Monday, April 6, 2026
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फिर दिखी CM मोहन यादव की सादगी, भोपाल की सड़कों पर खरीदा फल, ट्रैफिक लाइट पर रोकी कार; कोई काफिला नहीं

सीएम मोहन यादव एक बार फिर अपने चीर-परिचित अंदाज में आम लोगों के बीच पहुंचे। गुरुवार की रात सीएम मोहन यादव सड़क किनारे ठेले से फल खरीदते दिखे। इस दौरान उन्होंने ट्रैफिक नियमों का भी आम लोगों की तरह ही पालन किया।

भोपाल: मध्य प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव की सादगी एक बार फिर देखने को मिली है। यहां राजधानी भोपाल के निवासी उस वक्त चौंक गए, जब 10 जुलाई की रात प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव अचानक उनके बीच जा पहुंचे। सीएम डॉ. मोहन यादव ने बाजार में न केवल आम जनता से मुलाकात की बल्कि उनका हालचाल भी जाना। सीएम मोहन यादव ने ठेले वाले से फल भी खरीदे। इस दौरान उन्होंने फल बेचने वाले को डिजीटल पेमेंट भी किया। इस दौरान उन्होंने ट्रैफिक नियमों का पालन भी किया। सीएम मोहन यादव ट्रैफिक लाइट पर काफी देर तक रुके रहे।

सिग्नल पर रोकी गाड़ी

बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सादगी के साथ सिर्फ दो वाहनों में बाजार पहुंचे। यहां करीब 15 मिनट तक रुक कर उन्होंने फल खरीदा और फिर अपने निवास की ओर लौट गए। उनका यह अंदाज लोगों को चौंका गया। इतना ही नहीं लौटते समय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रेड सिग्नल पर खुद गाड़ी रोककर ट्रैफिक नियमों का पालन किया। इस तरह उन्होंने यह भी स्पष्ट संदेश दिया कि कानून का पालन हर नागरिक का कर्तव्य है, चाहे वह आम हो या विशेष। उनका सादगीपूर्ण व्यवहार प्रदेशवासियों को यह प्रेरणा देता है कि नेतृत्व का अर्थ केवल उच्च पद पर बैठना नहीं, बल्कि आचरण से उदाहरण प्रस्तुत करना भी होता है।

एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी 2024-25: लॉर्ड्स में भारत-इंग्लैंड के बीच तीसरा टेस्ट आज से, शुभमन गिल करेंगे कप्तानी

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लंदन | 
क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें आज से शुरू हो रहे भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरे टेस्ट मैच पर टिकी हैं, जो कि एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी 2024-25 का हिस्सा है। यह मुकाबला क्रिकेट के मक्का माने जाने वाले लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में खेला जा रहा है।

इस ऐतिहासिक टेस्ट में भारतीय टीम की कमान युवा बल्लेबाज शुभमन गिल के हाथों में है। गिल को इस मैच के लिए कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो उनके करियर का एक नया अध्याय साबित हो सकता है। दूसरी ओर, इंग्लैंड की कप्तानी अनुभवी ऑलराउंडर बेन स्टोक्स कर रहे हैं, जो अपने आक्रामक नेतृत्व के लिए जाने जाते हैं।

अब तक सीरीज़ के पहले दो मुकाबले रोमांचक रहे हैं और दोनों टीमों ने दमदार प्रदर्शन किया है। ऐसे में लॉर्ड्स का यह टेस्ट मैच सीरीज़ का रुख तय करने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।

मौसम और पिच रिपोर्ट:
लंदन का मौसम आज हल्के बादलों से घिरा है लेकिन बारिश की संभावना बेहद कम है। पिच बल्लेबाज़ों के लिए शुरुआत में मददगार हो सकती है, लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ेगा, स्पिनर्स को भी मदद मिलने की उम्मीद है।

क्लीन स्लेट पर गिल:
गिल के लिए यह कप्तानी एक बड़ा अवसर है, जहां वह न सिर्फ खुद को एक सफल बल्लेबाज, बल्कि एक रणनीतिक कप्तान के रूप में भी साबित कर सकते हैं। उनकी कप्तानी में टीम का संयोजन और आक्रामकता देखने लायक होगी।

बाहुबली: द बिगिनिंग’ को हुए 10 साल तो मेकर्स ने ट्विस्ट के साथ दिया सरप्राइज, बता दी ‘बाहुबली: द एपिक’ की रिलीज डेट

