Wednesday, July 8, 2026
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गुजरात में काम कर रहे मजदूर का अचानक संपर्क टूटा, पांच बच्चों के पिता का फोन 5 दिन से बंद; पत्नी ने लगाई गुहार

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सीधी।
मध्य प्रदेश के सीधी जिले के सिहौलिया गांव से एक मजदूर के रहस्यमय ढंग से संपर्क टूटने का मामला सामने आया है। ग्राम सिहौलिया, पोस्ट बहरी, तहसील बहरी निवासी श्यामलाल साकेत पिछले एक वर्ष से गुजरात में रहकर मजदूरी का काम कर रहे थे। 17 फरवरी की रात करीब 11 बजे तक उनकी अपनी पत्नी कुसुम कली साकेत से बातचीत हुई थी, लेकिन इसके बाद से उनका मोबाइल फोन लगातार स्विच ऑफ बता रहा है।

परिजनों के अनुसार श्यामलाल गुजरात की मुद्रा कॉलोनी क्षेत्र में रह रहे थे। उन्होंने 24 मार्च का घर आने का टिकट भी करा रखा था। परिवार को उम्मीद थी कि वे जल्द ही घर लौटेंगे, लेकिन अचानक संपर्क टूटने से घर में चिंता और भय का माहौल है। श्यामलाल के पांच बच्चे हैं, जिनमें दो बेटे और तीन बेटियां शामिल हैं। पिता के अचानक गायब होने से बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।

पत्नी कुसुम कली का कहना है कि उन्होंने कई बार श्यामलाल के सुपरवाइजर से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन हर बार टालमटोल जवाब मिला कि “अभी बात करवा रहे हैं।” इसके बावजूद न तो बातचीत हो पाई और न ही श्यामलाल का कोई स्पष्ट पता चल पाया। जिस मोबाइल नंबर से वे संपर्क में रहते थे, वह लगातार बंद आ रहा है।

पीड़िता का आरोप है कि जब वह थाने में आवेदन देने गई तो वहां से भी यह कहकर लौटा दिया गया कि मामला गुजरात का है, यहां से कुछ नहीं हो सकता। इससे परिवार की चिंता और बढ़ गई है। कुसुम कली ने प्रशासन और मीडिया से मदद की अपील की है, ताकि समय रहते मामले को गंभीरता से लिया जाए और उनके पति का पता लगाया जा सके।

गांव में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। परिजन आशंका जता रहे हैं कि कहीं कोई अनहोनी न हो गई हो। फिलहाल परिवार प्रशासन से त्वरित कार्रवाई और श्यामलाल साकेत की सुरक्षित वापसी की मांग कर रहा है।

 

रानीप में पुरानी रंजिश ने लिया हिंसक रूप: चार रास्ता पर कार रोककर हमला, कांच तोड़े, जान से मारने की धमकी

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अहमदाबाद (नव रानीप) से रिपोर्ट। शहर के नव रानीप इलाके में पुरानी रंजिश ने शनिवार दोपहर अचानक हिंसक रूप ले लिया। वंदे मातरम रोड स्थित चार रास्ता के पास कुछ युवकों ने एक कार को बीच सड़क पर रोककर उस पर हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने गाली-गलौज करते हुए कार के पीछे के कांच पर डंडों और पत्थरों से वार किया, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया।

पीड़ित युवक के अनुसार, करीब एक महीने पहले उसके मित्र के साथ मामूली कहासुनी हुई थी, जिसे बाद में आपसी समझौते से सुलझा लिया गया था। लेकिन उसी बात को लेकर आरोपियों ने रंजिश पाल रखी थी। शनिवार को दोपहर करीब डेढ़ से दो बजे के बीच वह अपने मित्रों के साथ कार से निकला था। करीब तीन बजे जब वे वंदे मातरम रोड स्थित चार रास्ता के पास पहुंचे, तभी कुछ युवकों ने उनकी कार को घेर लिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपियों ने पहले गाड़ी रुकवाई, फिर गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर कार के पीछे के कांच पर वार किए गए, जिससे शीशा टूट गया। अचानक हुए हमले से कार में सवार युवक घबरा गए और किसी तरह मौके से निकलकर अपनी जान बचाई। घटना की सूचना मिलते ही पीड़ित के परिजन भी मौके पर पहुंचे।

