Thursday, July 9, 2026
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IND vs USA मैच से पहले टीम इंडिया के लिए बुरी खबर, मैच विनर गेंदबाज हो सकता है बाहर

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टी20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया का पहला मैच यूएसए से होगा। इस मैच से पहले टीम इंडिया को बड़ा झटका लगा है। स्टार तेज गेंदबाज के खेलने पर सस्पेंस बना हुआ है।Jasprit Bumrah: टी20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया अपने अभियान का आगाज यूएसए के खिलाफ मैच के साथ करेगी। ये मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा। इस मैच से पहले भारतीय टीम की टेंशन बढ़ गई है। दरअसल टीम इंडिया के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह यूएसए के खिलाफ मैच से बाहर हो सकते हैं। इससे पहले टीम इंडिया को हर्षित राणा के रूप में बड़ा झटका लग चुका है। वह चोट की वजह से पूरे वर्ल्ड कप से बाहर हो चुके हैं। वहीं वॉशिंगटन सुंदर भी अभी तक पूरी तरह से फिट नहीं हो पाए हैं।
इस वजह से जसप्रीत बुमराह हो सकते हैं बाहर
न्यूज एजेंसी PTI के रिपोर्ट की माने तो जसप्रीत बुमराह को वायरल फीवर है, जिस वजह से वह यूएसए के खिलाफ मुकाबले से बाहर हो सकते हैं। भारतीय टीम मैनेजमेंट बुमराह के साथ कोई रिस्क नहीं लेना चाहेगा क्योंकि यह टूर्नामेंट काफी लंबा है। ऐसे में बुमराह को यूएसए के खिलाफ पहले मैच में आराम दिया जा सकता सकता है। उन्होंने अमेरिका के खिलाफ मैच से पहले अभ्यास भी नहीं किया। अगर वो बाहर होते हैं तो उनकी जगह मोहम्मद सिराज को प्लेइंग XI में मौका मिल सकता है।

हर्षित की जगह सिराज को मिला है मौका
मोहम्मद सिराज को IND vs USA मैच से ठीक एक दिन पहले टीम इंडिया के स्क्वॉड में शामिल किया गया है। उन्हें चोटिल हर्षित राणा के रिप्लेसमेंट के तौर पर टीम में शामिल किया गया है। आपको बता दें कि यूएसए के खिलाफ मैच के लिए टीम इंडिया के पास सिर्फ 13 प्लेयर्स मौजूद रहेंगे। चोटिल ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर अभी तक टीम में शामिल नहीं हुए हैं। वह बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में हैं और अपने फिटनेस रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।

ग्रुप स्टेज में किन टीमों से होगा टीम इंडिया का सामना
यूएसए के खिलाफ मैच में टीम इंडिया को शायद जसप्रीत बुमराह की कमी ज्यादा महसूस नहीं होगी। लेकिन आने वाले मैचों में भारतीय टीम को उनकी जरूरत होगी। ऐसे में टीम इंडिया चाहेगी कि वह दूसरे ग्रुप स्टेज मैच से पहले पूरी तरह से फिट हो जाएं। यूएसए के खिलाफ मैच के बाद भारत का ग्रुप स्टेज में अगला मैच 12 फरवरी को नामीबिया से होगा। इसके बाद टीम इंडिया 15 फरवरी को पाकिस्तान के खिलाफ और 18 फरवरी को नीदरलैंड्स के खिलाफ खेलेगी। हालांकि पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मैच को बॉयकॉट करने का फैसला किया है।

पेंटागन ने तोड़े हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से संबंध, एक झटके में सैन्य प्रशिक्षण से लेकर फेलोशिप तक बंद; जिन्न से है ताल्लुक

