Friday, July 10, 2026
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अजित पवार की दरियादिली! 20 दिन पहले ही प्रोटोकॉल तोड़कर ऐसे की थी घायल की मदद

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अजित पवार ने अपने निधन से 20 दिन पहले प्रोटोकॉल तोड़कर घायल की मदद की थी। उसको अपना काफिला रोककर अस्पताल पहुंचवाया था। इस पूरी घटना के बारे में जानें। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का आज (बुधवार को) बारामती में निधन हो गया। बारामती में एयर स्ट्रिप के पास हुए प्लेन क्रैश में उनकी जान चली गई है। अजित पवार सहित प्लेन में बैठे सभी 5 लोगों की मौत हो गई। उनके परिजन और समर्थक इस खबर को सुनकर शॉक में हैं। इस बीच, अजित पवार से जुड़ी उस खबर की खूब चर्चा हो रही है जब 20 दिन पहले ही यानी 8 जनवरी को सड़क हादसे में घायल व्यक्ति की मदद की थी। इस आर्टिकल में उस घटना के बारे में जानिए।
पुणे में घायल को पहुंचवाया था अस्पताल
जान लें कि 8 जनवरी को अजित पवार का मानवीय दृष्टिकोण को दिखा था। उस दिन सुबह के वक्त पुणे के रेंज हिल एरिया में एक सड़क दुर्घटना हो गई थी। इसको देखकर अजित पवार ने प्रोटोकॉल तोड़ते हुए अपना काफिला रोक दिया था। इतना ही नहीं, मौके पर घायल युवक की तुरंत मदद की थी। उसको तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचवाया था।
प्रोटोकॉल तोड़कर की थी मदद
अजित पवार अपने पहले से तय कार्यक्रम में जाने के लिए इस इलाके से निकल रहे थे। लेकिन उन्होंने इससे ज्यादा जरूरी घायल की मदद करना समझा और प्रोटोकॉल तोड़कर उसे इलाज के लिए पहुंचवाया था। उस दिन अजित पवार पुणे स्थित अपने निवास ‘जिजाई’ से पिंपरी-चिंचवड की तरफ जा रहे थे, तब उन्होंने सड़क पर एक बाइक सवार को दुर्घटना के बाद जख्मी हालत में देखा था।
आज निधन पर उनके समर्थक कर रहे याद
सोशल मीडिया पर तब उनकी इस मदद की काफी तारीफ हुई थी। जान लें कि अजित पवार के साथ भयानक हादसा हुआ। उनका प्लेन बारामती में एयर स्ट्रिप पर लैंड नहीं हो पाया और पास की चट्टान पर टकरा गया। यह हादसा इतना भयानक था कि प्लेन के परखच्चे उड़ गए। घटनास्थल से जो वीडियो सामने आया है, उसमें सिर्फ प्लेन की टेल और एक पंख नजर आ रहा है। अजित पवार के निधन से उनके समर्थक दुखी हैं और उनको याद कर रहे हैं।

Ajit Pawar Net Worth: करोड़ों का घर और जमीनें, लग्जरी गाड़ियां… बारामती में जिस ‘दादा’ का चलता था सिक्का, उनके पास कितनी थी दौलत?

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महाराष्ट्र के कद्दावर नेता और उपमुख्यमंत्री अजित पवार का आज, 28 जनवरी 2026 को एक दर्दनाक विमान हादसे में निधन हो गया। बारामती के आकाश में हुए इस हादसे ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे महाराष्ट्र को शोक में डुबो दिया है। आइए जानते हैं उनकी कितनी नेटवर्थ थी? महाराष्ट्र की राजनीति में ‘दादा’ के नाम से मशहूर और रिकॉर्ड 6 बार उपमुख्यमंत्री रहे अजित पवार (Ajit Pawar) अब हमारे बीच नहीं रहे। बुधवार सुबह बारामती में हुए एक दुखद विमान हादसे ने उनके सफर पर विराम लगा दिया। कड़क मिजाज और प्रशासनिक पकड़ के लिए जाने जाने वाले अजित पवार न केवल राजनीतिक रूप से सशक्त थे, बल्कि वे महाराष्ट्र के सबसे अमीर राजनेताओं में से भी एक थे। चुनाव आयोग को सौंपे गए उनके आखिरी हलफनामे के मुताबिक, अजित पवार (Ajit Pawar net worth) और उनके परिवार के पास 124 करोड़ रुपये से ज्यादा की कुल संपत्ति थी। अजित पवार के पास भले ही कोई लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी (LIC) नहीं थी, लेकिन उनका बैंक बैलेंस किसी को भी हैरान कर सकता है। हलफनामे के अनुसार:

