Saturday, July 11, 2026
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अररिया के मानिकपुर में हाई स्कूल फील्ड के पास किराये के लिए तैयार आधुनिक मकान: परिवारों के लिए सुनहरा मौका,

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अररिया।
जिले के फुलकाहा बाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत मानिकपुर में हाई स्कूल फील्ड के पास स्थित एक आधुनिक और सुव्यवस्थित मकान किराये पर उपलब्ध होने से इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। मकान मालिक सुनील कुमार यादव (पत्नी: पूनम देवी) ने वर्ष 2021 में इस मकान का निर्माण कराया था, जो अब परिवारों के लिए किराये पर देने की तैयारी में है।

जानकारी के अनुसार, यह मकान दो कमरों के साथ लेटरिंग-बाथरूम और एक गोदाम की सुविधा से लैस है। मकान की बनावट मजबूत है और परिवार के रहने के लिहाज से काफी उपयुक्त मानी जा रही है। घर में बिजली की समुचित व्यवस्था मौजूद है, और यदि किसी प्रकार की अतिरिक्त जरूरत होगी तो मालिक द्वारा व्यवस्था कराए जाने का भरोसा भी दिया गया है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, मकान की लोकेशन इसकी सबसे बड़ी खासियत है। हाई स्कूल फील्ड के पास होने के कारण आसपास खुला वातावरण, अच्छी सड़क कनेक्टिविटी और जरूरी सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हैं। यह इलाका शांत और सुरक्षित माना जाता है, जिससे परिवारों के लिए यह मकान और भी आकर्षक बन जाता है।

मकान मालिक सुनील कुमार यादव वर्तमान में मानिकपुर में भी उनका एक अन्य मकान है। इसी कारण उन्होंने हाई स्कूल के पास स्थित इस मकान को किराये पर देने का निर्णय लिया है। बताया जा रहा है कि मकान नया, साफ-सुथरा और तुरंत रहने योग्य है।

किराये से संबंधित जानकारी या मकान देखने के इच्छुक लोग सीधे मकान मालिक से संपर्क कर सकते हैं। संपर्क के लिए मोबाइल नंबर +91 98773 09528 जारी किया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस लोकेशन पर इस तरह का मकान मिलना किसी मौके से कम नहीं है।

 

पटना में जमीन घोटाले का आरोप: फर्जी केवाला, धोखाधड़ी और पुलिस पर दबाव बनाने के गंभीर आरोप, किसान परिवार न्याय के लिए भटकता

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पटना।
राजधानी पटना के पचरुखिया थाना क्षेत्र से जमीन विवाद का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पुलिस, अंचल कार्यालय और भूमि रिकॉर्ड व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायतकर्ता अनिल कुमार सिंह (छोटा भाई) का आरोप है कि उनकी खटियाणी जमीन, जिस पर उनका और उनके बड़े भाई कोपेंदर सिंह का पीढ़ियों से कब्जा चला आ रहा है, उसे फर्जी दस्तावेजों और जाली हस्ताक्षरों के जरिए बेच दिया गया।

अनिल कुमार सिंह, निवासी ग्राम दौलतपुर गांधी, थाना पचरुखिया, जिला पटना के अनुसार उनकी जमीन मौजा जान्छु, खाता संख्या 278, प्लॉट संख्या 1247 सहित अन्य भूखंडों में दर्ज है। इस जमीन का ऑनलाइन रसीद आज भी अनिल कुमार सिंह और कोपेंदर सिंह के नाम से कट रहा है और उनके पास इसके पुख्ता दस्तावेज मौजूद हैं। बावजूद इसके वर्ष 2024 में कथित तौर पर धोखाधड़ी कर गुड़िया देवी, पति रवि रंजन सिंह के नाम 25 डिसमिल जमीन का फर्जी बैनामा करा दिया गया।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ओपेंदर सिंह और संतोष सिंह ने मिलकर अंचल कर्मचारी की मिलीभगत से जाली केवाला तैयार किया, जिसमें अनिल कुमार सिंह के पिता के फर्जी हस्ताक्षर किए गए। जब इस फर्जीवाड़े की शिकायत थाने में की गई तो जांच का आश्वासन दिया गया, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि अनिल कुमार सिंह और उनके बड़े भाई कोपेंदर सिंह को लगातार थाने से नोटिस भेजे जा रहे हैं। पुलिस द्वारा कथित तौर पर जमीन से कब्जा हटाने का दबाव बनाया जा रहा है और कहा जा रहा है कि ऐसा नहीं करने पर चालान और कार्रवाई होगी। पीड़ित परिवार का कहना है कि वे आज भी जमीन पर काबिज हैं और खेती ही उनके जीवन का एकमात्र सहारा है।

पीड़ित परिवार ने पुलिस पर अवैध वसूली का भी गंभीर आरोप लगाया है। अनिल कुमार सिंह का दावा है कि थाने में जाने पर उनसे 25 हजार रुपये की मांग की गई, खाने-पीने के नाम पर पैसे मांगे गए और बार-बार नोटिस देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। इसके विपरीत, विपक्षी पक्ष को थाने में तलब तक नहीं किया जाता।

