Thursday, July 9, 2026
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पति ने छोड़ा, दूसरी पत्नी ने उजाड़ी जिंदगी; 30 साल की विवाहिता और बेटे को झूठे केस में फंसाने का आरोप

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इंदौर।
इंदौर के एकता नगर क्षेत्र से रिश्तों की मर्यादा को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। 30 साल पुरानी शादीशुदा महिला आशा ने अपने पति इंदर और उसकी कथित दूसरी पत्नी सोनू पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि पति ने वर्षों पहले घर छोड़ दिया, दूसरी महिला के साथ रहने लगा, उसकी संपत्ति उसी के नाम कर दी और अब पहली पत्नी व बेटे को प्रताड़ित किया जा रहा है।

आशा ने बताया कि करीब 20 साल पहले वह अपने पति इंदर के साथ गणेश नगर, खंडवा नाका के पास किराए के मकान में रहती थीं। पास में ही एकता नगर में ससुराल का मकान था, लेकिन ससुराल वालों ने उन्हें वहां रहने नहीं दिया। इसी बीच इंदर अचानक घर छोड़कर राजस्थान चला गया और वहां सोनू नाम की पहले से शादीशुदा महिला के साथ रहने लगा। सोनू की पहले से एक बेटी चांदनी थी और बाद में इंदर और सोनू का भी एक बेटा हुआ। दोनों बड़वानी क्षेत्र में जमीन खरीदकर रह रहे हैं और मकान व गाड़ी भी सोनू के नाम पर बताए जा रहे हैं।

पीड़िता का आरोप है कि यह संबंध करीब 10 साल तक छुपाकर रखा गया। लगभग पांच साल पहले आशा को पता चला कि उसके पति ने सोनू से विवाह कर लिया है और वहीं स्थायी रूप से रह रहा है। जब आशा के बेटे कृष्णा ने पिता से संपत्ति में हिस्सा मांगा तो सोनू ने खुलेआम कहा कि “तेरे बाप को मैंने पाला है, तुझे कुछ नहीं मिलेगा।”

आरोप है कि करीब दो महीने पहले कृष्णा के साथ मारपीट की गई और सोनू की बेटी चांदनी ने झूठी शिकायत दर्ज करवा दी, जिसके चलते कृष्णा को दो दिन तक थाने में बंद रखा गया। आशा का कहना है कि पति पिछले कई वर्षों से न तो उनका खर्च देता है और न ही बेटे व बहू शिवानी की मदद करता है।

सबसे गंभीर आरोप यह है कि करीब डेढ़ साल पहले इंदर ने आशा को झांसा दिया कि खेत उनके नाम पर कर देगा, लेकिन इसी बहाने बैंक लोन के कागजात पर उनके हस्ताक्षर करवा लिए। अब आशा अपने बेटे कृष्णा और बहू शिवानी के साथ मजबूरी में रह रही हैं, जबकि दूसरी पत्नी सोनू लगातार उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही है और कृष्णा को झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश कर रही है।

पीड़िता का कहना है कि पति पूरी तरह सोनू का पक्ष लेता है और पहली पत्नी व बेटे को नजरअंदाज कर चुका है। आशा ने प्रशासन से न्याय, भरण-पोषण और कानूनी सुरक्षा की मांग की है। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी मामले की निष्पक्ष जांच और घरेलू हिंसा कानून के तहत कार्रवाई की मांग की है।

पीड़ित पत्नी आशा सिर्फ इतना चाहती है कि प्रशासन उनके कार्यवाही में तत्काल मदद करें ताकि समय उनके बेटे कृष्ण को उनके पिता का हक मिल सके

‘जिंदगी भर साथ’ का झांसा देकर छोड़ गया प्रेमी, तीन बेटियों के साथ दर-दर भटक रही विधवा मां

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आगरा/जगनेर।
आगरा जिले के थाना जगनेर क्षेत्र में भरोसे के साथ हुए छल का बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। गांव से बड़ा निवासी 36 वर्षीय विधवा पिंकी अपने तीन नाबालिग बच्चों के साथ न्याय की तलाश में दर-दर भटक रही हैं। पति के निधन के चार महीने बाद जिस व्यक्ति ने उन्हें जीवन भर साथ निभाने का वादा किया था, वही अब शादी से मुकर गया है और अपना रिश्ता तोड़ चुका है।

पीड़िता पिंकी फिलहाल C/O 10 गंगा सिंह, सेवला जाट, आगरा (उत्तर प्रदेश–282001) पर रह रही हैं। उनके तीन बच्चे हैं—14 साल की सुरभि, 12 साल की कंचन और 10 साल की वंशिका। परिवार पहले ही पति की मौत के सदमे से उबर नहीं पाया था कि अब यह नया संकट आ खड़ा हुआ है।

