Friday, July 10, 2026
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प्रयागराज में जमीन विवाद ने पकड़ा तूल: फर्जी वसीयतनामा और पुलिस पर दबाव के आरोप, पांच भाइयों के हक की लड़ाई सड़क से दफ्तर तक

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प्रयागराज जिले के मेजा तहसील क्षेत्र में जमीन को लेकर एक पुराना पारिवारिक विवाद अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। ग्राम छतवा उपरहार, टप्पा चौरसी, परगना खैरागढ़ निवासी श्यामलाल ने आरोप लगाया है कि उनके पैतृक हक की जमीन पर कब्जा करने की नीयत से नेब्बूलाल द्वारा फर्जी वसीयतनामा के सहारे दबाव बनाया जा रहा है। मामला बीते चार–पांच महीनों से लगातार चल रहा है, जिससे पूरे परिवार में तनाव का माहौल है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता के पिता शिव शंकर के पांच पुत्र हैं और कानूनन सभी को पैतृक संपत्ति में बराबर का हिस्सा मिलना चाहिए। श्यामलाल का आरोप है कि इसके बावजूद नेब्बूलाल अकेले जमीन पर दावा कर रहा है और कथित तौर पर दादी के नाम से फर्जी वसीयतनामा दिखाकर जमीन अपने नाम कराने की कोशिश कर रहा है। विरोध करने पर झगड़े की स्थिति बनाई जाती है और बार-बार पुलिस को बुलवाकर दबाव डाला जाता है।
इस मामले में तहसीलदार मेजा, प्रयागराज द्वारा की गई स्थलीय और अभिलेखी जांच में यह सामने आया है कि आराजी संख्या 1099, रकबा 0.1140 हेक्टेयर, सरकारी अभिलेखों में आबादी खाते में दर्ज है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, उक्त भूमि के विभिन्न हिस्सों पर नेब्बूलाल, श्याम बिहारी, रामलाल, श्यामलाल और संतलाल—सभी पुत्र शिव शंकर—का क्रमशः कब्जा पाया गया। इस रिपोर्ट ने विवाद को और उजागर कर दिया है।

शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि विरोधी पक्ष द्वारा पुलिस पर प्रभाव डालकर बार-बार थाने की कार्रवाई करवाई जाती है, जिससे परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। श्यामलाल का कहना है कि वे कानून का सम्मान करते हैं, लेकिन लगातार हो रहे दबाव और कथित झूठे मुकदमों से उनका जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
मामले से जुड़े दस्तावेजों के अनुसार, प्राथमिकी दर्ज कर उप निरीक्षक नीतेश पाठक (SI) को जांच सौंपी गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि वे प्रशासन से निष्पक्ष और समयबद्ध कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि जमीन विवाद का समाधान हो सके और उन्हें उनके हिस्से की जमीन मिल सके।

पीड़ित पक्ष ने प्रशासन से अपील की है कि फर्जी दस्तावेजों की गहन जांच, जमीन पर यथास्थिति बनाए रखने और कथित दबाव बनाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि कानून का राज कायम रह सके और पीड़ित परिवार को समय रहते इंसाफ मिल सके।

 

दशक भर से मंदिर निर्माण में भरोसे का नाम: पारंपरिक शिल्पकार और आधुनिक तकनीक से आस्था को आकार दे रहा ‘श्रीराम गितांजली कंस्ट्रक्शन’

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धार्मिक आस्था और भारतीय स्थापत्य कला को जमीन पर उतारने का काम बीते करीब 20 वर्षों से लगातार किया जा रहा है। मंदिर निर्माण के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना चुका श्रीराम गितांजली कंस्ट्रक्शन आज गुणवत्तापूर्ण कार्य, पारंपरिक शिल्पकार और आधुनिक तकनीक के समन्वय के लिए जाना जा रहा है। कंपनी बीते एक दशक से मंदिर निर्माण से जुड़े कार्यों का न सिर्फ निष्पादन कर रही है, बल्कि अपने कार्यों के प्रचार-प्रसार के जरिए लोगों तक आस्था से जुड़े इस शिल्पकार को पहुंचा भी रही है।

निर्माणाधीन और पूर्ण हो चुके मंदिरों की संरचनाएं इस बात की गवाह हैं कि किस तरह पत्थरों में आस्था को तराशा जाता है। ऊंचे शिखर, कलश, नक्काशीदार स्तंभ, भव्य मंडप और पारंपरिक डिज़ाइन भारतीय मंदिर स्थापत्य की पहचान को जीवंत करते हैं। निर्माण में प्राचीन शिल्पकला की शैली के साथ-साथ आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जिससे मजबूती और सौंदर्य दोनों का संतुलन बना रहे।

