Thursday, July 9, 2026
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दो जिलों में भटक रहा पिता, 11 साल की बेटी दो महीने से लापता सहारनपुर से सोनभद्र तक गुहार, ननिहाल पक्ष पर अपहरण का आरोप; पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल

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सहारनपुर/सोनभद्र। सरसावा थाना क्षेत्र के गांव जन्येड़ा उर्फ कादरगढ़ से 11 वर्षीय बच्ची के रहस्यमय ढंग से लापता होने का मामला अब दो जिलों तक पहुंच गया है, लेकिन परिजनों को अब तक राहत नहीं मिल सकी है। बच्ची के पिता सोनू कुमार ने सहारनपुर के बाद सोनभद्र जिले के रावटगंज थाने में भी शिकायत दी है, फिर भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया है। करीब दो महीने से बच्ची का कोई सुराग नहीं लग पाने से परिवार गहरे सदमे में है।

परिजनों के अनुसार, 15 दिसंबर 2025 को शशि प्रभा की माता उर्मिला देवी पत्नी छवेंद्र प्रसाद निवासी जिला सोनभद्र, उनके भाई चंद्र प्रकाश और अन्य रिश्तेदार अचानक गांव पहुंचे। उस समय घर में 11 वर्षीय किरण अकेली थी। आरोप है कि सभी लोग बच्ची को बिना सूचना दिए अपने साथ ले गए। पड़ोसियों से जानकारी मिलने पर माता-पिता को घटना का पता चला।

सोनू कुमार का कहना है कि जब वे अपनी पत्नी शशि प्रभा के साथ बेटी को वापस लाने सोनभद्र पहुंचे तो उनके साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया। आरोप है कि उन्हें धक्का देकर घर से बाहर निकाल दिया गया और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। परिवार का दावा है कि बच्ची से फोन पर बात तक नहीं कराई जा रही है और यह भी नहीं बताया जा रहा कि उसे कहां रखा गया है।

पीड़ित परिवार ने पहले सहारनपुर के थाना सरसावा में लिखित शिकायत दी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद सोनू कुमार ने सोनभद्र जिले के कस्बा राबृटगंज थाने में भी तहरीर दी। उनका आरोप है कि वहां भी सुनवाई नहीं हो रही और मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।

परिवार का कहना है कि उनकी शादी को आठ वर्ष हो चुके हैं और पहले कभी इस प्रकार का विवाद सामने नहीं आया। अचानक बच्ची को इस तरह ले जाना कई सवाल खड़े करता है। परिजन आशंका जता रहे हैं कि बच्ची को कहीं और भेज दिया गया है, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई है।

सोनू कुमार और शशि प्रभा ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहारनपुर व सोनभद्र प्रशासन से हस्तक्षेप कर नाबालिग बेटी की सकुशल बरामदगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल दोनों जिलों की पुलिस की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इधर, दो जिलों के बीच फंसा यह परिवार अपनी मासूम बेटी की एक झलक पाने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है।

 

अंबानी परिवार में जश्न का माहौल, नाती की शादी कोकिला बेन ने गाना गाकर लगाए चार चांद, मग्न थीं नीता अंबानी, खिलखिलाती रहीं राधिका मर्चेंट

