Tuesday, April 7, 2026
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नाकिबुल और मनारा बेगम की रहस्यमयी गुमशुदगी से टूटा अफजल अली का परिवार – पुलिस पर लापरवाही का आरोप, समाज से की सहयोग की अपील

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कानपुर के जुकी इलाके से एक के बाद एक दो गुमशुदगियों की घटनाओं ने एक परिवार को गहरे संकट में डाल दिया है। अफजल अली नामक व्यक्ति का 15 वर्षीय बेटा नाकिबुल 29 जुलाई 2025 की शाम करीब 4 बजे अचानक लापता हो गया, और इससे परिवार पूरी तरह से टूट चुका है। स्थिति तब और भी गंभीर हो गई जब यह सामने आया कि अफजल की पत्नी मनारा बेगम भी इससे ठीक दो सप्ताह पहले, 15 जुलाई 2025 को घर से बिना किसी सूचना के गायब हो गई थीं।

नाकिबुल की गुमशुदगी ने बढ़ाई चिंता

अफजल अली ने मीडिया को बताया कि उनका बेटा नाकिबुल एक शांत और सामान्य स्वभाव का लड़का था, जिसकी मानसिक स्थिति पूरी तरह ठीक थी। वह स्कूल जाने वाला, घरेलू और जिम्मेदार बच्चा था। परिवार का कहना है कि न तो घर में किसी प्रकार का झगड़ा हुआ था, और न ही नाकिबुल ने किसी प्रकार की असंतुष्टि या असहजता जाहिर की थी।

अफजल बताते हैं कि,

“वो बिना कुछ बताए चला गया… और अब चार दिन हो चुके हैं। हमने हर रिश्तेदार, दोस्त, बाजार, स्टेशन – सब जगह तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।”

पहले भी हो चुका है नाकिबुल लापता

अफजल ने यह भी बताया कि दो साल पहले भी एक बार नाकिबुल अचानक लापता हो गया था, लेकिन उस समय वह खुद ही कुछ दिनों बाद लौट आया था। इस बार मामला अलग और कहीं अधिक रहस्यमयी प्रतीत हो रहा है।

पत्नी भी छोड़ गई घर

नाकिबुल की गुमशुदगी के ठीक दो हफ्ते पहले, मनारा बेगम, अफजल की पत्नी और एक 6 वर्षीय बच्चे की मां, भी बिना कुछ कहे घर से निकल गईं और आज तक उनका कोई पता नहीं चला।

अफजल का दर्द छलकता है –

“पहले पत्नी चली गई… अब बेटा भी नहीं मिल रहा है… छोटे बेटे को संभालना मुश्किल हो गया है। प्रशासन भी हमारी सुन नहीं रहा। हम पूरी तरह टूट चुके हैं।”

थाने में शिकायत, लेकिन कार्रवाई नदारद

दोनों मामलों में गुमशुदगी की रिपोर्टें जुकी थाने में दर्ज करवाई गई हैं। मगर परिवार का आरोप है कि पुलिस की तरफ से अब तक कोई ठोस कार्रवाई या प्रयास नहीं किया गया है। वे आरोप लगाते हैं कि शिकायत दर्ज होने के बावजूद अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।

प्रशासन और समाज से अपील

अफजल अली ने समाज और प्रशासन से हाथ जोड़कर अपील की है कि यदि किसी को भी नाकिबुल या मनारा बेगम के बारे में कोई जानकारी हो, तो तुरंत नीचे दिए गए नंबर या नजदीकी थाने से संपर्क करें।संवाददाता 8871022710

नाकिबुल की पहचान

नाम: नाकिबुल

उम्र: 15 वर्ष

रंग: गेहुआ

कद: लगभग 5 फीट 2 इंच

कपड़े: लापता होते समय हल्की नीली शर्ट और ग्रे पैंट पहने हुए

स्थान: जुकी, कानपुर

लापता होने का समय: 29 जुलाई, शाम 4:00 बजे

मानवता की पुकार

इस कठिन घड़ी में हर नागरिक का यह कर्तव्य है कि यदि उन्हें कोई सुराग मिले, तो वे चुप न रहें। नाकिबुल और मनारा बेगम की तलाश में एक-एक क्षण महत्वपूर्ण है। अगर आपने उन्हें कहीं भी देखा हो — किसी रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, धर्मशाला, या सड़क किनारे — तो तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें।