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बाहुबली: द बिगिनिंग’ को बड़े पर्दे पर रिलीज हुए 10 साल पूरे हो गए हैं। इस खास मौके पर मेकर्स ने फैंस को बड़ा तोहफा दिया है। मेकर्स ने ‘बाहुबली: द एपिक’ का ऐलान कर दिया है। जानें ये कब रिलीज होगी।साल 2015 में भारतीय सिनेमा में एक बड़ा बदलाव आया जब ‘बाहुबली: द बिगिनिंग’ फिल्म आई। यह एक ऐसी जबरदस्त एक्शन फिल्म थी जिसने सिनेमा की सोच को ही बदल दिया और पूरे देश में एक नई पहचान बना ली। अब दस साल बाद ये फिल्म एक बार फिर बड़े पर्दे पर लौट रही है, लेकिन इस बार एक बड़ा ट्विस्ट है। दोनों भागों को मिलाकर इस बार इसे रिलीज किया जाएगा। बाहुबली फिर से सिनेमाघरों में रिलीज होगी और इस बार इसका अंदाज पहले से भी धांसू होगा। ये फिल्म 31 अक्टूबर 2025 को आ रही है ।

फिर बड़े पर्दे पर आएगी बाहुबली की कहानी
इस खास मौके को यादगार बनाने के लिए मेकर्स ने ‘बाहुबली: द एपिक’ के बड़े रिलीज का ऐलान किया है। इस बार फैंस को दोनों भागों को एक साथ देखने का मौका मिलेगा, वो भी वहीं जहां इसका असली मजा है यानी सिनेमा हॉल में। इस ऐलान को निर्देशक एस. एस. राजामौली ने सोशल मीडिया पर साझा किया है। उनके साथ-साथ फिल्म के बाकी मेकर्स ने भी अपने सोशल मीडिया हैंडल्स पर यह खबर पोस्ट की है। उन्होंने क्या कहा चलिए आपको बताते हैं।

क्या बोले राजामौली?
निर्देशक एस. एस. राजामौली ने पोस्ट में लिखा, ‘बाहुबली…कई सफर की शुरुआत, बेशुमार यादें और कभी न खत्म होने वाली प्रेरणा। 10 साल हो गए। इस खास मौके को मना रहे हैं बाहुबली द एपिक के साथ, दोनों भागों को मिलाकर एक फिल्म के रूप में। दुनियाभर के सिनेमाघरों में 31 अक्टूबर 2025 को रिलीज होगी।’ इस ऐलान के सोशल मीडिया पर आते ही फैंस उत्साहित हो गए हैं।

Geo-Thermal Energy Policy 2025 क्या है, इसकी क्यों जरूरत पड़ी, इससे क्या फायदा होगा

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सीएम पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में कल देहरादून में कैबिनेट की बैठक की गई। इस बैठक में कैबिनेट ने जियो थर्मल उर्जा नीति को मंजूरी दे दी है। बता दें कि इसके तहत जमीन की गर्मी से बिजली पैदा की जाएगी।उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में मंत्रिमंडल की बैठक की गई। इस बैठक में कुल 6 अहम प्रस्तावों को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी। इस बैठक में सबसे अहम निर्णय जियो थर्मल उर्जा नीति को लेकर लिया गया, जिसके तहत थर्मल उर्जा नीति के प्रस्ताव को उत्तराखंड कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। बता दें कि यह नीति राज्य में वैकल्पिक उर्जा के स्त्रोत के विकास को बढ़ावा देगी, साथ ही उर्जा के क्षेत्र में उत्तराखंड की आत्मनिर्भरता भी बढ़ेगी। बता दें कि इस पॉलिस के तहत राज्य में निजी क्षेत्र की भागीदारी से जमीन की गर्मी से बिजली पैदा की जाएगी।उत्तराखंड में जियो थर्मल उर्जा प्रस्ताव को मिली मंजूरी
बता दें कि जियो थर्मल परियोजनाओं का आवंटन 30 साल के लिए किया जाएगा। राज्य में इसे लेकर पहले ही 40 ऐसे स्थानों को चिह्नित किया जा चुका है, जहां परियोजना के लिए प्लांट लगाया जाएगा। बता दें कि यह नीति राज्य की सभी भूतापीय परियोजनाओं पर लागू होगी। यूजेवीएनएल और उरेडा के सहयोग से इस नीति का क्रियान्वयन किया जाएगा। बुधवार को राज्य सचिवालय में सीएम धामी के नेतृत्व में मंत्रिमंडल की बैठक संपन्न हुई। उर्जा विभाग द्वारा बताया गया कि राज्य में आर्थिक एवं पर्यावरणीय व्यवहारिकता को देखते हुए जियो थर्मल संसाधनों की खोज एवं पहचान के लिए तकनीकी और वैज्ञानिक अनुसंधान को प्रोत्साहित किया जाएगा।

