लंदन के एक प्राइमरी स्कूल में 8 साल के हिंदू बच्चे को तिलक लगाने के कारण धार्मिक भेदभाव का सामना करना पड़ा, जिसके चलते उसे स्कूल छोड़ना तक छोड़ना पड़ गया। INSIGHT UK ने स्कूल प्रशासन पर समानता कानून 2010 के उल्लंघन और हिंदू धार्मिक प्रथाओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया है।लंदन: ब्रिटेन की राजधानी लंदन के एक प्राइमरी स्कूल में 8 साल के हिंदू बच्चे के साथ धार्मिक भेदभाव का मामला सामने आया है। ब्रिटिश हिंदुओं और भारतीय समुदाय की पैरवी करने वाली संस्था INSIGHT UK की एक रिपोर्ट के मुातबिक, बच्चे को माथे पर तिलक-चंदलो लगाने के कारण स्कूल छोड़ना पड़ा। बताया जा रहा है कि विकर्स ग्रीन प्राइमरी स्कूल (Vicar’s Green Primary School) के स्टाफ ने बच्चे से उसके धार्मिक प्रतीक तिलक-चंदलो के बारे में पूछताछ की और उसे इसके पीछे का कारण समझाने को कहा। INSIGHT UK ने इसे एक नाबालिग बच्चे के साथ ‘पूरी तरह अनुचित’ व्यवहार बताया है।स्कूल प्रशासन के व्यवहार से डर गया बच्चा’
स्कूल के हेड टीचर पर आरोप है कि उन्होंने ब्रेक टाइम में बच्चे पर नजर रखी, जिससे बच्चा डर गया और खेलकूद छोड़कर अकेला रहने लगा। स्कूल प्रशासन के ऊपर यह भी आरोप है कि लड़के को स्कूल में दी गई जिम्मेदारियों से भी सिर्फ इसलिए हटा दिया गया क्योंकि वह तिलक लगाता था। INSIGHT UK के मुताबिक, अगर ये आरोप सही साबित हुए तो यह समानता कानून 2010 के तहत ये सीधे तौर पर धार्मिक भेदभाव का मामला बनता है। INSIGHT UK के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘किसी भी बच्चे को अपनी आस्था के कारण न तो निगरानी में रखना चाहिए, और न ही उसे अलग-थलग किया जाना चाहिए। ऐसे अनुभव बच्चे पर लंबे समय तक भावनात्मक असर डाल सकते हैं।’
‘हिंदू धार्मिक प्रथाओं पर सवाल उठाए गए’
बताया जा रहा है कि बच्चे के माता-पिता और अन्य हिंदू अभिभावकों ने कई बार स्कूल के हेड टीचर और प्रशासकों से संपर्क किया। उन्होंने उन्हें हिंदू धर्म में तिलक-चंदलो के महत्व के बारे में समझाने की कोशिश की, लेकिन स्कूल प्रशासन ने इन प्रयासों को नजरअंदाज कर दिया और संतोषजनक जवाब नहीं दिए। INSIGHT UK के प्रवक्ता ने कहा, ‘बातचीत के दौरान उनका इरादा कुछ अच्छा नहीं था। स्कूल में हिंदू धार्मिक प्रथाओं पर सवाल उठाए गए और उन्हें कमतर दिखाया गया।’ संस्था ने बताया कि विकर्स ग्रीन प्राइमरी स्कूल में धार्मिक भेदभाव के कारण कम से कम 4 बच्चे स्कूल छोड़ चुके हैं। INSIGHT UK ने इसकी शिकायत स्थानीय शिक्षा प्राधिकरण से भी की है।
लंदन में 8 साल के हिंदू लड़के के साथ धार्मिक भेदभाव, तिलक लगाने के कारण छोड़ना पड़ा स्कूल
T20 World Cup 2026 से पहले एक और झटका, अचानक चोटिल हो गया ये धाकड़ खिलाड़ी
आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 से पहले साउथ अफ्रीकी टीम को एक और झटका लगा है। डेविड मिलर एसए20 खेलते वक्त चोटिल हो गए हैं। इससे टीम की टेंशन बढ़ गई है।टी20 वर्ल्ड कप 2026 अब करीब है। सभी टीमें इसकी तैयारी में लगी हुई हैं। इस बीच एक और खिलाड़ी चोटिल हो गया है। हालांकि अभी ये कह पाना मुश्किल है कि वो विश्व कप खेल पाएगा कि नहीं, लेकिन इतना जरूर है कि इससे टीम की टेंशन बढ़ गई है। अब जो खिलाड़ी चोटिल हुआ है, वो हैं साउथ अफ्रीका के दिग्गज खिलाड़ियों में से एक डेविड मिलर, जो इस वक्त एसए20 खेल रहे हैं। सोमवार शाम को उन्हें चोट लगी है।