सीतापुर में आवास योजना पर संग्राम: शिकायत करने पर युवक से मारपीट, जांच में उलझा मामला

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सीतापुर जिले के सदरपुर थाना क्षेत्र के बकहुआ बाजार गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि गांव के प्रधान प्रतिनिधि मोइन और सचिव हैदर ने योजना में गड़बड़ी कर अभय कुमार नामक युवक का नाम सूची से हटवा दिया। अभय का दावा है कि उनके चाचा अक्षय कुमार की मौत 2020 में हो चुकी थी, फिर भी उन्हें जीवित दिखाकर योजना का लाभ रोक दिया गया।

अभय कुमार का आरोप है कि जब उन्होंने इस फर्जीवाड़े की शिकायत की तो ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मोइन और उनके समर्थकों ने मारपीट की। अभय ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई, लेकिन जांच रिपोर्ट में मारपीट की घटना से इनकार किया गया है।

जांच रिपोर्ट में क्या कहा गया
क्षेत्राधिकारी महमूदाबाद वेद प्रकाश श्रीवास्तव की रिपोर्ट के अनुसार, अभय कुमार अनुसूचित जाति बहेलिया समाज से हैं जबकि आरोपित मोइन मनिहाल मुस्लिम समुदाय से हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि आगामी प्रधानी चुनाव को देखते हुए गांव के कुछ लोगों ने अभय को बहकाकर शिकायत करवाई। जांच में ग्रामीणों ने भी मारपीट की घटना से इनकार किया और अभय को सरलमति व्यक्ति बताया जो दूसरों के बहकावे में आकर आरोप लगाता है।

रिपोर्ट में यह भी दर्ज है कि 10 मई 2025 को थाना दिवस के दौरान अभय ने नायब तहसीलदार और पुलिस अधिकारियों के सामने भी यही आरोप लगाए थे, लेकिन मौके पर मौजूद लोगों और जांच के आधार पर आरोप प्रमाणित नहीं हो सके।

राजनीतिक रंजिश या प्रशासनिक लापरवाही?
मामला अब दो धाराओं में बंट गया है—अभय कुमार अपने साथ अन्याय का आरोप लगा रहे हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि विवाद राजनीतिक रंजिश का नतीजा है। रिपोर्ट के मुताबिक मारपीट का कोई सबूत नहीं मिला, फिर भी शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों पर बीएनएसएस की धारा 126/135 के तहत कार्रवाई की गई है।

गांव में बढ़ा तनाव
प्रधानमंत्री आवास योजना में हुए इस कथित फर्जीवाड़े को लेकर गांव में तनाव बना हुआ है। अभय का कहना है कि उन्हें अब भी न्याय नहीं मिला और पूरा प्रशासन आरोपियों को बचाने में जुटा है। वहीं ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मोइन और सचिव हैदर ने आरोपों को पूरी तरह से नकार दिया है।

आगे क्या?
यह मामला अब जिला प्रशासन के पाले में है। सवाल उठ रहा है कि क्या अभय को वास्तव में न्याय मिलेगा या यह भी चुनावी राजनीति की भेंट चढ़ जाएगा।

स्थानीय संवाददाता ई खबर मीडिया की रिपोर्ट

दरभंगा से भाई-बहन लापता, परिजनों ने लगाई मदद की गुहार

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दरभंगा जिले के हायाघाट थाना क्षेत्र के रसलपुर गांव से दो सगे भाई-बहन के लापता होने का मामला सामने आया है। परिजनों ने पुलिस और प्रशासन से बच्चों की तलाश करने की गुहार लगाई है।

गुमशुदा बच्चों की पहचान 16 वर्षीय अंजली कुमारी और 10 वर्षीय रवि कुमार राम के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, दोनों बच्चे 29 जुलाई 2025, मंगलवार की सुबह लगभग 1 बजे से अपने घर से लापता हैं।

