रसड़ा/बेल्थरा रोड (बलिया)। विद्युत वितरण खण्ड रसड़ा–बलिया के अंतर्गत विद्युत वितरण उपखण्ड रसड़ा/बेल्थरा रोड द्वारा बकाया बिजली बिल के चलते महिला उपभोक्ता सुभावती का बिजली कनेक्शन काटे जाने का मामला सामने आया है। विभाग द्वारा जारी विद्युत विच्छेदन पर्ची के अनुसार बकाया धनराशि जमा न होने के कारण 06 जनवरी 2026 को पोल से विद्युत आपूर्ति विच्छेदित की गई।
विच्छेदन पर्ची में स्पष्ट किया गया है कि यदि तीन दिन के भीतर बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया, तो विद्युत अधिनियम की धारा 138(बी) के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। पर्ची पर संबंधित अवर अभियंता/सहायक अभियंता/नोडल कर्मचारी के हस्ताक्षर दर्ज हैं। विभाग का कहना है कि उपभोक्ताओं को समय पर बिल जमा कर अनावश्यक असुविधा से बचना चाहिए।
इधर, बिजली कनेक्शन काटे जाने के बाद ग्रामीणों में भारी रोष देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना पर्याप्त सूचना और उनकी बात सुने ही बिजली आपूर्ति बाधित कर दी गई, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। ग्रामीणों ने मीडिया के माध्यम से प्रशासन और विद्युत विभाग से इंसाफ की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि यदि बकाया को लेकर कोई विवाद था, तो उसका समाधान बातचीत से किया जाना चाहिए था।
लालसा व आसपास के ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जल्द बिजली बहाल नहीं की गई और मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। ग्रामीणों की मांग है कि पीड़ित उपभोक्ता की बिजली आपूर्ति शीघ्र बहाल की जाए और भविष्य में इस तरह की कार्रवाई से पहले उपभोक्ताओं की बात सुनी जाए।
बकाया बिल पर महिला की बिजली कटी, इंसाफ की गुहार, लालसा जी व ग्रामीणों की आंदोलन की चेतावनी
सीहोर जिले में दलित महिला ने बलात्कार और जान से मारने की धमकी का लगाया गंभीर आरोप
सीहोर/राजगढ़।
जिले के श्यामपुर थाना क्षेत्र से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम खलेली निवासी एक दलित महिला ने आरोप लगाया है कि मजदूरी के दौरान उसे लगातार प्रताड़ित किया गया, उसके साथ दुराचार हुआ और विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकियां दी गईं। पीड़िता ने थाना प्रभारी श्यामपुर एवं पुलिस अधीक्षक को आवेदन पत्र देकर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पीड़िता का आरोप
आवेदन में महिला ने बताया है कि वह अपने पति रामबाबू के साथ मजदूरी का काम करती है। वर्ष 2023 में वे ग्राम रावनखेड़ा निवासी बबलू उर्फ रामबाबू पिता मदनलाल के यहां ईंट बनाने का कार्य कर रहे थे। इसी दौरान बबलू ने महिला ममता पती रामबाबू ईट भट्टे का काम कर रहे थे तब रामबाबू गेहूं पिसवाने के लिए गए जब महिला ममता ईट भट्टे पर अकेले काम कर रही थी तब ही बबलू की पत्नी ने चाय में नीद की गोली मिला दी जिससे ममता बेहोश हो गई और फिर बबलू ने उसके साथ दुराचार किया।
पीड़िता का कहना है कि जब उसने इस घटना की जानकारी अपने पति को बताने की कोशिश की, तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी लगातार उसके साथ गलत संबंध बनाने का दबाव डालता रहा और विरोध करने पर जातिसूचक गालियां देकर अपमानित करता रहा।
पुलिस से गुहार
पीड़िता ने बताया कि उसने पहले भी थाने में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की थी, लेकिन उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। अब उसने पुनः आवेदन पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। आवेदन में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि आरोपी बब्लू आमलाल के खिलाफ धारा 376 (बलात्कार), 506 (धमकी) एवं एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाए।
