Thursday, July 2, 2026
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तैयारी के दौरान मिलीं 8 असफलताएं, पर नहीं मानी हार; पहले ही प्रयास में FSO बनीं किसान की बेटी राधाचंद्रवंशीतैयारी के दौरान मिलीं 8 असफलताएं, पर नहीं मानी हार; पहले ही प्रयास में FSO बनीं किसान की बेटी राधाचंद्रवंशी

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मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी-2025 परीक्षा का फाइनल रिजल्ट 22 जून की शाम को जारी कर दिया है। इस परीक्षा में कचनारिया गांव की एक आम किसान की बेटी राधा चंद्रवंशी ने पूरे प्रदेश में 50वीं रैंक हासिल कर शानदार सफलता पाई है। जैसे ही परिणाम घोषित हुआ, राधा के पूरे परिवार और गांव में खुशियों की लहर दौड़ गई। घर पर मिठाइयां बांटी गईं और उन्हें बधाई देने वालों का तांता लग गया। राधा की इस उपलब्धि ने न सिर्फ उनके परिवार का बल्कि पूरे क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है।

संघर्षों से भरा रहा सफर
राधा चंद्रवंशी की यह सफलता वर्षों के कड़े संघर्ष और अटूट धैर्य का परिणाम है। राधा बताती हैं कि उन्होंने पीएससी परीक्षा की तैयारी वर्ष-2019 से शुरू कर दी थी। इस दौरान उन्होंने करीब पांच बार राज्य सेवा परीक्षा दी, लेकिन उन्हें दो बार प्री परीक्षा में असफलता का सामना करना पड़ा। वहीं तीन बार वे प्री में सफल भी हुईं तो मुख्य परीक्षा (मेंस) में असफल रहीं। लगातार मिल रही इन असफलताओं के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। पिछले दो साल से वे घर से ही इस परीक्षा की तैयारी कर रही थीं।

पहले ही प्रयास में पास की एफएसओ परीक्षा
इसी बीच करीब 17 साल के लंबे अंतराल के बाद वर्ष 2025 में खाद्य सुरक्षा अधिकारी की भर्ती आई तो राधा ने इसकी तैयारी शुरू की। राधा ने हिंदी माध्यम से पढ़ाई करते हुए अपने पहले ही प्रयास में एफएसओ परीक्षा की प्री, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू में सफल होकर अधिकारी बनने का गौरव प्राप्त किया। राधा बताती हैं कि चूंकि यह भर्ती 17 साल बाद आई थी, इसलिए आम तौर पर इसकी तैयारी कोई नहीं करता है। उन्होंने महज छह महीने के भीतर एफएसओ का पूरा सिलेबस पूरा किया। इसमें काफी मेहनत लगी, लेकिन आखिर में वो सफल हो गईं।

परिवार में उच्च शिक्षा हासिल करने वाली पहली सदस्य
राधा की पारिवारिक पृष्ठभूमि बेहद साधारण है। उनके पिता कालूराम एक किसान हैं और परिवार में उनके दो छोटे भाई हैं। उनके घर में पहले कोई भी उच्च शिक्षित नहीं था, लेकिन शिक्षा के प्रति परिवार की सकारात्मक सोच ने उन्हें हमेशा आगे बढ़ने की ताकत दी। तमाम आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के बीच उन्हें परिवार का पूरा सहयोग मिला। राधा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही सरकारी स्कूल से प्राप्त की और इसके बाद कन्या शाला ब्यावरा से 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की। आगे की उच्च शिक्षा के लिए वे इंदौर गईं, जहां उन्होंने बायोलॉजी, जूलॉजी और बॉटनी विषयों के साथ स्नातक की पढ़ाई की। आज राधा न केवल अपने पूरे परिवार में एकमात्र उच्च शिक्षित सदस्य हैं, बल्कि वे अब अधिकारी भी बन चुकी हैं। इस बड़ी सफलता के बाद अब राधा चंद्रवंशी देश की सबसे प्रतिष्ठित यूपीएससी परीक्षा पास करने का सपना संजो रही हैं।

विपरीत परिस्थितियों में भी रखें कंसिस्टेंसी
अपनी सफलता पर बात करते हुए कचनारिया की राधा चंद्रवंशी ने कहा कि परिस्थितियां चाहे कैसी भी हों, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से करे तो सफलता अवश्य मिलती है। हमें तैयारी के दौरान कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन इनसे घबराने की बजाए, कंसिस्टेंसी के साथ पढ़ते रहे, सिलेबस के अनुसार पढ़े और रिवीजन करे तो जरूर सफलता मिलती है।

