। कांक्लेव में 4,000 प्रतिभागी और 2,000 उद्योगपति शामिल होंगे।
शहडोल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज शहडोल के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी परिसर में आयोजित रीजनल इंडस्ट्री कांक्लेव में भाग लेंगे। इस कार्यक्रम में 4,000 से अधिक प्रतिभागी और 2,000 से अधिक उद्योगपति शामिल होंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव कांक्लेव के दौरान 28 औद्योगिक इकाइयों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन करेंगे, जिनमें 570 करोड़ रुपये का निवेश होगा और 2,600 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इसके साथ ही, टोरेंट पॉवर द्वारा 1600 मेगावाट के थर्मल प्लांट के लिए 18,000 करोड़ रुपये का निवेश होना है।
उद्योगपतियों से वन-टू-वन चर्चा करेंगे सीएम
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव देश के प्रमुख उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन चर्चा करेंगे और निवेशकों के साथ तीन सेक्टोरल सत्र भी आयोजित किए जाएंगे, जिनसे शहडोल में औद्योगिक विकास को गति मिल सकेगी। सीएम मोहन यादव ने इससे पहले कहा कि शहडोल औद्योगिक क्षेत्र की अपार संभावनाओं की भूमि है। उन्होंने कहा कि सहयोग और साझेदारी के साथ क्षेत्रीय उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। कॉन्क्लेव में खनिज उद्योग, सौर ऊर्जा और पर्यटन के विकास को ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

इंडस्ट्री के कई दिग्गज होंगे शामिल
रीजनल इंडस्ट्री कांक्लेव में टोरेंट पावर के कार्यकारी संचालक प्रकाश सजनानी, ACCLके प्रबंध संचालक हरीश डोहान, शारदा एनर्जी लिमिटेड के चेयरमैन, बजरंग पावर लिमिटेड, ओरियंट पेपर मिल के GM सहित 40 बड़े उद्योगपतियों के शामिल होने की उम्मीद है। इसके अलावा सैकड़ों अन्य उद्योगपतियों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आयोजन में कृषि और पर्यटन पर सेमिनार होंगे और विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।

बड़ी खबर! 8वें वेतन आयोग के गठन को मिली मंजूरी, मोदी सरकार का केंद्रीय कर्मचारियों को तोहफा

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लंबे इंतजार के बाद मोदी सरकार ने आखिरकार केंद्रीय कर्मचारियों को खुश होने का मौका दे दिया। गठन के बाद केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी होगी। साथ ही लाखों पेंशनहोल्डर्स का पेंशन भी बढ़ेगी।
प्रधानमंत्री ने गुरुवार को केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खास तोहफे की घोषणा की। सरकार ने 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यह जानकारी दी। सरकार की तरफ से 8वें वेतन आयोग को मंजूरी दिए जाने की घोषणा बजट 2025 से महज कुछ ही दिन पहले हुई है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हालांकि कहा है कि, इसके कार्यान्वयन की सही तारीख अभी तक घोषित नहीं की गई है। कहा गया है कि साल 2026 में इसका गठन किया जा सकता है। उन्होंने दोहराया कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें पहले ही लागू की जा चुकी हैं। सरकार बाद में आयोग के बाकी डिटेल्स के बारे में जानकारी देगी। इसमें शामिल होने वाले सदस्यों की भी सूचना दी जाएगी।
जनवरी 2016 में लागू हुई थीं 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें
खबर के मुताबिक, पिछले आयोगों की तरह, इससे सैलरी में बदलाव होने की उम्मीद है। इससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) में संशोधन भी शामिल है। इससे पहले 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें, जिन्हें नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने जनवरी 2016 में लागू किया था, की अवधि 31 दिसंबर 2025 को खत्म हो जाएगी। करीब एक करोड़ से ज्यादा केंद्रीय सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी अपने मूल वेतन, भत्ते, पेंशन और बाकी बेनिफिट्स में संशोधन के लिए 8वें वेतन आयोग के गठन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