पिंकी के अनुसार, पति के जीवित रहते ही उनकी दोस्ती गांव नूनी, थाना जगनेर निवासी देव शर्मा उर्फ अन्ना से हो गई थी। करीब 8–10 महीने तक दोनों किराए के मकान में पति-पत्नी की तरह साथ रहे। पिंकी का कहना है कि देव ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि वह उनके साथ कोर्ट मैरिज करेगा और जिंदगी भर साथ देगा। इसी भरोसे पर पिंकी ने अपना भविष्य उससे जोड़ लिया।

लेकिन अब सच्चाई सामने आई तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। पिंकी का आरोप है कि देव ने पहले कभी नहीं बताया कि वह पहले से शादीशुदा है और उसका एक बेटा भी है। अब वह कह रहा है कि उसकी पत्नी उसे पिंकी से शादी करने या साथ रहने नहीं दे रही है। पिछले एक महीने से यही बहाना बनाकर मामला टाला जा रहा है, जबकि पिंकी लगातार मानसिक प्रताड़ना झेल रही हैं।

तीनों बेटियों की हालत सबसे ज्यादा दयनीय है। मां के साथ कभी कोर्ट, कभी थाने और कभी देव शर्मा के घर के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। घर में कोई स्थायी आय नहीं है, पढ़ाई और रोजमर्रा के खर्च का संकट बना हुआ है।

पिंकी का गंभीर आरोप है कि स्थानीय पुलिस मामले को हल्के में ले रही है और “थोड़े पैसे लेकर मामला रफा-दफा करने” की बात कही जा रही है। कहीं भी उनकी सुनवाई नहीं हो रही, जिससे वे पूरी तरह असहाय महसूस कर रही हैं।

अब पिंकी ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि देव शर्मा के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो, उन्हें और उनकी बेटियों को सुरक्षा मिले और न्याय सुनिश्चित किया जाए। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी महिला संरक्षण कानूनों के तहत त्वरित कार्रवाई की मांग की है।

 

रानीपुर (हरिद्वार) में पारिवारिक विवाद ने लिया हिंसक रूप: युवक पर जानलेवा हमला, शिकायत के बाद उल्टा गिरफ्तारी का आरोप

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रानीपुर, हरिद्वार | 11 फरवरी 2026

रानीपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जमालपुर खुर्द में पारिवारिक विवाद ने उस समय गंभीर और हिंसक रूप ले लिया, जब एक युवक पर कथित रूप से लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला कर उसे जान से मारने की कोशिश की गई। पीड़ित जावेद पुत्र इकराम ने इस संबंध में चौकी गैस प्लांट, थाना रानीपुर में लिखित शिकायत देकर ससुराल पक्ष के कई लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

लंच के दौरान शुरू हुआ विवाद

पीड़ित जावेद के अनुसार, वह राम वाटिका कॉलोनी में कार्य करता है। 10 फरवरी 2026 को दोपहर लगभग 1:00 बजे वह अपने कार्यस्थल से भोजन करने घर लौटा था। आरोप है कि घर पहुंचने पर उसकी पत्नी तरन्नुम ने उसे खाना देने से मना कर दिया और गाली-गलौज शुरू कर दी। जावेद का कहना है कि मामूली कहासुनी देखते ही देखते बड़े विवाद में बदल गई।

ससुराल पक्ष पर हमला करने का आरोप

जावेद का आरोप है कि विवाद के कुछ ही समय बाद उसके ससुराल पक्ष के लोग—महताब, साजिदा, सदिया, आशा, आफताब और तालिब (सभी निवासी जमालपुर खुर्द)—मौके पर पहुंच गए। शिकायत के अनुसार, इन सभी ने मिलकर उसके साथ अभद्र व्यवहार किया और मारपीट शुरू कर दी।

पीड़ित का दावा है कि महताब ने उसके सिर पर लाठी से कई बार वार किया, जबकि अन्य लोगों ने अपने मकान की छत से उस पर पत्थर फेंके। इस हमले में जावेद के सिर पर गंभीर और गहरी चोटें आईं। जावेद का कहना है कि हमला जान से मारने की नीयत से किया गया था।

घायल अवस्था में पहुंचा पुलिस चौकी

घटना के बाद जावेद किसी तरह वहां से जान बचाकर निकला और इलाज कराने के बाद गैस प्लांट चौकी पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। उसने आरोपितों के खिलाफ जानलेवा हमले सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।

पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल

मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब जावेद और उसके परिजनों ने आरोप लगाया कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय जावेद को ही हिरासत में ले लिया। परिजनों का कहना है कि जावेद के ससुराल पक्ष द्वारा पहले भी कई बार मारपीट और जानलेवा हमले किए जा चुके हैं, लेकिन इस बार भी कार्रवाई के बजाय पीड़ित को ही बंद कर दिया गया।

परिवार का आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोग लगातार जावेद और उसके परिजनों को धमका रहे हैं तथा झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं।

पुलिस का पक्ष

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोनों पक्षों की शिकायतों को संज्ञान में लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने कहा कि तथ्यों की जांच के बाद ही उचित कानूनी धाराएं लगाई जाएंगी।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

स्थानीय निवासियों के अनुसार, जावेद और उसके ससुराल पक्ष के बीच पारिवारिक विवाद लंबे समय से चल रहा था, लेकिन मामला इस स्तर तक पहुंच जाएगा, इसकी किसी को उम्मीद नहीं थी। इलाके में इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल है।

कानूनी पहलू

यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो मामला जान से मारने की कोशिश, मारपीट, धमकी और बलवा जैसी गंभीर धाराओं के अंतर्गत दर्ज हो सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय पुलिस जांच और मेडिकल साक्ष्यों पर निर्भर करेगा।

फिलहाल पुलिस जांच जारी है और दोनों पक्षों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों की नजरें अब पुलिस की निष्पक्ष कार्रवाई पर टिकी हैं।

कटिहार में 22 वर्षीय महिला तीन बच्चों के साथ बेसहारा, पति ने दूसरी शादी की, प्रेमी ने भी छोड़ा, पुलिस ने नहीं सुनी फरियाद

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कटिहार (बिहार)।
जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां 22 वर्षीय महिला सोनी आज अपने तीन छोटे बच्चों के साथ न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। सोनी का कहना है कि न तो उसका पति उसे अपनाने को तैयार है और न ही वह व्यक्ति, जिसने जीवन भर साथ निभाने का वादा किया था।

सोनी, जो कटिहार जिले की रहने वाली है, की शादी करीब 10 साल पहले अरविंद ऋषि से हुई थी। कम उम्र में शादी के बाद सोनी तीन बच्चों की मां बनी। शुरुआती वर्षों में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन करीब तीन साल पहले उसकी जान-पहचान राजकुमार नामक युवक से हुई। यह जान-पहचान धीरे-धीरे गहरी होती चली गई।

सोनी का आरोप है कि जब इस संबंध की जानकारी उसके पति अरविंद को हुई, तो उसने सोनी को छोड़ दिया और दूसरी शादी कर ली। पति द्वारा छोड़े जाने के बाद सोनी पूरी तरह टूट गई और उसे सहारे की तलाश थी। इसी दौरान राजकुमार ने उससे शादी का वादा किया और यहां तक कहा कि वह उसके बच्चों को भी अपने साथ रखेगा।

महिला का कहना है कि राजकुमार के आश्वासन पर उसने भविष्य की उम्मीद बांधी, लेकिन अब वही राजकुमार पीछे हट गया है। न तो वह शादी करने को तैयार है और न ही बच्चों की जिम्मेदारी उठाने को। राजकुमार उसे छोड़कर चला गया है और संपर्क भी तोड़ लिया है।

अब स्थिति यह है कि सोनी का पति अरविंद दूसरी शादी कर चुका है और उसे अपनाने से साफ इनकार कर रहा है, जबकि राजकुमार ने भी सभी वादे तोड़ दिए हैं। तीन बच्चों की मां सोनी के सामने न रहने की जगह है, न कोई सहारा और न ही कोई स्थायी आय का स्रोत।

सबसे गंभीर आरोप यह है कि जब सोनी ने पुलिस से मदद मांगी तो उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। पीड़िता का कहना है कि वह थाने के चक्कर काट-काटकर थक चुकी है, लेकिन कोई उसकी सुनवाई नहीं कर रहा।

सोनी ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि उसे और उसके बच्चों को न्याय दिलाया जाए। उसका कहना है कि वह कहीं की नहीं रही है और अब समझ नहीं पा रही कि बच्चों को लेकर कहां जाए। महिला ने मांग की है कि या तो उसे उसका हक दिलाया जाए या फिर उसके बच्चों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

यह मामला न सिर्फ महिला सुरक्षा, बल्कि कानून व्यवस्था और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस पीड़ित महिला की पुकार कब तक सुनता है।