चेतन से प्यार और केतन से सगाई, सिया ने मंगेतर की कैसे हत्या की, CCTV से साजिश यूं हुआ खुलासा

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पुणे के लोहगढ़ किले में बिल्डर केतन अग्रवाल की हत्या मामले में पुलिस ने इसकी पूरी जानकारी दी है। जून की गर्मी में चेतन ने हूडी वाला जैकेट पहन रखा था, सीसीटीवी ने सिया और उसके प्रेमी की कैसे पोल खोल दी? जानें…पुणे के ऐतिहासिक लोहागढ़ किले में ट्रेकिंग के दौरान हुई एक दुखद घटना जिसे शुरू में एक हादसा माना जा रहा था, वह हत्या की जांच में बदल गई। ऐसा तब हुआ जब पुलिस का ध्यान एक अजीब बात पर गया जून के महीने में, जब तापमान 33 डिग्री था, तब एक आदमी ने हूडी पहनी हुई थी और तेज तेज कदमों से चलता जा रहा था। उसका चेहरा भी साफ साफ नहीं दिख रहा था। किले के टिकट काउंटर के पास लगे CCTV कैमरे में वह हूडी पहने आदमी कैद हो गया। बाद में उसकी पहचान चेतन चौधरी के तौर पर हुई, जो सिया का प्रेमी था और उसके साथ मिलकर केतन की मंगेतर सिया ने उसे मौत दे दी।
सीसीटीवी ने कैसे खोल दी हत्या की पोल

किले के टिकट काउंटर के पास लगे सीसीटीवी के फुटेज में चेतन 18 जून को पुणे के 26 साल के बिजनेसमैन केतन अग्रवाल और उनकी 20 साल की मंगेतर सिया गोयल का पीछा करते हुए दिखाई दिया। इसके कुछ ही घंटों बाद केतन की मौत हो गई। सीसीटीवी में दिखाई दिए उस आदमी की संदिग्ध हरकतें, अपना चेहरा छिपाना और उसके अजीब कपड़े देखकर पुलिस को केतन की मौत के मामले की फिर से जांच करने का ख्याल आया, जिसे शुरू में गलती से हुई मौत का मामला माना गया था।

जब पुलिस ने इस मौत की घटना की जांच की, तो पता चला कि केतन की मौत वाले दिन चेतन अपना फ़ोन अपनी दुकान में ही छोड़ गया था और उसका इंटरनेट भी बंद कर दिया था, जिससे पुलिस का शक और गहरा गया। इन तमाम तरह के सबूत की वजह से पुलिस उस मामले की तह तक पहुंच पाई, जिसमें सिया और केतन की शुरू होने वाली शादीशुदा जिंदगी खत्म हो गई।

सिया और चेतन ने केतन को दी मौत की सजा
आरोप है कि सिया और उसके प्रेमी चेतन ने केतन को खाई में धकेल दिया था। सिया और चेतन दोनों पुलिस की हिरासत में हैं और पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान उन्होंने अपना जुर्म कबूल भी कर लिया है। मामले की जांच के दौरान पुलिस को कुछ ऐसी बातें पता चलीं जिनसे मौत की जगह हत्या का शक गहरा गया और जांच आगे बढ़ी। किले के टिकट काउंटर पर लगे CCTV कैमरों की जांच की गई, जिसमें केतन और सिया एक साथ दिखाए दिए। फुटेज को ध्यान से देखने पर पुलिस को सिया और केतन के पीछे एक और शख्स दिखाई दिया।

जून की गर्मी और चेतन की हुडी ने बढ़ाया शक

पुलिस ने बताया, सीसीटीवी में दिख रहे उस आदमी ने शॉर्ट्स और हुडी पहनी हुई थी। हुडी का अगला हिस्सा इतना नीचे खींचा हुआ था कि उसका चेहरा दिखाई नहीं दे रहा था। साथ ही, उस आदमी ने हुडी के ऊपर हेडसेट भी पहना हुआ था। पुसिस ने जब घटना के समय मौसम की स्थिति की जांच की तो पता चला कि 18 जून को उस समय का तापमान 33 डिग्री सेल्सियस था; जिससे हैरानी हुई कि इतनी गर्मी में कोई हुडी क्यों पहनेगा। ऐसे मौसम में किसी व्यक्ति का अपना चेहरा ढके हुए होना मौत नहीं हत्या के लिए एक अहम सुराग बन गया।