लगातार धमकी, नोटिस और दबाव के कारण कोपेंदर सिंह और उनका परिवार भय के माहौल में जी रहा है। उनका कहना है कि अगर समय रहते प्रशासन ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया तो वे अपनी पुश्तैनी जमीन से बेदखल कर दिए जाएंगे।

पीड़ितों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पटना और अन्य उच्च अधिकारियों को आवेदन देकर मामले की निष्पक्ष जांच, फर्जी केवाला रद्द कराने और दोषियों पर धारा 420 सहित सख्त कार्रवाई की मांग की है।

यह मामला न सिर्फ जमीन माफिया के बढ़ते हौसलों को उजागर करता है, बल्कि यह भी सवाल खड़ा करता है कि जब किसान अपनी ही जमीन बचाने के लिए थानों के चक्कर काटने को मजबूर हों, तो कानून और प्रशासन किसके पक्ष में खड़ा है?

 

अवध विहार कॉलोनी में नाली व इंटरलाकिंग सड़क निर्माण को हरी झंडी, 52.79 लाख की लागत से बदलेगा क्षेत्र का चेहरा

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लखनऊ। सरोजनी नगर द्वितीय वार्ड के अंतर्गत मो. अवध विहार कॉलोनी, बाग–3 अलीनगर सुनहरा में लंबे समय से प्रतीक्षित नाली एवं इंटरलाकिंग सड़क निर्माण कार्य को लेकर बड़ी पहल सामने आई है। मदीना मस्जिद से गोविन्द के घर होते हुए सुरेन्द्र शर्मा के घर तक तथा गोविन्द कुमार के घर से यादव तिराहा जियालाल के घर तक नाली और इंटरलाकिंग सड़क के निर्माण हेतु 52.79 लाख रुपये की अनुमानित लागत का प्रस्ताव तैयार किया गया है। यह कार्य मुख्यमंत्री नगरीय अल्पविकसित व मलिन बस्ती विकास योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025–26 में कराया जाना प्रस्तावित है।

नगर निगम एवं जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा), लखनऊ के अंतर्गत तैयार डीपीआर के अनुसार यह परियोजना जनपद की शासी निकाय से अनुमोदित है। अधिकारियों के मुताबिक चयनित बस्ती में पिछले पांच वर्षों के दौरान इस प्रकार का कोई समान कार्य किसी संस्था द्वारा न तो कराया गया है और न ही वर्तमान में प्रस्तावित है। इससे स्पष्ट किया गया है कि परियोजना में किसी भी तरह की द्विरावृत्ति या डुप्लीकेसी की स्थिति नहीं है।

प्रस्ताव में इंटरलाकिंग अथवा सीसी रोड का प्रावधान किया गया है, जो संपर्क मार्ग की श्रेणी में नहीं आते हैं। इन मार्गों पर भारी या वाणिज्यिक वाहनों का आवागमन नहीं होता, जिससे सड़क की संरचना स्थानीय आवागमन के अनुरूप तैयार की जाएगी। नाली निर्माण के साथ सड़क निर्माण होने से जलनिकासी की समस्या से भी राहत मिलने की उम्मीद है, जो बरसात के मौसम में क्षेत्रवासियों के लिए बड़ी चुनौती बनी रहती है।

चयनित बस्ती की कुल जनसंख्या लगभग 2700 बताई गई है, जिसमें अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों का उल्लेखनीय प्रतिशत निवास करता है। यह आबादी अनुदान संख्या SCSP-83 के अंतर्गत आच्छादित है। अधिकारियों का कहना है कि यह प्रस्ताव शासनादेश संख्या 117/2017/1379/69-1-17-14-(31)/2012 दिनांक 26 अक्टूबर 2017 तथा शासनादेश संख्या ई-8-1210/दस-2008 दिनांक 04 अप्रैल 2008 के अनुरूप तैयार किया गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से खराब सड़कों और जलभराव की समस्या के कारण दैनिक जीवन प्रभावित होता रहा है। इस परियोजना के क्रियान्वयन से क्षेत्र के समेकित विकास को गति मिलेगी, आवागमन सुगम होगा और स्वच्छता में सुधार आएगा। वहीं प्रशासनिक स्तर पर यह दावा किया जा रहा है कि कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।

अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रस्तावित निर्माण कार्य कब धरातल पर उतरता है और 52.79 लाख रुपये की लागत से होने वाला यह विकास कार्य अवध विहार कॉलोनी के निवासियों को कितनी राहत दिला पाता है।

शादी के 8 महीने बाद बहू की रहस्यमयी मौत, दहेज की भूख ने ली वर्षा की जान

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धनबाद/गया।

झारखंड के धनबाद और बिहार के गया जिले को जोड़ने वाला एक सनसनीखेज दहेज हत्या का मामला सामने आया है। शादी के महज 8 महीने बाद एक नवविवाहिता की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मृतका के पिता ने इसे सीधी दहेज हत्या बताते हुए ससुराल पक्ष के 10 लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला अब पुलिस जांच और कानूनी कार्रवाई के दायरे में है।