 

 

बॉलीवुड एक्टर, जिसे देखकर पुलिसवाले भी करते थे सैल्यूट, 144 बार निभाया एक ही किरदार, बेटी बनी धर्मेंद्र की हीरोइन

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हिंदी सिनेमा के इस एक्टर ने धर्मेंद्र से लेकर अमिताभ बच्चन जैसे स्टार्स के साथ काम किया और फिल्मों में 144 बार एक ही किरदार निभाया, जिसके चलते एक्टर का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है।किसी भी फिल्म में सबसे ज्यादा अगर किसी की चर्चा होती है तो वह फिल्म का हीरो-हीरोइन और विलेन होते हैं। लेकिन, कई बार कुछ साइड रोल में नजर आने वाले कलाकार भी लाइमलाइट लूट ले जाते हैं। पिछले दिनों कई फिल्मों और सीरीज के साथ ऐसा देखने मिला। इस बीच हम आपको एक ऐसे एक्टर के बारे में बताते हैं, जिसने फिल्मों में 144 बार एक ही तरह का किरदार निभाया और धीरे-धीरे कर इनकी लोकप्रियता इतनी तेजी से बढ़ती गई कि लोग असल जिंदगी में इन्हें पुलिसवाला समझ बैठते थे और खुद पुलिसवाले भी इन्हें सैल्यूट करते थे। हम बात कर रहे हैं 70-80 के दशक के मशहूर एक्टर जगदीश राज की, जिन्होंने 144 फिल्मों में पुलिस अफसर का किरदार निभाया था।

गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज है नाम
जगदीश राज हिंदी सिनेमा के उन चुनिंदा अभिनेताओं में से हैं, जिनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज है। जगदीश ने अपने दौर में अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र, राजेश खन्ना और देव आनंद जैसे कलाकारों के साथ काम किया। 70-80 के दशक में तो जगदीश राज इतने मशहूर हो गए थे कि उन दिनों हर फिल्म में पुलिसवाले के किरदार के लिए उन्हें ही अप्रोच किया जाता था। पुलिस इंस्पेक्टर का किरदार निभाने के बाद कुछ फिल्मों में वह कमिश्नर के रोल में नजर आए। जगदीश राज ने 144 फिल्मों में पुलिसवाले का किरदार निभाया, जिसके चलते उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज है।

डॉक्टर-जज के भी निभाए किरदार
हालांकि, हिंदी सिनेमा में जगदीश राज सिर्फ पुलिसवाले के किरदार में ही बंधकर नहीं रहे। उन्होंने फिल्मों में डॉक्टर और जज के रोल भी निभाए, लेकिन उन्हें आज भी उनके पुलिसवाले किरदारों के लिए ही याद किया जाता है। खास बात तो ये है कि जगदीश राज ही नहीं, उनकी बेटी भी हिंदी सिनेमा की जानी-मानी एक्ट्रेस रही हैं और अब टीवी की दुनिया में अपनी पैठ जमाए हुए हैं। जगदीश राज की बेटी अनीता राज हैं, जिन्होंने खुद कई बॉलीवुड फिल्मों में काम किया है।
अनीता राज ने बॉलीवुड में पाई सफलता
जगदीश राज ने जहां जॉनी मेरा नाम, गैंबलर, डॉन, शक्ति, काला बाजार, ड्रीम गर्ल, सिलसिला और दीवार जैसी फिल्मों में काम किया तो वहीं उनकी बेटी अनीता राज ने भी फिल्मी दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई। अनीता राज ने प्रेम गीत, जान की बाजी, कर्मयुद्ध, गुलामी, नौकर की बीवी, असली-नकली और घर-घर की कहानी जैसी फिल्मों में काम किया और खूब चर्चा में रहीं। अब अनीता राज इन दिनों टीवी सीरियल ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ को लेकर सुर्खियों में बनी रहती हैं, जिसमें वह दादी सा का किरदार निभा रही हैं।

