Tuesday, April 7, 2026
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पत्नी और ससुराल वालों पर हत्या की साजिश का आरोप – रविन्द्र कुमार तिवारी केस

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कानपुर/पटना।
रेलवे में कार्यरत एक चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने सनसनी मचा दी है। मृतक के पिता ने अपनी बहू और उसके मायके वालों पर हत्या की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है। मामला अब कानूनी पचड़े में उलझता जा रहा है और पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है।

मृतक रविन्द्र कुमार तिवारी (28) अरवल, बिहार के अमरा गांव निवासी थे। वे माता वैष्णो देवी कटरा स्टेशन पर पदस्थापित थे। पिता रामगोविन्द तिवारी का कहना है कि बेटा 4 जून 2025 को छुट्टी पर घर आया था और सीधे ससुराल, लंका कछुआरा (थाना गौरीचक, पटना) पहुंच गया। वहीं से उसने 5 और 6 जून को एनटीपीसी की परीक्षा भी दी। इसके बाद 7 जून को घर लौटा और माता-पिता से बताया कि उसका दांपत्य जीवन ठीक नहीं चल रहा है।

वेतन पर ससुराल का कब्जा?

परिजनों का आरोप है कि मृतक की पत्नी मौसमी देवी उस पर लगातार दबाव बनाती थी कि अपनी सैलरी का अधिकांश पैसा वह अपने मायके भेजे। पिछले महीने ही करीब डेढ़ लाख रुपये ससुराल के खाते में ट्रांसफर किए गए थे। इसको लेकर पति-पत्नी में अकसर विवाद होता था। पिता का कहना है कि जब उन्होंने बेटे से इस बारे में पूछा तो उसने खुद स्वीकार किया कि पत्नी और ससुर लगातार पैसों को लेकर दबाव बना रहे हैं।

ट्रेन यात्रा के दौरान फोन पर जताई थी आशंका

9 जून को रविन्द्र ड्यूटी पर लौटने के लिए बस से पटना गया और वहां से सम्पूर्ण क्रांति एक्सप्रेस पकड़कर नई दिल्ली रवाना हुआ। ट्रेन में बैठने के बाद उसने घर फोन किया और बताया कि ससुर और पत्नी पैसों के लिए तरह-तरह का दबाव डाल रहे हैं। रविन्द्र ने यह भी आशंका जताई कि कहीं पत्नी और ससुराल वाले उसकी हत्या न करवा दें, ताकि मुआवजा व अनुकंपा नौकरी मौसमी देवी को मिल जाए।

पराई मोहब्बत से बढ़ा तनाव?

पिता रामगोविन्द तिवारी का दावा है कि उनकी बहू का अपने मायके अमिया विगहा गांव के एक युवक से लगातार संपर्क था। मोबाइल पर बातें और चैटिंग को लेकर पति-पत्नी के बीच झगड़े होते रहते थे। आरोप है कि वही युवक भी रविन्द्र को धमकाता था। इस कारण मृतक मानसिक तनाव में रहने लगा था।

“दुर्घटना नहीं, सोची-समझी साजिश”

रामगोविन्द तिवारी का कहना है कि बेटे की मौत ट्रेन से गिरने की दुर्घटना नहीं है, बल्कि एक सोची-समझी साजिश है। इसमें उसकी पत्नी मौसमी देवी, ससुर मुरली तिवारी, सास रानी देवी और उक्त युवक की मिलीभगत है।

पुलिस में दी तहरीर

पीड़ित पिता ने थाना यकेरी (कानपुर नगर) को लिखित शिकायत देकर मामले की प्राथमिकी दर्ज करने और ससुराल पक्ष पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। तहरीर में बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल कॉल डिटेल को भी साक्ष्य के रूप में पेश करने की बात कही गई है।

परिवार में कोहराम

इस सनसनीखेज घटना के बाद अरवल जिले के अमरा गांव में मातम का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि रविन्द्र पढ़ाई में अच्छा था और मेहनत से रेलवे की नौकरी हासिल की थी। शादी के महज 15 महीने बाद ही उसकी असमय मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है।

अब पुलिस जांच और एफआईआर के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह वाकई दुर्घटना थी या फिर पत्नी और ससुराल वालों की साजिश से अंजाम दी गई हत्या।

