Thursday, July 9, 2026
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नीदरलैंड की पारी का आगाज, नामीबिया को पहले विकेट की तलाश

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T20 वर्ल्ड कप का 10वां मुकाबला दिल्ली में खेला जा रहा है, जिसमें नीदरलैंड और नामीबिया आमने-सामने हैं। नीदरलैंड को जीत के लिए 157 रनों का टारगेट मिला है। T20 वर्ल्ड कप 2026 के 10वें मैच में ग्रुप-ए की टीम नामीबिया और नीदरलैंड का आमना-सामना हो रहा है। दिल्ली में खेले जा रहे इस मुकाबले में नीदरलैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। नीदरलैंड की टीम ने नामीबिया की टीम को 156/8 रन के स्कोर पर रोक दिया। लॉफ्टी-ईटन ने नामीबिया के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए। उन्होंने 38 गेंदों पर 1 चौके और 2 छक्कों की मदद से 42 रनों की पारी खेली। नीदरलैंड की ओर से गेंदबाज डि लीडा और वैन बीक ने 2-2 विकेट झटके।लोरेन स्टीनकैंप और जान फ्राइलिंक नामीबिया की पारी का आगाज करने उतरे। हालांकि, तीसरे ही ओवर में लोरेन स्टीनकैंप पवेलियन लौट गए। आर्यन दत्त ने नीदरलैंड को पहली सफलता दिलाई। लोरेन ने सिर्फ 6 रन बनाए। 10वें ओवर में टीम को 60 रन के स्कोर पर दूसरा झटका लगा। 13वें ओवर में कप्तान गेरहार्ड इरास्मस 18 रन पर आउट हो गए। इसके बाद लॉफ्टी-ईटन पवेलियन लौट गए। ईटन अपने अर्धशतक से 8 रन दूर रह गए। इसके बाद भी विकेट गिरने का सिलसिला जारी रहा। अंत में नामीबिया की टीम 8 विकेट खोकर 156 रन स्कोरबोर्ड पर लगाने में सफल रही।

नीदरलैंड ने अपने लाइनअप में दो बदलाव किए। पॉल वैन मीकेरेन और काइल क्लेन की जगह टिम वैन डेर गुग्टेन और फ्रेड क्लासेन को शामिल किया। वहीं, नामीबिया ने विलेम मायबर्ग को डेब्यू कैप सौंपी है। नीदरलैंड का इस T20 वर्ल्ड कप में यह दूसरा मुकाबला है। पहले मैच में नीदरलैंड ने पाकिस्तान को कड़ी टक्कर दी थी, लेकिन जीत हासिल नहीं कर पाई थी। वहीं, नामीबिया आज अपने वर्ल्ड कप अभियान का आगाज कर रही है।

दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन
नीदरलैंड (प्लेइंग XI): माइकल लेविट, मैक्स ओ’डॉड, बास डी लीडे, कॉलिन एकरमैन, स्कॉट एडवर्ड्स (विकेट कीपर), जैक लायन कैशेट, लोगन वैन बीक, आर्यन दत्त, रूलोफ वैन डेर मेर्वे, टिम वैन डेर गुगटेन, फ्रेड क्लासेन।

