Saturday, April 11, 2026
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आतंकवाद पर दोहरा मापदंड स्वीकार्य नहीं’, चीन में SCO सम्मेलन में पीएम मोदी का संबोधन

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भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन के त्येनजिन शहर में आयोजित हो रहे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। पीएम मोदी ने सोमवार को SCO सम्मेलन के सत्र को संबोधित किया है और कई अहम मुद्दों पर बात की है।चीन के त्येनजिन शहर में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) सम्मेलन के दूसरे दिन प्लेनरी सेशन हो रहा है। SCO राष्ट्रध्यक्षों की 25वीं बैठक के बाद साझा घोषणापत्र जारी किया जाएगा। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया है और आतंक के खिलाफ भारत के सख्त रुख को दोहराया है। पीएम मोदी ने साफ कर दिया है कि आतंकवाद पर दोहरा मापदंड किसी भी देश को स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। आइए जानते हैं कि पीएम मोदी अपने संबोधन में किन मुद्दों पर बात की है।

पीएम मोदी ने बताया SCO का मतलब
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 34 वर्षों से एससीओ को पूरे यूरेशिया को जोड़ने में अहम योगदान रहा है। भारत ने SCO के सक्रिय सदस्य देश के तौर पर सकारात्मक भूमिका निभाई है। SCO को लेकर भारत की सोच 3 मुख्य स्तंभों पर आधारित है। S- सिक्योरिटी, C- कनेक्टिविटी, O- अपोर्चुनिटी।

आतंकवाद पूरी मानवता के लिए साझा चुनौती- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि “सिक्योरिटी को लेकर कहा कि सुरक्षा शांति और स्थिरता किसी भी देश के विकास का आधार है। लेकिन इसकी राह में आतंकवाद, अलगाववाद, अतिवाद बड़ी चुनौती है। आतंकवाद किसी देश की सुरक्षा ही नहीं बल्कि पूरी मानवता के लिए साझा चुनौती है। कोई भी देश इससे खुद को सुरक्षित नहीं समझ सकता। पीएम मोदी ने चीन में हो रहे SCO सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा- “भारत पिछले चार दशकों से आतंकवाद का दंश झेल रहा है। हाल ही में, हमने पहलगाम में आतंकवाद का सबसे बुरा रूप देखा। मैं उस मित्र देश के प्रति आभार व्यक्त करता हूँ जो दुःख की इस घड़ी में हमारे साथ खड़ा रहा।”

पीएम मोदी ने कहा कि “भारत ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एकता पर ज़ोर दिया है। भारत ने संयुक्त सूचना अभियान का नेतृत्व करके अल-कायदा और उससे जुड़े आतंकवादी संगठनों से लड़ने की पहल की…हमने आतंकवाद के वित्तपोषण के खिलाफ आवाज़ उठाई। इसमें आपके सहयोग के लिए मैं आभार व्यक्त करता हूं।”

आतंकवाद पर कोई भी दोहरा मापदंड स्वीकार्य नहीं
पीएम मोदी ने साफ तौर पर कहा- “हमें स्पष्ट रूप से और एकमत से कहना होगा कि आतंकवाद पर कोई भी दोहरा मापदंड स्वीकार्य नहीं है। पहलगाम हमला मानवता में विश्वास रखने वाले प्रत्येक देश और व्यक्ति के लिए एक खुली चुनौती थी। ऐसे में, यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है कि क्या कुछ देशों द्वारा आतंकवाद का खुला समर्थन हमें स्वीकार्य हो सकता है। हमें हर रूप और रंग के आतंकवाद का सर्वसम्मति से विरोध करना होगा। मानवता के प्रति यह हमारा कर्तव्य है।”

कनेक्टिविटी के मुद्दे पर बोले पीएम मोदी
चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग परिषद (एससीओ) की बैठक में पीएम मोदी ने कनेक्टिविटी के मुद्दे पर कहा कि संप्रभुता को दरकिनार करने वाली कनेक्टिविटी विश्वास और अर्थ खो देती है। उन्होंने कहा कि “भारत का हमेशा से मानना ​​रहा है कि मज़बूत कनेक्टिविटी न केवल व्यापार को बढ़ावा देती है, बल्कि विकास और विश्वास के द्वार भी खोलती है। इसी को ध्यान में रखते हुए, हम चाबहार बंदरगाह और अंतर्राष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे जैसी पहलों पर काम कर रहे हैं। इससे हमें अफगानिस्तान और मध्य एशिया के साथ कनेक्टिविटी बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।”

