अहमदाबाद में चाकूबाजी की वारदात रिक्शा चालक की गर्दन पर जानलेवा हमला, आरोपी फरार
अहमदाबाद। शहर के शहरकोटडा थाना क्षेत्र अंतर्गत मेमको चौराहे पर चाकूबाजी की एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। 17 जनवरी 2026 की शाम करीब 7 बजे ट्रैफिक सिग्नल पर खड़े एक ऑटो रिक्शा चालक पर आरोपी ने चाकू से जानलेवा हमला कर दिया।
पीड़ित की पहचान मोहम्मद हुसैन पुत्र नथुभाई सादिक हुसैन (33 वर्ष) के रूप में हुई है, जो पेशे से रिक्शा चालक हैं और मधुपुरा क्षेत्र के निवासी हैं। पीड़ित के अनुसार, वह मेमको चौराहे पर अपनी मां के साथ ऑटो रिक्शा में खड़ा था, तभी संजय सेवन (मराठी) नामक युवक वहां पहुंचा और उससे विवाद करने लगा।
विवाद के दौरान आरोपी ने अचानक अपने पास मौजूद चाकू निकालकर मोहम्मद हुसैन की गर्दन के दाहिने हिस्से पर वार कर दिया और मौके से फरार हो गया। गंभीर रूप से घायल पीड़ित को तुरंत सिविल अस्पताल, असरवा में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज किया गया।
पीड़ित का उपचार ईपीआर संख्या 11896/11/26 दिनांक 17/01/2026 के तहत किया गया। मामले को लेकर शहरकोटडा पुलिस स्टेशन के पुलिस सब इंस्पेक्टर आर.के. भरवाड द्वारा अस्पताल प्रशासन को पीड़ित के इलाज से संबंधित अंतरिम उपचार प्रमाण पत्र जारी करने हेतु पत्र भेजा गया है।
पुलिस ने भारतीय दंड संहिता, 2023 की धारा 118(1) के तहत मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है और स्थानीय लोग सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
अहमदाबाद में चाकूबाजी की वारदात रिक्शा चालक की गर्दन पर जानलेवा हमला, आरोपी फरार
पीएम मोदी ने EU-भारत के बीच डील को ऐतिहासिक बताया, कहा- ट्रेड और ग्लोबल सप्लाई चेन मजबूत होगा
पीएम मोदी ने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौता कई अवसर पैदा करके भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देगा।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि कल यानी 26 जनवरी को यूरोपियन यूनियन और भारत के बीच एक बड़ा समझौता हुआ। लोग इसे सभी डील्स की जननी कह रहे हैं। यह समझौता भारत और यूरोप के लोगों के लिए बड़े मौके लाएगा। यह दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच पार्टनरशिप का एक बेहतरीन उदाहरण है, यह समझौता ग्लोबल GDP का 25 परसेंट और ग्लोबल ट्रेड का 1/3 हिस्सा दिखाता है। पीएम मोदी ने कहा कि यह दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच का समझौता है।
पीएम ने कहा कि भारत एक तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत एनर्जी वीक 2026 के उद्घाटन समारोह में कहा कि लंबित भारत-ईयू व्यापार समझौते को दुनिया भर में पहले ही “मदर ऑफ ऑल डील्स” के रूप में सराहा जा रहा है। पीएम ने कहा कि यह समझौता भारत के 140 करोड़ लोगों और यूरोपिय देशों के करोड़ों लोगों के लिए बहुत बड़े अवसर लेकर आया है।
मैन्युफैक्चरिंग को बहुत बड़ा बढ़ावा मिलेगा
पीएम मोदी ने दोनों क्षेत्रों के बीच बढ़ती सहयोग और ऊर्जा, टेक्नोलॉजी और व्यापार के क्षेत्र में संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह समझौता दोनों पक्षों के लिए सकारात्मक आर्थिक प्रभाव और मजबूत रणनीतिक साझेदारी का मार्ग खोल सकता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस ट्रेड डील से मैन्युफैक्चरिंग को बहुत बड़ा बढ़ावा मिलेगा, और सर्विस सेक्टर का भी विस्तार होगा। फ्री ट्रेड एग्रीमेंट भारत में निवेश करने के लिए हर इन्वेस्टर और बिजनेसमैन का आत्मविश्वास बढ़ाएगा।
टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी, लेदर एंड शूज सहित ऐसे सेक्टर को होगा लाभ
यह समझौता ट्रेड के साथ-साथ डेमोक्रेसी और कानून के शासन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को भी सशक्त करता है। पीएम ने इस डील को लेकर सभी भारतवासी सहित टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी, लेदर एंड शूज सहित ऐसे अन्य सेक्टर के साथियों को बधाई दी। यह डील आपके लिए बहुत सहायक सिद्ध होगा। पीएम ने कहा कि यह फ्री ट्रेड एग्रीमेंट दुनिया के हर बिजनेस, हर निवेशक के लिए भारत पर कॉन्फिडेंस को और मजबूत करेगा। भारत आज हर सेक्टर में ग्लोबल पार्टनरशिप पर बहुत फोकस कर रहा है।
व्हीलचेयर पर बैठे सैनिक का अपमान, टोल कर्मी ने मांगी माफी, पर NHAI ने नियमों का हवाला देकर पल्ला झा
सैनिक श्यामराज ने टोल कर्मचारियों को सारे कागज दिखाए, जिसमें उनकी गाड़ी को टोल से छूट दिए जाने का लिखित निर्देश है, लेकिन उनकी बात को अनसुना कर दिया गया।
कर्नाटक के उडुपी जिले में एक दिव्यांग सैनिक ने उनसे टोल मांगे जाने को लेकर विरोध व्यक्त करते हुए एक वीडियो जारी किया है। टोल प्लाजा के पास व्हीलचेयर पर बैठे सैनिक का ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। रविवार 25 जनवरी की ये घटना है। सैनिक श्यामराज ने टोल कर्मचारियों को वो सारे कागज दिखाए, जिसमें उनकी गाड़ी को टोल से छूट दिए जाने का लिखित निर्देश है, लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि टोल कर्मियों ने उनकी बात को अनसुना कर दिया, जिससे उन्हें बहुत पीड़ा हुई। श्यामराज ने देश की सेवा में अपना पैर खो दिया और व्हीलचेयर पर हैं।
जिले के कुंदापुर में सस्थान टोल गेट पर उनके साथ ये सब हुआ। जवान ने अपमान का वीडियो बनाकर अपना दर्द जाहिर किया है। यह वीडियो अब वायरल हो गया है और टोल गेट कर्मचारियों की कार्रवाई पर व्यापक आक्रोश है।
Hindi Newsभारतराष्ट्रीयVIDEO: व्हीलचेयर पर बैठे सैनिक का अपमान, टोल कर्मी ने मांगी माफी, पर NHAI ने नियमों का हवाला देकर पल्ला झाड़ा
VIDEO: व्हीलचेयर पर बैठे सैनिक का अपमान, टोल कर्मी ने मांगी माफी, पर NHAI ने नियमों का हवाला देकर पल्ला झाड़ा
सैनिक श्यामराज ने टोल कर्मचारियों को सारे कागज दिखाए, जिसमें उनकी गाड़ी को टोल से छूट दिए जाने का लिखित निर्देश है, लेकिन उनकी बात को अनसुना कर दिया गया।
सैनिक श्यामराज
कर्नाटक के उडुपी जिले में एक दिव्यांग सैनिक ने उनसे टोल मांगे जाने को लेकर विरोध व्यक्त करते हुए एक वीडियो जारी किया है। टोल प्लाजा के पास व्हीलचेयर पर बैठे सैनिक का ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। रविवार 25 जनवरी की ये घटना है। सैनिक श्यामराज ने टोल कर्मचारियों को वो सारे कागज दिखाए, जिसमें उनकी गाड़ी को टोल से छूट दिए जाने का लिखित निर्देश है, लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि टोल कर्मियों ने उनकी बात को अनसुना कर दिया, जिससे उन्हें बहुत पीड़ा हुई। श्यामराज ने देश की सेवा में अपना पैर खो दिया और व्हीलचेयर पर हैं।
जिले के कुंदापुर में सस्थान टोल गेट पर उनके साथ ये सब हुआ। जवान ने अपमान का वीडियो बनाकर अपना दर्द जाहिर किया है। यह वीडियो अब वायरल हो गया है और टोल गेट कर्मचारियों की कार्रवाई पर व्यापक आक्रोश है।
केरल के कासरगोड जिले के एडानेरू के मूल निवासी श्यामराज, जिन्होंने 21वें अर्धसैनिक बल में सेना के कमांडो के रूप में काम किया था, को सस्थान टोल गेट पर कर्मचारियों ने परेशान किया और अपमानित किया, उन्हें टोल का भुगतान करने के लिए कहा गया, जबकि उन्हें टोल का भुगतान करने से छूट दी गई थी।
