Thursday, July 9, 2026
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फर्रुखाबाद में बच्चा विवाद बना खूनी संघर्ष, महिला पर लाठी-डंडों से हमला, पीड़ित परिवार ने थाने पर लगाया मिलीभगत का आरोप

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फर्रुखाबाद/मेरापुर। थाना मेरापुर क्षेत्र के ग्राम रसूलपुर चौकी अचरा में मामूली बच्चों के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें एक महिला और उसके परिवार पर लाठी-डंडों और पत्थरों से जानलेवा हमला किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित विजय बहादुर उर्फ भूरे ने थाना मेरापुर में लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया है कि 28 जनवरी 2026 को उनके परिवार पर संगठित तरीके से हमला किया गया, लेकिन पुलिस की कार्रवाई संतोषजनक नहीं है।

पीड़ित के अनुसार, दोपहर करीब 2 बजे झन्नू, मिट्ठू लाल, शिवम और अंकित सहित कई लोग गाली-गलौज करते हुए उनके दरवाजे पर पहुंचे। आरोप है कि शिवम ने उनकी पुत्री दिव्यांशी को अपशब्द कहे, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। देखते ही देखते आरोपियों ने लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया, जिसमें विजय बहादुर और उनकी पत्नी निशा गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद पीड़ित ने 112 पर कॉल किया, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन आरोपी फरार हो गए।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि उसी दिन शाम करीब 7 बजे फिर से विवाद हुआ, जब निशा अपने दरवाजे पर झाड़ू लगा रही थीं। आरोप है कि मिट्ठू लाल, शिवम और अंकित ने गाली-गलौज करते हुए उन पर हमला कर दिया। लाठी-डंडों से हुई पिटाई में निशा को गंभीर चोटें आईं। पीड़ित परिवार का कहना है कि आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी है और वे लगातार दहशत में जी रहे हैं।

पीड़ित विजय बहादुर ने थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि आरोपियों ने पैसे देकर मामला दबाने की कोशिश की है और पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है। उन्होंने उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई की मांग की है ताकि उन्हें न्याय मिल सके और भविष्य में कोई अनहोनी न हो।

स्थानीय ग्रामीणों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है और वे पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं, पीड़ित परिवार ने साफ कहा है कि अगर समय रहते न्याय नहीं मिला तो वे उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही है पीड़ित परिवार चाहते हैं कि प्रशासन उनके कार्यवाही में मदद करें और उन्हें समय रहते न्याय मिल सके गरीब परिवार से जरूर है लेकिन वह सिर्फ इंसाफ चाहती है

 

कन्नौज में बुजुर्ग महिलाओं पर जातीय गाली-गलौज और हमला, पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप

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कन्नौज। थाना क्षेत्र किशाई जगदीशपुर के ग्राम रौसेन में चार फरवरी 2025 को दिनदहाड़े दो बुजुर्ग महिलाओं के साथ अभद्रता और गेट तोड़ने की कोशिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित उपेंद्र कुमार के अनुसार, घटना दोपहर करीब तीन-चार बजे की है, जब वह खेत में काम करने गए थे। उस समय उनकी 75 वर्षीय मां रामकली और 70 वर्षीय ताई उर्मिला देवी घर के गेट के सामने बैठी थीं। आरोप है कि ठाकुर समाज के कुछ लोग, जिनमें मुनुवा पुत्र जगपाल शामिल बताए जा रहे हैं, वहां से गुजरते हुए दोनों महिलाओं को देखकर जातिसूचक गालियां देने लगे और विरोध करने पर गेट पर लात-घूंसे मारने लगे।

पीड़ित का कहना है कि गांव वालों ने उन्हें सूचना दी तो वह तुरंत मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुके थे। इसके बाद उपेंद्र ने गांव के प्रधान गोविंद प्रधान से शिकायत की, लेकिन प्रधान ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि आरोपी ठाकुर समाज से हैं और वह पुलिस का मामला है। जब उपेंद्र पुलिस चौकी गए तो पुलिस ने पहले सुबह आने का आश्वासन दिया, फिर शाम का समय दिया, लेकिन आज तक न तो पुलिस मौके पर पहुंची और न ही एफआईआर दर्ज की गई।

