Thursday, July 9, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
Home Blog Page 135

पति के बाद बेटे की संदिग्ध मौत, विधवा मां का धीमा जहर देकर हत्या का आरोप; पुलिस व ग्राम प्रधान पर मिलीभगत के गंभीर आरोप

0

यमुनानगर/दुसानी।
गांव दुसानी (तहसील जगाधरी, जिला यमुनानगर) की विधवा महिला बबली रानी ने अपने बेटे मोहित की मौत को लेकर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं, जिससे पूरा क्षेत्र स्तब्ध है। पीड़िता का कहना है कि पहले उनके पति शीशपाल की मौत हो चुकी है और अब उनके 32 वर्षीय बेटे मोहित की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है। मां का आरोप है कि उनके बेटे को “धीरे-धीरे जहर” देकर मार दिया गया और इस पूरे मामले में स्थानीय दबंगों, पुलिस और ग्राम प्रधान की मिलीभगत है।

परिजनों के अनुसार, मोहित मानसिक रूप से बीमार था और खेती-बाड़ी का काम करता था। 4 फरवरी 2026 की शाम करीब सात बजे वह घर से निकला था, लेकिन रात भर वापस नहीं लौटा। परिवार ने अपने स्तर पर तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। अगले दिन अखबार में खबर पढ़कर पता चला कि कलानौर के पास रेलवे लाइन के किनारे एक शव बरामद हुआ है। इसके बाद परिवार जीआरपी थाना जगाधरी पहुंचा, जहां फोटो और शव देखकर उन्होंने मृतक की पहचान अपने बेटे मोहित के रूप में की। 6 फरवरी 2026 को शव की शिनाख्त के बाद परिवार अंतिम संस्कार के लिए शव ले गया।

मां बबली रानी का आरोप है कि उनके बेटे की मौत हादसा नहीं बल्कि साजिश है। उन्होंने दावा किया कि “काला राणा गैंग” से जुड़े लोगों—नथूराम, विजय कुमार, राजकुमार, अजय कुमार, ओमप्रकाश व अन्य—ने उनके परिवार को वर्षों से परेशान किया, जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की और मानसिक प्रताड़ना दी। पीड़िता का कहना है कि फर्जी दस्तावेज बनवाकर जमीन हड़पने की साजिश रची गई और परिवार को लगातार डराया-धमकाया गया।

बबली रानी ने यह भी आरोप लगाया कि उनके बेटे को धीरे-धीरे जहर दिया गया, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ती गई और अंततः उसकी मौत हो गई। उनका कहना है कि पुलिस ने भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया और ग्राम प्रधान ने भी उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया। पीड़िता का आरोप है कि स्थानीय स्तर पर मिलीभगत के कारण सच दबाया जा रहा है।

परिवार का कहना है कि जब उन्होंने मदद मांगी तो उन्हें बार-बार टाल दिया गया। बबली रानी ने कहा कि अगर निष्पक्ष जांच होती तो उनके बेटे की जान बच सकती थी। उन्होंने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और न्याय की मांग की है।

स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों ने भी मांग की है कि रेलवे पुलिस, स्थानीय थाना और ग्राम पंचायत की भूमिका की जांच हो, मोबाइल रिकॉर्ड खंगाले जाएं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की पुनः समीक्षा की जाए।

पीड़िता ने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से अपील की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों को सजा दिलाई जाए ताकि किसी और मां को यह दर्द न सहना पड़े।

 

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जनपद के मरिहान थाना क्षेत्र से एक 16 वर्षीय किशोरी के लापता होने का मामला सामने आया है

0

मिर्जापुर/समस्तीपुर

जानकारी के अनुसार नीतू कुमारी, उम्र 16 वर्ष, 17 जनवरी 2026 से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता है। परिजनों का आरोप है कि वह जिस स्थान पर काम करने जाती थी, वहीं से अचानक गायब हो गई और तब से उसका कोई पता नहीं चल सका है।

परिवार के मुताबिक नीतू पिछले एक माह से कम समय से काम पर जा रही थी। 17 जनवरी को भी वह रोज की तरह घर से निकली, लेकिन वापस नहीं लौटी। काफी खोजबीन के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं मिला तो परिजनों ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बावजूद अब तक बच्ची का कोई पता नहीं चल पाया है, जिससे परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।

परिजनों का कहना है कि उन्हें सूचना मिली है कि नीतू के साथ काम करने वाला एक युवक, जिसका नाम मुख्तार बताया जा रहा है, उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ कहीं ले गया है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन परिवार इसी आशंका के आधार पर जांच की मांग कर रहा है।