गांव खड़का में जलभराव की गंभीर समस्या, नाला निर्माण नहीं होने से ग्रामीण परेशान

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सीतामढ़ी।
सीतामढ़ी जिले के वार्ड संख्या 20, गांव खड़का के लोग इन दिनों जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। गांव के निवासी अभिषेक कुमार ने इस गंभीर समस्या को उठाते हुए बताया कि नाला निर्माण न होने के कारण गली में हर समय पानी भरा रहता है।

आवागमन ठप, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित

ग्रामीणों ने बताया कि जलभराव के कारण बच्चों को स्कूल आने-जाने में दिक़्क़त होती है। वहीं, महिलाएँ और बुज़ुर्ग सुरक्षित ढंग से बाहर निकल भी नहीं पा रहे हैं। कई घरों के सामने गंदा पानी जमा है, जिससे बदबू और गंदगी फैल रही है। इससे संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।

शिकायत पर नहीं हुई सुनवाई

अभिषेक कुमार ने कहा कि वे इस विषय को लेकर कई बार आवेदन दे चुके हैं, लेकिन अब तक किसी भी स्तर पर सुनवाई नहीं हुई। यहां तक कि जब वे वार्ड कार्यालय पहुंचे तो उनकी बात को नज़रअंदाज़ कर दिया गया और उन्हें भगा दिया गया। इससे ग्रामीणों में नाराज़गी है।

गांव में स्वास्थ्य संकट का खतरा

गांव खड़का के लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में यह जलभराव और भी खतरनाक हो सकता है। गंदे पानी में मच्छर पनप रहे हैं, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द नाला निर्माण कराने की मांग की है।

अभिषेक कुमार ने जलभराव की स्थिति का वीडियो और फोटो भी साझा किया है, जिससे साफ दिखाई देता है कि समस्या विकराल रूप ले चुकी है।

पत्नी पर जानलेवा साजिश और गहनों की चोरी का आरोप, परिवार ने लगाई न्याय की गुहार

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आज़मगढ़ :
उदाराम कापूरा गांव निवासी रामचंद्र गिरी पुत्र जयप्रकाश गिरी का विवाह वर्ष 2016 में मोनी गिरी से हुआ था। शुरुआत में पत्नी गांव में रही, इसके बाद रामचंद्र उसे अपने साथ लुधियाना ले गया, जहां दोनों किराए के मकान में रहने लगे।

रामचंद्र की बहन सविता गिरी ने मीडिया को बताया कि उनकी भाभी मोनी गिरी कई बार उनके भाई को जान से मारने की कोशिश कर चुकी है। आरोप है कि वह शराब में नशीली वस्तुएं मिलाकर पिलाती थी और अन्य युवकों के साथ उसके अवैध संबंध भी हैं। सविता ने यह भी कहा कि मोनी घर से सभी गहने और जेवरात लेकर फरार हो गई।

पीड़ित परिवार ने बताया कि पूरे मामले की शिकायत अहरौला थाने में दी गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी हो और उन्हें न्याय दिलाया जाए।

पत्नी पर गंभीर आरोप, कार्रवाई की मांग

आजमगढ़: उदाराम कापूरा गांव निवासी रामचंद्र गिरी पुत्र जयप्रकाश गिरी का विवाह वर्ष 2016 में मोनी गिरी से हुआ था। शादी के शुरुआती एक महीने तक पत्नी गांव में रही, इसके बाद रामचंद्र उसे अपने साथ लुधियाना ले गया जहां वे किराए के मकान में रहने लगे।

रामचंद्र की बहन सविता गिरी ने मीडिया को बताया कि उनकी भाभी मोनी गिरी कई बार उनके भाई को जान से मारने की कोशिश कर चुकी है। आरोप है कि वह शराब में नशीली वस्तुएं मिलाकर पिलाती थी और कई अन्य युवकों के साथ उसके अवैध संबंध भी हैं।

अदालत में भी सुनवाई जारी

दूसरी ओर, अम्बेडकरनगर जिला न्यायालय (सिविल जज जू०डि० त्वरित प्रथम / जे०एम० अम्बेडकरनगर) में रामचन्द्र से जुड़ा एक संपत्ति विवाद का मामला भी विचाराधीन है। मामला संख्या 6610, फौजदारी संख्यांक 91619 के अंतर्गत दर्ज है। वर्ष 2018 में इस मामले में धारा 498 और 323 के तहत मुकदमा कायम किया गया था।

