Thursday, July 2, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
Home Blog Page 13

प्रेम विवाह के ढाई साल बाद टूटा भरोसा, गर्भवती पत्नी को घर से निकाला, आठ माह का दूधमुंहा बच्चा भी छीनने का आरोप

0

सीतामढ़ी। बिहार के सीतामढ़ी जिले के कनोली थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने रिश्तों, विश्वास और महिला सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रेम विवाह कर अपने परिवार और घर-द्वार को छोड़कर पति के साथ नई जिंदगी शुरू करने वाली 20 वर्षीय संजीदा देवी आज न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। पीड़िता का आरोप है कि जिस युवक के लिए उसने सब कुछ छोड़ दिया, वही आज उसे अपनाने से इनकार कर रहा है।

जानकारी के अनुसार संजीदा देवी ने लगभग ढाई वर्ष पूर्व दीपक नामक युवक से प्रेम विवाह किया था। प्रेम संबंध के बाद दोनों ने साथ जीवन बिताने का फैसला किया और विवाह कर लिया। संजीदा का कहना है कि शादी के बाद शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य रहा और दीपक ने उसे खुश भी रखा। लेकिन समय बीतने के साथ परिस्थितियां बदलने लगीं और पति का व्यवहार उसके प्रति कठोर होता चला गया।

पीड़िता का आरोप है कि पिछले कुछ समय से दीपक उसके साथ मारपीट कर रहा था और मानसिक रूप से भी प्रताड़ित कर रहा था। संजीदा का कहना है कि उसने परिवार बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया, लेकिन प्रताड़ना लगातार बढ़ती गई। इस बीच दंपति को एक पुत्र हुआ, जिसकी उम्र वर्तमान में लगभग आठ माह बताई जा रही है। इतना ही नहीं, संजीदा एक बार फिर गर्भवती है और जल्द ही दूसरे बच्चे को जन्म देने वाली है।

संजीदा देवी का आरोप है कि गर्भावस्था की स्थिति में भी उसके साथ कोई संवेदनशीलता नहीं दिखाई गई। उसने बताया कि दीपक ने उसे घर से बाहर निकाल दिया और उसका आठ माह का दूधमुंहा बच्चा भी अपने पास रख लिया। पीड़िता का कहना है कि मां से उसके छोटे बच्चे को अलग कर दिया गया, जिससे वह बेहद परेशान और मानसिक रूप से टूट चुकी है।

सबसे गंभीर आरोप यह है कि दीपक अब उसे पहचानने तक से इनकार कर रहा है। संजीदा का कहना है कि जब उसने पति से वापस घर में रखने और बच्चे को सौंपने की गुहार लगाई तो उसने साफ कह दिया कि वह उसे नहीं जानता और अपने साथ नहीं रखेगा। इसके बाद से वह न्याय की तलाश में भटक रही है।

पीड़िता का कहना है कि उसने प्रेम के भरोसे अपना परिवार, रिश्तेदार और पुराना जीवन छोड़ दिया था। उसे उम्मीद थी कि उसका वैवाहिक जीवन खुशहाल रहेगा, लेकिन आज वह गर्भवती होने के बावजूद बेघर और असहाय महसूस कर रही है। उसका आरोप है कि उसे न केवल पति का साथ खोना पड़ा, बल्कि अपने दूध पीते बच्चे से भी दूर होना पड़ा है।

संजीदा देवी ने प्रशासन और महिला सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है। उसने अपील की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, उसे न्याय दिलाया जाए और उसके बच्चे को उससे मिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए। पीड़िता का कहना है कि वह केवल अपने अधिकार और अपने बच्चे का साथ चाहती है।

वहीं इस मामले ने क्षेत्र में भी चर्चा का विषय बना दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पीड़िता के आरोप सही पाए जाते हैं तो यह एक गंभीर सामाजिक और मानवीय मामला है, जिसमें तत्काल संवेदनशील कार्रवाई की आवश्यकता है।

बैनामा, नामांतरण और शिकायतों के बावजूद नहीं मिला कब्जा! 10 साल से जमीनी विवाद में फंसा परिवार, दबंगों पर धमकी और प्रशासन पर सुनवाई न करने का आरोप

0

गोंडा। उत्तर प्रदेश के गोंडा जनपद के थाना कटरा बाजार क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सबगिपुर (सर्वांगपुर), परगना पहाड़ापुर में जमीन विवाद का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पिछले लगभग दस वर्षों से वह अपनी ही भूमि के लिए प्रशासनिक कार्यालयों और न्यायालयों के चक्कर काटने को मजबूर है, लेकिन आज तक उसे न्याय नहीं मिल सका। परिवार का कहना है कि बैनामा, राजस्व अभिलेखों में नाम दर्ज होने और कई बार शिकायत करने के बावजूद कथित दबंगों ने जमीन पर कब्जा कर रखा है और लगातार जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं।

