Thursday, July 9, 2026
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ग्रेटर नोएडा में घटिया लेंटर का आरोप, पीड़ित का 3.30 लाख डूबे; बिल से इनकार और टालमटोल से बढ़ी मुश्किलें

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ग्रेटर नोएडा (संवाददाता)।
गौतम बुद्ध नगर के ग्रेटर नोएडा निवासी कुलदीप कुमार वर्मा इन दिनों निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, सप्लायर की मनमानी और शिकायत निवारण प्रणाली की ढिलाई से बुरी तरह परेशान हैं। उनका आरोप है कि 4 जनवरी को डाले गए लेंटर की पकड़ मात्र आठ दिन बाद ही कमजोर पड़ गई और 20 दिन बाद खोलने पर पूरा लेंटर झुक गया। इस घटना में उन्हें करीब 3.30 लाख रुपये का सीधा आर्थिक नुकसान हुआ है, जबकि मानसिक तनाव अलग से झेलना पड़ रहा है।

पीड़ित के अनुसार उन्होंने हबीबपुर रोड स्थित लवली बिल्डर मटेरियल सप्लायर (GST: 09CTETD5966T12X) से अल्ट्राटेक सीमेंट खरीदी थी और उसी से लेंटर डलवाया था। कुलदीप का कहना है कि उन्होंने सीमेंट का भुगतान ऑनलाइन किया था, लेकिन जब वे दुकान पर जाकर बिल मांगने गए तो सप्लायर ने साफ इनकार कर दिया और कहा कि “अब कंपनी ही तुम्हें बिल देगी।” इसे लेकर पीड़ित को और संदेह हुआ कि कहीं गड़बड़ी जानबूझकर तो नहीं की गई।

कुलदीप ने बताया कि शिकायत करने के करीब एक सप्ताह बाद लवली बिल्डर की ओर से एक अधिकारी भेजा गया, जिसने जांच किए बिना यह कहकर मामला टाल दिया कि “सर्दी का मौसम है, लेंटर अभी सूखा नहीं है, इसे ऐसे ही रहने दीजिए।” दूसरे सप्ताह एक और अधिकारी आया, उसने भी वही बात दोहराई और कोई तकनीकी परीक्षण नहीं किया।

आज 1 महीना 3 दिन बीत चुके हैं, लेकिन छत की हालत जस की तस है—लेंटर आज भी झुका हुआ है और कहीं भी पकड़ नहीं आई है। कुलदीप का कहना है कि इस कमजोर छत के कारण भविष्य में मकान गिरने का गंभीर खतरा बना हुआ है, जिससे उनका परिवार डर और असुरक्षा के माहौल में जी रहा है।

पीड़ित ने बार-बार फोन किया, लेकिन कभी कॉल नहीं उठाई गई और कभी कहा गया कि “कंप्लेंट मेल कर दी गई है।” कई बार जवाब मिला कि “हमारा सीमेंट कई जगह जाता है, कहीं और शिकायत नहीं आई।” इस रवैये से कुलदीप और अधिक परेशान हो गए और उन्होंने स्थानीय प्रशासन, कंपनी और उपभोक्ता मंच तक शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

अब कुलदीप कुमार वर्मा ने मीडिया के माध्यम से प्रशासन से अपील की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की पड़ताल हो और उन्हें हुए नुकसान की भरपाई कराई जाए। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि ऐसे मामलों पर समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो आम उपभोक्ताओं का भरोसा पूरी व्यवस्था से उठ जाएगा।

फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और कई अन्य मकान मालिक भी अपनी छतों की मजबूती को लेकर चिंतित हैं। प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, जबकि पीड़ित न्याय की आस में संघर्ष कर रहे हैं।

तमिलनाडुः चेन्नई में फैला बर्ड फ्लू, H5N1 वायरस से सैकड़ों कौवों की मौत; सरकार ने जारी की एडवाइजरी