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अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने अचानक हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के साथ अपने सारे संबंधों को तोड़ने का ऐलान किया है। इससे हड़कंप मच गया है।वाशिंगटन: पेंटागन ने एक बड़ा फैसला लेते हुए हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से अपने सारे संबंधों को तोड़ लिया है। पेंटागन के अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा कि वह हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से सभी संबंधों को तोड़ रहा है। इतना ही नहीं पेंटागन ने यह भी ऐलान किया कि वह आइवी लीग संस्थान के साथ सभी सैन्य प्रशिक्षण, फेलोशिप और सर्टिफिकेट कार्यक्रम को बंद कर रहा है। इस घोषणा से हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के अधिकारियों और छात्रों में हड़कंप मच गया है। इसकी वजह जानकर आप हैरान हो जाएंगे।पेंटागन ने क्यों तोड़े संबंध?
पेंटागन ने यह घोषणा ट्रंप प्रशासन और हार्वर्ड के बीच लंबे समय से चले आ रहे गतिरोध के चलते की है। इस फैसले को लिए जाने से पहले व्हाइट हाउस ने आइवी लीग स्कूल में सुधारों की मांग की थी। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के साथ पेंटागन के सैन्य और फेलोशिप जैसे संबंधों को टूटने की वजह एक जिन्न है। मगर यह जिन्न कोई पेड़ों पर रहने वाला नहीं, बल्कि कट्टरपंथ का जिन्न है, जो यहूदियों के खिलाफ भावानाओं को भड़का रहा है। इसके चलते अमेरिकी रक्षा विभाग को यह फैसला लेना पड़ा है। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि हार्वर्ड “अब युद्ध विभाग या सैन्य सेवाओं की जरूरतों को पूरा नहीं करता।”
अधिकारियों के दिमाग में चढ़ा कट्टरपंथ का भूत
हेगसेथ ने कहा, “बहुत लंबे समय से इस विभाग ने हमारे सर्वश्रेष्ठ और सबसे प्रतिभाशाली अधिकारियों को यह उम्मीद करते हुए हार्वर्ड भेजा है कि विश्वविद्यालय हमारे योद्धा वर्ग को बेहतर समझेगा और सराहेगा। मगर इसके बजाय, हमारे बहुत से अधिकारी हार्वर्ड की तरह दिखने लगे। उनके सिर में (दिमाग में) ग्लोबलिस्ट और कट्टरपंथी विचारधाराओं से भर गए। जो हमारी लड़ाकू इकाइयों को बेहतर नहीं बनाते। हेगसेथ ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “हार्वर्ड वोक है; युद्ध विभाग नहीं है। 2026-27 शैक्षणिक वर्ष से शुरू होकर, पेंटागन स्नातकोत्तर स्तर के पेशेवर सैन्य शिक्षा, फेलोशिप और सर्टिफिकेट कार्यक्रम बंद कर देगा। वर्तमान में हार्वर्ड में कक्षाएं ले रहे कर्मी उन कोर्स को पूरा कर सकेंगे।

ट्रंप के निशाने पर थी हार्वर्ड यूनिवर्सिटी
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी लंबे समय से राष्ट्रपति ट्रंप के निशाने पर थी। ट्रंप प्रशासन ने अब देश के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों को नियंत्रण में लाने की मुहिम चलाई है। उनके अधिकारियों ने हार्वर्ड के संघीय अनुसंधान फंडिंग में अरबों डॉलर की कटौती की है। इसके साथ ही अप्रैल में कैंपस द्वारा सरकारी मांगों की एक श्रृंखला को ठुकराने के बाद विदेशी छात्रों को नामांकन से रोकने की कोशिश की है। व्हाइट हाउस ने कहा है कि वह हार्वर्ड को कैंपस पर यहूदी-विरोधी पूर्वाग्रह को सहन करने के लिए सजा दे रहा है।

बीच इवेंट अचानक रोने लगीं भूमिका चावला, रोते-रोते बोलना हुआ मुश्किल, वीडियो देख फैंस को हुई चिंता

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‘तेरे नाम’ फेम भूमिका चावला का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें भूमिका स्टेज पर रोती हुई नजर आ रही हैं। उनका ये हाल देखकर फैंस जानना चाह रहे हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ जो भूमिका स्टेज पर भी अपने आंसू नहीं रोक पाईं।भूमिका चावला बॉलीवुड के साथ-साथ साउथ सिनेमा की भी जानी-मानी एक्ट्रेस हैं। अभिनेत्री अब फिल्मों में कम एक्टिव हैं, लेकिन अक्सर सुर्खियों में छाई रहती हैं। उन्हें आज भी सुपरस्टार सलमान खान की ‘तेरे नाम’ की ‘निर्जरा’ के किरदार के लिए जाना जाता है। इस बीच सोशल मीडिया पर भूमिका चावला का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में भूमिका चावला एक इवेंट में नजर आ रही हैं और स्टेज पर रोती हुई दिख रही हैं। एक्ट्रेस का ये वीडियो देखकर उनके फैंस चिंता में हैं और जानना चाहते हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ जो भूमिका चावला स्टेज पर भी अपने आंसू नहीं रोक पाईं और यूं रोने लगीं।
स्टेज पर रो पड़ीं भूमिका चावला
भूमिका चावला ‘यूफोरिया’ में नजर आएंगी, जिसमें रणवीर सिंह की ब्लॉकबस्टर ‘धुरंधर’ की हीरोइन सारा अर्जुन भी हैं। इस फिल्म की कहानी हैदराबाद में घटित एक सच्ची घटना पर आधारित है। इस फिल्म की रिलीज से पहले हैदराबाद में एक इवेंट रखा गया था, जहां से भूमिका चावला का ये वीडियो सामने आया है। इस दौरान पूरी कास्ट मौजूद थी और सभी इस फिल्म में काम करने का अपना-अपना एक्सपीरियंस साझा करते दिखे। भूमिका चावला भी इस पर बात करती नजर आईं और अचानक रो पड़ीं।