पीड़ित उमाशंकर तिवारी ने बताया कि उनके परिवार का जमीन संबंधी विवाद वर्षों से चल रहा है। मामले में कई बार राजस्व न्यायालय में सुनवाई हुई, जिसमें एक बार उनके पक्ष में आदेश भी हुआ, जबकि दूसरी ओर गांव के ही पट्टीदार चंद्रशेखर तिवारी द्वारा न्यायालय से स्थगन आदेश (स्टे) प्राप्त कर लिया गया। इसी विवाद का लाभ उठाकर कथित रूप से विपक्षी पक्ष जमीन पर कब्जा बनाए हुए है।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि सत्यदेव तिवारी की पत्नी नेहा तिवारी के नाम चार बिस्वा भूमि का विधिवत बैनामा कराया गया था। इसके बाद राजस्व अभिलेखों में उनका नाम भी दर्ज हो गया, लेकिन गांव के ही अनिल कुमार उर्फ सोनू तिवारी ने करीब दो-तीन माह पूर्व उक्त भूमि पर जबरन कब्जा कर लिया। आरोप है कि वहां लकड़ी, भूसा और अन्य सामान रखकर कब्जा मजबूत किया गया तथा विरोध करने पर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी गई।

परिवार का कहना है कि इस संबंध में थाना कटरा बाजार में कई बार तहरीर दी गई, लेकिन पुलिस ने यह कहते हुए कार्रवाई से हाथ खड़े कर दिए कि मामला राजस्व विभाग का है। इसके बाद पीड़ितों ने उपजिलाधिकारी, तहसील प्रशासन, समाधान दिवस, आईजीआरएस पोर्टल, पुलिस अधिकारियों तथा मंडल स्तर तक शिकायतें भेजीं। दस्तावेजों के अनुसार प्रशासनिक जांच में विवाद को खातेदारों के मध्य अंश विभाजन से जुड़ा मामला बताते हुए सक्षम न्यायालय में वाद दायर करने की सलाह दी गई, लेकिन पीड़ितों का कहना है कि इससे उनकी जमीन पर हुआ कथित अवैध कब्जा नहीं हट सका।

पीड़ितों का आरोप है कि अनिल कुमार उर्फ सोनू तिवारी और अन्य आरोपित आए दिन लाठी-डंडों के बल पर उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास करते हैं। इतना ही नहीं, उनके घर के मुख्य दरवाजे के सामने कूड़ा फेंककर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है ताकि परिवार गांव छोड़ने को मजबूर हो जाए। परिवार का कहना है कि महिलाओं के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया और विरोध करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी जाती है।

मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विवाद बढ़ने के बाद प्रशासन ने दोनों पक्षों के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 126/135 के तहत शांति भंग की आशंका में नोटिस भी जारी किया। इसके बावजूद पीड़ित परिवार का कहना है कि मूल समस्या आज भी जस की तस बनी हुई है और उन्हें अपनी खरीदी हुई जमीन पर कब्जा नहीं मिल सका।

उमाशंकर तिवारी ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर उनकी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाए, दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए तथा वर्षों से न्याय की आस लगाए बैठे परिवार को राहत दिलाई जाए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो किसी भी समय बड़ा विवाद खड़ा हो सकता है। वहीं, समाचार लिखे जाने तक जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनका पक्ष सामने नहीं आ सका है।

रेलवे परियोजना में मुआवजे का बड़ा खेल? पीडब्ल्यूडी ने 3161948 लाख आंका भवन, पीड़ित का दावा- मिलना था दोगुना, मिले सिर्फ 208400 लाख

0

प्रयागराज। प्रयागराज में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से प्रयागराज के बीच तीसरी रेलवे लाइन निर्माण परियोजना को लेकर मुआवजा वितरण पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित कृष्ण कुमार ने आरोप लगाया है कि रेलवे परियोजना के लिए उनका मकान अधिग्रहित कर लिया गया, लेकिन मूल्यांकन और भुगतान में भारी अनियमितता बरती गई। उनका कहना है कि करीब डेढ़ वर्ष बीत जाने के बावजूद उन्हें आज तक न्याय नहीं मिला और संबंधित अधिकारी लगातार टालमटोल कर रहे हैं।

कृष्ण कुमार के अनुसार, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा किए गए भवन मूल्यांकन में उनके मकान की कीमत 15,80,974 रुपये निर्धारित की गई थी। उनका दावा है कि रेलवे अधिग्रहण के नियमों के अनुसार उन्हें इस राशि का दोगुना, यानी लगभग 31,61,948 रुपये मुआवजा मिलना चाहिए था। लेकिन नोटिस में केवल 23,15,559 रुपये की राशि दर्शाई गई, जिसे वह पूरी तरह गलत बताते हैं। इतना ही नहीं, उनका आरोप है कि वास्तविक भुगतान के नाम पर उन्हें केवल 2,08,400 रुपये ही दिए गए, जिससे उनका परिवार आर्थिक संकट में फंस गया है।