राज्य सरकार के कर्मचारियों को भी है इंतजार
केंद्र के अलावा राज्य स्तरों पर भी सरकारी कर्मचारी 8वें वेतन आयोग के गठन के इंतजार में हैं। हाल की रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि फिटमेंट फैक्टर को 2.57 से बढ़ाकर 2.86 करने की संभावना है, जिसका कर्मचारियों के मूल वेतन पर अच्छा खासा असर देखने को मिलेगा।

इतना बढ़ सकता है मूल वेतन
मान लीजिए अगर फिटमेंट फैक्टर को 2.86 पर एडजस्ट किया जाता है, तो 18,000 रुपये का मौजूदा न्यूनतम मूल वेतन संभावित रूप से 51,480 रुपये तक बढ़ सकता है। यहां बता दें, सरकारी कर्मचारियों और पेंशनहोल्डर्स के संशोधित मूल वेतन और पेंशन को तय करने में फिटमेंट फैक्टर अहम भूमिका निभाता है।

मोटरसाइकिल चला रहा था छात्र, पतंग के मांझे से कट गया गला

मध्य प्रदेश के इंदौर शहर से दुखद हादसे की खबर सामने आई है। एक छात्र मोटरसाइकिल चला रहा था और अचानक से उसका गला पतंग के मांझे से कट गया।
मकर संक्रांति के अवसर पर मध्य प्रदेश के इंदौर शहर से दुखी कर देने वाले हादसे की खबर सामने आई है। यहां एक महाविद्यालय के 20 वर्षीय छात्र की पतंग के मांझे से गला कटने के कारण मौत हो गई है।एक पुलिस अधिकारी ने बुधवार को इस हादसे के बारे में जानकारी दी है। मृतक के घरवालों ने आरोप लगाया है कि प्रतिबंधित चीनी मांझे के कारण इस छात्र की मौत हुई है। आइए जानते हैं इस पूरे मामले के बारे में।

क्या है पूरा मामला?
दरअसल, 20 साल का हिमांशु सोलंकी नाम का छात्र मोटरसाइकिल चला रहा था। जानकारी के मुताबिक, वह अपने एक दोस्त के साथ रसोई गैस का सिलेंडर लेने जा रहा था। इस दौरान फूटी कोठी क्षेत्र के फ्लाईओवर पर हिमांशु का गला पतंग के मांझे से कट गया। हिमांशु इस हादसे में बुरी तरह से घायल हो गया और उसे नजदीक के एक अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, ज्यादा खून बह जाने के कारण हिमांशु की मौत हो गई।

क्या है परिजनों का आरोप?
मृतक छात्र हिमांशु के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उसकी मौत प्रतिबंधित चीनी मांझे के कारण हुई है। आपको बता दें कि चीनी मांझा, नायलॉन का तीखा धागा होता है। जानकारी के मुताबिक, इसमें कुचले हुए कांच से लेप भी लगाया जाता है। ये इतना धारदार होता है कि शरीर में जानलेवा घाव कर सकता है। इस मांझे पर प्रतिबंध लगा हुआ है लेकिन अभी भी इसका इस्तेमाल किया जाता है।

पुलिस ने क्या बताया?
वहीं, इस पूरी घटना पर पुलिस का बयान भी सामने आया है। पुलिस ने कहा है- “जिस मांझे से सोलंकी की गर्दन कटी, उसकी जांच की जा रही है। जांच के बाद ही कहा जा सकेगा कि यह प्रतिबंधित मांझा था या नहीं।” पुलिस के मुताबिक, जांच के बाद इस मौत के मामले में जरूरी कानूनी एक्शन लिया जाएगा।

भाजपा की जिला अध्यक्ष नियुक्तियों में ब्राह्मण समाज का वर्चस्व, अन्य समाजों में असंतोष

भोपाल/बुंदेलखंड: मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा जिला अध्यक्षों की नियुक्तियों में ब्राह्मण समाज को प्राथमिकता देने की चर्चा जोरों पर है। इस प्रक्रिया के चलते अन्य समाजों, विशेषकर यादव और ओबीसी वर्ग में नाराजगी बढ़ रही है।