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अंबानी परिवार में फिर जश्न का माहौल है। इस जश्न में पूरा अंबानी परिवार डूबा नजर आया। नीता अंबानी, राधिका मर्चेंट, अनिल अंबानी, मुकेश अंबानी के अलावा और भी सदस्य इस शादी में शामिल हुए और अब इसकी एक झलक भी सामने आई है।
अंबानी परिवार के भव्य जश्न में हर पल शान, परंपरा और भावनाओं से भरा हुआ था, लेकिन उस शाम का सबसे खास दृश्य तब सामने आया जब परिवार की मुखिया कोकिलाबेन अंबानी मंच पर आईं। अपने पोते के लिए पारंपरिक आशीर्वाद गीत गाने के लिए जैसे ही उन्होंने माइक संभाला, पूरा माहौल भावुक हो उठा। उनकी आवाज में स्नेह, गर्व और आशीष की गूंज थीऔर महफिल में मौजूद हर शख्स उस पल का हिस्सा बन गया। वीडियो में कोकिलाबेन को अपने पोते के लिए दिल से आशीर्वाद गाते देखा जा सकता है। उनके चारों ओर परिवार और मेहमानों की भीड़ थी, लेकिन सबकी निगाहें उन्हीं पर टिकी थीं। नीता अंबानी और राधिका लुक
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी अपने पोते-पोतियों को गोद में लिए खड़े थे, चेहरे पर मुस्कान और आंखों में अपनापन साफ झलक रहा था। यह पल सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि पीढ़ियों के बीच प्यार और संस्कार का जीवंत प्रतीक बन गया। नीता अंबानी इस मौके पर गुलाबी साड़ी में बेहद खूबसूरत नजर आईं। उन्होंने अपने सिग्नेचर डायमंड ज्वेलरी से लुक को और निखारा, जो उनकी शान और गरिमा के साथ पूरी तरह मेल खा रहा था। उनके चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दे रही थी, खासकर जब कोकिलाबेन का गीत गूंज रहा था। वहीं राधिका मर्चेंट सफेद पारंपरिक परिधान में बेहद सौम्य और सजीली दिखीं। वह पूरे उत्साह के साथ कोकिलाबेन के लिए चीयर करती नजर आईं, जैसे इस पारिवारिक पल को दिल से संजो रही हों।कौन हैं विक्रम सलगांवकर?
मुकेश अंबानी की बहन दीप्ति सलगांवकर के बेटे विक्रम सलगांवकर की शादी के लिए अंबानी परिवार इकट्ठा हुआ। विक्रम, ईशा, आकाश और अनंत अंबानी के सबसे बड़े कजिन हैं। विक्रम उनका परिवार हमेशा लो प्रोफाइल रहे हैं। विक्रम सालगांवकर के पिता दत्ताराज सालगांवकर, वीएम सालगांवकर ग्रुप ऑफ कंपनीज के मालिक हैं, जो आयरन ओर, कोयला और विंड एनर्जी जैसे क्षेत्रों में काम करती है। विक्रम ने 2007 में मैकिन्से एंड कंपनी में एसोसिएट के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। बाद में उन्होंने रिलायंस एंटरटेनमेंट के साथ भी काम किया। वर्तमान में वह वीएम सालगांवकर होटल्स एंड रिसॉर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

भारतीय टीम को सपोर्ट करता दिखा था अंबानी परिवार
इस बीच अंबानी परिवार हाल ही में एक और वजह से सुर्खियों में रहा। मुकेश और नीता अंबानी टीम इंडिया को चीयर करते नजर आए, जब टीम ने USA के खिलाफ T20 वर्ल्ड कप 2026 के टाइटल डिफेंस अभियान की शुरुआत की। स्टेडियम में मौजूद नीता अंबानी क्लासिक लाइट ब्लू डेनिम और क्रिस्प व्हाइट शर्ट में बेहद स्टाइलिश दिखीं, उनका यह कैजुअल लुक भी उतना ही आकर्षक था जितना उनके ट्रेडिशनल अवतार। उनके साथ बेटे आकाश अंबानी भी स्टैंड से टीम का उत्साह बढ़ाते नजर आए। दूसरी ओर राधिका मर्चेंट ने भी हाल ही में अपने सादगीभरे अंदाज से ध्यान खींचा। जामनगर के रिलायंस ग्रीन्स में ली गई एक तस्वीर में वह अनंत और मुकेश अंबानी के साथ कैजुअल आउटफिट में दिखाई दीं। पारिवारिक गर्मजोशी और सहजता से भरी यह तस्वीर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी रही।

सोमालिया के समुद्र में हुई पैसेंजर प्लेन की क्रैश लैंडिंग, सामने आया घटना का खौफनाक VIDEO