अंजली के लापता होने के समय उसने गुलाबी (पिंक) रंग की फ्रॉक और काले रंग का दुपट्टा पहन रखा था, जबकि उसका छोटा भाई रवि काले रंग की टी-शर्ट और गुलाबी (पिंक) रंग की पैंट पहने हुए था।

परिजनों ने रिश्तेदारों और आसपास के गांवों में बच्चों को काफी खोजा, लेकिन दोनों का कोई सुराग नहीं मिला। गुमशुदा बच्चों की मां बबिता देवी (पति-राजकुमार राम) ने कहा,
“हम अपने बच्चों की हर जगह तलाश कर चुके हैं लेकिन वे नहीं मिले। हम पुलिस और प्रशासन से निवेदन करते हैं कि जल्द से जल्द हमारे बच्चों को ढूंढने में मदद करें।”

परिवार ने बच्चों के बारे में कोई भी सूचना मिलने पर तत्काल संपर्क करने की अपील की है। संपर्क नंबर: 9341723781, 8409165774।

बैटरी रिक्शा चालक गुलशन रहस्यमय ढंग से लापता — बहन अंजलि की गुहार: “भाई को ढूंढिए, हमें न्याय चाहिए”

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हरियाणा के धनेश्वर थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। 25 वर्षीय गुलशन, जो पेशे से बैटरी रिक्शा चालक हैं, 29 जुलाई 2025 की रात 11 बजे के बाद से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हैं। परिजनों का आरोप है कि मोहल्ले के ही छह युवकों ने रास्ते में रोककर उन पर लाठी-डंडों से हमला किया, और तब से गुलशन का कोई पता नहीं चल पा रहा है।

काम से लौटते समय हुआ हमला

गुलशन रोज़ की तरह काम करके रात में अपने घर लौट रहे थे। रास्ते में मोहल्ले के पास ही कुछ स्थानीय युवकों ने उन्हें रोका और उन पर हमला कर दिया। बहन अंजलि, जिनकी उम्र 20 वर्ष है, ने बताया कि हमलावरों के पास मोगरी, लकड़ियाँ और डंडे थे। उन्होंने गुलशन को बुरी तरह पीटा और तभी से वह लापता हैं।

अंजलि ने बताया, “हमने जब भाई को ढूंढा तो उसका कोई सुराग नहीं मिला। मोहल्ले के कुछ लोगों ने बताया कि कुछ लड़कों ने हमला किया था, लेकिन इसके बाद से गुलशन का कोई अता-पता नहीं है।”

एफआईआर दर्ज, पर कोई कार्रवाई नहीं

अंजलि और उनके पिता जगदीश, जो कि आर्थिक रूप से बेहद कमजोर हैं, ने नजदीकी कृष्णा गेट चौकी एवं थाना धनेश्वर में लिखित शिकायत व एफआईआर भी दर्ज करवाई है। लेकिन परिवार का आरोप है कि पुलिस कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। पीड़ित परिवार थाने के चक्कर काट रहा है लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

बहन की गुहार – “भाई को ढूंढिए, हमारी दुनिया उजड़ गई है”

अंजलि, जो कि गुलशन की छोटी बहन हैं, ने रोते हुए बताया, “मेरे भाई ने कभी किसी का बुरा नहीं किया। वह ईमानदारी से रिक्शा चलाकर घर चलाता था। अब जब उसकी जरूरत है, तो प्रशासन चुप है। हम गरीब हैं, हमारी कोई सुनवाई नहीं हो रही। कृपया हमें न्याय दिलाइए।”

प्रशासन से मांग

परिवार ने हरियाणा पुलिस और जिला प्रशासन से तत्काल विशेष जांच टीम बनाकर गुलशन की खोजबीन शुरू करने की मांग की है। साथ ही, जिन छह लड़कों पर हमला करने का शक है, उन्हें तुरंत हिरासत में लेकर पूछताछ की जाए।

निष्कर्ष

गुलशन का यूँ अचानक लापता हो जाना एक गंभीर आपराधिक मामला है, जिसमें लापरवाही और ढिलाई की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। यदि समय रहते कार्यवाही नहीं हुई तो यह मामला कानून-व्यवस्था की बड़ी विफलता के रूप में उभरेगा।