नामीबिया (प्लेइंग XI): लोरेन स्टीनकैंप, जान फ्राइलिंक, जान निकोल लॉफ्टी-ईटन, गेरहार्ड इरास्मस (कप्तान), जेजे स्मिट, जेन ग्रीन (विकेट कीपर), डायलन लीचर, रूबेन ट्रम्पेलमैन, विलेम मायबर्ग, बर्नार्ड शोल्ट्ज, मैक्स हेइंगो।
रुबेन ट्रम्पेलमैन से मैक्स ओ’डोड, 1 रन, आउटस्विंगर, गुड लेन्थ, ओफ स्टंप, मैक्स ओ’डोड ने क्रीज़ लाइन पर डीप पॉइंट दिशा की तरफ 1 रन के लिये कट शॉट खेला.
1.5
1
रुबेन ट्रम्पेलमैन से माइकल लेविट, 1 रन, फास्ट बॉल, गुड लेन्थ, ओफ स्टंप, माइकल लेविट ने फ्रंटफुट पर डीप कवर दिशा की तरफ 1 रन के लिये शॉट खेला. मिस फील्डिंग के कारण रन गंवाने पडे.
1.4
1
रुबेन ट्रम्पेलमैन से मैक्स ओ’डोड, 1 रन, फास्ट बॉल, गुड लेन्थ, स्टंप, मैक्स ओ’डोड ने क्रीज़ लाइन पर पॉइंट दिशा की तरफ 1 रन के लिये पुश शॉट खेला.
1.3
0
रुबेन ट्रम्पेलमैन से मैक्स ओ’डोड, कोई रन नही, डोट बॉल! इनस्विंगर, गुड लेन्थ, स्टंप, मैक्स ओ’डोड ने क्रीज़ लाइन पर खेला, लेकिन बल्ले से बॉल का संपर्क नहीं बना
1.2
4
रुबेन ट्रम्पेलमैन से मैक्स ओ’डोड, चार रन, शानदार चोका!! आउटस्विंगर, गुड लेन्थ, ओफ स्टंप, मैक्स ओ’डोड ने फ्रंटफुट पर डीप कवर दिशा की तरफ ड्राइव खेला
1.1
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रुबेन ट्रम्पेलमैन से मैक्स ओ’डोड, कोई रन नही, डोट बॉल! इनस्विंगर, गुड लेन्थ, स्टंप, मैक्स ओ’डोड ने क्रीज़ लाइन पर डिफेंसिव शॉट खेला.
1.1
1wd
रुबेन ट्रम्पेलमैन से मैक्स ओ’डोड, 1 वाइड, वाइड बॉल!! इनस्विंगर, गुड लेन्थ, लेग स्टंप, मैक्स ओ’डोड ने क्रीज़ लाइन पर खेला, बॉल दूर थी अंपायर ने वाइड दिया.
End of over 1(8 runs)
माइकल लेविट 7 (4)
मैक्स ओ’डोड 1 (2)
नीदरलैंड 8/0
Bernard Scholtz 1-0-8-0
0.6
6
बर्नार्ड शोल्ट्ज़ से माइकल लेविट, छह रन, शानदार छका!! ऑफ ब्रेक बॉल, गुड लेन्थ, ओफ स्टंप, माइकल लेविट ने फ्रंटफुट पर डीप कवर दिशा की तरफ इंसाइड आउट शॉट खेला
0.5
0
बर्नार्ड शोल्ट्ज़ से माइकल लेविट, कोई रन नही, डोट बॉल! ऑफ ब्रेक बॉल, गुड लेन्थ, ओफ स्टंप, माइकल लेविट ने क्रीज़ लाइन पर शॉर्ट कवर दिशा की तरफ पुश खेला.
0.4
1
बर्नार्ड शोल्ट्ज़ से मैक्स ओ’डोड, 1 रन, ऑफ ब्रेक बॉल, गुड लेन्थ, स्टंप, मैक्स ओ’डोड ने बैकफुट पर शॉर्ट मिड विकेट दिशा की तरफ 1 रन के लिये पुश शॉट खेला.
0.3
0
बर्नार्ड शोल्ट्ज़ से मैक्स ओ’डोड, कोई रन नही, डोट बॉल! ऑफ ब्रेक बॉल, गुड लेन्थ, ओफ स्टंप, मैक्स ओ’डोड ने क्रीज़ लाइन पर मिड ऑन दिशा की तरफ
0.2
1
बर्नार्ड शोल्ट्ज़ से माइकल लेविट, 1 रन, ऑफ ब्रेक बॉल, गुड लेन्थ, स्टंप, माइकल लेविट ने बैकफुट पर शॉर्ट फाइन लेग दिशा की तरफ 1 रन के लिये एज्ड शॉट खेला.
0.1
0
बर्नार्ड शोल्ट्ज़ से माइकल लेविट, कोई रन नही, डोट बॉल! ऑफ ब्रेक बॉल, गुड लेन्थ, ओफ स्टंप, माइकल लेविट ने बैकफुट पर खेला, लेकिन बल्ले से बॉल का संपर्क नहीं बना

Jodha Akbar: 10 सालों में पूरी तरह बदल गए TV के अकबर, एक झलक में पहचान पाना मुश्किल, लंबी दाढ़ी, 8 पैक एब्स में लगते हैं किलर

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odha Akbar: साल 2013 में एक शानदार टीवी शो आया था, जिसका नाम ‘जोधा अकबर’ है। ये शो 2015 तक चला और इसका लीड एक्टर हार्टथ्रोब बन गया। अब कई सालों से ये एक्टिंग की दुनिया से गायब है और इसका लुक भी पूरी तरह बदल गया है।फिल्म ‘जोधा अकबर’ में मुगल बादशाह अकबर का किरदार निभाकर ऋतिक रोशन ने जिस तरह दर्शकों का दिल जीता था, वह आज भी याद किया जाता है। यह किरदार उनके करियर के सबसे बेहतरीन और यादगार रोल्स में गिना जाता है। लेकिन जब बात छोटे पर्दे की आती है तो अकबर के किरदार में रजत टोकस ने ऐसी छाप छोड़ी कि कई दर्शकों के लिए वह किरदार उनसे ही जुड़ गया। टीवी सीरियल ‘जोधा अकबर’ में रजत टोकस ने जलालुद्दीन मोहम्मद अकबर को जिस गहराई और मजबूती के साथ निभाया, उसने उन्हें घर-घर में मशहूर कर दिया। उनकी अदायगी इतनी प्रभावशाली थी कि आज भी दर्शक उस अकबर को भूल नहीं पाए हैं।इन टीवी शोज से मिली पहचान
रजत टोकस लंबे समय तक छोटे पर्दे के सबसे भरोसेमंद और लोकप्रिय अभिनेताओं में शुमार रहे हैं। जब भी किसी ऐतिहासिक टीवी शो का जिक्र होता है तो सबसे पहले रजत टोकस का नाम दिमाग में आना स्वाभाविक है। उन्होंने ‘धरती का वीर योद्धा पृथ्वीराज चौहान’, ‘जोधा अकबर’ और ‘चंद्रगुप्त मौर्य’ जैसे ऐतिहासिक धारावाहिकों में दमदार भूमिकाएं निभाकर अपनी एक अलग पहचान बनाई। इन किरदारों के जरिए उन्होंने न सिर्फ इतिहास को पर्दे पर जीवंत किया, बल्कि दर्शकों के दिलों में भी खास जगह बना ली।जोधा संग खूब जमी थी जोड़ी
साल 2013 से 2015 के बीच टेलीकास्ट हुए लोकप्रिय सीरियल ‘जोधा अकबर’ में रजत टोकस के साथ अभिनेत्री परिधि शर्मा ने जोधा बाई का किरदार निभाया था। इस शो ने दोनों कलाकारों के करियर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। रजत और परिधि की ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री को दर्शकों ने खूब पसंद किया और यह शो लंबे समय तक टीआरपी चार्ट्स पर छाया रहा। रजत टोकस ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत बेहद कम उम्र में की थी। साल 2005 में उन्होंने ‘साईं बाबा’ सीरियल से बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट अभिनय की दुनिया में कदम रखा। इसके बाद साल 2006 में ‘धरती का वीर योद्धा पृथ्वीराज चौहान’ में पृथ्वीराज के किरदार ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया।

