Thursday, July 2, 2026
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मीरा देवी का संघर्ष बना मिसाल, दिव्यांग पति और तीन बच्चों की जिम्मेदारी के बीच सोशल मीडिया पर गढ़ रहीं नई पहचान

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जोधपुर। राजस्थान के जोधपुर शहर की रहने वाली 45 वर्षीय मीरा देवी आज संघर्ष, हिम्मत और आत्मविश्वास की ऐसी मिसाल बनकर सामने आई हैं, जो यह साबित करती है कि कठिन परिस्थितियां इंसान के इरादों को कमजोर नहीं कर सकतीं। आर्थिक तंगी, दिव्यांग पति की देखभाल और तीन बच्चों की जिम्मेदारियों के बीच मीरा देवी पिछले एक वर्ष से लगातार सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश कर रही हैं।

मीरा देवी इंद्रानगर क्षेत्र की निवासी हैं और एक साधारण परिवार से संबंध रखती हैं। उनके जीवन में मुश्किलों का दौर उस समय शुरू हुआ जब उनके पति एक सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए। हादसे के बाद उनके पति दिव्यांग हो गए और परिवार की आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ा। घर की आय का साधन लगभग समाप्त हो गया और पूरे परिवार की जिम्मेदारी मीरा देवी के कंधों पर आ गई।

परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन रही हों, लेकिन मीरा देवी ने हार मानने के बजाय संघर्ष का रास्ता चुना। उन्होंने अपने पति की सेवा और देखभाल के साथ-साथ तीन बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी संभाली। घर के कामकाज और परिवार की आवश्यकताओं के बीच समय निकालकर उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी पहचान बनाने का प्रयास शुरू किया।

करीब एक वर्ष से वह लगातार वीडियो तैयार कर रही हैं। सीमित संसाधनों और आर्थिक अभाव के बावजूद उन्होंने अपने प्रयासों को कभी नहीं रोका। उनका कहना है कि वह अपने परिवार के लिए बेहतर भविष्य चाहती हैं और सोशल मीडिया के जरिए आत्मनिर्भर बनना उनका सपना है।

मीरा देवी का मानना है कि मेहनत, धैर्य और ईमानदारी से किया गया प्रयास कभी व्यर्थ नहीं जाता। वह कहती हैं कि अगर इंसान अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहे तो एक दिन सफलता अवश्य मिलती है। यही सोच उन्हें हर दिन नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है।

स्थानीय लोगों के अनुसार मीरा देवी का संघर्ष समाज की उन महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो विपरीत परिस्थितियों से जूझते हुए भी अपने सपनों को जीवित रखती हैं। लोगों का कहना है कि परिवार की जिम्मेदारियों और आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद जिस प्रकार मीरा देवी लगातार अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रही हैं, वह प्रशंसनीय है।

आज जब कई लोग छोटी-छोटी परेशानियों के सामने हिम्मत हार जाते हैं, ऐसे समय में मीरा देवी की कहानी यह संदेश देती है कि मजबूत इरादे और निरंतर प्रयास किसी भी मुश्किल को मात दे सकते हैं। गरीबी और संघर्ष के बीच शुरू हुआ उनका सफर अब धीरे-धीरे लोगों के बीच चर्चा का विषय बनता जा रहा है और उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में उनकी मेहनत उन्हें नई पहचान दिलाएगी।

हिमाचल प्रदेश में 24 जून की रात 12 बजे से रोडवेज बसों की हड़ताल, सरकार ने लागू किया ESMA

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हिमाचल पथ परिवहन निगम के ड्राइवर और कंडक्टर यूनियन की सरकार से वार्ता विफल हो गई है। कर्मचारियों ने बुधवार आधी रात से हड़ताल पर जाने का ऐलान कर दिया है।
शिमलाः हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के कर्मचारियों और सरकार के बीच मंगलवार को हुई वार्ता बेनतीजा रही। कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर मंगलवार को यूनियन और प्रदेश सरकार के बीच हुई बैठक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। वार्ता विफल रहने के बाद यूनियन ने 24 जून की रात 12 बजे से प्रदेशभर में एचआरटीसी बसों की हड़ताल पर जाने का ऐलान कर दिया है।
कर्मचारियों की ये है मांग

