Wednesday, July 8, 2026
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सिकंदर रजा ने तोड़ा रोहित शर्मा का बहुत बड़ा रिकॉर्ड, T20 वर्ल्ड कप में रच दिया नया इतिहास

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जिम्बाब्वे के कप्तान और स्टार ऑलराउंडर सिकंदर रजा ने एक नया इतिहास रच दिया है। उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ मुकाबले में प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीतकर रोहित शर्मा का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में श्रीलंका के खिलाफ मैच में शानदार प्रदर्शन किया। इस मैच में उन्होंने 26 बॉल पर 45 रन की तूफानी पारी खेली। इस दौरान उन्होंने दो चौके और चार छक्के लगाए। इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड दिया गया। प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीतने के साथ ही सिकंदर रजा ने टीम इंडिया के दिग्गज खिलाड़ी रोहित शर्मा का एक बड़ा रिकॉर्ड तोड़ दिया है।सिकंदर रजा ने कप्तान के तौर अपने नाम किया ये खास रिकॉर्ड
जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने श्रीलंका के खिलाफ ये प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड 39 साल और 301 दिन की उम्र में जीता। इसके साथ ही वह बतौर कप्तान आईसीसी टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा उम्र में प्लेयर ऑफ द मैच जीतने के मामले में पहले नंबर पर पहुंच गए हैं। उन्होंने 39 साल 301 दिन की उम्र में यह मुकाम हासिल किया है। इस लिस्ट में उन्होंने रोहित शर्मा को पीछे छोड़ा दिया है, जिन्होंने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में 37 साल 331 दिन में यह कारनामा किया था। वहीं सिकंदर रजा टी20 वर्ल्ड कप में कप्तान के तौर POTM अवॉर्ड जीतने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए हैं।

सिकंदर रजा ने शोएब मलिक को छोड़ा पीछे
सिकंदर रजा इसके साथ ही टी20 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा उम्र में प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीतने के मामले में दूसरे नंबर पर पहुंच गए हैं। इस मामले में उन्होंने पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शोएब मलिक को पीछे छोड़ा है। उनसे आगे इस लिस्ट में अब सिर्फ सनथ जयसूर्या का नाम है। जयसूर्या ने ये कारनामा 39 साल और 345 दिन की उम्र में किया था। वहीं शोएब मलिक ने 39 साल और 279 दिन की उम्र में टी20 वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीता था।

जिम्बाब्वे ने आखिरी ओवर में हासिल किया बड़ा टारगेट
श्रीलंका और जिम्बाब्वे के बीच खेले गए मैच की बात करें तो वहां श्रीलंका ने 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 178 रन बनाए थे। श्रीलंका की तरफ से पथुम निसंका ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए अर्धशतक लगाया था, उन्होंने 41 गेंदों में 62 रन की पारी खेली। इस टारगेट को जिम्बाब्वे की टीम ने ब्रायन बेनेट की अर्धशतकीय पारी, वहीं रेयान बर्ल और सिकंदर रजा की तूफानी पारी के बदौलत लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया। बेनेट ने 48 बॉल पर 63, वहीं बर्ल ने 12 बॉल पर 23 रन बनाए।

ब्रिटेन के पूर्व प्रिंस एंड्रयू की गिरफ्तारी पर ट्रंप ने जताई नाराजगी, बोले- ‘It’s a shame’

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एपस्टीन फाइलों की जांच के सिलसिले में पूर्व प्रिंस एंड्रयू की गिरफ्तारी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शर्मनाक बताया है। ट्रंप ने यह शाही परिवार के लिए बुरी खबर है।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पूर्व ब्रिटिश प्रिंस एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर की गिरफ्तारी को शर्मनाक और रॉयल परिवार के लिए बहुत बुरी घटना बताया है। यह गिरफ्तारी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़े मामले में हुई है। रिपोर्टर्स से बातचीत में ट्रंप ने कहा, “मुझे लगता है कि यह शर्म की बात है। यह बहुत दुखद है। यह रॉयल परिवार के लिए बहुत बुरी बात है।”क्यों हुई एंड्रयू की गिरफ्तारी?
एंड्रयू को मिसकंडक्ट इन पब्लिक ऑफिस के संदेह में गिरफ्तार किया गया है जो एपस्टीन से उनके कथित संबंधों से जुड़ा है। यूरो न्यूज सहित कई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें जांच के दौरान रिहा कर दिया गया है। यूके पुलिस (थेम्स वैली पुलिस) ने बर्कशायर और नॉरफॉक के ठिकानों पर छापेमारी की और 60 साल के एक शख्स को गिरफ्तार किया। हालांकि, पुलिस ने शुरू में नाम नहीं बताया, लेकिन बाद में एंड्रयू को पुलिस स्टेशन से निकलते देखा गया। एंड्रयू का गुरुवार को जन्मदिन भी था।