क्यों रोने लगीं भूमिका चावला
भूमिका चावला ‘यूफोरिया’ को लेकर अपना एक्सपीरियंस साझा कर रही थीं और इसी दौरान उन्होंने इसकी कहानी के बारे में भी बात की। भूमिका बताती हैं कि इस फिल्म ने किस कदर उन्हें प्रभावित किया है। भूमिका बताती हैं कि ये फिल्म देखने के बाद वह रात भर सो नहीं पाई थीं और फिल्म की कहानी के बारे में बात करते-करते अचानक वह रोने लगीं। दरअसल, फिल्म छोटी उम्र के बच्चों में नशे की लत और यौन शोषण जैसे संवेदनशील मुद्दे पर बनी है, जिसके निर्देशक गुनाशेखर हैं। फिल्म के इसी कंटेंट ने अभिनेत्री को भावुक कर दिया।यूफोरिया की कहानी
यूफोरिया एक कठिन फिल्म है, जो हर सीन के साथ सवाल खड़े करती है। फिल्म की कहानी हैदराबाद को झकझोर देने वाली एक दिल दहला देने वाली सच्ची घटना पर आधारित है, जिसके लेखक और निर्देशक गुनाशेखर हैं। कहानी जुबली हिल्स में 2022 में हुई एक घटना पर आधारित है, जहां प्रभावशाली परिवारों के पांच नाबालिगों ने एक 17 वर्षीय लड़की का यौन उत्पीड़न किया था। यूफोरिया की कहानी चैत्रा नाम की एक रेप पीड़िता के इर्द-गिर्द घूमती है। सारा अर्जुन ने चैत्रा नाम की 17 वर्षीय लड़की का किरदार निभाया है। वह जज से तीखे शब्दों में पूछती है कि क्या लड़कियों का पब में जाना अपराध है? वह सवाल करती है कि जब उनकी कोई गलती नहीं थी और उसने अपनी सीमा का पालन किया था, तो उसे शर्मिंदगी क्यों झेलनी चाहिए? फिल्म ये भी दिखाती है कि कैसे लोगों की यादें जल्दी धुंधली पड़ जाती हैं, जबकि कुछ जिंदगियां हमेशा के लिए बिखर जाती हैं।

7 साल बाद पाकिस्तान से लौटा युवक, किसी से नहीं कर रहा ज्यादा बात, स्वागत कर रहे विधायक

