Tuesday, April 7, 2026
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मंदसौर से भिलाई तक फैला परिवारिक विवाद, मां से छीना गया 8 महीने का मासूम, पुलिस भी बनी मौन

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मंदसौर/भिलाई।
17 वर्षीय शांति देवी, जिसने अभी हाल ही में 18 की उम्र पार की है, उसकी जिंदगी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। आठ महीने पहले तक वह मां बनी थी, लेकिन अब उसका मासूम बेटा वेदांश राजपूत उसकी गोद से छीन लिया गया है। आरोप सीधे पति नारायण सिंह राजपूत और उसकी मां सीता देवी पर हैं।

जानकारी के अनुसार, शांति देवी की शादी 14 जनवरी 2024 को मंदसौर निवासी नारायण सिंह राजपूत (पुत्र भगवान सिंह राजपूत, मकान नंबर 06, वार्ड 01, घेचाली, मंदसौर) से हुई थी। परिवार ने इस रिश्ते को सामान्य मान लिया था, लेकिन शादी के बाद खुलासा हुआ कि नारायण सिंह पहले से शादीशुदा था। उसकी पहली पत्नी राधा है, जो संतान जन्म देने में असमर्थ बताई जाती है।

इसी बीच, 17 अगस्त 2025 की देर रात 2 बजे का चौंकाने वाला वाकया सामने आया। आरोप है कि नारायण सिंह अपनी मां सीता देवी के साथ शांति देवी के मायके, शास्त्री नगर, कैंप 1, भिलाई दुर्ग (छत्तीसगढ़) पहुंचा और वहां से मासूम वेदांश को उठा ले गया। पीड़िता का कहना है कि यह सब उसकी मर्जी के खिलाफ हुआ और उसके आंखों के सामने से उसका बच्चा छीन लिया गया।

बड़ी बात यह है कि पीड़िता जब थाने पहुंची तो पुलिस ने उसकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। उसका आरोप है कि पुलिस ने कोई कार्रवाई तक नहीं की और मामले को टाल दिया। अब शांति देवी मीडिया और प्रशासन से गुहार लगा रही है कि उसका बच्चा उसे वापस दिलाया जाए।

परिजनों का कहना है कि नारायण सिंह और उसका परिवार अक्सर गुजरात में काम करने जाता है। ऐसे में बच्चे की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। शांति का कहना है कि वह इकलौते सहारे अपने बेटे से वंचित कर दी गई है।
आपको बता दे पाती शांति के साथ मारपीट भी करता था और ससुराल में प्रताड़ित भी करता है।

अब सवाल यह है कि जब पुलिस ही मौन है तो एक मां अपने मासूम बेटे को कैसे वापस पाएगी? शांति देवी के आंसू और उसकी अपील आज पूरे समाज से न्याय की पुकार कर रही है।

स्थानीय संवाददाता ई खबर मीडिया की रिपोर्ट

डेब्यू मैच में बॉलिंग एक्शन पर हुई शिकायत, अब आखिरी 2 वनडे से हुआ बाहर हुआ ये खिलाड़ी

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साउथ अफ्रीका टीम के ऑफ स्पिन गेंदबाज प्रेनेलन सुब्रायन को अपने वनडे डेब्यू मैच में ही बॉलिंग एक्शन के चलते शिकायत का सामना करना पड़ा है। अब वह आखिरी 2 वनडे मैचों में खेलते हुए दिखाई नहीं देंगे।साउथ अफ्रीका टीम अभी ऑस्ट्रेलिया में तीन मैचों की वनडे सीरीज खेल रही है, जिसमें पहले मुकाबले में उन्होंने 98 रनों से जीत हासिल करने के साथ सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। वहीं अब दोनों टीमों के बीच सीरीज का दूसरा मुकाबला 22 अगस्त को खेला जाएगा। पहले वनडे मैच में साउथ अफ्रीका टीम की तरफ से ऑफ स्पिनर प्रेनेलन सुब्रायन को डेब्यू करने का मौका मिला था, लेकिन उसके बाद उनके गेंदबाजी एक्शन को लेकर सवाल उठे जिसको लेकर आईसीसी ने उन्हें बॉलिंग एक्शन की जांच कराने के लिए 14 दिन का सम दिया है। वहीं अब प्रेनेलन सुब्रायन गेंदबाजी एक्शन की जांच रिपोर्ट आने तक आखिरी 2 वनडे मैचों में भी नहीं खेल पाएंगे।

