Friday, July 10, 2026
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आज बारिश होगी या नहीं? कितना गिरा तापमान, जानें दिल्ली, लखनऊ, जयपुर और पटना में मौसम का अलर्ट

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दिल्ली समेत उत्तर भारत के इलाकों में आज बारिश होगी या नहीं, इसका पूर्वानुमान मौसम विभाग ने जताया है। IMD के मुताबिक, वेस्टर्न डिस्टरबेंस और निम्न दबाव क्षेत्र का असर मैदानी इलाकों में दिख सकता है।मौसम में फिर से हलचल होने वाली है। पश्चिमी हिमालय के इलाके से उत्तर भारत के मैदान तक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और निम्न दबाव क्षेत्र का प्रभाव साफ दिखाई देगा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, पहाड़ों पर बर्फबारी हो सकती है। वहीं, मैदानी इलाकों में ठंडी हवाएं चल सकती हैं। इसकी वजह से तापमान में गिरावट होगी और लोग ठिठुरने को मजबूर हो जाएंगे। दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार से मध्य भारत तक कहीं सर्दी का नया दौर दिखेगा तो कहीं बारिश होगी। इस आर्टिकल में जानिए कि आज और आने वाले कुछ दिनों में मौसम कैसा रहने वाला है। दिल्ली-लखनऊ-पटना और जयपुर का मौसम
दिल्ली के आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। सुबह के वक्त थोड़ी धुंध दिख सकती है। साथ ही 10-20 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाएं आपको महसूस होंगी। आज यहां मिनिमम टेंपरेचर 7 डिग्री सेल्सियस रहेगा। वहीं, यूपी की राजधानी लखनऊ में सुबह के वक्त हल्की बारिश हो सकती है। यहां मिनिमम टेंपरेचर आज 10 डिग्री सेल्सियस रहेगा। इसके अलावा, बिहार के पटना में आज मौसम साफ रहेगा। यहां न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस रहने वाला है। वहीं, राजस्थान के जयपुर में न्यूनतम तापामान 5 डिग्री सेल्सियस रहेगा। यहां आसमान में बादल छा सकते हैं।
देश के किन इलाकों में होगी बारिश?
निम्न दबाव क्षेत्र की वजह से वेस्टर्न हिमालयन एरिया में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी की भी संभावना है। इसके साथ ही कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश भी हो सकती है। वहीं, नॉर्थ-वेस्ट इंडिया के मैदानी इलाकों में आज (शनिवार को) मौसम में काफी सुधार हो सकता है। एक अन्य तेज वेस्टर्न डिस्टरबेंस के 26 से 28 जनवरी के दौरान नॉर्थ-वेस्ट इंडिया को प्रभावित करने की संभावना है। इससे 27 जनवरी को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में कुछ जगहों पर भारी बारिश या बर्फबारी हो सकती है।
तापमान में होगी कितनी गिरावट?
दिल्ली समेत नॉर्थ वेस्ट इंडिया के मैदानी क्षेत्रों में अगले 24 घंटे में मिनिमम टेंपरेचर में 3-5 डिग्री सेल्सियस की गिर सकता है। नॉर्थ-वेस्ट इंडिया में अगले 24 घंटे में मिनिमम टेंपरेचर में 3-5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है। इसके बाद अगले 2 दिनों के दौरान कोई खास बदलाव नहीं दिखेगा। फिर उसके बाद के 3 दिनों में 2-4 डिग्री सेल्सियस बढ़ोतरी हो सकती है।
मध्य भारत-महाराष्ट्र का कैसा रहेगा हाल?
सेंट्रल इंडिया में अगले 3 दिनों में मिनिमम टेंपरेचर में 2-4 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक गिरावट हो सकती है। उसके बाद के 4 दिनों में 2-3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी की संभावना है। महाराष्ट्र में अगले 24 घंटे में न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है। इसके बाद के 3 दिनों के दौरान इसमें 2-3 डिग्री सेल्सियस की बढ़त की संभावना है। उसके बाद कोई खास बदलाव नहीं होगा। देश के बाकी हिस्सों में मिनिमम टेंपरेचर में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है।

