Friday, July 10, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
Home Blog Page 159

मौसम का बदला मिजाज! ठंड के बीच उत्तर भारत में मुसीबत बढ़ाएगी बारिश; यहां जानें पूरे हफ्ते का वेदर अपडेट

0

दिल्ली और हरियाणा सहित पश्चिम यूपी के कई जिलों में हल्की बारिश शुरू हो गई है। बारिश की वजह से तापमान में और गिरावट दर्ज होने के आसार हैं। आइये जानते हैं कि मौसम विभाग ने उत्तर भारत में अगले सप्ताह को लेकर क्या अपडेट दी है।नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली का मौसम अचानक से बदल गया है। देर रात से तेज हवाएं चलने के बाद सुबह-सुबह हुई बारिश ने लोगों के लिए नई मुसीबत खड़ी कर दी है। एक तरफ जहां लोगों को दफ्तर जाने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ा तो वहीं अब ठंड का असर भी बढ़ गया है। वहीं मौसम विभाग ने अभी भी ठंड से राहत के आसार नहीं जताए हैं। मौसम विभाग की मानें तो आने वाले दिनों में दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भार के तमाम राज्यों में बारिश की वजह से तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।अगले सप्ताह बारिश का अलर्ट
अगले सप्ताह के मौसम विभाग की बात करें तो 22 से 29 जनवरी तक सामान्य से ज्यादा बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के कुछ हिस्सों सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ की वजह से बारिश हो सकती है। वहीं बारिश की वजह से इन सभी राज्यों के तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। वहीं तापमान में गिरावट के बावजूद उत्तर भारत में शीतलहर को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि बारिश की वजह से उत्तर भारत में कहीं भी शीतलहर की चेतावनी नहीं जारी की गई है।
इन राज्यों में छाया रहेगा घना कोहरा
वहीं मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ की वजह से जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश के साथ वज्रपात भी गिर सकता है। मौसम विभाग ने देश के उत्तर-पश्चिम में स्थित अधिकांश राज्यों में वज्रपात की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक 24 जनवरी को राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में घना कोहरा भी देखने को मिल सकता है। इसके अलावा इन राज्यों में 25 जनवरी को भी घना कोहरा देखने को मिल सकता है। वहीं 25 और 26 जनवरी को तमिलनाडु के साथ-साथ केरल में भी भारी बारिश के साथ बिजली गिरने की भी संभावना है।

खत्म होगी रूस-यूक्रेन जंग? ट्रंप के विशेष दूत और दामाद संग क्रेमलिन में पूरी रात चली पुतिन की बैठक

0

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत और दामाद संग यूक्रेन मसले पर लंबी चर्चा की है। पुतिन ने इस बीच जोर देकर कहा है कि शांति समझौते तक पहुंचने के लिए क्षेत्रीय मुद्दे को हल करना जरूरी है। रूस और यूक्रेन के बीच जंग जारी है। अमेरिका की ओर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं कि जंग खत्म हो। अमेरिकी राष्ट्रपति कई मौकों पर 8 जंग रुकवाने के दावे करते रहे हैं लेकिन चुनाव के दौरान जो वादा किया था उसे अभी तक पूरा नहीं कर सके हैं। ट्रंप ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान कई मौकों पर कहा था कि राष्ट्रपति बनने के बाद वो रूस और यूक्रेन की जंग रुकवा देंगे। अब ट्रंप को राष्ट्रपति बने एक साल बीत गया है लेकिन जंग नहीं रुकी है।मॉस्को में हुई वार्ता
इस बीच दावोस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की स्थापना का औपचारिक ऐलान किया है। यह बोर्ड मुख्य रूप से गाजा में स्थायी शांति और पुनर्निर्माण के लिए बनाया गया है। भले ही यह बोर्ड गाजा के लिए बना हो लेकिन इसका प्रभाव रूस और यूक्रेन जंग में पड़ना स्वाभाविक है। इस पूरी कवायद के बीच रूस की राजधानी मॉस्को में अमेरिका और रूस के बीच लंबी वर्ता हुई है।
पुतिन ने फिर साफ किया रुख
अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर क्रेमलिन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिले है। रात भर चली इस बैठक का मुख्य मुद्दा यूक्रेन के साथ चार साल से चल रहे युद्ध को समाप्त करना था। इस दौरान पुतिन ने साफ किया है कि कोई भी समझौता तभी संभव है, जब रूस के नियंत्रण वाले क्षेत्रों (जिनमें क्रीमिया और पूर्वी यूक्रेन के कुछ हिस्से शामिल हैं) को मान्यता दी जाए और यूक्रेन वहां से अपनी सेना हटा ले। यूक्रेन के लिए यह शर्त स्वीकार करना बेहद मुश्किल है।
‘समस्या अभी अनसुलझी है’
क्रेमलिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव ने भी दोहराया कि वार्ता में रूस ने साफ कर दिया है कि नियंत्रित क्षेत्रों की मान्यता के बिना स्थायी समाधान असंभव है। यह बैठक ऐसे समय में हुई, जब गुरुवार को ही जेलेंस्की ने दावोस में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात की थी। उन्होंने वहां भी पूर्वी यूक्रेन पर रूस के कब्जे का मुद्दा उठाया और कहा कि यह समस्या अभी अनसुलझी है।
‘पुतिन की दया पर छोड़ दिया गया’
अमेरिका की ओर से किए जा रहे शांति प्रयासों के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की बार-बार दोहरा चुके हैं कि वो अपने किसी भी क्षेत्र को नहीं छोड़ेंगे। जेलेंस्की ने हाल ही में कहा था कि रूस के हमलों के जवाब में यूरोप या अमेरिका से पर्याप्त मदद नहीं मिल रही, और हालात ऐसे हैं कि उन्हें पुतिन की दया पर छोड़ दिया गया है।
UAE में हो रही है अहम बैठक
इस बीच, शुक्रवार को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में एक महत्वपूर्ण त्रिपक्षीय बैठक हो रही है, जिसमें रूस, यूक्रेन और अमेरिका के प्रतिनिधि शामिल हैं। यह युद्ध शुरू होने के बाद पहली ऐसी बैठक है जहां तीनों पक्ष एक साथ बैठे हैं। रूस-यूक्रेन संघर्ष 2014 में शुरू हुआ था, जो 2022 में पूर्ण पैमाने पर युद्ध में बदल गया। रूस ने यूक्रेन के लगभग 20 प्रतिशत क्षेत्र पर कब्जा कर लिया है। यूक्रेन की स्थिति भी फिलहाल कमजोर है। हथियार उत्पादन के लिए धन की कमी है और पश्चिमी मदद सीमित हो गई है।