पीड़ित पक्ष ने इस संबंध में थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। प्रारंभिक जांच में पुरानी रंजिश को हमले की वजह माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।

इलाके के लोगों का कहना है कि दिनदहाड़े इस तरह की घटना से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। व्यस्त सड़क पर हुई इस वारदात के दौरान कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है और आरोपियों की तलाश जारी है।

 

दहेज की मांग पर हैवानियत: गर्भपात कराया, मारपीट कर घर से निकाला; पति समेत 5 पर परिवाद

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बगहा/नौरंगिया। पश्चिमी चम्पारण के नौरंगिया थाना क्षेत्र में दहेज की मांग को लेकर एक नवविवाहिता के साथ कथित तौर पर अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आया है। पीड़िता सुनिता देवी (22) ने अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम, बगहा की अदालत में परिवाद संख्या 596/2025 दायर कर पति समेत ससुराल पक्ष के पांच लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अदालत ने मामले को संज्ञान में लेते हुए आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

शादी में 5 लाख से अधिक खर्च, फिर भी 2 लाख और बाइक की मांग

परिवाद के अनुसार, सुनिता की शादी 21 जून 2021 को हिंदू रीति-रिवाज से उमेश निषाद के साथ हुई थी। मायके पक्ष ने शादी में करीब 3 लाख रुपये नगद और लगभग 2 लाख रुपये के गहने, कपड़े, फर्नीचर व बर्तन उपहार स्वरूप दिए थे। आरोप है कि शादी के छह माह बाद से ही ससुराल वाले अतिरिक्त 2 लाख रुपये और एक मोटरसाइकिल की मांग करने लगे। पीड़िता के अनुसार, पिता की आर्थिक स्थिति कमजोर होने की बात कहने पर उसे ताने दिए गए और शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना शुरू कर दी गई।

इलाज और देखभाल बंद, गर्भपात कराने का आरोप

परिवाद में कहा गया है कि प्रताड़ना के दौरान पीड़िता के दवा-इलाज, खान-पान और देखभाल तक में लापरवाही बरती गई। दंपती से एक पुत्र और एक पुत्री का जन्म हुआ। इसके बाद जब वह दोबारा गर्भवती हुई तो आरोप है कि पति और सास ने उसे गर्भनाशक दवा खिलाकर तीन माह का गर्भ गिरा दिया। विरोध करने पर 7 जुलाई 2025 को सुबह करीब 11 बजे उसके साथ मारपीट की गई, स्त्रीधन छीन लिया गया और घर से निकाल दिया गया। धमकी दी गई कि दहेज की रकम और मोटरसाइकिल लेकर ही लौटना, अन्यथा जान से मार देंगे।

स्थानीय थाना पर कार्रवाई न करने का आरोप

पीड़िता का कहना है कि घटना की सूचना स्थानीय थाने में दी गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पंचायत के प्रयासों के बाद भी जब समाधान नहीं निकला तो उसने न्यायालय की शरण ली। मामले में उमेश निषाद, रामाकांत निषाद, सोनमती देवी, रीमा कुमारी और सीमा कुमारी को आरोपी बनाया गया है। सभी उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के हिरनाहा गांव के निवासी बताए गए हैं।

गवाहों के बयान और कानूनी धाराएं

परिवाद में पांच गवाहों के नाम दर्ज हैं, जो नौरंगिया क्षेत्र के निवासी हैं। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता की धाराएं 115(2), 126(2), 85, 352, 351(2) तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत कार्रवाई की मांग की गई है। अदालत से दोषियों को दंडित कर न्याय दिलाने की गुहार लगाई गई है।

मामले ने इलाके में दहेज प्रथा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो यह न केवल घरेलू हिंसा बल्कि महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े गंभीर अपराध की श्रेणी में आएगा।

 

