Friday, July 10, 2026
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समस्तीपुर की काजल अग्रवाल सोशल मीडिया से नई पहचान बनाने की जिद, मेहनत से छूना चाहती हैं नई ऊंचाइयां

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समस्तीपुर:
नमस्कार दोस्तों, ई खबर में आपका स्वागत है। आज हम आपको समस्तीपुर जिले के परवाना गाँव की रहने वाली 18 वर्षीय काजल अग्रवाल की प्रेरणादायक कहानी बताने जा रहे हैं, जो सोशल मीडिया के जरिए अपनी मेहनत और हुनर के दम पर आगे बढ़ने का सपना देख रही हैं।
साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली काजल अग्रवाल ने कठिन हालातों के बावजूद हिम्मत नहीं हारी। आज वह सोशल मीडिया पर तेजी से पहचान बना रही हैं और लोग उन्हें प्यार से “सोशल मीडिया क्वीन” कहकर भी पुकारने लगे हैं।
2024 में शुरू हुआ सफर, अब बन रही हैं उभरता चेहरा
काजल अग्रवाल बताती हैं कि उनके सपने हमेशा बड़े रहे हैं, लेकिन परिस्थितियां कई बार रास्ता रोकती रहीं। इसी बीच उन्होंने 2024 में इंस्टाग्राम पर कदम रखा। शुरुआत में यह केवल एक शौक था, लेकिन लगातार मेहनत, नए-नए कंटेंट और दर्शकों के प्यार ने उन्हें एक नई पहचान दिलानी शुरू कर दी।
आज काजल का नाम सोशल मीडिया की दुनिया में तेजी से उभर रहा है और वह लगातार अपनी कला व क्रिएटिविटी के जरिए लोगों का दिल जीत रही हैं।
प्रोफाइल डिटेल से बढ़ रही लोकप्रियता
काजल अग्रवाल के सोशल मीडिया प्रोफाइल पर लोगों का प्यार साफ नजर आता है।
काजल अग्रवाल (प्रोफाइल डिटेल)
16 पोस्ट
1,326 फॉलोअर्स
14 फॉलोइंग
उनके कंटेंट को लगातार लोग पसंद कर रहे हैं और उन्हें सहयोग भी मिल रहा है।
काजल का संदेश: “सपने देखो और उन्हें पूरा करो”
काजल अग्रवाल का कहना है कि सोशल मीडिया उनके लिए सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि सकारात्मक बदलाव और आत्मनिर्भर बनने का माध्यम है।
वह चाहती हैं कि लोग उनके वीडियो को ज्यादा से ज्यादा देखें और शेयर करें, ताकि वह अपने परिवार को आर्थिक मजबूती दे सकें।
काजल का कहना है—
“अगर सपने देखने की हिम्मत हो और मेहनत करने का जज्बा, तो कोई भी मुश्किल बड़ी नहीं होती।”
परिवार के लिए संघर्ष
काजल अग्रवाल बताती हैं कि उनके टिंकू मंडल और माता मीना देवी ने हर कदम पर उनका साथ दिया। वह अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए लगातार मेहनत कर रही हैं।
कमजोर आर्थिक स्थिति के बावजूद काजल हार मानने वालों में से नहीं हैं। वह चाहती हैं कि लोग उनके कंटेंट को देखकर उनका हौसला बढ़ाएं और उन्हें आगे बढ़ने का मौका दें।
गरीबों के लिए मिसाल बनना चाहती हैं काजल
काजल अग्रवाल का सपना है कि वह अपनी सफलता के जरिए उन लोगों को प्रेरित करें, जो गरीबी और कठिनाइयों के कारण अपने सपनों को दबा देते हैं। उनका मानना है कि सही दिशा में मेहनत की जाए तो कोई भी व्यक्ति अपनी जिंदगी बदल सकता है।
समाज के लिए बन रही हैं प्रेरणा
काजल अग्रवाल की कहानी यह साबित करती है कि हालात चाहे जैसे भी हों, सफलता उन्हीं को मिलती है जो मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ते हैं। आज काजल न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे समाज के लिए एक प्रेरणा बनती जा रही हैं।
दोस्तों, यह थी समस्तीपुर की काजल अग्रवाल की प्रेरणादायक कहानी। हमें उम्मीद है कि उनकी यह यात्रा आपको भी अपने सपनों को पूरा करने की प्रेरणा देगी।
अगर आपको यह खबर पसंद आई हो तो इसे शेयर करें और काजल अग्रवाल के इंस्टाग्राम को फॉलो करें!

BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नितिन नबीन का पहला भाषण, जानें क्या कहा