मंदिर में हुई शादी, फिर शुरू हुआ दहेज का दंश

धनबाद जिले के धनसार थाना क्षेत्र निवासी गणेश प्रसाद चौरसिया ने बताया कि उन्होंने अपनी पुत्री वर्षा कुमारी का विवाह 30 अप्रैल 2025 को झारखंड के चतरा जिले स्थित भद्रकाली मंदिर, इटखोरी में गया जिले के रंजन कुमार से हिंदू रीति-रिवाज से कराया था। विवाह के समय उन्होंने अपनी हैसियत के अनुसार दो लाख रुपये नकद, सोने-चांदी के गहने, घरेलू सामान और कपड़े स्त्रीधन में दिए थे।

दहेज की मांग और लगातार प्रताड़ना का आरोप

परिजनों का आरोप है कि शादी के कुछ ही दिनों बाद ससुराल पक्ष ने अतिरिक्त दहेज की मांग शुरू कर दी। पति रंजन कुमार, सास सरिता देवी, ससुर विनय चौरसिया सहित अन्य रिश्तेदार वर्षा को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने लगे। आरोप है कि पति कई बार धनबाद आकर जबरन 10 से 20 हजार रुपये लेकर जाता था। सास द्वारा पूरे स्त्रीधन पर कब्जा कर लेने का भी आरोप लगाया गया है।

मारपीट कर घर से निकाला, कोर्ट में पहुंचा मामला

लगातार प्रताड़ना से वर्षा मानसिक अवसाद में चली गई थी। आरोप है कि 24 नवंबर 2025 को ससुराल वालों ने जबरन बंधपत्र लिखवाकर उसके साथ मारपीट की और अधमरी हालत में घर से निकाल दिया। इसके बाद वर्षा ने धनबाद के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में शिकायत वाद दर्ज कराया था, जो न्यायालय में लंबित था।

संदिग्ध हालात में मौत, परिवार में मातम

10 जनवरी 2026 को वर्षा कुमारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर से मायके में कोहराम मच गया। पिता का कहना है कि बेटी की मौत सामान्य नहीं बल्कि लंबे समय से चल रही दहेज प्रताड़ना का नतीजा है। चूंकि विवाह के आठ माह के भीतर मौत हुई है, इसलिए यह मामला सीधे दहेज हत्या की श्रेणी में आता है।

10 लोगों पर दहेज हत्या का आरोप, FIR की मांग

मृतका के पिता ने धनसार थाना में आवेदन देकर पति, सास-ससुर, देवर, ननद और अन्य रिश्तेदारों समेत कुल 10 लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 80 के तहत दहेज हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि आवेदन प्राप्त हुआ है और मामले की जांच की जा रही है।

इलाके में आक्रोश, न्याय की मांग

इस घटना के बाद मायके पक्ष और स्थानीय लोगों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सख्त कार्रवाई होती तो एक बेटी की जान बच सकती थी। अब सबकी नजर पुलिस जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी है।

 

पीएम मोदी ने देश को दी वंदे भारत स्लीपर की सौगात, जानिए किराया, रूट, स्टॉपेज और लग्जरी सुविधाएं