मामले को लेकर एक और गंभीर आरोप सामने आया है। नीतू के माता-पिता का कहना है कि मुख्तार के घर वालों की ओर से उन्हें फोन कर धमकाया जा रहा है। आरोप है कि फोन पर गाली-गलौज की जाती है और कहा जाता है कि उनकी बेटी को वापस नहीं भेजा जाएगा। इससे परिवार और अधिक भयभीत और परेशान है।

नीतू के माता-पिता ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि उनकी नाबालिग बेटी को जल्द से जल्द सकुशल बरामद किया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने मीडिया से भी मदद की अपील की है ताकि मामले को प्रमुखता से उठाया जाए और उनकी बच्ची तक जल्द पहुंचा जा सके।

इस मामले में पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है और संभावित सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन का दावा है कि टीम गठित कर खोजबीन की जा रही है।

फिलहाल नीतू के परिजन न्याय और अपनी बेटी की सुरक्षित वापसी की आस में दर-दर भटक रहे हैं। इलाके में इस घटना को लेकर लोगों में आक्रोश और चिंता का माहौल है।

राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव नहीं लाएगी सरकार, विवादित भाषण को कार्यवाही से हटाया जाएगा

0

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ केंद्र सरकार विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव नहीं लाएगी। सूत्रों ने बताया कि अब राहुल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव नहीं दिया जाएगा लेकिन विवादित भाषण को सदन की कार्यवाही से हटाया जाएगा।नई दिल्लीः केंद्र सरकार राहुल गांधी के खिलाफ अब विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव नहीं लाएगी। सूत्रों के मुताबिक, सरकार राहुल गांधी के खिलाफ प्रिविलेज मोशन नहीं लाएगी। राहुल गांधी की तरफ से कल दिए भाषण को एक्सपंज कराया जाएगा क्योंकि राहुल गांधी ने जो आरोप लगाए उनको ऑथेंटिकेट नहीं किया है। उधर, बीजेपी सांसद संजय जायसवाल ने लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखकर राहुल गांधी के भाषण से आपत्तिजनक शब्दों को हटाने की मांग की है।

राहुल गांधी के खिलाफ निशिकांत दुबे ने पेश किया प्रस्ताव

उधर, विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि मैंने आज लोकसभा में राहुल गांधी के खिलाफ एक मोशन पेश किया है कि कैसे वे सोरोस जैसी ताकतों की मदद से देश को गुमराह कर रहे हैं। मैंने जो मोशन पेश किया है, उसमें मैंने कहा है कि इस पर चर्चा हो और राहुल गांधी की सदस्यता खत्म कर दी जाए और उन पर ज़िंदगी भर के लिए चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी जाए।

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने गुरुवार को कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ प्रिविलेज मोशन लाने का कोई प्रपोज़ल नहीं है, लेकिन उन्होंने कन्फर्म किया कि उन्होंने राहुल गांधी को पार्लियामेंट से सस्पेंड करने के लिए एक ज़रूरी मोशन पेश किया है।

किरन रिजिजू ने की पीएम मोदी से मुलाकात

वहीं, केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरन रिजिजू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। माना जा रहा है कि उन्होंने सदन में पैदा हुए गतिरोध की जानकारी पीएम को दी।

जगदंबिका पाल ने राहुल गांधी को लेकर कही ये बात

राहुल गांधी के भाषण के दौरान स्पीकर के आसन पर बैठकर सदन की कार्यवाही चलाने वाले बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने गुरुवार को कहा कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं और उन्हें अपने शब्दों और भाषा की मर्यादा का पता होना चाहिए। क्या इस पार्लियामेंट्री डेमोक्रेसी में ऐसा करना सही है?

अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर लोकसभा में विपक्ष का हंगामा

वहीं, विपक्षी दलों के सदस्यों ने अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते को लेकर बृहस्पतिवार को लोकसभा में हंगामा किया, जिसके कारण सदन की कार्यवाही आरंभ होने के सात मिनट के भीतर ही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। सदन की बैठक आरंभ होने पर पीठासीन सभापति कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने प्रश्नकाल शुरू कराया। इसी दौरान विपक्षी सदस्य अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते को लेकर नारेबाजी करते हुए आसन के निकट पहुंच गए।

विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी के बीच ही कांग्रेस सदस्य प्रभा मल्लिकार्जुन ने पूरक प्रश्न पूछा, जिसका उत्तर ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपद नाईक ने दिया। पीठीसीन सभापति ने विपक्षी सदस्यों से नारेबाजी बंद करने और सदन चलने देने की अपील की।