पीड़ित का कहना है कि उनका मकान प्रयागराज तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा समहन, गाटा संख्या 144 में स्थित था, जो तीसरी रेलवे लाइन निर्माण परियोजना के दायरे में आ गया। पीडब्ल्यूडी के मूल्यांकन पत्र में स्पष्ट रूप से भवन की मालियत दर्ज होने के बावजूद उन्हें उचित मुआवजा नहीं दिया गया। उनका आरोप है कि गलत शपथपत्र और दस्तावेजों के आधार पर भुगतान प्रक्रिया को प्रभावित किया गया, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

कृष्ण कुमार का कहना है कि वह पिछले करीब डेढ़ साल से संबंधित मुआवजा कार्यालय के लगातार चक्कर काट रहे हैं। उनका आरोप है कि हर बार अधिकारी उन्हें “आज नहीं, कल आना”, “परसों आना” कहकर वापस लौटा देते हैं। उनका कहना है कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है और न ही उन्हें यह बताया जा रहा है कि शेष मुआवजा कब मिलेगा।

पीड़ित ने शासन और जिला प्रशासन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, मुआवजे की गणना की पुनः समीक्षा करने तथा नियमानुसार पूरी राशि का भुगतान कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते न्याय नहीं मिला तो वह न्यायालय का दरवाजा खटखटाने को मजबूर होंगे।

फिलहाल यह सभी आरोप पीड़ित कृष्ण कुमार द्वारा लगाए गए हैं। संबंधित रेलवे प्रशासन, भूमि अधिग्रहण विभाग अथवा जिला प्रशासन का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। यदि संबंधित विभाग का जवाब प्राप्त होता है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

क्या सस्ते होंगे फ्लाइट टिकट? क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी के बाद सरकार का बड़ा इशारा

0

हवाई यात्रा करने वालों के लिए जल्द राहत की खबर आ सकती है। कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट के बाद केंद्र सरकार ने संकेत दिया है कि अगर यह गिरावट लंबे समय तक बनी रहती है, तो एयरलाइंस से फ्लाइट टिकट पर लगाए जा रहे सरचार्ज की समीक्षा करने को कहा जा सकता है।
हवाई यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों के लिए आने वाले दिनों में राहत की खबर आ सकती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में नरमी के बीच केंद्र सरकार ने संकेत दिया है कि अगर यह गिरावट लंबे समय तक बनी रहती है, तो एयरलाइंस से सरचार्ज और बढ़े हुए किराए की समीक्षा करने को कहा जा सकता है। इससे भविष्य में फ्लाइट टिकट सस्ते होने की संभावना बढ़ गई है।

न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, नागर विमानन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने गुरुवार को कहा कि सरकार लगातार एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों पर नजर बनाए हुए है। ATF एयरलाइंस की सबसे बड़ी लागतों में से एक है और इसकी कीमतें सीधे तौर पर हवाई किराए को प्रभावित करती हैं। सरकार फिलहाल यह आकलन कर रही है कि हाल में आई कीमतों में गिरावट अस्थायी है या लंबे समय तक बनी रह सकती है। मंत्री के अनुसार, यदि कीमतों में स्थिरता दिखाई देती है तो एयरलाइंस के साथ बातचीत कर यात्रियों पर पड़ने वाले सरचार्ज का बोझ कम करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
पिछले कुछ महीने रहे चुनौतीपूर्ण
सरकार का कहना है कि बीते चार महीनों में एविएशन सेक्टर ने कई चुनौतियों का सामना किया है। वैश्विक तनाव, खासकर अमेरिका-ईरान संघर्ष से जुड़े हालात ने ईंधन की कीमतों को प्रभावित किया। इसी वजह से एयरलाइंस पर लागत का दबाव बढ़ा और कई मामलों में यात्रियों को ज्यादा किराया देना पड़ा। हालांकि अब तेल की कीमतों में कुछ नरमी देखने को मिली है, लेकिन सरकार जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेना चाहती। पहले यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कीमतों में स्थिरता लंबे समय तक बनी रहे।

एयरलाइंस को मिला सरकार का सहारा
सरकार ने मौजूदा अनिश्चित परिस्थितियों में एयरलाइंस को राहत देने के लिए कई कदम उठाए हैं। घरेलू एयरलाइंस के लिए ATF की कीमतों को कंट्रोल रखने के प्रयास किए गए हैं। इसके अलावा एयरपोर्ट शुल्क में राहत और इमरजेंसी क्रेडिट लिंक्ड योजनाओं के तहत सहायता भी दी जा रही है। सरकार ने करीब 10,000 करोड़ रुपये का प्राइस स्टेबिलाइजेशन फंड भी तैयार किया है, ताकि संकट के समय एयरलाइंस को फाइनेंशियल मदद मिल सके।

यात्रियों को कब मिलेगी राहत?
फिलहाल फ्लाइट टिकट सस्ते करने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। लेकिन सरकार के ताजा संकेतों से साफ है कि यदि कच्चे तेल और ATF की कीमतें लंबे समय तक कंट्रोल में रहती हैं, तो एयरलाइंस पर सरचार्ज कम करने और किराए में राहत देने का दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में आने वाले महीनों में हवाई यात्रा आम लोगों के लिए कुछ सस्ती हो सकती है।

ईरान अमेरिका की बातें मान रहा है, होर्मुज में शिपिंग फीस भी नहीं लेगा, ट्रंप का क्या है नया पैंतरा?

