Tuesday, April 7, 2026
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गुमशुदा की तलाश: भोजपुर के दिलखुश गिरी 23 जुलाई से लापता, परिजनों ने मीडिया से लगाई मदद की गुहार

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हसन बाजार/भोजपुर (बिहार), 11 अगस्त 2025 — भोजपुर जिले के नारायणपुर मठियां थाना क्षेत्र के निवासी दिलखुश गिरी (उम्र 35 वर्ष), पिता कमेंद्र गिरी, बीते 23 जुलाई 2025 से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हैं। परिवार का कहना है कि उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी, जिसके चलते वे अचानक घर से निकल गए और अब तक उनका कोई सुराग नहीं मिल सका है।

गुमशुदा की पहचान

नाम: दिलखुश गिरी

उम्र: 35 वर्ष

लंबाई: लगभग 5 फीट

रंग: सावला

कपड़े: सुगापंखी (हल्का हरा) रंग की शर्ट और बब्लू (नीला) रंग की पैंट

पता: नारायणपुर मठियां थाना, जिला भोजपुर, बिहार (पिन- 802204)

परिवार ने भावुक अपील करते हुए कहा, “अगर किसी को भी दिलखुश के बारे में कोई जानकारी मिले, तो कृपया हमें तुरंत बताएं। यह हमारे लिए किसी जान से कम नहीं है।”

संपर्क नंबर: 7050562267, 8511972455

दिलखुश गिरी की मां मीना देवी और पिता कमेंद्र गिरी ने मीडिया और आम जनता से गुहार लगाई है कि उन्हें जल्द से जल्द ढूंढकर परिवार के हवाले किया जाए।

गुमशुदा युवक की तलाश में परिवार का दर्दनाक इंतजार, मीडिया और जनता से अपील

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महराजगंज, थाना फरेंदा — थाना फरेंदा क्षेत्र के ग्राम गढ़वां, पोस्ट हरिया बरगदवा निवासी राम प्रीत यादव के परिवार की खुशी अचानक डर और चिंता में बदल गई है। उनका जवान बेटा, रवि यादव, जो दिल्ली में मजदूरी करता था और मेहनत से कमाई करके अपने घर लौट रहा था, 14 मार्च 2025 को गोंडा स्टेशन पर उतरा। लेकिन तभी से वह कहीं गायब है और उसका कोई पता नहीं चल पा रहा है।

परिवार के सदस्य बता रहे हैं कि रवि यादव का अचानक इस तरह लापता हो जाना उनके लिए किसी सपने के टूटने से कम नहीं है। परिवार ने खोजबीन और स्थानीय पुलिस से मदद मांगी, लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिला है। परिजनों का कहना है कि वे हर उस जगह पर गए जहाँ रवि का जाना संभव था, लेकिन कहीं भी कोई जानकारी नहीं मिली।

रवि यादव की उम्र लगभग 28 वर्ष है, वह साधारण परिवार से है और दिल्ली में मजदूरी कर अपने घर का भरण-पोषण करता था। उसका लापता होना परिवार के लिए चिंता और भय का विषय बन गया है। परिजन मीडिया के माध्यम से सभी से अपील कर रहे हैं कि अगर किसी के पास रवि के बारे में कोई भी सूचना हो तो तुरंत संपर्क करें ताकि उसे सुरक्षित घर वापस लाया जा सके।

परिवार ने बताया कि वे रवि की सुरक्षित वापसी के लिए हरसंभव कोशिश कर रहे हैं और जल्द से जल्द अपने बेटे को वापस पाना चाहते हैं। इस बीच, पुलिस प्रशासन से भी गुहार लगाई गई है कि वे इस मामले को प्राथमिकता से देखें और रवि को ढूंढने में मदद करें।

यदि आपको रवि यादव के बारे में कोई भी जानकारी मिलती है, तो कृपया तत्काल इस नंबर पर संपर्क करें: 73049 80245