साउथ अफ्रीकी कोच ने अपने बयान में की पुष्टि
प्रेनेलन सुब्रायन के गेंदबाजी एक्शन को लेकर शिकायत होने के बाद आईसीसी की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार उन्हें मान्यता प्राप्त टेस्टिंग सेंटर में जाकर अपने बॉलिंग एक्शन की जांच करानी होगी जिसको लेकर सुब्रायन को 14 दिन का समय दिया गया है। वहीं आईसीसी ने अपनी तरफ से ये भी साफ कर दिया था कि प्रेनेलन सुब्रायन जांच रिपोर्ट आने तक गेंदबाजी करना जारी रखेंगे। अब साउथ अफ्रीका टीम के हेड कोच शुक्री कोनराड ने दूसरे वनडे मैच से ठीक पहले हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये साफ कर दिया की प्रेनेलन सुब्रायन इस सीरीज के बचे आखिरी दोनों वनडे मैच नहीं खेलेंगे भले ही वह चयन के लिए उपलब्ध हैं। उनके गेंदबाजी एक्शन की जांच ब्रिस्बेन स्थित टेस्टिंग सेंटर में होगी।

अफ्रीकी टीम की नजरें लगातार 5वीं सीरीज जीत पर
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ साउथ अफ्रीका टीम का पिछली चार द्विपक्षीय वनडे सीरीज में शानदार प्रदर्शन देखने को मिला है, जिसमें वह सभी को अपने नाम करने में कामयाब हुई हैं। इसमें से एक सीरीज ऑस्ट्रेलिया की मेजबानी में भी खेली गई थी। वहीं अब साउथ अफ्रीका टीम की नजरें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगातार 5वीं वनडे सीरीज जीत पर है। दोनों टीमों के बीच इस वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला मैकॉय के मैदान पर खेला जाएगा।

मछली परिवार के साम्राज्य का ‘आखिरी किला’ ध्वस्त, 22 करोड़ के तीन मंजिला मकान पर चला बुलडोजर

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भोपाल में जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीमों ने अवैध मादक पदार्थ व्यापार में शामिल होने के आरोपी ‘मछली’ परिवार की संपत्तियों को ध्वस्त कर दिया।भोपालः मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मछली परिवार के साम्राज्य का ‘आख़िरी किला’ भी गुरुवार को ध्वस्त कर दिया गया। ड्रग्स तस्करी के आरोपी मछली परिवार की सरकारी जमीन पर बने 22 करोड़ के तीन मंजिला मकान पर बुलडोज़र चलाया गया। बताया जा रहा है कि शारिक अहमद उर्फ मछली, सोहेल अहमद, शफीक अहमद पिता शरीफ अहमद की यह कोठी है। भोपाल के आनंदपुर कोकता इलाके के वार्ड नंबर 62 में मछली परिवार का साम्राज्य था।

200 करोड़ से ज्यादा के सरकारी जमीन पर चला था अतिक्रमण

23 दिन पहले मछली परिवार के 200 करोड़ से ज्यादा के सरकारी जमीन पर अतिक्रमण पर बुलडोजर चला था। एमडी ड्रग पैडलर यासीन अहमद उर्फ मछली शाहवर अहमद उर्फ मछली के परिवार के सदस्य हैं।यासीन शाहवर पर ड्रग तस्करी, महिलाओं के यौन शोषण और युवकों की बेरहमी से पिटाई कर अड़ीबाजी करने के आरोप लगे थे।