उपेंद्र कुमार ने आरोप लगाया है कि पुलिस प्रशासन पूरी तरह निष्क्रिय बना हुआ है, जबकि उनके परिवार पर खतरा मंडरा रहा है। उनका कहना है कि अगर दोबारा ऐसी घटना हुई और उनकी मां या परिवार को कोई नुकसान हुआ तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। पीड़ित ने यह भी कहा कि वह कमजोर वर्ग से आते हैं, जबकि आरोपी खुद को प्रभावशाली बताकर डराते-धमकाते हैं। इस घटना को लेकर गांव में भारी आक्रोश है और लोग निष्पक्ष जांच व त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

हैदराबाद से विजयवाड़ा जा रही बस में लगी भीषण आग, धू धूकर जलती रही, कूद फांदकर भागे यात्री

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हैदराबाद से विजयवाड़ा जा रही एक यात्री बस में अचानक आग लग गई, जिससे हड़कंप मच गया। आग की खबर का पता चलते ही यात्री कूद फांदकर भाग निकले। देखें वीडियो…हैदराबाद से विजयवाड़ा जा रही एक निजी बस में आंध्र प्रदेश के एनटीआर जिले के कंचिकचेरला पुलिस स्टेशन क्षेत्र के नंदीगामा के पास कीसारा टोल प्लाजा पार करने के बाद आग लग गई, जिससे 39 यात्री बाल-बाल बच गए। कीसारा टोल प्लाजा पार करने के बाद एक बड़ा हादसा टल गया। इंजन के पिछले हिस्से से निकल रहे धुएं ने ड्राइवर को सतर्क कर दिया, जिसने समय रहते बस रोक दी। आग फैलने से पहले सभी 39 यात्री, ड्राइवर और सफाईकर्मी सामान सहित सुरक्षित बस से उतर गए। बस पूरी तरह जलकर खाक हो गई। दमकलकर्मियों और पुलिस ने आग पर काबू पा लिया।

बेंगलुरु के लालबाग से नेपाली युवक रहस्यमय तरीके से लापता, परिवार में हाहाकार

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बेंगलुरु। महाराष्ट्र के मुंबई में मजदूरी करने वाला 27 वर्षीय नेपाली युवक रमेश कोली बेंगलुरु के लालबाग इलाके से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया है। परिजनों के अनुसार रमेश 31 जनवरी 2026 को काम के सिलसिले में बेंगलुरु पहुंचा था, लेकिन लालबाग के पास से अचानक गायब हो गया। बीते चार-पांच दिनों से उसका कोई सुराग नहीं मिला है, जिससे परिवार और रिश्तेदार गहरे सदमे में हैं।

बताया जा रहा है कि रमेश मूल रूप से नेपाल सेककर निगर पालिका वांडर्सन जिला डोटी का रहने वाला है और पिछले दो-तीन वर्षों से मुंबई के झुकी थाना क्षेत्र में काम कर रहा था। वह अपने भिनाजे के साथ बेंगलुरु आया था, लेकिन लौटने के बाद से संपर्क पूरी तरह टूट गया। सबसे चिंताजनक बात यह है कि रमेश ने अपना मोबाइल फोन भी अपने बड़े भाई के घर छोड़ दिया था, जिससे उसकी लोकेशन ट्रेस करना बेहद मुश्किल हो गया है।

परिवार वालों ने बेंगलुरु ओर आस सभी जगह तलाश की है लेकिन अभी तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है। रिश्तेदारों का कहना है कि रमेश कम पढ़ा-लिखा है और बाहरी शहर में किसी अनजान स्थिति में फंस सकता है। उसकी अचानक गुमशुदगी ने पूरे परिवार को तोड़ कर रख दिया है।

परिजनों ने आम जनता से अपील की है कि अगर किसी को रमेश कोली के बारे में कोई भी जानकारी मिले तो तुरंत दिए गए नंबरों पर संपर्क करें। सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और आपकी एक छोटी सी सूचना किसी टूटते परिवार को जोड़ सकती है। संपर्क नंबर: 9054006903 और 7619151954

औरंगाबाद में शराबबंदी कानून के बीच पुलिस की बड़ी कार्रवाई, तीन तस्कर गिरफ्तार, भारी मात्रा में शराब बरामद