पुणे से पत्नी और तीन बच्चे लापता: शाम 6 बजे के बाद बंद हुआ मोबाइल, 8 बजे घर लौटे पति को मिला सूना घर

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पुणे (महाराष्ट्र)। शहर के कोथरुड इलाके से एक ही परिवार के चार सदस्यों के अचानक लापता होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मूल रूप से नेपाल के रहने वाले राम सिंह दमाई पिछले तीन महीनों से अपने परिवार के साथ पुणे में रहकर मजदूरी का काम कर रहे थे। 19 फरवरी की शाम उनकी पत्नी और तीनों बच्चे रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

पता

हैप्पी कॉलोनी, गोसावी वस्ती, कोथरुड, पुणे सिटी, पुणे, महाराष्ट्र – 411038

लापता सदस्य

रमित दमाई (9 वर्ष)

आर्यन दमाई (5 वर्ष)

आरती दमाई (3 वर्ष)

उनकी माता (नाम उपलब्ध नहीं)

शाम 4 से 6 बजे तक हुई सामान्य बातचीत

राम सिंह दमाई के अनुसार, 19 फरवरी को शाम 4 बजे से 6 बजे के बीच उनकी पत्नी से फोन पर सामान्य बातचीत हुई थी। किसी भी प्रकार के विवाद या तनाव की बात सामने नहीं आई।

लेकिन ठीक 6 बजे के बाद पत्नी का मोबाइल फोन बंद आने लगा।

8 बजे घर पहुंचे तो मिला खुला दरवाजा

रात करीब 8 बजे जब राम सिंह काम से लौटे तो घर का दरवाजा खुला मिला। अंदर पत्नी और बच्चे नहीं थे। घर में किसी संघर्ष या जबरन प्रवेश के निशान नहीं मिले। पड़ोसियों ने भी किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी नहीं दी।

पुलिस जांच जारी

सूचना मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और आसपास के इलाकों में भी अलर्ट जारी किया गया है।

संपर्क करें

यदि किसी को उपरोक्त महिला और बच्चों के बारे में कोई भी जानकारी मिले तो कृपया तुरंत इस नंबर पर संपर्क करें:

📞 7820 864 960

आपकी एक सूचना परिवार को उनके अपनों से मिला सकती है।

 

MP: भिंड-ग्वालियर नेशनल हाईवे पर बस-कार की टक्कर में पटवारी समेत 5 लोगों की मौत, 6 घायल

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मध्य प्रदेश के भिंड में बड़ा रोड एक्सीडेंट हो गया। हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई जबकि छह लोग घायल हैं। घायलों में दो लोगों की हालत नाजुक है।भिंडः मध्य प्रदेश के भिंड-ग्वालियर नेशनल हाईवे 719 पर गोहद थाना क्षेत्र के छीमका गांव के पास एक भीषण सड़क हादसा हुआ है। शुक्रवार शनिवार की दरम्यानी रात 2 बजकर 30 मिनट के करीब तेज रफ्तार खाली बस ने यात्रियों से भरी ईको कार में टक्कर मार दी, जिससे चार लोगों की घटना स्थल पर ही मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। हादसे में 6 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से दो को गंभीर हालत में ग्वालियर रेफर किया गया है। बारात छोड़कर ग्वालियर वापस जा रही थी बस

जानकारी के अनुसार, बस भिंड में बारात छोड़कर ग्वालियर वापस जा रही थी, जबकि ईको कार ग्वालियर से भिंड की ओर आ रही थी। गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के छीमका के पास दोनों में तेज टक्कर हो गई थी। टक्कर इतनी तेज थी कि ईको कार के परखच्चे उड़ गए।

मृतकों में पटवारी और पूर्व सैनिक भी शामिल

पुलिस फिलहाल मृतकों एवं घायलों की पहचान करने में जुटी हुई है। एक मृतक की पहचान भिंड निवासी जगदीश भदौरिया के रूप में हुई है जो कि वर्तमान में पटवारी थे और भूतपूर्व सैनिक भी थे। एक व्यक्ति की पहचान अतुल शिवहरे के रूप में हुई है। जबकि अन्य की पहचान करने की कोशिश अभी जारी है। वहीं पुलिस के अनुसार ईको कार नंबर के आधार पर वाहन मालिक से बात की गई तो उसने बताया कि उसके द्वारा कार को बेच दिया गया था। और जिस व्यक्ति को कार बेची गई उदक मोबाइल फिलहाल बंद आ रहा है।