8th Pay Commission पर आ गया बड़ा अपडेट, सरकार ने राज्यसभा के सवालों के दिए जवाब

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वित्त मंत्रालय ने राज्यसभा को बताया कि 8वां वेतन आयोग केंद्र सरकार के लिए काम करने वाले कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन, भत्ते, पेंशन के ढांचे और सेवा की शर्तों की समीक्षा करेगा।8th Pay Commission: देश के तमाम केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग पर एक बड़ा अपडेट आ गया है। सरकार ने राज्यसभा में पूछे गए सवाल पर जवाब देते हुए कहा कि 8वें वेतन आयोग का औपचारिक रूप से गठन हो चुका है और पिछले साल 3 नवंबर, 2025 को ही आयोग के गठन की अधिसूचना जारी कर दी गई थी। वित्त मंत्रालय ने राज्यसभा में पूछे गए सवालों का लिखित जवाब देते हुए कहा कि आयोग तय किए गए समयसीमा के भीतर अपनी सिफारिशें जमा करेगा। बताते चलें कि राज्यसभा ने सरकार से 8वें वेतन आयोग को लेकर जानकारी मांगी थी कि आयोग किन-किन मुद्दों की समीक्षा करेगा और इसकी सिफारिशें कब तक लागू होंगी।

कर्मचारियों की सैलरी की समीक्षा करेगा आयोग
वित्त मंत्रालय ने राज्यसभा को बताया कि 8वां वेतन आयोग केंद्र सरकार के लिए काम करने वाले कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन, भत्ते, पेंशन के ढांचे और सेवा की शर्तों की समीक्षा करेगा। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा को बताया कि आयोग को अपनी रिपोर्ट जमा करने के लिए 18 महीनों का समय दिया गया है। इसका सीधा मतलब ये हुआ कि आयोग साल 2027 में सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा और सरकारी कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी पाने के लिए अभी और इंतजार करना होगा। 8वें वेतन आयोग लागू होने की वजह से सरकार पर कितना वित्तीय बोझ बढ़ेगा, इस सवाल के जवाब में सरकार ने अपने उत्तर में कहा कि अभी इसका पता लगाना संभव नहीं है। सरकार ने कहा कि आयोग की सिफारिशें आने के बाद ही वास्तविक वित्तीय बोझ का पता लगाया जा सकता है।

बैंक कर्मचारियों को नहीं मिलेगा 8वें वेतन आयोग का लाभ
बताते चलें कि केंद्रीय सरकार के तमाम कर्मचारियों पर वेतन आयोग लागू होता है। 8वां वेतन आयोग लागू होने पर केंद्र सरकार के सभी विभागों में काम करने वाले तमाम कर्मचारियों की सैलरी बढ़ जाएगी। इसके अलावा, केंद्र सरकार की नौकरी से रिटायर हुए कर्मचारियों की पेंशन में भी बढ़ोतरी हो जाएगी। 8वां वेतन आयोग बैंक कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। दरअसल, बैंक कर्मचारियों की सैलरी भारतीय बैंक संघ (IBA) के समझौतों के तहत संशोधित किया जाता है। लिहाजा, सरकारी बैंक के कर्चमारी वेतन आयोग के तहत नहीं आते हैं।

लोकसभा में राहुल गांधी बोले- US की शर्तों पर डील करना शर्मनाक, सरकार ने देश को बेच दिया

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लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी बजट पर चर्चा में भाग ले रहे हैं। राहुल ने मार्शल आर्ट में ग्रिप के महत्व की चर्चा से अपना भाषण शुरू किया है। उनके भाषण के दौरान आसन पर जगदंबिका पाल बैठे हैं।संसद के बजट सत्र का आज 11वां दिन है। संसद में बजट पर चर्चा हो रही है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी बजट पर अपनी बात रख रहे हैं। राहुल ने मार्शल आर्ट में ग्रिप के महत्व की चर्चा से अपना भाषण शुरू किया है। उनके भाषण के दौरान आसन पर जगदंबिका पाल बैठे हैं। ग्रिप और चोक से अपनी बात रखते हुए राहुल ने कहा, ”राजनीति में भी ग्रिप होती है, लेकिन दिखती नहीं है।” राहुल गांधी के भाषण के दौरान एपस्टीन शब्द बोलने के बाद लोकसभा में शोर-शराबा देखने को मिला।