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बीजेपी के नव निर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने पीएम मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हम जैसे साधारण कार्यकर्ताओं ने हमेशा दूर से देखा है कि आप राष्ट्र सेवा के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने के बाद नितिन नबीन ने अपने पहले भाषण में कहा कि आज सबसे पहले मैं आप सभी का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं। आपने मुझ जैसे एक साधारण कार्यकर्ता को पार्टी के इस सर्वोच्च पद तक पहुंचने का अवसर दिया है, और इसके लिए मैं आप सभी को नमन करता हूं। प्रधानमंत्री जी, मैं आपका भी हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं, क्योंकि हम जैसे साधारण कार्यकर्ताओं ने हमेशा दूर से देखा है कि आप राष्ट्र सेवा के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।
सद्भावना मिशन कार्यक्रम को किया याद
उन्होंने कहा, “मुझे याद है जब मैंने पहली बार गुजरात के आनंद में आपके साथ एक कार्यक्रम में भाग लिया था। उस समय मैं राष्ट्रीय महासचिव था और मैंने सद्भावना मिशन कार्यक्रम के दौरान आपको प्रत्येक व्यक्ति की बात ध्यान से सुनते हुए देखा था। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद, जब आपने अपने ग्रीन रूम में हमसे बात की, तो आपने बड़ी भावुकता से समझाया कि गुजरात से इतने सारे लोग क्यों आए थे… उस दिन मुझे समझ आया कि एक व्यक्ति तभी महान बनता है जब वह जनता की भावनाओं से जुड़ता है।”
उन्होंने कहा, “आज का क्षण मेरे लिए संकल्प का क्षण है। आज मैं केवल पदभार ग्रहण नहीं कर रहा हूं। मैं इस पार्टी की विचारधारा, परंपराओं और राष्ट्रवादी आंदोलन की जिम्मेदारी को स्वीकार कर रहा हूं, और इस अवसर पर मैं अपने सभी वरिष्ठ सहयोगियों को भी नमन करता हूं…आज 14 करोड़ भारतीय एक विकसित भारत के सपने से जुड़ रहे हैं और देश को आगे ले जाने के लिए काम कर रहे हैं। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री जी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं।”विपक्षी दलों पर बोला तीखा हमला
नितिन नबीन ने कहा, “हाल ही में हमने देखा कि कैसे विपक्षी दलों ने तमिलनाडु की एक पहाड़ी पर पवित्र कार्तिकई दीपम उत्सव को रोकने की कोशिश की। यह इकलौती घटना नहीं है; विपक्ष ने अन्य चीजों को रोकने के लिए भी साजिशें रची हैं। हमने हाल ही में देखा कि कैसे एक न्यायाधीश पर महाभियोग चलाने का प्रयास किया गया। आज जब हम सोमनाथ की बात करते हैं और इस गौरवशाली उत्सव को मनाने की कोशिश करते हैं, तो विपक्षी दलों के लोग असहज महसूस करते हैं। हमारा मानना ​​है कि ऐसी परंपराओं को रोकने की कोशिश करने वाली ताकतों का सामना करना आवश्यक है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि राम सेतु के अस्तित्व को नकारने वाले और कार्तिकई दीपम उत्सव का विरोध करने वालों का भारतीय राजनीति में कोई स्थान न हो।”
बीजेपी के नए चुने गए नेशनल प्रेसिडेंट नितिन नवीन ने कहा, “अगले कुछ महीनों में तमिलनाडु, असम, पश्चिम बंगाल, केरल और पुडुचेरी में चुनाव होने वाले हैं, और इन राज्यों की आबादी पर काफी चर्चा हो रही है। बदलती आबादी वहां की स्थिति को बदल रही है, और यह हमारे लिए एक चुनौती है। हालांकि, हमें पूरा भरोसा है कि बीजेपी कार्यकर्ता अपनी मेहनत और संघर्ष से बीजेपी को इन पांचों राज्यों में सफलता दिलाएंगे।”

सरकारी जमीन पर बड़ा कब्जा! इटवा तहसील के मधुबेनिया गांव में 10 बीघा भूमि पर अवैध निर्माण, प्रशासन मौन

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सिद्धार्थनगर जिले के इटवा तहसील अंतर्गत ग्राम मधुबेनिया में सरकारी जमीन पर बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक उदासीनता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव में करीब 10 बीघा सरकारी भूमि पर मंदिर और मदरसा बनाए जाने के साथ-साथ कई लोगों द्वारा मकान खड़े कर लेने का आरोप है। बताया जा रहा है कि यह पूरा खेल पूर्व प्रधान के संरक्षण और सहयोग से किया गया।

स्थानीय लोगों के अनुसार गांव के पुराने पोखरे के बगल में और काली जी के स्थान से सटी सरकारी जमीन पर दबंगों ने कब्जा कर रखा है। आरोप है कि इस भूमि पर बिना किसी वैध अनुमति के धार्मिक ढांचे और आवासीय निर्माण कर लिए गए हैं। जिन लोगों पर सरकारी जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाया गया है, उनमें लवकुश, शिवदत्त, शल्लू, साधु, सलीम, साधु चांद अली, रमजान और कल्लू चमार के नाम सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इन सभी ने पूर्व प्रधान के सहयोग से सरकारी भूमि पर अवैध रूप से घर बना लिए हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित ग्रामीणों द्वारा अक्टूबर 2025 में जिला अधिकारी सिद्धार्थनगर को लिखित प्रार्थना पत्र दिया गया था। प्रार्थना पत्र में पूरे मामले की जानकारी देते हुए अवैध कब्जा हटवाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। इसके बावजूद अब तक न तो किसी प्रकार की जांच हुई और न ही कोई ठोस कार्रवाई देखने को मिली है।

ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की चुप्पी के कारण अवैध कब्जाधारियों के हौसले और बढ़ गए हैं। सरकारी जमीन पर खुलेआम निर्माण जारी है और गांव की सार्वजनिक संपत्ति धीरे-धीरे निजी कब्जे में जाती जा रही है। इससे गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है और भविष्य में किसी बड़े विवाद की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर सरकारी जमीनों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है। यदि समय रहते प्रशासन सख्त कदम नहीं उठाता तो सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जे का यह चलन और भी तेजी से बढ़ सकता है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश से मांग की है कि मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराई जाए, अवैध कब्जे तत्काल हटवाए जाएं और दोषी व्यक्तियों व संरक्षण देने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

नितिन नबीन को पीएम मोदी ने बताया अपना बॉस, जानिए कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने क्या-क्या कहा

