Sunday, July 12, 2026
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पट्टे का मकान हड़पने का आरोप दलित विधवा को जातिसूचक गालियां, जान से मारने की धमकी; अफसरों के चक्कर काटती रही पीड़िता

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दतिया | इंदरगढ़
इंदरगढ़ नगर परिषद क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है। अनुसूचित जाति की गरीब विधवा महिला ने आरोप लगाया है कि शासन से मिले पट्टे के मकान पर दबंग ने अवैध कब्जा कर लिया। विरोध करने पर जातिसूचक गालियां दी गईं और जान से मारने की धमकी भी दी गई। पीड़िता वर्षों से पुलिस, तहसील, नगर परिषद और जिला प्रशासन के दफ्तरों के चक्कर काट रही है, लेकिन कार्रवाई शून्य है।
60 साल पुराना पट्टा, फिर भी बेदखली
पीड़िता गुड्डी जाटव (पत्नी पातीराम जाटव), वार्ड क्रमांक-5 राजा का बाग, इंदरगढ़ निवासी है। उसका कहना है कि करीब 60 वर्ष पहले शासन ने पट्टे पर मकान आवंटित किया था। घरेलू विवाद के चलते वह कुछ समय बच्चों के साथ मायके गई—इसी दौरान आरोपी ने साजिश कर कब्जा कर लिया।
शराब पिलाकर खाली कागजों पर हस्ताक्षर
आरोप है कि हनुमंत यादव और प्रितपाल यादव (निवासी कुईकुआ, थाना गोदन, तहसील भांडेर) ने पीड़िता के पति को शराब पिलाकर खाली दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए और उसी के आधार पर मकान हथिया लिया।
धमकी: “हटी तो मरवा देंगे”
पीड़िता के मुताबिक, मकान खाली कराने की बात करने पर आरोपी और उसके साथियों ने अपमानित किया, जातिसूचक शब्द कहे और धमकी दी—“यहां से हट जा, नहीं तो शराब पिलाकर तुझे भी मरवा देंगे।” महिला को जान का खतरा बताया जा रहा है।
शिकायतें बहुत, कार्रवाई नहीं
पीड़िता ने थाना इंदरगढ़, हरिजन थाना दतिया, तहसीलदार, नगर परिषद अध्यक्ष, एसडीएम और कलेक्टर तक कई लिखित शिकायतें दीं। हर बार आश्वासन मिला, लेकिन कब्जा नहीं हटा और मामला दर्ज नहीं हुआ।
समग्र परिवार कार्ड भी सबूत
महिला का समग्र परिवार कार्ड शासन के रिकॉर्ड में दर्ज है, जिसमें उसका नाम स्पष्ट है। इसके बावजूद कार्रवाई न होना प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल खड़े करता है।
क्या कहती है मांग
पीड़िता ने मांग की है कि
मकान से तत्काल अवैध कब्जा हटाया जाए,
आरोपी पर एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम सहित धाराओं में केस दर्ज हो,
पीड़िता और परिवार को सुरक्षा दी जाए।

क्या है पुरा मामला

किराये का मकान खाली न करने पर पंचनामा, प्रशासन से कार्रवाई की मांग

गांव बासियो (तहसील शाम, जिला दतिया) में किराये के मकान को खाली न करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में ग्रामीणों द्वारा पंचनामा तैयार कर प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की गई है।
पंचनामा में बताया गया कि खुशीराम (जाति प्राप्ख) ने अपना मकान बलवंत को 5,000 रुपये प्रतिमाह किराये पर दिया था। बाद में मकान के वास्तविक स्वामी श्रीमती गुड्डी देवी (जाख/पर्याल पातीराय जाबी) ने मकान खाली करने को कहा, लेकिन बलवंत ने कथित रूप से पेड़ काटने व अन्य दुरुपयोग के आरोपों के बावजूद मकान खाली नहीं किया।
ग्रामीणों का कहना है कि वे कृषि कार्य के लिए बाहर गए थे, इसी दौरान किरायेदार ने मकान पर कब्जा बनाए रखा। बार-बार कहने के बावजूद मकान खाली नहीं किया गया, जिससे विवाद बढ़ गया।
मकान खाली करवाने के लिए मौके पर पंचनामा तैयार किया गया और संबंधित अधिकारियों से त्वरित कार्रवाई की मांग की गई।
पंचनामा पर हस्ताक्षर करने वालों में
रमेश, देवलाल, रवि, जितेंद्र चौधरी, गोरी, गौरी तथा रामस्वरूप मंडेलिया (अध्यक्ष, नगर परिषद इंदरगढ़) शामिल हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर शीघ्र समाधान की अपील की है।