पानीपत की गुड्डी कुमारी सोशल मीडिया के जरिए छूना चाहती हैं नई ऊंचाइयां

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पानीपत की गुड्डी कुमारी सोशल मीडिया के जरिए छूना चाहती हैं नई ऊंचाइयां पानीपत। नमस्कार दोस्तों, ई खबर में आपका स्वागत है। हरियाणा के पानीपत जिले के सेक्टर-24, रामलीला ग्राउंड, हुड्डा बाईपास, अजय हॉस्पिटल के पास की रहने वाली 31 वर्षीय गुड्डी कुमारी आज सोशल मीडिया की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने के लिए लगातार मेहनत कर रही हैं। साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली गुड्डी कुमारी ने संघर्षों के बीच डिजिटल प्लेटफॉर्म को अपना मजबूत सहारा बनाया और अब वह अपनी मेहनत व लगन के दम पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचने का सपना देख रही हैं। हौसले से शुरू हुआ सफर गुड्डी कुमारी बताती हैं कि उनके सपने बड़े हैं, लेकिन हालात हमेशा साथ नहीं देते। बावजूद इसके उन्होंने हार नहीं मानी। वर्ष 2024 में उन्होंने सोशल मीडिया पर सक्रिय होकर अपने सफर की शुरुआत की। शुरुआत भले ही शौक के तौर पर हुई, लेकिन धीरे-धीरे यही शौक उनका जुनून बन गया। सोशल मीडिया पर बढ़ती पहचान गुड्डी कुमारी फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर अपने वीडियो और रील्स के जरिए लोगों से जुड़ रही हैं। उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर लगातार फॉलोअर्स की संख्या बढ़ रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार उनके अकाउंट पर 2,091 पोस्ट, 1,788 फॉलोअर्स और 1,369 दोस्त मौजूद हैं। उनका कंटेंट मुख्य रूप से सौंदर्य, कॉस्मेटिक और पर्सनल केयर से जुड़ा हुआ रहता है, जिसे लोग काफी पसंद कर रहे हैं। आत्मनिर्भरता का संदेश गुड्डी कुमारी का कहना है कि सोशल मीडिया उनके लिए सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का एक मजबूत माध्यम है। वह चाहती हैं कि लोग उनके कंटेंट को देखें, शेयर करें और उन्हें सपोर्ट करें, ताकि वह अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बना सकें। परिवार का साथ, संघर्ष की कहानी गुड्डी कुमारी ने बताया कि उनके पति का नाम हरि प्रसाद है। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने हमेशा उनका हौसला बढ़ाया। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने अपने सपनों से समझौता नहीं किया और लगातार आगे बढ़ती रहीं। प्रेरणा बनने का सपना गुड्डी कुमारी का सपना है कि वह अपनी सफलता के जरिए उन युवाओं को प्रेरित करें, जो गरीबी या हालातों के कारण अपने सपनों को दबा देते हैं। गुड्डी कुमारी का कहना है— “अगर सपने देखने की हिम्मत हो और मेहनत करने का जज्बा, तो कोई भी मुश्किल बड़ी नहीं होती।” समाज के लिए संदेश गुड्डी कुमारी की कहानी इस बात का प्रमाण है कि मजबूत इरादों और निरंतर प्रयास से हर बाधा पार की जा सकती है। आज वह न सिर्फ अपने परिवार के लिए, बल्कि समाज के लिए भी प्रेरणा बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। दोस्तों, अगर आपको यह खबर पसंद आई हो तो इसे जरूर शेयर करें और गुड्डी कुमारी के इंस्टाग्राम व यूट्यूब अकाउंट को फॉलो कर उनका हौसला बढ़ाएं।

तीन साल से लापता मजदूर: जयपुर गए राजू तांती की कोई खबर नहीं, परिवार उम्मीद के सहारे जी रहा

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बांका। जिला बांका के शंभुगंज थाना क्षेत्र से जुड़ा एक मामला इन दिनों पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्राम सोवनाथपुर, पोस्ट कस्बा की रहने वाली 60 वर्षीय सावित्री देवी अपने पति राजू तांती के इंतजार में बीते तीन साल से हर दिन दरवाजे की ओर टकटकी लगाए बैठी हैं।

परिवार का कहना है कि राजू तांती तीन वर्ष पहले रोज़गार की तलाश में जयपुर गए थे, जहां वे चुने का काम करते थे। शुरुआत में परिवार से संपर्क बना रहा, लेकिन धीरे-धीरे बातचीत कम होती गई और फिर पूरी तरह बंद हो गई।

सावित्री देवी बताती हैं कि इन तीन वर्षों के दौरान वे सिर्फ दो बार ही पति से मिलने जयपुर जा सकीं। इसके बाद करीब दो वर्षों से न तो कोई फोन आया, न कोई संदेश और न ही किसी जानने वाले के माध्यम से कोई सूचना मिली। पहले से ही कमजोर आर्थिक स्थिति के बीच परिवार के मुखिया के लापता हो जाने से संकट और गहरा गया है।

