Sunday, July 12, 2026
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सुजानगढ़ में महिला से दहेज प्रताड़ना और अश्लील वीडियो वायरल करने का आरोप, थाने में दर्ज कराई शिकायत

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सुजानगढ़ क्षेत्र से एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक विवाहिता ने अपने पति पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने, अश्लील निजी फोटो और वीडियो बनाने तथा उन्हें समाज में वायरल कर बदनाम करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि इन हरकतों से वह मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुकी है और उसे आत्मदाह जैसे कदम के लिए मजबूर किया जा रहा है।

पीड़िता श्रीमति मंजूला ने पुलिस थाना सुजानगढ़ में दी गई अपनी लिखित शिकायत में बताया कि उसकी शादी 26 अप्रैल 2020 को ग्राम गुलेरिया तहसील सुजानगढ़ निवासी आयदान नायक पुत्र जेठाराम नायक से हुई थी। शादी के बाद वह पति के साथ उसके घर गुलेरिया चली गई, जहां कुछ समय बाद ही पति और ससुराल पक्ष द्वारा दहेज को लेकर उसे तंग परेशान किया जाने लगा।

शिकायत में महिला ने आरोप लगाया कि उसके पति आयदान ने दांपत्य जीवन के दौरान उसके अश्लील निजी फोटो और वीडियो बना लिए। बाद में जब उसने पति के मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिए तो वह अन्य नंबरों से कॉल कर धमकियां देने लगा और समाज में बदनाम करने की बात कहने लगा। पीड़िता के अनुसार, पति ने न केवल उसे धमकाया बल्कि उसके निजी फोटो और वीडियो दूसरों को दिखाकर उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई।

पीड़िता ने बताया कि 28 नवंबर 2025 को सुबह करीब 9 बजकर 48 मिनट पर नायक हिंदू राष्ट्र मोर्चा की जिला अध्यक्ष सुमन का उसके मोबाइल पर फोन आया। कॉल पर बताया गया कि एक व्यक्ति उनके पास आया था और उसने महिला के अश्लील वीडियो और नग्न फोटो अपने मोबाइल में दिखाए। इससे पीड़िता को गहरा मानसिक आघात पहुंचा।

महिला का यह भी कहना है कि इससे पहले उसने अपने भाई को अश्लील फोटो भेजे जाने के संबंध में शिकायत दी थी, जिस पर सदर थाना चूरू में जांच हुई थी। उस समय पारिवारिक दबाव में आकर उसने राजीनामा कर लिया था और पति ने भविष्य में किसी को फोटो न दिखाने का आश्वासन दिया था। लेकिन इसके बावजूद उसके पति ने फोटो और वीडियो अन्य लोगों को दिखाए, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह उसी की है।

पीड़िता ने बताया कि उसने इस पूरे मामले की शिकायत पहले चूरू पुलिस अधीक्षक को दी थी, जहां से जांच के लिए प्रकरण पुलिस थाना सदर चूरू भेजा गया। 16 दिसंबर 2025 को उसके बयान भी दर्ज किए गए, लेकिन घटना सुजानगढ़ क्षेत्र की होने के कारण उसे सुजानगढ़ थाने में आवेदन देने को कहा गया। इसके बाद 19 दिसंबर 2025 को उसने सुजानगढ़ थाना अधिकारी के समक्ष पुनः आवेदन प्रस्तुत किया।

पीड़िता ने पुलिस से मांग की है कि उसके पति आयदान नायक के खिलाफ दहेज प्रताड़ना, धमकी, मानसिक उत्पीड़न और निजी फोटो वीडियो के दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

वाराणसी में महिला का आरोप: पाटीदारों ने घर में घुसकर कपड़े फाड़े, गहने लूटे

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बच्चों और मजदूरों तक की पिटाई, पुलिस पर पैसे मांगने का गंभीर आरोप