पीड़िता का कहना है कि उसने उच्च अधिकारियों तक गुहार लगा ली है, अब मुख्यमंत्री से मीडिया के जरिए न्याय की अपील कर रही है।

नाबालिग को धमकी, अवैध रिश्ते का वीडियो बना तो मच गया बवाल, खीरों पुलिस से न्याय की गुहार

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रायबरेली (खीरों)। जिले के खीरों थाना क्षेत्र के बलिया गांव से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक नाबालिग किशोर को सच्चाई उजागर करने की कोशिश करना भारी पड़ गया। आरोप है कि गांव निवासी रंजीत कुमार के छोटे भाई गोलू कुमार (उम्र करीब 15 वर्ष) को उसकी ही भाभी रेखा और उसके कथित प्रेमी लक्ष्मी शंकर लगातार जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। परिवार दहशत में है और पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगा रहा है।

रंजीत कुमार के अनुसार, उसकी भाभी रेखा के पिछले लगभग छह महीने से गांव के ही लक्ष्मी शंकर के साथ अवैध संबंध हैं। यह बात पूरे गांव में चर्चा का विषय बन चुकी थी। रेखा का पति सरवन इस रिश्ते से अनजान था, लेकिन आरोप है कि रेखा और लक्ष्मी शंकर मिलकर उसे शराब पिलाते थे, ताकि वह होश में न रहे और वे अपने नाजायज संबंध को बेखौफ जारी रख सकें।

रंजीत ने बताया कि उसका छोटा भाई गोलू इस स्थिति से बेहद आहत था। उसे अच्छा नहीं लगता था कि उसकी भाभी उसके सगे भाई को धोखा दे रही है। इसी वजह से गोलू ने रेखा और लक्ष्मी शंकर की मुलाकातों पर नजर रखी और एक दिन दोनों का वीडियो भी बना लिया, ताकि परिवार के सामने सच्चाई लाई जा सके और यह रिश्ता खत्म हो। लेकिन जैसे ही यह बात रेखा और लक्ष्मी शंकर को पता चली, दोनों बौखला गए।

परिवार का आरोप है कि इसके बाद रेखा और लक्ष्मी शंकर ने गोलू को खुलेआम धमकियां देनी शुरू कर दीं। कहा गया कि अगर वीडियो किसी को दिखाया या किसी से इस बारे में बात की तो उसे जान से मरवा दिया जाएगा। नाबालिग गोलू इस समय भय और तनाव में जी रहा है। वह घर से बाहर निकलने में भी डर रहा है और परिवार को हर पल किसी अनहोनी की आशंका सता रही है।

रंजीत कुमार ने खीरों थाने में लिखित शिकायत देकर मांग की है कि उसकी भाभी रेखा और लक्ष्मी शंकर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए और उसके नाबालिग भाई को सुरक्षा दी जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो किसी बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। गांव में भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज है और लोग पुलिस से सख्त कदम उठाने की उम्मीद कर रहे हैं।

अब देखना यह होगा कि खीरों पुलिस इस गंभीर मामले में कितनी जल्दी कार्रवाई करती है और एक नाबालिग की जान को खतरे में डालने वालों पर क्या सख्ती होती है।

“अगर मैं न होता तो खत्म हो जाता NATO”, ट्रंप का एक और बड़ा बयान, ग्रीनलैंड पर फिर बोले- हासिल करना ही होगा