सावित्री देवी के छह बच्चे हैं, जिनमें तीन बेटियों की शादी हो चुकी है, जबकि बाकी बच्चों की जिम्मेदारी अब पूरी तरह उन्हीं के कंधों पर है। परिवार ने अब तक थाने में कोई गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई थी, क्योंकि उन्हें भरोसा था कि राजू तांती खुद लौट आएंगे या कहीं से कोई खबर मिल जाएगी।

रिश्तेदारों और गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ लोग अंतिम संस्कार तक की बात कह रहे हैं, लेकिन सावित्री देवी का दिल इसे मानने को तैयार नहीं है। उनका कहना है कि जब तक आखिरी सांस है, उम्मीद जिंदा रहेगी कि उनके पति एक दिन वापस जरूर आएंगे।

गांव में यह मामला अब संवेदनशील बनता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बाहर काम करने गए मजदूरों के साथ इस तरह संपर्क टूट जाना गंभीर चिंता का विषय है। परिवार ने प्रशासन और समाज से अपील की है कि जयपुर में काम करने गए राजू तांती के बारे में कोई ठोस जानकारी मिलने में मदद की जाए, ताकि वर्षों से चली आ रही अनिश्चितता खत्म हो सके।

यदि किसी व्यक्ति को राजू तांती के बारे में कोई भी जानकारी मिलती है, तो वह नीचे दिए गए नंबर पर संपर्क करें। जानकारी देने वाले का नाम पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा और सही सूचना देने पर ₹5000 (पांच हजार रुपये) की नकद राशि इनाम के रूप में दी जाएगी।

संपर्क नंबर: 7056384664

नाम: राजू तांती
पिता का नाम: माधो तांती
पता: ग्राम–सोवनाथपुर, पोस्ट–कस्बा, थाना–शंभुगंज, जिला–बांका, बिहार

 

मोबाइल सुधारने के बहाने खाते से उड़ाए हजारों रुपये, पीड़ित ने थाने में लगाई गुहार

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अम्बेडकर नगर।
जनपद के कटका थाना क्षेत्र से साइबर ठगी और विश्वासघात का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मोबाइल फोन ठीक कराने के नाम पर एक युवक ने न सिर्फ पीड़ित का भरोसा तोड़ा, बल्कि उसके बैंक खाते से हजारों रुपये भी निकाल लिए। पीड़ित ने पूरे मामले की लिखित शिकायत थाना प्रभारी को देकर न्याय की मांग की है।

पीड़ित वीरेंद्र, निवासी ग्राम पंचायत बीबीपुर थाना कटका जनपद अम्बेडकर नगर ने बताया कि 6:30 बजे शाम उसकी मोबाइल खराब हो गई थी। मोबाइल सही कराने के लिए उसने अपनी बेटी को गांव के ही अमित कुमार, निवासी उपयुक्त त्यारा कल भीरी के पास भेजा। अमित ने स्वयं को मोबाइल सुधारने में सक्षम बताया था, जिस पर भरोसा कर मोबाइल उसे दे दी गई।

आरोप है कि मोबाइल अपने पास लेकर आरोपी अमित कुमार ने उसमें मौजूद निजी जानकारियों और बैंक संबंधी विवरणों का गलत तरीके से उपयोग किया। कुछ ही देर में पीड़ित के खाते से 55000‌, रुपये की निकासी कर ली गई। यह रकम ऑनलाइन माध्यम से निकाली गई, जिसकी जानकारी पीड़ित को बाद में मिली।

पीड़ित के अनुसार शाम करीब 10 बजे जब मोबाइल वापस मिली, तब तक खाता खाली हो चुका था। जब उसने बैंक जाकर जानकारी ली तो पता चला कि उसके खाते से पैसा निकाला जा चुका है, जबकि उसने स्वयं कोई लेनदेन नहीं किया था। इससे साफ है कि मोबाइल के जरिए धोखाधड़ी की गई।

घटना के बाद पीड़ित और उसके परिवार में आक्रोश है। पीड़ित का कहना है कि उसकी मेहनत की कमाई इस तरह से ठग ली गई और अब उसके पास दैनिक जरूरतों के लिए भी पैसे नहीं बचे हैं। उसने प्रशासन से आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

थाना प्रभारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में पीड़ित ने पूरे घटनाक्रम का विस्तार से उल्लेख करते हुए उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