पर्ल रॉयल्स की कप्तानी कर रहे हैं डेविड मिलर
डेविड मिलर इस वक्त एसए20 खेल रहे हैं। डेविड मिलर इस वक्त एसए20 में पर्ल रॉयल्स की कप्तानी कर रहे हैं। सोमवार को पर्ल रॉयल्स और एमआई केपटाउन के बीच मुकाबला खेला गया। इसमें पहले बल्लेबाजी करते हुए पर्ल की टीम ने 20 ओवर में तीन विकेट के नुकसान पर 181 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा किया। इसमें कप्तान डेविड मिलर ने 14 बॉल पर 19 रनों की तेज पारी खेली। उनकी पारी के दौरान तीन चौके आए। जवाब में एमआई केपटाउन की टीम 20 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 180 रन बना सकी। यानी पर्ल रॉयल्स ने एक रन के मामूली अंतर से मैच अपने नाम कर लिया, लेकिन इसी दौरान डेविड मिलर चोटिल हो गए।
चोट की गंभीरता पता लगने के बाद होगा डेविड मिलर पर फैसला
डेविड मिलर को जो चोट लगी है, वो कितनी गंभीर है, इसका अंदाजा अभी नहीं लग पाया है। मिलर से मैच के बाद जब उनकी चोट के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता कि चोट कैसी है, अगले दिन जब वे उठेंगे और जांच होगी, उसके बाद ही इसकी गंभीरता का पता चल पाएगा। कुल मिलाकर माना जाना चाहिए कि मिलर पूरी तरह से फिट नहीं हैं। बाकी स्कैन के बाद ही असली तस्वीर का खुलासा हो पाएगा। मिलर से पहले डोनोवन फरेरा और टोनी भी चल रहे हैं चोटिल
टी20 विश्व कप 2026 के लिए साउथ अफ्रीका ने जिस टीम का ऐलान किया है, उसमें डेविड मिलर भी शामिल किए गए हैं। मिलर का करियर काफी लंबा हो चुका है और उम्मीद की जा रही है कि ये उनका आखिरी विश्व कप होगा। साउथ अफ्रीका की टीम पहले ही अपने और खिलाड़ियों की चोट से जूझ रही है। इससे पहले डोनोवन फरेरा के कंधे में फ्रैक्चर हुआ है। वे फिलहाल एसए20 से बाहर हो गए हैं। वहीं टोनी डी जोरजी को भी दिसंबर में चोट लगी थी, जो अभी तक पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाई है। देखना होगा कि कब तक पूरी टीम फिट होती है। टी20 विश्व कप का पहला मैच 7 फरवरी को होगा, जिसमें अब बहुत कम दिन का वक्त बचा है।
कर्तव्य पथ पर परेड देखने के लिए 10 हजार खास मेहमानों को न्योता, जानें कौन-कौन हैं शामिल
गणतंत्र दिवस 2026 के मौके पर कर्तव्य पथ पर होने वाली परेड के लिए 10000 खास मेहमानों को आमंत्रित किया गया है। इन मेहमानों में किसान, मजदूर, वैज्ञानिक, स्टार्टअप इनोवेटर्स, महिला उद्यमी और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थी शामिल हैं।नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस 2026 के मौके पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाली 77वीं गणतंत्र दिवस परेड में करीब 10,000 खास मेहमानों को आमंत्रित किया गया है। विभिन्न क्षेत्रों से ताल्लुक रखने वाले इन मेहमानों ने देश के निर्माण में अपनी उत्कृष्ट भूमिका निभाई है। रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इन मेहमानों को अपने जीवनसाथी के साथ कर्तव्य पथ पर होने वाली शानदार परेड को देखने के लिए न्यौता दिया गया है। ये खास मेहमान आय और रोजगार सृजन, सर्वश्रेष्ठ इनोवेटर्स, शोधकर्ताओं, स्टार्ट-अप्स, स्वयं सहायता समूहों और विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत बेहतरीन प्रदर्शन करने वालों के बीच से चुने गए हैं।मजदूर और किसान भी हैं मेहमानों में शामिल
