Tuesday, April 7, 2026
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गोरखपुर: पुश्तैनी ज़मीन के विवाद में एक ही परिवार के बीच हिंसक झड़प, गर्भवती महिला सहित कई लोग गंभीर रूप से घायल

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गोरखपुर जनपद के गीडा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम साथीपार में पुश्तैनी ज़मीन के अधिकार को लेकर पारिवारिक विवाद इतना बढ़ गया कि वह हिंसक झड़प में बदल गया। हमलावरों ने घर में घुसकर महिलाओं और बच्चों पर लोहे की रॉड और पत्थरों से हमला कर दिया, जिसमें एक गर्भवती महिला, एक बुज़ुर्ग महिला और एक किशोरी सहित कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

घटना 22 जुलाई 2025 की रात करीब 8:00 बजे की है। जब पीड़ित परिवार का मुखिया बृजभूषण ड्यूटी पर बाहर था, उस समय घर पर उसकी पत्नी, बेटी और अन्य महिलाएं मौजूद थीं। तभी उसी परिवार के बड़े भाई जवाहर, उनके पुत्र अखिलेश, नवीन, राहुल सहित 10 से 12 अन्य लोग, जो कुछ अज्ञात थे, अचानक घर में घुस आए। आरोप है कि हमलावरों ने पहले बिजली की सप्लाई बंद कर दी, और फिर अंधेरे का फायदा उठाकर लोहे की रॉड, डंडे और पत्थरों से हमला शुरू कर दिया।

गंभीर रूप से घायल हुए परिजन:

विध्यावती देवी (उम्र 50 वर्ष), बृजभूषण की पत्नी – पैर टूट गया और सिर में गंभीर चोटें आईं।

लोकेश, बेटा – सिर फट गया, गंभीर हालत में।

सावित्री, बहू – 7 महीने की गर्भवती होने के बावजूद मारपीट की गई, गर्भस्थ शिशु की सुरक्षा को लेकर चिंता।

रोशनी, बेटी (उम्र 14 वर्ष) – घटना के समय घर में मौजूद थी और सदमे में है।

शिकायतकर्ता सुनीता (बेटी, उम्र 25 वर्ष) – प्रत्यक्षदर्शी और पीड़ित।

ज़मीन विवाद की पृष्ठभूमि:

बृजभूषण ने बताया कि उनके पिता स्व. भुनेश्वर ने अपनी ज़मीन तीन बेटों में आपसी सहमति से बांटी थी। बंटवारे के अनुसार सभी भाइयों को उनके-उनके हिस्से दिए गए थे। वर्ष 2010 में बृजभूषण ने उस ज़मीन पर घर बनवाया और कुछ वर्षों तक वहीं रहे। रोज़गार के लिए दिल्ली जाने के बाद, जब वह परिवार सहित वापस लौटे, तो देखा कि तीनों पुश्तैनी मकानों में से दो पर कब्जा हो चुका है और तीसरे मकान को भी जबरन हथिया लिया गया है।

कब्जा करने वाले लोग वही उनके बड़े भाई जवाहर और उनके बेटे हैं। जब इस कब्जे का विरोध किया गया और बातचीत करने का प्रयास किया गया, तब भी मारपीट की गई थी।

शिकायत दर्ज, लेकिन पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल:

घटना की जानकारी पीड़ित परिवार ने तत्काल थाना गीडा में दी और 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस भी मौके पर पहुंची थी, लेकिन कोई ठोस कानूनी कार्रवाई आज तक नहीं की गई।

बृजभूषण और उनकी बेटी सुनीता ने आरोप लगाया कि उन्होंने गांव के सरपंच मानसिंह से भी न्याय की मांग की, जिन्होंने आश्वासन तो दिया, लेकिन पंचायत बैठकों से आरोपी पक्ष लगातार गैरहाज़िर रहता रहा।

पीड़ित परिवार ने गंभीर आरोप लगाया है कि पुलिस भी आरोपी पक्ष के दबाव में कार्यवाही नहीं कर रही। इस लापरवाही के चलते अब पूरा परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जी रहा है।