किंग चार्ल्स III का बयान
इस बीच, किंग चार्ल्स III ने बयान जारी किया जिसमें कहा गया कि “कानून को अपना काम करना चाहिए।” किंग के आधिकारिक बयान में कहा गया- “मुझे एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर और पब्लिक ऑफिस में गलत काम के संदेह की खबर सुनकर बहुत चिंता हुई है। अब इसकी पूरी, निष्पक्ष और सही तरीके से जांच होगी। इसमें हमारा पूरा और दिल से सहयोग है।” उन्होंने आगे कहा कि कानूनी प्रक्रिया जारी रहने तक कोई और टिप्पणी उचित नहीं। परिवार जनता के प्रति ड्यूटी और सेवा जारी रखेगा।

एंड्रयू ने आरोपों से किया है इनकार
एंड्रयू ने एपस्टीन से जुड़े सभी आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा था कि उन्होंने एपस्टीन की किसी आपराधिक गतिविधि को कभी नहीं देखा या संदेह नहीं किया। नए आरोपों पर उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की है। किंग चार्ल्स ने एंड्रयू से ‘प्रिंस’ का टाइटल पहले ही छीन लिया है। अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट की ओर से एपस्टीन से जुड़े नए डॉक्यूमेंट्स जारी होने के बाद यह जांच तेज हुई है। किंग ने एंड्रयू को उनके विंडसर स्थित घर से हटाने की प्रक्रिया भी शुरू की थी, जहां वे 2003 से रह रहे थे।

प्रदेश भेजने के नाम पर बुलाकर युवक को अधमरा किया, पटना में जिंदगी और मौत से जूझ रहा अरुण; कार्रवाई नहीं होने से परिजनों में आक्रोश

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खगड़िया/गोगरी। प्रदेश में काम दिलाने का झांसा देकर बुलाए गए एक युवक को सुनसान दियारा इलाके में ले जाकर बेरहमी से पीटने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। गंभीर रूप से घायल युवक का इलाज पटना के अस्पताल में चल रहा है, जहां वह जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि नामजद आरोपियों के खिलाफ अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने से परिवार दहशत में है।

मामले को लेकर साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र के खाँड दियारा निवासी छोटू कुमार ने पुलिस अधीक्षक खगड़िया को आवेदन देकर बताया कि उनके भाई अरुण कुमार यादव को गांव के ही कुछ लोगों ने प्रदेश भेजने के बहाने बुलाया। आरोप है कि ननकू यादव ,राजेश यादव, भीष्मा यादव, संतोष यादव उर्फ मंगल यादव सहित अन्य ने उसे अपने साथ रखा और बाद में गोगरी थाना क्षेत्र के बहादुरपुर दियारा वहियार स्थित सुनसान सड़क किनारे ले गए।

परिजनों का आरोप है कि वहां अरुण की लाठी-डंडों से बुरी तरह पिटाई की गई। जान से मारने की नीयत से उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया और उसे अधमरी हालत में छोड़ दिया गया। घटना के बाद घायल को स्थानीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिलाया गया, जहां से उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए पहले खगड़िया, फिर बेगूसराय और अंततः पटना रेफर किया गया। वर्तमान में उसका इलाज आईजीआईएमएस पटना में चल रहा है।

छोटू कुमार ने आरोप लगाया कि घटना को लेकर उनकी मां पूनादेवी द्वारा पहले ही मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है, लेकिन पुलिस की ओर से अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि नामजद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और परिवार को धमकी दे रहे हैं, जिससे पूरे परिवार में भय का माहौल है।

परिजनों ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है, ताकि परिवार को सुरक्षा मिल सके और पीड़ित को न्याय मिल पाए। इधर, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

“औकात में रहो”, मध्यप्रदेश विधानसभा में कैलाश विजयवर्गीय के बयान पर मचा बवाल, CM ने माफी मांगी, पर सब बेकार