मछली परिवार का लंबे समय से अपराध जगत में सक्रिय

मछली परिवार का नाम लंबे समय से राजधानी भोपाल के अपराध जगत में सक्रिय रहा है। यासीन शाहवर उर्फ मछली पर ड्रग्स तस्करी, महिलाओं के यौन शोषण, रंगदारी वसूली और युवाओं की बेरहमी से पिटाई जैसे गंभीर आरोप दर्ज हैं। मछली परिवार के अन्य सदस्य शारिक, सोहेल और शफीक अहमद भी अवैध गतिविधियों से जुड़े बताए जाते हैं। आनंदपुर कोकता इलाके में मछली परिवार का दबदबा इतना गहरा था कि इसे उनका “साम्राज्य” कहा जाता था।

बुलडोजर कार्रवाई से कई लोग खुश

मछली परिवार से पीड़ित एक व्यक्ति ने कहा कि मैं आज बहुत खुश हूँ… मैं पटाखे भी लाया हूं, लेकिन मैं उन्हें फोड़ना नहीं चाहता। मुझे राहत है कि सीएम मोहन यादव ने न्याय किया है। मेरे जैसे कई पीड़ित हैं जो आगे आना चाहते हैं, हालांकि, पुलिस विभाग अभी भी एक मंत्री की वजह से डरा हुआ है। मेरी शिकायत पर भी कार्रवाई नहीं हो रही है, वे कह रहे हैं कि जांच चल रही है। मैंने शिकायत दर्ज कराई थी कि कैसे शारिक मछली ने मेरा अपहरण किया, पूरी रात मुझे पीटा, 50,000 रुपये लूट लिए। मुझ पर धारा 307, बलात्कार के आरोप लगाए गए।

बेगूसराय में जिंदा व्यक्ति को मृत घोषित कर काटा राशन और वोटर कार्ड, पीड़ित ने लगाई मुख्यमंत्री से गुहार

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बेगूसराय (बिहार)।
बेगूसराय जिले के बीरपुर गांव निवासी मोहम्मद अरशद (पिता – मोहम्मद समसाद, जन्मतिथि 01/01/1995) ने मीडिया के सामने गंभीर आरोप लगाए हैं। अरशद का कहना है कि सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया, जिसके चलते उनके राशन कार्ड और वोटर लिस्ट से नाम हटा दिया गया है।

अरशद ने बताया कि वे दिहाड़ी मजदूरी कर अपने परिवार का खर्च चलाते हैं और उनकी पत्नी संजीदा खातून व तीन छोटे बच्चों का भरण-पोषण पूरी तरह सरकारी राशन पर निर्भर था। लेकिन अचानक राशन कार्ड से नाम कटने के कारण उनका परिवार भुखमरी का सामना कर रहा है।

पीड़ित ने कहा –
“सरकार ने हम जैसे जिंदा लोगों को ही मरा हुआ मानकर हमारी पहचान खत्म कर दी है। हमारा राशन कार्ड (संख्या – 102220131323799200003587) और वोटर लिस्ट से नाम हटाया गया है। हम मुख्यमंत्री से निवेदन करते हैं कि हमें जल्द से जल्द जीवित मानकर नाम जोड़ा जाए और सरकारी सुविधाएं बहाल की जाएं।”

मोहम्मद अरशद ने बताया कि उनकी गृहस्थी पूर्विकताप्राप्त राशन कार्ड के तहत पंजीकृत थी, लेकिन अब कार्ड निष्क्रिय हो चुका है। परिवार की मुखिया के रूप में कार्ड पर साहिदा खातून का नाम दर्ज है। स्थानीय जनवितरण प्रणाली के दुकानदार का नाम धीरज कुमार बताया गया है।

अरशद ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि वे बेहद गरीब हैं और सरकारी सुविधाओं के बिना उनके परिवार का गुजारा असंभव है। इसलिए सरकार को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए ताकि उनका राशन कार्ड बहाल हो और वोटर लिस्ट में नाम जोड़ा जाए।

विपक्ष में कुछ नेता हैं जो राहुल गांधी से बेहतर बोलते हैं और वो ऐसा नहीं चाहते’, PM मोदी ने कांग्रेस पर बोला हमला