बयान के मुताबिक, इन मेहमानों में किसान, मजदूर, पैरा एथलीट्स, वैज्ञानिक, लाखपति दीदियां, स्ट्रीट वेंडर्स (पीएम स्वनिधि योजना के तहत), असंगठित श्रमिक (पीएम श्रमयोगी मानधन योजना), आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, गंगा सफाई मिशन के जल योद्धा, निर्माण कार्यकर्ता, माई भारत वॉलंटियर्स, NDMA कार्यकर्ता, उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के लाभार्थी, खादी विकास योजना और महिला कोयर योजना के तहत प्रशिक्षित महिला कारीगर, पीएम मुद्रा योजना से समर्थित महिला उद्यमी, पीएम आवास योजना (ग्रामीण) और जल जीवन मिशन के लाभार्थी शामिल हैं।
‘मन की बात’ में हिस्सा लेने वालों को भी न्यौता
‘मन की बात’ कार्यक्रम में भाग लेने वाले, युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम 2026 के विदेशी प्रतिनिधि, ग्लोबल बौद्ध समिट में शामिल होने वाले मठों के प्रतिनिधि और जूनियर इंटरनेशनल ऑलंपियाड ऑन एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स 2025 के पदक विजेता भी इन खास मेहमानों में शामिल हैं। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इन मेहमानों को आमंत्रित करने का उद्देश्य उनके राष्ट्र-निर्माण में योगदान को सम्मानित करना और राष्ट्रीय महत्व की घटनाओं में जन भागीदारी को बढ़ाना है। इन खास मेहमानों को कर्तव्य पथ पर प्रमुख स्थान पर बैठने की व्यवस्था की गई है।मेहमानों के लिए परेड के अलावा हुए ये इंतजाम
परेड के अलावा, मेहमानों के लिए नेशनल वॉर मेमोरियल, पीएम संग्रहालय और दिल्ली के अन्य प्रमुख स्थलों का दौरा कराने की व्यवस्था की गई है। उन्हें संबंधित मंत्रियों से भी मिलने और बातचीत का मौका मिलेगा। इस साल गणतंत्र दिवस समारोह में एक नई पहल के तहत बैठने की जगहों को भारतीय नदियों के नाम पर रखा गया है। इससे मेहमानों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था में भी कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। दिल्ली पुलिस ने कर्तव्य पथ और पूरे नई दिल्ली जिले में व्यापक, तकनीक आधारित सुरक्षा व्यवस्था लगा दी है। खुफिया एजेंसियों से मिले कई आतंकवाद संबंधी खतरे के इनपुट्स को देखते हुए यह कड़ी सुरक्षा की गई है।
Neha Kakkar: ‘राई का पहाड़ कैसे…’, रिश्तों से ब्रेक लेने वाले पोस्ट को पहले किया डिलीट, अब भड़कीं नेहा कक्कड़, पति को लेकर कही ऐसी-ऐसी बात
सिंगर नेहा कक्कड़ ने बीते दिन एक क्रिप्टिक पोस्ट साझा किया था। ये पोस्ट उन्होंने कुछ ही मिनट में डिलीट कर दिया, लेकिन इसके बावजूद ये पोस्ट वायरल हो गया। अब सिंगर ने अपने ऐसा करने की वजय साझा की और सभी कयासों पर लगाम लगा दी है।सिंगर नेहा कक्कड़ ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया पोस्ट के बाद पैदा हुईं तलाक की अफवाहों को साफ तौर पर खारिज किया है। मामला तब चर्चा में आया जब नेहा ने इंस्टाग्राम पर एक भावनात्मक पोस्ट शेयर किया, जिसमें उन्होंने जिम्मेदारियों, रिश्तों और काम से ब्रेक लेने की बात कही थी। इस पोस्ट के कुछ ही मिनटों में उन्होंने नोट्स हटा दिए, लेकिन इससे उनकी पर्सनल लाइफ को लेकर अटकलों की बाढ़ सोशल मीडिया पर फैल गई। ये पोस्ट वायरल होने लगा और लोग कयास लगाने लगे कि उनके रिश्तों में अनबन है। कई लोगों ने सोचा कि सिंगर का तलाक होने वाले है। इन अफवाहों के बीच सिंगर ने चुप्पी तोड़ी और लोगों को सच्चाई से वाकिफ करा दिया है।