कैश और बैंक डिपॉजिट: पवार परिवार के पास करीब 14.12 लाख रुपये कैश और अलग-अलग बैंक अकाउंट में 6.81 करोड़ से ज्यादा जमा हैं। इसमें अजित पवार और उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार के खातों में 3-3 करोड़ रुपये का बैलेंस शामिल है।
शेयर बाजार में निवेश: उन्होंने शेयर, बॉन्ड और डिबेंचर्स में करीब 24 लाख रुपये का इन्वेस्टमेंट किया था, जबकि उनके बच्चों और पत्नी ने भी इसमें लाखों रुपये लगाए हैं।
ज्वेलरी: पवार के पास 38 लाख रुपये के जेवर थे, वहीं सुनेत्रा पवार के पास 1.19 करोड़ रुपये की भारी-भरकम ज्वेलरी है।
बारामती की जमीन और आलीशान घर
अजित पवार की असली ताकत उनकी अचल संपत्ति में झलकती है। बारामती से लेकर मुंबई और दिल्ली तक उनका साम्राज्य फैला हुआ था:

खेती की जमीन: उनके और उनकी पत्नी के नाम पर करीब 13.21 करोड़ रुपये की कृषि योग्य भूमि और 37 करोड़ रुपये की गैर-कृषि भूमि दर्ज है।
आलीशान आशियाने: अजित पवार के नाम पर 4 घर हैं (जिनकी कीमत करीब 9 करोड़ रुपये है), जबकि सुनेत्रा पवार के नाम पर 22 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत के 4 अन्य फ्लैट और घर दर्ज हैं। इसके अलावा पुणे में उनकी ₹11 करोड़ की एक कमर्शियल बिल्डिंग भी है।
महंगी गाड़ियों का शौक
भले ही वे सादगी पसंद दिखते थे, लेकिन उनके बेड़े में 3 ट्रेलर, टोयोटा कैमरी, होंडा सीआरवी और खेती के लिए आधुनिक ट्रैक्टर जैसे वाहन शामिल थे, जिनकी कीमत करीब 75 लाख रुपये बताई गई थी। अजित पवार पर करीब 21.39 करोड़ रुपये का कर्ज भी था, लेकिन उनकी कुल संपत्ति के सामने यह बहुत कम थी। आज उनके निधन के साथ बारामती ने अपना सबसे रईस और प्रभावशाली बेटा खो दिया है।

भारत-EU के बीच हुई डील पर ट्रंप के सांसद ने दिया बड़ा बयान, बोले- ‘फायदे में रहा इंडिया’

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डोनाल्ड ट्रंप के सांसद जेमिसन ग्रीर ने भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुई फ्री ट्रेड डील को लेकर बड़ा बयान दिया है। ग्रीर ने इस डील को भारत के फायदेमंद बताया है। भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सांसद का बड़ा बयान सामने आया है। अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जेमिसन ग्रीर ने बुधवार को कहा कि भारत यूरोपीय संघ के साथ अपनी ट्रेड डील से एक बड़ा विनर बनकर उभरा है। ग्रीर ने कहा कि नई दिल्ली ने मार्केट एक्सेस और इमिग्रेशन के मौकों में काफी फायदे हासिल किए हैं। उन्होंने कहा, “इस डील में भारत टॉप पर रहा है। उन्हें यूरोप में ज्यादा मार्केट एक्सेस और इमिग्रेशन मिलेगा। भारत इस डील से बहुत फायदा उठाने वाला हैभारत पर लागू है अतिरिक्त टैरिफ
जेमिसन ग्रीर ने कहा कि भारतीय इंपोर्ट पर अतिरिक्त टैरिफ अभी भी लागू हैं, भले ही नई दिल्ली ने रूसी कच्चे तेल की खरीद कम करने में प्रगति की हो। फॉक्स बिजनेस को दिए एक इंटरव्यू में, अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव ने कहा कि भारत ने रूसी तेल इंपोर्ट में कटौती करने में काफी प्रगति की है, लेकिन पुष्टि की है कि अतिरिक्त 25 फीसदी ड्यूटी, जिससे भारतीय सामानों पर कुल टैरिफ 50 प्रतिशत हो गया है, अभी भी लागू हैं।
‘रूस के साथ एनर्जी संबंध खत्म करना होगा मुश्किल’
ग्रीर ने कहा कि भारत के लिए रूस के साथ एनर्जी संबंध पूरी तरह से खत्म करना मुश्किल होगा। उन्होंने कहा, “उन्हें (भारत) रूसी तेल से मिलने वाला डिस्काउंट पसंद है और वॉशिंगटन भारत की गतिविधियों पर करीब से नजर रख रहा है।” ग्रीर ने यह भी कहा कि वह अपने भारतीय समकक्ष के साथ लगातार संपर्क में हैं।
स्कॉट बेसेंट से अलग है ग्रीर का बयान
भारतीय नेतृत्व के साथ अपने संबंधों को सकारात्मक बताते हुए भी ग्रीर ने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका भारत की रूसी तेल खरीद पर कड़ी नजर रख रहा है। उनकी टिप्पणियां दावोस 2026 में अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट की ओर से की गई टिप्पणियों से अलग हैं, जहां बेसेंट ने कहा था कि भारतीय सामानों पर टैरिफ बाद में कम किए जा सकते हैं।क्या बोले मंत्री हरदीप सिंह पुरी?
गौरतलब है कि, हाल ही में भारत के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने CNBC को बताया था कि नई दिल्ली और वॉशिंगटन के बीच जिस ट्रेड डील का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है वो एडवांस्ड स्टेज में है।