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NATO को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा कि उनके बिना यह संगठन खत्म हो गया होता। नाटो को बचाने वाला मैं ही हूं।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो (NATO) और ग्रीनलैंड को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने दावा किया है कि उनकी वजह से ही नाटो आज अस्तित्व में है। इसके साथ ही, उन्होंने ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण की इच्छा भी दोहराई है।
“नाटो को बचाने वाला मैं ही हूं”
डोनाल्ड ट्रंप ने NATO को लेकर कहा कि उनके बिना यह संगठन खत्म हो गया होता। ट्रंप का दावा है कि उनके कारण नाटो सदस्य देशों ने अपने रक्षा खर्च में भारी वृद्धि की है। उन्होंने कहा, “नाटो को बचाने वाला मैं नहीं हूं। मैंने ही तो उन्हें जीडीपी का 5.5% हिस्सा देने के लिए राजी किया। पहले यह 2% था, और वे नहीं देते थे। अब वे 5% दे रहे हैं। नाटो को बचाने वाला मैं ही हूं।”
उन्होंने आगे कहा, “अगर मैं राष्ट्रपति नहीं होता तो NATO होता ही नहीं। हो सकता है नाटो नाराज हो जाए अगर मैं ऐसा करूं (अगर मैं अमेरिका को नाटो से बाहर निकाल लूं)। हो सकता है नाटो से बहुत सारा पैसा बच जाए। मुझे नाटो पसंद है। मैं बस सोचता हूं कि अगर हमें नाटो की ज़रूरत पड़ी, तो क्या वे हमारे लिए मौजूद रहेंगे? मुझे यकीन नहीं है कि वे रहेंगे। हमने नाटो पर बहुत पैसा खर्च किया है।”
“ग्रीनलैंड को अपने नियंत्रण में नहीं लूं तो…”
वहीं, ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप का रुख काफी आक्रामक नजर आया। ट्रंप ने तर्क दिया कि यदि अमेरिका ग्रीनलैंड को अपने नियंत्रण में नहीं लेता है, तो रूस या चीन इस पर कब्जा कर लेंगे। उन्होंने कहा, “मैं ऐसा नहीं होने दूंगा। मुझे उनके साथ (ग्रीनलैंड के साथ) समझौता करना अच्छा लगेगा। यह आसान होगा। लेकिन किसी न किसी तरह हमें ग्रीनलैंड हासिल करना ही होगा।”

रिकॉर्डतोड़ सर्दी: दिल्ली में 13 साल का रिकॉर्ड टूटा, राजस्थान के कई शहरों में पारा शून्य से नीचे

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उत्तर भारत के राज्यों में कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। दिल्ली के पालम स्टेशन पर पिछले 13 वर्षों का रिकॉर्ड टूट गया है, जहां पारा 3.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।उत्तर भारत के राज्यों में पड़ रही कड़ाके की सर्दी ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। दिल्ली समेत पड़ोसी राज्यों में भीषण शीत लहर का प्रकोप देखा गया। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इस सीजन की पहली और सबसे भीषण शीत लहर दर्ज की गई, जहां आयानगर में न्यूनतम तापमान गिरकर 2.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली के पालम स्टेशन पर पिछले 13 वर्षों का रिकॉर्ड टूट गया है, जहां पारा 3.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सफदरजंग वेधशाला में भी तापमान सामान्य से 2.6 डिग्री कम यानी 4.8 डिग्री सेल्सियस रहा। कड़ाके की ठंड और बर्फीली हवाओं के चलते मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।

राजस्थान में कड़ाके की सर्दी
राजस्थान के हालात और भी गंभीर हैं, जहां रेगिस्तानी इलाकों में तापमान शून्य से नीचे (माइनस में) चला गया है। प्रतापगढ़ में न्यूनतम तापमान शून्य से 2 डिग्री नीचे (-2°C) दर्ज किया गया, जबकि बाड़मेर में यह शून्य से 1 डिग्री नीचे (-1°C) रहा। पिलानी, सीकर और चूरू जैसे शहरों में भी पारा 1 से 2 डिग्री के बीच बना हुआ है। राज्य के अधिकतर हिस्सों में ओस की बूंदें जमने लगी हैं और भीषण ठंड के कारण लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं। जयपुर में भी रविवार की सुबह 9.2 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ काफी सर्द रही और विभाग ने अभी राहत नहीं मिलने के संकेत दिए हैं।

इन राज्यों में भी ठंड से बुरा हालपंजाब और हरियाणा में भी स्थिति ‘जमाव बिंदु’ के करीब बनी हुई है। पंजाब का बठिंडा 1.6 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा। वहीं, हरियाणा के हिसार में न्यूनतम तापमान 2.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भीषण ठंड के साथ-साथ सुबह के समय छाए घने कोहरे ने यातायात की रफ्तार पर भी ब्रेक लगा दिया है। अमृतसर, लुधियाना और पटियाला जैसे शहरों में दृश्यता कम होने के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में तापमान शून्य से काफी नीचे बना हुआ है, जिससे आने वाली ठंडी हवाएं मैदानी इलाकों में ठंड को और अधिक बढ़ा रही हैं।

पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल अरुण प्रकाश को ‘पहचान’ करनी होगी साबित, चुनाव आयोग ने भेजा नोटिस

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चुनाव आयोग की ओर से पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल अरुण प्रकाश (सेवानिवृत्त) को अपनी पहचान साबित करने के लिए नोटिस भेजा गया है।गोवा: 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के नायक और वीर चक्र से सम्मानित एडमिरल अरुण प्रकाश, जो पिछले 20 वर्षों से गोवा में रह रहे हैं, उन्हें चुनाव आयोग की ओर से एक नोटिस मिला है। इस नोटिस में उन्हें अपनी पहचान सत्यापित करने के लिए चुनाव अधिकारी के सामने पेश होने को कहा गया है।
दक्षिण गोवा की जिला कलेक्टर और रिटर्निंग ऑफिसर, एग्ना क्लीटस के अनुसार, एडमिरल प्रकाश का नाम ‘अनमैप्ड’ श्रेणी में आता है, क्योंकि उनका विवरण 2002 के बाद से अपडेट की गई मतदाता सूची में मौजूद नहीं था।
एडमिरल अरुण प्रकाश की प्रतिक्रिया
पूर्व नौसेना प्रमुख ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ के जरिए अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि उनका और उनकी पत्नी का नाम गोवा ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल 2026 में पहले से ही दिखाई दे रहा है, फिर भी उन्हें नोटिस दिया गया। उन्होंने कहा कि यदि वर्तमान SIR फॉर्म आवश्यक जानकारी नहीं जुटा पा रहे हैं, तो उनमें सुधार किया जाना चाहिए।
82 वर्षीय एडमिरल ने बताया कि उन्हें और उनकी 78 वर्षीय पत्नी को 18 किलोमीटर दूर अलग-अलग तारीखों पर पेश होने के लिए बुलाया गया है, जो इस उम्र में व्यवहार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि वे किसी विशेष विशेषाधिकार की मांग नहीं कर रहे हैं और आयोग के नोटिस का पालन करेंगे।
सोशल मीडिया पर उठाए गए सवाल
इस खबर के सामने आने के बाद पूर्व सैन्य अधिकारियों और आम नागरिकों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल टी. एस. आनंद और अन्य उपयोगकर्ताओं ने तर्क दिया कि सरकार के पास पहले से ही एडमिरल का PPO (पेंशन भुगतान आदेश) और लाइफ सर्टिफिकेट डेटाबेस में मौजूद है। ऐसे में कीबोर्ड के कुछ बटन दबाकर पहचान की जा सकती थी।
कई लोगों का मानना है कि इतने वरिष्ठ अधिकारी और युद्ध नायक के मामले में SIR टीम को उनके घर जाकर सत्यापन करना चाहिए था, न कि उन्हें दफ्तर बुलाना चाहिए था। जिला कलेक्टर एग्ना क्लीटस ने कहा है कि वह सोमवार को एडमिरल के गणना फॉर्म की जांच करेंगी और अधिकारी खुद उनसे संपर्क करेंगे।