नेहा ने दी सफाई
सोमवार को नेहा ने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर स्पष्ट किया कि उनके पति या परिवार को इस सब में घसीटा न जाए। उन्होंने लिखा, ‘दोस्तों प्लीज मेरे मासूम पति या मेरे प्यारे परिवार को इस सब में मत घसीटो। वे सबसे अच्छे लोग हैं जिन्हें मैं जानती हूं और मैं जो कुछ भी हूं, वह उनका सपोर्ट होने की वजह से है।’ उन्होंने बताया कि उन्हें कुछ सिस्टम और लोगों से परेशानी है, लेकिन इसका अपने परिवार या पति से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने आगे लिखा, ‘कई और लोग और सिस्टम है जिससे मैं परेशान हूं। मुझे लगता है अब आप समझ गए होंगे और मेरे पति और परिवार को इस सब से दूर रखेंगे।’नेहा ने मानी गलती
नेहा ने अपनी गलती भी मानी कि उन्होंने सोशल मीडिया पर इतने इमोशनल होकर पोस्ट किया। उन्होंने अपने फैंस को भरोसा दिलाया, ‘हां मैं मानती हूं कि सोशल मीडिया पर मुझे पोस्ट करते हुए इतना इमोशनल नहीं होना चाहिए, क्योंकि मीडिया के लोग ये अच्चे से जानते हैं कि राई का पहाड़ कैसे बनाया जाता है। मैंने सबक सीख लिया है। अब से मैं अपनी पर्सनल लाइफ के बारे में कोई बात नहीं करूंगी भाईसाहब। बेचारी इमोशनल नेहू इस दुनिया के हिसाब से ज्यादा ही इमोशनल है। सॉरी और थैक्यू। परेशान न हों, मैं जल्द और धमाकेदार अंदाज में वापसी करूंगी। बहुत सारा प्यार।’
नेहा कक्कड़ का करियर
इससे पहले नेहा ने पैपराजी और फैंस से रिक्वेस्ट की थी कि उन्हें इस ब्रेक के दौरान फिल्म न करें और उनकी प्राइवेसी का सम्मान करें। उन्होंने लिखा था, ‘मुझे इस दुनिया में आजादी से जीने दें। प्लीज कोई कैमरा नहीं।’ नेहा कक्कड़ ने पिछले कुछ सालों में हिंदी म्यूजिक इंडस्ट्री में कई हिट गाने दिए हैं, जिनमें ‘आंख मारे’, ‘दिलबर’, ‘हौले हौले’, ‘मोरनी बनके’ जैसे सुपरहिट शामिल हैं। इसके अलावा वह म्यूजिक रियलिटी शो में जज के रूप में भी नजर आती हैं। इस घटना ने फिर से साबित कर दिया कि नेहा कक्कड़ की पर्सनल लाइफ और उनकी हर सोशल मीडिया गतिविधि फैंस और मीडिया के लिए हमेशा चर्चा का विषय बनी रहती है।
कर्तव्य पथ पर परेड देखने के लिए 10 हजार खास मेहमानों को न्योता, जानें कौन-कौन हैं शामिल
गणतंत्र दिवस 2026 के मौके पर कर्तव्य पथ पर होने वाली परेड के लिए 10000 खास मेहमानों को आमंत्रित किया गया है। इन मेहमानों में किसान, मजदूर, वैज्ञानिक, स्टार्टअप इनोवेटर्स, महिला उद्यमी और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थी शामिल हैं।
नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस 2026 के मौके पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाली 77वीं गणतंत्र दिवस परेड में करीब 10,000 खास मेहमानों को आमंत्रित किया गया है। विभिन्न क्षेत्रों से ताल्लुक रखने वाले इन मेहमानों ने देश के निर्माण में अपनी उत्कृष्ट भूमिका निभाई है। रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इन मेहमानों को अपने जीवनसाथी के साथ कर्तव्य पथ पर होने वाली शानदार परेड को देखने के लिए न्यौता दिया गया है। ये खास मेहमान आय और रोजगार सृजन, सर्वश्रेष्ठ इनोवेटर्स, शोधकर्ताओं, स्टार्ट-अप्स, स्वयं सहायता समूहों और विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत बेहतरीन प्रदर्शन करने वालों के बीच से चुने गए हैं।मजदूर और किसान भी हैं मेहमानों में शामिल