“मैंने 21 पैरा मिलिट्री में काम किया था”
उन्होंने कहा, “मैं आर्मी कमांडो श्यामराज हूं
जिन्होंने 21वें अर्धसैनिक बल में सेना के कमांडो के रूप में काम किया था, को सस्थान टोल गेट पर कर्मचारियों ने परेशान किया और अपमानित किया, उन्हें टोल का भुगतान करने के लिए कहा गया, जबकि उन्हें टोल का भुगतान करने से छूट दी गई थी।
“मैंने 21 पैरा मिलिट्री में काम किया था”
उन्होंने कहा, “मैं आर्मी कमांडो श्यामराज हूं। मैंने 21 पैरा मिलिट्री में काम किया था। वे मुझे उडुपी के पास सस्थान टोल का भुगतान करने के लिए परेशान कर रहे हैं। मेरे पास टोल छूट के संबंध में सभी दस्तावेज हैं। मैं ऑपरेशन पराक्रम का युद्ध पीड़ित हूं। मैं हर टोल पर कोई शुल्क चुकाए बिना आया हूं। लेकिन केवल उडुपी में सस्थान टोल पर, वे मुझे भुगतान किए बिना आगे नहीं बढ़ने देते हैं। मुझे बताओ कि मैं इस व्हीलचेयर पर क्यों बैठा हूं। मैं व्हीलचेयर पर बैठा हूं तो कुछ है? एक युद्ध पीड़ित को यहां टोल देने के लिए कहा जा रहा है, भले ही वह आर्मी एक्ट के तहत टैक्स फ्री है।”
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सस्थान के टोल कर्मचारियों ने कहा कि उन्हें नहीं पता है, वे ऊपर के अधिकारियों के आदेश के अनुसार काम कर रहे हैं। सैनिक के साथ किए गए इस बर्ताव के लिए टोल कर्मियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग उठने लगी है। इस बीच, इस पूरे मामले पर अब टोल कर्मी ने सार्वजनिक तौर पर अपने बर्ताव के लिए माफी मांगी है। वहीं, NHAI ने स्पष्टीकरण दिया है कि जवान फ्री टोल के लिए समर्थ नहीं था। फ्री टोल के लिए सर्विंग होना अनिवार्य है।
अमेरिका में कोल्ड अटैक! बर्फीले तूफान से अब तक 30 लोगों की मौत; भयावह हैं हालात
अमेरिका में बर्फीले तूफान ने कोहराम मचा दिया है। तूफान की वजह से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। तूफान का असर हवाई यातायात पर पड़ा है। बर्फीले तूफान की वजह से अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है।अमेरिका के बड़े हिस्से में सोमवार को आए भयंकर विंटर स्टॉर्म के प्रभावों ने देश को ठंड और बर्फबारी की चपेट में ला दिया है। नॉर्थ ईस्ट में भारी बर्फबारी के साथ-साथ दक्षिणी राज्यों में जमने वाली बारिश (फ्रीजिंग रेन) से उत्पन्न बर्फ की परत ने लाखों लोगों को बिजली के बिना ठंड से ठिठुरने पर मजबूर कर दिया। विभिन्न राज्यों से मिली रिपोर्टों के अनुसार, इस तूफान से जुड़ी मौतों की संख्या कम से कम 30 तक पहुंच गई है।
आम जनजीवन हुआ प्रभावित
तूफान ने आर्कन्सास से न्यू इंग्लैंड तक लगभग 2,100 किलोमीटर के क्षेत्र को प्रभावित किया है, जहां कई जगहों पर एक फीट से अधिक गहरी बर्फ जम गई। इससे ट्रैफिक ठप हो गया, हजारों उड़ानें रद्द हुईं और सोमवार को बड़े पैमाने पर स्कूल बंद कर दिए गए। नेशनल वेदर सर्विस (NSW) के अनुसार, पिट्सबर्ग के उत्तर में 20 इंच तक बर्फ गिरी, जबकि सोमवार रात से मंगलवार तक तापमान माइनस 31 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। न्यूयॉर्क शहर में सेंट्रल पार्क में 11 इंच बर्फ दर्ज की गई, जो कई सालों में सबसे अधिक है।लोगों की हो रही है मौत
मौतों में मैसाचुसेट्स और ओहियो में स्नोप्लो (बर्फ हटाने वाली मशीन) की चपेट में आने से 2 लोगों की जान गई। आर्कन्सास और टेक्सास में स्लेजिंग (बर्फ पर स्लेज चलाने) की दुर्घटनाओं में भी मौतें हुई हैं। कंसास में एक 28 वर्षीय महिला का शव ब्लडहाउंड कुत्तों की मदद से बर्फ में दबा मिला। न्यूयॉर्क शहर में ठंड के दौरान 8 लोग बाहर मृत पाए गए। इसके अलावा मिसिसिपी, टेनेसी, लुइसियाना, पेंसिल्वेनिया और अन्य राज्यों से भी मौतों की सूचना आई है।
