Monday, April 6, 2026
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भविष्य की झलक अब मुंबई में: सैमसंग ने लॉन्च किया अत्याधुनिक बिज़नेस एक्सपीरियंस स्टूडियो

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गुरुग्राम, जुलाई 2025: भारत के अग्रणी कंज़्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड सैमसंग ने मुंबई के गोरेगांव ईस्ट स्थित ओबेरॉय कॉमर्ज-II की 28वीं मंज़िल पर अपने अत्याधुनिक बिज़नेस एक्सपीरियंस स्टूडियो का उद्घाटन किया है।

यह भविष्य-केन्द्रित स्टूडियो, सैमसंग के उन्नत डिवाइसेज़ के बीच बेहतरीन आपसी तालमेल को दर्शाता है और B2B साझेदारों के लिए एकीकृत व्यावसायिक समाधानों की विस्तृत श्रृंखला पेश करता है। करीब 6,500 वर्गफुट में फैला यह शोकेस सेंटर विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में इनोवेशन, योजना और खोज की संभावनाओं को साकार करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

मुंबई का यह BES, गुरुग्राम में पहले से मौजूद सैमसंग के एग्ज़ीक्यूटिव ब्रीफिंग सेंटर के बाद दूसरा बड़ा केंद्र है, जो कंपनी की इनोवेटिव टेक्नोलॉजी और B2B सॉल्यूशंस को प्रदर्शित करता है।

सैमसंग साउथवेस्ट एशिया के प्रेसिडेंट और सीईओ, जेबी पार्क ने कहा, “सैमसंग में हमारा मानना है कि भविष्य का बिज़नेस ऐसे इंटेलिजेंट एक्सपीरियंस में है जो मानव-केंद्रित, परस्पर जुड़े हुए और सस्टेनेबल हों। मुंबई में शुरू किया गया यह बिज़नेस एक्सपीरियंस स्टूडियो हमारे इसी विज़न को सामने लाता है।

यह एक ऐसा स्पेस है, जहां कंपनियां हमारे एआई-संचालित एडवांस्ड इनोवेशंस को असली माहौल में अनुभव कर सकती हैं—चाहे वह स्मार्ट क्लासरूम हों या ऑटोमेटेड होटल, इंटेलिजेंट हेल्थकेयर टूल्स हों या पेपरलेस बैंकिंग। हमारा उद्देश्य है डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को असरदार, स्मार्ट और बड़े पैमाने पर अपनाने योग्य बनाना। यह स्टूडियो केवल तकनीक का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि भारत और दुनिया भर के बिज़नेस पार्टनर्स के साथ मिलकर भविष्य के एंटरप्राइज तैयार करने के हमारे संकल्प का प्रतीक है।”

बीईएस मुंबई के उद्घाटन पर प्रतिक्रिया देते हुए, महाराष्ट्र सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी और सांस्कृतिक मंत्री श्री आशिष शेलार ने कहा, “डिजिटल इंडिया मिशन अब तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे दौर में एआई और वीआर जैसी उभरती तकनीकें न सिर्फ उद्योगों के काम करने के तरीके को बदल रही हैं, बल्कि संस्थानों की सेवा प्रणाली और आम नागरिकों के अनुभव को भी नई दिशा दे रही हैं। मुंबई, नवाचार, साझेदारी और भविष्य के लिए तैयार इकोसिस्टम को बढ़ावा देते हुए इस बदलाव की अगुवाई कर रहा है। ऐसे समय में सैमसंग का यह नया बिज़नेस एक्सपीरियंस स्टूडियो, महाराष्ट्र को वैश्विक तकनीकी नेतृत्व के करीब लाते हुए राज्य को डिजिटल इनोवेशन का अग्रणी केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”

बीईएस मुंबई स्टूडियो, स्टार्टअप्स, स्कूलों, होटलों, अस्पतालों और बैंकों जैसे विभिन्न क्षेत्रों के क्लाइंट्स को वास्तविक स्थितियों पर आधारित अनुभव प्रदान करता है। यहां विभिन्न ज़ोन बनाए गए हैं, जो असली दुनिया की कार्यशैली को दर्शाते हैं और यह दिखाते हैं कि कैसे कारोबारी संस्थान डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को अपनाकर अपनी सेवाओं को स्मार्ट बना सकते हैं। यह स्टूडियो व्यवसायों को उनकी बदलती ज़रूरतों के अनुरूप सही निर्णय लेने में मदद करता है।

ज़ोन 1: शिक्षा से लेकर हेल्थकेयर तक इंटेलिजेंट सॉल्यूशंस: इस ज़ोन में विज़िटर्स को शिक्षा, रिटेल, फाइनेंस और हेल्थकेयर जैसे क्षेत्रों के लिए तैयार की गई स्मार्ट तकनीकों का अनुभव मिलता है। शिक्षा क्षेत्र के लिए स्मार्ट क्लासरूम और कैंपस सॉल्यूशंस पेश किए गए हैं, जिनमें सैमसंग के अगली पीढ़ी के इंटरैक्टिव डिस्प्ले, टैबलेट्स, और डिजिटल नोटिस बोर्ड शामिल हैं, जो आपस में पूरी तरह से समन्वित (सिंक) होकर काम करते हैं। वहीं रिटेल, बैंकिंग और हेल्थकेयर के लिए डिजिटल विज्ञापन समाधान, सॉफ्ट पीओएस सिस्टम, स्मार्ट एयर क्वालिटी मैनेजमेंट और एडवांस डायग्नोस्टिक इक्विपमेंट जैसी तकनीकों का प्रदर्शन किया गया है।