6 सालों से नहीं आए पर्दे पर नजर
इसी शो के बाद रजत को ऐतिहासिक भूमिकाओं के लिए खास तौर पर पहचाना जाने लगा। उन्होंने लगातार ऐसे ही किरदार निभाए और टीवी इंडस्ट्री में अपनी मजबूत पकड़ बना ली। हालांकि जब उनका करियर अपने चरम पर था, तभी वह धीरे-धीरे छोटे पर्दे से दूर होते चले गए। साल 2017 में ‘चंद्रगुप्त मौर्य’ के बाद उन्हें आखिरी बार लोकप्रिय सीरियल ‘नागिन 3’ में विक्रांत के किरदार में देखा गया था। 2019 के बाद से रजत टोकस ने टीवी से दूरी बना ली, जिससे उनके फैंस आज भी निराश हैं और उन्हें दोबारा स्क्रीन पर देखने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।कैसी है पर्सनल लाइफ?
अगर उनकी निजी जिंदगी की बात करें तो रजत टोकस ने साल 2015 में अपनी लॉन्ग टाइम गर्लफ्रेंड श्रृष्टि नय्यर से शादी की थी। उनकी पत्नी श्रृष्टि ग्लैमर इंडस्ट्री से दूर हैं और एक निजी जीवन जीना पसंद करती हैं। भले ही रजत टोकस आज एक्टिंग की दुनिया में सक्रिय न हों, लेकिन वह सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं। सोशल मीडिया के जरिए वह अपने फैंस से जुड़े रहते हैं और अपनी जिंदगी से जुड़ी छोटी-बड़ी झलकियां साझा करते रहते हैं। उनके चाहने वाले आज भी उम्मीद करते हैं कि रजत टोकस जल्द ही किसी दमदार किरदार के साथ छोटे पर्दे पर वापसी करेंगे।

रजत टोकस का ट्रांसफॉर्मेंशन
रजत टोकस टीवी के पर्दे पर क्लीन शेव लुक में नजर आते थे। उनकी क्यूटनेस और मासूमियत पर लड़कियां फिदा थीं, लेकिन अब उनका लुक पूरी तरह बदल गया है। उनका ट्रांसफॉर्मेशन चौंकाने वाला है। रजत टोकस अब शॉर्ट हेयल और लंबी बियर्ड में किलर लगते हैं। उन्होंने फिटनेस पर भी खास ध्यान दिया है और वो जिम फ्रीक हैं। उन्होंने जिम में खूब पसीना बहाकर 8 पैक एब्स भी बना ली हैं। उनका नया लुक भी लोगों को काफी पसंद आ रहा है, जिसकी झलक उनके सोशल मीडिया हैंडल पर देखने को मिल रही है।

अमेरिका से तनाव के बीच ईरानी राजदूत ने चाबहार पोर्ट को बताया भारत-ईरान साझेदारी का प्रतीक, जानें और क्या कहा

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भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने अमेरिका के साथ चल रहे तनाव के बीच भारत के संबंधों को मजबूत बताया है। उन्होंने कहा कि चाबहार बंदरगाह परियोजना भारत और ईरान के बीच मजबूत साझेदारी का प्रतीक है।नई दिल्ली: अमेरिका से जारी तनाव के बीच भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने कहा कि चाबहार बंदरगाह परियोजना भारत और ईरान के बीच मजबूत साझेदारी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह साझा विकास और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। भारत में ईरानी दूतावास की ओर से आयोजित ईरानी राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर एक स्वागत समारोह में बोलते हुए, राजदूत फथाली ने कहा कि भारत और ईरान के बीच संबंध हजारों साल के साझा इतिहास और सभ्यता से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह समृद्ध विरासत द्विपक्षीय सहयोग का विस्तार करने के लिए बेहद मूल्यवान संपत्ति है।
मजबूत हैं भारत-ईरान संबंध
विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने स्वागत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व किया। विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने @Iran_in_India द्वारा आयोजित ईरानी राष्ट्रीय दिवस स्वागत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने ईरान की सरकार और लोगों को हार्दिक बधाई दी और द्विपक्षीय संबंधों के प्रति भारत की स्थायी प्रतिबद्धता को दोहराया।”

अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक भारत की पहुंच
भारत ने 2003 में चाबहार बंदरगाह को विकसित करने का प्रस्ताव दिया था। चाबहार को विकसित करने का मकसद पाकिस्तान को दरकिनार करते हुए अंतर्राष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे के तहत सड़क और रेल कनेक्टिविटी के माध्यम से भारतीय सामानों को लैंडलॉक अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक पहुंचने के लिए एक वैकल्पिक मार्ग प्रदान करना है। ईरान के संदिग्ध परमाणु कार्यक्रम से जुड़े अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण यह परियोजना प्रभावित भी हुई है।