बुजुर्गों की पेंशन योजना में संशोधन को मिली मंजूरी
इसके अलावा इस बैठक में विभागीय कामकाज को बेहतर बनाने के लिए दो प्रमुख विभागों में पदों की संख्या को बढ़ाने का भी फैसला लिया गया है। बता दें कि सतर्कता विभाग में 20 नए पद सृजित कि जाएंगे। इस कारण इस विभाग में पदों की संख्या 136 से पढ़कर 156 हो जाएगा। इसके अलावा जीएसटी विभाग में भी पदों की संख्या बढ़ाई जाएगी, ताकि टैक्स के कलेक्शन की निगरानी प्रक्रिया को मजबूत किया जा सके। साथ ही खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और विकास को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड राज्य में खनन न्यास के गठन को भी कैबिनेट की हरी झंडी मिल गई है। साथ ही धामी सरकार ने बुजुर्गों के लिए पेंशन योजना में भी अहम बदलाव किए हैं। दरअसल सरकार ने वृद्धावस्था पेंशन योजना में संशोधन को मंजूरी दे दी है।

इससे क्या फायदा होगा और क्यों इसकी जरूरत पड़ी?
दरअसल राज्य सरकार कार्बन उत्सर्जन को कम करके और दीर्घकालिक पर्यावरणीय एवं उर्जा लक्ष्यों में योगदान देकर भू-तापीय उर्जा के माध्यम से राज्य की उर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की योजना बना रही है। साथ ही इसके जरिए राज्य में सरकार वैकल्पिक उर्जा के स्त्रोत को बढ़ावा देना चाहती है। इससे उर्जा के क्षेत्र में उत्तराखंड की आत्मनिर्भरता भी बढ़ेगी। बता दें कि इसके जरिए राज्य सरकार जियो थर्मल संसाधनो की खोज एवं उनके पहचान के लिए वैज्ञानिक और तकनीकी अनुसंधान को भी बढ़ावा देगी।

उफनते नाले में बह गई कार, तीनों सवारों ने यूं बचाई जान; VIDEO आप भी देखें

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सागर जिले से एक दिल दहलाने वाला वीडियो सामने आया है। एक कार अचानक उफनते नाले के पानी में बह गई, जिसमें तीन लोग सवार थे।मध्य प्रदेश: मानसूनी बारिश का कहर पूरे देश में जारी है और मध्य प्रदेश भी इससे अछूता नहीं है। प्रदेश के सागर जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां बंडा थाना क्षेत्र के बरायठा में एक कार उफनते नाले के तेज बहाव में बह गई। इस कार में तीन लोग सवार थे, जिन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए कार से कूदकर अपनी जान बचा ली।कार नियंत्रण खोकर बह गई
जानकारी के अनुसार, यह घटना खैरवाहा के रिपटा नाले पर हुई। कार में सवार तीनों युवक उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे और अपने घर मड़ावरा जा रहे थे। उन्होंने नाले के ऊपर से बह रहे पानी के तेज बहाव के बावजूद कार निकालने का प्रयास किया, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज़ था कि कार नियंत्रण खोकर बह गई। गनीमत रही कि इस घटना में किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई है। तीनों युवकों ने समय रहते कार से बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली।

नदियों का जलस्तर बढ़ा
वहीं, मध्य प्रदेश में आज भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, पूरे राज्य में मॉनसून सक्रिय रहेगा और दक्षिणी एवं मध्य भारत में भारी वर्षा हो सकती है। तापमान सामान्य से कम रहने की उम्मीद है, जिससे गर्मी से राहत मिलेगी। कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है और कुछ स्थानों पर नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की आशंका भी है। खास तौर से भोपाल में अधिकतम तापमान 28-30°C और न्यूनतम तापमान 22-24°C रहने की संभावना है, साथ ही हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है।

मध्य प्रदेश में भारी बारिश के कारण कई जिलों में जलभराव का खतरा भी बताया गया है, जिनमें नरसिंहपुर, विदिशा, छिंदवाड़ा, जबलपुर, रतलाम, इंदौर, धार, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, अशोकनगर, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, रीवा, सतना, छतरपुर, गुना, शिवपुरी, सागर, हरदा और दमोह शामिल हैं।

