Thursday, July 2, 2026
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यूपी समेत कई राज्यों में पहुंचने वाला है मानसून, आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश का अलर्ट, जानें अपने इलाके के मौसम का हाल

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26 जून को उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कई इलाकों में आंधी-तूफान के साथ बारिश की संभावना है। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में अगले 48 घंटे के दौरान मानसून पहुंच सकता है। गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार में भी मानसूनी बारिश का अलर्ट है।
नई दिल्लीः दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले 48 घंटे के दौरान गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के बाकी हिस्सों में पहुंच सकता है। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भी मानसून के आगे बढ़ने के लिए हालात अनुकूल हैं। मौसम के ताज़ा अनुमान से पता चलता है कि अगले कुछ दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत के और हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं, जो बारिश के मौसम के और सक्रिय होने का संकेत है। 27 से 29 जून के दौरान उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम व मेघालय में भारी बारिश होने की संभावना है।

यहां बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने इस हफ़्ते उत्तर-पश्चिम भारत में व्यापक रूप से हल्की से मध्यम बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफ़ान, बिजली कड़कने और तेज़ हवाओं का अनुमान लगाया है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में रुक-रुक कर बारिश होने की उम्मीद है, साथ ही 25 और 26 जून को कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में 26 जून से 30 जून तक भारी बारिश का अनुमान है। पंजाब में 27 व 28 जून को कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में भी बारिश होने की संभावना है। मानसून आने की वजह से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में 27 जून से 1 जुलाई के बीच कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

मध्य प्रदेश में 25 व 26 जून को कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। राज्य में कुछ जगहों पर 30 जून तक भारी बारिश जारी रहने की उम्मीद है। विदर्भ में भी अच्छी-खासी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर ज़ोरदार रहने की उम्मीद है और 25 से 29 जून के बीच कुछ जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है।

महाराष्ट्र, गोवा और गुजरात में मूसलाधार बारिश के आसार

कोंकण और गोवा में 25 से 30 जून तक भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। 25 जून को इस इलाके में कुछ जगहों पर बहुत ज़्यादा भारी बारिश की संभावना के बारे में भी चेतावनी दी गई है। मध्य महाराष्ट्र में 25 से 29 जून के बीच भारी से बहुत भारी बारिश होने की उम्मीद है, जबकि गुजरात इलाके में 25 से 28 जून तक भारी बारिश हो सकती है क्योंकि पश्चिमी भारत में मानसून और मज़बूत हो रहा है। तटीय कर्नाटक में भी अच्छी-खासी बारिश होने की उम्मीद है और 25 व 26 जून को कुछ जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है।

बिहार समेत इन राज्यों में भी तेज बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में 1 जुलाई तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान लगाया है। बिहार में हफ़्ते के आखिर में बारिश की तेज़ी बढ़ने की उम्मीद है और 27 व 28 जून को कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 25 से 29 जून तक भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि असम और मेघालय में 25 और 26 जून को कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। अरुणाचल प्रदेश में 25 जून को भारी बारिश का अनुमान है। पूर्वोत्तर में और दक्षिण की ओर, नागालैंड, मणिपुर, मिज़ोरम और त्रिपुरा में 25 और 26 जून को कुछ जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है।

त्रिपुरा की राजधानी में बड़ा धमाका, अपार्टमेंट में ब्लास्ट से कई घायल, दीवारें क्षतिग्रस्त-खिड़कियां चकनाचूर

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त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में एक अपार्टमेंट में हुए जोरदार धमाके ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। इस धमाके में कई लोग घायल हुए हैं। धमाके से कई खिड़कियां टूट गईं और इमारत को भी काफी नुकसान पहुंचा है।
त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में एक अपार्टमेंट में बड़ा धमाका हुआ है। संकट चौमुहानी स्थित NS अपार्टमेंट में गुरुवार की रात अपार्टमेंट बिल्डिंग में हुए विस्फोट में कई लोग घायल हो गए और संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है। इसके बाद पुलिस, बम डिस्पोजल, फौरेंसिक और डॉग स्क्वाड टीम को मौके पर भेजा गया। घायलों की सही संख्या और धमाके की वजह का अभी पता नहीं चल पाया है।
खिड़कियां चकनाचूर, दीवारें क्षतिग्रस्त
मिली जानकारी के मुताबिक, ब्लास्ट अपार्टमेंट की पहली मंजिल पर एक फ्लैट में हुआ। ब्लास्ट की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के कई इलाकों में सुनाई दी। इमारत की खिड़कियां चकनाचूर हो गईं, दीवारें क्षतिग्रस्त हुईं और पूरे परिसर में दहशत फैल गई।