कर्मचारी यूनियन का आरोप है कि कर्मचारियों के लंबित भत्तों के लगभग 100 करोड़ रुपये का भुगतान लंबे समय से नहीं किया गया है। इस मांग को लेकर पहले ही सरकार को 24 जून तक का समय दिया गया था, लेकिन निर्धारित अवधि तक कोई ठोस समाधान नहीं निकलने पर कर्मचारियों ने हड़ताल का फैसला लिया है।

कर्मचारी यूनियन ने सरकार को दी चेतावनी

यूनियन के अध्यक्ष मान सिंह ने बताया कि परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के साथ बैठक प्रस्तावित थी, लेकिन चर्चा किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंच सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि बैठक के दौरान कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया। साथ ही उन्होंने अपने तबादले को लेकर भी नाराजगी जाहिर की।

यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द कोई समाधान नहीं निकाला तो 24 जून की रात 12 बजे से प्रदेशभर में एचआरटीसी बसों का संचालन प्रभावित होगा। हड़ताल की स्थिति में हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। यूनियन का कहना है कि कर्मचारियों की लंबित मांगों के समाधान तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, हड़ताल की घोषणा के बाद प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। कर्मचारी यूनियनों ने राज्य सरकार को साफ चेतावनी दी है कि 24 जून से पूरे हिमाचल प्रदेश में HRTC बस सेवाएं पूरी तरह से बंद की जाएगी। इससे हजारों दैनिक यात्रियों पर असर पड़ सकता है।
कर्मचारियों की क्या है मांग

कर्मचारियों की मुख्य मांग है कि हर महीने की पहली तारीख तक वेतन का भुगतान हो और साथ ही महंगाई भत्ते (DA) का बकाया भी चुकाया जाए।
जमा हुए नाइट ओवरटाइम भत्ते और मेडिकल बिलों के बकाया का तुरंत भुगतान किया जाए।
यूनियन नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई और उनके तबादलों का कड़ा विरोध।
सरकार ने लागू किया ESMA
हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए बड़ा फैसला लेते हुए 6 माह के लिए आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (ESMA) लागू कर दिया है। यह निर्णय हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (HRTC) कर्मचारी संघ द्वारा हड़ताल पर जाने के एलान के बाद लिया गया है। सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, राज्य में सार्वजनिक सड़क परिवहन सेवाएं यात्रियों की निर्बाध आवाजाही, आवश्यक वस्तुओं के परिवहन, कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा जनहित की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए HRTC कर्मचारियों और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं के संचालन एवं रखरखाव से जुड़े अन्य कर्मियों की सेवाओं को आवश्यक सेवाएं घोषित किया गया है।

अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में कार्यरत कोई भी कर्मचारी किसी भी प्रकार की हड़ताल न तो शुरू करेगा और न ही उसमें भाग लेगा। इसके अलावा कोई भी कर्मचारी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से ऐसे किसी गतिविधि में शामिल नहीं होगा, जिससे परिवहन सेवाएं प्रभावित हों। सरकार ने चेतावनी दी है कि आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह अधिसूचना अपर मुख्य सचिव (परिवहन) आर.डी. नजीम द्वारा जारी की गई है। सरकार के इस फैसले को राज्य में परिवहन सेवाओं को बाधित होने से बचाने और आम जनता को होने वाली परेशानी रोकने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

घटिया सड़क निर्माण पर ग्रामीण का बड़ा आरोप!

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मेन रोड से तरीडीह होते हुए भावासीय विद्यालय नहर तक बन रही 3200 फीट सड़क निर्माण योजना पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पलामू जिले के तरीडीह निवासी दिलीप कुमार मेहता ने माननीय उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति, रांची को शिकायत भेजकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच की मांग की है।

दिलीप कुमार मेहता का आरोप है कि सड़क निर्माण कार्य में भारी अनियमितताएं बरती जा रही हैं और कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा है। शिकायत में कहा गया है कि निर्माण कार्य से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है तथा घटिया सामग्री का उपयोग कर सड़क बनाई जा रही है।

शिकायतकर्ता ने ठेकेदार और निर्माण कार्य से जुड़े लोगों पर भ्रष्टाचार एवं मनमानी का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही उन्होंने दावा किया है कि योजना को लेकर उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है, लेकिन उन्हें कार्य से अलग कर दिया गया और उनकी आर्थिक हिस्सेदारी भी नहीं दी गई।