वाराणसी।
कमिश्नरेट वाराणसी के पड़ाव थाना क्षेत्र अंतर्गत सुजाबाद नई बस्ती से एक बेहद गंभीर और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। पीड़िता लीलावती ने अपने ही पाटीदारों पर सामूहिक हिंसा, घर में घुसकर मारपीट, छेड़खानी, लूट और बच्चों पर हमले के आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि वह पिछले कई महीनों से न्याय के लिए थाने, चौकी और उच्च अधिकारियों के चक्कर काट रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

लीलावती के अनुसार वह एक साधारण महिला है और उनके पति बच्चा लाल चौहान मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। आरोप है कि पड़ोसी व पाटीदार अजय, रवि, देवी, कल्लू, छोटेलाल चौहान सहित अन्य लोग पारिवारिक जमीन और मकान को लेकर जलन की भावना रखते हैं और पूरे परिवार को बेदखल करने की कोशिश कर रहे हैं।

पीड़िता का आरोप है कि विपक्षी आए दिन गाली-गलौज, ईंट-पत्थर चलाना और जान से मारने की धमकी देते रहते हैं। कई बार डायल 112 पर पुलिस बुलानी पड़ी, लेकिन पुलिस सिर्फ समझा-बुझाकर चली जाती है। एक बार शांति भंग में कार्रवाई भी हुई, लेकिन इसके बाद भी आरोपियों के व्यवहार में कोई सुधार नहीं आया।

सबसे गंभीर घटना 18 नवंबर 2025 और फिर 3 दिसंबर 2025 को हुई। आरोप है कि विपक्षी एकजुट होकर घर में घुस आए, सामान तोड़-फोड़ किया, लीलावती के साथ मारपीट की, अश्लील हरकतें कीं और उनके कपड़े फाड़ दिए। किसी तरह जान बचाकर वह बाहर भागीं और 112 नंबर पर कॉल किया। पुलिस पहुंची, लेकिन आरोपी मौके से फरार हो गए।

पीड़िता का कहना है कि जब उन्होंने चौकी और थाने में शिकायत दी तो कार्रवाई के बजाय उन्हें इधर-उधर टरकाया गया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने खुलकर पैसों की मांग की और कहा गया कि यदि आरोपियों पर कार्रवाई करानी है तो एक लाख रुपये देने होंगे। यही नहीं, चौकी पर कई घंटे बैठाकर छोड़ दिया गया।

3 दिसंबर की शाम एक बार फिर हिंसा की हदें पार हो गईं। जब लीलावती छत पर पाइप ठीक कराने के लिए मिस्त्री और मजदूर बुला रही थीं, तब विपक्षीगण दोबारा हमला कर बैठे। आरोप है कि मिस्त्री और लेबर की पिटाई की गई, उनकी मशीनें, मोबाइल और औजार उठा ले गए। महिला के नाक-कान के गहने, मंगलसूत्र और चांदी की पायल भी लूट ली गई।

पीड़िता का कहना है कि उनके बच्चे भी सुरक्षित नहीं हैं। आए दिन उनके साथ मारपीट होती है और पूरे परिवार में भय का माहौल है। तीन बार से अधिक आवेदन देने के बावजूद मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।

लीलावती ने पुलिस आयुक्त वाराणसी से मामले का संज्ञान लेते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने और कथित रूप से पैसे मांगने वाले पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता का कहना है कि यदि समय रहते न्याय नहीं मिला तो पूरे परिवार के सामने आत्मघाती स्थिति बन सकती है।

यह मामला न सिर्फ महिला सुरक्षा और घरेलू हिंसा का है, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली और गरीब परिवारों को मिलने वाले न्याय पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

सोशल मीडिया के सहारे नई ऊँचाइयाँ छूने की कोशिश अररिया के इस्लामपुर से फेसबुक–इंस्टाग्राम तक धमाल, लेकिन शोहरत कितनी टिकेगी?

