Tuesday, April 7, 2026
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टीम के ऐलान में इस खिलाड़ी को जबरदस्त फायदा, अचानक लगी लॉटरी

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एशिया कप के लिए किए गए टीम इंडिया के ऐलान में शुभमन गिल को उपकप्तानी की जिम्मेदारी दी गई है। लंबे समय बाद उनकी वापसी टी10 इंटरनेशनल में हुई है।एशिया कप 2025 के लिए भारतीय क्रिकेट टीम का ऐलान कर दिया गया है। टीम की कप्तानी पहले से ही तय थी कि सूर्यकुमार यादव करेंगे। इस बीच टीम के ऐलान के साथ ही एक खिलाड़ी को जबरदस्त फायदा मिलता हुआ दिख रहा है। अभी कुछ दिन पहले तक वो खिलाड़ी टीम का हिस्सा तक नहीं था, लेकिन अचानक किस्मत ने पलटा खाया। इसके बाद चीजें बदलती चली गईं। हम बात कर रहे हैं शुभमन गिल की, जो टेस्ट में टीम इंडिया के कप्तान हैं और अब एशिया कप के लिए भी चुने गए हैं। एशिया कप के लिए शुभमन गिल बने हैं टीम के उपकप्तान
सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम इंडिया इस बार एशिया कप के लिए मैदान में उतरेगी। टीम में उपकप्तानी की जिम्मेदारी शुभमन गिल को दी गई है। इससे पहले दो सीरीज में शुभमन ​टीम इंडिया का हिस्सा नहीं थे, लेकिन उन्होंने ना केवल टीम में अचानक से एंट्री मारी, बल्कि उपकप्तान भी बन गए। इससे पहले ये जिम्मेदारी अक्षर पटेल निभा रहे थे, जो इस बार टीम में तो हैं, लेकिन अब वे बतौर खिलाड़ी ही खेलते हुए नजर आएंगे। पिछले कुछ महीनों में अचानक शुभमन गिल के अच्छे दिन आ गए हैं। वे टेस्ट टीम के तो कप्तान बन गए हैं, साथ ही टी20 में अब उपकप्तानी की जिम्मेदारी​ निभाते हुए नजर आएंगे।

उपकप्तान होने के नाते प्लेइंग इलेवन का भी हिस्सा होंगे​ गिल
बीच में इस ​तरह की खबरें आई थीं कि शुभमन गिल एशिया कप के स्क्वाड का हिस्सा नहीं होंगे। ओपनर के तौर पर अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन नजर आएंगे, वहीं तीसरे सलामी बल्लेबाज की भूमिका यशस्वी जायसवाल निभाते हुए नजर आएंगे। लेकिन टीम का ऐलान किया गया तो उसमें यशस्वी का नाम नहीं था। अब चूंकि शुभमन गिल टीम के उपकप्तान हैं, इसलिए ये भी पक्का है कि वे प्लेइंग इलेवन का हिस्सा होंगे ही। लेकिन वे किस नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आएंगे, ये काफी अहम होने वाला है।

एशिया कप के लिए टीम इंडिया: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), शुभमन गिल (उपकप्तान), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव, संजू सैमसन (विकेटकीपर), हर्षित राणा, रिंकू सिंह।

वो पाप धोने की मशीन नहीं’, प्रेमानंद महाराज से राज कुंद्रा की मुलाकात के बीच बोले खेसारी, लोगों को दी ये नसीहत