अदालत ने नोटिस जारी कर अगली तिथि पर हाजिर होने का निर्देश दिया है और साफ कहा है कि इस मामले में अनुपस्थिति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सविता गिरी ने बताया कि मामले की शिकायत अहरौला थाने में दी गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाई है कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उनके परिवार को न्याय दिलाया जाए।

आनंदगढ़ में जमीन विवाद गहराया, पटवारी व सरपंचपति पर गंभीर आरोप, पीड़ित परिवार ने प्रशासन से सुरक्षा व कार्रवाई की लगाई गुहार

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मैहर (म.प्र.) – तहसील ताला के अंतर्गत आनंदगढ़ गांव में जमीन विवाद गहराने के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। ग्राम निवासी दिनेश कुमार पिता रामकृपाल ने गंभीर आरोप लगाते हुए तहसील, थाना व जिला प्रशासन को कई शिकायती पत्र सौंपे हैं।

दिनेश कुमार का कहना है कि उनकी पुश्तैनी जमीन (आराजी नं. 240/496, रकबा 0.3750 हे.) उनकी माता केसरिया बाई के नाम दर्ज थी, जिनका निधन वर्ष 2021 में हुआ। इसके बाद वे वैध भूमिस्वामी हैं। लेकिन आरोप है कि रामनरेश साहू, रामनिवास साहू व अन्य लोग जबरन उनकी जमीन पर कब्जा कर जुताई-बुआई कर रहे हैं।

पटवारी पर फर्जीवाड़े का आरोप

आवेदक ने शिकायत में आरोप लगाया है कि हल्का आनंदगढ़ के पटवारी पुष्पराज पटेल ने बिना किसी सक्षम न्यायालय के आदेश के, वर्ष 2023-24 में जमीन का हिस्सा रामनिवास साहू (0.2020 हे.) और प्रेमवती साहू (0.1290 हे.) के नाम कंप्यूटर रिकॉर्ड में दर्ज करा दिया। जबकि भूमिराजस्व संहिता की धारा 116 के अनुसार यह संशोधन केवल उच्च अधिकारी के आदेश पर ही संभव है। पीड़ित पक्ष ने पटवारी के खिलाफ विभागीय व कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

सरपंच पर भ्रष्टाचार और दबंगई के आरोप

ग्रामीणों ने अलग शिकायत में ग्राम पंचायत आनंदगढ़ की सरपंच प्रेम पति रामनरेश साहू पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि उन्होंने हरे पेड़ों की अवैध कटाई, आवास योजना में रिश्वतखोरी, बैंक खातों से गरीबों का पैसा निकालना, हैंडपंप का दुरुपयोग, सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार और जमीनों पर जबरन कब्जा जैसे कृत्य किए हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि सरपंच पति को पद से हटाकर उनकी पत्नी से अधिकार वापस लिया जाए।

मारपीट और जान से मारने की धमकी

पीड़ित दिनेश कुमार ने थाना ताला में आवेदन देकर आरोप लगाया है कि 21 दिसंबर 2024 को शाम करीब 4 बजे रामनरेश, रामलखन और रामधनी ने उन्हें गाली-गलौज करते हुए ईंट-पत्थर से हमला कर दिया, जिससे उनके हाथ और सिर पर गंभीर चोटें आईं। किसी तरह उन्होंने जान बचाई। पीड़ित का कहना है कि आरोपियों द्वारा लगातार पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी जा रही है।

पीड़ित ने लगाई गुहार

दिनेश कुमार ने तहसीलदार, कलेक्टर, थाना प्रभारी और विधायक तक से गुहार लगाई है कि जमीन की वैध जांच कराई जाए, दोषी पटवारी और दबंग सरपंच पति पर कड़ी कार्रवाई की जाए और परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो परिवार की जान व जमीन दोनों खतरे में पड़ सकते हैं।

गरीबी में जी रहा ‘सोशल मीडिया स्टार’ सुमित, टूटी झोपड़ी से चला रहा इंस्टाग्राम चैनल