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भारतीय रेल के इतिहास में आज का दिन बेहद ऐतिहासिक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन यात्रियों को तेज रफ्तार के साथ लग्जरी स्लीपर बर्थ, फ्री फूड, हाई-स्पीड Wi-Fi और आधुनिक सुरक्षा सुविधाओं का एक्सपीरिएंस देगी।भारतीय रेलवे के इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिससे लंबी दूरी की रेल यात्रा का अनुभव पूरी तरह बदलने जा रहा है। यह अत्याधुनिक ट्रेन हावड़ा से गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच चलेगी और यात्रियों को तेज रफ्तार, बेहतर सुरक्षा और लग्जरी सुविधाओं के साथ आरामदायक सफर देगी। 180 किमी प्रति घंटे की स्पीड, स्लीपर बर्थ, आधुनिक टेक्नोलॉजी और किफायती किराया इसे आम यात्रियों के लिए खास बनाता है। जानिए इस ट्रेन का किराया, रूट, स्टॉपेज और शानदार सुविधाएं।व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
यह ट्रेन पश्चिम बंगाल के सात जिलों और असम के दो जिलों से गुजरेगी। यह रूट पूर्वी भारत और उत्तर-पूर्व (Northeast) के बीच एक मजबूत सेतु का काम करेगा। इससे व्यापार, पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को एक नई गति मिलने वाली है
पीएम मोदी ने ट्रेन को दिखाई हरी झंडी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भारतीय रेलवे को एक ऐतिहासिक सौगात देते हुए देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह हाईटेक ट्रेन हावड़ा से गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच चलेगी और लंबी दूरी की यात्रा को पहले से कहीं ज्यादा तेज, आरामदायक और सुरक्षित बनाएगी। इमरजेंसी टॉक-बैक
किसी भी इमरजेंसी स्थिति में यात्री सीधे लोको पायलट से बात कर सकेंगे। इसके लिए हर कोच में इमरजेंसी टॉक-बैक यूनिट लगाई गई है। साथ ही, सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी कोचों में CCTV कैमरों से 24×7 निगरानी की जाएगी।
दिव्यांगजनों के लिए विशेष व्यवस्था
रेलवे ने दिव्यांग यात्रियों की सुविधा का खास ध्यान रखा है। ट्रेन में उनके लिए अलग से शौचालय बनाए गए हैं और व्हीलचेयर से चढ़ने-उतरने की भी सुविधा दी गई है। कोच के अंदर के रास्ते इतने चौड़े हैं कि व्हीलचेयर बिना किसी परेशानी के पूरे कोच में आसानी से चल सके।पूरी तरह स्वदेशी निर्माण
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के जनरल मैनेजर चेतन कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि प्रधानमंत्री, रेल मंत्री और मुख्यमंत्री के सहयोग से भारतीय रेलवे की शान वंदे भारतशोर मुक्त सफर
रेलवे ने इस ट्रेन में noise reduction तकनीक का इस्तेमाल किया है। इससे पटरी की आवाज और हवा का शोर कोच के अंदर बहुत कम सुनाई देगा। यात्री बिना किसी डिस्टर्बेंस के चैन की नींद सो सकेंगे और सुबह तरोताजा महसूस करेंगे।स्लीपर ट्रेन को कामाख्या से हावड़ा के बीच शुरू किया जा रहा है। इस ट्रेन का डिजाइन और निर्माण पूरी तरह भारत में ही किया गया है, जो ‘मेक इन इंडिया’ की बड़ी मिसाल है। उन्होंने बताया कि ट्रेन में चार मिनी पैंट्री होंगी, जो नई और आधुनिक तकनीक से पूरी तरह सुसज्जित हैं।पर्सनल चार्जिंग और रीडिंग लाइट
हर बर्थ के पास पर्सनल USB चार्जिंग पॉइंट और मोबाइल होल्डर दिए गए हैं। रात में पढ़ने के शौकीन लोगों के लिए इंडिविजुअल रीडिंग लाइट्स लगाई गई हैं, ताकि उनकी लाइट से दूसरे यात्रियों की नींद में कोई परेशानी न आए।वंदे भारत स्लीपर ट्रेन स्वदेशी ‘कवच’ तकनीक से लैस
सुरक्षा के लिहाज से यह ट्रेन पूरी तरह सुरक्षित है। इसमें भारत में बनी ‘कवच’ सुरक्षा तकनीक लगी है, जो एक ही ट्रैक पर दो ट्रेनों के आमने-सामने आने से रोकती है। अगर ड्राइवर से कोई गलती हो जाए, तो यह सिस्टम अपने आप ब्रेक लगा देता है, जिससे हादसे टल जाते हैं4 नई अमृत भारत ट्रेनें
देश की पहले वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 4 नई अमृत भारत ट्रेनों को भी हरी झंड़ी दिखाकर रवाना करेंगे। ये ट्रेनें हैं:
न्यू जलपाईगुड़ी-नागरकोविल अमृत भारतन्यू जलपाईगुड़ी-तिरुच्चिराप्पल्लि अमृत भारतअलीपुरद्वार-एसएमवीटी बेंगलुरु अमृत भारतअलीपुरद्वार-मुंबई (पनवेल) अमृत भारतट्रेन का खान-पान