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शिल्पा शेट्टी हाल ही में पति राज कुंद्रा के साथ आध्यात्मिक गुरु प्रेमानंद महाराज के दरबार पहुंची थीं, जिसका वीडियो काफी चर्चा में रहा। अब भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव ने एक पोस्ट शेयर किया है, जिसकी चर्चा शुरू हो गई है। खेसारी लाल यादव ने अपने पोस्ट में क्या कहा, चलिए जानते हैं।वृंदावन के आध्यात्मिक गुरु प्रेमानंद महाराज सिर्फ आम लोगों के ही नहीं कई बड़े बॉलीवुड सितारों के भी मार्गदर्शक बन चुके है। विराट कोहली और अनुष्का शर्मा से लेकर मीका सिंह, रवि किशन और नामी सिंगर बी प्राक सहित कई चर्चित सितारे प्रेमानंद महाराज के दरबार पहुंच चुके हैं और उनसे आशीर्वाद ले चुके हैं। हाल ही में शिल्पा शेट्टी भी पति राज कुंद्रा के साथ प्रेमानंद महाराज से मिलने पहुंचीं। इस दौरान बातों-बातों में उन्हें अपने एक किडनी भी ऑफर कर दी, जिसको लेकर राज कुंद्रा काफी ट्रोल भी हुए। अब भोजपुरीसुपरस्टार खेसारी लाल यादव ने प्रेमानंद महाराज को लेकर एक पोस्ट शेयर किया है, जिसकी काफी चर्चा हो रही है।

क्या बोले खेसारी लाल यादव?
भोजपुरी फिल्मों की हिट मशीन कहे जाने वाले खेसारी लाल यादव ने प्रेमानंद महाराज को लेकर जो पोस्ट शेयर किया है, उसमें उन्होंने लिखा- ‘एक अपील, प्रेमानंद महाराज को बस अनुभूति कीजिए, कुछ दिन से नोटिस किए की कई लोग इमेज बनाने के लिए वहां जाने लगे हैं। वो पाप धोने वाले मशीन नहीं हैं। सच्ची श्रद्धा है तो बस उनके बातों का अनुसरण कीजिए। हर जगह प्रमोशन और प्रचार ठीक नहीं लगता। भोरे भोरे ज्यादा ज्ञान लगे फिर भी ठीक है।’

क्या राज कुंद्रा और शिल्पा शेट्टी पर था खेसारी का निशाना?
खेसारी लाल यादव का ये पोस्ट आते ही अब इस बात की चर्चा शुरू हो गई है कि क्या भोजपुरी सुपरस्टार ने इस पोस्ट के जरिए राज कुंद्रा पर निशाना साधा है। दरअसल, खेसारी का ये पोस्ट ऐसे समय पर आया है, जब राज कुंद्रा हाल ही में प्रेमानंद महाराज से मिलने पहुंचे थे और इस दौरान उन्होंने आध्यात्मिक गुरु को अपनी किडनी तक ऑफर कर दी थी। इस पर राज कुंद्रा काफी ट्रोल भी हुए। ऐसे में यूजर्स का कहना है कि खेसारी ने बिना नाम लिए राज कुंद्रा पर निशाना साधा है।

फिर विवादों में राज कुंद्रा और शिल्पा शेट्टी
बता दें, इन दिनों राज कुंद्रा का नाम एक बार फिर विवादों में घिरा है। पहले पोर्नोग्राफी से लेकर क्रिप्टोकरेंसी तक में उनका नाम आ चुका है। अब हाल ही में उन पर एक बिजनेसमैन ने 60 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। बिजनेसमैन ने राज कुंद्रा के खिलाफ केस भी दर्ज करवाया है, जिसमें ने उन पर आरोप लगाया कि उसने उनकी कंपनी में निवेश के रूप में 60.48 करोड़ रुपये के करीब दिए थे, लेकिन इन रुपयों का इस्तेमाल बिजनेस में लगाने की बजाय पर्सनल खर्चों पर कर दिया। इसी विवाद के ठीक दूसरे दिन राज कुंद्रा वृंदावन में प्रेमानंद महाराज से मिलने पहुंचे थे।

CM मोहन यादव की कोशिशें लाई रंग, जर्मनी की 5 अग्रणी कंपनियां 18 अगस्त से मध्य प्रदेश के दौरे पर