इस हादसे ने एक बार फिर नेशनल हाईवे 719 पर सड़क सुरक्षा और प्रशासन की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मार्ग पर आए दिन हादसे हो रहे हैं जिनमें लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। कुछ दिन पहले भी गोहद थाना क्षेत्र में ही इसी हाईवे पर दुर्घटना में चार लोगों की मौत हुई थी। लेकिन प्रशासन अब तक ठोस कदम नहीं उठा पाया है। लोगों की मांग है कि नेशनल हाईवे पर तत्काल सुरक्षा उपाय बढ़ाए जाएं। और इसको फ़ॉर लेन किया जाए अथवा नया हाईवे बनाया जाए।

कांग्रेस के खिलाफ बीजेपी का विरोध प्रदर्शन, हिरासत में लिए गए दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा

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बीजेपी के कार्यकर्ता और सीनियर नेता एआई समिट में कांग्रेस के अपमान जनक रवैये के खिलाफ सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान बीजेपी के कार्यकर्ताओं और नेताओं को हिरासत में लिया गया।कांग्रेस के खिलाफ बीजेपी दिल्ली में विरोध प्रदर्शन कर रही है। दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा को हिरासत में ले लिया गया। प्रदर्शन के दौरान वीरेंद्र सचदेवा 24 अकबर रोड के बाहर बेरीकेडिंग पर चढ़ गए थे। वहां से हटाने के लिए पुलिस को उन्हें हिरासत में लेना पड़ा। हालांकि, थोड़ी देर बाद ही प्रदेश अध्यक्ष सचदेवा को छोड़ दिया गया। बीजेपी के कार्यकर्ता और सीनीयर नेता सड़क पर उतर कर कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।AI समिट किसी पार्टी का कार्यक्रम नहीं- सचदेवा
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा, ‘इस घटना से स्पष्ट है कि राहुल गांधी इस स्तर तक गिर गए हैं कि वे प्रधानमंत्री का विरोध करते-करते देश का विरोध करने लगे हैं। यह AI समिट किसी पार्टी का कार्यक्रम नहीं राष्ट्र का कार्यक्रम था, इसमें पूरे विश्व के प्रतिनिधि आए थे। इसमें आप क्या दिखाना चाह रहे थे? यह राष्ट्र की साख को भट्टा लगाना था, हम इसका विरोध करते हैं।’

देश की जनता देगी जवाब- मनोज तिवारी
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा, ‘कांग्रेस ने ऐसा देश विरोधी कृत्य किया है, जिसकी भारत की जनता के मन में कोई माफी नहीं होगी। यह किराए के गुंडों से AI इंपैक्ट समिट जो आज भारत का गौरव बना हुआ है। उसे बदनाम करने की कोशिश एक गद्दारी, देशद्रोह है। देश की जनता इसका जवाब देगी।’

कल कांग्रेस ने किया था शर्मनाक प्रदर्शन
बता दें कि भारत मंडपम में चल रहे अंतरराष्ट्रीय इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान शुक्रवार को बड़ा राजनीतिक बवाल देखने को मिला। NSUI के 15-20 कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शनी हॉल नंबर-5 में घुसकर अचानक विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने अपनी टी-शर्ट उतारकर (शर्टलेस प्रदर्शन) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जोर-शोर से नारे लगाए। इस पर कई आपत्तिजनक संदेश लिखे गए थे।

नीमराणा में 12 वर्षीय अंजू की मौत: मजदूर परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, कार्रवाई न होने से आक्रोश; मालिक पर धमकी का आरोप