यात्रियों को उनकी यात्रा की दिशा के अनुसार भोजन परोसा जाएगा। गुवाहाटी से चलने वाली ट्रेन में असमिया व्यंजन और हावड़ा से चलने वाली ट्रेन में पारंपरिक बंगाली भोजन का स्वाद मिलेगा। यह फूड ऑन बोर्ड सेवा प्रीमियम क्लास के लिए विशेष होगी।महिलाओं ने गाना गाकर माहौल को खुशनुमा बनाया
भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस खास मौके पर ट्रेन में सवार महिलाएं कार्यक्रम शुरू होने से पहले खुशी-खुशी गीत गाती नजर आईं।किन-किन रेलवे स्टेशनों पर रुकेगी ट्रेन
हावड़ा और कामाख्या (गुवाहाटी) के बीच चलने वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन अपनी यात्रा के दौरान रंगिया, न्यू बोंगईगांव, न्यू अलीपुरद्वार, न्यू कूचबिहार, जलपाईगुड़ी रोड, न्यू जलपाईगुड़ी, अलुआबाड़ी रोड, मालदा टाउन, न्यू फरक्का, अजीमगंज, कटवा, नबद्वीप धाम, बंदेल जंक्शन पर रुकेगी।हावड़ा-कामाख्या वंदे भारत स्लीपर का टाइम टेबल
ट्रेन नंबर- 27575, हावड़ा-कामाख्या वंदे भारत एक्सप्रेस गुरुवार को छोड़कर रोजाना शाम 06.20 बजे हावड़ा जंक्शन से रवाना होगी और अगले दिन सुबह 08.20 बजे कामाख्या पहुंचेगी।ट्रेन नंबर- 27576, कामाख्या-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस बुधवार को छोड़कर रोजाना शाम 06.15 बजे कामाख्या जंक्शन से रवाना होगी और अगले दिन सुबह 08.15 बजे हावड़ा पहुंचेगीट्रेन में होंगे 16 कोच
ट्रेन में कुल 16 वातानुकूलित (AC) कोच होंगे। इनमें 11 कोच 3-टियर AC, 4 कोच 2-टियर AC और 1 कोच फर्स्ट-क्लास AC का होगा। ट्रेन की कुल क्षमता 823 यात्रियों की है, जिससे बड़ी संख्या में लोग सफर कर सकेंगे।किराया स्ट्रक्टर
रेलवे ने इसका किराया मध्यम वर्ग को ध्यान में रखकर तय किया है। हावड़ा से गुवाहाटी के लिए 3AC का किराया 2300 रुपये, 2AC का 3000 रुपये और 1AC का 3600 रुपये के आसपास रखा गया है। यह हवाई सफर की तुलना में काफी किफायती और आरामदायक ऑप्शन है।उद्घाटन विशेष ट्रेन का विस्तृत समय और ठहराव का विवरण इस प्रकार है-
स्टेशन आगमन प्रस्थान
मालदा टाउन — 01:00 PM
अलुआबाड़ी रोड जंक्शन 03:00 PM 03:05 PM
न्यू जलपाईगुड़ी जंक्शन 03:45 PM 03:55 PM
जलपाईगुड़ी रोड 04:30 PM 04:35 PM
न्यू कूचबिहार 05:45 PM 05:50 PM
न्यू अलीपुरद्वार 06:05 PM 06:10 PM
न्यू बोंगईगांव जंक्शन 07:40 PM 07:45 PM
रंगिया जंक्शन 09:10 PM 09:15 PM
कामाख्या जंक्शन 10:45 PM —दुल्हन की तरह सजी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन
देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलने को तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दोपहर 1 बजे के करीब इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। फिलहाल, मालदा टाउन रेलवे स्टेशन पर खड़ी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को दुल्हन की तरह सजाया गया है।नो वीआईपी कल्चर, नो आरएसी, नो वेटिंग
इस ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत इसका नो वीआईपी नियम है। ट्रेन में RAC या वेटिंग लिस्ट का कोई प्रावधान नहीं है। केवल उन्हीं यात्रियों को प्रवेश मिलेगा जिनके पास कंफर्म टिकट होगा। यह यात्रियों को एक प्रीमियम और सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए किया गया है।180 kmph की टॉप स्पीड
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को 180 किमी प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार के लिए डिजाइन किया गया है। हालांकि, रूट की सुरक्षा और पटरियों की क्षमता के अनुसार इसे 130-160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया जाएगा, जो इसे इस रूट की सबसे तेज ट्रेन बनाएगा।ट्रेन का रूट
यह वंदे भारत स्लीपर ट्रेन हावड़ा (कोलकाता) से गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच 970 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। यह पूर्वी भारत की व्यस्त रूट पर चलेगी, जो पश्चिम बंगाल के सात जिलों और असम के दो जिलों से गुजरेगी। ट्रेन नंबर 27575 हावड़ा से कामाख्या और 27576 कामाख्या से हावड़ा तक चलेगी, जो यात्रा समय को 2.5-3 घंटे कम कर देगी।ऐतिहासिक दिन: पीएम मोदी दिखाएंगे हरी झंडी
आज 17 जनवरी, 2026 का दिन भारतीय रेलवे के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल के मालदा टाउन रेलवे स्टेशन से देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। यह भारत की पहली सेमी-हाई-स्पीड स्लीपर ट्रेन है।