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के विदेशी निवेश संवर्धन के प्रयासों के उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं। जर्मनी की पांच अग्रणी कंपनियां 18 अगस्त से पांच दिनों के लिए मध्य प्रदेश के दौरे पर आ रही हैं।भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विदेशी निवेश आकर्षित करने के प्रयासों के परिणाम आना शुरू हो गए हैं। विदेशी निवेश संवर्धन के लिए मुख्यमंत्री के यूरोप दौरे के फलस्वरूप अब जर्मन की कंपनियों ने मध्य प्रदेश का रूख किया है। मध्यप्रदेश ग्लोबल स्टार्टअप एक्सचेंज कार्यक्रम के अंतर्गत 18 अगस्त से 22 अगस्त तक पांच अग्रणी जर्मन टेक कंपनियों का दौरा शुरू हो रहा है। इसमें मध्य प्रदेश और जर्मनी के बीच व्यापार एवं नवाचार को मजबूती मिलेगी। मध्य प्रदेश के उद्यमों और जर्मन कंपनियों के बीच रणनीतिक साझेदारी बढ़ेंगी। साथ ही तकनीकी आदान-प्रदान और निवेश अवसरों में वृद्धि होगी। मध्य प्रदेश ग्लोबल स्टार्ट अप एक्सचेंज कार्यक्रम का उद्देश्य तकनीकी हस्तांतरण को प्रोत्साहित करना, एआई, डेटा एनालिटिक्स और आईटी उद्योग में श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों, नवाचारी प्रयासों का आदान-प्रदान करना है।इन क्षेत्रों में नई संभावनाएं तलाशी जाएंगी
जर्मन कम्पनियों का यह दौरा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाओं का सेतु बनेगा। इससे प्रदेश में अनुसंधान एवं नवाचार की दिशा को नई ऊर्जा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि इस तरह की वैश्विक तकनीकी साझेदारी से प्रदेश में नवाचार और रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “यह पहल केवल तकनीकी सहयोग का आरंभ नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के लिए एक व्यापक नवाचार यात्रा की नींव है। ग्लोबल नॉलेज एक्सचेंज और कटिंग-एज टेक्नोलॉजी से विकसित होने वाली ट्रांस्फॉर्मेटिव साझेदारियां प्रदेश के स्टार्ट-अप्स और उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में सहायक होंगी।”

प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन होंगे?
प्रतिनिधिमंडल में टाइलर्स के स्टीवन रैनविक, टैलोनिक के निकोलस, स्टेएक्स के एलेक्सजेन्ड्रा के मिकीटयूक, क्यू-नेक्ट-एजी के मटियास प्रोग्चा और क्लाउड-स्क्विड के फिलिप रेजमूश शामिल हैं। ये कंपनियां वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डेटा इंटीग्रेशन, वर्कफ़्लो ऑटोमेशन, आईओटी और कनेक्टिविटी सॉल्युशंस, एंटरप्राइज़ सॉफ्टवेयर तथा डॉक्यूमेंट प्रोसेसिंग एआई तकनीक के क्षेत्र में विशेषज्ञता के लिए जानी जाती हैं। इन कंपनियों का अनुभव और तकनीकी क्षमता मध्यप्रदेश के उद्यमियों, स्टार्ट-अप्स और युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगी।

इंदौर और भोपाल का दौरा करेगा प्रतिनिधिमंडल
प्रतिनिधिमंडल इंदौर प्रवास के दौरान तकनीकी कार्यशालाओं और रणनीतिक चर्चाओं में शामिल रहेगा। प्रतिनिधिमंडल आईआईटी इंदौर में इनक्यूबेशन सेंटर का भ्रमण करेगा और स्थानीय स्टार्ट-अप्स से संवाद स्थापित करेगा। इसके बाद भोपाल प्रवास के दौरान उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और शैक्षणिक व तकनीकी संस्थानों के साथ उच्चस्तरीय बैठकें होंगी। यह पूरा कार्यक्रम तकनीकी सहयोग, अनुसंधान और निवेश से जुड़ी ठोस संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त करेगा।

नर्मदा एक्सप्रेस से गायब अर्चना तिवारी 11 दिन बाद कहां है? हिरासत में कांस्टेबल; परिवार के दावे से उलझी गुत्थी!