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नितिन नबीन को भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दिया गया है। पीएम मोदी ने उन्हें बधाई भी दी। पीएम मोदी अब मंच से कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने नितिन नबीन को अपना बॉस कहा।नई दिल्ली: नितिन नबीन को भाजपा का 12वां राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया है। आज बीजेपी के मुख्यालय में उनके नाम का आधिकारिक ऐलान किया गया। नितिन नबीन बीजेपी के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, जिनकी उम्र 45 साल है। इस अवसर पर पीएम मोदी सहित बीजेपी के कई नेता मंच पर मौजूद रहे। पीएम मोदी ने नितिन नबीन को बधाई भी दी। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि नितिन नबीन जी को दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल का अध्यक्ष चुने जाने पर बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। कई महीनों से संगठन पर्व यानि पार्टी का छोटी सी इकाई से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने तक की प्रक्रिया लोकतांत्रित तरीके से भाजपा के संविधान के तरीकों और उसमें बताई गई हर बात ध्यान में रखकर लगातार चल रही थी। आज उसका विधिपूर्वक समापन हुआ। मैं देशभर के कार्यकर्ताओं को इस प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए अभिनंदन करता हूं।
‘BJP के सभी पूर्व अध्यक्षों को अभिनंदन’
पीएम मोदी ने कहा, “बीते एक डेढ़ वर्षों में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती, अटल जी की 100वीं जन्म जयंती, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के 100 वर्ष, ऐसे महापर्व हम मनाते रहे हैं। ये वे प्रेरणाएं हैं, जो देश के लिए जीने के हमारे संकल्प को और मजबूत करती हैं। हमारा नेतृत्व परंपरा से चलता है, अनुभव से समृद्ध होता है और जनसेवा-राष्ट्रसेवा के भाव से संगठन को आगे बढ़ाता है। केंद्र में लगातार तीसरी बार भाजपा-एनडीए की सरकार बनी। मैं भाजपा के सभी पूर्व अध्यक्षों का बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं। आप जानते हैं आज भाजपा का जितना फोकस संगठन के विस्तार पर है, उतनी ही बड़ी प्राथमिकता कार्यकर्ता के निर्माण की भी है।”
‘शून्य से लेकर शिखर तक का सफर देखा’
पीएम मोदी ने आगे कहा, “अटल जी, आडवाणी जी और मुरली मनोहर जोशी जी के नेतृत्व में भाजपा ने शून्य से लेकर शिखर तक का सफर देखा है। इस सफर में वेंकैया नायडू जी और नितिन गडकरी जी सहित हमारे कई वरिष्ठ साथियों ने संगठन को विस्तार दिया। राजनाथ जी के नेतृत्व में पहली बार भाजपा ने अपने दम पर पूर्ण बहुमत हासिल किया। फिर अमित भाई के नेतृत्व में देश के कई राज्यों में भाजपा की सरकारें बनीं और लगातार दूसरी बार केंद्र में भाजपा की सरकार बनी। फिर जेपी नड्डा जी के नेतृत्व में भाजपा पंचायत से लेकर पार्लियामेंट तक और सशक्त हुई और लगातार तीसरी बार केंद्र में भाजपा की सरकार बनी। मैं भाजपा के पूर्व के सभी अध्यक्षों का बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं।”
नितिन नबीन मेरे बॉस’
पीएम मोदी ने कहा, “लोगों को लगता होगा, नरेन्द्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं, तीसरी बार प्रधानमंत्री बने, 50 साल की छोटी आयु में मुख्यमंत्री बन गए। 25 साल ये लगातार Head of the Government रहे हैं। ये सब अपनी जगह है, लेकिन इन सबसे भी बड़ी चीज मेरे जीवन में है, मैं भाजपा का कार्यकर्ता हूं। ये सबसे बड़ा गर्व है। नितिन नबीन जी, मैं पार्टी का कार्यकर्ता हूं और वह मेरे बॉस हैं। नितिन नबीन जी हम सभी के अध्यक्ष हैं। उनका दायित्व सिर्फ भाजपा को संभालना नहीं है, उन्हें एनडीए के साथियों के साथ भी सामंजस्य बनाना है। नितिन जी ने जब जो जिम्मेदारी मिली, तब उन्होंने अपने आप को साबित किया। इस साल जनसंघ की स्थापना के 75 साल पूरे हो रहे हैं। जनसंघ से जुड़े कार्यकर्ताओं ने जो भी बलिदान दिए है, उनको मैं नमन करता हूं।”
‘अगले 25 साल महत्वपूर्ण’
पीएम मोदी ने कहा, “अगले 25 साल बहुत महत्वपूर्ण हैं। यह वह समय है जब एक विकसित भारत का निर्माण होना है, और यह होकर रहेगा। इस महत्वपूर्ण दौर की शुरुआत में, हमारे नितिन नवीन जी बीजेपी की विरासत को आगे बढ़ाएंगे। आज के युवाओं की भाषा में कहें तो नितिन जी खुद एक तरह से मिलेनियल हैं। वह उस पीढ़ी के हैं जिसने भारत में बड़े आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी बदलाव देखे हैं। वह उस पीढ़ी के हैं जिसने बचपन में रेडियो से जानकारी हासिल की और अब AI के एक्टिव यूजर हैं। नितिन जी में युवा जोश और संगठन के काम का लंबा अनुभव दोनों हैं। यह हमारी पार्टी के हर कार्यकर्ता के लिए बहुत फायदेमंद होगा।”
‘बीजेपी एक संस्कृति है’
उन्होंने कहा, “बीजेपी एक संस्कृति है। बीजेपी एक परिवार है। यहां हमारे रिश्ते सिर्फ़ मेंबरशिप से कहीं ज़्यादा हैं। बीजेपी एक परंपरा है जो प्रोसेस से चलती है, पद से नहीं। हमारे अध्यक्ष बदलते हैं, लेकिन हमारे आदर्श नहीं बदलते। लीडरशिप बदलती है, लेकिन दिशा वही रहती है। बीजेपी की भावना राष्ट्रीय है, क्योंकि हमारा जुड़ाव लोकल है। हमारी जड़ें ज़मीन में गहरी हैं। इसीलिए बीजेपी क्षेत्रीय आकांक्षाओं के लिए एक प्लेटफ़ॉर्म देती है। यह उन्हें राष्ट्रीय महत्वाकांक्षाओं की नींव बनाती है, और इसीलिए आज देश के हर कोने से लोग बीजेपी के साथ हैं, बीजेपी में शामिल हो रहे हैं, और सिर्फ़ इतना ही नहीं, जो भी अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू करना चाहता है, उसे बीजेपी में एंट्री पॉइंट सबसे अच्छा और सुरक्षित ऑप्शन लगता है।”
‘अपने सामर्थ्य से बनाई सरकार’
कई बार हमने देखा है कि लंबे समय के बाद सरकार का सत्ता में बने रहना मुश्किल हो जाता है। लेकिन भाजपा ने इस चलन को तोड़ दिया है। गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश या बिहार, कई राज्यों में भाजपा ने भारी बहुमत से चुनाव जीते हैं। चुनावों में भाजपा की जीत का रिकॉर्ड अभूतपूर्व है। अगर बीते 11 वर्षों की ही बात करें तो भाजपा की यात्रा जनविश्वास अर्जित करने की अद्भुत यात्रा रही है। बीते 11 वर्षों में भाजपा ने हरियाणा, असम, त्रिपुरा और ओडिशा में पहली बार अपने सामर्थ्य से सरकार बनाई। पश्चिम बंगाल और तेलंगाना में भाजपा जनता की एक बड़ी आवाज बनकर उभरी है।जनता का भरोसा हुआ मजबूत’
पीएम मोदी ने कहा कि लोगों की सेवा हमेशा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता रही है। हमने सत्ता को मौज-मस्ती का ज़रिया नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम बनाया है, और इसलिए बीते डेढ़-दो वर्षों में भाजपा पर जनता का भरोसा और मजबूत हुआ है। विधानसभा हो या स्थानीय निकाय, भाजपा की स्ट्राइक रेट अभूतपूर्व रही है। इस दौरान देश में 6 राज्यों में विधानसभा चुनाव हुए हैं, इनमें से 4 चुनाव भाजपा-एनडीए ने जीते हैं। आज भाजपा सिर्फ संसद और विधानसभा की ही नहीं, बल्कि नगरपालिकाओं और नगर निगमों में भी पहली पसंद है। इसका ताजा उदाहरण महाराष्ट्र है। भाजपा, महाराष्ट्र के स्थानीय निकायों में नंबर वन पार्टी बनी है। कुल 29 में से 25 बड़े शहरों की जनता ने भाजपा-एनडीए को चुना है। कुल जितने पार्षद जीते हैं, उनमें से 50 प्रतिशत भाजपा के हैं। ऐसे ही केरल में भाजपा के करीब 100 पार्षद हैं। ऐसे ही तिरुवनंतपुरम की जनता ने मेयर चुनाव में 45 साल बाद लेफ्ट से सत्ता छीनी और भाजपा पर भरोसा किया।