बिजली संकट और भयावह हालात
poweroutage.com के अनुसार, सोमवार दोपहर तक देशभर में 7.5 लाख से अधिक घरों और व्यवसायों में बिजली गुल थी, जिनमें से अधिकांश दक्षिणी राज्यों में थे। फ्रीजिंग रेन से पेड़ों की टहनियां और बिजली लाइनें टूट गईं, खासकर उत्तरी मिसिसिपी और टेनेसी में। मिसिसिपी में यह 1994 के बाद सबसे खराब बर्फीला तूफान माना जा रहा है। प्रभावित इलाकों में वार्मिंग स्टेशनों पर चारपाई, कंबल, पानी और जेनरेटर पहुंचाए जा रहे हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ मिसिसिपी ने अपने ऑक्सफोर्ड कैंपस पर पूरे हफ्ते क्लास रद्द कर दी है, क्योंकि परिसर बर्फ से ढक गया है। ऑक्सफोर्ड की मेयर रॉबिन टैनेहिल ने सोशल मीडिया पर लिखा कि इतने पेड़, टहनियां और लाइनें गिरी हैं कि “हर सड़क पर बवंडर आया लगता है।”जारी है ठंड का कहर
तूफान की वजह से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। मिडवेस्ट, साउथ और नॉर्थ ईस्ट में तापमान शून्य से नीचे चला गया है। पूरे निचले 48 राज्यों में औसत न्यूनतम तापमान माइनस 12.3°C तक गिरने का अनुमान है। नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन के पूर्व वैज्ञानिक रयान माउ ने कहा कि फ्लोरिडा की रिकॉर्ड गर्मी ही राष्ट्रीय औसत को और नीचे जाने से रोक रही है। flightaware.com के अनुसार, सोमवार को देशभर में 8,000 से अधिक फ्लाइट्स प्रभावित हुई हैं। एविएशन फर्म सिरियम के अनुसार, रविवार को 45 प्रतिशत अमेरिकी फ्लाइट्स कैंसिल हुई हैं।
तो क्या बांग्लादेश की हो जाएगी टी20 वर्ल्ड कप में वापसी, अब पाकिस्तान के साथ होगा खेल?
पाकिस्तान के लिए अब टी20 विश्व कप में मुश्किल खड़ी हो सकती है। आईसीसी टूर्नामेंट अब चंद ही दिन दूर है, लेकिन पाकिस्तान अभी तक लाइन पर नहीं आया है।पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की नौटंकी जारी है। अब आईसीसी टी20 विश्व कप शुरू होने में कुछ ही दिन बाकी हैं, लेकिन पाकिस्तान ने अभी तक टूर्नामेंट में शामिल होने को लेकर हामी नहीं भरी है। इस बीच आईसीसी ने भी ऐनवक्त पर कुछ भी ऐसा गड़बड़ी होने पर अपना प्लान बनाकर तैयार रखा है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड अगर टी20 विश्व कप से बाहर होने का ऐलान करता है तो फिर क्या बांग्लादेश की वापसी हो जाएगी। ये अपने आप में एक नई बात है।
पीसीबी चीफ मोहसिन नकवी ने शहबाज शरीफ से मुलाकात के बाद भी नहीं खोले पत्ते
पीसीबी चीफ मोहसिन नकवी ने सोमवार को अपने पीएम शहबाज शरीफ से मुलकात की थी। बताया जाता है कि ये मीटिंग टी20 विश्व कप में खेलने को लेकर थी। हालांकि ये पता नहीं चल पाया है कि इस दौरान क्या बातचीत हुई, लेकिन इतनी बात जरूर सामने आई कि पाकिस्तान अपने खेलने और न खेलने को लेकर शुक्रवार या फिर सोमवार तक फैसला लेगा। पीसीबी का कहना है कि उन्होंने सारे विकल्प खुले रखे हैं।
आईसीसी ने दी है पाकिस्तान को चेतावनी
इस बीच आईसीसी ने पाकिस्तान को चेतावनी भी जारी कर दी है। आईसीसी ने कहा है कि अगर पाकिस्तान ने टी20 विश्व कप में खेलने इन्कार किया तो उस पर बहुत सारे बैन लगाए जा सकता है, साथ ही पीसीएल भी संकट में आ जाएगा। पता चला है कि पाकिस्तान भारत के खिलाफ होने वाले मैच के बहिष्कार के बारे में भी सोच रहा है, लेकिन इसको लेकर अभी तक पीसीबी की ओर से कुछ नहीं कहा गया है। इस बीच एक नया अपडेट सामने आया है।
पाकिस्तान के बाहर होने पर बांग्लादेश की हो सकती है एंट्री