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मध्य प्रदेश में इन दिनों सबसे बहुचर्चित अर्चना तिवारी केस में जीआरपी पुलिस ने ग्वालियर के भंवरपुरा थाना में पदस्थ राम सिंह तोमर को हिरासत में लिया है। कांस्टेबल से जीआरपी थाना पुलिस ने पूछताछ की है।ग्वालियरः नर्मदा एक्सप्रेस के एसी कोच B3 से गायब युवती अर्चना तिवारी का अभी तक पुलिस सुराग नहीं लगा पाई है लेकिन परिजनों ने मंगलवार को दावा किया कि अर्चना सकुशल है। जानकारी के मुताबिक अर्चना ने आज यानी मंगलवार को अपने परिवार को कॉल किया था। अर्चना की मां से बातचीत हुई। ⁠हालाँकि अर्चना ने कहां से कॉल किया यह कोई नहीं बता रहा है। परिवार का दावा अर्चना से हुई फोन पर बात

अर्चना तिवारी के मुंह बोले भाई अंशुल मिश्रा ने दावा किया है कि उसकी अर्चना तिवारी से बात हो गई है। अर्चना तिवारी सकुशल है और वह उसको लेने के लिए ग्वालियर रवाना हो गए हैं। हालांकि जीआरपी पुलिस को अभी तक अर्चना तिवारी का कोई सुराग नहीं मिला है।

जीआरपी ने कांस्टेबल को हिरासत में लेकर की पूछताछ

मामले की जांच कर रही जीआरपी पुलिस ने बताया है कि युवती की ग्वालियर के भंवरपुर थाने में पदस्थ पुलिस कांस्टेबल से फोन पर बात होती थी। अर्चना का टिकट ग्वालियर के एक पुलिस कांस्टेबल ने ही बुक किया था। जीआरपी ने पुलिस कांस्टेबल को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। बताया जा रहा है कि कांस्टेबल को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है। वहीं पुलिस कांस्टेबल ने माना है कि उसकी अर्चना से बात होती थी और ट्रेन का टिकट भी उसी ने बुक किया था हालांकि कास्टेबल ने अर्चना से मुलाकात से इनकार किया है।

आरक्षक राम तोमर का कहना है कि मैं अर्चना से कभी नहीं मिला। उसे कभी देखा तक नहीं। दोस्त विक्रम राजावत के जरिये उससे फोन पर मेरी बातचीत हुई थी। अर्चना से मेरी केवल मोबाइल पर बात हुई है, मेरा इस मामले में कोई लेना-देना नहीं है। मुझे फंसाया जा रहा है, मैं बेकसूर हूँ, मैंने केवल उसका टिकट कराया था, अर्चना कहां है मुझे नहीं पता।

7 अगस्त को ट्रेन से लापता हो गई अर्चना

बता दें कि सिविल जज की तैयारी कर रही अर्चना तिवारी ⁠7 अगस्त को चलती ट्रेन से लापता हो गई थी। वह 6 अगस्त को नर्मदा एक्सप्रेस मध्य प्रदेश के कटनी साउथ स्टेशन पर पहुंची तो वहां सिर्फ़ उसका बैग बचा था, जिसमें एक राखी, एक रूमाल और बच्चों के लिए उपहार थे। जिस महिला ने रक्षाबंधन की इन ज़रूरी चीज़ों को बड़ी सावधानी से पैक किया था, उसका कहीं पता नहीं चला।

29 वर्षीय अर्चना तिवारी के लापता होने के बाद कई राज्यों में तलाशी अभियान शुरू हो गया है और यह सवाल भी उठ रहे हैं कि घर पहुंचने के लिए 12 घंटे की सामान्य यात्रा के दौरान क्या हुआ। उसके लापता होने के लगभग दो हफ़्ते बाद कोई सुराग नहीं मिला है।

उपराष्ट्रपति चुनाव में दिलचस्प होगा मुकाबला, NDA के राधाकृष्णन के खिलाफ विपक्ष ने बी सुदर्शन रेड्डी को उतारा

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उपराष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष का उम्मीदवार कौन होगा, इसे लेकर अब फैसला हो गया है। विपक्ष की तरफ से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी सुदर्शन रेड्डी के नाम का ऐलान किया है।उपराष्ट्रपति पद के लिए आज विपक्ष ने भी अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। घोषणा के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी सुदर्शन रेड्डी विपक्ष के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार होंगे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर हुई बैठक में उनके नाम का ऐलान कर दिया गया। इस तरह से अब एनडीए के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन के सामने बी सुदर्शन रेड्डी होंगे। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों उम्मीदवारों के बीच उपराष्ट्रपति के पद के लिए मुकाबला दिलचस्प होने वाला है। हालांकि नंबर गेम के मुताबिक एनडीए गठबंधन के उम्मीदवार का पलड़ा भारी है। खरगे ने किया नाम का ऐलान