भारत-ईरान के बीच हुआ समझौता
बंदरगाह पर भारत की भूमिका को चालू करने के लिए, इंडियन पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड (IPGL) और ईरान के पोर्ट एंड मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन के बीच एक दीर्घकालिक समझौता किया गया था। यह समझौता चाबहार बंदरगाह में शाहिद बेहेश्टी टर्मिनल पर भारत की भूमिका को कवर करने वाले 2016 के शुरुआती समझौते की जगह लेता है, जिसे सालाना बढ़ाया गया था।

चाबहार से मिली बड़ी मदद
इस बीच यहां यह भी बता दें कि, हाल के वर्षों में चाबहार का इस्तेमाल अहम शिपमेंट के लिए किया गया है, जिसमें 2023 में अफगानिस्तान को 20,000 टन गेहूं की मदद भेजना शामिल है। 2021 में इस बंदरगाह का इस्तेमाल ईरान को पर्यावरण के अनुकूल कीटनाशक भेजने के लिए भी किया गया था। यह बंदरगाह भारत और ईरान के बीच मजबूत साझेदारी की अहम कड़ी है।

ब्रिटेन में एपस्टीन फाइल्स के खुलासों से मचा सियासी घमासान, पीएम स्टार्मर बोले- ‘नहीं दूंगा इस्तीफा’

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ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने साफ कर दिया है कि वो अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे। एपस्टीन फाइल्स से हुए खुलासों की वजह से उनकी सरकार के सामने बड़ा सियासी संकट खड़ा हो गया है।लंदन: एपस्टीन फाइल्स के खुलासों से ब्रिटेन में सियासी घमासान मच गया है। इस बीच ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा है कि वो अपनी जॉब करते रहेंगे। अमेरिका में ब्रिटेन के पूर्व राजदूत पीटर मेंडेलसन और अमेरिकी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के बीच संबंधों से जुड़े नए खुलासों ने स्टार्मर सरकार को गंभीर संकट में डाल दिया है।

स्टार्मर पर बढ़ा दबाव
एपस्टीन से जुड़ी अमेरिकी न्याय विभाग की हालिया फाइलों के जारी होने के बाद मेंडेलसन के जेफरी एपस्टीन के साथ गहरे संबंधों की जानकारी सामने आई, जिसके कारण स्टार्मर पर भारी दबाव पड़ रहा है। इस बीच खास ध्यान देने वाली बात यह है कि स्टार्मर ने कभी एपस्टीन से मुलाकात नहीं की और उनके नाम पर किसी यौन दुराचार का आरोप नहीं लगा है।

मेंडेलसन को अमेरिका में नियुक्त किया था राजदूत
मामला 2024 में स्टार्मर के फैसले से शुरू हुआ, जब उन्होंने मेंडेलसन को अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत नियुक्त किया था, जबकि मेंडेलसन के एपस्टीन से पुराने संबंध सार्वजनिक थे। पिछले सितंबर में ईमेल्स के बारे में जानकारी सामने आने के बाद स्टार्मर ने मेंडेलसन को पद से हटा दिया था। अब नए दस्तावेजों से पता चला कि मेंडेलसन ने 2008-2010 के आसपास एपस्टीन को संवेदनशील सरकारी जानकारी (जैसे बाजार-संबंधी डेटा, यूके अर्थव्यवस्था की स्थिति और बैंकिंग नीतियां) साझा की थी।

पीएम स्टार्मर ने एपस्टीन के पीड़ितों से मांगी माफी
इस बीच यहां यह भी बता दें कि, हाल ही में पीएम स्टार्मर ने एपस्टीन के पीड़ितों से माफी मांगी थी और कहा था कि उन्हें मेंडेलसन के झूठ पर विश्वास करने का अफसोस है। उन्होंने मेंडेलसन की नियुक्ति से जुड़े दस्तावेज जारी करने का वादा किया है, जो दिखाएंगे कि मेंडेलसन ने वेटिंग प्रक्रिया में अपने संबंधों के बारे में गुमराह किया था। संकट के बीच स्टार्मर के चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी ने रविवार को इस्तीफा दे दिया था। मैकस्वीनी ने ही मेंडेलसन की नियुक्ति की सिफारिश की थी।

स्टार्मर के मिला वरिष्ठ नेताओं का साथ
एपस्टीन फाइल्स के लेकर ब्रिटेन में मचे सियासी बवाल के बीच पीएम कीर स्टार्मर ने भी साफ कर दिया है कि वो अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे। उन्होंने लेबर सांसदों की बैठक में कहा, “मैंने अब तक जितनी भी लड़ाइयां लड़ी हैं, सब जीती हैं। मैं अपने देश के प्रति जनादेश और जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा।” इस दौरान वरिष्ठ मंत्रियों ने स्टार्मर का समर्थन किया। उप प्रधानमंत्री डेविड लैमी ने एक्स पर लिखा कि ब्रिटेन को बदलने के मिशन से विचलित नहीं होना चाहिए और वो प्रधानमंत्री का समर्थन करते हैं। विदेश सचिव यवेट कूपर ने कहा कि इस वैश्विक समय में स्टार्मर के नेतृत्व की जरूरत है। पूर्व उप प्रधानमंत्री एंजेला रेनर ने कहा कि स्टार्मर को उनका पूरा समर्थन है।