हमने हर चुनौती को अवसर में बदलने की कोशिश की- पीएम मोदी
शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- “आज Reform, Perform and Transform के मंत्र पर आगे बढ़ रहा है। हमने हर चुनौती को अवसर में बदलने की कोशिश की है। मैं आप सभी को भारत की विकास यात्रा का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित करता हूं।”

पुतिन और पीएम मोदी की होगी मुलाकात
SCO समिट में आज फिर दो महाशक्तियों की मीटिंग होने जा रही है। त्येनजिन में पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की मुलाकात होगी। सुबह पौने 10 बजे से दोनों के बीच 45 मिनट तक द्विपक्षीय बैठक होगी। पीएम मोदी और पुतिन के बीच आपसी संबंध, कारोबार और यूक्रेन युद्ध पर चर्चा हो सकती है। पूरी दुनिया की निगाहें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के बीच होने वाली द्विपक्षीय बातचीत पर है। अमेरिकी टैरिफ का मुद्दा भी दोनों नेताओं की बातचीत के सेंटर में हो सकता है।

यूक्रेन युद्ध पर होगी चर्चा
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने पीएम मोदी की चीन यात्रा से ठीक पहले उनसे फोन पर बात की थी। उस बातचीत में जेलेंस्की ने फौरन सीजफायर की अपील की थी। ऐसे में माना जा रहा है कि पुतिन के साथ बातचीत में पीएम मोदी इस बात पर जोर डाल सकते हैं कि इस मामले का कूटनीतिक समाधान निकालते हुए शांति की बातचीत शुरू की जाए।

नालंदा की सकुनत कुमारी – सोशल मीडिया के माध्यम से छूना चाहती हैं नई ऊंचाइयां

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आज हम बात करेंगे नालंदा जिले के गांव डुमरी की 18 वर्षीय सकुनत कुमारी की, जिन्होंने अपनी मेहनत, लगन और हौसले के दम पर सोशल मीडिया की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली सकुनत ने अपने जुनून और कठिन परिश्रम से सफलता की नई मिसाल कायम की है। आज वह पूरे देश में “सोशल मीडिया क्वीन” के नाम से मशहूर हो रही हैं।

सकुनत का सफर: हौसले से शुरू हुई कहानी

सकुनत के सपने बड़े थे, लेकिन शुरुआत आसान नहीं थी। 2025 में उन्होंने यूट्यूब पर अपनी यात्रा शुरू की। शुरुआत में यह केवल एक शौक था, लेकिन उनकी मेहनत और क्रिएटिविटी ने उन्हें सोशल मीडिया का उभरता सितारा बना दिया।

सकुनत कुमारी के सोशल मीडिया हैंडल्स

यूट्यूब
skunat
@SanjayDas-d9z5bt
5 videos
अभी कोई सब्सक्राइब नहीं है परन्तु प्रयास जारी है।
सकुनत कुमारी का संदेश: सपने देखो और उन्हें पूरा करो

सकुनत सिर्फ अपनी पहचान बनाने के लिए नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रही हैं। उन्होंने अपील की है कि उनके वीडियो को अधिक से अधिक लोग देखें और शेयर करें, ताकि वह अपने परिवार को आर्थिक तंगी से बाहर निकाल सकें।

परिवार का सहयोग और संघर्ष

इस सफर में उनके पति अनुराग और परिवार ने हर कदम पर उनका साथ दिया। सकुनत कुमारी का कहना है कि उनके परिवार और दर्शकों का प्यार ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।

प्रेरणा: गरीबों के लिए मिसाल बनना चाहती हैं

सकुनत कुमारी का सपना है कि वह अपनी मेहनत के बल पर न केवल अपने परिवार को मजबूत बनाएं, बल्कि उन लोगों के लिए भी प्रेरणा बनें, जो कठिनाइयों से जूझ रहे हैं। उनका मानना है कि अगर सपने देखने की हिम्मत और उन्हें पूरा करने की लगन हो, तो हर मुश्किल आसान हो जाती है।

सकुनत की कहानी: सबके लिए एक प्रेरणा

सकुनत की कहानी हमें सिखाती है कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, अगर मेहनत और लगन हो, तो सफलता जरूर मिलती है।

आज सकुनत कुमारी न सिर्फ अपने गांव और परिवार बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा बनना चाहती हैं।

दोस्तों, यह थी नालंदा की सकुनत कुमारी की प्रेरणादायक कहानी। हमें यकीन है कि उनकी यह यात्रा आप सभी को भी प्रेरित करेगी।

अगर आपको यह कहानी पसंद आई हो, तो इसे शेयर करें और सकुनत कुमारी के चैनल को सब्सक्राइब करें!