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नीमराणा।
अलवर जिले के नीमराणा क्षेत्र में ट्रैक्टर की टक्कर से 12 वर्षीय बच्ची अंजू की मौत के बाद पीड़ित परिवार गहरे सदमे और आर्थिक संकट से जूझ रहा है। मां रेखा देवी और पिता राजकुमार का आरोप है कि हादसे के बाद से वे लगातार न्याय के लिए भटक रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें न तो ठोस कार्रवाई का भरोसा मिला है और न ही किसी तरह की राहत।

रेखा देवी पत्नी राजकुमार, मूल निवासी जरी बांदा (उत्तर प्रदेश), वर्तमान में गणपति भट्टा दोसोद, नीमराणा में मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करती हैं। परिवार में दो बेटे और दो बेटियां हैं, जिनमें अंजू तीसरे नंबर की संतान थी। मजदूरी कर किसी तरह परिवार का गुजारा चलता था। अब मासूम बेटी की मौत के बाद घर में मातम पसरा है और माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों का कहना है कि वे अभी तक इस सदमे से उबर नहीं पाए हैं।

शिकायत के अनुसार, 21 जनवरी 2026 की सुबह करीब 8:30 बजे अंजू सड़क किनारे खेल रही थी। तभी RI02GH477 नंबर का एक ट्रैक्टर तेज गति और लापरवाही से आया और बच्ची को टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर रूप से घायल अंजू को पहले बहरोड़ के अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत नाजुक होने पर जयपुर स्थित एसएमएस अस्पताल रेफर किया गया। उपचार के दौरान 1 फरवरी 2026 को डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पोस्टमार्टम के बाद परिजन भाना नीमराणा थाना पहुंचे और रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की। रेखा देवी का आरोप है कि ट्रैक्टर चालक हनुमान नामक व्यक्ति था। साथ ही उन्होंने भट्ठा मालिक पर भी दबाव और धमकी देने का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि उन्हें कहा जा रहा है, “हमारे बिना तुम कुछ नहीं कर पाओगे।” इस कारण वे खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं।

पीड़ित दंपती का कहना है कि वे बेहद गरीब हैं, मजदूरी ही उनका सहारा है। बेटी की मौत के बाद मानसिक आघात के साथ-साथ आर्थिक संकट भी गहरा गया है। लगातार आवेदन देने के बावजूद उन्हें कहीं से ठोस आश्वासन नहीं मिल रहा है। वे प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।

अब पूरे क्षेत्र की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है—क्या इस मजदूर परिवार को समय रहते न्याय और राहत मिलेगी, या वे यूं ही दर-दर भटकते रहेंगे?

प्रेग्नेंट हैं सरगुन मेहता, शादी के 12 साल बाद रवि दुबे के घर में गूंजेगी किलकारी? तेज हुई चर्चा, सच जानने को बेताब फैंस

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टीवी इंडस्ट्री के पॉपुलर कपल रवि दुबे और सरगुन मेहता एक बार फिर सुर्खियों में हैं। रवि दुबे और सरगुन मेहता की शादी के 12 साल बाद प्रेग्नेंसी की अफवाहों को लेकर चर्चा में हैं।अभिनेता रवि दुबे और सरगुन मेहता टीवी इंडस्ट्री के सबसे मशहूर और चहेते कपल्स में से हैं। दोनों अक्सर ही किसी न किसी वजह से सुर्खियों में छाए रहते हैं। अब शादी के लगभग 12 साल बाद एक बार फिर सरगुन और रवि प्रेग्नेंसी की अटकलों के चलते चर्चा का विषय बन गए हैं। सरगुन और रवि दुबे 2013 में शादी के बंधन में बंधे थे और लगातार अपने प्रोफेशनल सक्सेस और मजबूत रिश्ते को लेकर सुर्खियों में रहे हैं और अब प्रेग्नेंसी की अफवाहों को लेकर कपल एक बार फिर चर्चा में है। हालांकि, अब तक कपल ने इन अफवाहों पर प्रतिक्रिया नहीं दी है।क्या प्रेग्नेंट हैं सरगुन मेहता
‘टेली क्रिएट्स’ द्वारा साझा की गई एक सोशल मीडिया पोस्ट के अनुसार, सरगुन मेहता और रवि दुबे शादी के 12 साल बाद अपने पहले बच्चे की उम्मीद कर रहे हैं। अगर ये रिपोर्ट सच साबित होती है तो कपल शादी के 1 दशक से भी ज्यादा समय के बाद माता-पिता बनेंगे। हालांकि, न तो रवि दुबे ने इन खबरों पर कोई प्रतिक्रिया दी है और न ही सरगुन मेहता ने। कपल ने अब तक इन खबरों को न तो नकारा है और न ही पुष्टि की है, जिसके चलते ये खबरें अब तक अप्रमाणित हैं।

