Wednesday, July 8, 2026
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होली के जश्न में पुलिस का धावा: सिविल ड्रेस में पहुंचे जवानों पर बर्बरता के आरोप, महिलाओं से बदसलूकी; युवक गंभीर घायल

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जमुना नगर। होली के उल्लास के बीच जमुना नगर की रूपनगर कॉलोनी में पुलिस की कथित कार्रवाई ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। आरोप है कि 4 मार्च 2026 को दोपहर करीब 2 बजे कॉलोनी के कुछ लोग अपने घरों के सामने होली मना रहे थे। इस दौरान वे रंग-गुलाल खेलते हुए आपस में बैठकर खाने-पीने का आनंद ले रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तभी अचानक सिविल ड्रेस में कुछ पुलिसकर्मी वहां पहुंचे और बिना किसी स्पष्ट कारण के मौजूद लोगों के साथ मारपीट शुरू कर दी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिसकर्मियों ने पहले तो मौके पर मौजूद युवकों को पकड़कर बेरहमी से पीटा और बाद में कई लोगों को जबरन पुलिस स्टेशन ले जाया गया। आरोप है कि थाने ले जाने के बाद भी मारपीट का सिलसिला जारी रहा। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया और लोग भयभीत हो उठे।

घटना के दौरान जब घरों के बच्चे और महिलाएं बीच-बचाव के लिए बाहर आईं तो उनके साथ भी कथित तौर पर बदसलूकी की गई। लोगों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें भी धक्का-मुक्की करते हुए डराने-धमकाने की कोशिश की। इससे कॉलोनी में गुस्सा और आक्रोश और बढ़ गया।

बताया जा रहा है कि इस मारपीट में राम लखन नामक व्यक्ति को गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में भी पुलिसकर्मी पहुंचे और घायल व्यक्ति को डराकर-धमकाकर जबरन गलत बयान देने का दबाव बनाया। परिवार का कहना है कि इस पूरी घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

घटना के बाद से रूपनगर कॉलोनी में तनाव का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जिन लोगों के साथ मारपीट व बदसलूकी हुई है, उन्हें न्याय दिलाया जाए। वहीं पुलिस की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

मंडी में महिला दुकानदार से मारपीट व जान से मारने की कोशिश, एफआईआर दर्ज करने की मांग

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मंडी। जिला मंडी के सदर क्षेत्र में एक महिला दुकानदार के साथ मारपीट, तोड़फोड़ और जान से मारने की कोशिश का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता चम्पा देवी (40 वर्ष), पत्नी हरीश कुमार, निवासी गांव चड्यारा, डाकघर गुटकर, तहसील सदर, जिला मंडी ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्रशिक्षण के दौरान दुकान में घुसकर तोड़फोड़ का आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार 27 फरवरी 2026 को चम्पा देवी नागचला प्राथमिक स्कूल में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल थीं। दोपहर करीब 1 बजे उन्हें सूचना मिली कि उनकी चाय की दुकान में गांव के ही फागणु राम पुत्र नरायण राम घुसकर तोड़फोड़ कर रहा है। सूचना मिलते ही वह प्रशिक्षण छोड़कर तुरंत दुकान पर पहुंचीं।
पीड़िता का आरोप है कि आरोपी दुकान के अंदर सामान तोड़ रहा था। जब उन्होंने विरोध किया तो आरोपी ने उन्हें पीछे से पकड़ लिया, गलत नीयत से छेड़छाड़ की और जान से मारने की कोशिश की। शोर मचाने पर आरोपी मौके से फरार हो गया।
पहले भी कर चुका है उत्पीड़न का प्रयास
चम्पा देवी ने शिकायत में आरोप लगाया है कि संबंधित व्यक्ति पहले भी कई बार उनके साथ अभद्र व्यवहार कर चुका है और उल्टा उन पर ही पुलिस में शिकायत दर्ज कराता रहा है। इस बार आरोपी ने कथित रूप से जान से मारने और बेटी को नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी।