वाराणसी में जमीन पर कब्जे का विवाद, उच्च न्यायालय में मामला लंबित — दबंगों पर आरोप

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वाराणसी, 25 जून 2025।
जनपद वाराणसी के थाना लोहता क्षेत्र के ग्राम अनन्तपुर निवासी कतवारू पुत्र स्व. सुद्ध ने पुलिस आयुक्त एवं थाना लोहता अध्यक्ष को प्रार्थना पत्र देकर अपनी जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है।

कतवारू का कहना है कि आराजी नं. 239 ग रकबा 0.0390 हे०, मौजा अनन्तपुर, परगना कसवार, तहसील सदर स्थित जमीन पर उसका सहखातेदारी हक है और उसका नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। इस जमीन को लेकर शिवनारायण, शिवशंकर, हीरा (पुत्रगण स्व. लखन), पिन्टू, सूरज (पुत्रगण शिवनारायण), सन्नी, सहादुर (पुत्रगण शिवशंकर), धीरज (पुत्र सागर), जयबहादुर, सागर, जयसागर (पुत्रगण हीरा) निवासी अनन्तपुर के साथ उच्च न्यायालय में मुकदमा विचाराधीन है।

कतवारू का आरोप है कि न्यायालय से कोई आदेश पारित न होने के बावजूद विपक्षी पक्ष जबरदस्ती जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। जमीन पर अवैध घेराबंदी का प्रयास किया जा रहा है। जब कतवारू ने इसका विरोध किया तो उसे गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी गई।

कतवारू ने बताया कि विपक्षीगण दबंग प्रवृत्ति के हैं और भू-माफिया की तरह जमीन हड़पने की फिराक में हैं। यहां तक कि उन्होंने जमीन पर गोमती रख दिया और थाने में शिकायत करने पर उसके साथ मारपीट भी की। आरोपियों ने धमकी दी कि तुमने शिकायत क्यों की, इसका अंजाम भुगतना पड़ेगा।

कतवारू ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और थाना लोहता पुलिस को निर्देश दिए जाएं कि मौके पर पहुंचकर अवैध कब्जा रोका जाए तथा आरोपियों पर उचित कार्रवाई की जाए।

मऊ की प्रियंका – सोशल मीडिया के माध्यम से छूना चाहती हैं नई ऊंचाइयां

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मऊ। मऊ जिले के गाँव कटघरा की 27 वर्षीय प्रियंका देवी सोशल मीडिया की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना रही हैं। साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली प्रियंका ने अपनी मेहनत, लगन और हौसले से सफलता की नई मिसाल कायम की है। आज वह पूरे देश में “सोशल मीडिया क्वीन” के नाम से मशहूर हो रही हैं।

हौसले से शुरू हुई कहानी

प्रियंका के सपने बड़े थे, लेकिन शुरुआत आसान नहीं रही। उन्होंने वर्ष 2025 में यूट्यूब पर अपनी यात्रा शुरू की। शुरुआत में यह महज एक शौक था, लेकिन उनकी मेहनत और क्रिएटिविटी ने उन्हें सोशल मीडिया का उभरता सितारा बना दिया। फिलहाल यूट्यूब पर उनके 60 सब्सक्राइबर हैं और अब तक 244 वीडियो अपलोड कर चुकी हैं। वहीं फेसबुक पर भी उनका जलवा बरकरार है।

सोशल मीडिया हैंडल्स

यूट्यूब: @PriyankaRam123 | 60 Subscribers | 244 Videos

नया प्रयास

हाल ही में प्रियंका ने यूट्यूब पर एक वीडियो शेयर किया है, जो दर्शकों को समर्पित है। इस वीडियो को दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। प्रियंका का कहना है कि वह आगे भी सामाजिक संदेश वाले गीतों और वीडियो के माध्यम से लोगों को प्रेरित करती रहेंगी।

संदेश – “सपने देखो और उन्हें पूरा करो”

प्रियंका का मानना है कि सोशल मीडिया सिर्फ पहचान बनाने का जरिया नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम भी है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे उनके वीडियो देखें और साझा करें, ताकि वह अपने परिवार को आर्थिक तंगी से उबार सकें।

परिवार का सहयोग

इस सफर में उनके पति धर्मेंद्र और परिवार ने हर कदम पर उनका साथ दिया। प्रियंका कहती हैं कि उनके परिवार और दर्शकों का प्यार ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।

प्रेरणा – गरीबों के लिए मिसाल

प्रियंका का सपना है कि वह अपनी मेहनत से न केवल अपने परिवार को मजबूत बनाएं, बल्कि उन लोगों के लिए भी प्रेरणा बनें जो कठिनाइयों से जूझ रहे हैं। उनका मानना है कि अगर सपने देखने की हिम्मत और उन्हें पूरा करने की लगन हो, तो हर मुश्किल आसान हो जाती है।