‘भाजपा सुशासन की पार्टी’
पीएम ने आगे कहा, “कभी भाजपा ने एक अलग तरह की पार्टी के रूप में अपनी यात्रा शुरु की थी। आज भाजपा सुशासन की पार्टी भी है। देश ने आजादी के बाद शासन के अलग-अलग मॉडल देखे हैं, कांग्रेस के परिवारवाद का मॉडल, लेफ्ट का मॉडल, क्षेत्रीय दलों का मॉडल, अस्थिर सरकारों का दौर, लेकिन आज देश, स्थिरता, सुशासन और संवेदनशीलता वाला भाजपा का विकास मॉडल देख रहा है। बीते वर्षों में जनविश्वास की जो पूंजी हमने अर्जित की है, उस भरोसे को कायम रखना बहुत बड़ी जरूरत है। देश की जनता 2047 तक विकसित भारत बनाने के लिए संकल्पित है। इसलिए बीते 11 वर्षों में हमने जो रिफॉर्म की यात्रा शुरू की है, वह रिफॉर्म एक्सप्रेस बन चुकी है।”‘सामाजिक न्याय को जमीन पर उतारा’
पीएम मोदी ने कहा कि ये भाजपा ही है जिसने सामाजिक न्याय के नारे को सच्चे स्वरूप में जमीन पर उतारा है। हमने गरीब कल्याण की योजनाओं को सरकारी फाइलों से निकालकर गरीब के घर तक पहुंचाया है। आजादी के 70 वर्ष बाद सिर्फ तीन करोड़ ग्रामीण परिवारों तक ही पाइप से पानी पहुंच पाया था। माताओं बहनों की पीड़ा, पानी के लिए उनके संघर्ष की सुध लेने वाला कोई नहीं था। वो दर्द मैंने देखा है। मैं धरती की सच्चाई से जुड़ा था। माताओं-बहनों की पीड़ा, अपनी आंखों के सामने देखी थी और तब हम ‘जल जीवन मिशन’ लेकर आए हैं। सिर्फ 5-6 साल में 12 करोड़ से ज्यादा परिवारों को नल से जल की सुविधा से जोड़ा गया है। ये हमारी सरकार है, जिसने धुएं से बीमार होती बहनों की पीड़ा समझी वरना पहले तो LPG गैस को भी अमीरों का सौभाग्य मान लिया गया था। भाजपा ने पूरी संवेदनशीलता से साथ हर घर को LPG से जोड़ने का अभियान चलाया। ऐसे ही गांव की बहनों को लखपति दीदी बनाने का अभियान है। ये भी इसलिए संभव हो पाया क्योंकि भाजपा बहनों-बेटियों के सपनों के प्रति संवेदनशील है। दशकों तक आदिवासी समाज को सिर्फ वोट बैंक से जोड़कर देखा गया, लेकिन संवेदनशील भाजपा ने, भाजपा के हमारे संस्कारों ने, समाज के प्रति समान भाव के हमारी परंपरा के कारण हमने आदिवासियों में भी सबसे पिछड़ी जनजातियों की पीड़ा को समझा और उनके विकास के लिए PM-जनमन योजना बनाईखुद से बड़ा दल और दल से बड़ा देश’
उन्होंने कहा, “हम वो लोग हैं, हमारा वो चरित्र है, हमारे वो संस्कार हैं… खुद से बड़ा दल और दल से बड़ा देश। ये भाजपा के हर कार्यकर्ता का संस्कार है, भाजपा के हर कार्यकर्ता का जीवनमंत्र है। इसी भाव के साथ बीते 11 वर्षों में हमने अनेक चुनौतियों पर विजय पाई है। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 की दीवार गिराना हो या तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाना हो, इनको कभी असंभव माना जाता था, आज ये हकीकत बन चुके हैं। आगे भी हमें हर चुनौती का पूरे सामर्थ्य से सामना करना है। आज देश के सामने बहुत बड़ी चुनौती घुसपैठियों की है। दुनिया के समर्थ देश भी अपने देश में घुसपैठियों की जांच पड़ताल कर रहे हैं और उनको पकड़-पकड़ कर निकाल रहे हैं। दुनिया में कोई अपने देश में घुसपैठियों को स्वीकार नहीं करता, भारत भी घुसपैठियों को अपने गरीबों, युवाओं के हक लूटने नहीं दे सकता। घुसपैठिए देश की सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा है, उनकी पहचान करके उन्हें वापस उनके देश भेजना बहुत आवश्यक है। इसके अलावा ऐसे राजनीतिक दल जो वोट बैंक की राजनीति में घुसपैठियों को बचा रहे हैं, उन्हें हमें पूरी शक्ति से जनता के सामने बेनकाब करना होगा।”
अपने पतन की समीक्षा नहीं करती कांग्रेस’
पीएम मोदी ने कहा, “आज देश को याद भी नहीं होगा कि 1984 में कांग्रेस को 400 से अधिक सीटें मिली थीं और देश ने कांग्रेस को करीब-करीब 50 प्रतिशत वोट दिया था, लेकिन आज कांग्रेस 100 सीटों के लिए तरस गई है। कांग्रेस अपने इस घनघोर पतन की कभी समीक्षा नहीं करती, क्योंकि अगर समीक्षा करेंगे और पतन के कारणों पर जाएंगे तो उसी परिवार पर सवाल उठेंगे, जिस परिवार ने कांग्रेस पर कब्जा कर रखा है। और इसलिए बहाने ढूंढते रहते हैं। पतन का सही कारण ढूंढने की हिम्मत तक खो चुके हैं।”