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औरंगाबाद। बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इसी क्रम में ओबरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से बड़ी मात्रा में अवैध शराब बरामद की है। पुलिस ने पूरी कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस टीम क्षेत्र में गश्ती के दौरान ग्राम महादेवा से तेजपुरा की ओर जा रही थी, तभी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिली। पुलिस को देखकर एक मोटरसाइकिल सवार भागने का प्रयास करने लगा, जिसे घेराबंदी कर पकड़ लिया गया। पूछताछ में उसने अपना नाम अर्जुन विश्वकर्मा, निवासी साडिहरा थाना ओबरा, जिला औरंगाबाद बताया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक मोटरसाइकिल और झोले में रखी करीब पांच लीटर देशी महुआ शराब बरामद की गई। मौके पर अन्य स्वतंत्र साक्षी नहीं मिलने पर पुलिस टीम के साथ मौजूद जवानों को साक्षी बनाकर विधिवत जप्ती सूची तैयार की गई और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।

इसी दौरान पुलिस को दूसरी गुप्त सूचना मिली कि मझियार्थी शिव मंदिर के पास दो व्यक्ति शराब लेकर बैठे हैं। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो दो युवक पुलिस को देखकर भागने लगे, जिन्हें पीछा कर पकड़ लिया गया। पूछताछ में उनकी पहचान संजीत कुमार और गुलशन कुमार, निवासी नवनेर थाना ओबरा, जिला औरंगाबाद के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उनके पास से शराब की बोतलें बरामद हुईं। एक अन्य व्यक्ति बाबूलाल विश्वकर्मा को भी मौके से पकड़ा गया, जिसके पास से शराब बरामद की गई। तीनों आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे शराब बेचने के उद्देश्य से उसे ले जा रहे थे।

पुलिस ने बरामद शराब को जब्त कर थाना मालखाना में सुरक्षित रख दिया है। बिहार में लागू शराबबंदी कानून के तहत शराब का निर्माण, भंडारण, परिवहन और सेवन संज्ञेय अपराध है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू कराने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा और अवैध शराब के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

IND vs USA मैच से पहले टीम इंडिया के लिए बुरी खबर, मैच विनर गेंदबाज हो सकता है बाहर

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टी20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया का पहला मैच यूएसए से होगा। इस मैच से पहले टीम इंडिया को बड़ा झटका लगा है। स्टार तेज गेंदबाज के खेलने पर सस्पेंस बना हुआ है।Jasprit Bumrah: टी20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया अपने अभियान का आगाज यूएसए के खिलाफ मैच के साथ करेगी। ये मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा। इस मैच से पहले भारतीय टीम की टेंशन बढ़ गई है। दरअसल टीम इंडिया के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह यूएसए के खिलाफ मैच से बाहर हो सकते हैं। इससे पहले टीम इंडिया को हर्षित राणा के रूप में बड़ा झटका लग चुका है। वह चोट की वजह से पूरे वर्ल्ड कप से बाहर हो चुके हैं। वहीं वॉशिंगटन सुंदर भी अभी तक पूरी तरह से फिट नहीं हो पाए हैं।
इस वजह से जसप्रीत बुमराह हो सकते हैं बाहर
न्यूज एजेंसी PTI के रिपोर्ट की माने तो जसप्रीत बुमराह को वायरल फीवर है, जिस वजह से वह यूएसए के खिलाफ मुकाबले से बाहर हो सकते हैं। भारतीय टीम मैनेजमेंट बुमराह के साथ कोई रिस्क नहीं लेना चाहेगा क्योंकि यह टूर्नामेंट काफी लंबा है। ऐसे में बुमराह को यूएसए के खिलाफ पहले मैच में आराम दिया जा सकता सकता है। उन्होंने अमेरिका के खिलाफ मैच से पहले अभ्यास भी नहीं किया। अगर वो बाहर होते हैं तो उनकी जगह मोहम्मद सिराज को प्लेइंग XI में मौका मिल सकता है।

हर्षित की जगह सिराज को मिला है मौका
मोहम्मद सिराज को IND vs USA मैच से ठीक एक दिन पहले टीम इंडिया के स्क्वॉड में शामिल किया गया है। उन्हें चोटिल हर्षित राणा के रिप्लेसमेंट के तौर पर टीम में शामिल किया गया है। आपको बता दें कि यूएसए के खिलाफ मैच के लिए टीम इंडिया के पास सिर्फ 13 प्लेयर्स मौजूद रहेंगे। चोटिल ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर अभी तक टीम में शामिल नहीं हुए हैं। वह बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में हैं और अपने फिटनेस रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।