अफगान ऑलराउंडर पर गिरी गाज, ICC ने सुनाई सजा, अंपायर से बहस करना पड़ा भारी

0

T20 वर्ल्ड कप 2026 के बीच अफगानिस्तान के स्टार ऑलराउंडर मोहम्मद नबी को तगड़ा झटका लगा है। नबी पर भारी जुर्माना लगाया गया है।ICC T20 वर्ल्ड कप 2026 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ ग्रुप-डी मुकाबले में मिली हार के बाद अफगानिस्तान की टीम के लिए बुरी खबर आई है। टीम के अनुभवी ऑलराउंडर मोहम्मद नबी पर ICC ने आचार संहिता का उल्लंघन करने पर कड़ा एक्शन लिया है। नबी पर उनकी मैच फीस का 15 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है। ICC ने बताया कि नबी ने खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए बनाई गई आचार संहिता के अनुच्छेद 2.4 का उल्लंघन किया है। यह धारा इंटरनेशनल मैच के दौरान अंपायर के निर्देशों की अवहेलना से जुड़ी है। इस मामले में नबी के अनुशासन रिकॉर्ड में एक डिमेरिट अंक भी जोड़ा गया है। पिछले 24 महीनों में यह उनका पहला अपराध है।
नबी ने मानी अपनी गलती
यह घटना अफगानिस्तान की पारी के 14वें ओवर की शुरुआत में हुई। नबी ने साउथ अफ्रीकी तेज गेंदबाज लुंगी एनगिडी की कलाई पर बंधे बैंड को लेकर अंपायरों से लंबी बहस की। इसी दौरान अंपायरों के निर्देशों की अवहेलना का मामला सामने आया, जिसके बाद उन पर कार्रवाई की गई। मैच रेफरी डेविड गिलबर्ट द्वारा प्रस्तावित सजा को नबी ने स्वीकार कर लिया, जिससे औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी। यह आरोप ऑन-फील्ड अंपायर जयारमन मदनगोपाल और शरफुद्दौला इब्ने शाहिद, थर्ड अंपायर नितिन मेनन और फोर्थ अंपायर केएन अनंतपद्मनाभन ने लगाया था।
अफगानिस्तान को पहली जीत की तलाश
ICC के लेवल-1 कैटेगिरी के तहत न्यूनतम सजा आधिकारिक फटकार होती है, जबकि अधिकतम सजा मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना और एक या दो डिमेरिट पॉइंट हो सकते हैं। यदि कोई खिलाड़ी 24 महीनों के भीतर चार या उससे अधिक डिमेरिट पॉइंट हासिल कर लेता है, तो उन्हें सस्पेंशन प्वाइंट्स में बदल दिया जाता है और खिलाड़ी पर प्रतिबंध लगाया जाता है। दो सस्पेंशन प्वाइंट्स का मतलब है एक टेस्ट या दो ODI या दो T20I मैचों से निलंबन, जो भी पहले लागू हो। डिमेरिट पॉइंट 24 महीनों तक खिलाड़ी के रिकॉर्ड में बने रहते हैं, जिसके बाद हटा दिए जाते हैं। अफगानिस्तान के स्टार खिलाड़ी पर ये कार्रवाई ऐसे समय आई है जब टीम पहले ही टूर्नामेंट में अपनी लय तलाश रही है। अब देखना होगा कि नबी और उनकी टीम इस झटके से उबरकर अगले मैचों में कैसी वापसी करती है।

चारधाम रेल परियोजना को लेकर आ गया बड़ा अपडेट, जानें कब खत्म होगा बस-टैक्सी का झंझट

0

चारधाम यात्रा पर जाने का सपना तो हर किसी का होता है। लेकिन दुर्गम रास्‍ते और बस-टैक्सी के झंझट की वजह से कई लोग पीछे हट जाते हैं। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। इस रेल प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद लोग सीधे ट्रेन से कर्णप्रयाग तक पहुंच सकेंगे।जल्‍द ही उत्तराखंड की चारधाम यात्रा आसान होने वाली है। श्रद्धालुओं को लंबा और थकाने वाला बस-टैक्सी सफर नहीं करना पड़ेगा। बुजुर्ग भी आराम से चारधाम यात्रा पर जाने की तैयारी कर सकते हैं। भारतीय रेलवे ने इसका पूरा ब्‍लू प्रिंट तैयार कर लिया है। सरकार ने इसे लेकर बुधवार को लोकसभा में बड़ा अपडेट दिया है।रेल मंत्री ने क्या बताया?
सरकार ने बताया कि चारधाम तक रेल संपर्क के लिए ऋषिकेश-कर्णप्रयाग नामक एक नई रेल लाइन परियोजना को मंजूरी दी गई है तथा गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ तक रेल संपर्क के विस्तार के लिए सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बीजेपी सांसद अनिल बलूनी और अजय भट्ट के प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