0

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब नया पैंतरा अपनाया है। ट्रंप ने कहा, ईरान अमेरिका की बातें मान रहा है, होर्मुज में शिपिंग फीस भी नहीं लेगा। ट्रंप ने आगे ये भी कहा-मिनाब स्कूल पर अमेरिकी मिसाइलें नहीं गिरी थीं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब नया पैंतरा दिखाया है। ट्रंप ने अब दावा किया है कि, ईरान चल रही बातचीत में अमेरिका की सभी शर्तें मान रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत काफी आगे बढ़ रही है। उन्होंने यह भी साफ किया कि अमेरिका भविष्य में ऐसा कोई समझौता स्वीकार नहीं करेगा जिससे ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होने वाली शिपिंग पर शुल्क लगाने की इजाज़त मिले। ट्रंप ने ये दावा भी किया कि ईरान अब होर्मुज में शिपिंग फीस भी नहीं लेगा। इसके साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कूटनीति नाकाम रहती है, तो सैन्य कार्रवाई का विकल्प अभी भी खुला है।

युद्ध हम बहुत बड़े अंतर से जीत रहे

वॉशिंगटन में कई कार्यक्रमों में बोलते हुए, जिनमें कैपिटल में रिपब्लिकन सांसदों के साथ और बाद में व्हाइट हाउस में NATO महासचिव मार्क रुटे के साथ बैठकें शामिल थीं, ट्रंप ने ईरान के साथ हो रही बातचीत को लेकर भरोसा जताया। उन्होंने कहा, “ईरान के साथ हुए युद्ध में हम बहुत बड़े अंतर से जीत रहे हैं। अब तो ईरान बहुत बड़ी रियायतें दे रहा है। देखते हैं क्या होता है, लेकिन यह बहुत, बहुत, बहुत असरदार रहा है और सब कुछ बहुत, बहुत अच्छी तरह से चल रहा है।”

होर्मुज में शिपिंग शुल्क मंजूर नहीं-ट्रंप का नया पैंतरा
नाटो (NATO) के महासचिव मार्क रुटे के साथ ओवल ऑफिस में हुई बैठक के दौरान, ट्रंप ने किसी भी ऐसे समझौते की संभावना को खारिज कर दिया जिससे ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने की अनुमति मिले। जब उनसे पूछा गया कि क्या ऐसी कोई शर्त अंतिम समझौते को प्रभावित करेगी, तो उन्होंने जवाब दिया, “हां, यह मुझे मंजूर नहीं होगा क्योंकि हमारे पास कई जलडमरूमध्य हैं; अगर आप उनके लिए ऐसा करते हैं तो आपको दूसरों के लिए भी ऐसा करना होगा… मैं वहां भी इसकी अनुमति नहीं दूंगा। हां, यह एक बड़ा बदलाव लाने वाला कदम (गेम चेंजर) होगा।”

मिनाब पर हमने मिसाइलें नहीं दागीं
ट्रंप से ईरान के मिनाब में एक स्कूल पर हुए हमले की जांच के बारे में भी सवाल पूछा गया। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली है जिससे पता चले कि हमले में अमेरिकी मिसाइल का इस्तेमाल हुआ था। ट्रंप ने कहा, “नहीं, मैंने ऐसा कुछ नहीं देखा है। मुझे नहीं लगता कि वे कभी इस मामले को सुलझा पाएंगे… क्योंकि उस समय हर तरफ मिसाइलें चल रही थीं। मुझे नहीं लगता कि इसमें हमारा हाथ होगा। मुझे नहीं लगता कि हमने ऐसा किया था। उस समय बहुत सारी मिसाइलें दागी जा रही थीं।”

ईरान ने क्या दिया जवाब
वहीं दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने X पर एक पोस्ट में इस क्षेत्र में अमेरिकी नीति की आलोचना की। उन्होंने कहा कि जब तक “अमेरिकी सैन्यवाद और दखलंदाजी जारी रहेगी,” तब तक स्थायी शांति संभव नहीं होगी।

कितने बजे शुरू होंगे भारत बनाम आयरलैंड सीरीज के मैच, बदला हुआ वक्त नोट कीजिए टाइम, नहीं तो छूट जाएगा मुकाबला

0

भारत और आयरलैंड के बीच होने वाली दो मैचों की टी20 सीरीज के मैच भारतीय समय अनुसार शाम को सात बजे नहीं, बल्कि इससे पहले ही शुरू हो जाएंगे। मैच का समय बदल दिया गया है, इसलिए इसे नोट करना आपके लिए बहुत जरूरी है।
भारत बनाम आयरलैंड टी20 सीरीज का आगाज 26 जून से होने जा रहा है। सीरीज में दो मैच खेले जाएंगे। भारतीय टीम इस दौरान काफी बदली हुई नजर आएगी। साथ ही समय भी बदला है। सीरीज के मैच शाम को सात बजे नहीं, बल्कि इससे पहले ही शुरू हो जाएंगे। इसलिए मैच का टाइम नोट कर लीजिए। नहीं तो कहीं ऐसा ना हो कि जब आप मुकाबला देखने जाएं, त​ब तक काफी मैच काफी हो चुका हो।