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सोमालिया के समुद्र में एक यात्री विमान की क्रैश लैंडिंग होने से हड़कंप मच गया है। विमान की समुद्र में हुई इस इमरजेंसी लैंडिंग का एक खौफनाक वीडियो भी सामने आया है।मोगादिशु (सोमालिया): सोमालिया के समुद्र में एक यात्री विमान की क्रैश लैंडिंग होने से हड़कंप मच गया है। विमान की समुद्र में हुई इस इमरजेंसी लैंडिंग का एक खौफनाक वीडियो भी सामने आया है। यह घटना सोमालिया की राजधानी मोगादिशु में हुई, जहां एडेन अब्दुले अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ मिनट बाद एक यात्री विमान में तकनीकी खराबी आ गई, जिसके कारण पायलट को आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी। समुद्र में गिरा विमान
बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी के चलते यह विमान रनवे से फिसलकर भारतीय महासागर के उथले पानी में जा गिरा, लेकिन सभी 50 यात्रियों और 5 क्रू सदस्य सुरक्षित बच गए। किसी की मौत या गंभीर चोट नहीं आई। सोमालिया की सिविल एविएशन अथॉरिटी के अनुसार, स्टार्स्की एविएशन का फॉकर 50 विमान (रजिस्ट्रेशन 6O-YAS) मोगादिशु से उत्तरी शहर गलकायो जा रहा था। टेकऑफ के लगभग 15 मिनट बाद तकनीकी समस्या आने पर पायलट ने वापस लौटने की अनुमति मांगी।

उथले पानी में लैंडिंग से बची यात्रियों की जान
लैंडिंग के दौरान विमान रनवे पर रुक नहीं पाया, ओवरशूट हो गया और हवाई अड्डे के पास समुद्र तट पर रेत और उथले पानी में रुक गया। विमान के पंख और नाक क्षतिग्रस्त हो गए। एक्स पर पोस्ट की गई तस्वीरों और वीडियो में यात्रियों को विमान से उतरते और सुरक्षित चलते दिखाया गया है। रेस्क्यू टीम ने सभी को सुरक्षित निकाला। सभी यात्री और क्रू मेंबर सुरक्षित हैं। तकनीकी समस्या की जांच चल रही है। पायलट के त्वरित और शांत निर्णय ने सभी यात्रियों की जान बचाई। लोग उनकी सराहना कर रहे हैं। सोमालिया के परिवहन मंत्री मोहम्मद फराह नूह ने पुष्टि की कि सभी लोग सुरक्षित हैं। घटना की जांच शुरू हो चुकी है ताकि तकनीकी खराबी का कारण पता लगाया जा सके। यह घटना सोमालिया में विमानन सुरक्षा के लिए एक बड़ा सबक है, लेकिन पायलट की बहादुरी से एक बड़ा हादसा टल गया।

तब तक कुर्सी पर नहीं बैठूंगा-बोले ओम बिरला, अविश्वास प्रस्ताव पर 9 मार्च को हो सकती है चर्चा

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कांग्रेस ने मंगलवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ नो-कॉन्फिडेंस मोशन नोटिस दिया था। सूत्रों के मुताबिक स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर अब चर्चा बजट सेशन के दूसरे चरण के पहले दिन यानी 9 मार्च को हो सकती है। जानें ओम बिरला ने क्या कहा?
Budget Session 2026: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने के लिए विपक्ष की ओर से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए। लोकसभा सचिवालय के सूत्रों के मुताबिक, इस अविश्वास प्रस्ताव पर वर्तमान बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन यानी नौ मार्च को सदन में चर्चा हो सकती है। सूत्रों ने कहा, ‘संभावना है कि बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन, यानी नौ मार्च को ही लोकसभा अध्यक्ष को हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है।’ सूत्रों का यह भी कहना है कि मामले का निपटारा होने तक लोकसभा अध्यभ ओम बिरला अपने आसन पर नहीं बैठेंगे। बिरला ने लोकसभा महासचिव उत्पल कुमार सिंह को निर्देश दिया है कि वह विपक्ष के नोटिस की जांच कर उचित कार्रवाई करें।
ओम बिरला ने कहा, कुर्सी पर तब तक नहीं बैठूंगा…

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को कहा कि जब तक विपक्षी सांसदों द्वारा उनकी कुर्सी के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर कोई निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक वह लोकसभा की कार्यवाही में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने यह भी फैसला किया है कि विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर सुनवाई और समाधान होने तक वे लोकसभा अध्यक्ष की कुर्सी पर नहीं बैठेंगे। हालांकि ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जो अविश्वास प्रस्ताव पारित होने तक अध्यक्ष को हटाने की बात कहता हो, लेकिन बिरला ने अविश्वास प्रस्ताव पर सुनवाई और उसके निपटारे तक अध्यक्ष की कुर्सी पर न बैठने का विकल्प चुना है।