प्रशासन से मांग
महिला ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि आरोपी को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और उसे तथा उसके परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। पीड़िता ने कहा कि लंबे समय से मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित होने के बावजूद उसे इंसाफ नहीं मिल पा रहा है।
सामाजिक संगठनों का हस्तक्षेप
स्थानीय सामाजिक संगठनों ने भी इस घटना पर चिंता व्यक्त की है और प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। संगठनों का कहना है कि दलित महिला के साथ हुए इस अत्याचार पर पुलिस को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए और आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
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ग्रीनलैंड मामले पर डेनमार्क ने मांगा भारत का सपोर्ट, ट्रंप पर बरसते हए कहा- ‘हमें अमेरिका से खतरा है’
ग्रीनलैंड पर ट्रंप की धमकियों के बाद डेनमार्क ने भारत से समर्थन की अपील की है। डेनिश सांसद रास्मस जारलोव ने कहा कि अमेरिका का जबरन कब्जे का दावा गलत है और चीन-रूस के खतरे का तर्क झूठा है। उन्होंने इसे वैश्विक संप्रभुता का मुद्दा बताया।कोपेनहेगन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ग्रीनलैंड पर अपना दावा फिर से तेज कर दिया है, जिसके बाद डेनमार्क में हड़कंप मच गया है। बता दें कि ग्रीनलैंड आर्कटिक में स्थित एक स्ट्रैटेजिक आईलैंड है और यह डेनमार्क का सेमी-ऑटोनॉमस क्षेत्र है। यह पूरा इलाका दुर्लभ खनिज, यूरेनियम और आयरन जैसे प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर हैं। ट्रंप ने 2019 में भी इस द्वीप को खरीदने की पेशकश की थी, लेकिन डेनमार्क ने साफ कह दिया था कि वह इसे किसी भी कीमत पर नहीं बेचेगा। ग्रीनलैंड को जबरन कब्जाने की धमकियों के बीच डेनमार्क के एक सांसद ने इस मामले में भारत का समर्थन मांगा है।
अगर डेनमार्क प्यार से माना तो ठीक, वरना…’
बता दें कि वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर फिर से दबाव बढ़ा दिया है। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए कहा है कि अमेरिका को ग्रीनलैंड की जरूरत है, और अगर जरूरत पड़ी तो सैन्य बल का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। ट्रंप ने कहा है कि अगर डेनमार्क प्यार से माना तो ठीक, वरना अमेरिका जबरन इस द्वीप पर कब्जा करेगा। डेनमार्क की रक्षा समिति के अध्यक्ष और सांसद रास्मस जारलोव ने ANI को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप प्रशासन के दावों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि अमेरिका ग्रीनलैंड पर संप्रभुता का दावा नहीं कर सकता।
‘उम्मीद करता हूं कि भारत भी हमारा साथ देगा’
जारलोव ने कहा, ‘ग्रीनलैंड भारत से बहुत दूर है, लेकिन यहां बहुत महत्वपूर्ण सिद्धांत दांव पर लगे हैं। क्या भारत यह स्वीकार करेगा कि कोई विदेशी ताकत उसके किसी इलाके पर सैन्य बल से या स्थानीय लोगों को रिश्वत देकर कब्जा करने की कोशिश करे? मुझे लगता है कि भारत ऐसी किसी भी हरकत से बहुत नाराज होगा, और हर देश को ऐसा ही होना चाहिए। इसलिए मैं उम्मीद करता हूं कि भारत भी हमारा साथ देगा, क्योंकि यह पूरी दुनिया के हित में है। अगर हम इसे नॉर्मल बना देंगे कि कोई किसी के भी इलाके पर कब्जा कर सकता है, तो दुनिया बहुत अराजक हो जाएगी।’
‘अमेरिका अपने सहयोगी देशों को धमकी दे रहा’