बयान के मुताबिक, इन मेहमानों में किसान, मजदूर, पैरा एथलीट्स, वैज्ञानिक, लाखपति दीदियां, स्ट्रीट वेंडर्स (पीएम स्वनिधि योजना के तहत), असंगठित श्रमिक (पीएम श्रमयोगी मानधन योजना), आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, गंगा सफाई मिशन के जल योद्धा, निर्माण कार्यकर्ता, माई भारत वॉलंटियर्स, NDMA कार्यकर्ता, उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के लाभार्थी, खादी विकास योजना और महिला कोयर योजना के तहत प्रशिक्षित महिला कारीगर, पीएम मुद्रा योजना से समर्थित महिला उद्यमी, पीएम आवास योजना (ग्रामीण) और जल जीवन मिशन के लाभार्थी शामिल हैं।
‘मन की बात’ में हिस्सा लेने वालों को भी न्यौता
‘मन की बात’ कार्यक्रम में भाग लेने वाले, युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम 2026 के विदेशी प्रतिनिधि, ग्लोबल बौद्ध समिट में शामिल होने वाले मठों के प्रतिनिधि और जूनियर इंटरनेशनल ऑलंपियाड ऑन एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स 2025 के पदक विजेता भी इन खास मेहमानों में शामिल हैं। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इन मेहमानों को आमंत्रित करने का उद्देश्य उनके राष्ट्र-निर्माण में योगदान को सम्मानित करना और राष्ट्रीय महत्व की घटनाओं में जन भागीदारी को बढ़ाना है। इन खास मेहमानों को कर्तव्य पथ पर प्रमुख स्थान पर बैठने की व्यवस्था की गई है।
मेहमानों के लिए परेड के अलावा हुए ये इंतजाम
परेड के अलावा, मेहमानों के लिए नेशनल वॉर मेमोरियल, पीएम संग्रहालय और दिल्ली के अन्य प्रमुख स्थलों का दौरा कराने की व्यवस्था की गई है। उन्हें संबंधित मंत्रियों से भी मिलने और बातचीत का मौका मिलेगा। इस साल गणतंत्र दिवस समारोह में एक नई पहल के तहत बैठने की जगहों को भारतीय नदियों के नाम पर रखा गया है। इससे मेहमानों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था में भी कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। दिल्ली पुलिस ने कर्तव्य पथ और पूरे नई दिल्ली जिले में व्यापक, तकनीक आधारित सुरक्षा व्यवस्था लगा दी है। खुफिया एजेंसियों से मिले कई आतंकवाद संबंधी खतरे के इनपुट्स को देखते हुए यह कड़ी सुरक्षा की गई है।
सरकारी जमीन और सार्वजनिक रास्ते पर कब्जे से तामगंज में बवाल, 74 घरों का आवागमन बाधित, ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार
अररिया (नरपतगंज)।
नरपतगंज प्रखंड के तामगंज पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या 10 में सरकारी जमीन और सार्वजनिक रास्ते पर अवैध कब्जे का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। गैर मजरूआ बिहार सरकार के अंतर्गत दर्ज जमीन पर जबरन घर बना लिए जाने से करीब 74 परिवारों का रोजमर्रा का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। परेशान ग्रामीणों ने ग्राम कचहरी और स्थानीय प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार मौजा तामगंज की खाता संख्या 915 की जमीन