लंदन में 8 साल के हिंदू लड़के के साथ धार्मिक भेदभाव, तिलक लगाने के कारण छोड़ना पड़ा स्कूल

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लंदन के एक प्राइमरी स्कूल में 8 साल के हिंदू बच्चे को तिलक लगाने के कारण धार्मिक भेदभाव का सामना करना पड़ा, जिसके चलते उसे स्कूल छोड़ना तक छोड़ना पड़ गया। INSIGHT UK ने स्कूल प्रशासन पर समानता कानून 2010 के उल्लंघन और हिंदू धार्मिक प्रथाओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया है।लंदन: ब्रिटेन की राजधानी लंदन के एक प्राइमरी स्कूल में 8 साल के हिंदू बच्चे के साथ धार्मिक भेदभाव का मामला सामने आया है। ब्रिटिश हिंदुओं और भारतीय समुदाय की पैरवी करने वाली संस्था INSIGHT UK की एक रिपोर्ट के मुातबिक, बच्चे को माथे पर तिलक-चंदलो लगाने के कारण स्कूल छोड़ना पड़ा। बताया जा रहा है कि विकर्स ग्रीन प्राइमरी स्कूल (Vicar’s Green Primary School) के स्टाफ ने बच्चे से उसके धार्मिक प्रतीक तिलक-चंदलो के बारे में पूछताछ की और उसे इसके पीछे का कारण समझाने को कहा। INSIGHT UK ने इसे एक नाबालिग बच्चे के साथ ‘पूरी तरह अनुचित’ व्यवहार बताया है।स्कूल प्रशासन के व्यवहार से डर गया बच्चा’
स्कूल के हेड टीचर पर आरोप है कि उन्होंने ब्रेक टाइम में बच्चे पर नजर रखी, जिससे बच्चा डर गया और खेलकूद छोड़कर अकेला रहने लगा। स्कूल प्रशासन के ऊपर यह भी आरोप है कि लड़के को स्कूल में दी गई जिम्मेदारियों से भी सिर्फ इसलिए हटा दिया गया क्योंकि वह तिलक लगाता था। INSIGHT UK के मुताबिक, अगर ये आरोप सही साबित हुए तो यह समानता कानून 2010 के तहत ये सीधे तौर पर धार्मिक भेदभाव का मामला बनता है। INSIGHT UK के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘किसी भी बच्चे को अपनी आस्था के कारण न तो निगरानी में रखना चाहिए, और न ही उसे अलग-थलग किया जाना चाहिए। ऐसे अनुभव बच्चे पर लंबे समय तक भावनात्मक असर डाल सकते हैं।’
‘हिंदू धार्मिक प्रथाओं पर सवाल उठाए गए’
बताया जा रहा है कि बच्चे के माता-पिता और अन्य हिंदू अभिभावकों ने कई बार स्कूल के हेड टीचर और प्रशासकों से संपर्क किया। उन्होंने उन्हें हिंदू धर्म में तिलक-चंदलो के महत्व के बारे में समझाने की कोशिश की, लेकिन स्कूल प्रशासन ने इन प्रयासों को नजरअंदाज कर दिया और संतोषजनक जवाब नहीं दिए। INSIGHT UK के प्रवक्ता ने कहा, ‘बातचीत के दौरान उनका इरादा कुछ अच्छा नहीं था। स्कूल में हिंदू धार्मिक प्रथाओं पर सवाल उठाए गए और उन्हें कमतर दिखाया गया।’ संस्था ने बताया कि विकर्स ग्रीन प्राइमरी स्कूल में धार्मिक भेदभाव के कारण कम से कम 4 बच्चे स्कूल छोड़ चुके हैं। INSIGHT UK ने इसकी शिकायत स्थानीय शिक्षा प्राधिकरण से भी की है।

वाराणसी के रोहनिया में बड़ा हादसा: फ्रिज का कंप्रेसर फटने से घर में भीषण आग, लाखों का सामान जलकर राख, पूरा परिवार बेघर

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वाराणसी।
रोहनिया थाना क्षेत्र के बुनकर कॉलोनी करसड़ा इलाके में सोमवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया। घर में रखे फ्रिज का कंप्रेसर अचानक फटने से भीषण आग लग गई, जिसने कुछ ही मिनटों में पूरे कमरे को अपनी चपेट में ले लिया। इस आग में फ्रिज, कूलर, एलईडी टीवी, पंखे, बेड, अलमारी, सिलाई मशीन, इनवर्टर, वाशिंग मशीन सहित अन्य घरेलू सामान जलकर पूरी तरह राख हो गया। हादसे में करीब तीन से चार लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।

पीड़ित अहमद अली उर्फ समीर खान पुत्र स्व. जमालुद्दीन, निवासी बुनकर कॉलोनी करसड़ा 19/8 थाना रोहनिया ने पुलिस को दी जानकारी में बताया कि 19 जनवरी 2026 को दोपहर करीब 1 बजे उनकी पत्नी कनिज फातिमा घर का कमरा बाहर से बंद कर पास के मोहल्ले में किसी काम से गई थीं। इसी दौरान कमरे में रखे फ्रिज का कंप्रेसर अचानक फट गया, जिससे आग लग गई और देखते ही देखते पूरा कमरा धुएं और लपटों से भर गया।