कंस्ट्रक्शन से जुड़े लोगों का कहना है कि बीते दस वर्षों में देश के अलग-अलग हिस्सों में मंदिर, महाद्वार, मंडप, शिखर और अन्य धार्मिक संरचनाओं का निर्माण किया गया है। हर परियोजना में गुणवत्ता, समयबद्धता और विश्वास को प्राथमिकता दी जाती है। यही कारण है कि आज यह नाम मंदिर निर्माण के क्षेत्र में भरोसे का प्रतीक बनता जा रहा है।

धार्मिक आयोजनों, ट्रस्टों और स्थानीय समितियों के बीच इस कार्यशैली की चर्चा तेजी से फैल रही है। मंदिर निर्माण के साथ-साथ उसके प्रचार के जरिए लोगों को यह संदेश दिया जा रहा है कि भारतीय परंपरा और आस्था को संरक्षित रखना केवल निर्माण नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी भी है। विशेषज्ञ कारीगरों और अनुभवी शिल्पकारों की टीम इस कार्य को लगातार नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रही है।

स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का मानना है कि ऐसे प्रयासों से न सिर्फ धार्मिक ढांचा मजबूत होता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए संस्कृति और परंपरा की विरासत भी सुरक्षित रहती है। बीते एक दशक की निरंतर मेहनत अब पहचान बन चुकी है और आने वाले समय में यह क्षेत्र और विस्तार लेने की ओर बढ़ रहा है।

 

रजत शर्मा को जब मित्र के रूप में हुए प्रभु श्रीराम के दर्शन! उन्होंने खुद सुनाया दिलचस्प किस्सा

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मोरारी बापू की रामकथा में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होकर इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर इन चीफ रजत शर्मा ने मित्र के रूप में प्रभु श्रीराम के दर्शन का किस्सा सुनाया। उन्होंने 27-28 साल पुरानी बात बताई।नई दिल्ली: विश्व शांति केंद्र की तरफ से नई दिल्ली के भारत मंडपम में मोरारी बापू की रामकथा का आयोजन किया गया है। 17 से 25 जनवरी तक जारी 9 दिनों की इस रामकथा में इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। इस मौके पर अपने संबोधन में रजत शर्मा ने बताया कि कैसे 27-28 साल पहले उन्होंने किसी एक मददगार के रूप में भगवान श्रीराम के दर्शन किए थे।

जब 43 लोगों ने रजत शर्मा के साथ छोड़ दिया चैनल
रजत शर्मा ने कहा, ‘मेरे दिल पर बोझ है। यह बात करीब 27-28 साल पहले की है। कैसे किसी को कभी-कभी भगवान के दर्शन हो जाते हैं। मोरारी बापू तो हमें रोज प्रभु राम के करीब ले जाते हैं। उनके दर्शन कराते हैं। यह उस समय की बात है जब मैं Zee टीवी में आप की अदालत करता था और एक न्यूज का शो भी करता था। परिस्थिति ऐसी बनी कि मुझे अचानक उसे छोड़ना पड़ा। और वो जनवरी का ही महीना था। मेरे पास काम नहीं था। मेरे पास में वाहन नहीं था। लेकिन सबसे बड़ी बात है कि करीब 43 लोग जो उस संस्थान में काम करते थे वह अपना काम छोड़कर मेरे साथ आ गए थे। वह कहने लगे कि हम तो आपके साथ रहेंगे।’

मित्र ने की अपना घर देने की पेशकश
रजत शर्मा ने बताया, ‘उनके घर गया तो मैंने देखा कि सारा सामान पैक हो रहा था। तो मैंने सोचा शायद इनके साथ भी मेरी जैसी परिस्थिति हुई होगी। उनकी किताबें जो उनको सबसे ज्यादा प्रिय थीं वह बंडल में थीं और बाहर ट्रक खड़ा था। तो उन्होंने कहा कि पंडित जी मैंने आपको एक मकसद से यहां बुलाया है। आपके पास स्टूडियो नहीं है। आपके पास दफ्तर नहीं है। आपके पास घर नहीं है। मैंने अपना घर खाली कर दिया है। यहां आप स्टूडियो बना लीजिएगा। यहां आपका ऑफिस होगा। यहां आपका किचन होगा।’

जब दोस्त के रूप में हुए प्रभु के दर्शन
उन्होंने आगे कहा कि ये सुनकर मेरी आंखों में आंसू थे। फिर मैंने कहा कि मैं ये अफोर्ड नहीं कर सकता हूं। तो उन्होंने कहा कि नहीं, इसको अफोर्ड नहीं करना है आपको। मैं और मेरी वाइफ दो हैं। हम लोग एक बरसाती में जाकर रह लेंगे। उस बरसाती का किराया आप दे देना। ये करुणा, ये परोपकार भावना, ये मित्र को सहायता देने का जज्बा, यही तो भगवान राम हैं।