ग्रुप स्टेज में किन टीमों से होगा टीम इंडिया का सामना
यूएसए के खिलाफ मैच में टीम इंडिया को शायद जसप्रीत बुमराह की कमी ज्यादा महसूस नहीं होगी। लेकिन आने वाले मैचों में भारतीय टीम को उनकी जरूरत होगी। ऐसे में टीम इंडिया चाहेगी कि वह दूसरे ग्रुप स्टेज मैच से पहले पूरी तरह से फिट हो जाएं। यूएसए के खिलाफ मैच के बाद भारत का ग्रुप स्टेज में अगला मैच 12 फरवरी को नामीबिया से होगा। इसके बाद टीम इंडिया 15 फरवरी को पाकिस्तान के खिलाफ और 18 फरवरी को नीदरलैंड्स के खिलाफ खेलेगी। हालांकि पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मैच को बॉयकॉट करने का फैसला किया है।

पेंटागन ने तोड़े हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से संबंध, एक झटके में सैन्य प्रशिक्षण से लेकर फेलोशिप तक बंद; जिन्न से है ताल्लुक

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अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने अचानक हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के साथ अपने सारे संबंधों को तोड़ने का ऐलान किया है। इससे हड़कंप मच गया है।वाशिंगटन: पेंटागन ने एक बड़ा फैसला लेते हुए हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से अपने सारे संबंधों को तोड़ लिया है। पेंटागन के अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा कि वह हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से सभी संबंधों को तोड़ रहा है। इतना ही नहीं पेंटागन ने यह भी ऐलान किया कि वह आइवी लीग संस्थान के साथ सभी सैन्य प्रशिक्षण, फेलोशिप और सर्टिफिकेट कार्यक्रम को बंद कर रहा है। इस घोषणा से हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के अधिकारियों और छात्रों में हड़कंप मच गया है। इसकी वजह जानकर आप हैरान हो जाएंगे।पेंटागन ने क्यों तोड़े संबंध?
पेंटागन ने यह घोषणा ट्रंप प्रशासन और हार्वर्ड के बीच लंबे समय से चले आ रहे गतिरोध के चलते की है। इस फैसले को लिए जाने से पहले व्हाइट हाउस ने आइवी लीग स्कूल में सुधारों की मांग की थी। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के साथ पेंटागन के सैन्य और फेलोशिप जैसे संबंधों को टूटने की वजह एक जिन्न है। मगर यह जिन्न कोई पेड़ों पर रहने वाला नहीं, बल्कि कट्टरपंथ का जिन्न है, जो यहूदियों के खिलाफ भावानाओं को भड़का रहा है। इसके चलते अमेरिकी रक्षा विभाग को यह फैसला लेना पड़ा है। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि हार्वर्ड “अब युद्ध विभाग या सैन्य सेवाओं की जरूरतों को पूरा नहीं करता।”
अधिकारियों के दिमाग में चढ़ा कट्टरपंथ का भूत
हेगसेथ ने कहा, “बहुत लंबे समय से इस विभाग ने हमारे सर्वश्रेष्ठ और सबसे प्रतिभाशाली अधिकारियों को यह उम्मीद करते हुए हार्वर्ड भेजा है कि विश्वविद्यालय हमारे योद्धा वर्ग को बेहतर समझेगा और सराहेगा। मगर इसके बजाय, हमारे बहुत से अधिकारी हार्वर्ड की तरह दिखने लगे। उनके सिर में (दिमाग में) ग्लोबलिस्ट और कट्टरपंथी विचारधाराओं से भर गए। जो हमारी लड़ाकू इकाइयों को बेहतर नहीं बनाते। हेगसेथ ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “हार्वर्ड वोक है; युद्ध विभाग नहीं है। 2026-27 शैक्षणिक वर्ष से शुरू होकर, पेंटागन स्नातकोत्तर स्तर के पेशेवर सैन्य शिक्षा, फेलोशिप और सर्टिफिकेट कार्यक्रम बंद कर देगा। वर्तमान में हार्वर्ड में कक्षाएं ले रहे कर्मी उन कोर्स को पूरा कर सकेंगे।