उन्होंने उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति से मांग की है कि पूरे मामले की जांच कराई जाए, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो तथा उन्हें योजना में हुए खर्च और कथित आर्थिक नुकसान की भरपाई दिलाई जाए। साथ ही उपायुक्त (डीसी) को आवश्यक निर्देश जारी कर न्याय दिलाने की अपील की गई है।

अब देखने वाली बात यह होगी कि शिकायत पर संबंधित विभाग और प्रशासन क्या कार्रवाई करता है तथा निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों का जवाब कैसे दिया जाता है।

‘एकनाथ शिंदे का अहंकार मुश्किल में डाल देगा’, उद्धव ठाकरे ने सामना में फडणवीस को दी चेतावनी

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शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र सामना ने 6 सांसदों के शिंदे गुट में शामिल होने पर तीखा संपादकीय छापा, जिसमें एकनाथ शिंदे के अहंकार और फडणवीस-शिंदे पर निशा …और पढ़ें

डिजिटल डेस्क, मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) के 9 में से 6 सांसदों ने पाला बदलकर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना का दामन थाम लिया। शिंदे की मौजूदगी में ये 6 सांसद उनकी पार्टी में शामिल हुए। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर उद्धव ठाकरे की शिवसेना के मुखपत्र सामना ने तीखा और व्यंगात्मक संपादकीय छापा।

इस लेख में 2022 में बगावत करने वाले शिंदे पर निशाना साधा गया और कहा गया कि उन्होंने महाराष्ट्र की भलाई के बजाय अपने निजी और राजनीतिक फायदे को प्रथामिकता दी। 2022 में शिंदे ने कुछ विधायकों को साथ लेकर बीजेपी से गठबंधन किया था। इसके बाद पार्टी में फूट पड़ गई, जिसकी वजह से उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री पद गंवाना पड़ा था।

लेख में दी गई फडणवीस को चेतावनी
संपादकीय में कहा गया, “शिंदे और (मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता देवेंद्र) फडणवीस के बीच भ्रष्ट गठजोड़ की वजह से महाराष्ट्र 25 साल पीछे चला गया है। राज्य की प्रतिष्ठा धूमिल हुई है।” साथ ही इसमें फडणवीस को शिंदे की महत्वाकांक्षाओं को लेकर चेतावनी भी दी गई।
इसमें आगे कहा गया, “शिंदे की राजनीति और पैसे की वजह से आया अहंकार आखिरकार फडणवीस को भी मुश्किल में डाल देगा। क्योंकि यह साफ हो गया है कि दिल्ली का एक गुट फडणवीस के खिलाफ खुलेआम उनका समर्थन कर रहा है। लेकिन, महाराष्ट्र के सामने मौजूद मुद्दों को नजरअंदाज करते हुए फडणवीस शिंदे के ‘काम’ (डिलीवरी) के बारे में बात करते हैं और मिठाइयां बांटते हैं।”

बता दें कि ‘मिठाई’ वाली टिप्पणी का मतलब था कि दिल्ली में बीजेपी के सीनियर नेताओं ने बागी सांसदों के पाला बदलने का जश्न मनाने के लिए जो मिठाइयां बांटीं, उनकी तुलना बच्चे के जन्म पर पिता द्वारा बांटी जाने वाली मिठाइयों से की गई।

‘6 गद्दार तैयार किए’
संपादकीय में कहा गया, “हां, उन्होंने ‘कर दिखाया’… उन्होंने छह गद्दार तैयार किए।” इसमें उन सांसदों का जिक्र किया गया जिन्होंने पाला बदला और शिंदे गुट व बीजेपी पर आरोप लगाया कि उन्होंने ऐसा करने के लिए उन्हें रिश्वत दी थी।

इसमें कहा गया, “यह कोई आम डिलीवरी नहीं थी… इसकी कामयाबी पक्की करने के लिए कम से कम 500 करोड़ रुपये खर्च किए गए।” यह बात ‘ऑपरेशन टाइगर’ के बारे में कही जा रही है जो शिंदे गुट की महीनों तक चली एक कथित रणनीति थी। इसका मकसद ठाकरे सेना के नेताओं को पाला बदलने के लिए मनाना था, ताकि राज्य में अपनी और संसद में गठबंधन की साथी बीजेपी की स्थिति मजबूत की जा सके।