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कैलाश विजयवर्गीय के बयान से नाराज कांग्रेसी विधायकों ने जमकर हंगामा किया। हालांकि, बाद में उनकी तरफ से सीएम मोहन यादव ने माफी मांग ली, लेकिन इससे भी बात नहीं बनी और सदन अगले दिन तक स्थगित हो गया।मध्यप्रदेश विधानसभा में गुरुवार को कैलाश विजयवर्गीय के बयान पर जमकर हंगामा हुआ। संसदीय कार्य मंत्री ने सदन की कार्यवाही के दौरान नेता प्रतिपक्ष को कहा ‘औकात में रहो’। कैलाश विजयवर्गीय के बयान पर कांग्रेस विधायकों ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान माहौल शांत करने के लिए सीएम मोहन यादव ने अपने मंत्री की तरफ से माफी मांग ली, लेकिन हंगामा नहीं रुका। अंत में सदन की कार्यवाही अगले दिन तक रोक दी गई।
बजट सत्र के दौरान विपक्ष ने सरकार को भागीरथपुरा मौत कांड और लाड़ली बहना योजना को लेकर घेरने की कोशिश की। इसके साथ ही अलग-अलग मुद्दों पर आक्रामक रुख अपनाते हुए जवाब मांगा। इसी दौरान संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष को “औकात में रहो” कह दिया। इसके बाद विपक्षी सदस्य वेल में आ गए और करीब 40 मिनट तक जोरदार हंगामा चलता रहा।

सीएम ने मांगी माफी
विवाद बढ़ने पर विजयवर्गीय ने अपने व्यवहार पर असंतोष जताते हुए दुख व्यक्त किया। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने इसके बाद हंगामा खत्म करने को कहा, लेकिन कांग्रेस विधायकों का गुस्सा कम नहीं हुआ। इसके बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद आगे आए और कहा ‘जाने-अनजाने में कोई शब्द निकले हों तो मैं माफी मांगता हूं। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने भी इस पर अफसोस जताया। इसके बाद कांग्रेस विधायक सदन से बाहर आ गए और सदन अगले दिन तक के लिए स्थगित हो गया।

सदन में क्या हुआ?
सिंघार ने सिंगरौली में सरकार और अदाणी के बीच हुए करार का मुद्दा उठाया और दावा किया कि सरकार बिजली खरीद के नाम पर 25 साल में अदाणी की कंपनी को एक से सवा लाख करोड़ रुपये देने की तैयारी में है। इस पर मंत्री विश्वास सारंग ने आपत्ति जताई और कहा कि जो व्यक्ति सदन में मौजूद नहीं है, उसका नाम नहीं लिया जाना चाहिए, जबकि विजयवर्गीय ने सिंघार पर गलत जानकारी देने का आरोप लगाया। सिंघार ने कहा कि वह हर बात प्रमाण के साथ करते हैं और जरूरत पड़ने पर प्रमाण दे सकते हैं। इसी बात को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला और इसी दौरान विजयवर्गीय ने सिंघार के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल कर दिया। इसके बाद, विपक्षी कांग्रेस के सदस्य हंगामा करते हुए विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग करने लगे।

विधानसभा अध्यक्ष ने क्या कहा?
हंगामा बढ़ता देख तोमर ने सदन की कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित कर दी। बाद में जब सदन की कार्यवाही आरंभ हुई तो विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि मध्यप्रदेश विधानसभा की एक गौरवशाली परंपरा रही है लेकिन आज असहज स्थिति बन गई, जिसका कि उन्हें अफसोस है। तोमर ने कहा, ”गुस्सा आना नहीं चाहिए लेकिन आज आ गया, दोनों पक्षों की तरफ से। उसके कारण असहज स्थिति बनी। मुझे इसका रंज है इसके लिए पक्ष और प्रतिपक्ष जिम्मेदार हैं। संसदीय कार्य मंत्री बहुत अनुभवी हैं फिर भी आज सीमा कैसे टूट गई यह हम सभी के लिए चिंता का विषय है।”

कैलाश विजयवर्गीय ने लिखा- उमंग को प्यार करता हूं
विवाद बढ़ने पर कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, “मैं उमंग को प्यार करता हूं… मैं अपने व्यवहार से दुखी हूं।” वहीं सिंघार ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वह हमेशा अपनी हद में रहते हैं। उन्होंने कहा, ”मेरी औकात मध्यप्रदेश की 7.5 करोड़ जनता के सवालों को आपकी अहंकारी सत्ता के सामने मुखरता से रखने की है। मेरी इसी औकात ने आपको इतना बौना बना दिया कि आपके अंदर का असली चेहरा बाहर आ गया, मेरी इसी औकात ने आपको भगीरथपुरा पर बहस करने पर मजबूर किया।” उन्होंने कहा कि विजयवर्गीय द्वारा इस्तेमाल किए गए अपशब्द केवल उमंग सिंघार या किसी एक नेता प्रतिपक्ष के लिए नहीं थे, यह मध्यप्रदेश की 7.5 करोड़ जनता का अपमान है। उन्होंने कहा, ”जनता को कीड़े-मकोड़े समझने की मानसिकता रखने वाले मंत्री विजयवर्गीय ने असल में अपने अहंकार का परिचय दिया है। सत्ता का मद इतना चढ़ गया है कि जनप्रतिनिधि खुद को जनता से ऊपर समझने लगे हैं।”