इशान किशन बल्ले फिर मचाएंगे गदर, क्या सूर्यकुमार यादव कर पाएंगे उनका पीछा

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इशान किशन विशाखापट्टनम में एक और धमाका करें तो ताज्जुब की बात नहीं होनी चाहिए। यहां किशन ने अब तक दो मैच खेले हैं और दोनों बार 50 से ​अधिक रनों का स्कोर बनाया है।इशान किशन ने टीम इंडिया में अपनी वापसी के बाद से लेकर अब तक ऐसा गदर मचाया है कि हर कोई दंग है। वैसे तो वे भारत बनाम न्यूजीलैंड सीरीज में तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आते हैं, लेकिन संजू सैमसन के जल्द आउट होने के कारण उन्हें पावरप्ले में ही बैटिंग का मौका मिल रहा है, जिसका वे जमकर फायदा उठाते हैं। इस बीच विशाखापट्टनम में तो इशान किशन और भी जबरदस्त बल्लेबाजी कर सकते हैं। यहां जब भी किशन उतरे हैं तो कमाल ही किया है। इस बीच मैच के दौरान इशान किशन और कप्तान सूर्यकुमार यादव के बीच एक रोचक जंग भी होगी।
तीन मैचों में किशन ने की है शानदार बल्लेबाज
लंबे इंतजार के बाद इशान किशन की भारतीय टीम में वापसी हुई है। इसके बाद जब वे न्यूजीलैंड के खिलाफ नागपुर में खेलने के लिए उतरे तो केवल आठ ही रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन दूसरे ही मुकाबले में उन्होंने ये दिखाया कि उनकी वापसी क्यों हुई है। इस मैच में में उन्होंने रायपुर में धमाकेदार अंदाज में 76 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली। इसके बाद तीसरे मैच में भी उन्होंने आक्रामक अंदाज में 28 रन बनाए।
विशाखापट्टनम में दो मैच खेलकर दो अर्धशतक लगा चुके हैं किशन
अब भारत बनाम न्यूजीलैंड टी20 सीरीज का चौथा मुकाबला विशाखापट्टनम में होगा, जहां इशान किशन का बल्ला इससे पहले भी खूब चला है। उनके लिए ये मैदान काफी लकी है। विशाखापट्टनम के इस मैदान पर ईशान किशन ने अब तक केवल दो ही मैच खेले हैं और इस दौरान 112 रन बनाए हैं। यहां टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज वही हैं। दोनों बार किशन के बल्ले से 50 से अधिक रन आए हैं। उनका औसत 56 का है। इशान किशन ने यहां अब तक सात छक्के लगाए हैं। उनसे ज्यादा सिक्स केवल जोश इंग्लिस के हैं, जिन्होंने आठ छक्के लगाए हैं।
सूर्यकुमार यादव को भी रास आता है विशाखापट्टनम का स्टेडियम
इस बीच बात अगर कप्तान सूर्यकुमार यादव की करें तो वे भी ज्यादा पीछे नहीं हैं। सूर्य ने विशाखापट्टनम में अब तक केवल एक ही मैच खेला है, इसमें उन्होंने 80 रनों की जबरदस्त पारी खेली थी। उन्होंने चार छक्के और 9 चौके लगाए हैं। अब जब आज का मैच रात में खत्म होगा तो सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज इशान ही रहेंगे या फिर सूर्या इस पर कब्जा कर लेंगे, ये देखना जरूर दिलचस्प होगा।
तीन में से दो बार सूर्या ने लगाया अर्धशतक, दो मैचों से नहीं हुए हैं आउट
सूर्यकुमार यादव पिछले काफी वक्त से अपने फार्म से जूझ रहे थे, लेकिन अब लगता है कि वो वापस आ गया है। इसी सीरीज के पहले मैच में सूर्या 32 रन बनाकर आउट हो गए थे, लेकिन इसके बाद दूसरे मैच में उन्होंने नाबाद 82 और नाबाद 57 रन बनाए। सबसे बड़ी बात ये भी कि उन्होंने आक्रामक अंदाज में न केवल रन बनाए, बल्कि टीम इंडिया को जिताकर नाबाद वापस लौटे। इसे बात सूर्या को जरूर आत्मविश्वास देगी। अब आज शाम का इंतजार कीजिए और देखिए कि भारतीय टीम कैसा खेल दिखाती है।