अमेठी में ग्राम प्रधान पर करोड़ों की अनियमितता का आरोप, बिना काम कराए भुगतान, डस्टबिन से लेकर नाली निर्माण तक में सरकारी धन की लूट

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अमेठी।
जनपद अमेठी के जगदीशपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मदूपुर उमरवल में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और सरकारी धन के गबन का गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम निवासी योगेश सिंह पुत्र दिनेश सिंह ने जिलाधिकारी अमेठी को शपथपत्र युक्त प्रार्थना पत्र देकर ग्राम प्रधान पर बिना कार्य कराए भुगतान कराने, फर्जी कार्य दिखाकर सरकारी धन की निकासी और पंचायत सचिव की मिलीभगत से योजनाओं में लूट-खसोट का आरोप लगाया है।

शिकायतकर्ता के अनुसार ग्राम प्रधान द्वारा विकास कार्यों की सिर्फ कागजी खानापूर्ति कर लाखों रुपये निकाल लिए गए। जब इसकी शिकायत ब्लॉक कार्यालय में की गई तो औपचारिक जांच दिखावे के लिए हुई और मामले को दबा दिया गया। आरोप है कि ग्राम पंचायत सचिव भी इस पूरे खेल में शामिल है और बीडीओ व एडीओ स्तर से भी कार्रवाई से बचाने का प्रयास किया गया।

शिकायत में बताया गया है कि वर्ष 2021 से 2024 के बीच डस्टबिन कार्य के नाम पर कई बार भुगतान कराया गया, जबकि गांव में गिनती के ही डस्टबिन मौजूद हैं। 17 अक्टूबर 2021 और 22 अक्टूबर 2021 को सम्राट कंस्ट्रक्शन को कुल 2 लाख 62 हजार 500 रुपये का भुगतान किया गया, लेकिन मौके पर कार्य नहीं हुआ। इसी तरह 10 दिसंबर 2021 और 11 अप्रैल 2022 को भारत ट्रेडर्स और अन्य फर्मों को लाखों रुपये डस्टबिन कार्य के नाम पर दिए गए, जबकि गांव में डस्टबिन का कोई अता-पता नहीं है।

इसके अलावा स्ट्रीट लाइट, इंसुलेटर, नाली निर्माण और खड़ंजा निर्माण जैसे कार्यों में भी भारी अनियमितता का आरोप है। शिकायत के अनुसार स्ट्रीट लाइट के नाम पर 25 लाइटों का भुगतान दिखाया गया, जबकि गांव में केवल दो-चार लाइटें ही लगी हैं। नाली निर्माण कार्य श्यामलाल के घर से तालाब तक और खड़ंजा निर्माण सन्नू के घर से कप्तान के घर तक दिखाया गया, लेकिन ये कार्य आज तक धरातल पर नहीं हुए।

प्रशासनिक व्यय के नाम पर भी बार-बार हजारों और लाखों रुपये निकाले जाने का आरोप लगाया गया है। अलग-अलग वर्क आईडी के माध्यम से मजदूरी, सामग्री और प्रशासनिक खर्च दिखाकर लगातार भुगतान कराया गया, जिसे शिकायतकर्ता ने घोर वित्तीय अनियमितता बताया है।

योगेश सिंह ने जिलाधिकारी से मांग की है कि ग्राम प्रधान द्वारा किए गए बिंदु संख्या 1 से 12 तक के सभी कार्यों की जांच के लिए जिला स्तरीय समिति गठित की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो पंचायत स्तर पर भ्रष्टाचार का यह खेल यूं ही चलता रहेगा।

यह मामला एक बार फिर पंचायत स्तर पर पारदर्शिता, निगरानी और जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन कब तक इस गंभीर शिकायत पर संज्ञान लेता है और सरकारी धन की कथित लूट पर रोक लग पाती है या नहीं।

 

ससुराल पहुंचते ही नवविवाहिता और मासूम बच्चे को घर से निकाला, पति से मारपीट, ₹50 हजार वसूले, जान से मारने की धमकी

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प्रयागराज।
प्रयागराज जिले के हंडिया थाना क्षेत्र से मानवता और कानून व्यवस्था को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। 23 वर्षीय काजल की “गलती” सिर्फ इतनी थी कि उसने अपनी मर्जी से कोर्ट मैरिज की। शादी के दो साल बाद, दो माह के मासूम बच्चे को गोद में लेकर जब वह पति विपिन पटेल के साथ ससुराल पहुंची, तो वहां उनका स्वागत गालियों, मारपीट, धमकियों और जबरन वसूली से किया गया।