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तमिलनाडु में बर्ड फ्लू का नया अलर्ट जारी किया गया है, क्योंकि चेन्नई और आस-पास के इलाकों में बड़ी संख्या में मरे हुए कौवे मिले हैं और लैब में हाई पैथोजेनिक H5N1 वायरस की पुष्टि हुई है।चेन्नईः तमिलनाडु की राजधानी में चेन्नई में बर्ड फ्लू का अलर्ट जारी किया गया है। चेन्नई में सैकड़ों कौवे मरे हुए पाए गए हैं। लैब टेस्ट में H5N1 वायरस की पुष्टि हुई है। टेस्ट में कौवों की मौत की वजह H5N1 यानी बर्ड फ्लू बताई गई है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने इस बीमारी को फैलने से रोकने के लिए आम जनता के लिए एडवाइजरी जारी की है। अधिकारियों ने निर्देश दिया है कि H5N1 वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए कौवों और पोल्ट्री के सभी शवों को बायोसिक्योरिटी प्रोटोकॉल के अनुसार या तो जला दिया जाए या गहरे गड्ढे में दफना दिया जाए।
सरकार ने जारी की एडवाइजरी
एडवाइजरी में जनता को मरे हुए पक्षियों को छूने या संभालने से बचने की सख्त सलाह दी गई है और किसी भी नए मामले के बारे में तुरंत स्थानीय अधिकारियों को सूचित करने का आग्रह किया गया है। वहीं, केंद्रीय पशुपालन मंत्रालय ने तमिलनाडु के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर इस बीमारी को फैलने से रोकने के लिए तत्काल और व्यापक फील्ड निगरानी करने को कहा है।
H5N1 क्या है?
H5N1 इन्फ्लूएंजा A वायरस का एक बहुत ही खतरनाक स्ट्रेन है जो मुख्य रूप से पक्षियों, खासकर पोल्ट्री और जंगली पक्षियों को संक्रमित करता है। इसे आमतौर पर ‘बर्ड फ्लू’ के नाम से जाना जाता है और यह पक्षियों की आबादी में तेजी से फैल सकता है। हालांकि H5N1 मुख्य रूप से पक्षियों को प्रभावित करता है, लेकिन यह कभी-कभी इंसानों और अन्य जानवरों को भी संक्रमित कर सकता है।
यह कितना खतरनाक हो सकता है?
H5N1 वायरस को आम जनता के लिए बहुत खतरनाक माना जाता है। यह वायरस पक्षियों में तेजी से फैलता है। इंसानों में, संक्रमण दुर्लभ हैं, लेकिन जब वे होते हैं, तो वे गंभीर हो सकते हैं। कई पुष्ट मानव मामलों में निमोनिया जैसी गंभीर श्वसन संबंधी बीमारियां शामिल रही हैं।

RBI ने Repo Rate में नहीं किया कोई बदलाव, लोन की ब्याज दरें रहेंगी स्थिर, इकोनॉमी मजबूत स्थिति में

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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इस बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखने की घोषणा की। आरबीआई के इस फैसले की वजह से लोन की ब्याज दरें भी जस की तस रहेंगी और ग्राहकों को कोई नहीं राहत नहीं मिलेगी। भारतीय रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी ने अपने रुख को Neutral यानी तटस्थ पर बरकरार रखा है, यानी आरबीआई भविष्य में जरूरत पड़ने पर ब्याज दरों में कटौती या बढ़ोतरी करने के लिए तैयार है। संजय मल्होत्रा ने कहा कि अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील से भारत के एक्सपोर्ट को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा।

भारत की इकोनॉमी और ग्रोथ अभी मजबूत स्थिति में
आरबीआई ने रेपो रेट के अलावा, SDF (स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी) और MSF (मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी) में भी कोई बदलाव नहीं किया है। SDF को 5 प्रतिशत और MSF को 5.50 प्रतिशत पर बरकरार रखा गया है। आरबीआई गवर्नर ने बताया कि भारत अभी भी FDIs के लिए पसंदीद डेस्टिनेशन बना हुआ है। संजय मल्होत्रा ने देश की अर्थव्यवस्था को लेकर कहा कि भारत की इकोनॉमी और ग्रोथ अभी मजबूत स्थिति में है। आरबीआई ने बताया कि देश की रियल जीडीपी ग्रोथ 7.4 प्रतिशत की राह पर है।

अभी भी नियंत्रित दायरे में बनी हुई है महंगाई
संजय मल्होत्रा ने बताया कि देश में महंगाई अभी भी नियंत्रित दायरे में बनी हुई है। वित्त वर्ष 2026 में देश की खुदरा महंगाई दर 2 प्रतिशत से बढ़कर 2.1 प्रतिशत हो गई है। आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही के लिए महंगाई अनुमान को 2.9 प्रतिशत से बढ़ाकर 3.2 प्रतिशत कर दिया है। आरबीआई गवर्नर ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के लिए महंगाई अनुमान को 3.9 प्रतिशत से बढ़ाकर 4 प्रतिशत कर दिया है। जबकि, दूसरी तिमाही के लिए महंगाई के अनुमान को 4 प्रतिशत से बढ़ाकर 4.2 प्रतिशत कर दिया है।

शादी के बाद महिला गायब, 22 हजार लेकर लौटने का वादा कर गई रीना; पति दर-दर भटकने को मजबूर