पीड़ित परिवार की मांगें:

1. हमलावरों के खिलाफ IPC की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए।

2. घायल महिलाओं, विशेषकर गर्भवती सावित्री और विध्यावती देवी के इलाज की व्यवस्था करवाई जाए।

3. पीड़ित परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई जाए।

4. पुश्तैनी ज़मीन और मकानों पर न्यायपूर्ण और वैधानिक कब्जे की गारंटी दी जाए।

5. थाने द्वारा अब तक की ढिलाई की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।

प्रमुख आरोपी:

जवाहर (पुत्र स्व. भुनेश्वर)

अखिलेश, नवीन, राहुल (संबंधित परिजन)

अन्य 10–12 अज्ञात व्यक्ति

शिकायतकर्ता:

बृजभूषण (पुत्र स्व. भुनेश्वर)

सुनीता (बेटी), उम्र 25 वर्ष

विध्यावती देवी (पत्नी), उम्र 50 वर्ष

निवासी: ग्राम साथीपार, पोस्ट छपिया, थाना गीडा, जिला गोरखपुर

यह मामला एक सामाजिक और कानूनी विफलता का उदाहरण बनता जा रहा है, जहाँ एक गरीब और मेहनतकश परिवार को उनकी ही ज़मीन से बेदखल कर अत्याचार सहने को मजबूर किया जा रहा है।

अब देखना यह होगा कि गोरखपुर पुलिस और प्रशासन पीड़ितों की पुकार कब तक सुनता है और न्याय दिलाने की दिशा में ठोस कदम कब उठाता है।

 

पति को ब्लैकमेल कर रही महिला पर गंभीर आरोप, पत्नी ने पुलिस और प्रशासन से लगाई मदद की गुहार

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नई दिल्ली, 30 जुलाई 2025
दिल्ली के पटेल नगर क्षेत्र की रहने वाली जहांआरा नामक महिला ने शाहदरा निवासी रानी नामक महिला पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जहांआरा ने बताया कि वह शादीपुर के पास बलजीत नगर, बाबा के ढाबे के पास, कुमार सिंह चौक, पटेल नगर में रहती हैं और उनके पति का नाम मेहरुल अंसारी है। उन्होंने कहा कि उन्हें अब सिर्फ इंसाफ चाहिए।

जहांआरा का कहना है कि रानी उनके पति को ब्लैकमेल कर रही है और उनके वैवाहिक जीवन को पूरी तरह से बर्बाद कर चुकी है।

जहांआरा ने बताया कि रानी पहले से दो बार शादी कर चुकी है। पहले पति से एक 18 वर्षीय बेटा और दूसरे पति से 6 साल की बेटी है। अब वह उनके पति से जबरन शादी करने का दबाव बना रही है और ऐसा न करने पर आत्महत्या की धमकी भी दे रही है।

जहांआरा ने आरोप लगाया कि “उस महिला ने मेरे पति को सट्टे के माध्यम से फंसाया और कई बार पैसे ऐंठे हैं। मेरे पास वीडियो कॉल की रिकॉर्डिंग, फोटो और कई सबूत हैं जो इस बात को प्रमाणित करते हैं। मेरे पति ने उस महिला के प्रभाव में आकर मुझे शारीरिक रूप से भी नुकसान पहुंचाया, यहां तक कि सिर फाड़ दिया।”

जहांआरा ने बताया कि उन्होंने पहले भी थाना स्तर पर शिकायत की थी, जिसमें उनके पति ने लिखित में वादा किया था कि वह उस महिला से कोई संपर्क नहीं रखेगा, लेकिन इसके बावजूद वह चुपचाप उससे बातचीत करता है, पैसे भेजता है और जुलाई की 7 तारीख को भी वीडियो कॉलिंग पर बात करता पाया गया है।