जारलोव ने वेनेजुएला की घटना का जिक्र करते हुए कहा, ‘अमेरिका ने नया तेवर अपना लिया है और अपने ही सहयोगी देशों को धमकी दे रहा है, जिन्होंने अमेरिका के खिलाफ कभी कुछ नहीं किया, बल्कि बहुत वफादार सहयोगी रहे हैं।’ उन्होंने जोर देकर कहा कि ग्रीनलैंड पर कोई खतरा नहीं है, यहां किसी से कोई दुश्मनी नहीं है और ट्रंप के हमले की कोई वजह नहीं है। उन्होंने कहा, ‘अमेरिका पहले से ही ग्रीनलैंड में सैन्य और अन्य तरीकों से पहुंच रखता है। वहां कोई ड्रग रूट नहीं है, कोई गैरकानूनी सरकार नहीं। कोई ऐतिहासिक मालिकाना हक नहीं, कोई समझौता भी नहीं टूटा, कुछ भी ऐसा नहीं है जो इसे जायज ठहराए।’
‘चीन के खतरे की बात झूठी, अमेरिका से खतरा’
जारलोव ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के इस दावे को खारिज किया कि ग्रीनलैंड रूस या चीन के मिसाइल हमलों से अमेरिका और दुनिया की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। जारलोव ने कहा, ‘ग्रीनलैंड पर कोई खतरा नहीं है। असली खतरा सिर्फ अमेरिका से है। चीन के खतरे की बात झूठी है। वहां चीन की कोई गतिविधि नहीं है, न कोई दूतावास, न खनन, न सैन्य मौजूदगी। ग्रीनलैंड में चाइनीज रेस्तरां ढूंढना भी मुश्किल है।’ उन्होंने तर्क दिया कि अगर वाकई खतरा होता तो अमेरिका ने ग्रीनलैंड में अपनी सेना 99 फीसदी कम नहीं की होती। पहले वहां 15,000 सैनिक थे, अब सिर्फ 150 रखे हैं। इससे साफ है कि रूस या चीन का कोई बड़ा खतरा नहीं है।’
न्यूजीलैंड सीरीज में रोहित शर्मा कर सकते हैं बड़ा कारनामा, इस मामले में तेंदुलकर और गेल को छोड़ देंगे पीछे
न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज में रोहित शर्मा के पास बड़ा रिकॉर्ड तोड़ने का मौका होगा। इस वक्त रोहित वनडे क्रिकेट में शानदार फॉर्म में चल रहे हैं।भारत और न्यूजीलैंड के बीच वनडे सीरीज का आगाज 11 जनवरी से हो रहा है। इस सीरीज में टीम इंडिया के दिग्गज सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा के पास एक दो नहीं बल्कि कई रिकॉर्ड बनाने का मौका होगा। वनडे सीरीज का पहला मैच वडोदरा में खेला जाएगा। इस मैच में रोहित शर्मा के पास सचिन तेंदुलकर का एक बहुत बड़ा रिकॉर्ड तोड़ने का मौका होगा। रोहित इंटरनेशनल क्रिकेट में ओपनर के तौर पर सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन सकते हैं।
सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ सकते हैं रोहित शर्मा
इंटरनेशनल क्रिकेट में ओपनर के तौर पर सबसे ज्यादा शतक लगाने का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के डेविड वॉर्नर के नाम है। वॉर्नर ने 49 शतक लगाए हैं। वहीं दूसरे नंबर पर संयुक्त रूप से रोहित शर्मा और सचिन तेंदुलकर का नाम है। दोनों ही खिलाड़ियों के नाम 45-45 शतक दर्ज हैं। ऐसे में रोहित अगर न्यूजीलैंड सीरीज में एक और शतक लगाते हैं तो वह इंटरनेशनल क्रिकेट में ओपनर के तौर पर सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन जाएंगे और ओवरऑल लिस्ट में वह दूसरे नंबर पर पहुंच जाएंगे।
रोहित के निशाने पर क्रिस गेल का बहुत बड़ा रिकॉर्डतीनों फॉर्मेट को मिलाकर रोहित शर्मा इंटरनेशनल क्रिकेट में 648 सिक्स लगा चुके हैं। ऐसे में वह आगामी मैच में अगर दो सिक्स और लगा लेते हैं तो वह इंटरनेशनल क्रिकेट में 650 छक्के लगाने वाले पहले खिलाड़ी बन जाएंगे। इसके साथ ही रोहित यदि पहले वनडे में दो छक्के लगाने में कामयाब रहते हैं तो बतौर ओपनर वनडे में सबसे ज्यादा छक्का लगाने वाले बल्लेबाज बन जाएंगे। इस समय क्रिस गेल ने बतौर ओपनर वनडे में 328 छक्के लगाए हैं.वहीं, रोहित के नाम बतौर ओपनर वनडे में अबतक कुल 327 छक्के दर्ज है।
वनडे क्रिकेट में कैसा रहा है रोहित का रिकॉर्ड?