ज़ोन 2: पूरी तरह कनेक्टेड मीटिंग रूम और होटल रूम्स की झलक: इस ज़ोन की थीम है “यूनिफाइड सॉल्यूशंस”। यहां Samsung SmartThings Pro के ज़रिए यह दिखाया गया है कि भविष्य के मीटिंग रूम और होटल रूम्स कैसे कनेक्टेड और AI-संचालित होंगे। इसके अलावा, सैमसंग के रिवोल्यूशनरी डिस्प्ले ‘The Wall’ को भी दर्शाया गया है, जो ऑटोमोटिव, सरकारी संस्थानों, हॉस्पिटैलिटी और कॉरपोरेट जैसे विभिन्न क्षेत्रों के लिए उन्नत स्क्रीनिंग सॉल्यूशंस प्रदान करता है।

ज़ोन 3 और 4: स्मार्ट होम और को-लिविंग के लिए टेक्नोलॉजी: ज़ोन 3 में दर्शकों को सैमसंग के माइक्रोवेव, साइड-बाय-साइड रेफ्रिजरेटर, टीवी, एसी और फ्रंट लोड वॉशिंग मशीन जैसे उत्पादों के समाधान देखने को मिलते हैं, जिन्हें विशेष रूप से को-लिविंग स्पेस और स्टार्टअप्स की ज़रूरतों को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया है। बड़े कमर्शियल स्पेसेज़ के लिए सिस्टम AC भी यहां डिस्प्ले पर हैं। ज़ोन 4 में स्मार्ट होम सॉल्यूशंस की झलक मिलती है, जहां कनेक्टेड बेडरूम, किचन और लिविंग रूम को अनुभव के रूप में दिखाया गया है। इसके साथ ही, इमर्सिव गेमिंग ज़ोन और होम सिनेमा ज़ोन भी मौजूद हैं, जो टेक्नोलॉजी के शौकीनों को जरूर आकर्षित करते हैं।

दिल्ली से गोवा जा रही इंडिगो की फ्लाइट का इंजन हुआ फेल, मुंबई में कराई गई इमरजेंसी लैंडिंग

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दिल्ली से गोवा जा रही इंडिगो की उड़ान संख्या 6E6271 का एक इंजन फेल होने के बाद पूरी तरह से आपात स्थिति में मुंबई में लैंडिंग कराई गई। पायलट ने तुरंत सूझबूझ दिखाई और अलार्म बजाया जिसके बाद फ्लाइट की सुरक्षित रूप से लैंडिंग कराई गई और एहतियात के तौर पर फ्लाइट को मुंबई एयरपोर्ट में उतारा गया। इंडिगो के प्रवक्ता ने बयान जारी कर बताया कि16 जुलाई 2025 को दिल्ली से मनोहर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे, गोवा के लिए उड़ान भरते समय उड़ान संख्या 6E 6271 में तकनीकी खराबी का पता चला।इंडिगो ने बयान किया जारी

प्रवक्ता ने कहा कि खराबी का पता चलते ही उचित प्रक्रियाओं के बाद, विमान को डायवर्ट कर मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतारा गया। हालांकि परिचालन फिर से शुरू करने से पहले विमान की आवश्यक जांच और रखरखाव किया जाएगा। यात्रियों को कोई परेशानी ना हो और उनकी यात्रा पूरी करने के लिए एक वैकल्पिक विमान की व्यवस्था की गई है। वैकल्पिक विमान से यात्रियों को शीघ्र ही रवाना किया जाएगा। इस अप्रत्याशित स्थिति के कारण हमारे ग्राहकों को हुई असुविधा के लिए हमें खेद है। इंडिगो में, ग्राहकों, चालक दल और विमान की सुरक्षा सर्वोपरि है।”

हवा में फेल हो गया था इंजन, पायलट ने बजाया अलार्म

सूत्रों के अनुसार, दिल्ली से उड़ान भरने के बाद विमान का एक इंजन मिड-एयर में फेल हो गया, जिसके बाद पायलट ने तुरंत इसकी सूचना दी और फिर मुंबई में इमरजेंसी लैंडिंग की अनुमति मांगी। बुधवार की रात 9 बजकर 25 बजे इमरजेंसी अलार्म बजाए जाने के बाद, एयरपोर्ट पर फुल इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू किए गए, फायर टेंडर और एम्बुलेंस को स्टैंडबाय पर रखा गया और फिर फ्लाइट की रात के 9 बजकर 42 मिनट पर सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। फ्लाइट के सभी क्रू मेंबर और सभी यात्री सुरक्षित हैं।