पानी सप्लाई का मुद्दा उठाया
‘सामना’ के लेख में कहा गया, “धोखाधड़ी महाराष्ट्र की नई पहचान बन गई है।” ठाकरे सेना के मुखपत्र ने राज्य और राजधानी मुंबई के सामने बुनियादी ढांचे से जुड़ी गंभीर समस्याओं की ओर भी इशारा किया।

इसमें कहा गया, “मुंबई को पानी सप्लाई करने वाले सात बांधों में पानी का भंडार घटकर सिर्फ 8.5 प्रतिशत रह गया है। दूसरे इलाकों में भी पानी का भंडार सूख गया है। पानी की कटौती पहले ही शुरू हो चुकी है।”

लेख में चेतावनी दी गई, “लोग पहले से ही पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं, लेकिन छह गद्दारों के ‘फोटो-सेशन’ और शिंदे की ‘डिलीवरी’ की खबर का ढिंढोरा पीटने पर पैसे बर्बाद किए जा रहे हैं।”

नीट पेपर लीक मामले को लेकर कही ये बात
इसमें कहा गया है, “NEET पेपर लीक का मुद्दा भी एक बड़ी चिंता का विषय है।” ‘सामना’ ने आरोप लगाया कि “लीक का केंद्र महाराष्ट्र है और गिरफ्तार किए गए लोग बीजेपी से जुड़े हैं। महाराष्ट्र बीजेपी ने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। विपक्ष को इस मुद्दे पर जवाबदेही की मांग करते हुए विधानसभा की कार्यवाही रोक देनी चाहिए।”

अयोध्या में 11 वर्षीय बच्ची पर हमला, नाक काटने का आरोप; कार्रवाई में देरी से पीड़ित परिवार में आक्रोश

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अयोध्या। उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले के रुदौली कोतवाली क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक 11 वर्षीय मासूम बच्ची पर कथित रूप से हमला कर उसकी नाक काटे जाने का आरोप लगाया गया है। घटना के बाद से पीड़ित परिवार दहशत में है और उनका कहना है कि शिकायत के बावजूद आरोपियों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद कमजोर पड़ती दिखाई दे रही है।

पीड़िता की मां ममता पत्नी अवधेश, निवासी ग्राम हलीमनगर, कोतवाली रुदौली, द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, 6 जून 2026 की शाम करीब 8 बजे उनकी 11 वर्षीय पुत्री घर के सामने स्थित तालाब के पास शौच के लिए गई थी। आरोप है कि इसी दौरान गांव के ही कुछ लोगों ने बच्ची को घेर लिया और उसके साथ अभद्र व्यवहार करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी।

शिकायत के मुताबिक, बच्ची को पकड़कर रखा गया, जबकि दो महिलाओं ने कथित तौर पर धारदार हथियार से उसकी नाक के एक हिस्से पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल बच्ची किसी तरह रोते-बिलखते घर पहुंची और परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिवार ने तत्काल पुलिस से शिकायत की।

पीड़ित पक्ष ने जिन लोगों पर आरोप लगाया है, उनमें काशीराम, दिलीप कुमार, रामतीरथ, राधा पत्नी काशीराम, पवन पुत्र दिलीप कुमार, मूर्ति पत्नी काशीराम तथा प्रियंका पुत्री काशीराम के नाम शामिल बताए गए हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के बाद से आरोपी पक्ष द्वारा लगातार धमकियां दी जा रही हैं और शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। परिवार का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो उनकी सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।

दस्तावेजों के अनुसार, मामले की जांच के लिए पुलिस द्वारा जांच अधिकारी नामित किया जा चुका है और प्रकरण की जांच जारी है। हालांकि पीड़ित पक्ष का कहना है कि कार्रवाई की गति अपेक्षा के अनुरूप नहीं है। मामले में पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान सामने आने का इंतजार किया जा रहा है।

घटना के बाद ग्रामीण क्षेत्र में भी आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

चेहरे पर 14 फ्रैक्चर, पहले हटीं गंभीर धाराएं फिर दोबारा जुड़ी धारा 308; पानी की पाइपलाइन विवाद में जांच पर उठे सवाल, पीड़ित परिवार ने लगाई न्याय की गुहार