लोकसभा में राहुल गांधी ने क्या-क्या कहा?
‘अनिल अंबानी जेल में क्यों नहीं हैं?’- राहुल गांधी ने कहा, “अनिल अंबानी जेल में क्यों नहीं हैं, वह जेल में इसलिए नहीं हैं क्योंकि उनका नाम एपस्टीन फाइल्स में है। हरदीप पुरी ने उन्हें एपस्टीन से मिलवाया था।
अमेरिका के साथ ट्रेड डील में भारत को बेच दिया गया है- राहुल गांधी ने कहा, इस ट्रेड डील में भारत के सामानों पर लगने वाले तीन फीसदी के औसत टैरिफ को 18 फीसदी कर दिया गया है। वहीं अमेरिकी आयात पर टैरिफ जीरो कर दिया गया है। भारतीय किसानों के साथ छल किया गया है। इस डील में आपने भारत को बेच दिया है। अमेरिका ने बांग्लादेशी कपड़ों पर टैरिफ जीरो कर दिया है।
सबसे कीमती चीज भारतीय डेटा है- US और चीन के बीच मुकाबले में, सबसे कीमती चीज भारतीय डेटा है। अगर अमेरिकी सुपरपावर बने रहना चाहते हैं, तो उसके लिए भारतीय डेटा ही सबसे जरूरी है। हमें अपने लोगों, उनके ज्ञान और समझदारी को सामने रखना चाहिए। पॉपुलेशन हमारी सबसे बड़ी ताकत है, लेकिन तभी जब आपको एहसास हो कि डेटा ही वह ताकत है।
आज दुनिया अस्थिरता की दौर से गुजर रही है। हम युद्ध के दौर में प्रवेश कर चुके है। इसके लिए हमें तैयार रहना होगा।
उन्होंने अपने भाषण में AI के खतरे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस खतरनाक AI के कारण हजारों सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की नौकरी जा सकती है लेकिन इन खतरों के बारे में बजट में कुछ भी नहीं कहा गया है।
आज भारतीयों के पास सबसे ज्यादा डेटा है। अमेरिका को भारत का सिर्फ डेटा चाहिए। उसे अपने डॉलर के बचाने के लिए डेटा चाहिए। AI के कारण हमारे सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की नौकरी खतरे में है। AI से एक खतरनाक दुनिया दिख रही है लेकिन, सरकार ने बजट में इन समस्याओं के समाधान का प्रावधान नहीं दिख रहा है।
दुनिया AI के युग में प्रवेश कर चुकी है। पुराने सिस्टम को चैलेंज किया जा रहा है। दुनिया में तेजी से हालात बदल रहे हैं। दुनिया अस्थिरता के दौर में जा रही है। अगर आपके पास डेटा नहीं है तो कुछ नहीं है।
लोकसभा में बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा, “मुझे क्रिएटिव फ्रीडम मिलनी चाहिए।” उनका यह भाषण विपक्षी सदस्यों के कई दिनों के विरोध के बाद आया है, जब उन्हें सदन में पूर्व आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे की अनपब्लिश्ड यादों को कोट करने की इजाजत नहीं दी गई।
माना जा रहा है कि इस दौरान सदन में फिर से हंगामा हो सकता है। बता दें कि बजट सत्र हंगामे की भेंट चढ़ा है। 2 फरवरी से जो हंगामा शुरू हुआ वो 10 फरवरी को दोपहर 2 बजे तक चलता रहा जब तक कि बजट पर चर्चा नहीं शुरू हो गई। इससे पहले आज भी संसद के बाहर विपक्षी सांसदों का प्रोटेस्ट जारी है। हाथों में पोस्टर लेकर विपक्ष के सांसद प्रोटेस्ट कर रहे हैं।

कांग्रेस सांसदों ने स्पीकर से गाली गलौज की- किरेन रिजिजू
वहीं, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस सांसदों पर गाली-गलौच का आरोप लगाया है। रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस के सीनियर अपने सांसदों को उकसा रहे हैं और बदसलूकी के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि स्पीकर के चेंबर में जब कांग्रेस के 20 से 25 सांसद घुसे तो मैं भी वहां गया और जो गाली गलौज स्पीकर के साथ की गई उसे तो मैं बता भी नहीं सकता। स्पीकर तो बहुत नरम आदमी हैं, नहीं तो वो और भी कठोर कदम उठा सकते थे। उन्होंने कहा, “जब स्पीकर से गाली गलौज की जा रही थी तब वहां पर वेणुगोपाल जी भी थे, प्रियंका गांधी भी थीं और कांग्रेस के सीनियर लीडर थे और वो भी उन्हें बढ़ावा दे रहे थे। इससे स्पीकर बहुत आहत हैं। मैंने उनसे बात की है।”