पहले भी उड़ चुकी हैं सरगुन के प्रेग्नेंसी की अफवाहें
हालांकि ये पहली बार नहीं है जब सरगुन मेहता की प्रेग्नेंसी की अफवाहें उड़ी हैं, इससे पहले भी वह इस तरह की अफवाहों से घिर चुकी हैं। सरगुन और रवि के माता-पिता बनने की अफवाहें इससे पहले तब तेज हुई थीं जब रवि और सरगुन अपने शो ‘जूलियट जट्ट दी’ के प्रमोशन के लिए रियेलिटी शो बिग बॉस 19 में पहुंचे थे। टीवी पर अपनी उपस्थिति के बाद दोनों एक अस्पताल के बाहर नजर आए, जिसके बाद फैंस ने कयास लगाना शुरू कर दिया कि हो न हो कपल जल्दी ही कोई गुड न्यूज देने वाला है। लेकिन, ये अफवाहें महज अफवाहें ही साबित हुईं।

रवि और सरगुन की लव स्टोरी
रवि और सरगुन की लव स्टोरी की बात करें तो दोनों की पहली मुलाकात ’12/24 करोल बाग’ के सेट पर हुई थी और यहीं से दोनों की लव स्टोरी भी शुरू हुई। इस सीरियल में दोनों ने ऑन-स्क्रीन कपल का रोल निभाया। टीवी स्क्रीन पर रोमांस जल्द ही असल जिंदगी के प्यार में बदल गई, हालांकि उन्होंने लंबे समयत तक अपने रिश्ते को छुपाए रखा। इसके बाद रवि ने ‘नच बलिये 5’ के दौरान सरगुन को शादी के लिए प्रपोज किया और 7 दिसंबर 2013 को दोनों शादी के बंधन में बंध गए।

रामायण में नजर आएंगे रवि दुबे
वर्क फ्रंट की बात करें तो सरगुन मेहता, पंजाब की सबसे सफल सितारों में से एक बन चुकी हैं, वहीं रवि दुबे भी अपने करियर को आगे बढ़ाने में जुटे हैं। कई हिट टीवी शोज और वेब सीरीज के बाद अब वह रणबीर कपूर स्टारर ‘रामायण’ में नजर आएंगे। इस मोस्ट अवेटेड फिल्म में वह “लक्ष्मण” का किरदार निभा रहे हैं।

‘खिलाड़ी मेंटल कोमा में चले गए हैं’- T20 वर्ल्ड कप के बहिष्कार पर फूटा बांग्लादेश कोच का गुस्सा, आसिफ नजरुल पर बोला हमला

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टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बांग्लादेश के बहिष्कार पर सीनियर असिस्टेंट कोच मोहम्मद सलाहुद्दीन ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस फैसले से युवा क्रिकेटरों को मानसिक तौर पर काफी नुकसान हुआ है।टी20 वर्ल्ड कप 2026 में बांग्लादेश क्रिकेट टीम नहीं खेल रही है। वहां की सरकार ने अपनी टीम को इस वर्ल्ड कप में खेलने की अनुमति नहीं दी। उन्होंने इसके पीछे तर्क दिया गया था कि बांग्लादेश की टीम को भारत में सही सुरक्षा नहीं मिल पाएगी। इस बीच टी20 वर्ल्ड कप से बाहर होने के बाद टीम के सीनियर असिस्टेंट कोच मोहम्मद सलाहुद्दीन ने पूर्व खेल सलाहकार आसिफ नजरुल पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि गलत फैसलों ने खिलाड़ियों के सपनों को चकनाचूर कर दिया है।