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सीतापुर (उत्तर प्रदेश)।
गरीबी की मार, टूटी झोपड़ी और अधूरी पढ़ाई… लेकिन हौसले बुलंद। सीतापुर जिले के धवारपारा पोस्ट, बेसौली गांव के रहने वाले 18 वर्षीय सुमित कुमार सोशल मीडिया की दुनिया में अपनी पहचान बनाने की जंग लड़ रहे हैं।

सुमित कुमार, पिता संतलाल, का जन्म 1 जनवरी 2004 को हुआ। चार भाई-बहनों में यह दूसरे नंबर पर हैं। परिवार की आर्थिक हालत इतनी खराब है कि ठीक से पढ़ाई भी पूरी नहीं कर पाए। बड़ी बहन सरला देवी की अभी शादी नहीं हुई, और खुद सुमित भी कुंवारे हैं।

गांव में टूटी-फूटी झोपड़ी में रहने वाले सुमित के पास न उच्च शिक्षा है, न सुविधाएं। लेकिन सोशल मीडिया पर अपने वीडियो के जरिए लोगों को जोड़ने का उनका सपना दिन-ब-दिन मजबूत होता जा रहा है। इंस्टाग्राम पर उनके करीब 300 फॉलोअर्स हो चुके हैं और धीरे-धीरे उनकी पहचान बढ़ रही है।

सुमित का कहना है— “मेरे पास ज्यादा साधन नहीं हैं, लेकिन मैं चाहता हूं कि लोग मुझे देखें, मेरे वीडियो को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करें।”

वह अपने मोबाइल से ही वीडियो बनाते हैं, जिसमें गांव की जिंदगी, आम लोगों की कहानियां और मनोरंजन से जुड़ी सामग्री पेश करते हैं। सोशल मीडिया के जरिए वे उम्मीद करते हैं कि एक दिन उनकी किस्मत बदलेगी और उनका परिवार गरीबी से बाहर निकलेगा।

स्थानीय लोग कहते हैं कि सुमित के अंदर मेहनत और लगन है। सही मार्गदर्शन और मदद मिले तो यह युवा भीड़ से अलग अपनी पहचान बना सकता है।

स्थानीय संवाददाता ई खबर मीडिया की रिपोर्ट

ये देश है वीर-जवानों का…,’ गाकर देशभक्ति के रंग में रंगे सीएम डॉ. मोहन, बोले- आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रहीं लहरें

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पूरे देश का उत्साह एवरेस्ट की चोटी से भी ऊंचा हो गया है। दुर्भाग्य है कि लोकतंत्र का अहम हिस्सा विपक्ष के नेता गलतियां करने से बाज नहीं आ रहे।भोपाल: ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 14 अगस्त को बोट क्लब पर आयोजित ‘नौका तिरंगा यात्रा’ में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने यहां मौजूद जनता का अभिवादन किया। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल के तालाब पर लहराते तिरंगे हमें ऊर्जा से लबरेज कर रहे हैं। तालाब की लहरें उन्हें लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रही हैं। हमारी सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास के लिए संकल्पित है। इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर भी सवाल खड़े किए। इस दौरान उन्होंने, ‘ये देश है वीर जवानों का..,; गाना भी गाया। बोट क्लब से पहले सीएम डॉ. यादव मुख्यमंत्री निवास पर निकाली गई तिरंगा यात्रा में भी शामिल हुए।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पूरे देश का उत्साह एवरेस्ट की चोटी से भी ऊंचा हो गया है। दुर्भाग्य है कि लोकतंत्र का अहम हिस्सा विपक्ष के नेता गलतियां करने से बाज नहीं आ रहे। विपक्ष के नेता सेना से कार्रवाई का सबूत मांगते हैं। अब जब पूरा देश 15 अगस्त के मद्देनजर ऑपरेशन सिंदूर को लेकर झूम रहा है उस वक्त भी विपक्ष राजनीतिक गतिविधियां कर रहा है। हमारे न्यायालय, हमारी सेनाएं और चुनाव आयोग देश के लोकतंत्र के स्तंभ हैं। विपक्ष इन्हीं पर सवाल खड़े कर रहा है। लेकिन, यह प्रश्न उनकी ओर ही बढ़ रहा है कि वे लोकतंत्र पर भरोसा करते हैं कि नहीं करते हैं।