विपक्ष ने क्या लगाया है आरोप

संसद में अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस में विपक्षी सांसदों ने आरोप लगाया है कि लोकसभा अध्यक्ष ने बार-बार उन्हें सदन में जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे उठाने का अवसर नहीं दिया। विपक्ष का कहना है कि इसी कारण उन्हें अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का कदम उठाना पड़ा। इस अविश्वास प्रस्ताव को लेकर अब सभी की नजरें नौ मार्च पर टिकी हैं, जब बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन इस प्रस्ताव पर आगे की प्रक्रिया तय हो सकती है और ये तय होगा कि ओम बिरला लोकसभा अध्यक्ष बने रहेंगे या नहीं।

मध्य प्रदेश: राज्य में तलाकशुदा महिलाएं भी माता-पिता की परिवार पेंशन की पात्र होंगी, मोहन कैबिनेट का ऐतिहासिक फैसला

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मध्य प्रदेश सरकार ने तलाकशुदा महिलाओं के हित में बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत तलाकशुदा महिलाओं को भी अपने माता-पिता की ‘परिवार पेंशन’ मिलेगी।भोपाल: मध्य प्रदेश में तलाकशुदा महिलाओं के हक में मोहन कैबिनेट ने एक अहम फैसला लिया है। अब प्रदेश की तलाकशुदा बेटियां भी अपने माता-पिता की ‘परिवार पेंशन’ की पात्र होंगी। कैबिनेट बैठक में राज्य के पेंशन नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन के बाद ये फैसला लिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
मध्य प्रदेश सरकार ने महिला सुरक्षा और सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के पेंशन नियमों में बड़ा संशोधन मंजूर किया गया। इसके तहत अब प्रदेश की तलाकशुदा बेटियां भी अपने माता-पिता की परिवार पेंशन की पात्र होंगी।

कैबिनेट बैठक के बाद उद्योग मंत्री चैतन्य कश्यप ने मीडिया को फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार ने सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया है, जिससे उन महिलाओं को राहत मिलेगी जो विवाह विच्छेद के बाद दोबारा अपने मायके पर आश्रित हो जाती हैं।

अब तक पेंशन नियमों में तकनीकी प्रावधानों के कारण तलाकशुदा बेटियों को परिवार पेंशन का लाभ नहीं मिल पाता था, जिससे कई महिलाएं आर्थिक असुरक्षा का सामना कर रही थीं। कैबिनेट के इस फैसले के बाद प्रदेश की हजारों महिलाओं को सीधा आर्थिक सहारा मिलेगा।

सरकार का मानना है कि यह निर्णय केवल एक प्रशासनिक संशोधन नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में उठाया गया कदम है। इससे महिला सशक्तिकरण को मजबूती मिलेगी और समाज के एक संवेदनशील वर्ग को स्थायी संरक्षण प्राप्त होगा।

मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने अपने एक्स हैंडल पर भी कैबिनेट के फैसले शेयर किए, जिसमें कहा गया है कि परिवार के पेंशन पात्र सदस्यों में अविवाहित, विधवा एवं तलाकशुदा पुत्री को शामिल किया गया है। इसके अलावा सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन सारांशिकरण में सुविधा मिलेगी। पेंशन संबंधी प्रक्रियाएं सरल एवं समयबद्ध होंगीं।

‘वंदे मातरम्’ को लेकर बदले नियम, कब-कहां-कितना गाना है, खड़े होना जरूरी या नहीं? जानें सबकुछ