बीमारी ने छीनी जिंदगी की रफ्तार, अब मदद की दरकार: बलराम दुबे ने लगाई आर्थिक सहायता की गुहार

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जौनपुर (उत्तर प्रदेश) मिसरौली गांव निवासी बलराम दुबे आज एक ऐसी परिस्थिति से गुजर रहे हैं जहां उनका जीवन संघर्ष बन चुका है। उन्होंने मीडिया के माध्यम से भावुक अपील करते हुए बताया कि उन्हें डेंगू के बाद बेंगरिंग नामक दुर्लभ बीमारी ने घेर लिया। इस बीमारी ने उनके हाथ-पैरों में गंभीर संक्रमण फैला दिया, जिसकी वजह से उनकी उंगलियां तक काटनी पड़ीं।

बलराम ने बताया कि डेंगू के कारण उनके प्लेटलेट्स 1000 तक गिर गए थे, जिससे दवाओं का रिएक्शन हुआ और बीमारी ने विकराल रूप ले लिया। अब वे चलने-फिरने या काम करने में असमर्थ हैं।

एकमात्र कमाने वाले सदस्य
बलराम दुबे अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले थे। उनकी पत्नी गुंजन देवी और दो छोटे बच्चों—एक बेटा और एक बेटी—का सारा भार अब उनके कमजोर कंधों पर है। बीमारी की वजह से कामकाज बंद हो चुका है और पूरा परिवार आर्थिक तंगी का सामना कर रहा है।

सरकार और समाज से मदद की गुहार
बलराम ने शासन-प्रशासन और सरकार से अपील की है कि उन्हें आर्थिक सहायता दी जाए ताकि वे अपने परिवार का गुजारा कर सकें और बच्चों की पढ़ाई-परवरिश बिना बाधा के जारी रह सके। उन्होंने समाज के उन दानदाताओं से भी मदद की अपील की है जो पीड़ितों की मदद के लिए आगे आते हैं।

आप भी कर सकते हैं मदद
जो भी इस ज़रूरतमंद परिवार की मदद करना चाहता है, वह नीचे दिए गए नंबर पर संपर्क कर सहायता पहुंचा सकता है:

संपर्क / गूगल पे: 6307407740
नाम: बलराम दुबे
पता: पुत्र हौशीला प्रसाद, ग्राम मिसरौली, तहसील बल्लभपुर , जिला जौनपुर, उत्तर प्रदेश – 222175
जन्म तिथि: 01/01/1988

गायब पति की तलाश में भटक रही पत्नी, पुलिस में दर्ज हुई गुमशुदगी

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सोनभद्र जिले के शाहराज थाना क्षेत्र के विनौली निवासी 56 वर्षीय रामसूरत पुत्र रामधनी के गुमशुदा होने का मामला दर्ज किया गया है। गुमशुदगी की रिपोर्ट उनकी पत्नी निर्मला द्वारा दर्ज कराई गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रामसूरत मानसिक रूप से कमजोर हैं और 29 मई 2025 को बिना बताए घर से कहीं चले गए थे। पत्नी निर्मला उस समय अपने मायके पेट्राही (शाहगंज, सोनभद्र) गई हुई थीं। घर लौटने के बाद पति के न मिलने पर उन्होंने रिश्तेदारों और आसपास काफी खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।

पत्नी निर्मला ने थाने में लिखित प्रार्थना पत्र देकर पति की सुरक्षित बरामदगी की गुहार लगाई। इस आधार पर शाहराज थाने में गुमशुदगी क्रमांक 04/2025 दर्ज कर जांच उपनिरीक्षक बी. तेजबहादुर राय को सौंपी गई है। पुलिस ने गुमशुदा व्यक्ति का पता लगाने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं।

गुमशुदा व्यक्ति का विवरण इस प्रकार है:

नाम: रामसूरत पुत्र रामधनी

आयु: 56 वर्ष

विशेष स्थिति: मानसिक रूप से कमजोर

पुलिस ने आमजन से भी अपील की है कि यदि किसी को गुमशुदा व्यक्ति के बारे में जानकारी हो तो तत्काल स्थानीय पुलिस को सूचित करें।
दिए गए नंबर पर संपर्क करें 8871022710