काजल और विपिन पटेल की शादी को दो साल हो चुके हैं। दोनों दिल्ली में रहकर जीवन यापन कर रहे थे। हाल ही में विपिन की तबीयत खराब चल रही थी और पैर में भी गंभीर दिक्कत थी। परिवार के सहारे की उम्मीद में विपिन ने गांव लौटने का फैसला लिया।
19 जनवरी को दोपहर करीब 3 बजे, काजल अपने पति और मासूम बच्चे के साथ गांव महामालिया पहुंची।

लेकिन घर पहुंचते ही हालात बदल गए।

आरोप है कि वहां मौजूद पिता सुरेंद्र पटेल, मां चंद्रप्रभा, पड़ोसी राम कैलाश उर्फ मुन्ना और उसका भाई पवन ने तीनों का सामान उठाकर घर के बाहर फेंक दिया। इस दौरान विपिन पटेल के साथ बेरहमी से मारपीट की गई।

काजल का आरोप है कि इसी दौरान आरोपियों ने उनसे ₹50,000 नकद भी जबरन ले लिए और कहा कि
“यहां रहने की कोई जरूरत नहीं, दोबारा दिखाई दिए तो जान से मार देंगे।”

पीड़िता के अनुसार पड़ोसी राम कैलाश उर्फ मुन्ना खुलेआम धमकी देता रहा और कहता रहा—
“मैं जी हूं, राम कैलाश बोल रहा हूं, मेरा कोई कुछ नहीं कर सकता। चाहे मोदी तक बात पहुंचा दो या योगी तक, कोई मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकता।”

इतना ही नहीं, आरोप है कि राम कैलाश और उसके भाई पवन लगातार फोन कर धमकी दे रहे हैं—
“जहां मिलोगे, वहीं मार देंगे… कहीं भी बच नहीं पाओगे।”

विवाद बढ़ने पर काजल ने 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस बुलानी पड़ी, लेकिन काजल का आरोप है कि पुलिस ने उनकी मदद करने के बजाय उल्टा जवाब दिया—
“कोर्ट मैरिज की है तो कोर्ट ही जाओ, यहां क्यों फोन किया।”

काजल का कहना है कि जब उसने पुलिस की बातचीत रिकॉर्ड करने की कोशिश की, तो उसे डराया गया और कहा गया—
“तुम जैसी बहुत लड़कियां देखी हैं।”

पीड़िता का आरोप है कि राम कैलाश उर्फ मुन्ना यह भी कहता रहा कि वह आगामी चुनाव में प्रधान पद का चुनाव लड़ने वाला है और
“जब जीत जाएंगे तो तुम्हें बीच रास्ते पर गोली मार देंगे, किसी को पता भी नहीं चलेगा।”

वहीं पिता सुरेंद्र पटेल पर भी गंभीर आरोप हैं कि उन्होंने धमकी दी—
“तुम्हें काटकर भिजवा देंगे, किसी को खबर तक नहीं होगी।”

नवविवाहिता काजल का कहना है कि उसे सबसे ज्यादा डर अपने पति और मासूम बच्चे की जान को लेकर है। उसका आरोप है कि ससुराल पक्ष और पड़ोसी लगातार धमकी दे रहे हैं और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है—
क्या कोर्ट मैरिज करना अपराध है?
और क्या कानून का सहारा लेने वाली महिला को ऐसे ही डर, धमकी, वसूली और पुलिस की बेरुखी के साए में जीना पड़ेगा?

 

 

देहरादून में गुंडागर्दी का तांडव, नाबालिग पर जानलेवा हमला: समझौते के बावजूद रसूखदारों की दबंगई, CCTV में कैद वारदात

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देहरादून। राजधानी देहरादून में रसूख और राजनीतिक पकड़ के दम पर खुलेआम कानून को चुनौती देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। रायपुर थाना क्षेत्र में एक गरीब कबाड़ कारोबारी परिवार के नाबालिग बेटे पर लोहे की रॉड और डंडों से जानलेवा हमला किया गया। हैरानी की बात यह है कि दोनों पक्षों के बीच पहले ही लिखित समझौता हो चुका था, इसके बावजूद दबंगों ने एक बार फिर खूनी खेल खेला। पूरी घटना पास की दुकान के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसकी फुटेज पीड़ित परिवार के पास मौजूद है।