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इंडिया गठबंधन के सहयोगियों के साथ हो रही बैठक में उपराष्ट्रपति पद के लिए बी सुदर्शन रेड्डी के नाम का ऐलान किया। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, “बी. सुदर्शन रेड्डी भारत के सबसे प्रतिष्ठित और प्रगतिशील न्यायविदों में से एक हैं। उनका एक लंबा और प्रतिष्ठित कानूनी करियर रहा है, जिसमें आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में कार्य शामिल है।

खरगे ने आगे कहा, रेड्डी सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय के एक निरंतर और साहसी चैंपियन रहे हैं। वह एक गरीब आदमी हैं और यदि आप कई फैसले पढ़ेंगे, तो आपको पता चलेगा कि उन्होंने कैसे गरीब लोगों का पक्ष लिया और संविधान और मौलिक अधिकारों की भी रक्षा की।”

बी सुदर्शन रेड्डी को क्यों चुना गया

जाति जनगणना के बाद तेलंगाना सरकार द्वारा नियुक्त स्वतंत्र विशेषज्ञ कार्य समूह (IEWG) का नेतृत्व सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश बी सुदर्शन रेड्डी ने ही किया था। इस समिति ने राज्य सरकार को अपनी 300 पृष्ठों की रिपोर्ट सौंपी। समूह ने कांग्रेस सरकार द्वारा कराए गए सामाजिक-आर्थिक, शिक्षा, रोजगार, राजनीतिक और जातिगत (SEEEPC) सर्वेक्षण की कार्यप्रणाली को वैज्ञानिक, प्रामाणिक और विश्वसनीय बताते हुए कहा कि यह देश के लिए एक आदर्श बनेगा।

कैरगर डिफेंस अकादमी पर अभिभावक ने लगाए गंभीर आरोप, ₹2.14 लाख की फीस वसूली पर उठे सवाल

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यमुनानगर | 18 अगस्त 2025

यमुनानगर स्थित Career Defence Academy एक बार फिर सवालों के घेरे में है। अकादमी में एडमिशन दिलाने वाले एक अभिभावक ने संस्था पर भारी-भरकम फीस वसूली, झूठे वादे और सुविधाओं की भारी कमी के गंभीर आरोप लगाए हैं।

शिकायतकर्ता ललित सिंह (Ex. No. 3701030) ने बताया कि उन्होंने अपने दोनों पुत्रों – सौरभ और दीपक भंडारी – का एडमिशन महज़ 14 दिन पहले कराया था। इसके लिए अकादमी ने उनसे ₹2,14,000 की मोटी रकम वसूल की थी। लेकिन अब उन्होंने बच्चों को संस्थान से निकालकर वापस घर ले जाने का निर्णय लिया है और जमा रकम की पूरी वापसी (Refund) की मांग की है।

अभिभावक के आरोप

ललित सिंह के अनुसार –

एडमिशन के समय उन्हें बताया गया था कि बच्चों को NDA, IIT की पढ़ाई के साथ डिफेंस ट्रेनिंग और स्पोर्ट्स सुविधाएं दी जाएंगी, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ।

बच्चों से कहा गया था कि उन्हें सीबीएसई पैटर्न पर पढ़ाई कराई जाएगी, लेकिन वास्तविकता में उन्हें हरियाणा बोर्ड का कोर्स पढ़ाया जा रहा है।

बेसिक जरूरत की चीज़ें जैसे चादर, तकिया, दो जोड़ी कपड़े, और किताबें तक उपलब्ध नहीं कराई गईं, जबकि इसके पैसे पहले ही जमा कराए गए थे।

एडमिशन वाले दिन दिए गए सामान (दो चप्पल, दो जींस और दो पिलो, दो जोड़ स्लीपर) इनके पिताजी ने खरीद कर दी थी वो तक गुम हो गए।