इस घटना के बारे में बात करते हुए, इमारत की तीसरी मंजिल पर रहने वाले कुशल देब ने बताया कि वह अपने कमरे के अंदर थे, तभी उन्हें अचानक ज़ोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी। बाहर निकलने पर लोगों को पता चला कि पहली मंजिल पर ज़बरदस्त धमाका हुआ है, जिससे इमारत का कुछ हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है।

महिला की आंख के पास लगा कांच का टुकड़ा
इस धमाके में कई लोग घायल हो गए। एक महिला की आंख के पास कांच के टुकड़े लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गई और उसे तुरंत इलाज के लिए GB अस्पताल ले जाया गया। घटना के समय पहली मंज़िल पर मौजूद एक युवक को भी गंभीर चोटें आईं और उसने शरीर में तेज दर्द की शिकायत की। अधिकारियों ने निर्देश दिया है कि सभी घायलों को बिना किसी देरी के सही इलाज मिले।

धमाके की वजह क्या?
धमाके की असल वजह अभी पता नहीं चल पाई है। जहां कुछ स्थानीय लोगों को गैस से जुड़ी दुर्घटना का शक है, वहीं अधिकारियों ने दूसरी संभावनाओं से भी इनकार नहीं किया है। पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स ने धमाके की वजह और स्रोत का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि चल रही जांच से जल्द ही उन हालात का पता चल जाएगा जिनकी वजह से यह घटना हुई।
अधिकारियों के अनुसार, गुरुवार रात करीब 12 बजे संकट चौमुहानी के पास NS अपार्टमेंट से ज़ोरदार धमाके जैसी आवाज की सूचना मिली। फायर सर्विस और बम स्क्वाड समेत इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमों को तुरंत अलर्ट किया गया और वे घटनास्थल पर पहुंचे। SDPO अधिकारी देबा प्रसाद रॉय ने कहा, “रात 12 बजे हमें सूचना मिली कि संकट चौमुहानी स्थित NS अपार्टमेंट के एक फ़्लैट में ज़ोरदार धमाके जैसी आवाज़ सुनी गई है। हम तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और पाया कि घटना अपार्टमेंट की पहली मंजिल पर हुई थी। वहां पहुंचते ही हमने बम स्क्वाड और फायर सर्विस समेत सभी इमरजेंसी सेवाओं को सूचित किया। संबंधित एजेंसियां घटनास्थल पर पहुंचीं और उन्होंने अपनी जांच शुरू कर दी है। हमें उम्मीद है कि हम जल्द ही यह पता लगा पाएंगे कि घटना कहां से शुरू हुई और असल में इसका कारण क्या था।”

बेटी को साथ ले जाने पर भड़का विवाद; विवाहिता ने पति, सास और रिश्तेदारों पर मारपीट व जान से मारने की धमकी का लगाया आरोप

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अहिल्यानगर/शेवगांव। महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के शेवगांव थाना क्षेत्र में एक पारिवारिक विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। 28 वर्षीय विवाहिता ने अपने पति, सास और तीन रिश्तेदारों पर मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। पीड़िता की शिकायत पर शेवगांव पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस में दर्ज प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) के अनुसार, पीड़िता उषा अमोल दोडके ने बताया कि उनका विवाह लगभग नौ वर्ष पहले हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति अमोल दोडके को शराब पीने की लत है और वह अक्सर शराब के नशे में उनके साथ झगड़ा और प्रताड़ना करते थे। इसी कारण वह कुछ समय से अपने मायके में रह रही थीं।

एफआईआर के अनुसार, 21 जून 2026 की शाम करीब 5:30 बजे उनके पति मोटरसाइकिल से आए और उनकी बेटी वैभवी को अपने साथ ले जाने लगे। पीड़िता के अनुसार, वह उनके पीछे-पीछे गईं तो गांव के पास स्थित एक रिश्तेदार के घर पर विवाद हो गया।

महिला का आरोप है कि वहां मौजूद पति अमोल दोडके, सास अल्का दोडके, रिश्तेदार संतोष गालफाडे, वंदना गालफाडे और स्वाती गालफाडे ने उनके साथ मारपीट की। शिकायत में कहा गया है कि पति ने लात-घूंसों से हमला किया, जबकि संतोष गालफाडे ने कथित रूप से फावड़े के डंडे से उनके कंधे पर वार किया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि बीच-बचाव करने पहुंचे उनकी बहन के बेटे के साथ भी मारपीट की गई। इसके अलावा सास और अन्य आरोपियों ने उनके बाल पकड़कर मारपीट की तथा कथित रूप से उन्हें कुएं में फेंककर जान से मारने की धमकी दी। महिला की बहन के साथ भी कथित मारपीट होने और धक्का-मुक्की के दौरान उसका मंगलसूत्र गिर जाने का उल्लेख एफआईआर में किया गया है।

मारपीट में घायल होने के बाद पीड़िता का पहले दत्तगुरु अस्पताल में उपचार कराया गया। इसके बाद ग्रामीण अस्पताल, शेवगांव में चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। उपचार के बाद उन्होंने शेवगांव पुलिस थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर संबंधित आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच पुलिस कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।