उन्होंने कहा, “उस महिला की 6 साल की बेटी मेरे पति को ‘पापा’ कहती है, और अब वह कह रही है कि मैं अपनी बच्ची को छोड़ रही हूं, तुम भी पत्नी और बेटी को छोड़कर मेरे साथ रहो। मैं खुद मानसिक तनाव में हूं, मेरी 9 साल की बेटी है। अगर मैं आत्महत्या करती हूं तो इसकी जिम्मेदार वही महिला होगी।”

जहांआरा ने प्रशासन और पुलिस से गुहार लगाई है कि रानी नामक महिला के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि उनका परिवार बच सके। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कोई कदम नहीं उठाया गया तो वे और उनकी बेटी बेघर और बेसहारा हो जाएंगे।

जिला गोंडा की महिला के साथ दबंगों ने की निर्मम मारपीट, जान से मारने की दी धमकी – लखनऊ तक चल रहा इलाज, पीड़िता ने की न्याय की मांग

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गोंडा, उत्तर प्रदेश।
थाना परसपुर क्षेत्र के लालापुरवा, नरायनपुर जयसिंह गांव की रहने वाली रीता पत्नी राहुल धोबी ने गंभीर आरोप लगाते हुए थाना प्रभारी को एक प्रार्थना पत्र सौंपा है, जिसमें उन्होंने गांव के ही कुछ दबंग लोगों द्वारा जानलेवा हमला करने और जान से मारने की धमकी देने की बात कही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रीता एक सीधी-सादी महिला हैं और उनके पति जीविकोपार्जन के सिलसिले में घर से बाहर रहते हैं। रीता अपने बच्चों के साथ अकेले ही गांव के बाहरी इलाके में निवास करती हैं। इस कारण जब कोई अप्रिय घटना घटती है तो समय पर गांव से कोई मदद के लिए नहीं पहुंच पाता।

पीड़िता के अनुसार, दिनांक 22 मार्च 2025 को दोपहर लगभग 3:00 बजे गांव के दबंग विपक्षीगण — रामफेर पुत्र अयोध्या, रंजीत पुत्र रामफेर और अंकिता पत्नी रंजीत — ने रीता को अकेला पाकर जानलेवा हमला कर दिया। उन्होंने रीता को पीटते हुए गालियां दीं। रीता का आरोप है कि अंकिता ने उसका गला दबाया, जबकि रामफेर और रंजीत ने लाठी-डंडों और लात-घूंसों से बेरहमी से पीटा, जिससे वह मौके पर ही बेहोश हो गईं।

गांव के कुछ लोगों के इकट्ठा हो जाने पर किसी तरह रीता की जान बच सकी। घटना की सूचना रीता के बेटे ने 1090 पर कॉल कर के दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर हालत में रीता को सीएससी परसपुर लाया गया। वहां से प्राथमिक इलाज के बाद हालत गंभीर होने के कारण उन्हें जिला अस्पताल गोंडा और फिर लखनऊ रेफर किया गया। फिलहाल रीता का इलाज डॉ. ओ.एन. पाण्डेय के यहां चल रहा है।

पीड़िता का कहना है कि विपक्षीगण लगातार उन्हें व उनके बच्चों को जान से मारने और गड़ासा से काट डालने की धमकियां दे रहे हैं। उनका कहना है कि वे पुलिस को पैसे देकर पूरे परिवार की हत्या करवा सकते हैं। इस कारण से पीड़िता और उसका परिवार बेहद डरे और सहमे हुए हैं।

रीता ने पुलिस से मांग की है कि उपरोक्त सभी आरोपियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्यवाही करते हुए उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में कोई गंभीर घटना न हो।

फोन नं: 7317256881
प्रार्थिनी: रीता पत्नी राहुल धोबी
निवासी: लालापुरवा, नरायनपुर जयसिंह, थाना परसपुर, जिला गोंडा

18 साल सेवा के बाद भी न्याय से वंचित: रसोइया सुमन यादव ने लगाया प्रधानाध्यापक पर अभद्रता व जबरन नौकरी से निकालने का आरोप