शोभिता धुलिपाला ने सीरियल किलर के साथ खेला खतरनाक खेल, रोमांचक सीन्स ने बढ़ाया सस्पेंस

0

शोभिता धुलिपाला स्टारर ‘चीकाटिलो’ प्राइम वीडियो पर रिलीज हो गई है। क्या यह क्राइम थ्रिलर फिल्म आप अपने वीकेंड पर देख सकते हैं? यहां जानें क्या ये देखने लायक है या नहीं।शोभिता धुलिपाला की नई क्राइम थ्रिलर रिलीज हो चुकी है, जिसमें अपराध वाली जगह पर फूलों की माला, पायल और यौन उत्पीड़न से जुड़े कई सबूत देखने को मिलेंगे। एक पैटर्न से जुड़े कई मर्डर की कहानी दिखाई गई है। अब आप भी समझ गए होंगे कि ये किसी खतरनाक सीरियल किलर का काम है। प्राइम वीडियो की फिल्म ‘चीकाटिलो’, जिसमें शोभिता धुलिपाला और विश्वदेव रचाकोंडा हैं। यह एक जबरदस्त क्राइम थ्रिलर है, जो एक क्राइम जर्नलिस्ट की कहानी बताती है जो असल जिंदगी की क्राइम कहानियों को बताने के लिए मशहूर है। इस प्रोसेस में उसे एक सीरियल रेपिस्ट के पीछे की एक परेशान करने वाली सच्चाई पता चलती है, जो खून करने के बाद भी आजाद घूम रहा है।
चीकाटिलो की कहानी
फिल्म 1999 में राजाचंद्रपुरम गांव में शुरू होती है, जहां एक MRO ऑफिसर एक महिला डांसर को एक परेशान करने वाला प्रस्ताव देता है जो शोषण की ओर इशारा करता है। इसके तुरंत बाद डांसर का यौन उत्पीड़न किया जाता है और बाद में वह एक भयानक हालत में मिलती है, जब एक और महिला शिकायत दर्ज कराने की कोशिश करती है तो पुलिस सुनने से मना कर देती है और उन्हें गांव छोड़ने के लिए कहती है। फिर कहानी आज के समय में आ जाती है। संध्या (शोभिता धुलिपाला) एक थिएटर के अंदर डरी हुई जागती है, जिससे पता चलता है कि यह सीक्वेंस उसके अतीत का एक डरावना सपना था जो उसे अभी भी परेशान कर रहा है। इसके बाद कहानी में नया मोड़ देखने को मिलता है।फिल्म संध्या के इर्द-गिर्द घूमती है, जो तेलंगाना के एक जाने-माने टीवी चैनल में क्राइम एंकर है। कहानी तब शुरू होती है, जब एक न्यूज शो की स्क्रिप्ट पढ़ते समय संध्या को पता चलता है कि एडिटर ने स्क्रिप्ट बदल दी है। वह न्यूज प्रोड्यूसर से सवाल करती है और कहती है कि यह वह स्क्रिप्ट नहीं थी जो उसने तैयार की थी, जिससे उसके बॉस के साथ बहस हो जाती है। वह अपने बॉस से गुस्सा हो जाती है। बाद में, जब वह अपने इंटर्न बॉबी और उसके बॉयफ्रेंड के साथ इस घटना पर बात कर रही थी तो इंटर्न ने उसे एक पॉडकास्ट शुरू करने का सुझाव दिया, जहां वह बिना किसी एडिटोरियल दबाव के सच्ची क्राइम कहानियां सभी को बता सकती है।
‘चीकाटिलो’ जो एक सामान्य कहानी के रूप में शुरू होती है, जल्द ही एक खतरनाक मोड़ लेती है जब संध्या और उसके बॉयफ्रेंड को पता चलता है कि बॉबी और उसके बॉयफ्रेंड की उसके अपार्टमेंट में संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई है। यह भी पता चलता है कि बॉबी की हत्या से पहले उसके साथ रेप किया गया था।