धुआं उठता देख आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही परिवार और पड़ोसी मौके पर पहुंचे और फायर ब्रिगेड को बुलाया लेकिन करीब देर से 2 घंटे लेट मौके पर पहुंची जिस वजह से आज तेज गति से बढ़ती गई और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हालांकि तब तक घर में रखा लगभग सारा सामान जल चुका था। आग की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि मकान की दीवारें भी क्षतिग्रस्त हो गईं और घर रहने लायक नहीं बचा।

अगर फायर ब्रिगेड समय से पहुंच जाती तो शायद ज्यादा नुकसान नहीं होता

पीड़ित अहमद अली ऑटो चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उनके परिवार में पत्नी के अलावा तीन छोटे बच्चे हैं—उजैर अली (11 वर्ष), सुजान अली (6 वर्ष) और अरस अली (5 वर्ष)। इस हादसे के बाद परिवार के सामने रोजी-रोटी और रहने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। पीड़ित का कहना है कि आग में घर का सारा जमा-पूंजी खत्म हो गई और अब बच्चों के भविष्य की चिंता सता रही है।

घटना की सूचना पर रोहनिया थाने में जनरल डायरी संख्या 053, दिनांक 19 जनवरी 2026, समय 17:30 बजे इत्तेफाकिया सूचना के रूप में दर्ज की गई। थाना प्रभारी के आदेश पर मामले की जांच उपनिरीक्षक श्याम बाबू को सौंप दी गई है। पुलिस द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

पीड़ित परिवार ने प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सरकारी मदद नहीं मिली तो परिवार के लिए दो वक्त की रोटी और बच्चों की पढ़ाई तक मुश्किल हो जाएगी। स्थानीय लोगों ने भी जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार को राहत राशि, आवासीय सहायता और पुनर्वास उपलब्ध कराने की मांग की है।

इस हादसे ने एक बार फिर घरेलू बिजली उपकरणों की सुरक्षा और गरीब परिवारों के लिए आपदा राहत की जरूरत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन पीड़ित परिवार की मदद के लिए कितनी जल्दी और क्या कदम उठाता है।

T20 World Cup 2026 से पहले एक और झटका, अचानक चोटिल हो गया ये धाकड़ खिलाड़ी

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आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 से पहले साउथ अफ्रीकी टीम को एक और झटका लगा है। डेविड मिलर एसए20 खेलते वक्त चोटिल हो गए हैं। इससे टीम की टेंशन बढ़ गई है।टी20 वर्ल्ड कप 2026 अब करीब है। सभी टीमें इसकी तैयारी में लगी हुई हैं। इस बीच एक और खिलाड़ी चोटिल हो गया है। हालांकि अभी ये कह पाना मुश्किल है कि वो विश्व कप खेल पाएगा कि नहीं, लेकिन इतना जरूर है कि इससे टीम की टेंशन बढ़ गई है। अब जो खिलाड़ी चोटिल हुआ है, वो हैं साउथ अफ्रीका के दिग्गज खिलाड़ियों में से एक ​डेविड मिलर, जो इस वक्त एसए20 खेल रहे हैं। सोमवार शाम को उन्हें चोट लगी है।
पर्ल रॉयल्स की कप्तानी कर रहे हैं डेविड मिलर
डेविड मिलर इस वक्त एसए20 खेल रहे हैं। डेविड मिलर इस वक्त एसए20 में पर्ल रॉयल्स की कप्तानी कर रहे हैं। सोमवार को पर्ल रॉयल्स और एमआई केपटाउन के बीच मुकाबला खेला गया। इसमें पहले बल्लेबाजी करते हुए पर्ल की टीम ने 20 ओवर में तीन विकेट के नुकसान पर 181 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा किया। इसमें कप्तान डेविड मिलर ने 14 बॉल पर 19 रनों की तेज पारी खेली। उनकी पारी के दौरान तीन चौके आए। जवाब में एमआई केपटाउन की टीम 20 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 180 रन बना सकी। यानी पर्ल रॉयल्स ने एक रन के मामूली अंतर से मैच अपने नाम कर लिया, लेकिन इसी दौरान डेविड मिलर चोटिल हो गए।
चोट की गंभीरता पता लगने के बाद होगा डेविड मिलर पर फैसला
डेविड मिलर को जो चोट लगी है, वो कितनी गंभीर है, इसका अंदाजा अभी नहीं लग पाया है। मिलर से मैच के बाद जब उनकी चोट के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता कि चोट कैसी है, अगले दिन जब वे उठेंगे और जांच होगी, उसके बाद ही इसकी गंभीरता का पता चल पाएगा। कुल मिलाकर माना जाना चाहिए कि मिलर पूरी तरह से फिट नहीं हैं। बाकी स्कैन के बाद ही असली तस्वीर का खुलासा हो पाएगा। मिलर से पहले डोनोवन फरेरा और टोनी भी चल रहे हैं चोटिल
टी20 विश्व कप 2026 के​ लिए साउ​थ अफ्रीका ने जिस टीम का ऐलान किया है, उसमें डेविड मिलर भी शामिल किए गए हैं। मिलर का करियर काफी लंबा हो चुका है और उम्मीद की जा रही है कि ये उनका आखिरी विश्व कप होगा। साउ​थ अफ्रीका की टीम पहले ही अपने और खिलाड़ियों की चोट से जूझ रही है। इससे पहले डोनोवन फरेरा के कंधे में फ्रैक्चर हुआ है। वे फिलहाल एसए20 से बाहर हो गए हैं। वहीं टोनी डी जोरजी को भी ​दिसंबर में चोट लगी थी, जो अभी तक पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाई है। देखना होगा कि कब तक पूरी टीम फिट होती है। टी20 विश्व कप का पहला मैच 7 फरवरी को होगा, जिसमें अब ​बहुत कम दिन का वक्त बचा है।

कर्तव्य पथ पर परेड देखने के लिए 10 हजार खास मेहमानों को न्योता, जानें कौन-कौन हैं शामिल