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अयोध्या, 22 नवम्बर 2024:
पूर्व माध्यमिक विद्यालय, सुखापुर, इटौरा (शिक्षा क्षेत्र पूरा बाजार, अयोध्या) में वर्ष 2007 से रसोइया के पद पर कार्यरत रही सुमन यादव, पत्नी सतीश कुमार, ने प्रधानाध्यापक अंजनी सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि 18 वर्षों की निष्ठापूर्वक सेवा के बाद भी उन्हें विद्यालय से अपमानजनक तरीके से बाहर निकाल दिया गया, और अब तक उन्हें पुनः नियुक्त नहीं किया गया है।

सुमन यादव, जो ग्राम ऊभरपुर मोड़, सुखापुर, इटौरा की निवासी हैं, ने बताया कि 17 मई 2024 तक उन्होंने काम किया, लेकिन 18 मई को जब वह सुबह 7 बजे ड्यूटी पर पहुँचीं, तो प्रधानाध्यापक अंजनी सिंह ने उन्हें माँ-बहन की गालियाँ देते हुए विद्यालय से भगा दिया और कहा कि “अब विद्यालय में कदम भी मत रखना।”

पीड़िता ने न्याय के लिए कई बार जिलाधिकारी अयोध्या, बेसिक शिक्षा अधिकारी और अन्य उच्चाधिकारियों को दिनांक 19-07-2024, 25-07-2024, 10-08-2024, 14-08-2024, 17-08-2023 व 19-08-2024 को लिखित शिकायतें दीं, परंतु आज तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई।

सुमन यादव ने भावुक स्वर में मीडिया को बताया—
“मैं एक गरीब महिला हूँ। बच्चों के पालन-पोषण का एकमात्र सहारा यह नौकरी थी। अगर यही छिन गया, तो हम लोग कैसे जियेंगे? मैं हाथ जोड़कर माननीय अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाती हूँ।”

उन्होंने यह भी खुलासा किया कि विद्यालय में कुछ शिक्षक नियमित रूप से नहीं आते, और उनकी उपस्थिति फर्जी हस्ताक्षर के ज़रिए दर्ज की जाती है। एक पूर्व विवाद में जब सभी अध्यापकों ने एक सामूहिक पत्र बीईओ को दिया था, उसमें सुमन यादव के भी हस्ताक्षर थे। उनका मानना है कि उसी घटना के बाद सभी अध्यापक उनके खिलाफ हो गए।

सुमन यादव की माँग है कि उन्हें पुनः रसोइया पद पर नियुक्त किया जाए और दोषी प्रधानाध्यापक अंजनी सिंह के विरुद्ध कठोर कार्रवाई हो।

संलग्न दस्तावेज़:

1. प्रार्थना पत्र दिनांक 30-04-2022

2. शिकायत पत्र दिनांक 04-12-2019

संपर्क:
सुमन यादव, पत्नी सतीश कुमार
ग्राम ऊभरपुर मोड़, सुखापुर, इटौरा, अयोध्या

पत्नी के अपहरण व जेवर चोरी का आरोप – नवाबगंज थाने में FIR दर्ज करने की मांग

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नवाबगंज थाना क्षेत्र के बसौवा गांव निवासी शंकर पुत्र मोहन लाल विश्वकर्मा (आयु 28 वर्ष) ने गंभीर आरोप लगाते हुए अपनी पत्नी करिश्मा के अपहरण और जेवरात चोरी की शिकायत पुलिस अधीक्षक बहराइच से की है।

किस पर लगाए गए आरोप?

शंकर ने आरोप लगाया है कि गुलमागांव (थाना रूपईडीहा) निवासी सनेही पुत्र राधेश्याम उसकी पत्नी पर बुरी नज़र रखता था। शंकर के अनुसार, सनेही ने कृपा राम पुत्र अजोद्वी, मालती प्रसाद पुत्र कृपा राम, पत्नी मालती और नरायन पुत्र अजोद्वी (सभी निवासी बसौवा गांव) के साथ मिलकर साजिश रची।

शिकायत के मुताबिक, 16 जुलाई 2025 की शाम लगभग 4 बजे सनेही ने करिश्मा को डराया-धमकाया और पहले से तैयार कथित अश्लील वीडियो दिखाकर ब्लैकमेल किया। इसके बाद करिश्मा से घर के जेवरात और ₹40,000 नकद मंगवाकर उसका अपहरण कर लिया।