जन कल्याण के लिए सरकार संकल्पित
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि आज भोपाल के तालाब पर लहराते तिरंगे हमें ऊर्जा से लबरेज कर रहे हैं। यहां उठ रहीं लहरें हमें हमारे जन कल्याण के संकल्प को याद दिला रही हैं। ये लहरें हमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रही हैं। हमारी सरकार सभी को साथ लेकर प्रदेश के विकास के लिए संकल्पित है। भविष्य में जनता भोपाल के तालाब में भी कश्मीर की डल झील जैसा आनंद उठा सकेगी। मेरी ओर से सभी को स्वतंत्रता दिवस की बधाई।

देखने लायक था नजारा
बता दें, बोट क्लब पर नजारा देखने लायक था। सैकड़ों नावों पर सवार लोग हाथों में तिरंगा लिए देशभक्ति के रंग में रंगे दिखाई दिए। चारों ओर बज रहे गीतों ने देखने वालों का उत्साह चरम पर पहुंचा दिया। लोग खुद भी देशभक्ति के गीत गा रहे थे और अन्य लोगों को भी प्रेरणा दे रहे थे। कई लोग हाथों में देशभक्ति के नारों का पोस्टर लिए लोगों को देश-प्रदेश के विकास के लिए प्रेरित कर रहे थे।

सीएम हाउस में गूंजे देशभक्ति के सुर
गौरतलब है कि, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत मुख्यमंत्री निवास परिसर में तिरंगा यात्रा निकली। इसमें मुख्यमंत्री सचिवालय व निवास के सभी अधिकारी-कर्मचारी, सुरक्षा बल, दीदी कैफ़े की बहनें और समस्त स्टाफ ने हाथों में तिरंगा थामकर देशभक्ति से सराबोर यात्रा में भाग लिया। इस दौरान पूरा परिसर वंदे मातरम् और भारत माता की जय के नारों से गूंज उठा।

गोला गोकर्णनाथ दर्शन के बहाने बुलाकर युवक की ईको गाड़ी से कुचलकर हत्या, तीन आरोपी फरार

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पीलीभीत। थाना सेहरामऊ उत्तरी क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। मूल रूप से ग्राम नरायनपुर गौटिया, मजरा हजरतपुर, थाना तिलहर, जिला शाहजहाँपुर निवासी रामवीर सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि उनके बेटे मुनेन्द्र सिंह की 23 जुलाई 2025 को उसके साले के लड़के राहुल सिंह पुत्र सुदेशपाल सिंह, उसके साथी जगमोहन सिंह पुत्र आरेन्द्र सिंह (दोनों निवासी लालपुर बड़ा गांव, थाना जैतीपुर, जिला शाहजहाँपुर) और राहुल सिंह के साढ़ू लालबहादुर पुत्र तौले सिंह (निवासी मोहल्ला द्वारिकागंज, थाना गोला कोतवाली, जिला लखीमपुर खीरी) ने हत्या कर दी।

पीड़ित के अनुसार, उक्त तीनों आरोपी शाम करीब 5 बजे ईको गाड़ी (नंबर UP 27 BT 6099) लेकर उनके घर आए और मुनेन्द्र को गोला शंकर जी के दर्शन के बहाने अपने साथ ले गए। रास्ते में किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद आरोपियों ने गोला न जाकर खुटार से पूरनपुर रोड की ओर गाड़ी मोड़ ली और थाना सेहरामऊ की चौकी गढ़वाखेड़ा क्षेत्र में गाड़ी से कुचलकर मुनेन्द्र की हत्या कर दी। इसके बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए।

सुबह करीब 6 बजे, 24 जुलाई 2025 को पुलिस चौकी से परिजनों को मुनेन्द्र की मौत की सूचना दी गई। पीड़ित ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

25 साल से कब्जा, 4 साल से विवाद: महिला का परिवार परेशान, फसल कटाई रोकने और मारपीट के आरोप, पुलिस पर पक्षपात का आरोप

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जींद/सफीदो। पिल्लू खेड़ा थाना क्षेत्र के गांव दाहस्थ में 25 साल से कब्जे में रही 5 एकड़ जमीन पर 4 साल से चल रहा विवाद अब हिंसक रूप ले चुका है। सभी परिवार वालों ने आरोप लगाया कि उनके पिता गुलजार सिंह (74) की पैतृक जमीन पर वर्षों से उनका कब्जा है, लेकिन रिश्तेदार मुख्तियार सिंह और उसके परिजन लगातार फसल बोने और काटने से रोकते रहे हैं।