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गणतंत्र दिवस 2026 के मौके पर कर्तव्य पथ पर होने वाली परेड के लिए 10000 खास मेहमानों को आमंत्रित किया गया है। इन मेहमानों में किसान, मजदूर, वैज्ञानिक, स्टार्टअप इनोवेटर्स, महिला उद्यमी और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थी शामिल हैं।नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस 2026 के मौके पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाली 77वीं गणतंत्र दिवस परेड में करीब 10,000 खास मेहमानों को आमंत्रित किया गया है। विभिन्न क्षेत्रों से ताल्लुक रखने वाले इन मेहमानों ने देश के निर्माण में अपनी उत्कृष्ट भूमिका निभाई है। रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इन मेहमानों को अपने जीवनसाथी के साथ कर्तव्य पथ पर होने वाली शानदार परेड को देखने के लिए न्यौता दिया गया है। ये खास मेहमान आय और रोजगार सृजन, सर्वश्रेष्ठ इनोवेटर्स, शोधकर्ताओं, स्टार्ट-अप्स, स्वयं सहायता समूहों और विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत बेहतरीन प्रदर्शन करने वालों के बीच से चुने गए हैं।मजदूर और किसान भी हैं मेहमानों में शामिल
बयान के मुताबिक, इन मेहमानों में किसान, मजदूर, पैरा एथलीट्स, वैज्ञानिक, लाखपति दीदियां, स्ट्रीट वेंडर्स (पीएम स्वनिधि योजना के तहत), असंगठित श्रमिक (पीएम श्रमयोगी मानधन योजना), आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, गंगा सफाई मिशन के जल योद्धा, निर्माण कार्यकर्ता, माई भारत वॉलंटियर्स, NDMA कार्यकर्ता, उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के लाभार्थी, खादी विकास योजना और महिला कोयर योजना के तहत प्रशिक्षित महिला कारीगर, पीएम मुद्रा योजना से समर्थित महिला उद्यमी, पीएम आवास योजना (ग्रामीण) और जल जीवन मिशन के लाभार्थी शामिल हैं।
‘मन की बात’ में हिस्सा लेने वालों को भी न्यौता
‘मन की बात’ कार्यक्रम में भाग लेने वाले, युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम 2026 के विदेशी प्रतिनिधि, ग्लोबल बौद्ध समिट में शामिल होने वाले मठों के प्रतिनिधि और जूनियर इंटरनेशनल ऑलंपियाड ऑन एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स 2025 के पदक विजेता भी इन खास मेहमानों में शामिल हैं। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इन मेहमानों को आमंत्रित करने का उद्देश्य उनके राष्ट्र-निर्माण में योगदान को सम्मानित करना और राष्ट्रीय महत्व की घटनाओं में जन भागीदारी को बढ़ाना है। इन खास मेहमानों को कर्तव्य पथ पर प्रमुख स्थान पर बैठने की व्यवस्था की गई है।मेहमानों के लिए परेड के अलावा हुए ये इंतजाम
परेड के अलावा, मेहमानों के लिए नेशनल वॉर मेमोरियल, पीएम संग्रहालय और दिल्ली के अन्य प्रमुख स्थलों का दौरा कराने की व्यवस्था की गई है। उन्हें संबंधित मंत्रियों से भी मिलने और बातचीत का मौका मिलेगा। इस साल गणतंत्र दिवस समारोह में एक नई पहल के तहत बैठने की जगहों को भारतीय नदियों के नाम पर रखा गया है। इससे मेहमानों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था में भी कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। दिल्ली पुलिस ने कर्तव्य पथ और पूरे नई दिल्ली जिले में व्यापक, तकनीक आधारित सुरक्षा व्यवस्था लगा दी है। खुफिया एजेंसियों से मिले कई आतंकवाद संबंधी खतरे के इनपुट्स को देखते हुए यह कड़ी सुरक्षा की गई है।

Neha Kakkar: ‘राई का पहाड़ कैसे…’, रिश्तों से ब्रेक लेने वाले पोस्ट को पहले किया डिलीट, अब भड़कीं नेहा कक्कड़, पति को लेकर कही ऐसी-ऐसी बात