बिना चुनाव के भी ब्रिटेन में बदल सकता है पीएम
इस बीच यहां यह भी बता दें कि, ब्रिटेन के संसदीय सिस्टम में प्रधानमंत्री बिना चुनाव के भी बदले जा सकते हैं, जैसा कि कंजर्वेटिव्स ने 2019-2024 में 3 बार किया था। हालात को देखते हुए कुछ लेबर सांसदों ने चेतावनी दी है कि नेतृत्व बदलाव से अराजकता बढ़ सकती है, जैसा टोरीज के साथ हुआ था।

कन्नौज में सड़क किनारे जमीन पर कब्जे की साजिश

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जिला कन्नौज थाना छिमरामऊ चौकी प्रेमपुर

फर्जी दस्तावेजों के सहारे दबंगों की कोशिश, 65 वर्षीय बुजुर्ग परेशान
जमीन विवाद का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां निवासी अनिल ने आरोप लगाया है कि उनके पिता मलखान सिंह (उम्र 65 वर्ष) की सड़क किनारे स्थित करीब 40 डिसमिल जमीन पर कुछ दबंग और दहशत फैलाने वाले लोग जबरन कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं।
पीड़ित परिवार के अनुसार मुकेश, आदेश, मुनेश, तुलाराम सहित करीब 15 लोगों का एक समूह फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन को अपनी बताने का प्रयास कर रहा है। आरोप है कि दबाव और धमकी के जरिए बुजुर्ग मलखान सिंह को डराया जा रहा है, ताकि वे जमीन छोड़ने को मजबूर हो जाएं। यह जमीन मुख्य सड़क के किनारे होने के कारण काफी कीमती बताई जा रही है।
अनिल का कहना है कि जमीन उनके पिता के नाम विधिवत दर्ज है, इसके बावजूद आरोपी पक्ष झूठे कागजातों के आधार पर कब्जे की साजिश रच रहा है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और जमीन की सुरक्षा की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो मामला किसी बड़ी घटना में बदल सकता है। फिलहाल पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है।

 

आजाद भारत के पहले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने कितनी सीटें जीती थीं? तब देश में कितने वोटर्स थे

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10 फरवरी 1952 को आजाद भारत के पहले लोकसभा चुनाव का परिणाम सामने आया था। आइए जानते हैं कि इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने कितनी सीटें जीती थीं और तब देश में कितने वोटर्स थे।भारत इस दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। देश में हर 5 साल में आम चुनाव का आयोजन कराया जाता है जिसकी मदद से जनता अप्रत्यक्ष तौर पर अपने देश के प्रधानमंत्री का चुनाव करती है। इसके अलावा भारत में राज्य विधानसभा और पंचायत स्तर के भी चुनाव का आयोजन होता है। ऐसे में 10 फरवरी की तारीख चुनाव को लेकर काफी खास है। आपको बता दें कि इसी तारीख को आजाद भारत के पहले लोकसभा के चुनाव परिणाम सामने आए थे। इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने पंडित जवाहर जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में जीत हासिल की थी। आइए जानते हैं कि इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी को कितनी सीटें हासिल हुई थी।

कब हुए थे चुनाव?
1947 में भारत की स्वतंत्रता के बाद साल 1949 में भारत में चुनाव आयोग का गठन किया गया था। इसके बाद 1950 में सुकुमार सेन देश के पहले मुख्य चुनाव आयुक्त बने। इसके करीब 1 महीने बाद भारत की संसद ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम को पारित किया था। इसी में संसद और राज्य विधानसभा के चुनाव आयोजित करवाने के तरीकों पर बात की गई थी। इसके बाद भारत में 25 अक्टूबर 1951 से 21 फरवरी 1952 के बीच लोकसभा चुनाव का आयोजन कराया गया। भारत के ज्यादातर हिस्सों में चुनाव 1952 में हुए लेकिन बर्फबारी को ध्यान में रखते हुए हिमाचल प्रदेश में 1951 में वोटिंग करा ली गई। सिर्फ जम्मू और कश्मीर में चुनाव नहीं करा गए थे। जानकारी के मुताबिक, पहली लोकसभा के लिए चुनाव 68 चरणों में आयोजित किए गए थे।

1952 में देश में कितने वोटर्स थे?
1951 में हुआ पहली जनगणना के मुताबिक, भारत की आबादी 361,088,090 थी। तब इनमें से कुल 173,212,343 रजिस्टर्ड वोटर थे। इस दौरान 21 साल से ज्यादा उम्र के सभी नागरिक वोटिंग के लिए पात्र थे। पहला लोकसभा चुनाव देश के लिए एक बड़ी चुनौती था। ऐसे में इस चुनाव में वोटर लिस्ट को टाइप करने और इकट्ठा करने के लिए 16,500 क्लर्कों को 6 महीने के कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त किया गया था। चुनाव के लिए कुल 196,084 मतदान केंद्र स्थापित किए गए थे।

क्या रहा था चुनाव का परिणाम?
आजाद भारत में पहला लोकसभा चुनाव कुल 489 सीटों के लिए कराया गया था। जानकारी के मुताबिक, इस चुनाव में कुल 1,949 उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया था। जब 10 फरवरी को चुनाव के परिणम सामने आने शुरू हुए तो नेहरू के नेतृत्व में कांग्रेस ने लोकसभा की 489 में से 249 सीट पर विजय हासिल कर बहुमत प्राप्त कर लिया। जब चुनाव के आखिरी परिणाम सामने आए तो कांग्रेस ने 45% वोट हासिल किए और 364 सीटों पर जीत हासिल की। सोशलिस्ट पार्टी को 11% वोट के साथ 12 सीटें मिलीं। वहीं, किसान मजदूर प्रजा पार्टी को 5.79 प्रतिशत वोट और 9 सीटें मिलीं। वहीं, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी को 3.29 फीसदी वोट और 16 सीटों पर जीत मिली। बाकी की सीटों पर अन्य दलों ने जीत हासिल की थी। कांग्रेस की जीत के साथ ही जवाहरलाल नेहरू ने पीएम पद की शपथ ली थी।