केरल की नर्स निमिषा प्रिया को 16 जुलाई को दी जाएगी फांसी – बेटी की गुहार, “मां को बचा लीजिए”

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तिरुवनंतपुरम/नई दिल्ली:
केरल की रहने वाली भारतीय नर्स निमिषा प्रिया को यमन में 16 जुलाई को फांसी दी जानी है। उन पर यमन के एक नागरिक की हत्या का आरोप है। इस मामले ने अब एक मानवीय मोड़ ले लिया है, क्योंकि भारत में रह रही उनकी 13 साल की बेटी और पति ने देशवासियों और सरकार से एक आखिरी अपील की है – “मां को बचा लीजिए।”

कौन हैं निमिषा प्रिया और क्या है पूरा मामला?

निमिषा एक प्रशिक्षित नर्स हैं, जो बेहतर आजीविका की तलाश में 2011 में यमन गई थीं। वहां उन्होंने एक यमनी नागरिक खालिद के साथ मिलकर मेडिकल क्लिनिक खोला। लेकिन जल्द ही उनके रिश्ते तनावपूर्ण हो गए। आरोप है कि खालिद ने निमिषा को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, उनके पासपोर्ट जब्त कर लिए और उन्हें जबरन यमन में रोके रखा।

2017 में खालिद की मौत हो गई और निमिषा पर उसे बेहोश करने वाली दवा देकर मारने तथा शव के टुकड़े करने का आरोप लगा। यमन की अदालत ने उन्हें दोषी मानते हुए मौत की सजा सुनाई।

क्या है फांसी से बचने का रास्ता?

यमन के कानून के मुताबिक, अगर मृतक के परिवार से माफीनामा (दीया) मिल जाए तो सजा माफ की जा सकती है। भारत से सामाजिक संगठन और वकीलों की टीम खालिद के परिवार से संपर्क में है, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिली है।

बेटी की मार्मिक अपील

निमिषा की नाबालिग बेटी ने मीडिया के सामने आकर कहा –

“मैं सिर्फ इतना जानती हूं कि मेरी मां जिंदा हैं। प्लीज़ उन्हें फांसी मत दीजिए। मुझे मेरी मां चाहिए।”

उनके पति थॉमस फिलिप ने भारत सरकार से निवेदन किया है कि मानवीय आधार पर अंतिम क्षण तक प्रयास जारी रखें।

भारत सरकार की कोशिशें

विदेश मंत्रालय ने यमन सरकार के सामने राजनयिक स्तर पर बात की है। सामाजिक संगठनों ने फंडिंग कर यमन में वकीलों की टीम को नियुक्त किया है। लेकिन अब समय बहुत कम बचा है।

क्या हो सकता है आगे?

16 जुलाई को फांसी की तारीख तय है। अगर इससे पहले खालिद का परिवार माफ नहीं करता, तो निमिषा की जान बचाना मुश्किल होगा। लेकिन परिवार और देश में हजारों लोग अब भी चमत्कार की उम्मीद कर रहे हैं।

दिल्ली-एनसीआर में तेज बारिश ने खोली दावों की पोल, सड़कों पर जलजमाव और जाम से लोग बेहाल

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दिल्ली-एनसीआर में बुधवार को हुई तेज बारिश ने एक बार फिर नगर निगम और प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी। कुछ ही घंटों की बारिश ने राजधानी की सड़कों को तालाब में बदल दिया। कई स्थानों पर सड़कें पानी में डूब गईं, तो कहीं पर सड़कें धंस गईं — जिससे वाहन चालकों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ा।

नेशनल हाईवे समेत कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। लोग घंटों जाम में फंसे रहे। दफ्तर जाने वाले कर्मचारी, स्कूल के बच्चे और मरीज तक बेहाल नजर आए।

प्रशासन की बड़ी-बड़ी योजनाओं और दावों के बावजूद हर साल बारिश में हालात बद से बदतर हो जाते हैं। ये हालात बताते हैं कि मानसून से निपटने की कोई ठोस तैयारी अब भी ज़मीन पर नजर नहीं आती।

“तस्वीरें देख आप भी सोचने पर मजबूर हो जाएंगे — क्या यही है स्मार्ट सिटी?”