परिवार पर टूटा दुख का पहाड़

पीड़ित शंकर का कहना है कि पत्नी के लापता होने से उसकी नाबालिग बच्ची सदमे में है और बीमार हो गई है। उसने कहा कि विपक्षीगणों ने उसका घर उजाड़ दिया और जीवन बर्बाद कर दिया।

शंकर की मांग

पीड़ित ने नवाबगंज थाने में FIR दर्ज करने, पत्नी को सुरक्षित बरामद कराने तथा चोरी गए जेवरात व नगदी वापस दिलाने की मांग की है।

पुलिस का रुख

पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने प्रार्थना पत्र प्राप्त होने की पुष्टि की है और जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। हालांकि, पीड़ित का आरोप है कि अब तक पुलिस कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है।

जो भी करिश्मा के बारे में जानकारी रखता है, वह 8871022710 पर संपर्क कर शंकर की मदद कर सकता है।

महिला पर खेत में घुसने का आरोप, जातिसूचक शब्दों के साथ मारपीट – पीड़िता बोली, जान से मारने की दी धमकी”

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खमनोर थाना क्षेत्र के चारणों की मदार गांव में एक महिला के साथ जातिसूचक गालियां देने और मारपीट करने का मामला सामने आया है। पीड़िता हेमलता सालवी (26 वर्ष), निवासी चारणों की मदार ने पुलिस उप अधीक्षक नाथद्वारा को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया है कि घटना 26 जुलाई की दोपहर घटित हुई।

हेमलता के अनुसार, वह अपने मवेशी चराने के लिए जा रही थी, तभी मवेशी केसरसिंह बोराणा के खेत में घुस गए। उसी समय केसरसिंह की पत्नी मीराबाई और बेटी तनुका मौके पर पहुंची। पीड़िता का आरोप है कि दोनों ने जातिसूचक अपशब्द कहे और उसे लात-घूंसे, लकड़ी व पत्थरों से पीटा। “मीराबाई ने मेरे बाल पकड़कर मुझे नीचे पटक दिया और मेरे गले पर पैर रख दिया। ग्रामीणों की मदद से ही मैं बच सकी, वरना वे मुझे जान से मार देतीं,” हेमलता ने कहा।

पीड़िता के अनुसार, घटना में उसकी कमर, गर्दन, हाथ और सिर में चोटें आईं। मारपीट के बाद आरोपियों ने उसे गांव के अंदर आने पर जान से मारने की धमकी भी दी।

हेमलता ने बताया कि 27 जुलाई को उसने खमनोर थाना पुलिस को घटना की लिखित शिकायत दी थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने पुलिस उप अधीक्षक नाथद्वारा को ज्ञापन सौंपते हुए आरोपियों पर प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।

निकाह की जिद पर अड़ा दिलशाद: कहा, सानिया के बिना नहीं जी सकता, धमकियों के बीच प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार

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दिलशाद और सानिया बिहार का रहने वाले है जिला मधेपुरा, बिहार | पोस्ट उदा किशुनगंज
गांव रहटा जमा मस्जिद
मोहम्मद दिलशाद ने अपनी प्रेम कहानी को मीडिया के सामने रखते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। दिलशाद का कहना है कि वह सानिया से बेइंतहा मोहब्बत करता है और उसी के नाम से उसने अपनी दुकान का नाम भी रखा है, जो उसके बोर्ड पर साफ-साफ देखा जा सकता है।

दिलशाद का दावा है कि पिछले पाँच वर्षों से वह सानिया की पढ़ाई, कॉलेज की फीस, किताबें और हर जरूरत का खर्च उठाता आ रहा है। दोनों के बीच कई बार मुलाकातें भी हुईं और दिलशाद के अनुसार, उनका रिश्ता आत्मा से जुड़ा हुआ है। लेकिन जब बात निकाह की आई तो सानिया के परिवार वालों ने न केवल इंकार कर दिया, बल्कि उसे जान से मारने की धमकियां भी दीं।