अस्पताल में उपचार, पुलिस से न्याय की गुहार
घटना के बाद पीड़िता एसपी कार्यालय पहुंचीं, जहां से उन्हें उपचार के लिए जोनल अस्पताल मंडी भेजा गया। मेडिकल जांच के बाद उन्होंने आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों में घटना को लेकर रोष है और महिला को न्याय दिलाने की मांग उठ रही है।
नगर निगम की ओर से अलग नोटिस भी जारी
इसी बीच, Municipal Corporation Mandi की ओर से चम्पा देवी को हिमाचल प्रदेश टाउन एंड कंट्री प्लानिंग एक्ट, 1977 की धारा 38 के तहत नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में आरोप है कि गांव चड्यारा, रैण की बैण क्षेत्र में बिना अनुमति निर्माण कार्य और खुदाई की गई है।
नोटिस के अनुसार संबंधित निर्माण को अवैध बताते हुए इसे तत्काल रोकने और पूर्व स्थिति में बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही निर्धारित तिथि पर उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है, अन्यथा धारा 38, 39 और 83-ए के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
पुलिस जांच जारी
फिलहाल पुलिस प्रशासन की ओर से मामले की जांच की जा रही है। पीड़िता ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और आरोपी के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

ईरान के साथ युद्ध के बीच अमेरिका में रहस्यमयी भूकंप के कई झटके, लोगों में फैली दहशत

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अमेरिका के नेवादा में भूकंप के झटके लगने से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। जहां ये भूकंप आया है, वह अमेरिका का सीक्रेट टोनोपाह टेस्ट रेंज हैं। यहां पिछले तीन दिनों से भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं।ईरान के साथ युद्ध के बीच अमेरिका में रहस्यमयी भूकंप के झटके लगे हैं। संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, रविवार सुबह अमेरिका के नेवादा राज्य में 4.3 तीव्रता के भूकंप महसूस किए गए। नेवादा के ग्रामीण इलाकों को भूकंप के झटकों ने हिला दिया। इससे लोगों में दहशत फैल गई। यूएसजीएस के अनुसार, भूकंप के बाद ऑफ्टर शॉक भी आए।नेवादा राज्य में पिछले कुछ दिनों से भूकंपों का सिलसिला थम नहीं रहा है। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, टोनोपाह के पूर्वोत्तर इलाके में जहां अमेरिका का सीक्रेट टोनोपाह टेस्ट रेंज (जिसे ‘एरिया 52’ भी कहा जाता है) स्थित है। वहां पिछले तीन दिन से भूकंप आ रहे हैं।
अब तक इस एरिया में आए भूकंप के कई झटके
यूएसजीएस के अनुसार रविवार (1 मार्च) से अब तक कई भूकंप झटके दर्ज किए गए हैं, जिनमें से अधिकांश भूकंप के झटके 2.5 से ऊपर की तीव्रता वाले हैं। सबसे मजबूत झटका रविवार सुबह 4.3 मैग्नीट्यूड का है। इसका केंद्र टोनोपाह से लगभग 48 मील (77 किमी) पूर्वोत्तर में रहा।

ट्रंप ने पहले ही दी चेतावनी
अमेरिका के परमाणु परीक्षण स्थल के पास भूकंप के झटके ऐसे समय आए हैं, जब अमेरिका ईरान के खिलाफ युद्ध के हालात हैं। हाल ही में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ चेतावनी दी है कि युद्ध की ‘सबसे बड़ी लहर’ अभी तक आई ही नहीं है।

बढ़ सकता है वैश्विक तनाव
अमेरिका के नेवादा यह घटना ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले कर रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने परमाणु क्षमता से जुड़े मुद्दों पर सख्त बयान दिए हैं। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि इससे वैश्विक तनाव बढ़ सकता है।

हालांकि, अमेरिकी सरकार की ओर से ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई है कि बड़े पैमाने पर परमाणु विस्फोटक परीक्षण शुरू किए गए हैं। इसका मतलब है कि नेवादा के सीक्रेट टोनोपाह टेस्ट रेंज में आ रहे भूकंप नेचुरल घटना सकती है।

T20 WC के सेमीफाइनल मैचों को लेकर ICC का बड़ा ऐलान, बताया कौन होंगे अंपायर और मैच रेफरी

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T20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल मुकाबले 4 और मार्च को खेले जाएंगे। इन मुकाबलों को लेकर ICC ने बड़ा ऐलान कर दिया है।T20 वर्ल्ड कप 2026 अब अपने सबसे रोमांचक दौर में पहुंच चुका है। खिताब से बस दो कदम दूर खड़ी चार बड़ी टीमों के बीच जंग से पहले अब इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी ICC ने एक अहम घोषणा कर दी है। सेमीफाइनल मुकाबलों के लिए अंपायर और मैच रेफरी के नामों का ऐलान कर दिया गया है।