खबर है कि अगर पाकिस्तान ने टी20 विश्व कप का बहिष्कार किया और अपना नाम वापस लिया तो आईसीसी बांग्लादेश को वापस बुला सकता है। इस बारे में हिन्दुस्तान टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से एक रिपोर्ट प्रकाशित की है। पाकिस्तान टी20 विश्व कप 2026 में ग्रुप ए में हैं। इसी में टीम इंडिया है। पाकिस्तान को अपना कोई भी मैच भारत में नहीं खेलना है, उसे श्रीलंका में ही विश्व कप खेलना है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड शुरू से ही ये मांग करता रहा है कि वे भारत में अपने मैच नहीं खेलना चाहते, उन्हें श्रीलंका का वेन्यू दे दिया जाए। इसके लिए बांग्लादेश अपना ग्रुप भी बदलने के लिए तैयार था।
पाकिस्तान को जल्द लेना होगा फैसला
यानी पाकिस्तान से बाहर होने से किसी नई टीम की एंट्री नहीं होगी। बांग्लादेश को ही वापस बुला लिया जाएगा। इससे बांग्लादेश की समस्या का भी समाधान हो जाएगा और नई टीम को लाने वाली टेंशन भी नहीं होगी। इतना ही नहीं, इस रास्ते ये भी नहीं लगेगा कि आईसीसी बांग्लादेश की नाजायज मांगों के सामने झुक गया है। हालांकि ये सब तभी होगा, जब पीसीबी कुछ गड़बड़ी करता है। देखना होगा कि शुक्रवार तक पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड टी20 विश्व कप में भाग लेने को लेकर क्या फैसला करता है।
7 साल पुरानी क्राइम थ्रिलर का OTT पर दिखा कब्जा, अचानक बनी ट्रेंडिंग, हड्डियां कड़कड़ा देने वाली है कहानी
ओटीटी पर ट्रेंडिंग फिल्मों और सीरीज को खूब देखा जाता है। इन दिनों एक सात साल पुरानी फिल्म ओटीटी की ट्रेंडिंग लिस्ट में शामिल हो गई है। इस फिल्म का तीसरा पार्ट भी जल्द बड़े पर्दे पर आने वाला है, जिसे लेकर काफी बज बना हुआ है।ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर मनोरंजन का खजाना हमेशा देखने को मिलता है। हर हफ्ते इस लोकप्रिय प्लेटफॉर्म पर नई वेब सीरीज और फिल्मों की बाढ़ आ जाती है, जो दर्शकों को अलग-अलग जॉनर में मनोरंजन का विकल्प देती हैं। इसके बावजूद, कई बार पुरानी फिल्मों की लोकप्रियता देखकर यह आश्चर्यजनक लग सकता है कि वे फिर से दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींच रही हैं। हाल ही में ऐसा ही देखा गया है, जब नेटफ्लिक्स पर एक सात साल पुरानी हिंदी फिल्म ने टॉप-10 में अपनी जगह बना ली है।
मर्दानी 2: क्राइम थ्रिलर का जलवा
इस बार चर्चा की जा रही फिल्म ‘मर्दानी 2’ है। यह फिल्म साल 2019 में रिलीज हुई थी और एक क्राइम थ्रिलर जॉनर की है। बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के अनुसार इस फिल्म का बजट 27 करोड़ रुपये था और बॉक्स ऑफिस पर इसने 47 करोड़ से ज्यादा की कमाई की थी। इसके अलावा वर्ल्डवाइड कलेक्शन 67 करोड़ से पार गया था। इन आंकड़ों के आधार पर कहा जा सकता है कि यह फिल्म सुपरहिट साबित हुई थी।
मर्दानी 2 की कहानीमर्दानी 2 की कहानी लगभग 1 घंटा 43 मिनट लंबी है और यह एक सनकी सीरियल किलर के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म में दिखाया गया है कि यह किलर एक-एक करके लड़कियों का अपहरण करता है और उनके साथ दुष्कर्म कर उनकी बेरहमी से हत्या कर देता है। पुलिस इस हत्यारे को पकड़ने के लिए हर संभव कोशिश करती है, लेकिन किलर लगातार उन्हें चकमा देता रहता है। फिल्म में इस केस को सुलझाने की जिम्मेदारी लेडी ऑफिसर शिवानी शिवाजी रॉय की होती है, जिसे रानी मुखर्जी ने निभाया है।
नेटफ्लिक्स पर ट्रेंडिंग