पीड़िता बरखा पत्नी भूरा, निवासी खटीक मोहल्ला, नदी रिस्पना ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह एक गरीब महिला हैं और कबाड़ का काम कर अपने परिवार का पालन-पोषण करती हैं। उनके अनुसार ब्रूस ली, उसके बेटे अमन और रोहन राजनीतिक संरक्षण और आर्थिक ताकत के चलते लगातार उनके परिवार को झूठे मुकदमों में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। मामूली विवाद से शुरू हुई रंजिश ने अब हिंसक रूप ले लिया है।

बरखा ने बताया कि 10 अक्टूबर 2025 को दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई थी, जिसके बाद प्रभाव के चलते उनके परिवार पर मुकदमा दर्ज कराया गया। बाद में 3 नवंबर 2025 को भी झूठे मेडिकल और झूठी रिपोर्ट के आधार पर दोबारा मुकदमा दर्ज कराने का प्रयास किया गया। करनपुर पुलिस चौकी में दोनों पक्षों के बीच लिखित समझौता हुआ था, जिसमें भविष्य में किसी भी तरह के विवाद या कानूनी कार्रवाई से दूर रहने पर सहमति बनी थी।

इसके बावजूद 22 जनवरी 2026 की शाम करीब 5 बजे, जब पीड़िता का नाबालिग पुत्र अंकित मोबाइल रिचार्ज कराने चूना भट्टा, रायपुर रोड गया था, तभी पहले से घात लगाए बैठे अमन और रोहन ने उस पर अचानक हमला कर दिया। आरोप है कि पीछे से आकर लोहे की रॉड और डंडों से बेरहमी से पिटाई की गई। किसी तरह जान बचाकर अंकित वहां से भागा। हमले में उसे गंभीर अंदरूनी चोटें आईं, जिसका सरकारी अस्पताल में मेडिकल कराया गया है।

पीड़िता का कहना है कि पूरी घटना सीसीटीवी में साफ दिखाई दे रही है। फुटेज में अंकित दुकान पर खड़ा नजर आता है और तभी हमलावर पीछे से आकर उस पर टूट पड़ते हैं। बरखा ने पुलिस से अपने और अपने परिवार की जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाते हुए आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। मामले ने एक बार फिर देहरादून में दबंगई, राजनीतिक संरक्षण और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

 

CM विजयन ने दिल खोलकर की PM मोदी की तारीफ, जानें केरल में ऐसा क्या हुआ

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केरल दौरे पर पीएम मोदी ने कई विकास परियोजनाओं और नई ट्रेन सेवाओं का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने खुलकर पीएम मोदी की तारीफ की और इन योजनाओं को केरल के विकास के लिए अहम बताया। विजयन ने केंद्र सरकार के सहयोग के लिए आभार जताया।तिरुवनंतपुरम: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को तिरुवनंतपुरम में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास करने के साथ-साथ नई ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाई। इस कार्यक्रम में केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने प्रधानमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि यह केरल के विकास के लिए बहुत बड़ा दिन है। मुख्यमंत्री विजयन ने कहा, ‘यह बहुत गर्व और खुशी की बात है कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘ईश्वर के अपने देश’ केरल में स्वागत करता हूं। प्रधानमंत्री ने केरल आकर कई ऐसे प्रोजेक्ट्स लॉन्च किए हैं जो राज्य के विकास में बहुत मदद करेंगे।’विजयन ने जताया पीएम मोदी आभार
विजयन ने आगे कहा, ‘इनमें CSIR-NIIST इनोवेशन हब का शिलान्यास, पूजप्पुरा हेड पोस्ट ऑफिस बिल्डिंग का उद्घाटन, PM SVANIDHI योजना का शुभारंभ शामिल है, जिसके तहत एक लाख लाभार्थियों को मदद मिलेगी। यहां लाभार्थियों को क्रेडिट कार्ड सौंपे जा रहे हैं और लोन के चेक दिए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री द्वारा 3 नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों और एक पैसेंजर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई गई है। ये केरल के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।’ विजयन ने प्रधानमंत्री का आभार जताया और कहा, ‘यह राज्य सरकार के लिए संतुष्टि का एक बहुत खुशनुमा पल है, क्योंकि हम लंबे समय से केंद्र सरकार से इन प्रोजेक्ट्स के लिए मंजूरी मांग रहे थे।’
पीएम ने केरल को दी 4 ट्रेनों की सौगात
केरल के मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मैं प्रधानमंत्री को इन प्रोजेक्ट्स को मंजूरी देने के लिए दिल से धन्यवाद देता हूं। उम्मीद है कि यह सहयोग और अच्छी नीयत केरल के साथ आगे भी जारी रहेगी। मैं आशा करता हूं कि केरल की अन्य महत्वपूर्ण मांगों को भी समय पर पूरा किया जाएगा और प्रधानमंत्री यह सुनिश्चित करेंगे कि वे तय समय में लागू हो जाएं।’ बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने 4 नई ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाई, जिनमें 3 अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें नागरकोइल-मंगलुरु अमृत भारत एक्सप्रेस, तिरुवनंतपुरम-तंबरम अमृत भारत एक्सप्रेस और तिरुवनंतपुरम-चार्लपल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस शामिल हैं। इसके साथ ही त्रिशूर-गुरुवायूर पैसेंजर ट्रेन भी शुरू की गई। ये ट्रेनें केरल को तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से बेहतर जोड़ेंगी।
PM ने केरल को दिए और भी कई गिफ्ट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके अलावा PM SVANIDHI योजना के तहत स्ट्रीट वेंडर्स के लिए क्रेडिट कार्ड लॉन्च किया गया और एक लाख लाभार्थियों को लोन दिए गए। उन्होंने CSIR-NIIST इनोवेशन, टेक्नोलॉजी एंड एंटरप्रेन्योरशिप हब का शिलान्यास रखा गया, जो विज्ञान और इनोवेशन को बढ़ावा देगा। इस मौके पर पूजप्पुरा हेड पोस्ट ऑफिस का नया भवन भी उद्घाटित किया गया, जो बेहतर पोस्टल और बैंकिंग सेवाएं देगा। बता दें कि पुथिरिकंडम मैदान में हुए इस कार्यक्रम में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर, अन्य मंत्री और अधिकारी मौजूद थे।