चेतन और सिया के कॉल डिटेल्स में क्या मिला
सिया के कॉल रिकॉर्ड से पता चला कि चेतन के साथ उसकी बहुत ज़्यादा बातचीत होती थी। दोनों के बीच लंबे समय तक हज़ारों कॉल हुए थे, जिनमें कई बातचीत घंटों तक चली थीं। तकनीकी जांच से दोनों के बीच करीबी संबंध का पता चला और एक सोची-समझी साज़िश की जानकारी मिली। इसके बाद जब पुलिस ने उनकी तस्वीरें और सोशल मीडिया प्रोफ़ाइल की जांच की तो संदेह हुआ कि सिया चेतन से प्यार करती थी और केतन के साथ शादी नहीं करना चाहती थी।

पूछताछ के दौरान चेतन से पूछा गया कि उसने और सिया ने भागने के बारे में क्यों नहीं सोचा और केतन को खत्म करने का रास्ता ही क्यों चुना। तो चेतन ने बताया कि सिया केतन से सगाई तोड़ने और चेतन के साथ भागने के पक्ष में नहीं थी, क्योंकि उसे लगता था कि ऐसा करने से उसके परिवार की बदनामी होगी।

जानें इस पूरी घटना से जुड़ी खास बातें

18 जून को सिया का ग्रुप लोहगढ़ किले पहुंचा, चेतन उनके ग्रुप का हिस्सा नहीं था। उसने अपना फोन भी स्विच ऑफ कर दुकान पर छोड़ दिया था।

पुलिस ने उन सभी लोगों से पूछताछ की जिन्होंने घटना के दिन चेतन के नंबर पर कॉल किया था। कॉल करने वालों ने पुष्टि की कि चेतन ने खुद उन कॉल्स का जवाब नहीं दिया; बल्कि उसकी दुकान के कर्मचारियों ने जवाब दिया।

जब सिया का ग्रुप किले में एक ऐसी जगह पर पहुंचा जहां खाई बहुत गहरी थी, तो चेतन पीछे से उनके साथ आ मिला। केतन लगभग 400 फ़ीट नीचे गिर गया और खाई की तलहटी में उसकी मौत हो गई।

दिग्गज क्रिकेटर का 94वें बर्थडे पर निधन, मैच के बीच मंगेतर की मौत की खबर के बाद भी मैदान पर उतरे थे

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न्यूजीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज बॉब ब्लेयर का इंग्लैंड में निधन हो गया। अपने 94वें जन्मदिन पर दुनिया को अलविदा कहने वाले ब्लेयर सिर्फ एक क्रिकेटर नहीं थे, बल्कि साहस, संघर्ष और खेल भावना की मिसाल थे। न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड ने ब्लेयर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उनकी याद में इंग्लैंड के खिलाफ नॉटिंघम में खेले जाने वाले तीसरे टेस्ट के पहले दिन न्यूजीलैंड की टीम काली पट्टी बांधकर मैदान पर उतरेगी।

1952 से 1964 के बीच न्यूजीलैंड के लिए 19 टेस्ट मैच खेलने वाले ब्लेयर ने 43 विकेट अपने नाम किए। घरेलू क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड और भी शानदार रहा, जहां उन्होंने 59 फर्स्ट क्लास मैचों में 330 विकेट चटकाए। 1956-57 का सीजन उनके करियर का सबसे यादगार रहा, जब उन्होंने महज 9 की औसत से 46 विकेट हासिल किए और दो बार एक पारी में 9 विकेट लेने का कारनामा किया।

एक हादसे ने बदल दी जिंदगी
ब्लेयर को क्रिकेट इतिहास में सिर्फ उनके प्रदर्शन के लिए नहीं, बल्कि 1953 के साउथ अफ्रीका दौरे पर दिखाए गए अद्भुत साहस के लिए याद किया जाता है। एलिस पार्क में दूसरा टेस्ट खेला जा रहा था। उसी दौरान 21 साल के ब्लेयर को मैच के दूसरे दिन सुबह यह दुखद खबर मिली कि उनकी मंगेतर नेरिसा लव क्रिसमस ईव पर हुए टांगीवाई रेल हादसे का शिकार हो गई हैं। इस दुर्घटना में कुल 151 लोगों की मौत हुई थी। अपनी निजी जिंदगी के सबसे कठिन पलों में ब्लेयर टीम होटल में शोक मना रहे थे, लेकिन जब न्यूजीलैंड की टीम मुश्किल में थी और आखिरी विकेट बाकी था, तब उन्होंने मैदान पर लौटने का फैसला किया।