संघर्ष और जज़्बा

प्रियंका ने बताया कि उनके तीन बच्चे हैं, जिनमें दो लड़कियां और एक लड़का शामिल हैं। आर्थिक तंगी के बावजूद अब वह सोशल मीडिया के माध्यम से अपने परिवार की स्थिति सुधारने का प्रयास कर रही हैं।

सबके लिए एक प्रेरणा

प्रियंका की कहानी हमें यह सिखाती है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, मेहनत और लगन से हर मंज़िल पाई जा सकती है।

आज प्रियंका सिर्फ अपने गांव या परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा बनना चाहती हैं।

मध्यप्रदेश में लगातार बढ़ रहा पर्यटन, हर आयु के लोगों को आकर्षित करने की है क्षमता

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भारत का हृदय प्रदेश मध्यप्रदेश अप्रतिम सौंदर्य से समृद्ध प्रदेश है। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि मध्यप्रदेश सर्वाधिक सम्मोहित करने वाला राज्य है। इसके कण-कण में सौंदर्य है। जो एक बार आता है यहां की स्मृतियों के सम्मोहन में बंधकर बार-बार आता है। मध्यप्रदेश में हर आयु के पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता है।

सर्वाधिक रोजगार उत्पन्न कर रहा पर्यटन सेक्टर
पर्यटन के संबंध में दशकों पहले की अवधारणाएं अब समाप्त हो गई हैं। मध्यप्रदेश के पर्यटन ने अब उद्योग का रूप ले लिया है। हमारी नीतियों और दूरदर्शी निर्णयों से पर्यटन क्षेत्र का तेजी से विस्तार हो रहा है। यह सर्वमान्य तथ्य है कि अर्थव्यवस्था में पर्यटन सर्वाधिक रोजगार उत्पन्न करने वाला सेक्टर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अतुल्य भारत का वैश्विक स्तर पर मान-सम्मान बढ़ा है। इसका सकारात्मक प्रभाव सभी राज्यों के पर्यटन उद्योग पर पड़ा है। देश का घरेलू पर्यटन बढ़ने से मध्यप्रदेश जैसे तेजी से बढ़ते राज्य को सीधा लाभ हुआ है।

प्रदेश में उभर रहा बहुआयामी पर्यटन
मध्यप्रदेश के शांतिप्रिय नागरिकों के लिये सबसे ज्यादा खुशी की बात है कि मध्यप्रदेश अब वैश्चिक पर्यटन के नक्शे पर ध्रुव तारे जैसा चमक रहा है। हमारे पर्यटन की सबसे बड़ी विशेषता है कि यह अत्यंत समृद्ध और विविधता से सम्पन्न है। साथ ही जिम्मेदार और सुरक्षित भी। प्रदेश में पर्यटन की नई-नई शाखाएं उभरी हैं। प्राकृतिक पर्यटन हो या सांस्कृतिक पर्यटन, आध्यात्मिक पर्यटन हो या वन्यजीव पर्यटन, ग्रामीण पर्यटन हो या रोमांचकारी पर्यटन, कृषि पर्यटन हो या फिल्म पर्यटन या नया उभरता हुआ चिकित्सा पर्यटन। इन सभी नये स्वरूपों के साथ मध्यप्रदेश की पहचान बहुआयामी पर्यटन प्रदेश के रूप में हो रही है।

देश में सर्वाधिक बाघ मध्यप्रदेश में हैं
प्रदेश में अब पर्यटकों की संख्या हर वर्ष बढ़ती जा रही है। गत वर्ष देश में सर्वाधिक पर्यटक मध्यप्रदेश में आए। नैसर्गिक सौन्दर्य, वन्य प्राणी, धार्मिक स्थल, आकर्षक ऐतिहासिक विरासतें और हरे-भरे वन हमारी विशेषता हैं। हमारे वन जीवंत हैं। देश में सर्वाधिक बाघ मध्यप्रदेश में हैं। चंबल सबसे साफ नदी है, जिसमें घड़ियालों का संरक्षण हो रहा है। नर्मदा मैया के दर्शन करने हजारों श्रद्धालु दूर-दूर से आते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदृष्टि से मध्यप्रदेश अब देश का एकमात्र चीता प्रदेश बन गया है। चीतों का परिवार पालपुर कूनो में फल-फूल रहा है।