दिल्ली-एनसीआर में भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर तीव्रता 4.4

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दिल्ली/एनसीआर: बुधवार सुबह राजधानी और आसपास के इलाकों में भूकंप के झटकों ने एक बार फिर लोगों को हिला दिया। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.4 मापी गई। झटके कुछ ही सेकंड के थे, लेकिन लोगों में हलचल और घबराहट फैल गई। फिलहाल किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है।

अब भूकंप की चेतावनी देगा आपका फोन!

आज तकनीक के दौर में आपका स्मार्टफोन केवल बातचीत या सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा। Android और iPhone दोनों ही अब Earthquake Alert System से लैस हैं, जो संभावित भूकंप की स्थिति में आपको कुछ सेकंड पहले अलर्ट भेज सकते हैं — जो जान बचाने के लिए काफी हो सकता है।

कैसे करें इमरजेंसी अलर्ट एक्टिवेट?

🔹 Android यूजर्स के लिए:
Settings > Safety & Emergency > Earthquake Alerts > On

🔹 iPhone यूजर्स के लिए:
Settings > Notifications > Government Alerts > Emergency Alerts & Public Safety Alerts > On

भूकंप के समय क्या करें?

  • शांत रहें और किसी खुले स्थान की ओर बढ़ें

  • खिड़कियों, भारी फर्नीचर और दीवारों से दूर रहें

  • लिफ्ट का उपयोग न करें

  • मोबाइल और रेडियो के ज़रिए ताज़ा जानकारी लेते रहें

सावन के महीने में हुआ है आपका जन्म? ये खूबियां बनाएंगी आपको सबसे अलग

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सावन का महीना भोलेनाथ की कृपा प्राप्त करने के लिए बेहद खास माना जाता है। ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि जिन लोगों का जन्म इस माह में होता है उनमें क्या खूबियां देखने को मिलती है।सावन के महीने को धार्मिक दृष्टि से बेहद खास माना जाता है। इस माह में देवों के देव महादेव की पूजा की जाती है। शिव भक्त इस दौरान महादेव की भक्ति में लीन रहते हैं। ऐसे में इस माह में जन्म लेने वालों पर भी भोलेनाथ की कृपा बताई जाती है। हम भी आज आपको बताने वाले हैं कि सावन के माह में जिन लोगों का जन्म होता है उनमें क्या खूबियां देखने को मिलती हैं।
धर्म और आध्यात्म में रुचि- जिन लोगों का जन्म सावन के महीने में होता है वो धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में सक्रिय रहते हैं। इसलिए इनका घर परिवार का माहौल भी आपको सकारात्मक मिलता है।

रचनात्मक- सावन के महीने में जन्म लेने वाले लोग रचनात्मक गतिविधियों में भी हिस्सा लेते हैं। आप इन्हें संगीत, अभिनय आदि के क्षेत्र में देख सकते हैं। दुनिया को दिखाने के लिए नहीं बल्कि खुद को संतुष्ट और व्यस्त रखने के लिए भी ये लोग कला का सहारा ले सकते हैं।

किसी को नहीं देते धोखा- सावन के महीने में जन्म लेने वाले लोगों को ईमानदार माना जाता है। जिस किसी से भी ये नजदीक होते हैं उसे किसी भी हालात में धोखा नहीं देते। इसलिए सामाजिक स्तर पर इनकी पकड़ अच्छी हो सकती है। इनके की मित्र होते हैं।

भावुकता- इस महीने में जन्म लेने वाले लोग बेहद भावुक आपको नजर आ सकते हैं। ये अपने आसपास के लोगों को परेशान नहीं देख सकते, दूसरों की पीड़ा को ये अपनी पीड़ा समझ लेते हैं। इसलिए अपने करीबियों की मदद करने के लिए ये हमेशा तैयार रहते हैं।

करियर और शिक्षा- इन लोगों को शिक्षा और करियर के क्षेत्र में भी अच्छे परिणाम मिलते हैं। भोलेनाथ की कृपा से ये उच्च पदों तक पहुंचने में भी कामयाब रहते हैं। ज्यादातर इन लोगों को क्रिएटिव फील्ड में सफल होते देखा गया है।

पारिवारिक जीवन- घर परिवार में ये एक लीडर की तरह अपने घर को व्यस्थित रखते हैं। अगर ये घर के बड़े हों तो अपनी बातों से सबको प्रभावित करते हैं, अगर छोटे हों तो आदर-सत्कार से ये बड़ों का दिल जीतने वाले होते हैं। अपनी जिम्मेदारियों को इस माह में जन्म लेने वाले भलीभांति समझते हैं और उन्हें निभाते भी हैं।