रजत शर्मा ने कहा, ‘उन्हें आज यहां होना था। उनका नाम है आरिफ मोहम्मद खान। और आरिफ मोहम्मद खान के रूप में मैंने प्रभु के दर्शन किए। प्यार का, स्नेह का, त्याग का और करुणा का वो उदाहरण देखा। मुझे उस घर में शिफ्ट नहीं करना पड़ा। उनके पास रहना नहीं पड़ा। मैंने अनुनय-विनय करके उनको उसी घर में रहने दिया। लेकिन उस क्षण ने, उनके उस जज्बे ने, उनकी उस भावना ने मुझे जो हिम्मत दी, जो साहस दिया, जो शक्ति दी, वही शक्ति भगवान राम की शक्ति है और वही शक्ति जो मोरारी बापू हमें रोज सिखाते हैं।’

केंद्र सरकार ने बुलाई सभी दलों की बैठक, बजट सत्र से पहले 27 जनवरी को होगी मीटिंग

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केंद्र सरकार ने बजट सत्र से पहले 27 जनवरी को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। बता दें कि बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा और बीच में एक ब्रेक रहेगा।नई दिल्ली: केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आगामी बजट सत्र से पहले संसद के दोनों सदनों के फ्लोर लीडरों की 27 जनवरी को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है। सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक संसद की मुख्य समिति कक्ष में होगी। सरकार इस बैठक में महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों और विधायी कार्यों पर चर्चा करेगी जो आने वाले सत्र में सदनों के सामने आएंगे। बता दें कि बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होगा और एक ब्रेक के साथ 2 अप्रैल तक चलेगा। बजट सत्र का पहला चरण 28 जनवरी से 13 फरवरी तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल तक। इस दौरान कुल 30 बैठकें होने की उम्मीद है।राष्ट्रपति के संबोधन से होगी सत्र की शुरुआत
2026-27 का केंद्रीय बजट 1 फरवरी को पेश किया जाएगा। सत्र की शुरुआत भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों को संबोधित करके होगी। बजट से पहले, वित्त मंत्रालय ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पहले से घोषित कस्टम ड्यूटी दरों पर जोर दिया। पिछले बजट सत्रों में, भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स हब बनाने और घरेलू इलेक्ट्रॉनिक सामान के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए गए थे। इसके अलावा कई अन्य उद्योगों ने भी बजट में अपने लिए कुछ सकारात्मक प्रावधान होने की उम्मीद जताई है।
रविवार होने के बावजूद खुले रहेंगे शेयर बाजार
रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रमुख शेयर बाजार BSE और NSE इस साल एक फरवरी को बजट पेश होने के दिन रविवार होने के बावजूद कारोबार के लिए खुले रहेंगे। NSE ने शुक्रवार को निवेशकों को जारी एक परिपत्र में कहा कि केंद्रीय बजट पेश होने के कारण एक फरवरी को सामान्य समय के हिसाब से ‘लाइव’ कारोबारी सत्र आयोजित किया जाएगा। परिपत्र के मुताबिक, ‘प्री-ओपन मार्केट’ सुबह 9 बजे शुरू होकर 9.08 बजे समाप्त होगा और सामान्य कारोबार सुबह 9.15 बजे से दोपहर 3.30 बजे तक चलेगा। इसी तरह, BSE के नोटिस के मुताबिक, एक फरवरी को ‘विशेष कारोबार दिवस’ ​​घोषित किया गया है और बाजार सामान्य कारोबारी घंटों के लिए खुले रहेंगे।

ट्रंप के एक फैसले से सोना ₹2300 और चांदी ₹13,000 हुई सस्ती; जानिए आज के ताजा भाव

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लंबे समय से ऊंचे स्तरों पर बनी हुई सोना-चांदी की कीमतों में एक झटके में तेज गिरावट दर्ज की गई। वायदा बाजार से लेकर हाजिर बाजार तक सोने और चांदी की चमक थोड़ी फीकी पड़ती नजर आई, वहीं इस गिरावट को कई लोग खरीदारी के मौके के तौर पर भी देख रहे हैं।
वायदा बाजार में एक ही सत्र में सोने की कीमत 2300 रुपये से ज्यादा टूट गई, जबकि चांदी ने 13,000 रुपये प्रति किलो की बड़ी गिरावट दर्ज की। इस अचानक आई नरमी ने निवेशकों और ज्वेलरी खरीदारों, दोनों का ध्यान खींचा है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर गुरुवार सुबह 10:15 बजे सोना बीते सत्र के मुकाबले 2.21 प्रतिशत गिरकर 1,49,477 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता नजर आया। वहीं, चांदी में और भी ज्यादा दबाव देखने को मिला। MCX पर चांदी करीब 4 प्रतिशत टूटकर 3,05,753 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई। एक दिन में चांदी का 13,000 रुपये तक सस्ता होना बाजार में बड़ी हलचल की वजह बना।