40384 करोड़ रुपये होंगे खर्च
मंत्री ने बताया कि उत्तराखंड में 40,384 करोड़ रुपये की लागत वाली 216 किलोमीटर की कुल लंबाई की तीन नई लाइन को मंजूरी दी गई है, जिनमें से 16 किलोमीटर हिस्सा चालू हो गया है और मार्च 2025 तक 19,898 करोड़ रुपये का व्यय हुआ है। उन्होंने कहा, ”चारधाम को रेल संपर्क प्रदान करने के लिए ऋषिकेश-कर्णप्रयाग नई रेल लाइन परियोजना (125 किमी) को मंजूरी दे दी गई है। गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ तक रेल संपर्क को आगे बढ़ाने के लिए सर्वेक्षण पूरा हो चुका है। हालांकि, परियोजना का मार्ग हिमालय के मुख्य मध्य भाग के निकट स्थित है, जो भूकंप के दृष्टिकोण से अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्र है।

क्या होगा रूट?
इस रेल परियोजना का मार्ग उत्तराखंड के देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों से होकर गुजरता है तथा देवप्रयाग और कर्णप्रयाग के धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को ऋषिकेश और राष्ट्रीय राजधानी को रेल संपर्क के माध्यम से जोड़ेगा।

अब तक कितना काम हुआ?
रेल परियोजना का अधिकांश मार्ग सुरंगों से होकर गुजरता है। इस परियोजना में 104 किलोमीटर लंबाई की 16 मुख्य सुरंगों और लगभग 98 किलोमीटर लंबाई की 12 ‘एस्केप’ (आपातकालीन उपयोग में लायी जा सकने वाली) सुरंगों का निर्माण शामिल है।
अब तक 99 किलोमीटर लंबाई की मुख्य सुरंगें और 94 किलोमीटर से अधिक लंबाई की 9 ‘एस्केप’ सुरंगें पूरी हो चुकी हैं।
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग नई रेल लाइन परियोजना में 104 किलोमीटर लंबाई की 16 मुख्य सुरंगें और लगभग 98 किलोमीटर लंबाई की 12 ‘एस्केप’ सुरंगों का निर्माण शामिल है।
अब तक 99 किलोमीटर लंबाई की मुख्य सुरंगें और 94 किलोमीटर से अधिक लंबाई की 9 एस्केप सुरंगें पूरी हो चुकी हैं।
बता दें कि इस रेल लाइन से न केवल चारधाम जाने वाले श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी, बल्कि उत्‍तराखंड के तमाम शहरों की कनेक्टिविटी बढ़ जाएगी। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्‍ट में से एक है, इसि‍लए तेजी से काम चल रहा है।

उदित नारायण पर लगा जबरन गर्भाशय निकलवाने का आरोप, पहली पत्नी ने किए खुलासे, शिकायत दर्ज

0

फेमस सिंगर उदित नारायण की पहली पत्नी रंजना ने उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले में उन्होंने शिकायत भी दर्ज कराई है। सिंगर की पत्नी का दावा है कि जबरन उनका यूट्रस निकलवा दिया गया है। जानें क्या है पूरा मामला।बॉलीवुड के मशहूर प्लेबैक सिंगर उदित नारायण एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। उनकी पहली पत्नी रंजना ने बिहार के सुपौल जिले के महिला पुलिस थाने में गंभीर आरोपों के साथ शिकायत दर्ज कराई है। रंजना का दावा है कि मेडिकल इलाज के बहाने उनकी जानकारी और सहमति के बिना उनका यूट्रस (गर्भाशय) निकाल दिया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रंजना मंगलवार को अपने वकील करुणाकांत झा के साथ महिला थाने पहुंचीं और एक औपचारिक आवेदन सौंपा। अपनी शिकायत में उन्होंने उदित नारायण, उनके दो भाइयों संजय कुमार झा और ललित नारायण झा और उनकी दूसरी पत्नी दीपा नारायण पर आपराधिक साजिश (क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी) में शामिल होने का आरोप लगाया है।
शादी और दूसरी शादी का आरोप
NDTV की रिपोर्ट के अनुसार रंजना ने अपने आवेदन में बताया कि वह सुपौल जिले के चंद्रकांत झा की 61 वर्षीय बेटी हैं। उनके अनुसार, 7 दिसंबर 1984 को उन्होंने हिंदू रीति-रिवाजों के साथ उदित नारायण से शादी की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि 1985 में उदित नारायण सिंगिंग करियर बनाने के लिए मुंबई चले गए। रंजना का कहना है कि बाद में उन्हें मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए पता चला कि उदित ने दीपा नारायण से दूसरी शादी कर ली है। हालांकि जब भी उन्होंने इस बारे में उदित से सवाल किया तो उन्होंने या तो इनकार किया या उन्हें गुमराह किया।