ICC ने बताया कि कोलकाता और मुंबई में खेले जाने वाले नॉकआउट मुकाबलों के लिए एमिरेट्स ICC एलीट पैनल के अनुभवी अंपायर और रेफरी जिम्मेदारी संभालेंगे। कोलकाता के ईडन गार्डन्स में होने वाले पहले सेमीफाइनल में साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड आमने-सामने होंगे। इस मैच में रिचर्ड इलिंगवर्थ और एलेक्स व्हार्फ ऑन-फील्ड अंपायर की भूमिका में होंगे। रिचर्ड इलिंगवर्थ इससे पहले भी T20 वर्ल्ड कप के बड़े मुकाबलों में अंपायरिंग कर चुके हैं। वहीं एलेक्स व्हार्फ ने भी टूर्नामेंट में अहम मैचों में जिम्मेदारी निभाई है। पहले सेमीफाइनल में नितिन मेनन थर्ड अंपायर होंगे। वहीं, मैच रेफरी की जिम्मेदारी जवागल श्रीनाथ संभालेंगे।

विश्व का एकमात्र मंदिर जहां नहीं माना जाता ग्रहण, 24 घंटे और सातों दिन खुला रहता है दरबार

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मंगलवार को होने वाले चंद्रगहण को देखते हुए देशभर में मंदिरों में पूजा-पाठ नहीं होंगे। हालांकि, विश्व का एक मंदिर ऐसा भी है जहां ग्रहण का असर नहीं माना जाता है और यहां 24 घंटे और सातों दिन दरबार खुला रहता है।साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण आज मंगलवार 3 मार्च को लगने जा रहा है। बता दें कि ये इस साल का सबसे बड़ा चंद्र ग्रहण भी होने जा रहा है। ये पूर्ण चंद्र ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा। बता दें कि इस ग्रहण को देखते हुए देशभर के मंदिरों, ज्योतिर्लिंगों, शक्तिपीठों में दर्शन–पूजन बंद रहेंगे। हालांकि, भारत में एक ऐसा मंदिर भी है जहां ग्रहण को नहीं माना जाता और यहां 24 घंटे और सातों दिन दरबार दर्शन के लिए खुला रहता है। आपको बता दें कि हम मध्य प्रदेश के खंडवा में स्थित अवधूत संत दादाजी धूनीवाले वाले मंदिर के बारे में बात कर रहे हैं।
चंद्रग्रहण के दौरान भी खुला रहेगा दरबार
जानकारी के मुताबिक, मध्य प्रदेश के खंडवा में स्थित अवधूत संत दादाजी धूनीवाले वाले मंदिर को आज के चंद्रग्रहण के दौरान भी खुला रखा जाएगा। यहां ग्रहण में भी आरती–पूजन–दर्शन होते हैं। हर बार ग्रहण के दौरान ये मंदिर श्रद्धालुओं के लिए 24 घंटे और सातों दिन खुला रहता है और पूजा-दर्शन जारी रहता है। कहा जाता है कि दादाजी धूनीवाले वाले मंदिर में ग्रहण का प्रभाव नहीं माना जाता।

दर्शन पूरे समय जारी रहेंगे
श्री दादाजी मंदिर ट्रस्ट के अधिकारियों की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, मंदिर में ग्रहण का असर नहीं होगा और यहां पर दर्शन पूरे समय जारी रहेंगे। दादाजी के समय ही मंदिर में ग्रहण के दौरान अखंड हवन और भोग भंडार लगातार जारी रहता है। उन्होंने बताया है कि आज दुनिया भर में दिखने वाले चंद्रग्रहण के दौरान भी श्री दादाजी मंदिर के द्वार दर्शन के लिए खुले रहेंगे।

ओंकारेश्वर और अयोध्या में नहीं होंगे दर्शन
सामने आई जानकारी के मुताबिक, खंडवा में स्थित ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर को दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक बंद रखा जाएगा। चंद्रग्रहण के बाद शाम 7 बजे से रात्रि 8 बजे तक मंदिर के साफ-सफाई के बाद रात्रि 8 बजे से श्रद्धालुगण मंदिर में दर्शन कर सकेंगे। वहीं, रामनगरी अयोध्या के मंदिरों के पट बंद कर दिए गए हैं और यहां आज नहीं राम लला के दर्शन नहीं होंगे। सूतक लगते ही रामनगरी अयोध्या के सभी प्रमुख मंदिरों के पट बंद कर दिए गए हैं। श्री राम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालु रामलला के दर्शन नहीं कर सकेंगे। इसके साथ ही दशरथ महल और हनुमानगढ़ी सहित सभी मठ-मंदिर बंद रहेंगे।