दिलशाद ने कहा, “मैंने उसके पिता मोहम्मद सज्जाद से बात करने की बहुत कोशिश की, उनके आगे गिड़गिड़ाया, लेकिन उन्होंने मेरी एक न सुनी। उल्टा मुझे शर्मिंदा करते हुए कहा कि तुम्हारा इतनी औकात नहीं है कि मैं अपनी पढ़ी-लिखी बेटी से निकाह कर सकूं। उन्होंने मुझे अनपढ़ और गंवार कहा।”

दिलशाद ने बताया कि सानिया की बड़ी बहन अमीसा ने सानिया को ताने मारने लगी और कहा कि ‘उस ललका के पास कुछ नहीं है, ओर गरीब है तुझे उससे भी अच्छा लरका मिल जाएगा।’ वहीं,अब सानिया दिलशाद से कह रही है कि अब हम वहीं निकाह करेंगे जहाँ उसके माता-पिता तय करेंगे — चाहे वो व्यक्ति अपाहिज ही क्यों न हो।
वही अब दिलशाद प्रषासन से कहना चाहता हैं कि सानिया अपने बरी बहन और माता पिता के दबाव में आकर अपना फैसला सुनाया

दिलशाद ने सरकार और प्रशासन से गुहार लगाई है कि उसे इंसाफ दिलाया जाए और सानिया से उसका निकाह करवाया जाए। उसने कहा, “अगर सानिया मेरी नहीं हुई, तो मैं उसे किसी और का भी नहीं होने दूंगा। चाहे इसके लिए मुझे अपनी जान ही क्यों न देनी पड़े।”

इस पूरे मामले में सानिया के परिवार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। दिलशाद की अपील के बाद अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस प्रेम-प्रसंग से जुड़े तनावपूर्ण मामले पर क्या कदम उठाता है।

पत्नी प्रेमी संग 3 साल की बेटी को लेकर हुई फरार, मज़दूर पति का आरोप – “ससुराल ने ₹2 लाख भी नहीं लौटाए” 

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“घर उजड़ गया, बेटी चली गई, और अब पैसे भी डूब गए” — यह दर्द भरी दास्तान है राजेश कुमार की, जो रोज़ी-रोटी की तलाश में पंजाब में मज़दूरी कर रहे थे।

राजेश कुमार, उम्र 25 वर्ष, बिहार के पूर्णिया जिले के सीता पति थाना क्षेत्र के निवासी हैं। उनकी शादी छह साल पहले रेणु देवी से हुई थी। दो छोटे बच्चों का पिता यह युवक आज न्याय और मदद की गुहार लगा रहा है क्योंकि उसकी पत्नी बेटी को लेकर लापता हो गई है और ससुरालवालों ने भी उसे आर्थिक संकट में अकेला छोड़ दिया है।

परिवार की स्थिति

राजेश और रेणु के दो बच्चे हैं —

बेटा राजकुमार (उम्र 4.5 वर्ष)

बेटी पार्वती (उम्र 3.5 वर्ष)

राजेश अपने पूरे परिवार के साथ पंजाब में रहकर दिहाड़ी मज़दूरी करता था। जीवन की कठिनाइयों के बावजूद वे परिवार को साथ लेकर चलने की कोशिश कर रहे थे।

पत्नी का बार-बार भागना, फिर प्रेमी संग लापता होना

राजेश का कहना है कि इससे पहले भी उनकी पत्नी बिना बताए घर छोड़ चुकी थी, लेकिन तब उन्होंने उसे समझा-बुझाकर घर वापस लाया था और आशा की थी कि अब परिवार सामान्य जीवन बिताएगा। लेकिन 16 जून 2025 को वह फिर से भाग गई, इस बार 3.5 साल की बेटी पार्वती को भी साथ ले गई। राजेश का आरोप है कि पत्नी एक युवक ‘नोनू’ के साथ फरार हुई है, और वह पंजाब से लापता हुई है।