ट्रंप के निशाने पर थी हार्वर्ड यूनिवर्सिटी
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी लंबे समय से राष्ट्रपति ट्रंप के निशाने पर थी। ट्रंप प्रशासन ने अब देश के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों को नियंत्रण में लाने की मुहिम चलाई है। उनके अधिकारियों ने हार्वर्ड के संघीय अनुसंधान फंडिंग में अरबों डॉलर की कटौती की है। इसके साथ ही अप्रैल में कैंपस द्वारा सरकारी मांगों की एक श्रृंखला को ठुकराने के बाद विदेशी छात्रों को नामांकन से रोकने की कोशिश की है। व्हाइट हाउस ने कहा है कि वह हार्वर्ड को कैंपस पर यहूदी-विरोधी पूर्वाग्रह को सहन करने के लिए सजा दे रहा है।

बीच इवेंट अचानक रोने लगीं भूमिका चावला, रोते-रोते बोलना हुआ मुश्किल, वीडियो देख फैंस को हुई चिंता

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‘तेरे नाम’ फेम भूमिका चावला का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें भूमिका स्टेज पर रोती हुई नजर आ रही हैं। उनका ये हाल देखकर फैंस जानना चाह रहे हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ जो भूमिका स्टेज पर भी अपने आंसू नहीं रोक पाईं।भूमिका चावला बॉलीवुड के साथ-साथ साउथ सिनेमा की भी जानी-मानी एक्ट्रेस हैं। अभिनेत्री अब फिल्मों में कम एक्टिव हैं, लेकिन अक्सर सुर्खियों में छाई रहती हैं। उन्हें आज भी सुपरस्टार सलमान खान की ‘तेरे नाम’ की ‘निर्जरा’ के किरदार के लिए जाना जाता है। इस बीच सोशल मीडिया पर भूमिका चावला का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में भूमिका चावला एक इवेंट में नजर आ रही हैं और स्टेज पर रोती हुई दिख रही हैं। एक्ट्रेस का ये वीडियो देखकर उनके फैंस चिंता में हैं और जानना चाहते हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ जो भूमिका चावला स्टेज पर भी अपने आंसू नहीं रोक पाईं और यूं रोने लगीं।
स्टेज पर रो पड़ीं भूमिका चावला
भूमिका चावला ‘यूफोरिया’ में नजर आएंगी, जिसमें रणवीर सिंह की ब्लॉकबस्टर ‘धुरंधर’ की हीरोइन सारा अर्जुन भी हैं। इस फिल्म की कहानी हैदराबाद में घटित एक सच्ची घटना पर आधारित है। इस फिल्म की रिलीज से पहले हैदराबाद में एक इवेंट रखा गया था, जहां से भूमिका चावला का ये वीडियो सामने आया है। इस दौरान पूरी कास्ट मौजूद थी और सभी इस फिल्म में काम करने का अपना-अपना एक्सपीरियंस साझा करते दिखे। भूमिका चावला भी इस पर बात करती नजर आईं और अचानक रो पड़ीं।

क्यों रोने लगीं भूमिका चावला
भूमिका चावला ‘यूफोरिया’ को लेकर अपना एक्सपीरियंस साझा कर रही थीं और इसी दौरान उन्होंने इसकी कहानी के बारे में भी बात की। भूमिका बताती हैं कि इस फिल्म ने किस कदर उन्हें प्रभावित किया है। भूमिका बताती हैं कि ये फिल्म देखने के बाद वह रात भर सो नहीं पाई थीं और फिल्म की कहानी के बारे में बात करते-करते अचानक वह रोने लगीं। दरअसल, फिल्म छोटी उम्र के बच्चों में नशे की लत और यौन शोषण जैसे संवेदनशील मुद्दे पर बनी है, जिसके निर्देशक गुनाशेखर हैं। फिल्म के इसी कंटेंट ने अभिनेत्री को भावुक कर दिया।यूफोरिया की कहानी
यूफोरिया एक कठिन फिल्म है, जो हर सीन के साथ सवाल खड़े करती है। फिल्म की कहानी हैदराबाद को झकझोर देने वाली एक दिल दहला देने वाली सच्ची घटना पर आधारित है, जिसके लेखक और निर्देशक गुनाशेखर हैं। कहानी जुबली हिल्स में 2022 में हुई एक घटना पर आधारित है, जहां प्रभावशाली परिवारों के पांच नाबालिगों ने एक 17 वर्षीय लड़की का यौन उत्पीड़न किया था। यूफोरिया की कहानी चैत्रा नाम की एक रेप पीड़िता के इर्द-गिर्द घूमती है। सारा अर्जुन ने चैत्रा नाम की 17 वर्षीय लड़की का किरदार निभाया है। वह जज से तीखे शब्दों में पूछती है कि क्या लड़कियों का पब में जाना अपराध है? वह सवाल करती है कि जब उनकी कोई गलती नहीं थी और उसने अपनी सीमा का पालन किया था, तो उसे शर्मिंदगी क्यों झेलनी चाहिए? फिल्म ये भी दिखाती है कि कैसे लोगों की यादें जल्दी धुंधली पड़ जाती हैं, जबकि कुछ जिंदगियां हमेशा के लिए बिखर जाती हैं।