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केंद्र सरकार ने ‘वंदे मातरम्’ को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। गृह मंत्रालय के आदेश के अनुसार, अब सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों और महत्वपूर्ण आयोजनों में इसके सभी छह छंद बजाना अनिवार्य होगा। साथ ही लोगों को राष्ट्रगान की तरह ही खड़े होकर सम्मान देना होगाकेंद्र सरकार ने ‘वंदे मातरम’ को लेकर नई आधिकारिक गाइडलाइंस जारी की हैं। यह निर्देश 28 जनवरी 2026 को जारी एक औपचारिक सरकारी आदेश के माध्यम से लागू किए गए हैं। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय गीत के गायन और प्रस्तुति के लिए स्पष्ट प्रोटोकॉल तय करना है, जैसा कि राष्ट्रीय गान के लिए पहले से निर्धारित है।
गृह मंत्रालय की गाइडलाइन में क्या-क्या हैं?
नई गाइडलाइन के अनुसार, यदि किसी सरकारी या आधिकारिक कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ गाया या बजाया जाता है, तो उसके पूर्ण छह छंद (6 stanzas) को प्राथमिकता दी जाएगी। अब तक केवल पहले दो छंद ही गाए जाते थे, लेकिन नए निर्देश में मूल विस्तारित रूप को मान्यता दी गई है। हालांकि यह स्पष्ट किया गया है कि व्यावहारिक परिस्थितियों के अनुसार प्रस्तुति का स्वरूप तय किया जा सकता है, पर आधिकारिक रूप से संपूर्ण गीत को मानक माना गया है।
अब विशेष सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के आधिकारिक छह अंतरों का गायन या वादन अनिवार्य होगा, जिसकी अवधि 3 मिनट 10 सेकंड तय की गई है।
यदि किसी समारोह में ‘वंदे मातरम्’ और ‘जन गण मन’ दोनों का आयोजन हो, तो पहले ‘वंदे मातरम’ और उसके बाद राष्ट्रीय गान ‘जन गण मन’ प्रस्तुत किया जाएगा। यह क्रम अब औपचारिक रूप से निर्धारित किया गया है ताकि कार्यक्रमों में एकरूपता बनी रहे।
सम्मान और शिष्टाचार (protocol) के तहत यह भी निर्देश दिया गया है कि ‘वंदे मातरम्’ के गायन या वादन के समय उपस्थित लोगों को सम्मानपूर्वक खड़ा होना चाहिए, ठीक उसी प्रकार जैसे राष्ट्रीय गान के समय खड़े होते हैं। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय गीत के प्रति समान आदर सुनिश्चित करना है।
तिरंगा फहराने, कार्यक्रमों में राष्ट्रपति के आगमन, राष्ट्र के नाम उनके भाषणों और संबोधनों से पहले और बाद में, राज्यपालों के आगमन और भाषणों से पहले और बाद में सहित कई आधिकारिक अवसरों पर वंदे मातरम बजेगा। सिविलियन पुरस्कार समारोहों, जैसे कि पद्म पुरस्कार समारोह या ऐसे किसी भी कार्यक्रम में जहां राष्ट्रपति उपस्थित हों, वहां भी वन्दे मातरम बजाया जाएगा।
कहां-कहां लागू होगी ये गाइडलाइन?
ये गाइडलाइन मुख्य रूप से सरकारी समारोहों, राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय आयोजनों, शैक्षणिक संस्थानों के आधिकारिक कार्यक्रमों तथा अन्य सरकारी प्रोटोकॉल वाले आयोजनों पर लागू होंगी। यह कोई दंडात्मक कानून नहीं है, बल्कि एक प्रशासनिक प्रोटोकॉल है जिसे सरकारी कार्यक्रमों में अपनाया जाएगा।

शादी रोकने की साजिश और डिजिटल उत्पीड़न: बुलंदशहर की युवती ने अलीगढ़ के युवक पर रिश्ता तोड़वाने का लगाया गंभीर आरोप

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बुलंदशहर/अलीगढ़ (विशेष संवाददाता)।
बुलंदशहर जिले के गांव हरटोली की रहने वाली एक युवती ने अलीगढ़ निवासी विनय प्रताप सिंह पर संगठित तरीके से मानसिक उत्पीड़न करने, शादी के रिश्ते तुड़वाने और लगातार फोन कर परेशान करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि दोनों की मुलाकात एक वैवाहिक वेबसाइट के माध्यम से हुई थी, लेकिन बाद में युवक ने शादी से इनकार कर दिया और अब उसकी जिंदगी में दखल देकर हर संभावित रिश्ता बिगाड़ रहा है।

पीड़िता के मुताबिक, कुछ महीनों पहले “जीवन साथी” मैट्रिमोनियल साइट के जरिए उसकी बातचीत विनय प्रताप सिंह से हुई थी। शुरुआती दौर में शादी की बात आगे बढ़ी, लेकिन बाद में युवक ने अचानक शादी से पीछे हटते हुए संपर्क तोड़ लिया। इसके बाद भी वह बार-बार अलग-अलग नंबरों से कॉल करता रहा और सोशल मीडिया पर नाम बदलकर “मुस्कान” के नाम से मैसेज भेजने लगा।