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पीएम मोदी ने गुरुवार को कहा कि कुछ विपक्षी नेता प्रतिभाशाली हैं, लेकिन राहुल गांधी के कारण उन्हें मौका नहीं मिलता। संसद नहीं चलने देने पर पीएम मोदी ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला।नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि विपक्ष के कई नेता प्रतिभाशाली और अच्छे वक्ता हैं, लेकिन राहुल गांधी की वजह से उन्हें बोलने का मौका नहीं मिलता। पीएम ने अनौपचारिक तौर पर कहा कि कांग्रेस पार्टी इसलिए व्यवधान करती है क्योंकि विपक्ष में भी कुछ ऐसे नेता हैं जो राहुल गांधी से बेहतर बोलते हैं और वो ऐसा नहीं चाहते।

विपक्ष में राहुल गांधी से बेहतर वक्ताः पीएम

प्रधानमंत्री ने यह टिप्पणी एक चाय पार्टी के दौरान की, जिसमें किसी भी विपक्षी सांसद ने भाग नहीं लिया और यह एनडीए के नेताओं तक ही सीमित रही। चाय पार्टी के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि विपक्षी सांसद संसद की कार्यवाही बाधित करने के लिए मजबूर हैं क्योंकि वे राहुल गांधी से बेहतर वक्ता हैं, लेकिन लोकसभा में विपक्ष के नेता उन्हें प्रोत्साहित नहीं करना चाहते। विपक्षी सांसदों द्वारा संसद की कार्यवाही नियमित रूप से बाधित की जाती रही है।

स्पीकर की टी पार्टी में नहीं पहुंचे राहुल गांधी

लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकालीन समय के स्थगित होने के बाद स्पीकर ओम बिरला ने टी पार्टी दिया। टी पार्टी में पीएम मोदी और केंद्रीय मंत्रियों समेत एनडीए के नेता पहुंचे लेकिन नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत विपक्ष का एक भी सांसद इसमें शामिल नहीं हुआ।

लोकसभा और राज्यसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

बता दें कि लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही गुरुवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। लोकसभा अध्यक्ष ने मानसून सत्र में कार्यवाही में गतिरोध बनाए रखने पर विपक्षी दलों के प्रति निराशा प्रकट करते हुए कहा कि नियोजित तरीके से सदन के कामकाज में व्यवधान पैदा किया गया जो लोकतंत्र और सदन की मर्यादा के अनुरूप नहीं है। अठारहवीं लोकसभा के पांचवें सत्र की शुरुआत 21 जुलाई को हुई थी जिसमें 14 सरकारी विधेयक पेश किए गए और 12 विधेयक पारित किए गए।

इनमें अनुसूचित जनजातियों के विधानसभा क्षेत्रों के पुनर्समायोजन से संबंधित गोवा विधेयक 2025, मर्चेंट शिपिंग विधेयक 2025, मणिपुर वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2025, मणिपुर विनियोग (संख्या 2) विधेयक 2025, राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक 2025 और राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग (संशोधन) विधेयक 2025 शामिल हैं। इनके अलावा आयकर विधेयक 2025, कराधान कानून (संशोधन) विधेयक 2025, भारतीय बंदरगाह विधेयक 2025, खनिज और खनिज विकास (विनियमन और संशोधन) विधेयक 2025, भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) विधेयक 2025 और ऑनलाइन खेल संवर्धन और विनियमन विधेयक, 2025 भी हंगामे के बीच लोकसभा में पारित किए गए।

नोएडा में रहस्यमयी ढंग से लापता हुई 19 वर्षीय अंकिता, परिजनों ने लगाया साजिश का आरोप

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नोएडा। सेक्टर-142 थाना क्षेत्र के गढ़ी सेक्टर-143 से 19 वर्षीय युवती अंकिता रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हो गई है। परिजनों ने इस घटना को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं और पुलिस से साजिश की आशंका जताई है।

पिता ने किया बड़ा खुलासा

ग्राम लुटुवापुर, थाना पीपरपुर, जिला अमेठी निवासी श्रीराम पुत्र तुलसीराम ने पुलिस को दी तहरीर में कहा कि उनकी बेटी अंकिता रिश्तेदारों के यहां गढ़ी सेक्टर-143, नोएडा में रह रही थी। रिश्तेदार कुछ दिन पहले लुधियाना चले गए थे, जिसके बाद अंकिता अपनी सहेली पूजा के साथ वहीं रह रही थी।