नोट: इस समाचार में वर्णित मारपीट, धमकी और अन्य सभी आरोप एफआईआर में दर्ज शिकायत पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। आरोपियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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एक्टिवा का बीमा कराया, फिर भी नहीं मिला दावा भुगतान, युवक ने बीमा कंपनी पर लगाए गंभीर आरोप

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ग्वालियर। लोगों को आर्थिक सुरक्षा का भरोसा देने वाली बीमा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल उठे हैं। ग्वालियर के एक युवक ने आरोप लगाया है कि उसने अपनी होंडा एक्टिवा का विधिवत बीमा कराया था, लेकिन वाहन क्षतिग्रस्त होने के बाद भी उसे बीमा क्लेम का भुगतान नहीं मिला। इतना ही नहीं, युवक का आरोप है कि सर्वे करने पहुंचे कंपनी के प्रतिनिधि ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया और दावा खारिज कराने की कोशिश की। अब पीड़ित न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर है।

मामला ग्वालियर के जडेरुआ कलां पिंटो पार्क क्षेत्र का है, जहां रहने वाले भूपेंद्र राजावत ने अपनी होंडा एक्टिवा का बीमा रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी के माध्यम से कराया था। उनका कहना है कि उन्होंने समय पर बीमा प्रीमियम जमा किया और सभी औपचारिकताएं पूरी की थीं। उन्हें भरोसा था कि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में बीमा कंपनी उनके नुकसान की भरपाई करेगी, लेकिन जब वाहन क्षतिग्रस्त हुआ तो उनकी उम्मीदें टूट गईं।

भूपेंद्र राजावत का आरोप है कि शोरूम में कार्यरत संदीप नामक सुपरवाइजर ने ही उनकी गाड़ी का सर्वे किया था और उसी ने बीमा कराने की सलाह दी थी। लेकिन दुर्घटना के बाद जब उन्होंने क्लेम की प्रक्रिया शुरू कराई तो वही सर्वेयर दावा भुगतान कराने के बजाय उसे खारिज कराने की बात करने लगा।

पीड़ित का आरोप है कि सर्वेयर ने उनसे कहा कि गाड़ी से ऐसा नुकसान नहीं होता, अगर तुम मर जाते तो पैसा दिला देता। भूपेंद्र का कहना है कि इस तरह की टिप्पणी न केवल असंवेदनशील थी बल्कि एक बीमा कंपनी के प्रतिनिधि के व्यवहार पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। उनका आरोप है कि वास्तविक नुकसान का सही आकलन किए बिना गलत सर्वे रिपोर्ट तैयार कर दी गई, जिसके कारण उनका क्लेम रोक दिया गया।

भूपेंद्र का कहना है कि उन्होंने कई बार कंपनी के अधिकारियों और संबंधित लोगों से संपर्क किया, लेकिन हर बार उन्हें टाल दिया गया। उनका आरोप है कि बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने के बावजूद उनकी शिकायत का समाधान नहीं किया गया। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक प्रताड़ना भी झेलनी पड़ रही है।

इस मामले के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि यदि किसी ग्राहक ने नियमों के तहत बीमा कराया है तो उसके दावे की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यदि किसी कारण से क्लेम अस्वीकार किया जाता है तो बीमा कंपनी को उसका स्पष्ट और लिखित कारण देना चाहिए, ताकि ग्राहक अपने अधिकारों का उपयोग कर सके।

बीमा विशेषज्ञों के अनुसार मोटर बीमा के तहत क्लेम का भुगतान पॉलिसी की शर्तों और सर्वे रिपोर्ट के आधार पर किया जाता है। दुर्घटना की सूचना समय पर देना, आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराना और वाहन का निरीक्षण कराना जरूरी होता है। यदि बीमाधारक को लगता है कि उसके साथ अन्याय हुआ है तो वह पहले कंपनी के शिकायत निवारण प्रकोष्ठ में शिकायत दर्ज करा सकता है। वहां से राहत नहीं मिलने पर बीमा लोकपाल, उपभोक्ता आयोग अथवा संबंधित नियामक संस्थाओं का दरवाजा खटखटा सकता है।

फिलहाल भूपेंद्र राजावत का कहना है कि उन्हें अब भी न्याय और अपने वैध बीमा दावे का इंतजार है। यदि उनकी शिकायत का निष्पक्ष समाधान नहीं हुआ तो वे कानूनी कार्रवाई करने के साथ-साथ संबंधित उच्च अधिकारियों से भी हस्तक्षेप की मांग करेंगे।

दुकान में घुसे बदमाशों ने व्यापारी पर ईंटों से किया जानलेवा हमला, साढ़े तीन लाख रुपये लूटकर फरार