पुलिस अपनी जांच शुरू करती है, लेकिन संध्या जो खुद एक क्राइम जर्नलिस्ट है। वह इस मामले की खुद जांच करती है और सच्चाई का पता लगाने की कोशिश करती है। वह पुलिस की मदद करती है और उन्हें एक महत्वपूर्ण सुराग देती है जो बॉबी का गायब हार होता है। बाद में यह पता चलता है कि एक चौकीदार ने उसे चुराया था, जिससे वह इस मामले से संदिग्ध बन जुड़ जाता है।
जैसे-जैसे हत्याओं की संख्या बढ़ती है। यह मामला राष्ट्रीय हित का बन जाता है। क्या संध्या हत्यारे का पर्दाफाश कर पाएगी? क्या जांच के दौरान उसे कोई नुकसान होगा? महिलाओं की सिलसिलेवार हत्याओं के पीछे क्या कारण है? यही कहानी का मुख्य हिस्सा है।
चीकाटिलो कास्ट परफॉर्मेंस
शोभिता धुलिपाला ने संध्या के रूप में शानदार परफॉर्मेंस दी है। वह एक निडर, दृढ़ निश्चयी पत्रकार का किरदार निभाती है जो सच का पता लगाने के लिए सब कुछ जोखिम में डालने को तैयार है। फिल्म काफी हद तक उन्हीं के कंधों पर टिकी है और वह इसे आत्मविश्वास के साथ निभाती हैं। सहायक कलाकारों की बात करें तो इसमें चैतन्य कृष्णा, पायल राधाकृष्ण शेनॉय, थिरुवीर पी और जोरदार सुजाता शामिल हैं। सभी ने अच्छा काम किया है। राजनेताओं और पुलिस अधिकारियों की भूमिका निभाने वाले कलाकार अपनी भूमिकाओं में अच्छी तरह फिट बैठते हैं और कहानी को बहुत ही शानदार बनाते हैं।
चीकाटिलो- लेखन, निर्देशन और टेक्निकल वर्क
फिल्म के लेखक कहानी को अंत तक दिलचस्प बनाए रखने में कामयाब रहते हैं, जिसमें कई चौंकाने वाले और रोमांचक पल हैं। हालांकि कुछ जगहों पर कहानी थोड़ी कमजोर पड़ जाती है। शरण कोप्पिसेट्टी का निर्देशन अच्छा है। हालांकि कुछ जगहों पर फिल्म की गति थोड़ी धीमी हो जाती है।
फिल्म का संगीत श्रीचरण पकाला ने दिया है, जो काफी हद तक कहानी को और भी शानदार बनाने की कोशिश करता है। फिल्म का डरावना और सस्पेंसफुल बैकग्राउंड स्कोर डर का माहौल बनाता है। मल्लिकार्जुन की सिनेमैटोग्राफी भी शानदार है। खासकर गांव के वो नजारे, जो असली और डरावने लगते हैं।
हालांकि, VFX उतना अच्छा नहीं था। कुछ सीन्स में खराब क्वालिटी के विजुअल इफेक्ट्स साफ दिखाई देते हैं, जो काफी निराशाजनक रहे और देखने का मजा खराब करता है।
चीकाटिलो कैसी है?
अगर आपको क्राइम थ्रिलर पसंद हैं तो ‘चीकाटिलो’ एक अच्छी फिल्म हो सकती है। रतसासन की तरह यह भी किलर के परेशान करने वाले अतीत को दिखाकर उसके कामों को समझाने की कोशिश करती है और आखिर तक रहस्य बनाए रखती है। शोभिता धुलिपाला फिल्म की जान हैं और उन्होंने अपनी जबरदस्त परफॉर्मेंस से दिल जीत लिया है। अपनी कमियों के बावजूद फिल्म में इस जॉनर के फैंस को इंटरेस्ट बनाए रखने के लिए काफी सस्पेंस है। चीकाटिलो को 5 में से 3 रेटिंग दी गई है।