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झालावाड़/नागेश्वर (विशेष संवाददाता)।
जिला झालावाड़ के थाना उमेली क्षेत्र के ठोकर खेडी गांव में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां शादी कर घर आई महिला अचानक लापता हो गई है। पीड़ित पति कैलाश चौहान का आरोप है कि उनकी पत्नी रीना बाई करीब 22 हजार रुपये लेकर गई और फिर वापस नहीं लौटी। तब से पूरा परिवार मानसिक रूप से टूट चुका है और न्याय के लिए भटक रहा है।

जानकारी के अनुसार, कैलाश चौहान की ने कोलोलिया, भीलवाड़ा (आगर) की रहने वाली रीना बाई से विवाह किया। रीना अपने साथ एक बेटा और एक बेटी नंदिनी को भी लेकर कैलाश के घर आई थी। बेटी नंदिनी पहले से शादीशुदा है और उसके पति का नाम बादल बताया जा रहा है, जो भोपाल में रहता है। रीना के पिता का नाम दयाराम है।

कैलाश ने बताया कि रीना करीब चार महीने तक उनके साथ गुजरात में रही। इसी दौरान उसने एक दिन कहा कि वह अपनी बेटी नंदिनी को उसके पति बादल के पास भोपाल छोड़कर आ जाएगी। जाते समय रीना ने घर से करीब 22 हजार रुपये ले लिए और जल्द लौटने का भरोसा दिलाया।

लेकिन भोपाल जाने के बाद रीना ने अपना मोबाइल नंबर बादल दिया और कैलाश से पूरी तरह संपर्क तोड़ लिया। जब भी कैलाश को नया नंबर मिलता, रीना तुरंत सिम बदल लेती थी। अब कई महीनों से उसका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है।

कैलाश चौहान का कहना है कि उन्हें शक है कि रीना भोपाल में अपनी बेटी और दामाद बदल के पास हो सकती है, लेकिन बादल भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे रहा है। न तो वह रीना का पता बता रहा है और न ही उससे बात कराने में मदद कर रहा है।

इस घटना के बाद कैलाश मानसिक रूप से बेहद परेशान हैं। उनका कहना है कि वह हर संभव जगह तलाश कर चुके हैं, लेकिन रीना का कोई पता नहीं चला। उन्होंने प्रशासन और पुलिस से गुहार लगाई है कि इस मामले की गंभीरता से जांच की जाए और रीना को खोजकर उनके सामने लाया जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि यह मामला संदिग्ध है और इसकी गहराई से जांच जरूरी है। अगर रीना जानबूझकर गायब हुई है तो सच्चाई सामने आनी चाहिए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। फिलहाल कैलाश चौहान लगातार प्रशासन से मदद की अपील कर रहे हैं और उम्मीद लगाए बैठे हैं कि उनकी पत्नी जल्द मिल जाएगी।

 

मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक रहस्यमय ढंग से लापता, परिजन परेशान

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गुरुग्राम। हरियाणा के गुरुग्राम जिले से एक चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां मानसिक रूप से अस्वस्थ एक युवक बीते कई दिनों से लापता है। लापता युवक का नाम जयहिंद कुमार है, जो डाढां गांव, अलियर मार्केट, मानेसर, गुरुग्राम का रहने वाला है। परिजनों के अनुसार जयहिंद कुमार की उम्र लगभग 30 वर्ष है और उनके पिता का नाम राम दुलार है।

परिवार ने बताया कि जयहिंद कुमार की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। 23 जनवरी 2026 को शाम करीब 5 बजे जयहिंद कुमार घर से निकले और उसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल पाया है। परिजनों ने आसपास के इलाकों, बाजारों, बस स्टैंड और संभावित स्थानों पर काफी खोजबीन की, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है।

जयहिंद कुमार के अचानक लापता हो जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मां-बाप और अन्य परिजन लगातार उनकी सुरक्षित वापसी की आस लगाए बैठे हैं। परिजनों का कहना है कि मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण जयहिंद किसी के बहकावे में आ सकते हैं या रास्ता भटक सकते हैं, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।

परिवार ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को जयहिंद कुमार कहीं दिखाई दें या उनके बारे में कोई भी जानकारी मिले, तो तुरंत परिजनों को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की जानकारी गोपनीय रखी जाएगी।

संपर्क नंबर
मोबाइल: 7618957129 (गुरुग्राम)
मोबाइल: 9910035598 (किल्ली)

पिक-अप वैन से मिले विस्फोटकों से भरे 100 से ज्यादा बक्से, तरबूज की खेप के नीचे छिपाए गए थे