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प्रसन्नजीत चार दिन पहले ही पाकिस्तानी जेल से रिहा हो गया था। इसके बाद से वह अमृतसर में था। अब वह गांव आ चुका है। हालांकि, वह किसी से भी ज्यादा बातचीत नहीं कर रहा है।बालाघाट के रहने वाले प्रसन्नजीत पाकिस्तानी जेल से रिहा होकर 7 साल बाद अपने घर लौटे हैं। हालांकि, वह किसी से ज्यादा बातचीत नहीं कर रहे, लेकिन उनके लौटने से परिजन बेहद खुश हैं। खासकर उनकी बहन को ज्यादा खुशी है, जिन्होंने अपने भाई की वापसी के लिए लगातार संघर्ष किया। पाकिस्तान की जेल से रिहा होकर प्रसन्नजीत रंगारी शुक्रवार शाम अपने गांव खैरलांजी पहुंचे। जिला प्रशासन की ओर से प्रसन्नजीत को अमृतसर से लाने की व्यवस्था बनायी गई थी।
प्रसन्नजीत को लाने के लिए एक चार पहिया वाहन में उसके जीजा के साथ एक सचिव, रोजगार सहायक, पुलिस व राजस्व का 1-1 अमला को अमृतसर भेजा गया था। जो 5 फरवरी को ही बालाघाट आने के लिये निकल गए थे। 7 साल बाद प्रसन्नजीत अपने घर लौट आया है। कटंगी पहुंचने पर विधायक गौरव पारधी, एसडीएम तहसीलदार सहित स्थानीय लोगों ने स्वागत किया। घर महकेपार आने पर बहन सहित परिवार और ग्रामीणों ने स्वागत किया।31 जनवरी को हुई थी रिहाई
31 जनवरी 2026 को पाकिस्तान से 7 भारतीय कैदियों की रिहाई हुई थी। इनमें प्रसन्नजीत रंगारी भी शामिल हैं, जो 7 साल से पाकिस्तान की जेल में सुनील अदे के नाम से बंद था। बी-फार्मेसी करने वाला प्रसन्नजीत रंगारी अचानक ही मानसिक बीमार हो गया। इसी के कारण वह साल 2017-18 को घर से अचानक लापता हुआ था। जहां से बिहार चले जाने के बाद वह वापस घर लौट आया था। लेकिन उसके बाद 2019 में फिर उसके लापता होने के बाद उसकी कोई खबर नहीं मिली थी। जिसे परिजनों ने तलाश करने के बाद नहीं मिलने पर मरा हुआ मान लिया था। 2021 में पाकिस्तान चला गया था प्रसन्नजीत
दिसंबर 2021 में एक फोन आया और पता चला कि प्रसन्नजीत पाकिस्तान की जेल में बंद है। परिजनों को पता चला था कि 1 अक्टूबर 2019 में प्रसन्नजीत को पाकिस्तान के बाटापुर से हिरासत में लिया गया। जहां वह, सुनिल अदे के नाम से बंद है। 2021 से, प्रसन्नजीत के पाकिस्तान जेल में बंद होने की जानकारी के बाद उसकी बहन संघमित्रा अपने भाई के वतन वापसी के लिए लगातार संघर्ष में जुटी थी। जिसके संघर्ष के चलते वह आखिरकर अब रिहा हो गया। प्रसन्नजीत ने परिजनों को पहचाना
कलेक्टर मृणाल मीना ने प्रसन्नजीत को अमृतसर से लाने के लिये व्यवस्था बनाई। एक दल उसे लेने भेजा गया। जेल से रिहाई का मसला होने के चलते यहां से सचिव, जीआरएस, पुलिस व राजस्व के अमला के साथ प्रसन्नजीत के जीजा गया हुआ था। जो कि 5 फरवरी को निकले और 6 फरवरी की देर शाम अपने घर पहुंचा। प्रसन्नजीत वैसे किसी से अभी ज्यादा बात नहीं कर रहा है। परिवार को उसने पहचान लिया है। विधायक गौरव पारधी ने पाकिस्तान की जेल से रिहाई के लिए प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री का आभार व्यक्त किया है।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर पीएम मोदी का रिएक्शन, जानिए और क्या बोले?

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आभार जताया है। उन्होंने इस डील पर सहमति को दोनों देशों के लिए ग्रेड न्यूज बताया और कहा कि यह विश्वास और गतिशीलता का प्रतीक है।नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील की रूपरेखा तय होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रिएक्शन सामने आया है। उन्होंने इस अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा पर सहमति जताने के साथ ही इसे दोनों देशों के बीच साझेदारी में बढ़ते विश्वास और गतिशीलता का प्रतीक बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी आभार जताया है।राष्ट्रपति ट्रंप को दिया धन्यवाद
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा- भारत और अमेरिका के लिए बहुत अच्छी खबर! हमने दोनों महान देशों के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते के लिए एक फ्रेमवर्क पर सहमति जताई है। मैं दोनों देशों के बीच मज़बूत संबंधों के प्रति अपनी व्यक्तिगत प्रतिबद्धता के लिए राष्ट्रपति ट्रंप को धन्यवाद देता हूं।
‘मेक इन इंडिया’ को मज़बूत करेगा
पीएम मोदी ने आगे लिखा, ” यह फ्रेमवर्क हमारी साझेदारी की बढ़ती गहराई, विश्वास और गतिशीलता को दिखाता है। यह भारत के मेहनती किसानों, उद्यमियों, MSMEs, स्टार्टअप इनोवेटर्स, मछुआरों और अन्य लोगों के लिए नए अवसर खोलकर ‘मेक इन इंडिया’ को मज़बूत करता है। इससे महिलाओं और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोज़गार पैदा होगा। भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं और यह फ्रेमवर्क हमारे बीच निवेश और टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप को और गहरा करेगा।”