युवती का आरोप है कि जब भी उसके परिवार ने कहीं नया रिश्ता देखा, विनय ने किसी न किसी तरीके से उस परिवार तक पहुंचकर गलत बातें फैलाईं और रिश्ता “कैंसल” करवा दिया। पीड़िता का दावा है कि कई जगहों पर ऐसा हो चुका है, जिससे उसका विवाह बार-बार टूट गया और पूरा परिवार मानसिक दबाव में आ गया।

परिवार का कहना है कि समाज में उनकी छवि खराब हो रही है और बेटी का भविष्य खतरे में पड़ गया है। पीड़िता ने स्पष्ट कहा है कि यदि भविष्य में उसके विवाह से जुड़े किसी भी मामले में बाधा आती है, तो उसकी जिम्मेदारी आरोपी युवक की होगी।

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, यह मामला केवल व्यक्तिगत विवाद नहीं बल्कि डिजिटल स्टॉकिंग और मानसिक उत्पीड़न का भी प्रतीत होता है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में साइबर क्राइम, धमकी और मानहानि की धाराओं में कार्रवाई संभव है।

पीड़िता ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो, कॉल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया गतिविधियों की पड़ताल की जाए और आरोपी युवक को कानूनी रूप से रोका जाए ताकि वह शांति से अपना जीवन जी सके।

रिश्तों की राजनीति में फंसी लव मैरिज—दहेज का आरोप, सार्वजनिक धमकी, पत्नी मायके में और मासूम बेटी का भविष्य दांव पर

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अलीगढ़। थाना कोल क्षेत्र के इस्लाम नगर मुल्लापारा भुजपुरा निवासी एहसान आज अपनी 5 महीने की मासूम बेटी आयशा को गोद में लेकर न्याय की गुहार लगा रहे हैं। दो साल पहले प्रेम विवाह से शुरू हुई उनकी दांपत्य यात्रा अब आरोप-प्रत्यारोप, पारिवारिक दबाव, पुलिस केस और खुली धमकियों के बीच टूटने की कगार पर पहुंच गई है। पीड़ित पति का आरोप है कि ससुराल पक्ष ने पैसों के लालच और पारिवारिक राजनीति के कारण उन्हें और उनके परिवार को लगातार प्रताड़ित किया है।

एहसान के अनुसार, उनकी पत्नी अलीमा से प्रेम विवाह हुआ था। शादी से पहले दोनों परिवारों के बीच बातचीत हुई थी। उन्होंने खुले तौर पर यह बताया था कि वे पहले जुआ खेलते थे और सिगरेट पीते थे। यह बात पत्नी और उसके परिवार को पहले से पता थी और इसी समझ के साथ विवाह हुआ था। बावजूद इसके, शादी के कुछ ही दिनों बाद माहौल बदल गया।

पीड़ित का कहना है कि शादी से पहले ही ससुर सलमान ने कथित रूप से एक लाख रुपये की मांग की थी। इसके बाद भी विवाह संपन्न हुआ, लेकिन रिश्ते सामान्य नहीं रह सके। 6 फरवरी को सास समीना, ससुर सलमान और साला नमन उनके घर पहुंचे और गली में ही सार्वजनिक रूप से गाली-गलौज की। आरोप है कि ससुर ने खुलेआम धमकी दी कि “तुझे गोली से मरवा दूंगा।” इस घटना से पूरा परिवार दहशत में है।

अब नया मोड़ यह है कि पिछले करीब पांच महीनों से अलीमा अपने मायके में ही रह रही हैं और पति एहसान से मिलने तक नहीं दिया जा रहा है। पीड़ित का दावा है कि ससुराल पक्ष लगातार पत्नी पर दबाव बना रहा है कि वह एहसान को छोड़ दे, ताकि “परिवार की बदनामी” न हो। एहसान का आरोप है कि यह सब पहले से तय पारिवारिक राजनीति का हिस्सा है।

सूत्रों के अनुसार, शादी से पहले लड़की के पिता चाहते थे कि अलीमा की शादी बेटी के बेटे अनीश से हो, लेकिन सास समीना ने अपनी इच्छा से अलीमा की शादी एहसान से करवाई थी। अब वही परिवार शादी को लेकर विवाद खड़ा कर रहा है।