PM मोदी ने YouTube पर हासिल किया बड़ा मुकाम, सब्सक्राइबर्स की संख्या सुनकर हो जाएंगे हैरान

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यूट्यूब चैनल पर 30 मिलियन सब्सक्राइबर पूरे हो गए हैं। बता दें कि वे यूट्यूब पर विश्व स्तर पर सबसे अधिक फॉलो किए जाने वाले नेता बने हुए हैं।भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूट्यूब पर बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। सामने आई जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी के यूट्यूब चैनल पर 30 मिलियन यानी कि 3 करोड़ से भी ज्यादा सब्सक्राइबर्स हो गए हैं। बता दें कि पीएम मोदी यूट्यूब पर इतने फौलोवर्स हासिल करने वाले दुनिया के नंबर वन वैश्विक नेता हैं। बता दें कि पीएम मोदी वर्तमान समय में विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को मिलाकर दुनिया में सबसे ज्यादा फॉलो किए जाने वाले नेता हैं।
ट्रंप से 7 गुना से भी ज्यादा सब्सक्राइबर्स
सामने आई जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी के पास यूट्यूब चैनल पर सब्सक्राइबर की संख्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से 7 गुना से भी ज्यादा हैं। ये आंकड़ा वैश्विक स्तर पर पीएम मोदी की डिजिटल पहुंच और जुड़ाव के व्यापक दायरे को दिखाता है। भारत में भी कोई भी नेता इस मामले में पीएम मोदी के आस-पास भी नहीं है। सब्सक्राइबर्स के मामले में, प्रधानमंत्री मोदी के पास राहुल गांधी से लगभग तीन गुना और आम आदमी पार्टी और कांग्रेस से चार गुना से भी अधिक सब्सक्राइबर मौजूद हैं।

दूसरे नंबर पर कौन है?
पीएम मोदी पहले से ही यूट्यूब पर सबसे ज्यादा सब्सक्राइबर्स वाले नेता बने हुए थे। हालांकि, 30 मिलियन सब्सक्राइबर्स पूरे होने के बाद वैश्विक नेता के तौर पर उनकी स्थिति और मजबूत हो गई है। पीएम मोदी ने यूट्यूब पर वैश्विक बेंचमार्क स्थापित कर दिया है। अगर रैंकिंग की बात करें तो पीएम मोदी के बाद यूट्यूब सब्सक्राइबर्स के मामले में दूसरे नंबर पर ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो हैं जिनके पास करीब 6.6 मिलियन सब्सक्राइबर्स हैं। इस लिस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 4 मिलियन सब्सक्राइबर्स के साथ चौथे नंबर पर हैं।

अन्य प्लेटफॉर्म पर पीएम मोदी के फॉलोवर्स
पीएम नरेंद्र मोदी के पास अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी फॉलोवर्स की बड़ी संख्या मौजूद है। फेसबुक पर पीएम मोदी के पास 54 मिलियन से ज्यादा फॉलोवर्स हैं। अगर इंस्टाग्राम की बात करें तो यहां पर पीएम नरेंद्र मोदी के पास 100 मिलियन से भी ज्यादा फॉलोवर्स हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पीएम मोदी के 106 मिलियन से ज्यादा फॉलोवर्स हैं।

नरेगा कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर लोकपाल ने दिए सख्त निर्देश

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इ खबर जिला रिपोर्टर – मोइनुद्दीन कुरैशी
चित्तौड़गढ़, एक मार्च। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) अंतर्गत पंचायत समिति निम्बाहेड़ा की ग्राम पंचायत भगवानपुरा में संचालित ग्रेवल रोड निर्माण कार्य का लोकपाल द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कार्यस्थल पर विभिन्न कमियां पाई गईं।

निरीक्षण में पाया गया कि कार्यस्थल पर श्रमिकों के लिए राज्य सरकार के निर्देशानुसार आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। श्रमिकों के बैठने के लिए छाया, पेयजल व्यवस्था एवं प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड बॉक्स) जैसी अनिवार्य व्यवस्थाएं मौके पर उपलब्ध नहीं पाई गईं। तेज गर्मी के बीच श्रमिकों को अपने बच्चों के साथ कार्य करते हुए असुविधा का सामना करना पड़ रहा था।

लोकपाल द्वारा ग्रेवल सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता की भी जांच की गई, जिसमें निर्धारित मापदंडों के अनुरूप कार्य नहीं पाया गया। इस पर लोकपाल ने ग्राम विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्यस्थल पर सभी आवश्यक सुविधाएं तत्काल प्रभाव से उपलब्ध कराई जाएं तथा ग्रेवल सड़क का निर्माण गुणवत्ता मानकों के अनुसार सुनिश्चित किया जाए।