भाजपा ने हाल ही में बुंदेलखंड समेत कई जिलों में नए जिला अध्यक्षों की घोषणा की है। इन नियुक्तियों में ब्राह्मण समाज के चेहरों को प्रमुख स्थान दिया गया है। बुंदेलखंड के निवाड़ी जिले में गणेश लाल नायक का नाम जिला अध्यक्ष पद के लिए प्रबल दावेदार माना जा रहा है। इसी तरह टीकमगढ़ जिले में भी किसी ब्राह्मण चेहरे को नेतृत्व सौंपे जाने की संभावना है।

पिछड़े वर्गों में नाराजगी

पिछड़ा वर्ग और यादव समाज के लोग इस एकतरफा नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर असंतुष्ट नजर आ रहे हैं। उनका मानना है कि पार्टी द्वारा समाजों के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है, ताकि सभी वर्गों को समान प्रतिनिधित्व मिल सके। यदि ऐसा नहीं होता है, तो यह भाजपा के प्रति लोगों के विश्वास को कमजोर कर सकता है और पार्टी के वोटबैंक को नुकसान पहुंचा सकता है।

संतुलन बनाए रखने की जरूरत

राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि भाजपा को इस असंतोष को दूर करने के लिए ठोस रणनीति तैयार करनी होगी। यदि समाजों के बीच संतुलन और समरसता नहीं बनाई गई, तो यह पार्टी की छवि और आगामी चुनावों में प्रदर्शन पर असर डाल सकता है।

बुंदेलखंड में स्थिति गंभीर

बुंदेलखंड में अब तक की गई नियुक्तियों में ब्राह्मण समाज के दबदबे ने अन्य समाजों को हाशिए पर रखा है। शेष जिलों में भी ऐसी ही स्थिति बनने की संभावना जताई जा रही है। यादव और ओबीसी वर्ग के नेताओं ने अपनी आवाज उठानी शुरू कर दी है और पार्टी से इस मामले पर विचार करने की मांग की है।

भाजपा को इन नियुक्तियों पर पुनर्विचार कर सभी वर्गों के बीच विश्वास और सहयोग का माहौल तैयार करना होगा, ताकि सभी समाज खुद को पार्टी का अहम हिस्सा महसूस कर सकें।

अपने ही जाल में फंसेगा पाकिस्तान, टीम इंडिया को मिलेगा इस बात का फायदा

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चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का आगाज 19 फरवरी से होगा, लेकिन 23 फरवरी का पूरी दुनिया को इंतजार रहेगा, जिस दिन भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने सामने होंगी।
चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का शेड्यूल जारी हो चुका है। इस बार पहला मुकाबला 19 फरवरी को खेला जाना है। भारतीय टीम अपने मिशन का आगाज 20 फरवरी को करेगी, लेकिन सबसे ज्यादा इंतजार जिस मैच का हो रहा है, वो है भारत बनाम पाकिस्तान। भारत और पाकिस्तान के बीच महामुकाबला 23 फरवरी को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम पर खेला जाएगा। इस बार चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी पाकिस्तान के पास है। शेड्यूल भी उसी ने तैयार किया है। लेकिन अगर आपने इसे गौर से देखा होगा तो एक चीज नोटिस की होगी, जो हम भी आपको बताएंगे। कहीं ऐसा ना हो जाए कि पाकिस्तान अपने ही बनाए हुए जाल में फंस जाए।
भारतीय टीम का पहला मैच 20 फरवरी को बांग्लादेश के खिलाफ
पाकिस्तानी टीम अपना पहला मुकाबला चैंपियंस ट्रॉफी में 19 फरवरी को खेलेगी। इस दिन कराची में पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच मैच खेला जाएगा। इसके बाद उसे दूसरा मैच 23 फरवरी को भारत के खिलाफ दुबई में खेलना है। वहीं बात अगर टीम इंडिया की करें तो भारत का पहला मैच 20 फरवरी को बांग्लादेश से है और इसके बाद 23 फरवरी का मैच खेलने के लिए टीम उतरेगी। जहां एक ओर पाकिस्तान को अपना मैच खेलकर कराची से दुबई पहुंचना होगा, वहीं टीम इंडिया दुबई में ही कैंप कर रही होगी।