एबी डिविलियर्स का कीर्तिमान ध्वस्त, क्विंटन डी कॉक ने रच दिया इतिहास

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T20 वर्ल्ड कप 2026 में अफगानिस्तान के खिलाफ मैच में क्विंटन डी कॉक ने शानदार अर्धशतक जड़ नया इतिहास रच दिया। क्विंटन डी कॉक दिग्गज एबी डिविलियर्स से आगे निकल गए हैं।SA vs AFG: ICC T20 वर्ल्ड कप 2026 के 13वें मुकाबले में साउथ अफ्रीका और अफगानिस्तान आमने-सामने हैं। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले जा रहे इस अहम मैच में साउथ अफ्रीका के सलामी बल्लेबाज क्विंटन डी कॉक ने बल्ले से कमाल करते इतिहास रच दिया है। क्विंटन डी कॉक ने शानदार अर्धशतक जड़ते हुए साउथ अफ्रीका दिग्गज क्रिकेटर एबी डिविलियर्स को पछाड़ दिया है।
क्विंटन और रयान ने जड़ा अर्धशतक
दरअसल, अफगानिस्तान के खिलाफ साउथ अफ्रीका की पारी का आगाज कुछ खास नहीं रहा। कप्तान एडेन मारक्रम तीसरे ही ओवर में पवेलियन लौट गए। इसके बाद सलामी बल्लेबाज डी कॉक और रयान रिकेल्टन ने पारी को संभाला। दोनों बल्लेबाजों ने एक ही ओवर में अपना अर्धशतक पूरा किया।

रिकेल्टन ने 23 गेंदों में तेज अर्धशतक जमाया, जबकि डी कॉक ने 34 गेंदों पर चौके के साथ अपना अर्धशतक पूरा किया। दोनों के बीच 114 रनों की शानदार साझेदारी हुई, जिसने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। इस दौरान क्विंटन डी कॉक ने T20 वर्ल्ड कप के इतिहास में साउथ अफ्रीका के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उनके नाम अब T20 वर्ल्ड कप में 737* रन हो गए हैं, जिससे उन्होंने एबी डिविलियर्स को पीछे छोड़ दिया है।

T20 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज
क्विंटन डी कॉक – 737*
एबी डिविलियर्स – 717
जेपी डुमिनी – 568
डेविड मिलर – 482
एडेन मारक्रम – 448
इतना ही नहीं, डी कॉक अब T20 वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका के लिए सबसे ज्यादा 50+ स्कोर बनाने वाले खिलाड़ी भी बन गए हैं। उन्होंने 5वीं बार T20 वर्ल्ड कप में 50 से ज्यादा का स्कोर बनाने का कारनामा किया। इस मामले में अब उन्होंने एबी डिविलियर्स की बराबरी कर ली है।

T20 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा 50+ स्कोर बनाने वाले साउथ अफ्रीकी बल्लेबाज

क्विंटन डी कॉक – 5 (29 पारी)
एबी डिविलियर्स – 5 (29 पारी)
एडेन मारक्रम – 4 (20 पारी)
ICC टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 50+ स्कोर बनाने के मामले में डी कॉक पहले से ही दिग्गजों के क्लब में शुमार हैं। कुमार संगकारा (21) इस सूची में शीर्ष पर हैं, जबकि डी कॉक 14 अर्धशतकों के साथ दूसरे स्थान पर हैं। उनके बाद जोस बटलर, एडम गिलक्रिस्ट और मुशफिकुर रहीम 11-11 फिफ्टी प्लस स्कोर के साथ मौजूद हैं।

समस्तीपुर जिले के मोहनगर थाना क्षेत्र के बेड़ी विशनपुर मटिऔर वार्ड संख्या 11 में बुधवार सुबह एक महिला दुकानदार के साथ मारपीट

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लूटपाट और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़िता रीना देवी ने थाना मोहनगर में लिखित आवेदन देकर आरोप लगाया है कि गांव के ही दो लोगों ने उनकी किराना दुकान पर पहुंचकर जबरन सामान ले जाने का प्रयास किया और विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई।

पीड़िता के अनुसार वह 11 फरवरी 2026 की सुबह करीब साढ़े सात बजे अपनी दुकान पर अकेली बैठी थीं। इसी दौरान गांव के सुधीर कुमार सिंह और अरविन्द कुमार सिंह दुकान पर पहुंचे और घरेलू उपयोग का सामान निकालकर ले जाने लगे। जब रीना देवी ने सामान का पैसा मांगा तो दोनों ने भुगतान करने से इनकार कर दिया। विरोध करने पर आरोपियों ने गाली गलौज शुरू कर दी और देखते ही देखते मामला मारपीट में बदल गया। पीड़िता का आरोप है कि मारपीट के दौरान अरविन्द कुमार सिंह ने दुकान के गल्ले से लगभग बीस हजार रुपये निकाल लिए, जबकि सुधीर कुमार सिंह ने उनके गले से सोने का मंगलसूत्र छीन लिया। इसके बाद दोनों दुकान का सामान बिखेरते हुए मौके से फरार हो गए।