‘जिंदगी बीत गई लेकिन…’ 83 साल के अमिताभ बच्चन को है इस चीज का अफसोस, उम्र और समय पर कही ये बात

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अमिताभ बच्चन ने अपने लेटेस्ट ब्लॉग में बताया कि आखिर उन्हें उम्र के इस पड़ाव पर किन बातों का पछतावा है। इसी के साथ उन्होंने अपने पोस्ट में कुछ चीजें समय पर न सीख पाने को लेकर अफसोस भी जाहिर किया है।अमिताभ बच्चन भले ही 83 साल के हो चुके हैं, लेकिन उम्र के इस पड़ाव पर भी वह सुपर एक्टिव हैं। बैक टू बैक फिल्में, शो और विज्ञापनों की शूटिंग और इसी बीच वह सोशल मीडिया के लिए भी समय निकाल लेते हैं। आए दिन बिग बी सोशल मीडिया पर कुछ न कुछ जरूर पोस्ट करते रहते हैं। कभी अपनी फिल्मों तो कभी निजी जिंदगी की झलक फैंस को देते रहते हैं। इस बीच अमिताभ बच्चन का लेटेस्ट ब्लॉग भी सुर्खियों में हैं, जिसमें उन्होंने कुछ चीजों को लेकर पछतावा जाहिर किया है। अमिताभ बच्चन ने अपने हालिया व्लॉग में कुछ चीजों को लेकर पछतावा जाहिर किया है।
अमिताभ बच्चन को इन बातों का है पछतावा
अमिताभ बच्चन ने अपने लेटेस्ट ब्लॉग में बताया कि उन्हें उम्र के इस पड़ाव पर कुछ चीजें समय पर न सीख पाने का पछतावा है। उन्होंने अपने ब्लॉग में बताया कि उन्हें पछतावा है कि वह अपने काम से जुड़ी कई चीजें समय पर नहीं सीख पाए और उन्हें ये बात काफी खलती है। बिग बी अपने ब्लॉग में लिखते हैं- ‘हर दिन कुछ न कुछ नया सीखने को मिलता है, लेकिन अफसोस इस बात का है कि जो चीजें सीखने की हैं, वह सालों पहले सीख ली जानी चाहिए थी।’
क्यों है पछतावा?
अमिताभ बच्चन अपने पोस्ट में आगे लिखते हैं- ‘अफसोस इसलिए ज्यादा है क्योंकि जो कुछ अब सीखा जा रहा है वह उन दिनों मौजूद ही नहीं था… और अब सीखने की इच्छा, प्रयास और ऊर्जा समय और उम्र के साथ कम होती जा रही है। नए अविष्कारों और तकनीक की गति इतनी तेज है कि जब तक आप उन्हें सीखना शुरू कर ते हैं, तब तक समय निकल चुका होता है। इसलिए आज कई मीटिंग्स से यही रिजल्ट निकला है कि बेसिक चीजों को पहले ठीक से समझ लेना चाहिए और फिर काम पूरा करने के लिए अब के समय के बेस्ट टैलेंट्स और एक्सपर्ट्स को नियुक्त करें और काम हो जाएगा।’विशेषज्ञों को दें काम- अमिताभ बच्चन
बिग बी ने अपने ब्लॉग में बताया कि कैसे अगर आप दिए गए काम को नहीं कर पाते तो उसे कैसे कराना है। उन्होंने लिखा- ‘अगर आप किसी दिए गए काम से अनजान हैं या उसे पूरा करने के लिए योग्य नहीं हैं, तो कोई बात नहीं। आप उसे स्वीकार करें, फिर उसे अपनी पसंद के विशेषज्ञों को सौंप दें और काम पूरा करवा लें। काम स्वीकार किया… विशेषज्ञों को नियुक्त किया… और हो गया…। मेरे जमाने में… अगर आपको काम की जानकारी नहीं होती थी, तो आपको पछतावा होता था और आप उसे कर नहीं पाते थे या नहीं कर सकते थे… लेकिन अब ऐसा नहीं है। आप काम हाथ में लेते हैं और आउटसोर्सिंग के जरिए उसे पूरा करवा लेते हैं। वाह, सही शब्द का इस्तेमाल करके कितनी राहत मिली!’

विराट कोहली के लिए लकी नहीं रहा है होल्कर स्टेडियम, 4 मैचों में बना पाए हैं सिर्फ इतने रन

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विराट कोहली का रिकॉर्ड इंदौर के होल्कर स्टेडियम में उतना अच्छा नहीं रहा है। इस मैदान पर विराट ने अभी तक चार मैच खेले हैं और इस दौरान वह एक भी शतक या अर्धशतक नहीं लगा पाए हैं। भारत और न्यूजीलैंड की टीमें 18 जनवरी को वनडे सीरीज के तीसरे मैच में आमने-सामने होंगी। यह मुकाबला इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेला जाएगा। इस मैदान पर वैसे टीम इंडिया का रिकॉर्ड काफी अच्छा रहा है, लेकिन भारत के दिग्गज बल्लेबाज विराट के लिए यह मैदान लकी नहीं रहा है। इस मैदान पर विराट वनडे क्रिकेट में अभी तक रन बनाने के लिए संघर्ष करते हुए नजर आए हैं। ऐसे में तीसरे वनडे मैच में यहां विराट कोहली एक बड़ी पारी खेलना चाहेंगेहोल्कर स्टेडियम में विराट के आंकड़े नहीं हैं अच्छे
इंदौर के होल्कर स्टेडियम में विराट ने अभी तक सिर्फ 4 वनडे मैच खेले हैं और इस दौरान वह 33 के औसत से सिर्फ 99 रन बना पाए हैं। इस मैदान पर विराट का हाईएस्ट स्कोर सिर्फ 36 रन का रहा है, इसका मतलब है कि उनके बल्ले से होल्कर स्टेडियम में अभी तक भी शतकीय या अर्धशतकीय पारी देखने को नहीं मिली है। ऐसे में न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे वनडे में विराट कितना रन बना पाते हैं ये देखना दिलचस्प होगा। आपको बता दें कि इन दिनों विराट कोहली जबरदस्त फॉर्म में चल रहे हैं।
पहले वनडे में शतक से चूक गए थे विराट
विराट कोहली साउथ अफ्रीका सीरीज से ही जबरदस्त लय में नजर आ रहे हैं। साउथ अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में विराट ने जबरदस्त बल्लेबाजी की थी और इस दौरान वह शुरुआती दी मैचों में शतक और आखिरी वनडे में अर्धशतकीय पारी खेली थी। इसके बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में भी उन्होंने 93 रन बनाए थे। वहीं दूसरे मैच में वह सिर्फ 23 रन बनाकर आउट हो गए थे। ऐसे में विराट तीसरे मैच में फिर से एक बड़ी पारी खेलने की कोशिश करेंगे।
सहवाग और पोंटिंग का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं विराट विराट कोहली अगर न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे वनडे मैच में शतक लगाते हैं तो वह इस टीम के खिलाफ वनडे फॉर्मेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन जाएंगे और वह वीरेंद्र सहवाग और रिकी पोंटिंग के रिकॉर्ड को तोड़ देंगे। सहवाग और पोंटिंग ने वनडे में न्यूजीलैंड के खिलाफ छह शतक लगाए हैं और विराट भी छह शतक लगा चुके हैं और ऐसे में उन्हें दोनों दिग्गजों को पीछे छोड़ने के लिए सिर्फ एक सेंचुरी की जरूरत है।