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पिक-अप वैन से मिले विस्फोटकों से भरे 100 से ज्यादा बक्से, तरबूज की खेप के नीचे छिपाए गए थेकेरल के पालक्काड जिले से बेहद ही हैरान करने वाली खबर सामने आई है। पुलिस ने केरल के पालक्काड शहर के पास से एक पिक-अप वैन से विस्फोटकों से भरे 100 से ज्यादा बक्सों को जब्त किया है। पालक्काड टाउन साउथ पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि पाल्लक्काड मेडिकल कॉलेज के पास उन्हें गाड़ी में जिलेटिन स्टिक्स के 100 से ज्यादा बॉक्स और डेटोनेटर के 20 से ज्यादा बॉक्स मिले हैं। इस घटना ने सभी को चौंका कर रख दिया है।

पुलिस की जांच में क्या सामने आया?
पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, विस्फोटक के ये बॉक्स कि तरबूज की एक खेप के नीचे छिपाए गए थे। उन्होंने कहा कि विस्फोटक की खेप की जब्ती बुधवार (4 फरवरी, 2026) देर रात हुई है। पुलिस ने वाहन के चालक सैंथिल को हिरासत में ले लिया है। पुलिस की ओर से की गई प्रारंभिक पूछताछ के दौरान चालक ने खुलासा किया है कि उसने बक्से कोयंबटूर से लोड किए थे और उन्हें त्रिशूर में एक खदान में ले जा रहा था।

ऐसे पकड़ा गया वाहन
एक अधिकारी ने जानकारी दी है कि राज्य में बड़ी मात्रा में विस्फोटक लाए जाने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने वाहनों की जांच के दौरान पिकअप वैन को रोका। लेकिन पुलिस के कहने पर चालक ने वाहन को नहीं रोका, इसके बाद वाहन का पीछा किया गया और इसे पकड़ा गया। पुलिस ने गाड़ी से विस्फोटक सामाग्री बरामद की और ड्राइवर को हिरासत में ले लिया।

विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज होगा
पुलिस द्वारा गाड़ी के चालक के खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। आरम्भिक जांच में ये भी जानकारी मिली है कि ब्लैक स्टोन क़्वारी में इस्तेमाल करने के लिए विस्फोटक को छिपाकर लाया जा रहा था। इससे पहले भी इस तरह के कुछ मामले सामने आए हैं। पुलिस मामसे में आगे की जांच कर रही है।

T20 World Cup 2026 में भारत की सलामी जोड़ी लॉक, 14 साल बाद दोहराया जाएगा ICC टूर्नामेंट में इतिहास

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T20 World Cup 2026 में टीम इंडिया अपना पहला मुकाबला 7 फरवरी को खेलेगी। इस बीच करीब 14 साल बाद इतिहास दोहराये जाने की संभावना है। अब तक आईसीसी टूर्नामेंट में भारत ने दो ही बार ये काम किया है।T20 World Cup 2026 का आगाज 7 फरवरी से होना है। पहले मुकाबले में अब कुछ ही घंटे बाकी हैं। इस बीच टीम इंडिया ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है। टीम को एक वार्मअप मैच मिला था, जिसे खेलकर अपनी तैयारियों और भी पुख्ता कर लिया है। इस बीच वार्मअप मैच से इस बात का अंदाजा मिल गया है कि भारत की सलामी जोड़ी क्या होगी। अगर ऐसा होता है कि करीब 14 साल पुराना इतिहास दोहराया जाएगा। जो अपने आप में एक कमाल ही है।

अभिषेक शर्मा और ईशान किशन कर सकते हैं टीम इंडिया के लिए पारी का आगाज
अभी हाल ही में जब भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी20 सीरीज खेली जा रही थी, तब टीम इंडिया की ओपनिंग की जिम्मेदारी अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन को दी गई थी। अभिषेक शर्मा ने तो अपने आक्रामक अंदाज में शानदार खेल दिखाते हुए खूब रन बटोरे, लेकिन संजू सैमसन बुरी तरह से फ्लॉप साबित हुए। उन्हें उस सीरीज के सभी पांच मैचों में ओपनिंग की जिम्मेदारी दी गई, लेकिन वे एक भी बार रन बनाने में कामयाब नहीं हो पाए। इस बीच तिलक वर्मा की गैरहाजिरी में तीसरे नंबर पर ईशान किशन खेलते हुए दिखाई दिए। जिन्होंने खूब रन ठोके। सीरीज के आखिरी और पांचवें मैच में तो उन्होंने सेंचुरी भी लगा दी। इसके बाद ही ये तय हो गया था कि टी20 विश्व कप के मैच जब शुरू होंगे तो ईशान किशन तो कम से कम बाहर नहीं ही बैठेंगे। अब तिलक वर्मा की भी वापसी हो चुकी है। उन्होंने साउथ अफ्रीका के खिलाफ वार्मअप मैच भी खेला और रन भी बनाए।