जब पूरा स्टेडियम हो गया भावुक
एलिस पार्क में मौजूद 23 हजार दर्शक उस समय स्तब्ध रह गए जब ब्लेयर बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतरे। दूसरे छोर पर बर्ट सटक्लिफ थे, जो गेंद लगने के कारण अस्पताल जाकर वापस लौटे थे। दोनों खिलाड़ियों ने आखिरी विकेट के लिए 33 रन जोड़े। इस साझेदारी में एक ओवर में वर्ल्ड रिकॉर्ड 25 रन भी बने। जब ब्लेयर आउट होकर मैदान से लौटे तो उनके सम्मान में पूरा स्टेडियम खड़ा हो गया और तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत किया गया। यह पल आज भी क्रिकेट इतिहास के सबसे भावुक और प्रेरणादायक क्षणों में गिना जाता है।

ब्लेयर की याद में बनी टांगीवाई शील्ड
ब्लेयर और टांगीवाई रेल हादसे की कहानी ने न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका क्रिकेट को इतना प्रभावित किया कि 2024 में दोनों देशों के बीच टेस्ट सीरीज के लिए टांगीवाई शील्ड की शुरुआत की गई। यह ट्रॉफी न्यूजीलैंड की पारंपरिक लकड़ी और टांगीवाई क्षेत्र में मिलने वाले खास पत्थर से तैयार की गई थी। ब्लेयर उस ऐतिहासिक टेस्ट मैच के आखिरी जीवित न्यूजीलैंड खिलाड़ी थे।

1953 के दौरे के बाद भी ब्लेयर ने करीब एक दशक तक न्यूजीलैंड का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट 1964 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेला, जिसमें 7 विकेट लेकर करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। क्रिकेट के प्रति उनका प्रेम कभी कम नहीं हुआ। उन्होंने 60 साल की उम्र के बाद भी क्रिकेट खेलना जारी रखा और 40 से अधिक सीजन तक मैदान से जुड़े रहे। खेल से संन्यास लेने के बाद उन्होंने इंग्लैंड, साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे, नॉर्दर्न आयरलैंड और ऑस्ट्रेलिया में कोचिंग भी दी।

अंशुला कपूर-रोहन ठक्कर ने परिवार संग की माता की पूजा, कपूर खानदान ने ढोल पर लगाए ठुमके, अर्जुन के डांस ने लूटी महफिल

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कपूर परिवार ने अंशुला कपूर और उनके मंगेतर रोहन ठक्कर की शादी का जश्न मनाना शुरू कर दिया है। अंशुला और रोहन की शादी के कार्यक्रमों की शुरुआत पारंपरिक ‘माता की चौकी’ के साथ हुई, जिसमें परिवार के करीबी लोग और दोस्त शामिल हुए। प्री-वेडिंग में कपूर परिवार ने कपल के साथ जमकर मस्ती की। अपनी बहन की खुशी में अर्जुन कपूर, जाह्नवी कपूर, खुशी कपूर, शनाया कपूर शामिल हुए। वहीं, महीप कपूर, संजय कपूर, सुनीता कपूर और रोहन ठक्कर का परिवार उन्हें आशीर्वाद देने के लिए पहुंचा। अपने प्री-वेडिंग फंक्शंस का एक वीडियो अंशुला ने शेयर किया है, जिसमें कई खूबसूरत पल देखने को मिलेंगे।

अंशुला कपूर-रोहन ठक्कर ने माता का लिया आशीर्वाद
अंशुला कपूर और रोहन ठक्कर की प्री-वेडिंग फंक्शंस में सभी पारंपरिक कपड़ों में सजे-धजे भक्ति-भाव से प्रार्थना और भजन में लीन दिखाई दिए और उन्हें एक साथ नाचते हुए भी देखा गया। बोनी कपूर और मोना की बेटी अंशुला कपूर की शादी इन दिनों जबरदस्त सुर्खियों में बनी हुई है। उनके प्री-वेडिंग फंक्शंस शुरू हो चुके हैं, जिनकी झलक सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। सालों एक-दूसरे को डेट करने के बाद अंशुला, रोहन ठक्कर की दुल्हन बनेंगी। इस कपल ने अपनी शादी के पहले माता की चौकी रखी और परिवार के साथ देवी मां की पूजा की।