दुबई में टीम इंडिया के पास बाजी मारने का होगा मौका
वैसे तो कराची से दुबई की दूरी बहुत ज्यादा नहीं है, लेकिन इसके बाद भी खिलाड़ियों को पूरे दिन खेलना और उसके बाद यात्रा करना कोई आसान काम नहीं होता। इतना ही नहीं, पाकिस्तान को दुबई में पहुंचकर ज्यादा मैच प्रैक्टिस भी नहीं मिल पाएगी। भारतीय टीम चुंकि वहीं पर रहेगी, इसलिए उसके पास मौका होगा कि वो जितना भी चाहे अपनी तैयारी करे। साथ ही जिस दुबई के मैदान पर भारत और पाकिस्तान के बीच मैच होना है, वहां पर टीम इंडिया पहले ही बांग्लादेश से भिड़ चुकी होगी, ऐसे में उसे पिच और कंडीशन की ज्यादा बेहतर जानकारी होगी। इससे जहां एक ओर टीम इंडिया को फायदा मिल सकता है, वहीं पाकिस्तान को इसका नुकसान झेलना पड़ सकता है।

दुबई का स्टेडियम टीम इंडिया के लिए नहीं रहा है ज्यादा लकी
दुबई का मैदान वैसे तो टीम इंडिया के लिए बहुत ज्यादा लकी नहीं रहा है। ये वही मैदान है, जहां साल के 2021 के टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान ने टीम इंडिया को मात दी थी। अगर चैंपियंस ट्रॉफी की ही बात कर लें तो यहां भी पाकिस्तान का पलड़ा थोड़ा सा भारी है। भारत और पाकिस्तान के बीच इस आईसीसी टूर्नामेंट में अब तक कुल 5 मुकाबले खेले गए हैं, इसमें से पाकिस्तान ने तीन और भारत ने दो मैच अपने नाम किए हैं। इन्हीं तीन हारों में एक हार साल 2017 के फाइनल की भी शामिल है। हालांकि तब से लेकर अब तक टीमें काफी बदल चुकी हैं। भारतीय टीम के पास मौका होगा कि दुबई में पहले पहुंचकर वहां की आवोहवा को बेहतर तरीके से समझ कर मैच को अपने नाम किया जाए। लेकिन इतना तो तय है कि ये मैच होगा काफी जोरदार

IMD के 150वें स्थापना दिवस पर PM मोदी ने शुरू किया ‘मिशन मौसम’, बताया इसका उद्देश्य

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भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के 150वें स्थापना दिवस के अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि यह केवल आईएमडी की यात्रा नहीं है, बल्कि यह भारत में आधुनिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी की यात्रा का प्रतीक भी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 150वें स्थापना दिवस के अवसर पर ‘मिशन मौसम’ की शुरुआत की। यह मिशन भारत को मौसम और जलवायु परिवर्तन के अनुकूल और स्मार्ट राष्ट्र बनाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। प्रधानमंत्री ने इस मौके पर भारत मंडपम, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में शिरकत की और आईएमडी द्वारा जारी किए गए एक स्मारक सिक्के का विमोचन किया। साथ ही, मौसम संबंधी अनुकूलता और जलवायु परिवर्तन शमन के लिए आईएमडी विजन-2047 दस्तावेज भी जारी किया, जिसमें मौसम पूर्वानुमान, मौसम प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए विभिन्न योजनाओं का जिक्र किया गया है।
आईएमडी को लेकर क्या बोले पीएम?

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, “आज हम भारतीय मौसम विभाग के 150 वर्ष के इस ऐतिहासिक अवसर पर एक नई दिशा की शुरुआत कर रहे हैं। यह केवल आईएमडी की यात्रा नहीं है, बल्कि यह भारत में आधुनिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी की यात्रा का प्रतीक भी है।” उन्होंने कहा कि आईएमडी ने न केवल करोड़ों भारतीयों की सेवा की है, बल्कि भारत की वैज्ञानिक यात्रा में भी अहम भूमिका निभाई है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि पिछले 10 वर्षों में आईएमडी की अवसंरचना और प्रौद्योगिकी का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है, जिससे भारत मौसम विज्ञान के क्षेत्र में अग्रणी बन सका है।
मिशन मौसम’ का क्या है उद्देश्य?