भारत पर 25% टैरिफ के ऐलान के बाद फिर आया डोनाल्ड ट्रम्प का बयान, इस बार कह दी ये अहम बात

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, कि प्रधानमंत्री मोदी मेरे मित्र हैं, लेकिन व्यापार के लिहाज से वे हमारे साथ बहुत ज्यादा व्यापार नहीं करते, क्योंकि टैरिफ बहुत ज़्यादा है।भारत पर अमेरिकी की तरफ से 25 प्रतिशत टैरिफ (आयात शुल्क) लगाने की घोषणा के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का नया बयान आया है। इस बयान में जब उनसे पूछा गया कि ‘क्या वे भारत के साथ टैरिफ पर बातचीत के लिए तैयार हैं’ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “हम अभी उनसे बात कर रहे हैं। देखते हैं क्या होता है। ANI की खबर के मुताबिक, उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में सबसे ज्यादा या लगभग सबसे ज्यादा टैरिफ लगाने वाला देश था, हम अभी भारत के साथ बातचीत कर रहे हैं।
ट्रम्प ने कहा- प्रधानमंत्री मोदी मेरे मित्र हैं, लेकिन…
खबर के मुताबिक, भारत पर 25% टैरिफ और जुर्माना लगाने की घोषणा पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, कि प्रधानमंत्री मोदी मेरे मित्र हैं, लेकिन व्यापार के लिहाज से वे हमारे साथ बहुत ज्यादा व्यापार नहीं करते, क्योंकि टैरिफ बहुत ज़्यादा है। इस समय दुनिया में उनका टैरिफ सबसे ज्यादा है। वे इसमें काफी कटौती करने को तैयार हैं। लेकिन देखते हैं क्या होता है…”

ट्रम्प को नहीं भा रही रूस से भारत की नजदीकियां
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बीते बुधवार को कहा कि अमेरिका भारत से आने वाले सामानों पर 25% टैरिफ लगाएगा, साथ ही भारत द्वारा रूसी तेल खरीदने के कारण अतिरिक्त आयात कर भी लगाएगा। AP की खबर के मुताबिक, रिपब्लिकन राष्ट्रपति ने आगे कहा कि भारत रूस से सैन्य उपकरण और तेल खरीदता है, जिससे यूक्रेन में मास्को का युद्ध संभव हो पाता है। इसलिए, उनका इरादा शुक्रवार से कई देशों पर अपने प्रशासन के संशोधित टैरिफ़ लागू करने के तहत अतिरिक्त “जुर्माना” वसूलने का है।

वाणिज्य मंत्रालय का बयान
भारत के वाणिज्य मंत्रालय ने ट्रम्प के 25 प्रतिशत टैरिफ के ऐलान के बाद एक बयान में कहा कि भारत और अमेरिका पिछले कुछ महीनों से एक “निष्पक्ष, संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी” द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं और नई दिल्ली इस उद्देश्य के लिए प्रतिबद्ध है।

एक भारतीय अधिकारी ने कहा कि भारत पर लगाए गए नए टैरिफ से अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार को 2030 तक दोगुना कर 500 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का उसका लक्ष्य जटिल हो सकता है। वाशिंगटन लंबे समय से नई दिल्ली के साथ गहरी साझेदारी विकसित करने की कोशिश कर रहा है, जिसे चीन के खिलाफ एक मजबूत दीवार के रूप में देखा जाता है।