मोदी सरकार ने मॉनसून सत्र के लिए कसी कमर, ये 8 बिल हो सकते हैं पेश, देखें लिस्ट

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मोदी सरकार ने मॉनसून सत्र के लिए कमर कस ली है। माना जा रहा है कि मॉनसून सत्र के दौरान सरकार लोकसभा में कई अहम बिल पेश कर सकती है। आइए जानते हैं इनके बारे में।संसद का मॉनसून सत्र जल्द ही शुरू होने वाला है। केंद्र में पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार और विपक्षी दलों ने भी मॉनसून सत्र के लिए कमर कस ली है और तैयारियां शुरू कर दी हैं। केंद्र सरकार की ओर से इस सत्र में कई महत्वपूर्ण बिल पेश किए जाने की संभावना जताई जा रही है। इनमें से कुछ संभावित बिल की लिस्ट भी सामने आ गई है।

कौन से बिल होंगे पेश?
संसद के आगामी मॉनसून सत्र में केंद्र सरकार द्वारा ये बिल लोकसभा में पेश करने और पारित करने के लिए लाए जाने की उम्मीद है-:

मणिपुर GST (संशोधन) विधेयक 2025
जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक 2025
भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) विधेयक 2025
टैक्सेशन लॉ (संशोधन) विधेयक 2025
भू-विरासत स्थल एवं भू-अवशेष (संरक्षण एवं रखरखाव) विधेयक 2025
खान एवं खान (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक 2025
राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक 2025
राष्ट्रीय एंटी डोपिंग (संशोधन) विधेयक 2025
इन बिल को लोकसभा में पारित किए जाने की उम्मीद
गोवा राज्य के विधानसभा क्षेत्रों में अनुसूचित जनजातियों के प्रतिनिधित्व का पुनर्समायोजन विधेयक 2024
मर्चेंट शिपिंग विधेयक 2024
भारतीय बंदरगाह विधेयक 2025
आयकर विधेयक 2025
क्या है मॉनसून सत्र का शेड्यूल?
संसद का मॉनसून सत्र 21 जुलाई से 2025 से शुरू होने जा रहा है। ये सत्र 21 अगस्त तक चलेगा। आपको बता दें कि मॉनसून सत्र पहले 12 अगस्त को खत्म होने वाला था। हालांकि, सरकार ने इसे एक हफ्ते के लिए बढ़ा दिया है। सत्र के दौरान कई अहम बिल पेश होने की उम्मीद है। वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल भी मॉनसून सत्र में कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में हैं। इनमें बिहार में विशेष मतदाता सूची संशोधन, ऑपरेशन सिंदूर और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे प्रमुख हो सकते हैं। कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी ने बीते 15 जुलाई को मानसून सत्र के लिए पार्टी की रणनीति तय करने के लिए एक अहम बैठक भी बुलाई थी।

लापरवाह डम्फर चालक ने टीकमगढ़ विधायक यादवेंद्र सिंह की गाड़ी को मरी टक्कर

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भोपाल: 14 जुलाई को राजधानी भोपाल में सोमवार दोपहर एक बड़ा हादसा टल गया जब एक लापरवाह डम्फर चालक ने रिवर्स में वाहन चलाते हुए एक स्कॉर्पियो को जोरदार टक्कर मार दी। स्कॉर्पियो टीकमगढ़ विधायक यादवेंद्र सिंह की है घटना थाना चूना भट्टी क्षेत्र के एक्सीलेंस कॉलेज के पास हनुमान मंदिर के सामने हुई।

स्कॉर्पियो ड्राइवर वीरेंद्र द्विवेदी ने चूना भट्टी पुलिस थाने में बताया कि वह संस्कार वैली स्कूल से बच्चों को लेकर अपनी स्कॉर्पियो MP04ZK8121 से लौट रहे थे। तभी सामने जा रहा एक लोडेड डम्फर MP20HB5405 अचानक रिवर्स में चलने लगा। वीरेन्द्र द्विवेदी ने कार को बचाने की कोशिश में दाहिनी ओर नीचे उतार लिया, लेकिन इसके बावजूद डम्फर ने उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी, जिससे स्कॉर्पियो का पिछला दाहिना हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।

स्कॉर्पियो ड्राइवर वीरेंद्र द्विवेदी डम्फर चालक को सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की बात कही, तो वह और उसका साथी गाली-गलौज करने लगे और झूमाझटकी करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी।

वही टीकमगढ़ विधायक यादवेंद्र सिंह ने प्रेस वार्ता करते हुए कहा कि डम्फर और स्कॉर्पियो की छोटी घटना को राजनीतिक तूल दिया जा रहा है और डम्फर ड्राइवर ने एक दिन बाद पुलिस कमिश्नर को आवेदन दिया है
और पुलिस थाने चूना भट्टी में लगे सीसीटीवी कैमरे देख सकते हैं कि डम्फर ड्राइवर को कहीं भी हमारे बेटे और परिवार के लोगों ने उसे नहीं मारा है उसके शरीर पर कोई चोट भी नहीं है

सीएम डॉ. मोहन यादव का स्पेन दौरा, निवेशकों से कहा- एमपी में आपको मिलेंगी वर्ल्ड क्लास सुविधाएं