घरेलू विवाद और आरोप

राजेश ने यह भी बताया कि उन्होंने पत्नी को कई बार फोन पर किसी अजनबी से बात करते हुए पकड़ा था। जब उन्होंने सवाल किया, तो झगड़ा हुआ। गुस्से में उन्होंने एक-दो थप्पड़ भी मारे थे, जिसकी वजह से पत्नी ने कहा कि वह अब उनके साथ नहीं रहना चाहती।
राजेश स्वीकारते हैं कि यह एक भूल थी, लेकिन उन्होंने कहा कि वह बार-बार समझौता करने को तैयार थे। बावजूद इसके, पत्नी दूसरी बार घर छोड़कर चली गई।

ससुराल वालों पर आर्थिक धोखाधड़ी का आरोप

राजेश ने अपने ससुर दयानंद रजक और सास मंजू देवी पर गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई में से ₹2 लाख रुपए ससुराल भेजे थे, ताकि वे वहां जमीन खरीद सकें। लेकिन अब वे लोग पैसे वापस नहीं कर रहे हैं।

“अब जब मेरी पत्नी छोड़कर चली गई, तो ससुर कहता है कि पैसे नहीं दूंगा। मैं तो बर्बाद हो गया हूं — बेटी भी गई, पैसा भी गया।”

राजेश की मांग

1. पत्नी रेणु और बेटी पार्वती को ढूंढकर लाया जाए।

2. प्रेमी नोनू के खिलाफ कार्रवाई हो।

3. ₹2 लाख की रकम ससुराल से वापस दिलाई जाए।

4. बेटे राजकुमार के भविष्य के लिए आर्थिक मदद दी जाए।

न्याय की तलाश में भटकता पिता

राजेश कुमार आज अपने बेटे के साथ अकेले हैं। एक तरफ उनकी बेटी लापता है, दूसरी ओर ससुरालवालों की बेरुख़ी और आर्थिक तंगी ने उन्हें तोड़कर रख दिया है। उन्होंने स्थानीय पुलिस को शिकायत दी है, लेकिन अब तक न तो बेटी की खोज हुई है और न ही ससुराल से पैसे वापस मिले हैं।

क्या कहता है कानून?

यह मामला घरेलू हिंसा, विश्वासघात, और आर्थिक शोषण से जुड़ा है। महिला का इस प्रकार बच्ची को लेकर गायब होना और ससुराल का आर्थिक सहयोग न करना, दोनों ही मामलों में कानूनी कार्यवाही की ज़रूरत है।

अब प्रशासन से सवाल है – एक मज़दूर की गुहार कब सुनी जाएगी?

पैसों के लेन-देन को लेकर घर में घुसकर की गई मारपीट, महिला ने मीडिया के माध्यम से लगाई जान की सुरक्षा की गुहार

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मैदापुर, थाना बोचहा, जिला मुजफ्फरपुर | 27 जुलाई 2025

ग्राम मैदापुर निवासी रेहाना खातून ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि 27 जुलाई 2025 को सुबह करीब 11:30 बजे गांव के ही संतोष चौधरी, अजीत चौधरी, आदित्य चौधरी और सोनू, जिनके पिता का नाम भी संतोष चौधरी है, अचानक उनके घर में घुस आए और उनके पति मोहम्मद जुबेर पर जानलेवा हमला कर दिया।

पीड़िता ने बताया कि घटना का मुख्य कारण पैसे का लेन-देन है। उनके पति लंबे समय से टीबी (टी.बी.) की बीमारी से पीड़ित हैं और घर की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। ऐसे में आरोपी लगातार पुराने पैसों को लेकर दबाव बना रहे थे। लेकिन 27 तारीख को सभी हदें पार करते हुए आरोपियों ने घर में जबरन घुसकर न केवल मारपीट की, बल्कि लूटपाट भी की और जाते-जाते जान से मारने की धमकी दे गए।
पीड़िता की दुकान दिल्ली पब्लिक स्कूल के समीप है जहां जाकर लोग दंगा फसाद करने लगे और हमारी दुकान का ताला तोड़कर उसमें घुस गए और दुकान में लूटपाट करने लगे।