विदेश में रहने वाला पिता बोला– बच्चे जिएं या मरें, हमें कोई फर्क नहीं पड़ता, किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रही 6 साल की बच्ची के ऑपरेशन के लिए मां ने लगाई मदद की गुहार

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मोतिहारी (पूर्वी चंपारण)।
जिले के छतवानी थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक मां अपनी दो मासूम बेटियों के साथ पिछले चार वर्षों से संघर्ष की जिंदगी जीने को मजबूर है। पीड़िता शबाना, पति शमशाद आलम द्वारा घर से निकाले जाने के बाद अकेले ही बच्चों की परवरिश और इलाज का बोझ उठा रही है। शमशाद आलम विदेश में रहकर इलेक्ट्रीशियन का काम करता है, लेकिन दूसरी महिला के चक्कर में पड़कर उसने अपनी पहली पत्नी और दोनों बेटियों को पूरी तरह बेसहारा छोड़ दिया है।

शबाना का कहना है कि करीब चार साल पहले पति ने उसे दो बच्चियों के साथ घर से बाहर निकाल दिया। इसके बाद से न तो वह बच्चों की जिम्मेदारी निभा रहा है और न ही किसी तरह की आर्थिक मदद कर रहा है। पति विदेश में रहते हुए दूसरी पत्नी से बातचीत करता है और पहली पत्नी व बच्चों से हर तरह का रिश्ता तोड़ चुका है।

पीड़िता की बड़ी बेटी की उम्र 8 वर्ष है, जबकि छोटी बेटी आशियानाज 6 साल की है। आशियानाज इस समय गंभीर बीमारी से जूझ रही है। डॉक्टरों के अनुसार उसके किडनी में पानी भर गया है, पथरी की समस्या है और अन्य जटिल बीमारियां भी पाई गई हैं। बच्ची का इलाज चल रहा है और डॉक्टरों ने जल्द ऑपरेशन कराने की सलाह दी है, लेकिन ऑपरेशन के लिए जरूरी रकम शबाना के पास नहीं है।

शबाना ने आरोप लगाया कि जब वह इलाज के लिए पति से पैसे मांगने के लिए फोन करती है तो पति बेहद अमानवीय और दिल तोड़ने वाले शब्दों का इस्तेमाल करता है। उसने कहा कि “तुम जियो या तुम्हारे बच्चे जिएं या मर जाएं, हमें कोई फर्क नहीं पड़ता।” ऐसे शब्द सुनकर एक मां पूरी तरह टूट चुकी है, लेकिन फिर भी वह अपनी बच्ची की जान बचाने के लिए हार मानने को तैयार नहीं है।