दिलचस्प बात यह है कि बीते कुछ दिनों से वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और अनिश्चितताओं के कारण सोना-चांदी में सुरक्षित निवेश के तौर पर जबरदस्त मांग देखने को मिल रही थी। इसी वजह से इनके भाव रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए थे। लेकिन गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय संकेतों में बदलाव के बाद मुनाफावसूली हावी हो गई, जिसका असर सीधे कीमतों पर पड़ा।

प्रमुख शहरों के दाम
हाजिर बाजार की बात करें तो देश के प्रमुख महानगरों में सोने के दाम अभी भी ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं। goodreturns के अनुसार,

राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना 15,446 रुपये प्रति ग्राम, 22 कैरेट सोना 14,160 रुपये प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोना 11,528 रुपये प्रति ग्राम है।
मुंबई और कोलकाता में 24 कैरेट सोने का भाव 15,431 रुपये प्रति ग्राम, 22 कैरेट 14,145 रुपये और 18 कैरेट सोना 11,573 रुपये प्रति ग्राम दर्ज किया गया।
चेन्नई में सोने के दाम सबसे ऊंचे रहे, जहां 24 कैरेट सोना 15,491 रुपये, 22 कैरेट 14,200 रुपये और 18 कैरेट सोना 11,850 रुपये प्रति ग्राम पर पहुंच गया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीतम
ग्लोबल मार्केट में भी सोने की कीमतों में नरमी देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4800 डॉलर प्रति औंस से नीचे फिसल गया। इसकी बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का यूरोपीय NATO देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी से पीछे हटना और ग्रीनलैंड को लेकर NATO के साथ डील के फ्रेमवर्क की घोषणा मानी जा रही है। इन फैसलों से वैश्विक बाजारों मेंजोखिम लेने की भावना बढ़ी, जिससे सुरक्षित निवेश की मांग घटी और सोना-चांदी दबाव में आ गए।

ट्रंप के कारनामों का दिखेगा असर? भविष्य में अमेरिकी नेताओं के लिए रिश्ते सुधारना हो सकता है मुश्किल

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल में दोस्तों के बाद दुश्मनों जैसा बर्ताव किया। ट्रंप ने कनाडा को अमेरिकी राज्य बनाने और ग्रीनलैंड पर कब्जे की बात कही। ट्रंप के कार्यों का असर भविष्य में अमेरिका और अन्य देशों के संबंधों को प्रभावित कर सकता है।वॉशिंगटन: राष्ट्रपति पद संभालने के करीब एक महीने बाद जो बाइडेन ने 2021 के म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में यूरोप को स्पष्ट संदेश दिया था कि अमेरिका वापस आ गया है। उन्होंने कहा था, “ट्रांसअटलांटिक गठबंधन भी वापस आ गया है।” यह बयान बार-बार दोहराया गया, क्योंकि बाइडेन अपने पूर्ववर्ती डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों को एक असामान्य विचलन के रूप में पेश करना चाहते थे। लेकिन, 5 साल बाद, बाइडेन के ये आश्वासन धरे के धरे रह गए।
ट्रंप ने दुश्मनों की तरह दोस्तों को धमकाया
सत्ता बदली और फिर ट्रंप का दूसरा कार्यकाल शुरू हुआ। ट्रंप ने यूरोप के साथ सात दशकों से चले आ रहे गठबंधनों को नजरअंदाज कर दिया है। वो गठबंधन जिन्होंने जर्मनी के एकीकरण और सोवियत संघ के पतन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। ट्रंप ने सहयोगी नेताओं को धमकाया, ऐसी मांगें रखीं और आरोप लगाए जो आमतौर पर दुश्मनों के खिलाफ होते हैं। इससे उन स्थिर संबंधों को गहरा झटका लगा है जो दशकों से कायम थे, और अब यूरोपीय देश अमेरिकी नेतृत्व के बिना अपना रास्ता खुद तलाशने को मजबूर हो गए हैं।NATO को ट्रंप ने दिया झटका
इसका सबसे बड़ा उदाहरण ग्रीनलैंड पर ट्रंप की धमकी थी। उन्होंने डेनमार्क से ग्रीनलैंड को अमेरिका को सौंपने की मांग की, इतना ही कब्जा करने की धमकी तक दे दी। यह एक ऐसा कदम है जो NATO को तोड़ सकता है। उन्होंने निजी मैसेज शेयर किए जो दिखाते थे कि यूरोपीय नेता उन्हें मनाने की कोशिश कर रहे थे। ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर अमेरिकी झंडा लगी तस्वीरें पोस्ट की हैं। उन्होंने दावोस के वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में कहा कि यूरोप सही दिशा में नहीं जा रहा और कभी-कभी तानाशाह की जरूरत पड़ती है।
दुनिया में अमेरिका की अनिश्चित स्थिति
ट्रंप ने अब ग्रीनलैंड को लेकर भले ही रुख नरम कर लिया है लेकिन लेकिन इस घटना ने अमेरिका की वैश्विक स्थिति को गहराई से अनिश्चित बना दिया है। NATO के नेता पहले से ही ट्रंप की धमकियों का जवाब अमेरिका-मुक्त रणनीतियों से दे रहे थे। अब ऐसे में इससे अगले राष्ट्रपति चाहे डेमोक्रेट हो या रिपब्लिकन दोनों के लिए दूसरे देशों से उस स्तर पर रिश्ते बहाल करना आसान नहीं होने वाला है।
चीजें पहले जैसी नहीं होंगी
जॉन फाइनर जो बाइडेन के पूर्व डिप्टी नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर और अब सेंटर फॉर अमेरिकन प्रोग्रेस के सीनियर फेलो हैं ने कहा, “कुछ हद तक चीजें बेहतर हो सकती हैं, लेकिन वो पहले जैसी कभी नहीं होंगी। समझदार देश अब महसूस करेंगे कि अमेरिका पर भरोसा सिर्फ 4 साल के अंतराल में ही किया जा सकता है, अगर भरोसा किया गया तो।”