श्रीराम ने बताया कि 2 जुलाई को वे बेटी अंकिता से मिलने गए थे। उस समय सब कुछ बिल्कुल ठीक था। विदा लेते समय उन्होंने कहा था – “बेटा, हम राखी पर आएंगे और तुम्हें ले चलेंगे।”

लेकिन रक्षाबंधन के दिन जब वे स्टेशन पर टिकट लेकर निकलने वाले थे, तभी अंकिता का फोन आया। उसने कहा – “पापा, आप मत आइए, पूजा कह रही है कि अभी कहीं और राखी बांधने जाना है। आप रक्षाबंधन के बाद आइए।”

इस पर श्रीराम ने बेटी से वादा किया – “ठीक है बेटा, अभी नहीं आ रहा हूँ, लेकिन 15 अगस्त तक तुम्हें लेने जरूर आऊंगा।”

15 अगस्त को हुआ हादसा

श्रीराम के मुताबिक, 14 अगस्त को भी अंकिता से बात हुई थी। उस दिन अंकिता ने पिता से कहा – “बाबा, आप हमें लेने आ रहे हैं न, मुझे घर चलना है।”

लेकिन 15 अगस्त की सुबह जब श्रीराम गढ़ी पहुंचे तो बेटी घर पर नहीं थी। जानकारी के अनुसार, रोहित नामक युवक दुकान से सामान लेने गया था और अंकिता उसे देखने बाहर गई थी, लेकिन वह वापस नहीं लौटी।

शक के घेरे में पूजा और रोहित

श्रीराम का आरोप है कि अंकिता के लापता होने में पूजा और रोहित का हाथ है। उनका कहना है कि, “अंकिता उसी समय गायब हुई और उसी रात पूजा और रोहित ने अचानक अपना किराए का कमरा भी खाली कर दिया। तब से दोनों का भी कोई पता नहीं चल रहा है।”

सामान और दस्तावेज भी गायब

परिजनों का कहना है कि अंकिता का कोई पहचान पत्र या निजी दस्तावेज भी कमरे से नहीं मिले। इससे शक और गहरा हो गया है कि उसे सुनियोजित तरीके से गायब कराया गया है।

पुलिस की कार्रवाई

सेक्टर-142 थाना पुलिस ने मामले में गुमशुदगी दर्ज कर जांच उपनिरीक्षक अभिषेक कुमार को सौंपी है। थानाध्यक्ष का कहना है कि फिलहाल इसे गुमशुदगी का मामला मानकर जांच की जा रही है, लेकिन सभी बिंदुओं पर गंभीरता से पड़ताल होगी।

परिवार में बढ़ी चिंता

अंकिता का मोबाइल फोन लगातार बंद आ रहा है। परिवारजन उसकी सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं। उनका कहना है कि यह मामला केवल गुमशुदगी का नहीं है, बल्कि एक सुनियोजित साजिश हो सकती है।

फिलहाल पुलिस मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय स्रोतों की मदद से अंकिता की तलाश में जुटी है।

लखनऊ में महिला के साथ धोखाधड़ी और पारिवारिक उत्पीड़न: जीजा ने निकाले 1 लाख, मां और बहन ने भी दी जान से मारने की धमकी

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लखनऊ/हरदोई।
गरीब महिला के साथ धोखाधड़ी और उत्पीड़न का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। हरदोई जिले के थाना रहीमाबाद क्षेत्र के ग्राम खड़ौंहा निवासी सुषमा पत्नी स्व. दिनेश कुमार ने अपने जीजा, मां और बड़ी बहन पर रुपये हड़पने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता ने थाना मलिहाबाद, लखनऊ में तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई है।