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भोपाल: ‘अगर आप भारत के किसी और राज्य में भी उद्योग स्थापित करते हैं तो भी आपको मध्यप्रदेश की आवश्यकता पड़ेगी। मध्यप्रदेश हाईवे, रेल, हवाई मार्ग से सीधा जुड़ा है। प्रदेश सभी सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ने वाला राज्य बना है। यह राज्य देश की अर्थव्यवस्था को गति प्रदान में अहम भूमिका निभाता है। प्रदेश में फूड प्रोसेसिंग, सोलर एनर्जी, विंड एनर्जी, एग्री बेस्ड इंडस्ट्री और टेक्सटाइल सेक्टर में बड़ी संभावनाएं हैं। राज्य सभी सेक्टर में निवेशकों को वर्ल्ड क्लास सुविधाएं देने की क्षमता रखता है।’ यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पेन के मैड्रिड में आयोजित ‘इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश बिजनेस फोरम’ को संबोधित करते हुए कही। इस कार्यक्रम में उन्होंने निवेशकों को प्रदेश में निवेश करने के आमंत्रित किया। इस दौरान मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश की अपार संभावनाओं पर केंद्रित लघु फिल्म भी दिखाई गई। कार्यक्रम में प्रदेश के अधिकारियों ने भी निवेशकों को कई अहम जानकारियां दीं। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दुबई दौरे के बाद स्पेन पहुंचे। वे यहां 19 जुलाई तक मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर दौरे पर हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारत और स्पेन दो प्राचीन सभ्यताएं हैं। दोनों देशों ने नैतिक मूल्यों के आधार पर संस्कृति को आगे बढ़ाया। एक प्रकार से दोनों भाई-भाई हैं। भारत प्रकृति से प्रेम करने वाला देश है। तकनीक के क्षेत्र में स्पेन की भी अलग पहचान है। मध्य प्रदेश में खनिज, पर्यटन, उद्योग स्थापित करने की अपार संभावनाएं हैं। भारत में एमपी टूरिज्म सबसे तेजी बढ़ रहा है। आप लोग मध्यप्रदेश के जुड़िए। केंद्र सरकार की ओर से मध्यप्रदेश को कई तरह की छूट मिल रही हैं। मध्य प्रदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिल के करीब है। उन्होंने कहा कि स्पेन ने फुटबॉल से भी अर्थव्यवस्था को मजबूत किया है। हमारे प्रदेश में मेडिकल कॉलेज की संख्या बढ़ाई जा रही है और नई मेडिकल डिवाइस कंपनियां स्थापित हो रही हैं। इससे प्रदेश में मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा मिल रहा है। स्पेन आर्थिक व्यापार के मामले में भारत का छठा सबसे बड़ा साझेदार है। स्पेन के साथ 9.32 बिलियन डॉलर का व्यापार हो रहा है। आपके द्वारा बढ़ाया हर एक कदम व्यापार की दृष्टि से मील का पत्थर साबित होगा। मध्य प्रदेश को भरपूर भू-संपदा उपलब्ध है, जिसमें नई तकनीक का इस्तेमाल करने से अपार संभावनाएं बनेंगी। मध्य प्रदेश लॉजिस्टिक सेक्टर में अग्रणी बनने के लिए कार्य कर रहा है।

स्पेन की यात्रा विकास और समृद्धि की दृष्टि से महत्वपूर्ण: सीपीआर खाड़े
सचिव एवं आयुक्त जनसंपर्क डॉ. सुदाम खाड़े ने स्वागत भाषण में कहा कि स्पेन में आप सभी का स्वागत करना मेरा सौभाग्य है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है। स्पेन की यात्रा न केवल सांस्कृतिक, बल्कि विकास और समृद्धि की दृष्टि से महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में उद्योग और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है। भारत और स्पेन के मध्य मौजूदा समय में 5.93 बिलियन डॉलर का निर्यात है। अभी भारत में स्पेन की 2 और स्पेन में 20 भारतीय कंपनियां संचालित हैं। आर्गेनिक कैमिकल, इलेक्ट्रॉनिक मशीनरी सेक्टर में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। मध्यप्रदेश क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का दूसरा सबसे बड़ा राज्य है। यह निवेश बढ़ाने के संकल्प के साथ बढ़ रहा है। वन क्षेत्र में मध्यप्रदेश नंबर शीर्ष स्थान पर है। इंदौर स्वच्छता के लिए विश्वस्तर पर पहचान बना चुका है। मध्यप्रदेश हीरा, चूना पत्थर और अन्य अयस्क का प्रमुख उत्पादक है। प्रदेश में है वर्क लाइफ बैलेंस
प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश की 47 प्रतिशत आबादी वर्किंग पॉपुलेशन है। प्रदेश में वर्क लाइफ बैलेंस देखने को मिलता है। प्रदेश में बिजली और पानी की कोई कमी नहीं है। प्रदेश नवकरणीय ऊर्जा को लगातार बढ़ा रहा है। 550 गीगा वॉट बिजली उत्पादन का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 5 लाख किलोमीटर का रोड नेटवर्क है। राज्य में 55 प्राइवेट यूनिवर्सिटी हैं। रोजगारपरक कोर्स कॉलेजों में संचालित किए जा रहे हैं। फूड प्रोसेसिंग में मध्यप्रदेश अव्वल है। ऑटो, आईटी और फॉर्मा सहित कई सेक्टर्स में निवेश की संभावनाएं हैं। प्रदेश की नई उद्योग केंद्रित नीतियां देश में सबसे अच्छी हैं। उद्योगपतियों को यहां 40 प्रतिशत तक निवेश प्रोत्साहन मिलेगा। औद्योगिक श्रमिकों के लिए आवास निर्माण पर कार्य जारी है। प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की सुविधा मिल रही है। कोई भी निवेशक 30 दिन में उद्योग शुरू कर सकता है। बाबई मोहासा में नवकरणीय ऊर्जा के लिए बड़ा औद्योगिक केंद्र विकसित हो रहा है। प्रदेश उद्योग एवं निवेश केंद्रित एक जिम्मेदार राज्य बन चुका है।