बच्चों को घरवालों से केवल 15 दिन में एक बार ही बात कराई जाती है। इन्हीं बातचीत के दौरान बच्चों ने सारी हकीकत परिजनों को बताई।

संस्था ने एडमिशन के दिन ही पूरी रकम वसूल कर EMI का झूठा बहाना बनाया, लेकिन किसी भी तरह की पढ़ाई या ट्रेनिंग पर ध्यान नहीं दिया।

परिजनों का रोष

ललित सिंह का कहना है –
“हमने बच्चों का भविष्य सुरक्षित करने और उन्हें डिफेंस की अच्छी तैयारी दिलाने के लिए इतनी बड़ी रकम दी थी। लेकिन 14-15 दिन गुजर जाने के बाद भी बच्चों को न तो पढ़ाई मिली, न ट्रेनिंग और न ही जरूरी सामान। हमारे ₹2,14,000 तुरंत लौटाए जाएं। यह संस्था केवल नाम और प्रचार के सहारे चल रही है।”

अभिभावक की मांग

जमा की गई पूरी फीस की वापसी की जाए।

बच्चों का सामान और शिक्षा संबंधी रिकॉर्ड तुरंत उपलब्ध कराया जाए।

संस्था की झूठे प्रचार और धोखाधड़ी की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।

पुलिस और प्रशासन की चुप्पी

शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने इस मामले की शिकायत नजदीकी थाने में भी दर्ज कराई है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे परिजनों में आक्रोश है और वे सीधे प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं।

मुजफ्फरपुर में रिटायर्ड फौजी के साथ दबंगई: सौतेली मां-भाभियों पर दीवार व टंकी तोड़ने, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी का आरोप

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मुजफ्फरपुर। हथौड़ी थाना क्षेत्र के भदई वार्ड नंबर-11 में भारतीय सेना से रिटायर्ड जवान के साथ दबंगई का मामला सामने आया है। पीड़ित सेवानिवृत्त फौजी फिरोज दिलकश (57 वर्ष), पिता स्वर्गीय जमील अख्तर ने थाने में लिखित आवेदन देकर अपनी सौतेली मां और सौतेली भाभो पर निजी संपत्ति तोड़ने, गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है।

फिरोज दिलकश का कहना है कि वह अपने परिवार से अलग रहते हैं और अपनी मेहनत से गुजर-बसर करते हैं। बीते 15 अगस्त 2025 को दोपहर करीब 12 बजे उनकी सौतेली मां शबनम खातून (पति स्व. जमील अख्तर), सौतेली भाभो गजाली खातून (पति मोहम्मद दुलारे) और रानी खातून (पति उजाले दिलकश) दबंगई दिखाते हुए उनके घर पर पहुंचीं और लोहे के खंती से उनकी निजी बाउंड्री दीवार और लैट्रिन के टैंक को तोड़ दिया।

पीड़ित ने बताया कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उक्त तीनों ने मिलकर उनके साथ अभद्र गाली-गलौज शुरू कर दिया और मारपीट पर उतारू हो गईं। इतना ही नहीं, उन्होंने जान से मारने और झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी भी दी।

रिटायर्ड फौजी का आरोप है कि यह तीनों महिलाएं लठैत प्रवृत्ति की हैं और आए दिन उनकी संपत्ति को नुकसान पहुंचाती रहती हैं। समाज के लोगों द्वारा कई बार समझाने के बाद भी ये मानने को तैयार नहीं हैं। पीड़ित ने कहा कि उनका इन तीनों से कोई झगड़ा या विवाद नहीं है, फिर भी ये लोग उनकी और उनके परिवार की जिंदगी दुश्वार कर दिए हैं।

फिरोज दिलकश ने थानाध्यक्ष हथौड़ी से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

घर में आगजनी और मारपीट, घायल कई, भाई की साजिशन हत्या का आरोप

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मधेपुर (मधुबनी): थाना मधेपुर क्षेत्र के ग्राम प्रसाद कोयली मुसहरी वार्ड संख्या 1 में एक परिवार पर गंभीर हमले और हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है।