यूनेस्को की लिस्ट में 18 पर्यटन स्थल
सांची, खजुराहो और भीमबेटका जैसी विश्वविख्यात धरोहर हमारी वैश्विक सांस्कृतिक पहचान हैं। अब यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में ग्वालियर किला, बुरहानपुर का खूनी भंडारा, चंबल के पत्थर कला स्थल, भोजेश्वरा महादेव मंदिर भोजपुर, रामनगर मंडला के गोंड स्मारक और मंदसौर का धमनार भी जुड़ने की तैयारी में हैं। इसके अलावा नर्मदा परिक्रमा, गोंड चित्रकला और भगोरिया उत्सव भी पर्यटन के नक्शे पर प्रमुखता से उभरे हैं। मध्यप्रदेश ऐसा अग्रणी राज्य बन चला है, जिसने सबसे ज्यादा 18 स्थलों को विश्व विरासत सूची में शामिल करने की पहल की है।

मध्यप्रदेश के पर्यटन को मिली नई दिशा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार के सहयोग से मध्यप्रदेश के पर्यटन को नई दिशा मिली है। केन्द्र का भरपूर सहयोग मिल रहा है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जहां इको सेंसिटिव जोनल मास्टर प्लान बनाने का काम शुरू किया गया। 27 राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यजीव अभ्यारण्यों में से सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान और बोरी वन्य जीव अभ्यारण्य में काम पूरा हो गया। हैरिटेज पर्यटन की कई परियोजनाएं शुरू की गई हैं।

तीन हजार करोड़ के मिले निवेश प्रस्ताव
प्रदेश में अधोसंरचना मजबूत होने, सड़क संपर्क में निरंतर सुधार होने और केन्द्र सरकार के सहयोग से रेल सुविधाओं के बढ़ने से पर्यटन क्षेत्र और उद्योग को लाभ मिला है। इस क्षेत्र में निवेश निरंतर बढ़ रहा है। हाल में रीवा पर्यटन कॉन्क्लेव में तीन हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले। पर्यटन स्थलों पर सुविधाएं निरंतर बढ़ाई जा रही हैं। पीएमश्री पर्यटन वायु सेवा की शुरुआत हुई है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, सतना और सिगरौली के मध्य वायु सेवा का संचालन हो रहा है।

निरंतर विस्तार ले रहा आध्यात्मिक पर्यटन
मध्यप्रदेश सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पुनर्जागरण के दौर से गुजर रहा है। इसी समय आध्यात्मिक पर्यटन भी निरंतर विस्तार ले रहा है। भगवान श्रीमहाकाल की नगरी उज्जैन और यहां श्रीमहाकाल लोक विश्व विख्यात है। पिछले साल सात करोड़ श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। प्रदेश की जीडीपी में पर्यटन क्षेत्र के योगदान में आध्यात्मिक पर्यटन भागीदारी को और ज्यादा सशक्त बनाने की तैयारी चल रही है।

भगवान श्रीराम को दिया जाता है गार्ड ऑफ ऑनर
ओरछा में भगवान श्रीराम का मंदिर है। यह विश्व का एकमात्र मंदिर है, जहां भगवान को राजा के रूप में गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाता है। यह अभूतपूर्व आध्यात्मिक घटनाक्रम है। यहां भगवान श्रीराम राजा की सरकार स्थापित है। ग्वालियर के ऐतिहासिक भव्य किले के संबंध में उल्लेख मिलता है कि भारत में पहली बार जीरो का लिखित इस्तेमाल कहां हुआ। ग्वालियर किले में स्थित चतुर्भुज मंदिर में शून्य का सबसे शुरुआती शिलालेख पर उकेरा हुआ प्रमाण मिलता है। इस मंदिर को दुनिया में टेंपल ऑफ जीरो के नाम से भी पहचाना जाता है। धार्मिक आयोजनों को नया स्वरूप दिया जा रहा है। बाबा श्रीमहाकाल की दिव्य सवारी को भव्य रूप दिया गया। रक्षा बंधन के त्यौहार और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को सार्वजनिक रूप से प्रदेश के कोने-कोने में मनाया गया।

राज्य भर में बनाए जा रहे आध्यात्मिक स्थल
धार्मिक महत्व के स्थलों में धार्मिक और सांस्कृतिक स्मारकों का निर्माण अध्यात्मिक पर्यटन को नया आयाम देगा। संत रविदास लोक सागर, रानी दुर्गावती स्मारक जबलपुर, देवी लोक सलकनपुर सीहोर, श्री रामराजा लोक ओरछा, जाम सांवली श्री हनुमान लोक पांढुर्ना, श्री पशुपतिनाथ लोक मंदसौर, श्री परशुराम लोक जानापाव महू, महाराणा प्रताप लोक भोपाल, भादवामाता लोक नीमच, रानी अवंतीबाई स्मारक जबलपुर, मां नर्मदा महालोक अमरकंटक अनूपपुर, देवी अहिल्या लोक खरगौन और नागलवाड़ी लोक बड़वानी में किया जा रहा है।