80-90 MLA ने हाई कमांड से डीके शिवकुमार को CM पद का मौका देने का किया अनुरोध’, दिल्ली रवाना हुए डिप्टी सीएम

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डीके शिवकुमार को सीएम पद की कुर्सी को लेकर कई तरह की बयानबाजी हो रही है। कांग्रेस विधायक ने साफ तौर पर कहा कि 80-90 MLA ने हाई कमांड को डीके शिवकुमार की सीएम की कुर्सी दिए जाने का अनुरोध किया है।कर्नाटक में सीएम की कुर्सी को लेकर बयानबाजी तेज है। कांग्रेस विधायक इकबाल हुसैन ने कहा कि पार्टी के कम से कम 80 विधायकों ने मुख्यमंत्री पद के लिए उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का नाम हाई कमांड को दिया है। इस बीच, कर्नाटक के डिप्टी CM D K शिवकुमार दो दिनों की नई दिल्ली की यात्रा के लिए रवाना हो चुके हैं, दिल्ली में उनका पार्टी के शीर्ष नेताओं से मिलने का कार्यक्रम है।

खुलकर नहीं बोल रहे डीके शिवकुमार
उनके इस दौरे ने एक बार फिर राज्य में सीएम की कुर्सी में बदलाव की अटकलों को हवा दे दी है। हालांकि, डीके शिवकुमार इस दौरे के बारे में कुछ भी खुलकर नहीं बोल रहे हैं। नई दिल्ली जाने से पहले इतना ही कहा कि डिप्टी सीएम होने के साथ-साथ वो प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। उस नाते हाई कमांड से मिलने का अवसर मिलता रहता है।

डीके शिवकुमार को देना चाहिए मौका- हुसैन
डीके शिवकुमार को सीएम बनाए जाने के सवाल पर कांग्रेस विधायक हुसैन ने कहा, ‘हमने यह मामला हाई कमांड पर छोड़ दिया है। 80-90 विधायकों ने हाई कमांड से डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री पद के लिए मौका देने का अनुरोध किया है। हम एक अनुशासित पार्टी हैं और हमें शालीनता से व्यवहार करना होगा।’

राजनीति में अनुशासन से लेना होता है काम
इसके साथ ही कांग्रेस विधायक ने कहा, ‘हमें यह पसंद नहीं है कि वह (यतींद्र सिद्धारमैया) बार-बार अपने पिता के पक्ष में बोलकर हाई कमांड को शर्मिंदा कर रहे हैं। हर पिता अपने बेटे से प्यार करता है और बेटा अपने पिता से, लेकिन राजनीति में हमें अनुशासन से काम लेना होता है। इस तरह के बयानों से दूसरों को उकसाना नहीं चाहिए।’

डीके शिवकुमार को इसी कार्यकाल में दिया जाए मौका
इकबाल हुसैन ने कहा, ‘हम सभी के मन में यही इच्छा है कि डीके शिवकुमार को मौका दिया जाए। हर कोई यही चाहता है, लेकिन हमें बयानबाजी से कोई भ्रम पैदा नहीं करना चाहिए, इसीलिए सब चुप हैं और कुछ लोग आपस में बात कर रहे हैं। मैं खुले दिल से, जैसा कि मैंने पहले दिन से कहा है कि यही मेरी इच्छा है कि डीके शिवकुमार को इसी कार्यकाल में मौका दिया जाए।’

जानिए क्या बोले दूसरे विधायक
कांग्रेस एमएलसी चन्नाराज हट्टीहोली ने भी कहा, ‘मेरी इच्छा है कि डीके शिवकुमार इस कार्यकाल में जल्द ही मुख्यमंत्री बनें।’ पिछले हफ्ते, यतींद्र सिद्धारमैया ने कहा था कि कांग्रेस हाई कमांड ने सिद्धारमैया को पूरे कार्यकाल के लिए मुख्यमंत्री बने रहने की हरी झंडी दे दी है।

यतींद्र द्वारा अपने पिता के पक्ष में दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए डीके शिवकुमार ने कहा, ‘मैं उनकी हर बात का सम्मानपूर्वक स्वागत करता हूं। चूंकि उन्होंने इस तरह से बात की है जैसे वे हाई कमांड के प्रमुख हों, तो आइए हम उन्हें उसी रूप में स्वीकार करें।’

सीएम की कुर्सी को लेकर नवंबर 2025 से चालू है खींचतान
कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर खींचतान नवंबर 2025 में शुरू हुई, जब सरकार ने अपने पांच वर्षीय कार्यकाल का आधा समय पूरा कर लिया। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के साथ-साथ गृह मंत्री जी परमेश्वर भी शीर्ष पद की दौड़ में शामिल हैं।