26 और 28 जून को खेले जाएंगे भारत बनाम आयरलैंड सीरीज के दो मुकाबले
भारतीय क्रिकेट टीम इस वक्त श्रेयस अय्यर की कप्तानी में आयरलैंड के दौरे पर है। जहां दो मैच खेले जाने हैं। जैसा कि हमने पहले ही आपको बताया कि पहला मैच 26 जून यानी शुक्रवार को खेला जाएगा। इसके बाद दूसरा मैच 28 जून रविवार को खेला जाएगा। इसके बाद भारतीय टीम इंग्लैंड चली जाएगी, जहां पांच टी20 मैचों की सीरीज खेली जानी है। टी20 विश्व कप 2026 के बाद भारतीय टीम अब टी20 इंटरनेशनल मैच खेलने के लिए उतर रही है। इसे साल 2028 में होने वाले टी20 विश्व कप की तैयारी भी माना जा रहा है।

शाम को छह बजे शुरू हो जाएंगे भारत बनाम आयरलैंड टी20 सीरीज के मैच
सीरीज के मैच भारतीय समय अनुसार शाम को सात बजे शुरू नहीं होंगे। ये मुकाबले शाम को सात बजे से ही शुरू हो जाएंगे। इससे आधा घंटा पहले यानी साढ़े पांच बजे टॉस होगा, उसी वक्त पता चलेगा कि क्या वैभव सूर्यवंशी को इंटरनेशनल डेब्यू का मौका मिलेगा या फिर इंतजार करना होगा। क्रिकेट आयरलैंड ने कन्फर्म कर दिया है कि भारत के खिलाफ दो T20I मैच शाम 6 बजे IST से शुरू होंगे। दरअसल ऐसा भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया विमेंस T20 वर्ल्ड कप मैच को देखते हुए शुरू होने का समय जानबूझकर एक घंटा आगे कर दिया गया है। इसलिए वक्त का खास ख्याल ​रखिएगा।

आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेट कीपर), ईशान किशन (विकेट कीपर), शिवम दुबे, तिलक वर्मा (उप-कप्तान), अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव, वैभव सूर्यवंशी, सूर्यांश शेडगे, प्रसिद्ध कृष्णा।

भारत के खिलाफ T20I के लिए आयरलैंड की टीम: लोर्कन टकर (कप्तान), रॉस अडायर, बेंजामिन कैलिट्ज़, गैरेथ डेलानी, जॉर्ज डॉकरेल, स्टीफन डोहेनी, मैथ्यू हम्फ्रीज़, गेविन होए, मैथ्यू होलार्ड, लियाम मैकार्थी, जय मूंद्रा, हैरी टेक्टर, टिम टेक्टर, रूबेन विल्सन।

74 वर्षीय बुजुर्ग पिता की दर्दभरी पुकार! बेटों-बहुओं पर घर से बेदखल

0

करने, संपत्ति हड़पने, भूखा रखने और प्रताड़ित करने का आरोप, इंसाफ के लिए दर-दर भटक रहे मुक्तिनाथ यादव

आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के थाना कप्तानगंज क्षेत्र स्थित ग्राम चेहवता से पारिवारिक विवाद और कथित संपत्ति हड़पने का एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। गांव निवासी करीब 74 वर्षीय मुक्तिनाथ यादव ने अपने ही बेटों, बहुओं और परिवार के अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि पिछले लगभग 18 वर्षों से लगातार मानसिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। आरोप है कि उम्र के इस अंतिम पड़ाव में उन्हें अपने ही घर से बेदखल कर दिया गया, जिसके कारण आज वह दर-दर भटकने को मजबूर हैं।

मुक्तिनाथ यादव का आरोप है कि उनके बड़े बेटे राजेश यादव, बहू संगीता यादव, छोटे बेटे बृजेश यादव, बहू पूनम यादव तथा परिवार के अन्य लोगों ने उन्हें उनके ही घर से अलग कर दिया है। उनका कहना है कि उन्होंने वर्षों की मेहनत और कमाई से ग्राम चेहवता में मकान और जमीन तैयार की थी, लेकिन अब उसी घर में उन्हें रहने तक नहीं दिया जा रहा। कई बार उन्होंने परिवार से केवल एक कमरा रहने के लिए देने की गुहार लगाई, लेकिन उनकी मांग को भी ठुकरा दिया गया।

पीड़ित का आरोप है कि उनकी पत्नी स्वर्गीय चिंतामणि यादव, जिनका करीब 10 वर्ष पूर्व निधन हो चुका है, उन्हें भी जीवनकाल में उचित देखभाल और समय पर भोजन नहीं दिया गया। उनका कहना है कि लगातार उपेक्षा और प्रताड़ना के कारण उनकी पत्नी की हालत बिगड़ती चली गई। पत्नी के निधन के बाद उनका सहारा पूरी तरह छिन गया और इसके बाद परिवार की प्रताड़ना और अधिक बढ़ गई।