बिना सहमति के सर्जरी का आरोप
रंजना ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 1996 में उदित नारायण और उनके भाई उन्हें इलाज के बहाने दिल्ली के एक बड़े अस्पताल ले गए। उनका दावा है कि इसी दौरान बिना उनकी जानकारी या सहमति के उनका यूट्रस निकाल दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उस समय दीपा नारायण अस्पताल में मौजूद थीं। रंजना के मुताबिक, उन्हें इस सर्जरी के बारे में कई साल बाद तब पता चला जब वे अन्य मेडिकल जांच के लिए डॉक्टर के पास गईं। इस खुलासे से वह स्तब्ध और मानसिक रूप से आहत हो गईं।

दुर्व्यवहार और उपेक्षा के आरोप
रंजना ने यह भी आरोप लगाया कि 2006 में जब वह मुंबई गईं, तो उदित नारायण और दीपा ने उनके साथ खराब व्यवहार किया और उन्हें घर में प्रवेश नहीं करने दिया। इसके बाद वह नेपाल स्थित अपने ससुराल गईं, जहां कथित तौर पर उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया और उन्हें वहां से भी लौटना पड़ा। तब से वह अपने मायके में रह रही हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने पहले भी सुपौल के फैमिली कोर्ट और महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। उनके अनुसार, उदित नारायण ने एक समय उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार किया था और समझौते का आश्वासन भी दिया था, लेकिन बाद में वादे पूरे नहीं किए और उन्हें आर्थिक व अन्य सहयोग नहीं दिया।

वादा तोड़ते हैं उदित
मीडिया से बात करते हुए रंजना ने कहा, ‘मुझे न्याय मिलना चाहिए। उदित नारायण बार-बार वादे करते हैं, लेकिन उन्हें निभाते नहीं हैं।’ उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी वह गांव आते हैं तो नए वादे करके चले जाते हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि वह इन दिनों लगातार बीमार रहती हैं और उन्हें सहयोग की जरूरत है, लेकिन उन्हें कोई सहायता नहीं मिल रही।

पुलिस का बयान
महिला थाने की प्रभारी अंजू तिवारी ने पुष्टि की है कि शिकायत प्राप्त हो गई है। उन्होंने बताया कि आरोपित घटनाएं लगभग तीन दशक पुरानी हैं और मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर एफआईआर दर्ज की जाएगी और आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला जांच के दायरे में है और सभी पक्षों की बात सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

आजादी के 55 सालों बाद चुनाव से दूर अवामी लीग, जानिए कितनी बार बांग्लादेश की पीएम रह चुकीं शेख हसीना?

0

बांग्लादेश में हो रहे चुनाव में अवामी लीग को बाहर किया गया है। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना अगस्त 2024 में पीएम पद से इस्तीफा देने के बाद भारत आ गईं थीं। इस रिपोर्ट में जानिए शेख हसीना कितनी बार बांग्लादेश में प्रधानमंत्री चुनी गईं और उनका राजनीतिक करियर कैसा रहा?बांग्लादेश में आज (12 फरवरी) आम चुनाव हो रहे हैं। इस चुनाव से तय हो जाएगा कि बांग्लादेश की आवाम किसे अपना प्रधानमंत्री चुनती है। बांग्लादेश में आज 300 सीटों के लिए वोट डाले जा रहे हैं। बांग्लादेश में कुल 350 सीटों वाला संसद है। 300 सीटें सीधे चुनी जाती हैं, बाकी 50 सीटें बाद में भरी जाती हैं। अगस्त 2024 में शेख हसीना के भारत भागने के बाद पहली बार बांग्लादेश में आज वोटिंग हो रही है। इस चुनाव में शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग को बाहर किया गया है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP), जमात-ए-इस्लामी, नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP), जातीय पार्टी और कई स्वतंत्र उम्मीदवार भी चुनावी मैदान में हैं।
55 सालों में ऐसा पहली बार हो रहा ऐसा
बांग्लादेश की आजादी (1971) के बाद पहली बार अवामी लीग किसी राष्ट्रीय संसदीय चुनाव में हिस्सा नहीं ले रही है। यानी 1971 से अब तक के 55 सालों में ऐसा पहली बार हो रहा है कि यह पार्टी चुनावी मैदान से बाहर है। बांग्लादेश में शेख हसीना वहां की कद्दावर नेता हैं। जो कि अब अपना देश छोड़कर भारत भाग आई हैं।