शहडोल को 748 करोड़ की सौगात, CM मोहन यादव ने दी 139 विकास कार्यों की मंजूरी

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सीतामढ़ी परिसर में माता शबरी की प्रतिमा का अनावरण करते हुए डॉ. यादव भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि भक्ति भाव से माता शबरी ने पूरे वनवासी समाज का मान बढ़ाया है। भगवान श्री राम उनके जूठे बेर खाकर धन्य हुए। यह प्रसंग हमें सिखाता है कि भगवान भक्त की पद्धति नहीं, बल्कि पवित्र मन और भाव के भूखे होते हैं।मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को शहडोल जिले के ग्राम गंधिया और सीतामढ़ी क्षेत्र में विकास की नई इबारत लिखी। मुख्यमंत्री ने यहां कुल 747.91 करोड़ रुपये की लागत वाले 139 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने माता शबरी का जिक्र करते हुए जनजातीय कल्याण और धार्मिक पर्यटन को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।जनजातीय वर्ग का समग्र कल्याण हमारी प्राथमिकता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय वर्ग का समग्र कल्याण हमारी प्राथमिकताओं में है। प्रदेश में पीएम जन-मन योजना के अंतर्गत 98 करोड़ 30 लाख रुपये और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत 401.56 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि पूजन किया जा चुका है। हमारी सरकार ने जनजातीय समाज के नायकों की गौरव गाथाओं को शैक्षिक पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया है।

“शबरी मैया को पूरे मध्य प्रदेश की ओर से नमन, वंदन”
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जिन्होंने नि:शब्द रहकर अपनी पुण्य भावनाओं को अमर शब्द दे दिए, ऐसी शबरी मैया को पूरे मध्य प्रदेश की ओर से नमन है, वंदन है, जिनके जूठे बेर खाकर भगवान श्री राम भी भक्तिभाव से धन्य हो गए, उस माता शबरी की महिमा कौन नहीं जानता। भगवान को बेर भी भेंट देने से पहले खुद बेर का मीठापन जांच लेना भक्ति का उत्कर्ष है। यह प्रसंग हमें बताता है कि भगवान भक्त की आराधना पद्धति के नहीं, बल्कि उसके मन के भावों के भूखे होते हैं। व्यक्ति का मूल्य उसके हृदय की पवित्रता से तय होता है, जन्म से नहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोल समाज की कुल देवी शबरी मैया हम सबके लिए सदैव आराध्य हैं, पूजनीय हैं, वंदनीय हैं। उन्होंने अपने चरित्र एवं सत्कर्मों से पूरे वनवासी और जनजातीय समाज का मान बढ़ाया।

प्रदेश में 1450 किमी लंबे राम वन गमन पथ का होगा निर्माण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शबरी माता ने बरसों भगवान श्री राम का इंतजार किया। कई साल तक राम का रास्ता निहारती रहीं। रोज अपनी कुटिया की सफाई करती रहीं कि आज नहीं, तो कल राम आएंगे। यह एक भक्त के अपने भगवान पर अटूट विश्वास का परिचायक है। हमारी सरकार ने शबरी मैया और हम सबके आराध्य भगवान श्रीराम की स्तुति के लिए श्री रामचंद्र पथ गमन न्यास की स्थापना की है। हम प्रदेश में 1450 किमी लंबे राम वन गमन पथ का निर्माण करने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश को श्री राम का विशेष स्नेह मिला। चित्रकूट में उन्होंने 11 वर्ष बिताए। ग्राम गंधिया में भी वे 11 रात रहे। इसीलिए गंधिया को भी राम वन गमन पथ विकास योजना में शामिल कर लिया गया है। इससे गंधिया का विकास होगा। इस गांव के विकास के लिए सरकार ने लगभग 80 लाख रुपये मंजूर किए हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की कई अहम घोषणाएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ब्यौहारी में 30 बिस्तरीय अस्पताल का निर्माण कराने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने सीतामढ़ी धाम को धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने और वन्य जीव पर्यटन गतिविधियों के विकास-विस्तार के लिए क्षेत्रीय संजय डूबरी टाइगर रिजर्व का एक गेट ब्यौहारी की तरफ भी खोलने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में महुआ और कटहल बहुतायत से होता है, इसलिए इन दोनों से बनने वाली औषधियों एवं अन्य उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और क्षेत्र में उद्योग, रोजगार एवं निर्यात को प्रोत्साहन देने के लिए मुख्यमंत्री ने यहां एक औद्योगिक विकास केंद्र खोलने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने जयसिंह नगर के लिए आवश्यक बायपास बनवाने और वर्तमान में जयसिंहनगर तहसील क्षेत्र की उप तहसील आमाडीह को परीक्षण कराकर तहसील बनाने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां की जनता ने सरकार की विकास नीतियों पर भरोसा जताया है, इसलिए इस क्षेत्र के विकास के लिए हम कोई कसर नहीं रखेंगे।

दिल्ली में 16 वर्षीय चाँद बाबू रहस्यमय ढंग से लापता, परिजनों ने 20 हजार का इनाम घोषित किया

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नई दिल्ली/बदायूं (विशेष संवाददाता)।
राजधानी दिल्ली के विष्णु गार्डन इलाके से बदायूं के रहने वाले 16 वर्षीय किशोर चाँद बाबू के अचानक लापता हो जाने से परिवार में कोहराम मच गया है। घटना 8 फरवरी 2026 की शाम करीब 4 से 5 बजे के बीच की बताई जा रही है। परिजनों का कहना है कि किशोर मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ है, लेकिन वह मोबाइल नहीं चलाता और अधिक पढ़ा-लिखा भी नहीं है। लगातार तलाश के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिला है, जिसके बाद परिवार ने सूचना देने वाले को 20,000 रुपये का इनाम घोषित किया है।