सूर्यकुमार यादव टी20 क्रिकेट में बन गए इस मामले में सबसे तेज भारतीय, पहले टी20 में बल्ले से रचा दिया इतिहास

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IND vs NZ: भारतीय टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव के बल्ले से न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के पहले मुकाबले में बल्ले से 22 गेंदों में 32 रनों की पारी देखने को मिली। वहीं उन्होंने इस मैच में अपने टी20 करियर में एक बड़ा मुकाम भी हासिल कर लिया।भारत और न्यूजीलैंड के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज अगले महीने होने वाले टी20 वर्ल्ड कप की तैयारियों के नजरिए से काफी अहम है। इस सीरीज का पहला मुकाबला नागपुर के विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन ग्राउंड पर खेला गया। टीम इंडिया की तरफ से सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में काफी शानदार प्रदर्शन देखने को मिला जिसमें उन्होंने मैच को 48 रनों से अपने नाम करने के साथ सीरीज में 1-0 की बढ़त भी हासिल कर ली। वहीं सभी की नजरें इस मैच में कप्तान सूर्यकुमार के बल्लेबाजी प्रदर्शन पर टिकी हुई थी, जिसमें उन्होंने 22 गेंदों का सामना करने के साथ 32 रनों की पारी अहम समय पर खेली जिसमें वह एक बड़ा कारनामा भी करने में कामयाब रहे।सूर्या 9000 टी20 रन पूरे करने वाले बने सबसे तेज भारतीय
सूर्यकुमार यादव ने न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच में अपनी 32 रनों की शानदार पारी के दम पर टी20 क्रिकेट में अपने 9000 रन भी पूरे कर लिए, जिसमें वह इस मुकाम तक पहुंचने के मामले में सबसे तेज भारतीय बन गए हैं, जिसमें उनसे पहले विराट कोहली, रोहित शर्मा और शिखर धवन ने ये कारनामा किया था, लेकिन सूर्या ने सभी को पीछे छोड़ने के साथ नया इतिहास रच दिया। वहीं वर्ल्ड क्रिकेट में देखा जाए तो सूर्यकुमार यादव 9000 रन सबसे कम गेंदों में पूरे करने वाले दूसरे सबसे तेज खिलाड़ी बन गए हैं, जिसमें उन्होंने ग्लेन मैक्सवेल को इस लिस्ट में पीछे छोड़ा है। टी20 क्रिकेट में सबसे कम गेंदों में 9000 रन आंद्रे रसेल ने पूरे किए थे, जिन्होंने सिर्फ 5321 गेंदों में इस मुकाम को हासिल किया था। वहीं सूर्यकुमार यादव को लेकर बात की जाए तो उन्होंने इस मुकाम को 5911 गेंदों में हासिल किया। वहीं ग्लेन मैक्सवेल अब इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर पहुंच गए हैं, जिन्होंने टी20 क्रिकेट में 9000 रन 5915 गेंदों में पूरा किया था।