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दौसा। राजस्थान के दौसा जिले के थाना कोलवा क्षेत्र के नयागांव में पानी की पाइपलाइन को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया। इस मामले में घायल पक्ष का आरोप है कि लाठी-डंडों और लोहे के सरियों से किए गए हमले में दो सगे भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। मेडिकल जांच में एक घायल के चेहरे पर 14 फ्रैक्चर सामने आने के बाद पुलिस जांच कई बार बदली, गंभीर धाराएं जोड़ी गईं, फिर हटाई गईं और आखिरकार उच्च स्तरीय जांच में एक बार फिर धारा 308 सहित गंभीर धाराएं प्रमाणित मानी गईं। अब इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस अनुसंधान और कार्रवाई को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

पीड़ित हंसराज गुर्जर द्वारा थाना कोलवा में दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार 8 अप्रैल 2024 की सुबह वह अपने भाई विश्राम उर्फ बसराम के साथ खेत में क्षतिग्रस्त पानी की पाइपलाइन ठीक कर रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान रामसिंह, लक्ष्मण, प्यारसिंह, हेमराज सहित अन्य नामजद लोग मौके पर पहुंचे और लाठी-डंडों तथा लोहे के सरियों से हमला कर दिया। हमले में दोनों भाई गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गए। परिजन उन्हें पहले दौसा अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से विश्राम की गंभीर हालत को देखते हुए जयपुर रेफर कर दिया गया।

जांच के अनुसार इस मामले में आरोपी पक्ष के रूप में हेमराज पिता लक्ष्मण, प्यारसिंह पुत्र लक्ष्मण सिंह, रामसिंह पुत्र रामजीलाल, लक्ष्मण पुत्र रामजीलाल, हेमराज पुत्र लक्ष्मण तथा श्रीमती विमला पत्नी रामसिंह, सभी निवासी नयागांव, थाना कोलवा, जिला दौसा के नाम दर्ज हैं।

प्रारंभिक जांच में पुलिस ने केवल धारा 143, 341 और 323 आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया। लेकिन जांच आगे बढ़ने पर एसएमएस मेडिकल कॉलेज जयपुर की सीटी स्कैन रिपोर्ट और मेडिकल दस्तावेजों में विश्राम के चेहरे के हिस्से में 14 फ्रैक्चर पाए गए। मेडिकल अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि चोटें “Dangerous to Life” श्रेणी में नहीं हैं, लेकिन चेहरे जैसे अत्यंत संवेदनशील हिस्से पर इतनी बड़ी संख्या में फ्रैक्चर मिलने के बाद जांच अधिकारियों ने हमले की गंभीरता और आरोपियों के आपराधिक आशय को देखते हुए धारा 325 और 308 आईपीसी जोड़ने की राय दी।

दस्तावेजों के अनुसार मामले की जांच कई अधिकारियों के हाथों से होकर गुजरी। शुरुआती छह अनुसंधान अधिकारियों ने मेडिकल रिपोर्ट, गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर गंभीर गैर-जमानती धाराएं लगाने की अनुशंसा की थी। बाद में एक अनुसंधान अधिकारी ने धारा 307 और 326 सहित अन्य गंभीर धाराओं को हटाकर अपेक्षाकृत हल्की धाराओं में चार्जशीट पेश कर दी। इस निर्णय पर सवाल उठने के बाद मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचा और दोबारा जांच के आदेश दिए गए।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध एवं सतर्कता जयपुर रेंज द्वारा की गई विस्तृत जांच में घटनास्थल का पुनः निरीक्षण, गवाहों के दोबारा बयान, वीडियो रिकॉर्डिंग, मेडिकल रिपोर्ट, सीटी स्कैन और अन्य दस्तावेजों का परीक्षण किया गया। जांच में यह निष्कर्ष सामने आया कि रामसिंह, लक्ष्मण, प्यारसिंह और हेमराज के विरुद्ध धारा 341, 323, 325, 308 और 34 आईपीसी के तहत अपराध प्रमाणित पाए गए। वहीं अन्य नामजद लोगों के विरुद्ध मारपीट में शामिल होने के पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने की बात जांच रिपोर्ट में दर्ज की गई।

जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि घटना की जड़ खेत में दबाई गई पानी की पाइपलाइन थी। ट्रैक्टर से खुदाई के दौरान पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसे ठीक कराने का आश्वासन दिया गया था। कई दिन तक पाइपलाइन ठीक नहीं होने पर दोनों पक्षों में कहासुनी हुई और देखते ही देखते विवाद हिंसक मारपीट में बदल गया। जांच के अनुसार आसपास खेतों में काम कर रहे लोगों ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को अलग कराया।

मामले में एक और महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब पुलिस ने अदालत में तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश कर पहले से लिए गए जमानत मुचलकों को निरस्त करने का अनुरोध किया। पुलिस का कहना है कि पुनः अनुसंधान और उच्च स्तरीय जांच के बाद धारा 308 सहित गंभीर अपराध प्रमाणित पाए गए हैं, इसलिए पूर्व में की गई कार्रवाई में संशोधन आवश्यक है।

इस पूरे मामले में पीड़ित परिवार का कहना है कि वे पिछले लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उनका आरोप है कि गंभीर चोटों और मेडिकल साक्ष्यों के बावजूद मामले में कई बार धाराएं बदली गईं, जिससे उन्हें न्याय मिलने में देरी हुई। पीड़ित परिवार ने प्रशासन और न्यायालय से मांग की है कि मामले का शीघ्र निस्तारण कर दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए ताकि उन्हें समय पर न्याय मिल सके।

टीम इंडिया की जर्सी मिलते ही इमोशनल हुए वैभव सूर्यवंशी, रघु के पैर छूकर लिया आशीर्वाद, BCCI ने शेयर किया VIDEO

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वैभव सूर्यवंशी इतिहास रचने की दहलीज पर खड़े हैं। इससे पहले वैभव को टीम इंडिया की जर्सी दी गई। इस शानदार पल का वीडियो BCCI ने एक्स पर शेयर किया है।हर युवा क्रिकेटर का एक सपना होता है एक दिन टीम इंडिया की जर्सी पहनना। 15 साल के वैभव सूर्यवंशी के लिए यह सपना अब हकीकत बन चुका है। आयरलैंड के खिलाफ T20I सीरीज के आगाज से पहले जब पहली बार उनके हाथ में टीम इंडिया की जर्सी आई, तो युवा बल्लेबाज की खुशी देखने लायक थी। BCCI ने 23 जून को एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वैभव पहली बार भारत की जर्सी पहनते नजर आए। यह पल उनके लिए इतना खास था कि कुछ देर तक वह अपनी भावनाओं को शब्दों में बयां ही नहीं कर पाए और इमोशनल हो गए। वैभव का ये वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

बचपन का सपना सच हुआ
टीम इंडिया की जर्सी मिलने की खुशी जाहिर करते हुए वैभव ने कहा कि इसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। जिस वजह से उन्होंने पहले दिन बल्ला उठाया और प्रैक्टिस के लिए क्रिकेट ग्राउंड गया, आज वह सपना सच हो गया। उस सफर का सबसे बड़ा कदम आज पूरा हुआ। सच कहूं तो वह इस एहसास को शब्दों में नहीं बता सकते। उन्हें यह किसी सपने जैसा लगा। जैसे ही उन्होंने वह जर्सी देखी, उनके चेहरे पर मुस्कान आ गई। कभी-कभी कुछ ऐसा हो जाता है जिसके बारे में आपने कभी सोचा भी नहीं होता। और जब आखिरकार ऐसा होता है, तो आपको समझ नहीं आता कि कैसे रिएक्ट करें। उन्हें बिल्कुल वैसा ही महसूस हुआ।

रघु के पैर छूकर लिया आशीर्वाद
वीडियो में वह भावुक पल भी कैद हुआ, जब टीम इंडिया के थ्रोडाउन स्पेशलिस्ट रघु उनकी जर्सी लेकर होटल के कमरे तक पहुंचे। दरवाजा खुलते ही वैभव ने सबसे पहले रघु के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद उन्होंने जर्सी वाला डिब्बा खोला, भारत की जर्सी को हाथ में लिया और कुछ पल तक उसे निहारते रहे। इस दौरान उनके चेहरे पर मुस्कान थी और आंखों में उस सपने के सच होने की चमक साफ दिखाई दे रही थी, जिसके लिए उन्होंने बचपन से मेहनत की थी।