तिलक वर्मा की वापसी से संजू सैमसन की हो सकती है छुट्टी
ऐसे में अब ईशान किशन और संजू सैमसन में से एक को ही मौका मिलेगा, ये भी तय हो गया है। अभी तक ऐसा लगता है कि संजू का ही पत्ता कटेगा। साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेल गए मैच में अभिषेक के साथ ईशान ने ही पारी का आगाज किया और अच्छी साझेदारी भी की। इस मैच में ईशान किशन ने केवल 20 बॉल पर 53 रन ठोक दिए और बाकी बल्लेबाजों की भी बारी आए, इसलिए रिटायर आउट होकर चले गए। जब ईशान किशन ने मैदान छोड़ा तब तक टीम इंडिया ने छठे ओवर में ही 80 रन पूरे कर लिए थे। ​अभिषेक शर्मा ने केवल 18 बॉल पर 24 रन बनाए और वे भी रिटायर आउट हो गए। यानी 7 फरवरी को जब टीम इंडिया उतरेगी तो ईशान और अभिषेक ही ओपनिंग करेंगे।

साल 2014 के बाद पहली बार आईसीसी इवेंट में दो बाएं हाथ के बल्लेबाज करेंगे ओपनिंग
इस बीच आईसीसी टूर्नामेंट के इतिहास में अब तक केवल दो ही बार ऐसा हुआ, जब टीम इंडिया के लिए सलामी जोड़ी के तौर पर दो बाएं हाथ के बल्लेबाज उतरे हों। साल 1999 के वनडे विश्व कप में ऐसा नजारा पहली बार दिखा था, तब सौरव गांगुली और सदगोपन रमेश ने पारी का आगाज किया था, दोनों बाएं हाथ के बल्लेबाज हुआ करते थे। इसके बाद साल 2012 के टी20 विश्व कप में भी ऐसा ही दिखा था। तब गौतम गंभीर और इरफान पठान ने भारत के लिए पारी का आगाज किया था। उसके बाद अब ऐसा होने की संभावना है। जब 7 फरवरी को भारत और यूएसए के बीच मुकाबला खेला जाएगा तब अगर अभिषेक और ईशान की जोड़ी पारी का आगाज करती है तो करीब 14 साल बाद ऐसा होगा कि किसी आईसीसी टूर्नामेंट में भारत के लिए दो बाएं हाथ के बल्लेबाज नजर आएंगे।

सुपरस्टार का बेटा, कर्ज चुकाने के लिए छोड़ी पढ़ाई, सेट पर बनाई चाय, अब 6 ब्रैंड का है मालिक, कहलाता है विश्व सुंदरी का पति