वैश्विक विकास में योगदान
मोदी ने लिखा-“यह फ्रेमवर्क मज़बूत और भरोसेमंद सप्लाई चेन को भी मज़बूत करेगा और वैश्विक विकास में योगदान देगा। जैसे-जैसे भारत एक विकसित भारत बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, हम ऐसे वैश्विक पार्टनरशिप बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो भविष्य-उन्मुख हों, हमारे लोगों को सशक्त बनाएं और साझा समृद्धि में योगदान दें।”

बता दें कि अमेरिका और भारत ने शनिवार को अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा पर सहमति बनने का ऐलान किया। इसके तहत अमेरिका भारत पर टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। बयान के मुताबिक यह फ्रेमवर्क 13 फरवरी, 2025 को राष्ट्रपति डोनाल्ड जे ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किए गए व्यापक अमेरिका-भारत द्विपक्षीय व्यापार समझौते की वार्ता के प्रति दोनों देशों की प्रतिबद्धता को बताता है। इस फ्रेवर्क में अतिरिक्त बाजार पहुंच संबंधी प्रतिबद्धताएं शामिल होंगी और यह अधिक मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं को समर्थन प्रदान करेगी। बयान में कहा गया है, “अमेरिका और भारत के बीच अंतरिम समझौता हमारे देशों की साझेदारी में मील का पत्थर साबित होगा। यह पारस्परिक हितों और ठोस परिणामों पर आधारित द्विपक्षीय और संतुलित व्यापार के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”

पीएम नरेंद्र मोदी मलेशिया के लिए रवाना, जानिए क्यों खास है यह दौरा?

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मलेशिया के साथ रक्षा एवं सुरक्षा संबंधों को मजबूत करने और आपसी सहयोग बढ़ाने की दिशा में पीएम मोदी का यह दौरा काफी अहम है। प्रधानमंत्री बनने के बाद से मलेशिया का यह उनका तीसरा दौरा है।नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को मलेशिया के दो दिवसीय दौरे पर रवाना हो गए। मलेशिया रवाना होने से पहले उन्होंने कहा कि भारत मलेशिया के साथ रक्षा एवं सुरक्षा संबंधों को मजबूत करने तथा आर्थिक और नवोन्मेष के क्षेत्र में साझेदारी को बढ़ाने पर विचार कर रहा है। पीएम मोदी ने कहा, ”भारत और मलेशिया के बीच ऐतिहासिक संबंधों में हाल के वर्षों में निरंतर प्रगति हुई है।” उन्होंने कहा, ”मैं प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ अपनी चर्चाओं और हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने को लेकर उत्साहित हूं।” उन्होंने कहा, ”हमारा लक्ष्य अपने रक्षा और सुरक्षा संबंधों को गहरा करना, अपनी आर्थिक और नवाचार साझेदारी को बढ़ाना तथा नए क्षेत्रों में अपने सहयोग का विस्तार करना है।”
क्यों खास है यह दौरा?
पीएम मोदी के इस दौरे का मकसद व्यापार, निवेश, ऊर्जा और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है।प्रधानमंत्री मोदी की यह मलेशिया की तीसरी यात्रा है। अगस्त 2024 में भारत-मलेशिया द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी में बदले जाने के बाद यह उनकी पहली यात्रा है।
पीएम मोदी इस दौरान मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। वे भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ-साथ उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी संवाद करेंगे। प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान 10वां भारत-मलेशिया सीईओ मंच भी आयोजित होगा।
विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक भारत और मलेशिया के बीच ऐतिहासिक, सभ्यतागत और सांस्कृतिक संबंधों पर आधारित पुराने संबंध हैं। ‘मलेशिया में 29 लाख भारतीय समुदाय की मौजूदगी से यह रिश्ता और मजबूत होता है, जो दुनिया में भारतीय समुदाय की तीसरी सबसे बड़ी मौजदूगी है।
मलेशिया में भारत के उच्चायुक्त ने क्या बताया?
मलेशिया में भारत के उच्चायुक्त बी.एन. रेड्डी ने समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए इस रणनीतिक साझेदारी के भविष्य पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि भारत के ‘महासागर’ विजन और व्यापक इंडो-पैसिफिक विजन के तहत दोनों देश मिलकर काम कर रहे हैं। आने वाले समय में 2024 में शुरू की गई पहलों को लागू करने और सहयोग के नए आयाम जोड़ने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। भारत और मलेशिया के इतिहास में पहली बार दोनों देशों ने ‘सुरक्षा संवाद’ शुरू किया है। यह संवाद जो रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।
वहीं मलेशिया डिजिटल अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में भी भारत के साथ जुड़ने के लिए बेहद इच्छा रखता है है। रेड्डी ने बताया कि डिजिटल टेक्नोलॉजी पर हुए MoUके बाद ‘मलेशिया-भारत डिजिटल काउंसिल’ की स्थापना की गई है, जो इस क्षेत्र में क्रांति लाएगी।