एक सेकंड में तोड़ दिया 27 साल का सपना
टी20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश के नहीं खेलने के फैसले को लेकर सलाहुद्दीन ने कहा कि युवा खिलाड़ियों का जीवनभर का सपना एक झटके में तोड़ दिया गया। उन्होंने खुलासा किया कि दो खिलाड़ी तो मेंटल कोमा जैसी स्थिति में चले गए थे। उन्होंने कहा कि जब कोई लड़का वर्ल्ड कप खेलने आता है, वह अपना 27 साल का सपना लेकर आता है। आप एक सेकंड में वह सपना तोड़ देते हैं। अगर यह देशहित का फैसला है तो खिलाड़ी कुर्बानी देंगे, लेकिन इससे जो निजी नुकसान हो रहा है, उसको लेकर भी बात करनी होगी।

मोहम्मद सलाहुद्दीन ने आसिफ नजरुल पर बोला हमला
इस मामले ने और तूल तब पकड़ी जब आसिफ नजरुल के बयानों में दो तरह की बातें सामने आई। पहले उन्होंने कहा था कि भारत में मैच नहीं खेलने का फैसला सरकार का है। बाद में उन्होंने दावा किया कि यह फैसला बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) और खिलाड़ियों के साथ मिलकर लिया गया था ताकि राष्ट्रीय गरिमा बची रहे। इस पर सलाहुद्दीन ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि नजरुल ने खुलेआम झूठ बोला। उन्होंने दावा किया कि टी20 वर्ल्ड कप का बहिष्कार करने का फैसला सरकार ने थोपा था और खिलाड़ियों या कोचों की इसमें कोई भूमिका नहीं थी।

क्रिकेटर्स को टी20 वर्ल्ड कप में भाग न लेने के लिए मजबूर किया- सलाहुद्दीन
मोहम्मद सलाहुद्दीन ने आगे कहा कि सरकार ने बांग्लादेश क्रिकेट टीम को टी20 वर्ल्ड कप में भाग न लेने के लिए मजबूर किया। इसमें क्रिकेटरों या कोचों का कोई हाथ नहीं था। बल्कि, खिलाड़ी न खेल पाने से बेहद निराश थे और उनमें से दो गंभीर रूप से बीमार भी पड़ गए थे। बांग्लादेशी क्रिकेट कोच ने आरोप लगाते हुए कहा कि अब आसिफ नजरुल सारा दोष क्रिकेटरों और कोचों पर डाल रहे हैं, जबकि असल में, उन्होंने ही बांग्लादेश टीम को टी20 वर्ल्ड कप में न खेलने का फैसला लेने के लिए मजबूर किया था।