इशान किशन बल्ले फिर मचाएंगे गदर, क्या सूर्यकुमार यादव कर पाएंगे उनका पीछा

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इशान किशन विशाखापट्टनम में एक और धमाका करें तो ताज्जुब की बात नहीं होनी चाहिए। यहां किशन ने अब तक दो मैच खेले हैं और दोनों बार 50 से ​अधिक रनों का स्कोर बनाया है।इशान किशन ने टीम इंडिया में अपनी वापसी के बाद से लेकर अब तक ऐसा गदर मचाया है कि हर कोई दंग है। वैसे तो वे भारत बनाम न्यूजीलैंड सीरीज में तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आते हैं, लेकिन संजू सैमसन के जल्द आउट होने के कारण उन्हें पावरप्ले में ही बैटिंग का मौका मिल रहा है, जिसका वे जमकर फायदा उठाते हैं। इस बीच विशाखापट्टनम में तो इशान किशन और भी जबरदस्त बल्लेबाजी कर सकते हैं। यहां जब भी किशन उतरे हैं तो कमाल ही किया है। इस बीच मैच के दौरान इशान किशन और कप्तान सूर्यकुमार यादव के बीच एक रोचक जंग भी होगी।
तीन मैचों में किशन ने की है शानदार बल्लेबाज
लंबे इंतजार के बाद इशान किशन की भारतीय टीम में वापसी हुई है। इसके बाद जब वे न्यूजीलैंड के खिलाफ नागपुर में खेलने के लिए उतरे तो केवल आठ ही रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन दूसरे ही मुकाबले में उन्होंने ये दिखाया कि उनकी वापसी क्यों हुई है। इस मैच में में उन्होंने रायपुर में धमाकेदार अंदाज में 76 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली। इसके बाद तीसरे मैच में भी उन्होंने आक्रामक अंदाज में 28 रन बनाए।

विशाखापट्टनम में दो मैच खेलकर दो अर्धशतक लगा चुके हैं किशन
अब भारत बनाम न्यूजीलैंड टी20 सीरीज का चौथा मुकाबला विशाखापट्टनम में होगा, जहां इशान किशन का बल्ला इससे पहले भी खूब चला है। उनके लिए ये मैदान काफी लकी है। विशाखापट्टनम के इस मैदान पर ईशान किशन ने अब तक केवल दो ही मैच खेले हैं और इस दौरान 112 रन बनाए हैं। यहां टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज वही हैं। दोनों बार किशन के बल्ले से 50 से अधिक रन आए हैं। उनका औसत 56 का है। इशान किशन ने यहां अब तक सात छक्के लगाए हैं। उनसे ज्यादा सिक्स केवल जोश इंग्लिस के हैं, जिन्होंने आठ छक्के लगाए हैं।

सूर्यकुमार यादव को भी रास आता है विशाखापट्टनम का स्टेडियम
इस बीच बात अगर कप्तान सूर्यकुमार यादव की करें तो वे भी ज्यादा पीछे नहीं हैं। सूर्य ने विशाखापट्टनम में अब तक केवल एक ही मैच खेला है, इसमें उन्होंने 80 रनों की जबरदस्त पारी खेली थी। उन्होंने चार छक्के और 9 चौके लगाए हैं। अब जब आज का मैच रात में खत्म होगा तो सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज इशान ही रहेंगे या फिर सूर्या इस पर कब्जा कर लेंगे, ये देखना जरूर दिलचस्प होगा।

तीन में से दो बार सूर्या ने लगाया अर्धशतक, दो मैचों से नहीं हुए हैं आउट
सूर्यकुमार यादव पिछले काफी वक्त से अपने फार्म से जूझ रहे थे, लेकिन अब लगता है कि वो वापस आ गया है। इसी सीरीज के पहले मैच में सूर्या 32 रन बनाकर आउट हो गए थे, लेकिन इसके बाद दूसरे मैच में उन्होंने नाबाद 82 और नाबाद 57 रन बनाए। सबसे बड़ी बात ये भी कि उन्होंने आक्रामक अंदाज में न केवल रन बनाए, बल्कि टीम इंडिया को जिताकर नाबाद वापस लौटे। इसे बात सूर्या को जरूर आत्मविश्वास देगी। अब आज शाम का इंतजार कीजिए और देखिए कि भारतीय टीम कैसा खेल दिखाती है।