इलाज के अभाव में आशियानाज की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। शबाना ने मीडिया के माध्यम से आम जनता, समाजसेवियों और सक्षम लोगों से मदद की अपील की है। उसने कहा कि अगर समय रहते आर्थिक सहायता नहीं मिली तो उसकी बच्ची का ऑपरेशन संभव नहीं हो पाएगा और उसकी जान खतरे में पड़ सकती है।

शबाना ने भावुक अपील करते हुए कहा कि अब उसकी बेटी आशियानाज की जिंदगी समाज के संवेदनशील लोगों के हाथ में है। जो भी इस खबर को पढ़े, सुने या देखे, वह आगे बढ़कर मदद करे ताकि एक मासूम बच्ची की जिंदगी बचाई जा सके। यह मामला न सिर्फ एक परिवार की पीड़ा को दर्शाता है, बल्कि समाज और व्यवस्था के सामने भी बड़ा सवाल खड़ा करता है।

बिहार के वैशाली जिले विद्यालय का नाम है हरी प्रसाद थाना जिंदाहा से एक बेहद चिंताजनक

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बिहार के वैशाली जिले विद्यालय का नाम है हरी प्रसाद थाना जिंदाहा से एक बेहद चिंताजनक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक दलित परिवार की बेटी का भविष्य विद्यालय की लापरवाही की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। सिंगेश्वर राम, जो अनुसूचित जाति समुदाय से आते हैं, उनकी पुत्री प्रियांशु कुमारी वर्ष 2026 की वार्षिक माध्यमिक परीक्षा में शामिल होने के लिए पूरी तरह तैयार थी। छात्रा नियमित श्रेणी की परीक्षार्थी है, उसकी जन्मतिथि 25 मई 2009 है और वह हाई स्कूल हरी, पोस्ट मुर्तुजापुर, वैशाली से पढ़ाई कर रही है।

प्रियांशु कुमारी का आधार नंबर, पंजीयन विवरण और अन्य शैक्षणिक अभिलेख पूरी तरह सही हैं। छात्रा का यूनिक आईडी भी जारी किया गया है और परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार उसके विषयों की तिथियां भी निर्धारित थीं। इसके बावजूद अब परीक्षा के समय यह सामने आया है कि विद्यालय स्तर पर छात्रा का परीक्षा फॉर्म समय पर सही ढंग से भरा ही नहीं गया। नतीजा यह हुआ कि छात्रा परीक्षा केंद्र पर पहुंचने के बावजूद परीक्षा में बैठने से वंचित रह गई।

परिवार का आरोप है कि उन्होंने विद्यालय प्रबंधन से कई बार संपर्क किया था और समय रहते सभी जरूरी दस्तावेज जमा कर दिए थे। इसके बाद भी विद्यालय प्रशासन ने न तो सही मार्गदर्शन दिया और न ही यह स्पष्ट किया कि फॉर्म भरने में कोई त्रुटि रह गई है। परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण मोड़ पर जब छात्रा को परीक्षा से रोका गया तो पूरा परिवार सदमे में आ गया।

सबसे गंभीर पहलू यह है कि यह मामला एक दलित परिवार से जुड़ा हुआ है। परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते सूचना दी जाती तो सुधार संभव था, लेकिन जानबूझकर या घोर लापरवाही के कारण एक होनहार छात्रा का एक साल बर्बाद होने की स्थिति बन गई है। छात्रा मानसिक रूप से टूट चुकी है और पूरे परिवार में आक्रोश का माहौल है।

स्थानीय स्तर पर यह मामला अब चर्चा का विषय बन चुका है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब प्रवेश पत्र, यूनिक आईडी और परीक्षा कार्यक्रम तक मौजूद था, तो आखिर परीक्षा से कैसे वंचित किया गया। यह सीधे तौर पर विद्यालय प्रशासन और शिक्षा व्यवस्था की जवाबदेही पर प्रश्नचिह्न लगाता है।

अब परिवार ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी विद्यालय कर्मियों पर सख्त कार्रवाई हो और छात्रा प्रियांशु कुमारी को विशेष अवसर देकर परीक्षा में शामिल होने का अधिकार दिया जाए। यदि समय रहते न्याय नहीं मिला तो यह मामला बड़े आंदोलन और कानूनी कार्रवाई का रूप भी ले सकता है।

यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि शिक्षा व्यवस्था की छोटी सी लापरवाही किस तरह एक छात्र के सपनों और भविष्य को अंधेरे में धकेल सकती है, खासकर तब जब पीड़ित समाज के कमजोर वर्ग से हो।