फ्री में देखना है भारत बनाम न्यूजीलैंड दूसरा टी20 मैच, ये है सबसे आसान तरीका

0

भारतीय क्रिकेट टीम आज रायपुर में न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज का दूसरा मैच खेलेगी। ये मैच आप बिल्कुल फ्री में देख सकते हैं। चलिए आपको इसका तरीका बताते हैं। भारतीय टीम की टी20 विश्व कप 2026 की तैयारी जारी है। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम इंडिया इस वक्त न्यूजीलैंड से पांच मैचों की टी20 सीरीज खेल रही है। पहला मैच जीतकर भारतीय टीम ने बढ़त बना ली है और अब बारी दूसरे मैच की है, जो आज यानी शुक्रवार को रायपुर में खेला जाएगा। क्या आप इस मैच को फ्री में बिना किसी खर्च के देखना चाहते हैं। तो चलिए आपको बताते हैं कि फ्री में इस मैच को आप कैसे देख सकते हैं।
भारत बनाम न्यूजीलैंड दूसरा टी20 मैच स्टार स्पोर्ट्स और जियो हॉट स्टार पर देख सकते हैं
भारत बनाम न्यूजीलैंड पूरी सीरीज के टेलीकास्ट राइट्स स्टार स्पोर्ट्स के पास हैं। यानी अगर आप टीवी पर मैच देखना चाहते हैं तो इसके लिए आपको स्टार स्पोर्ट्स के चैनल पर जाना होगा। उसका कुछ ना कुछ तो खर्च लगता ही हैं। साथ ही अगर आप मोबाइल पर मैच देखना चाहते हैं तो उसके लिए आपको जियो हॉट स्टार जाना होता है। लेकिन अगर आप स्टार स्पोर्ट्स पर मैच नहीं देखना चाहते तो उसके लिए दूरदर्शन का भी स्पोर्ट्स चैनल है, जहां आप लाइव मैच देख सकते हैं, वो भी बिल्कुल फ्री में। दूरदर्शन के स्पोर्ट्स चैनल पर बिल्कुल फ्री में देखें भारत बनाम न्यूजीलैंड दूसरा टी20 मैच
दूरदर्शन के स्पोर्ट्स चैनल पर आप बिल्कुल फ्री में बिना किसी खर्च के मैच देख सकते हैं, लेकिन ध्यान रखिएगा कि ये तभी हो पाएगा, जब आपके पास डीडी फ्री डिश का कनेक्शन होगा। बाकी दूसरी किसी कंपनी का अगर कनेक्शन आपके पास है तो वहां आप इस मैच का फ्री में नहीं देख पाएंगे। इसलिए इस बात का ख्याल रखना जरूरी है। आज रायपुर में होने वाला मुकाबला शाम सात बजे से खेला जाएगा। उससे पहले ही वहां की कवरेज शुरू हो जाएगी।
डीडी फ्री डिश के कनेक्शन पर नहीं लगता हर महीने का कोई खर्च
दरअसल भारत में टीम इंडिया के जो भी मैच होते हैं, उसके राइट्स चाहे किसी के भी पास हों, लेकिन उसकी फीड दूरदर्शन के स्पोर्ट्स चैनल पर जरूर दी जाती है। इसलिए यहां पर आप मैच देख पाते हैं। आपको फिर से याद दिला दें कि ये ​केवल डीडी ​फ्री डिश के कनेक्शन लेने पर ही दी जाती है। अच्छी बात ये है कि इस कनेक्शन को लेने के बाद हर महीने कोई भी खर्च नहीं होता है। जो भी चैनल हैं, वो पूरी तरह से फ्री में हैं। हां, कनेक्शन लेते वक्त जरूर आपसे कुछ चार्ज लिया जाता है।

जिला नेपाल से एक बेहद चिंताजनक और सनसनीखेज मामला सामने आया है।

0

जिला नेपाल से एक बेहद चिंताजनक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार विशाल जी ने मीडिया को सूचना दी है कि दिनेश नामक युवक रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया है। लापता युवक की उम्र लगभग 32 वर्ष बताई जा रही है, जो मजदूरी के सिलसिले में तमिलनाडु गया हुआ था और वहीं लेबर का कार्य करता था।

परिजनों के अनुसार दिनेश 15 जनवरी 2026 की रात करीब 9 बजकर 30 मिनट पर केरल स्टेशन के आसपास मौजूद था। उसी रात करीब 9 बजकर 25 मिनट पर उसकी अपने परिवार से आखिरी बार बातचीत हुई थी। बातचीत के कुछ ही मिनटों बाद दिनेश का मोबाइल फोन बंद हो गया, जिसके बाद से उसका कोई भी संपर्क नहीं हो पाया है।

बताया जा रहा है कि दिनेश केरल स्टेशन से अचानक लापता हो गया और उसके बाद से न तो उसका कोई सुराग मिला है और न ही किसी परिचित या सहकर्मी को उसके बारे में कोई जानकारी है। परिवार ने अपने स्तर से हर संभव जगह तलाश की, लेकिन अब तक कोई ठोस जानकारी हाथ नहीं लगी है।

इस घटना के बाद परिवार का रो रो कर बुरा हाल है। दिनेश घर का मुख्य कमाने वाला सदस्य था और मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण करता था। अचानक इस तरह गायब हो जाना कई सवाल खड़े कर रहा है। परिजनों का कहना है कि न तो दिनेश का किसी से कोई विवाद था और न ही वह किसी परेशानी में था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मीडिया को सूचना दे दी गई है और परिजन प्रशासन से जल्द से जल्द खोजबीन की मांग कर रहे हैं। 15 जनवरी 2026 से अब तक दिनेश का कोई पता न चलना पूरे इलाके में चिंता और सनसनी का विषय बना हुआ है।