नागौर (राजस्थान): जानलेवा हमले का आरोप, पीड़ित ने मुख्यमंत्री से मांगी सुरक्षा व मुआवजा

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नागौर जिला की जगाना तहसील के गांव ईडवा निवासी पवन कुमार ने मीडिया के माध्यम से अपनी जान की सुरक्षा की गुहार लगाई है। पवन का आरोप है कि उन पर जानलेवा हमला किया गया, जिसमें प्रदीप सिंह पुत्र हनुमान सिंह राठौर मुख्य आरोपी है। पवन के अनुसार आरोपियों ने लात-घूंसों से मारपीट कर गंभीर चोटें पहुंचाईं और गलत तरीके से हमला किया।
पीड़ित का कहना है कि वह फोर्थ क्लास कर्मचारी है और एक अस्पताल में कार्यरत है। उसने आरोप लगाया कि आरोपी अस्पताल की को-ऑपरेटिव सोसाइटी का सदस्य है और आए दिन उससे गाली-गलौज व मारपीट करता है। पवन के मुताबिक पिछले 10 बार भी उसके साथ मारपीट की जा चुकी है, जिससे उसे लगातार जान का खतरा बना हुआ है।
पवन ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी अस्पताल परिसर में शराब की बोतलें रखता है, गुटखे का सेवन करता है, बाथरूम में गंदगी फैलाता है और अस्पताल परिसर में नॉनवेज बनाता है। इन बातों का विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की जाती है। पीड़ित का कहना है कि आरोपी अस्पताल आने वाले मरीजों को भी परेशान करता है और महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करता है।
पीड़ित पवन कुमार ने भजनलाल शर्मा से अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है। साथ ही उन्होंने सरकार से मुआवजे की भी मांग की है, ताकि वह अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें। पवन ने कहा कि यदि भविष्य में उसे या उसके परिवार को कोई नुकसान होता है, तो इसके लिए वही आरोपी जिम्मेदार होंगे।
पीड़ित ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

‘झूठी दोस्ती…उसकी मां मुझे ट्रॉमा देती है’, सारा अली खान से लड़ाई में ओरी ने अमृता सिंह को भी घसीटा, टूटी दोस्ती और क्लेश की वजह आई सामने