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डीग। राजस्थान के डीग जिले के कुम्हेर थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज लूट और जानलेवा हमले की वारदात सामने आई है। देर रात दुकान में घुसे तीन बदमाशों ने एक व्यापारी पर ईंटों से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया और गल्ले में रखे साढ़े तीन लाख रुपये लूटकर फरार हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पीड़ित चेतन सिंह पुत्र खुट्टेराम जाट निवासी गांव तमरेर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 23 और 24 जून की दरमियानी रात वह अपनी दुकान के पास बनी गैलरी में सो रहा था। रात करीब डेढ़ बजे अचानक किसी प्रकार की आवाज सुनकर उसकी नींद खुल गई। जब वह उठकर दुकान की ओर गया तो उसने अंदर तीन लोगों को देखा।

चेतन सिंह के अनुसार जब उसने आरोपियों को टोका तो उनमें से एक युवक ने उसे पहचान लिए जाने के डर से जान से मारने की नीयत से ईंट उठाकर उसकी आंख पर दे मारी। ईंट सीधे उसकी बाईं आंख पर लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद बाकी दो बदमाशों ने भी उस पर ईंटों से हमला कर दिया और उसकी पसलियों पर वार किए।

घटना के दौरान चेतन सिंह का पुत्र राहुल RO प्लांट में पानी की व्यवस्था देखने के बाद वापस लौट रहा था। राहुल के मौके पर पहुंचते ही बदमाश मोटरसाइकिल से भागने लगे। राहुल ने साहस दिखाते हुए उनकी मोटरसाइकिल पकड़ने की कोशिश की। अचानक स्थिति बिगड़ती देख आरोपी मोटरसाइकिल छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए मौके से फरार हो गए।

पीड़ित का आरोप है कि बदमाश दुकान के गल्ले में रखे करीब 3 लाख 50 हजार रुपये नकद अपने साथ ले गए। घायल व्यापारी ने बताया कि हमला करने वाले आरोपियों में से एक को वह पहचानता है। उसका नाम बिट्टू पुत्र योगेश जाट निवासी तमरेर है। जबकि दो अन्य आरोपी अज्ञात हैं।

घटना स्थल पर आरोपियों की मोटरसाइकिल नंबर आरजे-05-वीएस-8457 छूट गई, जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। घायल व्यापारी की आंख में गंभीर चोट और शरीर में दर्द की शिकायत के आधार पर उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराने की प्रक्रिया शुरू की गई।

पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में मामला मारपीट, जानलेवा हमला, लूट और अन्य गंभीर धाराओं के अंतर्गत दर्ज किया गया है। कुम्हेर थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों तथा छोड़ी गई मोटरसाइकिल के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में इस प्रकार की वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिनदहाड़े और रात के समय बढ़ती आपराधिक घटनाओं को लेकर लोगों में चिंता का माहौल है। वहीं पीड़ित परिवार ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और लूटी गई रकम की बरामदगी की मांग की है।यह संस्करण अखबार की प्रमुख खबर की तरह तैयार किया गया है, जिसमें शीर्षक, घटनाक्रम, पुलिस कार्रवाई और स्थानीय प्रतिक्रिया को विस्तार से शामिल किया गया है।

मेरठ में महिला ने रिश्तेदार के परिचित पर लगाया दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का गंभीर आरोप, कई वर्षों तक शोषण का दावा

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मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने अपने ही क्षेत्र के रहने वाले एक व्यक्ति पर झूठे मुकदमे के भय का फायदा उठाकर दुष्कर्म करने, अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और वर्षों तक शारीरिक तथा मानसिक शोषण करने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने मुख्यमंत्री को भेजी गई शिकायत में आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

पीड़िता फरजाना ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2022 में उसके खिलाफ थाना लिसाड़ी गेट में एक मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसमें उसे आईटी एक्ट के तहत आरोपी बनाया गया था। महिला का कहना है कि वह इस मुकदमे को लेकर बेहद भयभीत और मानसिक तनाव में थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात रशीद नगर निवासी जावेद अहमद खान से हुई, जिसने खुद को पुलिस अधिकारियों से अच्छी पहचान रखने वाला बताते हुए मुकदमे से उसका नाम हटवाने का भरोसा दिया।

महिला के अनुसार विश्वास में लेकर आरोपी ने उसे अपने घर बुलाया। शिकायत में दावा किया गया है कि मई 2022 में जब वह आरोपी के घर पहुंची तो उसे गिरफ्तारी का डर दिखाया गया। महिला का आरोप है कि आरोपी ने उसे कोल्ड ड्रिंक पिलाई, जिसके बाद वह नशे जैसी हालत में पहुंच गई। इसी दौरान उसके साथ दुष्कर्म किया गया और आपत्तिजनक वीडियो भी बना लिए गए।