रीना देवी ने यह भी आरोप लगाया कि जाते समय आरोपियों ने पुलिस में शिकायत करने पर गोली मारने की धमकी दी। घटना के समय दुकान पर कोई पुरुष सदस्य मौजूद नहीं था, जिससे वह काफी डर गईं। पीड़िता ने यह भी बताया कि घटना से एक दिन पहले 10 फरवरी की रात करीब आठ बजे उनके पति के मोबाइल पर गांव के ही सुनील सिंह, जो पूर्व मुखिया प्रत्याशी बताए जा रहे हैं, ने फोन कर जान से मारने की धमकी दी थी। पीड़िता का कहना है कि उनका आरोपियों से पहले कोई विवाद नहीं रहा है और सभी आरोपी आपस में रिश्तेदार बताए जा रहे हैं।

अजय जी ने यहां भी बताया है कि सुधीर सिंह के चाचा का लड़का जिसका नाम सुनील है उसने कल रात में फोन पर धमकी दी ( 9934448575) अजय जी को जान से मारने की धमकी दी और सुबह उनकी दुकान पर तोड़फोड़ हो गई घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पीड़िता ने पुलिस प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो ऐसी घटनाएं दोबारा हो सकती हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आवेदन के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है।

टाटा मेमोरियल अस्पताल से लापता हुआ कैंसर मरीज, CCTV में बड़ेला की ओर जाते दिखे अरुण कुमार डे; परिवार ने जारी किए संपर्क नंबर

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मुंबई। देश के प्रतिष्ठित टाटा मेमोरियल अस्पताल से इलाज करा रहे ओडिशा के एक कैंसर मरीज के अचानक लापता हो जाने से हड़कंप मच गया है। राय बनिया थाना क्षेत्र, ओडिशा निवासी 47 वर्षीय अरुण कुमार डे 10 जनवरी की शाम करीब 4:08 बजे अस्पताल परिसर से बाहर निकलते हुए सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दिए हैं। इसके बाद से उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है और परिजन लगातार उनकी तलाश में जुटे हैं।

जानकारी के अनुसार अरुण कुमार डे पिछले करीब एक वर्ष से टाटा मेमोरियल अस्पताल में कैंसर का इलाज करा रहे थे। घटना के दिन उनके भाई उमर कुमार ओपीडी में रिपोर्ट का इंतजार कर रहे थे, जबकि उनकी पत्नी कविता डॉक्टर से परामर्श लेने गई थीं। इसी दौरान अरुण कुमार डे अचानक अपनी सीट से उठे और बिना किसी को बताए अस्पताल से बाहर निकल गए। जब कुछ देर बाद परिजनों ने उन्हें तलाशना शुरू किया तो वे कहीं नजर नहीं आए।

अस्पताल प्रशासन द्वारा खंगाले गए सीसीटीवी फुटेज में अरुण कुमार डे को अस्पताल से बाहर निकलकर बड़ेला की दिशा में जाते हुए देखा गया है। इसके बाद उनकी कोई स्पष्ट लोकेशन सामने नहीं आई है। परिजनों का कहना है कि अरुण कुमार डे की मानसिक स्थिति पूरी तरह स्थिर नहीं है। वे हिंदी बोल तो लेते हैं, लेकिन ठीक से समझ नहीं पाते और अपना नाम-पता या पूरा एड्रेस स्पष्ट रूप से नहीं बता पाते। ऐसे में उनके भटक जाने की आशंका और गहरा गई है।

परिवार ने स्थानीय पुलिस थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी है। पुलिस ने फोटो और आवश्यक विवरण दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है, लेकिन खबर लिखे जाने तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है। महानगर जैसी भीड़भाड़ वाली जगह में एक बीमार और मानसिक रूप से कमजोर व्यक्ति का इस तरह लापता हो जाना गंभीर चिंता का विषय बन गया है।

परिजनों ने आम नागरिकों से भावुक अपील की है कि यदि किसी को भी अरुण कुमार डे के बारे में कोई जानकारी मिले, वे कहीं दिखाई दें या किसी को उनके बारे में कोई सुराग मिले, तो तुरंत नीचे दिए गए नंबरों पर संपर्क कर सूचना दें—

9668750667
9348314138
7381576501
9820887383

एक साल से जिंदगी की जंग लड़ रहे अरुण कुमार डे के इस तरह गायब हो जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। हर गुजरता पल उनकी चिंता और बेचैनी बढ़ा रहा है। परिजन और प्रशासन अब उम्मीद लगाए बैठे हैं कि किसी की सतर्कता और एक फोन कॉल से अरुण कुमार डे सुरक्षित अपने परिवार तक लौट सकें।