मुक्तिनाथ यादव का कहना है कि उनके नाम दर्ज लगभग 12 बिस्वा से अधिक तथा उनकी दिवंगत पत्नी के नाम दर्ज लगभग 6 बिस्वा से अधिक जमीन बिना उनकी जानकारी के बेटों ने अपने नाम करा ली। उनका आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी तक उन्हें नहीं दी गई। इतना ही नहीं, उनका कहना है कि उनकी बेटी कंचन भी अपने भाइयों के पक्ष में खड़ी है, जिससे उन्हें परिवार में किसी का सहयोग नहीं मिल रहा।

पीड़ित के अनुसार उनका बड़ा बेटा राजेश यादव पुलिस विभाग में कार्यरत है, जबकि बहू संगीता यादव सफाई कर्मचारी है। उनका आरोप है कि पद और प्रभाव का इस्तेमाल कर उन्हें लगातार दबाव में रखा जाता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बहू के परिचित प्रकाश नामक व्यक्ति अक्सर उनके घर में रहता है और पूरे मामले में हस्तक्षेप करता है, जिससे उनका मानसिक उत्पीड़न और बढ़ गया है।

मुक्तिनाथ यादव का कहना है कि उन्होंने करीब 50 वर्षों तक दिल्ली में मेहनत-मजदूरी और नौकरी कर परिवार का पालन-पोषण किया। जब-जब परिवार में विवाद बढ़ा, वह दिल्ली जाकर काम करने लगे। लेकिन अब बढ़ती उम्र और शारीरिक कमजोरी के कारण वह काम करने की स्थिति में नहीं हैं। उनका आरोप है कि वर्ष 2026 में उनकी उम्र और असहाय स्थिति को देखते हुए प्रताड़ना और बढ़ गई है। बेटा-बहू लगातार उनसे कहते हैं कि “काम करके कमाओ, नहीं तो यहां से चले जाओ।” पीड़ित का कहना है कि 74 वर्ष की उम्र में उनके लिए मेहनत-मजदूरी करना संभव नहीं है, फिर भी उन्हें अपमानित किया जाता है और घर में रहने का अधिकार भी नहीं दिया जा रहा।

उनका कहना है कि वर्तमान में वह रिश्तेदारों और परिचितों के यहां शरण लेकर किसी तरह जीवन बिता रहे हैं। कभी एक रिश्तेदार तो कभी दूसरे परिचित के यहां रात गुजारनी पड़ती है। उनका आरोप है कि यदि वह अपने घर जाने का प्रयास करते हैं तो उन्हें झूठे मुकदमों, छेड़छाड़ के आरोपों और जान से मारने की धमकियां देकर डराया जाता है।

पीड़ित ने बताया कि उन्होंने कई बार स्थानीय पुलिस, प्रशासन और आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से शिकायतें कीं। पुलिस ने मामले की जांच के बाद इसे पारिवारिक विवाद बताते हुए दोनों पक्षों के विरुद्ध शांति भंग की आशंका में बीएनएसएस की धारा 126/135 के तहत कार्रवाई की। हालांकि, पुलिस जांच में अन्य आरोपों की पुष्टि नहीं होने की बात कही गई। इसके बावजूद मुक्तिनाथ यादव का कहना है कि उनकी मूल समस्याओं का समाधान आज तक नहीं हो सका। उनका कहना है कि उन्हें न तो रहने के लिए घर मिला और न ही अपनी पैतृक संपत्ति में अधिकार।

मुक्तिनाथ यादव ने जिला प्रशासन, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों तथा संबंधित विभागों से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाए, उनकी संपत्ति और मकान में उनका वैधानिक अधिकार दिलाया जाए तथा वृद्धावस्था में उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर उपलब्ध कराया जाए। यदि पीड़ित के आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला केवल पारिवारिक विवाद नहीं बल्कि एक बुजुर्ग नागरिक के अधिकारों, सम्मान और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर सामाजिक प्रश्न भी बन जाता है। वहीं, इस मामले में जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनका पक्ष सामने आना अभी बाकी है।

आज 5 घंटों के लिए बंद हो जाएंगे पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर के कपाट, भगवान जगन्नाथ करेंगे देवी रुक्मणी का हरण

0

पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर में होने वाली ये रस्में बहुत पुरानी हैं। इनकी अलग पौराणिक मान्यताएं हैं। प्रशासन ने इन रस्मों को लेकर पहले से ही गाइडलाइन जारी की हुई है। साथ ही श्रद्धालुओं से खास अपील भी की है।
भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए पुरी आने वाले श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है। श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने बताया है कि गुरुवार, 25 जून 2026 को मंदिर में विशेष धार्मिक अनुष्ठानों के कारण 5 घंटों के लिए आम श्रद्धालुओं का दर्शन बंद रहेगा।