5 बार की प्रधानमंत्री रह चुकीं शेख हसीना
बांग्लादेश की राजनीति में शेख हसीना का नाम इतिहास के सबसे लंबे समय तक सत्ता में रहने वाली महिला नेता के रूप में दर्ज है। बांग्लादेश की आजादी के बाद से अब तक वे कुल 5 बार प्रधानमंत्री रही हैं। पहली बार 1996 में और फिर 2009 से 2024 तक वह लगातार चार बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री रह चुकी हैं। बांग्लादेश में वह लगभग 20 साल से ज्यादा समय तक प्रधानमंत्री रही हैं। इसमें 2009-2024 के बीच शेख हसीना का पीएम के रूप में 15 साल तक सबसे लंबा कार्यकाल रहा है।

पहली बार 1996 में बनी प्रधानमंत्री
बांग्लादेश में शेख हसीन पहली बार जून 1996 में प्रधानमंत्री बनीं। ये कार्यकाल साल 2001 तक चला था। शेख हसीना जून 1996 में अवामी लीग की जीत के बाद 23 जून 1996 को पहली बार प्रधानमंत्री बनीं थीं। यह उनका पहला कार्यकाल था, जो जुलाई 2001 तक चला था। इस दौरान वे पूरे 5 साल का कार्यकाल पूरा करने वाली बांग्लादेश की पहली पीएम बनीं थीं।

साल 2009 में सभाली दूसरी बार सत्ता
शेख हसीना दूसरी बार साल 2009 में प्रधानमंत्री बनीं थीं। ये कार्यकाल साल 2014 तक चला था। शेख हसीना दिसंबर 2008 के चुनाव में भारी जीत के बाद जनवरी 2009 में दोबारा सत्ता संभाली थी।

2014 के चुनाव का BNP ने किया बहिष्कार
शेख हसीना तीसरी बार 2014 में प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। साल 2018 तक वह पीएम रहीं। 2014 के चुनाव का मुख्य विपक्ष पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने बहिष्कार किया था। इसी चुनाव में शेख हसीना ने लगातार तीन बार पीएम के रूप में बने रहने की हैट्रिक मारी थी।

2018 में चौथी बार शेख हसीना बनीं प्रधानमंत्री
बांग्लादेश में शेख हसीना चौथी बार 2018-2024 के बीच प्रधानमंत्री चुनी गईं थीं। 2018 के चुनाव में एक बार फिर अवामी लीग की जीत ने कार्यकर्ताओं में जोश भर दिया था। बांग्लादेश में अवामी लीग पार्टी लगातार अपने झंडे बुंलद कर रही थी।

पांचवीं बार पीएम बनीं और देश छोड़कर भागना पड़ा
साल जनवरी 2024 में शेख हसीना पांचवीं बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री बनीं थीं। बांग्लादेश का ये चुनाव काफी विवादों में रहा था। मुख्य विपक्षी दल बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने चुनाव का बहिष्कार किया था। बीएनपी ने इसे नकली चुनाव करार दिया था। तब विपक्षी नेताओं की बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां हुईं थीं। इसको लेकर बांग्लादेश में शेख हसीना के खिलाफ जन आंदोलन भी शुरू हो गए थे। अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन और हिंसा के बाद शेख हसीना को पीएम पद से इस्तीफा देने के बांग्लादेश छोड़ना पड़ा और वह भाग कर भारत आ गईं।

शेख हसीना के बगैर बांग्लादेश में चुनाव
अब 12 फरवरी 2026 के चुनाव में अवामी लीग के बहिष्कार और प्रतिबंध के कारण 55 साल बाद ऐसा हो रहा है कि बांग्लादेश का सबसे पुराना राजनीतिक दल चुनावी मैदान में नहीं है। शेख हसीना की अनुपस्थिति में बीएनपी, जमात-ए-इस्लामी और नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) जैसे नए चेहरे इस बार सत्ता की दौड़ में हैं। यह चुनाव न सिर्फ बांग्लादेश की नई राजनीतिक दिशा तय करेगा, बल्कि हसीना के लंबे शासनकाल के बाद की कहानी भी लिखने वाला है।

हड़ताल में शामिल हुए तो कट जाएगी सैलरी, राज्य सरकार का आदेश जारी, सिर्फ 4 वजहों पर मिलेगी छुट्टी