पीड़िता का कहना है कि बाद में आरोपी ने उन्हीं वीडियो को हथियार बनाकर उसे लगातार ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। शिकायत के अनुसार आरोपी वीडियो वायरल करने और बदनाम करने की धमकी देकर उसे विभिन्न स्थानों पर बुलाता रहा तथा जबरन शारीरिक संबंध बनाता रहा। महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि उसके साथ अप्राकृतिक तरीके से भी शारीरिक शोषण किया गया।

शिकायत में कहा गया है कि आरोपी ने कई आपत्तिजनक वीडियो अपने मोबाइल फोन में सुरक्षित रखे हैं और समय-समय पर उन्हें दिखाकर दबाव बनाता रहा। महिला का आरोप है कि आरोपी लगातार नए-नए मोबाइल नंबरों से संपर्क कर उसे धमकाता है और वीडियो वायरल करने की चेतावनी देता है।

पीड़िता ने यह भी दावा किया है कि आरोपी फर्जी दस्तावेजों और कथित फर्जी ऋण मामलों से जुड़ी गतिविधियों में शामिल है तथा इसी माध्यम से उसने बड़ी संपत्ति अर्जित की है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और यह जांच का विषय है।

महिला का कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों और कथित शोषण से परेशान होकर उसे मेरठ छोड़ना पड़ा और वह वर्तमान में गुरुग्राम में रहकर नौकरी कर रही है। पीड़िता ने अपनी शिकायत में कहा है कि आरोपी की धमकियों और बदनामी के भय से वह गंभीर मानसिक तनाव से गुजर रही है तथा कई बार आत्मघाती विचार भी उसके मन में आए हैं।

मुख्यमंत्री को भेजे गए प्रार्थना पत्र में महिला ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने तथा कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।

10 साल की सेवा के बाद नौकरी पर संकट: महिला कर्मचारी ने लगाए उत्पीड़न के गंभीर आरोप, प्रबंधन से निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग

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दादरी/नोएडा। नोएडा स्थित एक निजी संस्थान में हाउसकीपिंग कर्मचारी के रूप में पिछले लगभग दस वर्षों से कार्यरत दादरी निवासी हेमलता ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों और कुछ कर्मचारियों पर मानसिक उत्पीड़न, अभद्र व्यवहार तथा नौकरी से हटाने की कथित साजिश रचने के गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि वह पिछले एक दशक से पूरी ईमानदारी और मेहनत के साथ अपनी सेवाएं दे रही हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से उन्हें लगातार निशाना बनाया जा रहा है। दूसरी ओर कंपनी द्वारा उन्हें जारी कारण बताओ नोटिस में उन पर अनुशासनहीनता, सुपरवाइजर के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करने और प्रबंधक को कथित रूप से धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं।

हेमलता ने बताया कि उनके पति पिछले करीब दस वर्षों से परिवार से अलग हैं। उनकी दो बेटियां—17 वर्षीय निक्की और 14 वर्षीय नेहा—पूरी तरह उनकी आय पर निर्भर हैं। उन्होंने कहा कि परिवार के पालन-पोषण, बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा के खर्च का एकमात्र सहारा उनकी नौकरी है। ऐसे में यदि उनकी नौकरी चली जाती है तो पूरा परिवार आर्थिक संकट में आ जाएगा।

महिला कर्मचारी का आरोप है कि सुपरवाइजर अंकित, मोनू भाटिया तथा अन्य कुछ कर्मचारियों द्वारा लंबे समय से उनके साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है। उनका दावा है कि उन्हें बार-बार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और अपमानित किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक महिला सुपरवाइजर द्वारा कथित रूप से उनके चेंजिंग रूम का वीडियो बनाकर अन्य वरिष्ठ कर्मचारियों को दिखाया गया। महिला का कहना है कि यदि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो सच्चाई सामने आ सकती है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

हेमलता का आरोप है कि कर्मचारियों के वेतन वृद्धि को लेकर हुए धरना-प्रदर्शन में सक्रिय रहने के बाद से उन्हें लगातार निशाना बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि कुछ अधिकारी उनके नाम का उल्लेख करते हुए उन्हें नौकरी से हटाने की बात करते हैं और लगातार मानसिक दबाव बनाया जा रहा है।

महिला ने यह भी दावा किया कि 22 जून को एक पारिवारिक शादी में शामिल होने के लिए छुट्टी मांगने के बाद से उनके प्रति अधिकारियों का रवैया और अधिक कठोर हो गया। उनका आरोप है कि उन्हें काम देने के बजाय “नो एंट्री” की स्थिति में बैठा दिया गया, जिससे उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।