वर्षों से सार्वजनिक रास्ते के रूप में इस्तेमाल की जा रही थी। इसी रास्ते से दर्जनों परिवार अपने घरों से बाहर निकलते और मुख्य सड़क तक पहुंचते थे। आरोप है कि इसी मोहल्ले के निवासी पुना मुखिया ने उक्त सरकारी भूमि पर जबरन निर्माण कर रास्ता बंद कर दिया। इससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब उन्होंने अवैध निर्माण का विरोध किया तो आरोपी द्वारा गाली-गलौज और मारपीट की धमकी दी गई। इससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार कहने के बावजूद रास्ता खाली नहीं किया गया, जिससे स्थिति और गंभीर होती जा रही है।
इधर, तामगंज वार्ड संख्या 10 में ही एक अन्य मामले में सरकारी सड़क निर्माण कार्य में बाधा डालने का आरोप भी सामने आया है। ग्रामीणों के मुताबिक, मनरेगा योजना के तहत मिट्टी भराई के बाद जिला परिषद योजना से सड़क का पक्कीकरण कराया जाना था। लेकिन कुछ लोगों द्वारा यह कहकर कार्य रुकवा दिया गया कि जमीन उनकी निजी है, जबकि अभिलेखों के अनुसार वह जमीन भी बिहार सरकार के खाते में दर्ज है।
ग्रामीणों ने बताया कि यह सड़क सिमराही नहर से भिरावल सीमा तक जाती है और सैकड़ों लोगों के लिए एकमात्र संपर्क मार्ग है। खासकर महादलित और अत्यंत गरीब तबके के लोग इससे सीधे प्रभावित हो रहे हैं। सड़क बंद रहने से बच्चों की पढ़ाई, मरीजों का इलाज और रोजमर्रा की जरूरतें बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।
पीड़ित परिवारों ने ग्राम कचहरी, वार्ड पंच और जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर अवैध निर्माण हटाया जाए और सरकारी सड़क निर्माण कार्य को तत्काल शुरू कराया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
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एटा में महिला से मारपीट और लूट का आरोप, थाने में सुनवाई न होने पर SSP से गुहार
एटा।
जनपद के थाना मलावन क्षेत्र के गांव आसपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने दबंगों पर घर में घुसकर मारपीट, लूटपाट और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का आरोप है कि स्थानीय थाना पुलिस ने कई बार प्रार्थना पत्र देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे मजबूर होकर उसने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़िता प्रियंका देवी पत्नी राजकुमार का कहना है कि उनके पति हरियाणा के सोनीपत में मजदूरी करते हैं और अक्सर घर से बाहर रहते हैं। इसी का फायदा उठाकर गांव के कुछ लोग उन्हें कमजोर और अकेला समझकर लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं। आरोप है कि दबंग उनके घर में चोरी करते हैं, रास्ता रोकते हैं और बच्चों को स्कूल जाने से भी रोकते हैं।
प्रियंका देवी के अनुसार, 1 दिसंबर 2025 से 3 दिसंबर 2025 के बीच उन्होंने थाना मलावन में लगातार तीन प्रार्थना पत्र दिए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद आरोपियों के हौसले और बढ़ गए। पीड़िता का आरोप है कि मनोज, रामपाल पुत्रगण रामभरोसे, पूजा पत्नी रामपाल, चांदनी पत्नी विनीत कुमार, चंद्रशेखर पुत्र विद्याप्रसाद और मौनिका देवी पत्नी चंद्रशेखर ने उनके घर में घुसकर उनके साथ बेरहमी से मारपीट की।