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बिहार के अररिया जिले के इस्लामपुर गांव से उभरे लड्डन राजा इन दिनों सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा में हैं। फेसबुक और इंस्टाग्राम के जरिए खुद को “जनता का चुना हुआ” बताने वाले लड्डन राजा तेजी से डिजिटल लोकप्रियता की ऊँचाइयों की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं।
लाइव वीडियो, भावुक भाषण और सीधी-सपाट भाषा—यही उनका मुख्य हथियार है। समर्थक उन्हें आम आदमी की आवाज बता रहे हैं, जबकि आलोचक इसे केवल वायरल होने का खेल मान रहे हैं, जिसका ज़मीनी असर अभी स्पष्ट नहीं दिखता।
इसी कड़ी में सोशल मीडिया पर यह भी सामने आया है कि लड्डन राजा की पत्नी शाहिदा खातून विसरिया के नाम से एक सक्रिय आईडी चलाई जा रही है।
आईडी डिटेल्स:
यूज़रनेम: shaahidkhtm
बायो: Unpopular opinion….
पोस्ट: 85
फॉलोअर्स: 255
फॉलोइंग: 423
भाषा/कंटेंट संकेत: 9+ கு
इस आईडी के ज़रिए भी लगातार पोस्ट और विचार साझा किए जा रहे हैं, जिससे लड्डन राजा की ऑनलाइन मौजूदगी और दायरा दोनों तेज़ी से बढ़ रहा है।
हकीकत यही है—
सोशल मीडिया पर तालियाँ सस्ती होती हैं,
और ट्रेंड उतनी ही तेजी से टूटते हैं, जितनी तेजी से बनते हैं।
अब बड़ा सवाल यह है—
क्या लड्डन राजा की यह लोकप्रियता सिर्फ स्क्रीन तक सीमित रहेगी?
या फिर वह सचमुच गांव और जिले की सियासत व समाज में कोई ठोस बदलाव ला पाएंगे?
फिलहाल इतना तय है कि
अररिया का इस्लामपुर सोशल मीडिया के नक्शे पर जरूर आ गया है।

वनडे सीरीज से पहले कैसी है भारत और न्यूजीलैंड की आईसीसी रैंकिंग, दोनों टीमों में कितना अंतर

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भारत और न्यूजीलैंड के बीच वनडे सीरीज शुरू होने जा रही है, इससे पहले आपको इन दोनों टीमों की आईसीसी रैंकिंग के बारे में जरूर जान लेना चाहिए। भारत और न्यूजीलैंड की टीमें क्रिकेट के मैदान में आमने सामने आने वाली हैं। पहले वनडे सीरीज होगी और इसके बाद टी20 सीरीज खेली जाएगी। वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 11 जनवरी को है, इससे पहले आपको जानना चाहिए कि आईसीसी की वनडे रैंकिंग में दोनों टीमें कहां पर हैं। दोनों टीमों के बीच कितना अंतर है। चलिए इसके बारे में आपको विस्तार से पूरी बात बताते हैं। आईसीसी की वनडे टीम रैंकिंग में टीम इंडिया पहले नंबर पर काबिज
आईसीसी ने वनडे की रैंकिंग 6 दिसंबर तक ही अपडेट की है। इसे करीब एक महीने का वक्त हो गया है। इसके बाद रैंकिंग इसलिए अपडेट नहीं की गई है, क्योंकि कोई वनडे मैच हुआ ही नहीं। अब साल 2026 का पहला वनडे मैच खेलने के लिए भारत और न्यूजीलैंड की टीमें तैयार हैं। पहला मैच जैसा ही ​हमने आपको पहले ही बताया कि 11 जनवरी को है, ये बड़ोदरा में खेला जाएगा। इस बीच अगर भारत की आईसीसी रैंकिंग की बात करें तो टीम पहले नंबर पर है। भारत की रेटिंग 121 की है, जो दूसरे नंबर की टीम से काफी ज्यादा है।
न्यूजीलैंड की टीम आईसीसी वनडे टीम रैंकिंग में दूसरे स्थान पर
न्यूजीलैंड की टीम भी इस मामले में ज्यादा पीछे नहीं है। न्यूजीलैंड टीम दूसरे नंबर पर काबिज है और उसकी रेटिंग 113 की है। रैंकिंग में भले ही दोनों टीमेां के बीच एक ही अंक का फासला हो, लेकिन रेटिंग में काफी अंतर है, जो एक दो मैच से खत्म भी नहीं हागा। हालां​कि न्यूजीलैंड की टीम ने पिछले दिनों काफी अच्छा प्रदर्शन करते हुए दूसरे नंबर की कुर्सी पर कब्जा किया है। भारत के सामने भी टीम बड़ी चुनौती पेश करने की तैयारी कर रही है।
भारतीय टीम की पहले नंबर की कुर्सी पर कोई खतरा नहीं
खास बात ये है कि जब तीन मैचों की वनडे सीरीज खत्म होगी, उसके बाद भी भारतीय टीम पहले नंबर से हटेगी नहीं। भले ही तीन के तीन मैच हार जाए। हालांकि ये करीब करीब असंभव सी बात है कि भारतीय टीम सीरीज के तीनों मैच हार जाए, लेकिन क्रिकेट में कुछ भी हो सकता है। मान लेते हैं कि सीरीज के तीनों मैच न्यूजीलैंड की टीम जीत गई और टीम इंडिया खाली हाथ रह गई तो भारत की रे​टिंग घटकर 117 की हो जाएगी और न्यूजीलैंड की बढ़कर 116 हो जाएगी। यानी एक रेटिंग का अंतर फिर भी रह जाएगा। इसके लिए भारतीय टीम को पहले नंबर से नीचे जाने का फिलहाल कोई खतरा नजर नहीं आता। फिर भी टीम इंडिया चाहेगी कि सीरीज को अपने कब्जे में किया जाए, ताकि दोनों टीमों के बीच रेटिंग का अंतर और बढ़ जाए।