फसल कटाई पर रोक, पुलिस की दखल
पीड़ित परिवार के अनुसार, हर बार फसल पकने पर आरोपी मजदूरों को धमकाकर भगा देते हैं। हाल ही में जब उन्होंने गेहूं की कटाई के लिए मशीन लगाई तो मुख्तियार सिंह ने पुलिस बुला ली। पुलिस ने धारा 145 का हवाला देते हुए कटाई रोक दी और प्रशासन ने उनकी पकी फसल कटवा दी।

मारपीट में मां और भाई घायल
13 अगस्त की दोपहर इसी विवाद में आरोपियों ने पीड़िता के भाई इंद्रपाल सिंह और मां चरणजीत कौर के साथ जमकर मारपीट की। हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

उच्च अधिकारियों तक गुहार बेअसर
गुलजार सिंह का कहना है कि उन्होंने 2020 से 2025 के बीच डीजीपी हरियाणा, के सभी प्रशासन अधिकारियो को दर्जनों शिकायतें भेजीं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ एक आरोपी पर चालान हुआ, बाकी को पुलिस ने छोड़ दिया।
उनका आरोप है कि पिल्लू खेड़ा थाना पुलिस के एसएचओ दीवान सिंह, एसएसआई विनोद कुमार और रोहतास कुमार आरोपी पक्ष से मिलीभगत कर रहे हैं और समझौते का दबाव डालते हैं।

धमकियां और फसल को आग लगाने की चेतावनी
पीड़ित का आरोप है कि आरोपी खुलेआम खेतों में बैठकर शराब पीते हैं, मजदूरों और कंबाइन चालकों को धमकाते हैं, और यहां तक कह देते हैं कि अगर फसल काटी तो मशीन और फसल को आग लगा देंगे।
गांव में बाकी किसानों की कटाई हो चुकी है, सिर्फ पीड़ित की फसल खड़ी है, जो आंधी, बारिश या आग से बर्बाद होने के खतरे में है।

पीड़िता ने बताया कि आरोपियों ने उनके पिता की जांघों पर चोट पहुंचाई, जिसके बाद अब वह सामान्य रूप से चल-फिर भी नहीं पा रहे हैं। उनका कहना है कि गेहूं की फसल खेत में खड़ी नहीं है, क्योंकि प्रशासन ने धारा 145 लगाकर फसल कटवा ली। फसल पहले ही कट चुकी है और संबंधित खेतों—किला नंबर 19, 20, 22 व 10, 11—पर धारा 145 लागू कर दी गई है। पीड़िता की मांग है कि उनकी साझा 6 खेबत जमीन पर भी धारा 145 लगाई जाए या फिर उनके खेतों से इसे हटाया जाए।

न्याय और सुरक्षा की मांग
गुलजार सिंह ने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें पुलिस सुरक्षा देकर फसल कटाई की अनुमति दी जाए और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही, पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत की जांच कर विभागीय कार्रवाई की जाए।

चिखलीकलां से 31 वर्षीय युवक 20 दिन से लापता, परिजनों की चिंता बढ़ी

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बैतूल/मुलताई।
ग्राम चिखलीकलां थाना मुलताई का 31 वर्षीय युवक प्रभात रघुवंशी उर्फ गोलू बीते 20 दिनों से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता है। परिजनों के अनुसार, 29 जुलाई की शाम करीब 7 बजे वह घर से बाहर निकला और फिर कभी वापस नहीं लौटा। लगातार खोजबीन के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

प्रभात की मां लल्लीबाई रघुवंशी ने बताया कि घटना वाले दिन उनका बेटा कहीं जाने की तैयारी में था। उन्होंने उसे रोककर कहा कि पहले जीजा के आने पर खाना खाकर जाना, लेकिन प्रभात ने कहा कि “घोड़ी देर में आता हूं” और गांव की ओर निकल गया। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। पहले तो परिजनों को लगा कि वह अपने चाचा भूरा रघुवंशी के घर चला गया होगा, लेकिन अगले दिन जब कहीं भी पता नहीं चला तो चिंता बढ़ गई।