देवरिया: पत्नी व बच्चों पर हमला कर भागा आरोपी, पीड़िता ने जताई जान का खतरा

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देवरिया जिले के पिला ग्राम तिवई 7 तारिख में घरेलू विवाद के बाद एक युवक ने अपनी पत्नी और बच्चों पर जानलेवा हमला कर दिया। जानकारी के अनुसार, आरोपी साहेब निषाद रात भर घर में उत्पात मचाता रहा और सुबह खंजर लेकर पत्नी पर हमला करने के बाद फरार हो गया। पीड़िता का कहना है कि साहेब ने पहले गला काटने की कोशिश की और फिर उसे मारपीट कर घर से बाहर फेंक दिया।

घटना के बाद आरोपी ने उल्टा पीड़िता को धमकाया कि अगर उसने कार्रवाई की तो उसके दोस्त के साथ मिलकर गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। पीड़िता ने प्रशासन से आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

आरोपी साहेब निषाद के पिता का नाम रामसीष निषाद है। उसके तीन भाई — वकिल साहेब और धर्मेंद्र भी गांव में रहते हैं।

बाजपुर में खून की होली! पुलिस ने छोड़ा, अगले ही दिन धारदार हथियार से परिवार पर हमला — गांव में मचा हड़कंप

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बाजपुर/सिंधौली-शाह, 10 अगस्त 2025 — बाजपुर थाना क्षेत्र में रविवार को हुई एक खौफनाक वारदात ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि गांव के ही कुख्यात राजाबाबू पुत्र रामस्नेही को पुलिस ने 9 अगस्त को हिरासत से छोड़ दिया, और रिहा होते ही उसने अपने साथियों के साथ मिलकर एक परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया।

पीड़ित दुर्गेश मिश्रा पुत्र अशोक कुमार मिश्रा के मुताबिक, 4 अगस्त को विवाद तब शुरू हुआ जब राजाबाबू नशे की हालत में पड़ोसन मीरा देवी के घर पहुंचा और गाली-गलौज की। मीरा देवी के विरोध करने पर आरोपी ने धमकी दी थी। पुलिस ने इस मामले में उसे पकड़ भी लिया था, लेकिन 9 अगस्त को रहस्यमय परिस्थितियों में छोड़ दिया गया।

पुलिस से छूटते ही राजाबाबू ने मानो बदले की आग में जलते हुए 10 अगस्त की सुबह अपने साथियों — मानवेंद्र पुत्र रूपराम, सोनू पुत्र रूपराम, हरिओम पुत्र रूपराम, फूलबाबू पुत्र रामस्नेही, रामलाल पुत्र कामताप्रसाद — के साथ दुर्गेश मिश्रा के घर पर धावा बोल दिया। सोनू ने धारदार ‘कांटा बल्लम’ से वार किया, जबकि बाकी ने लाठी-डंडों से परिवार को बेरहमी से पीटा।

हमले में दुर्गेश मिश्रा की गर्दन और हाथ पर गहरे घाव आए, वहीं मीरा देवी, विशाल मिश्रा और अशोक मिश्रा समेत अन्य परिजनों के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें लगीं। खून से लथपथ परिवार चीखता-चिल्लाता रहा, लेकिन हमलावर “अब तुम्हें जिंदा नहीं छोड़ेंगे” की धमकी देकर फरार हो गए।

गांव में भारी दहशत फैल गई है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर पुलिस ने आरोपी को समय रहते जेल में रखा होता तो यह खून-खराबा नहीं होता। पीड़ित पक्ष ने पुलिस प्रशासन से आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है। बाजपुर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

छत्तीसगढ़: एकतरफा प्यार में युवक की हत्या, छत से फेंकने का आरोप – परिजनों ने न्याय की लगाई गुहार

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जहांगीर चांपा (छत्तीसगढ़), 4 जुलाई –
जिला जहांगीर चांपा के रहने वाले संतोष राव मानिकपुरी ने गंभीर आरोप लगाते हुए अपने बेटे सुमित दास मानिकपुरी (उम्र 21 वर्ष) की हत्या का मामला उठाया है। परिजनों का दावा है कि 4 जुलाई की दोपहर 1 बजे सुमित को कुछ लोगों ने बेरहमी से पीटा और फिर एक ऊँची इमारत की छत से फेंक दिया।