मैंने पिछले 2 से 3 हफ्ते काफी अच्छी बैटिंग की
न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 मैच के बाद सूर्यकुमार यादव ने अपनी बैटिंग को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि जब मैं बैटिंग करने गया तो मुझे काफी अच्छा लगा। मेले लिए बल्लेबाजी करने का वह काफी अच्छा समय था क्योंकि वहां हालात दबाव वाली थी। मैं नेट्स में काफी अच्छी बल्लेबाजी कर रहा हूं और मैच में बस समय की बात है कि कुछ गेंदें खेलूं और उसी तरह से बल्लेबाजी करूं। मैंने इस मैच में जो भी स्ट्रोक्स खेले वह पिछले 2 से तीन हफ्तों से नेट्स में उनकी काफी अच्छी प्रैक्टिस कर रहा था। मैंने इस सीरीज में खेलने से पहले कुछ प्रैक्टिस मैच भी खेले हैं जिससे मैं काफी अच्छा भी महसूस कर रहा था।

अक्षय कुमार ने बताया गुस्से में क्या करती हैं ट्विंकल खन्ना, सुन हंस पड़े रितेश देशमुख-जेनेलिया

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अक्षय कुमार और ट्विंकल खन्ना की खूबसूरत केमिस्ट्री हमेशा चर्चा में रहती हैं। अब सुपरस्टार ने ‘द व्हील ऑफ फॉर्च्यून’ के प्रोमो के दौरान अपनी शादी के बारे में एक मजेदार बात बताई।अक्षय कुमार नए रियलिटी शो ‘द व्हील ऑफ फॉर्च्यून’ के होस्ट के तौर पर टेलीविजन पर वापसी करने वाले हैं। पहले एपिसोड में भरपूर मनोरंजन का वादा किया गया है, जिसमें रितेश देशमुख, जेनेलिया देशमुख और श्रेयस तलपड़े एक मजेदार गेम के लिए स्पेशल गेस्ट के तौर पर नजर आएंगे। हाल ही में रिलीज हुए प्रोमो में बॉलीवुड सुपरस्टार अक्षय ने अपनी पत्नी ट्विंकल खन्ना के बारे में एक मजेदार खुलासा भी किया और बताया कि जब वह उनसे नाराज होती हैं तो वह बिना बोले क्या करती हैं।
जेनेलिया ने रितेश को बताया सॉरी देशमुख
प्रोमो की शुरुआत में अक्षय रितेश से पूछते हैं, ‘तेरी शादी को कितने साल हुए हैं?’ जवाब में रितेश बताते हैं कि उन्होंने जेनेलिया को 10 साल तक डेट किया और उनकी शादी को 14 साल हो गए हैं। फिर अक्षय कहते हैं कि उनकी शादी को 25 साल हो गए हैं और इसलिए अपनी पत्नी को सॉरी कहना सीखो। जेनेलिया मजाक में कहती हैं, ‘वह लेकिन रितेश तो सॉरी देशमुख हैं।’
अक्षय कुमार ने बताया गुस्से में क्या करतीं ट्विंकल खन्ना
अक्षय ने फिर ट्विंकल के बारे में एक मजेदार बात बताई और उन्होंने कहा, ‘मेरी बीवी का अलग है। मेरी बीवी जब मुझसे गुस्सा होती है… मुझे पता है तब पता चलता है? जब मैं सोने जाता हूं क्योंकि जब मैं सोने जाता हूं, मेरे साइड का जो बिस्तर है वो गीला होता है। उस पर पानी फेर दिया होता है।’ इस बात को सुनकर रितेश और जेनेलिया हंसने लगे। वहीं, रितेश ने अक्षय को गले लगा लिया।
अक्षय कुमार-ट्विंकल खन्ना की खूबसूरत बॉन्ड
अक्षय और ट्विंकल की शादी 17 जनवरी, 2001 को एक प्राइवेट सेरेमनी में हुई थी, जिसमें सिर्फ करीबी दोस्त और परिवार वाले शामिल हुए थे। इस कपल के बेटे आरव का जन्म 2002 में और बेटी नितारा का जन्म 2012 में हुआ। वे अक्सर सोशल मीडिया पर मजेदार तस्वीरें और वीडियो शेयर करते रहते हैं, जिससे उनकी प्यारी केमिस्ट्री की झलक मिलती है।
अक्षय कुमार की अपकमिंग फिल्में
इस बीच, वर्क फ्रंट की बात करें तो अक्षय का नया रियलिटी शो ‘द व्हील ऑफ फॉर्च्यून’ 27 जनवरी को रात 9 बजे सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन और सोनी लिव पर प्रीमियर होने के लिए तैयार है। इसके अलावा, अक्षय के पास प्रियदर्शन की फिल्म ‘भूत बंगला’ भी पाइपलाइन में है, जो 15 मई, 2026 को रिलीज होने वाली है। इस फिल्म में परेश रावल और वामिका गब्बी भी मुख्य भूमिकाओं में हैं। उनके पास ‘वेलकम टू द जंगल’ और ‘हैवान’ भी लाइन में हैं।