वनडे फॉर्मेट में रोहित के आंकड़ों की बात करें तो उन्होंने अबतक 279 वनडे मैच खेले हैं और वहां उन्होंने 11516 रन बनाए हैं, जिसमें तीन दोहरे शतक शामिल हैं। 2022 से 2025 तक हिटमैन ने वनडे फॉर्मेट में भारत की कप्तानी की है, हाल ही में रोहित विजय हजारे ट्रॉफी में खेलते हुए नजर आए थे और सिक्किम के खिलाफ मैच में 37वां लिस्ट ए शतक लगाया था। उस मैच में उन्होंने 93 गेंदों में 155 रन की पारी खेली थी। अब फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच में भी हिट मैन का जलवा देखने को मिलेगा।
‘हमें अपने इतिहास का बदला लेना होगा’, देश के दुश्मनों पर NSA अजित डोवल के तीखे बोल
अजित डोवल ने समझाया कि देश की इच्छाशक्ति के लिए ही युद्ध लड़े जाते हैं। आज भी हो रही सभी जंगों को देखिए, कुछ देश दूसरों पर अपनी इच्छाओं को थोपना चाहते हैं, और इसके लिए वे ताकत का इस्तेमाल कर रहे हैं। नई दिल्ली: विकसित भारत युवा नेता संवाद के उद्घाटन समारोह NSA अजित डोवल ने देश के दुश्मनों पर कड़े प्रहार किए। उन्होंने कहा कि यह आजाद भारत हमेशा से उतना स्वतंत्र नहीं था जितना अब नजर आता है। इसके लिए हमारे पूर्वजों ने बलिदान दिए। उन्होंने बहुत अपमान सहा और काफी ज्यादा असहायता के दौर का सामना किया। इस दौरान, कई लोगों को फांसी हुई। हमारे गांवों तक को जला दिया गया। हमारी सभ्यता को नष्ट करने की कोशिश हुई। हमारे मंदिर लूटे गए और हम मूक दर्शक बने रहे। असहाय रूप से उसे देखते रहे।
हर युवा के अंदर होनी चाहिए बदलाव की आग- डोवल
NSA अजित डोवल ने आगे कहा, ‘यह इतिहास हमें एक चैलेंज देता है कि आज भारत के हर युवा के अंदर बदलाव की आग होनी चाहिए। प्रतिशोध शब्द आदर्श नहीं है, पर प्रतिशोध खुद एक शक्तिशाली शक्ति है। हमें अपनी हिस्ट्री का बदला लेना होगा। हमें इस भारत को उस मुकाम पर वापस ले जाना होगा जहां हम अपने अधिकारों, अपनी सोच और अपनी मान्यताओं के बेस पर एक महान भारत का निर्माण कर सकें।’
‘युवाओं को याद रखना होगा इतिहास का सबक’
उन्होंने आगे कहा कि हमारी सभ्यता बहुत विकसित थी। हमने किसी और के धर्मस्थल नहीं तोड़े। हम लोग कहीं लूटपाट करने भी नहीं गए। बाकी की दुनिया जब बहुत पिछड़ी थी, तब हमने किसी देश या किसी विदेशी पर अटैक नहीं किया। लेकिन हम अपनी सिक्योरिटी और खुद के लिए खतरों को समझने में फेल रहे। हिस्ट्री ने हमें सिखाया है। हम जब भी उनके प्रति उदासीन रहे, तो हमें एक सीख मिली। लेकिन हमने क्या वह सबक लिया? क्या हम उस सीख को याद रखेंगे? अगर आने वाली पीढ़ियां उस सीख को भूल जाती हैं, तो यह इस भारत के लिए सबसे बड़ी त्रासदी होगी।
युद्ध क्यों लड़ने पड़ते हैं?