ईरान में अभी बाकी है ट्रंप का खेल!…पूर्वी प्रशांत महासागर के ऊपर उड़ान भरने वाले विमानों को अमेरिकी चेतावनी से मिले संकेत

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अमेरिका ने पूर्वी प्रशांत क्षेत्र के ऊपर से उड़ान भरने वाले विमानों को अपनी राह बदलने की चेतावनी जारी की है। अमेरिका ने इसके लिए ‘‘सैन्य गतिविधियों’’ एवं उपग्रह नेविगेशन में हस्तक्षेप का हवाला दिया है।वाशिंगटन: ईरान में जारी हिंसा और सरकार विरोधी प्रदर्शन के बीच भले ही अमेरिका ने तेहरान पर तत्काल हमले का खतरा टालने का संकेत दिया हो, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप का खेल अभी बाकी है। हालांकि ट्रंप ने शुक्रवार ईरान को यह कहते हुए शुक्रिया भी अदा किया कि उनके कहने पर तेहरान ने 800 प्रदर्शनकारियों की फांसी टाल दी। ट्रंप ने अपने बयानों और लहजों से संकेत दिया कि फिलहाल वह ईरान सरकार के फैसले से खुश हैं और अभी तेहरान पर तत्काल अमेरिकी हमले का कोई खतरा नहीं है। मगर पूर्वी प्रशांत महासागर क्षेत्र में हाल में जारी एक अमेरिकी चेतावनी ने फिर से ईरान में हड़कंप मचा दिया है।
पूर्व प्रशांत के लिए अमेरिका ने क्या चेतावनी दी?
फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) ने अमेरिकी विमान चालकों से मेक्सिको, मध्य अमेरिका और दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों के निकट पूर्वी प्रशांत महासागर के ऊपर उड़ान भरते समय ‘‘सतर्कता बरतने’’ का आग्रह किया है और इसके लिए ‘‘सैन्य गतिविधियों’’ एवं उपग्रह नेविगेशन में हस्तक्षेप का हवाला दिया है। यह चेतावनी शुक्रवार को एफएए द्वारा जारी ‘नोटैम’ (नोटिस टू एयरमैन) की एक श्रृंखला के तहत जारी की गई। इनमें कहा गया है, ‘‘विमान के उड़ान भरने के दौरान और उड़ान के आगमन एवं प्रस्थान चरणों सहित, सभी चरणों पर विमानों के लिए संभावित जोखिम मौजूद हैं।’’ जाहिर है एफएए की यह चेतावनी बहुत कुछ गुप्त संकेत देती है। ऐसे में सवाल है कि क्या ट्रंप अभी ईरान के खिलाफ किसी गुप्त प्लान के तहत हमले की कोई नई आकस्मिक रणनीति तैयार कर रहे हैं।
कह जारी होती हैं ऐसी चेतावनियां
आमतौर पर ऐसे नोटिस खासकर उन क्षेत्रों में नियमित रूप से जारी किए जाते हैं, जहां आसपास शत्रुतापूर्ण गतिविधियां होती हैं। ये नोटिस कैरेबियाई सागर और पूर्वी प्रशांत में नौकाओं के खिलाफ अमेरिका के लगभग चार महीने से जारी सैन्य हमलों के बीच जारी किए गए हैं। अमेरिका का आरोप है कि ये नौकाएं मादक पदार्थों की तस्करी कर रही थीं।

बिना नोटिस पुलिस ने घर से निकाला, सालों से बने मकान पर दबंगों का कब्जा भिंड में कानून व्यवस्था पर सवाल, पीड़ित परिवार सड़क पर

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भिंड।
जिला मुख्यालय के गोहद क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां वर्षों से रह रहे एक परिवार को कथित तौर पर बिना नोटिस, बिना सूचना और बिना किसी वैधानिक आदेश के उनके ही घर से बाहर निकाल दिया गया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस ने दबंगई दिखाते हुए उनका घरेलू सामान बाहर फेंक दिया और उसी मकान में विपक्षी पक्ष का सामान रखवा दिया।