वैभव सूर्यवंशी करीब एक साल पहले वह IPL में शतक जड़ने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने थे। इसके बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट में जमकर रन बनाए और फिर IPL 2026 में रिकॉर्ड 71 छक्कों की मदद से 776 रन बनाए और ऑरेंज कैप पर कब्जा जमाया। इसके तुरंत बाद ही उन्हें टीम इंडिया में शामिल कर लिया गया। अब आयरलैंड पर सभी की निगाहें 15 साल के स्टार बल्लेबाज पर टिकी होंगी।

केंद्रीय राज्यमंत्री जॉर्ज कुरियन ने अपने पद से दिया इस्तीफा, कहीं ये वजह तो नहीं

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नई दिल्‍ली: अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस्तीफा स्वीकार भी कर लिया है। भारत के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर संविधान के अनुच्छेद 75 के खंड (2) के तहत, केंद्रीय मंत्रिपरिषद से जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया गया है। जॉर्ज कुरियन केरल बीजेपी के नेता हैं, उन्हें राज्य में हुए विधानसभा चुनावों के मद्देनजर राज्यसभा में लाया गया था और 21 जून को जॉर्ज कुरियन का राज्यसभा का कार्यकाल समाप्‍त हो गया था।

टीम इंडिया को लगा तगड़ा झटका, स्टार स्पिनर के बाद अब धाकड़ ऑलराउंडर T20I सीरीज से हुआ बाहर

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IND vs IRE: यूरोप दौरे के आगाज से पहले ही भारतीय टीम को बड़ा झटका लगा है। आयरलैंड के खिलाफ होने वाली दो मैचों की T20 सीरीज से पहले ऑलराउंडर नितीश कुमार रेड्डी बाहर हो गए हैं। नितीश चोट के कारण आयरलैंड के खिलाफ नहीं खेल पाएंगे।उनकी चोट को लेकर चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि अब उनके इंग्लैंड के खिलाफ आगामी व्हाइट-बॉल सीरीज में खेलने पर भी संशय पैदा हो गया है।

नितीश रेड्डी को लेकर आई बड़ी खबर

भारतीय टीम आयरलैंड के साथ दो मैचों की T20I सीरीज खेलेगी। यह सीरीज नए T20 कप्तान श्रेयस अय्यर के लिए भी खास होगी, क्योंकि वह पहली बार इस फॉर्मेट में भारत की कप्तानी करते नजर आएंगे। श्रेयस ने सूर्यकुमार यादव की जगह टीम की कमान संभाली है।हालांकि, सीरीज शुरू होने से पहले ही टीम इंडिया को नितीश रेड्डी के रूप में बड़ा झटका लगा है। PTI के मुताबिक, जांघ की मांसपेशी में चोट के कारण नितीश आयरलैंड T20 सीरीज से बाहर हो गए हैं। उनकी रिकवरी की स्थिति को देखते हुए इंग्लैंड के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज में भी उनका खेलना मुश्किल माना जा रहा है। PTI के पास मौजूद मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, नीतीश कुमार रेड्डी आयरलैंड सीरीज से बाहर हो गए हैं। MRI में उनके बाएं क्वाड्रिसेप्स में सूजन और फाइबर टूटने का पता चला है। उन्हें आगे की जांच के लिए COE में रिपोर्ट करने को कहा गया है।

वरुण चक्रवर्ती भी नहीं होंगे टीम का हिस्सा

नितीश रेड्डी के अलावा स्पिनर वरुण चक्रवर्ती भी आयरलैंड दौरे पर नहीं जाएंगे। BCCI ने पहले ही जानकारी दी थी कि IPL 2026 के दौरान बाएं पैर में लगी चोट के बाद वह फिलहाल बेंगलुरु स्थित BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिहैब के प्रोसेस से गुजर रहे हैं। इसी वजह से उन्हें आयरलैंड T20 सीरीज से बाहर कर दिया गया है। गौरतलब है कि BCCI ने 21 जून को इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की ODI सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान किया था। उसी दौरान वरुण की फिटनेस को लेकर भी अपडेट दिया गया था। बोर्ड का मानना है कि खिलाड़ी की पूरी फिटनेस को प्राथमिकता देना जरूरी है और जल्दबाजी में उन्हें मैदान पर नहीं उतारा जाएगा।