NSA अजित डोवल बोले, ‘आप अपनी Willpower को बढ़ा सकते हैं। यही इच्छाशक्ति आगे चलकर राष्ट्रीय शक्ति बन जाती है। हम जंग क्यों लड़ते हैं? हम मनोरोगी नहीं हैं जिन्हें दुश्मन के लाशों और कटे अंगों को देखकर संतुष्टि मिलती है। जंग इसलिए नहीं लड़ी जाती। युद्ध किसी देश का मनोबल तोड़ने के लिए होते हैं, ताकि वह हमारी इच्छा के मुताबिक सरेंडर कर दे और हमारी शर्तें मान ले, जिससे हम अपनी इच्छित उपलब्धि पा सकें।’
18 महीने से अटका सरकारी भुगतान, ठेकेदार परेशान, विकास भवन के चक्कर काटने को मजबूर
गाजियाबाद।
जिले के राजकीय छात्रावासों में कराए गए विद्युत एवं मरम्मत कार्यों का भुगतान पिछले 18 महीनों से लंबित होने का गंभीर मामला सामने आया है। भुगतान न मिलने से स्थानीय ठेकेदार आर्थिक संकट से जूझ रहा है। बार-बार आश्वासन के बावजूद विभागीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई न होने से यह मामला अब प्रशासनिक उदासीनता का उदाहरण बनता जा रहा है।
गाजियाबाद के फेज-2 डागर विहार निवासी देवेंद्र चौधरी ने बताया कि उनकी फर्म ए.आर.डी. इंटरप्राइजेज द्वारा राजकीय छात्रावास भोपूरा (नंदग्राम) एवं राजकीय बालिका छात्रावास साहिबाबाद में बिजली से संबंधित कार्य और अन्य आवश्यक मरम्मत कार्य कराए गए थे। कार्य पूर्ण होने के बाद विधिवत बिल भी समय-समय पर विभाग को सौंपे गए, लेकिन आज तक भुगतान नहीं किया गया।
ठेकेदार का कहना है कि शुरुआत में अधिकारियों ने “बजट आते ही भुगतान” का भरोसा दिलाया, लेकिन महीनों तक मामला टलता रहा और देखते-देखते 18 महीने बीत गए। हैरानी की बात यह है कि पुराने भुगतान लंबित रहने के बावजूद उनसे आगे भी कार्य कराए जाते रहे।
देवेंद्र चौधरी के अनुसार कुल बकाया राशि ₹3,54,106 है। इतनी बड़ी रकम अटके रहने से कर्मचारियों का वेतन, सामग्री की उधारी और रोजमर्रा के खर्च निकालना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कई बार विकास भवन जाकर अधिकारियों से मुलाकात की, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला।
इस संबंध में उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी, गाजियाबाद को लिखित प्रार्थना पत्र सौंपकर जल्द भुगतान की मांग की है। साथ ही जिला समाज कल्याण अधिकारी को भी इसकी प्रतिलिपि भेजी गई है। विभाग द्वारा 26 अगस्त 2022 को जारी पत्र में भुगतान से संबंधित कार्यादेश व विपत्रों की छायाप्रति मांगी गई थी, जिसे उपलब्ध कराने के बाद भी भुगतान प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यदि समय पर भुगतान नहीं हुआ तो छोटे और मध्यम ठेकेदारों का सरकारी विभागों पर से भरोसा उठ जाएगा। सरकारी काम पूरा होने के बाद भी महीनों दफ्तरों के चक्कर लगाना अब मजबूरी बनता जा रहा है।
नंदग्राम के अनुसूचित जाति हॉस्टल की बदलेगी सूरत
नंदग्राम स्थित समाज कल्याण विभाग के अनुसूचित जाति-जनजाति बालक छात्रावास की सूरत अब बदलने की तैयारी है। हॉस्टल में शुद्ध पेयजल, सुरक्षा व्यवस्था, दरवाजे-खिड़कियों की मरम्मत सहित सुंदरीकरण के लिए शासन से करीब ₹2.11 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ है। इसमें से पहली किश्त जारी किए जाने की जानकारी दी गई है।