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सिनेमा की दुनिया हर किसी पर मेहरबान नहीं रहती, फिर चाहे वो सुपरस्टार के ही बच्चे क्यों न हों। एक स्टारकिड ऐसा था जो अपने पिता की छवि से निकलने के प्रयास में सालों तक जूझता रहा। काफी मुश्किल दौर भी झेले, लेकिन आज 6 ब्रांड्स का मालि है।बॉलीवुड की दुनिया में अगर किसी नाम ने दशकों तक सबसे गहरी छाप छोड़ी है, तो वह हैं अमिताभ बच्चन। परदे पर एंग्री यंग मैन से लेकर सदी के महानायक बनने तक का उनका सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। सुपरहिट फिल्मों, दमदार डायलॉग्स और बेमिसाल स्क्रीन प्रेजेंस के साथ-साथ उनकी निजी जिंदगी भी हमेशा सुर्खियों में रही, कभी सफलता के कारण तो कभी रेखा के साथ जुड़े किस्सों की वजह से। लेकिन इस चमक-दमक के पीछे एक ऐसा दौर भी था, जिसे खुद अमिताभ बच्चन ने अपने जीवन का सबसे अंधकारमय समय बताया है। आज यह सोचना भी मुश्किल लगता है कि जिस शख्स को करोड़ों लोग भगवान की तरह पूजते हैं, वह कभी कर्ज़, अपमान और असहायता के भंवर में फंसा था। हालात इतने बिगड़ गए थे कि उस संकट से उबरने के लिए उनके बेटे अभिषेक बच्चन को अपनी पढ़ाई तक छोड़नी पड़ी।संघर्ष से स्टारडम तक
अमिताभ बच्चन का शुरुआती करियर बिल्कुल भी आसान नहीं रहा। एक के बाद एक फ्लॉप फिल्मों ने उन्हें हतोत्साहित कर दिया था और ऐसा लगने लगा था कि शायद किस्मत उनका साथ नहीं दे रही। फिर आया साल 1973 और साथ आई फिल्म ‘जंजीर’। इस एक फिल्म ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी। अमिताभ रातोंरात स्टार बन गए और इंडस्ट्री में उनका सिक्का चलने लगा। पैसा, शोहरत और पहचान, सब कुछ उनके कदमों में था, लेकिन सफलता का यह दौर स्थायी नहीं रहा। अपने करियर के शिखर पर रहते हुए अमिताभ ने एक बड़ा सपना देखा, अमिताभ बच्चन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (ABCL)। यह सिर्फ एक बिजनेस नहीं था, बल्कि उनका विजन था, जिसके जरिए वह फिल्म और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को नई दिशा देना चाहते थे। मगर यह सपना जल्द ही एक भयावह हकीकत में बदल गया।जब घर की देहलीज तक पहुंचा कर्ज
ABCL बुरी तरह असफल रही और देखते ही देखते हालात हाथ से निकल गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमिताभ बच्चन करीब 90 करोड़ रुपये के कर्ज में डूब गए। इंडिया टुडे को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने इस दौर को याद करते हुए कहा था, ‘मेरे 44 साल के करियर का यह सबसे काला समय था।’ उन्होंने बताया कि लेनदार उनके घर तक पहुंच जाते थे, धमकियां, गालियां और रोज का मानसिक दबाव। हालात इतने खराब हो चुके थे कि घर की कुड़की तक की नौबत आ गई थी। जिस सुपरस्टार को देश सिर आंखों पर बैठाता था, वह भीतर ही भीतर पूरी तरह टूट चुका था।

बेटे ने छोड़ी पढ़ाई, निभाई जिम्मेदारी
इसी दौरान अमिताभ के बेटे अभिषेक बच्चन अमेरिका में बोस्टन यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे थे। दूरी के बावजूद पिता की परेशानी उनसे छुपी नहीं रही। एक पॉडकास्ट में अभिषेक ने उस फैसले के बारे में खुलकर बात की, जिसने उनकी ज़िंदगी की दिशा बदल दी। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी, लिबरल आर्ट्स और परफॉर्मिंग आर्ट्स की डिग्री अधूरी रह गई क्योंकि उनके पिता बेहद कठिन आर्थिक हालात से गुजर रहे थे। स्टार किड होने के बावजूद, अभिषेक ने आराम और सुरक्षा को पीछे छोड़ दिया। फिल्मों में मौका पाने के लिए उन्होंने प्रोडक्शन बॉय तक का काम किया। सेट पर चाय बनाना, छोटे-छोटे काम करना और हर मौके को सीखने के रूप में लेना, अभिषेक ने सब कुछ किया, ताकि परिवार इस मुश्किल दौर से बाहर निकल सके।
गिरकर फिर उठने की मिसाल
बच्चन परिवार ने हार मानने से इनकार कर दिया। अमिताभ ने दोबारा काम करना शुरू किया, एक-एक प्रोजेक्ट लिया और धीरे-धीरे सारा कर्ज़ चुका दिया। ‘कौन बनेगा करोड़पति’ ने उनके करियर को नई ऊंचाइयाँ दीं और वह पहले से भी ज्यादा मजबूती के साथ लौटे। आज अमिताभ बच्चन इंडस्ट्री के सबसे सम्मानित और प्रभावशाली सितारों में गिने जाते हैं। वहीं अभिषेक बच्चन ने भी अभिनय के साथ-साथ बिजनेस की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना ली है। उनकी नेट वर्थ करीब 280 करोड़ रुपये बताई जाती है। इस सफर में उनकी पत्नी विश्व सुंदरी ऐश्वर्या राय उनके साथ खड़ी नजर आईं।
बिजनेस की दुनिया में अभिषेक की मजबूत पकड़
अभिषेक बच्चन ने 2014 में स्पोर्ट्स एंटरप्रेन्योरशिप में कदम रखा, जब उन्होंने प्रो कबड्डी लीग की टीम जयपुर पिंक पैंथर्स खरीदी। खास बात यह रही कि इसी टीम ने उसी साल पहला PKL टाइटल जीत लिया। राज शमानी के साथ बातचीत में अभिषेक ने बताया कि इस निवेश से उन्हें 100 गुना से ज्यादा का प्रॉफिट हुआ है। इसी साल वह एमएस धोनी और वीटा दानी के साथ इंडियन सुपर लीग की फुटबॉल टीम चेन्नईयिन FC के को-ओनर भी बने। इस टीम ने 2015 और 2018 में ISL का खिताब जीता। अभिषेक अपने पिता के प्रोडक्शन हाउस AB Corp में भी अहम भूमिका निभाते हैं। ‘पा’, ‘शमिताभ’ और ‘घूमर’ जैसी फिल्मों में वह एक सफल प्रोड्यूसर के तौर पर अपनी छाप छोड़ चुके हैं।
रियल एस्टेट और स्टार्टअप्स में निवेश
हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार अमिताभ और अभिषेक बच्चन ने मिलकर देशभर में करीब 220 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी खरीदी है। इसके अलावा, मुंबई के मुलुंड वेस्ट में ओबेरॉय रियल्टी के एटरनिया प्रोजेक्ट में 24.95 करोड़ रुपये के 10 अपार्टमेंट भी उनके पोर्टफोलियो में शामिल हैं। 2022 में अभिषेक ने फूड ब्रांड नागिन में करीब 8 करोड़ रुपये का निवेश कर फूड एंटरप्रेन्योरशिप में कदम रखा। उन्होंने कहा कि भारतीय ब्रांड्स को बढ़ावा देना उनके परिवार की फिलॉसफी का हिस्सा है। इसके अलावा 2015 में बच्चन परिवार ने सिंगापुर की क्लाउड स्टोरेज कंपनी Ziddu में निवेश किया, जिससे बाद में उन्हें करोड़ों का मुनाफा हुआ।