ISRO का PSLV C62/EOS N1 मिशन हुआ असफल, थर्ड फेज के आखिरी चरण में आई तकनीकी खामी

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नए साल में भारत के ISRO ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाई। इसरो ने PSLV C-62 मिशन के तहत भारत के सैटेलाइट EOS-N1 को अंतरिक्ष में लॉन्च किया है। ये लॉन्चिंग सुबह करीब 10 बजकर 17 मिनट पर श्री हरिकोटा से की गई। हालांकि, ये मिशन असफल रहा।भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी ISRO ने आज सोमवार 12 जनवरी को अंतरिक्ष के क्षेत्र में एक और बड़ी छलांग लगा दी है। इसरो ने देश के सैटेलाइट EOS-N1 अन्वेषा को PSLV C-62 मिशन के तहत अंतरिक्ष में भेजा। इस सैटेलाइट की मदद से सीमा निगरानी, छिपे लक्ष्यों की पहचान और पर्यावरण मॉनिटरिंग में क्रांति आने की संभावना थी। जानकारी के मुताबिक, इसरो का साल 2026 का पहला सेटेलाईट लॉन्च सुबह करीब 10 बजकर 17 मिनट पर श्री हरिकोटा स्पेस पोर्ट से हुआ। हालांकि, ये मिशन थर्ड फेज के आखिरी चरण में आई तकनीकी खामी के कारण असफल रहा।
14 अन्य पेलोड को अंतरिक्ष में स्थापित होंगे
इसरो ने अपने 2026 के प्रक्षेपण कैलेंडर की शुरुआत सोमवार को ‘पीएसएलवी-सी62’ मिशन के साथ किया। इस मिशन के तहत पृथ्वी अवलोकन उपग्रह ‘ईओएस-एन1’ और 14 अन्य पेलोड को अंतरिक्ष में स्थापित किया जाना था। इसरो की वाणिज्यिक शाखा ‘न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड’ (एनएसआईएल) के इस मिशन में शामिल 14 अन्य सह-यात्री उपग्रह देशी और विदेशी ग्राहकों के हैं वे सुबह 10 बजकर 17 मिनट पर श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के प्रथम प्रक्षेपण स्थल से लॉन्च किए गए थे।
EOS-N1 की खूबियां
मुख्य पेलोड DRDO का EOS-N1 (अन्वेषा) हाइपरस्पेक्ट्रल अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट है, जो सीमा निगरानी, छिपे लक्ष्यों की पहचान और पर्यावरण मॉनिटरिंग में क्रांति लाएगा। यह 2025 की असफलता के बाद PSLV का महत्वपूर्ण कमबैक था। इसरो EOS-N1 के अलावा आज 14 दूसरे पेलोड को भी अंतरिक्ष में स्थापित करने वाला था।
सारे पैरामीटर्स लॉन्च के माकूल
पहले PSLV C62/ EOS N1 लॉन्च का ऑटोमेटिक सिक्वेंस जारी कर दिया गया। इसका मतलब है कि सारे पैरामीटर्स लॉन्च के माकूल हैं। इसके बाद एक बार अंतिम परीक्षण किया गया। फिर 10 बजकर 18 मिनिट और 30 सेकेंड पर लिफ़्ट ऑफ किया गया। हालांकि, थर्ड फेज के आखिरी चरण में तकनीकी खामी के कारण ये मिशन असफल रहा।

हरसिद्धि मंदिर परिसर में दबंगई, महिला दुकानदार व बुजुर्ग मां से मारपीट

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उज्जैन | जीवाजीगंज

नगर निगम की कार्रवाई के बाद भड़का विवाद, मां-बेटों पर अश्लील गालियां, जान से मारने की धमकी का आरोप

हरसिद्धि मंदिर समिति की दुकान नंबर 23 पर चल रहे भक्ति भंडार में बुधवार दोपहर उस समय हंगामा हो गया, जब दुकान के सामने अवैध रूप से रखी टेबल हटाने को लेकर विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि नगर निगम की टीम द्वारा टेबल हटाए जाने के बाद पड़ोसी दुकानदार ने दोबारा टेबल लगा दी, जिसकी शिकायत करने पर वह अपने दो बेटों के साथ दुकान पर आ धमका और मां-बेटी के साथ गाली-गलौज व मारपीट की।

फरियादिया के अनुसार, 7 जनवरी 2026 को दोपहर करीब 1 बजे वह अपनी मां राधाबाई के साथ दुकान पर मौजूद थी। इसी दौरान नगर निगम उज्जैन की टीम ने दुकान के सामने रखी यशपाल सिंह की टेबल हटाई। निगम टीम के जाने के बाद यशपाल सिंह ने फिर से टेबल लगा दी। जब इस बात की सूचना देने पीड़िता की मां निगम टीम के पास गईं, तो इससे नाराज होकर यशपाल सिंह अपने बेटों मोटी और सोनू के साथ दुकान पर पहुंचा।

आरोप है कि तीनों ने राधाबाई को मां-बहन की अश्लील गालियां दीं। विरोध करने पर यशपाल सिंह ने बुजुर्ग महिला के साथ थप्पड़ और मुक्कों से मारपीट की। बीच-बचाव करने पहुंची बेटी के साथ भी तीनों ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। मारपीट में राधाबाई के दाहिने हाथ, गाल और सिर में गंभीर अंदरूनी चोटें आई हैं।