जगदीशपुर में किराना दुकान में आगजनी और चोरी, ताला काटकर एक लाख नकद लूटे; छत डैमेज, पुलिस मौन

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जगदीशपुर, भोजपुर (संवाददाता)।
भोजपुर जिले के जगदीशपुर थाना क्षेत्र में चोरी और आगजनी की एक सनसनीखेज वारदात ने इलाके में दहशत फैला दी है। घटना 3 फरवरी की देर रात करीब 10 से 12:30 बजे के बीच की बताई जा रही है, जब असामाजिक तत्वों ने किराए पर दी गई दुकान में पहले ताला काटकर चोरी की और फिर सबूत मिटाने के लिए आग लगा दी। चार कट्ठा जमीन पर बने मकान में स्थित यह दुकान पूरी तरह जलकर राख हो गई और आग की भीषणता इतनी अधिक थी कि दुकान की छत भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर जर्जर हो चुकी है। पीड़ित ने छत के टूटे हुए हिस्सों के फोटो-वीडियो भी मीडिया को उपलब्ध कराए हैं, जिनमें स्थिति बेहद भयावह दिखाई दे रही है।

पीड़ित दीपक प्रसाद (25 वर्ष) के अनुसार, उनकी किराना दुकान “शक्ति गल्ला भंडार” नई टोला मोड़, मलियाबाग रोड NH-319, नहर के पश्चिम, पोस्ट व थाना जगदीशपुर (पिन-802158) पर स्थित थी, जिसे उन्होंने मकान मालिक फूलपातू देवी के मकान में किराए पर ले रखा था। रात में पड़ोस की बिरयानी दुकान वाले ने फोन करके आग लगने की सूचना दी। उनके पहुंचने से पहले ही फायर ब्रिगेड और डायल-112 मौके पर पहुंच चुके थे, लेकिन तब तक दुकान के अंदर का अधिकांश सामान जल चुका था और छत भी आग की चपेट में आकर कमजोर पड़ गई थी।

शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने पहले दुकान का ताला काटा, अंदर रखे एक लाख चौतीस हजार रुपये नकद (धान की बिक्री से प्राप्त रकम) चुरा लिए और फिर आग लगा दी। इसके अलावा मकान मालिक का फ्रिज, स्टाटर, रिफाइन, चीनी, चोकर, पशु आहार, तेल, चावल और अन्य सामान भी जलकर नष्ट हो गया। पीड़ित का आरोप है कि बदमाशों ने जाते-जाते सीसीटीवी कैमरा भी तोड़कर अपने साथ ले गए, ताकि पहचान न हो सके।

दीपक प्रसाद ने 4 फरवरी को जगदीशपुर थाने में लिखित आवेदन दिया है, लेकिन उनका कहना है कि अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। न तो आरोपियों की पहचान हुई है, न ही नुकसान का आकलन किया गया और न ही टूटी हुई छत को लेकर कोई तकनीकी जांच कराई गई है। पीड़ित वर्तमान में अपने मूल घर से करीब 3 किलोमीटर दूर देहात में रहता है और लगातार थाने व अधिकारियों के चक्कर काट रहा है, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हो रही।

पीड़ित परिवार का कहना है कि छत किसी भी समय गिर सकती है, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है, फिर भी पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है। परिवार ने मीडिया के माध्यम से प्रशासन से मांग की है कि मामले को तत्काल संज्ञान में लेकर निष्पक्ष जांच कराई जाए, सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाएं, आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और हुए नुकसान की समय रहते भरपाई कराई जाए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में रात्रि गश्त बेहद कमजोर है और इसी का फायदा उठाकर बदमाश ऐसी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। व्यापारियों में भय का माहौल है और कई दुकानदारों ने रात में दुकान बंद रखने का निर्णय लिया है।

फिलहाल पुलिस का कहना है कि जांच जारी है, लेकिन मौके पर अब तक कोई ठोस प्रगति दिखाई नहीं दे रही है, जिससे पीड़ित परिवार की चिंता और बढ़ती जा रही है।

गाजियाबाद में 14 वर्षीय छात्र लापता, नौ माह बाद भी नहीं लगा सुराग, पिता ने मुख्यमंत्री से लगाई गुहार