टूरिज्म के लिए एमपी में बहुत कुछ- प्रमुख सचिव शुक्ला
प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश इतिहास और विरासत की भूमि है। मध्य प्रदेश में विरासत से जुड़े पर्यटन और धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। खजुराहो, मांडू, ओरछा सहित अनेक ऐतिहासिक स्थल प्रदेश में हैं। प्रदेश वन संपदा से समृद्ध है, राज्य में 12 नेशनल पार्क हैं। मध्य प्रदेश को टाइगर स्टेट और चीता स्टेट का दर्जा प्राप्त है। नर्मदा प्रदेश की जीवनदायिनी नदी है। पचमढ़ी प्रदेश का प्रसिद्ध हिल स्टेशन है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कार्यकाल में भोपाल के पास रातापानी और ग्वालियर में माधव पार्क को नेशनल पार्क का दर्जा मिला है। ओंकारेश्वर में आदि शंकराचार्य को समर्पित धाम का निर्माण किया जा रहा है। प्रदेश में समृद्ध जनताजीय संस्कृति है। यहां जनजातीय समुदाय की 7 जातियां निवास करती हैं। प्रदेश में 50 नए स्थानों को पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत के रूप में विकसित किया जा रहा है। उज्जैन में महाकाल लोक के निर्माण के बाद पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। प्रदेश में विदेशी पर्यटकों की संख्या भी निरंतर बढ़ रही है। प्रदेश में हॉस्पिटेलिटी सेक्टर में नवाचार किए जा रहे हैं। पर्यटकों के लिए होम स्टे की व्यवस्था की गई है। यहां योग सेंटर भी बनाए गए हैं। प्रदेश की नई नीतियों में टूरिज्म सेक्टर में होटल शुरू करने वाले व्यवसायियों को सहूलियतें प्रदान की जा रही हैं। हम टूरिज्म सेक्टर में 10 से 15 मिलियन डॉलर का निवेश करने वाले बड़े निवेशकों का भी स्वागत करते हैं। साल 2028 में उज्जैन में सिंहस्थ कुंभ का आयोजन होगा। इसके लिए आप सभी आमंत्रित हैं। मध्य प्रदेश में पंचायत, स्त्री और लापता लेडीज जैसी फिल्मों और वेबसीरीज की शूटिंग हो चुकी है। प्रदेश में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के फिल्म निर्माता शूटिंग के लिए आ रहे हैं। प्रदेश विदेशी टूरिस्ट्स के लिए अपनी पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रहा है। प्रदेश में लगभग 1000 होम स्टे तैयार हो चुके हैं।

निवेशकों के लिए प्लग एंड प्ले फैसिलिटी- एसीएस दुबे
अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संजय दुबे ने कहा कि मध्य प्रदेश में रोज 700 मिलियन यूपीआई ट्रांजैक्शन होते हैं। यह देश में सर्वाधिक हैं। प्रदेश के 5.5 मिलियन आईटी प्रोफेशनल देश-विदेश में कार्य कर रहे हैं। प्रदेश आईटी जैसे वाइब्रेंट सेक्टर के लिए देश का सबसे अच्छा स्थान है। भोपाल और इंदौर में आईटी सेक्टर का सर्वाधिक निवेश मिल रहा है। प्रदेश के 15 प्रतिशत टेक प्रोफेशनल टीयर-1 सिटी में कार्यरत हैं। प्रदेश में निवेशकों के लिए प्लग एंड प्ले फैसिलिटी उपलब्ध कराई जा रही है। भोपाल और इंदौर में देश के कई बड़े शहरों से कम प्रदूषण है। राज्य सरकार ने नियोक्ताओं और कर्मचारियों, दोनों के लिए कल्याणकारी नीतियां तैयार की हैं। प्रदेश में 15 आईटी पार्क, 50 से अधिक आईटी कंपनी, प्रदेश में आईआईटी, ट्रिपल आईटी और एम्स हैं। प्रदेश सभी उद्योगों को ग्रीन एनर्जी सप्लाई करने के लिए समक्ष है। प्रदेश ड्रोन तकनीक आधुनिक आधारित सुविधाएं प्रदान करने पहला प्रदेश बनेगा। केंद्र की सेमीकंडक्टर पॉलिसी का पूरा लाभ आईटी सेक्टर के निवेशकों को दिया जा रहा है। प्रदेश के छोटे शहरों में निवेश की अपार संभावनाएं हैं, जो बेंगलुरु, अहमदाबाद जैसे शहरों से सस्ते हैं। प्रदेश में आईटी सेक्टर के इन्वेस्टर्स को उद्योग स्थापित करने पर बड़े पैमाने पर सब्सिडी प्रदान कर रहा है। एंटी ड्रोन पॉलिसी के अंतर्गत हम ड्रोन इनेबल सर्विस उपलब्ध करा रहे हैं। आईटी सेक्टर में 10 मिलियन निवेश करने पर राज्य सरकार 4.5 मिलियन सब्सिडी के रूप में वापस दे रही है। मध्य प्रदेश टूरिज्म और कल्चर के साथ आईटी सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ने के लिए तैयार है। प्रदेश सरकार निवेशकों को हर संभव सहायता प्रदान कर रही है।