जीजा ने निकाले 1 लाख रुपये

सुषमा ने पुलिस को बताया कि उसका खाता बैंक ऑफ बड़ौदा, मलिहाबाद शाखा में है। दिवंगत पति दिनेश के एक्सीडेंट के बाद मिली क्षतिपूर्ति और मेहनत-मजदूरी से जमा की गई गाढ़ी कमाई को वह भविष्य की जरूरतों के लिए बचाकर रख रही थी।

इसी बीच उसका जीजा महेंद्र कुमार निवासी ग्राम बख्तियार नरग, थाना मलिहाबाद धमकी देकर उसका चेक छीन ले गया और कहा कि पैसा निकालकर लौटा देगा। लेकिन बाद में उसने 3 जून 2025 को खाते से 1,00,000 रुपये निकाल लिए।

मां और बहन भी आरोपी के साथ

सुषमा का आरोप है कि उसके पिता नाथू जी के निधन के बाद से ही उसकी मां राजकुमारी उसे लगातार प्रताड़ित करती रही है। बड़े भाई की मौत का ठीकरा भी उसी पर फोड़ती रही। अब इसी बहाने वह और जीजा महेंद्र मिलकर सुषमा को घर से भगाना चाहते हैं।

इतना ही नहीं, जब सुषमा ने बहन पुस्मा (जो कि महेंद्र की पत्नी है) को जीजा द्वारा किए गए फ्रॉड के बारे में बताया तो उसने भी उसे धमकी दी। पुस्मा ने कहा – “जान से मार देंगे, यहां से चली जाओ, तुम्हारा यहां कुछ भी नहीं है।”

तीनों तरफ से दबाव

पीड़िता का कहना है कि उसकी मां राजकुमारी, जीजा महेंद्र और बहन पुस्मा तीनों मिलकर उस पर दबाव बना रहे हैं। उसे गाली-गलौज कर अपमानित किया जा रहा है और रुपये वापस मांगने पर धमकी दी जा रही है।

कार्रवाई की मांग

गरीब और बेसहारा महिला ने थाना मलिहाबाद प्रभारी से गुहार लगाई है कि आरोपी महेंद्र कुमार, मां राजकुमारी और बहन पुस्मा को तलब कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए और उसकी मेहनत की गाढ़ी कमाई वापस दिलाई जाए।

सुषमा का कहना है कि यदि उसे समय पर न्याय नहीं मिला तो उसका और उसके परिवार का जीवन बर्बाद हो जाएगा।
पुलिस ने तहरीर लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

बेटे की संदिग्ध मौत पर मां ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग, बहू और उसके प्रेमी पर लगाया हत्या का आरोप

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नई दिल्ली। दक्षिण पश्चिमी दिल्ली के नजफगढ़ क्षेत्र में रहने वाली शीला देवी (पत्नी स्वर्गीय रामनिवास) ने अपने बेटे रिंकू (34 वर्ष) की संदिग्ध मौत के मामले में गंभीर आरोप लगाते हुए दिल्ली पुलिस के द्वारका जिला उपायुक्त को विस्तृत शिकायत सौंपी है।

शीला देवी का कहना है कि उनके बेटे की मौत आत्महत्या नहीं बल्कि पूर्व नियोजित हत्या है, जिसमें उनकी पुत्रवधू ईला, उसके प्रेमी संदीप (निवासी कैर गांव, नजफगढ़) और ईला का उसके परिवार के सदस्य संलिप्त हैं। जबकि पुत्रवधू ईला का भाई अनिष सिर्फ धमकी देता था। शिकायत में कहा गया है कि मृतक का नाबालिग बेटा दिव्यांश प्रत्यक्षदर्शी है और उसका बयान उच्च अधिकारी या न्यायिक अधिकारी के समक्ष दर्ज होना चाहिए।

आरोपों की पृष्ठभूमि

2018 में रिंकू की शादी ईला से हुई थी। शीला देवी ने आरोप लगाया कि शादी के कुछ महीनों बाद ही ईला का व्यवहार संदिग्ध हो गया।

कई बार ईला बिना बताए घर छोड़कर चली जाती थी और उसके कथित अवैध संबंधों के चलते परिवार में कलह बढ़ती गई।