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ओरी और सारा अली खान की दोस्ती सोशल मीडिया पर छाई रहती थी। दोनों वेकेशन से लेकर पार्टीज में साथ नजर आया करते थे, लेकिन हाल ही में दोनों की दोस्ती टूट गई और अब इस पर ओरी ने खुलकर बात भी की है। इस मामले में वो सारा की मां अमृता सिंह को भी घसीटते नजर आए।इन्फ्लुएंसर और सोशल मीडिया पर्सनैलिटी ओरहान अवत्रामणि उर्फ़ ओरी इन दिनों शोबिज़ की दुनिया में लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। वजह है उनके बेबाक सोशल मीडिया पोस्ट्स और पुराने दोस्तों सारा अली खान और इब्राहिम अली खान के साथ चल रहा सार्वजनिक तनाव। हाल ही में HT के साथ एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में ओरी ने इस पूरे विवाद पर खुलकर बात की। ओरी का कहना है कि अगर सारा और इब्राहिम की मां अमृता सिंह उनसे माफी मांगती हैं तो वह बीती बातों को पीछे छोड़ने के बारे में सोच सकते हैं। उन्होंने साफ कहा कि फिलहाल उनके लिए इस रिश्ते को सामान्य मानना संभव नहीं है।
सारा-इब्राहिम को अनफॉलो करने की वजह
सारा अली खान को अनफॉलो करने पर ओरी ने कहा, ‘मैंने कुछ समय पहले सारा को अनफॉलो कर दिया था और इब्राहिम को तो मैंने सालों से फॉलो ही नहीं किया है।’ उन्होंने आगे जोड़ा, ‘सारा के साथ दोस्त होने का नाटक करने का मतलब है उस ट्रॉमा के साथ ठीक होने का नाटक करना, जो उनकी मां ने मुझे दिया, और मैं अब ऐसा नहीं कर सकता।’ हालांकि जब उनसे उस कथित ट्रॉमा के बारे में विस्तार से पूछा गया, तो ओरी ने इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।सारा के करियर पर कमेंट और वायरल विवाद
हाल ही में सारा अली खान के करियर को लेकर ओरी का एक कमेंट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इस पर सफाई देते हुए ओरी ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि उन्होंने कुछ गलत कहा। उन्होंने कहा, ‘मैंने बस उनके करियर पर एक छोटा सा मज़ाक किया था। पूरा इंटरनेट हर समय सारा की फिल्मों का मजाक उड़ाता है। लोग मेरे बेरोजगार होने पर भी मजाक करते हैं। यह इतनी बड़ी बात नहीं है।’
सुलह की शर्त- अमृता सिंह की माफी
हालांकि ओरी ने सारा और इब्राहिम के साथ अनबन की पुष्टि की, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि रिश्तों को सुधारने का एक रास्ता अब भी मौजूद है। उन्होंने दोहराया, ‘अगर अमृता सिंह माफी मांगती हैं, तो शायद मैं भविष्य में इसे भूलने के बारे में सोच सकता हूं।’ इस मामले पर प्रतिक्रिया जानने के लिए अमृता सिंह, सारा अली खान और इब्राहिम अली खान से संपर्क किया गया, लेकिन खबर लिखे जाने तक किसी की ओर से कोई जवाब नहीं आया।
सोशल मीडिया पोस्ट्स से बढ़ा विवाद
ओरी के सोशल मीडिया पोस्ट्स ने इस विवाद को और हवा दी है। एक रील में, जब उनसे “सबसे खराब नाम” पूछे गए, तो स्क्रीन पर अमृता, सारा और पलक नाम दिखाई दिए, जिसे अमृता सिंह, सारा अली खान और पलक तिवारी से जोड़कर देखा गया। इसके अलावा, एक वीडियो में टी-शर्ट पर माइक्रो बिकिनी प्रिंट को लेकर किए गए कमेंट्स से यह साफ हुआ कि ओरी सारा के करियर ग्राफ पर तंज कस रहे थे।सारा का इनडायरेक्ट जवाब
सारा अली खान ने इस पूरे विवाद पर सीधे तौर पर कोई बयान नहीं दिया है, लेकिन फैंस का मानना है कि उनकी हालिया इंस्टाग्राम स्टोरी ओरी को एक इनडायरेक्ट जवाब थी। सारा ने विक्रम सरकार का गाना ‘नाम चले’ इस्तेमाल किया, जिसके बोल आजादी से जीने और फालतू विवादों से दूर रहने की बात करते हैं।पुराना विवाद और लीक चैट
दो साल पहले ओरी और पलक तिवारी के बीच की एक कथित व्हाट्सएप चैट रेडिट पर लीक हुई थी। चैट में पलक ने लिखा था, अगर तुम सारा के सम्मान के लिए माफी चाहते हो तो मैं सॉरी कह रही हूं, जिसके जवाब में ओरी ने कथित तौर पर आपत्तिजनक इमोजी भेजा था। फैंस का मानना है कि यहीं से इस पूरे विवाद की जड़ पड़ी। फिलहाल ओरी और सारा-इब्राहिम के बीच चल रहा यह विवाद सोशल मीडिया और इंडस्ट्री में चर्चा का विषय बना हुआ है और अब सबकी नजर इस पर टिकी है कि क्या कभी सुलह संभव हो पाएगी। कई लोग सारा अली खान के जवाब का इंतजार कर रहे हैं।

अजीत पवार के निधन पर आया PM मोदी का पहला बयान, जानें उन्होंने क्या कहा

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महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार का आज एक प्लेन क्रैश में निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पहला बयान सामने आ गया है। आइए आपको बताते हैं कि उन्होंने क्या कहा।महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार आज मुंबई से बारामती के लिए प्लेन में निकले थे मगर लैंडिंग के वक्त उनका प्लेन क्रैश हो गया। इस हादसे में उनकी मौत हो गई। प्लेन में अजीत पवार सहित 5 लोग सवार थे और इस हादसे में सभी की मौत हो गई। प्लेन क्रैश बहुत ही भयानक हुआ था जिसके बाद दुर्घटना स्थल पर धुआं फैल गया। प्लेन क्रैश में अजीत पवार के हुए निधन की खबर के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स प्लेटफॉर्म पर अपने हैंडल से एक पोस्ट किया है। उस पोस्ट में उन्होंने लिखा है, ‘अजीत पवार जी जनता के नेता थे, जिनका जमीनी स्तर पर मजबूत जुड़ाव था। महाराष्ट्र के लोगों की सेवा करने में सबसे आगे रहने वाले एक मेहनती व्यक्तित्व के तौर पर उनका बहुत सम्मान किया जाता था। प्रशासनिक मामलों की उनकी समझ और गरीबों और वंचितों को सशक्त बनाने का उनका जुनून भी काबिले तारीफ था। उनका असमय निधन बहुत चौंकाने वाला और दुखद है। उनके परिवार और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति संवेदनाएँ। ओम शांति।’
पीएम मोदी ने अन्य लोगों की मौत पर भी जताया दुख
जिस विमान हादसे में अजीत पवार की मौत हुई है, उसमें उनके अलावा अन्य 4 लोग भी सवार थे जिनकी मौत हो गई। पीएम नरेंद्र मोदी ने अन्य लोगों की मौत पर भी दुख व्यक्त किया है। एक दूसरे पोस्ट में उन्होंने लिखा, ‘महाराष्ट्र के बारामती में हुए दुखद विमान हादसे से बहुत दुख हुआ। इस हादसे में जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया, मेरी संवेदनाएं उनके साथ हैं। दुख की इस घड़ी में शोक संतप्त परिवारों को शक्ति और हिम्मत मिले, इसके लिए प्रार्थना करता हूं।’
कैसे हुआ अजीत पवार का प्लेन क्रैश
आपको बता दें कि अजीत पवार प्लेन से बारामती जा रहे थे मगर प्लेन जब लैंड हो रहा था, तभी उसमें तकनीकी खराबी आ गई। एक सूत्र ने न्यूज एजेंसी PTI को बताया कि, ‘पायलट ने विमान को उतारने का प्रयास करने से पहले हवाई पट्टी के पास खराब विजिबिलिटी के बारे में बताया था। प्लेन को जब लैंड कराने की कोशिश की गई तब वो रनवे से उतर गया और उसमें आग लग गई और यह भयानक हादसा हुआ जिसमें अजीत पवार का निधन हो गया।