महिला का कहना है कि आरोपियों ने उनके कपड़े फाड़ दिए, बच्चों के सामने उन्हें घसीटकर बाहर फेंक दिया और घर में रखे 20 हजार रुपये नकद लूट लिए। यह रकम उनके पति ने मजदूरी करके बच्चों की पढ़ाई के लिए भेजी थी। इसके अलावा सोने की चेन, कानों की सोने की झुमकी और चांदी की पाजेब भी लूट ली गई।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पति के घर पर न रहने की वजह से आरोपी उन्हें और उनके बच्चों को डराकर घर से निकालने की कोशिश कर रहे हैं। कई बार बच्चों को रात में भूखा रहना पड़ा और वे दहशत में जीने को मजबूर हैं।
पीड़िता ने अपने पति के सोनीपत में मजदूरी करने के प्रमाण के तौर पर वहां की फैक्ट्री से जारी कार्य प्रमाण पत्र भी संलग्न किया है, जिसमें उनके पति के काम और मजदूरी का उल्लेख है। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर कोई सुनवाई न होने से महिला और उसके बच्चे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
अब पीड़िता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, थाना मलावन पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं कि बार-बार शिकायत के बावजूद आखिर क्यों कार्रवाई नहीं की गई।
AIR INDIA पैसेंजर्स अब इन दो मेट्रो स्टेशन पर भी कर सकते हैं अर्ली चेक-इन, इतने बजे तक मिलेगी सुविधा, जानें डिटेल
अर्ली चेक-इन यात्रियों को फ्लेक्सिबिलिटी देता है, एयरपोर्ट पर स्ट्रेस कम करता है, और पसंदीदा सीटें/बोर्डिंग पोजीशन पाने में मदद करता है। आप सिटी चेक-इन काउंटर्स पर एक्स्ट्रा बैगेज खरीद सकते हैं, अपनी यात्रा को अपग्रेड कर सकते हैं, और अपनी पसंद की सीटें चुन सकते हैं।टाटा समूह की अगुवाई वाली घरेलू एयरलाइंस कंपनी एयर इंडिया ने दिल्ली एयरपोर्ट से सफर करने वाल पैसैंजर्स के लिए एक खास पहल करते हुए नई दिल्ली और शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन ने अर्ली चेक-इन की सुविधा की शुरुआत की है। इससे यात्रियों का सफर आसान हो जाएगा। एयरलाइन के मुताबिक, यह सुविधा डोमेस्टिक और इंटरनेशनल दोनों फ्लाइट्स के पैसेंजर्स के लिए है। यानी अब मेट्रो स्टेशन से सीधे एयरपोर्ट तक सुरक्षित बैगेज ट्रांसफर की सुविधा की शुरुआत की गई है।इतने बजे तक मिलती है सुविधा
जानकारी के मुताबिक, अर्ली चेक-इन की यह सुविधा दोनों मेट्रो स्टेशन पर प्रतिदिन सुबह 07:00 बजे से रात 09:00 बजे तक उपलब्ध रहेगी। एयर इंडिया ने कहा है कि यह ट्रैफिक की परेशानी से बचने और समय की बचत का एक सुविधाजनक विकल्प है। यह पहल हमारे अतिथियों के यात्रा अनुभव को और बेहतर बनाने की दिशा में एक और कदम है, जो शहर से आसमान तक आराम, सुविधा और निश्चिंतता सुनिश्चित करती है। नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन पर अर्ली चेक-इन काउंटर कॉन्कोर्स लेवल पर उपलब्ध हैं और शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन पर कॉन्कोर्स लेवल पर VFS ग्लोबल ऑफिस के बगल में उपलब्ध है।
चेक-इन की अवधि नोट कर लें
एयर इंडिया की ऑफिशियल वेबसाइट के मुताबिक, डोमेस्टिक फ्लाइट के लिए प्रस्थान समय से 12 घंटे से 2 घंटे पहले और इंटरनेशनल फ्लाइट के लिए प्रस्थान समय से 4 घंटे से 2 घंटे पहले चेक-इन की अवधि निर्धारित की गई है।
ऐसे ले सकते हैं अर्ली चेक इन की सुविधा का लाभ
स्टेप 1: मेट्रो स्टेशन पर सिटी चेक-इन सुविधा पर जाएं।
स्टेप 2: अपना चेक-इन पूरा करें, अपना सामान जमा करें, और अपना बोर्डिंग पास लें।