तेजी से बढ़ रहा फिल्म पर्यटन
एक ओर जहां आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन समृद्ध हो रहा है, वहीं दूसरी ओर फिल्म पर्यटन भी तेजी से बढ़ रहा है। फिल्म निर्माताओं को मध्यप्रदेश में आकर्षक सुविधाएं मिल रही हैं। कई प्रसिद्ध फिल्मों की शूटिंग मध्यप्रदेश में हुई है। इससे स्थानीय कलाकारों को फिल्मों में काम मिला। फिल्म यूनिट के सदस्यों को होम स्टे की सुविधाओं का लाभ मिला। होम स्टे की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है। प्रदेश की ग्रामीण संस्कृति को देखने-समझने में होम स्टे अच्छी भूमिका निभा रहे हैं। फिलहाल 100 पर्यटन ग्राम विकसित किए गए हैं, जिसमें से 63 पर्यटन ग्राम विकसित हो चुके हैं। इनमें 470 से ज्यादा होम स्टे हैं। देश के पहले हैंडलूम गांव प्राणपुर को वैश्विक पहचान मिली है। गोड, भील पेंटिंग और मांडना आर्ट जैसी जनजातीय कलाओं से पर्यटक परचित हुए हैं।

विदेशी पर्यटकों की बढ़ रही संख्या
हमारा लक्ष्य है कि पर्यटन उद्योग का निरंतर विस्तार हो, ताकि पर्यटन की संभावनाओं का पूरी तरह रोजगार सृजन के लिये उपयोग किया जा सके। वर्ष 2024 में 13 करोड़ 41 लाख से ज्यादा पर्यटक प्रदेश में आये, जो एक रिकॉर्ड है। विदेशी पर्यटकों की संख्या भी बढ़ रही है। बांधवगढ़, कान्हा, पन्ना और पेंच में आवागमन बढ़ा है। जिस प्रकार मध्यप्रदेश ने आर्थिक निवेश के द्वार खोले हैं, पर्यटन क्षेत्र पर इसका सीधा प्रभाव पड़ा है। स्थानीय समुदाय की भागीदारी, उद्योग समूहों के सहयोग और राज्य सरकार की प्रतिबद्धता से पर्यटन का क्षेत्र मध्यप्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

रहीस की संघर्ष गाथा: सोशल मीडिया के जरिए बदलना चाहता है ज़िंदगी का रुख

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बहराइच (उत्तरप्रदेश)।
उत्तरप्रदेश के बहराइच जिले के छोटे से गांव ठेकेदार पुरोहा ज़ालिम नगर पुल का 19 वर्षीय रहीस आज सोशल मीडिया पर संघर्ष और हौसले की अनोखी मिसाल बनकर उभर रहा है। सीमित साधनों और कठिन हालातों के बावजूद वह अपने सपनों को मोबाइल कैमरे से पंख दे रहा है।

घर की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। पिता फयाज मेहनत-मजदूरी से परिवार का सहारा बने हुए थे, लेकिन हाल ही में उनका एक्सीडेंट हो गया और पैर में फ्रैक्चर आ गया। मां सकीला भी घर चलाने के लिए संघर्ष करती हैं। तीन भाई-एक बहन में सबसे छोटा रहीस आज परिवार के भविष्य की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाने की कोशिश कर रहा है।

रहीस कहता है –
“मम्मी-पापा दोनों मेहनत करते हैं… अब उनकी तबीयत खराब है। मैं चाहता हूं कि वीडियो बनाकर उनका सहारा बन सकूं।”

न कैमरा, न स्टूडियो… लेकिन हौसला सुपरस्टार जैसा

रहीस के पास न महंगे गैजेट हैं, न कोई टीम। सिर्फ मोबाइल से ही वह वीडियो शूट करता है, एडिट करता है और कभी छत पर, तो कभी खेतों के किनारे बैठकर स्क्रिप्ट लिखता है। उसके कंटेंट में गांव की सादगी, मां-बाप की मेहनत और एक बेटे का संघर्ष साफ झलकता है।

इंस्टाग्राम और फेसबुक पर वह छोटे-छोटे वीडियो डालकर अपने हौसलों की कहानी लोगों तक पहुंचा रहा है। उसे भरोसा है कि एक दिन उसकी मेहनत रंग लाएगी और सोशल मीडिया की पहचान उसके परिवार की ज़िंदगी बदल देगी।