0

सरकार ने साफ कर दिया है कि हड़ताल वाले दिन सिर्फ चार कारणों से छुट्टी दी जाएगी। इसके अलावा किसी अन्य कारण से छुट्टी लेने पर सैलरी कटेगी। हालांकि, ये नियम सिर्फ उसी दिन लागू होंगे, जब कोई हड़ताल होगी।ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस और संयुक्त किसान मोर्चा जैसे संगठनों ने पूरे देश में बंद का ऐलान किया है। व्यापार संघों ने चार श्रम संहिताओं, बिजली विधेयक 2025, बीज विधेयक 2025 और पशु एवं पशु एवं पशु कृषि अधिनियम 2025 को वापस लेने की मांग के समर्थन में यह हड़ताल बुलाई है। ऐसे में केरल सरकार ने कहा है कि अगर कोई सरकारी कर्मचारी ऐसी किसी हड़ताल में शामिल होता है तो उसकी सैलरी कट जाएगी।
केरल सरकार ने चेतावनी दी है कि अगर सरकारी कर्मचारी देशव्यापी बंद में हिस्सा लेते हैं तो उनकी सैलरी कट जाएगी। अलग-अलग ट्रेड यूनियनों की देशव्यापी हड़ताल के बाद, केरल की एलडीएफ सरकार ने हड़ताली कर्मचारियों के लिए नो वर्क नो पे का ऐलान किया है। सरकार ने बुधवार देर रात एक ऑर्डर जारी किया, जिसमें कहा गया कि बिना इजाजत के गैरहाजिरी में सैलरी रोकी जाएगी।

हड़ताल वाले दिन कड़ी शर्तों पर मिलेगी छुट्टी
12 फरवरी को कुछ राज्य सरकार के कर्मचारी संगठनों और टीचरों की हड़ताल के बीच, सरकारी सर्कुलर में कहा गया है कि कर्मचारियों को छुट्टी सिर्फ कड़ी शर्तों पर ही दी जाएगी। ऑर्डर के मुताबिक, सरकारी कर्मचारियों और टीचरों को हड़ताल वाले दिन किसी भी तरह की छुट्टी नहीं दी जाएगी।

सिर्फ चार वजहों से मिलेगी छुट्टी
व्यक्ति या किसी करीबी रिश्तेदार की बीमारी (करीबी रिश्तेदार में सरकारी कर्मचारी के पति/पत्नी, बच्चे, पिता और माता शामिल हैं)
कर्मचारी की परीक्षा के लिए
कर्मचारी की मैटरनिटी के लिए
इसी तरह के दूसरे जरूरी कारण
इन मांगों के लिए हो रही हड़ताल
अखिल भारतीय आम हड़ताल अलग-अलग मांगों को लेकर हो रही है। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने किसानों से श्रमिक संगठन कार्यकर्ताओं के साथ जुड़ने का आह्वान किया। एसकेएम ने एक बयान में कहा कि हड़ताल में चार श्रम संहिताओं, बिजली विधेयक-2025, बीज विधेयक-2025 और वीबी-जी राम जी अधिनियम-2025 की वापसी, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, योजना श्रमिकों सहित श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी का कार्यान्वयन और अन्य मांगें शामिल हैं। बयान में कहा गया कि कृषि श्रमिक संघों और एनआरईजीए संघर्ष मोर्चा (एनएसएम) का मंच भी देश भर में होने वाले विरोध प्रदर्शनों का समर्थन करेगा और उनमें भाग लेगा। बयान में कहा गया, ”एसकेएम जनता से केंद्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा किसानों, श्रमिकों और आम लोगों पर किए जा रहे सभी नए हमलों का विरोध करने का आह्वान करता है।” एसकेएम ने कहा, ” एसकेएम सभी किसानों से सामूहिक रूप से विरोध प्रदर्शन में शामिल होने, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पुतले जलाने के अलावा मुक्त व्यापार समझौतों की प्रतियां जलाने की अपील करता है। यह औद्योगिक श्रमिकों के साथ एकजुटता दिखाने और सरकार की सभी जनविरोधी, कॉर्पोरेट समर्थक नीतियों के खिलाफ एक प्रदर्शन है।”

आज भारत बंद है, क्या राष्ट्रव्यापी हड़ताल के कारण बैंक-ATM भी बंद रहेंगे? जान लीजिए

0

केंद्र सरकार की कथित मजदूर विरोधी नीतियों के विरोध में केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच द्वारा बुलाए गए राष्ट्रव्यापी हड़ताल के मद्देनजर गुरुवार को देश भर में भारत बंद का पालन किया जा रहा है। इस हड़ताल में बैंकिंग यूनियनें भी शामिल हैं। तो क्या आज बैंक बंद रहेंगे, जान लें।केंद्र सरकार की कथित मजदूर विरोधी नीतियों के विरोध में केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच द्वारा बुलाए गए राष्ट्रव्यापी हड़ताल के मद्देनजर गुरुवार को देश भर में भारत बंद का पालन किया जा रहा है। इस हड़ताल में बैंकिंग यूनियनें भी शामिल हैं। इस प्रकार, हड़ताल के बीच, बैंकिंग कार्यों पर अनिश्चितता छाई हुई है, और शहरों भर के ग्राहक इस बात को लेकर अनिश्चित हैं कि शाखाएं सामान्य रूप से काम करेंगी या उन्हें व्यवधानों का सामना करना पड़ेगा क्योंकि कई बैंक यूनियन हड़ताल के आह्वान का समर्थन कर रहे हैं।

क्या आज बैंक खुले रहेंगे?