भारत बना वैश्विक AI-Impact Summit का लीडर, संयुक्त राष्ट्र प्रमुख गुटेरेस ने की इन शब्दों में तारीफ

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भारत आगामी 19 से 20 फरवरी तक वैश्विक एआई-इंपैक्ट समिट का नेतृत्व करने जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य मानवता और धरती की भलाई है। यूएन चीफ एंटोनियो गुटेरेस ने इसके लिए भारत की सराहना की है।संयुक्त राष्ट्र: भारत आगामी 19 से 20 फरवरी तक चलने वाले वैश्विक एआई समिट का नेतृत्व कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस वैश्विक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) समिट के लिए भारत के नेतृत्व की सराहना की है। उन्होंने कहा कि एआई अंतरराष्ट्रीय संबंधों में “पूर्णतः महत्वपूर्ण मुद्दा” है और वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। गुटेरेस ने कहा कि वह 19-20 फरवरी को नई दिल्ली में होने वाले इंडिया-एआई इंपैक्ट समिट 2026 में भाग लेने के लिए भारत आ रहे हैं।पीएम मोदी ने किया था वैश्विक एआई समिट का ऐलान
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस में एआई एक्शन समिट में इसका ऐलान किया था। भारत में हो रहा एआई-इंपैक्ट सम्मेलन ग्लोबल साउथ में आयोजित होने वाली पहली वैश्विक एआई समिट होगी। यह ‘पीपल, प्लैनेट एंड प्रोग्रेस’ के सिद्धांतों पर केंद्रित होगी। बुधवार को गुटेरेस ने कहा, “मैं वहां रहूंगा। मुझे इस बैठक में भाग लेने का मौका मिलने से बहुत खुशी है। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि आज एआई अंतरराष्ट्रीय संबंधों में एक बिल्कुल महत्वपूर्ण मुद्दा है और हमारे समय की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। इसलिए बहुत जरूरी है कि देश एक साथ आएं और इस पर चर्चा करें, सिविल सोसाइटी के साथ भी, सभी परिस्थितियों में।””और मैं भारत की इस समिट के संबंध में नेतृत्व संभालने की सराहना करता हूं।”
मानवता के विकास और धरती की रक्षा के लिए जरूरी
गुटेरेस ने कहा कि समिट में उनका संदेश ग्लोबल डिजिटल कॉम्पैक्ट के निष्कर्षों से सीधे जुड़ा होगा। वे विभिन्न राष्ट्राध्यक्षों और संस्थाओं को बताएंगे कि अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक पैनल की भूमिका क्या होगी, संवादों से क्या उम्मीद है, और विकासशील देशों में क्षमता निर्माण के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को कैसे बेहतर तरीके से जुटाया जा सकता है।…और मुझे लगता है कि भारत जैसे विकासशील देश के लिए, जहां पहले से ही उल्लेखनीय क्षमता मौजूद है, यह उद्देश्य इस समिट का केंद्रीय लक्ष्य है। इंडिया-एआई इंपैक्ट समिट 2026 ‘पीपल, प्लैनेट एंड प्रोग्रेस’ के सिद्धांतों पर आधारित है। यह एक ऐसे भविष्य की कल्पना करता है जहां, एआई मानवता को आगे बढ़ाए, समावेशी विकास को बढ़ावा दे और हमारी साझा धरती की रक्षा करे।