गुवाहाटी: मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के बयान का प्रियंका गांधी ने दिया तीखा जवाब, बोलीं-ऐसी राजनीति कौन करता है भला

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असम पहुंची प्रियंका गांधी ने सीएम हिमंत बिस्वा सरमा के बयान का जवाब दिया है और कहा है कि ऐसी राजनीति किसी को भी शोभा नहीं देती। उन्होंने जुबिन गर्ग की मौत को लेकर भी बड़ा बयान दिया। जानें प्रियंका गांधी ने और क्या कहा?गुवाहाटी: असम विधानसभा चुनाव के लिए स्क्रीनिंग कमिटी की चेयरपर्सन व कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, “मेरी सोच है कि ऐसी चीज़ों का हमें राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। ज़ुबीन गर्ग की जब मृत्यु हुई तो हम सबने देखा कि असम की जनता उनसे कितना प्रेम करती है… ज़ुबीन गर्ग असम की आत्मा की आवाज़ थे, असम की अभिव्यक्ति थे… उनके हर गाने में प्रेम, एकता, असम की अस्मिता थी। हम भी उसी चीज़ के लिए लड़ रहे हैं, हमारी लड़ाई असम की संस्कृति, सभ्यता बचाने की है…”

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के बयान पर उन्होंने कहा, “चुनाव के समय दो तरह के नेता होते हैं एक जो बताते हैं कि वे जनता के लिए क्या करना चाहते हैं… दूसरे, ध्रुवीकरण कराओ, एक-दूसरे से लड़ाओ, किसी के परिवार पर आक्रमण करो। हमारी यह राजनीति न कभी रही है और न रहेगी। जिस तरह गौरव गोगोई और उनके परिवार पर आक्रमण हो रहा है मुझे लगता है कि यह एक उदाहरण होना चाहिए कि ऐसी राजनीति गलत है…”

‘फिर आऊंगा, यह बहुत ही प्रभावशाली’, एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार कारिस पहुंचे अक्षरधाम मंदिर, सामने आई प्रतिक्रिया

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एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार कारिस अपने प्रतिनिधिंडल के साथ यहां पहुंचे। अक्षरधाम मंदिर की भव्यता देख वह सम्मोहित हो गए। उन्होंने कहा कि वह फिर यहां आएंगे।एस्टोनिया गणराज्य के राष्ट्रपति अलार कारिस भारत आए हुए हैं। राष्ट्रपति कारिस ने एस्टोनिया के तेलिन से आए एक खास प्रतिनिधिमंडल के साथ नई दिल्ली में स्वामीनारायण अक्षरधाम का दौरा किया। राष्ट्रपति कारिस के साथ एस्टोनिया गणराज्य की भारत में राजदूत मार्जे लूप, राष्ट्रपति कार्यालय के सीनियर अधिकारी, विदेश मंत्रालय के सदस्य और एस्टोनिया के डिजिटल और एआई क्षेत्र के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। दिल्ली के अक्षरधाम दौरे पर एआई-लीप के नेतृत्वकर्ता भी शामिल रहे।

राष्ट्रपति कारिस का मंदिर परिसर में हुआ भव्य स्वागत
अक्षरधाम मंदिर परिसर पहुंचने पर राष्ट्रपति और उनके प्रतिनिधिमंडल का दिव्यामृतदास स्वामी, ज्ञानमुनिदास स्वामी और सीनियर कर्मचारियों द्वारा पारंपरिक स्वागत किया गया। उन्होंने मंदिर में दर्शन किए और अभिषेक किया, जिसमें उन्होंने वैश्विक शांति, सद्भाव और सभी समुदायों के कल्याण के लिए प्रार्थना की।