अंशुला के प्री-वेडिंग फंक्शंस शुरू
अंशुला ने इंस्टाग्राम स्टोरी और फीड पर माता की चौकी का इंसाइड वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें पूरा कपूर खानदान भक्ति में लीन दिखाई दे रहा है। अंशुला और रोहन ने अपनी जिंदगी के नए सफर को शुरू करने से पहले हाथ जोड़कर मां देवी का आशीर्वाद लिया। इस दौरान पूरे परिवार को कपल के साथ ढोल पर नाचते देखा गया, लेकिन अर्जुन कपूर के डांस ने महफिल लूट ली।

अंशुला कपूर-रोहन ठक्कर कहां-कब करेंगे शादी
अंशुला और रोहन की सगाई जुलाई 2025 में हुई थी। अब अंशुला कपूर 6 जुलाई 2026 को मुंबई में अपने मंगेतर-स्क्रीनराइटर रोहन ठक्कर से शादी करने वाली हैं।

 

शेयर बाजार में जोरदार वापसी! 140 अंक उछला सेंसेक्स, Tech Mahindra और Infosys समेत IT स्टॉक्स में दिखी तेजी

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भारतीय शेयर बाजार में पिछले दिन आई तेज मंदी के बाद आज बाजार में जोरदार वापसी की है। बुधवार के कारोबारी सत्र की शुरुआत शानदार बढ़त के साथ हुई, जिससे दलाल स्ट्रीट पर फिर से रौनक लौट आई है। इस बार बाजार को ऊपर खींचने का मुख्य श्रेय आईटी (IT) और बैंकिंग सेक्टर्स के दिग्गज शेयरों को जाता है।

शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 140.02 अंक या 0.18 प्रतिशत की बढ़त दर्ज करते हुए 76,340.70 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी भी 32.10 अंक या 0.13 प्रतिशत की मजबूती के साथ 23,856.20 के स्तर पर ट्रेंड करता नजर आया। आज बाजार का रुखपूरी तरह खरीदारों के पक्ष में दिखा, जहां कुल 1414 शेयरों में तेजी देखने को मिली, जबकि 849 शेयरों में गिरावट रही और 156 शेयर बिना किसी बदलाव के स्थिर खुले।

आईटी स्टॉक्स में तेजी
निफ्टी 50 हीटमैप में सबसे ज्यादा चमक आईटी शेयरों में दिखाई दी। टेक महिंद्रा करीब 2.90 फीसदी की तेजी के साथ सबसे बड़े गेनर्स में शामिल रहा। इसके अलावा इंफोसिस (+1.70%), टीसीएस (+1.04%) और एचसीएल टेक (+0.04) जैसे बड़े आईटी शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि हाल की गिरावट के बाद आईटी शेयरों में वैल्यू बाइंग लौटने से इस सेक्टर को मजबूती मिली है।

सेंसेक्स हीटमैप से साफ पता चलता है कि आज बाजार के टॉप काउंटर्स पर हरे रंग का दबदबा है, जो चौतरफा रिकवरी का संकेत है। आईटी के अलावा, बैंकिंग सेक्टर ने भी सबसे शानदार प्रदर्शन किया। आईसीआईसीआई बैंक में +1.73% का बड़ा उछाल देखा गया। वहीं, कोटक बैंक भी 0.83% की तेजी के साथ ₹404.80 के स्तर पर पहुंच गया। इनके अलावा ट्रेंट, पावर ग्रिड, एलएंडटी, एशियन पेंट्स, अडाणी एंटरप्राइजेज और डॉ रेड्डीज लैब्स के शेयरों में भी अच्छा सुधार देखा गया।

इन शेयरों पर दिखा आज बिकवाली का दबाव
तेजी के इस माहौल में भी कुछ सेक्टर्स में मुनाफावसूली देखने को मिल रही है। मारुति 1.07% और भारती एयरटेल 1.04% की कमजोरी के साथ टॉप लूजर्स की लिस्ट में रहे। इसके अलावा एचसीएल टेक (-0.60%), टाइटन (-0.45%), एनटीपीसी (-0.40%), और टाटा स्टील (-0.39%) के शेयरों में भी आंशिक गिरावट दर्ज की गई।

पद्म भूषण समारोह के बाद अलका याग्निक ने बयां किया दर्द, सेहत पर दिया बड़ा अपडेट, बोलीं- मुश्किल दौर से गुजर रही हूं