द राजासाब से पहले कैसा रहा प्रभास की 5 बड़ी फिल्मों का हाल? हिट-फ्लॉप की लिस्ट पर डालें एक नजर

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प्रभास की ‘द राजासाब’ 9 जनवरी, 2026 को रिलीज हो चुकी है, जिसमें निधि अग्रवाल, रिद्धि कुमार और मालविका मोहनन भी हैं। रिबेल स्टार की हर साल कई फिल्में रिलीज होती है, लेकिन उन में से गिनी-चुनी फ्लॉप और हिट साबित होती है।प्रभास भारत के पहले पैन-इंडिया सुपरस्टार हैं, जो इन दिनों अपनी नई रोमांटिक हॉरर कॉमेडी फिल्म ‘द राजदासाब’ को लेकर जबरदस्त चर्चा में बने हुए हैं। ये फिल्म 9 जनवरी, 2026 को देश भर के सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है, जिसे लोगों से मिले-जुले रिव्यू मिल रहे हैं। हालांकि, एक तरफ जहां साउथ के रिबेल स्टार ‘बाहुबली’, ‘कल्कि 2898 एडी’ से लेकर ‘सालार’ जैसी सुपरहिट फिल्मों से हर बार खुद को साबित किया है तो वहीं उनकी गिनी-चुनी मूवी फ्लॉप भी रही, लेकिन प्रभास की फैन फॉलोइंग में कभी कमी देखने को नहीं मिला। कमाल की बात यह है कि साउथ सुपरस्टार की हर छोटी-बड़ी फिल्में रिलीज से पहले ही चर्चा में आ जाती है।
प्रभास की फ्लॉप और हिट फिल्मों की रिपोर्ट
प्रभास की साल 2025 में दो फिल्में रिलीज हुई थी, जिसमें ‘बाहुबली द एपिक’ और ‘कन्नप्पा’ शामिल है। ‘बाहुबली 3’ सुपरहिट साबित हुई, लेकिन ‘कन्नप्पा’ बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिर गई। वहीं, 2024 में कल्कि 2898 एडी आई, जो ब्लॉकबस्टर रही। इसमें अमिताभ बच्चन, कमल हासन, दीपिका पादुकोण और दिशा पटानी थीं। साल 2023 में प्रभास की दो बिग बजट फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज हुई, जिसमें ‘आदिपुरुष’ और ‘सालार पार्ट 1- सीजफायर’ है, जहां सालार सुपरहिट हुई तो वहीं आदिपुरुष अपनी कहानी से लेकर खराब डायलॉग्स की वजह से बुरी तरह ट्रोल हुई। भले ही इसने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा कलेक्शन किया हो। इन तीन सालों में प्रभास ने 2 ब्लॉकबस्टर, 2 फ्लॉप और एक सुपरहिट दी है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ‘राजासाब’ हिट होगी या फ्लॉप?
द राजासाब की धांसू स्टार कास्ट
‘द राजासाब’ मारुति द्वारा लिखित और निर्देशित एक तेलुगु-भाषा रोमांटिक हॉरर कॉमेडी फिल्म है। इसे पीपल मीडिया फैक्ट्री द्वारा निर्मित किया गया है। फिल्म में प्रभास मुख्य भूमिका में हैं। इसके अलावा संजय दत्त, निधि अग्रवाल, बोमन ईरानी, ब्रह्मानंदम और मालविका मोहनन भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म कई भाषाओं में पैन इंडिया स्तर पर रिलीज होने वाली है।