सांस्कृतिक नौका विहार का भी भी लिया अनुभव
प्रतिनिधिमंडल ने सांस्कृतिक नौका विहार का भी अनुभव किया, जिससे उन्हें भारत की समृद्ध विरासत, दर्शन और मानव प्रगति में योगदान की जानकारी प्राप्त हुई। इस यात्रा ने संवाद, इनोवेशन और अंतरसांस्कृतिक समझ के प्रति एस्टोनिया और भारत की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाया। टेक्नेलॉजी और ग्लोबल कोऑपरेशन का महत्व
कारिस के भारत दौरे पर विशेष रूप से डिजिटल डेवलपमेंट और मोरल डेवलपेंट के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच अच्छी बॉडिंग दिखी। एस्टोनिया के डिजिटल और साइबर कूटनीति विभाग और एआई-लीप के सीनियर अधिकारियों की उपस्थिति ने जिम्मेदार टेक्नेलॉजी और ग्लोबल कोऑपरेशन के महत्व को रेखांकित किया।

एस्टोनिया और भारत के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध
राष्ट्रपति कारिस को लिखे एक निजी पत्र में परम पूज्य महंत स्वामी महाराज ने राष्ट्रपति के आगमन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने एस्टोनिया और उनके नागरिकों की शांति और समृद्धि के साथ-साथ राष्ट्रपति के स्वास्थ्य और सफलता के लिए प्रार्थना की। उन्होंने यह भी आशा व्यक्त की कि आपसी समझ और सहयोग के माध्यम से एस्टोनिया और भारत के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध और मजबूत होते रहेंगे।

यह बहुत ही प्रभावशाली- अलार कारिस
भारत के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को इतने प्रेरणादायक वातावरण में अनुभव करने का अवसर और हार्दिक आतिथ्य सत्कार के लिए आभार व्यक्त करते हुए राष्ट्रपति कारिस ने लिखा, ‘मंदिर दर्शन के लिए धन्यवाद। मुझे आशा है कि मैं फिर आऊंगा। यह बहुत ही प्रभावशाली रहा। आइए भारत और एस्टोनिया के बीच शांति और अच्छे संबंधों की कामना करें।’

धनपतगंज में शादी समारोह के बाद बवाल: महिला से मारपीट, पुलिस पर उल्टा आरोप लगाने का आरोप

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सुलतानपुर जिले के धनपतगंज थाना क्षेत्र में एक शादी समारोह के बाद हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया है। पूरे चतुरी का पुरवा (हरौरा) निवासी प्रियंका सिंह ने गांव के ही चार लोगों पर घर में घुसकर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। इतना ही नहीं, पीड़िता का आरोप है कि पुलिस भी मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय उल्टा उन्हीं पर आरोप मढ़ रही है और शिकायत को दबाने की कोशिश की जा रही है।

पीड़िता प्रियंका सिंह पत्नी भीम सिंह के अनुसार 18 फरवरी 2026 की रात करीब 8:30 बजे उनके घर पर शादी का कार्यक्रम समाप्त ही हुआ था। इसी दौरान गांव के ही मंटू मिश्रा, विनोद मिश्रा, सूरज मिश्रा और जितेंद्र मिश्रा अचानक घर में घुस आए। आरोप है कि इन लोगों ने आते ही उनके पति और घर में मौजूद रिश्तेदारों को गाली देना शुरू कर दिया। विरोध करने पर उनके पति के साथ मारपीट की गई।

प्रियंका सिंह का कहना है कि जब वह बीच-बचाव करने पहुंचीं तो आरोपियों ने उनके साथ भी हाथापाई की। इस दौरान उनके कान की बाली टूट गई और उन्हें चोट भी आई। पीड़िता का आरोप है कि हमलावरों ने धमकी दी कि यदि पुलिस में शिकायत की तो अंजाम और भी बुरा होगा। घटना के बाद से परिवार दहशत में है।

मामले की शिकायत थाना धनपतगंज में दी गई, लेकिन पीड़िता का कहना है कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करने के बजाय उल्टा उन्हीं पर आरोप लगाने शुरू कर दिए। परिवार का आरोप है कि प्रभावशाली लोगों के दबाव में मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे नाराज परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।

गांव में चर्चा है कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो मामला और गरमा सकता है। पीड़िता ने उच्चाधिकारियों से हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस संवेदनशील मामले में क्या कदम उठाता है।

 

 

कौन है गलगोटिया यूनिवर्सिटी का मालिक? जीरो से खड़ा किया शिक्षा का साम्राज्य, लेकिन अब चीनी रोबोट विवाद ने फंसाया पेंच!