पीड़िता सुर्जी देवी (40 वर्ष) पत्नी प्रीतम लाल ने थाना अध्यक्ष को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि 26 नवंबर 2024 की शाम करीब 7 बजे जब वह घर में खाना बना रही थी, तभी गांव के ही रामप्रसाद सदा (50 वर्ष), बिंदे सदा (25 वर्ष), विमलेश सदा (23 वर्ष), राधानंदन सदा (20 वर्ष) एवं वीणा देवी (45 वर्ष) ने मिलकर उसके घर में आग लगा दी और परिजनों के साथ मारपीट की। इस दौरान मसोमत गालों देवी (60 वर्ष) पत्नी रामेश्वर सदा और रेखा देवी (35 वर्ष) पत्नी राजू सदा गंभीर रूप से घायल हो गईं।

आवेदन में यह भी उल्लेख है कि पीड़िता के भाई संजय सदा (30 वर्ष) को लगातार जान से मारने की धमकी दी जा रही थी। आरोप है कि 16 अगस्त 2025 को सुनियोजित तरीके से गाड़ी से टक्कर मारकर उसकी हत्या कर दी गई। इस हत्या में हीरा सदा (40 वर्ष) पिता जगदीश सदा और विमलेश सदा (23 वर्ष) पिता रामप्रसाद सदा का नाम लिया गया है।

पीड़िता सुर्जी देवी ने पुलिस प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है ताकि दोषियों को गिरफ्तार कर सख्त सजा दी जा सके।

मधेपुरा की ममता कुमारी – सोशल मीडिया के माध्यम से छूना चाहती हैं नई ऊंचाइयां

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मधेपुरा। मधेपुरा जिले के गाँव तुरकाई की 24 वर्षीय ममता कुमारी, जो इस समय दिल्ली में रह रही हैं, सोशल मीडिया की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना रही हैं। साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली ममता ने अपनी मेहनत, लगन और हौसले से सफलता की नई मिसाल कायम की है। आज वह पूरे देश में “सोशल मीडिया क्वीन” के नाम से मशहूर हो रही हैं।

हौसले से शुरू हुई कहानी

ममता कुमारी के सपने बड़े थे, लेकिन शुरुआत आसान नहीं रही। उन्होंने वर्ष 2024 में इंस्टाग्राम पर अपनी यात्रा शुरू की। शुरुआत में यह महज एक शौक था, लेकिन उनकी मेहनत और क्रिएटिविटी ने उन्हें सोशल मीडिया का उभरता सितारा बना दिया। फिलहाल इंस्टाग्राम पर उनके 6,174 से अधिक फॉलोअर्स हैं और वह लगातार वीडियो बनाकर लोगों को आकर्षित कर रही हैं।

सोशल मीडिया हैंडल्स

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नया प्रयास

हाल ही में ममता कुमारी ने इंस्टाग्राम पर एक धार्मिक गाना शेयर किया है, जो भगवान दर्शन को समर्पित है। इस गाने को दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। ममता का कहना है कि वह आगे भी धार्मिक और सामाजिक संदेश वाले गीतों से लोगों को प्रेरित करती रहेंगी।

संदेश – “सपने देखो और उन्हें पूरा करो”

ममता कुमारी का मानना है कि सोशल मीडिया सिर्फ पहचान बनाने का जरिया नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम भी है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे उनके वीडियो देखें और साझा करें, ताकि वह अपने परिवार को आर्थिक तंगी से उबार सकें।

परिवार का सहयोग

इस सफर में उनके पति रेखन कुमार और परिवार ने हर कदम पर उनका साथ दिया। ममता कहती हैं कि उनके परिवार और दर्शकों का प्यार ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।

प्रेरणा – गरीबों के लिए मिसाल

ममता का सपना है कि वह अपनी मेहनत से न केवल अपने परिवार को मजबूत बनाएं, बल्कि उन लोगों के लिए भी प्रेरणा बनें जो कठिनाइयों से जूझ रहे हैं। उनका मानना है कि अगर सपने देखने की हिम्मत और उन्हें पूरा करने की लगन हो, तो हर मुश्किल आसान हो जाती है।