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गाजियाबाद। ट्रांस हिंडन क्षेत्र के थाना कौशाम्बी इलाके से 14 वर्षीय छात्र के लापता होने का मामला सामने आया है। घटना को करीब नौ महीने बीत जाने के बावजूद अब तक किशोर का कोई पता नहीं चल सका है, जिससे परिजनों की चिंता और बढ़ गई है। बेटे की तलाश में भटक रहे पिता ने अब मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर जल्द कार्रवाई कराने की मांग की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार अनिल कुमार, जो मूल रूप से जनपद उन्नाव के निवासी हैं और वर्तमान में कौशाम्बी स्थित सलोनी नर्सरी क्षेत्र में परिवार सहित रहते हैं, ने बताया कि उनका बेटा सनी, उम्र लगभग 14 वर्ष, 5 मई 2024 को दोपहर करीब 3 बजे अपने परिचित शिवम के साथ घर से घूमने निकला था। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। परिजनों ने आसपास के क्षेत्रों में काफी तलाश की, रिश्तेदारों और परिचितों से संपर्क किया, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला।

बेटे सनी के लापता होने की वजह से रामदुलारी का रो रोकर बुरा हाल है उन्होंने कहा बेटा तुम जहाँ भी हो घर वापस आजाओ

बताया गया है कि लापता होने के समय सनी ने काले रंग की टी-शर्ट पहन रखी थी, जिस पर शिवलिंग बना हुआ था। वह नीली जींस और नीले-काले रंग की चप्पल पहने हुए था तथा उसके बाल लंबे हैं। परिजनों के अनुसार सनी कक्षा 8 का छात्र है और दिल्ली के एक स्कूल में पढ़ाई करता था।

मामले में अनिल कुमार द्वारा 7 मई 2024 को थाना कौशाम्बी में धारा 363 आईपीसी के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई थी। हालांकि, परिवार का आरोप है कि इतने समय बीत जाने के बाद भी पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है और न ही बच्चे का कोई सुराग मिल पाया है।

आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आने वाले अनिल कुमार ने मुख्यमंत्री को भेजे गए प्रार्थना पत्र में कहा है कि वह मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं और बेटे के लापता होने के बाद से पूरा परिवार मानसिक तनाव में है। उन्होंने पुलिस प्रशासन को निर्देशित कर जल्द से जल्द बेटे की तलाश कराने की मांग की है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से बच्चे के लापता रहने से क्षेत्र में भी चिंता का माहौल है। परिजन अब प्रशासन से उम्मीद लगाए बैठे हैं कि मामले में तेजी लाकर बच्चे को सकुशल बरामद किया जाएगा।

नई दिल्ली स्टेशन से 17 वर्षीय राहुल राय रहस्यमय ढंग से लापता, मां का रो-रोकर बुरा हाल; 47 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली**