प्रधानमंत्री ने ‘मिशन मौसम’ के उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए कहा कि यह मिशन भारत के जलवायु संबंधी भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयारी और समाधान प्रदान करेगा। इसका उद्देश्य अत्याधुनिक मौसम निगरानी तकनीक और सिस्टम विकसित करना है, जिससे उच्च-रिजॉल्यूशन वायुमंडलीय अवलोकन, अगली पीढ़ी के रडार और उपग्रहों के माध्यम से मौसम संबंधी प्रक्रियाओं को समझने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, यह मिशन वायु गुणवत्ता डेटा के संग्रहण पर भी जोर देगा, जो भविष्य में मौसम प्रबंधन और हस्तक्षेप की रणनीतियों को तैयार करने में सहायक होगा।

आईएमडी के 150वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में, पिछले 150 वर्षों के दौरान आईएमडी की उपलब्धियों, भारत को जलवायु-अनुकूल बनाने में इसकी भूमिका और विभिन्न मौसम और जलवायु सेवाएं प्रदान करने में सरकारी संस्थानों द्वारा निभाई गई भूमिका को प्रदर्शित करने के लिए कार्यक्रमों, गतिविधियों और कार्यशालाओं की एक श्रृंखला आयोजित की गई है।

डीवा वाले स्वैग के साथ नई गाड़ी लेने पहुंचीं माधुरी दीक्षित, कीमत जानकर खुला रह जाएगा मुंह

अभिनेत्री माधुरी दीक्षित महंगी गाड़ियों की शौकीन हैं। उन्होंने हाल में ही नई गाड़ी खरीदी, जिसे लेने के लिए वो बिल्कुल डीवा वाले अंदाज में पहुंचीं। इस गाड़ी की कीमत आपको हैरत में डाल देगी। यहां देखें चमचमाती कार की झलक।
बॉलीवुड की डांस डीवा और खूबसूरत अदाकारा माधुरी दीक्षित जब भी फैंस के बीच नजर आती हैं तो उनका दिल जीतने में कोई कसर नहीं छोड़ती हैं। माधुरी दीक्षित हाल में ही स्पॉट की गई। बीती रात वो अपनी पति डॉ. श्रीराम नेने के साथ काफी स्टाइलिश अंदाज में नजर आईं। ब्लैक शिमरी बॉडीकॉन गाउन में वो पूरे स्वैग में दिखीं। इतनी तैयारी एक्ट्रेस ने अपनी नई कार लेने के लिए की थी। जी हां, माधुरी दीक्षित ने नई कार खरीद ली है। ये कोई मामूली कार नहीं बल्कि एक प्योर लग्जरी है। एक्ट्रेस का स्वैग इस कार में बैठकर और भी अधिक बढ़ गया। नई कार का वीडियो भी सामने आया है, जिसे लोग बार-बार देख रहे हैं।
माधुरी दीक्षित ने खरीदी ये कार
अभिनेत्री माधुरी दीक्षित और उनके पति डॉ. श्रीराम नेने दोनों ही महंगी और शानदार लग्जरी गाड़ियों के शौकीन हैं। दोनों के पास पहले ही कई महंगी गाड़ियां हैं। अब इसी लिस्ट में इन्होंने एक और गाड़ी शामिल कर ली है। एक्ट्रेस ने फेरारी 296 GTS खरीदी है। हाई स्पीड वाली इस स्पोर्ट्स कार की कीमत आसमान छू रही है, जो 6 करोड़ रुपये है। इंस्टाग्राम पर एक पैप पेज ने इसकी झलक दिखाई है। माधुरी और श्रीराम नेने एक साथ एक बिल्डिंग से बाहर निकलती दिखीं। ब्लैक ड्रेस में माधुरी दिखीं तो वहीं उनके पति ने ब्लैक सूट कैरी किया था। दोनों अपनी खूबसूरत नई लाल कार में सवार हुए और चले गए।
माधुरी की नई कार के बारे में
माधुरी की नई कार, फेरारी 296 GTS रोसो कोर्सा है। ये एक टू-सीटर कूप है। कारवाले डॉट कॉम के अनुसार ये गाड़ी एक कन्वर्टिबल कार है, जिसकी कीमत 6.24 करोड़ रुपये से शुरू होती है। ऑटोमैटिक कार एक वैरिएंट में उपलब्ध है, जिसमें 2992 cc का इंजन है। फेरारी 296 GTS 14 रंगों में उपलब्ध है। इसमें रियर मिड-इंजन और रियर-व्हील ड्राइव है। एक्ट्रेस को आखिरी बार अनीस बज्मी की ‘भूल भुलैया 3’ में देखा गया था। ‘भूल भुलैया 3’ में विद्या बालन, तृप्ति डिमरी, राजपाल यादव, विजय राज, संजय मिश्रा, अश्विनी कालसेकर और राजेश शर्मा जैसे कलाकार शामिल हैं। एक्ट्रेस के अपकमिंग प्रोजेक्ट का अभी तक खुलासा नहीं हुआ है।