हेमलता का यह भी आरोप है कि विभिन्न विभागों के कुछ कर्मचारियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जिसमें से अंकित सुपरवाइजर है जो कि गलत कमेंट करता है और बंदे इशारे करता है हेमलता को एचआर डिपार्टमेंट के कुछ कर्मचारियों ने कथित रूप से हाथापाई भी की। उन्होंने इन सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच संस्थान के ए-ब्लॉक (द्वितीय तल) के कुछ पीएचडी शोधार्थियों ने हेमलता के समर्थन में एक लिखित पत्र जारी किया है। पत्र में कहा गया है कि हेमलता अपना कार्य पूरी मेहनत, जिम्मेदारी और ईमानदारी से करती हैं तथा उनका व्यवहार सभी के प्रति सम्मानजनक और सहयोगपूर्ण रहा है। शोधार्थियों ने उन्हें एक समर्पित और अनुशासित कर्मचारी बताया है।

कंपनी की ओर से 9 जून 2026 को जारी कारण बताओ नोटिस में कहा गया है कि 3 जून 2026 को हेमलता ने कथित रूप से अपने सुपरवाइजर के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग किया तथा प्रबंधक को शारीरिक नुकसान पहुंचाने की धमकी दी। नोटिस में वर्ष 2019 से 2026 के बीच जारी कई चेतावनी पत्रों का भी उल्लेख किया गया है और 48 घंटे के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है। नोटिस में यह भी कहा गया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कंपनी उपलब्ध तथ्यों के आधार पर अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकती है।

हेमलता ने संस्थान के उच्च प्रबंधन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने, उनके द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच कराने तथा उन्हें पुनः सुरक्षित वातावरण में सम्मानपूर्वक कार्य करने का अवसर देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद है और वे चाहती हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

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74 वर्षीय बुजुर्ग पिता की दर्दभरी पुकार! बेटों-बहुओं पर घर से बेदखल करने, संपत्ति हड़पने, भूखा रखने और प्रताड़ित करने का आरोप, इंसाफ के लिए दर-दर भटक रहे मुक्तिनाथ यादव

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आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के थाना कप्तानगंज क्षेत्र स्थित ग्राम चेहवता से पारिवारिक विवाद और कथित संपत्ति हड़पने का एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। गांव निवासी करीब 74 वर्षीय मुक्तिनाथ यादव ने अपने ही बेटों, बहुओं और परिवार के अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि पिछले लगभग 18 वर्षों से लगातार मानसिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। आरोप है कि उम्र के इस अंतिम पड़ाव में उन्हें अपने ही घर से बेदखल कर दिया गया, जिसके कारण आज वह दर-दर भटकने को मजबूर हैं।

मुक्तिनाथ यादव का आरोप है कि उनके बड़े बेटे राजेश यादव, बहू संगीता यादव, छोटे बेटे बृजेश यादव, बहू पूनम यादव तथा परिवार के अन्य लोगों ने उन्हें उनके ही घर से अलग कर दिया है। उनका कहना है कि उन्होंने वर्षों की मेहनत और कमाई से ग्राम चेहवता में मकान और जमीन तैयार की थी, लेकिन अब उसी घर में उन्हें रहने तक नहीं दिया जा रहा। कई बार उन्होंने परिवार से केवल एक कमरा रहने के लिए देने की गुहार लगाई, लेकिन उनकी मांग को भी ठुकरा दिया गया।

पीड़ित का आरोप है कि उनकी पत्नी स्वर्गीय चिंतामणि यादव, जिनका करीब 10 वर्ष पूर्व निधन हो चुका है, उन्हें भी जीवनकाल में उचित देखभाल और समय पर भोजन नहीं दिया गया। उनका कहना है कि लगातार उपेक्षा और प्रताड़ना के कारण उनकी पत्नी की हालत बिगड़ती चली गई। पत्नी के निधन के बाद उनका सहारा पूरी तरह छिन गया और इसके बाद परिवार की प्रताड़ना और अधिक बढ़ गई।

मुक्तिनाथ यादव का कहना है कि उनके नाम दर्ज लगभग 12 बिस्वा से अधिक तथा उनकी दिवंगत पत्नी के नाम दर्ज लगभग 6 बिस्वा से अधिक जमीन बिना उनकी जानकारी के बेटों ने अपने नाम करा ली। उनका आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी तक उन्हें नहीं दी गई। इतना ही नहीं, उनका कहना है कि उनकी बेटी कंचन भी अपने भाइयों के पक्ष में खड़ी है, जिससे उन्हें परिवार में किसी का सहयोग नहीं मिल रहा।

पीड़ित के अनुसार उनका बड़ा बेटा राजेश यादव पुलिस विभाग में कार्यरत है, जबकि बहू संगीता यादव सफाई कर्मचारी है। उनका आरोप है कि पद और प्रभाव का इस्तेमाल कर उन्हें लगातार दबाव में रखा जाता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बहू के परिचित प्रकाश नामक व्यक्ति अक्सर उनके घर में रहता है और पूरे मामले में हस्तक्षेप करता है, जिससे उनका मानसिक उत्पीड़न और बढ़ गया है।