‘एक कन्या 10 पुत्रों के समान…’ जानें PM मोदी ने क्यों याद दिलाई बेटियों की बात?

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PM मोदी ने देशवासियों को याद दिलाया है कि एक कन्या का पालन-पोषण 10 पुत्रों के बराबर पुण्य देता है। जानें प्रधानमंत्री मोदी ने ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान’ पर क्या-क्या कहा?नई दिल्ली: ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान’ के 11 साल पूरे होने पर PM मोदी ने एक खास पोस्ट किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को सुभाषित का एक श्लोक याद दिलाया, जिसमें कहा गया है कि एक कन्या 10 पुत्रों के समान होती है। जो पुण्यफल एक व्यक्ति को 10 पुत्रों के पालन-पोषण से मिलता है, वही फल उसे केवल एक कन्या के पालन-पोषण से मिल जाता है। जानें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए पोस्ट पर PM मोदी ने क्या कहा?
‘बेटी बचाओ अभियान’ की एनिवर्सरी पर खास पोस्ट
PM मोदी ने पोस्ट किया, ‘कन्या को लक्ष्मी मानने वाले हमारे देश में 11 साल पहले आज ही के दिन बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत हुई थी। यह बड़े गर्व की बात है कि आज भारत की बेटियां हर क्षेत्र में नित-नए रिकॉर्ड बना रही हैं। दशपुत्रसमा कन्या दशपुत्रान् प्रवर्धयन्। यत् फलम् लभते मर्त्यस्तल्लभ्यं कन्ययैकया।’
शेयर किए गए वीडियो में क्या है खास?
प्रधानमंत्री मोदी ने इस पोस्ट के साथ एक वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें संस्कृत में ‘दशपुत्रसमा कन्या दशपुत्रान् प्रवर्धयन्। यत् फलम् लभते मर्त्यस्तल्लभ्यं कन्ययैकया’ दिख रहा है। इसके बाद हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषाओं में उसका अर्थ समझाया जाता है।
‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान’ क्या है?
‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ भारत की केंद्र सरकार का एक सामाजिक अभियान है, जिसकी शुरुआत 22 जनवरी 2015 को हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य लड़कियों के अस्तित्व, शिक्षा और सुरक्षा को सुनिश्चित करना और लैंगिक समानता को बढ़ावा देना है। खासतौर पर भारत के उन जिलों में जहां शिशु लिंगानुपात में कमी है, और उसके लिए समाज के लोगों के बीच जागरूकता और कल्याणकारी सेवाओं में फोकस किया जाता है।
सोशल मीडिया नेटिजन ने की तारीफ
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पीएम मोदी के इस पोस्ट को खूब सराहा जा रहा है। एक एक्स यूजर ने लिखा, ‘जब बेटियों को अवसर मिलते हैं, देश का भविष्य मजबूत होता है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ ने भारत की नई दिशा तय की है।’ वहीं, एक अन्य नेटिजन ने लिखा, ‘बेटियां सबसे अनमोल वरदान एवं शक्ति का स्वरूप हैं, शिक्षित बेटी विकसित भारत और संस्कारित सशक्त समाज का आधार स्तंभ है।’

धार की भोजशाला में बसंत पंचमी पर पूजा-नमाज का विवाद गहराया, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज

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धार की भोजशाला में बसंत पंचमी के दिन पूजा और जुमे की नमाज को लेकर हिंदू-मुस्लिम पक्ष आमने-सामने हैं। हिंदू पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में नमाज पर रोक की मांग की है। तनाव के बीच भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।धार: मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला एक बार फिर हिंदू और मुस्लिम पक्षों के बीच विवाद की वजह बन गई है। इस बार बसंत पंचमी 23 जनवरी को शुक्रवार के दिन पड़ रही है, जिस वजह से पूजा और जुमे की नमाज को लेकर तनाव बढ़ गया है। हिंदू पक्ष पूरे दिन अखंड पूजा करने पर अड़ा है, जबकि मुस्लिम पक्ष नमाज अदा करने की जिद पर कायम है। हिंदू पक्ष की याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है, जिसमें बसंत पंचमी पर जुमे की नमाज पर रोक लगाने की मांग की गई है।
भोजशाला विवाद की वजह क्या है?
भोजशाला को हिंदू पक्ष सरस्वती मंदिर मानता है, जहां वे मां शारदा की पूजा करते हैं। वहीं, मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद बताता है, जहां वे नमाज अदा करते हैं। सामान्य दिनों में हिंदुओं को मंगलवार को पूजा करने की अनुमति है, जबकि मुस्लिमों को शुक्रवार को जुमे की नमाज पढ़ने की इजाजत है। लेकिन बसंत पंचमी के दिन हिंदुओं को विशेष रूप से पूजा की अनुमति है। इस साल बसंत पंचमी शुक्रवार को होने से दोनों पक्षों के दावे टकरा रहे हैं। हिंदू पक्ष का कहना है कि बसंत पंचमी साल में एक बार आती है, इसलिए पूरे दिन पूजा होनी चाहिए। वहीं, मुस्लिम पक्ष का तर्क है कि वे कम संख्या में ही सही, लेकिन नमाज पढ़ेंगे।
हाईकोर्ट का आदेश क्या कहता है?
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भोजशाला को लेकर स्पष्ट आदेश दिए हैं:हिंदुओं को हर मंगलवार को पूजा करने की अनुमति।
बसंत पंचमी के दिन भी हिंदुओं को पूजा की इजाजत।
मुस्लिम पक्ष को हर शुक्रवार जुमे की नमाज पढ़ने की अनुमति, लेकिन दोपहर 1 से 3 बजे तक ही।
अगर बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ती है, तो टाइम टेबल इस प्रकार है:
सरस्वती पूजा: सूर्योदय से दोपहर 1 बजे तक, और फिर दोपहर 3:30 बजे से सूर्यास्त तक।
जुमे की नमाज: दोपहर 1 से 3 बजे तक।
आखिर क्या कह रहे हैं दोनों पक्ष?
हिंदू पक्ष पूजा की तैयारियों में जुटा हुआ है। उन्होंने भोजशाला में भगवा झंडे लगा दिए हैं और पूरे दिन अखंड पूजा, यज्ञ, पाठ और पूर्णाहुति की योजना बनाई है। मंगलवार को सैकड़ों लोगों ने हनुमान चालीसा का पाठ किया, शंख बजे, झाल-मजीरा बजे और जयकारे लगे। हिंदू समाज की महिलाएं आज घर-घर जाकर पीले चावल बांटेंगी और लोगों को बड़ी संख्या में भोजशाला आने के लिए आमंत्रित करेंगी। भोज उत्सव समिति के संरक्षक अशोक जैन ने कहा, ’23 तारीख को मां सरस्वती की पूजा के लिए भक्त भोजशाला जाएंगे।’ हिंदू पक्ष के लोगों ने कहा, ‘बसंत पंचमी के दिन अखंड पूजा होगी। सूर्योदय से सूर्यास्त तक पाठ होगा, मां सरस्वती की पूजा होगी, दिन भर यज्ञ चलेगा और शाम को पूर्णाहुति होगी।’ वहीं, मुस्लिम पक्ष भी पीछे हटने को तैयार नहीं है। कमाल मस्जिद के सदर जुल्फिकार पठान ने कहा, ‘हम कम संख्या में लोग पहुंचेंगे और नमाज पढ़ेंगे। हिंदू पक्ष बड़ा दिल दिखाए और दो घंटे नमाज होने दे।’
सुरक्षा के किए गए हैं पुख्ता इंतजाम
विवाद बढ़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस-प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। भोजशाला को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। सुरक्षा के मुख्य इंतजाम इस प्रकार हैं:
8000 से ज्यादा जवानों की तैनाती।
200 से ज्यादा CCTV कैमरे लगाए गए।
हर गली की थ्री डी मैपिंग कराई गई।
22 से 27 जनवरी तक ड्रोन उड़ाने पर पाबंदी।
भोजशाला परिसर के 300 मीटर एरिया को नो फ्लाई जोन घोषित किया गया।
इलाके में पुलिस फ्लैग मार्च कर रही है। इंदौर के आईजी अनुराग ने कहा, ‘हमने पुख्ता इंतजाम कर लिए हैं। स्थिति न बिगड़े, इसके लिए चप्पे-चप्पे की निगरानी की जा रही है।’ प्रशासन का कहना है कि शांति बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं, और चप्पे-चप्पे की निगरानी की जा रही है।