परिवार ने स्थानीय प्रशासन और संबंधित राज्यों की पुलिस से अपील की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द दिनेश का पता लगाया जाए, ताकि परिजनों को राहत मिल सके।

यह मामला अब न केवल एक परिवार की पीड़ा बन गया है, बल्कि हजारों प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर रहा है।

PM मोदी ने केरल को दी नई अमृत भारत ट्रेनों की सौगात, इसमें है रेहड़ी-पटरी वालों के फायदे की भी बात

0

पीएम मोदी ने केरल को 4 नई ट्रेनों की सौगात दी। साथ ही, इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप हब की आधारशिला भी रखी। जानें पीएम मोदी ने केरल की रैली में क्या-क्या कहा।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (शुक्रवार को) केरल के दौरे पर है। इस दौरान, PM मोदी ने केरल में इनोवेशन और Entrepreneurship हब का शिलान्यास किया। साथ ही, पीएम स्वनिधि क्रेडिट कार्ड भी लॉन्च किया, जिससे रेहड़ी-पटरी वालों को फायदा मिलेगा। पीएम मोदी ने तिरुवनंतपुरम में 3 नई अमृत भारत ट्रेनों, नागरकोइल-मंगलुरु, तिरुवनंतपुरम-तांबरम, तिरुवनंतपुरम-चार्लापल्ली और त्रिशूर और गुरुवयूर के बीच एक नई यात्री ट्रेन को हरी झंडी दिखाई
तिरुवनंतपुरम को Startup Hub बनाने की पहल
तिरुवनंतपुरम में PM मोदी ने कहा, ‘आज केरल के विकास के लिए केंद्र सरकार के प्रयासों को नई गति मिली है। आज से केरल में Rail Connectivity और सशक्त हुई है। तिरुवनंतपुरम को देश का बड़ा Startup Hub बनाने के लिए पहल हुई है। आज केरल से, पूरे देश के लिए गरीब कल्याण से जुड़ी एक बड़ी शुरुआत भी हो रही है। आज पीएम स्वनिधि क्रेडिट कार्ड, लॉन्च किया गया है। इससे देशभर के रेहड़ी-ठेले, फुटपाथ पर काम करने वाले साथियों को लाभ होगा।’
विकसित भारत के लिए पूरा देश कर रहा काम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘विकसित भारत के निर्माण के लिए पूरा देश मिलकर काम कर रहा है। इस डेवलपमेंट में हमारे शहरों ने अहम रोल निभाया है। पिछले 11 साल से हमारी सरकार ने शहरी बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण निवेश किया है।’
LDF-UDF से मुक्ति चाहता है केरल- PM मोदी
PM मोदी ने पोस्ट किया, ‘आज तिरुवनंतपुरम में BJP-NDA की जनसभा को संबोधित करने के लिए उत्सुक हूं। हाल ही में संपन्न हुए नगर निगम चुनावों में इस शहर ने हमें जीत दिलाकर इतिहास रच दिया है। यह साफ है कि केरल एलडीएफ और यूडीएफ के बीच चल रहे धांधली से मुक्त होना चाहता है।’
PM मोदी 4 नई ट्रेनों को दिखाएंगे हरी झंडी
साथ ही, रेल कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री ने 4 नई ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाई, जिनमें 3 अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल हैं। एक ऑफिशियल बयान के मुताबिक, इससे आंध्र प्रदेश, केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और तेलंगाना के बीच क्षेत्रीय संपर्क मजबूत होगा। नई ट्रेनें यात्रियों के लिए सफर को ज्यादा किफायती और सुरक्षित बनाएंगी। साथ ही इलाके में टूरिज्म, बिजनेस, शिक्षा, रोजगार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान भी बढ़ेगा।
रेहड़ी-पटरी वालों के फायदे की बात
पीएम स्वनिधि क्रेडिट कार्ड, जो यूपीआई लिंक्ड ब्याज-मुक्त रिवॉल्विंग क्रेडिट फैसिलटी है, रेहड़ी-पटरी वालों को उससे तुरंत पैसे मिल जाएंगे। इससे डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा मिलेगा। औपचारिक क्रेडिट इतिहास बनाने में भी उनको मदद मिलेगी।
विज्ञान और इनोवेशन के सेक्टर में आएगा बूम
प्रधानमंत्री मोदी केरल के रेहड़ी-पटरी वालों समेत 1 लाख लाभार्थियों को पीएम स्वनिधि लोन भी बांटेंगे। विज्ञान और इनोवेशन के सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने तिरुवनंतपुरम में CSIR-NIIST इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और उद्यमिता हब की आधारशिला रखी।

11 वर्षीय सुरुचि कुमारी सोशल मीडिया से नई ऊंचाइयां छूने को तैयार, सपनों की उड़ान जारी