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हिंदी सिनेमा की मशहूर प्लेबैक सिंगर अलका याग्निक, जिन्हें ‘सुरों की मलिका’ के नाम से भी जाना-जाता है। उन्होंने चार दशकों से भी अधिक समय तक बॉलीवुड की प्लेबैक सिंगिंग की दुनिया में अपना दबदबा कायम रखा। उन्हें भारतीय संगीत में उनके अहम योगदान के लिए मंगलवार, 23 जून 2026 को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पद्म भूषण से सम्मानित किया। समारोह में उनकी मौजूदगी ने उनकी सेहत को लेकर फैंस की चिंता बढ़ा दी है, जिस पर सिंगर ने एक इमोशनल पोस्ट शेयर कर अपनी हेल्थ अपडेट दी है।

प्रेम विवाह के बाद बवाल: घर में घुसकर मारपीट, आगजनी और डेढ़ लाख की लूट का आरोप, नवविवाहित जोड़े ने मांगी सुरक्षा

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वैशाली। बिहार के वैशाली जिले के बिदुपुर थाना क्षेत्र के गोखुलपुर गांव में प्रेम विवाह के बाद दो परिवारों के बीच विवाद गहरा गया है। नवविवाहित प्रीति कुमारी और विकास कुमार ने अपनी मर्जी से विवाह करने का दावा करते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई है। वहीं, विकास कुमार की मां सुदामा देवी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि विवाह से नाराज लोगों ने उनके घर में घुसकर मारपीट, तोड़फोड़, आगजनी और लूटपाट की घटना को अंजाम दिया है।

प्रीति कुमारी का कहना है कि वह बालिग हैं और अपनी इच्छा से गांव के ही रहने वाले विकास कुमार के साथ हिंदू रीति-रिवाज से विवाह कर चुकी हैं। विवाह के समर्थन में उन्होंने शपथ-पत्र भी तैयार कराया है। उनका कहना है कि वह अपने पति के साथ खुशहाल जीवन जीना चाहती हैं, लेकिन उनके मायके पक्ष की ओर से लगातार दबाव बनाया जा रहा है कि उन्हें वापस भेजा जाए। प्रीति का आरोप है कि इस कारण उनके पति और ससुराल पक्ष को भी लगातार परेशान किया जा रहा है तथा उन्हें अपनी सुरक्षा की चिंता सता रही है।

दूसरी ओर, विकास कुमार की मां सुदामा देवी ने आरोप लगाया कि कुछ लोग जबरन उनके घर में घुस आए और परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की। उन्होंने दावा किया कि उनकी सास पुनिया देवी के साथ भी मारपीट की गई, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें इलाज के लिए ले जाना पड़ा। सुदामा देवी का यह भी आरोप है कि हमलावरों ने घर में आग लगाने का प्रयास किया, घरेलू सामान में तोड़फोड़ की और घर में रखा करीब डेढ़ लाख रुपये नकद तथा मांगटीका, कान के आभूषण, गले के जेवर सहित अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो गए।

परिजनों का कहना है कि घटना के दौरान घर में मौजूद बच्चों के साथ भी मारपीट की गई, जिससे पूरे परिवार में दहशत का माहौल है। उनका आरोप है कि घटना के बाद भी लगातार धमकियां दी जा रही हैं और समझौते के लिए दबाव बनाया जा रहा है। परिवार ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा पूरे परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।

फिलहाल इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले में दूसरे पक्ष और पुलिस का आधिकारिक बयान सामने आना बाकी है। यदि उनका पक्ष प्राप्त होता है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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रोजगार के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर युवक, सांसद और उपायुक्त से लगाई गुहार

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पलामू। झारखंड के पलामू जिले के नौडीहा बाजार प्रखंड अंतर्गत तरीडीह पंचायत निवासी दिलीप कुमार मेहता ने रोजगार की मांग को लेकर सांसद और उपायुक्त को आवेदन सौंपते हुए आर्थिक बदहाली का दर्द बयां किया है। युवक का कहना है कि गरीबी और पारिवारिक परेशानियों के कारण उसका जीवन संकट में गुजर रहा है। रोजगार नहीं मिलने से परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है, जिसके चलते उसने प्रशासन से तत्काल सहायता और स्थानीय स्तर पर नौकरी उपलब्ध कराने की मांग की है।