इंदौर में भीषण हादसा: पूर्व गृह मंत्री बाला बच्चन की बेटी समेत 3 की मौत, कांग्रेस प्रवक्ता के बेटे की पार्टी से लौट रहे थे

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मध्य प्रदेश के इंदौर में भीषण सड़क हादसा हुआ है। हादसे में कांग्रेस प्रवक्ता के बेटे की जन्मदिन पार्टी से लौट रही पूर्व गृह मंत्री की बेटी सहित 3 की मौत हो गई है। वहीं, एक युवती घायल है।मध्य प्रदेश के इंदौर में तेजाजी नगर थाना क्षेत्र स्थित बाईपास पर एक भीषण सड़क हादसा सामने आया है, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। तेज रफ्तार कार एक खड़े ट्रक में जा घुसी, जिसमें कार सवार चार लोगों में से तीन की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक युवती गंभीर रूप से घायल हो गई। इस हादसे में राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े नाम सामने आने के बाद घटना और भी संवेदनशील हो गई है।
मृतकों के बारे में सामने आई जानकारी
इंदौर में यह हादसा तेजाजी नगर बाईपास पर रालामंडल के पास देर रात हुआ। बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार नेक्सन कार पीछे से एक ट्रक में जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। कार में कुल चार लोग सवार थे, जिनमें तीन युवतियां और एक युवक शामिल था। हादसे में पूर्व गृह मंत्री बाला बच्चन की बेटी प्रेरणा बच्चन, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आनंद कासलीवाल के बेटे प्रखर कासलीवाल और मनसिंधु की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, कार में सवार चौथी युवती अनुष्का गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे तत्काल निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।
कैसे हुआ हादसा?
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, सभी दोस्त प्रखर कासलीवाल का जन्मदिन मनाकर पार्टी से घर लौट रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार और संभवतः चालक का नियंत्रण बिगड़ने के कारण यह दर्दनाक हादसा हो गया। पुलिस को सूचना मिलते ही तेजाजी नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए एमवाय अस्पताल भिजवाया गया।
गृह मंत्री बाला बच्चन अस्पताल पहुंचे
घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व गृह मंत्री बाला बच्चन एमवाय अस्पताल पहुंचे। वहीं, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आनंद कासलीवाल सहित परिजन भी अस्पताल पहुंचे। इस दौरान अस्पताल परिसर में शोक का माहौल नजर आया। हादसे की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और परिचित भी एमवाय अस्पताल पहुंचे। सभी मृतकों के परिजन गहरे सदमे में हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है, वहीं ट्रक चालक से भी पूछताछ की जा रही है।

कुशीनगर में पुलिसिया दबाव का आरोप, दिल्ली व स्थानीय पुलिस पर महिला के घर जबरन घुसने और बेटी को उठाने का सनसनीखेज दावा

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कुशीनगर।
जनपद कुशीनगर के रविन्द्रनगर थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने दिल्ली पुलिस और स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता जयन्त्री दुबे पत्नी अजय दुबे, निवासी ग्राम बन्दिछापर, ने पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थना पत्र में कहा है कि पुरानी रंजिश के चलते पुलिस अधिकारियों ने साजिश के तहत उनके घर में गैरकानूनी तरीके से प्रवेश कर उत्पीड़न किया।