0
पटना। पटना जिले के गांव बाढ़ अकबरपुर की रहने वाली 11 वर्षीय सुरुचि कुमारी सोशल मीडिया की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने के लिए लगातार मेहनत कर रही हैं। साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली सुरुचि का सपना है कि आने वाले समय में लोग उन्हें “सोशल मीडिया क्वीन” के नाम से जानें। सुरुचि के पिता का नाम पवन कुमार और माता का नाम रजनी देवी बताया गया है। परिवार की सीमित आर्थिक स्थिति के बावजूद सुरुचि ने अपने हौसले और लगन से आगे बढ़ने का संकल्प लिया है। 2023 से शुरू किया सोशल मीडिया का सफर सुरुचि ने वर्ष 2023 में इंस्टाग्राम, फेसबुक के माध्यम से अपनी यात्रा की शुरुआत की। शुरुआत में यह एक शौक था, लेकिन धीरे-धीरे उनका यह शौक उनके सपनों का मंच बन गया। आज वह लगातार कंटेंट बनाकर अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रही हैं। सुरुचि के सोशल मीडिया अकाउंट Instagram अकाउंट: srishtikumari7814 61 Posts | 72 Followers | 110 Following Facebook अकाउंट: Pawan Kumar (4 Friends) समर्थन की अपील सुरुचि ने लोगों से अपील की है कि वे उनके वीडियो को अधिक से अधिक देखें, लाइक करें, शेयर करें और सब्सक्राइब करें, ताकि वह अपने परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बना सकें और अपने सपनों को पूरा कर सकें। पति और परिवार का मिला साथ सुरुचि का कहना है कि इस सफर में उनके पति अंकित कुमार और परिवार ने हर कदम पर उनका साथ दिया है। उनके अनुसार, दर्शकों का प्यार और परिवार का सहयोग ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। गरीब बच्चों के लिए बनना चाहती हैं प्रेरणा सुरुचि का सपना है कि वह सिर्फ अपनी पहचान ही नहीं बनाएं, बल्कि उन बच्चों और युवाओं के लिए भी प्रेरणा बनें जो कठिन परिस्थितियों से जूझ रहे हैं। उनका मानना है कि अगर सपने देखने की हिम्मत और उन्हें पूरा करने की लगन हो, तो हर मुश्किल आसान हो जाती है। प्रेरणादायक है सुरुचि की कहानी कम उम्र में बड़े सपने और मजबूत इरादे रखने वाली सुरुचि की कहानी यह सिखाती है कि परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, मेहनत और लगन से सफलता जरूर मिलती है। अगर आपको यह कहानी पसंद आई हो, तो इसे शेयर करें और सुरुचि कुमारी के सोशल मीडिया चैनलों को सपोर्ट करें।

बारिश में गांव बना टापू: मुजफ्फरपुर के उफरौली में सड़क न होने से ठप जिंदगी, ग्रामीणों की योगी–मोदी से सीधी गुहार

0

मुजफ्फरपुर (कटरा)।
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के कटरा प्रखंड अंतर्गत ग्राम उफरौली में सड़क की बदहाली ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है। जरा-सी बारिश होते ही गांव की कच्ची सड़क पानी से लबालब भर जाती है, जिससे पूरा इलाका टापू में तब्दील हो जाता है। हालात ऐसे हो जाते हैं कि लोगों का घर से निकलना तक मुश्किल हो जाता है। गांव के रहने वाले संतोष कुमार, आत्मज किशन सहनी, ने इस गंभीर समस्या को लेकर अपनी पीड़ा सामने रखी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सड़क निर्माण की गुहार लगाई है।

ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में सड़क पर घुटनों तक पानी भर जाता है। बच्चों का स्कूल जाना बंद हो जाता है, बीमार लोगों को अस्पताल ले जाना चुनौती बन जाता है और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। कई बार तो एंबुलेंस और अन्य जरूरी वाहन गांव तक पहुंच ही नहीं पाते, जिससे जान जोखिम में पड़ जाती है।

संतोष कुमार ने बताया कि सड़क की समस्या कोई नई नहीं है। वर्षों से ग्रामीण प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाते आ रहे हैं, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। हर चुनाव में सड़क बनाने का वादा किया जाता है, मगर बरसात आते ही वही पुरानी तस्वीर सामने आ जाती है—कीचड़, पानी और मजबूरी।

ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क न होने से गांव का विकास पूरी तरह ठप हो गया है। किसान अपनी उपज बाजार तक नहीं ले जा पाते, मजदूर काम पर नहीं पहुंच पाते और छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बाधित हो रही है। महिलाएं और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, जिन्हें थोड़ी-सी जरूरत के लिए भी भारी जोखिम उठाना पड़ता है।

अब हताश होकर ग्रामीणों ने देश के शीर्ष नेतृत्व से उम्मीद लगाई है। संतोष कुमार का कहना है कि “अगर हमारी आवाज ऊपर तक पहुंच जाए तो शायद इस गांव की किस्मत बदल जाए। हम सिर्फ पक्की सड़क चाहते हैं, ताकि बारिश में भी सम्मान से जी सकें।”