विमान हादसों में जान गंवा चुके हैं भारत के कई बड़े नेता, यहां देखें पूरी लिस्ट

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महाराष्ट्र के पुणे जिले में हुए एक विमान हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और NCP नेता अजित पवार का निधन हो गया। इसके साथ ही उन विमान हादसों की दुखद यादें ताजा हो गईं जब विमान हादसों में हमारे देश के नेताओं की जान चली गई।नई दिल्ली: महाराष्ट्र के पुणे जिले में बुधवार सुबह विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत 5 लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, यह घटना तब हुई जब पवार का विमान पुणे के बारामती इलाके में उतर रहा था। बता दें कि भारत ने अपने इतिहास में कई प्रमुख राजनीतिक नेताओं को विमान या हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं में खोया है।
पिछले साल जून 2025 में अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया विमान हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की मौत और अब पुणे में अजित पवार के प्लेन क्रैश में निधन के बाद एक बार फिर दुखद हादसों का इतिहास याद आ रहा है। हवाई हादसों में अपनी जान गंवाने वाले कुछ शीर्ष नेताओं और प्रमुख हस्तियों की लिस्ट इस प्रकार है:
संजय गांधी: कांग्रेस नेता और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के छोटे बेटे संजय गांधी की मौत 23 जून 1980 को दिल्ली के सफदरजंग एयरपोर्ट के पास प्लेन क्रैश में हुई थी। वे स्वयं विमान उड़ा रहे थे और एरोबैटिक्स करते समय नियंत्रण खो बैठे। मात्र 33 वर्ष की आयु में उनकी मौत से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई थी। संजय गांधी को इंदिरा गांधी का उत्तराधिकारी माना जा रहा था, और युवा कांग्रेस को मजबूत करने में उनका योगदान महत्वपूर्ण था। उनकी मौत के बाद उनके बड़े भाई राजीव गांधी राजनीति में आए।
माधवराव सिंधिया: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और ग्वालियर राजघराने के उत्तराधिकारी माधवराव सिंधिया की मौत 30 सितंबर 2001 को उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में एक निजी सेसना विमान के क्रैश में हुई। वे कानपुर में एक राजनीतिक रैली के लिए जा रहे थे, जब विमान ने संपर्क खो दिया और दुर्घटनाग्रस्त हो गया। पूर्व नागरिक उड्डयन मंत्री रह चुके सिंधिया लोकसभा में कई बार चुने गए थे और कभी चुनाव नहीं हारे थे। उनकी मौत ने कांग्रेस को बड़ा झटका दिया था। सिंधिया के बाद उनके बेटे ज्योतिरादित्य ने सियासत में अपने परिवार की परंपरा को आगे बढ़ाया।
जीएमसी बालयोगी: लोकसभा के स्पीकर और तेलुगु देशम पार्टी के प्रमुख नेता जीएमसी बालयोगी की 3 मार्च 2002 को हेलीकॉप्टर दुर्घटना में दुखद मृत्यु हो गई। वे आंध्र प्रदेश के पश्चिम गोदावरी जिले के भीमावरम से लौट रहे थे, जब उनका हेलीकॉप्टर कृष्णा जिले के कैकालूर के पास एक तालाब में जा गिरा और हादसा हो गया।
साइप्रियन संगमा: मेघालय के ग्रामीण विकास मंत्री साइप्रियन संगमा सहित 10 लोग 22 सितंबर 2004 को पवन हंस हेलीकॉप्टर से गुवाहाटी से शिलांग की ओर जा रहे थे। राज्य की राजधानी से करीब 20 किलोमीटर दूर बारापानी झील के निकट हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया, जिसमें मंत्री और बाकी सभी यात्रियों की जान चली गई।
ओ. पी. जिंदल और सुरेंद्र सिंह: प्रमुख उद्योगपति और हरियाणा के तत्कालीन बिजली मंत्री ओम प्रकाश जिंदल तथा कृषि मंत्री सुरेंद्र सिंह की 31 मार्च 2005 को हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हुई। दिल्ली से चंडीगढ़ जा रहे उनके हेलीकॉप्टर का उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में क्रैश हो गया, जिसमें पायलट सहित कई लोगों की जान गई।वाई.एस. राजशेखर रेड्डी: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई.एस. राजशेखर रेड्डी की मौत 2 सितंबर 2009 को चित्तूर जिले में एक बेल 430 हेलीकॉप्टर के क्रैश में हुई। खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर जंगल में गिर गया। रेड्डी का शव हादसे के 27 घंटे बाद मिला। वे कांग्रेस के लोकप्रिय नेता थे, जिन्होंने किसानों, गरीबों और अल्पसंख्यकों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई थीं।
दोर्जे खांडू: अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री दोर्जे खांडू की मौत 30 अप्रैल 2011 को पवन हंस हेलीकॉप्टर के क्रैश में हुई। वे तवांग से ईटानगर लौट रहे थे, जब उनका हेलीकॉप्टर चीन सीमा के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। कांग्रेस के इस नेता ने राज्य के विकास में योगदान दिया था।विजय रूपाणी: गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता विजय रूपाणी की मौत 12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन जा रहे एयर इंडिया फ्लाइट के क्रैश में हुई। विमान टेकऑफ के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें 241 यात्रियों की मौत हुई। इस विमान हादसे के बाद पूरे देश में शोक की लहर उमड़ गई थी।