दिलीप कुमार मेहता ने अपने आवेदन में बताया है कि उनका परिवार बीपीएल श्रेणी से जुड़ा हुआ है। उन्होंने दावा किया है कि उनके दादा बीपीएल परिवार में शामिल थे तथा परिवार लंबे समय से आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया है कि पारिवारिक विवादों के कारण घर की स्थिति और अधिक खराब हो गई है। उनकी मां दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो चुकी हैं, जिससे परिवार की जिम्मेदारी पूरी तरह उनके कंधों पर आ गई है।

आवेदन में युवक ने कहा है कि उनके गांव में संचालित डिग्री कॉलेज में उन्हें चौकीदारी अथवा अन्य उपयुक्त कार्य पर नियुक्त किया जाए, ताकि वह अपने परिवार का पालन-पोषण सम्मानपूर्वक कर सकें। उनका कहना है कि मजदूरी से परिवार का गुजारा नहीं हो पा रहा है और लगातार आर्थिक संकट गहराता जा रहा है।

दिलीप कुमार मेहता ने सांसद और उपायुक्त से मानवीय आधार पर मामले में हस्तक्षेप कर शीघ्र रोजगार उपलब्ध कराने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल जाता है तो वह अपने परिवार की जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से निभा सकेंगे और सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर पाएंगे।

फिलहाल संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से इस आवेदन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि प्रशासन का पक्ष प्राप्त होता है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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मीरा देवी का संघर्ष बना मिसाल, दिव्यांग पति और तीन बच्चों की जिम्मेदारी के बीच सोशल मीडिया पर गढ़ रहीं नई पहचान

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जोधपुर। राजस्थान के जोधपुर शहर की रहने वाली 45 वर्षीय मीरा देवी आज संघर्ष, हिम्मत और आत्मविश्वास की ऐसी मिसाल बनकर सामने आई हैं, जो यह साबित करती है कि कठिन परिस्थितियां इंसान के इरादों को कमजोर नहीं कर सकतीं। आर्थिक तंगी, दिव्यांग पति की देखभाल और तीन बच्चों की जिम्मेदारियों के बीच मीरा देवी पिछले एक वर्ष से लगातार सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश कर रही हैं।

मीरा देवी इंद्रानगर क्षेत्र की निवासी हैं और एक साधारण परिवार से संबंध रखती हैं। उनके जीवन में मुश्किलों का दौर उस समय शुरू हुआ जब उनके पति एक सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए। हादसे के बाद उनके पति दिव्यांग हो गए और परिवार की आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ा। घर की आय का साधन लगभग समाप्त हो गया और पूरे परिवार की जिम्मेदारी मीरा देवी के कंधों पर आ गई।

परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन रही हों, लेकिन मीरा देवी ने हार मानने के बजाय संघर्ष का रास्ता चुना। उन्होंने अपने पति की सेवा और देखभाल के साथ-साथ तीन बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी संभाली। घर के कामकाज और परिवार की आवश्यकताओं के बीच समय निकालकर उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी पहचान बनाने का प्रयास शुरू किया।

करीब एक वर्ष से वह लगातार वीडियो तैयार कर रही हैं। सीमित संसाधनों और आर्थिक अभाव के बावजूद उन्होंने अपने प्रयासों को कभी नहीं रोका। उनका कहना है कि वह अपने परिवार के लिए बेहतर भविष्य चाहती हैं और सोशल मीडिया के जरिए आत्मनिर्भर बनना उनका सपना है।

मीरा देवी का मानना है कि मेहनत, धैर्य और ईमानदारी से किया गया प्रयास कभी व्यर्थ नहीं जाता। वह कहती हैं कि अगर इंसान अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहे तो एक दिन सफलता अवश्य मिलती है। यही सोच उन्हें हर दिन नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है।

स्थानीय लोगों के अनुसार मीरा देवी का संघर्ष समाज की उन महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो विपरीत परिस्थितियों से जूझते हुए भी अपने सपनों को जीवित रखती हैं। लोगों का कहना है कि परिवार की जिम्मेदारियों और आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद जिस प्रकार मीरा देवी लगातार अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रही हैं, वह प्रशंसनीय है।

आज जब कई लोग छोटी-छोटी परेशानियों के सामने हिम्मत हार जाते हैं, ऐसे समय में मीरा देवी की कहानी यह संदेश देती है कि मजबूत इरादे और निरंतर प्रयास किसी भी मुश्किल को मात दे सकते हैं। गरीबी और संघर्ष के बीच शुरू हुआ उनका सफर अब धीरे-धीरे लोगों के बीच चर्चा का विषय बनता जा रहा है और उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में उनकी मेहनत उन्हें नई पहचान दिलाएगी।