पाकिस्तान के खिलाफ नहीं खेलेगी टीम इंडिया, खिलाड़ी नहीं हैं तैयार

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इंडिया और पाकिस्तान के बीच होने वाला मुकाबला अब नहीं होगा। वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स यानी डब्ल्यूसीएल के सेमीफाइनल में इंडिया और पाकिस्तान का मैच होना था, जो अब नहीं होगा। पता चला है कि भारतीय खिलाड़ियों ने इस मैच में खेलने से इन्कार कर दिया है। इससे इंडियन टीम का सफर इस टूर्नामेंट में खत्म हो गया है। इससे पहले भी लीग चरण का मैच भी नहीं हो पाया था। इंडिया के प्लेयर्स ने खेलने से कर दिया इन्कार
वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स यानी डब्ल्यूसीएल के सेमीफाइनल में चार टीमों ने अपनी जगह पक्की है, इसमें भारत और पाकिस्तान के अलावा साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। पहला सेमीफाइनल भारत और पाकिस्तान के बीच 31 जुलाई को होना था, लेकिन अब ये मैच नहीं होगा। पता चला है कि भारतीय प्लेयर्स ने इस मैच में खेलने से मना कर दिया है। पीटीआई को सूत्रों के हवाले से पता चला है कि भारतीय चैंपियंस लीग का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों ने बर्मिंघम में वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स के सेमीफाइनल में पाकिस्तान चैंपियंस लीग के खिलाफ खेलने से इनकार कर दिया है। यानी मैच अब नहीं होगा।

लीग चरण में भी नहीं हो पाया था मुकाबला
इससे पहले आपको याद ही होगा कि जब इसी टूर्नामेंट के लीग चरण में इंडिया और पाकिस्तान का मैच होना था, उस वक्त भी भारतीय प्लेयर्स ने खेलने से मना कर दिया था। इसके बाद भारत और पाकिस्तान को एक एक अंक दे दिया गया था। लेकिन अब चूंकि सेमीफाइनल है, इसलिए इंडिया की टीम टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगी। लेकिन क्या पाकिस्तान की टीम सीधे सेमीफाइनल में जाएगी, इसके लिए इंतजार करना होगा। शिखर धवन, हरभजन सिंह,इरफान पठान, सुरेश रैना और यूसुफ पठान आदि पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह के रिश्ते रखने के तैयार नहीं हैं। चाहे इसके लिए उन्हें कुछ कीमत ही क्यों ना चुकानी पड़े।

टूर्नामेंट के होने पर ही मंडरा रहा संकट
इस बीच ताजा घटनाक्रम के तहत ये भी हुआ कि जैसे ही पाकिस्तान की टीम सेमीफाइल में पहुंची, इस टूर्नामेंट के मुख्य स्पॉन्सर ईज माई ट्रिप ने भी इससे अपना हाथ खींच लिया है। इस कंपनी के संस्थापक निशांत पिट्टी हैं, उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इस बारे में अपनी बात कही है। यानी टूर्नामेंट के भविष्य भी अब खतरा सा मंडराता हुआ नजर आ रहा है।

किसानों के लिए जरूरी सूचना, सरकार ने फसल बीमा योजना में किए बड़े बदलाव- जानें क्या होगा फायदा

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केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) में बदलाव करते हुए जरूरी और महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसकी जानकारी दी। शिवराज सिंह चौहान ने इन सुधारों की घोषणा करते हुए आंध्र प्रदेश की पिछली जगन रेड्डी सरकार की वजह से किसानों को हुए नुकसान का जिक्र किया। सरकार इन बदलावों से राज्य सरकारों की चूक के कारण किसानों को होने वाले नुकसान से बचाना और उचित लाभ पहुंचाना है। बताते चलें कि राजस्थान के नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल ने संसद में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लेकर सरकार से सवाल किए थे।आंध्र प्रदेश के किसानों को हुआ था भारी नुकसान
हनुमान बेनीवाल के प्रश्न का उत्तर देते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि मोदी सरकार ने पूर्ववर्ती राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना (NAIS) को PMFBY में बदल दिया, जिसमें किसानों को हुए नुकसान के दावों का 21 दिनों के अंदर निपटान करने का आदेश दिया गया। इसके बाद उन्होंने आंध्र प्रदेश में उभरे एक गंभीर मुद्दे पर प्रकाश डाला। कृषि मंत्री ने कहा, ”कुछ राज्यों ने घोषणा की थी कि वे किसान बीमा प्रीमियम का खर्च खुद उठाएंगे। लेकिन, आंध्र प्रदेश में तत्कालीन जगन सरकार लगातार 3 सालों तक प्रीमियम में अपने राज्य के हिस्से का योगदान करने में विफल रही। जिसकी वजह से आंध्र प्रदेश के किसानों को भारी नुकसान हुआ क्योंकि उन्हें उनके उचित फसल बीमा का लाभ नहीं मिला।”