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दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में एक रोबोट डॉग ने ऐसा हंगामा खड़ा किया कि चर्चा सीधे यूनिवर्सिटी के मालिक तक पहुंच गई। ग्रेटर नोएडा स्थित गलगोटिया यूनिवर्सिटी को समिट से बाहर कर दिया गया, जब उसके स्टॉल पर प्रदर्शित ‘ओरियन’ नाम का रोबोट असल में एक चीनी कंपनी का प्रोडक्ट निकला।दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के मंच से अचानक बाहर किया जाना किसी भी शैक्षणिक संस्थान के लिए बड़ा झटका होता है। इस बार चर्चा के केंद्र में रही गलगोटिया यूनिवर्सिटी (Galgotias University) जिसने समिट में ‘ओरियन’ नाम से एक रोबोट डॉग पेश किया था। दावा किया गया कि यह यूनिवर्सिटी का इनोवेशन है, लेकिन बाद में खुलासा हुआ कि यह दरअसल चीन की कंपनी Unitree Robotics का मॉडल Unitree Go2 है। विवाद बढ़ा तो यूनिवर्सिटी को सफाई देनी पड़ी।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
समिट में लगे स्टॉल पर यूनिवर्सिटी की ओर से बताया गया कि कैंपस में एआई पर 350 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया गया है और ओरियन नाम का रोबोट डॉग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का विकसित प्रोडक्ट है। लेकिन टेक्नोलॉजी जगत से जुड़े लोगों ने तुरंत पहचान लिया कि यह वही रोबोट है, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहले से उपलब्ध है और भारत में भी 2-3 लाख रुपये में बिकता है। विवाद बढ़ने के बाद यूनिवर्सिटी ने कहा कि इरादे और प्रस्तुति को लेकर गलतफहमी हुई है।

कौन हैं गलगोटिया यूनिवर्सिटी के फाउंडर?
इस पूरे मामले के बाद यूनिवर्सिटी के मालिक सुनील गलगोटिया चर्चा में आ गए हैं। ग्रेटर नोएडा स्थित इस प्राइवेट यूनिवर्सिटी की नींव उन्होंने रखी थी। उनका सफर बेहद साधारण शुरुआत से शुरू हुआ। 1930 के दशक में उनके परिवार का कनॉट प्लेस में एक छोटा सा बुक स्टोर था। दिल्ली के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने 1980 के दशक में पब्लिशिंग का काम शुरू किया और गलगोटियास पब्लिकेशंस के जरिए अंतरराष्ट्रीय परीक्षा की किताबों के वितरण अधिकार हासिल किए।

40 छात्रों से यूनिवर्सिटी तक का सफर
साल 2000 में उन्होंने गलगोटियास इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी (GIMT) की स्थापना की, जहां शुरुआत सिर्फ 40 छात्रों से हुई। इसके बाद इंजीनियरिंग कॉलेज और फिर 2011 में उत्तर प्रदेश सरकार से यूनिवर्सिटी का दर्जा मिला। आज यूनिवर्सिटी हजारों छात्रों और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ देश की जानी-मानी निजी संस्थाओं में गिनी जाती है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सुनील गलगोटिया का कारोबार हजारों करोड़ रुपये का हो चुका है।

आठवीं बार घर छोड़कर फरार हुई पत्नी, तीन मासूम बच्चों को छोड़ गई पीछे; पति ने युवक संग भागने का लगाया आरोप

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जहानाबाद। जिले के सिकरिया थाना क्षेत्र के 30, कलुआचक, बाजीतपुर, जहानाबाद, खरौना, जहानाबाद, बिहार – 804408 निवासी अरुण ने अपनी पत्नी रेणु देवी (30) के खिलाफ सनसनीखेज आरोप लगाते हुए पुलिस से मदद मांगी है। अरुण का कहना है कि उनकी पत्नी बीते 21 दिसंबर 2025 को अचानक घर छोड़कर चली गई हैं और अब तक वापस नहीं लौटी। यह शादी के बाद अब तक की आठवीं बार है जब रेणु देवी घर से फरार हुई हैं।

अरुण ने बताया कि उनकी शादी वर्ष 2012 में हुई थी और उनके तीन बच्चे हैं। हर बार वह घर छोड़कर गईं, लेकिन बच्चों और परिवार की खातिर उन्हें अपनाया गया। इस बार उनका कहना है कि उनकी पत्नी किसी युवक के साथ भागी हैं और बच्चों को अपने पास नहीं रखना चाहती। इस बार वह बच्चों को घर पर ही छोड़कर चली गई, जबकि पूर्व में कई बार वह बच्चों को भी साथ लेकर गई थीं।

अरुण ने बताया कि बच्चों पर मां की गैरमौजूदगी का गहरा असर पड़ रहा है। मासूम बार-बार रोते हैं और मां के लौटने का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन और पुलिस से अपील की है कि उनकी पत्नी को जल्द खोजा जाए ताकि परिवार फिर से सामान्य जीवन जी सके।