हालांकि बैंक खुले रहेंगे, लेकिन सेवाओं में व्यवधान आ सकता है क्योंकि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा और यूको बैंक जैसे प्रमुख संस्थानों ने भारत बंद के दौरान संभावित सेवा प्रभावों के बारे में बीएसई को सूचित कर दिया है।

बैंक ऑफ बड़ौदा ने बीएसई को दी गई जानकारी के माध्यम से ग्राहकों को सूचित किया है कि हालांकि बैंक सामान्य कामकाज शुरू करने की तैयारी कर रहा है, लेकिन हड़ताल होने की स्थिति में शाखा सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। इसी तरह, एसबीआई ने बताया कि सामान्य कामकाज सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं कर ली गई हैं, फिर भी शाखाओं और कार्यालयों में कामकाज सीमित रूप से प्रभावित हो सकता है।

यूको बैंक ने बीएसई में दाखिल अपने पत्र में भी इसी तरह के बयान दिए हैं, जिसमें कहा गया है कि सुचारू संचालन के लिए कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन हड़ताल होने की स्थिति में शाखाओं का कामकाज प्रभावित हो सकता है। जो ग्राहक 12 फरवरी को बैंक सेवाओं के बारे में जानना चाहते हैं, उनके लिए यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि हालांकि बैंक आधिकारिक तौर पर बंद नहीं हैं, लेकिन लेन-देन की योजना पहले से बनाने से संभावित सेवा सीमाओं के कारण होने वाली असुविधा से बचने में मदद मिल सकती है।

कौन-कौन से बैंक यूनियन भाग ले रहे हैं और क्यों? –
ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज़ एसोसिएशन (AIBEA), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (AIBOA) और बैंक एम्प्लॉइज़ फेडरेशन ऑफ इंडिया (BEFI) सहित प्रमुख बैंक यूनियनों ने इस विरोध प्रदर्शन के लिए 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के साथ मिलकर काम किया। उन्होंने नए श्रम कानूनों पर चिंता जताई है और आरोप लगाया है कि ये सुधार श्रमिकों के हित में नहीं हैं और ट्रेड यूनियन पंजीकरण को और अधिक कठिन बन सकते हैं।

यह विरोध प्रदर्शन ऐसे समय में हो रहा है जब बैंक संघ बेहतर कामकाजी परिस्थितियों के लिए सक्रिय रूप से अभियान चला रहे हैं, जिसमें कर्मचारियों के लिए कार्य-जीवन संतुलन को बढ़ाने के लिए पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की लंबे समय से लंबित मांग भी शामिल है।

सिंगरौली जिले के बैढ़न थाना क्षेत्र में देर रात खड़ी मोटरसाइकिल चोरी होने की घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है।

0

जानकारी के अनुसार ग्राम सुलियरी निवासी 21 वर्षीय रामसजीवन शाह, जो एक निजी कुरियर कंपनी में डिलीवरी का कार्य करते हैं, रोज की तरह काम खत्म कर अपनी काले रंग की हीरो स्प्लेण्डर प्लस मोटरसाइकिल को जिलानी मोहल्ला बलियरी स्थित अपने ऑफिस के सामने खड़ी कर कमरे पर सोने चले गए। सुबह जब वह वापस ऑफिस पहुंचे तो उनकी मोटरसाइकिल वहां से गायब थी। आसपास काफी तलाश करने के बावजूद बाइक का कोई सुराग नहीं लगा।

बताया जा रहा है कि चोरी गई मोटरसाइकिल की कीमत लगभग पचास हजार रुपये आंकी गई है। पीड़ित ने तत्काल माड़ा थाना पहुंचकर मौखिक रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने अज्ञात चोर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच की जिम्मेदारी कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक सजीत सिंह को सौंपी गई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है और संदिग्धों की तलाश में जुट गई है।

इलाके में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं से स्थानीय लोगों में भय का माहौल है। लोगों का कहना है कि रात के समय सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए जाने की आवश्यकता है ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है और वाहन बरामद करने के लिए टीम सक्रिय है।