राज्यों को देना पड़ेगा 12 प्रतिशत का ब्याज
शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए, शिवराज सिंह ने कहा कि इस “बुरे अनुभव” के कारण प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में मूलभूत संशोधन करना पड़ा। संशोधित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत, केंद्र सरकार अब फसल बीमा के लिए अपना हिस्सा देगी, चाहे राज्य सरकार अपना प्रीमियम अंशदान पूरा करे या नहीं। मंत्री ने कहा, “अगर कोई राज्य सरकार अपना हिस्सा नहीं देती है तो उस पर 12% का ब्याज लगाया जाएगा और वह राशि सीधे किसानों के खातों में जमा की जाएगी। सरकार के इस कदम का उद्देश्य राज्य स्तर पर अधिकारियों द्वारा की जाने वाली देरी और राजनीतिक निष्क्रियता से किसानों की रक्षा करना है, ताकि उन्हें समय पर फसल बीमा का लाभ मिल सके।

20 वर्षों की जिंदगी एक झटके में उजड़ गई: प्रशासन ने बिना नोटिस चंदन सिंह का घर किया जमींदोज, पीड़ित परिवार सड़क पर

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मधेपुरा, बिहार |
थाना क्षेत्र अंतर्गत रातबारा गांव बातनहा (पोस्ट किसनपुर, अंचल आलमनगर) के रहने वाले चंदन सिंह इन दिनों गहरे सदमे और अन्याय के बीच जिंदगी जीने को मजबूर हैं। चंदन सिंह का कहना है कि वह पिछले 20 वर्षों से अपने पुश्तैनी जमीन पर एक छोटे से घर में परिवार सहित शांति से जीवन यापन कर रहे थे, लेकिन हाल ही में सीओ साहब द्वारा उनके मकान को बिना किसी वैधानिक सूचना और नोटिस के बुलडोजर चलाकर गिरा दिया गया।

“हमारा घर उजाड़ दिया गया, अब हमारे पास रहने के लिए जगह नहीं है” – चंदन सिंह

चंदन सिंह ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि वह गरीब किसान हैं और कड़ी मेहनत और वर्षों की बचत से उन्होंने अपने लिए एक छोटा सा मकान खड़ा किया था। अब न केवल उनका घर टूटा, बल्कि उनका सारा सामान भी नष्ट हो गया। घर के साथ उनका सपना भी टूट गया। उन्होंने बताया कि ना तो उन्हें कोई लिखित आदेश दिखाया गया, ना कोई सुनवाई दी गई, बस अचानक जेसीबी लेकर लोग आए और मकान को ध्वस्त कर दिया।

“हम इंसान नहीं, जानवर भी होते तो शायद इतनी बेरहमी न होती”

पीड़ित परिवार ने सवाल उठाया है कि क्या गरीब होना गुनाह है? क्या प्रशासन को यह अधिकार है कि वह बिना कानूनी प्रक्रिया का पालन किए किसी का आशियाना उजाड़ दे? चंदन सिंह की पत्नी और बच्चों की आंखों में डर, बेबसी और गुस्सा साफ झलक रहा था। बच्चे खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर हैं।

डीएम और मुख्यमंत्री से लगाई गुहार, की मुआवजा और पुनर्वास की मांग

चंदन सिंह ने मीडिया के माध्यम से जिलाधिकारी मधेपुरा, जिला पुलिस प्रशासन और मुख्यमंत्री बिहार से अपील की है कि इस अन्याय की उच्चस्तरीय जांच करवाई जाए, दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो, और उन्हें दोबारा बसाया जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि उनका टूटा हुआ सामान, घर के छप्पर, खटिया, बर्तन आदि का भी मुआवजा दिलाया जाए।

उन्होंने भावुक होकर कहा – “अगर प्रशासन हमारा घर तोड़ सकता है, तो उसे हमें रहने के लिए दूसरा घर भी देना चाहिए। वरना हम परिवार सहित डीएम कार्यालय के सामने धरने पर बैठें।”