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नई दिल्ली/मधुबनी (संवाददाता)।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से बिहार के मधुबनी निवासी नाबालिग युवक राहुल कुमार राय के लापता होने का मामला अब गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। 17 वर्षीय राहुल 20 दिसंबर 2025 को प्लेटफॉर्म नंबर 16 से अचानक गायब हो गया था, लेकिन करीब डेढ़ महीने बीत जाने के बावजूद पुलिस उसकी कोई ठोस जानकारी नहीं जुटा पाई है। इस घटना ने न केवल परिवार को तोड़कर रख दिया है, बल्कि रेलवे सुरक्षा और स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
परिजनों के अनुसार, राहुल ग्राम ढंगावेस्ट, पोस्ट कलुही, थाना अरैर, जिला मधुबनी (बिहार) का रहने वाला है। वह 18 दिसंबर को अपने गांव के लड़कों रमन यादव और बैजू यादव के साथ काम के लिए गया था। 20 दिसंबर को ठंड अधिक होने के कारण उसने काम करने से मना कर दिया और घर लौटने की बात कही। इसके बाद दोनों लड़कों ने उसे बिहार जाने के लिए टिकट दिलवाया और करीब सुबह 11:15 बजे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 16 पर छोड़ दिया। इसके बाद से उसका कोई पता नहीं है। उसका मोबाइल नंबर 8084191767 भी लगातार बंद आ रहा है।
मामले में थाना नई दिल्ली रेलवे स्टेशन में FIR No. 134/2025 दिनांक 26-12-2025 धारा 137(2) BNS के तहत अपहरण का मुकदमा दर्ज है। पुलिस की प्रारंभिक रिपोर्ट में भी यह संदेह जताया गया है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने राहुल को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। बावजूद इसके, परिजनों का आरोप है कि अब तक न तो सीसीटीवी फुटेज से कोई पुख्ता सुराग मिला है और न ही रेलवे प्रशासन ने ठोस कार्रवाई की है।
राहुल के चाचा उमेश राय ने मीडिया से बातचीत में बताया कि घटना 20 दिसंबर की है, उन्होंने बताया कि राहुल मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ है, बेहद समझदार और पढ़ा-लिखा लड़का है। घर से निकलते समय उसने ग्रीन चेक शर्ट, लाल गमछा, नीली जींस, हरे रंग के जूते और हरा बैग ले रखा था। दाहिने हाथ पर “Rahul Deewana” लिखा हुआ है, कद लगभग 5 फीट 8 इंच, पतला शरीर और गेहुंआ रंग है।
राहुल की मां बिल्ली देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। वह स्वर्गीय लक्ष्मण राय की इकलौती संतान है और परिवार के लिए उम्मीदों का इकलौता सहारा था। मां बार-बार यही कह रही हैं कि “मेरा बेटा कहीं भी हो, सुरक्षित लौट आए।” परिवार दिन-रात थानों के चक्कर काट रहा है, लेकिन अभी तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है।
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि रेलवे पुलिस और स्थानीय प्रशासन इस मामले को प्राथमिकता पर लेकर बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाए। कई लोगों का कहना है कि अगर स्टेशन पर सीसीटीवी निगरानी और सुरक्षा कड़ी होती तो शायद राहुल गायब नहीं होता।
परिवार ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को राहुल के बारे में कोई भी जानकारी मिले तो तुरंत मोबाइल नंबर 6207557984 पर संपर्क करें या नजदीकी थाने में सूचना दें। आपकी एक छोटी सी जानकारी किसी उजड़ते परिवार को सहारा दे सकती है और एक मां को उसका बेटा लौटा सकती है।

‘महिला को गर्भ पूरा करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता’, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, 30 हफ्ते की गर्भावस्था को खत्म करने की अनुमति दी

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सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा है कि एक महिला, खासकर नाबालिग लड़की को गर्भ पूरा करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। इसके साथ ही कोर्ट ने 30 हफ्ते की गर्भावस्था को खत्म करने की अनुमति दी है।सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए साफ-साफ कहा है कि किसी भी महिला, खासकर नाबालिग लड़की को, उसकी इच्छा के खिलाफ गर्भ पूरा करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। इसके साथ ही अदालत ने 30 हफ्ते की गर्भावस्था को खत्म करने की अनुमति दी है। आपको बता दें कि यह गर्भ एक ऐसी लड़की का था, जो गर्भ ठहरने के समय नाबालिग थी। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस BV नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ ने सुनाया। अदालत ने आदेश दिया है कि मुंबई के जेजे हॉस्पिटल में सभी जरूरी मेडिकल सावधानियों के साथ गर्भपात की प्रक्रिया की जाए।
कोर्ट ने फैसले में क्या कहा?
दालत ने अपने आदेश में कहा कि इस मामले में सबसे पहले नाबालिग लड़की के अधिकार को देखना जरूरी है। लड़की एक कठिन हालात से गुजर रही है और वह इस गर्भ को आगे नहीं बढ़ाना चाहती। अदालत ने कहा कि यह सवाल अहम नहीं है कि संबंध सहमति से था या नहीं, बल्कि सच्चाई यह है कि लड़की नाबालिग है और वह मां बनना नहीं चाहती।

‘जबरन मां बनने के लिए मजबूर नहीं कर सकते’
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि अगर मां के हित को देखा जाए, तो उसकी अपनी पसंद और फैसला लेने के अधिकार को पूरा महत्व देना होगा। अदालत किसी भी महिला को, और वह भी नाबालिग हो, जबरन मां बनने के लिए मजबूर नहीं कर सकती।

‘फैसला अदालत के लिए भी आसान नहीं’
सुनवाई के दौरान जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि यह फैसला अदालत के लिए भी आसान नहीं है। एक तरफ अजन्मा बच्चा है, जो जन्म लेने पर एक जीवन होगा, और दूसरी तरफ लड़की की साफ इच्छा है कि वह गर्भ जारी नहीं रखना चाहती। उन्होंने कहा कि जब 24 हफ्ते तक गर्भपात की इजाजत दी जा सकती है, तो सिर्फ समय ज्यादा होने की वजह से 30 हफ्ते पर उसे क्यों रोका जाए, जबकि लड़की साफ तौर पर बच्चे को जन्म नहीं देना चाहती।