दुबई में व्यापारिक बैठकों के आयोजन में शामिल हुए सीएम मोहन यादव, कहा- ये है ‘विकास यात्रा की एक मजबूत नींव’

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव दुबई दौरे के दौरान कई व्यापारिक बैठकों और निवेश संवाद कार्यक्रमों में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने राज्य के आर्थिक विकास और वैश्विक साझेदारियों के मुद्दे पर खासा जोर डाला है।मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव 13 से 15 जुलाई के दौरान अपने दुबई प्रवास के दौरान विभिन्न व्यापारिक बैठकों और निवेश संवाद कार्यक्रमों में शामिल हुए। दौरे के समापन पर मुख्यमंत्री ने दुबई से एक विशेष संदेश जारी कर इस यात्रा को ‘विकास यात्रा की एक मजबूत नींव’ बताया है।पीएम मोदी ने दुबई के सामर्थ्य को पहचाना- सीएम मोहन यादव
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, ‘मेरे दुबई प्रवास के दौरान अनेक व्यापारिक बैठकों का आयोजन हुआ। मैं यहां के निवेशकों, भारतीय समुदाय के नागरिकों, सरकार के अधिकारियों और भारत के महावाणिज्य दूत का हृदय से धन्यवाद करता हूं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुबई की सामर्थ्य को पहचाना है और 2015 से ही उन्होंने इस शहर को वैश्विक व्यापार का प्रवेश द्वार बनाने की दिशा में कार्य किया है।’

आर्थिक विकास और वैश्विक साझेदारियों के लिए बने मजबूत आधार
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी ने दुबई के माध्यम से विश्व में व्यापार के एक नए द्वार को खोलने का काम किया है।’ सीएम ने आगे कहा कि मध्य प्रदेश सरकार की ओर से इस ‘विकास यात्रा’ को इस भावना के साथ डिजाइन किया गया है कि यह राज्य के आर्थिक विकास और वैश्विक साझेदारियों के लिए एक मजबूत आधार बने।

वैश्विक व्यापार केंद्र को लेकर बनी सहमति
मुख्यमंत्री मोहन यादव के इस दौरे के दौरान दुबई स्थित डीपी वर्ल्ड, जाएफजा (जेबेल अली फ्री जोन), भारतीय उद्यमियों और निवेशकों के साथ कई रणनीतिक बैठकों का आयोजन हुआ, जिसमें भारत मार्ट जैसे महत्वाकांक्षी वैश्विक व्यापार केंद्र को लेकर सहमति भी बनी।

महिला ने दबंगों पर प्लॉट कब्जाने और मारपीट का लगाया आरोप, पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप

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रामपुरा (जालौर), 14 जुलाई 2025:
रामपुरा गांव निवासी जमुना देवी पत्नी गणेशराम ने गांव के कुछ दबंगों पर प्लॉट पर अवैध कब्जा करने, मारपीट करने और उसकी बहू की लज्जा भंग करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि उसने 8 जून 2025 को घटना के बाद थाना झाब में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी, लेकिन अब तक पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पीड़िता ने अब पुलिस अधीक्षक जालौर से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है।

जमुना देवी ने बताया कि गांव में स्थित उसके घर के पास एक प्लॉट है, जिसका आधा हिस्सा उसने 15 वर्ष पहले झमू देवी और गणेशाराम प्रजापत से 35,400 रुपये में खरीदा था। इसके बाद से वह उस प्लॉट पर कब्जे में थी और वहां दो ट्रक भरके पत्थर, एक ट्रॉली बजरी डालकर मवेशी भी बांधती थी।

पीड़िता के अनुसार, 26 मई 2025 को गांव के हंजारी राम पुत्र काछबा, रणछोड़ा राम, गेना राम पुत्र काछबाराम, शंकराराम, पूनमी देवी, देव देवी और मफी देवी ने जबरन उस प्लॉट पर कब्जा कर नींव डालनी शुरू कर दी। उस वक्त घर में कोई पुरुष सदस्य मौजूद नहीं था। पीड़िता ने विरोध किया, तो आरोपियों ने धमकी दी कि वे पंचायत करवा लें या फिर खुद ही काम करने दें।

8 जून को मारपीट और लज्जा भंग का आरोप:

पीड़िता ने बताया कि 8 जून को शाम 4 बजे जब वह अपने बेटे पारस के साथ घर पर थी और बहू भीखी देवी भी बाहर से लौटकर आई, तब उपरोक्त आरोपी दोबारा आए और नींव भरने लगे। विरोध करने पर हंजारीराम और अन्य आरोपियों ने जमुना देवी को पकड़कर प्लॉट के अंदर घसीट लिया, मारपीट की और उसकी लज्जा भंग की। जब बहू भीखी देवी बीच-बचाव करने आई तो उसके साथ भी बदसलूकी और मारपीट की गई। इसके बाद जमुना देवी को रस्सियों से बांध दिया गया।

क्या है पूरा मामला?