एहसान का दावा है कि ससुराल वालों ने उल्टा उनके खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज करा दी है, जबकि पीड़ित पक्ष की कोई सुनवाई नहीं हो रही। कई बार थाने जाने के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिली और वे मानसिक प्रताड़ना झेल रहे हैं। उनका कहना है कि यह सब पैसों और बदनामी के डर की राजनीति है।

सबसे बड़ा सवाल 5 महीने की मासूम आयशा का है, जो फिलहाल मां के साथ मायके में है। पिता को बेटी से मिलने भी नहीं दिया जा रहा। एहसान का कहना है कि उनकी बेटी का भविष्य अधरे में लटक गया है।

अब एहसान ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि
“अगर मुझे या मेरे परिवार को कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी ससुर सलमान और साला नामन की होगी।”

पीड़ित ने जिला प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से निष्पक्ष जांच, परिवार को सुरक्षा और झूठे मामलों से राहत की मांग की है, ताकि सच सामने आ सके और मासूम बच्ची का भविष्य सुरक्षित रहे।

 

कलश यात्रा के दौरान मची भगदड़ में एक महिला की मौत, कई घायल

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मध्य प्रदेश के ग्वालियर में आयोजित कलश यात्रा कार्यक्रम के दौरान अचानक भगदड़ मच गई जिसमें एक महिला की मौत हो गई और कई महिलाएं घायल हैं। देखें भगदड़ का वीडियो…ग्वालियर: नवग्रह पीठ के कलश यात्रा कार्यक्रम के दौरान अचानक मची भगदड़ में एक महिला की मौत हो गई है और कई महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गई हैं। मृतक महिला का नाम रति साहू है जो हनुमान कॉलोनी की रहने वाली हैं। वहीं 11 नंबर वार्ड की रहने वाली कला बाथम सहित कई महिलाएं और बच्चे घायल हैं। जानकारी के मुताबिक पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा नवग्रह मंदिर में आज प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम का आयोजन करा रहे थे और इस कलश स्थापना समारोह में मची भगदड़ ने प्रशासन व्यवस्था की पोल खोल दी है। आज से 20 फरवरी तक नवग्रह पीठ पर होना है प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम, जिसके तहत आज पहला दिन था।जानकारी के मुताबिक ग्वालियर के डबरा में आज काफी संख्या में कलश यात्रा का आयोजन किया गया था जिसके पहले ही दिन भगदड़ मचा है। घायलों से मिलने ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान प्राइवेट हॉस्पिटल पहुंची हैं। कलेक्टर ने एक श्रद्धालु की मौत और एक बच्ची सहित सात श्रद्धालुओं के घायल होने की पुष्टि की है। महिलाओं में कलश यात्रा को लेकर सुबह से ही उत्साह देखा जा रहा था और काफी संख्या में महिलाओं ने इसमें हिस्सा लिया था। महिलाओं का अति उत्साह ही हादसे की वजह बताया जा रही है। हादसे में घायल बच्ची प्राची की मां आरती ने बताया, भीड़ का धक्का लगने से हम सब गिर गए थे, स्थानीय लोगों ने हमें बचाया।
मेरी बेटी इस घटना में घायल हुई है, उसे इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है और उसका इलाज चल रहा है। कई लोग घायल हैं और सभी अस्पताल में भर्ती हैं। हादसे के बाद चारों तरफ चीख पुकार मच गई।

दिन में अचानक क्यों लग रही गर्मी? फिर करवट लेगा मौसम, क्यों बदल बदल के दिखा रहा तेवर