शिकायतकर्ता पिता पहलमान ने बताया कि चाँद बाबू मूल रूप से ग्राम मोहम्मदगंज, थाना कदर चौक, जिला बदायूं का रहने वाला है। वह दिल्ली के विष्णु गार्डन, प्रवीण रघुवीर नगर प्रधान चौक के पास अपने भाई मुराद और चाचा बदरुर के यहां घूमने आया था। इससे पहले भी वह कई बार दिल्ली आ चुका था, लेकिन इस तरह अचानक गायब होना पहली बार है।

परिवार के मुताबिक, लापता होने के समय चाँद बाबू ने काले रंग की पैंट और हरे रंग की शर्ट पहन रखी थी और उसके पास लगभग 100 रुपये थे। वह बिना किसी विवाद या तनाव के घर से निकला था, लेकिन शाम तक वापस नहीं लौटा। परिजनों ने आस-पास के इलाकों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशन और रिश्तेदारों के यहां तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।

परिजनों का कहना है कि चाँद बाबू मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करता, जिससे उसकी लोकेशन ट्रेस करना मुश्किल हो रहा है। इस कारण परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। मां का रो-रोकर बुरा हाल है और पिता ने प्रशासन से तत्काल मदद की गुहार लगाई है।

मामले की सूचना स्थानीय पुलिस को दे दी गई है, लेकिन परिवार का आरोप है कि अभी तक ठोस कार्रवाई नहीं दिख रही। अब उन्होंने आम जनता से अपील की है कि जिस किसी को भी चाँद बाबू के बारे में कोई जानकारी मिले, वह तुरंत दिए गए नंबरों पर संपर्क करें या नजदीकी थाने में सूचना दें।

संपर्क नंबर:
9953768884
9149079347
8958104922
9582418658

परिवार ने भावुक अपील करते हुए कहा है कि “आपकी एक सूचना किसी पिता को उसका खोया हुआ बेटा लौटा सकती है।”

 

भागलपुर का युवा किसान रचेगा राष्ट्रीय कृषि क्रांति, पूरे भारत में आधुनिक फार्मिंग नेटवर्क का ऐलान

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भागलपुर, बिहार (विशेष संवाददाता)।
सरकंडा के सवैया गांव पंचायत राजगांवराजी प्रखंड प्रीपेती के रहने वाले युवा किसान और कृषि उद्यमी सुमित यादव ने भारत की खेती-किसानी की तस्वीर बदलने का बड़ा संकल्प लिया है। आत्मज चंद्रदेव यादव, निवासी सवैया, सरकंडा, भागलपुर (813209) ने घोषणा की है कि वे पूरे देश में आधुनिक कृषि व्यवसाय का राष्ट्रीय स्तर का मॉडल खड़ा करेंगे। उनका कहना है कि अब खेती सिर्फ जीवन-यापन का साधन नहीं, बल्कि संगठित और तकनीकी बिजनेस बनेगी।

सुमित यादव का लक्ष्य पारंपरिक खेती को डिजिटल, वैज्ञानिक और बाजार आधारित व्यवस्था में बदलना है। वे देशभर में ऑल इंडिया फार्मिंग नेटवर्क बनाकर किसानों को एक मंच पर जोड़ना चाहते हैं, ताकि छोटे किसान भी बड़े बाजार से सीधे जुड़ सकें। उनका मानना है कि अगर किसानों को सही बाजार मिले और आधुनिक तकनीक अपनाई जाए, तो भारत कृषि महाशक्ति बन सकता है।

युवा कृषि उद्यमी ने बताया कि उनका मिशन केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों की आय स्थिर और सुरक्षित बनाना है। इसके लिए वे कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग मॉडल, डिजिटल किसान डेटा प्लेटफॉर्म और राष्ट्रीय स्तर पर कृषि उत्पादों की सप्लाई चेन विकसित करने की योजना बना रहे हैं। इस प्लेटफॉर्म पर देश, राज्य, जिला, ब्लॉक और गांव स्तर तक किसानों का सुरक्षित डेटा रहेगा और उन्हें सीधे खरीदारों व कंपनियों से जोड़ा जाएगा।

सुमित का कहना है कि आज भी लाखों किसान सही दाम न मिलने के कारण नुकसान झेलते हैं। उनका मॉडल किसानों को बिचौलियों से मुक्त करेगा और उन्हें सीधे मार्केट एक्सेस देगा। आधुनिक मशीनरी, वैज्ञानिक खेती, डिजिटल ट्रैकिंग और संगठित विपणन से खेती को राष्ट्रीय उद्योग में बदला जाएगा।

उन्होंने मीडिया से अपील की है कि इस विज़न को देशभर में पहुंचाया जाए ताकि अधिक से अधिक किसान, स्टार्टअप और निवेशक इस मिशन से जुड़ सकें। सुमित का दावा है कि अगर उनका मॉडल सफल हुआ तो यह भारत के कृषि इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस तरह का राष्ट्रीय फार्मिंग नेटवर्क जमीनी स्तर पर लागू हुआ, तो इससे न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी, बल्कि ग्रामीण रोजगार, खाद्य सुरक्षा और कृषि निर्यात को भी बड़ा बल मिलेगा।

फिलहाल, भागलपुर का यह युवा किसान पूरे देश में कृषि क्रांति की नींव रखने की तैयारी में है और आने वाले वर्षों में इसे भारत का सबसे बड़ा कृषि बिजनेस नेटवर्क बनाने का दावा कर रहा है।