पीड़िता का कहना है कि जाते समय तीनों आरोपियों ने धमकी दी कि अगर थाने में रिपोर्ट की तो जान से खत्म कर देंगे। घायल राधाबाई को सरकारी अस्पताल चरक भवन उज्जैन में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। घटना के बाद पीड़िता थाने पहुंची और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। मंदिर परिसर जैसे संवेदनशील स्थान पर दिनदहाड़े हुई इस घटना से क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है और स्थानीय लोगों ने भी आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

 

बांगरमऊ में आधी रात चोरी, पीड़ित के बयान के बावजूद ‘सांड’ की कहानी बताकर मामला दबाया गया

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उन्नाव। बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के शिवलाल पुरवा मजरा बेहटा कच्छ गांव में आधी रात घर में घुसकर हुई चोरी का मामला अब पुलिस की भूमिका को लेकर सवालों के घेरे में है। पीड़ित कप्तान सिंह का आरोप है कि 30 सितंबर 2025 की रात करीब 12 बजे गांव का ही दिनेश पुत्र शिवरतन उनके घर में घुस आया और उनकी पत्नी सीमा व पुत्र अंकित के सिरहाने रखी चाबी से ताला खोलकर बक्से में रखे 20 हजार रुपये चोरी कर लिए। कप्तान सिंह उस समय भैंस के बाड़े ( बंगले ) में सो रहे थे, प्यास लगने पर घर लौटे तो चोर को रंगे हाथ देख लिया। शोर मचाने पर गांव के लोग भी दौड़े, लेकिन आरोपी भागने में सफल रहा। पुलिस को 112 पर सूचना दी गई, पर आरोपी पहले ही फरार हो चुका था।

पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने चोर को अपनी आंखों से देखा, पीछा किया और पुलिस को भी बताया, फिर भी उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इसके उलट पुलिस जांच में इसे चोरी की घटना मानने के बजाय ‘सांड से बचने के लिए चबूतरे पर चढ़ने’ की कहानी बना दी गई। पुलिस की आख्या में कहा गया कि आरोपी दिनेश केवल सांड से बचने के लिए पीड़ित के घर के चबूतरे पर चढ़ा था और चोरी का कोई प्रमाण नहीं मिला। जबकि पीड़ित परिवार का आरोप है कि चोरी के बाद से उनका पैसा आज तक वापस नहीं मिला।

पीड़ित कप्तान सिंह ने बताया कि उन्होंने थाने से लेकर पुलिस अधीक्षक तक कई बार गुहार लगाई, लेकिन हर जगह से सिर्फ खानापूर्ति हुई। आरोपी का केवल 170/126/135 बीएनएसएस में चालान कर मामले को रफा-दफा कर दिया गया, जबकि चोरी और घर में घुसपैठ जैसे गंभीर अपराध पर एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई। पीड़ित परिवार का आरोप है कि
पुलिस मौके पर सिर्फ जी रात घटना घटी इस रात पहुंची उसके बाद ना तो पुलिस मौके पर पहुंची और ना ही आसपास वाले किसी से पूछताछ के बिना पूछताछ के बता दिया गया कि यह सांड की कहानी बताकर मामला दबाया गया

आरोपी पक्ष ने थाने में पैसे देकर अपना बचाव करवा लिया, इसी वजह से पुलिस ने मामले को दबाने का प्रयास किया।

गांव में इस मामले को लेकर आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि आधी रात घर में घुसकर चोरी करने के बाद भी आरोपी पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं होती, तो आम लोगों की सुरक्षा भगवान भरोसे रह जाएगी। पीड़ित परिवार अब भी न्याय की उम्मीद लगाए प्रशासन के दरवाजे खटखटा रहा है।

फर्रुखाबाद में दलित शमशान पर कब्जे की कोशिश, रातों-रात मिट्टी भरकर कब्रों पर डाली नजर, पूरे समाज में आक्रोश

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फर्रुखाबाद।
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले के मोहम्मदाबाद नगर पंचायत स्थित रविदास नगर से एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां जाटव समाज की पुश्तैनी शमशान भूमि पर दबंगों द्वारा अवैध कब्जा करने की कोशिश से पूरे इलाके में तनाव फैल गया है। पीढ़ियों से जिस जमीन पर दलित समाज अपने मृतकों का अंतिम संस्कार करता आ रहा है, वहां रात के अंधेरे में मिट्टी भरकर कब्रों को मिटाने और जमीन हड़पने की साजिश रची गई।