वर्ष 2011 में बने इस छात्रावास के गेट, चहारदीवारी, फर्श और अन्य संरचनात्मक मरम्मत कराई जाएगी। समाज कल्याण अधिकारी अमरजीत सिंह के अनुसार कार्य पूर्ण होने के बाद हॉस्टल की सुविधाओं में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
यश की ‘टॉक्सिक’ के टीजर में इंटीमेट सीन देकर छाई मिस्ट्री गर्ल, इस देश से है ताल्लुक
हाल ही में यश की ‘टॉक्सिक’ का टीजर जारी किया गया, जिसकी काफी चर्चा हो रही है। इस बीच टीजर में नजर आई एक हसीना ने भी सबको हैरान कर दिया। तो चलिए जानते हैं कि यश के साथ बोल्ड सीन देने वाली ये एक्ट्रेस कौन है? ‘केजीएफ’ फ्रेंचाइजी की सफलता के साथ बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रचने वाले कन्नड़ स्टार यश अब अपनी अपकमिंग फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स’ को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में फिल्म टीजर जारी किया गया, जो इंटरनेट पर धूम मचा रहा है। टॉक्सिक के टीजर में यश अपने गैंगस्टर वाले लुक से हर तरफ छा गए हैं। वहीं इस टीजर में यश के साथ इंटीमेट सीन देकर एक मिस्ट्री गर्ल भी चर्चा में आ गई है। टीजर जारी होते ही कुछ ही घंटों के अंदर सुर्खियों में आ गया और उससे भी ज्यादा इस मिस्ट्री गर्ल के चर्चे हैं। तो चलिए जानते हैं टॉक्सिक के टीजर में नजर आई ये हसीना कौन है?
डायरेक्टर ने बताया कौन है वायरल गर्ल
टॉक्सिक का टीजर जारी होते ही सोशल मीडिया पर तरह-तरह के नामों पर चर्चा शुरू हो गई। लेकिन, अब खुद फिल्म की डायरेक्टर गीतु मोहनदास सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए इस हसीना की आइडेंटिटी सबके सामने जाहिर कर दी है। उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक पोस्ट साझा करते हुए आधिकारिक तौर पर अभिनेत्री की पहचान जाहिर की, जिनका नाम बीट्रिज टौफेनबैक है। गीतु मोहनदास ने टीजर से एक स्टिल शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “यह खूबसूरत अभिनेत्री मेरी कब्रिस्तान वाली लड़की बीट्रिज टौफेनबैक है।”
वायरल गर्ल को नताली बर्न समझ रहे थे लोग
तब तक, कई लोगों ‘टॉक्सिक’ की इस हसीना को एक्ट्रेस नताली बर्न मान रहे थे। कई ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि टॉक्सिक में यश के साथ नजर आई हसीना कोई और नहीं बल्कि नताली बर्न हैं। हालांकि, अब गीतु मोनदास के पोस्ट के साथ साफ हो गया है कि ‘टॉक्सिक’ की ये वायरल हसीना नताली बर्न नहीं बल्कि बीट्रिज टौफेनबैक हैं।
कौन हैं बीट्रिज टौफेनबैक?
बीट्रिज टौफेनबैक की बात करें तो वह एक ब्राजीलियाई एक्ट्रेस और मॉडल हैं, जो ‘टॉक्सिक’ के टीजर के चलते रातोंरात मशहूर हो गई हैं। बीट्रिज ने 2014 में कैरेक्टर मॉडल टूर के ज़रिए एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में कदम रखा और नेशनल, इंटरनेशनल फैशन रनवे पर जलवा बिखेरा। मॉडलिंग के साथ-साथ उन्होंने एक्टिंग की भी ट्रेनिंग ली और एक्टिंग के अलावा वह सिंगिंग के लिए भी मशहूर हैं। खास बात तो ये है कि उन्हें कई भाषाएं आती हैं।
क्या है वायरल सीन?