मृतक के पिता संतोष राव ने बताया कि सिमरन यादव नामक युवती उनके बेटे से एकतरफा प्यार करती थी और पिछले एक साल से उसके घरवाले सुमित पर जबरन शादी का दबाव बना रहे थे। सुमित ने कई बार साफ कर दिया था कि वह शादी नहीं करना चाहता, क्योंकि उसे लड़की का व्यवहार ठीक नहीं लगता था।

संतोष राव मानिकपुरी ने आरोप लगाया कि सिमरन यादव और उसके परिजन—सुक्रिता यादव, रमाशंकर (मध्य प्रदेश निवासी), और प्रकाश (पिता धनीराम)—लगातार धमकियां दे रहे थे। इसी तनाव के चलते 4 जुलाई को सुमित को घड़ी गांव के पास स्थित टावर नंबर 15 पर बुलाया गया, जहां पहले उसकी पिटाई की गई और फिर छत से नीचे फेंक दिया गया।

हैरानी की बात यह है कि हादसे के समय सुमित के पिता महज 500 मीटर की दूरी पर मजदूरी कर रहे थे। वहां मौजूद अन्य श्रमिकों और बिल्डर ने भी घटना के बाद सुमित के परिवार को समर्थन देने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब बिल्डर डी एस गुप्ता पीछे हटते दिख रहे हैं। संतोष राव का आरोप है कि पुलिस ने भी मामले को दबा दिया है और इसे “छत से गिरने” का सामान्य हादसा बताकर केस दर्ज किया है।

परिजन मांग रहे हैं न्याय
सुमित मेहनतकश युवक था और अपने परिवार का सहारा था। उसके पिता ने कहा, “हमने अपने बेटे को खो दिया है, लेकिन पुलिस और बिल्डर सभी चुप हैं। हमें न्याय चाहिए, नहीं तो हम संघर्ष करेंगे।”

इस मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। पीड़ित परिवार ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक से न्याय की गुहार लगाई है।

3 बच्चों की मां की संदिग्ध मौत: “चार से मारकर 12 फीट ऊंचे पेड़ पर लटकाया”, भाई ने ससुराल वालों पर लगाए गंभीर आरोप

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जालौन (कुठौंद)। जिले के जंगलपुर खेड़ा गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब 28 वर्षीय महिला निधि पत्नी महेश का शव गांव के बाहर एक 12 फुट ऊंचे पेड़ पर फांसी के फंदे से लटका मिला। मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि यह आत्महत्या नहीं, सोची-समझी हत्या है, जिसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई है।

इन लोगों पर परिजनों ने लगाए आरोप:

1. महेश (पति)

2. माताप्रसाद (ससुर)

3. धर्मेन्द्र (देवर)

4. उज्जला (जेठानी)

5. चन्द्र (जेठ)

6. चेतराम (पति का रिश्तेदार)

7. रामकेश (महेश का पिता)

भाई का दावा – “21 की रात बहनोई से हुई बात, सुबह मिली बहन की मौत की खबर”

मृतका के भाई भारत कुमार निवासी ग्राम हुशचंदपुर थाना कदौरा ने बताया कि 21 तारीख की रात 9:54 बजे उनकी फोन पर बहनोई महेश से बात हुई थी। जब उन्होंने निधि से बात करने को कहा, तो महेश ने यह कहकर टाल दिया कि “वो सो गई है।” लेकिन अगली सुबह 9 बजे सूचना मिली कि निधि की मौत हो गई है और शव पेड़ से लटका मिला है।

9 साल पहले हुई थी शादी, पहले भी होती थी मारपीट

परिजनों के अनुसार, निधि की शादी 9 वर्ष पूर्व महेश पुत्र माताप्रसाद के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही घरेलू कलह और मारपीट की घटनाएं सामने आती रहीं। फरवरी 2025 में भी गंभीर मारपीट हुई थी, जिसमें निधि का सिर फट गया था, लेकिन ससुर रामकेश द्वारा समझौता करवा कर मामला रफा-दफा करा दिया गया।

परिजनों का आरोप – पहले भी पुलिस ने नहीं सुनी, अब भी कोई कार्रवाई नहीं

भारत कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि पहले की शिकायतों पर भी पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की थी। अगर उस समय एक्शन लिया गया होता, तो आज निधि जिंदा होती। अब भी, सूचना देने के बावजूद, पुलिस की चुप्पी सवालों के घेरे में है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी निगाहें, परिजनों की मांग – हत्या की एफआईआर हो दर्ज