पीड़िता के अनुसार 4 जनवरी 2026, रविवार को सुबह करीब 11:30 बजे दिल्ली पुलिस के दरोगा दीपक कुमार, चंदा सिंह, अनिल कुमार सहित अन्य कर्मी और रविन्द्रनगर थाना के दरोगा गणेश प्रजापति बिना किसी कोर्ट के सम्मन, नोटिस या उच्च अधिकारियों के आदेश के उनके घर में जबरन घुस आए। विरोध करने और कारण पूछने पर पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर बलपूर्वक पूछताछ के बहाने उनकी बेटी को साथ ले लिया।

महिला का आरोप है कि उनकी बेटी को जबरन तीस हजारी कोर्ट ले जाया गया, जहां न्यायाधीश ने पूरे मामले पर नाराजगी जाहिर करते हुए पुलिसकर्मियों को फटकार लगाई और भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न करने की चेतावनी दी। इस घटनाक्रम के बाद मामला और भी गंभीर मोड़ लेता नजर आ रहा है।

पीड़िता ने आरोप लगाया है कि इस पूरे प्रकरण का फायदा उठाकर राकेश राम और शैलेंद्र सिंह चौहान नामक व्यक्ति, जिनके खिलाफ महाराजगंज और कुशीनगर में पास्को एक्ट, आईटी एक्ट और धोखाधड़ी से जुड़े कई मामले दर्ज हैं, पैसों के दम पर फर्जी अफवाहें फैला रहे हैं। बताया गया है कि इन व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर नंबर 328/2023, 145/2023 और 479/2023 समेत कई केस विचाराधीन हैं, लेकिन अपने मामलों को प्रभावित करने के लिए वे अखबारों और न्यूज़ माध्यमों में कथित तौर पर झूठी खबरें चलवा रहे हैं।

जयन्त्री दुबे का कहना है कि इन अफवाहों के चलते समाज में उनकी और उनके परिवार की छवि को भारी नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों और साजिश रचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

मामला अब जिले में चर्चा का विषय बन गया है। पुलिस प्रशासन की ओर से इस संबंध में क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

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पूरे उत्तर भारत में हाड़ गलाने वाली ठंड, दिल्ली के अलावा इन राज्यों में बारिश का अलर्ट; जानें मौसम का हाल

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पूरे उत्तर भारत में जहां कड़ाके की ठंड पड़ रही है तो वहीं कई इलाकों में बारिश को लेकर अलर्ट भी जारी किया गया है। दिल्ली-एनसीआर में भी सुबह-सुबह हल्की बारिश हुई।दिल्ली-एनसीआर में कड़ाके की ठंड जारी है। यहां बीते कई दिनों से तेज हवाओं की वजह से तापमान में काफी गिरावट दर्ज की जा रही है। इस बीच शुक्रवार की सुबह राजधानी दिल्ली सहित एनसीआर के कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबादी भी हुई, जिसके बाद ठंड और अधिक बढ़ने के आसार जताए जा रहे हैं। बता दें कि मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए घने कोहरे का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है जबकि न्यूनतम तापमान के लगभग छह डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान के लगभग 17 डिग्री सेल्सियस रहने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। गुरुवार को राजधानी दिल्ली में न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
यूपी में कड़ाके की ठंड
यूपी में भी ठंड की वजह से लोगों का हाल बेहाल है। यहां कई इलाकों में तेज हवाओं की वजह से ठंड में कोई कमी नहीं दर्ज की गई है। हालांकि दिन में धूप निकलने की वजह से लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिल रही है। मौसम विभाग की मानें तो अगले तीन दिनों तक मौसम साफ रहेगा। मौसम विभाग ने पूरे प्रदेश में शीत और अधिक कोहरे को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन ठंड से राहत भी नहीं मिलने वाली है। वहीं मौसम विभाग ने अगले सप्ताह से प्रदेश भर में फिर से शीतलहर की आशंका जताई है।पहाड़ी राज्यों में घने कोहरे की आशंका
पहाड़ी राज्यों की बात करें तो यहां भी ठंड काफी ज्यादा पड़ रही है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में अगले 4-5 दिनों तक घना से बहुत घना कोहरा छाए रहने की संभावना जताई गई है। इस दौरान शीतलहर की स्थिति बनी रहेगी। ठंड की वजह से यहां लोग दिन में भी बाहर निकलने से बच रहे हैं। कश्मीर में भी कुछ इसी तरह के हालात हैं। यहां कई इलाकों में तापमान माइनस में चल रहा है। वहीं कई इलाकों में बर्फबारी भी देखने को मिल रही है। कश्मीर में लोगों को अनावश्यक बाहर न निकलने की चेतावनी दी गई है।
इन राज्यों में बारिश को लेकर अलर्ट
एक तरफ जहां उत्तर भारत में ठंड से आमजन परेशान हैं तो वहीं दक्षिण भारत के अधिकतर राज्यों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। इसमें तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल में बंगाल की खाड़ी में गहरा अवदाब के कारण 9-10 जनवरी को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। यहां कई जिलों में यलो और ऑरेंज अलर्ट भी जारी कर दिया गया है। इसके अलावा समुद्री मछुवारों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। समुद्र में लगातार ऊंची-ऊंची लहरें उठ रही हैं।