रिंकू ने अपनी पत्नी को कई बार प्रेमी संदीप के साथ आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा। इसके बाद ईला ने उल्टे उस पर थाने में झूठी शिकायत दर्ज कराई।

शीला देवी ने आरोप लगाया कि ईला ने संदीप से संबंधों के चलते गर्भपात भी कराया, जिसकी जांच जरूरी है।

संदिग्ध मौत और पुलिस पर लापरवाही का आरोप

11 जुलाई 2025 की रात रिंकू की मौत हुई। ईला ने फोन पर शीला देवी को बताया कि उनके बेटे ने फांसी लगा ली है। लेकिन मृतक की मां का दावा है कि पड़ोसियों ने झगड़े और चीखने-चिल्लाने की आवाजें सुनी थीं, जिससे हत्या का शक और गहरा होता है।

शीला देवी ने यह भी आरोप लगाया कि:

पुलिस ने पोस्टमार्टम में देरी और अनियमितताएं बरतीं।

शव पर गले के निशान नहीं थे, जबकि छाती पर लाल निशान स्पष्ट दिख रहे थे।

पोस्टमार्टम से पहले शव पर टोकन नंबर या लेबल तक नहीं था।

बयान लेने के दौरान पुलिस ने उनके हस्ताक्षर जबरन करवाए और पढ़कर नहीं सुनाए।

शीला देवी की प्रमुख मांगें

1. ईला और संदीप पर हत्या की धाराओं में मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए।

2. ईला द्वारा कराए गए गर्भपात और उसके अवैध संबंधों की गहराई से जांच हो।

3. नाबालिग पोते दिव्यांश के बयान को न्यायिक अधिकारी के समक्ष दर्ज कराया जाए।

4. पोस्टमार्टम प्रक्रिया में हुई लापरवाही की स्वतंत्र जांच हो।

5. उनकी और पोते की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

6. अब तक की गई पूरी कार्रवाई की लिखित जानकारी उन्हें उपलब्ध कराई जाए।

शिकायत की प्रतिलिपि उच्च अधिकारियों को भी भेजी

इस मामले की शिकायत की प्रतियां राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री दिल्ली, केंद्रीय गृह मंत्री, दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, दिल्ली पुलिस आयुक्त, राष्ट्रीय महिला आयोग, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग सहित 22 विभागों और अधिकारियों को भेजी गई हैं।

दिल्ली में फांसी लगाकर युवक की मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा

नई दिल्ली। द्वारका के बाबा हरिदास नगर थाना क्षेत्र के नजफगढ़ इलाके में रहने वाले 32 वर्षीय रिंकू पुत्र रामनिवास ने कथित तौर पर 12 जुलाई की रात अपने घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिवारजन ने रिंकू को तुरंत राव तुला राम मेमोरियल अस्पताल, जाफरपुर पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने सुबह 3:10 बजे उसे मृत घोषित कर दिया।

सरकारी आदेश के बाद सफदरजंग अस्पताल में 15 जुलाई को मेडिकल बोर्ड गठित कर पोस्टमार्टम किया गया। रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि रिंकू की मौत गले में फंदा लगने से हुई। गले पर 20 सेंटीमीटर लंबा अधूरा लिगेचर मार्क पाया गया। रिपोर्ट में मृत्यु का कारण “फांसी के कारण श्वासावरोध” बताया गया है।

पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टरों ने शरीर पर बने अस्थायी टैटू और अन्य पहचान चिन्हों के आधार पर शव की पुष्टि की। रिंकू के दाहिने हाथ पर हरे रंग की स्याही से “मां” लिखा हुआ अस्थायी टैटू पाया गया, जबकि बाएँ हाथ पर दिल का निशान और “I Love You” लिखा हुआ था।

रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि मृतक के दोनों गुर्दे “हॉर्स शू किडनी” की दुर्लभ स्थिति में जुड़े हुए थे। शव से आवश्यक अंग और नमूने जांच के लिए संरक्षित कर पुलिस को सौंपे गए।

पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रिंकू के शव को उसके पैतृक गाँव दोहर खुर्द, महेंद्रगढ़ (हरियाणा) ले जाया गया, जहाँ अंतिम संस्कार किया गया।

शीला देवी ने मीडिया के माध्यम से अपील की है कि उनके बेटे की मौत को आत्महत्या का रूप देकर दबाने की बजाय निष्पक्ष जांच की जाए, ताकि दोषियों को सजा मिल सके और उन्हें न्याय मिल सके।

संदिग्ध हालात में मछुआ व्यवसायी की मौत, परिवार ने हत्या का आरोप लगाया

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सीतामढ़ी, थाना रिदा: शिवकली देवी ने अपने पति अमरिंदर साहनी (37 वर्ष) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की जानकारी दी है। अमरिंदर साहनी मछली का व्यवसाय करते थे। उनके परिवार में चार बेटियां और दो बेटे हैं। इस घटना ने इलाके में सनसनी फैल गई है।

घटना का विवरण:
परिवार के अनुसार, दिसंबर 2024 में अमरिंदर साहनी का एक्सीडेंट हुआ था। उस समय उनके पास 5,30,000 रुपये नगद रखे थे, जिसे उनके मित्र लाल साहनी ने कथित रूप से चुरा लिया। परिजनों का आरोप है कि लाल साहनी ने पहले ही अमरिंदर साहनी को मारने की साजिश रची थी और घटना के बाद परिवार को धमकाया जा रहा है।

पुलिस की कार्रवाई:
जांच अधिकारियों ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक निरीक्षण में शव पर कई चोटों और खरोंचों के निशान पाए गए हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए मामला BNS और POCSO एक्ट की धाराओं में दर्ज किया गया है।

परिवार का आरोप:
परिजन स्पष्ट रूप से कहते हैं कि यह आत्महत्या या दुर्घटना नहीं, बल्कि हत्या का मामला है। उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाया कि घटना को दबाने की कोशिश की जा रही है। पीड़ित परिवार ने मीडिया के माध्यम से न्याय की गुहार लगाई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

सुरक्षा की मांग:
शिवकली देवी ने बताया कि लालू साहनी लगातार उन्हें और उनके बच्चों को धमका रहा है। परिवार भयभीत है और प्रशासन से तत्काल सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग कर रहा है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार:
पुलिस ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा होगा और जांच के सभी पहलुओं को गंभीरता से देखा जाएगा।

परिवार की गुहार:
पीड़ित परिवार ने राज्य सरकार और संबंधित प्रशासन से इंसाफ की तत्काल कार्रवाई करने की अपील की है, ताकि दोषियों को कानून के कटघरे में लाया जा सके।

गुरुग्राम से लापता हुआ 13 साल का मासूम, परिवार की बढ़ी चिंता

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गुरुग्राम।
रेहान कॉलोनी थाना क्षेत्र की गली नंबर 3 निवासी ललिता देवी पत्नी चंद्र राव का 13 वर्षीय बेटा रोशन कुमार बीते 18 अगस्त सुबह करीब 10 बजे घर से अचानक लापता हो गया। परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन बच्चे का अब तक कोई सुराग नहीं लग पाया है।

परिजनों के मुताबिक, रोशन कुमार दिमागी रूप से कमजोर है और ठीक से बोल भी नहीं पाता। वह न तो अपना घर का पता बता सकता है और न ही ठीक से बातचीत कर पाता है। इस वजह से उसकी सुरक्षित वापसी को लेकर परिवार की चिंता और बढ़ गई है।

मां ललिता देवी का कहना है कि बेटे के गुम होने के बाद से पूरा परिवार परेशान है। आसपास के इलाकों, रिश्तेदारों और पहचान वालों के यहां भी खोजबीन की गई, लेकिन रोशन का कोई अता-पता नहीं चल सका।

परिवार ने थाने में बच्चे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने भी तलाश शुरू कर दी है और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है।

अगर किसी व्यक्ति को रोशन कुमार के बारे में कोई जानकारी मिलती है तो कृपया तुरंत रेहान कॉलोनी थाना, गुरुग्राम से संपर्क करें।