प्राचीन धार्मिक परंपराओं में से एक
मंदिर प्रशासन के आधिकारिक नोटिस के अनुसार, ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी तिथि पर भगवान श्रीकृष्ण और देवी रुक्मिणी के दिव्य विवाह से जुड़े रुक्मिणी हरण एवं विवाह उत्सव नीति का आयोजन किया जाएगा। यह श्री जगन्नाथ मंदिर की प्राचीन और महत्वपूर्ण धार्मिक परंपराओं में से एक है।

विधि-विधान के साथ संपन्न की जाएंगी रस्में
इस अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण द्वारा राजकुमारी रुक्मिणी के हरण और उनके दिव्य विवाह की पवित्र रस्में मंदिर में विधि-विधान के साथ संपन्न की जाएंगी। इन विशेष नीतियों के सुचारु और निर्विघ्न आयोजन को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन ने आम श्रद्धालुओं के दर्शन पर अस्थायी रोक लगाने का निर्णय लिया है।

आम श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेंगे कपाट
आधिकारिक सूचना के अनुसार, प्रथम भोग मंडप की पूजा पूरी होने के बाद दोपहर 1:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन आम श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेंगे।

श्रद्धालुओं सी की गई खास अपील
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि जो भक्त गुरुवार को दर्शन के लिए पुरी आने की योजना बना रहे हैं। वे अपने दर्शन सुबह के समय ही कर लें, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

दर्शन व्यवस्था में अस्थायी बदलाव
मंदिर प्रशासन का कहना है कि यह विशेष धार्मिक आयोजन मंदिर की परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसकी पवित्रता बनाए रखने के लिए दर्शन व्यवस्था में यह अस्थायी बदलाव किया गया है।

मंदिर में भक्तों की संख्या बढ़ने की भी संभावना
हर साल आयोजित होने वाला रुक्मिणी हरण एवं विवाह उत्सव श्रद्धालुओं के बीच विशेष धार्मिक महत्व रखता है। ऐसे में इस अवसर पर मंदिर में भक्तों की संख्या बढ़ने की भी संभावना है। इसी कारण प्रशासन ने पहले ही दर्शन के समय में बदलाव की जानकारी सार्वजनिक कर दी है, ताकि श्रद्धालु अपनी यात्रा और दर्शन की योजना उसी के अनुसार बना सकें।

104 डिग्री बुखार में अक्षय कुमार ने शूट किया था ‘वेलकम टू द जंगल’ का घिस घिस गाना, अक्षरा सिंह ने सुनाया किस्सा

0

‘वेलकम टू द जंगल’ के घिस घिस गाने को अक्षय कुमार ने 104 डिग्री बुखार में शूट किया था। यह खुलासा भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह ने किया है।
भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह, जिन्होंने बॉलीवुड की अपकमिंग फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ के गाने ‘घिस घिस घिस’ में अक्षय कुमार के साथ काम किया है. उन्होंने इस अनुभव को अपने लिए एक सपना सच होने जैसा बताया। अपने हालिया इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि बीमार होने के बावजूद काम के प्रति सुपरस्टार का जुनून देख उन्हें बहुत खुशी हुई। अक्षय कुमार ने ‘घिस घिस’ डांस नंबर के साथ भोजपुरी म्यूजिक इंडस्ट्री में कदम रखा है। इसी बीच न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए, अक्षरा सिंह ने बताया कि कैसे अक्षय ने तेज बुखार होने के बावजूद इस गाने की शूटिंग की।

अक्षरा सिंह ने अक्षय कुमार की तारीफ
अक्षरा ने उस पल को भी याद किया, जब उन्हें पता चला कि वह अक्षय कुमार के साथ इस गाने में नजर आएंगी। यह उनके लिए एक सपने के सच होने जैसा पल था। ANI से बात करते हुए उन्होंने कहा:

‘सबसे बड़ी बात यह थी कि शूटिंग के दौरान उन्हें 103-104 डिग्री बुखार था। मैं उन्हें देखती रही और मुझे एहसास हुआ कि वह अपने काम और अपनी कला से कितना प्यार करते हैं। वह बहुत जिम्मेदारी और लगन के साथ काम करते हैं। मुझे अहमद सर के प्रोडक्शन हाउस से कॉल आया… मुझे बताया गया कि वेलकम टू द जंगल में एक गाना है और मुझे वह करना है। मैं थोड़ी हिचकिचाई। बाद में गणेश आचार्य सर ने मुझे कॉल किया और मुझे भरोसा हुआ। उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या मैं यह गाना करूंगी। मैंने पूछा कि यह किस तरह का गाना है और उन्होंने कहा कि यह एक शानदार ट्रैक है और मुझे यह बहुत पसंद आएगा। उन्होंने मुझे इसे करने के लिए प्रोत्साहित किया और जैसे ही मैंने गणेश सर और अक्षय सर का नाम सुना, मैं बिल्कुल ब्लैंक हो गई।’
वेलकम टू द जंगल की धांसू कास्ट
‘वेलकम टू द जंगल’ में अक्षय कुमार के अलावा सुनील शेट्टी, दिशा पटानी, जैकलीन फर्नांडीज, अरशद वारसी, जैकी श्रॉफ, परेश रावल, रवीना टंडन, लारा दत्ता, फरीदा जलाल, जॉनी लीवर, श्रेयस तलपड़े, तुषार कपूर, राजपाल यादव, कृष्णा अभिषेक, कीकू शारदा, दलेर मेहंदी, आफताब शिवदासानी, मुकेश तिवारी, यशपाल शर्मा, किरण कुमार, जाकिर हुसैन, विंदू दारा सिंह, उर्वशी सहित कई कलाकार हैं। इस फिल्म का निर्देशन अहमद खान ने किया है और यह 26 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