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सिंगर नेहा कक्कड़ ने बीते दिन एक क्रिप्टिक पोस्ट साझा किया था। ये पोस्ट उन्होंने कुछ ही मिनट में डिलीट कर दिया, लेकिन इसके बावजूद ये पोस्ट वायरल हो गया। अब सिंगर ने अपने ऐसा करने की वजय साझा की और सभी कयासों पर लगाम लगा दी है।सिंगर नेहा कक्कड़ ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया पोस्ट के बाद पैदा हुईं तलाक की अफवाहों को साफ तौर पर खारिज किया है। मामला तब चर्चा में आया जब नेहा ने इंस्टाग्राम पर एक भावनात्मक पोस्ट शेयर किया, जिसमें उन्होंने जिम्मेदारियों, रिश्तों और काम से ब्रेक लेने की बात कही थी। इस पोस्ट के कुछ ही मिनटों में उन्होंने नोट्स हटा दिए, लेकिन इससे उनकी पर्सनल लाइफ को लेकर अटकलों की बाढ़ सोशल मीडिया पर फैल गई। ये पोस्ट वायरल होने लगा और लोग कयास लगाने लगे कि उनके रिश्तों में अनबन है। कई लोगों ने सोचा कि सिंगर का तलाक होने वाले है। इन अफवाहों के बीच सिंगर ने चुप्पी तोड़ी और लोगों को सच्चाई से वाकिफ करा दिया है।
नेहा ने दी सफाई
सोमवार को नेहा ने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर स्पष्ट किया कि उनके पति या परिवार को इस सब में घसीटा न जाए। उन्होंने लिखा, ‘दोस्तों प्लीज मेरे मासूम पति या मेरे प्यारे परिवार को इस सब में मत घसीटो। वे सबसे अच्छे लोग हैं जिन्हें मैं जानती हूं और मैं जो कुछ भी हूं, वह उनका सपोर्ट होने की वजह से है।’ उन्होंने बताया कि उन्हें कुछ सिस्टम और लोगों से परेशानी है, लेकिन इसका अपने परिवार या पति से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने आगे लिखा, ‘कई और लोग और सिस्टम है जिससे मैं परेशान हूं। मुझे लगता है अब आप समझ गए होंगे और मेरे पति और परिवार को इस सब से दूर रखेंगे।’नेहा ने मानी गलती
नेहा ने अपनी गलती भी मानी कि उन्होंने सोशल मीडिया पर इतने इमोशनल होकर पोस्ट किया। उन्होंने अपने फैंस को भरोसा दिलाया, ‘हां मैं मानती हूं कि सोशल मीडिया पर मुझे पोस्ट करते हुए इतना इमोशनल नहीं होना चाहिए, क्योंकि मीडिया के लोग ये अच्चे से जानते हैं कि राई का पहाड़ कैसे बनाया जाता है। मैंने सबक सीख लिया है। अब से मैं अपनी पर्सनल लाइफ के बारे में कोई बात नहीं करूंगी भाईसाहब। बेचारी इमोशनल नेहू इस दुनिया के हिसाब से ज्यादा ही इमोशनल है। सॉरी और थैक्यू। परेशान न हों, मैं जल्द और धमाकेदार अंदाज में वापसी करूंगी। बहुत सारा प्यार।’
नेहा कक्कड़ का करियर
इससे पहले नेहा ने पैपराजी और फैंस से रिक्वेस्ट की थी कि उन्हें इस ब्रेक के दौरान फिल्म न करें और उनकी प्राइवेसी का सम्मान करें। उन्होंने लिखा था, ‘मुझे इस दुनिया में आजादी से जीने दें। प्लीज कोई कैमरा नहीं।’ नेहा कक्कड़ ने पिछले कुछ सालों में हिंदी म्यूजिक इंडस्ट्री में कई हिट गाने दिए हैं, जिनमें ‘आंख मारे’, ‘दिलबर’, ‘हौले हौले’, ‘मोरनी बनके’ जैसे सुपरहिट शामिल हैं। इसके अलावा वह म्यूजिक रियलिटी शो में जज के रूप में भी नजर आती हैं। इस घटना ने फिर से साबित कर दिया कि नेहा कक्कड़ की पर्सनल लाइफ और उनकी हर सोशल मीडिया गतिविधि फैंस और मीडिया के लिए हमेशा चर्चा का विषय बनी रहती है।

कर्तव्य पथ पर परेड देखने के लिए 10 हजार खास मेहमानों को न्योता, जानें कौन-कौन हैं शामिल

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गणतंत्र दिवस 2026 के मौके पर कर्तव्य पथ पर होने वाली परेड के लिए 10000 खास मेहमानों को आमंत्रित किया गया है। इन मेहमानों में किसान, मजदूर, वैज्ञानिक, स्टार्टअप इनोवेटर्स, महिला उद्यमी और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थी शामिल हैं।
नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस 2026 के मौके पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाली 77वीं गणतंत्र दिवस परेड में करीब 10,000 खास मेहमानों को आमंत्रित किया गया है। विभिन्न क्षेत्रों से ताल्लुक रखने वाले इन मेहमानों ने देश के निर्माण में अपनी उत्कृष्ट भूमिका निभाई है। रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इन मेहमानों को अपने जीवनसाथी के साथ कर्तव्य पथ पर होने वाली शानदार परेड को देखने के लिए न्यौता दिया गया है। ये खास मेहमान आय और रोजगार सृजन, सर्वश्रेष्ठ इनोवेटर्स, शोधकर्ताओं, स्टार्ट-अप्स, स्वयं सहायता समूहों और विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत बेहतरीन प्रदर्शन करने वालों के बीच से चुने गए हैं।मजदूर और किसान भी हैं मेहमानों में शामिल
बयान के मुताबिक, इन मेहमानों में किसान, मजदूर, पैरा एथलीट्स, वैज्ञानिक, लाखपति दीदियां, स्ट्रीट वेंडर्स (पीएम स्वनिधि योजना के तहत), असंगठित श्रमिक (पीएम श्रमयोगी मानधन योजना), आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, गंगा सफाई मिशन के जल योद्धा, निर्माण कार्यकर्ता, माई भारत वॉलंटियर्स, NDMA कार्यकर्ता, उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के लाभार्थी, खादी विकास योजना और महिला कोयर योजना के तहत प्रशिक्षित महिला कारीगर, पीएम मुद्रा योजना से समर्थित महिला उद्यमी, पीएम आवास योजना (ग्रामीण) और जल जीवन मिशन के लाभार्थी शामिल हैं।

‘मन की बात’ में हिस्सा लेने वालों को भी न्यौता
‘मन की बात’ कार्यक्रम में भाग लेने वाले, युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम 2026 के विदेशी प्रतिनिधि, ग्लोबल बौद्ध समिट में शामिल होने वाले मठों के प्रतिनिधि और जूनियर इंटरनेशनल ऑलंपियाड ऑन एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स 2025 के पदक विजेता भी इन खास मेहमानों में शामिल हैं। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इन मेहमानों को आमंत्रित करने का उद्देश्य उनके राष्ट्र-निर्माण में योगदान को सम्मानित करना और राष्ट्रीय महत्व की घटनाओं में जन भागीदारी को बढ़ाना है। इन खास मेहमानों को कर्तव्य पथ पर प्रमुख स्थान पर बैठने की व्यवस्था की गई है।

मेहमानों के लिए परेड के अलावा हुए ये इंतजाम
परेड के अलावा, मेहमानों के लिए नेशनल वॉर मेमोरियल, पीएम संग्रहालय और दिल्ली के अन्य प्रमुख स्थलों का दौरा कराने की व्यवस्था की गई है। उन्हें संबंधित मंत्रियों से भी मिलने और बातचीत का मौका मिलेगा। इस साल गणतंत्र दिवस समारोह में एक नई पहल के तहत बैठने की जगहों को भारतीय नदियों के नाम पर रखा गया है। इससे मेहमानों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था में भी कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। दिल्ली पुलिस ने कर्तव्य पथ और पूरे नई दिल्ली जिले में व्यापक, तकनीक आधारित सुरक्षा व्यवस्था लगा दी है। खुफिया एजेंसियों से मिले कई आतंकवाद संबंधी खतरे के इनपुट्स को देखते हुए यह कड़ी सुरक्षा की गई है।