पीड़िता का कहना है कि उनका परिवार पहले से ही मानसिक, आर्थिक और शारीरिक संकट से गुजर रहा है, और अब यह हिंसात्मक हमला उनकी जान पर खतरा बन गया है। पुलिस प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्होंने मीडिया का सहारा लिया है और सरकार व पुलिस से न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है।
पीड़िता ने बताया कि आरोपीय दबंग किस्म के लोग हैं और वह कह रहे हैं कि हम सरपंच और मुखिया को अपनी जेब में रखते हैं तुम हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकते जो करना है वह कर लेना पीड़िता ने बताया कि अब हमारा पूरा परिवार सदमे में है और हमें जान से मारने की धमकियां दी जा रही है हमारे गुहार यही है कि हमारी जान की सुरक्षा की जाए। भविष्य में अगर मुझे या मेरे परिवार को कोई नुकसान पहुंचता है तो इसके जिम्मेवारी यही आरोपी लोग होंगे।
संपर्क सूत्र (पीड़िता): रेहाना खातून
ग्राम: मैदापुर, थाना बोचहा, जिला मुजफ्फरपुर
घटना की तारीख: 27-07-2025
समय: सुबह 11:30 बजे

लोकसभा में राजनाथ सिंह बोले- ‘सुदर्शन चक्र उठा लिया है, ऑपरेशन सिंदूर जारी रहेगा’, ‘गौरव गोगोई ने पूछा- आतंकी कैसे घुसे’

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संसद के मानसून सत्र के दौरान आज (28 जुलाई) से पहलगाम हमले और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर तीखी बहस जारी है। पहले सप्ताह के व्यवधान के बाद सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष आमने-सामने हैं। भारत की सैन्य कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू की गई थी, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सदन को बताया कि ऑपरेशन सिंदूर जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर पाकिस्तान के ऊपर दोबारा स्ट्राइक भी की जाएगी। वहीं, विपक्ष के नेता गौरव गोगोई ने पूछा कि आतंकी पहलगाम तक कैसे पहुंचे और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत को कितने विमानों का नुकसान हुआ।

गौरव गोगोई ने पूछा कहां हैं पहलगाम के आतंकी

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने विपक्ष की तरफ से ऑपरेशन सिंदूर पर सबसे पहले अपनी बात रखी। उन्होंने पूछा कि ऑपरेशन सिंदूर के 100 दिन बाद भी सरकार 5 आतंकियों को नहीं पकड़ पाई है। सरकार के पास ड्रोन हैं, पेगासस हैं, सैटेलाइट हैं, सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ हैं और रक्षा मंत्री कुछ दिन पहले वहां गए थे, लेकिन फिर भी आप उन्हें पकड़ नहीं पाए हैं।

पहलगाम में आतंकी कैसे आए, रक्षा मंत्री ने नहीं बताया- गौरव गोगोई

ऑपरेशन सिंदूर पर बहस में बोलते हुए कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा “राजनाथ सिंह जी ने बहुत सारी जानकारी दी, लेकिन रक्षा मंत्री के रूप में उन्होंने कभी यह उल्लेख नहीं किया कि कैसे पाकिस्तान से आतंकवादी पहलगाम पहुंचे और 26 लोगों को मार डाला। राष्ट्र के हित में ये सवाल पूछना हमारा कर्तव्य है।”

भारत चुप नहीं बैठेगा: राजनाथ सिंह

ऑपरेशन सिंदूर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर हमारे सामर्थ्य का प्रतीक था जिसमें हमने दिखाया कि अगर कोई हमारे नागरिकों को मारेगा तो भारत चुप नहीं बैठेगा। हमारा राजनैतिक तंत्र और नेतृत्व बिना किसी दबाव के काम करेगा। हमारी मिसाइलें भौतिक सीमाओं को पार करेंगी, वीर सैनिक दुश्मन की कमर तोड़ देंगे। हम आतंकवाद के हर रूप और स्वरूप को समाप्त करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।”