जालौर में दर्जी परिवार का घर जलाया, पीड़ित पर ही लगाया आरोप, पुलिस पर पक्षपात का आरोप

जालौर जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां घेवाराम पिता गणेशराम का घर 9 तारीख की शाम 4 बजे गांव के ही कुछ दबंगों ने कथित तौर पर आग के हवाले कर दिया। घेवाराम का आरोप है कि गांव के ही हंजारी राम, क़स्बा राम और उनके साथ कुछ अन्य लोग न केवल घर जलाने की घटना में शामिल थे, बल्कि उन्होंने मौके पर पहुंचकर घर पर जबरन कब्जा भी कर लिया।

पीड़ित घेवाराम का कहना है कि उसने इस घटना की जानकारी तुरंत पुलिस को दी, लेकिन पुलिस ने उल्टा उसे ही दोषी ठहरा दिया। पुलिस का कहना है कि घेवाराम ने खुद ही अपना घर जलाया है क्योंकि वह उसमें रहना नहीं चाहता था। घेवाराम ने आरोप लगाया है कि पुलिस आरोपियों से मिली हुई है और रिश्वत लेकर मामले को दबाने की कोशिश कर रही है।

पीड़ित का कहना है कि उसे न्याय नहीं मिल रहा है और दबंग खुलेआम उसे धमका रहे हैं। उसने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

घेवाराम ने मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और पुलिस महानिदेशक से अपील की है कि मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों को सजा दिलाई जाए।

पुलिस को फोन करने पर शुरुआत में कोई मदद नहीं मिली। बाद में कंट्रोल रूम कॉल करने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जमुना देवी को छुड़ाया। पुलिस ने काम रुकवाया, लेकिन रिपोर्ट देने के बावजूद अब तक कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।

SP से की न्याय की मांग:

पीड़िता जमुना देवी ने 8 जून को थाना झाब में रिपोर्ट दी, फिर 9 जून को पुलिस अधीक्षक जालौर को ज्ञापन सौंपा, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अब उन्होंने दोबारा SP जालौर से मांग की है कि थाना झाब को निर्देश देकर मुकदमा दर्ज कराया जाए और उसकी तथा बहू की डॉक्टरी जांच कराई जाए।

बुमराह के आते ही पस्त हो जाते हैं बाकी गेंदबाज, क्या एक ही खिलाड़ी जिताएगा मैच

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भारतीय खिलाड़ी एक तरह से जीत की गारंटी होता है, वही खिलाड़ी जिस मैच में खेल रहा है, उसमें टीम इंडिया को हार मिल रही है और जिसमें नहीं खेल रहा है, उसमें जीत मिली। आज समझ ही गए होंगे, हम बात कर रहे हैं जसप्रीत बुमराह की। भारत बनाम इंग्लैंड मौजूदा सीरीज में बुमराह ने दो ही मैच खेले हैं और दोनों ही टीम इंडिया हारी है, जो एक मैच बुमराह नहीं खेले, उसमें टीम इंडिया ने जीत हासिल की है। अब जरा बुमराह के करियर पर नजर डाली जानी चाहिए।

अब तक ऐसा रहा है जसप्रीत बुमराह का करियर
पहले आपको बताते बुमराह के टेस्ट आंकड़ों के बारे में। जसप्रीत बुमराह ने अब तक 47 टेस्ट मैच खेले हैं और इस दौरान 217 विकेट अपने नाम करने में कामयाबी हासिल की है। बुमराह ने 15 बार पांच विकेट लि हैं, वहीं सात बार उनके नाम चार विकेट आए हैं। बुमराह का टेस्ट में गेंदबाजी औसत 19.48 का है, वहीं उनकी इकॉनमी 2.77 की है। ये आंकड़े अगर नाम छिपाकर बताए जाएं तो भी किसी की भी समझ में आ जाएगा कि यहां किसी महान खिलाड़ी की बात की जा रही है।

बुमराह ने अब तक जीते हैं इतने टेस्ट मैच
अब जरा ये देखिए कि बुमराह ने जो मैच भारत के लिए खेले हैं, उसमें से भारत ने कितने जीते हैं। बुमराह ने अब तक अपने करियर के दौरान 47 टेस्ट खेले हैं, जो कि हम आपको पहले ही बता चुके हैं, इसमें से भारतीय टीम ने 20 में जीत दर्ज की है और 23 में हार मिली है। चार मुकाबले ऐसे गुजरे हैं, जो ड्रॉ पर समाप्त हुए हैं। यानी जीत के आंकड़े बहुत अच्छे नहीं हैं।