सिकरिया थाना पुलिस ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि महिला अपनी मर्जी से गई हैं या किसी के बहकावे में। गांव में इस घटना को लेकर चर्चा का दौर भी जारी है।

फिलहाल तीनों मासूम बच्चों की जिम्मेदारी पिता के कंधों पर है और अरुण ने प्रशासन से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

 

बजट 2026-27 को लेकर बोले CM मोहन यादव, कहा- ” ये समृद्ध, सुखद और संपन्न मध्य प्रदेश के सपने को पूरा करेगा”

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बजट 2026-27 को लेकर CM मोहन यादव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि यह बजट ज्ञानी (G Y A N I I) के मार्गदर्शी सिद्धान्त पर तैयार किया गया है।भोपाल: मुख्‍यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ज्ञान आधारित विकास के संकल्प के साथ मध्य प्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति के कल्याण के ज्ञान (GYAN) के संकल्प में हमारी सरकार ने अब इंडस्ट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर के आई (I) को भी शामिल किया है। वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश का यह बजट ज्ञानी (G Y A N I I) के मार्गदर्शी सिद्धान्त पर तैयार किया गया है। जिसमें गरीब कल्याण, युवा शक्ति के कौशल विकास एवं रोज़गारोन्मुखी प्रशिक्षण, अन्नदाता की आय में वृद्धि, नारी सशक्तिकरण, आधारभूत सुविधाओं का विकास एवं प्रदेश में औद्योगिक निवेश के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करने का संकल्प है। उन्होंने कहा, “वर्ष 2026-27 के 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपए के बजट में विकास के लिए पर्याप्त धन राशि रखी गई है, यह विकास और जनकल्याण के संकल्प की पूर्ति का परिचायक है।” उन्होंने कहा, “यह बजट समृद्ध मध्‍य प्रदेश, सम्‍पन्‍न मध्‍य प्रदेश, सुखद मध्‍य प्रदेश, सांस्‍कृतिक मध्‍य प्रदेश के सपने को साकार करने वाला है। पिछले वर्ष की तरह इस बार भी प्रदेश की जनता पर किसी नए कर बोझ नहीं डाला गया है। सुशासन और सुप्रबंधन के लिए निरंतर नवाचार और विकास के सभी पैमानों को पूरा करता यह बजट अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा में वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत होने के बाद मीडिया के प्रतिनिधियों को विधानसभा परिसर में संबोधित करते हुए यह विचार व्यक्त किए।”

बजट में विकास के लिए पर्याप्त धन राशि
वर्ष 2026-27 के 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपए के बजट में विकास के लिए पर्याप्त धन राशि रखी गई है, यह विकास और जनकल्याण के संकल्प की पूर्ति का परिचायक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह बजट ”समृद्ध मध्‍यप्रदेश, सम्‍पन्‍न मध्‍यप्रदेश, सुखद मध्‍यप्रदेश, सांस्‍कृतिक मध्‍यप्रदेश” के सपने को साकार करने वाला है। पिछले वर्ष की तरह इस बार भी प्रदेश की जनता पर किसी नए कर बोझ नहीं डाला गया है। सुशासन और सुप्रबंधन के लिए निरंतर नवाचार और विकास के सभी पैमानों को पूरा करता यह बजट अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा में वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत होने के बाद मीडिया के प्रतिनिधियों को विधानसभा परिसर में संबोधित करते हुए यह विचार व्यक्त किए।

प्रति व्यक्ति आय में वर्ष 2025-26 में 9 प्रतिशत की वृद्धि
इस बजट से अगले तीन वर्ष के विकास का खाका खीचा जाएगा और यह बजट विकास के लिए सतत् रूप से पर्याप्त धन राशि उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेगा। यह बजट अमृतकाल 2047 के लिए विकास का पैमाना सिद्ध होगा। वर्ष 2026-27 में राज्य का सकल घरेलु उत्पाद 18 लाख 48 हजार 274 करोड़ रुपए अनुमानित है, जो वर्ष 2025-26 के अनुमान में 10.69 प्रतिशत अधिक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में वर्ष 2024-25 की तुलना में वर्ष 2025-26 में 9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

कृषि वर्ष में किसान कल्याण का बजट
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि उत्पादन एवं उत्पादकता वृद्धि के लिए 28 हजार 158 करोड़ रूपए, आदान व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए 64 हजार 995 करोड़ रूपए, उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए 8 हजार 91 करोड़ रूपए, सुरक्षा चक्र के लिए 13 हजार 769 करोड़ रूपए सहित कृषि कल्याण के लिए कुल 1 लाख 15 हजार 13 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तावित है, जो किसान कल्याण वर्ष के लिए पर्याप्त है। उन्होंने कहा कि बहुआयामी गरीबी सूचकांक आधारित बजट व्यवस्था राज्य की एक अभिनव और दूरदर्शी पहल है।