टीजर की शुरुआत एक शांत कब्रिस्तान में चल रहे अंतिम संस्कार से होती है। फिर एक सीन में यश के किरदार राया और बीट्रिज़ के किरदार के बीच एक इंटीमेट सीन देखने को मिलते हैं, दोनों के पीछे बम होता है, इसके बाद भी दोनों शांत रहते हैं। इसके बाद गोलीबारी शुरू हो जाती है और धुआं हवा में भर जाता है, लाशें गिरने लगती हैं, जिसके बाद राया हाथ में टॉमी गन और सिगार लिए आगे बढ़ता है।
संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से 2 अप्रैल तक चलेगा, इस बार खास दिन पेश होगा बजट, जानें
संसद का बजट सत्र 2026 इस बार 28 जनवरी से 2 अप्रैल 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इसका पहला चरण 13 फरवरी 2026 को समाप्त होगा। किस दिन पेश होगा बजट, जानें..संसद का बजट सत्र 2026, इस बार सत्र 28 जनवरी से 2 अप्रैल 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इसका पहला चरण 13 फरवरी 2026 को समाप्त होगा और संसद 9 मार्च 2026 को पुनः एकत्रित होगी। भारत सरकार की सिफारिश पर, माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के दोनों सदनों को 2026 के बजट सत्र के लिए बुलाने की मंजूरी दे दी है। यह सत्र 28 जनवरी 2026 से शुरू होकर 2 अप्रैल 2026 तक चलेगा।
पहला चरण 13 फरवरी 2026 को समाप्त होगा और संसद 9 मार्च 2026 को पुनः एकत्रित होगी। यह सार्थक बहस और जन-केंद्रित शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
रविवार को इस बार पेश होगा बजट
बहुप्रतीक्षित केंद्रीय बजट 2026 की तारीखें आधिकारिक तौर पर घोषित हो गई हैं। हाल की परंपरा से हटकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को केंद्रीय बजट 2026 पेश करेंगी, जो कि रविवार का दिन है। संसदीय मामलों की कैबिनेट समिति ने बजट कार्यक्रम को अंतिम रूप दे दिया है।
प्रमुख तिथियां इस प्रकार हैं:
संसद का बजट सत्र 28 जनवरी 2026 से शुरू होकर 2 अप्रैल 2026 तक चलेगा।
पहला चरण 13 फरवरी 2026 को समाप्त होगा। दूसरा चरण 9 मार्च 2026 से शुरू होगा।
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 29 जनवरी 2026 को प्रस्तुत किया जाएगा।
केंद्रीय बजट 2026-27 1 फरवरी 2026 को पेश किया जाएगा।
रविवार को बजट पेश होना एक दुर्लभ घटना है।
हालांकि 1 फरवरी 2017 में स्थापित परंपरा के अनुरूप है, लेकिन सप्ताह का दिन नहीं। यह पहली बार नहीं होगा जब केंद्रीय बजट रविवार को पेश किया जाएगा, लेकिन यह एक दुर्लभ घटना है।
वित्तीय वर्ष की शुरुआत (1 अप्रैल) तक धनराशि का आवंटन सुनिश्चित करने के लिए, 2017 में बजट की तिथि 28 फरवरी से बदलकर 1 फरवरी कर दी गई थी।
बेल्लारी हिंसा मामले से जुड़ी बड़ी खबर, सरकार ने CID को सौंपी जांच
बेल्लारी में हुई झड़प की जांच अब सरकार ने CID को सौंप दी है। बता दें कि इस मामले में एक कांग्रेस कार्यकर्ता की मौत हो गई थी। इसके बाद जिले में एसपी को निलंबित भी कर दिया गया था।कर्नाटक के बेल्लारी में भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प मामले से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, सरकार ने बेल्लारी में 1 जनवरी की हिंसा की जांच औपचारिक रूप से आपराधिक जांच विभाग (CID) को स्थानांतरित कर दी है। बता दें कि कांग्रेस विधायक नारा भरत रेड्डी और भाजपा विधायक जी. जनार्दन रेड्डी के समर्थकों के बीच हुई झड़प में 26 वर्षीय कांग्रेस कार्यकर्ता की मौत हो गई थी। इसके बाद से ही दोनों दलों के बीच राजनीतिक गतिरोध पैदा हो गया है।
एक कार्यकर्ता की हुई थी मौत
दरअसल, नए साल के दिन अशांति तब शुरू हुई जब भाजपा विधायक जी. जनार्दन रेड्डी के आवास के पास बैनर लगाने को लेकर विवाद शुरू हो गया। दोनों दलों के बीच असहमति के बीच विवाद शुरू हुआ और देखते ही देखते पत्थरबाजी होने लगी। इसी बीच फायरिंग भी की गई, जिसमें अफरा-तफरी के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता राजशेखर को गोली लग गई और बाद में उन्होंने दम तोड़ दिया।