लल्लीबाई ने बताया कि उन्होंने नजदीकी रिश्तेदारों, गांव और आस-पास के इलाकों में काफी तलाश की, लेकिन प्रभात का कोई अता-पता नहीं मिला। आखिरकार 12 अगस्त को थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।

प्रभात का हुलिया — रंग सांवला, कद करीब 5 फीट, सामान्य शरीर, अंतिम बार काली-सफेद हॉफ टी-शर्ट और सफेद-ग्रे जींस पहने हुए देखा गया था। उसके एक पैर के पंजे पर जलने का निशान भी है। वह हिंदी और क्षेत्रीय भाषा बोलता है तथा 10वीं और पॉलिटेक्निक तक पढ़ा है।

थाना मुलताई पुलिस ने गुम इंसान क्रमांक 00/25 दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। परिजन लोगों से अपील कर रहे हैं कि अगर किसी को प्रभात के बारे में कोई भी जानकारी हो तो तुरंत पुलिस या दिए गए नंबर 7987761839, 8225916079 पर संपर्क करें।

गांव में चर्चा है कि 20 दिन से युवक के गायब होने और अब तक कोई सुराग न मिलने से मामला रहस्यमय बन गया है। ग्रामीण भी तरह-तरह की अटकलें लगा रहे हैं, जबकि परिवार गहरे सदमे और चिंता में है।जो भी कोई व्यक्ति प्रभात के बारे में जानकारी देगा उसको ₹1000 रुपए की राशि इनाम के तौर पर दी जाएगी

स्थानीय संवाददाता ई खबर मीडिया की रिपोर्ट

मीरजापुर में फ्रीज की किस्त पर दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी, पीड़ित ने लगाई न्याय की गुहार

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मीरजापुर।
जिले में एक व्यक्ति के साथ किस्त पर फ्रीज दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित ने थाना प्रभारी को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित ओम प्रकाश मौर्य पुत्र श्रीराम मौर्य, निवासी बाम कनकसराय, थाना कछवां, को फ्रीज की आवश्यकता थी। इस संबंध में उन्होंने अपने ही गांव के संतोष पुत्र राजपत मौर्य से बात की, जो कथित रूप से टीवीएस कंपनी में फाइनेंस का काम करता है। संतोष पीड़ित को कछवां बाजार स्थित ‘योर शॉप’ नामक दुकान पर ले गया, जहां 15,000 रुपये में फ्रीज देने की डील तय हुई।

बातचीत के अनुसार, ओम प्रकाश ने 3,500 रुपये नगद दिए और बाकी रकम 8 माह की किस्तों में 1,724 रुपये प्रतिमाह देने पर सहमति बनी। पीड़ित का कहना है कि उसने लगातार 6 माह तक किस्तें संतोष को नगद दीं।

आरोप है कि 7वीं और 8वीं किस्त (कुल 3,548 रुपये) देने के लिए संतोष ने उसे संगम सिंह नामक व्यक्ति (मो. नं. 6386465384) के खाते में रकम भेजने को कहा। ओम प्रकाश ने यह रकम अपने भाई जय प्रकाश के खाते से ट्रांसफर कर दी। लेकिन संगम सिंह ने यह रकम कंपनी में जमा नहीं की।

पीड़ित के अनुसार, बकाया किस्त जमा न होने पर केबीएस कंपनी के सुपरवाइजर (मो. नं. 8037241578) का फोन आया, जिसमें उनसे 4,700 रुपये जमा करने के लिए कहा गया। जब ओम प्रकाश ने संतोष से इस बारे में पूछा तो उसने पल्ला झाड़ते हुए कहा कि रकम अधिकारी के खाते में भेज दी गई है, और पीड़ित को संगम सिंह से संपर्क करने को कहा।

ओम प्रकाश का आरोप है कि जब उन्होंने संगम सिंह को फोन किया तो उसने उन्हें गालियां दीं, धमकी दी और कहा कि अपना पैसा भूल जाओ, वरना अंजाम बुरा होगा।

पीड़ित ने थाना प्रभारी से गुहार लगाई है कि संगम सिंह और संतोष से 3,548 रुपये की रकम वापस दिलाई जाए और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि उनके साथ न्याय हो सके।