7 साल बाद पाकिस्तान से लौटा युवक, किसी से नहीं कर रहा ज्यादा बात, स्वागत कर रहे विधायक

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प्रसन्नजीत चार दिन पहले ही पाकिस्तानी जेल से रिहा हो गया था। इसके बाद से वह अमृतसर में था। अब वह गांव आ चुका है। हालांकि, वह किसी से भी ज्यादा बातचीत नहीं कर रहा है।बालाघाट के रहने वाले प्रसन्नजीत पाकिस्तानी जेल से रिहा होकर 7 साल बाद अपने घर लौटे हैं। हालांकि, वह किसी से ज्यादा बातचीत नहीं कर रहे, लेकिन उनके लौटने से परिजन बेहद खुश हैं। खासकर उनकी बहन को ज्यादा खुशी है, जिन्होंने अपने भाई की वापसी के लिए लगातार संघर्ष किया। पाकिस्तान की जेल से रिहा होकर प्रसन्नजीत रंगारी शुक्रवार शाम अपने गांव खैरलांजी पहुंचे। जिला प्रशासन की ओर से प्रसन्नजीत को अमृतसर से लाने की व्यवस्था बनायी गई थी।
प्रसन्नजीत को लाने के लिए एक चार पहिया वाहन में उसके जीजा के साथ एक सचिव, रोजगार सहायक, पुलिस व राजस्व का 1-1 अमला को अमृतसर भेजा गया था। जो 5 फरवरी को ही बालाघाट आने के लिये निकल गए थे। 7 साल बाद प्रसन्नजीत अपने घर लौट आया है। कटंगी पहुंचने पर विधायक गौरव पारधी, एसडीएम तहसीलदार सहित स्थानीय लोगों ने स्वागत किया। घर महकेपार आने पर बहन सहित परिवार और ग्रामीणों ने स्वागत किया।31 जनवरी को हुई थी रिहाई
31 जनवरी 2026 को पाकिस्तान से 7 भारतीय कैदियों की रिहाई हुई थी। इनमें प्रसन्नजीत रंगारी भी शामिल हैं, जो 7 साल से पाकिस्तान की जेल में सुनील अदे के नाम से बंद था। बी-फार्मेसी करने वाला प्रसन्नजीत रंगारी अचानक ही मानसिक बीमार हो गया। इसी के कारण वह साल 2017-18 को घर से अचानक लापता हुआ था। जहां से बिहार चले जाने के बाद वह वापस घर लौट आया था। लेकिन उसके बाद 2019 में फिर उसके लापता होने के बाद उसकी कोई खबर नहीं मिली थी। जिसे परिजनों ने तलाश करने के बाद नहीं मिलने पर मरा हुआ मान लिया था। 2021 में पाकिस्तान चला गया था प्रसन्नजीत
दिसंबर 2021 में एक फोन आया और पता चला कि प्रसन्नजीत पाकिस्तान की जेल में बंद है। परिजनों को पता चला था कि 1 अक्टूबर 2019 में प्रसन्नजीत को पाकिस्तान के बाटापुर से हिरासत में लिया गया। जहां वह, सुनिल अदे के नाम से बंद है। 2021 से, प्रसन्नजीत के पाकिस्तान जेल में बंद होने की जानकारी के बाद उसकी बहन संघमित्रा अपने भाई के वतन वापसी के लिए लगातार संघर्ष में जुटी थी। जिसके संघर्ष के चलते वह आखिरकर अब रिहा हो गया। प्रसन्नजीत ने परिजनों को पहचाना
कलेक्टर मृणाल मीना ने प्रसन्नजीत को अमृतसर से लाने के लिये व्यवस्था बनाई। एक दल उसे लेने भेजा गया। जेल से रिहाई का मसला होने के चलते यहां से सचिव, जीआरएस, पुलिस व राजस्व के अमला के साथ प्रसन्नजीत के जीजा गया हुआ था। जो कि 5 फरवरी को निकले और 6 फरवरी की देर शाम अपने घर पहुंचा। प्रसन्नजीत वैसे किसी से अभी ज्यादा बात नहीं कर रहा है। परिवार को उसने पहचान लिया है। विधायक गौरव पारधी ने पाकिस्तान की जेल से रिहाई के लिए प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री का आभार व्यक्त किया है।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर पीएम मोदी का रिएक्शन, जानिए और क्या बोले?