“उम्र छोटी, इरादे बड़े” – रहीस की प्रेरक मिसाल

रहीस का सपना सिर्फ वायरल होना नहीं है। वह चाहता है कि अपने गांव और जिले का नाम रोशन कर सके।
“मैं चाहता हूं कि सोशल मीडिया से कुछ अर्निंग हो, ताकि मम्मी-पापा का सहारा बन सकूं।”

मदद की गुहार

मीडिया से बातचीत में रहीस ने बताया –
“पापा का एक्सीडेंट हो गया था। पैर में फ्रैक्चर होने से वह काम नहीं कर पा रहे। दवाई और इलाज में खर्चा बहुत ज्यादा है। हम आर्थिक रूप से बहुत कमजोर हैं। प्रशासन और समाज से हमारी मदद की अपील है।”

समाज से अपील

रहीस जैसे बच्चों को न सिर्फ सराहना बल्कि अवसर भी मिलना चाहिए। उसकी मेहनत यह सोचने पर मजबूर करती है कि जब संसाधनों की कमी के बाद भी कोई हार नहीं मानता, तो हमें उसकी मदद क्यों नहीं करनी चाहिए।

रहीस की इंस्टाग्राम ID: @rahees_comedy
आपसे अपील: उसके वीडियो देखें, शेयर करें और कमेंट करें, क्योंकि आपका एक क्लिक उसके लिए उम्मीद की किरण बन सकता है।

ई-खबर की ओर से रहीस को सलाम!

बेटे पर चोरी का झूठा इल्जाम लगाकर बेरहमी से पिटाई, महिला की शिकायत नहीं दर्ज कर रही पुलिस

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दिल्ली।
दिल्ली में न्याय की गुहार लगाने वाली एक महिला सीपू देवी का दर्द भरा मामला सामने आया है। सीपू देवी ने बताया कि उनके बेटे संदीप पर चोरी का झूठा इल्जाम लगाकर कुछ लोगों ने इतनी बेरहमी से पिटाई की कि उसका हाथ तक टूट गया।

पीड़िता जब बेटे को लेकर थाने पहुँची और लिखित शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, तो पुलिस ने मामला दर्ज करने से साफ इंकार कर दिया। आरोप है कि पुलिसकर्मी ने कहा – “तुम पटना, बिहार की हो, इसलिए यहां शिकायत दर्ज नहीं होगी।”

इसी बीच महिला ने एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें पुलिस अधिकारी शिकायत सुनने की बजाय महिला से अभद्र भाषा में बात करते दिख रहे हैं और उसे डरा-धमका रहे हैं। यह वीडियो अब स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

पीड़िता ने मीडिया के जरिए उच्चाधिकारियों से गुहार लगाई है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और उसके बेटे को न्याय दिलाया जाए।

हैदराबाद से युवक लापता, परिजन परेशान

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हैदराबाद (तेलंगाना)। रांगारेड्डी जिले के कांतदार मधुबन कॉलोनी से एक युवक के लापता होने की सूचना सामने आई है। लापता युवक का नाम मोहेष विश्वकर्मा है। परिजनों के अनुसार वह 5 मई 2025 की शाम 5 बजे से लापता है।

परिजनों ने आसपास के इलाकों में काफी खोजबीन की, लेकिन अभी तक उसका कोई सुराग नहीं लग पाया है। मामले की जानकारी स्थानीय लोगों तक भी पहुंचाई गई है। परेशान परिजनों ने मीडिया के माध्यम से आम लोगों से मदद की गुहार लगाई है।

यदि किसी को मोहेष विश्वकर्मा के बारे में कोई जानकारी मिले तो कृपया नीचे दिए गए नंबरों पर तुरंत संपर्क करें—
📞 8096705246
📞 8169950410
📞 8341704500

मोहेष विश्वकर्मा के भाई संतोष विश्वकर्मा ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि जो भी मेरे भाई को सुरक्षित घर पहुंचाएगा उसे 5 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा।

मुंबई में महिला का आरोप – पति ने किया धोखा, अब घर देने से कर रहा इनकार

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मुंबई। कुर्ला निवासी फरहा नात ने अपने पति एजाज अहमद शेख पर गंभीर आरोप लगाए हैं। फरहा का कहना है कि एजाज ने उनसे शादी तो की, लेकिन अब वह इस रिश्ते को मानने से इनकार कर रहा है और उन्हें व उनके बच्चों को घर से बेदखल करने की धमकी दे रहा है।

फरहा ने बताया कि उनकी शादी एजाज अहमद से उसके दोस्तों की मौजूदगी में हुई थी और चार महीने बाद उन्हें संतान भी हुई। हालांकि, प्रसव के समय बच्चा जीवित नहीं बच सका और उसी दौरान एजाज ने उनका साथ छोड़ना शुरू कर दिया। फरहा का कहना है कि शादी के बाद करीब एक साल तक एजाज उनके साथ रहा, लेकिन फिर उसने धमकी देना शुरू कर दिया कि वह उन्हें घर या गुजारा भत्ता नहीं देगा।