स्टेप 3: चेक-इन की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद, आप 20 मिनट में दिल्ली एयरपोर्ट (T3) पहुंचने के लिए एयरपोर्ट एक्सप्रेस मेट्रो लाइन का इस्तेमाल कर सकते हैंस्टेप 4: बोर्डिंग गेट उड़ान से 20 मिनट पहले बंद हो जाते हैं। इसलिए, अपनी फ्लाइट में चढ़ने से पहले सुरक्षा जांच और इमिग्रेशन प्रक्रियाओं के लिए पर्याप्त समय लेकर एयरपोर्ट पहुंचें।
हाईवे पास फिर भी रास्ता बेहाल: मधुबनी के हथेड़वा गांव के लोग सड़क से कटे, बारिश में कैद हो जाता है पूरा इलाका
मधुबनी।
बिहार के मधुबनी जिले के बेनीपट्टी थाना क्षेत्र अंतर्गत हथेड़वा गांव से बुनियादी सुविधाओं की बदहाली को उजागर करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। गांव निवासी दिनेश पंडित, पिता उचित पंडित, ने आरोप लगाया है कि उनका गांव आज भी मुख्य सड़क और हाईवे से पूरी तरह कटा हुआ है। गांव से हाईवे की दूरी अधिक नहीं है, लेकिन बीच में पक्का रास्ता न होने के कारण लोगों का आना-जाना बेहद मुश्किल हो गया है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, गांव से आधी दूरी तक किसी तरह कच्चा रास्ता बना हुआ है, लेकिन उसके बाद आगे का रास्ता निजी जमीन में पड़ता है। आरोप है कि संबंधित जमीन कुछ ब्राह्मण परिवारों की है, जो रास्ता देने से इनकार कर रहे हैं। इसी वजह से वर्षों से सड़क निर्माण का काम रुका हुआ है और ग्रामीणों को मजबूरी में खेतों और कच्चे पगडंडियों से होकर गुजरना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में स्थिति और भयावह हो जाती है। गांव नीचले इलाके में बसा है, जबकि हाईवे का स्तर काफी ऊंचा है। बारिश होते ही जलभराव हो जाता है और रास्ते पूरी तरह बंद हो जाते हैं। कई बार तो हालात ऐसे हो जाते हैं कि मरीज, गर्भवती महिलाएं और बच्चे गांव में ही फंस जाते हैं। नदी पर पुल होने के बावजूद सड़क संपर्क न होने से उसका लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है।
दिनेश पंडित का कहना है कि सड़क न होने से बच्चों की पढ़ाई, किसानों की खेती और मजदूरों का रोज़गार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। आपात स्थिति में अस्पताल पहुंचना चुनौती बन जाता है। कई बार ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर पानी और कीचड़ से भरे रास्तों से गुजरना पड़ता है, जो किसी बड़ी दुर्घटना को न्योता दे सकता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर कई बार स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका। सड़क की फाइलें कागजों में ही घूम रही हैं, जबकि हकीकत में गांव आज भी सड़क विहीन है। लोगों में प्रशासनिक उदासीनता को लेकर गहरा आक्रोश है।
हथेड़वा गांव के लोगों ने अब सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक अपनी आवाज पहुंचाने की अपील की है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द ही हाईवे से जोड़ने वाला एक पक्का और सुविधाजनक मार्ग नहीं बनाया गया तो उनका जीवन और भी कठिन हो जाएगा। उन्होंने सरकार से मांग की है कि जमीन विवाद का समाधान कर सड़क निर्माण कराया जाए, ताकि गांव को मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
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