अधोसंरचना विकास के लिए एक लाख करोड़ रूपए से अधिक का प्रावधान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार अधोसंरचना विकास में बजट अनुमान 2026-27 का पूंजीगत परिव्यय रुपये 1 लाख करोड़ से अधिक है। राज्य सरकार ने इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के समुचित प्रावधान किए हैं। प्रदेश के गठन के बाद पहली बार इतनी बड़ी राशि का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्‍यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना के लिए 21 हजार 630 करोड़ की स्‍वीकृति के बाद वित्‍तीय वर्ष 2026-27 के लिए 800 करोड़ रुपये का प्रावधान है। राज्य में क्षतिग्रस्त पुलों का पुर्ननिर्माण योजना में 4 हजार 572 करोड़ की स्‍वीकृति के बाद वित्‍तीय वर्ष 2026-27 के लिए रूपये 900 करोड़ का प्रावधान रखा गया है।

शहरों में अधोसंरचना विकास के लिए ‘द्वारका योजना’
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्‍थ महापर्व से संबंधित 13 हजार 851 करोड़ के कार्य स्‍वीकृत किए गए हैं। जिसके अंतर्गत वर्ष 2026-27 के लिए 3 हजार 60 करोड़ रुपये का प्रावधान है। शहरों में अधोसंरचना विकास के लिए ”द्धारका योजना” में आगामी तीन वर्षों में 5 हजार करोड़ रुपये का निवेश संभावित है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में आबादी भूमि पर मालिकाना अधिकार की योजना है, जिसमें मुद्रांक एवं पंजीयन का समस्‍त शुल्‍क राज्‍य शासन वहन करेगा। यह देश में अपने तरह का पहला नवाचार है। इसके लिए 3 हजार 800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

बच्चों को बेहतर पोषण के लिए यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना में 700 करोड़ रुपए का प्रावधान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बच्चों को बेहतर पोषण मिले, इसके लिए यशोदा दुग्‍ध प्रदाय योजना के लिए 700 करोड़ रुपये का प्रावधान है। इस योजनातंर्गत आगामी पांच वर्षों में 6 हजार 600 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के लिए 23 हजार 883 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकसित भारत-गांरटी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन (ग्रामीण) के लिए 10 हजार 428 करोड़ रुपये का प्रावधान है।

युवा कल्याण के लिए बजट में विशेष प्रावधान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश देश के सबसे युवा तीन प्रदेशों में से एक है। युवा कल्याण के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। प्रदेश में सांदीपनि विद्यालय, पीएम श्री महाविद्यालय, चिकित्सा महाविद्यालयों का निर्माण किया जा रहा है। राज्य में औद्योगिक विकास के साथ हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए जोर दिया जा रहा है। पर्यटकों के लिए प्रदेश में पहली बार पीएमश्री हेली सर्विस शुरू की गई है, जिसमें पर्यटकों से सामान्य किराये का मात्र 1/10वां हिस्सा ही लिया जा रहा है। शेष खर्च राज्य सरकार वहन कर रही है। गरीब एवं जरूरतमंदों को एयर एम्बुलेंस की मदद से समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य में हवाई सेवाओं के विकास के लिए बजट में उचित प्रावधान किए गए हैं। मध्यप्रदेश में सर्वाधिक 13.5 करोड़ पर्यटक आए हैं, धार्मिक पर्यटकों के आगमन का भी रिकार्ड बना है। इनमें डेढ़ लाख विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं। राज्य में पर्यटकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए टेंट सिटी, होम-स्टे जैसे नवाचारों को बढ़ाया जा रहा है।

वित्तीय संसाधनों के बेहतर प्रबंधन से बढ़ रही है बजट की राशि
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश वन संपदा एवं वन्यजीवों से समृद्ध है। प्रदेश की धरती पर चीतों का पुनर्स्थापन किया गया है। श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में नए शावकों के आगमन से स्वदेशी चीतों की संख्या में वृद्धि हो रही है। यहां चीतों की संख्या अब 38 पहुंच गई है। इसी माह 8 व्यस्क चीते बोत्सवाना से लाए जाएंगे। असम से जंगली भेंसा मध्यप्रदेश के वनों में जल्द लाए जाएंगे।