211 हादसों के बाद भी खामोश सरकार, सोन नदी का गऊघाट बना आदिवासियों के लिए मौत का रास्ता

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मध्य प्रदेश के शहडोल और उमरिया जिलों की सीमा पर बहने वाली सोन नदी आज भी विकास से कोसों दूर है। गऊघाट क्षेत्र में पुल न होने की वजह से यह नदी अब तक 211 से ज्यादा लोगों की जान ले चुकी है, लेकिन इसके बावजूद न राज्य सरकार जागी और न ही केंद्र सरकार ने कोई ठोस कदम उठाया। हालात यह हैं कि आज भी ग्रामीण जान जोखिम में डालकर नाव से नदी पार करने को मजबूर हैं।

ग्राम अकुरी पेएली और ग्राम अंकुरी (शहडोल जिला) से ग्राम पैठी (उमरिया जिला) को जोड़ने वाला गऊघाट मार्ग हजारों ग्रामीणों, छात्रों और आदिवासी परिवारों की जीवनरेखा है। पुल न होने के कारण ग्रामीणों को रोज़मर्रा की जरूरतों के लिए सोन नदी पार करनी पड़ती है। बरसात के मौसम में हालात और भयावह हो जाते हैं, जब तेज बहाव के बीच नाव ही एकमात्र सहारा बनती है।

ग्रामीणों का कहना है कि बीते कई वर्षों में गऊघाट पर दर्जनों बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं। 2 अक्टूबर 2025 को दुर्गा विसर्जन के दौरान एक बार फिर बड़ा हादसा होते-होते बचा, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। छात्र-छात्राओं का स्कूल जाना, मरीजों का अस्पताल पहुंचना और महिलाओं का आना-जाना हर समय खतरे में रहता है।

सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीण कई बार प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और सरकार को अवगत करा चुके हैं। पंचायत स्तर से लेकर जिला प्रशासन, सांसद, विधायक और मुख्यमंत्री कार्यालय तक ज्ञापन सौंपे गए। केंद्र सरकार को भी आवेदन भेजे गए, लेकिन आज दिन तक गऊघाट सोन नदी पुल निर्माण को कोई स्वीकृति नहीं मिली। ग्रामीणों का आरोप है कि जहां कम जरूरत वाले क्षेत्रों में पुलों की घोषणाएं कर दी जाती हैं, वहीं गऊघाट जैसे संवेदनशील इलाके को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।

यह पूरा क्षेत्र आदिवासी बहुल है, जहां पहले से ही शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की सुविधाओं का अभाव है। पुल न होने से विकास पूरी तरह ठप पड़ा है। बारिश के दिनों में कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सिर्फ एक पुल नहीं, बल्कि हजारों जिंदगियों की सुरक्षा और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का सवाल है।

ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्र सरकार से मांग की है कि गऊघाट सोन नदी पर पुल निर्माण को तत्काल मंजूरी दी जाए और अंबरी से पैठी तक सड़क को डामरीकृत कर मुख्य मार्ग घोषित किया जाए। उनका कहना है कि अगर अब भी सरकार ने आंखें मूंदे रखीं, तो भविष्य में होने वाली हर अनहोनी की जिम्मेदारी सिस्टम की होगी।

अब सवाल यह है कि 211 हादसों के बाद भी क्या सरकार जागेगी, या फिर सोन नदी यूं ही आदिवासी अंचल की कब्रगाह बनी रहेगी।

 

घर की बाउंड्री बनी ‘जंग की वजह’, गांव वालों ने तोड़ी दीवार लाठी-डंडों के साथ हमले की कोशिश, पुलिस पहुंचते ही फरार हुए आरोपी

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माल बाजार, जलपाईगुड़ी।
जिला जलपाईगुड़ी के थाना माल बाजार अंतर्गत ओडलाबाड़ी इलाके में जमीन विवाद को लेकर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। वर्ष 2015 में खरीदी गई एक निजी जमीन को लेकर गांव के कुछ लोगों द्वारा लगातार दबाव बनाए जाने और जबरन रास्ता निकालने की कोशिश का मामला सामने आया है। पीड़ित साहिब (26 वर्ष), पिता मो. कमरुल का आरोप है कि जमीन खरीदने के बाद से ही उन्हें और उनके परिवार को मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।

पीड़ित के अनुसार, उक्त जमीन ओडलाबाड़ी क्षेत्र में स्थित है, जिसकी सीमाएं उत्तर में कच्चा रास्ता व रमेश का घर, दक्षिण में मोहम्मद दापी और मोहम्मद बबलू का घर तथा मदरसा, पूर्व में अंधा झोरा नदी और पश्चिम में मोहम्मद कामरुल की भूमि से लगी हुई हैं। भूमि से संबंधित सभी वैध दस्तावेज मौजूद हैं। इसके अलावा 27 जुलाई 2015 को ओडलाबाड़ी चैट पूजा समिति द्वारा लिखित रूप में यह स्पष्ट किया गया था कि समिति का इस भूमि पर भविष्य में कोई दावा नहीं होगा और निजी उपयोग पर कोई आपत्ति नहीं है।

इसके बावजूद गांव के कुछ लोग पीड़ित के घर के सामने से रास्ता निकालने की मांग कर रहे हैं। साहिब का कहना है कि उन्होंने अपने घर की सुरक्षा और सीमांकन के लिए बाउंड्री का निर्माण कराया था, लेकिन गांव वालों ने आरोप लगाया कि बाउंड्री बनने से वहां खड़े होने की जगह नहीं बची। इसी बात को लेकर विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।

पीड़ित ने बताया कि 11 दिसंबर को कई लोग एकजुट होकर उनके घर पहुंचे और जबरन बाउंड्री को तोड़ दिया। आरोप है कि इसके बाद लाठी-डंडों से लैस भीड़ ने घर पर हमला करने की कोशिश की, जिससे पूरे परिवार में दहशत फैल गई। हालात बिगड़ते देख पीड़ित परिवार ने तत्काल माल बाजार थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने की खबर मिलते ही सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।

साहिब का यह भी आरोप है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार गांव वालों द्वारा झगड़ा, धमकी और गाली-गलौज की घटनाएं हो चुकी हैं। इस संबंध में पुलिस को पूर्व में भी शिकायत दी गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से आरोपियों के हौसले बुलंद हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें अपने ही घर में असुरक्षा का माहौल महसूस हो रहा है।

घटना के बाद से इलाके में तनाव बना हुआ है। स्थानीय लोगों के बीच भी इस विवाद को लेकर चर्चा तेज है। पीड़ित ने जिला प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, अवैध रूप से रास्ता निकालने की कोशिश पर रोक लगाई जाए और उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है, लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हो सकी है।