मुक्तिनाथ यादव का कहना है कि उन्होंने करीब 50 वर्षों तक दिल्ली में मेहनत-मजदूरी और नौकरी कर परिवार का पालन-पोषण किया। जब-जब परिवार में विवाद बढ़ा, वह दिल्ली जाकर काम करने लगे। लेकिन अब बढ़ती उम्र और शारीरिक कमजोरी के कारण वह काम करने की स्थिति में नहीं हैं। उनका आरोप है कि वर्ष 2026 में उनकी उम्र और असहाय स्थिति को देखते हुए प्रताड़ना और बढ़ गई है। बेटा-बहू लगातार उनसे कहते हैं कि “काम करके कमाओ, नहीं तो यहां से चले जाओ।” पीड़ित का कहना है कि 74 वर्ष की उम्र में उनके लिए मेहनत-मजदूरी करना संभव नहीं है, फिर भी उन्हें अपमानित किया जाता है और घर में रहने का अधिकार भी नहीं दिया जा रहा।

उनका कहना है कि वर्तमान में वह रिश्तेदारों और परिचितों के यहां शरण लेकर किसी तरह जीवन बिता रहे हैं। कभी एक रिश्तेदार तो कभी दूसरे परिचित के यहां रात गुजारनी पड़ती है। उनका आरोप है कि यदि वह अपने घर जाने का प्रयास करते हैं तो उन्हें झूठे मुकदमों, छेड़छाड़ के आरोपों और जान से मारने की धमकियां देकर डराया जाता है।

पीड़ित ने बताया कि उन्होंने कई बार स्थानीय पुलिस, प्रशासन और आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से शिकायतें कीं। पुलिस ने मामले की जांच के बाद इसे पारिवारिक विवाद बताते हुए दोनों पक्षों के विरुद्ध शांति भंग की आशंका में बीएनएसएस की धारा 126/135 के तहत कार्रवाई की। हालांकि, पुलिस जांच में अन्य आरोपों की पुष्टि नहीं होने की बात कही गई। इसके बावजूद मुक्तिनाथ यादव का कहना है कि उनकी मूल समस्याओं का समाधान आज तक नहीं हो सका। उनका कहना है कि उन्हें न तो रहने के लिए घर मिला और न ही अपनी पैतृक संपत्ति में अधिकार।

मुक्तिनाथ यादव ने जिला प्रशासन, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों तथा संबंधित विभागों से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाए, उनकी संपत्ति और मकान में उनका वैधानिक अधिकार दिलाया जाए तथा वृद्धावस्था में उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर उपलब्ध कराया जाए। यदि पीड़ित के आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला केवल पारिवारिक विवाद नहीं बल्कि एक बुजुर्ग नागरिक के अधिकारों, सम्मान और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर सामाजिक प्रश्न भी बन जाता है। वहीं, इस मामले में जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनका पक्ष सामने आना अभी बाकी है।

 

सेंसेक्स ने लिया 700 प्वाइंट का यू-टर्न, निफ्टी भी दिन के हाई से 200 अंक फिसला; जानिए शेयर बाजार में क्यों आई तेज गिरावट?

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शेयर बाजार में गुरुवार को निवेशकों को जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कारोबार के दौरान सेंसेक्स अच्छी बढ़त के साथ आगे बढ़ रहा था, लेकिन दिन के ऊपरी स्तर से करीब 700 अंक फिसल गया। वहीं निफ्टी भी अपने इंट्राडे हाई से लगभग 200 अंक टूट गया।
शेयर बाजार में गुरुवार को निवेशकों को जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सुबह शानदार तेजी के साथ कारोबार शुरू करने वाले सेंसेक्स और निफ्टी ने दिन के दौरान मजबूत बढ़त हासिल की, लेकिन बाद में अचानक बिकवाली का दबाव बढ़ गया। नतीजा यह रहा कि सेंसेक्स अपने दिन के उच्च स्तर (77,800) से करीब 700 अंक नीचे आ गया, जबकि निफ्टी भी दिन के हाई से (24,260) लगभग 200 अंक फिसल गया। हालांकि अंत में दोनों प्रमुख सूचकांक मामूली बढ़त के साथ बंद होने में सफल रहे।

कारोबार के दौरान बाजार में अच्छी खरीदारी देखने को मिली थी, लेकिन दोपहर बाद मुनाफावसूली और कुछ सेक्टरों में भारी बिकवाली के चलते माहौल बदल गया। कल के मुकाबले, सेंसेक्स 109 अंक की बढ़त के साथ 77,100 के स्तर पर और निफ्टी 34 अंक चढ़कर 24,056 पर बंद हुआ। इसके बावजूद दिन के उच्च स्तर से आई तेज गिरावट ने निवेशकों को सतर्क कर दिया।