परिजनों का साफ कहना है कि यह आत्महत्या नहीं, हत्या है जिसे आत्महत्या का रूप दिया गया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से हत्या की धाराओं में केस दर्ज कर, सभी आरोपितों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर जल्दी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

पति ने ढाई साल तक किया शोषण, अब शादी के बाद भी नहीं अपनाया, तीन बच्चों की मां रानी देवी दर-दर भटकने को मजबूर  मुख्यमंत्री से लगाई न्याय की गुहार

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मसाही, सीतामढ़ी (बिहार), 8 अगस्त
गांव मसाही निवासी रानी देवी, पुत्री माधव दास, ने अपने साथ हुए शोषण और उत्पीड़न की दर्दनाक दास्तां मीडिया के सामने रखी है। पीड़िता ने बताया कि उसकी शादी 10 दिन पहले मंदिर में प्रमोद कुमार दास से हुई, लेकिन प्रमोद पिछले ढाई वर्षों से उसका शारीरिक शोषण करता रहा है।

रानी देवी ने बताया कि शादी के बाद भी प्रमोद और उसके माता-पिता बीघन दास उसे ससुराल में अपनाने को तैयार नहीं हैं। “जब भी मैं ससुराल जाती हूं, मुझे मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना दी जाती है,” रानी ने कहा।

सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि रानी देवी तीन बच्चों की मां हैं और अब वह अपने बच्चों के साथ गांव में दर-दर भटकने को मजबूर है। “मैं कभी मायके, कभी ससुराल, तो कभी पंचायत-थाने के चक्कर काट रही हूं, लेकिन मेरी कहीं सुनवाई नहीं हो रही,” रानी ने व्यथित स्वर में बताया।

पीड़िता ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री से अपील की है कि प्रमोद कुमार दास और उसके परिवार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि उसे न्याय मिल सके और उसके बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके।

लाड़ली बहनों को मिला रक्षाबंधन का विशेष शगुन, सीएम डॉ. मोहन ने क्यों कहा भगवान होती हैं बहनें? सुनाई श्री कृष्ण-द्रौपदी की कहानी

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इस मौके पर उन्होंने 1 करोड़ 26 लाख 89 हजार से ज्यादा बहनों के खातों में लाड़ली बहन योजना की किश्त 1250 के साथ-साथ 250 रुपये का विशेष शगुन भी ट्रांसफर किया। उन्होंने पहले 1541.76 करोड़ और बाद में 317 करोड़ रुपये की राशि बहनों के खातों में ट्रांसफर की। इसके अलावा उन्होंने 28 लाख से अधिक बहनों को गैस सिलेंडर रीफिलिंग के लभोपाल/राजगढ़। ‘हम लाड़ली बहनों की राशि धीरे-धीरे बढ़ाएंगे। हमारी सरकार 41 हजार करोड़ की राशि बहनों को दे चुकी है। बहनों के हाथ में रुपये देने से उसका सदुपयोग होता है। बहनें एक-एक रुपया बचाकर घर को संभालती हैं। बहनें अपना पेट काटकर घर का ख्याल रखती हैं। मैं बहनों का प्रेम जीवनभर नहीं भूलूंगा। बहनों को दीपावली के बाद भाईदूज से 1500 रुपये मिलने लगेंगे। हमारा संकल्प है कि हम बहनों को तीन हजार रुपये देंगे। बहनें अगर रोजगारपरक कारखाने में जाएगी तो उन्हें सरकार 5 हजार रुपये देगी। इसके अलावा कारखाने का मालिक अलग रुपये देगा। हमारी सरकार हॉस्टल बनाकर महिलाओं को रात में काम करने की छूट दे रही हैं। हम भाइयों को भी रोजगारपरक कारखाने में काम करने के लिए रुपये देंगे। बहनें भगवान की तरह होती हैं।’यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ में कही। डॉ. सीएम यादव 7 अगस्त को यहां आयोजित रक्षाबंधन उत्सव को संबोधित कर रहे थे।