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मौसम का मिजाज पिछले कुछ दिनों से बदला बदला सा दिख रहा है। दिन में हल्की गर्मी महसूस हो रही है, लेकिन इसे हल्के में लेने की भूल ना करें। एक बाद मौसम फिर पलटी मारेगा और सर्द हवाएं परेशान कर सकती हैं। जानिए क्यों बदल रहा है मौसम का मिजाज?दिल्ली और उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में सोमवार को तापमान में थोड़ी वृद्धि हुई जिससे लोगों को गर्मी का एहसास हुआ। फरवरी के सामान्य महीनों की तुलना में मौसम अधिक गर्म लग रहा है और दिन में धूप गर्मी का एहसास करा रही है। बदलते मौसम को देखते हुए मौसम विशेषज्ञों ने बताया, अचानक आया यह बदलाव हिमालय क्षेत्र को प्रभावित करने वाले पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ा है, जिसने अस्थायी रूप से ठंडी उत्तरी हवाओं के प्रवाह को कम कर दिया है, जो आमतौर पर सर्दियों में तापमान को कम रखती हैं।
मौसम की जानकारी रखने वाले देवेंद्र त्रिपाठी ने इंडिया टीवी को बताया, दिन का तापमान अभी बढ़ेगा लेकिन शाम में बादल भी छाए रह सकते हैं। तापमान बढ़ने का समय तो अब नजदीक आता जा रहा है, लेकिन शाम में ठंडी हवाएं चलेंगी जिससे ठंड का एहसास होता रहेगा। पहाड़ों पर बर्फबारी के कारण एक बार फिर से मौसम पलटी मारेगा और ठंड का एहसास होगा। एक दो दिन में मौसम बदलेगा लेकिन फिर फरवरी के अंत तक गर्मी बढ़ने लगेगी।

क्या है पश्चिमी विक्षोभ, क्यों बदला है मौसम

पश्चिमी विक्षोभ एक मौसम प्रणाली है जो भूमध्यसागरीय क्षेत्र से हिमालय की ओर बढ़ती है और अक्सर उत्तरी पहाड़ों में बारिश और बर्फबारी लाती है। जब ऐसी प्रणाली हिमालय तक पहुंचती है, तो यह ठंडी, शुष्क हवाओं के प्रवाह को बाधित कर सकती है जो आमतौर पर उत्तरी पाकिस्तान और हिमालय क्षेत्र से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों की ओर बहती हैं।

“ये ठंडी हवाएं आमतौर पर पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान से होकर गुजरती हैं, जिससे सर्दियों में ठंडक बनी रहती है। हालांकि, मौजूदा पश्चिमी विक्षोभ ने एक अस्थायी अवरोध का काम किया है, जिससे ये ठंडी हवाएं मैदानी इलाकों तक नहीं पहुंच पा रही हैं। इसी की वजह से उत्तरी हवाओं का प्रभाव कमजोर हो गया है, जिससे दिल्ली में तापमान में मामूली वृद्धि हुई है।
उत्तर भारत में वापस आएगी ठंड
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे ही पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्र में बारिश और बर्फबारी लाने के बाद पूर्व की ओर बढ़ेगा, ठंडी उत्तरी हवाओं का प्रवाह फिर से शुरू हो जाएगा। इन हवाओं के देर रात उत्तर भारत के कुछ हिस्सों, विशेष रूप से दिल्ली और पंजाब में, वापस आने की उम्मीद है। 11 फरवरी तक, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लोगों को एक बार फिर ठंडक महसूस होने की संभावना है, भले ही आसमान अधिकतर साफ रहे।

ठंड के अंतिम चरण में तापमान में इस तरह के उतार-चढ़ाव आना आम बात है, जब उत्तरी भारत से गुजरने वाली मौसम प्रणालियां शीत ऋतु की वापसी से पहले ठंडी हवा के प्रवाह को कुछ समय के लिए बाधित कर सकती हैं। फिलहाल, दिल्ली और उत्तर भारत के शहरों में अचानक आई गर्मी यह दर्शाती है कि क्षेत्रीय हवा के पैटर्न और पर्वतीय मौसम प्रणालियां उत्तरी मैदानी इलाकों के तापमान को कितनी तेजी से प्रभावित कर सकती हैं।
क्यों अचानक आ गई है गर्मी

शुष्क उत्तरी हवाओं ने निचले वायुमंडल से धूल, प्रदूषण के कण, कोहरा और धुंध को साफ कर दिया था, जिससे आकाश लगभग साफ था और केवल हल्के-फुल्के बादल ही दिखाई दे रहे थे।

जब आसमान साफ ​​होता है, तो सूर्य की रोशनी सीधे जमीन तक पहुंचती है और सतह को अधिक कुशलता से गर्म करती है, जिससे दिन के तापमान में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।

विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि धीरे-धीरे बढ़ते वैश्विक तापमान इस गर्मी के प्रभाव को और बढ़ा सकते हैं। हालांकि, यह गर्म मौसम अल्पकालिक रहने की उम्मीद है।