नेटफ्लिक्स पर वर्तमान में यह फिल्म नंबर-7 पर ट्रेंड कर रही है। दर्शक इसे न केवल इसकी कहानी के लिए बल्कि रानी मुखर्जी के दमदार अभिनय के लिए भी पसंद कर रहे हैं। रानी मुखर्जी ने फिल्म में पुलिस ऑफिसर के रूप में एक सशक्त और करिश्माई छवि पेश की है, जिसने मर्दानी फ्रेंचाइजी को एक अलग पहचान दी। मर्दानी 3 की रिलीज की खबर भी फैंस के लिए बड़ी खुशखबरी है। रानी मुखर्जी इस बार भी अपने किरदार शिवानी शिवाजी रॉय में लौटेंगी। मर्दानी फ्रेंचाइजी की तीसरी किस्त को 30 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा। पहले के दोनों पार्ट्स की सफलता को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि मर्दानी 3 भी बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन करेगी।ओटीटी रिलीज की तारीख
फिल्म के ओटीटी रिली की तारीख भी सामने आ चुकी है। थिएटर्स में रिलीज के बाद ‘मर्दानी 3’ को 27 मार्च से नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम किया जाएगा। इस तरह दर्शक सिनेमाघरों के बाद घर पर भी इस फिल्म का आनंद ले सकेंगे। मर्दानी फ्रेंचाइजी न केवल एक थ्रिलर की कहानी पेश करती है, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों के मुद्दों को भी उजागर करती है। रानी मुखर्जी की भूमिका ने इसे और भी प्रभावशाली बनाया है। इस फिल्म की कहानी, निर्देशन और किरदारों की मजबूती इसे समय के साथ भी दर्शकों के बीच प्रासंगिक बनाए रखती है।
“क्या ब्राह्मणों का नरसंहार करना चाहते हैं?” स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और UGC के विवाद पर अलंकार अग्निहोत्री का बयान
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और UGC नियमों को जारी विवाद को लेकर इस्तीफा देने का दावा करने वाले अलंकार अग्निहोत्री का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने सवाल किया है कि क्या ब्राह्मणों के नरसंहार की तैयारी हो रही है।उत्तर प्रदेश के बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट के पद से इस्तीफा देने वाले अलंकार अग्निहोत्री लगातार चर्चा में हैं। बता दें कि उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और UGC के नए नियम से जुड़े विवाद को लेकर इस्तीफा देने का दावा किया है। अब अलंकार अग्निहोत्री ने एक बार फिर से बड़ा दिया है और ब्राह्मणों पर अत्याचार का आरोप लगाया है। अलंकार अग्निहोत्री ने सवाल किया है कि क्या आप ब्राह्मणों का नरसंहार करना चाहते हैं? आइए जानते हैं कि उन्होंने इस मुद्दे पर और क्या कुछ कहा है।
ब्राह्मण विरोधी अभियान चल रहा- अलंकार अग्निहोत्री
बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट के पद से इस्तीफा देने वाले अलंकार अग्निहोत्री ने कहा- “उत्तर प्रदेश सरकार में पिछले कुछ समय से ब्राह्मण विरोधी अभियान चल रहा है। ब्राह्मणों को अलग कर उन पर अत्याचार किया जा रहा है। कहीं एक डिप्टी जेलर एक ब्राह्मण को पीट रहा है। एक अन्य थाने में एक विकलांग ब्राह्मण को पीट-पीटकर मार डाला जा रहा है। बीते दो हफ्तों की हालिया घटनाओं को देखें जिसमें माघ मेला भी शामिल है। मौनी अमावस्या के दिन, हमारे ज्योतिर मठ (ज्योतिषपीठ) के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज स्नान करने गए थे। बुजुर्ग भिक्षुओं सहित उनके शिष्यों को पैरों, लातों और जूतों से पीटा गया।
‘क्या ब्राह्मणों का नरसंहार करना चाहते हैं?’
अलंकार अग्निहोत्री ने कहा- “जब प्रशासन इस तरह से पिटाई करेगा तो क्या आप बाहर दूसरे समुदाय के लोगों को यह संदेश देना चाहते हैं कि जब प्रशासन इस तरह से पिटाई करेगा तो नरसंहार हो जाएगा? आप क्या चाहते हैं? क्या आप ब्राह्मणों का नरसंहार करना चाहते हैं?”