पीड़ित महिला रेणु कुशवाहा ने बताया कि उनके पति रवि कुशवाहा, निवासी जिला भिंड, पिछले करीब 15 वर्षों से उक्त मकान में रह रहे थे। यह मकान उन्होंने अपनी मेहनत-मजदूरी से नहीं, बल्कि सरकारी आवास योजना के तहत निकली राशि से बनवाया था। रेणु कुशवाहा और रवि कुशवाहा ने आवास का पैसा निकलवाकर और कुछ अपनी मेहनत मजदूरी कर घर खड़ा किया था। आसपास के लोग भी इस बात के गवाह हैं कि परिवार लंबे समय से उसी घर में निवास कर रहा था।

पीड़ित परिवार के अनुसार, पहले भी इस जमीन को लेकर विवाद चला था, जिसमें वे जीत चुके थे। इसके बाद ही उन्होंने वहां स्थायी रूप से मकान का निर्माण कराया। इसके बावजूद विपक्षी पक्ष लगातार उनके घर पर दावा करता रहा।

रेणु कुशवाहा ने आरोप लगाया कि 16 जनवरी को अचानक पुलिस बल मौके पर पहुंचा। न तो कोई पूर्व सूचना दी गई, न ही कोई नोटिस थमाया गया और न ही कोई वैध आदेश दिखाया गया। इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें जबरन घर से बाहर निकलवा दिया। घर में रखा सामान बाहर फेंक दिया गया और उसी स्थान पर विपक्षी पक्ष का सामान रखवा दिया गया।

पीड़ित परिवार का कहना है कि इस कार्रवाई के दौरान न तो उनकी बात सुनी गई और न ही कोई कानूनी प्रक्रिया अपनाई गई। महिला का आरोप है कि यह पूरी कार्रवाई दबंगों के दबाव में की गई, जिससे उनका परिवार पूरी तरह बेघर हो गया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि रेणु कुशवाहा और रवि कुशवाहा कहां रहें, जब उनका एकमात्र आवास भी उनसे छीन लिया गया।

स्थानीय लोगों में भी इस घटना को लेकर आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि कोई विवाद था तो उसका निपटारा न्यायालय के आदेश से होना चाहिए था, न कि इस तरह की अचानक और कथित गैरकानूनी कार्रवाई से। इस मामले ने जिले की कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पीड़ित परिवार ने प्रशासन और जिला अधिकारियों से मांग की है कि उन्हें तत्काल उनके घर में वापस दिलाया जाए, मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए और उन्हें फिर से सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जाए।

कदम्बा बस स्टैंड कैंटीन के पास रेस्टोरेंट में मजदूरी का शोषण: 10 दिन की मेहनत के 5 हजार नहीं मिले, मारपीट और मानसिक उत्पीड़न का आरोप

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मालदा।
पश्चिम बंगाल के मालदा जिले से मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक मजदूर के साथ रेस्टोरेंट संचालकों द्वारा बेरहमी से शोषण किए जाने के आरोप लगे हैं। शिकायतकर्ता शुभाअंकर का कहना है कि वह मूल रूप से मालदा टाउन जिले के ही निवासी हैं और बीते सात–आठ महीनों से माल गांव में रहकर मजदूरी कर रहे थे। करीब दस दिन पहले उन्हें कदम्बा बस स्टैंड कैंटीन के पास स्थित एक रेस्टोरेंट में काम पर रखा गया।

पीड़ित के अनुसार, रेस्टोरेंट में उनसे थाली तैयार कराने, खाना परोसने और साफ-सफाई जैसे काम लगातार कराए गए। दस दिन की मेहनत के बदले करीब 5 हजार रुपये मजदूरी बनती है, लेकिन आज तक एक रुपया भी नहीं दिया गया। जब पीड़ित ने अपनी मजदूरी मांगी तो रेस्टोरेंट के जिम्मेदार लोग टालमटोल करने लगे और बाद में मारपीट व गाली-गलौज पर उतर आए।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसे शारीरिक रूप से पीटा गया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। रोजाना डराने-धमकाने, अपमानित करने और नौकरी से निकाल देने की धमकी दी जाती रही। इस लगातार हो रहे टॉर्चर से वह मानसिक रूप से टूट चुका है और खुद को असहाय महसूस कर रहा है।

पीड़ित ने बताया कि मजबूरी में वह यह काम कर रहा था, क्योंकि रोजी-रोटी का कोई और साधन नहीं था। लेकिन मजदूरी न मिलना, मारपीट और मानसिक उत्पीड़न ने उसकी हालत और खराब कर दी है। अब वह न्याय की गुहार लगा रहा है और प्रशासन से मांग कर रहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि किसी और मजदूर के साथ इस तरह का शोषण न हो।

यह मामला एक बार फिर असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा और अधिकारों पर सवाल खड़े करता है। सवाल यह है कि कदम्बा बस स्टैंड कैंटीन जैसे सार्वजनिक स्थान के पास खुलेआम मजदूरों का शोषण कैसे हो रहा है और जिम्मेदार विभाग अब तक क्यों खामोश हैं?