हिमाचल प्रदेश में 24 जून की रात 12 बजे से रोडवेज बसों की हड़ताल, सरकार ने लागू किया ESMA

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हिमाचल पथ परिवहन निगम के ड्राइवर और कंडक्टर यूनियन की सरकार से वार्ता विफल हो गई है। कर्मचारियों ने बुधवार आधी रात से हड़ताल पर जाने का ऐलान कर दिया है।
शिमलाः हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के कर्मचारियों और सरकार के बीच मंगलवार को हुई वार्ता बेनतीजा रही। कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर मंगलवार को यूनियन और प्रदेश सरकार के बीच हुई बैठक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। वार्ता विफल रहने के बाद यूनियन ने 24 जून की रात 12 बजे से प्रदेशभर में एचआरटीसी बसों की हड़ताल पर जाने का ऐलान कर दिया है।
कर्मचारियों की ये है मांग

कर्मचारी यूनियन का आरोप है कि कर्मचारियों के लंबित भत्तों के लगभग 100 करोड़ रुपये का भुगतान लंबे समय से नहीं किया गया है। इस मांग को लेकर पहले ही सरकार को 24 जून तक का समय दिया गया था, लेकिन निर्धारित अवधि तक कोई ठोस समाधान नहीं निकलने पर कर्मचारियों ने हड़ताल का फैसला लिया है।

कर्मचारी यूनियन ने सरकार को दी चेतावनी

यूनियन के अध्यक्ष मान सिंह ने बताया कि परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के साथ बैठक प्रस्तावित थी, लेकिन चर्चा किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंच सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि बैठक के दौरान कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया। साथ ही उन्होंने अपने तबादले को लेकर भी नाराजगी जाहिर की।

यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द कोई समाधान नहीं निकाला तो 24 जून की रात 12 बजे से प्रदेशभर में एचआरटीसी बसों का संचालन प्रभावित होगा। हड़ताल की स्थिति में हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। यूनियन का कहना है कि कर्मचारियों की लंबित मांगों के समाधान तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, हड़ताल की घोषणा के बाद प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। कर्मचारी यूनियनों ने राज्य सरकार को साफ चेतावनी दी है कि 24 जून से पूरे हिमाचल प्रदेश में HRTC बस सेवाएं पूरी तरह से बंद की जाएगी। इससे हजारों दैनिक यात्रियों पर असर पड़ सकता है।
कर्मचारियों की क्या है मांग

कर्मचारियों की मुख्य मांग है कि हर महीने की पहली तारीख तक वेतन का भुगतान हो और साथ ही महंगाई भत्ते (DA) का बकाया भी चुकाया जाए।
जमा हुए नाइट ओवरटाइम भत्ते और मेडिकल बिलों के बकाया का तुरंत भुगतान किया जाए।
यूनियन नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई और उनके तबादलों का कड़ा विरोध।
सरकार ने लागू किया ESMA
हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए बड़ा फैसला लेते हुए 6 माह के लिए आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (ESMA) लागू कर दिया है। यह निर्णय हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (HRTC) कर्मचारी संघ द्वारा हड़ताल पर जाने के एलान के बाद लिया गया है। सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, राज्य में सार्वजनिक सड़क परिवहन सेवाएं यात्रियों की निर्बाध आवाजाही, आवश्यक वस्तुओं के परिवहन, कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा जनहित की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए HRTC कर्मचारियों और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं के संचालन एवं रखरखाव से जुड़े अन्य कर्मियों की सेवाओं को आवश्यक सेवाएं घोषित किया गया है।

अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में कार्यरत कोई भी कर्मचारी किसी भी प्रकार की हड़ताल न तो शुरू करेगा और न ही उसमें भाग लेगा। इसके अलावा कोई भी कर्मचारी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से ऐसे किसी गतिविधि में शामिल नहीं होगा, जिससे परिवहन सेवाएं प्रभावित हों। सरकार ने चेतावनी दी है कि आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह अधिसूचना अपर मुख्य सचिव (परिवहन) आर.डी. नजीम द्वारा जारी की गई है। सरकार के इस फैसले को राज्य में परिवहन सेवाओं को बाधित होने से बचाने और आम जनता को होने वाली परेशानी रोकने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।