अंतरराष्ट्रीय एआई-वैज्ञानिक पैनल बनाने पर फोकस
इससे पहले 2024 के फ्यूचर समिट में अपनाए गए ग्लोबल डिजिटल कॉम्पैक्ट ने खुले, सुरक्षित और समावेशी डिजिटल भविष्य की साझा दृष्टि निर्धारित की। इसमें एआई पर स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक पैनल बनाने की प्रतिबद्धता शामिल है, जो वैज्ञानिक समझ को आगे बढ़ाएगा और अंतरराष्ट्रीय विचार-विमर्श को सर्वोत्तम उपलब्ध साक्ष्यों से सूचित करेगा। इसके तहत गुटेरेस ने दुनिया के हर क्षेत्र से 40 प्रतिष्ठित व्यक्तियों की सिफारिश की है, जिनमें आईआईटी मद्रास के डेटा साइंस एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विभाग के प्रमुख बलरामन रविंद्रन शामिल हैं। पैनल फ्यूचर पैक्ट में सदस्य देशों के जनादेश का सीधा जवाब है, जो उभरती तकनीकों के लिए बहुपक्षीय समाधान मजबूत करने का लक्ष्य रखता है। यह एआई ज्ञान अंतर को कम करने और अर्थव्यवस्थाओं तथा समाजों पर एआई के वास्तविक प्रभावों का आकलन करने वाला पहला वैश्विक, पूर्णतः स्वतंत्र वैज्ञानिक निकाय होगा।

मोबाइल की लत ने ले ली जान, भोपाल में 8वीं कक्षा के छात्र ने घर में फांसी लगाकर की आत्महत्या

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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कथित तौर पर मोबाइल की लत ने एक छात्र की जान ले ली। 8वीं कक्षा के छात्र ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। आइए जानते हैं इस पूरी घटना के बारे में।मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के पिपलानी थाना क्षेत्र से सामने आई यह घटना दिल को झकझोर देने वाली है। भोपाल के श्रीराम कॉलोनी, छत्रसाल नगर निवासी आठवीं कक्षा के छात्र 14 साल के अंश साहू ने सोमवार दोपहर अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। अंश अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। पुलिस ने इस घटना को लेकर जांच शुरू कर दी है। आइए जानते हैं पूरा मामला।

क्या है पूरा मामला?
पड़ोसियों के मुताबिक, हाल ही में अंश के नाना का निधन हुआ था। सोमवार को उनकी तेरहवीं का कार्यक्रम था, जिसमें शामिल होने के लिए परिवार के सभी सदस्य ननिहाल गए थे। अंश घर पर ही रुक गया। दोपहर में जब परिजन उसे लेने वापस लौटे, तो घर का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी देर तक आवाज देने के बाद भी कोई जवाब नहीं आया। पड़ोसियों और रिश्तेदारों की मदद से दरवाजा खोला गया, तो अंदर का दृश्य देखकर सभी के पैरों तले जमीन खिसक गई। अंश पंखे से फंदे पर लटका हुआ था। परिजन तुरंत उसे नीचे उतारकर निजी अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घर में कुछ घंटों पहले तक मौजूद बच्चे की हंसी अचानक मातम में बदल गई।
ऑनलाइन गेम खेलने की लत लग गई थी
सूत्रों के मुताबिक अंश को ऑनलाइन गेम खेलने की लत लग गई थी। वह खतरनाक चैलेंज आधारित गेम खेलता था। इसी लत के चलते उसने अपनी मां के खाते से करीब 28 हजार रुपये ऑनलाइन गेम में ट्रांसफर कर दिए थे। पढ़ाई प्रभावित होने और व्यवहार में बदलाव के बाद करीब डेढ़ महीने पहले परिवार ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया था।
पंखे से लटका मिला शव
सोमवार को अंश ने मां के पर्स से मोबाइल निकालकर फिर से गेम खेलने की कोशिश की। मां ने उसे पकड़ लिया और डांट दिया। पुलिस की मानें तो इसी के बाद अंश बेहद चुप और परेशान रहने लगा। मंगलवार को जब माता-पिता किसी काम से बाहर गए, उसी दौरान अंश ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वापस लौटने पर परिजनों ने बेटे का शव पंखे से लटका देखा। सूचना मिलते ही पिपलानी पुलिस मौके पर पहुंची। पंचनामा बनाकर मर्ग कायम किया गया है। पुलिस ने अंश का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है और पूरे मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।