संघर्ष और जज़्बा

ममता कुमारी ने बताया कि उनके दो बेटे थे, जिनमें से एक की छत से गिरने पर मौत हो गई। इस हादसे के बाद घर का खर्चा संभालना और कठिन हो गया। अब वह सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने का प्रयास कर रही हैं।

सबके लिए एक प्रेरणा

ममता कुमारी की कहानी हमें यह सिखाती है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, मेहनत और लगन से हर मंज़िल पाई जा सकती है।

आज ममता कुमारी सिर्फ अपने गांव या परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा बन रही हैं।

वासेपुर में जूस विवाद से शुरू हुई मारपीट, किडनैपिंग और गैंग की धमकी का मामला, थाने में भी नहीं हो रही सुनवाई

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धनबाद/वासेपुर, 11 अगस्त 2025
धनबाद के वासेपुर इलाके से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता सबा फातिमा (पति – जुम्मन कुरैशी उर्फ़ असगर अली कुरैशी) ने आरोप लगाया है कि उनके पति को इलाके के दबंगों ने पहले घर से खींचकर बाहर मारा-पीटा, फिर कई दिनों तक किडनैप करके रखा और अंततः पुलिस की मिलीभगत से जेल भेज दिया गया।

घटना की शुरुआत 3 अगस्त 2025 शाम 8 बजे हुई, जब जुम्मन कुरैशी अपने बीमार बेटे के लिए पास की फल की दुकान से जूस लेने गए। आरोप है कि वहां मौजूद छोटू राजा, वसीम परवेज और अन्य कुछ अज्ञात लोगों ने उन्हें खराब जूस दिया। जुम्मन ने जूस की क्वालिटी पर आपत्ति जताई और कहा कि वह अपने बच्चे को यह जूस नहीं पिला सकते। इस पर दुकानदार और उसके साथियों ने धमकी दी –
“अगर यहां रहना है तो ऐसा ही जूस लेना पड़ेगा।”

मामला इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने घर में मौजूद तीन महिलाओं के सामने ही जुम्मन कुरैशी को खींचकर बाहर निकाला और बेरहमी से पीटा। इसके बाद, आरोप है कि 3 अगस्त से 11 अगस्त तक उन्हें किडनैप करके रखा गया।

सबा फातिमा के अनुसार, जब उन्होंने थाना जाकर लिखित शिकायत दर्ज करानी चाही तो पुलिस ने उनकी बात नहीं सुनी और न ही एफआईआर दर्ज की। 12 अगस्त को जब उन्हें अपने पति की पिटाई का एक वीडियो हाथ लगा और वह सबूत लेकर थाना पहुंचीं, तब भी कोई सुनवाई नहीं हुई। उल्टा, आरोपियों ने कथित रूप से थाने में पैसे देकर उनके पति को ही जेल भिजवा दिया।

सबा फातिमा ने बताया –
“मेरा पति 4 अगस्त से लापता था और 11 अगस्त को विनोद बिहारी चौक और फिर व्यापार रोड पर उन्हें बुरी तरह पीटा गया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि छोटू राजा और वसीम परवेज समेत करीब 10-20 लोग मारपीट कर रहे हैं। यह सब वसीम खान गैंग का हिस्सा हैं, जो इलाके में दहशत फैलाता है, महिलाओं को भी परेशान करता है और पैसे लेकर फर्जी मामलों में फँसाता है।”

इस घटना के बाद से पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। सबा फातिमा का कहना है कि उनका बच्चा बीमार है, घर में कमाने वाला सिर्फ पति ही था और अब उसकी हालत गंभीर है।

इलाके में तनाव का माहौल
वासेपुर क्षेत्र में वसीम खान गैंग के नाम से स्थानीय लोग पहले से ही दहशत में रहते हैं। अब इस घटना के बाद इलाके में तनाव और भय का माहौल है।

प्रशासन पर सवाल
पुलिस पर इस पूरे मामले में पक्षपात और मिलीभगत के आरोप लग रहे हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि जब वीडियो सबूत तक के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की गई और पीड़ित को ही जेल भेज दिया गया, तो आम जनता न्याय की उम्मीद कैसे करे?

अब पीड़ित परिवार ने प्रशासन, उच्चाधिकारियों और सरकार से न्याय की गुहार लगाई है।