यह मामला एक बार फिर ग्रामीण बुनियादी ढांचे, प्रशासनिक उदासीनता और विकास के दावों की हकीकत पर सवाल खड़े करता है। देखना यह है कि उफरौली गांव की यह पुकार कब तक अनसुनी रहती है, या फिर किसी दिन सच में सड़क बनकर गांव की तकदीर बदलती है।

 

फर्जी बैनामा कांड: सारण में पैतृक जमीन हड़पने की साजिश, दस्तावेज़ों की जालसाजी का आरोप

0

सारण जिले के अमनौर थाना क्षेत्र के धरहरा कला मौजा में जमीन हड़पने की एक बड़ी साजिश सामने आने से इलाके में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि पैतृक और बहुमूल्य भूमि पर कब्जा जमाने के लिए फर्जी बैनामा, कूटरचित कागजात, जाली हस्ताक्षर और राजस्व रिकॉर्ड में हेराफेरी तक कर दी गई। पीड़ित परिवार ने इसे सुनियोजित “भू-माफिया नेटवर्क” की चाल बताया है।
शपथपत्र में दावा: जमीन हमारी पैतृक संपत्ति है
मामले में बिंदेश्वरी प्रसाद राय (पिता स्व. हरदेव राउत), निवासी नाथा छपारा थाना दरियापुर ने कार्यपालक दंडाधिकारी के समक्ष शपथपत्र देकर कहा है कि संबंधित जमीन उनके परिवार की पीढ़ियों पुरानी पैतृक संपत्ति धरहरा कला में है।
शपथपत्र के अनुसार यह भूमि—
खाता संख्या: 31
जमाबंदी संख्या: 281
मौजा: धरहरा कला
थाना: अमनौर, जिला: सारण
में दर्ज है और वर्षों से परिवार का दखल-कब्जा बना हुआ है।
दो तारीख, दो बैनामे… और बड़ा खेल!
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि जमीन को “बेचने” के नाम पर दो अलग-अलग फर्जी बैनामे तैयार किए गए—
28 जून 2021
24 दिसंबर 2024
पीड़ितों का कहना है कि इन बैनामों से उनका कोई संबंध नहीं, बल्कि ये पूरी तरह जाली और कानून के खिलाफ हैं। साथ ही जिन लोगों ने जमीन बेचने का दावा किया, उनके पास ऐसा करने का कोई वैध अधिकार नहीं था।
लगान रसीदें और जमाबंदी पेश, मालिकाना हक का सबूत
परिवार ने अदालत में राजस्व रसीदें और जमाबंदी रिकॉर्ड जमा कर यह दिखाने की कोशिश की है कि जमीन पर उनका हक और कब्जा वास्तविक है।
बताया गया कि 2014-15 से 2024-25 तक लगातार लगान जमा किया गया है और दस्तावेजों के मुताबिक जमाबंदी पीड़ित पक्ष के नाम पर कायम है। इसके बावजूद फर्जी कागजात के सहारे जमीन बेचने और कब्जा करने की कोशिश की गई।
खेती करने वालों को बेदखली की धमकी
पीड़ितों का कहना है कि वे लंबे समय से उक्त जमीन पर खेती-बाड़ी कर रहे हैं और फसल के जरिए परिवार का गुजर-बसर चलता है। लेकिन अब फर्जी बैनामे के सहारे कुछ लोग जमीन पर जबरन कब्जा जमाने लगे हैं और विरोध करने पर बेदखल करने की धमकी दी जा रही है।
अदालत से बड़ी मांग: बैनामा रद्द हो, कब्जे पर रोक लगे
पीड़ित पक्ष ने न्यायालय से मांग की है कि—
जमीन को पैतृक संपत्ति मानते हुए उनका अधिकार सुरक्षित किया जाए।
दोनों कथित बैनामों को शून्य और अवैध घोषित किया जाए।
आरोपियों के खिलाफ स्थायी निषेधाज्ञा जारी कर भविष्य में हस्तक्षेप पर रोक लगाई जाए।
राजस्व व्यवस्था पर सवाल, प्रशासन की भूमिका भी कटघरे में
इस प्रकरण ने एक बार फिर जमीन रजिस्ट्री सिस्टम और राजस्व प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर ऐसे मामलों में समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो भू-माफियाओं के हौसले और बुलंद होंगे।

सारण में अवैध रूप से 20-30 पेड़ काटे, मढोरा थाना से पुलिस पहुंची मौके पर

धरहरा कला मौजा की एक जमीन से अवैध रूप से 20 से 30 पेड़ काटे जाने का मामला सामने आया है। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि पेड़ काटे जा रहे थे, लेकिन पुलिस टीम ने कहा कि “यह कोर्ट का आदेश है, हम इन्हें नहीं रोक सकते।” इस पर पीड़ित परिवार ने आपत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री से इंसाफ की गुहार लगाई है।