महिला का आरोप है कि एजाज कई महिलाओं से पहले भी रिश्ते बनाकर उन्हें धोखा दे चुका है। फरहा ने कहा कि एजाज का अपना कारोबार है, फिर भी वह अदालत में यह दिखाने की कोशिश करता है कि उसकी कोई आय नहीं है।

फरहा ने आगे बताया कि एजाज अहमद शेख लावारिस नहीं है। उसके भाई-बहन हैं। बहनों के नाम उन्हें ज्ञात नहीं हैं, लेकिन भाइयों के नाम उन्होंने बताए हैं – मुस्ताक, एजाज अहमद से, अखिल और इम्तियाज। आरोप है कि एजाज अदालत में झूठ बोलता है कि वह लावारिस है और रिक्शे में सोता है, जबकि हकीकत में वह अपने ही घर में चौकी से महज 20 मीटर की दूरी पर रोज रात करीब 2 बजे सोने आता है।

स्थानीय लोगों के अनुसार एजाज को इलाके में ‘अज्जू’ नाम से पुकारा जाता है और वह आजाद होटल के पास खुलेआम सट्टेबाजी और मटका का कारोबार भी चला रहा है।

फरहा ने बताया कि उन्होंने बांद्रा फैमिली कोर्ट में केस दाखिल किया है, लेकिन एजाज पुलिस और कोर्ट के सामने झूठ बोलकर खुद को निर्दोष साबित करने की कोशिश कर रहा है।

महिला के अनुसार कथित तौर पर आरोपी की पहचान

नाम: MR. AJAJ AHMAD SHAIKH
उम्र: 45 वर्ष
पेशा: सर्विस
धर्म: मुस्लिम, भारतीय नागरिक
पता: रूम नं. 180, युसुफ़ फ़ैज़ चॉल नं. 213, ताकियावाड़ रोड, नज़दीक कुरला पुलिस स्टेशन, कुरला वेस्ट, मुंबई – 400070
मोबाइल नंबर: 9702619474

महिला ने सरकार और प्रशासन से अपील की है कि उन्हें और उनके बच्चों को न्याय दिलाया जाए और एजाज अहमद शेख द्वारा किए गए धोखे की पूरी जांच कराई जाए।

55 वर्षीय विजय प्रसाद रहस्यमयी ढंग से लापता, परिवार परेशान

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नालंदा मिर्जापुर बिहार – जिले के भोलाराम क्षेत्र में रहने वाले विजय प्रसाद (55 वर्ष) 22 अगस्त की शाम से अचानक लापता हो गए हैं। परिजनों के अनुसार, वह रोज़ाना की तरह सुबह काम पर गए थे लेकिन शाम को घर नहीं लौटे। इस घटना से परिवार और क्षेत्र के लोग बेहद चिंतित हैं।

जानकारी के मुताबिक, विजय प्रसाद पुत्र पिंटू, प्रतिदिन सुबह 9 बजे घर से निकलकर मियांपुर स्थित कंपनी में काम करने जाते थे और रोज़ाना शाम 6 बजे तक घर लौट आते थे। घटना वाले दिन भी वह कंपनी गए थे। कंपनी के टेंपो चालक ने बताया कि शाम 6 बजे के आसपास उन्हें भोलाराम में छोड़ दिया गया था, लेकिन इसके बाद से उनका कोई अता-पता नहीं है।

विशेष बात यह है कि विजय प्रसाद मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करते, जिससे संपर्क करना और भी मुश्किल हो गया है। परिजनों ने आसपास और रिश्तेदारों में काफी खोजबीन की, लेकिन सफलता नहीं मिली।

परिवार ने नज़दीकी थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी है। शिकायतकर्ता पिंटू का कहना है –
“मेरे पिता की मानसिक हालत बिल्कुल सही है। वह कभी घर से बिना बताए नहीं जाते। उस दिन से हम उन्हें लगातार ढूंढ रहे हैं लेकिन अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली। हम पुलिस प्रशासन से गुहार लगाते हैं कि जल्द से जल्द उनके बारे में पता लगाया जाए।”

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और सभी संभावित जगहों पर खोजबीन की जा रही है। वहीं, परिजन प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

स्थानीय लोगों का मानना है कि इस तरह का मामला क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। एक जिम्मेदार, मानसिक रूप से स्वस्थ और नियमित दिनचर्या वाले व्यक्ति का अचानक गायब हो जाना रहस्यमयी माना जा रहा है।