लोकपाल ने स्पष्ट चेतावनी दी कि निर्देशों की अवहेलना या कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ हमले में कौन-कौन से हथियार इस्तेमाल किए? सामने आ गई पूरी लिस्ट

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अमेरिका और इजरायल ने ईरान में लगातार हमले किए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि ये हमले अभी जारी रहेंगे। ऐस में उन हथियारों की लिस्ट सामने आ गई है जो अमेरिका ने ईरान के खिलाफ हमले में इस्तेमाल किए हैं।अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग तेज हो गई है। अमेरिका और इजरायल ने ईरान के अंदर 2 हजार से ज्यादा टारगेट अटैक किए हैं। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई समेत कई सैन्य अधिकारी और नेता मारे गए हैं। ईरान ने भी मिडिल ईस्ट के देशों पर तगड़ा अटैक किया है। कुवैत, बहरीन, दुबई, सऊदी में हमले के बाद हाहाकार मच गया है। कुवैत, बहरीन, दुबई, सऊदी में हमले के बाद हाहाकार मच गया है। हालांकि, दो दिनों के भीतर अमेरिका और इजरायल ने किए ईरान में भारी तबाही मचाई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कह दिया है कि जब तक सभी लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते तब तक ये हमले जारी रहेंगे। इस बीच इस बात का भी खुलासा हो गया है कि अमेरिका ने ईरान में हमले के लिए कौन से हथियारों का इस्तेमाल किया है।
US सेंट्रल कमांड ने दी जानकारी
US सेंट्रल कमांड ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर बताया- “अमेरिकी राष्ट्रपति के निर्देश पर अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ शुरू किया। CENTCOM फोर्स ईरानी शासन के सिक्योरिटी सिस्टम को तबाह करने के लिए लक्ष्यों पर हमले कर रहे हैं, उन जगहों को प्राथमिकता दे रहे हैं जो तत्काल खतरा पैदा करते हैं। इन हमलों में 1,000 से ज्यादा टारगेट पर हमले किए गए हैं।”

कौन-कौन से हथियार इस्तेमाल किए गए?
बी-2 स्टील्थ बॉम्बर
लुकास ड्रोन
पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइल सिस्टम
थाड एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम
एफ-18 लड़ाकू विमान
एफ-16 लड़ाकू विमान
एफ-22 लड़ाकू विमान
ए-10 अटैक जेट
एफ-35 स्टील्थ लड़ाकू विमान
ईए-18जी इलेक्ट्रॉनिक अटैक विमान
एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल विमान
एयरबोर्न कम्युनिकेशन रिले
पी-8 समुद्री गश्ती विमान
आरसी-135 टोही विमान
एमक्यू-9 रीपर
एम-142 हाई मोबिलिटी आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम
परमाणु-संचालित विमानवाहक पोत
निर्देशित मिसाइल विध्वंसक
काउंटर-ड्रोन सिस्टम
ईंधन भरने वाले टैंकर विमान
ईंधन भरने वाले जहाज
सी-17 ग्लोबमास्टर कार्गो विमान
सी-130 कार्गो विमान
और कुछ विशेष क्षमताएं जिन्हें लिस्ट नहीं कर सकते।
किन टारगेट को निशाना बनाया गया?
कमांड एवं नियंत्रण केंद्र
IRGC संयुक्त मुख्यालय
IRGC एयरोस्पेस फोर्सेज मुख्यालय
एकीकृत वायु रक्षा प्रणाली
बैलिस्टिक मिसाइल स्थल
ईरानी नौसेना के जहाज
ईरानी नौसेना की पनडुब्बियां
जहाज-रोधी मिसाइल स्थल
सैन्य संचार क्षमताएं

होली में यूपी, बिहार और दिल्ली-NCR समेत इन राज्यों में कैसा रहेगा मौसम? बारिश का भी अलर्ट, जानिए IMD का ताजा अपडेट

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होली में दिल्ली-एनसीआर समेत भारत के अन्य राज्यों में मौसम कैसा रहेगा? इसका अनुमान IMD ने जताया है। मौसम विभाग ने ये भी बताया कि होली के दिन यानी 4 मार्च को कहां पर बारिश का अनुमान है?उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम में तेजी से बदलाव हो रहा है। मार्च के शुरू होते ही दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोत्तरी हो रही है। आज से दो दिन बाद यानी 4 मार्च को होली है। ऐसे में होली के दिन, यूपी, बिहार, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर समेत पहाड़ी राज्यों में मौसम कैसा रहेगा? इसकी जानकारी भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दी है।