कटारे शुक्रवार शाम 4 बजे तक विधानसभा की कार्यवाही में मौजूद थे। अचानक सदन से बाहर निकले और मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया जिसे लेकर शाम तक सस्पेंस बना रहा। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर हेमंत कटारे के इस्तीफे की पुष्टि की है।मध्य प्रदेश विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह इस्तीफा उन्होंने कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी एवं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार को सौंपा है। भिंड जिले के अटेर सीट से कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने अपने इस्तीफा में लिखा है कि वह परिवार और क्षेत्र की जनता को पर्याप्त समय नहीं दे पाने के कारण अपने पद से इस्तीफा दे रहे हैं।परिवार और क्षेत्र को नहीं दे पा रहे थे समय इस संबंध में संगठन महासचिव डॉक्टर संजय कामले ने जानकारी देते हुए कहा कि हेमंत कटारे ने अपने इस्तीफे में पारिवारिक दायित्वों एवं समय की कमी का उल्लेख किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वर्तमान परिस्थितियों में वे अपने विधानसभा क्षेत्र को अपेक्षित समय और ध्यान नहीं दे पा रहे थे, इसी कारण उन्होंने उप नेता प्रतिपक्ष के पद से त्यागपत्र दिया है। कांग्रेस पार्टी के साथ थे, हैं और रहेंगे उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हेमंत कटारे का यह इस्तीफा केवल पद से संबंधित है, न कि पार्टी की सदस्यता से। वे कांग्रेस पार्टी के साथ थे, हैं और आगे भी पूरी निष्ठा के साथ पार्टी के साथ रहेंगे। अभी स्वीकार नहीं किया गया इस्तीफा उन्होंने बताया कि हेमंत कटारे के उपनेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफा स्वीकार किया जाए या नहीं, इसका अंतिम निर्णय प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी एवं पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के विवेकाधिकार पर निर्भर है। किसी को नहीं पता था कि ऐसी बात होने वाली है- उमंग सिंघार नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि, ‘आप लोगों से जानकारी मिली है। मैं हाउस में था। परिवार की बात है, मामले की जानकारी लूंगा। साथी विधायकों ने बताया कि अच्छा काम कर रहे थे। अच्छा परफॉर्मेंस था। सबके साथ खाना खाया, लेकिन किसी साथी विधायक को नहीं पता था कि ऐसी बात होने वाली है। आश्चर्य की बात है कि मेरी जानकारी में कुछ भी बात नहीं है। उनका परिवार कांग्रेस का पुराना परिवार है। इस प्रकार का कोई कदम हेमंत कटारे तो नहीं उठाएंगे।

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कटारे शुक्रवार शाम 4 बजे तक विधानसभा की कार्यवाही में मौजूद थे। अचानक सदन से बाहर निकले और मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया जिसे लेकर शाम तक सस्पेंस बना रहा। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर हेमंत कटारे के इस्तीफे की पुष्टि की है।मध्य प्रदेश विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह इस्तीफा उन्होंने कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी एवं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार को सौंपा है। भिंड जिले के अटेर सीट से कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने अपने इस्तीफा में लिखा है कि वह परिवार और क्षेत्र की जनता को पर्याप्त समय नहीं दे पाने के कारण अपने पद से इस्तीफा दे रहे हैं।परिवार और क्षेत्र को नहीं दे पा रहे थे समय
इस संबंध में संगठन महासचिव डॉक्टर संजय कामले ने जानकारी देते हुए कहा कि हेमंत कटारे ने अपने इस्तीफे में पारिवारिक दायित्वों एवं समय की कमी का उल्लेख किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वर्तमान परिस्थितियों में वे अपने विधानसभा क्षेत्र को अपेक्षित समय और ध्यान नहीं दे पा रहे थे, इसी कारण उन्होंने उप नेता प्रतिपक्ष के पद से त्यागपत्र दिया है।

कांग्रेस पार्टी के साथ थे, हैं और रहेंगे
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हेमंत कटारे का यह इस्तीफा केवल पद से संबंधित है, न कि पार्टी की सदस्यता से। वे कांग्रेस पार्टी के साथ थे, हैं और आगे भी पूरी निष्ठा के साथ पार्टी के साथ रहेंगे।

अभी स्वीकार नहीं किया गया इस्तीफा
उन्होंने बताया कि हेमंत कटारे के उपनेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफा स्वीकार किया जाए या नहीं, इसका अंतिम निर्णय प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी एवं पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के विवेकाधिकार पर निर्भर है।

किसी को नहीं पता था कि ऐसी बात होने वाली है- उमंग सिंघार
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि, ‘आप लोगों से जानकारी मिली है। मैं हाउस में था। परिवार की बात है, मामले की जानकारी लूंगा। साथी विधायकों ने बताया कि अच्छा काम कर रहे थे। अच्छा परफॉर्मेंस था। सबके साथ खाना खाया, लेकिन किसी साथी विधायक को नहीं पता था कि ऐसी बात होने वाली है। आश्चर्य की बात है कि मेरी जानकारी में कुछ भी बात नहीं है। उनका परिवार कांग्रेस का पुराना परिवार है। इस प्रकार का कोई कदम हेमंत कटारे तो नहीं उठाएंगे।