फिलहाल मामला अदालत में, पूरे इलाके की नजरें फैसले पर
मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है, वहीं इलाके में यह चर्चा तेज है कि आखिर फर्जी बैनामे के जरिए जमीन हड़पने की कोशिश किस तरह सामने आई और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय हैं।

आगरा–कन्नौज पारिवारिक विवाद: डेढ़ साल से चल रही काउंसलिंग के बीच दर्ज हुआ मुकदमा, दोनों पक्ष आमने-सामने

0

आगरा/कन्नौज।
आगरा के थाना रकाबगंज क्षेत्र से जुड़ा पति-पत्नी का पारिवारिक विवाद अब कानूनी और सामाजिक बहस का विषय बनता जा रहा है। पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहे मतभेद अब न्यायालय, पुलिस और परिवार न्यायालय की काउंसलिंग प्रक्रिया तक पहुंच चुके हैं। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं, जबकि सच्चाई की परतें जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही साफ हो सकेंगी।

थाना रकाबगंज, जिला आगरा निवासी विप्लव विश्वास (32 वर्ष) पुत्र विजेंद्र विश्वास का कहना है कि उनका विवाह करीब साढ़े नौ वर्ष पूर्व वर्षा रानी (28 वर्ष) से हुआ था। इस दंपति की दो बेटियां हैं, जिनकी उम्र क्रमशः लगभग 8 वर्ष और 3 वर्ष बताई जा रही है।

डेढ़ साल से अलग रह रही हैं पत्नी, परिवार न्यायालय में चल रही काउंसलिंग

विप्लव विश्वास के अनुसार, उनकी पत्नी करीब डेढ़ से पौने दो साल पहले अपनी मां सुलेखा रानी के पास मायके चली गई थीं। पत्नी का मायका अशोकनगर, बताशे वाली गली, गोसाईगंज, जिला कन्नौज (उत्तर प्रदेश) बताया गया है। पति का दावा है कि इस अवधि के दौरान मामला परिवार न्यायालय में लंबित रहा और डेढ़ साल से अधिक समय तक काउंसलिंग (सुलह-समझौता प्रक्रिया) चलती रही।

पति का कहना है कि काउंसलिंग के दौरान पत्नी समय-समय पर बच्चों के साथ ससुराल आती-जाती रही थीं और किसी प्रकार की गंभीर मारपीट या जानलेवा विवाद जैसी स्थिति सामने नहीं आई थी।

16 दिन पहले दर्ज हुआ आपराधिक मुकदमा

विप्लव विश्वास का आरोप है कि करीब 16 दिन पहले अचानक उनकी पत्नी ने उन पर और उनके परिवारजनों पर दहेज उत्पीड़न, मारपीट, मानसिक प्रताड़ना और भरण-पोषण न देने जैसे आरोप लगाते हुए आपराधिक मुकदमा दर्ज करा दिया। पति का कहना है कि यह मुकदमा उस समय दर्ज कराया गया, जब मामला पहले से परिवार न्यायालय में विचाराधीन था।

उनका आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद उन्हें थाने में बैठाया गया, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा और मानसिक स्थिति पर गहरा असर पड़ा।

एलुमनी और आर्थिक दबाव का आरोप

विप्लव विश्वास का यह भी दावा है कि मुकदमे के जरिए उन पर एलुमनी (भरण-पोषण) के नाम पर अपने और दोनों बेटियों के लिए भारी रकम देने का दबाव बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि उन पर चरित्र से जुड़े आरोप, लड़कीबाजी और गलत गतिविधियों में शामिल होने जैसे आरोप भी लगाए गए, जिन्हें वह पूरी तरह निराधार बताते हैं।

सास पर गंभीर आरोप, दूसरी शादी का दावा

पति ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी पत्नी की मां सुलेखा रानी कथित रूप से उनकी बेटी वर्षा रानी की दूसरी शादी करवाना चाहती हैं, और इसी उद्देश्य से उन्हें कानूनी मामलों में फंसाकर दबाव बनाया जा रहा है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

पत्नी का पक्ष: असुरक्षा और भरण-पोषण की जरूरत

वहीं दूसरी ओर, पत्नी वर्षा रानी का कहना है कि वह और उनकी बेटियां असुरक्षित महसूस कर रही हैं। उनका दावा है कि उन्हें और बच्चों को भरण-पोषण की तत्काल आवश्यकता है और इसी कारण उन्होंने कानूनी कदम उठाए हैं। पत्नी की ओर से लगाए गए दहेज और उत्पीड़न के आरोपों की जांच फिलहाल संबंधित एजेंसियां कर रही हैं।

जांच और अदालत पर टिका मामला

फिलहाल यह पूरा विवाद पति-पत्नी के बीच आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित है। पुलिस जांच, परिवार न्यायालय की कार्यवाही और अदालत के आदेश के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और कितने निराधार हैं।

यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि पारिवारिक विवादों में संवाद, काउंसलिंग और कानून की भूमिका कितनी अहम है, और जल्दबाजी में उठाए गए कदम किस तरह दोनों पक्षों के लिए सामाजिक और मानसिक संकट का कारण बन सकते हैं।