26 जून से दौरे का आगाज

आयरलैंड दौरा भारतीय टीम के लिए काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसके तुरंत बाद टीम को इंग्लैंड के खिलाफ पांच T20I और तीन ODI मैचों की चुनौती का सामना करना है। ऐसे में टीम मैनेजमेंट खिलाड़ियों की फिटनेस पर विशेष ध्यान दे रहा है। भारत और आयरलैंड के बीच पहला T20 मुकाबला 26 जून को बेलफास्ट के स्टॉर्मोंट क्रिकेट ग्राउंड में खेला जाएगा। दूसरा और अंतिम T20I मैच 28 जून को इसी मैदान पर आयोजित होगा। अब सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि नितीश रेड्डी की रिकवरी कितनी जल्दी होती है और क्या वह इंग्लैंड दौरे तक पूरी तरह फिट हो पाते हैं या नहीं।

आयरलैंड के खिलाफ T20I सीरीज के लिए भारत की अपडेटेड टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), इशान किशन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, तिलक वर्मा (उप-कप्तान), अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव, वैभव सूर्यवंशी, प्रसिद्ध कृष्णा।

4 दिनों में कॉकटेल 2 का बॉक्स ऑफिस पर धमाका, 85 करोड़ रुपयों का आंकड़ा हुआ पूरा, पहले हफ्ते ही होगा कमाल?

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डायरेक्टर होमी अडजानिया की फिल्म कॉकटेल 2 बीते शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। फिल्म ने अब तक 4 दिनों में 85 करोड़ रुपयों का कलेक्शन कर लिया है। जल्द ही फिल्म 100 करोड़ी क्लब में शामिल होने वाली है। शाहिद कपूर, कृति सैनन और रश्मिका मंदाना स्टारर ये फिल्म लोगों को काफी पसंद आ रही है। सेकनिल्क के आंकड़ों के मुताबिक कॉकटेल 2 ने भारत से 64 करोड़ रुपयों की कमाई कर ली है और वहीं वर्ल्डवाइड कलेक्शन 85 करोड़ रुपयों तक पहुंच गया है।

कॉकटेल 2 की बात करें तो ये 2012 में रिलीज हुई ‘कॉकटेल’ की सीक्वल है। पहले भाग में सैफ अली खान, दीपिका पादुकोण और डायना पेंटी लीड रोल में थे और 19 जून को रिलीज हुई फिल्म में शाहिद कपूर, रश्मिका मंदाना और कृति सेनन लीड रोल में हैं। लंदन और केप टाउन की खूबसूरत लोकेशन पर शूट की गई ये फिल्म एक रोमांटिक लव ट्रायंगल है। कहानी कुणाल, दीया और एली के इर्द-गिर्द घूमती है। कुणाल और दीया कॉलेज के समय से एक-दूसरे के साथ रिलेशनशिप में हैं, लेकिन शादी को लेकर पूरी तरह सहमत नहीं हैं। सिसिली की छुट्टियों के दौरान उनकी मुलाकात दीया की दोस्त एली से होती है, जो उनके साथ घूमने निकल पड़ती है। वहीं दीया को शक है कि कुणाल प्यार नहीं बल्कि मजबूरी के चलते उससे शादी कर रहा है, जिसके चलते वह अपनी दोस्त एली की मदद मांगती है और उसे कुणाल से फ्लर्ट करने को कहती है। इसके बाद दीया, कुणाल और एली की जिंदगी उन्हें किस मोड़ पर लेकर जाती है, ये जानने के लिए आप ये फिल्म देख सकते हैं।

शाहिद कपूर को मिलेगी हिट?

शाहिद कपूर लंबे समय से एक हिट का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि इससे पहले कृति के साथ आई शाहिद की फिल्म ‘तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया’ कमाई के मामले में हिट रही थी। इसके बाद से लगातार शाहिद की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही हैं। बीते दिनों रिलीज हुई फिल्म ओ रोमियो ने भी मेकर्स को कमाई के मामले में निराश किया था। अब  कॉकटेल 2 की सफलता शाहिद के करियर के लिए अच्छी खबर साबित होने वाली है।