आखिर कैसे हो रहा है ये सब
इसी इंग्लैंड सीरीज के दौरान जसप्रीत बुमराह पहला मुकाबला खेले थे। टीम ने इस मैच में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन इसके बाद भी बाजी अंग्रेज टीम मार ले गई। इसके बाद दूसरे मैच में बुमराह को रेस्ट दे दिया गया। आश्चर्यजनक तौर पर टीम इंडिया इस मैच को जीतने में कामयाब हो गई। तीसरे मैच में फिर से बुमराह की वापसी हुई, लेकिन इस मैच में फिर से टीम इंडिया हार गई। वैसे तो ये दुखद है कि बुमराह के रहते हुए टीम हार रही है, लेकिन अक्सर हंसी भी आ जाती है कि ऐसा आखिर कैसे हो सकता है।

अब बचे हुए दो में से एक ही मैच खेल पाएंगे बुमराह
जब भारत और इंग्लैंड की सीरीज शुरू हुई थी, तब भी करीब करीब तय हो गया था कि जसप्रीत बुमराह वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत तीन ही मैच खेल पाएंगे और दो मैच मिस करेंगे। यानी बचे हुए दो मैचों में से बुमराह एक ही मैच खेल पाएंगे और एक नहीं। भारतीय टीम इस सीरीज में पीछे है, लिहाजा अगर दोनों मैच जीतने होंगे, तभी सीरीज हाथ में आएगी। लेकिन ये काम मुश्किल है। अब देखना है कि बुमराह मैनचेस्टर वाला मैच खेलते हैं या ​फिर ओवल वाला। साथ ही क्या बुमराह के रहते टीम इंडिया मैच जीतने में कामयाब हो पाएगी।

गोवा और हरियाणा के राज्यपाल, लद्दाख के LG बदले गए, राष्ट्रपति मूर्मू ने की नई नियुक्तियां, देखें लिस्ट

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भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश के दो राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में नए राज्यपाल और उपराज्यपाल की नियुक्ति कर दी है। सोमवार 14 जुलाई 2025 को राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति में इस बात की घोषणा की गई है। जानकारी के मुताबिक, हरियाणा और गोवा के राज्यपाल बदल दिए गए हैं। वहीं, लद्दाख के उपराज्यपाल के पद पर भी नई नियुक्ति की गई है।

कौन बने नए राज्यपाल और उपराज्यपाल?
राष्ट्रपति भवन ने बताया है कि भारत की राष्ट्रपति ने केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के उपराज्यपाल पद से ब्रिगेडियर (डॉ.) बी. डी. मिश्रा (रिटायर्ड) का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। भारत की राष्ट्रपति ने निम्नलिखित राज्यपाल/उपराज्यपाल की नियुक्तियां भी की हैं-:

(i) प्रो. आशिम कुमार घोष को हरियाणा का राज्यपाल नियुक्त किया गया।

(ii) पुसापति अशोक गजपति राजू को गोवा का राज्यपाल नियुक्त किया गया।

(iii) कविन्द्र गुप्ता को लद्दाख का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया।

अशोक गजपति राजू- वरिष्ठ राजनेता और पूर्व केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री अशोक गजपति राजू को पीएस श्रीधरन पिल्लई के स्थान पर गोवा का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व उपमुख्यमंत्री कविंदर गुप्ता को लद्दाख का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। वहीं, ब्रिगेडियर (डॉ.) बी. डी. मिश्रा (रिटायर्ड) का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है।
प्रो आशिम कुमार घोष प्रतिष्ठित शिक्षाविद और राजनीतिक विचारक हैं। उन्हें बंडारू दत्तात्रेय की जगह हरियाणा का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।

CM मोहन यादव की दुबई यात्रा का दूसरा दिन, विदेश में व्यापार पर दिग्गजों से चर्चा; MP बनेगा लॉजिस्टिक हब

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भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुबई में एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान यूएई के विदेश व्यापार राज्य मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ेयूदी के साथ भारत-यूएई समग्र आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) के तहत आर्थिक और औद्योगिक सहयोग को विस्तार देने पर गहन चर्चा की। सीएम मोहन यादव ने कहा कि भारत-यूएई CEPA एक मजबूत आर्थिक आधार प्रदान करता है। मध्य प्रदेश इस साझेदारी का पूर्ण लाभ उठाकर निवेश, व्यापार और तकनीकी सहयोग के नए द्वार खोलने के लिए तैयार है।

सीएम ने कहा कि मध्य प्रदेश भौगोलिक स्थिति, उन्नत बुनियादी ढांचे और बेहतर उद्योग नीति समर्थन ने इसे लॉजिस्टिक्स, मैन्युफैक्चरिंग और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में एक उभरते निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने विशेष रूप से ऑटोमोबाइल, फार्मा, टेक्सटाइल, रक्षा विनिर्माण और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों में यूएई के निवेश का स्वागत किया।

खाद्य और कृषि तकनीक में सहयोग

सीएम ने कहा कि मध्य प्रदेश देश का अग्रणी सोयाबीन, दाल और जैविक उत्पादक राज्य है। उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण और कृषि-तकनीक में यूएई के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई, जिससे भारत और खाड़ी देशों के बीच कृषि आपूर्ति श्रृंखला को सशक्त किया जा सके।