पुलिस अधीक्षक निलंबित
इस घटना के बाद राज्य सरकार ने कानून व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहने के लिए बेल्लारी के पुलिस अधीक्षक पवन नेज्जूर को निलंबित कर दिया था। बाद में पुलिस ने ब्रूसपेट पुलिस स्टेशन में चार एफआईआर दर्ज की और अब तक दोनों पक्षों के 26 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब देखने वाली बात ये होगी कि सीबीआई इस मामले की जांच कब तक पूरी कर लेती है।
जनार्दन रेड्डी ने जान को बताया खतरा
हाल ही में इस घटना के बाद से भाजपा विधायक जी जनार्दन रेड्डी ने गृह मंत्री और सीएम को पत्र भी लिखा था। भाजपा विधायक ने खुद की जान को खतरा बताते हुए जेड श्रेणी की सुरक्षा की मांग की थी। इसके अलावा उन्होंने राज्य में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से फेल होने की बात कही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक नारा भरत रेड्डी के कहने पर सतीश रेड्डी और उसके लोगों ने सीधा हमला किया।
भिण्ड में विवाहिता को जहर खिलाकर मारने की कोशिश, ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप
पीड़िता ग्वालियर रेफर, आरोपी बोले– “हम पुलिस में रहते हैं, हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता”**
भिण्ड।
जिले के देहात थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज और मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। महावीर नगर स्कूल के पीछे रहने वाली एक विवाहिता को उसके ही ससुराल पक्ष के लोगों ने बेरहमी से मारपीट कर जबरदस्ती जहर खिला दिया। हालत गंभीर होने पर पीड़िता को ग्वालियर रेफर किया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।
पीड़िता की पहचान सुरभी पति नन्दकिशोर उर्फ नन्दू के रूप में हुई है। आरोप है कि नीलू, नीतू, नन्दू और उनकी जिठानी ने मिलकर सुरभी को एक कमरे में बंद कर लिया, बच्चों को बाहर निकलने से रोकने के लिए किवाड़ बंद कर दिए और उसके साथ बुरी तरह मारपीट की। इसके बाद जान से मारने की नीयत से उसे जहर खिला दिया गया।
घटना की जानकारी तब सामने आई जब पीड़िता के बेटे ने घबराकर ननिहाल फोन किया। सूचना मिलते ही परिजन कुठोंद जिला जालौन उत्तर प्रदेश से भिण्ड पहुंचे। इसी दौरान पुलिस को भी सूचना दी गई, जिसके बाद घायल अवस्था में सुरभी को पहले भिण्ड और फिर ग्वालियर रेफर किया गया। डॉक्टरों के अनुसार सुरभी के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान हैं और उसकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।
पीड़िता की मां सुनीता पत्नी अनिल कुमार ने थाना प्रभारी देहात भिण्ड को दिए गए आवेदन में आरोप लगाया है कि घटना के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। जब परिजनों ने फोन कर संपर्क करने की कोशिश की तो आरोपियों ने खुलेआम धमकी देते हुए कहा कि वे पुलिस में रहते हैं और उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
इस घटना के बाद से पीड़िता का पूरा परिवार दहशत में है। परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते उनके नाती ने फोन नहीं किया होता तो सुरभी की जान जा सकती थी। पीड़िता की मां ने मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और आवेदन के आधार पर उचित धाराओं में केस दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। हालांकि सवाल यह भी उठ रहा है कि गंभीर आरोपों के बावजूद आरोपी अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर क्यों हैं।
यह मामला न केवल घरेलू हिंसा की भयावह तस्वीर पेश करता है, बल्कि कानून व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
पीड़ित परिवार का कहना है कि मामले को समय रहते गंभीरता से लिया जाए जिसमें शक्ति सशक्त कार्यवाही की जाए अगर मामले में समय रहते कोई कार्यवाही नहीं की गई तो हमारी जान भी जा सकती हैं