इकोनॉमी को बूस्ट करने और सुस्ती से निपटने के लिए बजट में हो सकती हैं बड़ी घोषणा, ये मुद्दे अहम

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पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री कार्यालय में हुई बैठक में बजट की व्यापक रूपरेखा पर चर्चा की गई है और विस्तृत जानकारी के लिए आगे और अधिक चर्चा की जाएगी।
मोदी सरकार आगामी आम बजट में देश की अर्थव्यवस्था को रफ्तार में लाने और मौजूदा आर्थिक सुस्ती को दूर करने के लिए बड़े ऐलान कर सकती है। यह घोषणाएं मांग को समर्थन देने और विकास को बढ़ावा देने के लिए की जा सकती है, क्योंकि धीमी होती अर्थव्यवस्था को मदद की जरूरत है। इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक, इनमें मिडिल क्लास के लिए टैक्स रिलीफ, इंडस्ट्रीज को प्रतिकूल बाहरी वातावरण से बचाने के लिए टैरिफ उपाय, और रोजगार सृजन और निजी निवेश को बढ़ावा देने की पहल की जा सकती है। पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री कार्यालय में हुई बैठक में बजट की व्यापक रूपरेखा पर चर्चा की गई है और विस्तृत जानकारी के लिए आगे और अधिक चर्चा की जाएगी।
बजट को एक मजबूत संकेत देने पर विचार
खबर के मुताबिक, आगामी 1 फरवरी को देश का आम बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी। इस बात की चर्चा है कि सरकार बजट में एक मजबूत संदेश देने के लिए उत्सुक है। सरकार में यह विचार बढ़ रहा है कि इस बजट को एक मजबूत संकेत देना चाहिए। वित्त वर्ष 2025 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर यानी जीडीपी चार साल के निचले स्तर 6.4% पर पहुंचने का अनुमान है, जिससे मांग और निवेश को बढ़ावा देने के उपायों की मांग बढ़ेगी। नई कर व्यवस्था के तहत व्यक्तियों के लिए राहत, कॉर्पोरेट कर का सरलीकरण और स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) की आसान व्यवस्था पर भी बात हो सकती है।

निजी निवेश को बढ़ावा देने की होगी कोशिश
मौजूदा समय में, जिस व्यक्ति की 15 लाख रुपये सालाना आय है, उसपर सबसे अधिक 30% टैक्स लागू होता है। कम टैक्स बोझ शहरी मांग में कमी को पुनर्जीवित करने में मदद कर सकता है। बीते साल जुलाई के बजट में घोषित तीन रोजगार-संबंधी प्रोत्साहन योजनाओं के आधार पर कुछ फॉलो अप उपायों से भी रोजगार पैदा करने में समर्थन मिलने की संभावना है। बजट में निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए और अधिक जोर दिए जाने की उम्मीद है। विदेशी निवेश व्यवस्था को आसान बनाने के उपायों पर भी चर्चा की गई है और बजट में इसका उल्लेख हो सकता है।