मुझे बंधक बनाने की बात हो रही थी- अलंकार अग्निहोत्री
कल बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट के पद से इस्तीफा देने वाले अलंकार अग्निहोत्री ने कहा- “मैंने कल ही अपना इस्तीफा जारी कर दिया है। कल जब सुनियोजित साजिश विफल हो गई। DM सर के ऑफिस में फोन पर किसी ने आपत्तिजनक वार्ता की वो मैंने सुन लिया था। मैंने अपने वकील को बताया की मुझे बंधक बनाने की बात हो रही है आप प्रेस को बता दें। तब आनन-फानन में मुझे जाने दिया गया। मुझे अन्य आरोप में सस्पेंड करने की सुनियोजित साजिश थी।” हालांकि, अधिकारियों ने बंधक बनाने की ऐसी किसी साजिश से इनकार किया है।
सामान्य वर्ग का नरसंहार निश्चित- अलंकार अग्निहोत्री
अलंकार अग्निहोत्री ने यूजीसी के नए नियम पर भी बयान दिया। उन्होंने कहा- 13 जनवरी 2026 को जारी भारत सरकार के राजपत्र में विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों को घोषित अपराधी माना गया है। इसका मतलब है कि आपका बेटा या बेटी वहां पढ़ रहे होंगे। कोई भी उनके साथ भेदभाव का आरोप लगाकर झूठी शिकायत दर्ज करा सकता है और समता समिति उनका शोषण करेगी। इस दुर्दशा का सबसे बड़ा कारण यह है कि हमारे समाज के, हमारे ब्राह्मण समाज के सांसद और विधायक पूरी तरह से मूक दर्शक बने हुए हैं। वे चुप हैं। क्या वे चाहते हैं कि समाज में बेटे, बेटियों और बहुओं के साथ बलात्कार हो? मैं अब भी ब्राह्मण समुदाय के सभी जन प्रतिनिधियों से अपील करता हूं कि वे तुरंत इस्तीफा देना शुरू करें और समुदाय के साथ खड़े हों। समय आ गया है, अन्यथा आपका नरसंहार निश्चित है। सामान्य वर्ग का नरसंहार निश्चित है क्योंकि आपके जन प्रतिनिधि सोये हुए हैं, कॉर्पोरेट कंपनियों के कर्मचारी बनकर बैठे हैं। मैंने राज्यपाल को लिखा है। मैंने अपना इस्तीफा उत्तर प्रदेश के सीईओ और जिला मजिस्ट्रेट को ईमेल के माध्यम से सौंप दिया है।”
“हनुमान जी आदिवासी थे, भगवान राम आदिवासियों की वजह से जीते”, कांग्रेस नेता उमंग सिंघार के बयान से एमपी में गरमाई सियासत
मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बयान से हड़कंप मचा हुआ है। उन्होंने हनुमान जी को आदिवासी बताया है।भोपाल: मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बयान से हड़कंप मचा हुआ है। उन्होंने भगवान हनुमान को आदिवासी बताते हुए एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। ऐसे में मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर धार्मिक और आदिवासी पहचान को लेकर बहस तेज हो गई है।
बड़वानी जिले के सेंधवा सबडिवीजन स्थित गेरू घाटी में बुधवार को आयोजित आदिवासी अधिकार सम्मेलन को संबोधित करते हुए उमंग सिंघार ने कहा कि भगवान हनुमान और भगवान राम की वानर सेना आदिवासी थी। उन्होंने कहा कि रामायण में राम की सेना का बात हुई तो वानर बना दिया आदिवासियों को। जंगल के अंदर एक शबरी मिली जो राम को बेर खिलाती है।
राम आदिवासियों की वजह से जीते: उमंग सिंघार
उमंग सिंघार ने कहा रामायण में कहा है तो क्या एक ही आदिवासी थी पूरी जंगल में। नहीं जितने लोग सेवा में राम के साथ थे, सब आदिवासी थे। राम को अगर जिताया है तो आदिवासियों ने जिताया है। हनुमान जी को आदिवासी बताते हुए उमंग सिंगार ने कहा कि हम हनुमान जी की पूजा करते हैं। गांव-गांव में हनुमान के मंदिर है। जो हमारे वंशज हैं, मैं तो कहता हूं वह भी हमारे हैं, वह भी आदिवासी हैं।
वहीं बीजेपी पर निशाना साधते हुए उमंग सिंगार ने कहा लेकिन जब हिंदू की बात करते हैं, भगवानों की बात करते हैं तो मोदी की पतंग उड़ाते हैं, यह हनुमान की पतंग उड़ा रहे हैं, मतलब आदिवासियों को उड़ा रहे हैं।बीजेपी ने की आलोचना
बीजेपी ने बयान को धार्मिक भावनाएं भड़काने वाला बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई है। वहीं कांग्रेस इसे आदिवासी इतिहास और पहचान से जोड़कर देख रही है।
गौरतलब है कि हिंदू धर्म में हनुमान जी सबसे ज्यादा पूजे जाने वाले भगवान में से एक हैं। देशभर में उनके मंदिर हैं और वह सबसे बड़े रामभक्त और कलयुग के राजा माने जाते हैं।
मितौली में जमीन हड़पने का सनसनीखेज मामला, प्रार्थिनी ने उपजिलाधिकारी से लगाई गुहार
मितौली में जमीन हड़पने का सनसनीखेज मामला, प्रार्थिनी ने उपजिलाधिकारी से लगाई गुहार
लखीमपुर खीरी जनपद की तहसील मितौली से एक गंभीर और सनसनीखेज भूमि विवाद का मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने अपने ही ससुर द्वारा बेची गई जमीन के बजाय दूसरी जमीन पर जबरन कब्जा और फर्जी बैनामा कराए जाने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने पूरे मामले को लेकर उपजिलाधिकारी मितौली को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर न्याय की मांग की है।