लाड़ली बहन योजना की किश्त खाते में बहनों के खाते में ट्रांसफर
इस मौके पर उन्होंने 1 करोड़ 26 लाख 89 हजार से ज्यादा बहनों के खातों में लाड़ली बहन योजना की किश्त 1250 के साथ-साथ 250 रुपये का विशेष शगुन भी ट्रांसफर किया। उन्होंने पहले 1541.76 करोड़ और बाद में 317 करोड़ रुपये की राशि बहनों के खातों में ट्रांसफर की। इसके अलावा उन्होंने 28 लाख से अधिक बहनों को गैस सिलेंडर रीफिलिंग के लिए 43.90 करोड़ भी दिए। कार्यक्रम में सीएम डॉ.यादव ने कई घोषणाएं भी कीं। कार्यक्रम से पहले सीएम डॉ.मोहन यादव ने रोड-शो किया। उसके बाद बहनों ने बड़ी संख्या में उन्हें राखियां बांधी। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर में आतंकियों से बड़ा बदला लिया। इस बार का रक्षाबंधन ऑपरेशन सिंदूर पर ही आधारित है। त्योहारों का राजा है रक्षाबंधन
गौरतलब है कि इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रक्षाबंधन को लेकर कहानी भी सुनाई। उन्होंने कहा कि भाई-बहन के त्योहार रक्षाबंधन की किसी से तुलना नहीं हो सकती। रक्षाबंधन सभी त्योहारों का राजा है। जब हम छोटे थे तो पिता जी को राखी बांधने बुआ आया करती थी। उस वक्त लगता था जैसे घर में दीपावली आ गई हो। बुआ के आते ही घर में हलचल मच जाती थी। उनके बैग में सभी भांजे-भांजियों के लिए राखी और गिफ्ट हुआ करते थे। फिर, जब हम और बड़े हुए तो बहन को लेने ससुराल जाने लगे। पूरे साल में एक बार मिलने पर बहन अंदर से तो बहुत खुश होती थी, लेकिन सामने से कठोर होकर कहती थी कि तुम्हें बड़ी जल्दी बहन की याद आ गई, राखी आई तो याद आ गई। जाओ मैं नहीं जाती तुम्हारे साथ। ये सुनने के बाद भाई मनाने में लग जाता था, गलती स्वीकार करने लगता था। काफी मनाने के बाद आखिर बहन भाई के साथ घर आ जाती थी।

सारी गलतियां माफ कर देती हैं बहनें
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि बहन तो है ही भगवान की तरह, जो सारी गलतियां माफ कर देती है। बेटी के घर में आने से पिता की आंखें चमक उठती हैं। बेटी जब घर में कदम रखती है तो उस वक्त इतना आनंद आता है, जो भगवान के आने पर भी नहीं होता। बेटी से ज्यादा पिता को कोई सुख नहीं दे सकता। वह अपने मायके की भी चिंता करती है और ससुराल की भी। हमें इस पर गर्व है। जिस घर में बेटी नहीं होती, वह अधूरा रहता है। जिसमें भाई-बहन सब हों, उस घर को स्वर्ग माना जाता है। संसार में हर रिश्ते का महत्व है। उन्होंने कहा कि भाई के लिए भांजी का विवाह करना सौभाग्यशाली होता है। भारतीय संस्कृति में ही भांजे-भांजियों को बेटे-बेटियों से ज्यादा महत्व दिया जाता है। रेशम के धागे में सभी ताकतों से ज्यादा ताकत होती है।

कन्नौज: महिला के साथ मारपीट कर कान और नाक के गहने छीन ले गए हमलावर, पीड़िता की हालत गंभीर

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छिबरामऊ (कन्नौज), 5 अगस्त 2025 —
थाना छिबरामऊ क्षेत्र के ग्राम अकबरपुर निवासी प्रमोद पुत्र प्रकाश बॉथम ने थाने में शिकायती पत्र देते हुए बताया कि उसकी अनुपस्थिति में कुछ लोगों ने उसकी पत्नी के साथ मारपीट की और उसके कान और नाक से गहने छीनकर फरार हो गए। पीड़िता की हालत गंभीर बनी हुई है।