बाजार में क्यों आई गिरावट?
बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह मेटल सेक्टर में आई कमजोरी रही। निफ्टी मेटल इंडेक्स 1% से ज्यादा टूट गया। हिंदुस्तान जिंक के शेयर 3% से ज्यादा गिरे, जबकि वेदांता और नेशनल एल्युमिनियम कंपनी (NALCO) में भी करीब 3% की गिरावट दर्ज की गई। लंदन मेटल एक्सचेंज में एल्युमिनियम और चांदी की कीमतों में गिरावट आई है। इसके अलावा अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को ऊंचा बनाए रखने की आशंका ने भी मेटल कंपनियों पर दबाव बढ़ाया।
आईटी, एनर्जी और पावर शेयरों ने भी बढ़ाया दबाव
मेटल के अलावा आईटी, एनर्जी, ऑयल एंड गैस और पावर सेक्टर के शेयरों में भी बिकवाली देखने को मिली। टेक महिंद्रा, इंफोसिस, एचसीएल टेक, पावरग्रिड, एनटीपीसी और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे बड़े शेयर लाल निशान में बंद हुए। इन सेक्टरों की कमजोरी ने बाजार की तेजी को रोक दिया।

ऑटो और FMCG सेक्टर ने संभाला मोर्चा
एक तरफ जहां कई सेक्टरों में कमजोरी रही, वहीं ऑटो और FMCG शेयरों ने बाजार को सहारा दिया। महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M), मारुति सुजुकी और इंडिगो के शेयरों में शानदार तेजी देखने को मिली। FMCG इंडेक्स करीब 0.7% मजबूत हुआ, जबकि ऑटो इंडेक्स में 2% से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी फिसले
बाजार में जोखिम लेने की क्षमता भी कमजोर दिखाई दी। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स दोनों करीब 0.5% गिरकर बंद हुए। इससे साफ संकेत मिला कि निवेशक बड़े स्तर पर मुनाफावसूली कर रहे थे।

गंगा में नाव पर शराब और मांस की पार्टी, इस मामले में गिरफ्तार पांचों आरोपियों को कोर्ट से मिली जमानत

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गंगा में नाव पर शराब और मांस खाने का वीडियो वायरल हुआ था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। ये मामला कोर्ट पहुंचा और वहां से आरोपियों को जमानत मिल गई।
गंगा नदी के बीच नाव पर शराब पीने और मांसाहारी पार्टी करने के आरोप में गिरफ्तार पांच लोगों को कोर्ट से जमानत मिल गई है। आरोपियों को मंगलवार को रिहा कर दिया गया। बचाव पक्ष के वकील विकास सिंह ने बताया कि कार्यकारी मजिस्ट्रेट एवं सहायक पुलिस आयुक्त की अदालत ने प्रत्येक आरोपी को 20 हजार रुपये की दो-दो जमानतें और व्यक्तिगत मुचलका दाखिल करने के बाद रिहाई का आदेश दिया।
जानिए क्या हैं पांचों आरोपियों के नाम
जमानत पाने वाले आरोपियों की पहचान रामनगर क्षेत्र के सूजाबाद पड़ाव निवासी दीपक कुमार, नाविक अजय साहनी, डोमरी निवासी अरुण कुमार साहनी, अनुराग निषाद तथा सूजाबाद बंधा रोड निवासी राहुल सहनी के रूप में हुई है।

नाव पर बीयर पीते और मांस खाने का आया था वीडियो
मामला सोमवार शाम उस समय चर्चा में आया था, जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया था। वीडियो में गंगा नदी के बीच एक नाव पर कुछ लोग बीयर पीते और मांसाहारी भोजन करते दिखे थे। वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और इसमें शामिल लोगों की पहचान करके उन्हें गिरफ्तार कर लिया। साथ ही संबंधित नाव को भी जब्त कर लिया गया।

23 जून को किया गया था गिरफ्तार
दशाश्वमेध क्षेत्र के सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया था कि गिरफ्तार सभी आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेजा गया था। आरोपियों की उम्र 25 से 32 साल के बीच बताई गई है। उन्हें 23 जून को गिरफ्तार किया गया था।

पहले भी आ चुका है ऐसा ही मामला
बता दें कि इस साल मार्च में भी इसी तरह का एक मामला सामने आया था। 16 मार्च को सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया था, जिसमें कुछ लोगों को गंगा नदी में नाव पर बिरयानी खाते हुए दिखाया गया था।

14 युवकों किया गया था गिरफ्तार
इस मामले में कोतवाली पुलिस ने अगले दिन 14 युवकों को गिरफ्तार किया था। बाद में उन आरोपियों को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी। वहीं, इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में खासा गुस्सा था। लोगों ने गंगा जैसी पवित्र नदी और शिवनगरी काशी में ऐसा पाप करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवई की मांग की थी।