हजारीबाग में शिकायत दर्ज, FIR को लेकर पुलिस ने दी तीन दिन की चेतावनी

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हजारीबाग। झारखंड पुलिस के हजारीबाग जिले से एक मामला सामने आया है, जहां एक शिकायतकर्ता द्वारा ऑनलाइन माध्यम से शिकायत दर्ज कराई गई है। यह शिकायत हजारीबाग सदर थाना क्षेत्र से संबंधित है, जिसे पुलिस रिकॉर्ड में विधिवत पंजीकृत कर लिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता का नाम दिनेश सिंह है। उन्होंने झारखंड पुलिस के पोर्टल के माध्यम से शिकायत पंजीकरण के लिए आवेदन किया था। इस शिकायत का अनुरोध संख्या 34111057072500003 है, जिसे 26 दिसंबर 2025 को जमा किया गया था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार शिकायत वर्तमान में पंजीकृत स्थिति में है।
दिनेश जी ने बताया कि आए दिन लड़ाई झगड़ा होता है और मारपीट होती है और जान से मारने की धमकी दी जाती है पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है उसके परिवार इन सब चीजों से आए दिन गुजर रहे हैं

हजारीबाग सहकारीबाग क्षेत्र के थाना प्रभारी द्वारा शिकायतकर्ता को सूचना जारी की गई है। इस सूचना में स्पष्ट किया गया है कि यदि शिकायतकर्ता अपनी शिकायत के आधार पर प्राथमिकी यानी FIR दर्ज कराना चाहते हैं, तो उन्हें शिकायत समर्पित करने की तिथि से तीन दिनों के भीतर संबंधित थाना प्रभारी से व्यक्तिगत रूप से संपर्क करना होगा।

पुलिस ने यह भी निर्देश दिया है कि FIR दर्ज कराने के लिए शिकायतकर्ता को अपना लिखित आवेदन मूल रूप में थाना में प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। समय सीमा के भीतर थाना से संपर्क नहीं करने की स्थिति में FIR दर्ज होने में विलंब या प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ऑनलाइन शिकायत प्रणाली से आम नागरिकों को अपनी बात रखने का मौका तो मिल रहा है, लेकिन FIR दर्ज कराने के लिए अभी भी थाने के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि कानूनी प्रक्रिया के तहत लिखित आवेदन और व्यक्तिगत सत्यापन आवश्यक है।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि शिकायतकर्ता तय समय सीमा के भीतर थाना पहुंचकर अपना आवेदन प्रस्तुत करते हैं या नहीं और इस शिकायत के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई किस दिशा में बढ़ती है। हजारीबाग पुलिस की इस सूचना के बाद मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।