प्रमोद ने बताया कि वह अपने पशुओं को चराकर जब घर लौटा तो कुछ देर बाद रिंकू पुत्र सतीश अपने माता-पिता, दो लड़कियों और चार अज्ञात युवकों को लेकर उसके घर पहुंचा। सभी ने मिलकर प्रमोद और उसकी पत्नी को घर से बाहर खींचकर बेरहमी से पीटा। इसी दौरान रिंकू और उसकी बेटियों ने प्रमोद की पत्नी के कान के कुंडल और नाक की नथ जबरन खींच ली, जिससे पीड़िता के कान और नाक बुरी तरह जख्मी हो गए। घटना के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।

पीड़िता की हालत गंभीर है और वह चलने-फिरने में असमर्थ है। प्रमोद ने थाना प्रभारी से मांग की है कि मामले में तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए और पीड़िता का डॉक्टरी परीक्षण करवा कर दोषियों को गिरफ्तार किया जाए।

पीएम कुसुम योजना के नाम पर युवक से साइबर ठगी, बुलंदशहर के दिलीप कुमार से ऐंठे गए हजारों रुपए

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बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश)।
सरकारी योजना का नाम लेकर एक युवक से साइबर ठगों ने हजारों रुपए की ठगी कर ली। मामला थाना छतरी क्षेत्र के सिद्धपुर गांव का है, जहां के निवासी दिलीप कुमार से प्रधानमंत्री कुसुम योजना के नाम पर रजिस्ट्रेशन, वेरिफिकेशन फीस, जीएसटी और ट्रांसपोर्ट चार्ज के बहाने लगभग ₹20,000 से अधिक की ठगी की गई।

पीड़ित दिलीप कुमार ने बताया कि उन्होंने गूगल पर प्रधानमंत्री कुसुम योजना का विज्ञापन देखा, जिसमें दिए गए लिंक पर क्लिक कर वे एक फर्जी वेबसाइट www.kushumsolar.in पर पहुंचे। वेबसाइट दिखने में बिल्कुल असली जैसी थी, जिस पर रजिस्ट्रेशन के लिए मोबाइल नंबर और निजी जानकारी मांगी गई, जिसे उन्होंने भर दिया।

इसके 24 घंटे के भीतर उन्हें एक कॉल आया, जिसमें बताया गया कि उनका आवेदन पास हो गया है और अब उन्हें आगे की प्रक्रिया के लिए फीस देनी होगी। ठगों ने क्रमशः उनसे:

₹1500 (OBC रजिस्ट्रेशन फीस)

₹3500 (NIC फीस)

₹10299 (TDT फीस)

वसूले। इतना ही नहीं, विश्वास दिलाने के लिए ₹1 ट्रायल अमाउंट भी उनके खाते में भेजा गया। फिर कहा गया कि घर पर सर्वे टीम और मैनेजर आएंगे।

फिर ₹5000 का जीएसटी बिल मांगा गया, जिसे पीड़ित ने देने से इनकार कर दिया। इसके बाद ट्रांसपोर्ट चार्ज के नाम पर और पैसे मांगे गए। जब पीड़ित ने मना किया, तो ठगों ने कहा, “अब आपका काम नहीं होगा, जैसी आपकी मर्जी।” इसके बाद भी लगातार कॉल्स आते रहे।

इन विवरणों पर भेजे गए थे पैसे:

नाम: PM KUSUM YOJANA SOLAR ENERGY (AVSHEESH)
खाता संख्या: 055410507494
IFSC कोड: IPOS0000001
बैंक का नाम: India Post Payment Bank

पीड़ित ने बताया कि इस खाते में अलग-अलग किस्तों में रकम ट्रांसफर की गई।

फर्जी वेबसाइट का नाम:www.kushumsolar.in

दिलीप कुमार ने प्रशासन और साइबर सेल से अपील की है कि इस तरह की फर्जी वेबसाइट और बैंक खातों की गहन जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। साथ ही, जनता को सतर्क रहने की आवश्यकता है।सावधान रहें!

सरकारी योजनाओं के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह लगातार सक्रिय हैं। कृपया:

किसी भी सरकारी योजना की जानकारी केवल www.india.gov.in या संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से ही प्राप्त करें।कोई भी राशि देने से पहले सरकारी विभाग से पुष्टि अवश्य करें।

ठगी की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।