होली के दिन नहीं होगी बारिश, शुष्क रहेगा मौसम
मौसम विभाग ने बताया कि यूपी, हरियाणा, बिहार और दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में होली (4 मार्च 2026) के दिन मौसम काफी गर्म और शुष्क रहने की संभावना है। इस साल होली पर उत्तर भारत के मैदानी इलाकों वाले राज्यों में बारिश की कोई संभावना नहीं है। होली के दिन के तापमान सामान्य से ज्यादा रह सकता है, जिससे गर्मी का एहसास बढ़ेगा।

20 से 30 किलोमीटर की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग के अनुसार, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में 3 और 4 मार्च को 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। कई राज्यों में तापमान सामान्य से अधिक रहेगा। आईएमडी ने कहा कि उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान 2-5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है।

होली के दिन यहां है बारिश का अलर्ट
वहीं, दूसरी ओर उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में विशेषकर जम्मू और कश्मीर के कई इलाकों में होली के दिन यानी 4 मार्च को हल्की बारिश और बर्फबारी का अनुमान है। कश्मीर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 4 से 7 मार्च के बीच हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है।

गऊघाट सोन नदी पर पुल न बनने से बढ़ा खतरा: दो अक्टूबर की घटना के बाद भी प्रशासन मौन, ग्रामीणों की मांग — अतिशीघ्र मंजूरी दी जाए

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शहडोल/उमरिया। मध्यप्रदेश के शहडोल और उमरिया जिले की सीमा पर स्थित गऊघाट सोन नदी पर वर्षों से लंबित पुल निर्माण का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है। ग्राम पंचायत अंकुरी (जिला शहडोल) और उमरिया जिला, ग्राम पंचायत बड़ादार, ग्राम पैली के ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि लगातार ज्ञापन और पत्राचार के बावजूद अब तक पुल निर्माण को स्वीकृति नहीं मिली है। इससे हजारों ग्रामीणों, खासकर छात्र-छात्राओं को रोजाना जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ रही है।

ग्रामीणों के अनुसार, गऊघाट पर पुल न होने के कारण बरसात के दिनों में हालात और भी भयावह हो जाते हैं। नदी का जलस्तर बढ़ते ही दोनों ओर के गांवों का संपर्क लगभग कट जाता है। स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं को नाव के सहारे नदी पार करनी पड़ती है। 2 अक्टूबर 2025 को दुर्गा विसर्जन के दौरान एक गंभीर घटना घट चुकी है, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया था। इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी है।

ग्राम पंचायत अंकुरी की सरपंच श्रीमती गीतादेवी सिंह और ग्राम पंचायत बरदढ़ार के सरपंच श्री पुरुषोत्तम सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने बताया कि मुख्यमंत्री, लोक निर्माण विभाग, वन विभाग और राष्ट्रपति कार्यालय तक रजिस्ट्री पत्र और ज्ञापन भेजे जा चुके हैं। कई बार सर्वे की प्रक्रिया शुरू होने की बात कही गई, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि सर्वे अधूरा छोड़ दिया गया और निर्माण कार्य आज तक प्रारंभ नहीं हुआ।

ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से मांग की है कि गुरु घाट सोन नदी पर पुल बनने के लिए अतिशीघ्र मंजूरी दी जाए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके। उनका कहना है कि पुल निर्माण केवल विकास का विषय नहीं, बल्कि जनसुरक्षा से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील मुद्दा है।

ग्रामीणों का कहना है कि पुल बन जाने से न केवल शहडोल और उमरिया जिले के कई गांवों को सीधा संपर्क मार्ग मिलेगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और आपातकालीन सेवाओं तक पहुंच आसान हो जाएगी। वर्तमान में लोगों को 2 से 3 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती है।

क्षेत्र के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही गऊघाट सोन नदी पुल निर्माण को स्वीकृति देकर कार्य प्रारंभ नहीं कराया गया तो वे जनआंदोलन के लिए बाध्य होंगे। उनका कहना है कि बार-बार हादसों के बाद भी यदि प्रशासन नहीं जागा, तो किसी बड़े अनहोनी की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

अब पूरा क्षेत्र एक ही सवाल पूछ रहा है — आखिर गुरु घाट सोन नदी पुल निर्माण को अतिशीघ्र मंजूरी कब मिलेगी?