भारतीय महिला टीम का केवल जीत से नहीं बनेगा काम, हरमनप्रीत कौर को आज चाहिए बहुत बड़ी जीत

0

भारतीय महिला क्रिकेट टीम आज आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 में बांग्लादेश के खिलाफ मैदान में उतरेगी। इस मैच में उसे अपने नेट रन रेट को बेहतर करने के लिए टीम इंडिया को बड़ी जीत चाहिए होगी।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम इस वक्त हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 के मुकाबले खेल रही है। टीम ने अब तक तीन मैच खेले हैं, इसमें से उसे दो में तो जीत मिली है, लेकिन एक मैच हार भी चुकी है। आज टीम एक और अहम मुकाबले के लिए मैदान में उतरेगी। लेकिन आज के मैच में केवल जीत से बात नहीं बनेगी। अगर टीम को सेमीफाइनल की अपनी सीट पक्की करनी है तो बड़ी जीत चाहिए होगी, ताकि उसका नेट रन रेट भी बाकी टीमों से अच्छा रहे।
भारतीय महिला टीम ने तीन में से दो मैच जीते हैं अब तक
आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 में भारतीय टीम ने अपना पहला मुकाबला पाकिस्तान के खिलाफ खेला। इसमें भारत ने पाकिस्तान की कमजोर टीम को 64 रन के बड़े अंतर से हराने में कामयाबी हासिल की थी। इसके बाद दूसरे मैच में उसका सामना नीदरलैंड्स से हुआ। इसमें भारत ने 95 रनों की बड़ी जीत हासिल की। इसके बाद तीसरे मैच में भारत की टक्कर साउथ अफ्रीका से हुई तो उसमें उसे 6 विकेट से हार का मुंह देखना पड़ा। भारत ने इस मैच में 158 रन बनाए थे, लेकिन साउथ अफ्रीका ने 19.1 ओवर में ही इस मैच को अपने नाम कर लिया। अब चौथे मैच की बात की जाए तो आज उसका सामना बांग्लादेश से होगा।

अंक तालिका में ऑस्ट्रेलिया पहले नंबर पर, टीम इंडिया इस वक्त दूसरे स्थान पर
इस बीच अगर अंक तालिका की बात की जाए तो उसमें ऑस्ट्रेलियाई टीम चार के चार मैच जीतकर और आठ अंक हासिल कर पहले नंबर पर चल रही है। टीम सेमीफाइनल के बिल्कुल करीब है। इसके बाद दूसरे नंबर पर भारतीय टीम है। उसने तीन में से दो मैच अपने नाम किए हैं। उसके पास चार अंक हैं। भारत, साउथ अफ्रीका और बांग्लादेश के भी चार चार अंक हैं, लेकिन बेहतर रन रेट के कारण टीम इंडिया दूसरे नंबर पर है। इसके बाद साउथ अफ्रीका तीसरे और बांग्लादेश नंबर चार पर है।

भारतीय महिला टीम को आखिरी मैच में ऑस्ट्रेलिया से खेलना होगा मैच
आज के मैच में जीत से भारतीय टीम छह अंक तो हासिल करे लेगी, लेकिन सेमफाइनल की जगह पक्की नहीं होगी। चूंकि भारत को अपने आखिरी लीग मैच में ऑस्ट्रेलिया से भिड़ना है, जो एक मुश्किल मुकाबला होगा। भारतीय टीम अगर दोनों मैच जीत गई तो उसकी सेमीफाइनल की सीट पक्की हो जाएगी। लेकिन अगर दो में से एक ही मैच में जीत मिली तो फिर नेट रन रेट काफी अहम हो जाएगा। इसलिए भारत के पास आज मौका है कि ना केवल बांग्लादेश को हराया जाए, बल्कि अगर जीत बड़ी हुई तो उसका असर नेट रेट पर भी पड़ेगा।

बराबर अंक होने पर नेट रन रेट हो जाएगा काफी अहम
अच्छे रन रेट का असर ये होगा कि अगर दो टीमें बराबर अंकों पर आकर खड़ी हो जाती हैं तो भी भारत के पास अच्छे नेट रेट के कारण सेमीफाइनल में जाने का रास्ता साफ हो जाएगा। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कुछ भी हो, उससे पहले टीम की कोशिश होनी चाहिए कि अंतिम चार के और करीब पहुंचा जाए, ​ताकि बाद में कोई दिक्कत ना हो। आज शाम सात बजे से भारत और बांग्लादेश की टीमें आमने सामने होने जा रही हैं। इस पर सभी की नजर होगी।