पीड़ितों के अनुसार सुरेश यादव पुत्र झब्बू यादव और मनोज यादव पुत्र सुरेश यादव ने शमशान भूमि पर जेसीबी और ट्रैक्टर से न्यास भरवाकर जमीन को समतल करना शुरू कर दिया। जहां वर्षों पुरानी पक्की और कच्ची कब्रें मौजूद थीं, वहां गोबर और कूड़ा डालकर निशान मिटाने की कोशिश की गई। जैसे ही जाटव समाज के लोगों को इसकी जानकारी हुई, वे मौके पर पहुंचे और विरोध किया, लेकिन आरोप है कि दबंगों ने उन्हें जातिसूचक गालियां दीं और खुलेआम जान से मारने की धमकी दी।

रविदास नगर के निवासियों का कहना है कि यह वही जमीन है जहां उनके पूर्वजों का अंतिम संस्कार पिछले सौ वर्षों से होता रहा है। यह भूमि सिर्फ एक शमशान नहीं, बल्कि पूरे समाज की आस्था और सम्मान से जुड़ी हुई है। बावजूद इसके दबंग तत्व उस पर कब्जा जमाकर निर्माण कराने की तैयारी में हैं। पीड़ितों का आरोप है कि आरोपी प्रभावशाली हैं और उन्हें अपराधी तत्वों का संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण पुलिस भी कार्रवाई करने से कतरा रही है।

जाटव समाज के लोगों ने इस मामले को लेकर थाना मोहम्मदाबाद, पुलिस अधीक्षक फर्रुखाबाद और जिलाधिकारी को लिखित शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे समाज के लोगों में भारी रोष है। पीड़ित परिवारों का कहना है कि अगर जल्द ही शमशान भूमि को मुक्त नहीं कराया गया तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

अब पीड़ितों ने मुख्यमंत्री कार्यालय तक गुहार लगाई है और मांग की है कि दबंगों द्वारा किए गए अवैध कब्जे को तत्काल हटाया जाए और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो। यह मामला न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि सामाजिक न्याय पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है, जहां एक कमजोर समाज की अंतिम संस्कार भूमि तक सुरक्षित नहीं रह गई है।

 

हुजूरपुर में विवाहिता की गला घोंटकर हत्या का आरोप, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बावजूद कार्रवाई नहीं

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मायके वालों ने पुलिस पर पैसे लेकर मामला दबाने का लगाया गंभीर आरोप
बहराइच। हुजूरपुर थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मायके पक्ष का आरोप है कि महिला की गला घोंटकर हत्या की गई है, जिसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी हुई है, इसके बावजूद पुलिस अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है।
मृतका की शादी करीब 10 वर्ष पूर्व मसूद आलम उर्फ बाबू, पुत्र मंसूर आलम, निवासी सासलमपुर, थाना हुजूरपुर, जनपद बहराइच के साथ हुई थी। परिजनों का कहना है कि शादी के बाद से ही महिला को ससुराल में लगातार शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। चरित्र पर शक के नाम पर मारपीट की जाती रही और अंततः उसे घर से निकाल दिया गया।
6 जनवरी 2026 को मायके पक्ष को सूचना मिली, जिसके बाद वे ससुराल पहुंचे तो महिला का शव मिला। पुलिस ने पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या की स्पष्ट बात सामने आई, लेकिन इसके बाद भी न तो एफआईआर दर्ज हुई और न ही किसी की गिरफ्तारी।
मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया है कि ससुराल पक्ष ने पुलिस को पैसे देकर अपने पक्ष में कर लिया है, जिस कारण मामले को दबाया जा रहा है। परिजनों का यह भी कहना है कि पुलिस उन पर तहरीर बदलने और मामले को आत्महत्या बताने का दबाव बना रही है। मृतका के भाई ने वीडियो के माध्यम से बताया कि वे थानों के चक्कर काट-काटकर थक चुके हैं, लेकिन आज तक न्याय नहीं मिला और एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई।
पीड़ित परिवार जिला बहराइच का निवासी है और मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई है। परिवार का कहना है कि यदि जल्द निष्पक्ष जांच कर दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे उच्च अधिकारियों और न्यायालय का दरवाजा खटखटाने को मजबूर होंगे।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर कानून व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित परिवार इंसाफ की आस में प्रशासन की ओर देख रहा है।