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आभार जताया है। उन्होंने इस डील पर सहमति को दोनों देशों के लिए ग्रेड न्यूज बताया और कहा कि यह विश्वास और गतिशीलता का प्रतीक है।नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील की रूपरेखा तय होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रिएक्शन सामने आया है। उन्होंने इस अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा पर सहमति जताने के साथ ही इसे दोनों देशों के बीच साझेदारी में बढ़ते विश्वास और गतिशीलता का प्रतीक बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी आभार जताया है।राष्ट्रपति ट्रंप को दिया धन्यवाद
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा- भारत और अमेरिका के लिए बहुत अच्छी खबर! हमने दोनों महान देशों के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते के लिए एक फ्रेमवर्क पर सहमति जताई है। मैं दोनों देशों के बीच मज़बूत संबंधों के प्रति अपनी व्यक्तिगत प्रतिबद्धता के लिए राष्ट्रपति ट्रंप को धन्यवाद देता हूं।
‘मेक इन इंडिया’ को मज़बूत करेगा
पीएम मोदी ने आगे लिखा, ” यह फ्रेमवर्क हमारी साझेदारी की बढ़ती गहराई, विश्वास और गतिशीलता को दिखाता है। यह भारत के मेहनती किसानों, उद्यमियों, MSMEs, स्टार्टअप इनोवेटर्स, मछुआरों और अन्य लोगों के लिए नए अवसर खोलकर ‘मेक इन इंडिया’ को मज़बूत करता है। इससे महिलाओं और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोज़गार पैदा होगा। भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं और यह फ्रेमवर्क हमारे बीच निवेश और टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप को और गहरा करेगा।”

वैश्विक विकास में योगदान
मोदी ने लिखा-“यह फ्रेमवर्क मज़बूत और भरोसेमंद सप्लाई चेन को भी मज़बूत करेगा और वैश्विक विकास में योगदान देगा। जैसे-जैसे भारत एक विकसित भारत बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, हम ऐसे वैश्विक पार्टनरशिप बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो भविष्य-उन्मुख हों, हमारे लोगों को सशक्त बनाएं और साझा समृद्धि में योगदान दें।”

बता दें कि अमेरिका और भारत ने शनिवार को अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा पर सहमति बनने का ऐलान किया। इसके तहत अमेरिका भारत पर टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। बयान के मुताबिक यह फ्रेमवर्क 13 फरवरी, 2025 को राष्ट्रपति डोनाल्ड जे ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किए गए व्यापक अमेरिका-भारत द्विपक्षीय व्यापार समझौते की वार्ता के प्रति दोनों देशों की प्रतिबद्धता को बताता है। इस फ्रेवर्क में अतिरिक्त बाजार पहुंच संबंधी प्रतिबद्धताएं शामिल होंगी और यह अधिक मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं को समर्थन प्रदान करेगी। बयान में कहा गया है, “अमेरिका और भारत के बीच अंतरिम समझौता हमारे देशों की साझेदारी में मील का पत्थर साबित होगा। यह पारस्परिक हितों और ठोस परिणामों पर आधारित द्विपक्षीय और संतुलित व्यापार के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”