ग्राम मूसेपुर रसूलपुर, थाना मितौली की रहने वाली संगीता देवी पत्नी झम्मन लाल ने बताया कि उनके ससुर बनवारी लाल द्वारा ग्राम मूसेपुर पंचायत रसूलपुर स्थित गाटा संख्या 21 की भूमि को नन्हे पुत्र हजारी निवासी मूसेपुर के हाथों विधिवत रूप से बेचा गया था। इस बिक्री के सभी कागजात नियमानुसार तैयार किए गए थे। लेकिन आरोप है कि विपक्षीगण ने आपसी मिलीभगत कर खरीदी गई जमीन गाटा संख्या 21 पर कब्जा न करते हुए उनकी दूसरी भूमि गाटा संख्या 54 पर जबरन कब्जा कर लिया।
प्रार्थिनी के अनुसार विपक्षीगण ने दबंगई और गुंडागर्दी के बल पर गाटा संख्या 54 का बैनामा भी जबरन करवा लिया और अब उस जमीन पर लगातार कब्जा जमाने का प्रयास कर रहे हैं। जब इस अवैध कृत्य का विरोध किया गया तो उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां दी जाने लगीं।
पीड़िता ने यह भी बताया कि इस पूरे विवाद को लेकर मामला माननीय न्यायालय में विचाराधीन है, इसके बावजूद विपक्षीगण न्यायालय की प्रक्रिया का कोई सम्मान नहीं कर रहे हैं और खुलेआम दबाव बना रहे हैं। संगीता देवी का कहना है कि विपक्षीगण किसी बड़ी अनहोनी की साजिश रच रहे हैं और यदि उनके या उनके परिवार के किसी सदस्य के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी विपक्षीगण की होगी।
पीड़िता ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर अवैध बैनामा निरस्त कराया जाए, जबरन कब्जा हटवाया जाए और उन्हें व उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए। इस मामले ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और स्थानीय लोगों में भी प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
अब देखना यह है कि उपजिलाधिकारी मितौली इस गंभीर आरोपों वाले मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और पीड़िता को कब तक न्याय मिल पाता है।
MP: बंदूकों की दुकान में हुआ जोरदार धमाका, भागते हुए निकले झुलसे लोग
एमपी के रतलाम में एक बंदूकों की दुकान में धमाका हो गया। इस घटना में चार लोग झुलस गए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। रतलाम: मध्य प्रदेश के रतलाम शहर में बंदूकों की एक दुकान में सोमवार को जोरदार धमाका हो गया। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। जानकारी के मुताबिक वेल्डिंग के काम के दौरान धमाका हो गया, जिसके बाद दुकान में आग लग गई। जानकारी के मुताबिक धमाके की वजह से आग लगने से दुकान के एक मालिक और एक ग्राहक समेत चार लोग गंभीर रूप से झुलस गए। पुलिस का कहना है कि फिलहाल दुकान को सील कर दिया गया है और इसके लाइसेंस की जांच की जा रही है। वहीं एफएसएल की टीम मामले की जांच कर रही है।
चार लोग हुए घायल
दरअसल, शहर के सर्राफा बाजार के पास लक्कड़ पीठा में स्थित दुकान में एक जोरदार धमाका हुआ। इस घटना के बाद दुकान में मौजूद कई लोग झुलस गए। इसी बीच दो लोगों को झुलसी अवस्था में दुकान से बाहर निकलकर सड़क पर बदहवास हालत में भागते देखा गया। जानकारी के मुताबिक चार लोग इस घटना में झुलस गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि चारों घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। पीड़ितों की पहचान दुकान के मालिक यूसुफ अली (58), नाजिम हुसैन (32), शेख रफीकुद्दीन (35) और संदीप पाटीदार (35) के रूप में हुई है। प्राथमिक उपचार के बाद चारों घायलों को इंदौर के एक अस्पताल भेजा गया है।
वेल्डिंग के दौरान हुआ हादसा
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि बंदूकों की दुकान में वेल्डिंग का काम किया जा रहा था, इसी दौरान धमाका हो गया, जिससे आग लग गई। उन्होंने बताया, ‘‘दुकान को सील कर दिया गया है और इसके लाइसेंस की वैधता की जांच की जा रही है। हमने दुकान में रखे आग्नेयास्त्रों को पंचनामा बनाकर अपने कब्जे में ले लिया है। दुकान के बाहर पुलिस तैनात कर दी गई है।’’ उन्होंने बताया कि दुकान में वेल्डिंग की कुछ रॉड मिली हैं।
जांच कर रही पुलिस की टीम
पुलिस के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि मौके पर कारतूसों के कुछ खाली खोखे भी पाए गए हैं और घटना के कारण की पुष्टि के लिए एफएसएल की टीम जांच कर रही है। उन्होंने बताया,‘‘शुरुआती तौर पर पता चला है कि दुकान में वेल्डिंग के काम के दौरान निकली चिंगारी से धमाका हुआ और आग लग गई।’’ अधिकारी ने बताया कि दुकान में लगी आग पर काबू पा लिया गया है और विस्तृत जांच जारी है।