31 लाख करोड़ रुपये से अधिक अटके
कर परामर्शदाता ईवाई इंडिया ने हाल ही में कहा है कि आगामी बजट में निजी पूंजीगत व्यय के प्रोत्साहन, कर सरलीकरण और मांग को बढ़ावा देने के लिए व्यक्तिगत आयकर में कटौती पर ध्यान दिए जाने की उम्मीद है। वित्त वर्ष 2023-24 तक आयकर विवादों में 31 लाख करोड़ रुपये से अधिक अटके हुए हैं। इसे देखते हुए आयकर आयुक्त (अपील) के पास लंबित मामलों को निपटाने और अग्रिम मूल्य निर्धारण समझौते एवं सुरक्षित ठिकानों जैसे वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र को मजबूत करने की तत्काल जरूरत है।

चार बच्चे पैदा करो, एक लाख रुपये ले जाओ”, परशुराम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष ने किया ऐलान

परशुराम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष ने एक सम्मेलन के दौरान बड़ी घोषणा करके विवाद खड़ा कर दिया। उन्होने कहा कि चार बच्चे पैदा करने वाले जोड़ों को बोर्ड की ओर से एक लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा।
इंदौर: मध्य प्रदेश सरकार के परशुराम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पंडित विष्णु राजोरिया ने एक विवादित बयान दिया है। उन्होंने ब्राह्मणों के एक समुदाय के एक सम्मेलन के दौरान घोषणा करते हुए कहा कि इस समुदाय में चार बच्चे पैदा करने वाले जोड़ों को बोर्ड की ओर से एक लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। हालांकि, इस घोषणा के तूल पकड़ने के बाद राजोरिया को सफाई देनी पड़ी। सफाई में उन्होंने कहा कि सूबे में ब्राह्मण समुदाय की आबादी बढ़ाने को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार के स्तर पर कोई भी इनामी योजना शुरू नहीं की गई है। वह अपनी निजी हैसियत से यह इनाम देंगे।
परिचय सम्मेलन में शामिल हुए राजोरिया
दरअसल, परशुराम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष इंदौर में सनाढ्य ब्राह्मण समुदाय के विवाहयोग्य युवक-युवतियों के परिचय सम्मेलन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने यह घोषणा की जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। राजोरिया इस वीडियो में कहते सुनाई पड़ रहे हैं कि अच्छी पद-प्रतिष्ठा प्राप्त करने के बाद युवा महज एक बच्चा पैदा करके अपने परिवार पर विराम लगा देते हैं और यह मामला बड़ा ही गड़बड़ चल रहा है।

चार बच्चे पैदा करने की अपील
उन्होंने परिचय सम्मेलन में भाग ले रहे युवक-युवतियों से मुखातिब होते हुए कहा, ‘‘मेरा आपसे आग्रह है कि कम से कम चार (बच्चे) तो होना ही चाहिए। सनाढ्य समाज में जिनके चार बच्चे होंगे, तो उनको एक लाख रुपये का इनाम परशुराम कल्याण बोर्ड देगा।’’ राजोरिया ने यह भी कहा कि परशुराम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पद पर आसीन किसी भी व्यक्ति की ओर से यह इनाम दिया जाएगा, भले ही भविष्य में वह इस पद पर रहे या न रहें।

सरकार ने नहीं शुरू की कोई योजना
परिचय सम्मेलन में की गई घोषणा के बारे में पूछे जाने पर राजोरिया ने सोमवार को कहा, ‘‘इस सम्मेलन के दौरान 58 जोड़ों की शादी तय हो गई है। मैंने सम्मेलन में भाग लेने वाले युवक-युवतियों के लिए घोषणा की थी कि अगर वे शादी के बाद चार संतान पैदा करेंगे, तो उन्हें मेरी ओर से एक लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।’’ उन्होंने कहा कि इस पुरस्कार राशि का प्रबंध वह व्यक्तिगत हैसियत या सामाजिक सहयोग से करेंगे और प्रदेश सरकार ने इस पुरस्कार के लिए कोई योजना शुरू नहीं की है। राजोरिया ने दावा किया कि देश में वर्ष 1951 के मुकाबले ब्राह्मणों की आबादी घटकर आधी रह गई है।